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चीन के गान्सू प्रांत में भूकंप के लगे तेज झटके, 5.6 रही तीव्रता

27-Sep-2025
नई दिल्ली। ( शोर संदेश )  चीन के उत्तर-पश्चिम हिस्से गान्सू प्रांत में शनिवार सुबह भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए। चीन भूकंप नेटवर्क केंद्र (सीईएनसी) के अनुसार, सुबह 5:49 बजे आए भूकंप की तीव्रता 5.6 मापी गई। भूकंप का केंद्र 34.91 डिग्री उत्तरी अक्षांश और 104.58 डिग्री पूर्वी देशांतर पर था। सीईएनसी के अनुसार, भूकंप 10 किलोमीटर की गहराई में आया।
यह भूकंप डिंग्सी शहर के लोंग्सी काउंटी, झांग्शिएन काउंटी, वेयुआन काउंटी और लिंताओ काउंटी तथा तियानशुई शहर के वुशान काउंटी में महसूस किया गया। स्थानीय सरकार के अनुसार, किसी के हताहत होने की खबर नहीं है। स्थानीय लोगों ने बताया कि लोंग्सी के ग्रामीण इलाके में कुछ घर क्षतिग्रस्त हुए हैं।
स्थानीय अग्निशमन और बचाव अधिकारियों ने प्रभावित इलाकों में बचाव दल और वाहन भेजे हैं। नुकसान की जानकारी अभी जुटाई जा रही है। भूकंप के बाद, चीन प्रशासन ने लेवल-III इमरजेंसी सेवा शुरू की और स्थिति पर कड़ी निगरानी और आकलन तथा समय-समय पर अपडेट देने को कहा। शिन्हुआ समाचार एजेंसी के अनुसार, राज्य परिषद के भूकंप राहत मुख्यालय और आपातकालीन प्रबंधन मंत्रालय ने भी भूकंप के लिए लेवल-IV इमरजेंसी रिस्पॉन्स शुरू किया और स्थानीय राहत कार्यों में मदद के लिए एक टीम भूकंप प्रभावित इलाकों में भेजी।
आपातकालीन प्रबंधन मंत्रालय के अनुसार, चीन की राष्ट्रीय अग्निशमन और बचाव टीमों के बचावकर्मी भूकंप के केंद्र पर पहुंच गए हैं। साथ ही, स्थानीय अग्निशमन और बचाव दल के 200 बचावकर्मी और 28 वाहन, और विशेष बचाव टीमों के 26 सदस्य 7 वाहनों के साथ घटनास्थल की ओर रवाना हो गए हैं।
जून में दक्षिण-पश्चिम चीन के युन्नान प्रांत के डाली में बाई स्वायत्त प्रान्त के एरयुआन काउंटी में 5.0 तीव्रता का भूकंप आया था। भूकंप का केंद्र 26.26 डिग्री उत्तरी अक्षांश और 100.03 डिग्री पूर्वी देशांतर पर था। सीईएनसी की रिपोर्ट के अनुसार, भूकंप 10 किलोमीटर की गहराई में आया था। यह भूकंप एरयुआन काउंटी, डाली शहर और हेकिंग काउंटी में महसूस किया गया, जिससे कुछ लोग जाग गए।







 

ज्योतिरादित्य सिंधिया का दावा: 4जी नेटवर्क और बीएसएनएल टावर से डिजिटल इंडिया को नई ताकत

