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ज्वालामुखी विस्फोट का असर, एयर इंडिया ने कई अंतरराष्ट्रीय और घरेलू उड़ानें रद्द कीं

25-Nov-2025
नई दिल्ली (शोर संदेश)। हेली गुब्बी ज्वालामुखी विस्फोट के बाद सावधानी के तौर पर एयर इंडिया ने अपनी कई महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय और घरेलू उड़ानें रद्द कर दी हैं। कंपनी के अनुसार, जिन विमानों ने विस्फोट के बाद प्रभावित भौगोलिक क्षेत्र के ऊपर से उड़ान भरी थी, उनकी सुरक्षा जांच की जा रही है। इसी वजह से उड़ान संचालन अस्थायी तौर पर प्रभावित हुआ है।
एयर इंडिया ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एडवाइजरी जारी करते हुए कहा कि यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसलिए यह निर्णय मजबूरी में लिया गया है। कंपनी ने उड़ान रद्द होने के कारण यात्रियों को हुई परेशानी के लिए खेद भी जताया है।
एयर इंडिया ने कहा, “हमारे नेटवर्क में काम कर रही ग्राउंड टीम लगातार यात्रियों को यात्रा स्थिति की जानकारी दे रही है और तुरंत सहायता प्रदान कर रही है। जरूरत पड़ने पर होटल ठहराव की व्यवस्था भी की जा रही है। हम जल्द से जल्द वैकल्पिक यात्रा की व्यवस्था करने की कोशिश कर रहे हैं। यह एक अप्रत्याशित और हमारे नियंत्रण से बाहर की स्थिति है। यात्रियों और क्रू मेंबर्स की सुरक्षा हमारे लिए सर्वोच्च प्राथमिकता है।”
25 नवंबर को रद्द की गई फ्लाइट में एआई 2822 – चेन्नई से मुंबई, एआई 2466 – हैदराबाद से दिल्ली, एआई 2444 / 2445 – मुंबई–हैदराबाद–मुंबई, और एआई 2471 / 2472 – मुंबई–कोलकाता–मुंबई शामिल हैं।
इससे पहले 24 नवंबर को रद्द की गई फ्लाइटों में एआई 106 – न्यूर्क से दिल्ली, एआई 102 – न्यूयॉर्क से दिल्ली, एआई 2204 – दुबई से हैदराबाद, एआई 2290 – दोहा से मुंबई, एआई 2212 – दुबई से चेन्नई, एआई 2250 – दम्माम से मुंबई और एआई 2284 – दोहा से दिल्ली शामिल थीं।
कई यात्रियों ने सोशल मीडिया पर अचानक फ्लाइट रद्द करने को लेकर चिंता और निराशा व्यक्त की, हालांकि ज्यादातर ने सुरक्षा को प्राथमिकता देने के फैसले का समर्थन किया।
एयर इंडिया ने कहा है कि स्थिति सामान्य होते ही उड़ानें पुनः शुरू की जाएंगी और सभी प्रभावित यात्रियों को जल्द से जल्द नई बुकिंग की जानकारी दी जाएगी।
 

अयोध्या में धर्म ध्वज आरोहण: सदियों की तपस्या पूर्ण, संत समाज भावुक

25-Nov-2025
प्रयागराज (शोर संदेश)। सनातन परंपरा और आस्था के प्रतीक धर्म ध्वज का आज राम मंदिर के शिखर पर प्रतिष्ठापन अयोध्या के संत समाज के लिए भावपूर्ण और ऐतिहासिक क्षण बन गया। 500 वर्षों की प्रतीक्षा, संघर्ष और तपस्या के उपरांत प्रभु श्रीराम के दिव्य मंदिर पर धर्म ध्वजा का आरोहण केवल एक धार्मिक क्षण ही नहीं बल्कि सनातन आस्था की वैश्विक प्रतिष्ठा का साक्ष्य बन रहा है।
 
अवधपुरी के संत समाज ने श्रद्धा और भावनाओं से अभिभूत होकर इसे सनातन गौरव का क्षण बताया
 
अवधपुरी के संत समाज ने श्रद्धा और भावनाओं से अभिभूत होकर इसे सनातन गौरव का क्षण बताया। वे इसे उस संघर्षपूर्ण यात्रा का फल मानते हैं जिसमें संतों, भक्तों और समाज ने सैकड़ों वर्षों में अदम्य धैर्य और आस्था का परिचय दिया।
 
