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ममता बनर्जी के रेल मंत्री कार्यकाल के दौरान कैटरिंग आरक्षण की होगी जांच, एनएचआरसी ने रेलवे बोर्ड को भेजा नोटिस

06-Jan-2026
नई दिल्ली।  ( शोर संदेश ) वर्ष 2010 में तत्कालीन रेल मंत्री ममता बनर्जी के कार्यकाल के दौरान लागू की गई रेलवे कैटरिंग नीति एक बार फिर विवादों में आ गई है। आरोप है कि उस समय रेलवे के खान-पान स्टॉल और कैंटीन के संचालन से जुड़ी आईआरसीटीसी की टेंडर प्रक्रिया में नीति स्तर पर बदलाव कर अल्पसंख्यकों, विशेष रूप से मुसलमानों, को 9.5% तक आरक्षण दिया गया था।
इस मामले को लेकर ‘लीगल राइट्स ऑब्जर्वेटरी’ नामक एक कार्यकर्ता समूह ने शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि यह आरक्षण तुष्टिकरण की नीति के तहत किया गया प्रतीत होता है, जो संविधान की भावना के अनुरूप नहीं है। संगठन का दावा है कि इस फैसले के कारण एससी, एसटी और ओबीसी वर्गों के अधिकारों में कटौती हुई, जो उनके संवैधानिक अधिकारों का उल्लंघन है।
शिकायत को गंभीरता से लेते हुए राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) के सदस्य प्रियंक कानूनगो की अध्यक्षता वाली पीठ ने रेलवे बोर्ड को नोटिस जारी किया है। आयोग ने रेलवे बोर्ड को पूरे मामले की जांच कर विधिसम्मत और उचित कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।
उन्होंने जन आहार की उपलब्धता और रेलवे कैटरिंग में राष्ट्रीय व क्षेत्रीय व्यंजनों को शामिल करने की बात भी कही थी
दरअसल, वर्ष 2009-10 के रेल बजट भाषण के दौरान तत्कालीन रेल मंत्री ममता बनर्जी ने रेलवे स्टेशनों और ट्रेनों में बेहतर गुणवत्ता का भोजन, स्वच्छ पेयजल, साफ शौचालय और बेहतर सफाई व्यवस्था सुनिश्चित करने की घोषणा की थी। उन्होंने जन आहार की उपलब्धता और रेलवे कैटरिंग में राष्ट्रीय व क्षेत्रीय व्यंजनों को शामिल करने की बात भी कही थी।
रेलवे बोर्ड ने 21 जुलाई 2010 को नई कैटरिंग लागू की थी
इन्हीं घोषणाओं के आधार पर रेलवे बोर्ड ने 21 जुलाई 2010 को नई कैटरिंग नीति तैयार कर लागू की थी। रेलवे बोर्ड के कार्यकारी निदेशक (पर्यटन एवं कैटरिंग) मणि आनंद द्वारा जारी पत्र में कहा गया था कि यह नीति वित्त और विधि निदेशालय की सहमति से बनाई गई है और इसे तत्काल प्रभाव से लागू किया जाएगा। इस संबंध में सभी रेलवे जोन के महाप्रबंधकों को निर्देश भेजे गए थे और आईआरसीटीसी को भी आवश्यक कार्रवाई के लिए सूचित किया गया था। अब एक दशक से अधिक समय बाद, इस नीति में कथित आरक्षण प्रावधान को लेकर उठे सवालों ने प्रशासनिक और राजनीतिक हलकों में नई बहस छेड़ दी है।











 

