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हवाई में भारत-अमेरिका सैन्य वार्ता, रक्षा सहयोग बढ़ाने पर हुई चर्चा

06-Jun-2026
नई दिल्ली। (शोर संदेश) हवाई में 29वीं भारत और अमेरिका ने ‘आर्मी-टू-आर्मी स्टाफ वार्ता’ आयोजित की, जिसमें दोनों देशों के बीच रक्षा सहयोग को और मजबूत करने के तरीकों पर चर्चा हुई। साथ ही, दोनों पक्षों ने अपने रणनीतिक साझेदारी संबंधों को और गहरा करने की प्रतिबद्धता दोहराई। भारतीय सेना के अनुसार, इस बैठक की सह-अध्यक्षता उप सेना प्रमुख (रणनीति) लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई और अमेरिकी सेना प्रशांत के उप कमांडिंग जनरल लेफ्टिनेंट जनरल जोएल वोवेल ने की।
भारतीय सेना ने शनिवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी साझा की। उन्होंने कहा, “चर्चा का मुख्य फोकस द्विपक्षीय रक्षा सहयोग को मजबूत करना, सेनाओं के बीच तालमेल बढ़ाना, पेशेवर आदान-प्रदान का विस्तार करना और साझा सुरक्षा हितों के लिए सैन्य सहयोग को गहरा करना था। दोनों पक्षों ने सेना के बीच बढ़ते सहयोग की सराहना की और भारत-अमेरिका रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत बनाने की प्रतिबद्धता जताई।”
पिछले सप्ताह, रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह ने सिंगापुर में अमेरिकी कांग्रेस के द्विदलीय प्रतिनिधिमंडल (सीओडीईएल) के प्रमुख और हाउस आर्म्ड सर्विसेज कमेटी के सदस्य पैट हैरिगन से मुलाकात की। इस दौरान क्षेत्रीय सुरक्षा, रक्षा सहयोग के विस्तार और हिंद-प्रशांत क्षेत्र में साझा रणनीतिक हितों पर चर्चा हुई।
रक्षा मंत्रालय ने एक्स पर बताया कि इस बातचीत ने भारत-अमेरिका रक्षा साझेदारी की मजबूती को फिर रेखांकित किया था। दोनों पक्षों ने क्षेत्रीय सुरक्षा, रक्षा सहयोग बढ़ाने और हिंद-प्रशांत क्षेत्र में साझा रणनीतिक लक्ष्यों को आगे बढ़ाने पर विचार-विमर्श किया।
इससे पहले 24 मई को, अमेरिकी विदेश मंत्री और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार मार्को रूबियो ने नई दिल्ली में भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल से मुलाकात की थी। इस बैठक में रक्षा, सुरक्षा और रणनीतिक प्रौद्योगिकी सहयोग, विशेष रूप से टीआरयूएसटी (ट्रस्ट) पहल, पर चर्चा हुई थी।
विदेश मंत्रालय के अनुसार, दोनों राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों ने भारत-अमेरिका व्यापक वैश्विक रणनीतिक साझेदारी को उच्च प्राथमिकता देने की बात दोहराई। साथ ही, उन्होंने क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर भी अपने विचार साझा किए।

 

पीएम मोदी ने गुजरात दौरे की तस्वीरें की साझा, दोहराया ‘आत्मनिर्भर भारत’ का संकल्प

