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पीएम मोदी का स्लोवाकिया दौरा संपन्न, कहा- ‘मजबूत व्यापारिक संबंधों से हमारे युवाओं को होगा बहुत फायदा’

16-Jun-2026
नई दिल्ली। (शोर संदेश) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्लोवाकिया का दो दिवसीय राजकीय दौरा पूरा कर लिया है। यूरोपीय दौरे के अंतिम चरण में वे अब जी शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए फ्रांस पहुंचेंगे।
“स्लोवाकिया की ऐतिहासिक और सकारात्मक यात्रा पूरी हो रही है। इस यात्रा के नतीजे हमारे देशों के बीच आपसी संबंधों को मजबूत करने में बहुत काम आएंगे। मजबूत व्यापारिक संबंधों से हमारे युवाओं को बहुत फायदा होगा। इस गर्मजोशी के लिए स्लोवाकिया सरकार और लोगों का शुक्रिया।”
– यह 1993 में स्लोवाकिया के स्वतंत्र होने के बाद किसी भारतीय प्रधानमंत्री की पहली द्विपक्षीय यात्रा है।
– प्रधानमंत्री मोदी को स्लोवाकिया के राष्ट्रपति पीटर पेलेग्रिनी ने देश का सबसे उच्चतम नागरिक सम्मान— ऑर्डर ऑफ द व्हाइट डबल क्रॉस फर्स्ट क्लास प्रदान किया।
– पीएम मोदी ने यह सम्मान भारत के 1.4 अरब लोगों और दोनों देशों के बीच बढ़ती दोस्ती को समर्पित किया।
– भारत और स्लोवाकिया के बीच रक्षा क्षेत्र में महत्वपूर्ण समझौते समेत कई समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए।
– दोनों देशों ने व्यापार, प्रौद्योगिकी, रक्षा और आर्थिक सहयोग को और गहरा करने का फैसला किया।
– विदेश मंत्रालय ने इसे “भारत-स्लोवाकिया संबंधों में व्यापक साझेदारी” की दिशा में बड़ा कदम बताया।
विदेश सचिव (पश्चिम) सिबी जॉर्ज ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी का स्वागत पूरे राजकीय सम्मान के साथ किया गया। स्लोवाक प्रधानमंत्री रॉबर्ट फिको के निमंत्रण पर यह यात्रा हुई।
पीएम मोदी अब फ्रांस के एवियन में हो रहे जी7 शिखर सम्मेलन में भाग लेंगे, जहां विश्व के प्रमुख नेताओं के साथ बहुपक्षीय चर्चाएं होंगी। यह दौरा भारत की “एक्ट ईस्ट” और यूरोप के साथ रणनीतिक साझेदारी मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। 




 

नया भारत निर्माण के 12 साल, पीएम मोदी ने अगली पीढ़ी के इंफ्रास्ट्रक्चर पर फोकस करने की बात दोहराई

