ब्रेकिंग न्यूज

देश-विदेश

तमिलनाडु के 16 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट, जनजीवन प्रभावित

03-Jun-2026
नई दिल्ली। (शोर संदेश) भारतीय मौसम विभाग ने बुधवार और गुरुवार के लिए तमिलनाडु के 16 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। राज्य के कई हिस्सों में पहले से ही तेज बारिश हो रही है, जिससे बाढ़, बिजली आपूर्ति बाधित होने, संपत्ति को नुकसान और लोगों के घायल होने की घटनाएं सामने आई हैं।
मौसम विभाग के अनुसार अगले दो दिनों में कोयंबटूर, नीलगिरी, थेनी, तिरुप्पुर, तिरुनेलवेली, तेनकासी, डिंडीगुल, कन्याकुमारी, इरोड, सलेम, धर्मपुरी, कृष्णागिरी, तिरुपत्तूर, वेल्लोर, रानीपेट और तिरुवन्नामलाई जिलों में भारी बारिश होने की संभावना है।
आईएमडी ने यह भी कहा है कि गुरुवार को केरल में दक्षिण-पश्चिम मानसून के आगमन के लिए परिस्थितियां अनुकूल हैं। यह चेतावनी ऐसे समय आई है जब मंगलवार को तमिलनाडु के कई जिलों में भारी बारिश ने जनजीवन प्रभावित कर दिया। वहीं नमक्कल जिले के रसिपुरम में पुराने बस स्टैंड के पास सरकारी अस्पताल परिसर में बारिश का पानी भर गया, जिससे मरीजों और उनके परिजनों को घुटनों तक पानी में चलना पड़ा। नए बस स्टैंड बाजार क्षेत्र में भी जलभराव हुआ, जिससे व्यापारिक गतिविधियां प्रभावित हुईं।
तिरुपत्तूर जिले में अंबूर, अलंगकुप्पम और पेरियंकुप्पम में ओलावृष्टि (ओले गिरना) दर्ज की गई। तेज हवाओं के कारण कई जगह पेड़ उखड़ गए। विनमंगलम में नागालम्मन मंदिर के पास एक पूवारसु का पेड़ घर पर गिर गया, जबकि एक बड़ा बरगद का पेड़ डांडू मारियम्मन मंदिर पर गिर पड़ा।
तिरुवन्नामलाई जिले के अरनी, सावूर, कुन्नाथुर और कामाक्कुर में तीन घंटे से अधिक भारी बारिश हुई, जिससे बिजली आपूर्ति बाधित हो गई और जनजीवन प्रभावित हुआ। मेलनगर गांव में एक इमली का पेड़ एक चलती मिनी बस पर गिर गया, जिसमें ड्राइवर सहित 10 से अधिक यात्री घायल हो गए।
तिरुप्पुर, इरोड, करूर, तिरुचिरापल्ली, मदुरै, शिवगंगा और डिंडीगुल जिलों में भी तेज बारिश दर्ज की गई। कई सड़कों पर पानी भर गया और मदुरै के कुछ हिस्सों जैसे मट्टुथवानी, पेरियार बस स्टैंड, सिम्मक्कल, मेलूर, थिरुमंगलम और एयरपोर्ट क्षेत्र में बिजली आपूर्ति बाधित रही।
पहाड़ी पर्यटन स्थल कोडईकनाल में शाम के समय अचानक घना कोहरा छा गया और हल्की बारिश भी हुई। कई क्षेत्रों में दृश्यता बहुत कम हो गई, जिससे दिन में भी रात जैसा माहौल बन गया। चेन्नई के लिए मौसम विभाग ने आंशिक रूप से बादल छाए रहने और कुछ इलाकों में गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई है। 





 

दिल्ली में अवैध निर्माण पर सख्ती, उपराज्यपाल ने एमसीडी को समयबद्ध रणनीति लागू करने के दिए निर्देश

