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ओडिशा दिवस: पीएम मोदी ने कहा- सांस्कृतिक महानता का शाश्वत प्रतीक है ओडिशा

01-Apr-2026
नई दिल्ली।  ( शोर संदेश ) पीएम मोदी ने बुधवार को ओडिशा दिवस के अवसर पर लोगों को शुभकामनाएं दी और कहा कि राज्य संस्कृति व आध्यात्मिक महानता के “शाश्वत प्रतीक” के रूप में गौरवान्वित है।
पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, “उत्कल दिवस के विशेष अवसर पर हार्दिक शुभकामनाएं। ओडिशा एक ऐसा राज्य है जो सांस्कृतिक और आध्यात्मिक महानता के शाश्वत प्रतीक के रूप में गर्व से खड़ा है। ओडिया संगीत, कला और साहित्य ने भारत को अनगिनत तरीकों से समृद्ध किया है। ओडिशा के लोग, जो अपने दृढ़ संकल्प, सादगी और प्रेम के लिए जाने जाते हैं, उन्होंने विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान दिया है। मुझे आशा है कि आने वाले दिनों में ओडिशा प्रगति की नई ऊंचाइयों को छुएगा।”
ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण मांझी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक पोस्ट के माध्यम से राज्य के लोगों को इस शुभ अवसर पर हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा, “भाषा के आधार पर गठित होने वाले पहले राज्य के रूप में ओडिशा ने विश्व मंच पर अपनी विशिष्ट पहचान बनाई। इस अवसर पर मैं उन महान सपूतों को गहरी श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं जिनके बलिदान और दूरदर्शिता ने एक अलग ओडिशा को संभव बनाया।” मुख्यमंत्री ने ओडिया पहचान और संस्कृति की “रक्षा” के प्रति अपनी सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराया।
मांझी ने कहा, “हम हर ओडिया के सपनों और आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए अथक प्रयास करते रहेंगे। हमारा एकमात्र लक्ष्य ओडिशा को देश का अग्रणी राज्य बनाना है। आज के इस पवित्र दिन पर, आइए हम सब एक साथ आएं और एक समृद्ध ओडिशा के निर्माण का दृढ़ संकल्प लें।”
ओडिशा दिवस या उत्कल दिवस प्रतिवर्ष 1 अप्रैल को मनाया जाता है ताकि भाषाई पहचान के आधार पर 1 अप्रैल 1936 को ओडिशा को एक अलग प्रांत के रूप में गठित किए जाने की याद दिलाई जा सके। यह दिन ओडिशा की समृद्ध संस्कृति, विरासत और अलग राज्य के लिए संघर्ष करने वाले नेताओं को सम्मानित करने का दिन है।
 

व्यापार सुगमता में सुधार: CBDT ने FY26 में रिकॉर्ड 219 एडवांस प्राइसिंग एग्रीमेंट किए

