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राष्ट्रपति भवन में पुतिन का भव्य स्वागत, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने सम्मान में दिया रात्रिभोज

06-Dec-2025
नई दिल्ली।  ( शोर संदेश ) रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन अपनी दो दिवसीय राजकीय यात्रा पर भारत आए। इस दौरान उन्होंने राजधानी दिल्ली में आयोजित 23वें भारत-रूस शिखर सम्मेलन में भाग लिया। राष्ट्रपति भवन पहुंचने पर पुतिन का औपचारिक और भव्य स्वागत किया गया। वे राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु द्वारा उनके सम्मान में आयोजित रात्रिभोज में भी शामिल हुए।
राष्ट्रपति मुर्मु ने राष्ट्रपति भवन में पुतिन का गर्मजोशी से स्वागत किया। इस रात्रिभोज में उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित कई वरिष्ठ नेता उपस्थित रहे। गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निमंत्रण पर रूसी राष्ट्रपति 4-5 दिसंबर को 23वें भारत-रूस वार्षिक शिखर सम्मेलन में भाग लेने भारत की राजकीय यात्रा पर आए थे।
दोनों देशों के नेताओं ने भारत और रूस के बीच विशेष एवं विशेषाधिकार प्राप्त रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने के संकल्प को दोहराया। यह वर्ष भारत-रूस रणनीतिक साझेदारी की घोषणा की 25वीं वर्षगांठ का प्रतीक है, जिसकी शुरुआत अक्टूबर 2000 में पुतिन की पहली भारत यात्रा के दौरान हुई थी।
नेताओं ने इस दीर्घकालिक और समय की कसौटी पर खरी उतरी साझेदारी की विशिष्ट प्रकृति पर जोर दिया, जो आपसी विश्वास, एक-दूसरे के मूल राष्ट्रीय हितों के प्रति सम्मान और मजबूत रणनीतिक तालमेल पर आधारित है। उन्होंने रेखांकित किया कि साझा वैश्विक जिम्मेदारियों वाली प्रमुख शक्तियों के रूप में भारत और रूस का यह संबंध वैश्विक शांति और स्थिरता की आधारशिला है।
दोनों नेताओं ने भारत-रूस संबंधों के बहुआयामी, व्यापक और परस्पर लाभकारी स्वरूप की सराहना की, जो राजनीतिक, रणनीतिक, सैन्य, सुरक्षा, व्यापार, निवेश, ऊर्जा, विज्ञान, प्रौद्योगिकी, परमाणु, अंतरिक्ष, संस्कृति, शिक्षा और मानवीय सहयोग जैसे विविध क्षेत्रों में फैला हुआ है। इस बात पर संतोष व्यक्त किया गया कि पारंपरिक क्षेत्रों के साथ-साथ नए क्षेत्रों में भी सहयोग बढ़ाने के प्रयास जारी हैं।
जटिल और अनिश्चित वैश्विक भू-राजनीतिक परिस्थितियों के बीच भी भारत-रूस संबंधों की मजबूती पर दोनों नेताओं ने संतोष व्यक्त किया। दोनों पक्ष एक आधुनिक, संतुलित, टिकाऊ और दीर्घकालिक साझेदारी को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने रणनीतिक साझेदारी की पूर्ण क्षमता का उपयोग करने पर सहमति जताई।
दोनों नेताओं ने येकातेरिनबर्ग और कजान में भारत के दो नए महावाणिज्य दूतावासों के उद्घाटन का स्वागत किया और उम्मीद जताई कि इनके शीघ्र संचालन से अंतर-क्षेत्रीय सहयोग, व्यापारिक संबंधों और जन-जन के बीच संपर्क को और मजबूती मिलेगी।

 



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