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फर्जी आयुष्मान कार्ड बनाने से लेकर भुगतान तक के मामलों की होगी जांच

03-Nov-2025
लखनऊ (शोर संदेश)। उत्तर प्रदेश में साचीज के पोर्टल में छेड़छाड़ करके सिर्फ 300 फर्जी आयुष्मान कार्ड ही नहीं बनाए गए हैं बल्कि मरीजों को भर्ती करके उनका बिल भुगतान कराने की भी कोशिश की गई है। प्रदेश में करीब 70 मरीजों का अग्रिम संस्तुति पत्र साचीज के पोर्टल पर भेजा गया ताकि उनके उपचार में आने वाले खर्च को हासिल किया जा सके।

आयुष्मान कार्ड के फर्जीवाड़े का मामला सामने आने के बाद बिल का मामला भी पकड़ में आ गया है। इन सभी अस्पतालों को भी चिह्नित किया गया है। इनके हर तरह के भुगतान पर रोक लगा दी गई है। अस्पतालों की जांच के लिए अलग से टीम गठित की गई है। उधर, इस मामले की जांच कर रही हजरतगंज पुलिस आईपी एड्रेस की मदद से फर्जीवाड़ा करने वालों के बारे में पता लगा रही है। सीपी हजरतगंज विकास जायसवाल ने बताया कि इस मामले की शिकायत करने वाले ही डॉ. सचिन वैश्य के बयान जल्द दर्ज करेंगे।

संबद्धता पर भी उठे सवाल : प्रदेशभर के अस्पताल आयुष्मान मरीजों के उपचार के लिए अस्पताल को संबद्ध कराते हैं। सीएमओ कार्यालय की संस्तुति के बाद स्टेट एजेंसी फॉर कम्प्रेन्हेंसिव हेल्थ एंड इंटीग्रेटेड सर्विसेज (साचीज) के पोर्टल पर आवेदन आता है। यहां से संबद्धता दी जाती है। चार माह पहले आवेदन करने वालों को अभी तक कोई जवाब नहीं दिया गया है, जबकि माहभर पहले आवेदन करने वाले तमाम अस्पतालों को संबद्धता दे दी गई है।




पोर्टल पर फर्जीवाड़ा सामने आने के बाद अस्पताल संचालकों ने चार माह के अंदर हुई संबद्धता पर सवाल खड़े किए हैं। साथ ही पूरे मामले की जांच कराने की मांग की है। क्योंकि उन्हें आशंका है कि जिन अस्पतालों को संबद्धता दी गई है, उनके यहां आयुष्मान के मानक के अनुसार सुविधाएं नहीं हैं।




साचीज कर्मियों की भी होगी जांच

पोर्टल पर हुए बदलाव के मामले में पुलिस जांच कर रही है, लेकिन साचीज के अधिकारियों व कर्मचारियों की भी भूमिका की जांच कराई जा रही है। जिससे यह स्पष्ट हो सके कि किसी भी मिलीभगत तो नहीं है।

ISRO ने लॉन्च किया देश का सबसे भारी उपग्रह सीएमएस-03

03-Nov-2025
नई दिल्ली (शोर संदेश)। इंडियन स्पेस रिसर्च ऑर्गनाइज़ेशन ने 2 नवंबर को शाम 5:26 बजे IST पर श्रीहरिकोटा से LVM3-M5 रॉकेट से 4,400 किलोग्राम के GSAT-7R कम्युनिकेशन सैटेलाइट, जिसे CMS-03 भी कहा जाता है, को सफलतापूर्वक लॉन्च किया। यह उपग्रह अब तक का सबसे भारी उपग्रह है। 

इंडियन नेवी के लिए डिज़ाइन किए गए इस सैटेलाइट में समुद्री इलाकों में जहाजों और सबमरीन के लिए सुरक्षित रियल-टाइम डेटा रिले को सपोर्ट करने के लिए Ku-बैंड और मिलिट्री Ka-बैंड ट्रांसपोंडर शामिल हैं। अधिकारियों ने मिशन के बिना किसी गलती के पूरा होने की पुष्टि की, जिससे स्वदेशी टेक्नोलॉजी के ज़रिए राष्ट्रीय सुरक्षा को बढ़ावा मिला।




