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प्रधानमंत्री मोदी से मिले सीएम धामी, मां सुरकंडा देवी की प्रतिकृति की भेंट

27-Mar-2026
नई दिल्ली।  ( शोर संदेश ) उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। इसकी जानकारी प्रधानमंत्री कार्यालय ने सोशल मीडिया हैंडल के जरिए दी। प्रधानमंत्री कार्यालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट किया कि उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पीएम मोदी से मुलाकात की।
मुख्यमंत्री धामी ने बताया कि पीएम मोदी से भेंट कर उनका मार्गदर्शन प्राप्त हुआ। इस अवसर पर उन्हें रामनवमी की शुभकामनाएं भी दी। इस दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी को मां सुरकंडा देवी की प्रतिकृति भेंट की।
सीएम पुष्कर सिंह धामी ने पीएम मोदी से मुलाकात की तस्वीरें शेयर करते हुए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, ” भारत को नई दिशा, नई ऊर्जा और नया आत्मविश्वास देने वाले, सेवा, समर्पण और राष्ट्र निर्माण का संकल्प लिए हुए गरीब, किसान, युवाओं और महिलाओं के सशक्तीकरण हेतु सदैव समर्पित, वैश्विक मंच पर मां भारती का मान, सम्मान और स्वाभिमान बढ़ाने वाले विश्व के सबसे लोकप्रिय नेता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से नई दिल्ली में भेंट कर उनका मार्गदर्शन प्राप्त किया। इस अवसर पर उन्हें रामनवमी की हार्दिक शुभकामनाएं दी।”
उन्होंने आगे बताया कि इस दौरान उन्हें उपहार स्वरूप मां सुरकंडा देवी की प्रतिकृति, बद्री गाय का घी एवं प्रदेश के पहाड़ी अंचलों में होने वाले पांच प्रकार के राजमा और शहद भी भेंट किया।
इससे पहले सीएम पुष्कर सिंह धामी ने मिडिल ईस्ट संकट के बीच पेट्रोल और डीजल पर उत्पाद शुल्क में की गई कटौती को प्रधानमंत्री मोदी का महत्वपूर्ण निर्णय बताया है।
उन्होंने एक्स पोस्ट में लिखा, ”जब-जब देश ने चुनौतियों का सामना किया है, तब-तब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने दृढ़ नेतृत्व और दूरदर्शी निर्णयों से देशवासियों के हितों की रक्षा सुनिश्चित की है। पेट्रोल पर उत्पाद शुल्क 13 रुपए से घटाकर 3 रुपए प्रति लीटर तथा डीजल पर 10 रुपए से शून्य करना आमजन को बड़ी राहत देने वाला ऐतिहासिक निर्णय है। साथ ही, डीजल एवं एटीएफ पर निर्यात शुल्क के माध्यम से देश में पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करना एक संतुलित एवं जनहितकारी दृष्टिकोण को दर्शाता है। यह निर्णय पुनः सिद्ध करता है कि प्रधानमंत्री के लिए सदैव राष्ट्रहित और जनकल्याण सर्वोपरि है।” 
 

‘चुनाव का पर्व, पश्चिम बंगाल का गर्व’: मतदाता जागरूकता अभियान तेज, हावड़ा में भव्य कार्यक्रम

27-Mar-2026
नई दिल्ली।  ( शोर संदेश ) भारत निर्वाचन आयोग ने पश्चिम बंगाल समेत कई राज्यों में विधानसभा चुनावों से पहले मतदाता जागरूकता अभियान को तेज कर दिया है। इसी कड़ी में हावड़ा में सुव्यवस्थित मतदाता शिक्षा एवं निर्वाचक सहभागिता (SVEEP) कार्यक्रम “चुनाव का पर्व, पश्चिम बंगाल का गर्व” का आयोजन किया गया।
पश्चिम बंगाल के अलावा असम, केरल, पुडुचेरी और तमिलनाडु में भी मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) और जिला निर्वाचन अधिकारियों (DEO) के समन्वय से व्यापक मतदाता जागरूकता गतिविधियां शुरू की गई हैं। इनका उद्देश्य शांतिपूर्ण और निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करना है।
हावड़ा में इस कार्यक्रम की शुरुआत साइक्लोथॉन से हुई, जिसमें स्कूल-कॉलेज के छात्र, युवा और पहली बार वोट देने वाले मतदाता शामिल हुए। यह रैली हावड़ा ब्रिज चेक पोस्ट से शुरू होकर रेल संग्रहालय होते हुए रामकृष्णपुर फेरी घाट तक गई।
साइक्लोथॉन के बाद आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रमों में लोकगीत, नृत्य और नाटक के माध्यम से मतदान के महत्व को दर्शाया गया। साथ ही मतदाता जागरूकता नौका सेवा सहित कई अन्य SVEEP पहल भी शुरू की गईं।
कार्यक्रम में छोटा भीम और चुटकी की मौजूदगी खास आकर्षण रही। इन पात्रों ने युवाओं और पहली बार मतदान करने वालों को जागरूक करने में अहम भूमिका निभाई।
इस अभियान का लक्ष्य शहरी मतदाताओं, महिलाओं, दिव्यांगों, युवाओं और पहली बार मतदान करने वालों की भागीदारी बढ़ाना है। साथ ही मतदाताओं को मतदान प्रक्रिया और सुविधाओं की जानकारी भी दी जा रही है।
पश्चिम बंगाल की समृद्ध सांस्कृतिक परंपराएं—कालीघाट चित्रकला, पट्टाचित्र, छऊ नृत्य, जात्रा थिएटर और बाउल परंपरा—को भी इस अभियान से जोड़ा गया है, ताकि स्थानीय स्तर पर ज्यादा प्रभावी संवाद स्थापित किया जा सके।
निर्वाचन आयोग द्वारा मतदान को आसान बनाने के लिए ईसीआईनेट ऐप, शत-प्रतिशत वेबकास्टिंग, बेहतर मतदाता सूचना पर्ची और मतदान केंद्रों पर मोबाइल जमा करने जैसी सुविधाओं को भी प्रचारित किया जा रहा है।
कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में चुनाव साक्षरता क्लब (ELC) के जरिए युवाओं को जागरूक किया जाएगा। साथ ही सोशल मीडिया अभियान भी चलाया जाएगा, जिससे अधिक से अधिक युवा मतदान के लिए प्रेरित हों। 







