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तमिलनाडु के मयिलादुथुराई और कुड्डालोर में आज भारी बारिश का अनुमान

19-Nov-2025
नई दिल्ली ( शोर संदेश )। बंगाल की खाड़ी और उससे सटे कुमारी सागर के ऊपर बने लो-प्रेशर सिस्टम की वजह से तमिलनाडु के मयिलादुथुराई और कुड्डालोर जिलों में बुधवार और गुरुवार को भारी बारिश होने की उम्मीद है।
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने चेतावनी दी है कि यह सिस्टम पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ सकता है, जिससे तमिलनाडु के कई हिस्सों में भारी बारिश हो सकती है। मंगलवार सुबह से ही, चेन्नई में बन रहे लो-प्रेशर एरिया की वजह से रुक-रुक कर बारिश हो रही है।
शहर के कई हिस्सों में दिन भर हल्की से भारी बारिश हुई। तिरुवनमियूर, मायलापुर, अड्यार, पट्टिनपक्कम और मरीना बीच जैसे इलाकों में लगातार बारिश हुई, जबकि नुंगमबक्कम, वडापलानी, टी. नगर, गुइंडी, अन्ना नगर और कोयम्बेडु में भी भारी बारिश हुई।
शहर के पश्चिमी हिस्सों में, वलसरवक्कम, मदुरावॉयल और वनागरम जैसे इलाकों में हल्की बारिश हुई। दक्षिणी चेन्नई में भी अच्छी-खासी बारिश हुई। अलंदूर, एयरपोर्ट रीजन, पल्लावरम, क्रोमपेट और वंडालूर में लगातार बारिश हुई। राज्य की राजधानी में ओल्ड महाबलीपुरम रोड पर, शोलिंगनल्लूर और चेम्मेनचेरी में भारी बारिश हुई, साथ ही आस-पास के इलाकों जैसे ओट्टियाम्बक्कम और सिथलपक्कम में भी लगातार बारिश हुई। टू-व्हीलर चलाने वालों को भारी बारिश में जूझते देखा गया।
इस बीच, वेस्टर्न घाट पर, अचानक तेज बारिश से कोर्टालम मेन फॉल्स, पुलियारुवी, चित्तारुवी और ऐंथरुवी जैसे झरनों में बाढ़ आ गई। अधिकारियों ने खतरनाक रूप से बढ़े जलस्तर के कारण इन पॉपुलर टूरिस्ट स्पॉट पर नहाने पर कुछ समय के लिए रोक लगा दी है। इस फैसले से कई टूरिस्ट और सबरीमाला तीर्थयात्री निराश हुए।
आईएमडी अधिकारियों के अनुसार, बंगाल की खाड़ी के ऊपर बना मौजूदा लो-प्रेशर एरिया बना रहेगा और पश्चिम-उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ता रहेगा। इस वजह से, बुधवार और गुरुवार को मयिलादुथुराई और कुड्डालोर जिलों में भारी बारिश होने की संभावना है, जबकि इस दौरान चेन्नई में हल्की बारिश हो सकती है।
आईएमडी ने आगे बताया कि 22 नवंबर को दक्षिण-पूर्व बंगाल की खाड़ी के ऊपर एक नया लो-प्रेशर सिस्टम बनने की संभावना है। यह सिस्टम बाद में और तेज हो सकता है, जिससे इस हफ्ते के आखिर में तमिलनाडु में और बारिश हो सकती है।
अधिकारियों ने कमजोर और निचले इलाकों में रहने वालों को सावधान रहने की सलाह दी है, क्योंकि भारी बारिश से कुछ इलाकों में पानी भर सकता है, ट्रैफिक में रुकावट आ सकती है और बाढ़ आ सकती है। मछुआरों से भी मौसम की सलाह मानने की अपील की गई है।

 