LVM3-M5 रॉकेट को उसकी भार उठाने की क्षमता के कारण 'बाहुबली' कहा जाता है। 43.5 मीटर ऊंचे इस रॉकेट को पूरी तरह असेंबल किया गया था और इसे सैटेलाइट के साथ श्रीहरिकोटा के दूसरे लॉन्च पैड पर पहुंचाया जा चुका था।




LVM3 जिसे GSLV Mk-III भी कहा जाता है, इसरो का नया हेवी-लिफ्ट लॉन्च व्हीकल है। यह रॉकेट 4 हजार किलो तक के सैटेलाइट को GTO और 8 हजार किलो तक को लो अर्थ ऑर्बिट (LEO) में भेज सकता है। य तीन चरणों वाला रॉकेट है- दो सॉलिड मोटर स्ट्रैप-ऑन (S200), एक लिक्विड प्रोपलेंट कोर स्टेज (L110) और एक क्रायोजेनिक स्टेज (C25)। इसे पूरी तरह देशी तकनीक से विकसित किया गया है।

मिशन का क्या है मकसद?
यह मिशन LVM3-M5 की पांचवीं ऑपरेशनल उड़ान है। इसी रॉकेट का ह्यूमन-रेटेड संस्करण (HRLV) भविष्य में ISRO के महत्वकांक्ष गगनयान मिशन के लिए इस्तेमाल किया जाएगा।

हालांकि, यह भारत से लॉन्च होने वाला सबसे भारी सैटेलाइट होगा, लेकिन इसरो ने इससे पहले 2018 में GSAT-11 (वजन 5854 किलो) को फ्रेंच गुयान से Ariane-5 रॉकेट के जरिए लॉन्च किया था। CMS-03 का मकसद भारत और आसपास के समुद्री इलाकों में मल्टी-बैंड कम्युनिकेशन सेवाएं देना है।

तेलंगाना में बस-डंपर की टक्कर, 20 लोगों की मौत

03-Nov-2025
हैदराबाद (शोर संदेश)। तेलंगाना के रंगारेड्डी जिले में हुई बस और ट्रक की टक्कर में अब तक 20 लोगों की मौत हो गई और कई अन्य घायल हो गए। यह दुर्घटना हैदराबाद से लगभग 60 किलोमीटर दूर चेवेल्ला मंडल के मिर्जागुडा के पास हैदराबाद-बीजापुर राजमार्ग पर सुबह लगभग 6.30 बजे हुई। हादसे के समय तेलंगाना राज्य सड़क परिवहन निगम (टीएसआरटीसी) की बस में लगभग 70 यात्री सवार थे। तांडूर से हैदराबाद जा रही बस को गलत दिशा से आ रहे कंक्रीट से लदे एक ट्रक ने टक्कर मार दी।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, ट्रक के बस में घुसने से पहली छह पंक्तियों में बैठे यात्री गिरकर बजरी के नीचे दब गए। मृतकों में एक 10 महीने की बच्ची और उसकी मां भी शामिल हैं। बस और ट्रक चालकों की भी हादसे में मौत हो गई। कई यात्री घायल हो गए और उन्हें चेवेल्ला के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां तीन की हालत गंभीर बताई जा रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तेलंगाना के रंगारेड्डी जिले में हुई भीषण सड़क दुर्घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया। उन्होंने घायल लोगों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना भी की। इस दौरान, प्रधानमंत्री ने प्रत्येक मृतक के परिजनों को प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से 2 लाख रुपए और घायलों को 50,000 रुपए की सहायता राशि देने की घोषणा की।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, तेलंगाना के रंगारेड्डी जिले में एक दुर्घटना में हुई जानमाल की हानि अत्यंत दुखद है। इस कठिन समय में मेरी संवेदनाएं प्रभावित लोगों और उनके परिवारों के साथ हैं। मैं घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूं। प्रधानमंत्री कार्यालय ने 'एक्स' पर पोस्ट के जरिए जानकारी देते हुए लिखा, पीएम मोदी ने घोषणा की है कि प्रत्येक मृतक के परिजनों को राष्ट्रीय राहत कोष से 2 लाख रुपए की अनुग्रह राशि दी जाएगी। घायलों को 50,000 रुपए दिए जाएंगे।

