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रूसी राष्ट्रपति पुतिन भारत यात्रा पर, सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम

04-Dec-2025
नई दिल्ली (शोर संदेश)। रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन आज गुरुवार को अपनी दो दिन की ऐतिहासिक यात्रा के लिए भारत आ रहे हैं। इस अवसर पर नई दिल्ली रूसी नेता का स्वागत करने के लिए बैनरों से सजा चुकी है। यह एक ऐसे जुड़ाव की शुरुआत है जिसका कूटनीतिक तौर पर काफी महत्व है।
पुतिन गुरुवार को भारत की अपनी दो दिन की यात्रा शुरू करेंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उनके नई दिल्ली पहुंचने के तुरंत बाद उनके लिए एक प्राइवेट डिनर होस्ट करेंगे। शुक्रवार को होने वाला 23वां भारत-रूस सालाना शिखर सम्मेलन ऐसे समय में हो रहा है जब अमेरिका ने भारत पर कड़े प्रतिबंध लगाए हैं, और इसमें व्यापार और ऊर्जा पार्टनरशिप पर चर्चा के साथ-साथ रक्षा सहयोग को मजबूत करने पर ध्यान दिया जाएगा।
यह यूक्रेन पर हमले के बाद पुतिन की भारत की पहली यात्रा है। शुक्रवार को औपचारिक बातचीत शुरू होने से पहले उनका औपचारिक स्वागत किया जाएगा।
इस हाई-प्रोफाइल यात्रा के लिए तैयारियां तेज कर दी गई हैं, क्योंकि अधिकारियों ने रूसी राष्ट्रपति के लिए एक सहज और सुरक्षित प्रवास सुनिश्चित करने के लिए सुरक्षा और लॉजिस्टिक्स व्यवस्था बढ़ा दी है।
शिखर सम्मेलन से पहले, एक व्यापक पांच-स्तरीय सुरक्षा ढांचा लागू किया गया है।
इस व्यवस्था में एलीट नेशनल सिक्योरिटी गार्ड (एनएसजी) कमांडो, संभावित यात्रा मार्गों पर तैनात स्नाइपर्स, ड्रोन सर्विलांस, अनधिकृत संकेतों को बाधित करने के लिए जैमर, और लगातार निगरानी बनाए रखने के लिए एआई-संचालित निगरानी प्रणाली शामिल हैं। मुख्य क्षेत्रों की निर्बाध निगरानी सुनिश्चित करने के लिए हाई-टेक फेशियल रिकग्निशन कैमरे भी लगाए गए हैं।
वरिष्ठ रूसी सुरक्षाकर्मी कर्मी पहले ही राष्ट्रीय राजधानी पहुंच चुके हैं और राष्ट्रपति के काफिले की हर गतिविधि को रियल टाइम में ट्रैक करने और किसी भी संभावित खतरे को बेअसर करने के लिए एनएसजी और दिल्ली पुलिस के साथ मिलकर काम कर रहे हैं।
मल्टीलेयर सुरक्षा दल को रणनीतिक रूप से विभाजित किया गया है, जिसमें एनएसजी टीम, दिल्ली पुलिस और रूस की राष्ट्रपति सुरक्षा सेवा सुरक्षा की जिम्मेदारी को संभालेंगी। प्रधानमंत्री मोदी से बातचीत के दौरान, स्पेशल प्रोटेक्शन ग्रुप (एसपीजी) के कमांडो कोर सुरक्षा घेरे में शामिल होंगे।
यात्रा से जुड़े हर स्थान की पूरी तरह से जांच और सुरक्षा की जा रही है। अधिकारी सुरक्षा में कोई चूक न हो, यह सुनिश्चित करने के लिए व्यापक सावधानी बरत रहे हैं। 

भारतीय नौसेना दिवस : पीएम मोदी ने दी बधाई, कहा- हमारी नौसेना असाधारण साहस और दृढ़ संकल्प का दूसरा नाम है