06-Jun-2026
नई दिल्ली। (शोर संदेश) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने गुजरात दौरे की झलकियां शेयर की हैं। उन्होंने सूरत शहर की प्रशंसा की और कहा कि इस जीवंत शहर से हमने मिलकर भारत को मजबूत और आत्मनिर्भर बनाने का अपना संकल्प दोहराया।
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने गुजरात दौरे के अगले दिन आज शनिवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक वीडियो शेयर किया। पोस्ट में पीएम मोदी ने लिखा, “कल सूरत के लोगों के बीच रहना बहुत अच्छा लगा। इस जीवंत शहर से हमने मिलकर भारत को मजबूत और आत्मनिर्भर बनाने का अपना संकल्प दोहराया।”वीडियो में पीएम मोदी ने कार्यक्रमों शामिल होने की तस्वीरें और अपने भाषणों के कुछ अंश शेयर किए हैं। उन्होंने कहा, “मुझे कई बार लगता है कि ये सूरत शहर नहीं है, सूरत एक स्पिरिट है। हमारा संकल्प ‘विकसित गुजरात’ और ‘विकसित भारत’ इस संकल्प को सिद्ध करना व सेवा के भाव से समर्पित होकर के करना है।”
उन्होंने कहा कि ये जो वैश्विक संकट चल रहा है, ये दिखाता है कि एनर्जी के मामले में आत्मनिर्भरता कितनी जरूरी है। उन्होंने कहा, “आत्मनिर्भर भारत का क्या मतलब होता है, ये हजीरा जाने पर भी साफ दिखता है। हजीरा आज केवल एक औद्योगिक क्षेत्र नहीं है। यह एक ऐसा इकोसिस्टम बन चुका है जहां, एनर्जी है, स्टील है, डिफेंस प्रोडक्शन है, पोर्ट है, और ग्लोबल ट्रेड का इकोसिस्टम है। हजीरा, देश के एक बड़े ‘मेरीटाइम इंडस्ट्रियल हब’ के रूप में विकसित हो रहा है, आत्मनिर्भर भारत के एक बड़े सेंटर के रूप में उभर रहा है।”
उन्होंने विरोधियों पर भी निशाना साधा। पीएम मोदी ने कहा, “आज देश में कुछ निराशावादी लोग हैं, जो आत्मनिर्भर भारत अभियान का मज़ाक उड़ाते रहते हैं। देश के इस संकल्प को वो लगातार नीचा ही दिखाते हैं।”
प्रधानमंत्री मोदी ने आगे कहा, “भारत, नकारात्मकता से कहीं आगे निकल चुका है। ये असीमित आशावाद वाला देश है। अद्भुत आकांक्षाओं से लैस देश है। भारत के नागरिक सपनों से भरे हुए हैं, संकल्पों से भरे हुए हैं। और संकल्प को सिद्धि में बदलने के लिए प्रतिबद्ध जनता जनार्दन है। और जब देश की जनशक्ति संकल्पित है, तो देश हर लक्ष्य पा सकता है और यही भारत की ताकत है।”





 

राजस्थान के 25 जिलों में आंधी-तूफान और बारिश का अलर्ट, 8 जून से फिर लू चलने की संभावना

06-Jun-2026
नई दिल्ली। (शोर संदेश) भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने शनिवार को राजस्थान के 25 जिलों के लिए आंधी-तूफान और बारिश का अलर्ट जारी किया। हालांकि, मौसम विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि 8 जून से पश्चिमी राजस्थान में भीषण गर्मी और लू की स्थिति फिर से बन सकती है। राज्य भर में प्री-मानसून गतिविधियां जारी रहने के कारण राजस्थान में गर्मी से राहत का दौर बना हुआ है।
बांसवाड़ा, बूंदी और भीलवाड़ा समेत कई जिलों में 4 जून की शाम से 5 जून की सुबह के बीच तीन इंच तक बारिश हुई। चूरू, हनुमानगढ़ और बीकानेर के कुछ हिस्सों में ओले गिरने की भी खबर है। हाल ही में हुई बारिश और तेज हवाओं की वजह से तापमान में काफी गिरावट दर्ज की गई। कई इलाकों में तापमान 5 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया है। जयपुर, दौसा, करौली, डूंगरपुर और नागौर जैसे शहरों में दिन का तापमान 35 डिग्री सेल्सियस से नीचे रहा।
मौसम विभाग के अनुसार, राज्य के कई हिस्सों में अगले दो दिनों तक आंधी-तूफान और बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है, जिसके बाद 8 जून से मौसम धीरे-धीरे शुष्क हो जाएगा। हालांकि, बारिश से लू की स्थिति से लगातार राहत मिलने की उम्मीद है, फिर भी लोगों को आंधी-तूफान और तेज हवाओं के दौरान सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। मौसम में बदलाव के बावजूद, फलोदी में राज्य का सबसे ज्यादा अधिकतम तापमान 42.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि जोधपुर में सबसे ज्यादा न्यूनतम तापमान 31.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
सबसे कम न्यूनतम तापमान वनस्थली (टोंक) में 21.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। पिछले 24 घंटों के दौरान जैसलमेर में अधिकतम तापमान 42.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। तापमान के अन्य प्रमुख आंकड़ों में श्रीगंगानगर में 41.5 डिग्री सेल्सियस, बाड़मेर में 40.8 डिग्री सेल्सियस, जोधपुर में 39.5 डिग्री सेल्सियस, बीकानेर में 39.2 डिग्री सेल्सियस, जालौर, चूरू और पाली में 38 डिग्री सेल्सियस, हनुमानगढ़ में 37.5 डिग्री सेल्सियस, पिलानी में 37.2 डिग्री सेल्सियस और उदयपुर में 37 डिग्री सेल्सियस शामिल हैं।
इस बीच, 4 और 5 जून को हुई बारिश के कारण जयपुर, अजमेर, उदयपुर, भरतपुर, कोटा और बीकानेर डिवीजन में तापमान में काफी गिरावट आई।
सबसे ज़्यादा 75 मिलीमीटर बारिश शाहपुरा (भीलवाड़ा) में दर्ज की गई। बारिश के अन्य अहम आंकड़ों में अजमेर में 45 मिलीमीटर; नैनवां (बूंदी), कचोला (भीलवाड़ा) और बयाना (भरतपुर) में 34-34 मिलीमीटर तो वहीं, भैंसरोड़गढ़ (चित्तौड़गढ़) और वैर (भरतपुर) में 31-31 मिलीमीटर बारिश शामिल है।
शुक्रवार दोपहर बीकानेर डिवीजन के कुछ हिस्सों में मौसम अचानक बदल गया। बीकानेर, हनुमानगढ़ और चूरू जिलों में घने बादल छा गए, जिससे कई जगहों पर धूल भरी आंधी चली, तेज हवाएं चलीं और बारिश हुई। कुछ अलग-अलग इलाकों में ओले गिरने की भी खबर मिली।







