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प्रधानमंत्री मोदी की सेशेल्स यात्रा पर दुनिया की नजर, हिंद महासागर में सहयोग रहेगा फोकस

27-Jun-2026
नई दिल्ली। (शोर संदेश) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 27 से 29 जून, 2026 तक सेशेल्स की राजकीय यात्रा पर रहेंगे। वह अपने मित्र और सेशेल्स गणराज्य के राष्ट्रपति डॉ. पैट्रिक हर्मिनी के निमंत्रण पर सेशेल्स के राष्ट्रीय दिवस के स्वर्ण जयंती समारोह में विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल होंगे। यात्रा से पहले जारी प्रस्थान वक्तव्य में प्रधानमंत्री ने विश्वास जताया कि यह दौरा दोनों देशों के संबंधों को नई मजबूती देगा।
प्रधानमंत्री ने कहा कि सेशेल्स भारत का महत्वपूर्ण समुद्री पड़ोसी और ‘विजन महासागर’ तथा वैश्विक दक्षिण के प्रति साझा प्रतिबद्धता का प्रमुख भागीदार है। उन्होंने कहा कि इस वर्ष दोनों देश राजनयिक संबंधों की स्थापना के 50 वर्ष भी मना रहे हैं। यह साझेदारी आपसी विश्वास, साझा लोकतांत्रिक मूल्यों, विविधता के सम्मान और दोनों देशों के लोगों के बीच गहरे आत्मीय संबंधों पर आधारित है।
पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि फरवरी 2026 में राष्ट्रपति डॉ. पैट्रिक हर्मिनी की सफल भारत यात्रा के बाद वह उनसे होने वाली वार्ता को लेकर उत्सुक हैं। उन्होंने कहा कि दोनों नेता स्थायी मित्रता को और मजबूत करने, लोगों की प्रगति को आगे बढ़ाने तथा हिंद महासागर क्षेत्र में सुरक्षा और समृद्धि को बढ़ावा देने के लिए मिलकर काम करेंगे।
प्रधानमंत्री ने कहा कि इस यात्रा के दौरान उन्हें सेशेल्स की राष्ट्रीय सभा को संबोधित करने वाले पहले भारतीय प्रधानमंत्री बनने का गौरव प्राप्त होगा। उन्होंने इसे ऐतिहासिक अवसर बताते हुए कहा कि यह दोनों देशों के मजबूत लोकतांत्रिक मूल्यों और संसदीय परंपराओं को प्रदर्शित करेगा।
पीएम मोदी ने कहा कि वह सेशेल्स में बसे भारतीय समुदाय से मिलने के लिए भी उत्सुक हैं। उन्होंने कहा कि भारतीय समुदाय ने पीढ़ियों से भारत और सेशेल्स की विशेष मित्रता को मजबूत किया है और दोनों देशों के बीच एक जीवंत सेतु की भूमिका निभाई है।
प्रधानमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि उनकी यह यात्रा भारत और सेशेल्स के लंबे समय से चले आ रहे संबंधों को और गहरा करेगी। साथ ही हिंद महासागर क्षेत्र में समुद्री सहयोग को बढ़ावा मिलेगा और सुरक्षित, शांतिपूर्ण तथा समृद्ध हिंद महासागर क्षेत्र के साझा दृष्टिकोण को आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी।








 