27-Sep-2025
नई दिल्ली।( शोर संदेश )  केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने शनिवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश भर में डिजिटल कनेक्टिविटी को मजबूत करने की दिशा में भारत के पूरी तरह स्वदेशी 4जी स्टैक और 97,500 से अधिक स्वदेशी बीएसएनएल टावरों का उद्घाटन करने जा रहे हैं।
इस पहल से पूरे देश में 100 प्रतिशत 4G कवरेज सुनिश्चित होगा, जिससे हर नागरिक की डिजिटल कनेक्टिविटी मजबूत होगी
केंद्रीय मंत्री सिंधिया ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि इस पहल से पूरे देश में 100 प्रतिशत 4G कवरेज सुनिश्चित होगा, जिससे हर नागरिक की डिजिटल कनेक्टिविटी मजबूत होगी। केंद्रीय मंत्री सिंधिया ने कहा, “भारत के दूरसंचार क्षेत्र के लिए एक ऐतिहासिक अवसर और बीएसएनएल के 25 शानदार वर्षों के जश्न के अवसर पर, पीएम मोदी ओडिशा, आंध्र प्रदेश, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, राजस्थान, असम, गुजरात और बिहार में भारत के पूरी तरह स्वदेशी 4जी स्टैक और 97,500 से अधिक स्वदेशी बीएसएनएल टावरों का उद्घाटन करेंगे।”
ये पहल आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक बड़ी छलांग हैं, जो भारत को टेलीकम्युनिकेशन के सेक्टर में एक ग्लोबल लीडर के रूप में स्थापित करती हैं
उन्होंने कहा कि ये पहल आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक बड़ी छलांग हैं, जो भारत को टेलीकम्युनिकेशन के सेक्टर में एक ग्लोबल लीडर के रूप में स्थापित करती हैं। केंद्रीय मंत्री ने एक वीडियो शेयर कर कहा, “भारत को जोड़ने के 25 वर्ष, स्वदेशी ताकत पर आधारित भविष्य। बीएसएनएल अपनी सिल्वर जुबली ‘मेड इन भारत’ 4जी क्रांति के साथ मना रहा है।”
केंद्रीय मंत्री सिंधिया के एक लेख को रिपोस्ट करते हुए ‘पीएमओ इंडिया’ ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि बीएसएनएल का 4जी स्टैक स्वदेशी भावना का प्रतीक है। पीएमओ ने पोस्ट में कहा, “92,000 से अधिक साइटों के साथ 22 मिलियन भारतीयों को जोड़कर, यह भारत की आत्मनिर्भरता की यात्रा को दर्शाता है, जो रोजगार, निर्यात, आर्थिक पुनरुद्धार को बढ़ावा देता है और आत्मनिर्भर भारत के दृष्टिकोण को आगे बढ़ाता है।”
सिंधिया के अनुसार, पीएम मोदी के आत्मनिर्भर भारत संकल्प के तहत भारत ने 22 महीनों में स्वदेशी 4G स्टैक विकसित किया
शिलान्यास और उद्घाटन करने वाले हैं। इन परियोजनाओं में दूरसंचार, रेलवे, उच्च शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा, कौशल विकास और ग्रामीण आवास जैसे प्रमुख क्षेत्र शामिल हैं। इस अवसर पर मोदी एक जनसभा को भी संबोधित करेंगे।केंद्रीय मंत्री सिंधिया ने आगे कहा कि यह प्रधानमंत्री मोदी के आत्मनिर्भर भारत संकल्प का ही परिणाम है कि आज, भारत ने सिर्फ 22 महीनों में एक स्वदेशी 4G स्टैक विकसित किया है।
उन्होंने कहा, “बीएसएनएल का यह स्वदेशी स्टैक दर्शाता है कि भारत अब न केवल सेवाएं देने में सक्षम है बल्कि टेक्नोलॉजी भी विकसित कर सकता है और ग्लोबल टेलीकॉम लीडर बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।” केंद्रीय मंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री डिजिटल इंडिया फंड के तहत भारत के 100 प्रतिशत 4जी नेटवर्क का भी शुभारंभ करेंगे। एक मिशन मोड प्रोजेक्ट के तहत लगभग 29,000 से 30,000 गांवों को इससे जोड़ा जाएगा।

भारत ग्लोबल टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग हब बनने की दिशा में बढ़ रहा आगे : पीएम मोदी

