ब्रेकिंग न्यूज

देश-विदेश

महिलाओं की भागीदारी से मजबूत होगा लोकतंत्र: प्रधानमंत्री

14-Apr-2026
नई दिल्ली। ( शोर संदेश ) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नई दिल्ली में आयोजित नारी शक्ति वंदन सम्मेलन के दौरान महिलाओं की भूमिका, प्रतिनिधित्व और सशक्तिकरण को लेकर व्यापक दृष्टिकोण प्रस्तुत किया। उन्होंने देशभर की महिलाओं को संबोधित करते हुए कहा कि भारत 21वीं सदी के सबसे महत्वपूर्ण निर्णयों में से एक—नारीशक्ति को समर्पित फैसले—की ओर बढ़ रहा है।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि संसद एक नया इतिहास रचने के करीब है, जो सामाजिक न्याय और समानता को नई दिशा देगा। उन्होंने बताया कि 2023 में नए संसद भवन में नारी शक्ति वंदन अधिनियम के रूप में पहला कदम उठाया गया था और अब इसे लागू करने की दिशा में आगे बढ़ा जा रहा है। 16 अप्रैल से संसद के विशेष सत्र में इस पर व्यापक चर्चा होगी।
प्रधानमंत्री ने कहा कि दशकों से महिलाओं को राजनीतिक प्रतिनिधित्व देने की आवश्यकता महसूस की जा रही थी। उन्होंने जोर देकर कहा कि सभी दलों के सहयोग से यह अधिनियम पारित हुआ था और अब इसे लागू करना प्राथमिकता है, जिससे लोकतंत्र और मजबूत होगा।
उन्होंने बताया कि भारत में पंचायत से लेकर उच्च पदों तक महिलाओं ने अपनी मजबूत पहचान बनाई है। वर्तमान में लाखों महिलाएं स्थानीय निकायों में सक्रिय भूमिका निभा रही हैं और कई राज्यों में उनकी भागीदारी 50% तक पहुंच चुकी है।
पीएम नरेंद्र मोदी ने अपने मुख्यमंत्री काल का एक अनुभव साझा करते हुए बताया कि एक गांव की महिला पंचायत का लक्ष्य “गांव में कोई गरीब न रहे” था। उन्होंने कहा कि जमीनी स्तर की यह सोच नीति निर्माण के लिए प्रेरणादायक है।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि 2014 के बाद सरकार ने महिलाओं के जीवन के हर चरण को ध्यान में रखकर योजनाएं बनाई हैं। इनमें बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, मातृ वंदना योजना, सुकन्या समृद्धि योजना, उज्ज्वला योजना, जल जीवन मिशन, आयुष्मान योजना जैसी पहल शामिल हैं, जिनसे महिलाओं के जीवन में बड़ा बदलाव आया है।
उन्होंने कहा कि महिलाओं की आर्थिक भागीदारी बढ़ाने के लिए जनधन योजना, मुद्रा योजना और स्वयं सहायता समूहों को बढ़ावा दिया गया है। आज करोड़ों महिलाएं बैंकिंग और उद्यमिता से जुड़कर आत्मनिर्भर बन रही हैं।
पीएम मोदी ने कहा कि महिलाएं अब स्टार्टअप, ड्रोन तकनीक और विज्ञान-तकनीक जैसे क्षेत्रों में भी आगे बढ़ रही हैं। उन्होंने बताया कि देश में बड़ी संख्या में स्टार्टअप्स में महिला डायरेक्टर शामिल हैं और STEM शिक्षा में भी बेटियों की भागीदारी लगातार बढ़ रही है।
उन्होंने कहा कि सरकार ने महिला सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए कानूनी सुधार, फास्ट ट्रैक अदालतों और ई-एफआईआर जैसी सुविधाएं लागू की हैं, जिससे न्याय प्रक्रिया अधिक संवेदनशील और तेज बनी है।
प्रधानमंत्री ने महिलाओं से अपील की कि वे इस ऐतिहासिक प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी निभाएं, अपने सांसदों से संवाद करें और इस विषय को गांव-गांव तक पहुंचाएं। उन्होंने कहा कि यह निर्णय किसी एक दल का नहीं, बल्कि पूरे देश और सभी राजनीतिक दलों का सामूहिक प्रयास है। 
 

नोएडा में श्रमिकों के विरोध प्रदर्शन से यातायात ठप, दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने जारी की एडवाइजरी