भारत-यूके आर्थिक साझेदारी को मिलेगी नई मजबूती : पीयूष गोयल

27-Jun-2026
नई दिल्ली। (शोर संदेश) केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने शनिवार को कहा कि उन्होंने एशिया हाउस और दुनिया की प्रमुख कंपनियों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक उपयोगी गोलमेज बैठक की, जिसमें भारत-यूके आर्थिक साझेदारी को मजबूत करने और भविष्य के अवसरों पर विस्तार से चर्चा हुई। उन्होंने कहा कि भारत के मजबूत मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम और विभिन्न क्षेत्रों में मौजूद अपार अवसर वैश्विक निवेशकों को आकर्षित कर रहे हैं।
पीयूष गोयल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर कहा कि बैठक के दौरान भारत के मजबूत मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम और विभिन्न क्षेत्रों में उपलब्ध निवेश के अवसरों पर प्रकाश डाला गया। उन्होंने कहा कि भारत-यूके व्यापक आर्थिक और व्यापार समझौता (सीईटीए) दोनों देशों की रणनीतिक और आर्थिक साझेदारी को नई मजबूती देगा।
वाणिज्य मंत्री ने यूके-इंडिया बिजनेस काउंसिल (यूकेआईबीसी) के सदस्यों के साथ एक इंटरैक्टिव लंच बैठक भी की। इस दौरान दुनिया की प्रमुख कंपनियों के शीर्ष अधिकारियों के साथ भारत-यूके आर्थिक सहयोग, निवेश बढ़ाने और नए कारोबारी अवसरों पर चर्चा हुई। उन्होंने कहा कि सहयोग को और गहरा कर भारत की वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता को मजबूत बनाने पर विशेष जोर दिया गया।
पीयूष गोयल ने लंदन बिजनेस स्कूल में फैकल्टी, छात्रों, पूर्व छात्रों और उद्योग जगत के प्रतिनिधियों को संबोधित किया। उन्होंने एक विशेष फायरसाइड चैट में भी हिस्सा लिया। उन्होंने कहा कि भारत और ब्रिटेन के संबंधों को मजबूत बनाने में शिक्षा की महत्वपूर्ण भूमिका है। छात्र, पेशेवर और उद्यमी दोनों देशों के बीच सहयोग, नवाचार और लोगों के बीच संबंधों को और सशक्त बना सकते हैं।
वाणिज्य मंत्री गोयल भारत के अब तक के सबसे बड़े कारोबारी प्रतिनिधिमंडलों में से एक के साथ ब्रिटेन पहुंचे हैं। इस प्रतिनिधिमंडल में 160 से अधिक अग्रणी भारतीय कंपनियां शामिल हैं, जिनका उद्देश्य दोनों देशों की ऐतिहासिक आर्थिक साझेदारी को जमीनी स्तर पर और मजबूत करना है। उन्होंने कहा कि 15 जुलाई 2026 से लागू होने वाला भारत-यूके व्यापक आर्थिक और व्यापार समझौता (सीईटीए) दोनों देशों के संबंधों में नया अध्याय जोड़ेगा और विकास के नए अवसर खोलेगा।
पीयूष गोयल ने भारतीय महिला क्रिकेट टीम के स्वागत समारोह में भी हिस्सा लिया। उन्होंने कहा कि टीम अपने शानदार प्रदर्शन, दृढ़ संकल्प और उत्कृष्टता से लाखों युवा लड़कियों, खिलाड़ियों और पूरे देश के लिए प्रेरणा बन रही है। उन्होंने महिला टी20 विश्व कप के लिए टीम को शुभकामनाएं देते हुए विश्वास जताया कि भारतीय टीम विश्व कप की ट्रॉफी जीतकर देश का नाम रोशन करेगी।

लोकायन-26 अभियान के तहत अमेरिका के बाल्टीमोर पहुंचा आईएनएस सुदर्शनी, समुद्री सहयोग को मिलेगा बल

27-Jun-2026
नई दिल्ली। (शोर संदेश) भारतीय नौसेना का नौकायन प्रशिक्षण पोत आईएनएस सुदर्शनी ऐतिहासिक समुद्री अभियान ‘लोकायन-26’ के तहत 26 जून 2026 को अमेरिका के मैरीलैंड स्थित बाल्टीमोर बंदरगाह पहुंचा। नॉरफ़ॉक से बाल्टीमोर तक की यात्रा के दौरान पोत ऐतिहासिक चेसापीक एवं डेलावेयर (सी एंड डी) नहर और मध्य-अटलांटिक क्षेत्र के प्रमुख पुलों के नीचे से होकर गुजरा।
आईएनएस सुदर्शनी की बाल्टीमोर यात्रा भारत की समृद्ध समुद्री विरासत और भारतीय नौसेना तथा अमेरिकी नौसेना के बीच मजबूत मित्रता एवं सहयोग का प्रतीक मानी जा रही है। इस दौरान पोत अमेरिका की 250वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में आयोजित होने वाले ‘सेल250 मैरीलैंड’ समारोह से पहले विभिन्न समुद्री और सामुदायिक संपर्क कार्यक्रमों में हिस्सा लेगा।
बाल्टीमोर पहुंचने से पहले आईएनएस सुदर्शनी ने 19 से 23 जून 2026 तक नॉरफ़ॉक में आयोजित ‘सेल250 वर्जीनिया’ समारोह में भाग लिया था। इस दौरान पोत ने दुनिया के विभिन्न देशों के बड़े जहाजों के साथ ‘परेड ऑफ सेल’ और ‘सिटी क्रू परेड’ में भारत का प्रतिनिधित्व किया।
आईएनएस सुदर्शनी ने कोच्चि से नॉरफ़ॉक तक पांच महीनों में 13,000 समुद्री मील से अधिक की दूरी तय की है। यह समुद्री अभियान भारत की समृद्ध समुद्री परंपराओं और ‘वसुधैव कुटुंबकम’ की भावना को प्रदर्शित करता है। इस अभियान का उद्देश्य महासागरों के पार मित्रता, सहयोग और आपसी विश्वास को और मजबूत करना है। 