03-Jun-2026
नई दिल्ली। (शोर संदेश) दिल्ली के उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू ने मजबूत शहरी शासन, बेहतर नागरिक अवसंरचना और राजधानी में संरचनात्मक सुरक्षा बढ़ाने के लिए एक व्यापक कार्य योजना तैयार करने के लिए दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) की उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में हिस्सा लिया। इस दौरान उपराज्यपाल ने अधिकारियों को विभिन्न निर्देश दिए।
उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू ने सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर किए गए एक पोस्ट में बताया कि बैठक में अवैध संरचनात्मक विस्तारों पर अंकुश लगाने के लिए भवन उपनियमों के कड़े प्रवर्तन पर जोर दिया गया। एमसीडी को अनधिकृत निर्माणों के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई के लिए समयबद्ध रणनीति लागू करने का निर्देश दिया गया। मानसून से पहले वर्षा जल निकासी नालियों की सफाई एवं गाद हटाने, धूल कम करने के लिए सड़कों और फुटपाथों की मरम्मत तथा स्वच्छता मानकों को मजबूत करने के लिए कचरा निपटान की प्रक्रिया में तेजी लाने जैसी प्रमुख नागरिक प्राथमिकताओं की भी समीक्षा की गई।
उपराज्यपाल ने कहा कि अधिकारियों के साथ हुई बैठक में जनकल्याणकारी पहलों की समीक्षा की गई। इसमें अनधिकृत कॉलोनियों के निवासियों के लिए पीएम-उदय योजना के शीघ्र क्रियान्वयन और सार्वजनिक पार्कों के पुनरुद्धार के लिए सहभागी सीएसआर ढांचे को अंतिम रूप देने पर विशेष ध्यान दिया गया।
तरनजीत सिंह संधू ने कहा, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के समावेशी विकास के दृष्टिकोण से प्रेरित होकर हम दिल्ली के प्रत्येक निवासी को सुरक्षित, सुनियोजित, स्वच्छ और गरिमापूर्ण जीवन वातावरण प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।”
इससे पहले मंगलवार को दिल्ली के पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए उपराज्यपाल टीएस संधू ने दिल्ली रिज मैनेजमेंट बोर्ड (डीआरएमबी) के पुनर्गठन को मंजूरी दी। यह फैसला सर्वोच्च न्यायालय के टी.एन. गोदावरमन थिरुमुलपाद बनाम भारत संघ मामले में दिए गए निर्देशों तथा पर्यावरण संरक्षण अधिनियम, 1986 के प्रावधानों के तहत लिया गया।
पुनर्गठित दिल्ली रिज मैनेजमेंट बोर्ड की अध्यक्षता दिल्ली सरकार के मुख्य सचिव करेंगे, जबकि दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) के उपाध्यक्ष इसके सदस्य होंगे। इसके अलावा पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय तथा आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी भी बोर्ड में शामिल रहेंगे। दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) के आयुक्त, नई दिल्ली नगर पालिका परिषद (एनडीएमसी) के अध्यक्ष, केंद्रीय लोक निर्माण विभाग (सीपीडब्ल्यूडी) के महानिदेशक, दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी, राजस्व विभाग के प्रधान सचिव तथा पर्यावरण एवं वन विभाग के प्रधान सचिव भी बोर्ड का हिस्सा होंगे।
जमीनी स्तर पर कार्यों की निगरानी के लिए दिल्ली सरकार के प्रधान मुख्य वन संरक्षक को सदस्य सचिव नियुक्त किया गया है। इसके साथ ही केंद्रीय अधिकार प्राप्त समिति (सीईसी) का प्रतिनिधित्व करने के लिए चंद्र प्रकाश गोयल को विशेषज्ञ सदस्य के रूप में शामिल किया गया है।
 

सीबीएसई री-इवैल्यूएशन पोर्टल पर चार नए पेमेंट गेटवे, 40 हजार छात्रों ने किया आवेदन

