नई दिल्ली (शोर संदेश)। उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन ने हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दो नई पुस्तकों का विमोचन किया, जिसमें उनकी चयनित स्पीचों को संकलित किया गया है। इसमें उन्होंने कहा कि पीएम मोदी ने संकट को आत्मविश्वास में बदला और भारत को ‘फ्रैजाइल फाइव’ से दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनाया।
‘राष्ट्र पहले’ की राजनीति का उदाहरण
उपराष्ट्रपति ने पीएम मोदी को ‘जनता का नेता’ बताते हुए कहा कि उनकी राजनीति ‘राष्ट्र पहले’ पर केंद्रित है। इन किताबों में पीएम मोदी के दूसरे कार्यकाल के चौथे और पांचवें साल की 150 से अधिक स्पीच और ‘मन की बात’ के संबोधन शामिल हैं, जो आत्मनिर्भर भारत, स्टार्टअप इंडिया, काशी तमिल संगमम, जनजातीय गौरव दिवस और राजपथ से कर्तव्य पथ में नाम परिवर्तन जैसे विषयों पर प्रकाश डालते हैं।
सेवा और स्वावलंबन का संदेश
उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन ने कहा कि पीएम मोदी की राजनीति सेवा पर आधारित है, न कि जीविका पर। उन्होंने कहा कि जनता की सामूहिक क्षमता में प्रधानमंत्री के अटूट विश्वास ने स्वच्छ भारत अभियान को जनभागीदारी के एक जन आंदोलन में बदल दिया और नागरिकों में “स्वच्छता ही सेवा है” की भावना का संचार किया। उन्होंने आगे कहा कि इसी विश्वास ने प्रधानमंत्री को कोविड संकट के दौरान भारत को आत्मनिर्भरता के पथ पर दृढ़ता से आगे बढ़ाने का साहस दिया। उपराष्ट्रपति ने कहा कि प्रधानमंत्री के लिए कोई भी लक्ष्य कभी बहुत दूर या बहुत कठिन नहीं होता, क्योंकि वे निरंतर 140 करोड़ भारतीयों की शक्ति से ताकत प्राप्त करते रहते हैं। यह किताबें 140 करोड़ भारतीयों के संकल्प, अनुशासन और विश्वास को दर्शाती हैं।