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भारत ग्लोबल मेडसेफ्टीवीक अभियान में शामिल, दवाओं के सुरक्षित उपयोग को बढ़ावा

11-Nov-2025
नई दिल्ली (शोर संदेश)। भारतीय फार्माकोविजिलेंस कार्यक्रम के राष्ट्रीय समन्वय केंद्र (एनसीसी-पीवीपीआई), भारतीय फार्माकोपिया आयोग (आईपीसी) ने दुनिया भर के 130 साझेदार संगठनों के साथ 3-9 नवंबर, 2025 तक आयोजित दसवें ग्लोबल मेडसेफ्टीवीक अभियान में भाग लिया। मेडसेफ्टीवीक अभियान जनता को यह बताने के लिए प्रेरित करता है कि संदिग्ध दुष्प्रभावों की सूचना क्यों, कैसे और कहां दी जानी चाहिए। इसे पहली बार 2016 में शुरू किया गया था। इस साल यह अपनी दसवीं वर्षगांठ मना रहा है। यह अब तक का सबसे बड़ा आयोजन है। इसमें 117 देशों के 130 संगठनों ने 60 से अधिक भाषाओं में संदेश साझा किए।
इस वर्ष के अभियान का मुख्य संदेश था- “दवाओं की सुरक्षा में सभी की भूमिका है। संदिग्ध दुष्प्रभावों की सूचना देकर, आप और मैं दवाओं को सभी के लिए सुरक्षित बनाने में मदद कर सकते हैं।” इस पहल का उद्देश्य रोगियों, परिवारों और स्वास्थ्य सेवा पेशेवरों के बीच दवाओं के संदिग्ध दुष्प्रभावों की सूचना देने के महत्व के बारे में जागरूकता बढ़ाना था।
स्‍वास्‍थ्‍य एवं परिवार कल्‍याण मंत्रालय के अनुसार, इस अभियान के पूरे सप्ताह के दौरान, पूरे देश में व्यक्तियों और हितधारकों ने सोशल मीडिया और आउटरीच गतिविधियों के माध्यम से मेडसेफ्टीवीक संदेश का सक्रिय रूप से प्रचार किया गया। एनसीसी-पीवीपीआई के हितधारक भी जागरूकता बढ़ाने और आधिकारिक माध्यमों से दुष्प्रभावों की रिपोर्टिंग को प्रोत्साहित करने के प्रयास में शामिल हुए, जिनमें दवाओं की प्रतिकूल प्रतिक्रिया (एडीआर) निगरानी केंद्र और बाजार प्राधिकरण धारक शामिल हैं।
इस अवसर पर बोलते हुए, आईपीसी के सचिव-सह-वैज्ञानिक निदेशक डॉ. वी. कलैसेल्वन ने कहा कि अनुसंधान से पता चलता है कि दुनिया भर में सभी संदिग्ध दुष्प्रभावों में से केवल 5-10 प्रतिशत ही रिपोर्ट किए जाते हैं। इसका मतलब है कि हम केवल हिमशैल के सिरे को ही देख पा रहे हैं और सुरक्षा के महत्वपूर्ण मुद्दों की पहचान करने में अभी और समय लग सकता है। मेडसेफ्टीवीक के माध्यम से, हमारा लक्ष्य अधिक से अधिक लोगों को यह एहसास दिलाना है कि उनकी रिपोर्ट महत्वपूर्ण है।
वहीं, एनसीसी-पीवीपीआई, आईपीसी के वरिष्ठ प्रधान वैज्ञानिक अधिकारी और प्रभारी अधिकारी डॉ. जय प्रकाश ने कहा, “संदिग्ध दुष्प्रभावों की सूचना देकर, हम में से प्रत्येक व्यक्ति दवाओं को सभी के लिए सुरक्षित बनाने में योगदान देता है। अपनी आवाज उठाने से दूसरों की सुरक्षा में मदद मिल सकती है। सिर्फ डॉक्टर, फार्मासिस्ट या नियामक ही नहीं, सभी की इसमें भूमिका है।” 