14-Apr-2026
नई दिल्ली।( शोर संदेश ) उत्तर प्रदेश के गौतम बुद्ध नगर जिले में सोमवार को फैक्ट्री मजदूरों के प्रदर्शन ने अचानक हिंसक रूप ले लिया, जिसकी वजह से दिल्ली और नोएडा के बीच ट्रैफिक बुरी तरह से बाधित हो गया। हालात इतने बिगड़ गए कि पुलिस को ट्रैफिक डायवर्ट करना पड़ा और लोगों को वैकल्पिक रास्तों से जाने की सलाह दी गई।
दिल्ली ट्रैफिक पुलिस के मुताबिक, चिल्ला बॉर्डर से नोएडा की ओर जाने वाले रास्ते पर प्रदर्शन कर रहे मजदूरों ने जाम लगा दिया, जिससे नोएडा लिंक रोड पर भारी भीड़ लग गई। दिल्ली से नोएडा जाने वाले लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। ऐसे में ट्रैफिक पुलिस ने एडवाइजरी जारी कर लोगों से अपील की कि वे यात्रा से पहले प्लानिंग करें और इस रास्ते से बचें।
पुलिस ने सुझाव दिया कि नोएडा जाने के लिए लोग सराय काले खां से डीएनडी फ्लाईवे का इस्तेमाल करें या फिर एनएच-24 होते हुए कोंडली ब्रिज के रास्ते नोएडा मोड़ से एंट्री लें। इन वैकल्पिक रास्तों पर भी दबाव बढ़ा, लेकिन फिर भी कुछ हद तक ट्रैफिक को संभाला जा सका।
दरअसल, यह पूरा मामला सैलरी बढ़ाने की मांग को लेकर किए जा रहे प्रदर्शन से जुड़ा है। नोएडा के फेज-2 इलाके में पिछले तीन दिनों से हजारों मजदूर अपनी मांगों को लेकर धरने पर बैठे हैं। उनकी मांग है कि सैलरी बढ़ाई जाए और काम करने की स्थितियों में सुधार किया जाए। सोमवार को यह प्रदर्शन और तेज हो गया और बड़ी संख्या में मजदूर सड़कों पर उतर आए, जिससे कई इंडस्ट्रियल सेक्टरों में कामकाज भी प्रभावित हुआ।
सेक्टर-62 में तो हालात और भी ज्यादा खराब हो गए, जहां मजदूरों की भारी भीड़ के चलते लंबा जाम लग गया। पहले से ही बॉर्डर पर जाम लगा हुआ था, ऊपर से यहां की स्थिति ने ट्रैफिक व्यवस्था को पूरी तरह चरमरा दिया। हालात को काबू में करने के लिए पुलिस ने बड़ी संख्या में फोर्स तैनात की। प्रशासन की कोशिश है कि स्थिति को जल्द से जल्द सामान्य किया जाए और किसी तरह की अप्रिय घटना न हो।
गौरतलब है कि रविवार को जिला प्रशासन ने मजदूरों और कंपनी प्रतिनिधियों के साथ बैठक की थी और उनकी मांगों पर विचार करने का भरोसा दिया था। जिलाधिकारी मेधा रूपम ने बताया कि मजदूरों की समस्याओं को दूर करने के लिए कुछ नए निर्देश जारी किए गए हैं। इनमें ओवरटाइम के लिए डबल सैलरी देना, हर हफ्ते एक दिन की छुट्टी सुनिश्चित करना और अगर छुट्टी के दिन काम कराया जाए तो उसका दोगुना भुगतान करना शामिल है।
इसके अलावा, सभी कंपनियों को हर महीने की 10 तारीख तक वेतन देना अनिवार्य किया गया है। बोनस का भुगतान नियमों के अनुसार करना होगा और सैलरी सीधे बैंक खाते में डालनी होगी। प्रशासन ने यह भी कहा है कि कर्मचारियों को सैलरी स्लिप देना जरूरी होगा और बिना वजह किसी तरह की कटौती नहीं की जा सकेगी। अगर कोई कंपनी नियमों का उल्लंघन करती है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
मजदूरों की शिकायतों के समाधान के लिए एक कंट्रोल रूम भी बनाया गया है। प्रशासन ने मजदूरों से अपील की है कि वे शांति बनाए रखें, अफवाहों से दूर रहें और कानून-व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करें। फिलहाल स्थिति को काबू में करने की कोशिश जारी है।