27-Sep-2025
नई दिल्ली। शोर संदेश प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को ओडिशा के झारसुगुड़ा से भारत के पूरी तरह स्वदेशी 4जी स्टैक और 97,500 से अधिक बीएसएनएल टावरों के उद्घाटन के अवसर पर कहा कि ये टावर देश के दूर-दराज के क्षेत्रों में कनेक्टिविटी की नई क्रांति लाने जा रहे हैं। 4जी तकनीक के विस्तार से देश भर में 2 करोड़ से ज्यादा लोगों को सीधा लाभ मिलेगा। 
भारत की कंपनियों ने देश को दुनिया के उन पांच देशों की सूची में ला खड़ा किया है, जिनके पास 4जी सर्विसेज शुरू करने की पूरी तरह स्वदेशी टेक्नोलॉजी उपलब्ध है
पीएम मोदी ने कहा, “भारत की कंपनियों ने देश को दुनिया के उन पांच देशों की सूची में ला खड़ा किया है, जिनके पास 4जी सर्विसेज शुरू करने की पूरी तरह स्वदेशी टेक्नोलॉजी उपलब्ध है। बीएसएनएल अपनी स्थापना का 25वां वर्ष मना रहा है। बीएसएनएल और उसके सहयोगियों की मेहनत से आज भारत ग्लोबल टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग हब बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।”
उन्होंने इस टेक्नोलॉजी की जरूरत पर जोर देते हुए कहा कि आज देश ने आत्मनिर्भरता की ओर बहुत बड़ा कदम उठाया है। जब टेलीकॉम की दुनिया में 2जी, 3जी और 4जी जैसी सेवाएं शुरू हुईं तो उनमें भारत बहुत पीछे रह गया था। 2जी, 3जी और 4जी जैसी सर्विसेज की टेक्नोलॉजी के लिए भारत विदेशों पर निर्भर रहा। ऐसी स्थिति देश के लिए ठीक नहीं थी। इसलिए देश ने संकल्प लिया कि टेलीकॉम सेक्टर की यह जरूरी टेक्नोलॉजी देश में ही विकसित हो।
हमारे लिए गौरव की बात है कि बीएसएनएल ने अपने ही देश में पूरी तरह स्वदेशी 4जी टेक्नोलॉजी विकसित कर ली है
उन्होंने कहा, “हमारे लिए गौरव की बात है कि बीएसएनएल ने अपने ही देश में पूरी तरह स्वदेशी 4जी टेक्नोलॉजी विकसित कर ली है। अपनी मेहनत, लगन, कुशलता से बीएसएनएल ने नया इतिहास रच दिया है। मैं इस काम में जुड़े देश के नौजवानों को बहुत-बहुत बधाई देता हूं।”
पीएम मोदी ने कहा कि यह ओडिशा के लिए भी गर्व की बात है कि आज झारसुगुड़ा से बीएसएनएल के स्वदेशी 4जी नेटवर्क का शुभारंभ हो रहा है
पीएम मोदी ने कहा कि यह ओडिशा के लिए भी गर्व की बात है कि आज झारसुगुड़ा से बीएसएनएल के स्वदेशी 4जी नेटवर्क का शुभारंभ हो रहा है। जिसमें करीब 1 लाख 4 जी टावर हैं। उन्होंने आगे कहा, “करीब 30 हजार ऐसे गांव जहां हाई-स्पीड इंटरनेट सुविधा नहीं थी, वहां भी अब यह सुविधा मिलने जा रही है। बीएसएनएल की स्वदेशी 4जी सर्विसेज का सबसे अधिक फायदा आदिवासी क्षेत्रों, दूर दराज के गांवों और पहाड़ी क्षेत्रों को होगा। अब वहां के लोगों को भी बेहतरीन डिजिटल सेवाएं मिल जाएंगी।”
बीएसएनएल के टावर भी बहुत आसानी से 5जी सर्विसेज के लिए भी तैयार हो जाएंगे
पीएम मोदी ने देश की जनता को आश्वासन देते हुए कहा कि भारत पहले ही सबसे तेज 5जी सर्विसेज को रोलआउट कर चुका है। बीएसएनएल के टावर भी बहुत आसानी से 5जी सर्विसेज के लिए भी तैयार हो जाएंगे।
 