प्रधानमंत्री मोदी ने श्लोक साझा कर दिया मीठी वाणी का संदेश

06-Jan-2026
नई दिल्ली।  ( शोर संदेश ) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मंगलवार को सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर एक प्राचीन संस्कृत श्लोक साझा किया, जिसमें मीठे और प्रिय बोलों के महत्व पर जोर दिया गया।
प्रधानमंत्री ने एक्स पोस्ट में श्लोक साझा करते हुए लिखा :
प्रियवाक्यप्रदानेन सर्वे तुष्यन्ति जन्तवः।
तस्मात् तदेव वक्तव्यं वचने का दरिद्रता॥
इस श्लोक का अर्थ है: मीठे और प्रिय वचनों के देने से सभी प्राणी प्रसन्न हो जाते हैं। https://x.com/narendramodi/status/2008373456006431059?s=20
यह श्लोक लोगों को सदैव सौम्य और प्रसन्नता देने वाली भाषा बोलने की प्रेरणा देता है। साथ ही यह संदेश भारतीय संस्कृति और संस्कृत की समृद्ध परंपरा को उजागर करता है, जहां वाणी को अमृत के समान माना जाता है।

 

सेना प्रमुख उपेंद्र द्विवेदी ने आधुनिक युद्ध पर UAE के सैन्य अधिकारियों से की बात

06-Jan-2026
नई दिल्ली।  ( शोर संदेश ) भारतीय थल सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी संयुक्त अरब अमीरात के आधिकारिक दौरे पर हैं। इस यात्रा के दौरान उन्होंने मंगलवार को यूएई नेशनल डिफेंस कॉलेज के अधिकारियों को संबोधित किया। संयुक्त अरब अमीरात के सैन्य अधिकारियों को संबोधित करते हुए जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने वैश्विक सुरक्षा परिवेश में तेजी से हो रहे बदलावों, आधुनिक युद्ध की बदलती प्रकृति और युद्धक्षेत्र में बढ़ती प्रौद्योगिकी की महत्ता पर विस्तार से प्रकाश डाला। दरअसल, आधुनिक समय में तकनीक-आधारित क्षमताएं, संयुक्त परिचालन, साइबर और अंतरिक्ष क्षेत्र की चुनौतियां विश्व सुरक्षा ढांचे को नए रूप में ढाल रही हैं।
जनरल द्विवेदी ने वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों की दूरदृष्टि एवं नेतृत्व क्षमता की भूमिका को रेखांकित करते हुए कहा कि आज के समय में देशों के बीच सहयोगात्मक सैन्य संपर्क, साझा अभ्यास, प्रशिक्षण और संचालनात्मक तालमेल अत्यंत आवश्यक हैं। उन्होंने भारत, यूएई तथा क्षेत्रीय साझेदार देशों के बीच द्विपक्षीय और बहुपक्षीय रक्षा सहयोग को और मजबूत करने की आवश्यकता पर बल दिया। यह सहयोग इसलिए जरूरी है ताकि पारस्परिक लाभ सुनिश्चित हों और क्षेत्रीय व वैश्विक शांति एवं सुरक्षा को बढ़ावा दिया जा सके।
इससे पहले यूएई यात्रा में भारतीय थलसेनाध्यक्ष जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने यूएई लैंड फोर्सेस के कमांडर मेजर जनरल स्टाफ यूसुफ मायूफ सईद अल हल्लामी से मुलाकात की। दोनों सैन्य नेताओं के बीच वार्ता में सकारात्मक रक्षा सहयोग, प्रशिक्षण में साझेदारी और सामंजस्य, तथा भारत व यूएई के बीच द्विपक्षीय रक्षा संबंधों को और घनिष्ठता देने पर चर्चा हुई। दोनों पक्षों ने सैन्य स्तर पर पारस्परिक समझ और सहयोग बढ़ाने पर सहमति व्यक्त की है।
यूएई प्रवास के दौरान जनरल द्विवेदी ने लैंड फोर्सेस म्यूजियम का भी दौरा किया, जहां उन्होंने यूएई की थल सेना के समृद्ध इतिहास, गौरवपूर्ण परंपराओं और सैन्य विरासत के बारे में विस्तृत जानकारी ली। बता दें कि जनरल उपेंद्र द्विवेदी की यह यात्रा भारत और यूएई के मध्य बढ़ते रणनीतिक एवं रक्षा सहयोग को और सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। भारतीय थलसेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी की यह आधिकारिक यात्रा सोमवार को प्रारंभ हुई थी। इसी दिन जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने यूएई में भारत के राजदूत डॉ. दीपक मित्तल से एक महत्वपूर्ण मुलाकात की थी। इस बैठक में दोनों देशों के बीच बढ़ते सामरिक सहयोग, रक्षा साझेदारी और सैन्य कूटनीति को और मजबूत बनाने पर विस्तृत विचार-विमर्श हुआ।
यूएई में जनरल द्विवेदी के आगमन पर यूएई थल सेना द्वारा उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया था। मंगलवार को यह उनकी यूएई यात्रा का अंतिम दिन है। अपने यूएई प्रवास के दौरान, सेना प्रमुख ने यूएई सशस्त्र बलों के वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात की है। इनमें यूएई थल सेना के कमांडर भी शामिल हैं। यूएई की यात्रा के बाद जनरल द्विवेदी 7 व 8 जनवरी को श्रीलंका की यात्रा करेंगे।