मोदी ने एक लाख करोड़ रुपए का आरडीआई फंड लॉन्च किया, प्राइवेट सेक्टर में इनोवेशन को मिलेगा बढ़ावा

03-Nov-2025
नई दिल्ली (शोर संदेश)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को भारत मंडपम में इमर्जिंग साइंस एंड टेक्नोलॉजी इनोवेशन कॉन्क्लेव (ईएसटीआईसी) 2025 का उद्घाटन किया। इस इवेंट के दौरान, उन्होंने एक लाख करोड़ रुपए के रिसर्च, डेवलपमेंट और इनोवेशन (आरडीआई) फंड को लॉन्च किया है। इस स्कीम का उद्देश्य देश में वैज्ञानिक और तकनीकी क्षमताओं को मजबूत करना है।

कार्यक्रम में लोगों को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा, आज का कार्यक्रम विज्ञान पर केंद्रित है, लेकिन उससे पहले मैं भारतीय महिला क्रिकेट टीम की ऐतिहासिक जीत के बारे में बात करना चाहता हूं। पूरे देश को उनकी इस शानदार उपलब्धि पर गर्व है। मैं टीम को बधाई देता हूं और उन सभी खिलाड़ियों को शुभकामनाएं देता हूं, जिन्होंने भारत को गर्व महसूस कराया है।

भारत को हाल ही में अंतरिक्ष में मिली सफलता पर पीएम मोदी ने कहा, कल, इसरो ने इंडियन नेवी के जीसैट-7आर (सीएमएस-03) कम्युनिकेशन सैटेलाइट को सफलतापूर्वक लॉन्च किया। मैं इसरो और इस मिशन में शामिल सभी वैज्ञानिकों को बधाई देता हूं। आज साइंस और टेक्नोलॉजी के लिए एक और अहम पड़ाव है। नए इनोवेशन पर चर्चा करने की जरूरत थी, और इस सोच के साथ ईएसटीआईसी कॉन्क्लेव की परिकल्पना की गई है।

पीएम मोदी ने आगे कहा, साइंस में बदलाव की रफ्तार अब लीनियर नहीं बल्कि एक्सपोनेंशियल है। हमारी सरकार ने रिसर्च और डेवलपमेंट में नए मौकों के लिए एक लाख करोड़ रुपए के आरडीआई फंड को लॉन्च किया है। हमारा मकसद सिर्फ सरकारी संस्थानों में ही नहीं, बल्कि प्राइवेट सेक्टर में भी इनोवेशन को बढ़ावा देना है। एक मॉडर्न इनोवेशन इकोसिस्टम बनाने के लिए, हम 'रिसर्च करने में आसानी' पर जोर दे रहे हैं। इस दिशा में, हमारी सरकार ने साइंटिफिक ग्रोथ को सपोर्ट करने के लिए पहले ही फाइनेंशियल नियमों और खरीद नीतियों में सुधार किए हैं।

ईएसटीआईसी 2025 कॉन्क्लेव 3-5 नवंबर के बीच आयोजित किया जाएगा। इसमें शिक्षा जगत, रिसर्च इंस्टीट्यूट, इंडस्ट्री और सरकार के साथ-साथ नोबेल पुरस्कार विजेता, साइंटिस्ट, इनोवेटर्स और नीति निर्माता शामिल होंगे। यह इवेंट 11 प्रमुख विषयगत क्षेत्रों पर केंद्रित होगा, जिनमें एडवांस मटेरियल्स और मैन्युफैक्चरिंग, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, बायो-मैन्युफैक्चरिंग, ब्लू इकोनॉमी, डिजिटल कम्युनिकेशन, इलेक्ट्रॉनिक्स और सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग, उभरती हुई कृषि टेक्नोलॉजी, एनर्जी, पर्यावरण और जलवायु, स्वास्थ्य और चिकित्सा टेक्नोलॉजी, क्वांटम साइंस और टेक्नोलॉजी और स्पेस टेक्नोलॉजी शामिल हैं।