 

मोदी कैबिनेट ने एक्साइज ड्यूटी कटौती को बताया जनहितकारी, पीएम मोदी का जताया आभार

27-Mar-2026
नई दिल्ली।  ( शोर संदेश ) मिडिल ईस्ट में जारी जंग के बीच भारत सरकार के पेट्रोल और डीजल पर एक्साइज ड्यूटी कम करने के फैसले को मोदी कैबिनेट ने सराहा है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी और अमित शाह ने इस फैसले के लिए पीएम मोदी का आभार जताया है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा कि पश्चिम एशिया संकट के कारण अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमतों में हो रही बढ़ोतरी के बीच सरकार ने पेट्रोल और डीजल पर एक्साइज ड्यूटी कम करके एक समय पर और निर्णायक कदम उठाया है, जिससे नागरिकों को बहुत जरूरी राहत मिली है।
ऐसे समय में जब कई देश ईंधन की कीमतें बढ़ाने पर मजबूर हैं, यह कदम हमारी सरकार के सक्रिय दृष्टिकोण और जन कल्याण के प्रति उसकी अटूट प्रतिबद्धता को दर्शाता है। उनका नेतृत्व नागरिक-केंद्रित दृष्टिकोण और लोगों के कल्याण के प्रति अटूट समर्पण से परिभाषित है। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने एक्स पोस्ट में लिखा कि पश्चिम एशिया में जारी ईंधन संकट के बीच, जिसने वैश्विक ऊर्जा कीमतों को ऊपर धकेल दिया है। भारत सरकार ने पेट्रोल और डीजल पर उत्पाद शुल्क कम करके एक समयोचित और नागरिक केंद्रित कदम उठाया है। जहां कई देश लगातार ईंधन की कीमतें बढ़ा रहे हैं, वहीं प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में लिया गया यह निर्णय जन कल्याण के प्रति एक दृढ़ प्रतिबद्धता को दर्शाता है। यह न केवल परिवारों और व्यवसायों को राहत प्रदान करता है, बल्कि एक ऐसी संवेदनशील शासन व्यवस्था को भी प्रदर्शित करता है जिसका उद्देश्य नागरिकों को वैश्विक आर्थिक झटकों से बचाना है।
केंद्रीय मंत्री अमित शाह ने एक्स पोस्ट में लिखा कि पश्चिम एशिया संकट के बीच दुनियाभर में ईंधन की कमी से हाहाकार मचा हुआ है, जिससे वैश्विक स्तर पर कीमतें आसमान छू रही हैं। ऐसे में,मोदी सरकार का ईंधन पर एक्साइज ड्यूटी घटाने का फैसला नागरिकों के लिए बहुत जरूरी राहत लेकर आया है। जहां कई देशों ने डीजल और पेट्रोल की कीमतें बढ़ा दी हैं। वहीं मोदी सरकार का एक्साइज ड्यूटी कम करने का फैसला उसके जन केंद्रित शासन और संवेदनशीलता से भरे निर्णय लेने की प्रक्रिया को दर्शाता है। इस फैसले के लिए पीएम मोदी को बधाई।
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने एक्स पोस्ट में लिखा कि ऐसे समय में जब दुनिया पश्चिम एशिया संकट के प्रभाव के कारण चुनौतियों का सामना कर रही है। पीएम मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने घरेलू खपत के लिए पेट्रोल और डीजल पर केंद्रीय उत्पाद शुल्क में 10 रुपए प्रति लीटर की कटौती की है, जिससे भारतीय नागरिकों को बढ़ती कीमतों से सुरक्षा मिली है। लोगों के साथ हमेशा मजबूती से खड़े रहने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार। इस चुनौतीपूर्ण समय में, सरकार हर नागरिक के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी है। यह सुनिश्चित करते हुए कि किसी भी परिवार को इन कठिन समय का बोझ न उठाना पड़े।
 