 

आंध्र प्रदेश के लिए ऐतिहासिक क्षण: भोगापुरम एयरपोर्ट पर पहले विमान की सफल लैंडिंग

05-Jan-2026
नई दिल्ली।  ( शोर संदेश ) आंध्र प्रदेश में विमानन क्षेत्र में एक नए युग की शुरुआत करते हुए विजयनगर जिले के भोगापुरम में बन रहे इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर ट्रायल रन हुआ। इस ग्रीन फील्ड इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर पहला एयरक्राफ्ट रविवार को लैंड हुआ।
नई दिल्ली से एयर इंडिया की फ्लाइट विशाखापट्टनम से लगभग 50 किलोमीटर दूर भोगपुरम एयरपोर्ट पर उतरी। नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू किंजरापु और विजयनगरम सांसद कलिसेट्टी अप्पाला नायडू ने वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एयरक्राफ्ट में यात्रा की। एयरक्राफ्ट 3.8 किलोमीटर लंबे रनवे पर उतरा, जो देश का सबसे लंबा रनवे है और नवीनतम तकनीक से निर्मित है।
जीएमआर ग्रुप द्वारा सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) मॉडल के तहत डिजाइन, निर्माण, वित्तपोषण, संचालन और हस्तांतरण के आधार पर निर्मित इस एयरपोर्ट का उद्घाटन जून में होने की उम्मीद है। जीएमआर ग्रुप की सहायक कंपनी जीएमआर विशाखापत्तनम इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (जीवीआईएल) 2,200 एकड़ भूमि पर लगभग 4,592 करोड़ रुपए की अनुमानित लागत से एयरपोर्ट का निर्माण कर रही है।
जीवीआईएल के अनुसार 96% कार्य पूर्ण, पीएम मोदी चार-पांच महीनों में उद्घाटन करेंगे, एयरपोर्ट उत्तरी आंध्र की अर्थव्यवस्था बदलेगा
जीवीआईएल के अनुसार, एयरपोर्ट का 96 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। इस अवसर पर बोलते हुए राम मोहन नायडू ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी चार-पांच महीनों में एयरपोर्ट का उद्घाटन करेंगे। उन्होंने कहा कि यह एयरपोर्ट उत्तरी तटीय आंध्र प्रदेश का चेहरा बदल देगा। उम्मीद है कि यह एयरपोर्ट उत्तरी आंध्र प्रदेश की हवाई कनेक्टिविटी को काफी बढ़ावा देगा और इस क्षेत्र को एक प्रमुख आर्थिक केंद्र के रूप में उभरने में मदद करेगा।उन्होंने कहा कि भोगपुरम एयरपोर्ट विशाखापट्टनम के आगामी आर्थिक क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
राम मोहन नायडू ने एयरपोर्ट सड़क अप्रैल तक पूरी होने, सात कनेक्शन सुनिश्चित करने तथा 136 एकड़ में विकसित एएडी एडुसिटी के उद्घाटन की जानकारी दी
राम मोहन नायडू ने इससे पहले कहा था कि विशाखापत्तनम से आगामी एयरपोर्ट तक निर्बाध सड़क संपर्क उपलब्ध कराने के प्रयास जारी हैं। उन्होंने बताया कि बंदरगाह शहर से एयरपोर्ट तक सात बिंदुओं के माध्यम से संपर्क स्थापित किया जाएगा और सड़क अप्रैल तक पूरी होने की संभावना है। पिछले महीने, नागरिक उड्डयन मंत्री ने भोगपुरम एयरपोर्ट के पास विमानन, अंतरिक्ष और रक्षा (एएडी) एडुसिटी का उद्घाटन किया। 136 एकड़ में बन रही एएडी एडुसिटी को भारत की पहली एकीकृत विमानन, अंतरिक्ष और रक्षा एडुसिटी होने का दावा किया जा रहा है।