 

 


मिस्र ने कुवैत और बहरीन पर कथित ईरानी हमलों की कड़ी निंदा की

06-Jun-2026
नई दिल्ली। (शोर संदेश) मिस्र ने कुवैत और बहरीन को निशाना बनाए गए कथित ईरानी हमलों की कड़े शब्दों में निंदा की है। शनिवार को मिस्र ने इन हमलों को दोनों देशों की संप्रभुता का स्पष्ट उल्लंघन और पूरे क्षेत्र की सुरक्षा व स्थिरता के लिए “खतरनाक उकसावे” की कार्रवाई बताया।
मिस्र के विदेश मंत्रालय ने बयान जारी करते हुए कहा कि वह कुवैत और बहरीन के साथ पूरी मजबूती से खड़ा है और इस हमले का सामना करने के लिए उनके द्वारा उठाए गए सभी कदमों का समर्थन करता है। मंत्रालय ने कहा कि दोनों देश अपनी सुरक्षा, स्थिरता और महत्वपूर्ण ढांचागत परिसंपत्तियों की रक्षा के लिए जो भी कदम उठाएंगे, मिस्र उनका समर्थन करेगा।
बयान में आगे कहा गया कि अरब खाड़ी देशों की सुरक्षा और स्थिरता, अरब राष्ट्रीय सुरक्षा की एक बुनियादी आधारशिला है। मिस्र ने यह भी स्पष्ट किया कि वह किसी भी ऐसे कार्य या नीति को पूरी तरह खारिज करता है जो किसी देश की संप्रभुता का उल्लंघन करे या उसकी क्षेत्रीय अखंडता और सुरक्षा को खतरे में डाले। मिस्र ने चेतावनी दी कि इस तरह की घटनाएं पूरे क्षेत्र की स्थिरता के लिए गंभीर खतरा पैदा करती हैं और इससे तनाव और अधिक बढ़ सकता है।
दरअसल, आईआरजीसी ने शनिवार सुबह दावा किया कि उसने यूएस सेंट्रल कमांड के खिलाफ जवाबी कार्रवाई में अमेरिकी प्रतिष्ठानों को निशाना बनाकर हमला किया। इसके बाद सेंटकाम ने कहा कि उसने ईरान की ओर से बहरीन और कुवैत की ओर भेजी गई बैलिस्टिक मिसाइलों और ड्रोन को इंटरसेप्ट कर तबाह कर दिया।
अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने इसे लेकर एक बयान जारी किया। उनके अनुसार, 5 जून को ईरान ने पहले स्ट्रेट ऑफ होर्मुज की दिशा में चार एकतरफा हमला करने वाले ड्रोन भेजे थे। अमेरिकी बलों ने इन सभी ड्रोन को मार गिराया। ये ड्रोन क्षेत्र में समुद्री यातायात के लिए तत्काल खतरा पैदा कर रहे थे।
ड्रोन हमलों के कुछ घंटों बाद ईरान ने कुवैत और बहरीन की ओर सात बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं। शुरुआती आकलन के मुताबिक इनमें से छह मिसाइलों को बीच रास्ते में ही रोककर नष्ट कर दिया गया, जबकि सातवीं मिसाइल अपने निर्धारित लक्ष्य तक पहुंचने में विफल रही। साथ ही, ईरान की ओर से किए गए उस दावे को भी खारिज कर दिया गया है, जिसमें कहा गया था कि बहरीन स्थित अमेरिकी नौसेना के 5वें बेड़े के मुख्यालय को नुकसान पहुंचा है।

पीएम मोदी ने सीएम योगी को जन्मदिन की शुभकामनाएं दीं, लंबे और स्वस्थ जीवन की कामना की