04-Dec-2025
नई दिल्ली (शोर संदेश)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज गुरुवार को नौसेना दिवस के मौके पर सभी भारतीय नौसेना कर्मियों को बधाई दी और देश की समुद्री सीमाओं की रक्षा करने में नौसेना की बढ़ती आत्मनिर्भरता, पक्के इरादे और बहादुरी की तारीफ की।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, “भारतीय नौसेना के सभी कर्मियों को नौसेना दिवस की बधाई। हमारी नौसेना असाधारण साहस और दृढ़ संकल्प का दूसरा नाम है। वे हमारे तटों की रक्षा करते हैं और हमारे समुद्री हितों को बनाए रखते हैं। हाल के वर्षों में, हमारी नौसेना ने आत्मनिर्भरता और आधुनिकीकरण पर ध्यान केंद्रित किया है। इससे हमारी सुरक्षा व्यवस्था मजबूत हुई है।”
पीएम मोदी ने कहा कि वह इस साल की दीपावली की यादों को हमेशा संजोकर रखेंगे, जो उन्होंने स्वदेशी विमानवाहक पोत आईएनएस विक्रांत पर नौसेना कर्मियों के साथ मनाई थी। भारतीय नौसेना को उनके आने वाले प्रयासों के लिए शुभकामनाएं।
वीडियो संदेश में पीएम मोदी ने कहा- भारतीय नौसेना की ताकत तेजी से बढ़ रही है
एक वीडियो संदेश में, प्रधानमंत्री मोदी ने देश की समुद्री सीमाओं और आर्थिक जीवनरेखाओं को सुरक्षित करने में नौसेना की महत्वपूर्ण भूमिका पर जोर दिया। उन्होंने कहा, “समुद्र में, हमारी नौसेना देश की समुद्री सीमाओं और व्यावसायिक हितों की रक्षा करने के लिए दृढ़ संकल्पित है, चाहे वे ऑफशोर पेट्रोल वेसल हों, पनडुब्बियां हों या विमानवाहक पोत। आज, भारतीय नौसेना की ताकत तेजी से बढ़ रही है।”
उन्होंने आगे कहा कि भारत की परंपरा हमेशा से वैश्विक भलाई के लिए ताकत का इस्तेमाल करने की रही है, भारत की परंपरा शक्ति और ताकत की रही है। हमारा ज्ञान, हमारी ताकत और हमारी शक्ति मानवता की सेवा और मानवता की सुरक्षा के लिए है। आज, जब देश की आर्थिक व्यवस्था आपस में जुड़ी हुई दुनिया और प्रगतिशील समुद्री सीमाओं पर निर्भर है, तो भारत की नौसेना वैश्विक स्थिरता में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
इस बीच, भारतीय नौसेना ने बुधवार को केरल के तिरुवनंतपुरम तट पर एक ऑपरेशनल शोकेस में अपनी बढ़ती समुद्री क्षमताओं का प्रदर्शन किया।
स्वदेशी विमानवाहक पोत आईएनएस विक्रांत से लेकर फ्रंटलाइन फ्रिगेट उदयगिरि तक, इस कार्यक्रम में बल की मल्टी-डोमेन युद्ध की तैयारी को उजागर किया गया। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु, जो सशस्त्र बलों की सुप्रीम कमांडर हैं, ने नौसेना दिवस समारोह के हिस्से के तौर पर शंगुमुघम बीच से इस डिस्प्ले को देखा।
इस प्रदर्शन में आईएएनएस विक्रांत समेत कुल 19 बड़े युद्धपोत, एक सबमरीन, चार फास्ट इंटरवेंशन वेसल और 32 एयरक्राफ्ट शामिल थे, जिनमें फाइटर जेट, सर्विलांस प्लेन और हेलीकॉप्टर शामिल थे। यह नेवी की बढ़ती ऑपरेशनल पहुंच और तैयारी को दिखाता है।
भारतीय नौसेना दिवस हर साल 4 दिसंबर को भारतीय नौसेना की उपलब्धियों और राष्ट्रीय सुरक्षा में उसके योगदान को याद करने के लिए मनाया जाता है। यह तारीख 1971 के युद्ध में नौसेना की सफलता की याद दिलाती है, जब ऑपरेशन ट्राइडेंट के तहत, भारतीय सेना ने पीएनएस खैबर सहित चार पाकिस्तानी जहाजों को डुबो दिया था। 