मध्य पूर्व संकट: आतंकवाद और सुरक्षा चुनौतियों के बीच भारत-इजरायल साझेदारी हुई और गहरी

27-Mar-2026
नई दिल्ली।  ( शोर संदेश )  मध्य पूर्व में बदलते भू-राजनीतिक हालात के बीच भारत का संतुलित और व्यावहारिक रुख उसके इजरायल के साथ रणनीतिक संबंधों को और मजबूत कर सकता है। पिछले तीन दशकों में दोनों देशों के बीच साझेदारी लगातार बढ़ी है। यह संबंध पहले सीमित कूटनीतिक बातचीत तक था, लेकिन अब यह मजबूत सुरक्षा और तकनीकी सहयोग में बदल चुका है।  
अमेरिका के थिंक टैंक मिडिल ईस्ट फोरम की एक रिपोर्ट के अनुसार, आतंकवाद, क्षेत्रीय अस्थिरता और सुरक्षा से जुड़ी चिंताओं ने भारत और इजरायल के बीच रिश्तों को और मजबूत किया है। भारत के लिए इजरायल एक भरोसेमंद रक्षा और तकनीकी साझेदार साबित हुआ है। वहीं भारत ने अपनी व्यापक मिडिल ईस्ट पॉलिसी के तहत अरब देशों के साथ भी मजबूत संबंध बनाए रखे हैं।
रिपोर्ट के मुताबिक दोनों देशों के बीच सहयोग बढ़कर खुफिया जानकारी साझा करने, मिसाइल सिस्टम, निगरानी तकनीक और आतंकवाद-रोधी रणनीतियों तक पहुंच गया है। रक्षा नवाचार, साइबर सुरक्षा और उन्नत सैन्य तकनीक में अग्रणी होने के कारण इजरायल भारत के लिए एक बेहद महत्वपूर्ण साझेदार बन गया है। रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि 2025 में संयुक्त विकास और सह-उत्पादन इस रिश्ते में एक बड़ा मील का पत्थर है। इस साझेदारी से दोनों देशों को फायदा हो रहा है। इजरायल अपने सहयोगियों का दायरा बढ़ा रहा है। वहीं भारत मेक इन इंडिया जैसे अभियानों के जरिए रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
अब सह-उत्पादन और तकनीक का आदान-प्रदान इस रिश्ते के मुख्य स्तंभ बन गए हैं। साथ ही खुफिया सहयोग, आतंकवाद-रोधी रणनीतियां और सीमा सुरक्षा तकनीक भी अहम भूमिका निभा रही हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले 10 वर्षों में भारत ने संयुक्त अरब अमीरात और सऊदी अरब जैसे देशों के साथ भी व्यापार, निवेश, ऊर्जा और सुरक्षा के क्षेत्र में संबंध मजबूत किए हैं। रिपोर्ट में एस. जयशंकर के बयान का हवाला देते हुए कहा गया कि इजरायल के साथ भारत का राष्ट्रीय सुरक्षा के क्षेत्र में मजबूत सहयोग रहा है और कठिन समय में इजरायल ने भारत का साथ दिया है।
 

दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने ‘सतरंगी रे’ लाइव कॉन्सर्ट के लिए विशेष ट्रैफिक एडवाइजरी जारी की; कई सड़कों पर रहेगा प्रतिबंध