वर्ल्ड फूड इंडिया 2025 : पीएम मोदी और रूस के डिप्टी पीएम पेत्रुशेव की अहम बैठक

26-Sep-2025
नई दिल्ली। शोर संदेश ) रूस के उप प्रधानमंत्री दिमित्री पेत्रुशेव ने गुरुवार को भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। यह बैठक 'वर्ल्ड फूड इंडिया 2025' के अवसर पर आयोजित की गई, जिसमें दोनों नेताओं ने कृषि, उर्वरक, खाद्य प्रसंस्करण और अन्य महत्वपूर्ण क्षेत्रों में सहयोग को बढ़ाने को लेकर विचार-विमर्श किया।
प्रधानमंत्री मोदी ने इस अवसर पर रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के प्रति शुभकामनाएं व्यक्त कीं और कहा कि वे उन्हें जल्द ही भारत में होने वाले 23वें भारत-रूस वार्षिक शिखर सम्मेलन के लिए भारत में स्वागत करने को लेकर उत्सुक हैं।
प्रधानमंत्री मोदी ने आधिकारिक 'एक्स' पोस्ट में इस बैठक की जानकारी देते हुए लिखा, वर्ल्ड फूड इंडिया 2025 के अवसर पर रूस के उपप्रधानमंत्री दिमित्री पत्रुशेव से मिलकर प्रसन्नता हुई। हमने कृषि, उर्वरक और खाद्य प्रसंस्करण में हमारे विन-विन सहयोग को मजबूत करने के तरीकों पर चर्चा की।
भारत और रूस के बीच लंबे समय से रणनीतिक और आर्थिक संबंधों की मजबूत नींव रही है। हालिया वर्षों में दोनों देशों ने रक्षा, ऊर्जा, व्यापार और विज्ञान के साथ-साथ कृषि और खाद्य प्रसंस्करण में भी सहयोग बढ़ाने की दिशा में कई महत्वपूर्ण पहल की हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि रूस के डिप्टी पीएम की यह यात्रा और प्रधानमंत्री से उनकी मुलाकात दोनों देशों के बीच खाद्य सुरक्षा, कृषि तकनीक और सप्लाई चेन के क्षेत्र में मजबूत साझेदारी की ओर एक और बड़ा कदम है।
बता दें कि दिल्ली में गुरुवार की शाम 'वर्ल्ड फूड इंडिया 2025' कार्यक्रम का आयोजन हुआ, जिसका उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया। यह भारत को 'वैश्विक खाद्य केंद्र' के रूप में स्थापित करने के लिए एक प्रमुख अंतर्राष्ट्रीय कार्यक्रम है।
इस दौरान पीएम मोदी ने कहा, बीते 10 साल में भारत की प्रोसेसिंग कैपेसिटी में 20 गुना वृद्धि हुई है। फूड सप्लाई और वैल्यू चेन में हमारे किसानों, पशुपालकों और मछुआरों और छोटी-छोटी प्रोसेसिंग यूनिट्स की बहुत बड़ी भूमिका है। भारत में 85 प्रतिशत से अधिक स्मॉल और मार्जिनल फार्मर्स हैं। इसलिए हमने ऐसी पॉलिसी बनाई और ऐसा सपोर्ट सिस्टम डेवलप किया कि आज छोटे किसान की मार्केट बड़ी ताकत बन रही है।
 

जनरल अनिल चौहान रहेंगे 2026 तक भारत के चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ

25-Sep-2025
नई दिल्ली। ( शोर संदेश ) केंद्र सरकार ने बुधवार को चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) और सैन्य मामलों के विभाग के सचिव के रूप में जनरल अनिल चौहान का कार्यकाल 30 मई, 2026 तक बढ़ा दिया। गौरतलब है कि अपने पूर्ववर्ती जनरल बिपिन रावत के हेलीकॉप्टर दुर्घटना में आकस्मिक निधन के बाद, वे 28 सितंबर, 2022 को सीडीएस बने थे।
उन्हें सीडीएस के रूप में सेवा देने के लिए सेवानिवृत्ति से वापस बुलाया गया था, और वे पहले तीन स्टार नियुक्त अधिकारी हैं, यह भूमिका पारंपरिक रूप से चार स्टार अधिकारी को दी जाती है। उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल जिले के रहने वाले जनरल चौहान इसी वर्ष 58वें पाठ्यक्रम के भाग के रूप में राष्ट्रीय रक्षा अकादमी, खड़कवासला (एनडीए) में शामिल हुए।
इसके बाद, वे 1980 में 68वें कोर्स के तहत भारतीय सैन्य अकादमी, देहरादून (आईएमए) में शामिल हुए। वे डिफेंस सर्विसेज स्टाफ कॉलेज, वेलिंगटन से भी स्नातक हैं। जनरल चौहान 1981 में भारतीय सेना में कमीशन प्राप्त हुए थे और उनका एक विशिष्ट और शानदार करियर रहा है, जिसमें उन्होंने प्रमुख कमांड और स्टाफ नियुक्तियां की हैं।
अपने शानदार करियर में, उन्होंने जम्मू-कश्मीर और पूर्वोत्तर में व्यापक रूप से काम किया है। इसके अलावा, जनवरी 2018 में, उन्हें सैन्य अभियान महानिदेशक (डीजीएमओ) नियुक्त किया गया, जिस दौरान उन्होंने पाकिस्तान के खिलाफ 2019 के बालाकोट हवाई हमले के क्रियान्वयन की निगरानी की।
जनरल चौहान को भारतीय सेना के प्रति उनकी अनुकरणीय सेवाओं के लिए परम विशिष्ट सेवा पदक, उत्तम युद्ध सेवा पदक, अति विशिष्ट सेवा पदक, सेना पदक और विशिष्ट सेवा पदक से सम्मानित किया गया।
 

