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देश-विदेश

सौर ऊर्जा से साझा समृद्धि और खाद्य सुरक्षा को मिलेगा बल: प्रधानमंत्री मोदी

17-Jun-2026
नई दिल्ली। (शोर संदेश) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने केंद्रीय नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री प्रल्हाद जोशी और अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन के महानिदेशक आशीष खन्ना द्वारा लिखित एक लेख साझा किया है। उन्होंने कहा कि यह लेख सौर ऊर्जा और कृषि क्षेत्र में स्वच्छ ऊर्जा के उपयोग की संभावनाओं को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करता है।
लेख में बताया गया है कि सौर ऊर्जा एक क्रांतिकारी शक्ति के रूप में उभर रही है। इसमें कृषि क्षेत्र में स्वच्छ ऊर्जा के उपयोग के लिए भारत के मॉडल को विशेष रूप से रेखांकित किया गया है। लेख के अनुसार, यह मॉडल अफ्रीकी देशों के लिए भी एक अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत करता है।
लेख में कहा गया है कि कृषि के लिए सौर ऊर्जा का उपयोग साझा समृद्धि को मजबूत करने, समुदायों को सशक्त बनाने और खाद्य सुरक्षा को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। इसके माध्यम से किसानों की आय बढ़ाने और टिकाऊ कृषि प्रणाली विकसित करने की दिशा में भी मदद मिल सकती है।
प्रधानमंत्री कार्यालय द्वारा एक्स पर साझा की गई पोस्ट में प्रधानमंत्री ने कहा, “सौर ऊर्जा एक क्रांतिकारी शक्ति के रूप में उभर रही है। कृषि के लिए स्वच्छ ऊर्जा का उपयोग करने का भारत का मॉडल अफ्रीका के लिए एक अनुकरणीय मॉडल प्रस्तुत करता है और यह साझा समृद्धि को मजबूत करता है, समुदायों को सशक्त बनाता है तथा खाद्य सुरक्षा का वादा करता है। यह हमारे किसानों और हम सभी के लिए सही अर्थों में गर्व की बात है।”
प्रधानमंत्री ने केंद्रीय मंत्री प्रल्हाद जोशी और अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन के महानिदेशक आशीष खन्ना द्वारा लिखित इस ज्ञानवर्धक लेख को पढ़ने की भी अपील की। उन्होंने कहा कि यह लेख स्वच्छ ऊर्जा और कृषि के बीच बढ़ते संबंधों को बेहतर ढंग से समझने का अवसर प्रदान करता है। 
 

सरकार ने डीजल और ATF निर्यात पर बढ़ाया विंडफॉल टैक्स, पेट्रोल पर शुल्क यथावत

16-Jun-2026
नई दिल्ली। (शोर संदेश) केंद्र सरकार ने मंगलवार से डीजल और एविएशन टर्बाइन फ्यूल (एटीएफ) के निर्यात पर विंडफॉल गेन टैक्स बढ़ा दिया है। हालांकि, पेट्रोल पर शुल्क में कोई बदलाव नहीं किया है।
विंडफॉल गेन टैक्स की समीक्षा हर 15 दिन में की जाती है और कच्चे तेल की कीमतों के आधार पर भी इसका निर्धारण किया जाता है।
वित्त मंत्रालय द्वारा जारी नोटिफिकेशन में कहा गया कि सरकार ने डीजल के निर्यात पर विशेष अतिरिक्त उत्पाद शुल्क (एसएईडी) को बढ़ाकर 14 रुपए प्रति लीटर कर दिया है, जो कि पहले 13.5 रुपए प्रति लीटर था। वही, एटीएफ पर एसएईडी को बढ़ाकर 12.5 रुपए प्रति लीटर कर दिया है, जो कि पहले 9.5 रुपए प्रति लीटर है।
हालांकि, पेट्रोल के निर्यात पर शुल्क में कोई बदलाव नहीं किया गया है और इसे 1.5 रुपए प्रति लीटर पर जारी रखा गया है।
सरकार ने घरेलू खपत के लिए उपयोग होने वाले पेट्रोल और डीजल पर लगने वाले उत्पाद शुल्क में कोई बदलाव नहीं किया है और इससे घरेलू स्तर पर ईंधन की कीमतों में कोई बदलाव नहीं होगा।
पश्चिम एशिया में जारी तनाव के कारण वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल देखने को मिला है। इसके कारण सरकार ने 26 मार्च को डीजल और एटीएफ के निर्यात पर शुल्क लगाने का फैसला किया था। 16 मई को पेट्रोल पर निर्यात शुल्क लगाया गया था।
विंडफॉल टैक्स के जरिए सरकार की कोशिश घरेलू स्तर पर ईंधन की कीमतों को स्थिर रखना था।
इस कदम का मकसद निर्यातकों को कीमतों के अंतर का गलत फायदा उठाने से रोकना है, क्योंकि युद्ध शुरू होने के बाद से दुनिया भर में कच्चे तेल की कीमतें बढ़ गई हैं साथ ही, इसका उद्देश्य वेस्ट एशिया संकट के बीच निर्यात को हतोत्साहित करके पेट्रोलियम उत्पादों की घरेलू उपलब्धता सुनिश्चित करना है।