पीएम मोदी ने किरेन रिजिजू को जन्मदिन की बधाई दी, केंद्रीय मंत्री ने आभार जताया

19-Nov-2025
नई दिल्ली ( शोर संदेश )प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू को जन्मदिन की शुभकामनाएं दीं। पीएम मोदी ने संसदीय कार्यवाही को ‘अधिक प्रोडक्टिव’ बनाने के उनके प्रयासों की सराहना की। प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में लिखा, “केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू को उनके जन्मदिन पर हार्दिक शुभकामनाएं। संसद को अधिक प्रोडक्टिव बनाने और जनहितैषी कानून बनाने पर केंद्रित उनके प्रयास सराहनीय हैं। समाज के समावेशी और सर्वांगीण विकास को सुनिश्चित करने पर उनका जोर भी उतना ही उल्लेखनीय है। मैं उनके दीर्घायु और स्वस्थ जीवन की कामना करता हूं।”
इसके बाद, प्रधानमंत्री का धन्यवाद करते हुए किरेन रिजिजू ने कहा, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हार्दिक उत्साहवर्धक शुभकामनाओं के लिए मैं उनका आभारी हूं। ‘विकसित भारत’ के प्रति आपका दृढ़ संकल्प लाखों लोगों के लिए प्रेरणा है। यह मुझे और अधिक दृढ़ संकल्प के साथ सेवा करने की मेरी प्रतिबद्धता को और मजबूत करता है।”
उन्होंने आगे कहा, “आपके मार्गदर्शन से, मैं अपने राष्ट्र के उत्थान में अपना सर्वश्रेष्ठ योगदान देने के लिए समर्पित हूं।” केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी किरेन रिजिजू को उनके जन्मदिन की शुभकामनाएं दीं।अमित शाह ने ‘एक्स’ पोस्ट में लिखा, “केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू को जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएं। हमारी संसदीय प्रणाली को मजबूत बनाने के मोदी जी के दृष्टिकोण को आगे बढ़ाने के आपके प्रयास उत्साहजनक हैं। ईश्वर आपको सदैव उत्तम स्वास्थ्य और सकारात्मकता प्रदान करे।”
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने भी संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू को जन्मदिन की शुभकामनाएं दीं और उनके उत्तम स्वास्थ्य व दीर्घायु की कामना की। किरेन रिजिजू का जन्म 19 नवंबर, 1971 को अरुणाचल प्रदेश के पश्चिम कामेंग के नाखू गांव में एक बौद्ध परिवार में हुआ था।
एक राजनीतिक रूप से सक्रिय परिवार से आने वाले रिजिजू ने छात्र जीवन से ही सार्वजनिक मामलों में गहरी रुचि दिखाई। 31 वर्ष की आयु में, उन्हें भारत सरकार के खादी और ग्रामोद्योग आयोग का सदस्य (2002-04) नियुक्त किया गया। 2004 में वे पश्चिमी अरुणाचल प्रदेश निर्वाचन क्षेत्र से 14वीं लोकसभा के लिए चुने गए, जो देश के सबसे बड़े निर्वाचन क्षेत्रों में से एक है।वे अरुणाचल प्रदेश से चार बार सांसद रह चुके हैं और 18वीं लोकसभा में तीन बौद्ध सांसदों में से एक हैं।
 

नीतीश के शपथ ग्रहण में मोदी-शाह समेत बड़े नेताओं का जुटान

18-Nov-2025
पटना (शोर संदेश)। बिहार चुनाव एनडीए की प्रचंड जीत के बाद 20 नवंबर को नीतीश कुमार के नेतृत्व में नई सरकार का शपथ ग्रहण होगा। पटना के गांधी मैदान में नीतीश कुमार 10वीं बार बिहार के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। एनडीए के नेताओं इस कार्यक्रम को भव्य तरीक से आयोजित करने का फैसला लिया है, जिसकी जोर-शोर से तैयारियां की जा रही हैं। बताया जा रहा है कि नीतीश सरकार के शपथ ग्रहण समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह समेत भाजपा के शीर्ष नेता जुटेंगे। बिहार बीजेपी अध्यक्ष दिलीप जायसवाल ने कहा कि समारोह में लगभग 2 से 3 लाख लोग आएंगे।
जायसवाल ने मंगलवार को मीडिया से बातचीत में कहा कि कल (बुधवार को) भाजपा विधायक दल की बैठक है। उसके बाद एनडीए विधायक दल की बैठक होगी। फिर 20 तारीख को गांधी मैदान में शपथ ग्रहण समारोह होगा। उसमें पीएम नरेंद्र मोदी समेत भाजपा के सभी वरिष्ठ नेता, विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्री और डिप्टी सीएम और समाज के गणमान्य लोगों को आमंत्रित किया गया है।
उन्होंने कहा कि मतदाताओं ने अपार समर्थन एनडीए को दिया है, इसलिए इस कार्यक्रम में सभी मतदाताओं को आमंत्रित किया जा रहा है। करीब दो से तीन लाख लोग शपथ ग्रहण समारोह में आएंगे। जायसवाल ने कहा कि इस बार हम विकसित बिहार का सपना पूरा करने की शपथ लेंगे।
बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष ने तेजस्वी यादव को आरजेडी के विधायक दल का नेता चुने जाने पर कहा कि अगर वह नेता प्रतिपक्ष बते हैं तो उन्हें अनुशासित तरीके से इसकी भूमिका निभानी चाहिए। एनडीए सरकार के विकसित बिहार के सपने में विपक्ष को अच्छे कामों में साथ देना चाहिए। विपक्ष का काम सिर्फ विरोध करना नहीं है।
 

सऊदी अरब बस हादसा: पीएम मोदी ने जताया गहरा दुख, भारतीय दूतावास ने जारी की हेल्पलाइन