पीएम मोदी ने ग्रेटर नोएडा में इंटरनेशनल ट्रेड शो का उद्घाटन किया

25-Sep-2025
ग्रेटर नोएडा । ( शोर संदेश ) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा में आयोजित ‘इंटरनेशनल ट्रेड शो’ का उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने देश-विदेश के निवेशकों से उत्तर प्रदेश में निवेश करने का आह्वान करते हुए कहा कि राज्य में विकास की अपार संभावनाएं हैं और यह निवेश के लिए एक उभरता हुआ केंद्र बन चुका है।
उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश पूरे देश में सबसे ज्यादा एक्सप्रेसवे वाला राज्य बन चुका है। यह सबसे ज्यादा इंटरनेशनल एयरपोर्ट वाला राज्य है। हैरिटेज टूरिज्म में उत्तर प्रदेश नंबर वन है और नमामि गंगे जैसे अभियानों ने उत्तर प्रदेश को क्रूज टूरिज्म के लिए उसके मैप पर लाकर अपना स्थान बनाया है।
उन्होंने उत्तर प्रदेश की 'वन डिस्ट्रिक्ट-वन प्रोडक्ट' योजना की सराहना की। पीएम मोदी ने कहा, इसने राज्य के कई जिलों के उत्पादों को वैश्विक बाजार तक पहुंचाया है। मैन्युफैक्चरिंग के क्षेत्र में भी उत्तर प्रदेश रिकॉर्ड बना रहा है।
पीएम ने बताया कि आज पूरे भारत में जितने मोबाइल फोन बनते हैं, उसमें से 55 प्रतिशत मोबाइल उत्तर प्रदेश में बनते हैं। इसके साथ ही, यूपी अब सेमीकंडक्टर सेक्टर में भी भारत की आत्मनिर्भरता को मजबूती देगा। उन्होंने जानकारी दी कि यहां से कुछ किलोमीटर दूर ही एक बड़ी सेमीकंडक्टर फैसिलिटी पर काम शुरू होने वाला है।
रक्षा क्षेत्र में उत्तर प्रदेश की भूमिका पर जोर देते हुए पीएम मोदी ने कहा, हमारी सेनाएं स्वदेशी उपकरण चाहती हैं। दूसरों पर निर्भरता को कम करना चाहती हैं। इसलिए भारत में ही हम बायब्रेंट डिफेंस सेक्टर डेवलप कर रहे हैं। पुर्जा-पुर्जा पर मेड इन इंडिया की छाप हो, ऐसा इकोसिस्टम बना रहे हैं। उत्तर प्रदेश इसमें बड़ी भूमिका निभा रहा है। बहुत जल्द रूस के सहयोग से बनी फैक्ट्री से एके 203 राइफल का उत्पादन शुरू होने वाला है। यूपी में डिफेंस कॉरिडोर का निर्माण हो रहा है, जहां ब्रह्मोस मिसाइल समेत अनेक अस्त्र-शस्त्र का निर्माण शुरू हो चुका है।
प्रधानमंत्री ने निवेशकों से अपील की कि वे उत्तर प्रदेश में मैन्युफैक्चरिंग के लिए निवेश करें। उन्होंने कहा, मैं सभी से आह्वान करता हूं कि उत्तर प्रदेश में निवेश करें। राज्य में मैन्युफैक्चरिंग करें। यहां लाखों एमएसएमई का मजबूत नेटवर्क है। यह लगातार बढ़ रहा है। इनके सामर्थ का इस्तेमाल करके एक कंप्लीट प्रोडक्ट यहीं पर बनाएं। इसके लिए राज्य और केंद्र सरकार आपके साथ है।
 

वर्ल्ड फूड इंडिया 2025 : 90 देशों की भागीदारी के साथ भारत बनेगा वैश्विक फूड हब

24-Sep-2025
नई दिल्ली (शोर संदेश)। भारत जल्द ही दुनिया को खाद्य प्रसंस्करण के क्षेत्र में अपनी ताकत दिखाने जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आगामी 25 सितंबर को शाम 6 बजे दिल्ली स्थित भारत मंडपम में वर्ल्ड फूड इंडिया (WFI) 2025 के चौथे संस्करण का शुभारंभ करेंगे। खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय द्वारा आयोजित यह कार्यक्रम 25 से 28 सितंबर तक चलेगा। इसे अब तक का सबसे बड़ा आयोजन माना जा रहा है, जिसमें 90 से अधिक देश और 2,000 से ज्यादा प्रदर्शक भाग लेंगे। इस बार न्यूजीलैंड और सऊदी अरब पार्टनर देश होंगे, जबकि जापान, यूएई, वियतनाम और रूस फोकस देशों के रूप में शामिल होंगे।