 

 


बिहार पुलिस भर्ती परीक्षा के अभ्यर्थियों के लिए 16-17 जून को दौड़ेगी स्पेशल ट्रेनें

16-Jun-2026
नई दिल्ली। (शोर संदेश) बिहार पुलिस भर्ती परीक्षा में शामिल होने वाले हजारों अभ्यर्थियों को परीक्षा केंद्रों तक पहुंचाने के लिए पूर्व मध्य रेलवे ने 16 और 17 जून को विशेष परीक्षा स्पेशल ट्रेनें चलाने का फैसला किया है। इन ट्रेनों से छात्र-छात्राएं बिना किसी परेशानी के अपने परीक्षा केंद्र तक आसानी से पहुंच सकेंगे।
16 जून को चलने वाली मुख्य स्पेशल ट्रेनें:
– पाटलिपुत्र → किशनगंज: शाम 8 बजे (बेगूसराय, खगड़िया, नवगछिया, कटिहार रूट)
– पटना → नरकटियागंज: रात 9 बजे (पाटलिपुत्र, सोनपुर, हाजीपुर, मुजफ्फरपुर, चकिया, बापूधाम मोतिहारी, बेतिया रूट)
– पाटलिपुत्र → अररिया: रात 10 बजे (बेगूसराय, खगड़िया, नवगछिया, कटिहार रूट)
– पाटलिपुत्र → नवगछिया: रात 11 बजे (बेगूसराय, खगड़िया रूट)
– पटना → भभुआ: रात 11:30 बजे (तारेगना, जहानाबाद, गयाजी, डेहरी-ऑन-सोन, सासाराम रूट)
– पटना → गयाजी: सुबह 7:15 बजे
– बक्सर → दानापुर: दोपहर 1:30 बजे
– बक्सर → पटना: शाम 6 बजे
– किऊल → गयाजी: दोपहर 12:30 बजे (शेखपुरा-नवादा रूट)
– गयाजी → किऊल: शाम 5:30 बजे (नवादा-शेखपुरा रूट)
– बख्तियारपुर → राजगीर: सुबह 8 बजे (बिहारशरीफ, नालंदा रूट)
– राजगीर → बख्तियारपुर: दोपहर 1 बजे
– बख्तियारपुर → राजगीर: शाम 3:30 बजे (अतिरिक्त)
– राजगीर → बख्तियारपुर: शाम 6:15 बजे (अतिरिक्त)
रेलवे प्रशासन ने सभी अभ्यर्थियों से अपील की है कि वे इन स्पेशल ट्रेनों का अधिक से अधिक उपयोग करें। ये ट्रेनें केवल परीक्षा संबंधी यात्रा की सुविधा को ध्यान में रखकर चलाई जा रही हैं। अभ्यर्थियों को सलाह दी जाती है कि ट्रेनों का समय और स्टॉपेज की पुष्टि निकटतम रेलवे स्टेशन या आधिकारिक ऐप से कर लें। 

 

पीएम मोदी का स्लोवाकिया दौरा संपन्न, कहा- ‘मजबूत व्यापारिक संबंधों से हमारे युवाओं को होगा बहुत फायदा’