अफगानिस्तान में 6.3 की तीव्रता से भूकंप के तेज झटके, 7 की मौत और 100 से ज्यादा घायल

03-Nov-2025
काबुल (शोर संदेश)। अफगानिस्तान में 6.3 की तीव्रता से भूकंप के झटके महसूस किए गए। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, सोमवार सुबह उत्तरी अफगानिस्तान में 6.3 तीव्रता का शक्तिशाली भूकंप आया। इसमें कम से कम सात लोगों की मौत हो गई और 100 से अधिक घायल हो गए। अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (यूएसजीएस) ने अपने पेजर सिस्टम के माध्यम से ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। यूएसजीएस ने चेतावनी दी गई कि बड़ी संख्या में लोगों के हताहत होने की संभावना है और आपदा संभावित रूप से व्यापक हो सकती है।

बता दें, पेजर सिस्टम एक स्वचालित उपकरण है, जो भूकंप के संभावित प्रभाव का आकलन करता है। यूएसजीएस के अनुसार, भूकंप लगभग 523,000 की आबादी वाले शहर मजार-ए-शरीफ के पास 28 किमी (17.4 मील) की गहराई पर आया। मलबे में फंसे लोगों को निकालने के लिए बचाव अभियान जारी है। वहीं रेस्क्यू ऑपरेशन के वीडियो, ढही हुई इमारतों और बिखरे हुए मलबे की तस्वीरें, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर तेजी से वायरल हो रही हैं।

जीएफजेड जर्मन रिसर्च सेंटर फॉर जियोसाइंसेज के अनुसार, इससे पहले 23 सितंबर को दक्षिण-पूर्वी अफगानिस्तान में 4.9 तीव्रता का भूकंप आया था। भूकंप का केंद्र 10 किमी की उथली गहराई पर स्थित था, जिसका निर्देशांक 34.48 डिग्री उत्तरी अक्षांश और 70.71 डिग्री पूर्वी देशांतर था।

2021 में सत्ता संभालने के बाद से, तालिबान सरकार को कई विनाशकारी भूकंपों का सामना करना पड़ा है। इनमें 2023 में ईरानी सीमा के पास पश्चिमी हेरात क्षेत्र में आया भूकंप भी शामिल है। 2023 के इस भूकंप में 1,500 से ज्यादा लोग मारे गए थे और 63,000 से ज्यादा घर नष्ट हो गए।

इसके बाद इस साल 31 अगस्त को देश के पूर्वी हिस्से में एक और बड़ा भूकंप आया था, जिसकी तीव्रता रिक्टर स्केल पर 6 मापी गई। इसमें 2,200 से ज्यादा लोग मारे गए, जिससे यह हाल के अफगान इतिहास का सबसे घातक भूकंप बन गया।

अफगानिस्तान यूरेशियन और भारतीय टेक्टोनिक प्लेटों के बीच टकराव वाले क्षेत्र में स्थित है, जिसके दक्षिण में अरब प्लेट का भी प्रभाव पड़ता है, जो इसे दुनिया के सबसे भूकंपीय रूप से सक्रिय क्षेत्रों में से एक बनाता है।

रूस ने ट्रंप से जल्द मुलाकात से किया इनकार

03-Nov-2025
मॉस्को । रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और अमेरिकी समकक्ष डोनाल्ड ट्रंप की मुलाकात रद्द होने को लेकर क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव का बयान सामने आया है। एक इंटरव्यू में क्रेमलिन प्रवक्ता ने कहा कि रूसी राष्ट्रपति और ट्रंप के बीच बैठक जल्द आयोजित करने की कोई आवश्यकता नहीं है। पेस्कोव ने रविवार को कहा कि इस तरह की बैठक की तुरंत तैयारी संभव है, लेकिन फिलहाल इसकी कोई जरूरत नहीं है।

