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किसान हित सर्वोपरि: योगी सरकार ने मुआवजा प्रक्रिया तेज करने के दिए निर्देश

02-Apr-2026
नई दिल्ली।  ( शोर संदेश ) उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को कई जनपदों में हुई बेमौसम बारिश से प्रभावित किसानों का हाल जाना और अधिकारियों को तुरंत राहत पहुंचाने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने असमय बारिश से फसलों को हुए नुकसान पर जिलाधिकारियों से विस्तृत रिपोर्ट तलब की। उन्होंने कहा कि किसानों की समस्या को प्राथमिकता के आधार पर हल किया जाए और किसी भी तरह की लापरवाही न बरती जाए।
सीएम योगी ने अधिकारियों को अलर्ट मोड में रहने को कहा और स्पष्ट किया कि मौसम की मार झेल रहे किसानों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि किसान हित सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि राजस्व, कृषि विभाग और बीमा कंपनियां मिलकर फसल नुकसान का तत्काल संयुक्त सर्वे करें। इसकी रिपोर्ट शासन को भेजी जाए, ताकि प्रभावित किसानों को जल्द से जल्द मुआवजा मिल सके।
उन्होंने कहा कि सभी अधिकारी संवेदनशीलता के साथ कार्य करें और सुनिश्चित करें कि किसानों को किसी प्रकार की दिक्कत न हो। साथ ही फील्ड में जाकर वास्तविक स्थिति का आकलन करने के निर्देश भी दिए।
मुख्यमंत्री ने प्रमुख सचिव (कृषि) और राहत आयुक्त को निर्देश दिया कि वे फील्ड अधिकारियों के साथ सीधा संपर्क बनाए रखें और सभी सूचनाएं समय पर एकत्र कर शासन तक पहुंचाएं, जिससे राहत कार्यों में तेजी लाई जा सके।
सीएम योगी ने कहा कि जैसे ही फसल नुकसान का आकलन पूरा हो, मुआवजा वितरण की प्रक्रिया तुरंत शुरू की जाए। भुगतान समयबद्ध तरीके से सुनिश्चित किया जाए, ताकि प्रभावित किसानों को जल्द राहत मिल सके।

प्रीमियम फ्यूल की कीमतों में बढ़ोतरी; सामान्य पेट्रोल-डीजल की कीमतें स्थिर

02-Apr-2026
नई दिल्ली।  ( शोर संदेश ) सरकारी तेल विपणन कंपनी इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (आईओसी) ने राष्ट्रीय राजधानी में अपने प्रीमियम फ्यूल की कीमतों में बढ़ोतरी कर दी है। एक्सपी 100 पेट्रोल की कीमत अब 160 रुपए प्रति लीटर हो गई है, जो पहले 149 रुपए थी। यह हाई-ऑक्टेन फ्यूल मुख्य रूप से लग्जरी कारों और हाई-परफॉर्मेंस मोटरसाइकिलों में इस्तेमाल किया जाता है, जिससे इंजन की क्षमता बेहतर होती है।
इसी तरह कंपनी ने एक्स्ट्रा ग्रीन डीजल (प्रीमियम डीजल) की कीमत भी बढ़ा दी है। अब दिल्ली में इसकी कीमत 92.99 रुपए प्रति लीटर हो गई है, जो पहले 91.49 रुपए थी। हालांकि, सामान्य पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के कारण वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों में उछाल के बावजूद, भारत के प्रमुख शहरों में ईंधन के दाम स्थिर बने हुए हैं।
तेल कंपनियों ने ऑटो फ्यूल की कीमतों को स्थिर रखा है, जबकि अन्य पेट्रोलियम उत्पादों के दाम में तेज बढ़ोतरी देखने को मिली है। दिल्ली में पेट्रोल की कीमत अभी भी 94.72 रुपए प्रति लीटर है, जबकि डीजल 87.62 रुपए प्रति लीटर पर बिक रहा है। वहीं मुंबई में पेट्रोल 103.44 रुपए और डीजल 89.97 रुपए प्रति लीटर है।
इस बीच, कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमत में 195.50 रुपए की बढ़ोतरी की गई है, जबकि एविएशन टर्बाइन फ्यूल (एटीएफ) की कीमत दोगुने से ज्यादा बढ़कर 2 लाख रुपए प्रति किलोलीटर के पार पहुंच गई हैं। वैश्विक स्तर पर, पश्चिम एशिया में जारी तनाव के चलते कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल आया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संकेत दिया है कि अमेरिकी सेना अगले तीन हफ्तों में ईरान पर हमले रोक सकती है, जिससे तनाव कम होने की उम्मीद जताई जा रही है।
हालांकि, ईरान ने चेतावनी दी है कि अगर उसके प्रमुख लोगों को निशाना बनाया जाता रहा, तो वह अमेरिकी कंपनियों के खिलाफ जवाबी कार्रवाई कर सकता है। इससे क्षेत्र में अनिश्चितता बनी हुई है। वैश्विक बाजार में उतार-चढ़ाव, खासतौर पर होर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास की स्थिति, के बावजूद भारत में पेट्रोल और डीजल की खुदरा कीमतें फिलहाल स्थिर बनी हुई हैं।
 