पीएम मोदी ने भूटान में गर्मजोशी भरे स्वागत के लिए जताया शेरिंग तोबगे का आभार

11-Nov-2025
नई दिल्ली (शोर संदेश)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भूटान पहुंचने पर थिंपू में हुए गर्मजोशी भरे स्वागत के लिए भूटानी समकक्ष शेरिंग तोबगे का आभार व्यक्त किया है। पीएम मोदी ने कहा कि यह यात्रा दोनों देशों के बीच मैत्री और सहयोग के गहरे बंधनों को दर्शाती है।
पीएम मोदी आज मंगलवार को दो दिवसीय दौरे पर थिंपू पहुंचे, जहां उनके भूटानी समकक्ष शेरिंग तोबगे ने गर्मजोशी से स्वागत किया। प्रधानमंत्री तोबगे ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, “मैं पूरे देश के साथ अपने बड़े भाई प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का भूटान में स्वागत करता हूं।”
पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, “भूटान पहुंच गया हूं। एयरपोर्ट पर गर्मजोशी और भव्य स्वागत के लिए प्रधानमंत्री शेरिंग टोबगे का आभारी हूं। यह यात्रा दोनों देशों के बीच मैत्री और सहयोग के गहरे बंधनों को दर्शाती है। भारत और भूटान के बीच विश्वास, सद्भावना और आपसी सम्मान पर आधारित एक समय-परीक्षित साझेदारी है। मैं इस यात्रा के दौरान हमारे घनिष्ठ संबंधों को और मजबूत करने की आशा करता हूं।”
अपनी दो दिवसीय भूटान की राजकीय यात्रा के दौरान, पीएम मोदी भूटान में कई कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे। इस यात्रा का उद्देश्य भारत-भूटान साझेदारी को और गहरा करना और पड़ोसी प्रथम नीति के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को और मजबूत करना है।
इससे पहले प्रधानमंत्री मोदी ने प्रस्थान वक्तव्य में कहा कि यह यात्रा दूसरी पुनात्सांगछू जलविद्युत परियोजना के उद्घाटन के साथ हमारी सफल ऊर्जा साझेदारी में एक और प्रमुख मील का पत्थर साबित होगी।
उन्होंने कहा, “मैं भूटान नरेश, चतुर्थ नरेश और प्रधानमंत्री शेरिंग तोबगे से मिलने के लिए उत्सुक हूं। मुझे विश्वास है कि मेरी यह यात्रा हमारी मित्रता के बंधन को और प्रगाढ़ करेगी और साझा प्रगति और समृद्धि की दिशा में हमारे प्रयासों को और सशक्त बनाएगी।”
पीएम मोदी ने कहा कि भारत और भूटान के बीच मैत्री और सहयोग के अनुकरणीय संबंध हैं, जो गहरे आपसी विश्वास, समझ और सद्भावना पर आधारित हैं। हमारी साझेदारी हमारी ‘पड़ोसी पहले’ नीति का एक प्रमुख स्तंभ है और पड़ोसी देशों के बीच अनुकरणीय मैत्रीपूर्ण संबंधों का एक आदर्श है। 

दोषियों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा: रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह

11-Nov-2025
नई दिल्ली (शोर संदेश)। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा है कि दिल्ली के लाल किला मेट्रो स्टेशन के पास हुए धमाके के दोषियों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा और उन्हें सज़ा जरूर दी जाएगी।
सोमवार शाम को लाल किला मेट्रो स्टेशन के गेट नंबर-1 के पास हरियाणा नंबर की एक हुंडई i20 कार में विस्फोट हुआ। घटना के बाद दिल्ली, उत्तर प्रदेश, बिहार और मुंबई में हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है। भीड़भाड़ वाले इलाकों और धार्मिक स्थलों पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है।
नई दिल्ली में आयोजित ‘दिल्ली डिफेंस डायलॉग’ कार्यक्रम में बोलते हुए राजनाथ सिंह ने कहा, “मैं उन सभी परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करता हूं जिन्होंने इस दुखद घटना में अपने प्रियजनों को खोया है। ईश्वर उन्हें इस कठिन समय में शक्ति और धैर्य प्रदान करें।”
रक्षा मंत्री ने बताया कि जांच एजेंसियां मामले की पूरी तरह से जांच कर रही हैं और इसकी जानकारी जल्द ही लोगों को दी जाएगी। उन्होंने कहा, “मैं देशवासियों को भरोसा दिलाना चाहता हूं कि हमारी प्रमुख जांच एजेंसियां तेजी से जांच कर रही हैं। जल्द ही इसकी सच्चाई सबके सामने होगी। मैं पूरी दृढ़ता से कहना चाहता हूं कि इस घटना के दोषियों को सज़ा जरूर मिलेगी और उन्हें किसी भी परिस्थिति में छोड़ा नहीं जाएगा।”
धमाके के बाद दिल्ली-एनसीआर में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। एनएसजी कमांडो को महत्वपूर्ण स्थानों पर तैनात किया गया है। पुलिस, एनआईए, एनएसजी और फोरेंसिक टीम कुछ ही मिनटों में मौके पर पहुंच गईं और पूरे इलाके को घेर लिया गया। सीसीटीवी फुटेज की जांच की जा रही है ताकि पूरी घटना की जानकारी और जिम्मेदार लोगों की पहचान की जा सके।

दिल्ली धमाका: पीएम मोदी का सख्त संदेश- ‘षड्यंत्रकारियों को बख्शा नहीं जाएगा’

11-Nov-2025
नई दिल्ली (शोर संदेश)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली में लाल किले के नजदीक कार विस्फोट में हुई मौतों पर दुख जताया है। उन्होंने स्पष्ट संदेश दिया कि इस विस्फोट के पीछे के षड्यंत्रकारियों को बख्शा नहीं जाएगा।
सदियों से भारत और भूटान का संबंध बहुत ही गहन, आत्मीय और सांस्कृतिक रहा है
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंगलवार सुबह भूटान दौरे पर पहुंचे। यहां एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने कहा, “आज का दिन भूटान के लिए, भूटान के राजपरिवार के लिए और विश्व शांति में विश्वास रखने वाले सभी लोगों के लिए बहुत अहम है। सदियों से भारत और भूटान का संबंध बहुत ही गहन, आत्मीय और सांस्कृतिक रहा है। इसलिए, इस महत्वपूर्ण अवसर पर शामिल होना भारत की और मेरी प्रतिबद्धता थी। लेकिन, आज मैं यहां बहुत भारी मन से आया हूं।”
सोमवार शाम दिल्ली में हुई भयावह घटना ने सभी के मन को व्यथित कर दिया है
पीएम मोदी ने कहा, “सोमवार शाम दिल्ली में हुई भयावह घटना ने सभी के मन को व्यथित कर दिया है। मैं पीड़ित परिवारों का दुख समझता हूं। आज पूरा देश उनके साथ खड़ा है।” उन्होंने बताया कि वे रातभर इस घटना की जांच में जुटी सभी एजेंसियों और सभी महत्वपूर्ण लोगों के साथ संपर्क में थे। विचार-विमर्श चल रहा था, जानकारियों के तार जोड़े जा रहे थे। प्रधानमंत्री मोदी ने बताया, “हमारी एजेंसियां इस षड्यंत्र की तह तक जाएंगी। इसके पीछे के षड्यंत्रकारियों को बख्शा नहीं जाएगा।”
इसी बीच, भूटानी नेतृत्व ने दिल्ली ब्लास्ट की घटना पर अपनी हार्दिक संवेदना व्यक्त की और विस्फोटों से प्रभावित सभी लोगों के लिए विशेष प्रार्थना की। इससे पहले, प्रधानमंत्री मोदी ने सोमवार रात दिल्ली में हुए विस्फोट में अपनों को खोने वालों के प्रति शोक संवेदना जताई। उन्होंने घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की भी कामना की। पीएम मोदी ने रात करीब पौने 10 बजे ‘एक्स’ पोस्ट के जरिए बताया कि अधिकारी प्रभावित लोगों की सहायता कर रहे हैं। उन्होंने गृह मंत्री अमित शाह और अन्य अधिकारियों के साथ स्थिति की समीक्षा की।
दिल्ली में लाल किले के नजदीक सोमवार शाम करीब 7 बजे कार में तेज धमाके के बाद आग लग गई थी। इससे कई अन्य कार भी चपेट में आईं। इस कार विस्फोट में कम से कम 10 लोगों की मौत हुई है। फिलहाल, एजेंसियां कई एंगल से घटना की जांच कर रही हैं।