05-Jun-2026
नई दिल्ली। (शोर संदेश) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह समेत अन्य नेताओं ने शुक्रवार को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को जन्मदिन की शुभकामनाएं देते हुए उनके लंबे और स्वस्थ जीवन की कामना की।
पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को उनके जन्मदिन पर बहुत-बहुत शुभकामनाएं। राज्य की प्रगति के लिए उनके काम उल्लेखनीय हैं। उन्होंने हमेशा लोगों के जीवन की गुणवत्ता सुधारने और सर्वांगीण विकास सुनिश्चित करने पर ध्यान दिया है। उनके लंबे और स्वस्थ जीवन की कामना करता हूं।
केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने शुभकामनाएं देते हुए लिखा कि सीएम योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश की डबल इंजन सरकार सुशासन और जनकल्याण के नए मापदंड स्थापित कर रही है। ईश्वर से आपके उत्तम स्वास्थ्य एवं दीर्घायु की कामना करता हूं।
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने शुभकामनाएं देते हुए सीएम योगी के उत्तम स्वास्थ्य, दीर्घायु और मंगलमय जीवन की प्रार्थना की। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने लिखा कि उत्तर प्रदेश के लोकप्रिय एवं कर्मठ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को जन्मदिन की शुभकामनाएं। उनके नेतृत्व में उत्तर प्रदेश ने सुशासन, सुरक्षा, विकास एवं जनकल्याण के क्षेत्रों में उल्लेखनीय उपलब्धियां अर्जित की हैं। उनके दृढ़ संकल्प और अथक परिश्रम के परिणामस्वरूप आज उत्तर प्रदेश प्रगति और समृद्धि के पथ पर तेज गति से अग्रसर है। ईश्वर से प्रार्थना है कि उन्हें उत्तम स्वास्थ्य, दीर्घायु तथा जनसेवा के लिए निरंतर ऊर्जा और शक्ति प्रदान करें।
भाजपा सांसद एवं दिग्गज अभिनेत्री हेमा मालिनी ने सीएम योगी को शुभकामनाएं दीं। भाजपा सांसद हेमा मालिनी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा कि यूपी के मुख्यमंत्री योगी के जन्मदिन पर उनके लिए ढेर सारी शुभकामनाएं। मथुरा के सांसद के तौर पर, अपने संसदीय क्षेत्र के विकास के बारे में उनसे बातचीत करना हमेशा सुखद रहता है। वे मेरी जरूरतों को समझते हैं क्योंकि मथुरा के लिए हमारा विजन एक जैसा है और वे हमेशा मदद के लिए तैयार रहते हैं। ईश्वर उन्हें लंबी और स्वस्थ आयु प्रदान करें और वे देश की सेवा में और भी कई वर्ष बिताएं।







 