 

यूपीएससी की सीधी भर्ती के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू, 17 जुलाई तक करें अप्लाई

27-Jun-2026
नई दिल्ली।(शोर संदेश) संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) ने भारत सरकार के विभिन्न पदों पर सीधी भर्ती के लिए पात्र उम्मीदवारों से ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किए हैं। इच्छुक अभ्यर्थी 27 जून 2026 से 17 जुलाई 2026 तक आवेदन कर सकते हैं।
यूपीएससी ने भर्ती से संबंधित विस्तृत विज्ञापन संख्या 07/2026 आयोग की आधिकारिक वेबसाइट (https://upsc.gov.in) पर जारी कर दिया है। विज्ञापन में पात्रता, आवेदन प्रक्रिया और उम्मीदवारों के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश उपलब्ध कराए गए हैं।
उम्मीदवार आयोग के ऑनलाइन भर्ती आवेदन (ओआरए) पोर्टल (https://upsconline.nic.in/ora/) के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं। आयोग ने अभ्यर्थियों से आवेदन करने से पहले विस्तृत विज्ञापन और दिशा-निर्देशों को ध्यानपूर्वक पढ़ने तथा उनका पालन करने की अपील की है।
 

ब्रिक्स 2026 की अध्यक्षता में ग्लोबल साउथ को प्राथमिकता देगा भारत : प्रधानमंत्री मोदी

