नई दिल्ली। ( शोर संदेश ) राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने शुक्रवार को कहा कि केंद्र और राज्य सरकार के संयुक्त प्रयासों से छत्तीसगढ़ नक्सलवाद के खतरे से मुक्त हुआ है और माओवादी हिंसा का दर्द पीछे छोड़कर अब तेजी से विकास के रास्ते पर आगे बढ़ रहा है। जगदलपुर लालबाग मैदान में बस्तर दशहरा महोत्सव-2026 के कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने विश्वास जताया कि आदिवासी युवा भारत को विकसित राष्ट्र बनाने की यात्रा में सक्रिय भागीदारी निभाएंगे।
राष्ट्रपति मुर्मु ने कहा, ‘‘छत्तीसगढ़ लंबे समय तक नक्सलवाद के खतरे से जूझता रहा।” लेकिन केंद्र और राज्य सरकार के संयुक्त प्रयासों से छत्तीसगढ़ इस खतरे से मुक्त हुआ और तेजी से प्रगति के रास्ते पर आगे बढ़ रहा है।’’ रामायण का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा, ‘‘केवल वानर सेना और ऋषि-मुनियों ने ही नहीं, बल्कि मेरा मानना है कि जंगलों में रहने वाले आदिवासी समुदायों ने भी रावण को हराने में योगदान दिया था।’’
राष्ट्रपति ने कहा कि नक्सली हिंसा का दर्द पीछे छोड़कर छत्तीसगढ़ तेजी से प्रगति कर रहा है। उन्होंने कहा, ‘‘आज छत्तीसगढ़ के सामने विकास के कई रास्ते खुल रहे हैं। इसके लिए मैं केंद्र और राज्य सरकार को बधाई देती हूं। मुझे बताया गया है कि आदिवासी उद्यमियों को वित्तीय सुविधाएं उपलब्ध कराने और उन्हें बाजारों से जोड़ने के प्रयास तेज किए गए हैं।’’
उन्होंने कहा कि उन्हें विश्वास है कि इन प्रयासों से समान विकास के जरिए 2047 तक विकसित भारत बनाने का लक्ष्य हासिल करने में मदद मिलेगी। राष्ट्रपति ने कहा कि आदिवासी युवा देश को विकसित राष्ट्र बनाने की यात्रा में सक्रिय रूप से भागीदारी निभाएंगे।