आठवें वेतन आयोग के सदस्य मुख्य मुद्दों पर सरकारी कर्मचारियों से मुलाकात करेंगे

02-Apr-2026
नई दिल्ली।  ( शोर संदेश ) आठवें वेतन आयोग प्रस्तावित वेतन वृद्धि से जुड़े मुख्य मुद्दों पर बातचीत के लिए जल्द सरकारी कर्मचारियों और वेतनभोगियों से मुलाकात करेगा। 24 अप्रैल को देहरादून में एक महत्वपूर्ण बैठक निर्धारित है, जिसमें कर्मचारी संघों, पेंशनभोगी संघों और अन्य पक्षकारों के प्रतिनिधि वेतन संरचना, भत्ते और पेंशन संबंधी मुद्दों पर अपने विचार 8वें वेतन आयोग के सदस्यों के सामने रखेंगे।
आयोग के सदस्य कर्मचारियों और वेतनभोगियों की समस्याओं को बेहतर ढंग से समझने के लिए देश के विभिन्न हिस्सों का दौरा करेंगे और इसी तरह की बैठकें आयोजित करेंगे। इन बैठकों से प्राप्त प्रतिक्रिया के आधार पर आयोग यह तय करेगा कि भविष्य में वेतन, पेंशन और लाभों में कितना संशोधन किया जाना चाहिए। आयोग ने कहा कि यदि कोई समूह अपने विचार साझा करना चाहता है, तो उन्हें मिलने के लिए पहले समय का अनुरोध करना होगा।
30 मार्च को जारी नोटिस में लिखा था, “आठवें वेतन आयोग का एक दल 24 अप्रैल को देहरादून, उत्तराखंड का दौरा करेगा। केंद्र सरकार के संगठनों/संस्थानों और संघों/संगठनों सहित इच्छुक पक्षकार, जो देहरादून में आयोग के साथ बातचीत करना चाहते हैं, कृपया 10 अप्रैल या उससे पहले समय का अनुरोध प्रस्तुत करें।”
इसके बाद, आयोग चयनित प्रतिभागियों को बैठक के सटीक स्थान और समय के बारे में सूचित करेगा। बयान में कहा गया है, “स्थान का विवरण और बैठक का कार्यक्रम बाद में सूचित किया जाएगा।”
आठवें वेतन आयोग की बैठक में भाग लेने के इच्छुक किसी भी व्यक्ति को 10 अप्रैल तक ईमेल द्वारा अनुरोध भेजना होगा। केवल इस समय सीमा से पहले आवेदन करने वालों पर ही बैठक के लिए विचार किया जाएगा।
इसके बाद, आयोग अनुरोधों की समीक्षा करेगा और चयनित प्रतिभागियों को सटीक स्थान और समय के बारे में सूचित करेगा। प्रक्रिया से संबंधित सभी आधिकारिक विवरण और अपडेट आयोग की वेबसाइट पर उपलब्ध हैं।
कर्मचारी संघ, पेंशनभोगी संघ, संगठन और यहां तक ​​कि व्यक्ति भी वेतन, भत्ते, पेंशन और अन्य सेवा-संबंधी मुद्दों पर अपने विचार भेज सकते हैं। आयोग ने एक ऑनलाइन पोर्टल बनाया है जहां लोग 30 अप्रैल तक ज्ञापन के रूप में अपने सुझाव प्रस्तुत कर सकते हैं। इन सुझावों को भेजने की अंतिम तिथि 30 अप्रैल है। इसके बाद, आयोग अपनी सिफारिशें तैयार करने से पहले बैठकों और लिखित प्रस्तुतियों से प्राप्त सभी प्रतिक्रियाओं की समीक्षा करेगा।
1.1 करोड़ से अधिक केंद्रीय सरकारी कर्मचारी और पेंशनभोगी 8वें वेतन आयोग के त्वरित कार्यान्वयन के संकेत की प्रतीक्षा कर रहे हैं। आयोग को अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए 18 महीने की समय सीमा दी गई है। 