27-Jun-2026
नई दिल्ली।  (शोर संदेश)  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को कहा कि ब्रिक्स की वर्ष 2026 की अध्यक्षता के दौरान भारत ग्लोबल साउथ को सुरक्षित, मजबूत, न्यायसंगत और टिकाऊ वैश्विक ऊर्जा भविष्य के केंद्र में रखने की दिशा में काम करेगा। उन्होंने कहा कि मजबूत ऊर्जा व्यवस्था केवल प्रभावी घरेलू नीतियों से ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मजबूत साझेदारी से भी तैयार होती है।
प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर केंद्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल खट्टर का एक लेख साझा करते हुए कहा कि भारत ब्रिक्स की अध्यक्षता के दौरान सुरक्षित, लचीले, समान और टिकाऊ वैश्विक ऊर्जा भविष्य के केंद्र में ग्लोबल साउथ को रखने का प्रयास करेगा। उन्होंने कहा कि लेख में यह भी स्पष्ट किया गया है कि प्रभावी घरेलू नीतियों के साथ-साथ देशों के बीच मजबूत सहयोग भी ऊर्जा सुरक्षा के लिए आवश्यक है।
अपने लेख में केंद्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने कहा कि दुनिया का ऊर्जा क्षेत्र तेजी से बदल रहा है। ऐसे समय में विकासशील देशों के लिए आर्थिक विकास, ऊर्जा सुरक्षा और पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने के लिए आपसी सहयोग और नवाचार बेहद महत्वपूर्ण हो गए हैं। उन्होंने कहा कि भारत ब्रिक्स की अध्यक्षता के दौरान ऊर्जा उपलब्धता, स्वच्छ ऊर्जा परिवर्तन, नई तकनीकों और नवाचार के क्षेत्र में उभरती अर्थव्यवस्थाओं के बीच सहयोग को और मजबूत करने का प्रयास करेगा।
मनोहर लाल खट्टर ने कहा कि भारत ने बिजली की पहुंच बढ़ाने, गैर-जीवाश्म ईंधन आधारित बिजली क्षमता में वृद्धि और नवीकरणीय ऊर्जा के विस्तार में उल्लेखनीय प्रगति की है। उन्होंने बताया कि भारत अपने राष्ट्रीय स्तर पर निर्धारित योगदान (एनडीसी) लक्ष्य से पहले ही कुल स्थापित बिजली क्षमता का 50% से अधिक हिस्सा गैर-जीवाश्म ईंधन स्रोतों से हासिल कर चुका है।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि भारत ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने के लिए कोयला गैसीकरण, ग्रीन हाइड्रोजन, इलेक्ट्रिक मोबिलिटी और बिजली ट्रांसमिशन नेटवर्क के विस्तार जैसी कई महत्वपूर्ण पहल कर रहा है। उन्होंने बताया कि स्मार्ट मीटर और इंडिया एनर्जी स्टैक जैसी डिजिटल तकनीकें देश के बिजली क्षेत्र को आधुनिक बनाने में अहम भूमिका निभा रही हैं।
मनोहर लाल खट्टर ने कहा कि ब्रिक्स देशों की अलग-अलग ताकतें एक-दूसरे की पूरक हैं। यदि सभी सदस्य देश मिलकर काम करें तो सुरक्षित, मजबूत और टिकाऊ ऊर्जा व्यवस्था विकसित की जा सकती है। उन्होंने कहा कि मजबूत अंतरराष्ट्रीय साझेदारी के माध्यम से ब्रिक्स देश ग्लोबल साउथ के हितों को आगे बढ़ाने और ऊर्जा क्षेत्र में दीर्घकालिक समाधान विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
 

पर्यावरण संरक्षण और जल संवर्धन को जन आंदोलन बनाने का समय : ज्योतिरादित्य सिंधिया

27-Jun-2026
नई दिल्ली।  (शोर संदेश) केंद्रीय संचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने पर्यावरण संरक्षण और जल संवर्धन को जन आंदोलन बनाने का आह्वान किया है। मध्य प्रदेश के गुना संसदीय क्षेत्र के दौरे पर पहुंचे सिंधिया ने शनिवार को गुना जिले के कांजा गांव स्थित कूनो नदी के उद्गम स्थल पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत 700 पौधों का रोपण किया।
ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल एक अभियान नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के प्रति हमारी जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि जल, जंगल और जमीन का संरक्षण जनभागीदारी से ही संभव है और प्रत्येक नागरिक को पौधारोपण तथा जल स्रोतों के संरक्षण में सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान देशभर में जन आंदोलन का रूप ले रहा है, जो पर्यावरण संरक्षण के साथ मातृत्व, प्रकृति और भविष्य की पीढ़ियों के प्रति संवेदनशीलता का भी प्रतीक है।
कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय मंत्री ने ग्राम चिनेरा में 17.98 लाख रुपए की लागत से निर्मित चेक डैम का लोकार्पण किया। उन्होंने कहा कि जल संरचनाओं का निर्माण और जल स्रोतों का संरक्षण भविष्य की पीढ़ियों के लिए सुरक्षित और समृद्ध भारत की मजबूत आधारशिला है।
सिंधिया ने खुटियावाड़ में सनगार्नर के 20 करोड़ रुपए की लागत वाले सोलर प्लांट का उद्घाटन भी किया। 4.5 मेगावाट क्षमता वाला यह संयंत्र प्रतिवर्ष 75 लाख यूनिट स्वच्छ बिजली का उत्पादन करेगा। उन्होंने कहा कि यह परियोजना आत्मनिर्भरता और सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि विकसित भारत के निर्माण के लिए विकास और पर्यावरण के बीच संतुलन आवश्यक है। उन्होंने कहा कि जल संरक्षण, हरित आवरण का विस्तार और प्राकृतिक संसाधनों का संवर्धन ही सतत विकास का आधार हैं। उन्होंने नागरिकों से अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनके संरक्षण का संकल्प लेने की अपील की। 