मोदी आज मिलेंगे बंगाल BJP सांसदों से, विधानसभा चुनाव 2026 पर रणनीति तेज

03-Dec-2025
नई दिल्ली  ( शोर संदेश ) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बुधवार को संसद में पश्चिम बंगाल के सभी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सांसदों से मुलाकात करेंगे। सूत्रों ने इस बात की जानकारी दी है। यह बैठक 9 दिसंबर को पश्चिम बंगाल सहित 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) पर संसदीय चर्चा से पहले हो रही है। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने इससे पहले बताया था कि लोकसभा अध्यक्ष की अध्यक्षता में हुई सर्वदलीय बैठक के दौरान, 8 दिसंबर को राष्ट्रीय गीत 'वंदे मातरम' की 150वीं वर्षगांठ पर लोकसभा में चर्चा और 9 दिसंबर को चुनाव सुधारों पर चर्चा करने का निर्णय लिया गया था।
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) पश्चिम बंगाल में एसआईआर प्रक्रिया की कट्टर विरोधी रही है। सांसदों के साथ प्रधानमंत्री मोदी की यह बैठक इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि राज्य में 2026 में विधानसभा चुनाव होने हैं। पश्चिम बंगाल संसद में भी चर्चा में आया जब लोकसभा में प्रश्नकाल के दौरान राज्य में प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना (पीएमएमएसवाई) और पशुपालन विकास कोष (एएचआईडीएफ) के तहत आवंटित धनराशि से संबंधित एक प्रश्न उठाया गया।
प्रश्न का उत्तर देते हुए, केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह (उर्फ ललन सिंह) ने धनराशि का अवलोकन प्रस्तुत किया। केंद्रीय मंत्री ने सदन को बताया, "अगर हमें विकसित भारत बनाना है, तो हर राज्य का विकास ज़रूरी है। जब तक हम हर राज्य का विकास नहीं करेंगे, यह संभव नहीं है। इसी को ध्यान में रखते हुए, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश भर में मत्स्य उद्योग में क्रांति लाने के लिए पीएमएमएसवाई शुरू की है। लेकिन दुख की बात है कि पश्चिम बंगाल ने इसका समर्थन नहीं किया।"
इस बीच, संसद सत्र के तीसरे दिन में प्रवेश करते ही, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा कार्यसूची के अनुसार, लोकसभा में केंद्रीय उत्पाद शुल्क (संशोधन) विधेयक, 2025 को विचार और पारित कराने के लिए पेश करने की संभावना है। इस विधेयक का उद्देश्य केन्द्रीय उत्पाद शुल्क अधिनियम, 1944 में संशोधन करके तम्बाकू उत्पादों पर उत्पाद शुल्क और उपकर बढ़ाना है।












 

