
नई दिल्ली (शोर सन्देश) । उपराष्ट्रपति एम. वेंकैया नायडू ने भारत में खेल संस्कृति को पुनर्जीवित करने का आह्वान किया है। उन्होंने कहा कि लोगों को तनाव मुक्त जीवन और अच्छे स्वास्थ्य के लिए खेल, योग या फिर किसी अन्य शारीरिक गतिविधि को अपनी दिनचर्या का अभिन्न अंग बनाना चाहिए। श्री नायडू पंजाब विश्वविद्यालय को वर्ष 2020 के लिए लगातार दूसरी बार खेलों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने के लिए प्रतिष्ठित मौलाना अबुल कलाम आज़ाद ट्रॉफी जीतने पर बधाई भाषण दे रहे थे। उन्होंने स्कूलों और अन्य शैक्षणिक संस्थानों को सक्रिय रूप से खेलों को और अधिक बढ़ावा देने पर ज़ोर दिया।
श्री नायडू ने पंजाब विश्वविद्यालय के अधिकारियों को इस ट्रॉफी के लिए संक्षिप्त नाम के उपयोग नहीं करने की हिदायत दी, बल्कि उन्हें हमेशा इसे मौलाना अबुल कलाम आज़ाद ट्रॉफी के रूप में उल्लेख करने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि छात्रों को अपना आधा समय कक्षाओं में और शेष आधा वक़्त मैदान में बिताना चाहिए। श्री नायडू ने कहा कि मैदान से उनका तात्पर्य खेल मैदान, कृषि क्षेत्र और सामाजिक क्षेत्र से है।
यह देखते हुए कि खेलों में उत्कृष्टता अथक परिश्रम, योजना और दृढ़ संकल्प से आएगी, उपराष्ट्रपति ने शैक्षणिक प्रतिभा के साथ-साथ खेल उत्कृष्टता प्राप्त करने के लिए पंजाब विश्वविद्यालय के प्रशिक्षकों, प्रबंधन, कर्मचारियों और छात्रों की काफी सराहना की। देश में, खासकर युवाओं में जीवनशैली से सम्बंधित बीमारियों की बढ़ती घटनाओं पर चिंता व्यक्त करते हुए, उपराष्ट्रपति ने कहा कि हमारे युवाओं को अस्वास्थ्यकर आहार और आरामतलब जीवनशैली के खतरों से अवगत कराना सर्वाधिक महत्वपूर्ण है।
श्री नायडू ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा शुरू किए गए फिट इंडिया अभियान की सराहना की और कहा कि यह निश्चित रूप से लोगों को फिट और स्वस्थ रहने के लिए प्रोत्साहित करेगा। श्री नायडू ने कहा कि खेल और खेल संबंधी अन्य गतिविधियां हमारे जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं और ये हमारी शारीरिक फिटनेस में सुधार करती हैं। उन्होंने कहा कि खेल हमारी संज्ञानात्मक क्षमताओं में सुधार करता है और समूहिक खेल हमारे सामाजिक कौशल को बढ़ाते हैं। उपराष्ट्रपति ने कहा कि खेल एकरूपता का दृष्टिकोण विकसित करने में मदद करता है। उन्होंने कहा कि यह संतुलन बिना किसी कटुता, कुंठित इच्छा या कुत्सित भावना के असफलताओं और बाधाओं को स्वीकार करने के लिए आवश्यक है।
श्री नायडू ने कम उम्र से ही खेल प्रतिभाओं की पहचान करने की आवश्यकता पर भी बल दिया। साथ ही उन्होंने इस उद्देश्य की प्राप्ति के लिए एक प्रभावी और व्यापक प्रतिभा निगरानी और स्काउटिंग प्रणाली की व्यवस्था का आह्वान किया। देश में विशेषकर ग्रामीण क्षेत्रों में, खेल के बुनियादी ढांचे को बेहतर करने की आवश्यकता पर ज़ोर देते हुए, श्री नायडू ने देश में ही प्रशिक्षित उच्च कुशल भारतीय कोचों का पूल बनाने आह्वान किया। उन्होंने कहा कि कोच काफी महत्वपूर्ण ज़िम्मेदारी निभाते हैं।