16-Jun-2026
नई दिल्ली। (शोर संदेश) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘नया भारत निर्माण के 12 साल’ पूरे होने पर देश में हुए अभूतपूर्व इंफ्रास्ट्रक्चर विकास को रेखांकित किया है। साथ ही उन्होंने ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य को पूरा करने के लिए अगली पीढ़ी के आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करने की प्रतिबद्धता दोहराई।
“पिछले एक दशक में इंफ्रास्ट्रक्चर को अपग्रेड करने का रिकॉर्ड स्तर पर काम हुआ है। ‘विकसित भारत’ के अपने विजन को साकार करने के लिए देश के लोगों के लिए अगली पीढ़ी का इंफ्रास्ट्रक्चर बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।”
पिछले 12 वर्षों की प्रमुख उपलब्धियां:
– नेशनल हाईवे की लंबाई बढ़कर 1,46,572 किमी हो गई (2014 में 91,287 किमी थी)।
– हाईवे निर्माण की रफ्तार तीन गुना बढ़कर 34 किमी प्रति दिन हो गई।
– 55,000 किमी से ज्यादा नए हाईवे जोड़े गए।
– ब्रॉड गेज रेलवे ट्रैक का इलेक्ट्रिफिकेशन 20% से बढ़कर 99.6% हो गया।
– 69,873 रूट किलोमीटर ट्रैक इलेक्ट्रिफाई किया गया।
– 25 राज्यों में 100% रेलवे इलेक्ट्रिफिकेशन पूरा।
– 1,330+ अमृत भारत स्टेशन का विकास जारी।
– 274 जिलों में 164 वंदे भारत ट्रेनें चल रही हैं।
– मेट्रो नेटवर्क 248 किमी से बढ़कर 1,155 किमी हो गया।
– मेट्रो सेवाएं 5 शहरों से बढ़कर 26 शहरों में शुरू।
– रोजाना मेट्रो यात्रियों की संख्या 28 लाख से बढ़कर 1 करोड़ के पार।
– उड़ान योजना के तहत एयरपोर्ट्स की संख्या 74 से बढ़कर 164 हो गई।
– 663 उड़ान रूट्स 95 एयरपोर्ट्स, हेलीपोर्ट्स और वॉटर एयरोड्रोम को जोड़ रहे हैं।
वहीं पीएम मोदी ने ‘मेरी सरकार’ का एक पोस्ट भी शेयर किया, जिसमें पिछले 12 वर्षों में देश की इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़ी उपलब्धियों को बताया गया है। ‘मेरी सरकार’ के आधिकारिक पोस्ट में इन उपलब्धियों को साझा करते हुए कहा गया कि बेहतर कनेक्टिविटी न सिर्फ दूरियों को कम कर रही है, बल्कि आर्थिक अवसरों को भी बढ़ा रही है और एक समृद्ध भारत की नींव तैयार कर रही है।
यह पोस्ट ‘नया भारत निर्माण के 12 साल’ के उपलक्ष्य में साझा किया गया है, जिसमें सरकार का फोकस अब अगली पीढ़ी के इंफ्रास्ट्रक्चर पर है। 









 

पीएम मोदी का जिनेवा में स्विटजरलैंड के राष्ट्रपति पारमेलिन ने किया स्वागत, जी-7 में शामिल होने फ्रांस जाएंगे

16-Jun-2026
नई दिल्ली। (शोर संदेश) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्लोवाकिया के सफल दो दिवसीय दौरे के बाद जी-7 शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए स्विट्जरलैंड की राजधानी जिनेवा पहुंच गए। यहां स्विट्जरलैंड के राष्ट्रपति गाय पारमेलिन ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। प्रधानमंत्री मोदी यहां से जी-7 समिट में शामिल होने के लिए एवियन जाएंगे। 
विदेश मंत्रालय ने ‘X’ पर जानकारी देते हुए बताया कि प्रधानमंत्री मोदी और स्विस राष्ट्रपति गाय पारमेलिन ने एक-दूसरे का अभिवादन किया और दोनों देशों के बीच साझेदारी को और मजबूत करने का संकल्प दोहराया।
बताना चाहेंगे, प्रधानमंत्री मोदी जिनेवा से फ्रांस के एवियन रवाना होंगे, जहां वे जी-7 शिखर सम्मेलन में शामिल होंगे। यह यूरोपीय दौरे का अंतिम पड़ाव है।
इससे पहले पीएम मोदी ने स्लोवाकिया के दौरे को “ऐतिहासिक और सकारात्मक” बताते हुए कहा था:
“स्लोवाकिया की ऐतिहासिक और सकारात्मक यात्रा पूरी हो रही है। इस यात्रा के नतीजे हमारे देशों के बीच आपसी संबंधों को मजबूत करने में बहुत काम आएंगे। मजबूत व्यापारिक संबंधों से हमारे युवाओं को बहुत फायदा होगा।”
– भारत और स्लोवाकिया के संबंधों के लिए एक महत्वपूर्ण पड़ाव के तौर पर पीएम मोदी सोमवार को स्लोवाक की राजधानी पहुंचे और दोनों देशों ने एक अहम रक्षा समझौते समेत कई डील पर हस्ताक्षर किया।
– पीएम मोदी को स्लोवाकिया के राष्ट्रपति पीटर पेलेग्रिनी ने देश का सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘ऑर्डर ऑफ द व्हाइट डबल क्रॉस फर्स्ट क्लास’ प्रदान किया।
– दोनों देशों के बीच रक्षा क्षेत्र समेत कई महत्वपूर्ण समझौतों पर हस्ताक्षर हुए।
यह दौरा भारत की यूरोप के साथ रणनीतिक साझेदारी को और गहरा करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।