01-Apr-2026
नई दिल्ली।  ( शोर संदेश ) इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने मंगलवार को कहा कि केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) ने वित्त वर्ष 2025-26 में 219 एडवांस प्राइसिंग एग्रीमेंट्स (एपीए) साइन किए हैं यह किसी एक वित्त वर्ष में एपीए साइन करने का अब तक का सबसे बड़ा आंकड़ा है। इससे पहले के वित्त वर्ष 2024-25 में सीबीडीटी ने 174 एपीए साइन किए थे। अब तक कुल 1,034 एपीए साइन कर लिए गए हैं।
इनकम टैक्स की ओर से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा गया कि सीबीडीटी ने वित्त वर्ष 2025-26 में रिकॉर्ड 219 एडवांस प्राइसिंग एग्रीमेंट्स पर हस्ताक्षर किए, जो किसी एक वित्त वर्ष में अब तक का सबसे अधिक आंकड़ा है। इसने पिछले वर्ष हस्ताक्षरित 174 एडवांस प्राइसिंग एग्रीमेंट्स के रिकॉर्ड को पार कर लिया है और पहली बार कुल संख्या 1,000 के पार पहुंच गई है।
पोस्ट में आगे बताया गया कि एपीए कार्यक्रम की सफलता ने भारत सरकार के व्यापार करने में आसानी बढ़ाने के मिशन में महत्वपूर्ण योगदान दिया है, विशेष रूप से सीमा पार लेनदेन में जुड़ी बहुराष्ट्रीय उद्यमों के लिए। एपीए कार्यक्रम, सेफ हार्बर नियमों के साथ मिलकर, कर संबंधी निश्चितता प्रदान करता है, विवादों को कम करता है और एक पारदर्शी और विश्वास पैदा करने वाली कर व्यवस्था को मजबूत करता है।
एपीए करदाता (आमतौर पर बहुराष्ट्रीय कंपनी) और कर अधिकारियों (जैसे भारत में सीबीडीटी) के बीच एक औपचारिक समझौता है। यह एक निश्चित भविष्य की अवधि के लिए ‘ट्रांसफर प्राइसिंग’ (जुड़ी कंपनियों के बीच लेनदेन) के तौर-तरीकों को पहले ही तय करता है, जिससे भविष्य के टैक्स विवादों और दोहरे कराधान से बचा जा सके। उदाहरण के लिए भारत में एक कंपनी अपनी विदेशी शाखा से सामान खरीदती है। एपीए के तहत पहले ही तय कर लिया जाएगा कि उस सामान की कीमत किस फार्मूला से तय होगी, ताकि बाद में टैक्स को लेकर विवाद न हो।




 

पीएम मोदी ने शिवकुमार स्वामीगलु की जयंती पर दी श्रद्धांजलि, सेवा और मानवता को किया नमन

01-Apr-2026
नई दिल्ली।  ( शोर संदेश ) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने परम पूज्य डॉ. श्री श्री श्री शिवकुमार स्वामीगलु की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की और उनके जीवन को सेवा, करुणा और मानवता का प्रतीक बताया।
प्रधानमंत्री ने कहा कि शिवकुमार स्वामीगलु करुणा, विनम्रता और मानवता की अटूट सेवा के लिए सदैव याद किए जाएंगे। उन्होंने अपना पूरा जीवन दूसरों के उत्थान के लिए समर्पित किया और यह संदेश दिया कि सच्ची महानता दूसरों की सेवा में निहित होती है।
नरेंद्र मोदी ने उनके योगदान को याद करते हुए कहा कि शिक्षा, सामाजिक कल्याण और आध्यात्मिकता के क्षेत्र में उनके कार्यों ने समाज पर गहरी छाप छोड़ी है। उनके प्रयासों से कई लोगों का जीवन सकारात्मक रूप से प्रभावित हुआ।
उन्होंने कहा कि शिवकुमार स्वामीगलु का जीवन आज भी अनगिनत लोगों को निस्वार्थ सेवा और समर्पण के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है। उनका आदर्श समाज के लिए मार्गदर्शक बना हुआ है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर भी पोस्ट कर उन्हें श्रद्धांजलि दी और उनके आदर्शों को अपनाने का आह्वान किया। 
 

कच्चे तेल की कीमतों में 3 प्रतिशत से ज्यादा की उछाल, 52 हफ्ते के उच्चतम स्तर के करीब