साधु-संतों का कहना है कि आज वह क्षण साकार हुआ है, जिसकी कल्पना उनके पूर्वजों ने सदियों पूर्व की थी
 
साधु-संतों का कहना है कि आज वह क्षण साकार हुआ है जिसकी कल्पना उनके पूर्वजों ने सदियों पूर्व की थी। धर्म ध्वजा का आरोहण भारतवर्ष की आध्यात्मिक विरासत को और भी मजबूत करता है तथा संपूर्ण विश्व में सनातन आस्था की महिमा को प्रखरता से स्थापित करता है।
 
संत समाज पीएम मोदी और उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ की भूमिका को इस उपलब्धि का महत्वपूर्ण आधार मानता है
 
संत समाज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की भूमिका को इस उपलब्धि का महत्वपूर्ण आधार मानता है। उनका कहना है कि डबल इंजन सरकार ने सनातन परंपराओं के संरक्षण और मंदिर संस्कृति के पुनरुद्धार का जो कार्य किया है वह देश की आध्यात्मिक चेतना को सुदृढ़ कर रहा है। मठ मंदिरों का संवर्धन, धार्मिक स्थलों पर सुविधाओं के विस्तार और संतों के प्रति सम्मानजनक दृष्टिकोण को नई दिशा प्रदान की गई है।
 
राम वैदेही मंदिर के प्रतिष्ठित संत दिलीप दास ने कहा कि अयोध्या मिशन के अंतर्गत सनातन संस्कृति का जिस प्रकार पुनरुद्धार हुआ है वह प्रशंसनीय है
 
राम वैदेही मंदिर के प्रतिष्ठित संत दिलीप दास ने कहा कि अयोध्या मिशन के अंतर्गत सनातन संस्कृति का जिस प्रकार पुनरुद्धार हुआ है वह प्रशंसनीय है। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को धर्म की रक्षा और स्थापना के उद्देश्य से सतत संलग्न बताते हुए कहा कि वह केवल एक मुख्यमंत्री नहीं, बल्कि धर्म परंपरा की रक्षा के प्रहरी हैं।
 
विवाह पंचमी पर आयोजित इस प्रतिष्ठा समारोह में साधु संतों द्वारा प्रभु श्रीराम और माता जानकी के विवाह पर्व का पूजन किया गया
 
विवाह पंचमी के अवसर पर आयोजित इस प्रतिष्ठा समारोह में साधु संतों द्वारा प्रभु श्रीराम और माता जानकी के विवाह पर्व का पूजन- अर्चन भी किया गया। संत समाज का विश्वास है कि यह क्षण भारत के उज्ज्वल भविष्य की आस्था को और अधिक मजबूत करेगा तथा सनातन समाज के आत्मगौरव का शंखनाद साबित होगा।
 