उपराष्ट्रपति ने कॉलेजों और विश्वविद्यालयों से खेल प्रबंधन में अधिक संख्या में डिग्री और डिप्लोमा प्रदान करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों का प्रदर्शन अधिक बेहतर करने के लिए कुशल खेल चिकित्सा विशेषज्ञों और पेशेवरों का एक संगठन बनाना चाहिए।
श्री नायडू ने उन क्षेत्रों में अधिक संसाधनों के निवेश के महत्व को रेखांकित किया जिनमें भारत को प्रतिस्पर्धात्मक लाभ है। खिलाड़ियों को राष्ट्रीय गौरव के रूप में करार देते हुए, उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि परिश्रम के साथ, भारत अंतर्राष्ट्रीय खेल आयोजनों में कई और पुरस्कार जीतकर आगे बढ़ेगा। उन्होंने कहा कि हमारे देश में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है और इसके लिए हमें मजबूत समर्थन प्रणाली की जरूरत है। इस अवसर पर पंजाब विश्वविद्यालय के कुलपति राज कुमार और खेल निदेशक, कोच तथा पुरस्कार विजेता उपस्थित थे।

कोलकाता (शोर सन्देश)। कोलकाता पुलिस की पहली महिला अधिकारी देबाश्री चटर्जी का एक कार हादसे में निधन हो गया। देबाश्री के साथ-साथ उनके बॉडीगार्ड और ड्राइवर की उस समय मौत हो गई जब उनकी गाड़ी दुर्गापुर एक्सप्रेसवे पर एक ट्रक से टकरा गई।
कोलकाता पुलिस (केपी) की पहली महिला अधिकारी (ऑफिस-इन-चार्ज) देबाश्री चटर्जी का शुक्रवार को हुगली जिले में एक कार हादसे में निधन हो गया। देबाश्री के साथ-साथ उनके बॉडीगार्ड और ड्राइवर की उस समय मौत हो गई जब उनकी गाड़ी दुर्गापुर एक्सप्रेसवे पर एक ट्रक से टकरा गई।
कोलकाता पुलिस की डिप्टी कमिश्नर 45 साल की देबाश्री चटर्जी 12वीं बटालियन के कमांडिंग ऑफिसर (सीओ) के रूप में पश्चिम बंगाल पुलिस में प्रतिनियुक्ति पर काम कर रही थीं।
तीन दशक के करियर में देबाश्री चटर्जी के नाम कई उपलब्धियां रही हैं। चटर्जी 1988 में पुलिस बल में शामिल हुई और लालबाजार मुख्यालय में महिला शिकायत प्रकोष्ठ में सब इंस्पेक्टर के रूप में शामिल होने से पहले पुलिस प्रशिक्षण स्कूल में दो साल बिताए थे।
2010 में, उन्होंने उत्तरी पोर्ट पुलिस स्टेशन की प्रभारी अधिकारी (ऑफिस-इन-चार्ज) के रूप में पदभार संभाला और इस तरह से कोलकाता पुलिस में इस तरह से पहली महिला पुलिस अधिकारी बन गईं।
उनके निधन पर शोक जताते हुए मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने ट्वीट किया, “दुर्गापुर एक्सप्रेसवे पर एक दुर्भाग्यपूर्ण सड़क हादसे में 12वीं बटालियन की सीओ देबश्री चटर्जी के निधन के बारे में सुनकर दुख हुआ। वह बंगाल पुलिस में कोलकाता पुलिस अफसर के रूप में प्रतिनियुक्ति पर थीं। हादसे में ड्राइवर और उसके गार्ड की भी मौत हो गई। मृतक के परिवार के प्रति मेरी संवेदना।

नई दिल्ली(शोर सन्देश)। केंद्र सरकार ने देशभर में वाहन पंजीकरण, लर्निंग लाइसेंस, ड्राइविंग लाइसेंस आदि नवीनीकरण के कार्य आधार बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण से जोड़ने का प्रस्ताव तैयार किया है। काम ऑनलाइन होने से लोगों को क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय (आरटीओ) के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। साथ ही आरटीओ में व्याप्त भ्रष्टाचार पर अंकुश लगेगा।
