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प्रधानमंत्री मोदी दबाव में आने वाले व्यक्ति नहीं हैं: व्लादिमीर पुतिन

05-Dec-2025
नई दिल्ली।  ( शोर संदेश ) रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की प्रशंसा की है और कहा है कि भारत उनके नेतृत्व पर गर्व करता है। उनके दृढ़ दृष्टिकोण की प्रशंसा करते हुए, रूसी राष्ट्रपति ने आगे कहा कि भारतीय प्रधानमंत्री अमेरिका सहित किसी भी देश के दबाव में नहीं झुकते।
भारतीय लोग निश्चित रूप से अपने नेता पर गर्व कर सकते हैं। उन्होंने कहा, “प्रधानमंत्री मोदी आसानी से दबाव में आने वाले व्यक्ति नहीं हैं। भारतीय लोग निश्चित रूप से अपने नेता पर गर्व कर सकते हैं। यह बिल्कुल स्पष्ट है। उनका रुख अटल और स्पष्ट है, बिना किसी टकराव के। हमारा लक्ष्य संघर्ष को भड़काना नहीं है; बल्कि, हमारा लक्ष्य अपने वैध अधिकारों की रक्षा करना है। भारत भी यही चाहता है।”
यह बातें रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने क्रेमलिन में निजी चैनल से बातचीत के दौरान कही। उन्होंने भारत को एक प्रमुख वैश्विक खिलाड़ी बताया।
पुतिन ने पीएम मोदी के साथ अपने संबंधों को पेशेवर और व्यक्तिगत, दोनों ही रूप में बताया, जो आपसी विश्वास और दीर्घकालिक सहयोग पर आधारित हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी को एक ऐसा नेता बताया जो “बेहद चुनौतीपूर्ण कार्य” निर्धारित करते हैं और ‘मेक इन इंडिया’ जैसी प्रमुख पहलों के साथ भारत के उच्च विकास पथ को गति प्रदान करते हैं।
उन्होंने कहा, “प्रधानमंत्री मोदी के साथ हमारे सहयोगात्मक प्रयास महत्वपूर्ण हैं, क्योंकि वे हमारे आपसी संबंधों से भी आगे हैं।” दोनों देशों के लिए इसकी प्रत्यक्ष प्रासंगिकता को देखते हुए, सहभागिता के प्रमुख क्षेत्रों में स्थिरता सुनिश्चित करना महत्वपूर्ण है, क्योंकि इससे हमारे उद्देश्यों की पूर्ति सुनिश्चित करने में मदद मिलती है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने देश के लिए बहुत चुनौतीपूर्ण कार्य निर्धारित किए हैं-सबसे पहले अपने लिए, फिर प्रशासन के लिए और अंततः राष्ट्र के लिए।
पुतिन ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी का ‘मेक इन इंडिया’ आह्वान द्विपक्षीय संबंधों के लिए व्यावहारिक आयाम रखता है। “उदाहरण के लिए, उनके प्रसिद्ध भाषण “मेक इन इंडिया” को ही लीजिए। इसका एक व्यावहारिक आयाम है, जिसमें हमारे द्विपक्षीय संबंध भी शामिल हैं। जब हम मिलते हैं, तो वे हमेशा कहते हैं, “आइए यह करें, आइए वह करें, आइए इस क्षेत्र और उस पर विचार करें।” उन्होंने कहा कि मैं उन सभी को सूचीबद्ध कर सकता हूं। इसलिए, हमारे बीच सहयोग के कई व्यावहारिक क्षेत्र हैं।
राष्ट्रपति पुतिन ने सात दशक पुराने मित्रता पर जोर देते हुए इस साझेदारी को स्थिर, विकासशील और तेजी से बदलती दुनिया में महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि भारत और रूस का सहयोग द्विपक्षीय संबंधों से कहीं आगे जाता है और वैश्विक स्थिरता में योगदान देता है। आप जानते हैं, दुनिया तेजी से विकसित हो रही है -और यह गति और भी तेज होती जा रही है, जो सभी को स्पष्ट रूप से दिखाई दे रही है। वैश्विक संरचना बदल रही है, शक्ति के नये केन्द्र उभर रहे हैं, तथा वैश्विक शक्ति परिदृश्य भी बदल रहा है। उन्होंने कहा, “इसलिए प्रमुख देशों के बीच स्थिरता सुनिश्चित करना महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह द्विपक्षीय और अंतर्राष्ट्रीय संबंधों में क्रमिक प्रगति का आधार बनता है।”
पुतिन ने एससीओ शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री मोदी के साथ अनौपचारिक कार यात्रा का किस्सा भी साझा किया और इसे सौहार्दपूर्ण व्यवहार का एक सरल संकेत बताया। हमने अभी-अभी वर्तमान विषयों पर चर्चा की है। यह पहले से तय नहीं था, हम बस बाहर निकले, और मेरी गाड़ी इंतज़ार कर रही थी। मैंने पूछा, “क्या आप साथ चलना चाहेंगे?” बस इतना ही – मानवीय एकजुटता, भाईचारे और दोस्ती का एक संकेत। कोई छिपी हुई योजना नहीं थी। उन्होंने आगे कहा, “हम पुराने दोस्तों की तरह कार में चढ़ गए और रास्ते में बातें करते रहे। हमारे पास हमेशा चर्चा करने के लिए कुछ न कुछ होता ही रहता है। और तो और, हमने अपनी बातचीत जारी रखी और कार में ही बैठे रहे।”
पुतिन ने आगे कहा, “आखिरकार, मैंने सुझाव दिया, चलो, वे पहले से ही हमारा इंतज़ार कर रहे हैं। इसमें कुछ खास नहीं है; यह बस यही दर्शाता है कि हमारे पास चर्चा के लिए कुछ मुद्दे हैं और वे हमारे लिए बहुत महत्वपूर्ण हैं।”
उन्होंने कहा कि भारत अब ऐसा देश नहीं रहा जिसके साथ “77 साल पहले जैसा व्यवहार” किया जा सके। पुतिन ने आगे कहा, “आखिरकार, मैंने सुझाव दिया: चलो, वे पहले से ही हमारा इंतजार कर रहे हैं। इसमें कुछ खास नहीं है; यह केवल यह दर्शाता है कि हमारे पास चर्चा करने के लिए कुछ मुद्दे हैं और वे हमारे लिए बहुत महत्वपूर्ण हैं।”
वहीं, एक प्रश्न के उत्तर में पुतिन ने कहा कि ऐसा लगता है कि भारत और दुनिया दोनों यह मानते हैं कि भारत के साथ अब वैसा व्यवहार नहीं किया जा सकता जैसा 77 साल पहले किया जाता था। भारत एक प्रमुख वैश्विक शक्ति है, कोई ब्रिटिश उपनिवेश नहीं, और सभी को इस वास्तविकता को स्वीकार करना होगा। पुतिन ने भारत और रूस के बीच सहयोग की सराहना की, जो व्यापक सहयोग पर आधारित है। जैसा कि आपने बताया, मुझे अपने मित्र प्रधानमंत्री मोदी से मिलकर बहुत खुशी हो रही है। हमने भारत में ऐसा करने के लिए एक विशेष व्यवस्था की है, क्योंकि ऐसे अनेक विषय हैं जिन पर हमें बात करनी है, और भारत के साथ हमारा सहयोग व्यापक है, और निश्चित रूप से, हमारे संबंधों की अनूठी प्रकृति इसे और भी महत्वपूर्ण बनाती है।
उन्होंने आगे कहा, “मैं यह भी रेखांकित करना चाहता हूं कि स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद से पिछले 77 वर्षों में भारत की प्रगति, जो ऐतिहासिक दृष्टि से अत्यंत संक्षिप्त अवधि है, वास्तव में उल्लेखनीय रही है और भारत ने विकास में वास्तव में एक लंबी दूरी तय की है।”
चार साल बाद कल गुरुवार शाम को पहली बार भारत आए पुतिन का हवाई अड्डे पर सांस्कृतिक नृत्य के साथ पारंपरिक स्वागत किया गया, जिसके बाद दोनों नेता एक ही गाड़ी में रवाना हुए। वह 4-5 नवंबर तक भारत में रहेंगे। 
 