16-Jun-2026
नई दिल्ली। (शोर संदेश) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्लोवाकिया का दो दिवसीय राजकीय दौरा पूरा कर लिया है। यूरोपीय दौरे के अंतिम चरण में वे अब जी शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए फ्रांस पहुंचेंगे।
“स्लोवाकिया की ऐतिहासिक और सकारात्मक यात्रा पूरी हो रही है। इस यात्रा के नतीजे हमारे देशों के बीच आपसी संबंधों को मजबूत करने में बहुत काम आएंगे। मजबूत व्यापारिक संबंधों से हमारे युवाओं को बहुत फायदा होगा। इस गर्मजोशी के लिए स्लोवाकिया सरकार और लोगों का शुक्रिया।”
– यह 1993 में स्लोवाकिया के स्वतंत्र होने के बाद किसी भारतीय प्रधानमंत्री की पहली द्विपक्षीय यात्रा है।
– प्रधानमंत्री मोदी को स्लोवाकिया के राष्ट्रपति पीटर पेलेग्रिनी ने देश का सबसे उच्चतम नागरिक सम्मान— ऑर्डर ऑफ द व्हाइट डबल क्रॉस फर्स्ट क्लास प्रदान किया।
– पीएम मोदी ने यह सम्मान भारत के 1.4 अरब लोगों और दोनों देशों के बीच बढ़ती दोस्ती को समर्पित किया।
– भारत और स्लोवाकिया के बीच रक्षा क्षेत्र में महत्वपूर्ण समझौते समेत कई समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए।
– दोनों देशों ने व्यापार, प्रौद्योगिकी, रक्षा और आर्थिक सहयोग को और गहरा करने का फैसला किया।
– विदेश मंत्रालय ने इसे “भारत-स्लोवाकिया संबंधों में व्यापक साझेदारी” की दिशा में बड़ा कदम बताया।
विदेश सचिव (पश्चिम) सिबी जॉर्ज ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी का स्वागत पूरे राजकीय सम्मान के साथ किया गया। स्लोवाक प्रधानमंत्री रॉबर्ट फिको के निमंत्रण पर यह यात्रा हुई।
पीएम मोदी अब फ्रांस के एवियन में हो रहे जी7 शिखर सम्मेलन में भाग लेंगे, जहां विश्व के प्रमुख नेताओं के साथ बहुपक्षीय चर्चाएं होंगी। यह दौरा भारत की “एक्ट ईस्ट” और यूरोप के साथ रणनीतिक साझेदारी मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। 




 

नया भारत निर्माण के 12 साल, पीएम मोदी ने अगली पीढ़ी के इंफ्रास्ट्रक्चर पर फोकस करने की बात दोहराई

16-Jun-2026
नई दिल्ली। (शोर संदेश) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘नया भारत निर्माण के 12 साल’ पूरे होने पर देश में हुए अभूतपूर्व इंफ्रास्ट्रक्चर विकास को रेखांकित किया है। साथ ही उन्होंने ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य को पूरा करने के लिए अगली पीढ़ी के आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करने की प्रतिबद्धता दोहराई।
“पिछले एक दशक में इंफ्रास्ट्रक्चर को अपग्रेड करने का रिकॉर्ड स्तर पर काम हुआ है। ‘विकसित भारत’ के अपने विजन को साकार करने के लिए देश के लोगों के लिए अगली पीढ़ी का इंफ्रास्ट्रक्चर बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।”
पिछले 12 वर्षों की प्रमुख उपलब्धियां:
– नेशनल हाईवे की लंबाई बढ़कर 1,46,572 किमी हो गई (2014 में 91,287 किमी थी)।
– हाईवे निर्माण की रफ्तार तीन गुना बढ़कर 34 किमी प्रति दिन हो गई।
– 55,000 किमी से ज्यादा नए हाईवे जोड़े गए।
– ब्रॉड गेज रेलवे ट्रैक का इलेक्ट्रिफिकेशन 20% से बढ़कर 99.6% हो गया।
– 69,873 रूट किलोमीटर ट्रैक इलेक्ट्रिफाई किया गया।
– 25 राज्यों में 100% रेलवे इलेक्ट्रिफिकेशन पूरा।
– 1,330+ अमृत भारत स्टेशन का विकास जारी।
– 274 जिलों में 164 वंदे भारत ट्रेनें चल रही हैं।
– मेट्रो नेटवर्क 248 किमी से बढ़कर 1,155 किमी हो गया।
– मेट्रो सेवाएं 5 शहरों से बढ़कर 26 शहरों में शुरू।
– रोजाना मेट्रो यात्रियों की संख्या 28 लाख से बढ़कर 1 करोड़ के पार।
– उड़ान योजना के तहत एयरपोर्ट्स की संख्या 74 से बढ़कर 164 हो गई।
– 663 उड़ान रूट्स 95 एयरपोर्ट्स, हेलीपोर्ट्स और वॉटर एयरोड्रोम को जोड़ रहे हैं।
वहीं पीएम मोदी ने ‘मेरी सरकार’ का एक पोस्ट भी शेयर किया, जिसमें पिछले 12 वर्षों में देश की इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़ी उपलब्धियों को बताया गया है। ‘मेरी सरकार’ के आधिकारिक पोस्ट में इन उपलब्धियों को साझा करते हुए कहा गया कि बेहतर कनेक्टिविटी न सिर्फ दूरियों को कम कर रही है, बल्कि आर्थिक अवसरों को भी बढ़ा रही है और एक समृद्ध भारत की नींव तैयार कर रही है।
यह पोस्ट ‘नया भारत निर्माण के 12 साल’ के उपलक्ष्य में साझा किया गया है, जिसमें सरकार का फोकस अब अगली पीढ़ी के इंफ्रास्ट्रक्चर पर है। 