चक्रवात दित्वाह पड़ा कमजोर, उत्तर तमिलनाडु में भारी बारिश का खतरा टला

01-Dec-2025
नई दिल्ली (शोर संदेश)। दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में बना चक्रवात दित्वाह अब डीप डिप्रेशन में बदल गया है। इसके कारण उन जिलों में राहत की सांस ली जा रही है, जहां पहले बहुत भारी बारिश की चेतावनी दी गई थी। क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र (आरएमसी) के अनुसार, यह सिस्टम तमिलनाडु-पुडुचेरी तट के समानांतर गुजरते हुए धीरे-धीरे कमजोर हो गया।
वहीं, रविवार सुबह तक जारी 24 घंटे के बारिश के आंकड़ों में कराईकल में सबसे अधिक 19 सेमी बारिश दर्ज की गई। इसके बाद मयिलादुथुरै जिले के सेम्बनारकोविल में 17 सेमी, जबकि नागपट्टिनम और मयिलादुथुरै शहर में 15 सेमी बारिश हुई। सिरकाजी और तिरुवारूर क्षेत्र में 14 सेमी बारिश दर्ज की गई। रमणाथपुरम जिले के थंगाचीमदम और थोंडी में भी भारी बरसात हुई। डेल्टा क्षेत्रों में नागपट्टिनम के तिरूपोंडी और तंजावुर के कुरुंगुलम में 13 सेमी बारिश दर्ज की गई।
इसके अलावा, कोडियाकरै और वेदारण्यम (नागपट्टिनम), नन्निलम (तिरुवारूर) और सेतियाथोप्पू (कड्डलूर) में 12 सेमी बारिश दर्ज की गई, जिससे तटीय इलाकों में लगातार बारिश का पता चलता है। कमजोर पड़ा यह सिस्टम लगभग 180 किमी क्षेत्र में फैला हुआ उत्तर दिशा की ओर बढ़ रहा था।
आज सोमवार सुबह इसकी स्थिति पुडुचेरी से 110 किमी दक्षिण-पूर्व, वेदारण्यम से 140 किमी उत्तर-पूर्व और चेन्नई से 180 किमी दक्षिण-दक्षिण-पूर्व में थी। हालांकि यह चक्रवात अब एक डीप डिप्रेशन बन चुका है, लेकिन फिर भी तट के समानांतर आगे बढ़ रहा है। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, जैसे-जैसे यह सिस्टम और कमजोर होगा, तट से इसकी न्यूनतम दूरी करीब 30 किमी तक रह सकती है, लेकिन इसकी घटती तीव्रता की वजह से भीषण बारिश का खतरा लगभग खत्म हो चुका है।
मौसम विभाग ने सोमवार को तमिलनाडु और पुडुचेरी के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ गरज-चमक की संभावना जताई है। वहीं तिरुवल्लूर जिले के कुछ हिस्सों में भारी बारिश हो सकती है।
6 दिसंबर तक राज्य के कई इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश जारी रह सकती है। चेन्नई और आसपास के क्षेत्र में बादल छाए रहेंगे। कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है।
इस बीच गल्फ ऑफ मन्नार, कुमारी सागर और दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में तेज हवाएं जारी रहने की संभावना है। मछुआरों को सख्ती से समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है।

तमिलनाडु बस हादसा: पीएम मोदी ने जताया दुख, मृतकों के आश्रितों को 2 लाख और घायलों को 50 हजार रुपए देने की घोषणा

01-Dec-2025
नई दिल्ली (शोर संदेश)। तमिलनाडु के शिवगंगा में हुए सड़क हादसे पर सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गहरा दुख जताया है। साथ ही पीड़ित परिवारों के लिए आर्थिक मदद की घोषणा की। इस हादसे में कम से कम 12 लोगों की जान चली गई और करीब 40 अन्य घायल हुए हैं।
पीएम मोदी ने एक्स पर कहा
प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) की ओर से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, “तमिलनाडु के शिवगंगा में हुए हादसे में लोगों की मौत बहुत दुखद है। मेरी संवेदनाएं उन लोगों के साथ हैं जिन्होंने अपने प्रियजनों को खो दिया है। मैं प्रार्थना करता हूं कि घायल लोग जल्द ठीक हो जाएं।”
उन्होंने घोषणा की कि प्रधानमंत्री के राष्ट्रीय राहत कोष (पीएमएनआरएफ) से मृतकों के आश्रितों को 2 लाख रुपए की अनुग्रह राशि दी जाएगी, जबकि घायलों को 50,000 रुपए मिलेंगे।
रविवार शाम को कुम्मनगुडी के पास दो बसें आमने-सामने टकरा गईं
यह टक्कर रविवार शाम को कुंद्राकुडी के पास कुम्मनगुडी के पास हुई, जब तमिलनाडु सरकार की दो बसें आमने-सामने टकरा गईं। कई यात्रियों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि कुछ लोग बसों के टूटे-फूटे हिस्सों में फंस गए। स्थानीय लोग तुरंत बचाव अभियान में मदद करने के लिए दुर्घटनास्थल पर पहुंचे। पुलिस ने स्थानीय लोगों की मदद से घायलों को क्षतिग्रस्त वाहनों से निकाला और उन्हें अस्पताल भिजवाया। मरने वालों की संख्या बढ़ने पर आपातकालीन टीमें देर रात तक काम करती रहीं।
दुर्घटना का कारण पता लगाने के लिए जांच शुरू
अधिकारियों ने दुर्घटना का कारण पता लगाने के लिए जांच शुरू कर दी है। शुरुआती जांच में तेज रफ्तार, कम विजिबिलिटी या चालक की थकान जैसे कारणों की बात सामने आ रही है, हालांकि अधिकारियों का कहना है कि पूरी जांच के बाद ही असल कारण पता चलेगा। पुलिस और परिवहन विभाग के अधिकारियों ने सोमवार सुबह सड़क की स्थिति का आकलन करने और फोरेंसिक सबूत इकट्ठा करने के लिए दुर्घटनास्थल का निरीक्षण किया।
घायलों का अभी शिवगंगा और कराईकुडी के अस्पतालों में इलाज चल रहा है, जहां मेडिकल टीमें फ्रैक्चर, सिर में चोट और दूसरी गंभीर चोटों के कई मामलों को देख रही हैं। कई यात्रियों की हालत अभी गंभीर है, जिससे डॉक्टरों को तैयार रखना पड़ रहा है।