 

 


ओडिशा में मनाए जाने वाले त्योहार ‘राजा’ पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने दी बधाई

14-Jun-2026
नई दिल्ली। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने ओडिशा में मनाए जाने वाले महत्वपूर्ण त्योहार ‘राजा’ पर राज्य के लोगों को बधाई दी है। राष्ट्रपति ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, “फसल के त्योहार ‘राजा’ के मौके पर मैं देश के लोगों और खासकर ओडिशा के लोगों को दिल से बधाई देती हूं।”
राष्ट्रपति मुर्मु ने लिखा, “मानसून के मौसम का यह मनभावन त्योहार धरती, मां और बादलों के सम्मान में मनाया जाता है। पीठा, पान के पत्ते और झूला झूलने जैसे उत्सवों के बीच ‘राजा’ हमें प्रकृति के साथ मिल-जुलकर रहने की याद दिलाता है। मुझे उम्मीद है कि ‘राजा’ त्योहार की यह खास भावना हमें राष्ट्र निर्माण के लिए खुद को समर्पित करने के लिए प्रेरित करेगी। ‘राजा’ के इस उत्सवपूर्ण मौके पर मैं राज्य और देश के लोगों की खुशी, शांति और समृद्धि की कामना करती हूं।”
गौरतलब है कि राजा पर्व ओडिशा में मनाया जाने वाला तीन दिवसीय नारीत्व का त्योहार है। माना जाता है कि हिंदू देवी भूमि जो देवी महालक्ष्मी का ही धरती माता वाला रूप हैं और भगवान विष्णु की पत्नी हैं, इस त्योहार के पहले तीन दिनों के दौरान रजस्‍वला से गुजरती हैं। चौथे दिन को ‘वसुमती स्नान’ या भूमि का औपचारिक स्नान कहा जाता है।
‘राजा’ शब्द संस्कृत के ‘रजस’ शब्द से आया है, जिसका अर्थ है रजस्‍वला महिला। मध्यकाल में यह त्योहार खेतीबाड़ी से जुड़े त्योहार के तौर पर अधिक लोकप्रिय हुआ, जिसमें भूमि की पूजा की जाती है। देवी भूमि को भगवान विष्णु के ही एक क्षेत्रीय रूप जगन्नाथ की पत्नी के तौर पर पूजा जाता है। पुरी मंदिर में जगन्नाथ के बगल में भूमि की चांदी की मूर्ति भी मौजूद है।
यह त्योहार जून के बीच में आता है। पहले दिन को ‘पहिली राजा’, दूसरे दिन को ‘मिथुन संक्रांति’ और तीसरे दिन को ‘भुदाहा’ या ‘बासी राजा’ कहा जाता है। आखिरी यानी चौथे दिन को ‘बसुमती स्नान’ कहते हैं, जिसमें महिलाएं धरती (भूमि) के प्रतीक के तौर पर सिल-बट्टे (पीसने वाले पत्थर) को हल्दी का लेप लगाकर नहलाती हैं और फूल, सिंदूर वगैरह से उसकी पूजा करती हैं। धरती माता को हर तरह के मौसमी फल चढ़ाए जाते हैं।
पहले दिन से ठीक पहले वाले दिन को ‘सजाबजा’ या तैयारी का दिन कहा जाता है। इस दिन घर और रसोई (सिल-बट्टे समेत) की सफाई की जाती है और तीन दिनों के लिए मसाले पीसे जाते हैं। इन तीन दिनों के दौरान महिलाएं और लड़कियां काम से आराम करती हैं और नई साड़ी व गहने पहनने के साथ ही आलता लगाती हैं। यह त्योहार ‘अंबुवाची मेले’ जैसा ही है। ओडिशा के कई त्योहारों में सबसे मशहूर ‘राजा’ लगातार तीन दिनों तक मनाया जाता है।

बीते एक दशक में टेक्नोलॉजी अपनाने वाले देश से टेक प्रोवाइडर के रूप में उभरा भारत: पीएम मोदी