दिल्ली कार धमाके पर मुख्य न्यायाधीश बी.आर. गवई ने जताया गहरा दुःख

11-Nov-2025
नई दिल्ली (शोर संदेश)। भारत के मुख्य न्यायाधीश बी.आर. गवई ने सोमवार शाम लाल किला के पास हुई कार विस्फोट की घटना पर गहरा शोक व्यक्त किया। उन्होंने इसे “विनाशकारी त्रासदी” और “राष्ट्र के लिए असहनीय क्षति” बताया।
मुख्य न्यायाधीश ने सर्वोच्च न्यायालय और पूरे न्यायिक एवं विधिक समुदाय की ओर से शोक-संतप्त परिवारों के प्रति गहरी संवेदना प्रकट की और घटना से प्रभावित सभी लोगों के साथ एकजुटता जताई।
उन्होंने कहा, “10 नवम्बर की शाम दिल्ली में हुई कार विस्फोट की दुखद घटना से हम सभी अत्यंत व्यथित हैं। सर्वोच्च न्यायालय और पूरे न्यायिक समुदाय की ओर से हम उन परिवारों के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएँ व्यक्त करते हैं जिन्होंने अपने प्रियजनों को खोया है।”
मुख्य न्यायाधीश ने आगे कहा कि ऐसे अपूरणीय नुकसान के दर्द को शब्दों में बयान नहीं किया जा सकता, लेकिन पूरे देश की एकजुटता और सहानुभूति शोकग्रस्त परिवारों को कुछ सांत्वना अवश्य देगी।
उन्होंने कहा, “हमारे विचार और प्रार्थनाएँ उन सभी के साथ हैं जो इस घटना से प्रभावित हुए हैं। कोई भी शब्द इस पीड़ा को पूरी तरह कम नहीं कर सकता, लेकिन हमें उम्मीद है कि देश की सामूहिक संवेदना उन्हें कुछ शक्ति और साहस प्रदान करेगी।”
न्याय और कानून के शासन के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए, मुख्य न्यायाधीश ने कहा, “इस दुख की घड़ी में न्यायपालिका शोकग्रस्त परिवारों के साथ खड़ी है। हम कानून के शासन को बनाए रखने और प्रत्येक नागरिक की गरिमा की रक्षा करने के अपने संकल्प को फिर से दृढ़ करते हैं। ईश्वर दिवंगत आत्माओं को शांति दे और शोकसंतप्त परिवारों को साहस प्रदान करे।”
इस घटना के बाद दिल्ली पुलिस, एनआईए और फोरेंसिक टीमें जांच में जुटी हैं। धमाके के कारणों की गहन जांच की जा रही है।