 

सेशेल्स पहुंचे प्रधानमंत्री मोदी, राष्ट्रपति हर्मिनी ने एयरपोर्ट पर किया गर्मजोशी से स्वागत

27-Jun-2026
नई दिल्ली। (शोर संदेश) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तीन दिवसीय दौरे के लिए सेशेल्स पहुंच चुके हैं। सेशेल्स के राष्ट्रपति डॉ. पैट्रिक हर्मिनी ने प्रधानमंत्री का स्वागत किया। पीएम मोदी ने सेशेल्स के राष्ट्रपति की तरफ से गर्मजोशी भरे स्वागत के लिए धन्यवाद किया। पीएम मोदी को वहां देखकर भारतीय समुदाय के लोग उत्साहित नजर आए। प्रधानमंत्री ने भारतीय समुदाय के लोगों से भी मुलाकात की और हाथ मिलाकर उनका अभिवादन स्वीकार किया।
सेशेल्स पहुंचने के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी देते हुए लिखा, ” एयरपोर्ट पर डॉ. पैट्रिक हर्मिनी के गर्मजोशी से स्वागत के लिए बहुत-बहुत धन्यवाद। सेशेल्स एक कीमती समुद्री साझेदार और हिंद महासागर में एक करीबी दोस्त है। हमारे पुराने संबंधों को और मजबूत करने और हमारे देशों के लोगों के फायदे के लिए सहयोग बढ़ाने के मकसद से एक अच्छे दौरे की उम्मीद है।”
इससे पहले जब सेशेल्स की पर्यटन और संस्कृति मंत्री अमांडा बर्नस्टीन से पूछा कि क्या भारत सेशेल्स के खास टूरिज्म मार्केट में से एक बन रहा है और क्या पीएम मोदी के दौरे से भारतीय पर्यटकों की संख्या और बढ़ेगी, तो उन्होंने कहा, “हां, हमें ऐसी उम्मीद करनी चाहिए। हम भारतीय समुद्र साझा करते हैं। हम इस इलाके में साझेदार हैं और मुझे लगता है कि अगर किसी को नहीं पता कि हम कितने करीब हैं, तो हम भारत से सिर्फ चार घंटे दूर हैं।”
उन्होंने कहा, “हम बहुत करीब हैं। हम एक वीजा-फ्री डेस्टिनेशन भी हैं, जो मुझे लगता है। लोगों को यह दिखाने में मदद करेगा कि सेशेल्स आना और हमारे क्रियोल संस्कृति का अनुभव करना कितना शानदार मौका है, जिसमें भारतीय प्रभाव भी बहुत है और यह इस संस्कृति का हिस्सा भी है। उनके लिए तारीफ करने और आकर देखने के लिए बहुत कुछ है।”
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आने से पहले ब्यू वैलोन और विक्टोरिया में कई जगहों पर उनके स्वागत में पोस्टर और तिरंगा झंडा लगाए गए हैं। इससे पहले सेशेल्स के लिए रवाना होने से पहले पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “सेशेल्स के लिए निकल रहा हूं, जहां मैं उनके राष्ट्रीय दिवस समारोह में हिस्सा लूंगा। इस साल, यह और भी खास है क्योंकि यह स्वर्ण जयंती समारोह है।”
पीएम मोदी शनिवार से सेशेल्स के तीन दिनों के राजकीय दौरे पर सेशेल्स पहुंचे हैं। वे देश के राष्ट्रीय दिवस के स्वर्ण जयंती समारोह में मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल होंगे। सेशेल्स के दौरे को लेकर पीएम मोदी ने कहा, “रिपब्लिक ऑफ सेशेल्स के राष्ट्रपति डॉ. पैट्रिक हर्मिनी के निमंत्रण पर मैं 27-29 जून 2026 तक सेशेल्स का राजकीय दौरा करूंगा, ताकि सेशेल्स के राष्ट्रीय दिवस के स्वर्ण जयंती समारोह में मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल हो सकूं।”
प्रधानमंत्री ने कहा कि सेशेल्स हिंद महासागर क्षेत्र में भारत का एक “महत्वपूर्ण समुद्री पड़ोसी” और ‘विजन महासागर’ का प्रमुख साझेदार है। उन्होंने कहा कि दोनों देश ग्लोबल साउथ के हितों और प्राथमिकताओं को आगे बढ़ाने की साझा प्रतिबद्धता रखते हैं। उन्होंने कहा, “इस साल हम अपने डिप्लोमैटिक संबंध की स्थापना की 50वीं वर्षगांठ भी मना रहे हैं, जो आपसी भरोसे, साझा लोकतांत्रिक मूल्य, डाइवर्सिटी के लिए सम्मान और हमारे लोगों के बीच गहरे जुड़ाव पर आधारित हैं।”
यह दौरा सेशेल्स के राष्ट्रपति हर्मिनी के फरवरी 2026 में भारत आने के कुछ ही महीने बाद हो रहा है। इस दौरे के दौरान पीएम मोदी सेशेल्स के राष्ट्रपति हर्मिनी के साथ द्विपक्षीय बातचीत करेंगे और सेशेल्स नेशनल असेंबली को संबोधित करने और भारतीय समुदाय के सदस्यों से बातचीत करने का भी कार्यक्रम है।