27-Mar-2026
नई दिल्ली।  ( शोर संदेश ) दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने आम जनता को सूचित किया है कि 28 मार्च 2026 (शनिवार) को शाम 4:00 बजे से रात 11:00 बजे तक इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम (आईजी स्टेडियम) के मेन एरिना में ‘सतरंगी रे बाय सोनू निगम लाइव म्यूजिक कॉन्सर्ट’ का आयोजन होने जा रहा है। कॉन्सर्ट को देखते हुए स्टेडियम के अंदर और आसपास ट्रैफिक व्यवस्था में बदलाव किए गए हैं।
यह सोनू निगम के सतरंगी रे टूर का ग्रैंड फिनाले है, जिसमें गायक अपने लोकप्रिय गीतों की एक जादुई शाम पेश करेंगे। दर्शकों की सुविधा और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कुछ सड़कों पर यातायात प्रतिबंध और डायवर्जन लागू रहेंगे। ट्रैफिक पुलिस ने यात्रियों से अनुरोध किया है कि वे कार्यक्रम वाले दिन दोपहर 2:00 बजे से रात 10:00 बजे तक प्रभावित क्षेत्रों से बचें, क्योंकि इस दौरान बड़ी संख्या में दर्शक स्टेडियम पहुंचेंगे और ट्रैफिक जाम की संभावना है।
कॉन्सर्ट के कारण प्रभावित सड़कें और प्रतिबंध के अंतर्गत आईपी मार्ग (एमजीएम रोड) पर पूर्ण डायवर्जन/पाबंदी रहेगी। विकास मार्ग पर भी यातायात प्रभावित रहेगा। राजघाट से आईपी डिपो तक रिंग रोड पर भारी वाहनों का प्रवेश वर्जित रहेगा। राजघाट से आईपी मार्ग की ओर किसी भी भारी वाहन को जाने की अनुमति नहीं होगी। फ्लाईओवर के दोनों कैरिजवे पर भी प्रतिबंध लागू रहेंगे।
आस-पास की सड़कों पर बिना अनुमति पार्क किए गए वाहनों को टो करके हटा दिया जाएगा और संबंधित कानूनी कार्रवाई की जाएगी। प्रभावित रास्तों में स्टेडियम के गेट नंबर 7 और 8 वेलोड्रोम रोड पर स्थित हैं। इन गेटों से प्रवेश केवल वेलोड्रोम रोड से ही संभव होगा। गेट नंबर 21 और 22 रिंग रोड पर हैं। इनसे प्रवेश एमजीएम रोड से मिलेगा। गेट नंबर 16 और 18 भी रिंग रोड पर स्थित हैं और इनका प्रवेश मार्ग एमजीएम रोड से होगा।
स्टेडियम के आसपास पार्किंग सीमित है और केवल लेबल लगे वाहनों को ही अनुमति दी जाएगी। कार पार्किंग लेबल को विंडस्क्रीन पर स्पष्ट रूप से दिखाना अनिवार्य है। लेबल पर वाहन का रजिस्ट्रेशन नंबर लिखा होना चाहिए। बिना वैध पार्किंग लेबल वाले वाहनों को स्टेडियम परिसर के पास आने की इजाजत नहीं होगी। लेबल धारकों को सलाह दी गई है कि वे रिंग रोड का उपयोग करें। पार्किंग स्थलों में प्रवेश केवल एमजीएम रोड से होगा। राजघाट से आईपी तक रिंग रोड पर किसी भी वाहन को पार्क करने की अनुमति नहीं रहेगी।
ट्रैफिक पुलिस ने सभी यात्रियों से अपील की है कि वे पब्लिक ट्रांसपोर्ट का उपयोग करें या पहले से वैकल्पिक मार्ग चुन लें। कॉन्सर्ट के दौरान इलाके में भारी भीड़ होने की उम्मीद है, इसलिए समय से पहले निकलें और ट्रैफिक अपडेट के लिए आधिकारिक ऐप या सोशल मीडिया पेज चेक करते रहें। 
 

देश में LPG की कोई कमी नहीं, घरेलू रिफाइनरी उत्पादन में 40 प्रतिशत की वृद्धि

27-Mar-2026
नई दिल्ली।  ( शोर संदेश ) पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने कहा कि देश में लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस (Liquefied Petroleum Gas, LPG) की कोई कमी नहीं है। मंत्रालय द्वारा जारी एलपीजी नियंत्रण आदेश के बाद घरेलू रिफाइनरी उत्पादन में 40 प्रतिशत की वृद्धि हुई है, जिससे दैनिक एलपीजी उत्पादन 50 टीएमटी (हमारी आवश्यकता का 60 प्रतिशत से अधिक) तक पहुंच गया है, जबकि कुल दैनिक आवश्यकता लगभग 80 टीएमटी है। परिणामस्वरूप, शुद्ध दैनिक आयात आवश्यकता घटकर केवल 30 टीएमटी रह गई है – यानी भारत अब आयात की आवश्यकता से कहीं अधिक उत्पादन कर रहा है।
पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने गुरुवार को जारी एक बयान में कहा कि घरेलू उत्पादन के अतिरिक्त, अमेरिका, रूस, ऑस्ट्रेलिया और अन्य देशों से 800 टीएमटी एलपीजी कार्गो पहले से ही सुरक्षित हैं और भारत के 22 एलपीजी आयात टर्मिनलों पर पहुंच रहे हैं – जो 2014 में मौजूद 11 टर्मिनलों की तुलना में दोगुने हैं। लगभग एक महीने की आपूर्ति की पूरी व्यवस्था हो चुकी है और अतिरिक्त खरीद को लगातार अंतिम रूप दिया जा रहा है।
वहीं तेल कंपनियां प्रतिदिन 50 लाख से अधिक सिलेंडर सफलतापूर्वक वितरित कर रही हैं। उपभोक्ताओं द्वारा घबराहट में ऑर्डर देने के कारण सिलेंडर की मांग 89 लाख सिलेंडर तक पहुंच गई थी और अब घटकर फिर से 50 लाख सिलेंडर रह गई है। जमाखोरी या कालाबाजारी से बचने के लिए राज्य सरकारों से परामर्श करके वाणिज्यिक सिलेंडरों का आवंटन बढ़ाकर 50 प्रतिशत कर दिया गया है।
आपको बता दें, राज्य सरकारों के पूर्ण समन्वय से पाइपलाइन द्वारा प्राकृतिक गैस (पीएनजी) को बढ़ावा दिया जा रहा है, क्योंकि यह भारतीय घरों के लिए सस्ती, स्वच्छ और सुरक्षित है। भारत पहले से ही 191 प्रतिदिन मिलियन मीट्रिक मानक घन मीटर की दैनिक आवश्यकता में से 92 प्रतिदिन मिलियन मीट्रिक मानक घन मीटर प्राकृतिक गैस का घरेलू उत्पादन करता है, जिससे भारत एलपीजी की तुलना में पीएनजी पर आयात के मामले में काफी कम निर्भर है। शहरी गैस वितरण क्षेत्र वर्ष 2014 में 57 भौगोलिक क्षेत्रों से बढ़कर आज 300 से अधिक हो गया है।
गौरतलब है कि घरेलू पीएनजी कनेक्शन 25 लाख से बढ़कर 1.5 करोड़ से अधिक हो गए हैं। पीएनजी कनेक्‍शन प्राप्‍त करने की यह प्रक्रिया वर्तमान स्थिति उत्पन्न होने से पहले ही अच्छी तरह से चल रही थी और यह भारत की दीर्घकालिक ऊर्जा रणनीति को दर्शाती है।मंत्रालय ने कहा कि यह दावा कि एलपीजी के खत्म होने के कारण पीएनजी को बढ़ावा दिया जा रहा है, गलत जानकारी है। एलपीजी की आपूर्ति सुरक्षित है। पीएनजी भारत के घरों के लिए एक बेहतर, अधिक किफायती और अत्यधिक सुविधाजनक ईंधन है।
पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि देश में एलपीजी की आपूर्ति की स्थिति पूरी तरह सुरक्षित और नियंत्रण में है। सभी खुदरा ईंधन दुकानों में पर्याप्त आपूर्ति है। देश में कहीं भी पेट्रोल, डीजल या एलपीजी की कमी नहीं है। मंत्रालय ने नागरिकों से अपील की है कि वे जानबूझकर फैलाई जा रही भ्रामक सूचनाओं के सुनियोजित अभियान से गुमराह न हों, इसका उद्देश्य अनावश्यक दहशत फैलाना है।