 


दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे का मंगलवार को उद्घाटन, उत्तराखंड दौरे पर रहेंगे पीएम मोदी

14-Apr-2026
नई दिल्ली।( शोर संदेश ) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंगलवार को उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश के दौरे पर रहेंगे। यह दौरा राज्य के लिए बेहद अहम माना जा रहा है। सुबह लगभग 11:15 बजे, पीएम मोदी दिल्ली-देहरादून आर्थिक गलियारे के ऊंचे खंड पर स्थित वन्यजीव गलियारे की समीक्षा करने के लिए उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जाएंगे।
प्रधानमंत्री कार्यालय (सेवा तीर्थ) के अनुसार, पीएम मोदी मंगलवार सुबह देहरादून के पास स्थित जय मां डाट काली मंदिर में दर्शन और पूजा करेंगे। इसके बाद, दोपहर लगभग 12:30 बजे, प्रधानमंत्री मोदी देहरादून में एक सार्वजनिक समारोह में दिल्ली-देहरादून आर्थिक गलियारे का उद्घाटन करेंगे और इस अवसर पर सभा को संबोधित भी करेंगे।
इसे लेकर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर इस एक्सप्रेसवे का वीडियो शेयर करते हुए लिखा, “दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे: उम्मीदों की उड़ान।”
गौरतलब हो, दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे को आधुनिक सुविधाओं से लैस किया गया है। इसकी खास बात राजाजी राष्ट्रीय उद्यान के बीच से गुजरने वाला 12 किलोमीटर लंबा एलिवेटेड वाइल्डलाइफ कॉरिडोर है, जो एशिया का सबसे लंबा कॉरिडोर माना जा रहा है। इससे हाथी और बाघ जैसे वन्यजीव सुरक्षित रूप से सड़क के नीचे से गुजर सकेंगे।
इसके अलावा डाट काली मंदिर के पास 340 मीटर लंबी नई सुरंग बनाई गई है, जिससे पुराने घुमावदार पहाड़ी रास्तों की जगह सीधा और आसान रास्ता मिलेगा। एक्सप्रेसवे 6 से 12 लेन का है, जिसमें दिल्ली के अक्षरधाम से लोनी तक का हिस्सा 12 लेन का बनाया गया है। इसकी डिज़ाइन स्पीड 100 किलोमीटर प्रति घंटा रखी गई है।
यह एक्सप्रेसवे अक्षरधाम मंदिर से शुरू होकर उत्तर प्रदेश के बागपत, बड़ौत, शामली और सहारनपुर जैसे शहरों से होते हुए देहरादून तक पहुंचेगा। इसमें 50.7 किलोमीटर लंबा हरिद्वार स्पर भी शामिल है, जिससे दिल्ली से हरिद्वार की दूरी करीब 2 घंटे में तय की जा सकेगी। साथ ही अंबाला को जोड़ने वाला एक और स्पर भी बनाया गया है। दिल्ली-देहरादून आर्थिक गलियारा प्रमुख पर्यटन और आर्थिक केंद्रों के बीच संपर्क बढ़ाकर और साथ ही पूरे क्षेत्र में व्यापार और विकास के नए रास्ते खोलकर क्षेत्रीय आर्थिक विकास को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
प्रधानमंत्री मोदी का उत्तराखंड से गहरा जुड़ाव रहा है। उनका पहला दौरा 2015 में ऋषिकेश में हुआ था। तब से वे केदारनाथ मंदिर के पांच दौरे कर चुके हैं और बद्रीनाथ, मुखबा व आदि कैलाश जैसे धार्मिक स्थलों का भी भ्रमण कर चुके हैं। 

14 अप्रैल को उत्तराखंड-यूपी दौरे पर पीएम मोदी, दिल्ली-देहरादून आर्थिक गलियारे का करेंगे उद्घाटन