पेस्कोव ने कहा, इस समय यूक्रेन समझौते की समस्या पर बहुत बारीकी से काम करने की जरूरत है। 16 अक्टूबर को पुतिन के साथ फोन पर बातचीत के बाद ट्रंप ने कहा था कि दोनों नेता जल्द ही हंगरी के बुडापेस्ट में मिलेंगे, हालांकि 22 अक्टूबर को अमेरिकी राष्ट्रपति ने बैठक रद्द होने की जानकारी देते हुए कहा था कि उन्होंने निर्धारित बैठक रद्द कर दी है, मुझे ठीक नहीं लगी और ऐसा नहीं लग रहा था कि हम उस मुकाम तक पहुंच पाएंगे, जहां हमें पहुंचना चाहिए।

रूसी राष्ट्रपति ने पहले ही कहा था कि बुडापेस्ट में होने वाली बैठक रद्द होने की बजाय स्थगित होने की ज्यादा संभावना है। पुतिन ने यह भी कहा था कि दोनों नेताओं के बीच होने वाली इस बैठक की शुरुआत अमेरिका ने की थी। 26 अक्टूबर को रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने कहा था कि उच्चतम स्तर पर व्यक्तिगत संपर्कों का भविष्य अमेरिकी पक्ष पर निर्भर करेगा।

दोनों नेताओं की आखिरी आमने-सामने की मुलाकात 15 अगस्त को अलास्का के एंकोरेज स्थित ज्वाइंट बेस एल्मेंडॉर्फ-रिचर्डसन में हुई थी। यह शिखर सम्मेलन रूस-यूक्रेन युद्धविराम या युद्ध समाप्ति के किसी महत्वपूर्ण समझौते के बिना समाप्त हुआ था। 2022 में यूक्रेन पर रूस के आक्रमण के बाद पुतिन और ट्रंप की यह पहली आमने-सामने की मुलाकात थी।

बस और ट्रक की टक्कर में 20 लोगों की मौत

03-Nov-2025

रंगारेड्डी (शोर संदेश)।  जिले के मिर्जागुड़ा में टीजीएसआरटीसी बस को एक टिप्पर ने टक्कर मार दी है। हादसे में 20 लोगों की मौत की खबर सामने आई है। घायलों को पास के अस्पताल में भर्ती कराया गया है। जानकारी के मुताबिक हादसा सुबह  5 बजे के आसपास हुआ है। कंकड़ से भरी लॉरी की टक्कर के बाद बस के ऊपर और अंदर भी कंकड़ भर गया। स्थानीय पुलिस ने कहा, "रंगारेड्डी जिले के चेवेल्ला पुलिस स्टेशन की सीमा के अंतर्गत खानपुर गेट के पास एक TGSRTC बस और ट्रक के बीच सड़क दुर्घटना हुई। कई यात्री घायल हुए हैं। यह घटना आज सुबह हुई। हम घटनास्थल पर पहुंच गए हैं और अधिक जानकारी बाद में दी जाएगी।"




मंत्री ने अधिकारियों को दिए निर्देश

तेलंगाना के मंत्री पोन्नम प्रभाकर ने एक प्रेस विज्ञप्ति में रंगारेड्डी जिले के चेवेल्ला मंडल के खानपुर गेट पर हुई सड़क दुर्घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया। उन्होंने आरटीसी के एमडी नागी रेड्डी और रंगारेड्डी जिला कलेक्टर से फोन पर बात की और घायलों को गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा प्रदान करने के लिए आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए। अधिकारियों ने बताया कि दुर्घटना उस समय हुई जब गलत दिशा से आ रहा एक टिप्पर बस से टकरा गया। मंत्री ने आरटीसी अधिकारियों को तुरंत दुर्घटनास्थल पर पहुंचने का निर्देश दिया। 