जी20 नेताओं ने घोषणा में प्रमुख वैश्विक चुनौतियों पर आम सहमति बनाई

23-Nov-2025
नई दिल्ली (शोर संदेश)। जी20 शिखर सम्मेलन में दुनिया के दिग्गज नेताओं का जमावड़ा देखा गया। इन नेताओं ने शनिवार को जी20 सम्मेलन में डिजास्टर रेजिलिएंस, डेब्ट सस्टेनेबिलिटी, एनर्जी ट्रांजिशन, और जरूरी मिनरल्स पर सहमति बनाई। इसके साथ ही सभी नेताओं ने जी20 साउथ अफ्रीका समिट के घोषणापत्र पर सहमति जताई।
डिक्लेरेशन को समिट के शुरू होने पर अपनाया गया। बता दें, इस बैठक का आयोजन दो दिवसीय है। आज रविवार को इस समिट का दूसरा दिन है। जी20 का आयोजन जोहान्सबर्ग में एकजुटता, समानता और सस्टेनेबिलिटी थीम पर हो रहा है।
जी20 में शामिल नेताओं ने कहा कि आपदाएं सस्टेनेबल डेवलपमेंट की तरफ तरक्की में रुकावट डालती हैं और देश की क्षमताओं और इंटरनेशनल सिस्टम की रिस्पॉन्स करने की क्षमता, दोनों पर दबाव डालती हैं। इन नेताओं ने लोगों पर केंद्रित दृष्टिकोण अपनाने का आह्वान किया। खासतौर से कमजोर छोटे द्वीपीय विकासशील देशों और सबसे कम विकसित देशों के लिए मजबूत आपदा प्रतिरोधक क्षमता और प्रतिक्रिया की आवश्यकता पर जोर दिया।
बैठक के दौरान एनर्जी एक्सेस और ट्रांजिशन पर भी खास बातचीत हुई। घोषणापत्र में उन असमानताओं पर जोर दिया गया है, जिसमें कहा गया है कि 600 मिलियन से ज्यादा अफ्रीकियों के पास बिजली नहीं है।
सभी नेताओं ने 2030 तक ग्लोबल रिन्यूएबल कैपेसिटी को तीन गुना और एनर्जी-एफिशिएंसी में सुधार को दोगुना करने की कोशिशों का समर्थन किया और देश के हालात के हिसाब से डेवलपिंग देशों के लिए बड़े पैमाने पर इन्वेस्टमेंट जुटाने और कम लागत वाली फाइनेंसिंग की सुविधा देने की जरूरत पर जोर दिया। उन्होंने “आपसी सहमति वाली शर्तों पर” वॉलंटरी टेक्नोलॉजी ट्रांसफर के महत्व पर भी जोर दिया।
जी20 ने महत्वपूर्ण खनिजों के लिए एक “क्रिटिकल मिनरल्स फ्रेमवर्क” का समर्थन किया। इसका लक्ष्य इन खनिजों की सप्लाई चेन को टिकाऊ और मजबूत बनाना है, जो उद्योगों और विकास के लिए जरूरी हैं।
नेताओं का कहना है कि खनिजों को सिर्फ कच्चा माल नहीं रहना चाहिए। इनका इस्तेमाल देश के विकास के लिए किया जाना चाहिए। यह घोषणा बताती है कि दुनिया की समस्याओं से निपटने के लिए सभी देशों को मिलकर और बराबर तरीके से काम करने की जरूरत है।

यूक्रेन पीस प्लान को लेकर एस जयशंकर ने यूक्रेन के विदेश मंत्री सिबिहा से फोन पर की बात

23-Nov-2025
नई दिल्ली (शोर संदेश)। अमेरिका के पीस प्लान पर चर्चा के बीच भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने यूक्रेन के विदेश मंत्री आंद्रेई सिबिहा से फोन पर बातचीत की। एस जयशंकर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इसकी जानकारी दी और बताया कि उन्होंने यूक्रेन के विदेश मंत्री से रविवार को फोन पर रूस के साथ चल रहे संघर्ष के ताजा घटनाक्रम पर चर्चा की।
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, “कल शाम यूक्रेन के विदेश मंत्री एंड्री सिबिहा के साथ फोन पर बातचीत हुई। यूक्रेन विवाद से जुड़े हालिया विकास पर उनकी ब्रीफिंग के लिए धन्यवाद। इस विवाद को जल्द खत्म करने और पक्की शांति बनाने के लिए भारत ने अपने समर्थन को दोहराया।”
आपको बता दें, दोनों देशों के मंत्रियों ने इससे पहले नवंबर में कनाडा में आयोजित जी7 विदेश मंत्रियों की बैठक में आउटरीच सेशन के दौरान मुलाकात की थी। यहां दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय कोऑपरेशन, यूक्रेन में शांति का रास्ता, और लड़ाई के मैदान के हालात पर बात की थी।
भारत शुरुआत से ही दोनों देशों के बीच बातचीत के माध्यम से विवादों को सुलझाने और कुशल रणनीति के जरिए समझौता करने की वकालत करता रहा है। वहीं, अमेरिकी के पीस प्लान में आए ताजा अपडेट में विदेश सचिव मार्को रुबियो ने इस बात की पुष्टि कर दी है कि भले ही इस ड्राफ्ट को अमेरिका ने तैयार किया है, लेकिन इसमें रूस का योगदान है। यही कारण है कि इस ड्राफ्ट में उन सभी शर्तों को शामिल किया गया है, जिन्हें मानने से यूक्रेन हमेशा से ही इनकार करता रहा है।
दूसरी ओर, यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की ने चेतावनी दी है कि यूक्रेन हमारे इतिहास के सबसे मुश्किल दौर से गुजर रहा है। अमेरिका कीव पर एक ऐसे प्लान पर विचार करने के लिए दबाव डाल रहा है जिसे यूक्रेन में कई लोग मॉस्को के हितों की ओर झुका हुआ मानते हैं।
अमेरिका ने जेलेंस्की को इस समझौते को मानने के लिए 27 नवंबर तक का समय दिया है। यूक्रेन को पीस प्लान के ड्राफ्ट पर अपनी राय देनी होगी। वहीं रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने ड्राफ्ट को दोनों देशों के बीच समझौते के लिए एक संभावित आधार बताया है।