30-Mar-2026
नई दिल्ली।  ( शोर संदेश ) पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच सोमवार को कच्चे तेल की वैश्विक कीमतों में तेज उछाल दर्ज की गई। यह बढ़ोतरी ऐसे समय हुई, खासकर तब, जब यमन के ईरान समर्थित हूती समूह भी इस संघर्ष में शामिल हो गए। अंतरराष्ट्रीय बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स 3.66 प्रतिशत तक बढ़कर 116.70 डॉलर प्रति बैरल के इंट्रा-डे हाई पर पहुंच गया, जो 52 हफ्ते के उच्च स्तर के करीब है। वहीं अमेरिकी बेंचमार्क डब्ल्यूटीआई क्रूड भी 3 प्रतिशत से ज्यादा चढ़कर 103 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया।
तेल की कीमतों में यह तेजी सप्ताहांत में हूती बलों द्वारा इजरायल पर किए गए मिसाइल हमलों के बाद आई है। हूती समूह ने चेतावनी दी है कि जब तक ईरान और उसके सहयोगी समूहों पर हमले बंद नहीं होते, तब तक वे अपने हमले जारी रखेंगे। इससे पहले से दबाव में चल रहे वैश्विक ऊर्जा बाजार में और जोखिम बढ़ गया है।
ब्रेंट क्रूड की कीमतें मार्च में 50 प्रतिशत से ज्यादा बढ़ चुकी हैं, और अब यह फिर से युद्ध के शुरुआती दौर के ऊंचे स्तर के करीब पहुंच रही हैं, जबकि कूटनीतिक प्रयास भी जारी हैं। विश्लेषकों का कहना है कि इस समय कच्चा तेल सबसे अहम आर्थिक कारक बन गया है। बाजार में अब यह संभावना जताई जा रही है कि सप्लाई में लंबे समय तक बाधा आ सकती है। कुछ वैश्विक अनुमानों के अनुसार, अगर तनाव जारी रहता है तो कीमतें 200 डॉलर प्रति बैरल तक भी पहुंच सकती हैं।
विशेषज्ञों ने कहा कि भारत जैसे आयात पर निर्भर देश के लिए यह स्थिति चिंता बढ़ाने वाली है, क्योंकि इससे महंगाई बढ़ सकती है, कंपनियों के मुनाफे पर असर पड़ सकता है और चालू खाता घाटा भी बढ़ सकता है। वैश्विक स्तर पर शेयर बाजारों पर भी इसका असर दिखा। अमेरिका में वॉल स्ट्रीट गिरावट के साथ बंद हुआ, जहां एसएंडपी 500 इंडेक्स 1.67 प्रतिशत और नैस्डैक करीब 2 प्रतिशत नीचे रहा।
एशियाई बाजारों में भी कमजोरी देखने को मिली। जापान का निक्केई करीब 4 प्रतिशत गिरा, जबकि हांगकांग का हैंग सेंग 1 प्रतिशत से ज्यादा और दक्षिण कोरिया का कोस्पी लगभग 3 प्रतिशत नीचे आया। इसका असर भारत के शेयर बाजार पर भी दिखा। सेंसेक्स और निफ्टी दोनों ही इंडेक्स शुरुआती कारोबार में 1 प्रतिशत से ज्यादा गिरावट के साथ खुले, क्योंकि पश्चिम एशिया का संकट अब पांचवें हफ्ते में पहुंच गया है साथ ही और ज्यादा बढ़ता नजर आ रहा है।


 