यूक्रेन के संकट पर पीएम मोदी ने रखा देश का पक्ष, बोले- ‘भारत न्यूट्रल नहीं है, हम शांति का समर्थन करते हैं’

05-Dec-2025
नई दिल्ली।  ( शोर संदेश ) भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन आज शुक्रवार को हैदराबाद हाउस पहुंचे और वहां पर अपनी द्विपक्षीय वार्ता शुरू की। बैठक को पीएम मोदी ने संबोधित किया और भारत-रूस संबंधों के बारे में बातचीत की। इस दौरान उन्होंने रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध को लेकर अपना पक्ष साफ शब्दों में रखा। पीएम मोदी ने कहा कि भारत का पक्ष बिल्कुल साफ है कि हम शांति के साथ हैं।
पीएम मोदी ने कहा, “कल से डेलिगेशन के लोग अनेक बैठकों में व्यस्त रहे हैं। बहुत सारे नतीजों के साथ ये समिट आगे बढ़ रही है। राष्ट्रपति जी, आपकी ये यात्रा बहुत ही ऐतिहासिक है। 2001 में जब आपने कार्यभार संभाला और पहली बार भारत की यात्रा हुई आज उसे 25 साल हो गए हैं। उस पहली यात्रा में ही रणनीतिक साझेदारी की नींव रखी गई थी। मेरे लिए व्यक्तिगत तौर पर यह खुशी की बात है कि आपके साथ मेरे परिचय और संबंधों को भी 25 साल हो गए। मैं मानता हूं कि 2001 में आपने जो भूमिका अदा की, एक विजनरी नेता कैसे सोचता है, कहां से शुरू करता है और संबंधों को कहां तक पहुंचा सकता है, इसका शानदार उदाहरण भारत और रूस का संबंध है।”
रूस-यूक्रेन युद्ध को लेकर पीएम मोदी ने कहा, “यूक्रेन के संकट के बाद हमारी लगातार चर्चा होती रही है। आपने भी समय-समय पर एक सच्चे मित्र के रूप में हमें सभी चीजों से अवगत कराया। विश्वास बड़ी ताकत है। आपसे मैंने अनेक बार इस विषय की चर्चा भी की है और विश्व की समझ भी मैंने रखी है। विश्व का कल्याण शांति के मार्ग पर ही है। हम सबको मिलकर शांति के मार्ग तलाशने चाहिए।”
पीएम मोदी ने भारत का पक्ष जाहिर करते हुए कहा, “शांति तलाशने के लिए पिछले दिनों से जो प्रयास चल रहे हैं, मुझे भरोसा है कि विश्व फिर से एक बार शांति की दिशा में लौटेगा। पिछले दिनों विश्व समुदाय के जितने भी नेताओं से मेरी बात हुई, मैंने हमेशा कहा है कि भारत न्यूट्रल नहीं है। भारत का जो पक्ष, वही शांति का पक्ष है। हम शांति के हर प्रयासों का समर्थन करते हैं और हम शांति के हर प्रयासों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े हैं।”
उन्होंने कहा, “पूरा विश्व कोविड से लेकर अब तक कई संकटों से गुजरा है। हम उम्मीद करते हैं कि बहुत जल्द विश्व को चिंताओं से मुक्ति मिलेगी और एक सही दिशा में प्रगति की राह पर विश्व समुदायों को एक नई आशा मिलेगी।”
पीएम मोदी बोले, “मुझे पूरा भरोसा है कि आज हम दिनभर अनेक विषयों पर चर्चा करने वाले हैं। भारत और रूस के आर्थिक संबंधों का अधिक विस्तार हो, हम नई ऊंचाइयों को हासिल करें। ऐसे ही आशावादी परिणाम के साथ हम अपनी मीटिंग को आगे बढ़ाएंगे।
 

भारत-मालदीव संयुक्त सैन्य अभ्यास एकुवेरिन केरल में हुआ शुरू

04-Dec-2025
नई दिल्ली (शोर संदेश)। भारतीय सेना और मालदीव राष्ट्रीय रक्षा बल (एमएनडीएफ) के बीच संयुक्त सैन्य अभ्यास एकुवेरिन का 14वां संस्करण मंगलवार को केरल के तिरुवनंतपुरम में शुरू हुआ। यह संयुक्त सैन्य अभ्यास 2 से 15 दिसंबर, 2025 तक चलेगा। गढ़वाल राइफल्स की एक बटालियन द्वारा प्रतिनिधित्व किए गए 45 कर्मियों वाली भारतीय सेना की टुकड़ी, मालदीव राष्ट्रीय रक्षा बल द्वारा प्रतिनिधित्व किए गए समान क्षमता वाले मालदीव के एक दल के साथ भाग ले रही है।
धिवेही भाषा में “एकुवेरिन” का अर्थ “मित्र” होता है, जो दोनों देशों के बीच मित्रता, आपसी विश्वास और सैन्य सहयोग के गहरे बंधनों को दर्शाता है। वर्ष 2009 से दोनों देशों में बारी-बारी से आयोजित, “एकुवेरिन” अभ्यास भारत की “पड़ोसी प्रथम” नीति और मित्र देशों के साथ स्थायी रक्षा साझेदारी बनाने की उसकी प्रतिबद्धता का एक ज्वलंत उदाहरण बना हुआ है।
रक्षा मंत्रालय के अनुसार, दो सप्ताह तक चलने वाले इस अभ्यास का उद्देश्य जंगल, अर्ध-शहरी और तटीय इलाकों में उग्रवाद-रोधी और आतंकवाद-रोधी अभियानों में अंतर-संचालन और परिचालन तालमेल को बढ़ाना है।
इसमें दोनों पक्षों के सैनिक भाग लेंगे और क्षेत्र में साझा सुरक्षा चुनौतियों का सामना करने की अपनी क्षमता को मज़बूत करने के लिए बेहतर अभ्यास, सामरिक अभ्यास और संयुक्त परिचालन योजना साझा करेंगे। 