14-Jun-2026
नई दिल्ली। भारत बीते एक दशक में टेक्नोलॉजी अपनाने वाले देश से एक टेक प्रोवाइडर के रूप में उभरा है और देश से निकलने वाले समाधान और इनोवेशन में मानवता के एक बड़े हिस्से को लाभ पहुंचाने की क्षमता है। 
नीस शहर में ‘भारत इनोवेट्स समिट’ के उद्घाटन समारोह में बोलते हुए पीएम मोदी ने कहा
रविवार को फ्रांस के नीस शहर में हो रही ‘भारत इनोवेट्स समिट’ के उद्घाटन समारोह में बोलते हुए पीएम मोदी ने कहा,”एक दशक पहले, दुनिया भारत को मुख्य रूप से टेक्नोलॉजी अपनाने वाले देश के तौर पर देखती थी, लेकिन आज भारत तेजी से टेक्नोलॉजी देने वाले देश के रूप में उभर रहा है।
‘भारत इनोवेट्स’ दुनिया के लिए एक निमंत्रण है 
भारत से निकले इनोवेशन और समाधानों में मानवता के एक बड़े हिस्से को फायदा पहुंचाने की क्षमता है। ‘भारत इनोवेट्स’ इसी सोच को आगे बढ़ाता है और यह दुनिया के लिए एक निमंत्रण है कि वे भारत के साथ मिलकर काम करें और ग्लोबल इनोवेशन के अगले अध्याय को साथ मिलकर तैयार करें।”
इनोवेशन भारत के डीएनए में है 
उन्होंने आगे कहा कि इनोवेशन भारत के डीएनए में समाहित है। हजारों सालों से भारत ने अपनी खोजों और ज्ञान से दुनिया का मार्गदर्शन किया है। गणित से लेकर खगोल विज्ञान तक, और चिकित्सा से लेकर योग तक, भारत का योगदान पूरी मानवता के लिए आधारभूत रहा है। आज हम इसी समृद्ध विरासत को आगे बढ़ा रहे हैं और इसे नई दिशा व गति दे रहे हैं।
आज भारत की सबसे बड़ी प्राथमिकता ऐसी टेक्नोलॉजी है जो मानवता की सेवा करे
मानवता को भारत की प्राथमिकता बताते हुए पीएम मोदी ने कहा कि आज भारत की सबसे बड़ी प्राथमिकता ऐसी टेक्नोलॉजी है जो मानवता की सेवा करे। इसी सिद्धांत ने हमारे डिजिटल क्रांति को आगे बढ़ाया है और यही भारत के डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर का आधार है।
आगे कहा कि हमारा विजन “एआई फॉर ऑल” (सभी के लिए एआई) के सिद्धांत पर आधारित है, जो हर व्यक्ति की भलाई और खुशी के लिए समर्पित है।
समिट से पहले वैश्विक निवेशकों से मिले
वहीं भारत इनोवेट्स समिट के उद्घाटन से पहले, प्रधानमंत्री मोदी ने भारत, फ्रांस और कई अन्य देशों के चुनिंदा निवेशकों और वेंचर कैपिटल लीडर्स के साथ बातचीत की।

आईएमए की पासिंग आउट परेड में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु शामिल, एनडीए की पहली महिला बैच बनी सेना अधिकारी