कॉर्निया दान और प्रत्यारोपण को बढ़ावा देने के लिए नियमों में सरलीकरण

11-Nov-2025
नई दिल्ली (शोर संदेश)। केंद्र  सरकार ने कॉर्निया दान और प्रत्यारोपण सेवाओं को बढ़ावा देने के लिए कॉर्निया प्रत्यारोपण नियमों में सरलीकरण किया है। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने अंग और ऊतक प्रत्यारोपण सेवाओं तक न्यायसंगत पहुंच को बढ़ावा देने के सरकार के विजन के अनुरूप, 6 नवंबर को मानव अंग और ऊतक प्रत्यारोपण अधिनियम, 1994 के अंतर्गत मानव अंग और ऊतक प्रत्यारोपण (संशोधन) नियमावली, 2025 को अधिसूचित किया है।
यह संशोधन राष्ट्रीय अंग प्रत्यारोपण कार्यक्रम (एनओटीपी) को और सुदृढ़ बनाएगा, जिसका उद्देश्य कॉर्निया प्रत्यारोपण केंद्रों की कार्यप्रणाली को सुव्यवस्थित करना और देश भर में नेत्रदान और प्रत्यारोपण सेवाओं तक व्यापक पहुंच को सुविधाजनक बनाना है। इस संशोधन के तहत अब कॉर्नियल प्रत्यारोपण केंद्रों में क्लिनिकल स्पेकुलर उपकरण की अनिवार्य आवश्यकता को हटा दिया गया है।
यह बदलाव विशेषज्ञों की अनुशंसाओं और हितधारकों के परामर्श पर सावधानीपूर्वक विचार-विमर्श के बाद लाया गया है। इस संशोधन से, विशेष रूप से ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में स्थित छोटे नेत्र केंद्रों के लिए, बुनियादी ढांचे और प्रचालनगत चुनौतियां कम होने की उम्मीद है, जिससे देश में कॉर्निया प्रत्यारोपण सेवाओं की समग्र उपलब्धता और पहुंच में वृद्धि होगी।यह प्रगतिशील संशोधन देश के कॉर्निया दान और प्रत्यारोपण इको-सिस्टम को सुदृढ़ करने के लिए एक दीर्घकालिक उपाय के रूप में काम करेगा।

पेंशनभोगियों के डिजिटल सशक्तिकरण के लिए डीएलसी अभियान 4.0 देशभर में शुरू

10-Nov-2025
नई दिल्ली ( शोर संदेश )। कार्मिक, लोक शिकायत एवं पेंशन मंत्रालय की ओर से सोमवार को दी गई जानकारी के अनुसार, 1 से 30 नवंबर तक चलाए जा रहे राष्ट्रव्यापी डीएलसी अभियान 4.0 के तहत रक्षा लेखा महानियंत्रक कार्यालय द्वारा 11 नवंबर 2025 को चेन्नई में तांबरम स्थित एयरफोर्स ऑडिटोरियम में एक मेगा कैंप का आयोजन किया जाएगा।
पेंशन सचिव और पेंशनभोगी कल्याण विभाग के वरिष्ठ अधिकारी इस कैंप का दौरा करेंगे। इस कैंप में पेंशनभोगियों को अलग-अलग डिजिटल मोड्स से उनके लाइफ सर्टिफिकेट सबमिट करने को लेकर सहायता की जाएगी। भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई) की ओर से आधार रिकॉर्ड अपडेशन में मदद करेगा और इससे से जुड़ी टेक्निकल समस्याओं का समाधान करेगा।
इससे पहले, इस महीने 5 नवंबर को केंद्रीय विज्ञान और प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. जितेंद्र सिंह ने डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट (डीएलसी) कैंपेन 4.0 लॉन्च किया। नेशनल मीडिया सेंटर में उन्होंने खुद का डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट भी जेनरेट करवाया। यह उदाहरण डीलएसी प्रक्रिया की ट्रांसपेरेंसी, आसानी और तेजी को दर्शाने के लिए पेश किया गया था।
यह अभियान 2,000 से अधिक शहरों में दो करोड़ पेंशनभोगियों को लक्षित करता है और पेंशनभोगियों को डिजिटल रूप से सशक्त बनाने के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। मंत्रालय द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक (डाक विभाग) की डोरस्टेप डीएलसी सर्विस के जरिए सुपर-सीनियर और अलग-अलग विकलांग पेंशनरों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इसी के साथ अब तक 78.26 लाख डीएलसी तैयार किए जा चुके हैं।
यह अभियान सीजीडीए, बैंकों, इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक, यूआईडीएआई, इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (एमईआईटीवाई), एनआईसी और पेंशनभोगी कल्याण संघों को डिजिटल इंक्लूजन सुनिश्चित करने के लिए एक साथ ला रहा है। चेन्नई मेगा कैंप में पेंशनभोगियों के साथ सचिव (पी एंड पीडब्ल्यू) के संवाद सत्रों की योजना बनाई गई है। इस कैंप में अलग-अलग विभागों के लगभग 1,000 पेंशन भोगियों के शामिल होने की उम्मीद की जा रही है।