भारत-इजरायल के बीच एफटीए से द्विपक्षीय व्यापार को मिलेगा बढ़ावा: पीयूष गोयल

23-Nov-2025
नई दिल्ली (शोर संदेश)। भारत और इजरायल के बीच प्रस्तावित फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (एफटीए) दो चरणों में लागू होगा और इससे द्विपक्षीय व्यापार को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही इनोवेशन, रिसर्च और डेवलपमेंट (आरएंडडी) में आपसी संबंध मजबूत होंगे। वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल की ओर से यह बयान दिया गया।
उन्होंने कहा कि वाणिज्य मंत्री के रूप में 20 साल बाद हुई इजरायल की यात्रा काफी सफल रही है।
जेरूसलम में केंद्रीय मंत्री ने कहा, “मुझे उम्मीद है कि इस यात्रा के बाद भारत और इजरायल के बीच द्विपक्षीय व्यापार बढ़ेगा। इनोवेशन, रिसर्च और डेवलपमेंट में हमारे आपसी संबंधों में सुधार होगा और आगे चलकर दोनों देशों के बीच निवेश में भी अच्छी वृद्धि होगी।” उन्होंने आगे कहा कि दोनों देश एफटीए के पहले चरण को जल्द से जल्द अंतिम रूप देने के इच्छुक हैं जिससे व्यापार समुदाय को जल्द से जल्द फायदा मिल सके।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि भारत और इजरायल मिलकर संकट को अवसर में बदलना जानते हैं। साथ ही कहा कि भारत में लागू किए गए चार नए लेबर कोड लगातार होने वाले सुधारों का हिस्सा है। हमारा प्रयास वर्कर्स, इंडस्ट्री और बिजनेस को प्रोत्साहित करना है।गोयल ने येरुशलम में एक विशेष सभा में अपने समकक्ष नीर बरकत के साथ इजरायल में भारतीय समुदाय को भी संबोधित किया।
केंद्रीय मंत्री गोयल ने एक्स पर एक पोस्ट में भारत और इजरायल के बीच मजबूत संबंधों पर प्रकाश डाला गया और बताया कि कैसे इजरायल में भारतीय समुदाय और भारत में यहूदी समुदाय लोगों के बीच संबंधों के विकास को सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने प्रवासी भारतीयों से विकसित भारत की यात्रा में योगदान देने का आह्वान किया।
इससे पहले गोयल ने कहा था कि भारत और इजरायल के बीच फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (एफटीए) पर बातचीत शुरू हो गई है। इसके लिए, केंद्रीय मंत्री ने इजरायल के इकोनॉमी और इंडस्ट्री मंत्री निर बरकत के साथ तेल अवीव में टर्म ऑफ रेफरेंस (टीओआर) भी साइन किया, जो दोनों के बीच चल रही एफटीए की बातचीत को मार्गदर्शन प्रदान करेगा।