14-Apr-2026
नई दिल्ली( शोर संदेश )। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 14 अप्रैल 2026 को उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश का दौरा करेंगे। इस दौरान वे कई अहम कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे, जिनमें दिल्ली-देहरादून आर्थिक गलियारे का उद्घाटन प्रमुख है।
प्रधानमंत्री सुबह लगभग 11:15 बजे सहारनपुर में दिल्ली-देहरादून आर्थिक गलियारे के ऊंचे खंड पर बने वन्यजीव गलियारे का दौरा और समीक्षा करेंगे। यह गलियारा मानव-वन्यजीव संघर्ष को कम करने के उद्देश्य से विशेष रूप से डिजाइन किया गया है।
इसके बाद प्रधानमंत्री देहरादून पहुंचकर जय मां दात काली मंदिर में दर्शन और पूजा करेंगे। यह मंदिर क्षेत्र का प्रमुख धार्मिक स्थल माना जाता है।
दोपहर करीब 12:30 बजे प्रधानमंत्री देहरादून में एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान दिल्ली-देहरादून आर्थिक गलियारे का उद्घाटन करेंगे और जनसभा को संबोधित करेंगे।
213 किलोमीटर लंबा, छह लेन वाला यह एक्सेस कंट्रोल्ड गलियारा 12,000 करोड़ रुपए से अधिक की लागत से तैयार किया गया है। इसके शुरू होने के बाद दिल्ली से देहरादून का यात्रा समय 6 घंटे से घटकर करीब 2.5 घंटे रह जाएगा।
इस परियोजना में 10 इंटरचेंज, 3 रेलवे ओवरब्रिज, 4 प्रमुख पुल और सड़क किनारे 12 जन सुविधाओं का निर्माण किया गया है। साथ ही, सुरक्षित और सुगम यात्रा के लिए इसे उन्नत यातायात प्रबंधन प्रणाली (एटीएम) से लैस किया गया है।
इस गलियारे को पर्यावरणीय संतुलन को ध्यान में रखते हुए डिजाइन किया गया है। इसमें 12 किलोमीटर लंबा वन्यजीव एलिवेटेड कॉरिडोर शामिल है, जो एशिया के सबसे लंबे कॉरिडोर में से एक है। इसके अलावा 8 पशु मार्ग, 200 मीटर लंबे दो हाथी अंडरपास और दात काली मंदिर के पास 370 मीटर लंबी सुरंग भी बनाई गई है।
दिल्ली-देहरादून आर्थिक गलियारा क्षेत्रीय संपर्क को मजबूत करेगा और पर्यटन व व्यापार के नए अवसर खोलेगा। यह परियोजना उच्च गति कनेक्टिविटी के साथ पर्यावरणीय स्थिरता को संतुलित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
 

रायसेन कृषि महोत्सव का भव्य समापन, किसानों के लिए तकनीक और आय बढ़ाने का नया रोडमैप

14-Apr-2026
नई दिल्ली( शोर संदेश )। मध्य प्रदेश के रायसेन में आयोजित राष्ट्रीय स्तर के “उन्नत कृषि महोत्सव” का हजारों किसानों की उपस्थिति में भव्य समापन हुआ। समापन सत्र में केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी और शिवराज सिंह चौहान ने कृषि, तकनीक और ग्रामीण विकास को लेकर बड़े विजन पेश किए।
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने शिवराज सिंह चौहान की मांग पर रायसेन रिंग रोड/पूर्वी बायपास के प्रस्ताव को आगे बढ़ाने, डीपीआर तैयार करने और भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया को गति देने की सहमति दी। साथ ही पुलों के सौंदर्यीकरण और अन्य सड़क परियोजनाओं पर भी सहयोग का भरोसा दिया।
नितिन गडकरी ने कहा कि अब खेती आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, वेदर स्टेशन, सैटेलाइट डेटा, ड्रोन और नैनो यूरिया जैसी आधुनिक तकनीकों से जुड़ चुकी है। उन्होंने किसानों से इनोवेशन और रिसर्च आधारित खेती अपनाने की अपील की, जिससे लागत घटेगी और उत्पादन बढ़ेगा।
उन्होंने कहा कि आने वाले समय में किसान केवल अन्नदाता नहीं, बल्कि ऊर्जा दाता, ईंधन दाता और हाइड्रोजन दाता भी बनेंगे। कृषि अवशेष, बायोमास, इथेनॉल, सीएनजी और हाइड्रोजन से किसानों की आय के नए स्रोत विकसित होंगे।
गडकरी ने जल संरक्षण को जरूरी बताते हुए “गांव का पानी गांव में, खेत का पानी खेत में” का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि पानी को जमीन में संरक्षित करना भविष्य की सबसे बड़ी आवश्यकता है।
उन्होंने डेयरी, मत्स्य पालन और ब्लू इकोनॉमी को आय बढ़ाने के अहम माध्यम बताते हुए कहा कि कोल्ड स्टोरेज, प्रोसेसिंग प्लांट और वैल्यू एडिशन की मजबूत व्यवस्था जरूरी है, ताकि किसानों को बेहतर दाम मिल सके।
शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि यह महोत्सव समापन नहीं, बल्कि नई शुरुआत है। उन्होंने बीज से बाजार तक तैयार रोडमैप को जमीन पर उतारने का संकल्प दोहराया और इसके लिए टास्क फोर्स बनाने की घोषणा की।
शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि किसानों की आय बढ़ाने और उनकी स्थिति सुधारने के लिए सरकार कोई कसर नहीं छोड़ेगी। उन्होंने तकनीक, बाजार और संसाधनों को जोड़कर कृषि को लाभकारी बनाने पर जोर दिया।
समापन सत्र में किसानों को विभिन्न योजनाओं के तहत हितलाभ भी वितरित किए गए। कार्यक्रम में केंद्रीय राज्य मंत्री रामनाथ ठाकुर, हरियाणा के कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा समेत कई जनप्रतिनिधि, वैज्ञानिक और हजारों किसान उपस्थित रहे। 