गौरतलब है कि भारत खाद्य उत्पादन में दुनिया के अग्रणी देशों में है। यह दुनिया का सबसे बड़ा दूध, प्याज और दालों का उत्पादक देश है। चावल, गेहूं, गन्ना, चाय, फल-सब्जियां और अंडों के उत्पादन में भारत दूसरा सबसे बड़ा देश है। पिछले 10 वर्षों में खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में 7.33 बिलियन अमेरिकी डॉलर का प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) आया है। वर्ष 2024-25 में कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य का निर्यात 49.4 बिलियन डॉलर तक पहुंचा। इसमें से 20.4% हिस्सा केवल प्रसंस्कृत खाद्य का रहा, जो 2014-15 के 13.7% से कहीं अधिक है। इस क्षेत्र में लगभग 2.23 मिलियन श्रमिक पंजीकृत इकाइयों में और 4.68 मिलियन श्रमिक अपंजीकृत इकाइयों में काम कर रहे हैं।

सरकार इस क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए लगातार काम कर रही है। पंजीकृत खाद्य व्यवसाय संचालकों की संख्या 25 लाख से बढ़कर 64 लाख हो चुकी है। अब तक 24 मेगा फूड पार्क, 22 एग्रो प्रोसेसिंग क्लस्टर, 289 कोल्ड चेन प्रोजेक्ट और 305 प्रसंस्करण व संरक्षण इकाइयां पूरी की जा चुकी हैं। ऑपरेशन ग्रीन्स के तहत 10 परियोजनाओं से किसानों को सीधा लाभ मिला है। साथ ही, 225 शोध परियोजनाओं से 20 पेटेंट और 52 नई तकनीकें सामने आई हैं।

इसके अलावा प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव स्कीम (PLISFPI) 10,900 करोड़ रुपये की राशि से 2021-22 से 2026-27 तक लागू की गई है, जिसका उद्देश्य भारतीय ब्रांड्स को वैश्विक बाजार में मजबूत करना है। इसके अलावा मिलेट आधारित उत्पादों के लिए PLI स्कीम भी शुरू की गई है, जिससे रेडी-टू-ईट और रेडी-टू-कुक उत्पादों को बढ़ावा मिलेगा। सरकार 100% एफडीआई, 2,000 करोड़ रुपये का NABARD फंड, प्रधानमंत्री किसान संपदा योजना (PMKSY) और पीएम फॉर्मलाइजेशन ऑफ माइक्रो फूड प्रोसेसिंग एंटरप्राइजेज (PMFME) जैसी योजनाओं के जरिए इस क्षेत्र में निवेश और बुनियादी ढांचे को मजबूत कर रही है।
वर्ल्ड फूड इंडिया 2025 की खास बातें
इस आयोजन में उच्च स्तरीय ज्ञान सत्र, पैनल चर्चा, बी2बी और बी2जी मीटिंग्स, स्टार्टअप ग्रैंड चैलेंज, डिजिटल शोकेस और ‘ग्रेट इंडियन फूड स्ट्रीट’ जैसे आकर्षण होंगे। इसके साथ ही दो बड़े अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम भी आयोजित होंगे जिनमें-3rd ग्लोबल फूड रेगुलेटर्स समिट (FSSAI द्वारा) और 24th इंडिया इंटरनेशनल सीफूड शो (SEAI द्वारा) शामिल हैं।
वर्ल्ड फूड इंडिया 2024 की उपलब्धियां
पिछले साल के आयोजन में 1,557 प्रदर्शक, 20 देश पवेलियन और 2,390 विदेशी प्रतिनिधि शामिल हुए। इसमें 67 फूड प्रोसेसिंग यूनिट्स 5,135 करोड़ रुपये के निवेश से शुरू की गईं। PMFME योजना के तहत 25,000 लाभार्थियों को 2,351 करोड़ रुपये की सहायता दी गई और 70,000 स्वयं सहायता समूह के सदस्यों को 245 करोड़ रुपये की सीड कैपिटल प्रदान की गई।
गौरतलब है कि वर्ल्ड फूड इंडिया 2025 केवल एक प्रदर्शनी नहीं है। यह भारत और दुनिया के बीच खाद्य क्षेत्र में साझेदारी का बड़ा मंच है। इस आयोजन के जरिए तकनीक, निवेश और नवाचार को जोड़ा जाएगा। इससे किसानों की आय बढ़ेगी, रोजगार के अवसर मिलेंगे और भारत दुनिया का ग्लोबल फूड हब बनने की दिशा में और मजबूत कदम बढ़ाएगा। वैश्विक खाद्य सुरक्षा और सतत विकास में भारत की भूमिका भी और महत्वपूर्ण होगी।