13-Jun-2026
नई दिल्ली। (शोर संदेश) राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने शनिवार को देहरादून स्थित भारतीय सैन्य अकादमी में 158वें रेगुलर कोर्स और 141वें टेक्निकल ग्रेजुएट कोर्स की पासिंग आउट परेड का निरीक्षण किया। यह अवसर भारतीय सेना और देश की महिलाओं के लिए ऐतिहासिक माना जा रहा है, क्योंकि राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (एनडीए) के पहले महिला बैच की कैडेट्स अधिकारी के रूप में पासआउट हुई हैं।
आईएमए की पासिंग आउट परेड में एनडीए की पहली महिला बैच की 9 महिला कैडेट भारतीय थलसेना में अधिकारी के रूप में शामिल हुईं। यह उपलब्धि भारतीय सशस्त्र बलों में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी और सशक्तिकरण का महत्वपूर्ण प्रतीक है।
इससे पहले एनडीए में महिलाओं के प्रवेश की अनुमति नहीं थी। जून 2022 में सुप्रीम कोर्ट के ऐतिहासिक फैसले के बाद महिलाओं के लिए एनडीए के द्वार खुले थे। इस निर्णय ने सशस्त्र बलों में महिलाओं की भूमिका को नई दिशा प्रदान की और आज उसका ऐतिहासिक परिणाम देखने को मिला।
इस वर्ष आईएमए से कुल 515 कैडेट पासआउट हुए, जिनमें 16 देशों के 34 विदेशी कैडेट भी शामिल हैं। पासआउट होने वाले कैडेट्स में एनडीए की पहली महिला बैच की 9 कैडेट भी शामिल रहीं, जिन्होंने कठिन प्रशिक्षण पूरा कर भारतीय सेना में अधिकारी के रूप में कदम रखा।
भारतीय वायुसेना अकादमी में आयोजित कंबाइंड ग्रेजुएशन परेड के दौरान भारतीय वायुसेना के 217वें कोर्स के तहत 231 फ्लाइट कैडेट्स ने प्री-कमीशनिंग प्रशिक्षण पूरा किया। इनमें 194 पुरुष और 37 महिला कैडेट शामिल थीं। इन 37 महिला कैडेट्स में से 5 एनडीए की पहली महिला बैच की थीं, जिन्हें भारतीय वायुसेना में कमीशन प्राप्त हुआ।
राष्ट्रपति मुर्मु ने आईएमए की परेड की समीक्षा की, जबकि राजनाथ सिंह डुंडीगल स्थित वायुसेना अकादमी में आयोजित समारोह में उपस्थित रहे। दोनों कार्यक्रमों ने सशस्त्र बलों में महिलाओं की बढ़ती भूमिका और योगदान को नई पहचान दी।
कंबाइंड ग्रेजुएशन परेड का समापन भव्य एयर शो के साथ हुआ। भारतीय वायुसेना के सुखोई लड़ाकू विमान, सारंग हेलीकॉप्टर डिस्प्ले टीम और सूर्यकिरण एरोबेटिक टीम के शानदार प्रदर्शन समारोह के प्रमुख आकर्षण रहे।






 

एयर फोर्स एकेडमी में आज पासिंग आउट परेड, राजनाथ सिंह ट्रेनीज को सौंपेंगे ‘प्रेसिडेंट कमीशन’

13-Jun-2026
नई दिल्ली। (शोर संदेश)  केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह शनिवार को हैदराबाद स्थित एयर फोर्स एकेडमी में 217वें कोर्स की कंबाइंड ग्रेजुएशन परेड (सीजीपी) में शामिल होंगे। रक्षा मंत्रालय के अनुसार, सैन्य अनुशासन और परंपराओं से परिपूर्ण यह समारोह भारतीय वायु सेना की विभिन्न शाखाओं के फ्लाइट कैडेट्स की प्री-कमीशनिंग ट्रेनिंग के सफल समापन का प्रतीक होगा।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह इस समारोह में रिव्यूइंग ऑफिसर की भूमिका निभाएंगे। कार्यक्रम के दौरान वह पासआउट होने वाले प्रशिक्षुओं को ‘प्रेसिडेंट कमीशन’ प्रदान करेंगे। इसके अलावा भारतीय वायु सेना के फ्लाइट कैडेट्स तथा भारतीय नौसेना, भारतीय तटरक्षक बल और वियतनाम के अधिकारियों एवं प्रशिक्षुओं को प्रशिक्षण पूरा करने पर ‘विंग्स’ और ‘ब्रेवेट्स’ प्रदान किए जाएंगे।
यह कंबाइंड ग्रेजुएशन परेड राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (एनडीए) के महिला कैडेट्स के पहले बैच के कमीशनिंग का भी ऐतिहासिक अवसर होगी। ये महिला कैडेट्स 30 मई 2025 को एनडीए से पासआउट हुई थीं और इसके बाद ब्रांच-विशिष्ट प्रशिक्षण के लिए एयर फोर्स एकेडमी में शामिल हुई थीं।
समारोह के दौरान रक्षा मंत्री फ्लाइंग, नेविगेशन स्ट्रीम और ग्राउंड ड्यूटी ब्रांच में ओवरऑल मेरिट सूची में शीर्ष स्थान हासिल करने वाले फ्लाइट कैडेट्स को ‘प्रेसिडेंट प्लाक’ से सम्मानित करेंगे।
परेड में सैन्य ड्रिल के साथ-साथ रोमांचक हवाई प्रदर्शन भी शामिल होंगे। कार्यक्रम की शुरुआत आकाश गंगा स्काईडाइविंग टीम और एयर वॉरियर ड्रिल टीम के प्रदर्शन से होगी। इसके बाद भारतीय वायु सेना प्रमुख ए.पी. सिंह के नेतृत्व में फ्लाई-पास्ट आयोजित किया जाएगा।
फ्लाई-पास्ट में पिलाटस पीसी-7 एमकेआईआई, हॉक, किरण और चेतक शामिल होंगे। समारोह के प्रमुख आकर्षणों में एसयू-30 एमकेआई, सारंग हेलीकॉप्टर डिस्प्ले टीम और सूर्यकिरण एरोबैटिक टीम के शानदार हवाई करतब शामिल रहेंगे।