दिल्ली एमसीडी उपचुनाव: 12 वार्डों में भाजपा 7 पर जीती, आप की 3 और कांग्रेस की एक सीट बढ़ी

04-Dec-2025
नई दिल्ली (शोर संदेश)। दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) उपचुनाव के नतीजे बुधवार को घोषित हो गए हैं। सभी 12 सीटों में से भाजपा ने 7 सीट, आम आदमी पार्टी ने 3 और कांग्रेस और ऑल इंडिया फॉरवर्ड ब्लॉक ने 1-1 सीट पर जीत दर्ज की है। इस चुनाव में भाजपा को 2 सीटों का नुकसान हुआ है।
उपचुनाव के अंतिम नतीजों में भाजपा सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी। वार्ड नंबर 128 ढीचाऊं कलां वार्ड से भाजपा की रेखा रानी चुनाव जीती हैं। वार्ड 198 विनोद नगर से भाजपा की सरला चौधरी, वार्ड 65 अशोक विहार से वीणा असीजा, वार्ड 74 चांदनी चौक से सुमन कुमार गुप्ता और वार्ड 56 शालीमार बाग से भाजपा की अनीता जैन ने जीत हासिल की है।
इसके अलावा वार्ड क्षेत्र चांदनी महल से ऑल इंडिया फॉरवर्ड ब्लॉक के उम्मीदवार मोहम्मद इमरान चुनाव जीते। वहीं, वार्ड 35 मुंडका से आम आदमी पार्टी प्रत्याशी अनिल लाकड़ा और वार्ड नंबर 164 दक्षिणपुरी वार्ड से आप उम्मीदवार रामस्वरूप कनौजिया ने चुनाव जीत लिया। इसके अलावा, संगम विहार वार्ड 163 ए से कांग्रेस प्रत्याशी सुरेश चौधरी ने जीत दर्ज कराई है।
इस बार के उपचुनाव को दिल्ली के तीनों दलों (भाजपा, कांग्रेस और आप) ने बेहद अहम माना है, क्योंकि यह नतीजे राजधानी की राजनीति पर बड़ा प्रभाव डाल सकते हैं। चुनाव नतीजों में भाजपा अपनी जीत से उत्साहित है। भाजपा के पास अभी तक 115 पार्षद, जबकि आप के पास 99, इंद्रप्रस्थ विकास पार्टी के 15 और कांग्रेस के पास 8 पार्षद थे।
इस उपचुनाव में 7 सीटें मिलने के बाद भाजपा पार्षदों की संख्या 122 पहुंच हो गई है। वहीं आप के पार्षद बढ़कर 102 हो गए है। इसके अलावा कांग्रेस पार्षदों की संख्या 9 हो गई है।