पीएम मोदी नमो एप के माध्यम से असम और पुडुचेरी के वोटरों से करेंगे बातचीत

30-Mar-2026
नई दिल्ली।  ( शोर संदेश ) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सोमवार को “मेरा बूथ सबसे मजबूत संवाद” नामक जनसंपर्क कार्यक्रम के तहत नमो ऐप के माध्यम से असम और पुडुचेरी दोनों राज्यों में लोगों और पार्टी कार्यकर्ताओं से बातचीत करेंगे।
प्रधानमंत्री दोपहर 1 बजे असम के प्रतिभागियों को संबोधित करेंगे, जिसमें आगामी विधानसभा चुनावों से संबंधित प्रमुख मुद्दों पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा। इसके बाद, वे शाम 5:30 बजे पुडुचेरी के पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ बातचीत करेंगे।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पिछले एक दशक में असम में हासिल की गई विकासात्मक प्रगति के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि राज्य ने सभी क्षेत्रों में उल्लेखनीय वृद्धि देखी है और विश्वास व्यक्त किया कि मतदाता “डबल इंजन” वाली एनडीए सरकार को एक और कार्यकाल के लिए समर्थन देंगे।
पुडुचेरी के बारे में बोलते हुए, प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि एनडीए सरकार ने पिछले पांच वर्षों में केंद्र शासित प्रदेश की आकांक्षाओं को पूरा किया है। उन्होंने आगे कहा कि इस प्रदर्शन से आगामी चुनावों में जनता का निरंतर समर्थन मिलने की संभावना है।
उन्होंने कहा, “पिछले पांच वर्षों में, डबल इंजन वाली एनडीए सरकार ने पुडुचेरी के लोगों की आकांक्षाओं को पूरा किया है। इसीलिए पुडुचेरी के लोग एक बार फिर एनडीए को अपना आशीर्वाद देने जा रहे हैं।”
प्रधानमंत्री मोदी ने आगे कहा, “30 मार्च को शाम 5:30 बजे ‘मेरा बूथ सबसे मजबूत संवाद पुडुचेरी’ में शामिल होने के लिए उत्सुक हूं।”
भाजपा की असम इकाई द्वारा 27 मार्च को जारी एक बयान के अनुसार, इस संवाद से प्रधानमंत्री को डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से जमीनी स्तर के कार्यकर्ताओं और आम जनता से सीधे जुड़ने का अवसर मिलेगा।
इस वर्चुअल कार्यक्रम को महत्वपूर्ण विधानसभा चुनावों से पहले मतदाताओं तक पहुंच मजबूत करने और पार्टी कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने के उद्देश्य से एक प्रमुख अभियान पहल के रूप में देखा जा रहा है।
इससे पहले, 1 मार्च को प्रधानमंत्री मोदी ने राष्ट्र को कई विकास परियोजनाएं समर्पित कीं और पुडुचेरी में 2,700 करोड़ रुपए से अधिक की परियोजनाओं की आधारशिला रखी। इस अवसर पर एक सभा को संबोधित करते हुए उन्होंने केंद्र शासित प्रदेश के विकास को गति देने के लिए आध्यात्मिक पर्यटन, पर्यावरण पर्यटन और स्वास्थ्य पर्यटन को बढ़ावा देने पर सरकार के फोकस पर प्रकाश डाला। 
 

ईरान के तेल पर अमेरिका की नजर, खार्ग द्वीप पर कर सकता है कब्जा, राष्ट्रपति ट्रंप ने दिए संकेत

30-Mar-2026
नई दिल्ली।  ( शोर संदेश ) पिछले एक महीने से जारी जंग के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि वह ईरान का तेल लेना चाहते हैं और देश के प्रमुख तेल निर्यात केंद्र खार्ग द्वीप पर कब्जा कर सकते हैं।
फाइनेंशियल टाइम्स को दिए एक इंटरव्यू में अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा, “सच कहूं तो मेरी पसंदीदा चीज ईरान का तेल लेना है।” उन्होंने इसकी तुलना वेनेजुएला से की, जहां वाशिंगटन जनवरी में राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को हटाने के बाद कथित तौर पर तेल उद्योग पर लंबे समय तक नियंत्रण रखना चाहता है।
फाइनेंशियल टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, ईरान का तेल लेने का मतलब होगा खार्ग द्वीप पर कब्जा करना, जिसके जरिए ईरान के 90 प्रतिशत से ज्यादा तेल का निर्यात होता है। रिपोर्ट में चेतावनी दी गई है कि इस तरह के हमले से हताहतों की संख्या बढ़ने और युद्ध लंबा खिंचने का खतरा है।
रिपोर्ट में ट्रंप के हवाले से कहा गया, “हो सकता है हम खार्ग द्वीप पर कब्जा कर लें, हो सकता है न करें। हमारे पास बहुत सारे विकल्प हैं।” उन्होंने कहा, “इसका यह भी मतलब होगा कि हमें वहां कुछ समय तक रहना पड़ेगा।”
राष्ट्रपति ट्रंप ने आगे कहा कि उनका मानना ​​है कि द्वीप पर ईरान की सुरक्षा व्यवस्था बहुत कम या बिल्कुल भी नहीं है। उन्होंने कहा, “हम बहुत आसानी से इस पर कब्जा कर सकते हैं।”
डोनाल्ड ट्रंप का यह बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिका मध्य पूर्व में अपनी सैन्य मौजूदगी बढ़ा रहा है और ईरान से लगभग 1,000 पाउंड यूरेनियम निकालने के लिए संभावित सैन्य अभियान पर विचार कर रहा है।
वहीं मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पेंटागन इस क्षेत्र में 10,000 तक अतिरिक्त सैनिक तैनात कर रहा है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने शनिवार को घोषणा की कि 2,500 मरीन सहित 3,500 से ज्यादा सैनिक मध्य पूर्व पहुंच चुके हैं।
इस खतरे के बावजूद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच पाकिस्तान के जरिए चल रही अप्रत्यक्ष बातचीत में प्रगति हो रही है। उन्होंने कहा, “बहुत जल्द कोई समझौता हो सकता है।”
गौरतलब है कि इजरायल और अमेरिकी की ईरान के साथ लड़ाई को एक महीने से अधिक समय हो गया है। 28 फरवरी को यह जंग शुरू हुई थी। इसके बाद दुनियाभर में तेल की कीमतें तेजी से बढ़ी हैं। मार्च में ब्रेंट क्रूड की कीमत बढ़कर 119.5 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई, जो जून 2022 के बाद से सबसे ज्यादा है। 