17-Nov-2025
दिल्ली।  ( शोर संदेश ) सऊदी अरब में सोमवार तड़के हुई बस दुर्घटना को लेकर भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दुख जाहिर किया है। मदीना के पास उमराह यात्रियों से भरी बस एक डीजल टैंकर से टकरा गई, जिसमें कई भारतीयों की मौत हो गई।
पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “मदीना में भारतीय नागरिकों से जुड़ी दुर्घटना से मुझे गहरा दुख हुआ है। मेरी संवेदनाएं उन परिवारों के साथ हैं जिन्होंने अपने प्रियजनों को खो दिया है। मैं सभी घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूं। रियाद स्थित हमारा दूतावास और जेद्दा स्थित वाणिज्य दूतावास हर संभव सहायता प्रदान कर रहे हैं। हमारे अधिकारी सऊदी अरब के अधिकारियों के साथ भी निरंतर संपर्क में हैं।”
इस घटना में कई भारतीयों की मौत हो गई है। हालांकि, मौत के आंकड़ों को लेकर फिलहाल कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। घटना के बाद जेद्दा और रियाद के महावाणिज्य दूतावास और एंबेसी ने हेल्पलाइन नंबर जारी किया है। जेद्दा में भारत के महावाणिज्य दूतावास ने घटना की जानकारी दी और मदद के लिए हेल्पलाइन नंबर भी जारी किया है।
जेद्दा में भारतीय दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “सऊदी अरब के मदीना के निकट भारतीय उमराह यात्रियों के साथ हुई एक दुखद बस दुर्घटना को देखते हुए, जेद्दा स्थित भारतीय महावाणिज्य दूतावास में एक 24×7 नियंत्रण कक्ष स्थापित किया गया है। मदद के लिए संपर्क करने हेतु जानकारी दी गई है: टोल फ्री नंबर 8002440003 है।”
इसके साथ ही तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए रेवंत रेड्डी ने भी सऊदी अरब में भारतीय उमराह यात्रियों को ले जा रही एक बस के साथ हुए भीषण हादसे में हुई जानमाल की हानि पर शोक व्यक्त किया। राज्य सरकार ने दुर्घटना के पीड़ितों के परिवारों को सूचना और सहायता प्रदान करने के लिए हैदराबाद में एक नियंत्रण कक्ष भी स्थापित किया है।
तेलंगाना सरकार ने एक्स प्लेटफॉर्म पर लिखा, “स्थानीय मीडिया में इस दुर्घटना में भारतीय उमराह यात्रियों के मारे जाने की खबर आने के बाद वह रियाद स्थित भारतीय दूतावास के संपर्क में है।”
एक आधिकारिक बयान में, राज्य सरकार ने पुष्टि की कि मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने नई दिल्ली में अधिकारियों को सतर्क कर दिया है और उन्हें दूतावास के अधिकारियों के साथ मिलकर काम करने का निर्देश दिया है।
हादसे पर दुख जताते हुए भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर ने एक्स पर लिखा, “सऊदी अरब के मदीना में भारतीय नागरिकों के साथ हुई दुर्घटना से गहरा सदमा पहुंचा है। रियाद स्थित हमारा दूतावास और जेद्दा स्थित वाणिज्य दूतावास इस दुर्घटना से प्रभावित भारतीय नागरिकों और उनके परिवारों को पूरी सहायता प्रदान कर रहे हैं। शोक संतप्त परिवारों के प्रति हमारी गहरी संवेदना। घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना करता हूं।” 







 

 


एक्सपोर्ट प्रमोशन मिशन से एमएसएमई को मिलेगा बढ़ावा, देश की निर्यात प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता बढ़ेगी : पीएम मोदी

13-Nov-2025
नई दिल्ली ( शोर संदेश )। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को कहा कि एक्सपोर्ट प्रमोशन मिशन (ईपीएम) से सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (एमएसएमई) को बढ़ावा मिलेगा और इससे देश की निर्यात प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता को भी बढ़ाने में मदद मिलेगी।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में पीएम मोदी ने कहा, “केंद्रीय कैबिनेट ने एक्सपोर्ट प्रमोशन मिशन (ईपीएम) को एप्रूव किया है, जो देश की निर्यात प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता बढ़ाएगा और एमएसएमई, फर्स्ट-टाइम एक्सपोर्ट्स और अधिक लेबर उपयोग वाले सेक्टर्स को मदद करेगा। यह प्रमुख पक्षकारों को एक साथ लाकर एक ऐसा सिस्टम तैयार करता है जो परिणाम आधारित और प्रभावी हो।”
उन्होंने पोस्ट में कहा कि इससे यह सुनिश्चित होगा कि ‘मेड इन इंडिया’ की गूंज विश्व बाजार में और भी अधिक सुनाई दे। यह मिशन एक्सपोर्ट प्रमोशन के लिए कॉम्प्रिहेंसिव, फ्लेक्सिबल और डिजिटल संचालित फ्रेमवर्क उपलब्ध कराएगा। यह योजना पांच वर्ष के लिए वित्त वर्ष 2025-26 से लेकर वित्त वर्ष 2030-31 है और इसका परिव्यय 25,060 करोड़ रुपए था।
निर्यातकों के लिए लाई गई क्रेडिट गारंटी स्कीम पर पीएम मोदी ने एक अन्य पोस्ट में कहा कि निर्यातकों के लिए क्रेडिट गारंटी स्कीम, जिसे कैबिनेट द्वारा एप्रूव किया गया है, वैश्विक प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देगी, सुचारू व्यावसायिक संचालन सुनिश्चित करेगी और आत्मनिर्भर भारत के हमारे सपने को साकार करने में मदद करेगी। क्रेडिट गारंटी स्कीम को मंजूरी मिलने से नेशनल क्रेडिट गारंटी ट्रस्टी कंपनी लिमिटेड (एनसीजीटीसी) द्वारा सदस्य क्रेडिट संस्थानों (एमएलआई) को 100 प्रतिशत क्रेडिट गारंटी कवरेज प्रदान किया जा सकेगा, जिससे पात्र निर्यातकों, जिनमें एमएसएमई भी शामिल हैं, को 20,000 करोड़ रुपए तक की अतिरिक्त ऋण सुविधाएं प्रदान की जा सकेगी।
पीएम मोदी ने कहा कि कैबिनेट के इन फैसलों से स्थिरता और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा मिलेगा। इससे आपूर्ति श्रृंखलाएं मजबूत होंगी और रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे। 