संचार साथी ऐप पूरी तरह सुरक्षित : ज्योतिरादित्य सिंधिया

04-Dec-2025
नई दिल्ली (शोर संदेश)। लोकसभा में बुधवार को संचार सुरक्षा और बढ़ते डिजिटल खतरों को लेकर पूछे गए एक प्रश्न के जवाब में केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने कहा कि दूरसंचार आज दुनिया से भारत को जोड़ने का सबसे बड़ा माध्यम बन चुका है और इसके 100 करोड़ से ज्यादा उपयोगकर्ता हैं। ऐसे में सरकार की जिम्मेदारी है कि वह लोगों को डिजिटल अपराधों और दुरुपयोग से सुरक्षित रखे।
सरकार का दायित्व है कि हर नागरिक को इन खतरों से सुरक्षित रखा जाए
सिंधिया ने कहा कि मोबाइल और इंटरनेट के बढ़ते उपयोग के साथ कई ऐसे तत्व भी सक्रिय हो गए हैं जो इसका दुरुपयोग कर लोगों को ठगी, धोखाधड़ी और विभिन्न साइबर अपराधों का शिकार बनाते हैं। सरकार का दायित्व है कि हर नागरिक को इन खतरों से सुरक्षित रखा जाए। उन्होंने बताया कि वर्ष 2023 में ‘संचार साथी’ पोर्टल और 2025 में ‘संचार साथी’ ऐप की शुरुआत की गई। इन दोनों प्लेटफॉर्म का उद्देश्य नागरिकों को डिजिटल सुरक्षा का अधिकार देना है।
इससे अपराध रोकने और मोबाइल नेटवर्क को सुरक्षित रखने में महत्वपूर्ण मदद मिली है
इस ऐप के माध्यम से कोई भी नागरिक स्वयं को सुरक्षित रख सकता है और चोरी हुए मोबाइल फोन की रिपोर्ट भी कर सकता है। इससे अपराध रोकने और मोबाइल नेटवर्क को सुरक्षित रखने में महत्वपूर्ण मदद मिली है। मंत्री ने जानकारी दी कि पोर्टल को अब तक 20 करोड़ हिट मिले हैं, जबकि ऐप 1.5 करोड़ बार डाउनलोड किया जा चुका है। उन्होंने कहा, “सरकार ने सॉफ्टवेयर जरूर बनाया, लेकिन इसकी सफलता का श्रेय जनता को जाता है, क्योंकि अधिक उपयोग और रिपोर्टिंग के कारण ही यह प्लेटफॉर्म प्रभावी साबित हुआ है।”
ऐप किसी पर थोपने का माध्यम नहीं है, बल्कि नागरिकों की सुरक्षा के लिए एक विकल्प है
सिंधिया ने ऐप और पोर्टल से मिली उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए बताया कि अब तक 1.5 करोड़ फर्जी मोबाइल कनेक्शन डिस्कनेक्ट किए गए हैं। 26 लाख चोरी हुए मोबाइल फोन ट्रेस किए गए, जिनमें से 7 लाख फोन उनके वास्तविक मालिकों को वापस किए जा चुके हैं। 41 लाख मोबाइल कनेक्शन संदिग्ध गतिविधियों के कारण बंद किए गए और 6 लाख साइबर फ्रॉड नंबर ब्लॉक किए गए। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह ऐप किसी पर थोपने का माध्यम नहीं है, बल्कि नागरिकों की सुरक्षा के लिए एक विकल्प है। जब तक उपयोगकर्ता स्वयं ऐप में रजिस्टर नहीं करेगा, यह सक्रिय नहीं होगा। नागरिक अपनी इच्छा से ऐप डाउनलोड कर सकते हैं और चाहें तो इसे हटा भी सकते हैं।
इस ऐप के माध्यम से न तो स्नूपिंग संभव है और न ही कभी होगी
ऐप के जरिए निगरानी या जासूसी की आशंका पर प्रतिक्रिया देते हुए सिंधिया ने कहा, “इस ऐप के माध्यम से न तो स्नूपिंग संभव है और न ही कभी होगी। मोदी सरकार नागरिकों को सशक्त बनाना चाहती है, उन पर नजर रखना नहीं।” उन्होंने यह भी कहा कि सरकार जनता से मिले फीडबैक के आधार पर ऐप में और सुधार करने को हमेशा तैयार है।

 


अंतरराष्ट्रीय दिव्यांग दिवस पर पीएम मोदी का संदेश: दिव्यांगजन हमारी प्रगति के अहम सहभागी

04-Dec-2025