 

पीएम मोदी ने सीएम ममता को जन्मदिन की शुभकामनाएं दी, स्वस्थ जीवन की कामना

05-Jan-2026
नई दिल्ली।  ( शोर संदेश ) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज सोमवार को पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को उनके जन्मदिन पर शुभकामनाएं दी हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट साझा करते हुए मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के अच्छे स्वास्थ्य और दीर्घायु की कामना की।
पीएम मोदी ने सीएम ममता को शुभकामना देते हुए एक्स पोस्ट में लिखा, “पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता दीदी को जन्मदिन की शुभकामनाएं। मैं उनके अच्छे स्वास्थ्य और लंबी उम्र की प्रार्थना करता हूं।”
वहीं, लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने एक्स पोस्ट में लिखा, “पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को जन्मदिन की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं। ईश्वर से आपके उत्तम स्वास्थ्य, मंगलमय जीवन तथा दीर्घायु की कामना है।”
झारखंड भाजपा अध्यक्ष एवं नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने लिखा, “पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को जन्मदिवस की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं। बाबा बैद्यनाथ से आपके उत्तम स्वास्थ्य एवं दीर्घायु जीवन की मंगलकामना करता हूं।”
समाजवादी पार्टी ने अपने आधिकारिक एक्स हैंडल पर लिखा, “ऊर्जावान, संघर्षशील, जनप्रिय नेता, तृणमूल कांग्रेस की अध्यक्षा एवं पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री आदरणीय ममता बनर्जी जी को जन्मदिन की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं। ईश्वर आपको सदैव स्वस्थ रखे एवं दीर्घायु प्रदान करे।”
टीएमसी सांसद शत्रुघ्न सिन्हा ने एक्स पोस्ट में लिखा, “सबसे लोकप्रिय, बेहतरीन परफॉर्मर, एक सशक्त महिला, साहसी, बंगाल की शेरनी, ‘ममता माई’ जो हमेशा जीतती हैं, माननीय मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को जन्मदिन की बहुत-बहुत शुभकामनाएं। आप पर हमेशा खुशियों और अच्छे स्वास्थ्य की भरपूर कृपा बनी रहे।





 