जी20 के दो सेशन में शामिल हुए पीएम मोदी, साझा किया अपना अनुभव

23-Nov-2025
नई दिल्ली (शोर संदेश)। भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जी20 शिखर सम्मेलन में भाग लिया। इस दौरान उन्होंने न केवल जी20 की बैठक में हिस्सा लिया, बल्कि जी20 के नेताओं के साथ द्विपक्षीय वार्ता भी की। पीएम मोदी ने इसकी एक वीडियो भी साझा की है। आज रविवार को समिट के दूसरे दिन भी प्रधानमंत्री मोदी कई कार्यक्रमों में शामिल होंगे।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पीएम मोदी ने वीडियो साझा कर लिखा, “जोहान्सबर्ग में कल जी20 समिट की कार्यवाही अच्छी रही। मैंने दो सेशन में हिस्सा लिया और खास मुद्दों पर अपने विचार साझा किए। दुनिया के कई नेताओं के साथ अच्छी बैठक भी हुईं।”
वहीं पीएम मोदी आज जी20 समिट के तीसरे सेशन में शामिल हुए। प्रधानमंत्री ने स्थानीय समयानुसार सुबह साढ़े आठ बजे दक्षिण अफ्रीका के साथ द्विपक्षीय बैठक की। इसके बाद फिर नौ बजे आईबीएसए की बैठक में वह शामिल हुए।
इसके अलावा, दक्षिण अफ्रीका की अध्यक्षता में हो रही इंडिया-ब्राजील-दक्षिण अफ्रीका (आईबीएसए) मीटिंग हुई। बता दें, यह ग्लोबल साउथ में होने वाला लगातार चौथा जी20 समिट है। जी20 के तीसरे सेशन की शुरुआत सुबह 10 बजे हुई।
जी20 के तीनों सेशन का थीम इनक्लूसिव इकोनॉमिक ग्रोथ, क्लाइमेट रेजिलिएंस, और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस रहा। विदेश मंत्रालय की ओर से साझा जानकारी के अनुसार पीएम मोदी ने जी20 एजेंडा पर भारत की सोच दुनिया के सामने रखी।
विदेश मंत्रालय की ओर से साझा बयान में कहा गया कि सेशन के थीम में तीन मुद्दों को शामिल किया गया है। पहला मुद्दा समावेशी और सस्टेनेबल इकोनॉमिक ग्रोथ जिसमें कोई पीछे न छूटेः हमारी अर्थव्यवस्थाओं का निर्माण, व्यापार की भूमिका, विकास के लिए फाइनेंसिंग और कर्ज का बोझ है। दूसरा विषय एक मजबूत दुनिया में जी20 का योगदानः आपदा जोखिम में कमी, क्लाइमेट चेंज, सही एनर्जी बदलाव, और फूड सिस्टम है। तीसरा थीम सभी के लिए एक सही और न्यायपूर्ण भविष्यः जरूरी मिनरल्स, अच्छा काम, और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस है।
पीएम मोदी ने ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज और कनाडा के पीएम मार्क कार्नी के साथ त्रिपक्षीय वार्ता की। इसे लेकर उन्होंने कहा कि एक नई तीन-तरफा टेक्नोलॉजी और इनोवेशन साझेदारी! जोहान्सबर्ग में जी20 समिट के दौरान ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज और कनाडा के पीएम मार्क कार्नी के साथ बहुत अच्छी मीटिंग हुई। हमें आज ऑस्ट्रेलिया-कनाडा-इंडिया टेक्नोलॉजी और इनोवेशन (एसीआईटीआई) साझेदारी की घोषणा करते हुए खुशी हो रही है। 
 

दक्षिण अफ्रीका में भारतीय समुदाय के स्वागत से खुश पीएम मोदी बोले-सांस्कृतिक जुड़ाव सचमुच हृदयस्पर्शी