03-Jun-2026
नई दिल्ली। (शोर संदेश) केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने कक्षा 10वीं और 12वीं के परीक्षा परिणामों के बाद अंक सत्यापन और पुनर्मूल्यांकन (री-इवैल्यूएशन) प्रक्रिया को लेकर छात्रों और अभिभावकों के लिए महत्वपूर्ण जानकारी जारी की है। बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि सत्यापन और पुनर्मूल्यांकन पोर्टल पर भुगतान की सुविधा के लिए चार सरकारी बैंकों के पेमेंट गेटवे उपलब्ध करा दिए गए हैं और यह व्यवस्था सुचारू रूप से काम कर रही है।
बोर्ड के अनुसार, हजारों छात्र बिना किसी परेशानी के अपनी आवेदन प्रक्रिया पूरी कर रहे हैं। सीबीएसई ने बताया कि पोर्टल पर भुगतान के लिए भारतीय स्टेट बैंक, केनरा बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा और इंडियन बैंक के पेमेंट गेटवे उपलब्ध हैं।
बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि छात्रों का इन बैंकों में खाता होना आवश्यक नहीं है। कोई भी छात्र उपलब्ध पेमेंट गेटवे के माध्यम से आसानी से शुल्क का भुगतान कर सकता है। उम्मीदवारों को ऑनलाइन भुगतान के लिए कई विकल्प उपलब्ध कराए गए हैं।
छात्र यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (यूपीआई), नेट बैंकिंग, क्रेडिट कार्ड और डेबिट कार्ड के माध्यम से निर्धारित पेमेंट गेटवे पर भुगतान कर सकते हैं। इससे देशभर के छात्रों को आवेदन प्रक्रिया पूरी करने में सुविधा मिल रही है।
सीबीएसई द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, बुधवार सुबह 9:30 बजे तक लगभग 40,000 छात्र इस सुविधा का लाभ उठाकर सफलतापूर्वक अपना आवेदन जमा कर चुके हैं। बोर्ड ने कहा कि अब तक आवेदन प्रक्रिया सामान्य रूप से चल रही है और किसी प्रकार की व्यापक तकनीकी समस्या सामने नहीं आई है।
हाल के दिनों में पुनर्मूल्यांकन पोर्टल को लेकर सोशल मीडिया पर विभिन्न प्रकार की सूचनाएं और दावे सामने आए थे। ऐसे में सीबीएसई ने छात्रों और अभिभावकों से अपील की है कि वे केवल बोर्ड की आधिकारिक सूचनाओं और घोषणाओं पर ही भरोसा करें तथा किसी भी अपुष्ट या भ्रामक जानकारी से बचें।
बोर्ड ने दोहराया है कि छात्रों के हितों को ध्यान में रखते हुए पोर्टल की लगातार निगरानी की जा रही है, ताकि सत्यापन और पुनर्मूल्यांकन की पूरी प्रक्रिया पारदर्शी, सुरक्षित और सुचारू बनी रहे।
गौरतलब है कि कक्षा 12वीं के परिणाम घोषित होने के बाद बड़ी संख्या में छात्रों ने शिकायत की थी कि जब उन्होंने अपनी स्कैन की गई उत्तर पुस्तिकाएं देखीं तो कई पन्ने धुंधले दिखाई दे रहे थे। कुछ छात्रों ने उत्तर पुस्तिका के कुछ हिस्से गायब होने का आरोप लगाया, जबकि कई छात्रों को बोर्ड की ऑनलाइन सेवाओं का उपयोग करने में भी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा।
कई छात्रों का यह भी कहना था कि उन्हें जो उत्तर पुस्तिकाएं उपलब्ध कराई गईं, वे उनकी थीं ही नहीं। इन शिकायतों के बाद सोशल मीडिया से लेकर विभिन्न छात्र संगठनों तक, ओएसएम प्रणाली को लेकर सवाल उठने लगे। छात्रों ने आरोप लगाया कि उत्तर पुस्तिकाओं की स्कैनिंग और डिजिटल मूल्यांकन में त्रुटियां हैं, जिससे उनके अंतिम परिणाम प्रभावित हो सकते हैं।
 

पीएम मोदी और म्यांमार के राष्ट्रपति की मुलाकात, द्विपक्षीय सहयोग मजबूत करने पर हुई चर्चा