 


उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने ‘टाइड्स ऑफ टाइम’ पुस्तक का विमोचन किया

02-Apr-2026
नई दिल्ली।  ( शोर संदेश ) उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने बुधवार को यहां संविधान सदन में राज्यसभा सदस्य सुधा मूर्ति द्वारा लिखित पुस्तक ‘टाइड्स ऑफ टाइम: संसद में भित्तिचित्रों के माध्यम से भारत का इतिहास’ का विमोचन किया। इस अवसर पर उन्होंने संसद में बने भित्ति चित्रों को भारत की समृद्ध सभ्यतागत विरासत का जीवंत प्रतिबिंब बताया और भारत को “लोकतंत्र की जननी” कहा।
उपराष्ट्रपति एवं राज्यसभा के सभापति राधाकृष्णन ने कहा कि संविधान सदन में स्थापित भित्ति चित्र केवल कला कृतियां नहीं हैं, बल्कि वे भारत की हजारों वर्षों पुरानी सभ्यतागत यात्रा को दर्शाने वाली दृश्य कथाएं हैं। उन्होंने लेखिका सुधा मूर्ति की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने इन चित्रों की “कालातीत सुंदरता और गहरे प्रतीकवाद” को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया है, जिससे इतिहास को नई पीढ़ियों के करीब लाने में मदद मिलेगी।
अपने संबोधन में उपराष्ट्रपति ने कहा कि भारत में लोकतांत्रिक परंपराएं प्राचीन काल से ही निरंतर, समावेशी और समाज की जड़ों में गहराई तक समाई रही हैं। उन्होंने वैशाली से लेकर दक्षिण भारत की कुदावोलै प्रणाली तक के उदाहरण देते हुए कहा कि संवाद, सहमति और विविध विचारों के सम्मान की परंपरा भारत को “लोकतंत्र की जननी” बनाती है।
उन्होंने तमिल कवि सुब्रमण्यम भारती का उल्लेख करते हुए भारत की ज्ञान, उदारता और सांस्कृतिक समृद्धि की प्रशंसा की और कहा कि यही आधार देश में समावेशिता और सभी विचारों के सम्मान को मजबूती देता है।
उपराष्ट्रपति ने प्रधानमंत्री के नेतृत्व में संसद भवन में पारंपरिक प्रतीकों के समावेश की भी सराहना की। उन्होंने राष्ट्रपति के संयुक्त सत्र संबोधन के दौरान चोल वंश के पवित्र ‘सेंगोल’ के प्रदर्शन का उल्लेख करते हुए इसे आधुनिक भारत और उसकी सभ्यतागत जड़ों के बीच एक महत्वपूर्ण कड़ी बताया।
उन्होंने कहा कि संसद एक जीवंत लोकतंत्र के मूल सिद्धांतों संवाद, बहस, असहमति और चर्चा का प्रतिनिधित्व करती है। हालांकि, उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि ये सभी प्रक्रियाएं अंततः राष्ट्रीय हित में रचनात्मक निर्णय लेने की दिशा में होनी चाहिए।
पुस्तक की विशेषताओं का उल्लेख करते हुए उपराष्ट्रपति ने कहा कि यह 124 भित्ति चित्रों के माध्यम से भारत के इतिहास को जीवंत करती है। इसमें सिंधु घाटी सभ्यता से लेकर महर्षि वाल्मीकि, चाणक्य, महावीर और गौतम बुद्ध जैसे महान व्यक्तित्वों की शिक्षाओं तक का विस्तृत वर्णन है।
उन्होंने कहा कि पुस्तक में सम्राट अशोक और छत्रपति शिवाजी महाराज जैसे शासकों की उपलब्धियों के साथ-साथ कोणार्क सूर्य मंदिर जैसी सांस्कृतिक धरोहरों और भक्ति आंदोलन का भी उल्लेख है। इसके अलावा स्वतंत्रता संग्राम, दांडी मार्च और महात्मा गांधी व सुभाष चंद्र बोस जैसे नेताओं के योगदान को भी इसमें स्थान दिया गया है।
उपराष्ट्रपति ने ‘विकसित भारत 2047’ के लक्ष्य का जिक्र करते हुए “विकास भी, विरासत भी” के सिद्धांत को दोहराया और कहा कि प्रगति और परंपरा एक-दूसरे के पूरक हैं। संसद के भित्ति चित्र इसी सोच को साकार रूप देते हैं।
सुधा मूर्ति की प्रशंसा करते हुए उन्होंने कहा कि वे ज्ञान, विनम्रता और सामाजिक प्रतिबद्धता का अद्वितीय उदाहरण हैं। उन्होंने उनके कॉर्पोरेट जगत से सामाजिक सेवा और संसद तक के सफर को प्रेरणादायक बताया।
उपराष्ट्रपति ने कहा कि भाषा, क्षेत्र और संस्कृति की विविधता के बावजूद भारत सदैव एक था और एक रहेगा। उन्होंने नागरिकों से “राष्ट्र प्रथम” की भावना अपनाने और समर्पण, ईमानदारी तथा गर्व के साथ देशसेवा करने का आह्वान किया।
इस अवसर पर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और मनोहर लाल, राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश, लेखिका एवं राज्यसभा सांसद सुधा मूर्ति सहित कई सांसद और वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। 