तमिलनाडु चुनाव : नामांकन दाखिल करने की प्रक्रिया शुरू, सुरक्षा के कड़े इंतजाम

30-Mar-2026
नई दिल्ली।  ( शोर संदेश )आगामी तमिलनाडु विधानसभा चुनावों के लिए नामांकन पत्र दाखिल करने की प्रक्रिया आज सोमवार से शुरू हो गई है। चुनाव अधिकारियों ने सभी निर्वाचन क्षेत्रों में सुव्यवस्थित और पारदर्शी नामांकन प्रक्रिया सुनिश्चित करने के लिए विस्तृत दिशानिर्देश जारी किए हैं। अधिकारियों के अनुसार, नामांकन दाखिल करने के लिए आने वाले उम्मीदवारों को निर्धारित नियमों का सख्ती से पालन करना होगा। एक उम्मीदवार के साथ अधिकतम तीन वाहनों को ही अनुमति दी जाएगी और इन वाहनों को रिटर्निंग ऑफिसर के कार्यालय से कम से कम 100 मीटर की दूरी पर पार्क करना अनिवार्य है।
इसके अलावा, नामांकन पत्र जमा करने के लिए कार्यालय में केवल उम्मीदवार और उनके साथ आने वाले अधिकतम तीन व्यक्तियों को ही प्रवेश करने की अनुमति होगी।
नामांकन दाखिल करने के लिए आठ दिन की अवधि आवंटित की गई है लेकिन बीच में पड़ने वाली सार्वजनिक छुट्टियों के कारण केवल चार कार्यदिवस ही नामांकन जमा करने के लिए उपलब्ध होंगे।
इसलिए उम्मीदवारों को सलाह दी गई है कि वे अंतिम समय की जटिलताओं से बचने के लिए तदनुसार योजना बनाएं।
सुविधा बढ़ाने के उद्देश्य से चुनाव आयोग ने अपनी आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से ऑनलाइन नामांकन पत्र जमा करने का विकल्प उपलब्ध कराया है। हालांकि, अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि उम्मीदवारों को निर्धारित समय सीमा के भीतर अपने भरे हुए नामांकन पत्रों की भौतिक प्रतियां व्यक्तिगत रूप से रिटर्निंग ऑफिसर को जमा करनी होंगी।
अधिकारियों ने नामांकन प्रपत्र भरते समय सटीकता के महत्व पर भी जोर दिया है। उम्मीदवारों को यह सुनिश्चित करना होगा कि उनके नाम और अन्य व्यक्तिगत जानकारी सहित सभी विवरण सही ढंग से दर्ज किए गए हों ताकि जांच के दौरान उनका नामांकन खारिज न हो।
आपको बता दें, आगामी चुनावों के लिए इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों (ईवीएम) में मतपत्रों पर प्रत्येक उम्मीदवार की रंगीन तस्वीर होगी। इसे सुविधाजनक बनाने के लिए उम्मीदवारों को अपने नामांकन पत्रों के साथ पिछले तीन महीनों के भीतर ली गई एक हालिया तस्वीर संलग्न करनी होगी। नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि 6 अप्रैल को दोपहर 3 बजे से पहले उम्मीदवारों को अपने प्रमाण पत्रों का विवरण देते हुए एक शपथ पत्र भी जमा करना होगा।
नामांकन पत्रों की जांच 7 अप्रैल को होनी है। इसके अलावा, उम्मीदवारों द्वारा अपना नामांकन वापस लेने की अंतिम तिथि 9 अप्रैल निर्धारित की गई है। तमिलनाडु विधानसभा के चुनाव 23 अप्रैल को होने वाले हैं और परिणाम 4 मई को घोषित किए जाएंगे।
चुनाव अधिकारियों ने कहा है कि नामांकन प्रक्रिया को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं की गई हैं और उम्मीदवारों से आग्रह किया है कि वे परेशानी मुक्त अनुभव सुनिश्चित करने के लिए दिशानिर्देशों का पूरी तरह से पालन करें।
 