नई दिल्ली (शोर संदेश)। अंतरराष्ट्रीय दिव्यांगजन दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिव्यांगजनों के सम्मान, अधिकार और अवसरों को सुनिश्चित करने के संकल्प को दोहराया। प्रधानमंत्री ने कहा कि दिव्यांगजन अपनी प्रतिभा, रचनात्मकता और दृढ़ निश्चय के बल पर जीवन के हर क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान दे रहे हैं और देश की प्रगति को नई ऊंचाइयों तक ले जा रहे हैं।
“दिव्यांग बहनों और भाइयों की गरिमा, सुगम्यता और अवसरों को सुनिश्चित करने के लिए हमारी प्रतिबद्धता हमेशा बनी रहेगी
प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, “दिव्यांग बहनों और भाइयों की गरिमा, सुगम्यता और अवसरों को सुनिश्चित करने के लिए हमारी प्रतिबद्धता हमेशा बनी रहेगी। उन्होंने विभिन्न क्षेत्रों में अपनी रचनात्मकता और संकल्प के दम पर खास पहचान बनाई है और भारत की राष्ट्रीय प्रगति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।”
सरकार आने वाले समय में इस दिशा में और भी प्रभावी प्रयास करेगी, ताकि दिव्यांगजनों का सशक्तिकरण व्यापक स्तर पर संभव हो सके
उन्होंने आगे कहा कि पिछले वर्षों में केंद्र सरकार ने दिव्यांगजन कल्याण के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं, जिनमें दिव्यांग अधिकारों से जुड़े मजबूत कानून, सुगम एवं बाधारहित अवसंरचना, समावेशी शिक्षा नीतियां और सहायक तकनीक में नवाचार शामिल हैं। प्रधानमंत्री ने आश्वासन दिया कि सरकार आने वाले समय में इस दिशा में और भी प्रभावी प्रयास करेगी, ताकि दिव्यांगजनों का सशक्तिकरण व्यापक स्तर पर संभव हो सके।
इसका मुख्य उद्देश्य दिव्यांगता से जुड़ी चुनौतियों के प्रति जागरूकता बढ़ाना, उनके अधिकारों और सुरक्षा को सुनिश्चित करना है
गौरतलब है कि संयुक्त राष्ट्र महासभा ने वर्ष 1992 में 3 दिसंबर को अंतरराष्ट्रीय विकलांग दिवस (IDPD) के रूप में घोषित किया था। इसका उद्देश्य विश्वभर में दिव्यांगजनों के अधिकार, सम्मान, स्वास्थ्य, शिक्षा और सामाजिक भागीदारी को बढ़ावा देना है। इस दिवस का मुख्य उद्देश्य दिव्यांगता से जुड़ी चुनौतियों के प्रति जागरूकता बढ़ाना, उनके अधिकारों और सुरक्षा को सुनिश्चित करना तथा एक समावेशी, सुगम और समान अवसरों वाला समाज विकसित करना है।
जब समाज दिव्यांगजनों के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करता है, तब सामाजिक और आर्थिक दोनों स्तरों पर व्यापक सकारात्मक परिवर्तन संभव होते हैं
इस वर्ष का विषय समाज में दिव्यांगजनों की भागीदारी को बढ़ावा देने, उनकी क्षमताओं को पहचानने और सामाजिक प्रगति में उन्हें बराबरी का स्थान देने पर केंद्रित है। संयुक्त राष्ट्र का मानना है कि जब समाज दिव्यांगजनों के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करता है, तब सामाजिक और आर्थिक दोनों स्तरों पर व्यापक सकारात्मक परिवर्तन संभव होते हैं।
भारत में करोड़ों दिव्यांगजन खेल, कला, साहित्य, विज्ञान, तकनीक, प्रशासन और उद्यमिता जैसे क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान दे रहे हैं
भारत में करोड़ों दिव्यांगजन खेल, कला, साहित्य, विज्ञान, तकनीक, प्रशासन और उद्यमिता जैसे क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान दे रहे हैं। सरकार द्वारा ‘सुगम भारत अभियान’, दिव्यांगजन सशक्तिकरण योजनाएं, विशेष शिक्षा कार्यक्रम और नई तकनीकों की उपलब्धता जैसे कदम उनके जीवन में निरंतर सकारात्मक बदलाव ला रहे हैं। 