शीतकालीन सत्र शुरू: लोकसभा स्पीकर को उम्मीद– सत्र को प्रोडक्टिव बनाने में सार्थक योगदान देंगे सांसद

01-Dec-2025
नई दिल्ली (शोर संदेश)। लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने सोमवार को उम्मीद जताई कि संसद के सभी सदस्य लोकतंत्र की परंपराओं को मजबूत करने और शीतकालीन सत्र को ‘प्रोडक्टिव’ बनाने के लिए सार्थक योगदान देंगे।
संसद का शीतकालीन सत्र आज से 19 दिसंबर तक चलेगा
संसद का शीतकालीन सत्र सोमवार से शुरू हो रहा है और 19 दिसंबर तक चलेगा, जिसमें 19 दिन के शेड्यूल में 15 बैठकें होंगी।18वीं लोकसभा का छठा सेशन (विंटर सेशन) आज हो रहा शुरू ओम बिरला ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, “18वीं लोकसभा का छठा सेशन (विंटर सेशन) आज शुरू हो रहा है। संसद देश की उम्मीदों, लोगों की आकांक्षाओं, लोकतांत्रिक मूल्यों और चुने हुए प्रतिनिधियों की सामूहिक जिम्मेदारी को व्यक्त करने का सर्वोच्च मंच है।”
उन्होंने कहा, “संसद का हर सेशन हमें कर्तव्य, संयम और जनकल्याण की प्रेरणा की ओर भी ले जाता है, जो लोगों के प्रतिनिधित्व की भावना को गहरा करता है। उम्मीद है कि सभी सम्माननीय सदस्य लोकतंत्र की स्वस्थ परंपराओं को मजबूत करेंगे और अपनी सक्रिय भागीदारी के माध्यम से इस सेशन को प्रोडक्टिव बनाने में सार्थक योगदान देंगे।”
इस सत्र में कम से कम 13 बिल पेश किए जाने की उम्मीद
इस सत्र में कम से कम 13 बिल पेश किए जाने हैं, जिनमें बड़े इकोनॉमिक और नेशनल सिक्योरिटी से जुड़े प्रपोजल शामिल हैं। साथ ही विपक्ष एसआईआर मुद्दे, नेशनल सिक्योरिटी की चिंताओं और कई दूसरे पेंडिंग मामलों को लेकर सरकार पर दबाव बनाने की तैयारी कर रहा है। पेश किए जाने वाले सबसे खास बिलों में सेंट्रल एक्साइज अमेंडमेंट बिल, 2025 और हेल्थ सिक्योरिटी नेशनल सिक्योरिटी सेस बिल, 2025 शामिल हैं।विपक्ष की तरफ से पार्टियों ने पहले ही साफ कर दिया है कि वे एसआईआर मुद्दे पर तुरंत और पूरी बहस की मांग करेंगी। उन्होंने चेतावनी दी है कि अगर सरकार चर्चा की इजाजत नहीं देती है तो रुकावटें आ सकती हैं। विपक्ष नेशनल सिक्योरिटी से जुड़े मामलों को भी उठाएगा। 

शीतकालीन सत्र से पूर्व प्रधानमंत्री की अपील: देशहित में विपक्ष रचनात्मक योगदान दे