 

आईएमडी ने आज तमिलनाडु के चार जिलों में भारी बारिश की जारी की चेतावनी

12-Nov-2025
नई दिल्ली।  ( शोर संदेश ) तमिलनाडु के चार दक्षिणी जिलों में आज बुधवार को भारी बारिश हो सकती है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने दक्षिणी तटीय इलाकों में खासकर तिरुनेलवेली के पहाड़ी हिस्सों में जोरदार बारिश की संभावना जताई है।
चेन्नई के क्षेत्रीय मौसम केंद्र ने बताया कि दक्षिण-पूर्व अरब सागर में बना कम दबाव का क्षेत्र बारिश का मुख्य कारण है। आईएमडी ने चेतावनी दी है कि तिरुनेलवेली के पश्चिमी घाट क्षेत्र के कुछ हिस्सों में शाम के समय बिजली की गरज-चमक और तेज हवाओं के साथ तेज बारिश हो सकती है।
चेन्नई के क्षेत्रीय मौसम केंद्र ने कहा कि दक्षिण-पूर्व अरब सागर में बना कम दबाव का क्षेत्र तमिलनाडु के दक्षिणी इलाकों को प्रभावित कर रहा है। इससे तिरुनेलवेली, रामनाथपुरम, थूथुकुडी और कन्याकुमारी जिलों में एक-दो जगहों पर आज भारी बारिश हो सकती है।
चेन्नई में आसमान आंशिक रूप से बादल छाए रहने की संभावना है और देर दोपहर या रात के दौरान कुछ इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश या गरज के साथ बौछारें पड़ सकती हैं। विभाग ने बताया कि अधिकतम तापमान 32 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की संभावना है, जबकि न्यूनतम तापमान 26 डिग्री के आसपास रहने की उम्मीद है।
पिछले हफ्ते के उलट, तमिलनाडु के तट या आसपास के समुद्र में मछुआरों के लिए कोई चेतावनी नहीं है। हवा मध्यम रहेगी और समुद्र ज्यादातर शांत रहेगा। फिर भी मछुआरों को आने वाले दिनों के ताजा मौसम पूर्वानुमान पर नजर रखने की सलाह दी गई है, क्योंकि बंगाल की खाड़ी में मौसम की स्थिति बदल सकती है।
आईएमडी ने बताया कि पूर्वी हवाओं की वजह से सप्ताह के बीच तक दक्षिणी जिलों में कभी-कभी हल्की बारिश हो सकती है। इसके साथ ही अधिकारियों ने निचले इलाकों के निवासियों से सतर्क रहने का आग्रह किया है। हल्की या तेज भारी बारिश से संवेदनशील इलाकों में जलभराव की स्थिति पैदा हो सकती है।
पूरे तमिलनाडु में पूर्वोत्तर मानसून के सक्रिय होने के कारण अगले कुछ दिनों में दक्षिणी जिलों में मौसम की स्थिति अस्थिर रहने की उम्मीद है। 

 

प्रदूषण पर नकेल: वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग की त्वरित कार्ययोजना लागू