फर्जी खबरें लोकतंत्र के लिए खतरा, डीपफेक पर सख्त कार्रवाई की आवश्यकता : अश्विनी वैष्णव

04-Dec-2025
नई दिल्ली (शोर संदेश)। केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बुधवार को लोकसभा में कहा कि सोशल मीडिया और फर्जी खबरों से जुड़ा मुद्दा अत्यंत गंभीर है। उन्होंने स्पष्ट किया कि फर्जी खबरें लोकतंत्र के लिए खतरा हैं, और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म, गलत सूचनाओं तथा एआई-जनरेटेड डीपफेक पर सख्त कार्रवाई की तुरंत आवश्यकता है।
मंत्री ने कहा कि कुछ लोग या समूह जिस तरह से सोशल मीडिया का उपयोग कर रहे हैं, उससे प्रतीत होता है कि वे भारत के संविधान और संसद द्वारा बनाए गए कानूनों का पालन नहीं करना चाहते। इस स्थिति से निपटने के लिए कठोर कार्रवाई और कड़े नियम बनाए जाने की जरूरत है। अश्विनी वैष्णव ने बताया कि हाल ही में नए नियम लागू किए गए हैं, जिनमें 36 घंटे के भीतर भ्रामक या आपत्तिजनक वीडियो हटाने का प्रावधान शामिल है। एआई-जनित डीपफेक की पहचान और उन पर कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए मसौदा नियम भी प्रकाशित किया गया है, जिस पर विचार-विमर्श जारी है।
केंद्रीय मंत्री ने संसदीय समिति के कार्यों की सराहना करते हुए कानूनी ढांचे को मजबूत करने से संबंधित महत्वपूर्ण सिफारिशों वाली विस्तृत रिपोर्ट पेश करने के लिए भाजपा सांसद निशिकांत दुबे और सभी सदस्यों को धन्यवाद दिया। उन्होंने यह भी कहा कि फर्जी खबरों और सोशल मीडिया से जुड़े मुद्दों में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता तथा लोकतंत्र की सुरक्षा के बीच नाजुक संतुलन बनाए रखना आवश्यक है। सरकार इस संतुलन को संवेदनशीलता के साथ बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है।
उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में ‘डिजिटल इंडिया’ पहल ने बड़ा परिवर्तन लाया है और तकनीक का लोकतांत्रिकरण किया है, जिसके सकारात्मक प्रभावों को स्वीकार किया जाना चाहिए। सोशल मीडिया ने भी प्रत्येक नागरिक को अभिव्यक्ति का मंच उपलब्ध कराया है। सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए सरकार संस्थाओं और समाज की नींव रखने वाले विश्वास को मजबूत करने की दिशा में कार्य कर रही है। 