सूत्रों ने बताया कि इस बाबत सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के पास प्रस्ताव भेजा है। सड़क परिवहन मंत्रालय का कहना है कि लोगों को लर्निंग ड्राइविंग लाइसेंस ऑनलाइन सुविधा होनी चाहिए। इसके अलावा वाहन पंजीकरण प्रमाण पत्र, ड्राइविंग लाइसेंस, पता बदलने आदि के कार्य को भी आधार बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण के माध्यम से संभव बनाना चाहिए।
वहीं, वाहन के आधार से जोड़ने पर चोरी के वाहनों का पुन: दूसरे राज्य में पंजीकरण कराना आसान नहीं होगा। आरटीओ सेवाएं ऑनलाइन कराने से फर्जीवाड़ा रुकने के साथ आरटीओ में भ्रष्टाचार पर रोक लगाएगा। सड़क परिवहन मंत्रालय ने कहा है कि वेरीफिकेशन (प्रमाणीकरण) के लिए आधार को वैकल्पिक दस्तावेज के रूप में अपनाने की जरुरत है। गौरतलब है कि कोर्ट ने सब्सिडी योजनाओं के अलावा दूसरे सरकारी कार्यो के लिए आधार को अनिवार्य करने की सरकार की घोषणा पर रोक लगा दी है।

जयपुर (शोर सन्देश)। देश में कोरोना के कहर से बचना मुश्किल हो गया है, प्रतिदिन बढ़ती मृत्युदर से इस बात का अंदाजा लगाया जा सकता है। इसी बीच राजस्थान से खबर आई है कि कोरोना संक्रमण से वरिष्ठ कांग्रेस नेता डॉ हरिसिंह का निधन हो गया। हरिसिंह ने एक निजी अस्पताल में आखिरी सांस ली। हरिसिंह प्रदेश के कद्दावर नेताओं में से एक थे। सीएम अशोक गहलोत, पूर्व सीएम वसुंधरा राजे, कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा और भाजपा प्रदेशाध्यक्ष सतीश पूनिया सहित कई नेताओं ने डॉ। हरिसिंह के निधन पर गहरा शोक जताया है। डॉ हरिसिंह के निधन से कांग्रेस में बेबाकी के एक युग का अंत हो गया है। जिस बेबाकी और सपाट तरीके से हरिसिंह अपनी बात रखते थे उतना साहस अब के नेताओं में नहीं देखने को मिलता है।
बता दे की बेबाकी और खुलापन डॉ हरिसिंह की खामी और खूबी दोनों रही। बेबाकी से बोलने के कारण उन्हें राजनीति में नुकसान उठाना पड़ा। और उनके चुनाव हारने के पीछे भी उनकी बेबाकी ही बाधा बन गई, लेकिन नुकसान के बावजूद अंदाज बेबाक ही रहा। डॉ। हरिसिंह जिस सपाट और तीखे अंदाज में बयान देते थे वह साफगोई आज के नेताओं में दुर्लभ है। हरिसिंह उस पुरानी पीढ़ी के नेताओं में से थे जिन्होंने अंग्रेजी राज और सामंती व्यवस्था का दौर भी देखा तो आजाद भारत में आकार लेती और फिर फलती फूलती एक नई राजनीतिक व्यवस्था के साझेदार भी बने। उन्होंने कांग्रेस और बीजेपी नेताओं की तीन- तीन पीढ़ियों के साथ काम किया। इतने अनुभवों के बावजूद हरिसिंह से बेबाकी और बागी तेवर नहीं छूटे। कांग्रेस में रहते हुए अपनी ही पार्टी के मुख्यमंत्री और प्रदेशाध्यक्ष को क्रमश: धनानंद और जर- खरीद गुलाम तक बता दिया था।
झुंझुनू के कैरू गांव में 6 जुलाई 1936 को जन्मे डॉ हरिसिंह का एक लंबा और उतार- चढ़ाव भरा राजनीतिक सफर रहा है। आपातकाल के बाद हुए चुनावों में 1977 में पहली बार जनता दल से विधायक बने, भैरोसिंह शेखावत के नेतृत्व में बनी पहली गैर कांग्रेसी सरकार में डॉ हरिसिंह जलदाय मंत्री रहे। फुलेरा से तीन बार विधायक और सीकर से एक बार सांसद रहे। 1977 से 1985, 1989 से 91 और 1993 से 1996 तक फुलेरा से विधायक रहे। 1987 से 1989 तक फुलरा पंचायत समिति के प्रधान भी रहे। 1996 में सीकर से सांसद बने। वहीं, कांग्रेस में प्रदेश महासचिव और उपाध्यक्ष रहे। पर मतभेदों के चलते 25 अक्टूबर 2011 को कांग्रेस से इस्तीफा दे दिया था। बाद में 27 अक्टूबर 2016 को कांग्रेस में वापसी की। 2016 में घर वापसी के बाद से पार्टी में कोई पद नहीं मिला था।