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु का आज से दो राज्यों का दौरा

13-Apr-2026
नई दिल्ली ( शोर संदेश ) । राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु का आज सोमवार से दो राज्यों का दौरा शुरू होगा। वो आज और कल गुजरात और 15- 16 अप्रैल को महाराष्ट्र के दौरे पर रहेंगी। इस दौरान वो दीक्षांत समारोहों और अन्य कार्यक्रमों में शामिल होंगी।
राष्ट्रपति सचिवालय के अनुसार, राष्ट्रपति मुर्मु आज राजकोट में एम्स के पहले दीक्षांत समारोह में शामिल होंगी। 14 अप्रैल को डॉ. भीमराव आंबेडकर की जयंती के अवसर पर गांधीनगर स्थित लोक भवन में ‘सामाजिक समरसता महोत्सव’ में हिस्सा लेंगी। इसके बाद राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय के पांचवें दीक्षांत समारोह में शामिल होंगी। 
राष्ट्रपति मुर्मु अगले दिन 15 अप्रैल को नागपुर में एम्स के दूसरे दीक्षांत समारोह में शामिल होंगी। अगली कड़ी में राष्ट्रीय प्रत्यक्ष कर अकादमी में भारतीय राजस्व सेवा (आयकर) के 78वें बैच के प्रशिक्षु अधिकारियों के समापन समारोह में भी हिस्सा लेंगी। 16 अप्रैल को राष्ट्रपति वर्धा में महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय के छठे दीक्षांत समारोह में शामिल होंगी। 


 