देश में पेट्रोल और डीजल कोई कमी नहीं, वितरण में कोई रोक नहीं : केंद्र

27-Mar-2026
नई दिल्ली ( शोर संदेश )। सरकार ने कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य की स्थिति के बावजूद, भारत को आज दुनिया भर के अपने 41 से अधिक आपूर्तिकर्ता देशों से पहले की तुलना में अधिक कच्चा तेल प्राप्त हो रहा है। अंतर्राष्ट्रीय बाजारों, विशेष रूप से पश्चिमी देशों से उपलब्ध उच्च मात्रा ने किसी भी व्यवधान की भरपाई कर दी है। भारत की सभी रिफाइनरियां 100 प्रतिशत से अधिक क्षमता पर चल रही हैं। इंडियन ऑयल कंपनियों ने अगले 60 दिनों के लिए कच्चे तेल की आपूर्ति पहले ही सुनिश्चित कर ली है। आपूर्ति में कोई कमी नहीं है।
आपको बता दें, भारत ऊर्जा सुरक्षा का अगुआ है। भारत विश्व का चौथा सबसे बड़ा पेट्रोलियम शोधक और पांचवां सबसे बड़ा निर्यातक है, जो 150 से अधिक देशों को परिष्कृत ईंधन की आपूर्ति करता है। विश्व का शुद्ध निर्यातक होने के कारण भारत में घरेलू पेट्रोल और डीजल की उपलब्धता संरचनात्मक रूप से सुनिश्चित है। देश भर में एक लाख से अधिक खुदरा ईंधन दुकानें खुली हैं और बिना किसी रुकावट के ईंधन की आपूर्ति कर रही हैं। किसी भी दुकान को आपूर्ति सीमित करने के लिए नहीं कहा गया है।
दुनिया भर में कई देश मूल्य वृद्धि, सीमित आपूर्ति, विषम-सम वाहन प्रतिबंध और जबरन स्टेशन बंद करने जैसी चुनौतियों का सामना कर रहे हैं। कुछ ही देशों ने “राष्ट्रीय ऊर्जा आपातकाल” घोषित किया है। भारत में ऐसे किसी भी उपाय की आवश्यकता नहीं है। जहां अन्य देश सीमित आपूर्ति कर रहे हैं, वहीं भारत में आपूर्ति की कोई कमी नहीं है।
कुछ चुनिंदा पंपों पर छिटपुट रूप से घबराहट में खरीदारी की गई है, वे सोशल मीडिया पर कुछ वीडियो द्वारा फैलाई गई जानबूझकर गलत सूचना के कारण हुईं। ऐसे पंपों पर मांग में वृद्धि के बावजूद, सभी उपभोक्ताओं को ईंधन की आपूर्ति की गई और तेल कंपनियों के डिपो आपूर्ति बढ़ाने के लिए रात भर चालू रहे। पेट्रोल पंप मालिकों की कार्यशील पूंजी संबंधी समस्याओं के कारण किसी भी पंप पर पेट्रोल और डीजल की कमी न हो, यह सुनिश्चित करने के लिए तेल कंपनियों द्वारा पेट्रोल पंपों को दी जाने वाली क्रेडिट अवधि को पहले की एक दिन की अनुमति से बढ़ाकर 3 दिन से अधिक करने के लिए भी कदम उठाए गए हैं।
दरअसल, कुछ लेखों और सोशल मीडिया वीडियो के माध्यम से गलत सूचना फैलाई जा रही है, जिसमें यह बताया जा रहा है कि देश में केवल 6 दिनों का ही भंडार है। भारत की कुल भंडार क्षमता 74 दिनों की है और पश्चिम एशिया संकट के 27वें दिन भी वास्तविक भंडार लगभग 60 दिनों का है (जिसमें कच्चे तेल का भंडार, उत्पाद भंडार और भूमिगत गुफाओं में समर्पित रणनीतिक भंडारण शामिल है)। वैश्विक स्तर पर चाहे जो भी हो, प्रत्येक भारतीय नागरिक के लिए लगभग दो महीने की स्थिर आपूर्ति उपलब्ध है।
सरकार का कहना है कि अगले दो महीनों के कच्चे तेल की खरीद भी सुनिश्चित कर ली गई है। भारत अगले कई महीनों के लिए पूरी तरह से सुरक्षित है और ऐसी आपूर्ति स्थिति में रणनीतिक भूमिगत गुफाओं में भंडार की मात्रा गौण हो जाती है। इसलिए, भारत के भंडार के समाप्त या अपर्याप्त होने के किसी भी दावे को पूरी तरह से खारिज किया जाता है। 
 