भारत में डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर में तेज़ी, 2026 में डेटा सेंटर क्षमता 30% बढ़ने की उम्मीद

02-Apr-2026
नई दिल्ली। ( शोर संदेश ) भारत की डेटा सेंटर क्षमता 2026 में सालाना आधार पर 30 प्रतिशत बढ़ने की उम्मीद है। इसकी वजह मजबूत मांग और इस सेक्टर में निवेशकों की रुचि बने रहना है। यह जानकारी बुधवार को जारी रिपोर्ट में दी गई। सीबीआरई के विश्लेषण के अनुसार, इस वर्ष लगभग 500 मेगावाट के नई डेटा सेंटर क्षमता जोड़े जाने का अनुमान है, जो 2025 में जोड़ी गई रिकॉर्ड 440 मेगावाट की क्षमता से अधिक है।
रिपोर्ट के अनुसार, 2025 के अंत तक घरेलू डेटा सेंटर की कुल क्षमता लगभग 1,700 मेगावाट थी।इस सेक्टर ने नई पूंजी भी आकर्षित की है और 2025 में 56.4 अरब डॉलर की निवेश प्रतिबद्धताएं हासिल की हैं, जिससे कुल निवेश प्रतिबद्धताएं 126 अरब डॉलर तक पहुंच गई हैं। इन प्रतिबद्धताओं में इस वर्ष लगभग 45 प्रतिशत की वृद्धि होने की उम्मीद है, जिससे यह राशि संभावित रूप से 180 अरब डॉलर से अधिक हो सकती है।
सीबीआरई के अध्यक्ष और सीईओ अंशुमन मैगजीन ने कहा, “भारत में डेटा सेंटर की कहानी अब संभावनाओं के बारे में नहीं, बल्कि बड़े पैमाने पर क्रियान्वयन के बारे में है।” उन्होंने आगे कहा कि विकास को गति देने में विदेशी पूंजी की प्रमुख भूमिका बनी हुई है। रिपोर्ट के अनुसार, महाराष्ट्र, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु और उत्तर प्रदेश जैसे प्रमुख राज्य निवेश में अग्रणी भूमिका निभाएंगे, हालांकि कम लेटेंसी, 5जी रोलआउट और डेटा स्थानीयकरण की बढ़ती मांग के कारण अहमदाबाद, विशाखापट्टनम, पटना और भोपाल सहित टियर-II शहरों में भी गतिविधि तेजी से फैल रही है।
रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि मुंबई सबसे बड़ा केंद्र बना हुआ है – भारत के कुल चालू डेटा सेंटरों में से 50 प्रतिशत से अधिक मुंबई में स्थित हैं। मुंबई, चेन्नई, दिल्ली-एनसीआर और बेंगलुरु मिलकर कुल क्षमता का लगभग 90 प्रतिशत योगदान करते हैं। रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि एआई और क्लाउड कंप्यूटिंग से बढ़ती मांग के कारण बिजली के बुनियादी ढांचे पर दबाव बढ़ रहा है, जिससे ऑपरेटर नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं।
भारत ने 2025 में रिकॉर्ड 44.5 गीगावॉट नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता जोड़ी। सीबीआरई के अनुसार, कर प्रोत्साहन, हरित पूंजीगत व्यय समर्थन और नियामकीय सरलीकरण सहित सहायक सरकारी नीतियों से निवेश में और तेजी आने और भारत के एशिया-प्रशांत क्षेत्र में एक प्रमुख डेटा सेंटर केंद्र के रूप में स्थापित होने की उम्मीद है।
 