 

पीएम मोदी का जिनेवा में स्विटजरलैंड के राष्ट्रपति पारमेलिन ने किया स्वागत, जी-7 में शामिल होने फ्रांस जाएंगे

16-Jun-2026
नई दिल्ली। (शोर संदेश) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्लोवाकिया के सफल दो दिवसीय दौरे के बाद जी-7 शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए स्विट्जरलैंड की राजधानी जिनेवा पहुंच गए। यहां स्विट्जरलैंड के राष्ट्रपति गाय पारमेलिन ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। प्रधानमंत्री मोदी यहां से जी-7 समिट में शामिल होने के लिए एवियन जाएंगे। 
विदेश मंत्रालय ने ‘X’ पर जानकारी देते हुए बताया कि प्रधानमंत्री मोदी और स्विस राष्ट्रपति गाय पारमेलिन ने एक-दूसरे का अभिवादन किया और दोनों देशों के बीच साझेदारी को और मजबूत करने का संकल्प दोहराया।
बताना चाहेंगे, प्रधानमंत्री मोदी जिनेवा से फ्रांस के एवियन रवाना होंगे, जहां वे जी-7 शिखर सम्मेलन में शामिल होंगे। यह यूरोपीय दौरे का अंतिम पड़ाव है।
इससे पहले पीएम मोदी ने स्लोवाकिया के दौरे को “ऐतिहासिक और सकारात्मक” बताते हुए कहा था:
“स्लोवाकिया की ऐतिहासिक और सकारात्मक यात्रा पूरी हो रही है। इस यात्रा के नतीजे हमारे देशों के बीच आपसी संबंधों को मजबूत करने में बहुत काम आएंगे। मजबूत व्यापारिक संबंधों से हमारे युवाओं को बहुत फायदा होगा।”
– भारत और स्लोवाकिया के संबंधों के लिए एक महत्वपूर्ण पड़ाव के तौर पर पीएम मोदी सोमवार को स्लोवाक की राजधानी पहुंचे और दोनों देशों ने एक अहम रक्षा समझौते समेत कई डील पर हस्ताक्षर किया।
– पीएम मोदी को स्लोवाकिया के राष्ट्रपति पीटर पेलेग्रिनी ने देश का सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘ऑर्डर ऑफ द व्हाइट डबल क्रॉस फर्स्ट क्लास’ प्रदान किया।
– दोनों देशों के बीच रक्षा क्षेत्र समेत कई महत्वपूर्ण समझौतों पर हस्ताक्षर हुए।
यह दौरा भारत की यूरोप के साथ रणनीतिक साझेदारी को और गहरा करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।












 

 


ओडिशा में मनाए जाने वाले त्योहार ‘राजा’ पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने दी बधाई

