नई दिल्ली (शोर संदेश)। भारत के मुख्य न्यायाधीश बी.आर. गवई ने सोमवार शाम लाल किला के पास हुई कार विस्फोट की घटना पर गहरा शोक व्यक्त किया। उन्होंने इसे “विनाशकारी त्रासदी” और “राष्ट्र के लिए असहनीय क्षति” बताया।
मुख्य न्यायाधीश ने सर्वोच्च न्यायालय और पूरे न्यायिक एवं विधिक समुदाय की ओर से शोक-संतप्त परिवारों के प्रति गहरी संवेदना प्रकट की और घटना से प्रभावित सभी लोगों के साथ एकजुटता जताई।
उन्होंने कहा, “10 नवम्बर की शाम दिल्ली में हुई कार विस्फोट की दुखद घटना से हम सभी अत्यंत व्यथित हैं। सर्वोच्च न्यायालय और पूरे न्यायिक समुदाय की ओर से हम उन परिवारों के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएँ व्यक्त करते हैं जिन्होंने अपने प्रियजनों को खोया है।”
मुख्य न्यायाधीश ने आगे कहा कि ऐसे अपूरणीय नुकसान के दर्द को शब्दों में बयान नहीं किया जा सकता, लेकिन पूरे देश की एकजुटता और सहानुभूति शोकग्रस्त परिवारों को कुछ सांत्वना अवश्य देगी।
उन्होंने कहा, “हमारे विचार और प्रार्थनाएँ उन सभी के साथ हैं जो इस घटना से प्रभावित हुए हैं। कोई भी शब्द इस पीड़ा को पूरी तरह कम नहीं कर सकता, लेकिन हमें उम्मीद है कि देश की सामूहिक संवेदना उन्हें कुछ शक्ति और साहस प्रदान करेगी।”
न्याय और कानून के शासन के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए, मुख्य न्यायाधीश ने कहा, “इस दुख की घड़ी में न्यायपालिका शोकग्रस्त परिवारों के साथ खड़ी है। हम कानून के शासन को बनाए रखने और प्रत्येक नागरिक की गरिमा की रक्षा करने के अपने संकल्प को फिर से दृढ़ करते हैं। ईश्वर दिवंगत आत्माओं को शांति दे और शोकसंतप्त परिवारों को साहस प्रदान करे।”
इस घटना के बाद दिल्ली पुलिस, एनआईए और फोरेंसिक टीमें जांच में जुटी हैं। धमाके के कारणों की गहन जांच की जा रही है।