 

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अर्थशास्त्रियों संग की प्री-बजट बैठक

10-Nov-2025
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सोमवार को आने वाले केंद्रीय बजट 2026-27 के लिए देश के बड़े अर्थशास्त्रियों के साथ पहली प्री-बजट चर्चा की। इस बैठक में मुख्य आर्थिक सलाहकार (सीईए) वी. अनंत नागेश्वरन के साथ आर्थिक मामलों का विभाग (डीईए) से कई वरिष्ठ अधिकारी और कई अर्थशास्त्री शामिल हुए।
वित्त मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर कहा, “केंद्रीय वित्त एवं कॉरपोरेट कार्य मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज नई दिल्ली में आगामी केंद्रीय बजट 2026-27 के संबंध में प्रमुख अर्थशास्त्रियों के साथ पहले बजट-पूर्व चर्चा की अध्यक्षता की।” वित्त मंत्रालय ने आगे कहा, “बैठक में आर्थिक मामलों के विभाग (डीईए) के सचिव और भारत सरकार के मुख्य आर्थिक सलाहकार के अलावा डीईए के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।”
प्री-बजट चर्चा के तहत सरकार आने वाले बजट के इनपुट के लिए इंडस्ट्री के प्रतिनिधियों और अन्य पक्षकारों के साथ लगातार बैठक कर रही है। यह चर्चाएं व्यापार में आसानी बढ़ाने और टैक्स कटौती का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने पर केंद्रित हैं।
बीते महीने पीएचडी चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (पीएचडीसीसीआई) के अधिकारियों ने राजस्व सचिव अरविंद श्रीवास्तव से मुलाकात की थी। बैठक के बाद पीएचडीसीसीआई के सीईओ और महासचिव डॉ.रणजीत मेहता ने कहा कि बैठक में अप्रत्यक्ष कर और प्रत्यक्ष कर को लेकर बातचीत हुई है। हमने इसमें व्यापार पर आसानी को लेकर भी चर्चा की, जिस पर सरकार का फोकस है।
उन्होंने आगे कहा कि इंडस्ट्री बॉडी की ओर से मध्यम, लघु और सूक्ष्म उद्यम (एमएसएमई) इंडस्ट्री की लिक्विडिटी की समस्या को दूर करने के लिए सरकार को सुझाव दिए गए हैं और कुल मिलाकर सुझावों को लेकर सरकार का एप्रोच काफी सकारात्मक है और यह इंडस्ट्री के लिए काफी अच्छा है। पीएचडीसीसीआई के पूर्व प्रेसिडेंट साकेत डालमिया ने कहा कि नए कानून आ रहे हैं उनमें अंतिम मील तक लागू करने में काफी समस्या आ रही है, जिसे सरकार की ओर से सुना गया और काफी सकारात्मक रिस्पॉन्स मिला है।
 