सीएम रेड्डी ने जताया दुख

सीएमओ ने कहा, "सीएम रेवंत रेड्डी ने रंगारेड्डी जिले के चेवेल्ला मंडल में हुई सड़क दुर्घटना पर दुख व्यक्त किया। सीएम ने अधिकारियों को तुरंत घटनास्थल पर पहुंचने और आवश्यक राहत उपाय करने के निर्देश दिए। सीएम ने आदेश दिया कि दुर्घटना का पूरा विवरण समय-समय पर सूचित किया जाए। मुख्यमंत्री ने सीएस और डीजीपी को बस दुर्घटना में घायल हुए सभी लोगों को तुरंत हैदराबाद पहुंचाने और उन्हें बेहतर चिकित्सा प्रदान करने की व्यवस्था करने का आदेश दिया है। सीएम ने उपलब्ध मंत्रियों को तुरंत दुर्घटना स्थल पर पहुंचने को कहा है।"




PM ने किया मुआवजे का ऐलान

प्रधानमंत्री मोदी ने तेलंगाना के रंगारेड्डी जिले में हुए सड़क हादसे में प्रत्येक मृतक के परिजनों के लिए प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से 2-2 लाख रुपये और घायलों के लिए 50,000 रुपये की अनुग्रह राशि की घोषणा की है। प्रधानमंत्री कार्यालय ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, "तेलंगाना के रंगारेड्डी जिले में हुई दुर्घटना में हुई जान-माल की हानि अत्यंत दुखद है। इस कठिन समय में मेरी संवेदनाएं प्रभावित लोगों और उनके परिवारों के साथ हैं। घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना करता हूं।

एक साथ दिखेगी भारतीय नौसेना, थलसेना और वायुसेना की ताकत

03-Nov-2025

नई  दिल्ली (शोर संदेश)। भारतीय नौसेना, भारतीय सेना और भारतीय वायु सेना के सहयोग से नवंबर 2025 की शुरुआत में त्रि-सेवा अभ्यास (TSE-2025) 'त्रिशूल' आयोजित करने के लिए तैयार है। इस अभ्यास का उद्देश्य संयुक्त परिचालन तत्परता को मजबूत करना और थल, जल और वायु क्षेत्रों में एकीकृत क्षमताओं का प्रदर्शन करना है।

पश्चिमी नौसेना कमान मुख्यालय, तीनों सेनाओं के साथ घनिष्ठ समन्वय स्थापित करते हुए, इस अभ्यास की देखरेख करेगा, जिसमें राजस्थान और गुजरात के खाड़ी और रेगिस्तानी क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर अभियान शामिल होंगे। समुद्री घटक में उत्तरी अरब सागर में जल-थलचर अभियान शामिल होंगे, जिससे व्यापक बहु-क्षेत्रीय संलग्नता सुनिश्चित होगी।

सेना की प्रमुख टुकड़ियों को सौंपी गई ये कमान

इसमें भाग लेने वाली प्रमुख टुकड़ियां सेना की दक्षिणी कमान, पश्चिमी नौसेना कमान और दक्षिण-पश्चिमी वायु कमान हैं। भारतीय तटरक्षक बल, सीमा सुरक्षा बल और अन्य केंद्रीय एजेंसियां भी बड़ी संख्या में भाग लेंगी, जिससे अंतर-एजेंसी समन्वय और एकीकृत अभियानों पर जोर दिया जाएगा।




जानिए क्या है इस अभ्यास का उद्देश्य?

तीनों सेवाओं में परिचालन प्रक्रियाओं को मान्य और समन्वित करना

प्लेटफार्मों और बुनियादी ढांचे की अंतर-संचालनीयता को बढ़ाना

सेवाओं के बीच नेटवर्क एकीकरण को मजबूत करना

कई डोमेन में संयुक्त संचालन को आगे बढ़ाना

TSE-2025 में शामिल होंगे ये दल

भारतीय नौसेना के युद्धपोतों और भारतीय वायु सेना के लड़ाकू और सहायक विमानों की बड़े पैमाने पर तैनाती की जाएगी।

भारतीय सेना और नौसेना के घटकों के साथ जलस्थलीय अभियान, जिनमें आईएनएस जलाश्व और लैंडिंग क्राफ्ट यूटिलिटी पोत (LCU) शामिल हैं।

संयुक्त खुफिया, निगरानी और टोही (ISR), इलेक्ट्रॉनिक युद्ध (EW) और साइबर युद्ध अभ्यास शामिल हैं।