देश के सभी पेट्रोल पंपों पर पेट्रोल-डीजल का पर्याप्त भंडार, जनता ना करें अफवाहों पर विश्वास : केंद्र

30-Mar-2026
नई दिल्ली।  ( शोर संदेश ) भारत सरकार ने कहा कि पश्चिम एशिया में बदलती स्थिति के बीच, वह प्रमुख क्षेत्रों में स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए निरंतर निगरानी बनाए हुए है और उचित तैयारी एवं प्रतिक्रियात्मक उपाय कर रही है। प्रयासों का मुख्य उद्देश्य निर्बाध ऊर्जा आपूर्ति बनाए रखना, समुद्री गतिविधियों की सुरक्षा करना और क्षेत्र में भारतीय नागरिकों को जरूरी सहायता प्रदान करना है।
रविवार को जारी एक बयान में केंद्र सरकार ने देश में पेट्रोल और डीजल की स्थिति स्पष्ट की। सरकार ने कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य के लगातार बंद रहने के मद्देनजर, देश भर में पेट्रोलियम उत्पादों की बिना रूके उपलब्धता बनाए रखने के लिए सक्रिय उपाय किए जा रहे हैं। वर्तमान स्थिति इस प्रकार है-
सभी रिफाइनरियां पूरी क्षमता से काम कर रही हैं और कच्चे तेल का पर्याप्त भंडार मौजूद है। देश में पेट्रोल और डीजल का भी पर्याप्त स्टॉक बना हुआ है।
घरेलू खपत को पूरा करने के लिए रिफाइनरियों से एलपीजी का घरेलू उत्पादन बढ़ा दिया गया है।
देश भर में सभी खुदरा दुकानें सामान्य रूप से चल रही हैं।
भारत सरकार ने पेट्रोल और डीजल पर उत्पाद शुल्क में 10 रुपये प्रति लीटर की कमी की है।
इसके अलावा, भारत सरकार ने घरेलू बाजार में इन उत्पादों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए डीजल पर 21.5 रुपये प्रति लीटर और विमानन टरबाइन ईंधन (एटीएफ) पर 29.5 रुपये प्रति लीटर का निर्यात शुल्क लगाया है।
वहीं दूसरी ओर कुछ क्षेत्रों में अफरा – तफरी मचने से खरीदारी की खबरें सामने आई हैं। कुछ अफवाहों के चलते कुछ राज्यों के कुछ खुदरा दुकानों पर अफरा-तफरी मच गई, जिसके परिणामस्वरूप दुकानों पर असामान्य रूप से अधिक बिक्री और भारी भीड़ देखने को मिली। हालांकि, यह सूचित किया जाता है कि देश के सभी पेट्रोल पंपों पर पेट्रोल और डीजल का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है।
सरकार ने जनता इस तरह की अफवाहों पर विश्वास न करने की सलाह दी है। सरकार ने कहा,” पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है। कृपया पेट्रोल और डीजल की जल्दबाजी में खरीदारी से बचें। नागरिकों को सलाह दी जाती है कि वे अफवाहों से सावधान रहें और सही जानकारी के लिए आधिकारिक स्रोतों पर भरोसा करें।”
इसके अलावा, सरकार ने सभी नागरिकों से वर्तमान स्थिति देखते हुए अपने दैनिक उपयोग में ऊर्जा संरक्षण के लिए आवश्यक प्रयास करने का अनुरोध किया है। 
 