14-Jun-2026
नई दिल्ली। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने ओडिशा में मनाए जाने वाले महत्वपूर्ण त्योहार ‘राजा’ पर राज्य के लोगों को बधाई दी है। राष्ट्रपति ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, “फसल के त्योहार ‘राजा’ के मौके पर मैं देश के लोगों और खासकर ओडिशा के लोगों को दिल से बधाई देती हूं।”
राष्ट्रपति मुर्मु ने लिखा, “मानसून के मौसम का यह मनभावन त्योहार धरती, मां और बादलों के सम्मान में मनाया जाता है। पीठा, पान के पत्ते और झूला झूलने जैसे उत्सवों के बीच ‘राजा’ हमें प्रकृति के साथ मिल-जुलकर रहने की याद दिलाता है। मुझे उम्मीद है कि ‘राजा’ त्योहार की यह खास भावना हमें राष्ट्र निर्माण के लिए खुद को समर्पित करने के लिए प्रेरित करेगी। ‘राजा’ के इस उत्सवपूर्ण मौके पर मैं राज्य और देश के लोगों की खुशी, शांति और समृद्धि की कामना करती हूं।”
गौरतलब है कि राजा पर्व ओडिशा में मनाया जाने वाला तीन दिवसीय नारीत्व का त्योहार है। माना जाता है कि हिंदू देवी भूमि जो देवी महालक्ष्मी का ही धरती माता वाला रूप हैं और भगवान विष्णु की पत्नी हैं, इस त्योहार के पहले तीन दिनों के दौरान रजस्‍वला से गुजरती हैं। चौथे दिन को ‘वसुमती स्नान’ या भूमि का औपचारिक स्नान कहा जाता है।
‘राजा’ शब्द संस्कृत के ‘रजस’ शब्द से आया है, जिसका अर्थ है रजस्‍वला महिला। मध्यकाल में यह त्योहार खेतीबाड़ी से जुड़े त्योहार के तौर पर अधिक लोकप्रिय हुआ, जिसमें भूमि की पूजा की जाती है। देवी भूमि को भगवान विष्णु के ही एक क्षेत्रीय रूप जगन्नाथ की पत्नी के तौर पर पूजा जाता है। पुरी मंदिर में जगन्नाथ के बगल में भूमि की चांदी की मूर्ति भी मौजूद है।
यह त्योहार जून के बीच में आता है। पहले दिन को ‘पहिली राजा’, दूसरे दिन को ‘मिथुन संक्रांति’ और तीसरे दिन को ‘भुदाहा’ या ‘बासी राजा’ कहा जाता है। आखिरी यानी चौथे दिन को ‘बसुमती स्नान’ कहते हैं, जिसमें महिलाएं धरती (भूमि) के प्रतीक के तौर पर सिल-बट्टे (पीसने वाले पत्थर) को हल्दी का लेप लगाकर नहलाती हैं और फूल, सिंदूर वगैरह से उसकी पूजा करती हैं। धरती माता को हर तरह के मौसमी फल चढ़ाए जाते हैं।
पहले दिन से ठीक पहले वाले दिन को ‘सजाबजा’ या तैयारी का दिन कहा जाता है। इस दिन घर और रसोई (सिल-बट्टे समेत) की सफाई की जाती है और तीन दिनों के लिए मसाले पीसे जाते हैं। इन तीन दिनों के दौरान महिलाएं और लड़कियां काम से आराम करती हैं और नई साड़ी व गहने पहनने के साथ ही आलता लगाती हैं। यह त्योहार ‘अंबुवाची मेले’ जैसा ही है। ओडिशा के कई त्योहारों में सबसे मशहूर ‘राजा’ लगातार तीन दिनों तक मनाया जाता है।

बीते एक दशक में टेक्नोलॉजी अपनाने वाले देश से टेक प्रोवाइडर के रूप में उभरा भारत: पीएम मोदी