 


राष्ट्रपति मुर्मु ने शिवकुमार महास्वामीजी के 119वें जयंती समारोह में लिया हिस्सा, सेवा और शिक्षा को बताया आधार

02-Apr-2026
नई दिल्ली। ( शोर संदेश ) राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने बुधवार को कर्नाटक के तुमकुरु स्थित श्री सिद्धगंगा मठ में डॉ. श्री श्री शिवकुमार महास्वामीजी के 119वें जन्मदिन समारोह और गुरुवंदन महोत्सव में भाग लिया।
राष्ट्रपति ने कहा कि शिवकुमार महास्वामीजी जैसे संत समाज और राष्ट्र की आत्मा के साक्षात स्वरूप हैं। उन्होंने कहा कि 2019 में उनके देहावसान के बावजूद उनकी आध्यात्मिक विरासत आज भी समाज को दिशा दे रही है।
द्रौपदी मुर्मु ने कहा कि स्वामीजी का जीवन निर्धनों और वंचितों की सेवा के लिए समर्पित रहा। उनके कार्य यह दर्शाते हैं कि आध्यात्मिकता को जनकल्याण के माध्यम से साकार किया जा सकता है।
राष्ट्रपति ने श्री सिद्धगंगा मठ की सराहना करते हुए कहा कि यह संस्थान शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य कर रहा है। यहां प्राथमिक स्तर से लेकर इंजीनियरिंग और प्रबंधन तक की शिक्षा उपलब्ध कराई जा रही है।
उन्होंने कहा कि मठ द्वारा ग्रामीण और वंचित वर्ग के छात्रों को शिक्षा प्रदान करना एक समावेशी समाज के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। शिक्षा को उन्होंने आत्मनिर्भरता और व्यक्तित्व विकास की नींव बताया।
राष्ट्रपति ने कहा कि जनसेवा, राष्ट्रसेवा और आध्यात्मिकता आपस में गहराई से जुड़े हैं। उन्होंने कर्नाटक को इन मूल्यों का उत्कृष्ट उदाहरण बताते हुए राज्य के लोगों की सराहना की।
द्रौपदी मुर्मु ने कहा कि परिश्रम, सेवा और कर्तव्यनिष्ठा के मार्ग पर चलकर ही शिवकुमार महास्वामीजी को सच्ची श्रद्धांजलि दी जा सकती है। 

‘मैं भी चाय वाला हूं’, जब छोटा था तो चाय बेचता था, आपकी मेहनत मेरे गांव तक पहुंची : असम में पीएम मोदी