01-Dec-2025
नई दिल्ली (शोर संदेश)। संसद का शीतकालीन सत्र शुरू होने से ठीक पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मीडिया को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि यह सत्र केवल एक औपचारिकता नहीं, बल्कि राष्ट्र को तेज गति से प्रगति की ओर ले जाने वाला महत्वपूर्ण अवसर है। प्रधानमंत्री ने कहा, “संसद का यह शीतकालीन सत्र कोई रिवाज मात्र नहीं है। यह देश को तेजी से विकास की दिशा में आगे बढ़ाने के लिए नई ऊर्जा प्रदान करेगा। मुझे पूरा विश्वास है।”
मोदी ने लोकतांत्रिक परंपराओं को भारत की सबसे बड़ी ताकत बताया
पीएम मोदी ने लोकतांत्रिक परंपराओं को भारत की सबसे बड़ी ताकत बताते हुए कहा, “भारत ने लोकतंत्र को जिया है। लोकतंत्र की उमंग और उत्साह समय-समय पर दिखाई देते हैं, जिससे लोकतांत्रिक व्यवस्था के प्रति विश्वास और मजबूत होता है।” उन्होंने हाल ही में बिहार में हुए चुनावों का जिक्र करते हुए कहा कि यह लोकतंत्र की शक्ति को दर्शाता है। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि कुछ राजनीतिक दल पराजय से अभी भी उबर नहीं पाए हैं।
पीएम ने विपक्ष से अपेक्षा जताई कि वह शीतकालीन सत्र में अपनी जिम्मेदारी निभाए
प्रधानमंत्री ने कहा, “मुझे लगा था कि बिहार चुनाव खत्म हुए कुछ समय हो गया है, तो स्थिति बदल गई होगी। लेकिन उनकी बातें सुनकर लगता है कि हार की निराशा उन्हें अब भी परेशान कर रही है। ”पीएम मोदी ने विपक्ष से अपेक्षा जताई कि वह शीतकालीन सत्र में अपनी जिम्मेदारी निभाए, सार्थक मुद्दे उठाए और पराजय की निराशा से बाहर आए। उन्होंने कहा, “यह सत्र इस बात पर केंद्रित होना चाहिए कि संसद देश के भविष्य के लिए क्या सोचती है और क्या करना चाहती है।”
जनप्रतिनिधियों को देशवासियों की उम्मीदों और अपनी जिम्मेदारियों के बीच संतुलन बनाकर आगे बढ़ना चाहिए
मोदी ने कहा कि दुनिया आज भारत की लोकतांत्रिक प्रणाली और आर्थिक मजबूती को गंभीरता से देख रही है। भारत की अर्थव्यवस्था निरंतर नई ऊंचाइयों को छू रही है और यह रफ्तार विकसित भारत के संकल्प को और मजबूत करती है। उन्होंने कहा कि हार की निराशा या जीत का जश्न—दोनों ही चीजें फोकस नहीं बननी चाहिए। जनप्रतिनिधियों को देशवासियों की उम्मीदों और अपनी जिम्मेदारियों के बीच संतुलन बनाकर आगे बढ़ना चाहिए। उन्होंने स्वीकार किया कि यह चुनौतीपूर्ण कार्य है, लेकिन इसे निभाना आवश्यक है। प्रधानमंत्री ने राज्यसभा के नए चेयरमैन सी.पी. राधाकृष्णन को पदभार संभालने पर बधाई भी दी।

नागालैंड की आदिवासी विविधता और अनोखी विरासत गर्व का स्रोत: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु

01-Dec-2025
नई दिल्ली (शोर संदेश)। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने आज सोमवार को नागालैंड के लोगों को उनके राज्य दिवस पर शुभकामनाएं दीं। राष्ट्रपति भवन की ओर से जारी एक बयान में राष्ट्रपति मुर्मु ने नागालैंड के लोगों के उज्ज्वल, समृद्ध और शांतिपूर्ण भविष्य की कामना की।
राष्ट्रपति मुर्मु ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, “नागालैंड के लोगों को राज्य स्थापना दिवस पर हार्दिक बधाई। समृद्ध संस्कृति और बेशुमार प्राकृतिक सुंदरता से धन्य, नगालैंड सस्टेनेबल डेवलपमेंट में लगातार सराहनीय प्रगति कर रहा है। इसकी आदिवासी विविधता और अनोखी विरासत गर्व का स्रोत बनी हुई है। मैं नगालैंड के लोगों के उज्ज्वल, समृद्ध और शांतिपूर्ण भविष्य की कामना करती हूं।”
राज्यपाल अजय कुमार भल्ला ने राज्य के लोगों को हार्दिक बधाई दी
वहीं, प्रदेश के राज्यपाल अजय कुमार भल्ला ने राज्य के लोगों को हार्दिक बधाई दी। राज्यपाल ने शांति, विकास और एकता के लिए नए सिरे से प्रतिबद्धता का आह्वान किया। भल्ला ने समावेशी विकास, बेहतर कनेक्टिविटी, पारदर्शी शासन और सभी के लिए अवसरों के विस्तार पर सरकार के दृष्टिकोण की पुष्टि की। उन्होंने शांति को पोषित करने, युवाओं को सशक्त बनाने, परंपराओं की रक्षा करने और एक जीवंत नागालैंड बनाने की साझा जिम्मेदारी पर बल दिया।
सीएम नेफ्यू रियो ने दीं शुभकामनाएं
इसके अलावा मुख्यमंत्री नेफ्यू रियो ने भी सोशल मीडिया पर शुभकामनाएं दी। उन्होंने एक समृद्ध, समावेशी और टिकाऊ नागालैंड के लिए सामूहिक प्रयासों का आह्वान किया।
1 दिसंबर 1963 को नगालैंड को एक अलग राज्य के तौर पर मान्यता मिली थी
नागालैंड को 1 दिसंबर 1963 को आधिकारिक तौर पर एक अलग राज्य के तौर पर मान्यता दी गई थी और कोहिमा को इसकी राजधानी घोषित किया गया था। वर्ष 1947 में भारत की आजादी के बाद नगा इलाका असम का हिस्सा बना रहा, लेकिन जल्द ही एक मजबूत राष्ट्रवादी आंदोलन शुरू हो गया, जिसमें नागा जनजातियों की राजनीतिक एकता की मांग की गई और कट्टरपंथी ग्रुप भारतीय संघ से पूरी तरह अलग होने की मांग कर रहे थे।
1957 में असम के नगा हिल्स इलाके और तुएनसांग फ्रंटियर डिवीजन को भारत सरकार के सीधे नियंत्रण में एक ही एडमिनिस्ट्रेटिव यूनिट में मिला दिया गया। 1960 तक यह तय हो गया था कि नागालैंड भारतीय संघ का एक हिस्सा बनेगा। नागालैंड को 1963 में पूर्ण राज्य का दर्जा मिला और अगले साल लोकतांत्रिक तरीके से चुनी गई सरकार ने कार्यालय संभाला।
आज से हॉर्नबिल महोत्सव का 26वां संस्करण शुरू
राज्य दिवस के जश्न के साथ ही दस दिन का हॉर्नबिल फेस्टिवल एक बार फिर शुरू हुआ, जिसमें सभी बड़े नगा कबीले लोकगीत, संगीत, क्राफ्ट और खाने के जरिए अपनी जीती-जागती परंपराओं को दिखाने के लिए एक साथ आए।

काशी तमिल संगमम 04 : केदारघाट पर तमिल मेहमानों ने सोमवार को नमामि गंगे समूह के साथ मां गंगा की आरती की