नई दिल्ली(शोर सन्देश) मास्को में भारत और चीन के विदेश मंत्रियों के बीच एलएसी पर शांति कायम करने के लिए पांच-सूत्रीय सहमति के बाद शुक्रवार को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने राजधानी दिल्ली में एनएसए अजीत डोवाल, सीडीएस और तीनों सेना प्रमुखों के साथ एलएसी के हालात को लेकर समीक्षा-बैठक की जानकारी के मुताबिक, बैठक में भारत और चीन के बीच लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल (एलएसी) पर मौजूदा हालात और मास्को में दोनों देशों के विदेश मंत्रियों के बीच तय हुए शांति-फॉर्मूले पर चर्चा हुई।
पूर्वी लद्दाख से सटी एलएसी पर दोनों देशों के बीच लगातार टकराव की स्थिति बनी हुई है खास तौर से फिंगर-एरिया और पैंगोंग-त्सो लेक से सटे दक्षिण इलाकों गुरंग हिल, मगर हिल, मुखपरी और रेचिन ला दर्रे पर स्थिति बेहद नाजुक बनी हुई है इन इलाकों पर भारतीय सेना के अपने अधिकार-क्षेत्र में लिए जाने से चीनी सैनिक इन इलाकों में टैंक और आईसीवी व्हीकल्स के साथ-साथ मध्यकालीन बरछी-भाले लेकर भारत की फॉरवर्ड-पोजिशन के बेहद करीब पहुंचने की कोशिश कर रहे हैं।
इसके साथ ही पूर्वी लद्दाख से सटी पूरी 826 किलोमीटर लंबी एलएसी पर चीनी सेना ने करीब 50 हजार सैनिक, टैंक, तोप, आईसीवी व्हीकल्स, एस-400 मिसाइल सिस्टम और दूसरी हैवी मशीनरी जमा कर रखी है भारतीय सेना ने भी एलएसी पर मिरर-डिप्लोयोमेंट कर रखी है ऐसे में भारत क्या चीन के दावों पर विश्वास कर सकता है, इस पर ही रक्षा मंत्री ने समीक्षा-बैठक ली थी. साथ ही क्या दोनों चीनी सेना अप्रैल महीने वाली पोजिशन पर सकती है, इस पर भी विचार हुआ।
00विवाद नहीं बढ़ाने पर बनी थी सहमति.
दरअसल, विदेश मंत्री एस जयशंकर और चीनी विदेश मंत्री विदेश मंत्री वांग यी के बीच एलएसी पर शांति बनाए रखने के लिए डिसइंगेजमेंट और डि-एस्कलेशन पर सहमति बनी है हालांकि, इसके लिए कोई तय समय-सीमा नहीं दी गई है साथ ही पांच-सूत्रीय फॉर्मूलें में दोनों देशों की सेनाओं को भी हिदायत दी गई है कि वे विवाद को किसी भी तरह नहीं बढ़ाएंगी।
इस फॉर्मूलें में ये भी कहा गया है कि दोनों देश सैन्य और राजनियक स्तर पर भी बातचीत करते रहेंगे. इसी कड़ी में माना जा रहा है कि अगले हफ्ते दोनों देशों की सेनाओं के कोर-कमांडर स्तर की बैठक हो सकती है. इससे पहले पिछले चार महीनों में दोनों देश के कोर कमांडर पांच बैठकें कर चुके हैं, लेकिन पूर्वी लद्दाख से सटी एलएसी पर टकराव खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है. शुक्रवार को भी दोनों देशों के बीच ब्रिगेडियर स्तर की एक बार फिर बैठक हुई।

नई दिल्ली (शोर सन्देश)। कोरोना काल में ट्रेनों की संख्या में कटौती के बाद अब पहले से अधिक ट्रेनें धीरे-धीरे पटरी पर दौड़ने को तैयार हैं। भारतीय रेलवे आज यानी शनिवार से 80 नई स्पेशल ट्रेनों का परिचालन शुरू कर रहा है, जिसकी बुकिंग दस सितंबर से ही जारी है। आज से 40 जोड़ी ट्रेनें देश के अलग-अलग हिस्सों में पटरियों पर दौड़ेंगी।बता दें कि इस समय करीब 230 विशेष गाड़ियों का परिचालन किया जा रहा है।