01-Jun-2026
नई दिल्ली।( शोर संदेश ) पीएम मोदी ने सोमवार को दिल्ली के हैदराबाद हाउस में म्यांमार के राष्ट्रपति यू मिन आंग ह्लाइंग से मुलाकात की। दोनों नेताओं ने भारत और म्यांमार के बीच रिश्तों को और मजबूत बनाने के तरीकों पर चर्चा की। बैठक में व्यापार, अर्थव्यवस्था, तकनीक और लोगों के आपसी संबंधों समेत कई क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर बात हुई।
म्यांमार के राष्ट्रपति ह्लाइंग दिल्ली स्थित राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से भी मुलाकात करेंगे। वे दिल्ली के कुतुब गोल्फ कोर्स स्थित राय पिथौरा सांस्कृतिक परिसर में आयोजित ‘द लाइट एंड द लोटस: रिलिक्स ऑफ द अवेकेंड वन’ प्रदर्शनी का भी दौरा करेंगे। यह एक महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शनी है, जिसमें भगवान बुद्ध के पवित्र पिपरहवा अवशेषों को प्रदर्शित किया गया है।
इससे पहले रविवार को राष्ट्रपति यू मिन आंग ह्लाइंग ने दिल्ली में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजीत डोभाल से मुलाकात की और सुरक्षा सहयोग से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की। शनिवार को विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने भी राष्ट्रपति यू मिन आंग ह्लाइंग से मुलाकात की। मुलाकात के बाद जयशंकर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, “नई दिल्ली में म्यांमार के राष्ट्रपति यू मिन आंग ह्लाइंग से मुलाकात करके खुशी हुई। भारत और म्यांमार के लंबे समय से चले आ रहे सहयोग को और गहरा करने के प्रति उनके सकारात्मक रुख की सराहना करता हूं।”
उन्होंने कहा, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ उनकी बैठक से शांति, प्रगति और समृद्धि के लिए हमारी साझेदारी को और आगे बढ़ाने की उम्मीद है।” राष्ट्रपति यू मिन आंग ह्लाइंग शनिवार को नई दिल्ली पहुंचे थे, जहां हवाई अड्डे पर केंद्रीय राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने उनका स्वागत किया।
स्वागत के बाद कीर्ति वर्धन सिंह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, “दिल्ली पहुंचने पर म्यांमार के राष्ट्रपति मिन आंग ह्लाइंग का स्वागत करना मेरे लिए सम्मान की बात है। उनकी यात्रा भारत और म्यांमार के बीच लंबे समय से चले आ रहे सांस्कृतिक, सभ्यतागत और लोगों के आपसी संबंधों को दर्शाती है। यह विभिन्न क्षेत्रों में हमारी साझेदारी को और मजबूत करने तथा क्षेत्रीय शांति, समृद्धि और संपर्क बढ़ाने के साझा लक्ष्य को आगे बढ़ाने का अवसर भी है।”
इससे पहले, रविवार को राष्ट्रपति ह्लाइंग ने बिहार के गया से अपनी पांच दिवसीय भारत यात्रा की शुरुआत की थी। गया पहुंचने पर विदेश मंत्रालय (एमईए) ने कहा, “यह यात्रा भारत और म्यांमार के बीच गहरे आध्यात्मिक, ऐतिहासिक और लोगों के आपसी संबंधों को दर्शाती है। साथ ही, यह दोनों देशों के बीच चल रहे सहयोग की मजबूती को भी दिखाती है।”
राष्ट्रपति यू मिन आंग ह्लाइंग के पद संभालने के बाद यह उनकी पहली भारत यात्रा है। वे एक बिजनेस फोरम में भी हिस्सा लेंगे। उनके साथ कई कैबिनेट मंत्री, वरिष्ठ अधिकारी और उद्योग जगत के प्रतिनिधियों का एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल भी आया है। दो जून को राष्ट्रपति ह्लाइंग मुंबई जाएंगे, जहां वे उद्योग और व्यापार जगत के प्रतिनिधियों से मुलाकात करेंगे तथा कुछ महत्वपूर्ण स्थलों का दौरा भी करेंगे।
 

भारत-ऑस्ट्रेलिया रक्षा मंत्रियों की वार्ता में सैन्य सहयोग, समुद्री सुरक्षा और रक्षा उद्योग जैसे विषयों पर जोर