वंदे भारत स्लीपर ट्रेन जल्द की जाएगी शुरू, रेल मंत्री ने की घोषणा

24-Sep-2025
नई दिल्ली (शोर संदेश)। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा है कि जल्द ही वंदे भारत स्लीपर ट्रेनें शुरू की जाएंगी। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने नई दिल्ली में बताया कि दो वंदे भारत स्लीपर ट्रेनें जल्द शुरू होंगी। पहली ट्रेन ने सभी परीक्षण पास कर लिए हैं, जबकि दूसरी अगले महीने के मध्य तक तैयार होगी। दोनों ट्रेनें रात भर की यात्रा के लिए एक साथ शुरू की जाएंगी।
16 कोच, 180 किमी/घंटा की रफ्तार
BEML द्वारा इंटीग्रल कोच फैक्ट्री तकनीक से निर्मित इन ट्रेनों में 16 कोच होंगे, जिनमें एसी फर्स्ट क्लास, एसी 2-टियर और एसी 3-टियर शामिल हैं। ये 1,128 यात्रियों को ले जा सकेंगी और 180 किमी/प्रति घंटा की गति के साथ देश की सबसे तेज रात भर चलने वाली ट्रेनें होंगी।
त्योहारों के लिए 12,000 विशेष ट्रेनें
महज इतना ही नहीं, रेल मंत्री ने दिवाली और छठ के दौरान 1 अक्टूबर से 15 नवंबर तक 12,000 विशेष ट्रेनें चलाने की भी घोषणा की। इनमें 10,000 ट्रेनें अधिसूचित और 150 पूरी तरह अनारक्षित ट्रेनें तेज रफ्तार सेवाओं के लिए तैयार होंगी।
पंजाब में नई रेल लाइन
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव और रेल राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने पंजाब में रेलवे परियोजनाओं के बारे में भी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि 18 किमी लंबी राजपुरा-मोहाली लाइन अंबाला-अमृतसर मुख्य लाइन के सबसे छोटे मार्ग के जरिए क्षेत्र को चंडीगढ़ से जोड़ेगी। 

पीएम मोदी ने संकट को आत्मविश्वास में बदला, भारत को ‘फ्रैजाइल फाइव’ से दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनाया: उपराष्ट्रपति

24-Sep-2025
नई दिल्ली (शोर संदेश)। उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन ने हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दो नई पुस्तकों का विमोचन किया, जिसमें उनकी चयनित स्पीचों को संकलित किया गया है। इसमें उन्होंने कहा कि पीएम मोदी ने संकट को आत्मविश्वास में बदला और भारत को ‘फ्रैजाइल फाइव’ से दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनाया।  
‘राष्ट्र पहले’ की राजनीति का उदाहरण
उपराष्ट्रपति ने पीएम मोदी को ‘जनता का नेता’ बताते हुए कहा कि उनकी राजनीति ‘राष्ट्र पहले’ पर केंद्रित है। इन किताबों में पीएम मोदी के दूसरे कार्यकाल के चौथे और पांचवें साल की 150 से अधिक स्पीच और ‘मन की बात’ के संबोधन शामिल हैं, जो आत्मनिर्भर भारत, स्टार्टअप इंडिया, काशी तमिल संगमम, जनजातीय गौरव दिवस और राजपथ से कर्तव्य पथ में नाम परिवर्तन जैसे विषयों पर प्रकाश डालते हैं।  
सेवा और स्वावलंबन का संदेश
उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन ने कहा कि पीएम मोदी की राजनीति सेवा पर आधारित है, न कि जीविका पर। उन्होंने कहा कि जनता की सामूहिक क्षमता में प्रधानमंत्री के अटूट विश्वास ने स्वच्छ भारत अभियान को जनभागीदारी के एक जन आंदोलन में बदल दिया और नागरिकों में “स्वच्छता ही सेवा है” की भावना का संचार किया। उन्होंने आगे कहा कि इसी विश्वास ने प्रधानमंत्री को कोविड संकट के दौरान भारत को आत्मनिर्भरता के पथ पर दृढ़ता से आगे बढ़ाने का साहस दिया। उपराष्ट्रपति ने कहा कि प्रधानमंत्री के लिए कोई भी लक्ष्य कभी बहुत दूर या बहुत कठिन नहीं होता, क्योंकि वे निरंतर 140 करोड़ भारतीयों की शक्ति से ताकत प्राप्त करते रहते हैं। यह किताबें 140 करोड़ भारतीयों के संकल्प, अनुशासन और विश्वास को दर्शाती हैं। 