11-12 नवंबर: पीएम मोदी की 2 दिवसीय भूटान यात्रा, बढ़ेगी मित्रता और सहयोग

09-Nov-2025
नई दिल्ली ( शोर संदेश )। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 11 और 12 नवंबर को भूटान की 2 दिवसीय राजकीय यात्रा पर जाएंगे। विदेश मंत्रालय के अनुसार, इस यात्रा का उद्देश्य भारत और भूटान के बीच दोस्ती और सहयोग के विशेष संबंधों को और मजबूत करना है। इस दौरान वे भारत सरकार और भूटान की शाही सरकार द्वारा संयुक्त रूप से बनाए गए 1,020 मेगावॉट क्षमता वाले पुनात्सांगछू हाइड्रोइलेक्ट्रिक परियोजना का उद्घाटन करेंगे। प्रधानमंत्री मोदी की 2014 के बाद से यह चौथी भूटान यात्रा होगी।
विदेश मंत्रालय के अनुसार, प्रधानमंत्री थिम्पू के ताशिछोद्जोंग में भगवान बुद्ध के पवित्र अवशेषों की पूजा-अर्चना करेंगे और भूटान सरकार द्वारा आयोजित वैश्विक शांति प्रार्थना महोत्सव में भाग लेंगे। प्रधानमंत्री मोदी भूटान नरेश जिग्मे खेसर नामग्याल वांगचुक और प्रधानमंत्री शेरिंग तोबगे से भी मुलाकात करेंगे। वे भूटान के चौथे नरेश और वर्तमान नरेश के पिता जिग्मे सिंग्ये वांगचुक की 70वीं जयंती के उपलक्ष्य में आयोजित समारोह में भी शामिल होंगे।
प्रधानमंत्री ने पिछले साल भी भूटान का दौरा किया था। तब भूटान नरेश ने प्रधानमंत्री को वहां के सर्वोच्च 'ऑर्डर ऑफ ड्रूक ग्यालपो' अवॉर्ड से सम्मानित किया था। प्रधानमंत्री ने कहा था, भारत और भूटान एक साझी विरासत का हिस्सा है। भारत भगवान बुद्ध की भूमि है, उनकी तपोस्थली है। भारत वह भूमि है जहां बुद्ध को बोध प्राप्त हुआ था। भूटान ने भगवान बुद्ध की उन शिक्षाओं को आत्मसात किया, उन्हें संरक्षित किया।
















 

वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष पूर्ण, केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने किया सामूहिक गान का आह्वान