पीएम मोदी आज सूरत और दमन के दौरे पर, विभिन्न विकास परियोजनाओं का करेंगे उद्घाटन

05-Jun-2026
नई दिल्ली। (शोर संदेश) प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी शुक्रवार को गुजरात और दमन के दौरे पर रहेंगे। पीएम मोदी सूरत जिले के हजीरा में चल रहे औद्योगिक कार्यों और इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स की समीक्षा करेंगे। वह शाम को सूरत में लगभग 18,800 करोड़ रुपये की विभिन्न विकास परियोजनाओं का उद्घाटन करेंगे और राष्ट्र को समर्पित करेंगे। पीएम मोदी इस अवसर पर सभा को संबोधित भी करेंगे।
इसके बाद प्रधानमंत्री दमन के लिए रवाना होंगे, जहां शाम लगभग 6:15 बजे वे दमन स्थित नामो हवाई अड्डे के नए टर्मिनल भवन का उद्घाटन करेंगे। इसकेउपरांत, दमन में स्थित नामो अस्पताल राष्ट्र को समर्पित किया जाएगा। फिर सायं लगभग 7:15 बजे प्रधानमंत्री दमन में लगभग 2,970 करोड़ रुपये की विभिन्न विकास परियोजनाओं का उद्घाटन, समर्पण और शिलान्यास करेंगे। वे लक्षद्वीप केंद्र शासित प्रदेश के लिए लगभग 885 करोड़ रुपये की चार महत्वपूर्ण परियोजनाओं का भी शिलान्यास करेंगे। पीएम मोदी इस दौरान, जनसमूह को भी संबोधित करेंगे।
प्रधानमंत्री कार्यालय (सेवा तीर्थ) के अनुसार प्रधानमंत्री मोदी सूरत में सड़क, बिजली और औद्योगिक क्षेत्रों में फैली 18,800 करोड़ रुपये से अधिक की कई विकास परियोजनाओं का उद्घाटन करेंगे, उन्हें राष्ट्र को समर्पित करेंगे और उनकी आधारशिला रखेंगे। इसके अलावा प्रधानमंत्री वडोदरा-मुंबई एक्सप्रेसवे के पैकेज VI और VII राष्ट्र को समर्पित करेंगे, जिससे गुजरात और महाराष्ट्र के बीच उच्च गति परिवहन, लॉजिस्टिक्‍स दक्षता और आर्थिक संपर्क में सुधार होगा। वह प्रमुख अवसंरचना परियोजनाओं की आधारशिला रखेंगे, जिनमें जनजातीय क्षेत्रों में संपर्क बढ़ाने और स्टैच्यू ऑफ यूनिटी तक पहुंच को सुगम बनाने के लिए राष्‍ट्रीय राजमार्ग-56 के महत्वपूर्ण खंडों को चार लेन का बनाना शामिल है।
सूरत में पीएम मोदी 220 बिस्तरों वाले ईएसआईसी अस्पताल का भी उद्घाटन करेंगे, जो प्रमुख स्‍पेशियलिटिज में आधुनिक माध्यमिक स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करेगा। साथ ही, यह एक केंद्रीय प्रयोगशाला और आवश्यक सहायक सेवाओं से भी सुसज्जित होगा। इसमें व्यावसायिक चोटों और चिकित्सा आपात स्थितियों के समय पर प्रबंधन को सुनिश्चित करने के लिए 24/7 आपातकालीन और ट्रॉमा देखभाल की सुविधा भी है।
प्रधानमंत्री अंतर-राज्यीय ट्रांसमिशन प्रणाली के तहत बिजली निकासी क्षमता बढ़ाने के लिए गुजरात में ट्रांसमिशन नेटवर्क विस्तार सहित महत्वपूर्ण उपयोगिता केन्‍द्रों और औद्योगिक अवसंरचना परियोजनाओं का उद्घाटन करेंगे।
प्रधानमंत्री दमन में लगभग 2,970 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं का उद्घाटन करेंगे, उन्हें राष्ट्र को समर्पित करेंगे और आधारशिला रखेंगे। ये परियोजनाएं स्वास्थ्य सेवा, नागरिक उड्डयन, पर्यटन, अवसंरचना, कनेक्टिविटी और जन कल्याण सहित विभिन्न सेक्‍टरों से संबंधित हैं। इनसे दादरा और नगर हवेली तथा दमन एवं दीव केंद्र शासित प्रदेशों के समग्र विकास को महत्वपूर्ण बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
पीएम मोदी दमन में लगभग 1,340 करोड़ रुपये की परियोजनाओं का उद्घाटन और राष्ट्र को समर्पित करेंगे, जिनमें नामो हवाई अड्डे का नया टर्मिनल भवन और नामो अस्पताल शामिल हैं। नया हवाई अड्डा टर्मिनल क्षेत्रीय हवाई संपर्क को अत्‍यधिक सुदृढ़ करेगा और क्षेत्र के आर्थिक विकास को गति देगा। दमन जिले का जिला अस्पताल नामो अस्पताल प्रतिदिन लगभग 1,500 ओपीडी रोगियों की देखभाल के लिए विकसित किया गया है। इससे लोगों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं तक बेहतर पहुंच मिलेगी।
इसके साथ ही, प्रधानमंत्री लगभग 1,630 करोड़ रुपये की परियोजनाओं की आधारशिला भी रखेंगे। प्रमुख परियोजनाओं में आइकॉनिक ब्रिज, दमन कन्वेंशन सेंटर और दमन स्थित एनआईएफटी परिसर शामिल हैं। इन परियोजनाओं से आधुनिक बुनियादी ढांचे को मजबूती मिलेगी, पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, निवेश बढ़ेगा, रोजगार के अवसर सृजित होंगे और लोगों के जीवन स्तर में सुधार होगा।
वहीं, लक्षद्वीप केंद्र शासित प्रदेश के लिए लगभग 885 करोड़ रुपये की महत्वपूर्ण परियोजनाओं की आधारशिला भी पीएम मोदी रखेंगे। इन परियोजनाओं में कलपेनी द्वीप और कदमत द्वीप दोनों के पूर्वी और पश्चिमी किनारों पर बंदरगाह सुविधाओं का विकास शामिल है। इन बहुउद्देशीय घाटों के विकास से 300 मीटर तक की लंबाई वाले क्रूज जहाजों सहित बड़े यात्री जहाजों के लिए साल भर आवागमन की सुविधा उपलब्ध होगी। ये परियोजनाएं यात्रियों और माल की सुरक्षित एवं कुशल आवाजाही को सक्षम बनाएंगी। साथ ही मछली प्रबंधन, ईंधन वितरण, बर्फ आपूर्ति और नाव मरम्मत के लिए एकीकृत सुविधाएं प्रदान करेंगी। ये पहल समुद्री कनेक्टिविटी को सुदृढ़ करेंगी, स्थानीय मछुआरों की आजीविका में सहायता करेंगी, पर्यटन को बढ़ावा देंगी और द्वीपों के सामाजिक-आर्थिक विकास में योगदान देंगी।