जवाहरलाल नेहरू सोमनाथ मंदिर के पुनर्निर्माण के पक्ष में नहीं थे : पीएम मोदी

05-Jan-2026
नई दिल्ली।  ( शोर संदेश ) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज सोमवार को एक पुराने प्रसंग को याद किया। उन्होंने बताया कि देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू सोमनाथ मंदिर के पुनर्निर्माण के पक्ष में नहीं थे। उनका मानना था कि सरकार और बड़े संवैधानिक पदों पर बैठे लोगों को इस काम से नहीं जुड़ना चाहिए।
अपने ब्लॉग में प्रधानमंत्री मोदी ने लिखा कि स्वतंत्रता के बाद सोमनाथ मंदिर के पुनर्निर्माण की जिम्मेदारी सरदार वल्लभभाई पटेल पर आई। यह वही मंदिर है, जिस पर साल 1026 में आक्रमण हुआ था। उन्होंने बताया कि दीपावली 1947 में सरदार पटेल जब सोमनाथ पहुंचे, तो वहां की स्थिति देखकर वे बहुत भावुक हो गए। इसी यात्रा के बाद उसी स्थान पर मंदिर को दोबारा बनाने का फैसला हुआ।
प्रधानमंत्री मोदी ने लिखा कि 11 मई 1951 को सोमनाथ मंदिर भक्तों के लिए खोला गया। उस समय देश के राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद इस ऐतिहासिक अवसर पर मौजूद थे।
पीएम मोदी के अनुसार, पंडित जवाहरलाल नेहरू चाहते थे कि सरकार आधिकारिक रूप से इस मंदिर के पुनर्निर्माण से न जुड़े। वे राष्ट्रपति और मंत्रियों की मौजूदगी के भी पक्ष में नहीं थे। नेहरू का मानना था कि इससे भारत की छवि पर गलत असर पड़ेगा। हालांकि, राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद अपने फैसले पर अडिग रहे और समारोह में शामिल हुए।
उन्होंने लिखा कि दुर्भाग्य से सरदार पटेल इस ऐतिहासिक दिन को देखने के लिए जीवित नहीं थे लेकिन उनका सपना देश के सामने साकार होकर खड़ा था। उन्होंने लिखा, “तत्कालीन प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू इस घटना से अधिक उत्साहित नहीं थे। वे नहीं चाहते थे कि माननीय राष्ट्रपति और मंत्री इस समारोह का हिस्सा बनें। उन्होंने कहा कि इस घटना से भारत की छवि खराब होगी। लेकिन राजेंद्र बाबू अडिग रहे, और फिर जो हुआ, उसने एक नया इतिहास रच दिया।”
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि सोमनाथ मंदिर की बात के.एम. मुंशी का जिक्र किए बिना अधूरी है। उन्होंने सरदार पटेल का पूरा साथ दिया। मुंशी की किताब ‘सोमनाथ, द श्राइन इटरनल’ को प्रधानमंत्री ने बेहद ज्ञानवर्धक बताया और कहा कि इसका नाम ही भारत की सभ्यतागत सोच को दर्शाता है, जिसमें आत्मा और विचारों की अमरता पर विश्वास किया जाता है।
उन्होंने कहा, “हम विश्वास करते हैं- नैनं छिन्दन्ति शस्त्राणि नैनं दहति पावकः। सोमनाथ का भौतिक ढांचा नष्ट हो गया, लेकिन उसकी चेतना अमर रही। इन्हीं विचारों ने हमें हर कालखंड में, हर परिस्थिति में फिर से उठ खड़े होने, मजबूत बनने और आगे बढ़ने का सामर्थ्य दिया है। इन्हीं मूल्यों और हमारे लोगों के संकल्प की वजह से आज भारत पर दुनिया की नजर है। दुनिया भारत को आशा और विश्वास की दृष्टि से देख रही है। वो हमारे इनोवेटिव युवाओं में निवेश करना चाहती है। हमारी कला, हमारी संस्कृति, हमारा संगीत और हमारे अनेक पर्व आज वैश्विक पहचान बना रहे हैं। योग और आयुर्वेद जैसे विषय पूरी दुनिया में प्रभाव डाल रहे हैं। ये स्वस्थ जीवन को बढ़ावा दे रहे हैं। आज कई वैश्विक चुनौतियों के समाधान के लिए दुनिया भारत की ओर देख रही है।”
 

तटरक्षक बल को मिला अब तक का सबसे बड़ा स्वदेशी प्रदूषण नियंत्रण पोत ‘समुद्र प्रताप’