 

फ्रांस और स्लोवाकिया दौरे पर रवाना होने से पहले पीएम मोदी बोले- यूरोप और जी-7 के साथ साझेदारी को मिलेगी नई गति

13-Jun-2026
नई दिल्ली। (शोर संदेश) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फ्रांस और स्लोवाकिया की यात्रा पर रवाना होने से पहले जारी अपने प्रस्थान वक्तव्य में कहा कि उनकी यह यात्रा यूरोप और जी-7 देशों के साथ भारत की बढ़ती साझेदारी को नई गति देगी। उन्होंने विश्वास जताया कि यह दौरा भारत के रणनीतिक, आर्थिक और नवाचार सहयोग को और मजबूत करेगा।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत की सामरिक दृष्टि में फ्रांस का विशेष स्थान है। उन्होंने बताया कि इसी वर्ष की शुरुआत में इमैनुएल मैक्रों की भारत यात्रा के दौरान दोनों देशों के संबंधों को ‘विशेष वैश्विक सामरिक साझेदारी’ के स्तर तक उन्नत किया गया था। नीस में राष्ट्रपति मैक्रों के साथ होने वाली बैठक में फरवरी से अब तक हुई प्रगति की समीक्षा की जाएगी और सहयोग के अगले चरणों पर चर्चा होगी। साथ ही, दोनों नेता वैश्विक और क्षेत्रीय मुद्दों पर भी विचार-विमर्श करेंगे।
पीएम नरेन्द्र मोदी ने कहा कि वह 14 जून को नीस में राष्ट्रपति मैक्रों के साथ ‘भारत इनोवेट्स’ कार्यक्रम का उद्घाटन करने को लेकर उत्साहित हैं। भारत-फ्रांस नवाचार वर्ष के तहत आयोजित यह कार्यक्रम भारतीय स्टार्टअप्स को वैश्विक निवेशकों से जोड़ने का मंच बनेगा और उच्च शिक्षा संस्थानों से उभर रहे नवाचारों को बढ़ावा देगा।
प्रधानमंत्री ने कहा कि वह 14 और 15 जून को स्लोवाकिया की राजकीय यात्रा करेंगे। 1993 में स्लोवाकिया की स्वतंत्रता के बाद यह किसी भारतीय प्रधानमंत्री की पहली यात्रा होगी। उन्होंने कहा कि यह ऐतिहासिक दौरा द्विपक्षीय संबंधों को नई मजबूती देगा। इस दौरान उनकी मुलाकात स्लोवाकिया के राष्ट्रपति पीटर पेलेग्रिनी और प्रधानमंत्री रॉबर्ट फिको से होगी। साथ ही, वे वहां के व्यापारिक नेताओं के साथ भी बातचीत करेंगे।
पीएम मोदी ने कहा कि स्लोवाकिया से वह फ्रांस के एवियां पहुंचेंगे, जहां 16 और 17 जून को आयोजित जी-7 शिखर सम्मेलन 2026 में भाग लेंगे। उन्होंने कहा कि जी-7 में भारत की उपस्थिति साझेदार देशों के विश्वास और वैश्विक मंच पर भारत की बढ़ती प्रतिष्ठा का प्रतीक है। यह लगातार आठवां अवसर है जब भारत को जी-7 शिखर सम्मेलन में आमंत्रित किया गया है। उन्होंने कहा कि भारत इस मंच पर अपने विचार रखने के साथ-साथ ग्लोबल साउथ की आकांक्षाओं और अपेक्षाओं को भी मजबूत आवाज देगा।
प्रधानमंत्री मोदी ने बताया कि वह 18 जून को पेरिस में अपनी यात्रा का समापन करेंगे, जहां राष्ट्रपति मैक्रों के साथ विवाटेक 2026 में भाग लेंगे। उन्होंने कहा कि यह यूरोप का सबसे बड़ा प्रौद्योगिकी और नवाचार सम्मेलन है और इस बार इसमें भारत का सबसे बड़ा राष्ट्रीय पवेलियन होगा। उन्होंने पेरिस में भारतीय समुदाय के सदस्यों से मुलाकात को लेकर भी उत्साह व्यक्त किया।
पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि फ्रांस और स्लोवाकिया की उनकी यात्रा यूरोप और जी-7 के साथ भारत की गहन होती सहभागिता को नई गति प्रदान करेगी। उन्होंने कहा कि यह दौरा महाद्वीप के देशों और अन्य वैश्विक साझेदारों के साथ सहयोग के दायरे का विस्तार करने की भारत की प्रतिबद्धता को भी रेखांकित करेगा।