14-Jun-2026
नई दिल्ली। भारत बीते एक दशक में टेक्नोलॉजी अपनाने वाले देश से एक टेक प्रोवाइडर के रूप में उभरा है और देश से निकलने वाले समाधान और इनोवेशन में मानवता के एक बड़े हिस्से को लाभ पहुंचाने की क्षमता है। 
नीस शहर में ‘भारत इनोवेट्स समिट’ के उद्घाटन समारोह में बोलते हुए पीएम मोदी ने कहा
रविवार को फ्रांस के नीस शहर में हो रही ‘भारत इनोवेट्स समिट’ के उद्घाटन समारोह में बोलते हुए पीएम मोदी ने कहा,”एक दशक पहले, दुनिया भारत को मुख्य रूप से टेक्नोलॉजी अपनाने वाले देश के तौर पर देखती थी, लेकिन आज भारत तेजी से टेक्नोलॉजी देने वाले देश के रूप में उभर रहा है।
‘भारत इनोवेट्स’ दुनिया के लिए एक निमंत्रण है 
भारत से निकले इनोवेशन और समाधानों में मानवता के एक बड़े हिस्से को फायदा पहुंचाने की क्षमता है। ‘भारत इनोवेट्स’ इसी सोच को आगे बढ़ाता है और यह दुनिया के लिए एक निमंत्रण है कि वे भारत के साथ मिलकर काम करें और ग्लोबल इनोवेशन के अगले अध्याय को साथ मिलकर तैयार करें।”
इनोवेशन भारत के डीएनए में है 
उन्होंने आगे कहा कि इनोवेशन भारत के डीएनए में समाहित है। हजारों सालों से भारत ने अपनी खोजों और ज्ञान से दुनिया का मार्गदर्शन किया है। गणित से लेकर खगोल विज्ञान तक, और चिकित्सा से लेकर योग तक, भारत का योगदान पूरी मानवता के लिए आधारभूत रहा है। आज हम इसी समृद्ध विरासत को आगे बढ़ा रहे हैं और इसे नई दिशा व गति दे रहे हैं।
आज भारत की सबसे बड़ी प्राथमिकता ऐसी टेक्नोलॉजी है जो मानवता की सेवा करे
मानवता को भारत की प्राथमिकता बताते हुए पीएम मोदी ने कहा कि आज भारत की सबसे बड़ी प्राथमिकता ऐसी टेक्नोलॉजी है जो मानवता की सेवा करे। इसी सिद्धांत ने हमारे डिजिटल क्रांति को आगे बढ़ाया है और यही भारत के डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर का आधार है।
आगे कहा कि हमारा विजन “एआई फॉर ऑल” (सभी के लिए एआई) के सिद्धांत पर आधारित है, जो हर व्यक्ति की भलाई और खुशी के लिए समर्पित है।
समिट से पहले वैश्विक निवेशकों से मिले
वहीं भारत इनोवेट्स समिट के उद्घाटन से पहले, प्रधानमंत्री मोदी ने भारत, फ्रांस और कई अन्य देशों के चुनिंदा निवेशकों और वेंचर कैपिटल लीडर्स के साथ बातचीत की।

आईएमए की पासिंग आउट परेड में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु शामिल, एनडीए की पहली महिला बैच बनी सेना अधिकारी

13-Jun-2026
नई दिल्ली। (शोर संदेश) राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने शनिवार को देहरादून स्थित भारतीय सैन्य अकादमी में 158वें रेगुलर कोर्स और 141वें टेक्निकल ग्रेजुएट कोर्स की पासिंग आउट परेड का निरीक्षण किया। यह अवसर भारतीय सेना और देश की महिलाओं के लिए ऐतिहासिक माना जा रहा है, क्योंकि राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (एनडीए) के पहले महिला बैच की कैडेट्स अधिकारी के रूप में पासआउट हुई हैं।
आईएमए की पासिंग आउट परेड में एनडीए की पहली महिला बैच की 9 महिला कैडेट भारतीय थलसेना में अधिकारी के रूप में शामिल हुईं। यह उपलब्धि भारतीय सशस्त्र बलों में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी और सशक्तिकरण का महत्वपूर्ण प्रतीक है।
इससे पहले एनडीए में महिलाओं के प्रवेश की अनुमति नहीं थी। जून 2022 में सुप्रीम कोर्ट के ऐतिहासिक फैसले के बाद महिलाओं के लिए एनडीए के द्वार खुले थे। इस निर्णय ने सशस्त्र बलों में महिलाओं की भूमिका को नई दिशा प्रदान की और आज उसका ऐतिहासिक परिणाम देखने को मिला।
इस वर्ष आईएमए से कुल 515 कैडेट पासआउट हुए, जिनमें 16 देशों के 34 विदेशी कैडेट भी शामिल हैं। पासआउट होने वाले कैडेट्स में एनडीए की पहली महिला बैच की 9 कैडेट भी शामिल रहीं, जिन्होंने कठिन प्रशिक्षण पूरा कर भारतीय सेना में अधिकारी के रूप में कदम रखा।
भारतीय वायुसेना अकादमी में आयोजित कंबाइंड ग्रेजुएशन परेड के दौरान भारतीय वायुसेना के 217वें कोर्स के तहत 231 फ्लाइट कैडेट्स ने प्री-कमीशनिंग प्रशिक्षण पूरा किया। इनमें 194 पुरुष और 37 महिला कैडेट शामिल थीं। इन 37 महिला कैडेट्स में से 5 एनडीए की पहली महिला बैच की थीं, जिन्हें भारतीय वायुसेना में कमीशन प्राप्त हुआ।
राष्ट्रपति मुर्मु ने आईएमए की परेड की समीक्षा की, जबकि राजनाथ सिंह डुंडीगल स्थित वायुसेना अकादमी में आयोजित समारोह में उपस्थित रहे। दोनों कार्यक्रमों ने सशस्त्र बलों में महिलाओं की बढ़ती भूमिका और योगदान को नई पहचान दी।
कंबाइंड ग्रेजुएशन परेड का समापन भव्य एयर शो के साथ हुआ। भारतीय वायुसेना के सुखोई लड़ाकू विमान, सारंग हेलीकॉप्टर डिस्प्ले टीम और सूर्यकिरण एरोबेटिक टीम के शानदार प्रदर्शन समारोह के प्रमुख आकर्षण रहे।