12-Nov-2025
नई दिल्ली।  ( शोर संदेश ) 1 जनवरी से 9 नवंबर, 2025 के बीच दिल्ली का औसत एक्यूआई (वायु गुणवत्ता सूचकांक) 175 दर्ज किया गया, जो पिछले वर्ष की समान अवधि के दौरान 189 रहा था। इस अवधि में पीएम 2.5 और पीएम 10 के औसत सांद्रता स्तर क्रमशः 75 माइक्रोग्राम/मी³ और 170 माइक्रोग्राम/मी³ रहे, जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि में ये स्तर क्रमशः 87 माइक्रोग्राम/मी³ तथा 191 माइक्रोग्राम/मी³ थे।
इस वर्ष पंजाब और हरियाणा के खेतों में पराली जलाने की घटनाओं में उल्लेखनीय कमी दर्ज की गई है। 15 सितंबर से 9 नवंबर, 2025 के बीच पंजाब में 4,062 इस तरह की घटनाएं दर्ज हुईं, जबकि 2024 में इसी अवधि के दौरान यह संख्या 6,266 थी। यानी लगभग 35.2 प्रतिशत की गिरावट हुई। इसी तरह, हरियाणा में इस वर्ष केवल 333 घटनाएं दर्ज की गईं, जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि में 959 घटनाएं देखी गई थीं, जो 65.3 प्रतिशत की कमी को दर्शाती हैं। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र व इसके आसपास के इलाकों में वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) लगातार पंजाब और हरियाणा की राज्य सरकारों तथा संबंधित एजेंसियों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ जमीनी स्थिति की समीक्षा कर रहा है। इसका उद्देश्य वैधानिक निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करना और पराली जलाने की समस्या को प्रभावी रूप से नियंत्रित करना है।
परंपरागत अपशिष्ट प्रसंस्करण में निरंतर प्रगति दर्ज की गई है। दिल्ली में अब तक 23 लाख टन से अधिक डंपसाइट अपशिष्ट का जैव-खनन किया जा चुका है। साथ ही, 7,000 टन प्रतिदिन (टीपीडी) की अतिरिक्त अपशिष्ट-से-ऊर्जा क्षमता और 750 टीपीडी बायो-सीएनजी/सीबीजी उत्पादन क्षमता विकसित की जा रही है। गुरुग्राम, नोएडा, ग्रेटर नोएडा, फरीदाबाद और गाजियाबाद में भी समानांतर प्रयास जारी हैं, जो पुराने कचरे के पूर्ण उन्मूलन की दिशा में ठोस प्रगति को रेखांकित करते हैं। बुनियादी ढांचे के सुदृढ़ीकरण के साथ, सीएक्यूएम ने लैंडफिल स्थलों पर आग और उत्सर्जन को रोकने के लिए सीसीटीवी कैमरे, मीथेन डिटेक्टर, अग्नि-शमन प्रणाली तथा श्रमिकों के लिए पीपीई उपकरण स्थापित करने के निर्देश दिए हैं। जून 2025 में, आयोग ने खुले में कचरा जलाने के प्रति शून्य सहिष्णुता नीति, रात्रिकालीन निगरानी बढ़ाने तथा आरडब्ल्यूए, उद्योग संघों और स्थानीय निकायों के सहयोग से नागरिक जागरूकता अभियान तेज करने के निर्देश भी जारी किए। इन व्यापक उपायों से एनसीआर में खुले में कचरा जलाने की घटनाओं में उल्लेखनीय कमी आने की संभावना है, जिससे क्षेत्र की वायु गुणवत्ता और पर्यावरणीय स्वास्थ्य में सकारात्मक सुधार होगा।
एनसीआर में लागू ग्रेप चरण I और II: आईआईटीएम द्वारा तैयार किए गए गतिशील मॉडल और मौसम एवं वायु गुणवत्ता पूर्वानुमानों के आधार पर, पूरे एनसीआर में ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (जीआरएपी) के चरण-I तथा चरण-II के अंतर्गत उपाय प्रभावी रूप से लागू किए गए हैं। वायु गुणवत्ता में किसी भी और गिरावट को रोकने के लिए संबंधित एजेंसियों द्वारा सक्रिय एवं निवारक कदम निरंतर उठाए जा रहे हैं। जीआरएपी का चरण-I (एक्यूआई 201–300) 14 अक्टूबर 2025 से लागू किया गया, जबकि चरण-II (एक्यूआई 301–400) 19 अक्टूबर 2025 से पूरे एनसीआर में प्रभावी हुआ। इन चरणों के तहत यांत्रिक सड़क सफाई मशीनों (एमआरएसएम) की तैनाती, पानी के छिड़काव (स्प्रिंकलर) में वृद्धि, एंटी-स्मॉग गनों के उपयोग में तेजी और डीजी सेटों के विनियमित संचालन जैसे अनेक उपाय शामिल हैं।
स्रोत पर वाहन उत्सर्जन नियंत्रण: वाहनों से होने वाला उत्सर्जन क्षेत्र में पार्टिकुलेट मैटर (पीएम) के स्तर में वृद्धि का एक प्रमुख कारण बना हुआ है। इस चुनौती से प्रभावी रूप से निपटने के लिए वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) ने कई लक्षित और वैधानिक निर्देश जारी किए हैं, जो इस प्रकार हैं । एनसीआर राज्यों से दिल्ली आने वाली सभी अंतर-शहर बसों को अब स्वच्छ ईंधन मोड (ईवी/सीएनजी/बीएस-VI डीजल) में परिवर्तित किया जा चुका है। इसी दिशा में, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, मध्य प्रदेश और केंद्र शासित प्रदेश जम्मू एवं कश्मीर सहित आसपास के राज्यों से आने वाली अंतरराज्यीय बसों के लिए भी ऐसे ही निर्देश जारी किए गए हैं।