भारतीय नौसेना ने तट-स्थित भारतीय वायुसेना की परिसंपत्तियों के साथ मिलकर विमानवाहक पोतों का संचालन किया जाएगा।

स्वदेशी प्रणालियों और 'आत्मनिर्भर भारत' का प्रदर्शन

यह अभ्यास स्वदेशी प्लेटफार्मों और तकनीकों के उपयोग पर जोर डालेगा, जो आत्मनिर्भर भारत पहल के तहत आत्मनिर्भरता के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। उभरते खतरों से निपटने और बदलते युद्ध परिदृश्यों के अनुकूल होने के लिए प्रक्रियाओं और तकनीकों को भी परिष्कृत किया जाएगा।

राष्ट्रीय सुरक्षा तैयारियों को मजबूत करना

टीएसई-2025 'त्रिशूल' भारतीय सशस्त्र बलों के पूर्णतः एकीकृत तरीके से कार्य करने, संयुक्त परिचालन तत्परता को बढ़ाने और राष्ट्रीय सुरक्षा तैयारियों को सुदृढ़ करने के सामूहिक संकल्प को रेखांकित करता है।

फर्जी पासपोर्ट घोटाले में ईडी की बड़ी कार्रवाई, नदिया में बढ़ई के घर छापा

03-Nov-2025
पश्चिम बंगाल (शोर संदेश)।  नदिया जिले के चकदह इलाके में प्रवर्तन निदेशालय ने सोमवार को एक बढ़ई के घर पर छापा मारा। यह कार्रवाई फर्जी पासपोर्ट घोटाले से जुड़ी जांच के सिलसिले में की गई। ईडी अधिकारियों के मुताबिक, आरोपी बढ़ई फर्जी पासपोर्ट तैयार करने में शामिल था और इनमें से कई पासपोर्ट विदेश भेजे गए थे। अधिकारियों ने बताया कि छापेमारी के दौरान कई महत्वपूर्ण दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस जब्त किए गए हैं। एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा हमने इस व्यक्ति के घर पर तलाशी ली है और उससे पूछताछ की जाएगी। यह मामला एक बड़े नेटवर्क से जुड़ा हो सकता है।
पाकिस्तानी कनेक्शन की जांच
बता दें कि इसी मामले में ईडी ने अक्टूबर में चकदह के ही इंदुभूषण हल्दर नामक व्यक्ति को गिरफ्तार किया था। उस पर आरोप था कि उसने एक पाकिस्तानी ऑपरेटिव की मदद से बांग्लादेशी नागरिकों के लिए अवैध पासपोर्ट तैयार करवाए थे। अधिकारियों के अनुसार, इंदुभूषण हल्दर से पूछताछ के दौरान इस बढ़ई का नाम सामने आया।
जांच एजेंसी अब इस पूरे नेटवर्क की तह तक जाने में जुटी है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस रैकेट का संचालन किन लोगों द्वारा किया जा रहा था और इन फर्जी पासपोर्टों का इस्तेमाल किन देशों में हुआ। ईडी सूत्रों के अनुसार, शुरुआती जांच में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर फर्जी दस्तावेज तैयार करने और उन्हें भेजने का संदेह है। फिलहाल, एजेंसी इस पूरे नेटवर्क के तारों को जोड़ने में लगी है।