राष्ट्रीय राजमार्गों पर मानसून की तैयारियों को मजबूत करने के निर्देश

26-Jun-2026
नई दिल्ली।  (शोर संदेश) केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं पर मानसून से जुड़ी तैयारियों को पूरी तरह मजबूत किया जाए और खराब मौसम के कारण होने वाली बाधाओं को कम करने के लिए आवश्यक एहतियाती कदम उठाए जाएं। 
सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय (एमओआरटीएच) के अनुसार, यह निर्देश उन समीक्षा बैठकों के दौरान दिए गए, जिनमें तेलंगाना, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में चल रही राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं की गुणवत्ता, रखरखाव और प्रगति का आकलन किया गया। इन परियोजनाओं में तेलंगाना के 4,931 किलोमीटर, जम्मू-कश्मीर केंद्र शासित प्रदेश के 2,035 किलोमीटर और लद्दाख के 804 किलोमीटर राष्ट्रीय राजमार्ग शामिल हैं।
मंत्रालय के अनुसार, यह समीक्षा मीडिया रिपोर्टों, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर मिली प्रतिक्रियाओं और अधिकारियों, भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई), नेशनल हाईवेज एंड इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन लिमिटेड (एनएचआईडीसीएल) और परियोजना ठेकेदारों से प्राप्त जानकारी के आधार पर की गई। बैठकों के दौरान गडकरी ने चल रही परियोजनाओं, रखरखाव कार्यों और सुरक्षित, टिकाऊ एवं प्रभावी राजमार्ग बुनियादी ढांचा सुनिश्चित करने के लिए उठाए जा रहे कदमों की समीक्षा की।
केंद्रीय मंत्री गडकरी ने परियोजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी लाने पर जोर देते हुए कहा कि गुणवत्ता और जवाबदेही के उच्चतम मानकों को बनाए रखना जरूरी है। उन्होंने अधिकारियों और कार्यान्वयन एजेंसियों को निगरानी व्यवस्था मजबूत करने, समय पर काम पूरा करने तथा आधुनिक निर्माण तकनीकों और बेहतर कार्य पद्धतियों को अपनाने के निर्देश दिए।
उनका कहना था कि इससे सड़कों की मजबूती, यात्रा सुविधा और राजमार्गों का दीर्घकालिक प्रदर्शन बेहतर होगा। मानसून के दौरान संभावित चुनौतियों को देखते हुए मंत्री ने अधिकारियों को प्रभावी ड्रेनेज प्रबंधन, ढलानों की स्थिरता (स्लोप स्टेबिलाइजेशन) और सुरक्षा कार्यों को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए।
उन्होंने मौसम से जुड़ी आपात स्थितियों से निपटने के लिए त्वरित प्रतिक्रिया प्रणाली (रैपिड रिस्पॉन्स सिस्टम) तैनात करने पर भी जोर दिया। मंत्री के अनुसार, ये कदम राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क पर निर्बाध यातायात, सड़क सुरक्षा और बुनियादी ढांचे की मजबूती सुनिश्चित करने के लिए बेहद जरूरी हैं।
गडकरी ने कहा कि अच्छी तरह से विकसित और रखरखाव वाली सड़कें क्षेत्रीय संपर्क बढ़ाने, आर्थिक विकास को गति देने, पर्यटन को बढ़ावा देने और यात्रियों की सुविधा सुधारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।उन्होंने कहा कि समय पर परियोजनाओं का पूरा होना, गुणवत्ता सुनिश्चित करना और आधुनिक इंजीनियरिंग समाधानों को अपनाना सड़क क्षेत्र की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल है।
 