पीएम मोदी आज तमिलनाडु भाजपा कार्यकर्ताओं से करेंगे संवाद

13-Apr-2026
नई दिल्ली ( शोर संदेश ) । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज सोमवार शाम 4 बजे तमिलनाडु भाजपा कार्यकर्ताओं से वर्चुअल संवाद करेंगे। यह संवाद ‘मेरा पोलिंग बूथ, सशक्त पोलिंग बूथ परामर्श’ कार्यक्रम के तहत होगा, जिसका मकसद जमीनी स्तर पर पार्टी कार्यकर्ताओं का उत्साह बढ़ाना और संगठन को और मजबूत करना है। यह बातचीत ‘नमो’ ऐप के जरिए होगी, जिसमें बूथ स्तर के कार्यकर्ता रजिस्ट्रेशन कर शामिल हो सकेंगे। पार्टी सूत्रों के मुताबिक, तमिलनाडु में भाजपा के करीब पांच लाख बूथ समिति सदस्य हैं, जिन्हें इस संवाद में शामिल होने के लिए प्रोत्साहित किया गया है।
पीएम मोदी ने कल रविवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर अपने संदेश में तमिलनाडु भाजपा कार्यकर्ताओं की सराहना की। उन्होंने कहा कि राज्य के कार्यकर्ताओं ने डीएमके सरकार की कमजोरियों को उजागर किया है और साथ ही एनडीए के विकास विजन को मजबूती से सामने रखा है। इस कार्यक्रम को चुनाव प्रचार के अंतिम चरण में एक अहम रणनीतिक कदम माना जा रहा है, जिसका उद्देश्य जमीनी स्तर पर तालमेल बढ़ाना और कार्यकर्ताओं का मनोबल ऊंचा करना है।
वहीं दूसरी ओर राज्य के अन्य प्रमुख नेता भी चुनाव प्रचार में पूरी ताकत झोंक रहे हैं। मुख्यमंत्री एमके स्टालिन और एआईएडीएमके के महासचिव के. पलानीस्वामी लगातार अलग-अलग विधानसभा क्षेत्रों में जनसभाएं कर रहे हैं।
आपको बता दें, एआईएडीएमके-भाजपा गठबंधन को मजबूत करने के लिए प्रधानमंत्री मोदी इस सप्ताह तमिलनाडु के दो दिवसीय दौरे पर भी जाएंगे। इस दौरान वह 15 अप्रैल को नागरकोइल में एक बड़ी जनसभा को संबोधित करेंगे और 18 अप्रैल को कोयंबटूर में एक और अहम रैली करेंगे। कोयंबटूर की रैली में कोंगु क्षेत्र के कई प्रमुख उम्मीदवारों के शामिल होने की उम्मीद है, जिसे राज्य की राजनीति में बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है।
इसके अलावा, भाजपा के वरिष्ठ नेताओं ने भी प्रचार अभियान तेज कर दिया है। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन सोमवार को गंधर्वकोट्टई में एक जनसभा को संबोधित करेंगे। साथ ही, वह तंजावुर में बूथ समिति की कार्यकारिणी बैठक में हिस्सा लेकर कार्यकर्ताओं को चुनावी रणनीति बताएंगे।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के भी जल्द तमिलनाडु में चुनाव प्रचार करने की संभावना है, जिसका विस्तृत कार्यक्रम तैयार किया जा रहा है। इसके अलावा, कई केंद्रीय मंत्री भी आने वाले दिनों में राज्य का दौरा कर एनडीए गठबंधन के पक्ष में माहौल बनाने की कोशिश करेंगे। 


 

ईरान-अमेरिका तनाव: होर्मुज स्ट्रेट पर आईआरजीसी की कड़ी चेतावनी, कहा- ‘दुश्मन की गलत हरकत के होंगे घातक परिणाम’

13-Apr-2026
नई दिल्ली ( शोर संदेश ) । अमेरिका और इजरायल के साथ तनाव के बीच ईरान की नौसेना ने होर्मुज स्ट्रेट को लेकर कड़ी चेतावनी दी है। ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशन गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) की नौसेना ने कहा कि होर्मुज में ‘दुश्मन’ की कोई भी गलत हरकत जानलेवा साबित होगी। नौसेना ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में यह चेतावनी जारी की। इसके साथ ही, होर्मुज स्ट्रेट में वास्तविक स्थिति का ड्रोन निगरानी फुटेज भी शेयर किया गया।
आईआरजीसी की नौसेना ने कहा कि होर्मुज में होने वाली सभी हलचलें और ठहराव ईरानी सशस्त्र बलों के पूर्ण नियंत्रण में हैं। उसने यह भी कहा कि कोई भी गलत कदम दुश्मन को होर्मुज स्ट्रेट के जानलेवा भंवरों में फंसा देगा।
आईआरजीसी की नौसेना की यह चेतावनी उस समय आई है, जब अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने दो दिन पहले कहा कि दो अमेरिकी युद्धपोत होर्मुज स्ट्रेट से गुजरे और खाड़ी में बारूदी सुरंगें हटाने का अभियान शुरू किया। हालांकि, ईरान के मुख्य सैन्य कमान खातम अल-अनबिया केंद्रीय मुख्यालय ने अमेरिकी सेंट्रल कमांड के इस दावे को खारिज किया।
शिन्हुआ समाचार एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, रविवार को ईरान के सरकारी प्रेस टीवी ने कहा कि होर्मुज स्ट्रेट से दो विध्वंसक जहाजों को गुजारने का अमेरिकी सेना का प्रयास एक असफल प्रचार स्टंट साबित था, जिसे तेहरान-वाशिंगटन वार्ता के साथ जोड़कर समयबद्ध किया गया था। प्रेस टीवी ने अमेरिकी विध्वंसक जहाजों की पहचान यूएसएस माइकल मर्फी और यूएसएस फ्रैंक ई. पीटरसन के रूप में की। इसके साथ ही, बयान में कहा गया कि उन्हें ईरानी नौसेना की ओर से पीछे हटने के लिए मजबूर किया गया।
इसके अलावा रविवार को, आईआरजीसी ने एक बयान में कहा कि कोई भी सैन्य जहाज जो किसी भी नाम या बहाने से होर्मुज स्ट्रेट के करीब आने की कोशिश करेगा, उसे संघर्ष विराम का उल्लंघन माना जाएगा और उसके साथ सख्ती से निपटा जाएगा।
यह पूरा घटनाक्रम ईरान और अमेरिका के बीच वार्ता के विफल होने के बाद देखने को मिला है। लगभग महीनेभर के भीषण संघर्ष के बाद ईरान और अमेरिका ने दो हफ्ते के सीजफायर का ऐलान किया है। हालांकि, इस समझौते के तहत रखी गई शर्तों पर दोनों मुल्कों में सहमति नहीं बन सकी है। 