02-Apr-2026
नई दिल्ली। ( शोर संदेश ) असम विधानसभा चुनाव के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कुछ समय निकालकर डिब्रूगढ़ स्थित एक चाय बागान पहुंचे। यहां उन्होंने कुछ समय बागान में काम कर रही महिलाओं के साथ बिताया और उनसे कहा, “आपकी मेहनत मेरे गांव तक पहुंची है। क्या आपको मालूम है कि मैं भी चाय वाला हूं और बचपन में मैं भी चाय बेचता था।”
पीएम मोदी को अपने बीच पाकर बागान में कार्यरत महिलाएं काफी खुश दिखाई दीं। इस दौरान कुछ महिलाओं ने पीएम मोदी के साथ सेल्फी भी ली। पीएम मोदी ने मजाकिया अंदाज में कहा कि आप लोग तो अब अच्छे फोटोग्राफर भी हैं। पीएम के इस अंदाज पर महिलाओं की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पांच मिनट का वीडियो शेयर किया। पीएम ने लिखा कि बुधवार सुबह डिब्रूगढ़ के एक चाय बागान में मुझे चाय बागान परिवारों की संस्कृति की झलक देखने को मिली। असम की प्रगति में उनका योगदान बेमिसाल है।
प्रधानमंत्री मोदी ने पोस्ट में आगे लिखा कि डिब्रूगढ़ के चाय बागान में महिलाओं ने एक गीत गाया, जो ‘जगत जननी मां’ को नमन करता है। यह सचमुच अद्भुत है कि वे अपनी संस्कृति और अपनी जड़ों से किस कदर जुड़ी हुई हैं। हमें चाय बागान के हर एक परिवार के प्रयासों पर बहुत गर्व है। उनकी कड़ी मेहनत और लगन ने असम का गौरव बढ़ाया है। यहां डिब्रूगढ़ के एक चाय बागान की कुछ और झलकियां हैं। चाय असम की आत्मा है और यहां की चाय ने पूरी दुनिया में अपनी जगह बनाई है। बुधवार सुबह डिब्रूगढ़ में मैं एक चाय बागान में गया और वहाँ काम करने वाली महिलाओं से बातचीत की। यह एक बहुत ही यादगार अनुभव था।
चाय बागान में पीएम मोदी ने इस दौरान कार्यरत महिलाओं से उनके परिवार का हालचाल भी लिया। पीएम मोदी को महिलाओं ने बताया कि बच्चे स्कूल जाते हैं, एक महिला ने बताया कि उनका बच्चा ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी कर चुका है, दूसरी महिला ने कहा कि उनका बच्चा खेलकूद में अपना भविष्य देख रहा है और गांव के मैदान में फुटबॉल खेलता है, इस पर पीएम मोदी ने कहा कि यह तो बहुत अच्छी बात है।
पीएम मोदी ने कहा कि मुझे यहां आकर बहुत अच्छा लगा है, इस पर महिलाओं ने दबी आवाज में कहा कि हमें तो आपसे मिलकर काफी घबराहट हो रही थी। पीएम मोदी ने उनका हौसला बढ़ाते हुए कहा कि घबराने की क्या जरूरत है, घबराहट तो शुरूआती पांच मिनट के लिए ही होता है। इसके बाद कैसी घबराहट।
प्रधानमंत्री ने इस दौरान महिलाओं से पूछा कि आप लोग बिहू त्योहार के दौरान क्या पकाते हैं। महिलाओं ने इस दौरान बताया कि रीति-रिवाज के अनुसार चीजें बनाई जाती हैं। इस दौरान पीएम मोदी ने कहा कि इस चाय के बागान में एक वक्त में कितनी महिलाएं काम करती हैं। महिलाओं ने जवाब देते हुए कहा कि एक वक्त में कई महिलाएं काम करती हैं, महीने में 24 दिन काम करते हैं और 6 दिन छुट्टी होती है।
पीएम मोदी ने जाते हुए सभी को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि क्या आप लोगों को मालूम है कि मैं भी चाय वाला हूं, जब छोटा था तो चाय बेचता था, आपकी मेहनत मेरे गांव तक पहुंच गई है। बहुत-बहुत धन्यवाद, आपके साथ मुझे समय बिताकर अच्छा लगा।

ईरान संकट पर यू-टर्न के संकेत: ट्रंप ने कहा-कुछ हफ्तों में लौट सकते हैं अमेरिकी सैनिक