आज से 80 नई विशेष ट्रेनें या 40 जोड़ी ट्रेनें शुरू हो रही हैं। इसके लिए आरक्षण 10 सितंबर से आरंभ हो गया। ये ट्रेनें पहले से ही चल रही 230 ट्रेनों के अतिरिक्त होंगी। रेलवे बोर्ड के चेयरमैन विनोद कुमार यादव ने कहा कि रेलवे वर्तमान में संचालित सभी ट्रेनों की निगरानी कर पता लगाएगा कि किन ट्रेनों में प्रतीक्षा सूची लंबी है ।
सूचना के मुताबिक, फिलाहल 30 राजधानी टाइप और 200 स्पेशल मेल एक्सप्रेस ट्रेनें चल रही हैं। आज से चलने जा रहीं ये 80 ट्रेनें इनके अतिरिक्त हैं। कोरोना लॉकडाउन के बाद नियमित ट्रेन संचालन बंद करने के बाद अब रेलवे धीरे-धीरे ट्रेनों को पटरियों पर ला रहा है। पैसेंजर्स इन स्पेशल ट्रेनों में रेलवे की आधिकारिक वेबसाइट या फिर इंडिनय रेलवे के ऐप्प (आईआरसीटीसी ) से टिकट बुक करा सकते हैं।

नई दिल्ली (शोर सन्देश)। देश में कोरोना वायरस की रफ्तार दिन प्रतिदिन भयावह होती जा रही है। आज कोरोना ने अब तक के सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए। कोरोना केसों की संख्या भारत में 46 लाख पार कर गई है। पिछले 24 घंटे में कोरोना वायरस संक्रमण की चपेट में 97 हजार से अधिक लोग आए हैं, वहीं 1200 से अधिक लोगों की मौतें हुई हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय ने यह जानकारी दी।
स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक, पिछले 24 घंटे में कोरोना वायरस के 97,570 नए केस सामने आए हैं और कोविड-19 से 1201 लोगों की मौतें हुई हैं। फिलहाल भारत में कोरोना वारयरस के मामलों की कुल संख्या 46,59,985 है, जिनमें 9,58,316 एक्टिव केस हैं और 36,24,197 लोग डिस्चार्ज हो चुके हैं।
देश में कोरोना वायरस से मरने वालों की संख्या में भी तेजी से बढ़ोतरी हो रही है। आज 1203 मौतों के साथ ही भारत में कोरोना से मरने वालों का आंकड़ा 77,472 हो गया। अब कोरोना केस और मौतों के मामले में अमेरिका के बाद भारत दुनिया का दूसरा देश है। अमेरिका में कोरोना वायरस के मामलों की संख्या फिलहाल 6,636,247 है और 197,421 मौतें हो चुकी हैं।

लखनऊ (शोर सन्देश)।उत्तर प्रदेश में शनिवार की सुबह एक भीषण सड़क हादसा हो गया जिसमें दो लोगों को जान गवानी पड़ी। आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे पर शनिवार की सुबह स्लीपर बस ट्रक में पीछे से घुस गई। हादसे में बस के ड्राइवर और हेल्पर की मौके पर ही मौत हो गई। बस में 70 सवारियां थीं, जिसमें आगे बैठे 12 लोग गंभीर रूप से जख्मी हो गए। घायलों को मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है। यह हादसा कन्नौज जिले के तालग्राम थाना के पास हुआ। आगरा से लखनऊ की तरफ जी रही तेज रफ्तार स्लीपर बस अनियंत्रित होकर आगे चल रहे ट्रक में पीछे से जा घुसी। हादसा इतना जोरदार था कि बस का अगला हिस्सा चकनाचूर हो गया, ट्रक और बस के बीच फंसे ड्राइवर और हेल्पर की की घटना स्थल पर ही मौत हो गई।यात्रियों ने बताया कि हादसा ड्राइवर को झपकी आने से हुआ। हादसे की सूचना मिलते ही यूपीडा और एनसीसी के अधिकारी व कर्मचारी मौके पर पहुंचे और घायल सवारियों को इलाज के लिए तिर्वा में स्थित मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया।