केंद्र ने पेट्रोल और डीजल पर एक्साइज ड्यूटी 10 रुपए प्रति लीटर घटाई

27-Mar-2026
नई दिल्ली ( शोर संदेश )। केंद्र सरकार ने शुक्रवार को पेट्रोल और डीजल पर 10 रुपए प्रति लीटर एक्साइज ड्यूटी कम करने का ऐलान किया है। इसके बाद पेट्रोल पर एक्साइज ड्यूटी कम होकर 3 रुपए प्रति लीटर और डीजल पर शून्य हो गई है। इसका उद्देश्य अमेरिका, इजरायल-ईरान युद्ध के कारण कच्चे तेल की कीमत में आए उछाल के प्रभाव को सीमित करना है।
सरकार ने ईंधन के निर्यात और विदेशी विमानों को आपूर्ति किए जाने वाले ईंधन पर भी एक्साइज शुल्क में छूट प्रदान की है।
इसके अलावा, केंद्र ने 2022 की एक पूर्व अधिसूचना को रद्द कर दिया है और आयातित विमानन टरबाइन ईंधन (एटीएफ) पर एक्साइज ड्यूटी में राहत प्रदान की है।
उम्मीद की जा रही है कि ऑयल मार्केटिंग कंपनियां (ओएमसी) बढ़ते नुकसान की भरपाई के लिए इस कटौती को स्वयं समायोजित करेंगी। अनुमान है कि ओएमसी को वर्तमान में ईंधन की बिक्री पर लगभग 48.8 रुपए प्रति लीटर का नुकसान हो रहा है, जिसका मुख्य कारण वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में वृद्धि है।
मध्यू पूर्व में तनाव के बाद कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल दर्ज किया गया है। बीते एक महीने में बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड का दाम करीब 40 प्रतिशत बढ़ चुका है। फिलहाल यह 101 डॉलर प्रति बैरल पर बना हुआ है।
सरकार ने गुरुवार को स्पष्ट रूप से कहा कि भारत में पेट्रोलियम और एलपीजी की आपूर्ति की स्थिति पूरी तरह सुरक्षित और नियंत्रण में है। सरकार ने नागरिकों से अपील की कि वे “जानबूझकर चलाए जा रहे दुर्भावनापूर्ण और सुनियोजित दुष्प्रचार अभियान” से गुमराह न हों, जिसका उद्देश्य अनावश्यक दहशत फैलाना है।
पेट्रोलियम मंत्रालय ने कहा कि भारत के पास कुल 74 दिनों का भंडार है और वर्तमान में लगभग 60 दिनों का वास्तविक स्टॉक है (जिसमें कच्चे तेल का भंडार, उत्पाद भंडार और गुफाओं में बनाए गए विशेष रणनीतिक भंडारण शामिल हैं)।
मंत्रालय ने यह भी कहा कि “मध्य पूर्व संकट का आज 27वां दिन है”, और सभी रिटेल फ्यूल आउटलेट्स पर पर्याप्त आपूर्ति उपलब्ध है।
 