01 नवंबर, 2025 से दिल्ली में पंजीकृत वाहनों को छोड़कर बीएस-III और उससे नीचे के सभी वाणिज्यिक माल वाहन (एचजीवी, एमजीवी तथा एलजीवी) के दिल्ली में प्रवेश पर पूर्ण प्रतिबंध लागू कर दिया गया है। इसके अतिरिक्त, वाहन एग्रीगेटर्स, डिलीवरी सेवा प्रदाताओं और ई-सेवा संस्थाओं के मौजूदा बेड़ों में केवल स्वच्छ ईंधन आधारित सीएनजी तथा इलेक्ट्रिक तीन-पहिया ऑटोरिक्शा को शामिल करने की अनुमति दी गई है। 01 जनवरी 2026 से, डीजल या पेट्रोल पर चलने वाले किसी भी पारंपरिक आंतरिक दहन इंजन (आईसीई) वाहन को ऐसे बेड़ों में शामिल करने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
औद्योगिक एवं निर्माण क्षेत्र अनुपालन: सीएक्यूएम ने औद्योगिक क्षेत्र में स्वच्छ ईंधन के उपयोग और कड़े उत्सर्जन मानदंडों की दिशा में लगभग पूर्ण परिवर्तन सुनिश्चित किया है। एनसीआर के 240 औद्योगिक क्षेत्रों में से 224 क्षेत्रों में अब पाइप्ड नेचुरल गैस (पीएनजी) का बुनियादी ढांचा उपलब्ध है और 96% से अधिक औद्योगिक इकाइयां पहले ही स्वीकृत स्वच्छ ईंधनों पर स्थानांतरित हो चुकी हैं। औद्योगिक उत्सर्जन की निगरानी और अनुपालन को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से, आयोग ने ऑनलाइन सतत उत्सर्जन निगरानी प्रणाली (ओसीईएमएस) सेल की स्थापना की है, जो दिल्ली-एनसीआर के उद्योगों से निकलने वाले कणीय तथा गैसीय उत्सर्जन की वास्तविक समय में निगरानी करता है। ओसीईएमएस की स्थापना एवं संचालन हेतु 3,551 औद्योगिक इकाइयों की पहचान की गई है। इसके अतिरिक्त, आयोग के उड़नदस्तों द्वारा 24,080 निरीक्षण औद्योगिक इकाइयों, निर्माण एवं विध्वंस स्थलों तथा अन्य प्रतिष्ठानों में किए गए हैं। वैधानिक निर्देशों और निर्धारित मानदंडों का उल्लंघन करने वाली 1,556 इकाइयों के विरुद्ध बंदी के आदेश जारी किए गए हैं।500 वर्ग मीटर से अधिक क्षेत्रफल वाले सभी निर्माण स्थलों के लिए अब संबंधित राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्डों और दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति द्वारा संचालित वेब पोर्टल पर पंजीकरण कराना अनिवार्य कर दिया गया है।
परियोजना प्रस्तावकों को स्व-लेखा परीक्षा (सेल्फ-ऑडिट) करना तथा समय-समय पर अनुपालन रिपोर्ट पोर्टल पर अपलोड करना भी आवश्यक है, जिससे पारदर्शिता व जवाबदेही सुनिश्चित हो सके। केवल वर्ष 2025 में ही 6,000 से अधिक निर्माण स्थल एनसीआर में पंजीकृत किए गए और 30,000 से अधिक निरीक्षण किए गए। इन निरीक्षणों के परिणामस्वरूप 250 से अधिक गैर-अनुपालन स्थलों को बंद किया गया तथा जुर्माना भी लगाया गया। कार्यान्वयन एजेंसियां निर्माण गतिविधियों से उत्पन्न धूल को नियंत्रित करने के लिए निर्धारित मानकों के अनुपालन को सुनिश्चित कर रही हैं, जिनमें ,धूल अवरोधक की स्थापना, निर्माण सामग्री को ढकने की व्यवस्था, नियमित जल छिड़काव, तथा निर्धारित अनुपात में एंटी-स्मॉग गनों का उपयोग शामिल है। इसके साथ ही, निर्माण एवं विध्वंस अपशिष्ट प्रसंस्करण क्षमता को दैनिक अपशिष्ट उत्पादन के अनुरूप बढ़ाने और निर्माण कार्यों में पुनर्चक्रित सामग्रियों के उपयोग को प्रोत्साहित करने के प्रयास भी सक्रिय रूप से जारी हैं।
हरियाली और वृक्षारोपण: वित्त वर्ष 2025–26 (सितंबर तक) में राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में 4.37 करोड़ से अधिक पौधों का रोपण किया गया है, जो निर्धारित वार्षिक लक्ष्य से अधिक है। आयोग मियावाकी तकनीक के माध्यम से शहरी वनों के सृजन, सड़कों और औद्योगिक गलियारों के किनारे हरित बफर्स के विकास तथा सिंचाई के लिए उपचारित अपशिष्ट जल के उपयोग को प्राथमिकता दे रहा है। इसके अतिरिक्त, स्कूलों, आवासीय कल्याण संघों (आरडब्ल्यूए) और सार्वजनिक संस्थानों के साथ साझेदारी के माध्यम से वृक्षारोपण अभियानों में जनभागीदारी को व्यापक रूप से प्रोत्साहित किया गया है।
गहन निगरानी: सीएक्यूएम दिल्ली-एनसीआर और इसके आसपास के क्षेत्रों में वायु गुणवत्ता की समग्र स्थिति पर सतत निगरानी रख रहा है। आयोग यह सुनिश्चित करने के लिए एनसीआर राज्य सरकारों, प्रदूषण नियंत्रण बोर्डों/समितियों और शहरी स्थानीय निकायों की संबंधित एजेंसियों के साथ निरंतर समन्वय बनाए हुए हैं कि सभी वैधानिक निर्देशों का प्रभावी एवं समयबद्ध कार्यान्वयन हो। आयोग सुधार की प्रवृत्ति को बनाए रखने तथा उसे और सुदृढ़ करने के उद्देश्य से क्षेत्र-विशिष्ट कार्रवाइयों, अनुपालन स्थिति एवं प्रभावी परिणामों की नियमित समीक्षा कर रहा है। 