सरकार ने मोबाइल फोन में संचार साथी ऐप के प्री-इंस्टॉलेशन की अनिवार्यता समाप्त की

04-Dec-2025
नई दिल्ली (शोर संदेश)। सरकार ने मोबाइल फोन में संचार साथी ऐप के प्री-इंस्टॉलेशन की अनिवार्यता समाप्त कर दी है। यह ऐप उपयोगकर्ताओं की सुरक्षा के साथ ही लोगों को साइबर अपराधियों की हरकतों की सूचना देने के जनभागीदारी में भी सहायक है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि ऐप का उपयोगकर्ताओं की सुरक्षा के अलावा कोई अन्य इस्‍तेमाल नहीं है और लोग जब चाहें तब इसे हटा सकते हैं।
यह जानकारी संचार मंत्रालय की ओर से आज बुधवार को दी गई।
संचार मंत्रालय के अनुसार, इस ऐप को अब तक 1.4 करोड़ उपयोगकर्ता डाउनलोड कर चुके हैं और यह हर रोज धोखाधड़ी की दो हजार कोशिशों की सूचना देकर उन्‍हें नाकाम करने में योगदान दे रहा है। इस ऐप के इस्‍तेमाल करने वालों की संख्या तेज़ी से बढ़ रही है और इसे इंस्टॉल करने का आदेश इस प्रक्रिया में तेज़ी लाने और अल्‍प जागरूक लोगों तक ऐप को सुगमता से सुलभ बनाने के लिए दिया गया था।
पिछले एक दिन में ही, छह लाख लोगों ने संचार साथी ऐप डाउनलोड करने के लिए पंजीकरण कराया है, जो इसके उपयोग में 10 गुना वृद्धि दर्शाता है। यह सरकार द्वारा इस ऐप के माध्‍यम से लोगों को प्रदान की गई आत्म-सुरक्षा के प्रति विश्वास की पुष्टि करता है।
बुधवार को एक बयान जारी कर मंत्रालय ने कहा कि संचार साथी की बढ़ती स्वीकार्यता को देखते हुए सरकार ने मोबाइल निर्माताओं के लिए इस ऐप का प्री-इंस्टालेशन अनिवार्य न बनाने का निर्णय लिया है। 

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने अंतरराष्ट्रीय दिव्यांगजन दिवस पर दिव्यांगजनों को राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित किया

04-Dec-2025
नई दिल्ली (शोर संदेश)। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने बुधवार को अंतरराष्ट्रीय दिव्यांगजन दिवस के अवसर पर नई दिल्ली में वर्ष 2025 के लिए दिव्यांगजन सशक्तिकरण हेतु राष्ट्रीय पुरस्कार प्रदान किए। इस समारोह में देशभर से बड़ी संख्या में विशिष्ट अतिथि और सम्मानित व्यक्तित्व शामिल हुए।
पैरा-एथलीट पूजा गर्ग ने पुरस्कार प्राप्त करने के बाद उन्होंने कहा, “मैं वर्ल्ड रिकॉर्ड होल्डर हूं और गर्व के साथ कह सकती हूं कि इस वर्ष मुझे बेस्ट दिव्यांगजन अवॉर्ड मिला है। यह पुरस्कार मेरी जिंदगी की हर मेहनत का सम्मान है।” पूजा गर्ग ने बताया कि 15 साल पहले हुई चोट ने उन्हें गहरा आघात पहुंचाया था, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। उन्होंने कहा, “मैं उन सभी लोगों को प्रेरित करना चाहती हूं जो किसी हादसे के बाद हिम्मत खो देते हैं। जिंदगी से हार न मानें, एक कोशिश तो जरूर करें। मैंने कोशिश की और आज मैं अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी हूं। इंदौर से नाथुला तक बाइक से गई, जो मेरे नाम दर्ज वर्ल्ड रिकॉर्ड है।”
रोल मॉडल’ का राष्ट्रीय सम्मान मिलने से मेरी जिम्मेदारी और बढ़ गई है
उन्होंने बताया कि 2010 के एक दुर्घटना में उन्हें स्पाइनल इंजरी हुई थी, जिसके बाद उन्हें व्हीलचेयर का सहारा लेना पड़ा। पूजा ने कहा, “आज मुझे ‘रोल मॉडल’ का राष्ट्रीय सम्मान मिला है। इससे मेरी जिम्मेदारी और बढ़ गई है कि मैं महिलाओं, युवाओं और दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भर और आत्मविश्वासी बनने के लिए प्रेरित करूं।”
डॉक्टरों ने कहा था कि मैं जीवनभर एक लकड़ी की गुड़िया की तरह रहूंगा
उत्कृष्टता श्रेणी में दिव्यांगजन सशक्तिकरण के लिए राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित सामाजिक कार्यकर्ता निपुण कुमार मल्होत्रा ने कहा कि वे जन्म से ही ‘आर्थ्रोग्राइपोसिस’ नामक दुर्लभ बीमारी से पीड़ित हैं, जिसमें हाथों और पैरों की मांसपेशियां विकसित नहीं होतीं और व्यक्ति को व्हीलचेयर का सहारा लेना पड़ता है। उन्होंने बताया, “डॉक्टरों ने कहा था कि मैं जीवनभर एक लकड़ी की गुड़िया की तरह रहूंगा, लेकिन मैंने एमबीए तक की पढ़ाई की और आज एक संस्था चलाता हूं जो दिव्यांगजनों के लिए काम करती है। अब मेरी जिम्मेदारी है कि मैं और अधिक लोगों को प्रेरित करूं और उनकी मदद करूं।”
मुझे थोड़ा तनाव और दबाव था, लेकिन अब बेहद सम्मानित महसूस कर रहा हूं
गायक मोहम्मद यासीन ने कहा, “मैं तीन केरल राज्य पुरस्कार, तीन राष्ट्रीय पुरस्कार और तीन टेलीविजन पुरस्कार जीत चुका हूं। आज यह सम्मान पाकर मुझे अत्यंत खुशी और गर्व महसूस हो रहा है। मैं कीबोर्ड प्लेयर हूं। यहां आने से पहले मुझे थोड़ा तनाव और दबाव था, लेकिन अब बेहद सम्मानित महसूस कर रहा हूं।”
 