01-Jun-2026
नई दिल्ली।( शोर संदेश ) रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और ऑस्ट्रेलिया के उप प्रधानमंत्री एवं रक्षा मंत्री रिचर्ड मार्ल्स के बीच सोमवार को एक महत्वपूर्ण उच्चस्तरीय द्विपक्षीय वार्ता हुई। इस वार्ता में दोनों देशों के रक्षा सहयोग की पूरी रूपरेखा की समीक्षा की गई।
द्विपक्षीय वार्ता के उपरांत राजनाथ सिंह ने कहा कि नई दिल्ली में ऑस्ट्रेलिया के उप प्रधानमंत्री और रक्षा मंत्री रिचर्ड मार्ल्स के साथ उनकी यह मुलाकात और बातचीत उत्कृष्ट रही। दोनों देशों ने द्विपक्षीय रक्षा सहयोग के पूरे दायरे की समीक्षा की। इसके साथ ही भारत और ऑस्ट्रेलिया ने इसे संवाद व सहयोग को और आगे बढ़ाने के तरीकों पर चर्चा की।
रक्षामंत्री राजनाथ सिंह के अनुसार भारत-ऑस्ट्रेलिया रक्षा साझेदारी आने वाले वर्षों में लगातार प्रगति करने के लिए तैयार है। सोमवार को हुई इस बातचीत से पहले ऑस्ट्रेलिया के उप प्रधानमंत्री एवं रक्षा मंत्री रिचर्ड मार्ल्स का नई दिल्ली में औपचारिक स्वागत किया गया। उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर प्रदान किया गया। इस दौरान रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह भी उपस्थित रहे। इसके बाद दोनों नेताओं के बीच प्रतिनिधिमंडल स्तर की बैठक शुरू हुई। प्रतिनिधिमंडल में शीर्ष सैन्य अधिकारी व रक्षा मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी शामिल रहे।
वार्ता के दौरान राजनाथ सिंह ने ऑस्ट्रेलियाई सरकार की हाल ही में जारी 2026 नेशनल डिफेंस स्ट्रेटेजी और इंटीग्रेटेड इन्वेस्टमेंट प्रोग्राम की सराहना की। रक्षा मंत्री ने इस विषय पर कहा कि वह ऑस्ट्रेलियाई सरकार को हाल ही में प्रकाशित 2026 राष्ट्रीय रक्षा रणनीति और एकीकृत निवेश कार्यक्रम के लिए बधाई देना चाहते हैं। उन्होंने ऑस्ट्रेलियाई रक्षा मंत्री से कहा कि आज की चर्चा के दौरान वह इस नीति दस्तावेज पर उनके विचारों को सुनने और भारत-ऑस्ट्रेलिया रक्षा संबंधों में विकास की संभावनाओं पर चर्चा करने के लिए उत्सुक हैं।
बैठक में दोनों देशों ने इस बात पर संतोष व्यक्त किया कि पिछले कुछ वर्षों में भारत और ऑस्ट्रेलिया के रक्षा संबंध अभूतपूर्व रूप से मजबूत हुए हैं। दोनों पक्षों ने रक्षा और सैन्य सहयोग को और गहरा करने, संयुक्त सैन्य अभ्यासों का विस्तार करने, समुद्री सुरक्षा सहयोग बढ़ाने, रक्षा उद्योगों के बीच साझेदारी मजबूत करने तथा नई रक्षा प्रौद्योगिकियों के क्षेत्र में सहयोग को आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता दोहराई।
हिंद-प्रशांत क्षेत्र में बढ़ती सामरिक प्रतिस्पर्धा और समुद्री मार्गों की सुरक्षा को देखते हुए यह वार्ता विशेष महत्व रखती है। भारत और ऑस्ट्रेलिया दोनों ही स्वतंत्र, खुले, समावेशी और नियम-आधारित हिंद-प्रशांत क्षेत्र के समर्थक हैं। दोनों देश क्वाड जैसे बहुपक्षीय मंचों पर भी निकट सहयोग कर रहे हैं और क्षेत्रीय शांति, स्थिरता तथा समृद्धि को बढ़ावा देने के लिए साझा दृष्टिकोण रखते हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि रिचर्ड मार्ल्स की यह यात्रा केवल एक औपचारिक द्विपक्षीय बैठक नहीं है, बल्कि यह संकेत भी है कि भारत और ऑस्ट्रेलिया अपनी रणनीतिक साझेदारी को अगले चरण में ले जाने की तैयारी कर रहे हैं। रक्षा क्षेत्र में बढ़ती निकटता, साझा सुरक्षा हित और हिंद-प्रशांत में स्थिरता बनाए रखने की समान सोच दोनों देशों को पहले से कहीं अधिक करीब ला रही है।
सोमवार को नई दिल्ली में हुई यह वार्ता ने स्पष्ट कर दिया कि आने वाले वर्षों में भारत-ऑस्ट्रेलिया रक्षा संबंध क्षेत्रीय सुरक्षा संरचना का एक महत्वपूर्ण स्तंभ बनने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।
गौरतलब है कि यह मुलाकात ऐसे समय में हुई है जब हिंद-प्रशांत क्षेत्र वैश्विक रणनीतिक चर्चाओं का केंद्र बना हुआ है। वहीं समुद्री सुरक्षा से लेकर क्षेत्रीय स्थिरता तक कई नए सुरक्षा आयाम उभर रहे हैं। ऐसे में भारत और ऑस्ट्रेलिया ने अपनी रक्षा साझेदारी को और मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बढ़ाया है। 







 

पीएम मोदी ने लोकप्रिय गायिका सुमन कल्याणपुर के निधन पर दुख जताया

01-Jun-2026
नई दिल्ली।( शोर संदेश ) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने लोकप्रिय गायिका सुमन कल्याणपुर के निधन पर सोमवार को शोक व्यक्त किया। प्रधानमंत्री मोदी ने सुमन कल्याणपुर के निधन पर दुख व्यक्त करते हुए कहा कि उनकी सुरीली आवाज और भावपूर्ण गायन ने भारत की सांस्कृतिक दुनिया को समृद्ध किया और अपने गीतों के माध्यम से उन्होंने संगीत प्रेमियों और भारतीय सिनेमा के प्रशंसकों के बीच एक विशेष स्थान अर्जित किया। 
प्रधानमंत्री मोदी ने आज अपने एक्स पोस्ट में कहा कि लोकप्रिय गायिका सुमन कल्याणपुर के निधन से गहरा दुःख हुआ। उनकी मधुर आवाज और भावपूर्ण गायन ने हमारी सांस्कृतिक दुनिया को समृद्ध किया। अपने गीतों के माध्यम से उन्होंने संगीत प्रेमियों और भारतीय सिनेमा के प्रशंसकों के बीच एक विशेष स्थान बनाया। उनके परिवार और प्रशंसकों के प्रति हमारी गहरी संवेदना। 
उल्लेखनीय है कि लोकप्रिय गायिका सुमन कल्याणपुर (जन्म 28 जनवरी 1937) भारतीय सिनेमा की एक दिग्गज और लोकप्रिय पार्श्व गायिका थीं। छह दशकों के करियर में उन्होंने हिंदी, मराठी, बंगाली और गुजराती सहित कई भाषाओं में 3,000 से अधिक गीत गाए। उन्हें ‘आजकल तेरे मेरे प्यार के चर्चे’ जैसे सदाबहार गानों के लिए याद किया जाता है।