यूपी के विकास पर केंद्र-राज्य का फोकस, शिवराज सिंह और योगी आदित्यनाथ ने तय किया रोडमैप

26-Jun-2026
नई दिल्ली। (शोर संदेश)  केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने गुरुवार को लखनऊ के योजना भवन में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ कृषि और ग्रामीण विकास की स्थिति पर हाई लेवल समीक्षा बैठक की। बैठक में किसानों और ग्रामीण गरीबों के हित से जुड़े कई महत्वपूर्ण निर्णयों पर चर्चा हुई। इस दौरान केंद्रीय मंत्री ने मुख्यमंत्री को दो महत्वपूर्ण पत्र सौंपे। इनमें रबी विपणन वर्ष 2026-27 के लिए गेहूं, चना और मसूर की न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर खरीद अवधि बढ़ाने की मंजूरी तथा प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के तहत राज्य के लिए 6,18,482 पक्के मकानों की स्वीकृति शामिल है।
बैठक में केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को वह पत्र सौंपा, जिसमें रबी विपणन वर्ष 2026-27 के लिए गेहूं, चना और मसूर की एमएसपी पर खरीद अवधि 24 जून से बढ़ाकर 8 जुलाई 2026 तक करने की मंजूरी दी गई है। इस निर्णय से प्रदेश के किसानों को अपनी उपज बेचने के लिए अतिरिक्त समय मिलेगा और उन्हें राहत मिलेगी।
केंद्रीय मंत्री ने प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के नए चरण के तहत उत्तर प्रदेश के लिए 6,18,482 पक्के मकानों की स्वीकृति का अनुमोदन पत्र भी मुख्यमंत्री को सौंपा। उन्होंने कहा कि योजना के नए चरण में मकानों के आवंटन की शुरुआत उत्तर प्रदेश से की जा रही है, जिससे गरीब परिवारों को पक्का घर उपलब्ध कराने की प्रक्रिया और तेज होगी।
शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि उत्तर प्रदेश कृषि क्षेत्र में देश का सिरमौर राज्य है और देश के कुल गेहूं उत्पादन में इसकी हिस्सेदारी लगभग 38% है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत की खाद्य सुरक्षा और किसानों की आय बढ़ाने के लक्ष्य में उत्तर प्रदेश की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। इसी कारण राज्य की कृषि के लिए वैज्ञानिक और दीर्घकालिक रोडमैप तैयार करना समय की आवश्यकता है।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि अल नीनो और कम वर्षा की आशंकाओं को देखते हुए राज्य के लिए वैज्ञानिक कृषि रणनीति तैयार की जा रही है। इसके तहत कम अवधि वाली फसलों को बढ़ावा देने, फसल विविधीकरण अपनाने और प्रत्येक जिले के लिए कंटिंजेंसी प्लान तैयार करने पर जोर दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जलवायु संकट के बावजूद खेत खाली नहीं रहने दिए जाएंगे और किसानों को परिस्थितियों के अनुरूप विकल्प उपलब्ध कराए जाएंगे।
बैठक में कृषि और ग्रामीण विकास को केवल योजनाओं के रूप में नहीं, बल्कि एक साझा विजन के रूप में आगे बढ़ाने पर जोर दिया गया। नीति निर्माण से लेकर क्रियान्वयन तक केंद्र और उत्तर प्रदेश सरकार के बीच बेहतर समन्वय और टीम वर्क सुनिश्चित करने पर चर्चा हुई, ताकि योजनाओं का लाभ सीधे किसानों, खेत मजदूरों और ग्रामीण गरीब परिवारों तक पहुंच सके।
शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की स्पष्ट सोच है कि किसानों का हर स्तर पर कल्याण हो और कोई भी गरीब परिवार पक्के घर से वंचित न रहे। उन्होंने कहा कि एमएसपी खरीद अवधि बढ़ाने और प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के तहत बड़ी संख्या में मकानों की स्वीकृति इसी सोच का हिस्सा है। उन्होंने विश्वास जताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और उनकी टीम के साथ मिलकर तैयार किया जा रहा वैज्ञानिक कृषि रोडमैप और आवास कार्यक्रम आने वाले वर्षों में उत्तर प्रदेश के गांवों, खेतों और गरीब परिवारों के जीवन में बड़ा और स्थायी बदलाव लाएगा।
 