05-Jan-2026
नई दिल्ली।  ( शोर संदेश ) रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सोमवार को भारतीय तटरक्षक बल के बेड़े में देश का सबसे बड़ा स्वदेशी प्रदूषण नियंत्रण पोत ‘समुद्र प्रताप’ शामिल किया।
यह पोत विशेष रूप से समुद्री प्रदूषण नियंत्रण के लिए डिजाइन किया गया है, लेकिन इसकी भूमिका यहीं तक सीमित नहीं है। यह सर्च और रेस्क्यू ऑपरेशन, तटीय गश्त और समुद्री सुरक्षा को मजबूत करने में भी समान रूप से सक्षम है। इसका अर्थ यह है कि ‘समुद्र प्रताप’ में एक ही प्लेटफॉर्म पर कई क्षमताओं को इंटीग्रेट किया गया है। रक्षा मंत्री के अनुसार, यही आधुनिक अप्रोच आज की समुद्री चुनौतियों की मांग है, जहां लचीलापन और तैयारी दोनों समान रूप से महत्वपूर्ण हैं।
गोवा शिपयार्ड लिमिटेड द्वारा निर्मित ‘समुद्र प्रताप’ 114.5 मीटर लंबा और लगभग 4,200 टन वजनी है। यह 60% से अधिक स्वदेशी तकनीक से बना है और इसकी अधिकतम गति 22 नॉट से ज्यादा है, जो इसे लंबी दूरी के परिचालन के लिए बेहद सक्षम बनाती है।
राजनाथ सिंह ने कहा कि इस पोत में 60% से अधिक स्वदेशी सामग्री का उपयोग अपने आप में आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक मजबूत कदम है। उन्होंने कहा कि ‘मेक इन इंडिया’ पहल का वास्तविक अर्थ ऐसे ही जटिल और अत्याधुनिक रक्षा प्रोजेक्ट्स में दिखाई देता है। इससे यह भी स्पष्ट होता है कि भारत का डिफेंस इंडस्ट्रियल इकोसिस्टम अब काफी परिपक्व हो चुका है और जटिल निर्माण चुनौतियों को संभालने में सक्षम है।
रक्षा मंत्री ने बताया कि ‘समुद्र प्रताप’ भारत की पहली स्वदेशी रूप से डिजाइन की गई प्रदूषण नियंत्रण वेसल है और तटरक्षक बल के बेड़े का अब तक का सबसे बड़ा पोत भी है। उन्होंने कहा कि 4,170 टन वजन और लगभग 115 मीटर की लंबाई इसकी विशालता को दर्शाती है, जबकि 22 नॉट की गति इसकी ऑपरेशनल क्षमता को साबित करती है।
राजनाथ सिंह ने कहा कि हाल के वर्षों में समुद्री प्रदूषण एक गंभीर वैश्विक चुनौती बनकर उभरा है। इससे मछुआरों की आजीविका, तटीय समुदायों का भविष्य और आने वाली पीढ़ियों की सुरक्षा प्रभावित होती है। ऐसे में तटरक्षक बल द्वारा चलाए जा रहे तटीय स्वच्छता अभियान, प्रदूषण रिस्पांस अभियान और बहु-एजेंसी समन्वय वास्तव में सराहनीय हैं।
उन्होंने कहा कि तटरक्षक बल ने देशवासियों के भीतर एक मजबूत भरोसा पैदा किया है। मछुआरे और तटीय समुदाय निश्चिंत होकर अपने कार्यों में लगे रहते हैं, क्योंकि उन्हें भरोसा है कि किसी भी आपात स्थिति में तटरक्षक बल उनके साथ खड़ा है। साथ ही यह भरोसा देश के दुश्मनों के भीतर भी है कि भारत की समुद्री सीमा की ओर आंख उठाने की हिमाकत की गई, तो उसका करारा जवाब मिलेगा।
रक्षा मंत्री ने कहा, “समुद्र हमारी संस्कृति, हमारी अर्थव्यवस्था और हमारे भविष्य का आधार है। एक सुरक्षित और स्वच्छ समुद्र ही सुरक्षित व्यापार, सुरक्षित जीवन और सुरक्षित पर्यावरण की गारंटी दे सकता है। ‘समुद्र प्रताप’ जैसे प्लेटफॉर्म हमें यह विश्वास दिलाते हैं कि भारत अपनी समुद्री जिम्मेदारियों को निभाने के लिए पूरी तरह तैयार है।”
उन्होंने बताया कि ‘समुद्र प्रताप’ पर दो महिला अधिकारियों की नियुक्ति की गई है, जो आने वाली पीढ़ियों के लिए रोल मॉडल बनेंगी। राजनाथ सिंह ने कहा कि आज महिला अधिकारी पायलट, ऑब्जर्वर, एयर ट्रैफिक कंट्रोलर, लॉजिस्टिक ऑफिसर और लॉ ऑफिसर जैसे महत्वपूर्ण दायित्व निभा रही हैं। उन्हें होवरक्राफ्ट ऑपरेशन और फ्रंटलाइन मिशनों के लिए भी प्रशिक्षित किया जा रहा है, जो महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक बड़ा कदम है। 