 

भारत-ओमान सीईपीए लागू, किसानों और छोटे कारोबारियों के लिए खुलेंगे नए अवसर : पीयूष गोयल

01-Jun-2026
नई दिल्ली।( शोर संदेश ) भारत-ओमान व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौता (सीईपीए) या द्विपक्षीय व्यापार समझौता सोमवार से लागू हो गया। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि इस समझौते से किसानों, कारीगरों, मछुआरों, महिलाओं, छात्रों तथा लघु एवं मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) के लिए नए अवसर पैदा होंगे और भारतीय निर्यात को बढ़ावा मिलेगा।
गोयल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कहा कि यह समझौता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस विजन की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है, जिसका उद्देश्य नए बाजार खोलना, निर्यात बढ़ाना, निवेश आकर्षित करना और रोजगार सृजन को गति देना है। उन्होंने कहा कि इससे विभिन्न वर्गों के लिए वैश्विक स्तर पर समृद्धि के नए रास्ते तैयार होंगे।
सीईपीए लागू होने के बाद ओमान में भारत के 99.38% निर्यात को कवर करने वाली 98% टैरिफ लाइनों पर तत्काल 100% शुल्क-मुक्त बाजार पहुंच मिल जाएगी। इससे पहले केवल 15.3% भारतीय निर्यात को ही शून्य शुल्क का लाभ प्राप्त था। गोयल के अनुसार, इससे ओमान में 5% आयात शुल्क वाले करीब 3.64 अरब डॉलर मूल्य के भारतीय उत्पाद अधिक प्रतिस्पर्धी बन जाएंगे और निर्यातकों को बड़ा लाभ मिलेगा।
मंत्री ने कहा कि समझौते के बाद लौह एवं इस्पात, वस्त्र, चमड़ा, ऑटो कंपोनेंट्स और औद्योगिक उपकरण जैसे क्षेत्रों में बड़े अंतरराष्ट्रीय ऑर्डर मिलने की संभावना है। ये ऐसे क्षेत्र हैं, जहां बड़ी संख्या में छोटे और मध्यम उद्योग कार्यरत हैं। उन्होंने बताया कि वस्त्र निर्यात बढ़ने से तिरुपुर, सूरत, लुधियाना, पानीपत, कोयंबटूर, करूर, मुरादाबाद, जयपुर और अहमदाबाद जैसे प्रमुख उत्पादन केंद्रों में रोजगार और उत्पादन दोनों बढ़ेंगे। भारतीय कारीगरों और बुनकरों को भी अपने उत्पादों की बढ़ती वैश्विक मांग का लाभ मिलेगा।
समझौते के तहत रत्न एवं आभूषण, वस्त्र, चमड़ा, जूते, खेल सामग्री, प्लास्टिक, फर्नीचर, कृषि उत्पाद, इंजीनियरिंग उत्पाद, फार्मास्यूटिकल्स, चिकित्सा उपकरण और ऑटोमोबाइल समेत प्रमुख श्रम-प्रधान क्षेत्रों को पूर्ण शुल्क छूट प्रदान की गई है। भारत ने अपनी कुल शुल्क श्रेणियों में से 77.79% पर शुल्क उदारीकरण की पेशकश की है, जो मूल्य के आधार पर ओमान से होने वाले 94.81% आयात को कवर करती है। ओमान के लिए महत्वपूर्ण और भारत के लिए संवेदनशील उत्पादों पर यह व्यवस्था मुख्य रूप से शुल्क दर कोटा (टीआरक्यू) के आधार पर लागू होगी।
भारत ने अपने घरेलू हितों की रक्षा के लिए कई संवेदनशील उत्पादों को इस समझौते के दायरे से बाहर रखा है। इनमें डेयरी उत्पाद, चाय, कॉफी, रबर और तंबाकू जैसे कृषि उत्पाद शामिल हैं। इसके अलावा सोना, चांदी, आभूषण, जूते, खेल सामग्री तथा कई आधार धातुओं के स्क्रैप जैसे उत्पादों को भी किसी प्रकार की रियायत नहीं दी गई है।
















 

विकसित देशों से व्यापार समझौते हर भारतीय का जीवन स्तर सुधारेंगे : प्रधानमंत्री मोदी