01-Dec-2025
वाराणसी (शोर संदेश)। तमिलनाडु और काशी (वाराणसी) के बीच प्राचीन सांस्कृतिक और सभ्यतागत संबंधों के उत्सव काशी तमिल संगमम के चौथे संस्करण की शुरुआत 2 दिसम्‍बर, 2025 को हो रही है। आज सोमवार को केदारघाट पर तमिल मेहमानों ने नमामि गंगे समूह के साथ मां गंगा की आरती की। उन्होंने भारत की सुख-समृद्धि के लिए आशीर्वाद मांगा।
इस दौरान काशी के केदारघाट पर पधारे तमिल मेहमानों ने मां गंगा की स्वच्छता में भी हाथ बंटाया। काशी तमिल संगमम् 4.0 की थीम “तमिल सीखें – तमिल करकलाम” के तहत केदारघाट पर उपस्थित श्रद्धालुओं को तमिल भाषा के शब्दों से परिचित कराया गया। आरोग्य भारत की कामना से द्वादश ज्योतिर्लिंग एवं गंगाष्टकम का सामूहिक रूप से पाठ किया गया। इसके अलावा, राष्ट्रध्वज हाथों में लेकर सभी ने गंगा स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लिया।
वहीं, नमामि गंगे काशी क्षेत्र के संयोजक व नगर निगम के स्वच्छता ब्रांड एम्बेसडर राजेश शुक्ला ने कहा कि काशी और तमिलनाडु दोनों शिवमय हैं। काशी से तमिलनाडु तक, विश्वेश्वर और रामेश्वर की कृपा-दृष्टि समान रूप से है। सर्वत्र राम हैं, सर्वत्र महादेव हैं। काशी और तमिलनाडु की सांस्कृतिक विरासत साझी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के अतुलनीय प्रयास से काशी तमिल संगमम् भाषा भेद मिटाने की ऊर्जा दे रहा है। उन्होंने बताया कि चौथे संस्करण के दौरान देश को संदेश दिया जाएगा की सभी भारतीय भाषाएं हमारी भाषाएं हैं और एक भारतीय भाषा परिवार का हिस्सा हैं। 

इंडिगो और एयर इंडिया की एडवाइजरी जारी, ए 320 विमानों की उड़ानों में हो सकती है देरी

29-Nov-2025
नई दिल्ली (शोर संदेश)। एयरबस ए 320 श्रेणी के विमानों को इस सप्ताहांत सॉफ्टवेयर अपग्रेड के लिए ग्राउंड किया जाने वाला है, जिससे भारत और दुनियाभर में हवाई यात्रा पर असर पड़ेगा। इसी बीच भारत में इंडिगो और एयर इंडिया एयरलाइन ने यात्रियों के लिए एडवाइजरी जारी की है।
एयर इंडिया एयरलाइन ने एडवाइजरी में ए 320 श्रेणी के विमानों में सॉफ्टवेयर बदलाव के साथ परिचालन में संभावित देरी के बारे में जानकारी दी है। कंपनी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, “हम एयरबस की ओर से जारी एक निर्देश से अवगत हैं, जो वर्तमान में अलग-अलग एयरलाइनों के साथ सेवा में मौजूद ए 320 श्रेणी के विमानों से संबंधित है। इससे हमारे बेड़े के कुछ विमानों में सॉफ्टवेयर/हार्डवेयर का रीअलाइनमेंट किया जाएगा, जिससे टर्नअराउंड समय बढ़ सकता है और हमारी निर्धारित उड़ान संचालन में विलंब हो सकता है।”
एयर इंडिया ने खेद जताते हुए यात्रियों से अनुरोध किया है कि यात्रा से पहले हमारी वेबसाइट पर अपनी उड़ान की स्थिति जरूर चेक करें। एयरलाइन ने यात्रियों के लिए हेल्पलाइन नंबर (011-69329333, 011-69329999) भी जारी किए हैं।
इसी तरह, इंडिगो एयरलाइन ने कहा कि हमेशा सुरक्षा सबसे पहले आती है। कंपनी ने ‘एक्स’ पोस्ट में लिखा, “एयरबस ने ग्लोबल ए320 फ्लीट के लिए एक टेक्निकल एडवाइजरी जारी की है। हम अपने विमानों पर जरूरी अपडेट्स को पूरी मेहनत और सावधानी से, सभी सेफ्टी प्रोटोकॉल के हिसाब से पूरा कर रहे हैं। जब हम इन अपडेट्स पर काम कर रहे हैं, तो कुछ फ्लाइट्स के शेड्यूल में थोड़े बदलाव हो सकते हैं।”
इंडिगो ने यात्रियों को सलाह दी है कि एयरपोर्ट जाने से पहले वे ऐप और वेबसाइट पर अपनी लेटेस्ट फ्लाइट का स्टेटस चेक करें। कंपनी ने उन्हें यह भी भरोसा दिया है कि इंडिगो की टीमें रीबुकिंग, अपडेट्स और हर जानकारी में आपकी मदद करने के लिए हर समय उपलब्ध हैं।

 



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