22-Nov-2025
नई दिल्ली (शोर संदेश)। पीएम मोदी अपनी तीन दिवसीय दक्षिण अफ्रीकी यात्रा पर जोहान्सबर्ग पहुंच गए हैं। यहां एक होटल में भारतीय प्रवासियों ने पीएम मोदी का गर्मजोशी से स्वागत किया। इस दौरान पीएम मोदी अप्रवासी भारतीयों से मिले और उनसे बातचीत की। 
पीएम मोदी ने अप्रवासी भारतीयों से बातचीत का एक वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर शेयर किया है। पीएम मोदी ने एक्स पर कहा कि भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच सांस्कृतिक जुड़ाव सचमुच हृदयस्पर्शी और शाश्वत है। जोहान्सबर्ग में मेरे युवा मित्रों ने गणपति प्रार्थना, शांति मंत्र और अन्य दिव्य प्रार्थनाएं बड़ी श्रद्धा से गाईं। ऐसे क्षण हमारे लोगों के बीच के अटूट बंधन की पुष्टि करते हैं।
पीएम मोदी ने कहा कि जोहान्सबर्ग में भारतीय समुदाय द्वारा दिए गए गर्मजोशी भरे स्वागत से मैं बहुत प्रभावित हूं। यह स्नेह भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच के अटूट बंधन को दर्शाता है। ये संबंध, जो इतिहास में निहित हैं और साझा मूल्यों से और भी मजबूत होते जा रहे हैं। पीएम मोदी ने आगे लिखा, “दक्षिण अफ्रीका में भारत की जीवंत सांस्कृतिक विविधता का प्रदर्शन!”
भारतीय समुदाय के सदस्यों ने ‘एकजुट भारत की लय’ शीर्षक से आयोजित एक लघु सांस्कृतिक कार्यक्रम में भारत के 11 राज्यों के लोक नृत्यों का प्रदर्शन करने में अग्रणी भूमिका निभाई। यह सराहनीय है कि भारतीय समुदाय अपनी जड़ों से जुड़ा हुआ है। पीएम जोहान्सबर्ग में दक्षिण अफ्रीका की ओर से आयोजित होने वाले ‘G-20 लीडर्स’ समिट में हिस्सा लेंगे।
इससे पहले पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी साझा करते हुए लिखा कि G-20 शिखर सम्मेलन से संबंधित कार्यक्रमों के लिए जोहान्सबर्ग पहुंच गया हूं। प्रमुख वैश्विक मुद्दों पर विश्व नेताओं के साथ उपयोगी चर्चा की आशा है। हमारा ध्यान सहयोग को मजबूत करने, विकास प्राथमिकताओं को आगे बढ़ाने और सभी के लिए बेहतर भविष्य सुनिश्चित करने पर रहेगा।
‘G-20 लीडर्स’ समिट का आयोजन जोहान्सबर्ग में होगा। यह विकासशील देशों में आयोजित होने वाला लगातार चौथा G20 समिट होगा। समिट में  पीएम मोदी ‘G-20’ एजेंडा पर भारत का दृष्टिकोण पेश करेंगे। उनके समिट के तीनों सत्रों में संबोधित करने की उम्मीद है।

भारत का फॉरेक्स रिज़र्व 5.54 अरब डॉलर उछला, कुल भंडार 692.58 अरब डॉलर पर पहुंचा

22-Nov-2025
नई दिल्ली (शोर संदेश)। केंद्रीय बैंक आरबीआई की ओर से शुक्रवार को जारी आंकड़ों के अनुसार, भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 14 नवंबर को समाप्त हुए सप्ताह में 5.54 अरब डॉलर बढ़कर 692.58 अरब डॉलर हो गया। यह बढ़ोतरी देश के फॉरेक्स में गोल्ड कंपोनेंट की वैल्यू में उछाल के साथ दर्ज की गई है, जो कि 5.34 बिलियन डॉलर से बढ़कर 106.86 बिलियन डॉलर तक पहुंच गई है।
 
आरबीआई के स्वर्ण भंडार का मूल्य ग्लोबल दामों पर निर्भर होता है, इसलिए यह बढ़त अंतरराष्ट्रीय सोने की कीमतों में वृद्धि को दर्शाती है
 
आरबीआई की गोल्ड की वैल्यू ग्लोबल मार्केट में प्राइस मूवमेंट के हिसाब से तय होती है इसलिए यह वृद्धि ग्लोबल गोल्ड की कीमतों में बढ़त को दर्शाती है। लेटेस्ट डेटा के अनुसार, फॉरेक्स रिजर्व का सबसे बड़ा हिस्सा, फॉरेन करेंसी एसेट्स 152 मिलियन डॉलर की बढ़ोतरी के बाद 562.29 बिलियन डॉलर तक पहुंच गए हैं। वहीं, स्पेशल ड्रॉइंग राइट्स 56 मिलियन डॉलर की बढ़ोतरी के बाद 18.65 बिलियन डॉलर हो गए हैं। आईएमएफ के पास रिजर्व भी 8 मिलियन डॉलर बढ़कर 4.78 बिलियन डॉलर हो चुका है।
 
भारत का फॉरेन रिज़र्व 11 महीने के आयात और 96% बाहरी कर्ज को कवर करने लायक है
 
आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा ने हाल ही में भारत के फॉरेन एक्सचेंज रिज़र्व को लेकर कहा, “फॉरेन एक्सचेंज रिजर्व 11 महीने से अधिक के सामान के आयात और लगभग 96 प्रतिशत एक्सटर्नल डेट को फंड करने के लिए पर्याप्त है।” उन्होंने कहा, “भारत का एक्सटर्नल सेक्टर मजबूत बना हुआ है और हमें भरोसा है कि हम अपनी एक्सटर्नल फाइनेंसिंग जरूरतों को पूरा कर सकते हैं।”
 