 

जलियांवाला बाग के अमर शहीदों को नमन: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु और पीएम नरेंद्र मोदी ने दी भावभीनी श्रद्धांजलि

13-Apr-2026
नई दिल्ली ( शोर संदेश ) । जलियांवाला बाग में अपने प्राणों की आहुति देने वाले अमर स्वतंत्रता सेनानियों को देश नमन कर रहा है। इस अवसर पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी शहीदों को याद किया। पीएम मोदी ने कहा कि उनका बलिदान हमारे लोगों की अदम्य भावना का एक शक्तिशाली स्मरण है।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, “जलियांवाला बाग में अपने प्राणों की आहुति देने वाले सभी अमर स्वतंत्रता सेनानियों को मैं विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करती हूं। इस घटना ने देशवासियों में स्वतंत्रता के प्रति नई चेतना और दृढ़ संकल्प का संचार किया था। राष्ट्र उनके प्रति सदैव कृतज्ञ रहेगा। मुझे विश्वास है कि उनकी देशभक्ति की भावना सभी को राष्ट्र सेवा के पथ पर समर्पण और निष्ठा के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करती रहेगी।”
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लिखा, “आज के दिन हम जलियांवाला बाग के वीर शहीदों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं। उनका बलिदान हमारे लोगों की अदम्य भावना का एक सशक्त प्रतीक है। उन्होंने जिस साहस और दृढ़ संकल्प का प्रदर्शन किया, वह आने वाली पीढ़ियों को स्वतंत्रता, न्याय और गरिमा के मूल्यों को बनाए रखने के लिए निरंतर प्रेरित करता रहेगा।”
उन्होंने एक अन्य पोस्ट में लिखा, “जलियांवाला बाग नरसंहार के सभी अमर बलिदानियों को मेरी आदरपूर्ण श्रद्धांजलि। विदेशी हुकूमत की बर्बरता के खिलाफ उनके अदम्य साहस और स्वाभिमान की गाथा देश की हर पीढ़ी को प्रेरित करती रहेगी।”
इसके साथ ही, पीएम मोदी ने ‘संस्कृत सुभाषितम्’ भी शेयर किया, जिसमें लिखा, “इन्द्रं वर्धन्तो अप्तुरः कृण्वन्तो विश्वमार्यम्। अपघ्नन्तो अराव्णः॥” इस ‘संस्कृत सुभाषितम्’ में कहा गया है, “हे कर्मशील मनुष्यों, अपने समाज में उन कल्याणकारी शक्तियों का संवर्धन करो, जो राष्ट्र को समृद्ध, जागरूक और आत्मनिर्भर बनाती हैं। साथ ही, उन विनाशकारी शक्तियों का दृढ़तापूर्वक प्रतिरोध करो, जो समाज में विभाजन, अन्याय और असंतोष उत्पन्न करती हैं।”
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी जलियांवाला बाग में अपने प्राण न्यौछावर करने वाले अमर बलिदानियों को नमन किया। उन्होंने लिखा, “आज ही के दिन पंजाब के जलियांवाला बाग में क्रूर अंग्रेजी हुकूमत का अमानवीय चेहरा बेनकाब हुआ था, जब शांतिपूर्ण सभा कर रहे निहत्थे देशवासियों पर अंधाधुंध गोलियां बरसाई गईं। इस जघन्य कृत्य ने पूरे देश को झकझोर दिया और भगत सिंह, ऊधम सिंह जैसे क्रांतिकारियों के मन में स्वतंत्रता की ज्वाला को और प्रज्वलित किया। यह वह ऐतिहासिक मोड़ था, जहां से भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में क्रांति की भावना को और अधिक बल मिला।
 