 


श्रीलंका में आपदा प्रभावित लोगों की मदद के लिए भारत ने उठाया बड़ा कदम, हेल्थकेयर फील्ड हॉस्पिटल बनाया

04-Dec-2025
नई दिल्ली (शोर संदेश)। श्रीलंका में तूफान दितवाह की वजह से भारी तबाही मची है। ऐसे में भारत अपने पड़ोसी मुल्क की मदद के लिए लगातार साथ खड़ा है। भारत लोगों को हेल्थकेयर सपोर्ट देने के लिए भारत एक फील्ड हॉस्पिटल बना रहा है।
श्रीलंका में भारतीय दूतावास ने बुधवार को जानकारी दी है। श्रीलंका में भारतीय दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “भारत श्रीलंका में जरूरी और तेजी से तैनात होने वाला एक फील्ड हॉस्पिटल ला रहा है, जिसमें 70 लोग होंगे। यह आपदा से प्रभावित इलाकों में हेल्थकेयर सपोर्ट देगा। तैनात होने पर ये हॉस्पिटल कैसे दिखेंगे, इसकी स्टॉक तस्वीरें देखें।
न्यूज एजेंसी सिन्हुआ ने डिजास्टर मैनेजमेंट सेंटर (डीएमसी) के हवाले से बताया कि बुधवार को श्रीलंका में दितवाह की वजह से मरने वालों की संख्या बढ़कर 474 हो गई है। डीएमसी ने बताया कि 356 लोग अभी लापता हैं, जबकि देशभर में 448,817 परिवारों के 1.58 मिलियन से ज्यादा लोग प्रभावित हुए हैं। 971 घर तबाह हो गए हैं और 40,000 से ज्यादा घरों को थोड़ा नुकसान हुआ है।
श्रीलंका के नेशनल बिल्डिंग रिसर्च ऑर्गेनाइजेशन (राष्ट्रीय भवन संगठन) ने सात जिलों में 215 गंभीर लैंडस्लाइड की रिपोर्ट दी है। भूविज्ञानी (जियोलॉजिस्ट) लक्सिरी इंद्रतिसा ने कहा कि बार-बार चेतावनी के बावजूद कुछ लोगों के घर खाली न करने की वजह से ज्यादा मौतें हुईं।
सिन्हुआ के अनुसार, श्रीलंका कैबिनेट ने दित्वाह से हुए भारी नुकसान के बाद देश में रिकवरी की कोशिशों में मदद के लिए एक फंड बनाने को मंजूरी दी है। फैसले के मुताबिक, “रीबिल्डिंग श्रीलंका” फंड को राष्ट्रपति भवन सचिवालय के तहत एक कानूनी संस्था के तौर पर बनाया जाएगा। इसकी मैनेजमेंट कमेटी में सीनियर सरकारी अधिकारी और प्राइवेट सेक्टर के प्रतिनिधि शामिल होंगे।
इसके अलावा श्रमिक मंत्री और वित्त और प्लानिंग के उपमंत्री अनिल जयंता फर्नांडो को कमेटी का चेयरमैन बनाया गया है। कमेटी को फंड के ऑपरेशन्स को मैनेज करने, रिकवरी की जरूरतों का अंदाजा लगाने, प्रायोरिटी तय करने, रिसोर्स देने और अप्रूव की गई योजनाओं के लिए फंड बांटने का अधिकार होगा। यह मैनेजमेंट और ऑडिटिंग समेत सभी वित्तीय प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करेगी। 



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