पीएम मोदी के भूटान दौरे में पुनातसांगछू परियोजना का उद्घाटन और तीन अहम समझौते

12-Nov-2025
नई दिल्ली ( शोर संदेश )।  प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भूटान की दो दिवसीय राजकीय यात्रा के दौरान दोनों देशों के बीच ऊर्जा, नवीकरणीय संसाधन, स्वास्थ्य और मानसिक स्वास्थ्य के क्षेत्रों में सहयोग को बढ़ाया। यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री मोदी और भूटान के राजा जिग्मे खेसर नामग्येल वांगचुक ने 1020 मेगावाट की पुनातसांगछू दो जलविद्युत परियोजना का संयुक्त रूप से उद्घाटन किया। मोदी ने भूटान की 13वीं पंचवर्षीय योजना और गेलफू माइंडफुलनेस सिटी परियोजना के लिए भारत के पूर्ण समर्थन की घोषणा की।
पीएम मोदी भूटान के राजा जिग्मे खेसर नामग्येल वांगचुक के निमंत्रण पर 11 और 12 नवंबर को भूटान की दो दिवसीय राजकीय यात्रा पर हैं। उन्होंने भूटान की जनता के साथ चौथे राजा जिग्मे सिंगे वांगचुक के 70वें जन्मदिन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में भाग लिया और थिम्पू में चल रहे वैश्विक शांति प्रार्थना उत्सव में शामिल हुए।
पीएमओ में अनुसार, प्रधानमंत्री मोदी ने भूटान के राजा, चौथे द्रुक ग्यालपो और प्रधानमंत्री डाशो त्शेरिंग तोबगे के साथ बैठक की। वार्ताओं में द्विपक्षीय सहयोग, क्षेत्रीय मुद्दों और वैश्विक मामलों पर चर्चा हुई। भूटान के राजा ने 10 नवंबर को दिल्ली में हुए विस्फोट में मारे गए लोगों के प्रति संवेदना व्यक्त की और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की। भारत ने इस एकजुटता और समर्थन के लिए भूटान का आभार जताया।
प्रधानमंत्री मोदी ने भूटान के आर्थिक प्रोत्साहन कार्यक्रम के लिए भारत की सहायता का आश्वासन दिया और असम के हातिसार में आव्रजन जांच चौकी स्थापित करने की घोषणा की। दोनों देशों ने सीमा पार संपर्क और बुनियादी ढांचे को मजबूत करने पर बल दिया। दररंगा आव्रजन जांच चौकी, जोगीगोफा मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक्स पार्क और भूटान भारत रेल परियोजनाओं में हुई प्रगति का स्वागत किया गया।
भारत ने भूटान में ऊर्जा परियोजनाओं के लिए 40 अरब रुपये की रियायती ऋण सहायता देने की घोषणा की। दोनों पक्षों ने 1200 मेगावाट की पुनातसांगछू एक परियोजना के मुख्य बांध निर्माण कार्य को फिर से शुरू करने के निर्णय का स्वागत किया और इसके शीघ्र पूरा होने पर सहमति जताई।
भारत और भूटान ने उर्वरक आपूर्ति, विज्ञान और प्रौद्योगिकी शिक्षा, वित्तीय प्रौद्योगिकी और अंतरिक्ष सहयोग जैसे नए क्षेत्रों में भी प्रगति पर संतोष व्यक्त किया। यूपीआई के दूसरे चरण के तहत भूटानी नागरिक अब भारत में अपने मोबाइल अनुप्रयोगों से भुगतान कर सकेंगे। प्रधानमंत्री मोदी की इस यात्रा के दौरान तीन समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर हुए, नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में सहयोग, स्वास्थ्य और चिकित्सा क्षेत्र में सहयोग तथा मानसिक स्वास्थ्य संस्थागत साझेदारी पर। भूटान के राजगीर स्थित रॉयल भूटान मंदिर के अभिषेक और वाराणसी में भूटान मंदिर एवं अतिथि गृह के लिए भूमि आवंटन के भारत सरकार के निर्णय का भी स्वागत किया गया। 
 

भारत का रक्षा निर्यात 6,695 करोड़ रुपए, वैश्विक मंच पर बढ़ी ‘मेड इन इंडिया’ की पहचान