 

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री मोदी से की शिष्टाचार मुलाकात

05-Jan-2026
नई दिल्ली।  ( शोर संदेश ) उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को यहां प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से उनके आवास पर शिष्टाचार मुलाकात की।
पीएमओ ने मुलाक़ात की जानकारी की शेयर
प्रधानमंत्री कार्यालय ने इस मुलाकात की जानकारी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा की और बैठक से जुड़ी तस्वीरें भी जारी कीं।
https://x.com/pmoindia/status/2008085645588394353?s=46
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी एक्स पर किया पोस्ट
मुलाकात के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक्स पोस्ट में कहा कि उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से भेंट कर उनका मार्गदर्शन प्राप्त किया। उन्होंने लिखा कि प्रधानमंत्री का पाथेय ‘नए उत्तर प्रदेश’ की विकास यात्रा को और अधिक गति प्रदान करने के लिए सदैव नवीन ऊर्जा का संचार करता है। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री का बहुमूल्य समय देने के लिए आभार भी व्यक्त किया।
प्रधानमंत्री से मुलाकात के बाद मुख्यमंत्री के भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा से भी मिलने की उम्मीद है। 

 

सही’ बदलाव होने तक वेनेजुएला को फिलहाल अमेरिका चलाएगा : डोनाल्ड ट्रंप

04-Jan-2026
नई दिल्ली।  ( शोर संदेश ) अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि निकोलस मादुरो की गिरफ्तारी के बाद वेनेजुएला को कुछ समय के लिए अमेरिका चलाएगा। उन्होंने कहा कि अस्थिरता को रोकने और देश के तेल इंफ्रास्ट्रक्चर को फिर से बनाने के लिए वॉशिंगटन को बदलाव की निगरानी करनी चाहिए।
वेनेजुएला पर कौन शासन करेगा? इस सवाल के जवाब में ट्रंप ने कहा, “हम इसे एक ग्रुप के साथ चलाने जा रहे हैं, इसके लिए अमेरिका के अधिकारियों को पहले ही चुना जा रहा है।”
मार-ए-लागो न्यूज कॉन्फ्रेंस में पत्रकारों से बात करते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि वेनेजुएला में हम तब तक शासन करेंगे जब तक एक सुरक्षित, सही और समझदारी भरा बदलाव नहीं हो जाता। समय से पहले निकलने से पिछली नाकामियों के दोहराने का खतरा होगा।
डोनाल्ड ट्रंप ने वेनेजुएला के तेल भंडार पर खास जोर दिया। उन्होंने इस क्षेत्र को रिकवरी और स्थिरता दोनों का केंद्र बताते हुए कहा कि वेनेजुएला में तेल का बिजनेस ठप हो गया है। अमेरिका की बड़ी तेल कंपनियां तेल व्यापार संरचना को ठीक करने के लिए अरबों डॉलर का निवेश करेंगी।
उन्होंने कहा, “हम तेल इंफ्रास्ट्रक्चर को फिर से बनाएंगे। इसका भुगतान सीधे तेल कंपनियां करेंगी।”ट्रंप ने कहा कि हम तेल के मामले में वेनेजुएला में मौजूद रहेंगे और इससे जो पैसा बनेगा वह वेनेजुएला के लोगों को जाएगा और अमेरिका को वापस किया जाएगा।