 

पीएम मोदी फ्रांस और स्लोवाकिया दौरे पर रवाना, नवाचार, निवेश और रणनीतिक साझेदारी पर रहेगा फोकस

13-Jun-2026
नई दिल्ली। (शोर संदेश) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को फ्रांस और स्लोवाकिया की यात्रा पर रवाना हुए। इस दौरान उनका कार्यक्रम काफी व्यस्त रहेगा, जिसमें द्विपक्षीय वार्ताएं, बहुपक्षीय बैठकें और आर्थिक व सांस्कृतिक सहयोग को मजबूत करने पर विशेष जोर रहेगा।
पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट कर कहा, “अगले कुछ दिनों में मैं फ्रांस और स्लोवाकिया में विभिन्न कार्यक्रमों में हिस्सा लूंगा। इनमें द्विपक्षीय बातचीत, बहुपक्षीय बैठकें और भारतीय समुदाय के लोगों से संवाद शामिल है। मेरा ध्यान आर्थिक और सांस्कृतिक संबंधों को मजबूत करने पर रहेगा।” उन्होंने कहा कि उनकी यात्रा की शुरुआत फ्रांस के नीस शहर में आयोजित होने वाले कार्यक्रमों से होगी। विशेष रूप से ‘भारत इनोवेट्स’ कार्यक्रम में वह शामिल होंगे, जहां फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों भी मौजूद रहेंगे। भारत और फ्रांस इस वर्ष ‘भारत-फ्रांस इनोवेशन वर्ष’ मना रहे हैं और यह कार्यक्रम नवाचार, स्टार्टअप और प्रौद्योगिकी क्षेत्र के प्रमुख हितधारकों को एक मंच पर लाएगा।
नीस में प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के बीच द्विपक्षीय बैठक भी होगी। दोनों नेता भारत-फ्रांस विशेष वैश्विक रणनीतिक साझेदारी की समीक्षा करेंगे। विदेश मंत्रालय के अनुसार, दोनों नेता संयुक्त रूप से ‘भारत इनोवेट्स’ कार्यक्रम का उद्घाटन भी करेंगे, जिसमें भारत, फ्रांस और अन्य देशों के प्रमुख स्टार्टअप्स, इनोवेटर्स और वेंचर कैपिटल फंड्स भाग लेंगे। मंत्रालय ने कहा कि ‘भारत-फ्रांस इनोवेशन वर्ष’ के तहत आयोजित यह पहल दोनों देशों के बीच नवाचार सहयोग को नई गति देने का काम करेगी।
फ्रांस में कार्यक्रमों के बाद प्रधानमंत्री मोदी 14 से 16 जून तक स्लोवाकिया की राजकीय यात्रा करेंगे। यह यात्रा स्लोवाकिया के प्रधानमंत्री रॉबर्ट फिको के निमंत्रण पर हो रही है। वर्ष 1993 में स्लोवाकिया की स्वतंत्रता के बाद किसी भारतीय प्रधानमंत्री की यह पहली यात्रा होगी। यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री मोदी, प्रधानमंत्री रॉबर्ट फिको के साथ प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता करेंगे और राष्ट्रपति पीटर पेलेग्रिनी से भी मुलाकात करेंगे। दोनों देशों के बीच व्यापार, निवेश, ऑटोमोबाइल विनिर्माण और रेलवे अवसंरचना क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के अवसरों पर चर्चा होने की संभावना है।
विदेश मंत्रालय ने कहा कि यह यात्रा विभिन्न क्षेत्रों में स्लोवाकिया के साथ भारत के द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करने की प्रतिबद्धता को रेखांकित करेगी। इसके बाद प्रधानमंत्री मोदी 16 और 17 जून को फ्रांस के एवियन में आयोजित जी7 शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए दोबारा फ्रांस लौटेंगे। इस दौरान वह जी7 देशों, आमंत्रित साझेदार देशों और अंतरराष्ट्रीय संगठनों के प्रमुखों के साथ विभिन्न मुद्दों पर चर्चा करेंगे। 18 जून को प्रधानमंत्री पेरिस जाएंगे, जहां वह अतिरिक्त द्विपक्षीय बैठकों में भाग लेने के साथ-साथ यूरोप के सबसे बड़े प्रौद्योगिकी और स्टार्टअप कार्यक्रम ‘विवटेक’ शिखर सम्मेलन में भी शामिल होंगे। पेरिस यात्रा के दौरान उनके भारतीय समुदाय को संबोधित करने की भी संभावना है। 