 

 


पीएम मोदी ने डॉ. सुभाष सी. कश्यप के निधन पर शोक व्यक्त किया

05-Jun-2026
नई दिल्ली। (शोर संदेश) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने लोकसभा के पूर्व महासचिव डॉ. सुभाष सी. कश्यप के निधन पर शुक्रवार को गहरा दुख व्यक्त किया है। पीएम मोदी ने कहा कि डॉ. कश्यप भारत के सबसे प्रमुख संवैधानिक विशेषज्ञों में से एक थे, जिनका संसदीय और संवैधानिक विमर्श में योगदान हमारे समाज को समृद्ध बनाने वाला रहा है।
उन्होंने कहा कि उनके लेखन और लोकतांत्रिक संस्थाओं को मजबूत करने के प्रति उनकी प्रतिबद्धता उल्लेखनीय है। प्रधानमंत्री ने उनके परिवार और मित्रों के प्रति अपनी हार्दिक संवेदना व्यक्त की है।
पीएम मोदी ने सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर पोस्ट किया, “लोकसभा के पूर्व महासचिव के रूप में कार्य कर चुके डॉ. सुभाष सी. कश्यप के निधन से अत्यंत दुखी हूं। वह भारत के सबसे प्रमुख संवैधानिक विशेषज्ञों में से एक थे, जिनका संसदीय और संवैधानिक विमर्श में योगदान हमारे समाज को समृद्ध बनाने वाला रहा है। लोकतांत्रिक संस्थाओं को मजबूत करने के प्रति उनका लेखन और उनकी प्रतिबद्धता उल्लेखनीय थी। उनके परिवार और मित्रों के प्रति संवेदनाएं। ॐ शांति।”
सुभाष कश्यप ने 97 साल की उम्र में अपने आवास पर आखिरी सांस ली। जानकारी के अनुसार, उनकी मौत कार्डियो-पल्मोनरी अरेस्ट की वजह से हुई।
डॉ. कश्यप प्रसिद्ध लेखक और विद्वान, एक प्रतिष्ठित संवैधानिक विशेषज्ञ, सलाहकार और अधिवक्ता थे। उन्होंने भारत और विदेशों में कई सर्वोच्च पदों पर कार्य किया। लोकसभा के पूर्व महासचिव को पद्म भूषण और डॉक्टर ऑफ लॉज़ (एलएल.डी.) सहित कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय सम्मान और पुरस्कार प्राप्त हुए हैं।
उन्होंने 3-खंडीय ग्रंथ ‘भारत का संवैधानिक कानून’ के अलावा 6-खंड भी पेश किये हैं। उनके वर्तमान कार्यों में ‘स्टेट ऑफ द नेशनः डेमोक्रेसी गवर्नेस एंड पार्लियामेंट’ “वी, द पीपल एंड आवर कंसटीट्यूसन”, “इंडियन कंसटीट्यूसन कंफ्लीक्टस् एंड कंट्रोवर्सिज” आदि शामिल हैं।
हमारी संसद की उनकी लोकप्रिय ग्रंथत्रय (Trilogy) ‘आवर पालिटिकल सिस्टम एंड आवर कंसटीट्यूसन’ की कई लाख प्रतियां बिकी और एनबीटी के बेस्ट सेलर्स में से एक है। 






 

ट्रंप ने पीएम मोदी को बताया ‘अच्छा दोस्त’, कहा- भारत और अमेरिका के बीच जल्द होगी ट्रेड डील