क्या अमेरिकी सैनिक तैनात किए जाएंगे? इस सवाल के जवाब में ट्रंप ने कहा, “हमें जमीन पर सैनिकों से डर नहीं है। ऑपरेशन के दौरान अमेरिकी लोग पहले से ही शामिल थे।”ट्रंप ने कहा कि हमारा शासन मादुरो सरकार से जुड़े लोगों को सत्ता में बने रहने नहीं देगा। हम जानते हैं कि वे कौन हैं। हम उन पर नज़र बनाए हुए हैं।
वहीं, वेनेजुएला की मौजूदा उपराष्ट्रपति के साथ काम करने के सवाल पर ट्रंप ने कहा कि अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने उनसे बात की थी। वह असल में वही करने को तैयार हैं जो हमें जरूरी लगता है।
ट्रंप ने वेनेजुएला पर उठाए कदम को अपने ‘अमेरिका फर्स्ट’ सिद्धांत के मुताबिक बताते हुए कहा कि हम अपने आस-पास अच्छे पड़ोसी चाहते हैं। वेनेजुएला के ऊर्जा स्रोत वैश्विक स्थिरता के लिए बहुत जरूरी हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि हम तेल के बिजनेस में हैं और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर दूसरे देशों को बड़ी मात्रा में तेल बेचेंगे।
ट्रंप ने लंबे समय तक चलने वाले शासन की चिंताओं को खारिज कर दिया और जोर देकर कहा कि इससे अमेरिका के करदाताओं को कोई नुकसान नहीं होगा। इस दौरान उन्होंने तेल से होने वाली कमाई का जिक्र किया।
गौरतलब हो, अमेरिका ने लंबे समय से वेनेजुएला के तेल क्षेत्र पर बैन लगाए हैं। साथ ही वहां की मादुरो के नेतृत्व पर भ्रष्टाचार और कुव्यवस्था का आरोप लगाया है, जिसकी वजह से वहां की अर्थव्यवस्था कमजोर हुई और बड़े पैमाने पर लोगों ने देश छोड़ा। 






 

पीएम मोदी आज 72वें राष्ट्रीय वॉलीबॉल टूर्नामेंट का उद्घाटन करेंगे

04-Jan-2026
नई दिल्ली।  ( शोर संदेश ) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी आज रविवार, दोपहर 12 बजे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से 72वें राष्ट्रीय वॉलीबॉल टूर्नामेंट का उद्घाटन करेंगे। उद्घाटन समारोह डॉ. संपूर्णानंद स्पोर्ट्स स्टेडियम, वाराणसी में आयोजित किया जा रहा है।
प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) के अनुसार, 4 से 11 जनवरी तक आयोजित होने वाले इस टूर्नामेंट में पूरे भारत से विभिन्न राज्यों और संस्थानों का प्रतिनिधित्व करने वाली 58 टीमों के हिस्से के रूप में 1,000 से अधिक खिलाड़ी भाग लेंगे। टूर्नामेंट में भारतीय वॉलीबॉल में प्रतिस्पर्धा, खेल भावना और प्रतिभा के उच्च मानकों का प्रदर्शन होने की आशा है।
वाराणसी में 72वीं राष्ट्रीय वॉलीबॉल प्रतियोगिता का आयोजन शहर में खेल अवसंरचना को सुदृढ़ करने और एथलेटिक के विकास को बढ़ावा देने को दर्शाता है। यह आयोजन प्रमुख राष्ट्रीय आयोजनों के केंद्र के रूप में वाराणसी की पहचान को और सशक्त करता है तथा सांस्कृतिक और खेल गतिविधियों की मेजबानी में शहर की बढ़ती भूमिका के अनुरूप है। 










 



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