अरुणाचल प्रदेश में बादल फटा, अचानक आई बाढ़ से भारी तबाही; 5 लोग लापता

25-Jun-2026
ईटानगर।(शोर संदेश) राज्य में पिछले कुछ दिनों से ज़ोरदार बारिश हो रही है, जिसके कारण कई ज़िलों में भूस्खलन और अचानक बाढ़ की स्थिति बनी है और सड़कों, पुलों व अन्य सार्वजनिक इंफ्रास्ट्रक्चर को नुकसान पहुँचा है।
अरुणाचल प्रदेश के लोअर सुबनसिरी और केयी पैन्योर ज़िलों में लगातार भारी बारिश से अचानक बाढ़ आ गई है, जिससे कई गाँव डूब गए हैं, घरों और खेती की ज़मीन को नुकसान पहुँचा है और ज़रूरी इंफ्रास्ट्रक्चर पर असर पड़ा है। राज्य में पिछले कुछ दिनों से ज़ोरदार बारिश हो रही है, जिसके कारण कई ज़िलों में भूस्खलन और अचानक बाढ़ की स्थिति बनी है और सड़कों, पुलों व अन्य सार्वजनिक इंफ्रास्ट्रक्चर को नुकसान पहुँचा है। 
याज़ली सर्कल के पूसा में NEEPCO प्रोजेक्ट कॉलोनी के पास अचानक आई बाढ़ (flash floods) के बाद पांच लोगों के लापता होने की खबर है। याचुली निर्वाचन क्षेत्र के विधायक टोको टटुंग के अनुसार, अधिकारी प्रभावित इलाकों में स्थिति पर नज़र रखे हुए हैं और खोज व बचाव अभियान जारी है। टटुंग ने कहा कि आज सुबह करीब 6 बजे हमारे जिले, केयी पैन्योर में बादल फटने की घटना हुई। इसके कारण कई जलधाराएं उफान पर आ गईं और भारी बाढ़ आ गई। अचानक आई इस बाढ़ से काफी नुकसान हुआ है, खासकर NEEPCO कॉलोनी में। अभी तक किसी की जान जाने की कोई पक्की जानकारी नहीं है, लेकिन पांच लोग लापता हैं और खोज अभियान चल रहा है। इलाके में एक पुल भी बह गया है। कुल मिलाकर, कम से कम 50 घर नष्ट हो गए हैं। 
ईटानगर के क्षेत्रीय मौसम केंद्रों से मिली जानकारी के अनुसार, अरुणाचल प्रदेश के निचले सुबनसिरी ज़िले के यज़ाली स्टेशन पर मंगलवार सुबह खत्म हुए 24 घंटों के दौरान लगभग 72.8 mm बारिश दर्ज की गई। इसमें से ज़्यादातर बारिश बुधवार सुबह 6 बजे से 9 बजे के बीच हुई। सैटेलाइट और रडार की तस्वीरों से पता चलता है कि सुबह 6 बजे से 7.30 बजे के बीच ज़बरदस्त बारिश हुई, जिसके कारण अचानक बाढ़ (flash floods) आ गई और ऊपरी जलग्रहण क्षेत्रों (upper catchment areas) में नदियों के बहाव में काफ़ी बढ़ोतरी हुई। आपदा प्रबंधन अधिकारियों ने संवेदनशील इलाकों और नदी के किनारों पर रहने वाले लोगों से सतर्क रहने और बिना ज़रूरत यात्रा न करने की अपील की है।
 

 



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