मार्केट एनालिस्ट बताते हैं कि भारत के फॉरेन एक्सचेंज रिजर्व में पिछले 10 वर्षों में सोने की हिस्सेदारी लगभग दोगुनी हो गई है
 
मार्केट एनालिस्ट बताते हैं कि भारत के फॉरेन एक्सचेंज रिजर्व में पिछले 10 वर्षों में सोने की हिस्सेदारी लगभग दोगुनी हो गई है। जो कि 7 प्रतिशत से भी कम थी और अब 15 प्रतिशत हो चुकी है, यह केंद्रीय बैंक की लगातार जमा और ग्लोबल बुलियन प्राइस के बढ़ने को दर्शाता है।
 
सोने की कीमतों की बात करें तो 2025 में पीली धातु की कीमत में 65 प्रतिशत तक का उछाल दर्ज किया जा चुका है
 
सोने की कीमतों की बात करें तो 2025 में पीली धातु की कीमत में 65 प्रतिशत तक का उछाल दर्ज किया जा चुका है। मिडिल ईस्ट में बढ़ती भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं और अमेरिकी टैरिफ बढ़ोतरी के बीच सेफ हेवन एसेट को लेकर सोने की मांग बढ़ने से सोने की कीमतों में बढ़ोतरी देखी जा रही है।

दिल्ली ब्लास्ट केस: आरोपी जसीर वानी ने NIA कोर्ट से वकीलों से मुलाकात की मंजूरी मांगी

22-Nov-2025
नई दिल्ली (शोर संदेश)। दिल्ली ब्लास्ट को अंजाम देने वाले आतंकी डॉ. उमर मुहम्मद के साथी जसीर बिलाल वानी ने एनआईए कोर्ट में एक अर्जी देकर एजेंसी हेडक्वार्टर में अपने वकीलों से मिलने की इजाजत मांगी है। सूत्रों ने शनिवार को यह जानकारी दी। पटियाला हाउस एनआईए कोर्ट शनिवार को वानी की अर्जी पर सुनवाई करेगी। एनआईए ने जसीर बिलाल वानी को आतंकवादी डॉ. उमर का एक्टिव को-कॉन्स्पिरेटर बताया है। उसे 17 नवंबर को श्रीनगर से गिरफ्तार किया गया था।
पटियाला हाउस कोर्ट ने 18 नवंबर को जसीर बिलाल वानी को 10 दिन की एनआईए कस्टडी में भेज दिया था
पटियाला हाउस कोर्ट ने 18 नवंबर को जसीर बिलाल वानी को 10 दिन की एनआईए कस्टडी में भेज दिया था। एनआईए ने वानी को दिल्ली ब्लास्ट के सिलसिले में कोर्ट में पेश किया, जिसमें 13 लोगों की जान चली गई थी। एजेंसी के मुताबिक, जांच में पता चला है कि उसने कथित तौर पर आतंकवादी हमले करने के लिए टेक्निकल मदद दी थी। खबर है कि वह जानलेवा कार बम ब्लास्ट से पहले ड्रोन को मॉडिफाई करने और रॉकेट बनाने की कोशिश में शामिल था।
अनंतनाग के काजीगुंड निवासी जसीर वानी ने आतंकी डॉ. उमर मुहम्मद नबी के साथ मिलकर हमले की साजिश रची और उसे अंजाम दिया
आरोपी जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग जिले के काजीगुंड का रहने वाला है और उसने आतंकवादी डॉ. उमर मुहम्मद नबी के साथ मिलकर आतंकवादी हमले की योजना बनाई और उसे अंजाम दिया था। एनआईए बम धमाके के पीछे की पूरी साजिश का पता लगाने के लिए कई एंगल से जांच कर रही है। एंटी-टेरर एजेंसी की कई टीमें अलग-अलग सुरागों का पीछा कर रही हैं और हमले में शामिल हर व्यक्ति की पहचान करने की कोशिश में कई राज्यों में तलाशी ले रही हैं।
पुलिस को पता चला है कि जैश-ए-मोहम्मद के एक ऑपरेटिव ने ही आरोपियों को बम बनाने का तरीका बताया था
इस बीच, पुलिस 10 नवंबर को दिल्ली के मशहूर लाल किले के पास हुए धमाके में जैश-ए-मोहम्मद का लिंक जोड़ने में कामयाब रही है। पुलिस को पता चला है कि जैश-ए-मोहम्मद के एक ऑपरेटिव ने ही आरोपियों को बम बनाने का तरीका बताया था।
आरोपी 200 बम तैयार करने की तैयारी में थे, जिन्हें दिल्ली और उत्तर भारत के दूसरे हिस्सों में एक साथ फोड़ना था
एक और बड़ा खुलासा यह हुआ है कि आरोपी 200 बम तैयार करने की तैयारी में थे, जिन्हें दिल्ली और उत्तर भारत के दूसरे हिस्सों में एक साथ फोड़ना था। प्लान उत्तर भारत के राज्यों में बम धमाके करने का था, और इसके लिए आईएसआई ने फरीदाबाद मॉड्यूल का हिस्सा रहे आरोपियों को ट्रेनिंग देने के लिए जैश-ए-मोहम्मद के एक ऑपरेटिव को चुना था। अधिकारियों ने टेरर मॉड्यूल की जांच तेज कर दी है।