पेंटागन के शीर्ष अधिकारी का भारत दौरा संपन्न, शांति और रणनीतिक सहयोग पर जोर

27-Mar-2026
नई दिल्ली।  ( शोर संदेश )अमेरिका के नीति मामलों के उप रक्षा सचिव एल्ब्रिज कोल्बी भारत-अमेरिका के अहम संबंधों को आगे बढ़ाने में मदद करने के लिए नई दिल्ली में वरिष्ठ अधिकारियों से बातचीत करने भारत दौरे पर पहुंचे थे। पेंटागन के शीर्ष अधिकारी ने इस दौरान 2026 नेशनल डिफेंस स्ट्रैटेजी और प्रेसिडेंट के पीस थ्रू स्ट्रेंथ एजेंडा के खास हिस्सों को आगे बढ़ाने के लिए सीनियर अधिकारियों से मुलाकात की।
पेंटागन की ओर से साझा जानकारी के अनुसार, भारत में रहते हुए उप रक्षा सचिव कोल्बी ने विदेश मंत्री डॉ. सुब्रह्मण्यम जयशंकर और विदेश सचिव विक्रम मिसरी से मुलाकात की। उन्होंने भारतीय रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह के साथ अमेरिका-भारत रक्षा नीति समूह की मीटिंग की सह अध्यक्षता भी की। इन चर्चाओं ने अमेरिका-भारत मेजर डिफेंस पार्टनरशिप के फ्रेमवर्क को आगे बढ़ाया, जिस पर सेक्रेटरी ऑफ वार पीट हेगसेथ ने अक्टूबर 2025 में भारतीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के साथ हस्ताक्षर किए थे।
फ्रेमवर्क में अमेरिका और भारत में ऑपरेशनल समन्वय, जानकारी साझा करना, क्षेत्रीय और ग्लोबल सहयोग और रक्षा उद्योग, विज्ञान और तकनीकी सहयोग को बढ़ाने की बात कही गई। इसके अलावा, उन्होंने भारत में अमेरिकी राजदूत और दक्षिण और मध्य एशियाई मामलों के विशेष दूत, राजदूत सर्जियो गोर के साथ सलाह-मशविरा भी किया।
कोल्बी ने नई दिल्ली में अनंता सेंटर में भी भाषण दिया, जिसमें उन्होंने भारत-अमेरिका साझेदारी की मजबूती पर जोर दिया। इसके साथ ही उन्होंने दोनों देशों के रक्षा और रणनीतिक सहयोग को निर्देशित करने में मदद के लिए एक फ्रेमवर्क तैयार किया।
अमेरिका के नीति मामलों के उप रक्षा सचिव एल्ब्रिज कोल्बी ने कहा कि अमेरिका भारत को बहुत सम्मान की नजर से देखता है। इस देश की एक गौरवशाली रणनीतिक परंपरा है, और नई दिल्ली के फैसले इंडो-पैसिफिक के भविष्य को गहराई से प्रभावित करेंगे।
अनंत सेंटर में एक विशेष सत्र के दौरान एल्ब्रिज कोल्बी ने कहा, “संयुक्त राज्य अमेरिका भारत को गहरे सम्मान से देखता है। एक ऐसे गणराज्य के रूप में जो महाद्वीपीय स्तर का है, एक ऐसे राष्ट्र के रूप में जिसकी एक गौरवपूर्ण रणनीतिक परंपरा है, और एक ऐसे देश के रूप में जिसके निर्णय इंडो-पैसिफिक और व्यापक अंतरराष्ट्रीय परिदृश्य के भविष्य को गहराई से आकार देंगे। हमारे दोनों देशों के इतिहास, भूगोल और दृष्टिकोण में महत्वपूर्ण अंतर हैं। फिर भी हम एक मौलिक बात साझा करते हैं, यह विश्वास कि एशिया का भविष्य संप्रभु राष्ट्रों की ओर से निर्धारित होना चाहिए, जो अपने स्वयं के रास्ते तय करने में सक्षम हों।”
उन्होंने कहा कि अमेरिका भारत को केवल एक प्रमुख साझेदार के रूप में नहीं बल्कि एशिया में दीर्घकालिक अनुकूल शक्ति संतुलन सुनिश्चित करने के लिए एक अनिवार्य साझेदार के रूप में देखता है। कोल्बी ने कहा, “भारत का महत्व केवल उसके आकार और आर्थिक क्षमता तक सीमित नहीं है बल्कि उसके भू-स्थान और रणनीतिक स्थिति से भी जुड़ा है। आपका देश हिंद महासागर के किनारे स्थित है, जो इंडो-पैसिफिक का संपर्क सूत्र है। भारत में रणनीतिक स्वायत्तता की एक लंबी परंपरा है और उसकी क्षमता लगातार बढ़ रही है, जिससे वह अपनी सीमाओं से बाहर भी घटनाओं को प्रभावित कर सकता है। यह दुनिया का सबसे बड़ा गणराज्य है। इसकी सफलता का प्रतीकात्मक और राजनीतिक महत्व बहुत गहरा है। इसके पास मजबूत, आत्मनिर्भर और सक्षम सैन्य बल हैं, जो महत्वपूर्ण सुरक्षा जिम्मेदारियां उठाने के लिए इच्छुक और सक्षम हैं।

देश में पेट्रोल-डीजल की आपूर्ति सामान्य, पीएनजी कनेक्शनों के विस्तार पर केंद्र सरकार का जोर