07-Nov-2025
नई दिल्ली ( शोर संदेश )   केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह और दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने शुक्रवार को ‘वंदे मातरम्’ की 150वीं वर्षगांठ पर इस महान गीत के स्मरणोत्सव पर इसके पूर्ण संस्करण का अपने परिजनों के साथ सामूहिक गान करने की अपील की।  
केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा कि ‘वंदे मातरम्’ केवल शब्दों का संग्रह नहीं, भारत की आत्मा का स्वर है। अंग्रेजी हुकूमत के विरुद्ध ‘वंदे मातरम्’ ने देश को संगठित करके आजादी की चेतना को बल दिया। साथ ही, क्रांतिकारियों के मन में मातृभूमि के प्रति अटूट समर्पण, गर्व और बलिदान की भावना जगाई। ‘वंदे मातरम्’ देशवासियों के हृदय में राष्ट्रवाद की अलख प्रज्वलित कर आज भी युवाओं में एकता, राष्ट्रभक्ति और नवऊर्जा का स्रोत बना हुआ है। हमारे इस अद्वितीय राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम्’ को इस वर्ष 150 वर्ष हो रहे हैं। आइए, इस महान गीत के स्मरणोत्सव पर इसके पूर्ण संस्करण का अपने परिजनों के साथ सामूहिक गान करें, जिससे भावी पीढ़ियों तक यह गीत प्रेरणा का केंद्र रहे। वंदे मातरम्।
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने एक्स पोस्ट में लिखा कि वन्दे मातरम् की 150वीं वर्षगांठ का यह गौरवशाली अवसर हमारे आत्मगौरव, सांस्कृतिक चेतना और राष्ट्रीय पुनर्जागरण का अद्वितीय क्षण है। बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय जी द्वारा रचित यह गीत भारत के स्वतंत्रता संग्राम की आत्मा बनकर उभरा। स्वदेशी आंदोलन से लेकर भारत छोड़ो आंदोलन तक, हर निर्णायक मोड़ पर इस उद्घोष ने असंख्य क्रांतिकारियों के भीतर त्याग, एकता और राष्ट्र धर्म की ज्वाला प्रज्वलित की। वन्दे मातरम्, वास्तव में, ‘भारत माता की जय’ के शाश्वत संकल्प और हमारी राष्ट्रीय आस्था का सर्वोच्च प्रतीक है।
सीएम ने आगे लिखा कि प्रधानमंत्री मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में देश “विकसित भारत” के महाअभियान की ओर सुदृढ़ गति से बढ़ रहा है। वन्दे मातरम् का यह अनंत राष्ट्र-प्रेम हमें ‘राष्ट्र प्रथम’ की भावना और सामूहिक संकल्प के साथ नये भारत के निर्माण हेतु प्रेरित कर रहा है। केंद्र सरकार द्वारा इस 150वीं वर्षगांठ को राष्ट्रव्यापी जन-उत्सव के रूप में मनाया जाना, इसी गौरवशाली विरासत को जन-जन तक पहुंचाने का एक महत्वपूर्ण प्रयास है। इस ऐतिहासिक अवसर पर हम सब यह संकल्प लें कि वन्दे मातरम् की यह अक्षय ऊर्जा हमारे कर्म, चरित्र और राष्ट्र सेवा की दिशा को निरंतर प्रकाशित करती रहे और हम ‘विकसित भारत’ के निर्माण में अपनी सक्रिय भूमिका निभाएं। वन्दे मातरम्।
केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने एक्स पोस्ट में लिखा कि पीएम मोदी के आह्वान पर गांव-गांव, जन-जन के मन में वंदे मातरम् का अमर गीत गूंज रहा है। यह वह स्वर है जिसने भारत के स्वतंत्रता संग्राम को शक्ति दी, जिसकी ध्वनि में देश की धरती का स्पंदन है और प्रत्येक पंक्ति में राष्ट्रभाव का अभिनव आलोक है। बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय द्वारा लिखित यह गीत करोड़ों भारतीयों के हृदय की धड़कन है और 150 वर्ष बाद भी प्रत्येक देशवासी के मन में राष्ट्रभक्ति तथा देश प्रेम की अलख जगाता है।
स्वतंत्रता संग्राम के दौरान जब क्रांतिकारी फांसी के फंदे पर झूलते थे, उनके होठों पर यही गीत होता था। जेलों की काल कोठरियों में जब यह गीत गूंजता था, तो अंग्रेज भी कांप उठते थे। आज जब हम राष्ट्र की सामूहिक चेतना के इस अमर स्वर के 150 वर्षों का उत्सव मना रहे हैं, तो मन में गर्व और उत्साह की अनंत लहरें उठ रही हैं। यह गीत हमें याद दिलाता है कि राष्ट्र सर्वोपरि है। ऐसे में आवश्यकता है कि हम वंदे मातरम को केवल गाएं नहीं, बल्कि उसे जिएं और अपने कर्म, अपने संकल्प तथा अपने चरित्र में उतारें। आइये, इस 150वें वर्ष पर वंदे मातरम् के स्वर को जन-जन तक पहुंचाएं। उत्साह, एकता और राष्ट्रभक्ति के साथ इस अमर वंदना को उत्सव के रूप में मनाएं। भारत माता की जय।

 



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