शपथ ग्रहण में पीएम मोदी का अनोखा अंदाज़: झुककर किया शुक्रिया तो गमछा लहराकर भरा लोगों में जोश

21-Nov-2025
पटना (शोर संदेश)। नीतीश कुमार ने गुरुवार को इतिहास रचते हुए 10वीं बार बिहार के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। पटना के गांधी मैदान में आयोजित समारोह में राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने उन्हें सीएम पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा सहित विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्री भी उपस्थित रहे। 
प्रधानमंत्री मोदी ने समारोह में आए लोगों के सामने कई बार झुक कर आभार और नमन किया
इस दौरान पीएम मोदी का एक बार फिर देसी स्टाइल देखने को मिला। शपथ ग्रहण समारोह खत्म होते ही वह थोड़ी देर तक गमछा लहराते दिखे। उन्हें ऐसा करते देख समारोह में उपस्थित लोग भी जोश और उत्साह से भर उठे और पीएम मोदी को अपना समर्थन देते दिखे। इतना ही नहीं, प्रधानमंत्री मोदी ने समारोह में आए लोगों के सामने कई बार झुक कर आभार और नमन किया। इससे पहले मंच पर बैठे प्रधानमंत्री मोदी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार लगातार बात करते नजर आए और इस प्रचंड जीत से उत्साहित नजर आए।
चुनाव प्रचार के दौरान भी पीएम मोदी के बिहारी अंदाज में गमछा लहराने को लोगों ने काफी पसंद किया था
चुनावी प्रचार के दौरान भी पीएम मोदी ने नीतीश कुमार को भाई बताया था। उन्होंने महिलाओं को संबोधित करते हुए कहा था कि दो भाई (नरेंद्र मोदी और नीतीश कुमार) मिलकर आपकी सेवा, समृद्धि और स्वाभिमान के लिए लगातार काम कर रहे हैं। चुनाव प्रचार के दौरान भी पीएम मोदी के बिहारी अंदाज में गमछा लहराने को लोगों ने काफी पसंद किया था।
चुनाव में बिहार के लोगों ने नीतीश–मोदी की जोड़ी को पसंद किया और एनडीए को प्रचंड बहुमत देकर सत्ता सौंपी
चुनाव में बिहार के लोगों ने इस जोड़ी को काफी पसंद किया और एनडीए को प्रचंड बहुमत देकर सत्ता सौंपी। इससे पहले जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार ने गुरुवार को 10वीं बार बिहार के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। साथ ही सम्राट चौधरी और विजय कुमार सिन्हा ने डिप्टी सीएम पद की शपथ ली। 26 मंत्रियों ने पद और गोपनीयता की शपथ ली। नीतीश मंत्रिमंडल में इस बार तीन महिलाओं को भी स्थान दिया गया है। इस मंत्रिमंडल में कई नए चेहरों को भी शामिल किया गया है।
 



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