नई दिल्ली (शोर सन्देश)। कोरोनावायरस वैक्सीन को लेकर भारत बायोटेक ने एक अहम घोषणा की है भारत बायोटेक ने ट्वीट के जरिए बताया है कि उसकी कोविड -19 वैक्सीन कोवैक्सीन के पशु परीक्षण (एनिमल ट्रायल) सफल रहे हैं कहा गया है कि परिणामों ने लाइव वायरल चैलेंज मॉडल में वैक्सीन की सुरक्षात्मक प्रभावकारिता का प्रदर्शन किया हैदराबाद स्थित फर्म ने ट्वीट किया, `भारत बायोटेक गर्व से COVAXIN के पशु अध्ययन परिणामों की घोषणा करता है।
ये परिणाम एक लाइव वायरल चैलेंज मॉडल में सुरक्षात्मक प्रभावकारिता प्रदर्शित करते हैं. कहा गाय है कि प्राइमेट्स पर अध्ययन के आंकड़ों वैक्सीन उम्मीदवार की प्रतिरक्षा क्षमता को सिद्ध करते हैं।
आपको बता दें कि इससे पहले कोरोना वायरस को रोकने के लिए `भारत बायोटेक` द्वारा विकसित की जा रही स्वदेशी `कोवैक्सीन` को ड्रग रेगुलेटरी ने ट्रायल के दूसरे चरण की मंजूरी दे दी है दूसरे चरण में प्रवेश के लिए वैक्सीन पूरी तरह तैयार है।
दूसरे चरण में कोवैक्सीन का ट्रायल सोमवार 7 सितंबर से शुरू हो चुका है भारत बायोटेक की इस वैक्सीन को पहले चरण में देश के कई अलग-अलग हिस्सों में टेस्ट किया जा चुका है दूसरे चरण में 380 वॉलंटियर्स पर वैक्सीन को टेस्ट किया जा रहा है।

नई दिल्ली (शोर सन्देश)। अभिनेत्री कंगना रनौत और शिवसेना के बीच छिड़ी जंग बीतते समय के साथ बढ़ती ही जा रही है। इस दौरान कंगना को फैंस के साथ-साथ राजनीतिज्ञों का भी समर्थन मिल रहा है। इसी बीच, केंद्रीय मंत्री और रामदास अठावले भी कंगना के समर्थन में खुलकर सामने आए हैं। रामदास अठावले ने कहा कि कंगना के साथ अन्याय हुआ है और ये सब महाराष्ट्र सरकार ने बदले के रूप में किया है।
रामदास अठावले ने कंगना का समर्थन करने के साथ-साथ उन्हें राज्यसभा का सदस्य बनाने तक की बात कर दी। रामदास अठावले ने कहा कि कंगना हमारी पार्टी में आती हैं तो उन्हें ज्यादा फायदा नहीं होगा लेकिन अगर बीजेपी में शामिल होती हैं तो उन्हें राज्यसभा की सीट मिल सकती है।
00रामदास अठावले ने बीएमसी पर भी साधा निशाना.
कंगना का समर्थन करते हुए रामदास अठावले ने बीएमसी पर आरोप लगाया है और कहा कि अवैध निर्माण के 52 हजार मामले हैं जिसपर बीएमसी ने कोई कार्रवाई नहीं की, यहां तक की दाऊद इब्राहिम के खिलाफ भी एक्शन नहीं लिया गया, इसकी जांच जरूर होनी चाहिए। इसके साथ ही रामदास अठावले ने कहा कि कंगना का ऑफिस तोड़कर जितना उनका नुकसान किया गया है, उसकी भरपाई की जानी चाहिए।
कंगना से मिलने उनके मुंबई स्थिति आवास पर गए थे रामदास अठावले
कंगना के ऑफिस की हुई तोड़फोड़ के बाद रामदास अठावले मुंबई में स्थित कंगना के घर में उनसे मिलने गए थे। कंगना और रामदास अठावले की मुलाकात करीबन एक घंटे तक चली। इस मुलाकात के बारे में बात करते हुए रामदास अठावले ने बताया कि उन्होंने कंगना से कहा है कि उन्हें मुंबई में डरने की जरूरत नहीं है क्योंकि मुंबई सबकी है। रामदास अठावले ने कंगना को एक राष्ट्रवादी लड़की बताते हुए कहा कि उनकी पार्टी हमेशा अभिनेत्री के साथ रहेगी। आपको बता दें, कंगना जब मुंबई पहुंचीं थीं तो आरपीआई भी एयरपोर्ट पर उनका स्वागत और समर्थन करने के लिए मौजूद थी।