05-Jun-2026
नई दिल्ली। (शोर संदेश) अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपना “अच्छा दोस्त” बताते हुए कहा कि अमेरिका और भारत के बीच जल्द ही व्यापार समझौता हो सकता है। व्हाइट हाउस में कोयला और ऊर्जा नीति पर आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए ट्रंप ने कहा कि भारत की शुल्क (टैरिफ) व्यवस्था की लंबे समय से आलोचना करने के बावजूद दोनों देशों के बीच व्यापार वार्ता आगे बढ़ रही है।
वहीं सेक्रेटरी ऑफ स्टेट मार्को रुबियो के हालिया भारत दौरे के बाद दोनों देशों के बीच व्यापार समझौते के करीब पहुंचने संबंधी खबरों पर पूछे गए सवाल के जवाब में ट्रंप ने कहा, “हां, हम यह समझौता कर रहे हैं।” उन्होंने कहा, “हम समझौता कर लेंगे, क्योंकि मुझे आपके प्रधानमंत्री बहुत पसंद हैं। वह मेरे अच्छे दोस्त हैं। हमारी आपस में बहुत अच्छी बनती है और हम एक समझौता करेंगे। हमारे संबंध बहुत अच्छे हैं।”
इस दौरान ट्रंप ने अपनी पुरानी शिकायत भी दोहराई कि भारत अमेरिकी उत्पादों पर काफी अधिक टैरिफ लगाता रहा है। उन्होंने कहा, “भारत ने कई वर्षों तक अमेरिका का फायदा उठाया। वे हमसे बहुत ज्यादा टैरिफ वसूलते थे और खुद लगभग कुछ नहीं देते थे।”
ट्रंप ने उदाहरण देते हुए हार्ले-डेविडसन मोटरसाइकिलों का जिक्र किया। उनका कहना था कि पहले भारी आयात शुल्क के कारण अमेरिकी कंपनियों के लिए भारतीय बाजार में कारोबार करना मुश्किल था। उन्होंने कहा, “पहले भारत हार्ले-डेविडसन की मोटरसाइकिलों पर 200 प्रतिशत तक टैरिफ लगा देता था। इसलिए कंपनी के लिए वहां कारोबार करना मुश्किल हो गया। आखिरकार हार्ले-डेविडसन को भारत में अपने ही प्लांट लगाने पड़े।”
ट्रंप ने कहा कि पहले की व्यापारिक व्यवस्थाओं और उनकी सरकार की मौजूदा नीति में बड़ा अंतर है। उन्होंने कहा, “वे हमारे उत्पादों पर बहुत ज्यादा टैरिफ लगाते थे और हम उनसे कुछ नहीं लेते थे। लेकिन अब स्थिति बिल्कुल उलट है और हम भारत के साथ व्यापार से अच्छी कमाई कर रहे हैं।”
ट्रंप की यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है, जब वॉशिंगटन और नई दिल्ली में इस बात की उम्मीद बढ़ रही है कि दोनों देशों के वार्ताकार एक ऐसे व्यापार समझौते के करीब पहुंच रहे हैं, जिससे बाजार तक पहुंच आसान होगी और टैरिफ से जुड़े कई विवाद कम हो सकते हैं।
भारत-अमेरिका रणनीतिक साझेदारी में व्यापार सबसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में से एक बन चुका है। दोनों सरकारें लगातार इस बात पर जोर देती रही हैं कि रक्षा, तकनीक, ऊर्जा और महत्वपूर्ण सप्लाई चेन जैसे क्षेत्रों में सहयोग के साथ-साथ आर्थिक संबंधों को भी और मजबूत किया जाना चाहिए।
ट्रंप की बातों में प्रधानमंत्री मोदी के साथ उनके व्यक्तिगत संबंधों की झलक भी दिखाई दी, जिसका जिक्र वह अक्सर करते रहे हैं। अपने पहले कार्यकाल के दौरान दोनों नेताओं ने कई बड़े सार्वजनिक कार्यक्रमों में हिस्सा लिया था, जिनमें ह्यूस्टन का “हाउडी मोदी” कार्यक्रम और अहमदाबाद का “नमस्ते ट्रंप” कार्यक्रम शामिल हैं।

 

पीएम मोदी का ‘सुभाषितम’ संदेश: योग को दिनचर्या में शामिल करें, तन-मन रहे स्वस्थ और शांत

04-Jun-2026
नई दिल्ली। (शोर संदेश) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर ‘सुभाषितम’ सीरीज के तहत एक प्रेरणादायक संदेश साझा किया। इसमें उन्होंने योग को अपनी दैनिक दिनचर्या का अभिन्न अंग बनाने की अपील की है।
पीएम मोदी ने लिखा, “योग का नियमित अभ्यास तन को स्वस्थ और मन को शांत रखता है। इसे अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाने से जीवन संतुलित और ऊर्जावान बनता है।”
इस संदेश के साथ प्रधानमंत्री मोदी ने महर्षि पतंजलि को समर्पित एक प्रसिद्ध संस्कृत श्लोक भी साझा किया:
अर्थ: मन की चंचल वृत्तियों को योग से, वाणी की अशुद्धियों को व्याकरण से और शरीर की मलिनताओं को आयुर्वेद से दूर करने वाले मुनियों में श्रेष्ठ महर्षि पतंजलि को मैं प्रणाम करता हूं।
ज्ञात हो, इससे एक दिन पहले बुधवार को पीएम मोदी ने ‘सुभाषितम’ के जरिए एकजुटता पर जोर देते हुए कहा था कि जब नागरिक एक सूत्र में बंध जाते हैं, तो राष्ट्र की शक्ति कई गुना बढ़ जाती है। उन्होंने इस संदेश के साथ एक और संस्कृत श्लोक साझा किया था, जिसमें लकड़ियों की उदाहरण के माध्यम से सामूहिक शक्ति की बात की गई थी।
प्रधानमंत्री मोदी की यह ‘सुभाषितम’ श्रृंखला प्रेरणादायक श्लोकों और संदेशों के माध्यम से लोगों को सकारात्मक सोच, स्वास्थ्य और राष्ट्र निर्माण की दिशा में प्रेरित करती है। योग दिवस के निकट आने के साथ उनका यह संदेश विशेष रूप से प्रासंगिक माना जा रहा है। 