 

युवा शक्ति देश के विकास की सबसे बड़ी ताकत, स्टार्टअप और नवाचार को मिला बढ़ावा : पीएम मोदी

13-Jun-2026
नई दिल्ली। (शोर संदेश) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि केंद्र सरकार युवा नेतृत्व वाले विकास की दिशा में मजबूती से काम कर रही है। उन्होंने कहा कि पिछले 12 वर्षों की एक प्रमुख विशेषता यह रही है कि भारत के युवाओं ने आत्मविश्वास के साथ अपनी आकांक्षाओं को पूरा किया है। प्रधानमंत्री ने विभिन्न क्षेत्रों में युवा शक्ति के उल्लेखनीय योगदान और वैश्विक पटल पर उनके बढ़ते प्रभाव पर भी जोर दिया।
प्रधानमंत्री ने कहा कि स्टार्टअप इंडिया, डिजिटल इंडिया, स्किल इंडिया और अटल इनोवेशन मिशन जैसी पहलों के माध्यम से एक ऐसा प्रक्रियागत तंत्र विकसित हुआ है, जो नवाचार, उद्यमिता और उद्यम को प्रोत्साहित करता है। उन्होंने कहा कि आज भारत दुनिया के अग्रणी स्टार्टअप केंद्रों में शामिल है और इन सफलता की कहानियों में से अनेक छोटे शहरों और गांवों से उभर रही हैं, जिन्हें देश की युवा शक्ति आगे बढ़ा रही है।
पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि भारत के युवा विज्ञान और प्रौद्योगिकी, विनिर्माण, अंतरिक्ष, सेमीकंडक्टर तथा ड्रोन जैसे क्षेत्रों में अपनी मजबूत पहचान बना रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह गर्व की बात है कि युवा भारतीय उन क्षेत्रों में योगदान दे रहे हैं, जो राष्ट्र और दुनिया के भविष्य को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
प्रधानमंत्री ने कहा कि देश के युवाओं ने खेल के क्षेत्र में भी भारत का नाम रोशन किया है। भारतीय युवा खिलाड़ियों ने अनेक अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में शानदार प्रदर्शन कर लगातार राष्ट्रीय गौरव को बढ़ाया है। उन्होंने कहा कि मजबूत खेल व्यवस्था, बेहतर बुनियादी ढांचा और खिलाड़ियों को मिल रहा अधिक समर्थन युवा प्रतिभाओं के लिए नए अवसर पैदा कर रहा है तथा उन्हें खेलों में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित कर रहा है।
नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर पोस्ट की एक श्रृंखला में कहा कि राजग सरकार युवाओं के नेतृत्व वाले विकास को प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने कहा कि पिछले 12 वर्षों में युवाओं ने आत्मविश्वास के साथ अपने सपनों को साकार किया है। उन्होंने दोहराया कि स्टार्टअप इंडिया, डिजिटल इंडिया, स्किल इंडिया और अटल इनोवेशन मिशन जैसी पहलें युवाओं को नवाचार और उद्यमिता के लिए बेहतर अवसर उपलब्ध करा रही हैं।


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