01-Jun-2026
नई दिल्ली।( शोर संदेश ) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत-ओमान व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौता (सीईपीए) और उससे होने वाले लाभों पर केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल का एक लेख साझा किया है। लेख में बताया गया है कि यह समझौता भारतीय निर्यातकों को नए बाजारों तक पहुंच बनाने, रोजगार सृजन को बढ़ावा देने, किसानों के हितों की रक्षा करने और भारत-ओमान के बीच साझा समृद्धि को आगे बढ़ाने में मदद करेगा।
लेख में कहा गया है कि भारत-ओमान सीईपीए भारतीय निर्यातकों के लिए बाजारों में विविधता लाने का महत्वपूर्ण अवसर प्रदान करता है। इसके साथ ही यह समझौता रोजगार के नए अवसर सृजित करने और विभिन्न क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियों को गति देने में भी सहायक होगा।
लेख के अनुसार, समझौते को इस तरह तैयार किया गया है कि भारतीय किसानों के हितों की रक्षा सुनिश्चित की जा सके। साथ ही दोनों देशों के बीच व्यापारिक सहयोग बढ़ाकर साझा आर्थिक समृद्धि को मजबूत करने का लक्ष्य रखा गया है।
प्रधानमंत्री कार्यालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने अपने लेख में इस बात पर प्रकाश डाला है कि भारत-ओमान सीईपीए भारतीय निर्यातकों को बाजारों में विविधता लाने, रोजगार सृजन को बढ़ावा देने, किसानों के हितों की रक्षा करने और दोनों देशों के बीच साझा समृद्धि को बढ़ाने का अवसर प्रदान करता है।
पीएम नरेंद्र मोदी ने इस बात पर जोर दिया कि विकसित देशों के साथ व्यापार समझौते करने के लिए सरकार के निरंतर प्रयास प्रत्येक भारतीय के जीवन स्तर को बेहतर बनाने में सहायक हैं। उन्होंने संकेत दिया कि ऐसे समझौते भारत की आर्थिक प्रगति को नई गति देने के साथ-साथ नागरिकों के लिए बेहतर अवसर भी पैदा करेंगे। 

 

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने ईद-उज-जुहा की पूर्व संध्या पर देशवासियों को दीं शुभकामनाएं

28-May-2026
नई दिल्ली।( शोर संदेश ) भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने ईद-उज-जुहा की पूर्व संध्या पर सभी देशवासियों को शुभकामनाएं दीं हैं। अपने संदेश में उन्होंने देश और विदेश में रहने वाले भारतीयों, विशेष रूप से मुस्लिम समुदाय के लोगों को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दीं।
राष्ट्रपति मुर्मु ने कहा कि ईद-उज-जुहा समर्पण, त्याग और बलिदान का प्रतीक है। यह पर्व मानवता की सेवा, विशेष रूप से वंचित वर्गों की सहायता करने के लिए प्रेरित करता है। द्रौपदी मुर्मु ने कहा कि इस अवसर पर सभी लोगों को समाज में प्रेम, भाईचारे और समरसता को मजबूत करने के लिए अधिक प्रतिबद्धता के साथ आगे बढ़ना चाहिए। 



 

खरीफ अभियान 2026 को नई दिशा देगा राष्ट्रीय कृषि सम्मेलन, 28-29 मई को दिल्ली में जुटेंगे राज्यों के प्रतिनिधि