01-Apr-2026
नई दिल्ली।  ( शोर संदेश ) अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ईरान के साथ चल रहे संघर्ष से अमेरिकी सेना कुछ हफ्तों में बाहर आ सकती है। उनका दावा है कि अमेरिका ने अपना मुख्य लक्ष्य, यानी ईरान के परमाणु कार्यक्रम को रोकना, पहले ही हासिल कर लिया है। ट्रंप ने व्हाइट हाउस के ओवल ऑफिस में पत्रकारों से कहा, “मुझे लगता है दो या तीन हफ्ते लगेंगे। यह मिशन अब पूरा होने वाला है।”
उन्होंने दावा किया कि लगातार हमलों से ईरान की ताकत काफी कमजोर हो गई है। ट्रंप ने कहा, “हमारा एक ही लक्ष्य था कि ईरान के पास परमाणु हथियार न हों, और वह लक्ष्य पूरा हो गया है। अब उनके पास परमाणु हथियार नहीं होंगे।” ट्रंप ने यह भी संकेत दिया कि ईरान की स्थिति अब पहले जैसी नहीं रही। उन्होंने कहा, “वहां सत्ता परिवर्तन हो चुका है और अब हम ज्यादा समझदार लोगों से बात कर रहे हैं।” उन्होंने बताया कि अमेरिका की सैन्य कार्रवाई का मकसद ईरान की ताकत को लंबे समय तक कमजोर करना है। ट्रंप ने कहा, “हम उनकी हर क्षमता को खत्म करना चाहते हैं।”
साथ ही, उन्होंने बातचीत के जरिए समझौते की संभावना भी जताई। उन्होंने कहा, “संभव है कि समझौता हो जाए, क्योंकि वे हमसे ज्यादा समझौता करना चाहते हैं।” हालांकि, ट्रंप ने साफ किया कि समझौता होना अमेरिकी सेना के हटने की शर्त नहीं है। उन्होंने कहा, “ईरान को समझौता करने की जरूरत नहीं है… जब हमें लगेगा कि उन्हें लंबे समय तक बहुत पीछे धकेल दिया गया है, तब हम वहां से हट जाएंगे।”
ट्रंप के मुताबिक, इस संघर्ष ने हालात पूरी तरह बदल दिए हैं। उन्होंने कहा, “हमने उन्हें काफी पीछे धकेल दिया है। उन्हें दोबारा खड़े होने में 15 से 20 साल लगेंगे।” उन्होंने इस कार्रवाई को जरूरी बताते हुए कहा, “हमें यह कदम उठाना पड़ा क्योंकि एक पागल व्यक्ति परमाणु हथियार बनाना चाहता था।”
ट्रंप ने बताया कि अमेरिकी सेना ने ईरान के अहम ठिकानों को निशाना बनाया है। उन्होंने दोहराया कि मुख्य लक्ष्य हासिल हो चुका है और अब बचा हुआ काम जल्दी पूरा कर लिया जाएगा। अब ईरान के पास न नौसेना बची है, न वायुसेना और न ही कोई मजबूत सेना। उन्होंने यह भी कहा कि ईरान की संचार व्यवस्था और हवाई सुरक्षा सिस्टम भी नष्ट हो चुके हैं। ट्रंप के अनुसार, “उनके पास अब न दूरसंचार है और न ही एंटी-एयरक्राफ्ट सिस्टम।” उन्होंने इसे अमेरिका की निर्णायक जीत बताया। ट्रंप ने कहा, “वे हार रहे हैं, खुद मान रहे हैं कि हार रहे हैं और समझौते के लिए गुहार लगा रहे हैं।”
अंत में उन्होंने कहा कि ईरान की रक्षा प्रणाली इतनी कमजोर हो चुकी है कि अब अमेरिकी विमान पूरी तरह से आसमान पर नियंत्रण बनाए हुए हैं। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि ईरान की रक्षा क्षमताओं को इस हद तक बेअसर कर दिया गया है कि अमेरिकी विमान अब पूरी आज़ादी से उड़ान भर रहे हैं।



 

अमेरिका-भारत संबंधों को लेकर ट्रंप गंभीर: अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर

01-Apr-2026
नई दिल्ली।  ( शोर संदेश ) भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने कहा है कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अमेरिका और भारत के संबंधों को लेकर बेहद गंभीर हैं और इन्हें मजबूत बनाने में व्यक्तिगत रुचि रखते हैं।
सर्जियो गोर ने बताया कि उन्होंने हाल ही में व्हाइट हाउस में डोनाल्ड ट्रंप से मुलाकात की। अमेरिका की संक्षिप्त यात्रा के दौरान हुई इस बैठक की जानकारी उन्होंने सार्वजनिक संदेश के जरिए साझा की। उन्होंने कहा कि अमेरिका पहुंचते ही उनका पहला पड़ाव व्हाइट हाउस रहा, जहां उन्होंने राष्ट्रपति से मुलाकात की।
राजदूत द्वारा साझा तस्वीर के अनुसार, मार्को रुबियो भी ओवल ऑफिस में हुई इस बैठक में मौजूद थे। हालांकि, बैठक में किन मुद्दों पर चर्चा हुई, इसका विस्तृत विवरण साझा नहीं किया गया है और व्हाइट हाउस की ओर से भी कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं हुआ है।
गोर की यह टिप्पणी ऐसे समय आई है, जब अमेरिका पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव सहित कई वैश्विक चुनौतियों का सामना कर रहा है। इसके बावजूद वाशिंगटन अपनी प्रमुख रणनीतिक साझेदारियों, खासकर भारत के साथ संबंधों को प्राथमिकता दे रहा है।
ट्रंप द्वारा भारत-अमेरिका संबंधों में दिखाई गई व्यक्तिगत रुचि को नीति निर्माताओं और विश्लेषकों द्वारा महत्वपूर्ण संकेत के रूप में देखा जा रहा है। यह बयान दोनों देशों के बीच बढ़ते सहयोग और साझेदारी को और मजबूती देने का संकेत माना जा रहा है।
पिछले 10 महीनों में भारत-अमेरिका संबंधों में कुछ उतार-चढ़ाव देखने को मिले हैं, लेकिन सर्जियो गोर ने शीर्ष अमेरिकी राजनयिक के रूप में दोनों देशों के रिश्तों को मजबूत और पुनर्जीवित करने के लिए सक्रिय भूमिका निभाई है।
संयुक्त राज्य अमेरिका भारत को हिंद-प्रशांत क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण साझेदार के रूप में देखता है। दोनों देशों के बीच समुद्री सुरक्षा, आपूर्ति शृंखलाओं और उन्नत प्रौद्योगिकी जैसे क्षेत्रों में सहयोग लगातार बढ़ रहा है।
दोनों देश रणनीतिक साझेदारी को आगे बढ़ाने के साथ-साथ व्यापार और नियामक मुद्दों पर मौजूद मतभेदों को सुलझाने के लिए भी प्रयासरत हैं, जिससे द्विपक्षीय संबंधों में संतुलन और मजबूती बनी रहे।