तमिलनाडु चुनाव: भीषण गर्मी में बदला प्रचार का तरीका, सतर्क हुए नेता-कार्यकर्ता

12-Apr-2026
नई दिल्ली ( शोर संदेश ) । तमिलनाडु के कई हिस्सों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के करीब पहुंच गया है। विधानसभा चुनाव प्रचार पर मौसम का उतना ही प्रभाव पड़ रहा है, जितना कि राजनीतिक रणनीति का। उम्मीदवार और पार्टी कार्यकर्ता भीषण गर्मी से निपटने के लिए अपनी दिनचर्या में बदलाव कर रहे हैं। साथ ही मतदाताओं तक पहुंचने के प्रयासों को भी जारी रखने की कोशिश कर रहे हैं।
तिरुचि और मदुरै जैसे जिलों में प्रचार अब दो भागों में हो रहा है। गतिविधियां सुबह जल्दी शुरू होती हैं, दोपहर की भीषण गर्मी के दौरान रुकती हैं और सूर्यास्त के बाद ही फिर से शुरू होती हैं। पहले रैलियों और घर-घर जाकर प्रचार करने का जो सिलसिला चलता था, अब वह सावधानीपूर्वक निर्धारित कार्यक्रमों में बदल गया है, जिनका उद्देश्य गर्मी से बचाव करना है।
राजनीतिक दलों के कार्यकर्ता अतिरिक्त सावधानी बरत रहे हैं। समर्थकों के बीच टोपी, स्कार्फ और पीने का पानी व्यापक रूप से वितरित किया जा रहा है जबकि नेता सार्वजनिक संवादों के दौरान लोगों से बार-बार हाइड्रेटेड रहने का आग्रह कर रहे हैं। भीड़भाड़ वाले इलाकों और बाजारों में प्रचार जारी है लेकिन गति और अवधि में स्पष्ट बदलाव किए गए हैं।
अत्यधिक गर्मी का असर अभी से स्पष्ट दिखाई दे रहा है। तंजावुर में हाल ही में एआईएडीएमके उम्मीदवार एलामाथी सुब्रमणियन प्रचार के दौरान बेहोश हो गईं, जिससे उच्च तापमान में लंबे समय तक रहने से होने वाले शारीरिक तनाव का पता चलता है। इस घटना ने सभी दलों के उम्मीदवारों को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था अपनाने के लिए प्रेरित किया है। वरिष्ठ नेता विशेषकर अधिक उम्र वाले सबसे अधिक सतर्क हैं।
डीएमके के एक 75 वर्षीय वरिष्ठ नेता ने बताया कि उन्होंने अपने दैनिक कार्यक्रम में काफी बदलाव किया है। सुबह 7 बजे प्रचार शुरू करते हैं और दोपहर होने से पहले ही समाप्त करते हैं। वे चाय और कॉफी जैसे गर्म पेय पदार्थों से परहेज करते हैं और हाइड्रेटेड रहने के लिए जूस का सेवन करते हैं। चुनाव व्यय नियमों के अनुसार बड़ी सभाओं में जलपान की व्यवस्था सीमित है, इसलिए पार्टी कार्यकर्ताओं को अपना पानी और आवश्यक वस्तुएं साथ रखने की सलाह दी गई है। दोबारा दोपहर 3:30 बजे के बाद ही चुनाव प्रचार फिर से शुरू होता है, जब तापमान थोड़ा कम होने लगता है।
गर्मी की लहर से उत्पन्न चुनौतियों के बावजूद, चुनाव प्रचार की तीव्रता में कोई कमी नहीं आई है। राजनीतिक दल मतदाताओं को अपनी ओर आकर्षित करने और स्वास्थ्य संबंधी सावधानियों के बीच संतुलन बनाए रखते हुए आक्रामक रूप से प्रचार कर रहे हैं। जैसे-जैसे मतदान का दिन नजदीक आ रहा है, वोटों की लड़ाई राजनीतिक प्रतिद्वंद्वियों और भीषण गर्मी के खिलाफ धीरज की परीक्षा बनती जा रही है।




 


Feedback/Enquiry



Log In Your Account