28-May-2026
नई दिल्ली।( शोर संदेश ) केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में 28 और 29 मई को नई दिल्ली स्थित भारत रत्न सी. सुब्रमण्यम ऑडिटोरियम, NASC कॉम्प्लेक्स, पूसा में “नेशनल कॉन्फ्रेंस ऑन एग्रीकल्चर फॉर खरीफ कैंपेन 2026” का आयोजन किया जाएगा। यह सम्मेलन खरीफ सीजन की तैयारी, राज्यों के साथ समन्वय और किसान-केंद्रित नीति क्रियान्वयन को नई मजबूती देने वाला राष्ट्रीय मंच बनेगा। सम्मेलन में दलहन, तिलहन, बागवानी, बीज, प्राकृतिक खेती, जलवायु-सहिष्णु कृषि, कृषि ऋण, फसल बीमा, पीएम-आशा, डिजिटल एग्रीकल्चर और राज्यों के अनुभवों पर विस्तृत चर्चा होगी। इसमें कई राज्यों के कृषि मंत्री, वरिष्ठ अधिकारी और कृषि क्षेत्र से जुड़े संगठनों के प्रतिनिधि शामिल होंगे।
शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार खरीफ 2026 को केवल मौसमी अभियान नहीं, बल्कि उत्पादन वृद्धि, फसल विविधीकरण, जलवायु-सहिष्णु कृषि, प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण और किसान समृद्धि से जुड़े व्यापक राष्ट्रीय एजेंडे के रूप में देख रही है। उन्होंने कहा कि सम्मेलन का उद्देश्य खरीफ 2026 की तैयारी को अधिक प्रभावी, समन्वित और परिणामोन्मुख बनाना है।
सम्मेलन में गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत प्राकृतिक खेती पर विशेष संबोधन देंगे। इसके बाद विभिन्न राज्यों के कृषि मंत्रियों के सुझाव लिए जाएंगे, ताकि सम्मेलन केवल प्रस्तुति तक सीमित न रहकर वास्तविक अनुभवों, क्षेत्रीय चुनौतियों और राज्यों की अपेक्षाओं पर आधारित साझा राष्ट्रीय विमर्श का रूप ले सके।
सम्मेलन में बिहार, महाराष्ट्र, ओडिशा, अरुणाचल प्रदेश, मेघालय, मिजोरम, गुजरात, कर्नाटक, त्रिपुरा, तेलंगाना, पंजाब, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, राजस्थान, सिक्किम, नागालैंड, मध्य प्रदेश, पश्चिम बंगाल और असम सहित कई राज्यों के मंत्री शामिल होंगे। इनमें विजय कुमार सिन्हा, दत्तात्रेय विठोबा भरणे, कनक वर्धन सिंह देव, जीतूभाई सावजीभाई वाघानी, गुरमीत सिंह खुड्डियां, सूर्य प्रताप शाही, श्याम सिंह राणा और किरोड़ी लाल मीणा प्रमुख रूप से शामिल होंगे।
28 मई को सम्मेलन के शुभारंभ सत्र में शिवराज सिंह चौहान प्रारंभिक उद्बोधन देंगे। इसके बाद राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को समूहों में बांटकर तीन विषयगत हॉल में समानांतर चर्चा कराई जाएगी। पहले समूह में आत्मनिर्भरता, विविधीकरण और उत्पादन वृद्धि पर चर्चा होगी। इसमें दलहन आत्मनिर्भरता मिशन, तिलहन एवं ऑयल पाम, बागवानी, MIDH, NFSNM, कॉटन मिशन, बीज उपलब्धता और बीज मूल्य शृंखला सुधार जैसे विषय शामिल रहेंगे।
दूसरे समूह में टिकाऊ और जलवायु-सहिष्णु कृषि पर चर्चा होगी। इसमें प्राकृतिक खेती, मृदा स्वास्थ्य कार्ड आधारित सलाह, संतुलित उर्वरक उपयोग, कृषि यंत्रीकरण, “पर ड्रॉप मोर क्रॉप”, पौध संरक्षण सुधार और एकीकृत कृषि प्रणाली जैसे विषयों पर मंथन किया जाएगा।
तीसरे समूह में कृषि अवसंरचना, वित्तपोषण और जोखिम प्रबंधन से जुड़े मुद्दों पर चर्चा होगी। इसमें कृषि ऋण, किसान क्रेडिट कार्ड सैचुरेशन, एग्रीकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर फंड, पीएम-आशा, डिजिटल एग्रीकल्चर, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना और एफपीओ वित्तपोषण जैसे विषय शामिल रहेंगे।
29 मई को सम्मेलन के दूसरे दिन नीति, विज्ञान और तकनीक आधारित विचार-विमर्श आगे बढ़ाया जाएगा। कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के सचिव पहले दिन की चर्चाओं का सार प्रस्तुत करेंगे, जबकि सचिव DARE एवं महानिदेशक ICAR कृषि क्षेत्र की चुनौतियों और कृषि रोडमैप पर प्रस्तुति देंगे। इसके अलावा IMD, कृषि आयुक्त और ICAR के फसल विज्ञान विशेषज्ञ फसल स्थिति, बीज उपलब्धता, उन्नत किस्मों के उपयोग और संतुलित उर्वरक उपयोग जैसे विषयों पर जानकारी देंगे।
सम्मेलन में दलहन मिशन, तिलहन एवं ऑयल पाम, PM-AASHA और बागवानी मिशन पर राज्यवार रणनीतियों और खरीद रोडमैप पर चर्चा होगी। साथ ही डिजिटल एग्रीकल्चर डिवीजन किसान रजिस्ट्री, डिजिटल क्रॉप सर्वे, AgriStack और डिजिटल सेवा वितरण रोडमैप पर अपनी रूपरेखा प्रस्तुत करेगा। इसका उद्देश्य कृषि प्रशासन को अधिक आधुनिक, पारदर्शी और डेटा आधारित बनाना है। 

 


Feedback/Enquiry



Log In Your Account