26-Mar-2026
नई दिल्ली।  ( शोर संदेश ) केंद्र सरकार ने साफ किया है कि देशभर में पेट्रोल और डीजल की आपूर्ति पूरी तरह सामान्य है और सभी रिटेल पेट्रोल पंप सुचारू रूप से काम कर रहे हैं। सरकार के मुताबिक, देश की जरूरतों को पूरा करने के लिए पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है और कहीं भी कमी की स्थिति नहीं है। सरकार ने बताया कि सभी रिफाइनरियां उच्च क्षमता पर काम कर रही हैं और कच्चे तेल का भी पर्याप्त भंडार मौजूद है। हालांकि, कुछ जगहों पर अफवाहों के चलते लोगों ने घबराकर ज्यादा खरीदारी की, लेकिन अब स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और सभी पेट्रोल पंप सामान्य रूप से संचालित हो रहे हैं।
सरकार ने बताया कि घरेलू पीएनजी (पाइप्ड नेचुरल गैस) और सीएनजी ट्रांसपोर्ट की आपूर्ति 100 प्रतिशत बनाए रखी जा रही है। वहीं, औद्योगिक और व्यावसायिक उपभोक्ताओं को औसत खपत के लगभग 80 प्रतिशत तक गैस सप्लाई दी जा रही है, ताकि उनका कामकाज प्रभावित न हो और देश की आर्थिक गतिविधियां जारी रहें। इस बीच, सरकार ने नेचुरल गैस एंड पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स डिस्ट्रीब्यूशन ऑर्डर, 2026 को अधिसूचित किया है। इसका उद्देश्य पूरे देश में पाइपलाइन नेटवर्क के विस्तार को तेज करना है। इस नए फ्रेमवर्क से समयबद्ध तरीके से पाइपलाइन बिछाने में मदद मिलेगी और जमीन से जुड़ी दिक्कतों को भी कम किया जा सकेगा।
पीएनजी कनेक्शन के विस्तार में भी तेजी आई है। एक ही दिन में 110 से ज्यादा भौगोलिक क्षेत्रों में रिकॉर्ड 9,046 नए पीएनजी कनेक्शन दिए गए। इस काम को बढ़ावा देने के लिए इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड (आईजीएल) और ‘गेल’ जैसी कंपनियां नए प्रोत्साहन दे रही हैं। वहीं, दिल्ली में दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) ने 24 घंटे पाइपलाइन बिछाने की अनुमति दे दी है और सड़क मरम्मत शुल्क भी माफ कर दिया है।
प्रक्रिया को और तेज करने के लिए पेट्रोलियम एंड एक्सप्लोसिव सेफ्टी ऑर्गनाइजेशन (पीईएसओ) को निर्देश दिया गया है कि वे सीजीडी (सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन) से जुड़े आवेदनों का निपटारा 10 दिनों के भीतर करें। वहीं, पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस विनियामक बोर्ड (पीएनजीआरबी) ने निर्देश दिया है कि आवासीय स्कूल, छात्रावास और सामुदायिक रसोई जैसे स्थानों पर पीएनजी कनेक्शन प्राथमिकता के आधार पर 5 दिनों में दिए जाएं।
एलपीजी की सप्लाई को लेकर भी सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लिए कमर्शियल एलपीजी का आवंटन बढ़ाकर 50 प्रतिशत कर दिया गया है। इस अतिरिक्त सप्लाई को खासतौर पर होटल, ढाबे, रेस्टोरेंट और प्रवासी मजदूरों के लिए 5 किलो वाले सिलेंडर में प्राथमिकता दी जा रही है। इसके अलावा, राज्यों को 10 प्रतिशत अतिरिक्त कमर्शियल एलपीजी देने की भी पेशकश की गई है, जो इस बात पर निर्भर करेगी कि वे कितनी तेजी से उपभोक्ताओं को एलपीजी से पीएनजी की ओर शिफ्ट कर रहे हैं।
गड़बड़ियों पर सख्ती दिखाते हुए आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत एक ही दिन में 2,700 से ज्यादा छापेमारी की गई, जिसमें 2,000 सिलेंडर जब्त किए गए। अब तक 650 से ज्यादा एफआईआर दर्ज हो चुकी हैं और 155 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। एलपीजी की मांग कम करने के लिए राज्यों को 48,000 किलोलीटर अतिरिक्त केरोसिन भी आवंटित किया गया है। साथ ही, कोयला मंत्रालय ने छोटे और मध्यम उपभोक्ताओं को कोयले की आपूर्ति बढ़ाने के निर्देश दिए हैं, ताकि उन्हें वैकल्पिक ऊर्जा मिल सके।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में इमिग्रेशन, वीजा, फॉरेनर्स रजिस्ट्रेशन एंड ट्रैकिंग (आईवीएफआरटी) योजना को 31 मार्च के बाद भी 5 साल के लिए बढ़ाने को मंजूरी दी गई है। इस पर 1,800 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। साथ ही, देश में हवाई कनेक्टिविटी को मजबूत करने के लिए ‘चैलेंज मोड’ के तहत 100 नए एयरपोर्ट बनाए जाएंगे, जिन पर औसतन 100 करोड़ रुपए प्रति एयरपोर्ट खर्च होगा। इसके अलावा, संशोधित उड़ान योजना के तहत 200 आधुनिक हेलिपैड भी विकसित किए जाएंगे।
 


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