11-Nov-2025
नई दिल्ली (शोर संदेश)। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सोमवार को कहा कि वर्ष 2024-25 में, भारत ने 1.51 लाख करोड़ रुपए का रक्षा उत्पादन हासिल किया, जिसमें डीपीएसयू का योगदान कुल 71.6 प्रतिशत रहा है।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि रक्षा निर्यात 6,695 करोड़ रुपए तक पहुंच गया, जो भारत की स्वदेशी प्रणालियों में वैश्विक विश्वास को दर्शाता है। इससे यह स्पष्ट है कि ‘मेड इन इंडिया’ रक्षा उत्पाद वैश्विक सम्मान प्राप्त कर रहे हैं।
राष्ट्रीय राजधानी में डिफेंस पीएसयू के प्रदर्शन की समीक्षा बैठक में केंद्रीय मंत्री ने देश के रक्षा विनिर्माण इको-सिस्टम को मजबूत करने और आत्मनिर्भर भारत के दृष्टिकोण को आगे बढ़ाने में डीपीएसयू के निरंतर योगदान की सराहना की।
उन्होंने सरकारी कंपनियों को उनके निरंतर समर्पण और उत्कृष्टता के लिए बधाई देते हुए कहा कि हमारे सभी 16 डीपीएसयू देश की आत्मनिर्भरता के मजबूत स्तंभ के रूप में कार्य कर रहे हैं। ऑपरेशन सिंदूर जैसे अभियानों में उनका उत्कृष्ट प्रदर्शन हमारे स्वदेशी प्लेटफार्मों की विश्वसनीयता और क्षमता का प्रमाण है।
केंद्रीय मंत्री ने इस गति को बनाए रखने की आवश्यकता पर बल देते हुए सभी डीपीएसयू से महत्वपूर्ण प्रौद्योगिकियों के तीव्र स्वदेशीकरण, समग्र अनुसंधान एवं विकास, उत्पाद गुणवत्ता संवर्धन, समय पर डिलीवरी और निर्यात बढ़ाने के लिए एक रणनीतिक दृष्टिकोण अपनाने पर ध्यान केंद्रित करने का आग्रह किया।
उन्होंने डीपीएसयू को निर्देश दिया कि वे मापनीय लक्ष्यों के साथ स्पष्ट स्वदेशीकरण और अनुसंधान एवं विकास रोडमैप तैयार करें और अगली समीक्षा बैठक में प्रस्तुत करें।
उन्होंने आगे कहा कि सरकार की ओर से, मैं आपको आश्वस्त करता हूं कि जहां भी विशेष हस्तक्षेप या सहायता की आवश्यकता होगी, वह तुरंत प्रदान की जाएगी। इस आयोजन में केंद्रीय मंत्री ने स्टेट-ऑफ-द-आर्ट डीपीएसयू भवन का उद्घाटन किया और जहां डिफेंस पीएसयू के प्रदर्शन की समीक्षा भी की गई।
इस आयोजन के एक भाग के रूप में, डीपीएसयू के बीच तीन प्रमुख समझौता ज्ञापनों का आदान-प्रदान किया गया, जो सहयोग और आत्मनिर्भरता की भावना को दर्शाता है।

भारत-अमेरिका व्यापार समझौता लगभग तैयार: ट्रंप बोले, जल्द होंगे हस्ताक्षर

11-Nov-2025
नई दिल्ली (शोर संदेश)। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि भारत के साथ व्यापार समझौता लगभग तैयार है और जल्द ही उस पर हस्ताक्षर हो सकते हैं।
ट्रंप ने यह टिप्पणी भारत में अमेरिका के अगले राजदूत सर्जियो गोर के शपथ ग्रहण समारोह के दौरान की। उन्होंने कहा, “हम भारत के साथ एक नया समझौता कर रहे हैं, जो पहले से अलग होगा। इस बार दोनों देशों को बराबरी का लाभ मिलेगा। समझौते पर बात लगभग पूरी हो चुकी है और यह दोनों देशों के लिए फायदेमंद रहेगा।”
ट्रंप ने कहा कि उनकी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आपस में बहुत अच्छी समझ है। उन्होंने भारत को अमेरिका का बेहद महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय साझेदार बताया।
ट्रंप ने कहा, “हम उम्मीद करते हैं कि सर्जियो गोर भारत और अमेरिका के रिश्तों को और मजबूत करेंगे। भारत दुनिया की सबसे पुरानी सभ्यताओं में से एक का घर है, दुनिया का सबसे बड़ा देश… हमारे प्रधानमंत्री मोदी के साथ शानदार संबंध हैं और सर्जियो ने इसे और भी बेहतर बनाया है, क्योंकि वह पहले से ही प्रधानमंत्री के साथ दोस्ताना संबंध बना चुके हैं।”
सर्जियो गोर को उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने शपथ दिलाई। इस मौके पर विदेश मंत्री मार्को रुबियो और वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट भी मौजूद थे। ट्रंप ने भारत की तारीफ करते हुए कहा कि भारत तेज़ी से आगे बढ़ रही अर्थव्यवस्था है और हिंद-प्रशांत क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण सुरक्षा साझेदार है।
उपराष्ट्रपति वेंस ने भी गोर को बधाई देते हुए कहा कि वे और राष्ट्रपति ट्रंप, दोनों भारत को बहुत पसंद करते हैं। सर्जियो गोर ने राष्ट्रपति ट्रंप का धन्यवाद किया और कहा कि वे भारत-अमेरिका रिश्तों को और मजबूत करने की दिशा में पूरी मेहनत से काम करेंगे।
उन्होंने कहा, “मैं कई वर्षों से आपके साथ हूं और आगे भी रहूंगा। यह मेरे लिए एक अविश्वसनीय सम्मान की बात है और मैं दोनों देशों के बीच संबंधों को और मजबूत करने के लिए उत्सुक हूं।”
38 वर्ष के सर्जियो गोर इस पद पर नियुक्त होने वाले अब तक के सबसे युवा अमेरिकी राजदूत हैं और लंबे समय से ट्रंप के करीबी सहयोगी रहे हैं।



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