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने विधान परिषद की सदस्यता से दिया इस्तीफा

30-Mar-2026
नई दिल्ली।  ( शोर संदेश ) बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार राज्यसभा सदस्य के रूप में निर्वाचित होने के बाद सोमवार को विधान परिषद की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है। जदयू के नेता और बिहार के मंत्री विजय कुमार चौधरी ने बताया कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पहले ही राज्यसभा के लिए निर्वाचित घोषित हो चुके हैं, और यह संवैधानिक रूप से अनिवार्य था। मुख्यमंत्री भी आज विधान परिषद की सदस्यता का त्याग करेंगे। उन्हीं के इस्तीफा का पत्र लेकर एमएलसी संजय कुमार उर्फ गांधी और हमलोग विधान परिषद आए हैं। सभापति आएंगे और आगे की प्रक्रिया शुरू होगी।
नीतीश कुमार के इस कदम के साथ ही बिहार में नेतृत्व परिवर्तन होने की संभावना है। हालांकि उनके मुख्यमंत्री पद छोड़ने को लेकर अब तक स्थिति साफ नहीं है।‎ ‎नीतीश कुमार 2006 से लगातार विधान परिषद के सदस्य हैं। नीतीश कुमार 16 मार्च को राज्यसभा के लिए निर्वाचित हो गए। इसके बाद विधान परिषद की सदस्यता से उनके इस्तीफे की चर्चा शुरू हो गयी थी। ‎ ‎
नीतीश कुमार उन नेताओं में शामिल हैं जो चारों सदनों के सदस्य बने हैं। नीतीश कुमार ने राज्यसभा चुनाव लड़ने के दौरान कहा था कि उनकी इच्छा राज्यसभा की सदस्यता के रूप में निर्वाचित होने की थी , इस कारण उन्होंने यह निर्णय लिया। नीतीश कुमार 1985 में हरनौत विधानसभा सीट से विधानसभा पहुंचे थे। इसके बाद 1989 में वे नौवीं लोकसभा के सदस्य चुने गए। वे 2006 से लगातार विधान परिषद के सदस्य रहे हैं। अब पहली बार राज्यसभा सदस्य के रूप में वे अपनी नई पारी की शुरुआत करने जा रहे हैं। कहा जा रहा है कि 10 अप्रैल को वे राज्यसभा की सदस्यता ग्रहण करेंगे। ‎ ‎
नीतीश कुमार ने केंद्र में रेल मंत्री, कृषि मंत्री जैसे महत्वपूर्ण पदों पर रहे, जहां उन्होंने रेलवे में व्यापक सुधार किए। ‎साल 2005 से बिहार के मुख्यमंत्री के रूप में राज्य की कमान संभाल रहे हैं। नीतीश कुमार ने ‘सुशासन बाबू’ के रूप में अपनी पहचान बनाई। उन्होंने बिहार के मुख्यमंत्री रहते कई ऐसी योजनाएं बनाई, जिनकी चर्चा पूरे देश में हुई। शराबबंदी, साइकिल योजना और पंचायती राज में महिलाओं को 50 प्रतिशत आरक्षण जैसे फैसले नीतीश कुमार ने लिए। 