गांदरबल में चल रही मुठभेड़ में सेना ने एक आतंकवादी को मार गिराया

01-Apr-2026
नई दिल्ली।  ( शोर संदेश ) जम्मू-कश्मीर के गांदरबल जिले में सेना ने मुठभेड़ के दौरान एक आतंकवादी को मार गिराया है। सेना की ओर से जारी बयान में बताया गया है कि 31 मार्च 2026 की रात को रुक-रुक कर हो रही गोलीबारी के बीच घेराबंदी को रणनीतिक रूप से पुनर्गठित किया गया। इसके बाद सेना ने सुनियोजित जवाबी कार्रवाई करते हुए प्रभावी ढंग से एक आतंकवादी को मार गिराया है। ऑपरेशन अभी जारी है। 
भारतीय सेना की चिनार कोर के अनुसार, मंगलवार की शाम को विशिष्ट खुफिया जानकारी के आधार पर भारतीय सेना और जम्मू-कश्मीर पुलिस ने गांदरबल के जनरल अरहामा क्षेत्र में संयुक्त तलाशी अभियान शुरू किया। तलाशी के दौरान सतर्क सैनिकों ने संदिग्ध गतिविधि देखी। चुनौती मिलने पर आतंकवादियों ने गोलीबारी शुरू कर दी और भारतीय सैनिकों ने जवाबी कार्रवाई की। रातभर चले मुठभेड़ में एक आतंकवादी मारा गया है।
सूत्रों के मुताबिक, सेना ने आतंकवादियों के भागने के सभी रास्ते सील कर दिए हैं। माना जा रहा है कि गांव में दो आतंकवादी छिपे हुए थे। उत्तरी कश्मीर का गांदरबल जिला अब तक आतंकवादियों की मौजूदगी से मुक्त माना जाता रहा है और यह मुठभेड़ सुरक्षाबलों के लिए चिंता का विषय है।
20 अक्टूबर 2024 को आतंकवादियों ने गांदरबल के गगनगीर इलाके में सोनमर्ग जेड-मोरह सुरंग निर्माण स्थल के पास मजदूरों के एक कैंप पर हमला किया था। उस आतंकी हमले में छह गैर-स्थानीय मजदूर और एक स्थानीय डॉक्टर मारे गए थे, जबकि कई अन्य घायल हो गए थे। इस हमले में अहम जेड-मोरह टनल प्रोजेक्ट पर काम कर रहे कर्मचारियों को निशाना बनाया गया था। यह हमला शाम के समय गांदरबल जिले के गागनगीर इलाके में हुआ था, जहां मजदूर अपने कैंप में लौट आए थे।
इसी तरह, 22 अप्रैल 2025 को आतंकवादियों ने पहलगाम के बैसरन घास के मैदान में 25 नागरिकों की हत्या कर दी, जिनमें 24 पर्यटक और एक स्थानीय टट्टू मालिक शामिल थे। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) और पुलिस ने बाद में सीसीटीवी फुटेज के आधार पर संदिग्धों की तस्वीरें जारी कीं।











 


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