ये लौहपुरुष का भारत है: सुरक्षा और सम्मान पर कभी समझौता नहीं होगा — पीएम मोदी

31-Oct-2025
केवड़िया ( शोर संदेश ) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती के मौके पर गुजरात के एकता नगर में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि ये लौहपुरुष सरदार पटेल का भारत है, जो सुरक्षा और सम्मान से कभी समझौता नहीं करेगा। उन्होंने कहा कि यह गर्व और प्रेरणा का पल है। हमने संकल्प लिया है कि हम ऐसे कार्यों को बढ़ावा देंगे, जो देश की एकता को मजबूती दें।
पीएम मोदी ने कहा कि सरदार पटेल की 150वीं जयंती के ऐतिहासिक अवसर पर एकता नगर में आयोजित भव्य कार्यक्रम के दौरान हम सभी एक महान क्षण के साक्षी बन रहे हैं। देशभर में हो रही ‘रन फॉर यूनिटी’ में कोटि-कोटि भारतीयों का उत्साह है। हम नए भारत की संकल्प शक्ति को महसूस कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि आज सरदार पटेल की जयंती का दिन स्वाभाविक रूप से राष्ट्रीय एकता का महापर्व बन गया है। जिस तरह हम 140 करोड़ देशवासी 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस और 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस मनाते हैं, वैसे ही एकता दिवस का महत्व हमारे लिए प्रेरणा और गर्व का पल है।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि सरदार पटेल मानते थे कि इतिहास लिखने में समय नहीं गंवाना चाहिए, हमें तो इतिहास बनाने के लिए मेहनत करनी चाहिए। उनकी ये भावना हमें उनकी जीवनगाथा में दिखाई देती है। सरदार साहब ने जो नीतियां बनाई, जो निर्णय लिए, उन्होंने नया इतिहास रचा। आजादी के बाद 562 रियासतों को साथ जोड़ने के असंभव कार्य को सरदार साहब ने संभव करके दिखाया। एक भारत-श्रेष्ठ भारत का विचार उनके लिए सर्वोपरि था।
पीएम मोदी ने देशवासियों से आग्रह किया कि हर ऐसी बात जो देश की एकता को कमजोर करती है, हर देशवासी को उससे दूर रहना है। उन्होंने कहा, “ये राष्ट्रीय कर्तव्य है, ये सरदार साहब को सच्ची श्रद्धांजलि है। यही आज देश की जरूरत है। यही आज एकता दिवस का हर भारतीय के लिए संदेश भी है, संकल्प भी है।”
कश्मीर का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “सरदार साहब ने देश की संप्रभुता को सबसे ऊपर रखा, लेकिन दुर्भाग्य से सरदार साहब के निधन के बाद के वर्षों में देश की संप्रभुता को लेकर तब की सरकारों में उतनी गंभीरता नहीं रही। एक ओर कश्मीर में हुई गलतियां, दूसरी ओर पूर्वोत्तर में पैदा हुई समस्याएं और देश में जगह-जगह पनपा नक्सलवाद-माओवादी आतंक, ये देश की संप्रभुता को सीधी चुनौतियां थीं, लेकिन उस समय की सरकारों ने सरदार साहब की नीतियों पर चलने की जगह रीढ़विहीन रवैये को चुना। इसका परिणाम देश ने हिंसा और रक्तपात के रूप में झेला।”
उन्होंने कहा कि सरदार साहब चाहते थे कि जैसे उन्होंने बाकी रियासतों का विलय किया, वैसे ही कश्मीर का विलय हो, लेकिन, नेहरू जी ने उनकी वह इच्छा पूरी नहीं होने दी। कश्मीर को अलग संविधान और अलग निशान से बांट दिया गया। कश्मीर पर कांग्रेस ने जो गलती की थी, उसकी आग में देश दशकों तक जलता रहा।
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि कांग्रेस की लचर नीतियों के कारण कश्मीर का एक हिस्सा पाकिस्तान के कब्जे में चला गया। पाकिस्तान ने आतंकवाद को हवा दी। राज्य प्रायोजित आतंकवाद की कश्मीर और देश को बहुत बड़ी कीमत चुकानी पड़ी, लेकिन फिर भी कांग्रेस हमेशा आतंकवाद के आगे नतमस्तक रही।
पीएम मोदी ने कहा कि अब देश ने पहली बार इस बड़े खतरे के खिलाफ भी निर्णायक लड़ाई लड़ने की ठानी है। लाल किले से मैंने ‘डेमोग्राफी मिशन’ का ऐलान किया। उन्होंने यह भी कहा कि ये लौहपुरुष सरदार पटेल का भारत है। ये अपनी सुरक्षा और सम्मान से कभी समझौता नहीं करेगा। राष्ट्रीय एकता दिवस पर संकल्प यह भी है कि हम भारत में रह रहे हर घुसपैठिए को निकालकर ही रहेंगे। 



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