पश्चिम एशिया संकट पर केंद्र की नजर: रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बुलाई आईजीओएम की बैठक

29-Mar-2026
नई दिल्ली।  ( शोर संदेश ) रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शनिवार को पश्चिम एशिया में उभरती स्थिति पर नजर रखने और घटनाक्रमों के जवाब में सक्रिय उपायों की सिफारिश करने के लिए गठित अनौपचारिक मंत्रिस्तरीय समूह (आईजीओएम) की पहली बैठक की अध्यक्षता की। नई दिल्ली के कर्तव्य भवन-2 में आयोजित इस बैठक में वित्त एवं निगम मामलों की मंत्री निर्मला सीतारमण, संसदीय मामलों के मंत्री किरेन रिजिजू, पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी, विद्युत मंत्री मनोहर लाल, रसायन एवं उर्वरक मंत्री जगत प्रकाश नड्डा, उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्री प्रहलाद जोशी, नागरिक उड्डयन मंत्री किंजरापु राममोहन नायडू और विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय के राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. जितेंद्र सिंह उपस्थित थे।
अंतर्राष्ट्रीय रक्षा मंत्रालय (आईजीओएम) ने भारत में बदलती स्थिति और विभिन्न क्षेत्रों पर इसके प्रभाव का समग्र आकलन किया। रक्षा मंत्री ने सक्रिय, समन्वित, और दूरदर्शी दृष्टिकोण की आवश्यकता पर बल दिया और बदलते परिदृश्य को देखते हुए सतर्क रहने के महत्व को रेखांकित किया। बैठक के दौरान, सचिवों के सात अधिकार प्राप्त समूहों (ईजीओएस) ने प्रस्तुतियां दीं, जिनमें प्रमुख क्षेत्रीय मुद्दों और स्थिति से निपटने के लिए पहले से लागू नीतिगत उपायों की रूपरेखा प्रस्तुत की गई। राजनाथ सिंह ने ईजीओएस को स्थिति की गहन निगरानी जारी रखने, मध्यम से दीर्घकालिक तैयारी का दृष्टिकोण अपनाने, उच्च-स्तरीय समन्वय बनाए रखने और त्वरित निर्णय लेने का मार्गदर्शन दिया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि सभी नीतिगत प्रयास समन्वित होने चाहिए और समयबद्ध तरीके से लागू किए जाने चाहिए। उन्होंने भारत को लचीला और तैयार बनाए रखने के लिए सभी संबंधित मंत्रियों से रचनात्मक सुझाव भी मांगे।
अंतर्राष्ट्रीय व्यापार आयोग (आईजीओएम) ने राज्यों और जिला प्रशासनों के साथ घनिष्ठ समन्वय के महत्व पर जोर दिया, साथ ही प्रमुख नीतिगत पहलों की समय पर जनता तक जानकारी पहुंचाने पर भी बल दिया। विभिन्न उद्योगों पर स्थिति के प्रभाव का आकलन करने की आवश्यकता पर भी चर्चा की गई। यह भी निर्देश दिया गया कि सभी मंत्रालय और विभाग एमआईबी व्हाट्सएप चैनल के माध्यम से मौजूदा स्थिति से संबंधित प्रासंगिक जानकारी, घटनाक्रम और सलाह साझा करें, ताकि नागरिकों तक सटीक जानकारी पहुंच सके और अफवाहों, गलत सूचनाओं और फर्जी खबरों का प्रभावी ढंग से मुकाबला किया जा सके।बैठक के बाद सोशल मीडिया एक्स पर एक पोस्ट में, रक्षा मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार संघर्ष के किसी भी प्रभाव से भारतीयों की रक्षा करने के लिए प्रतिबद्ध है।




 


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