पीएमएवाई-जी योजना के तहत अब तक 2.82 करोड़ घर हुए पूरे: केंद्र सरकार

24-Sep-2025
नई दिल्ली (शोर संदेश)। प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के तहत आवंटित 4.12 करोड़ घरों में से (4 अगस्त तक) कुल 2.82 करोड़ घर पूरे हो चुके हैं। यह जानकारी सरकार की ओर से बुधवार को एक आधिकारिक दस्तावेज में दी गई। प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (पीएमएवाई-जी) के तहत, सरकार ने शुरुआत में वित्त वर्ष 2016-17 से वित्त वर्ष 2023-24 तक 2.95 करोड़ घरों का लक्ष्य रखा था।
केंद्र ने ग्रामीण आवास योजना का 4.95 करोड़ घर तक विस्तार अगले पांच वर्षों के लिए मंजूर किया
ग्रामीण आवास की निरंतर मांग को देखते हुए, केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 2 करोड़ घरों के अतिरिक्त लक्ष्य के साथ इस योजना को अगले पांच वर्षों (वित्त वर्ष 2024-25 से वित्त वर्ष 2028-29) के लिए जारी रखने को मंजूरी दे दी, जिससे कुल लक्ष्य 4.95 करोड़ हो गया।
4 अगस्त 2025 तक राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को 4.12 करोड़ घरों का लक्ष्य आवंटित किया गया
आधिकारिक दस्तावेज में कहा गया, “4 अगस्त 2025 तक, मंत्रालय द्वारा राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को कुल 4.12 करोड़ घरों का लक्ष्य आवंटित किया गया है, जिनमें से 3.85 करोड़ घरों को मंजूरी दी जा चुकी है और 2.82 करोड़ से ज्यादा घरों का निर्माण पूरा हो चुका है।”
वित्त वर्ष 2025-26 के लिए (जुलाई 2025 तक) इस योजना के तहत कुल 32.9 लाख घरों का लक्ष्य रखा गया था
वित्त वर्ष 2025-26 के लिए (जुलाई 2025 तक) इस योजना के तहत कुल 32.9 लाख घरों का लक्ष्य रखा गया था, जिनमें से 25.6 लाख घरों को पहले ही मंजूरी मिल चुकी है। वित्त वर्ष 2024-25 में, घर आवंटन का लक्ष्य 84.37 लाख था, जिसमें से 64.70 लाख घरों को मंजूरी दी गई थी।
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, वित्त वर्ष 2020-21 से 2024-25 तक कुल 216.73 लाख घरों को मंजूरी मिली
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, वित्त वर्ष 2020-21 से वित्त वर्ष 2024-25 तक की चार वर्षों की अवधि में कुल 216.73 लाख घरों को मंजूरी दी गई, जिनमें से 176.47 लाख घर पूरे हो चुके हैं, जो आवास विकास में निरंतर प्रगति को दर्शाता है।
यह योजना पात्र ग्रामीण परिवारों को बुनियादी सुविधाओं से युक्त पक्के घर बनाने के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करती है
यह योजना पात्र ग्रामीण परिवारों को बुनियादी सुविधाओं से युक्त पक्के घर बनाने के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करती है, जिनमें बेघर परिवार और शून्य, एक या दो कमरों वाले कच्चे घरों में रहने वाले लोग शामिल हैं। लाभार्थियों को अन्य सरकारी कार्यक्रमों के साथ समन्वय के माध्यम से पाइप से पेयजल, रसोई गैस, नवीकरणीय ऊर्जा और निर्माण सामग्री भी प्राप्त होती है।
पीएमएवाई-जी ने गरीबी घटाकर, जीवन स्तर और ग्रामीण आवास में उल्लेखनीय सुधार किया
पीएमएवाई-जी ने गरीबी कम करके, जीवन स्तर में सुधार लाकर और सामाजिक एवं आर्थिक विकास को बढ़ावा देकर ग्रामीण आवास में उल्लेखनीय सुधार किया है, जो ग्रामीण आवास अवसंरचना को मजबूत करने में निरंतर प्रगति को दर्शाता है।



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