 

पीएम मोदी 5 जून को रहेंगे सूरत और दमन के दौरे पर, 21,700 करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं की देंगे सौगात

04-Jun-2026
नई दिल्ली। (शोर संदेश) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 5 जून 2026 को गुजरात के सूरत और केंद्र शासित प्रदेश दमन का दौरा करेंगे। इस दौरान वे सूरत और दमन में कुल ₹21,770 करोड़ से अधिक की लागत वाली विभिन्न विकास परियोजनाओं का उद्घाटन, राष्ट्र को समर्पण और आधारशिला रखेंगे।
– दोपहर करीब 2:30 बजे प्रधानमंत्री सूरत जिले के हजीरा पहुंचेंगे और वहां चल रहे औद्योगिक तथा इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स का जायजा लेंगे।
– शाम करीब 4:15 बजे सूरत में ₹18,800 करोड़ की लागत वाले विकास कार्यों का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे।
– इस मौके पर वे जनसभा को भी संबोधित करेंगे।
– वडोदरा-मुंबई एक्सप्रेसवे के पैकेज VI और VII को राष्ट्र को समर्पित करेंगे।
– NH-56 के चार लेन वाले हिस्सों की आधारशिला (आदिवासी क्षेत्रों की कनेक्टिविटी और स्टैच्यू ऑफ यूनिटी तक पहुंच बढ़ाने के लिए)
– 200 बिस्तरों वाला ESIC अस्पताल
– बिजली ट्रांसमिशन नेटवर्क विस्तार
– दहेज पेट्रोलियम, रसायन और पेट्रोकेमिकल निवेश क्षेत्र (PCPIR), सारिगाम गुजरात औद्योगिक विकास निगम (GIDC) अपशिष्ट उपचार संयंत्र, जंबूसर बल्क ड्रग पार्क लेआउट सुविधाएं आदि शामिल हैं।
– शाम करीब 6:15 बजे प्रधानमंत्री दमन पहुंचेंगे।
– NAMO हवाई अड्डे की नई टर्मिनल बिल्डिंग का उद्घाटन करेंगे
– NAMO अस्पताल को राष्ट्र को समर्पित करेंगे
– शाम 7:15 बजे ₹2,970 करोड़ की विभिन्न परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे
– लक्षद्वीप के लिए ₹885 करोड़ की 4 महत्वपूर्ण परियोजनाओं (बंदरगाह विकास) की आधारशिला रखेंगे।
– Iconic Bridge, दमन कन्वेंशन सेंटर, NIFT परिसर
– NAMO हवाई अड्डा टर्मिनल और NAMO अस्पताल (₹1,340 करोड़)

प्रधानमंत्री की इस यात्रा को गुजरात और दादरा-नगर हवेली-दमन-दीव के समग्र विकास को नई गति देने वाली माना जा रहा है। इन परियोजनाओं से कनेक्टिविटी, स्वास्थ्य सेवाएं, पर्यटन, औद्योगिक विकास और रोजगार के अवसरों में काफी वृद्धि होने की उम्मीद है। यह दौरा विकास कार्यों को तेजी देने और जनता से सीधा संवाद करने की प्रधानमंत्री की निरंतर रणनीति का हिस्सा है। 
इसके अलावा प्रधानमंत्री मोदी लक्षद्वीप केंद्र शासित प्रदेश के लिए भी लगभग ₹885 करोड़ की महत्वपूर्ण परियोजनाओं की आधारशिला रखेंगे। इन परियोजनाओं में कल्पेनी द्वीप और कदमत द्वीप दोनों के पूर्वी और पश्चिमी किनारों पर बंदरगाह सुविधाओं का विकास शामिल है। इन बहुउद्देशीय जेटी के विकास से 300 मीटर तक की लंबाई वाले क्रूज जहाजों सहित बड़े यात्री जहाजों की साल भर गोदी (berthing) करने की सुविधा मिलेगी। 
ये परियोजनाएं यात्रियों और माल की सुरक्षित और कुशल आवाजाही को सक्षम बनाएंगी, साथ ही मछली प्रबंधन, ईंधन वितरण, बर्फ की आपूर्ति और नाव की मरम्मत के लिए एकीकृत सुविधाएं प्रदान करेंगी। ये पहलें समुद्री संपर्क को मज़बूत करेंगी, स्थानीय मछुआरों की आजीविका में सहायता करेंगी, पर्यटन को बढ़ावा देंगी और द्वीपों के सामाजिक-आर्थिक विकास में योगदान देंगी। 

 


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