 

एयर फोर्स एकेडमी में आज पासिंग आउट परेड, राजनाथ सिंह ट्रेनीज को सौंपेंगे ‘प्रेसिडेंट कमीशन’

13-Jun-2026
नई दिल्ली। (शोर संदेश)  केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह शनिवार को हैदराबाद स्थित एयर फोर्स एकेडमी में 217वें कोर्स की कंबाइंड ग्रेजुएशन परेड (सीजीपी) में शामिल होंगे। रक्षा मंत्रालय के अनुसार, सैन्य अनुशासन और परंपराओं से परिपूर्ण यह समारोह भारतीय वायु सेना की विभिन्न शाखाओं के फ्लाइट कैडेट्स की प्री-कमीशनिंग ट्रेनिंग के सफल समापन का प्रतीक होगा।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह इस समारोह में रिव्यूइंग ऑफिसर की भूमिका निभाएंगे। कार्यक्रम के दौरान वह पासआउट होने वाले प्रशिक्षुओं को ‘प्रेसिडेंट कमीशन’ प्रदान करेंगे। इसके अलावा भारतीय वायु सेना के फ्लाइट कैडेट्स तथा भारतीय नौसेना, भारतीय तटरक्षक बल और वियतनाम के अधिकारियों एवं प्रशिक्षुओं को प्रशिक्षण पूरा करने पर ‘विंग्स’ और ‘ब्रेवेट्स’ प्रदान किए जाएंगे।
यह कंबाइंड ग्रेजुएशन परेड राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (एनडीए) के महिला कैडेट्स के पहले बैच के कमीशनिंग का भी ऐतिहासिक अवसर होगी। ये महिला कैडेट्स 30 मई 2025 को एनडीए से पासआउट हुई थीं और इसके बाद ब्रांच-विशिष्ट प्रशिक्षण के लिए एयर फोर्स एकेडमी में शामिल हुई थीं।
समारोह के दौरान रक्षा मंत्री फ्लाइंग, नेविगेशन स्ट्रीम और ग्राउंड ड्यूटी ब्रांच में ओवरऑल मेरिट सूची में शीर्ष स्थान हासिल करने वाले फ्लाइट कैडेट्स को ‘प्रेसिडेंट प्लाक’ से सम्मानित करेंगे।
परेड में सैन्य ड्रिल के साथ-साथ रोमांचक हवाई प्रदर्शन भी शामिल होंगे। कार्यक्रम की शुरुआत आकाश गंगा स्काईडाइविंग टीम और एयर वॉरियर ड्रिल टीम के प्रदर्शन से होगी। इसके बाद भारतीय वायु सेना प्रमुख ए.पी. सिंह के नेतृत्व में फ्लाई-पास्ट आयोजित किया जाएगा।
फ्लाई-पास्ट में पिलाटस पीसी-7 एमकेआईआई, हॉक, किरण और चेतक शामिल होंगे। समारोह के प्रमुख आकर्षणों में एसयू-30 एमकेआई, सारंग हेलीकॉप्टर डिस्प्ले टीम और सूर्यकिरण एरोबैटिक टीम के शानदार हवाई करतब शामिल रहेंगे।



 


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