
नईदिल्ली(शोर सन्देश)। देश में कोरोना की रफ्तार जारी है केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से जाती ताजा आकंड़ों के अनुसार, देश में पिछले 24 घंटे में कोरोना के 89,706 नए केस सामने आए हैं और 1,115 लोगों की जान चली गई है।
वहीं, देश में कोरोना संक्रमितों की संख्या 43 लाख के पार पहुंच गई है। देश में कुल कोरोना संक्रमितों का आंकड़ा 43,70,129 हो गया है। इसमें 8,97,394 मामले सक्रीय हैं। वहीं, 33,98,845 लोगों को इलाज के अस्पताल से छुट्टी दी जा चुकी है। कोरोना की चपेट में आकर अब तक देश में 73,890 लोगों की मौत हो चुकी है।

नईदिल्ली (शोर सन्देश)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज मध्य प्रदेश के रेहड़ी-पटरी दुकानदारों और विक्रेताओं के साथ `स्वनिधि सम्मान’ का आयोजन करेंगे भारत सरकार ने रेहड़ी-पटरी लगाने वाले गरीब दुकानदारों की मदद के लिए 1 जून को `पीएम स्वनिधि योजना` शुरू की थी, इस योजना के तहत कोरोना के संक्रमण के दौरान जिनकी आजीविका प्रभावित हो गई थी, वे अपनी व्यापारिक गतिविधियों को फिर से शुरू कर सकते हैं। मध्य प्रदेश में 4.5 लाख स्ट्रीट वेंडर पंजीकृत थे, जिनमें 4 लाख से अधिक विक्रेताओं को पहचान और विक्रेता प्रमाणीकरण दिया गया था। पोर्टल के माध्यम से 2.45 लाख पात्र लाभार्थियों के आवेदन बैंकों को प्रस्तुत किए गए हैं, जिनमें से 140 करोड़ रुपये की राशि के लगभग 1.4 लाख स्ट्रीट वेंडरों को स्वीकृति प्रदान की गई है।
मध्य प्रदेश राज्य स्वीकृत कुल आवेदनों की संख्या में पहले स्थान पर है।

इंदौर (शोर सन्देश)। शहर के बीआरटीएस रोड स्थित एक कार शोरूम में एरोड्रम क्षेत्र में रहने वाला एक परिवार मंगलवार को कार खरीदने आया। शोरूम के सेल्स कंल्सटेंट नमन तिवारी ने बताया कि परिवार ने कार पहले से ही बुक कर दी थी। मंगलवार दोपहर करीब 3:30 बजे कार खरीदने वाले पति-पत्नी और सास-ससुर शोरूम पहुंचे। मुहूर्त के लिए सास ने बहू को कार चलाकर थोड़ी-सी आगे बढ़ाकर बंद करने के लिए कहा। इसी दौरान बहू से कार नहीं संभली और वह शोरूम के कांच फोड़कर तीन फीट नीचे दूसरी कार पर जा गिरी। हादसे में दोनों कारें बुरी तरह क्षतिग्रस्त हुई हैं। गनीमत है कि कोई हताहत नहीं हुआ।
जानकारी के अनुसार, बहू की मुहूर्त ड्राइव के वक्त उसका बेटा भी पास की सीट पर बैठा था। बहू ने कार चालू की और थोड़ी आगे बढ़ाकर ब्रेक लगाया तो पैर ब्रेक की बजाए एक्सीलरेटर पर चला गया। परिवार जो कार खरीद रहा था वह करीब साढ़े सात लाख रुपये की है और जिस कार पर वह गिरी उसकी कीमत लगभग 15 लाख रुपये है। दोनों गाड़ियों का बीमा है, इसलिए परिवार को कारों में हुए नुकसान की राशि जमा नहीं करनी पड़ेगी। शोरूम को हुए नुकसान की पूर्ति के लिए कार खरीदने आए परिवार और शोरूम मालिक ने आपस में 50 फीसद खर्च वहन करने पर समझौता कर लिया है। शोरूम संचालक ने परिवार की जानकारी देने से इन्कार कर दिया।

नई दिल्ली (शोर सन्देश) । भारत सरकार के रसायन और उर्वरक मंत्रालय के रसायन और पेट्रोरसायन विभाग के अधीन केन्द्रीय पेट्रोरसायन इंजीनियरिंग और प्रौद्योगिकी संस्थान “सिपेट” कौशल विकास और तकनीकि प्रशिक्षण की सुविधा के लिए भागलपुर (बिहार) और वाराणसी (उत्तर प्रदेश) में जल्दी ही अपने दो “सीएसटीएस” केन्द्र खोलने जा रहा है। रसायन और पेट्रोरसायन सचिव आर. के. चतुर्वेदी ने कहा कि इन केन्द्रों में पेट्रोरसायन और उससे जुड़े अन्य उद्योगों में रोजगार के लिए हर साल 1000 युवाओं को डिप्लोमा पाठ्यक्रम के माध्यम से प्रशिक्षण दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि इन केंद्रों द्वारा दी जाने वाली तकनीकी सहायता सेवाएं क्षेत्र में नए और मौजूदा उद्योगों के विकास के लिए एक उत्प्रेरक के रूप में काम करेंगी। पॉलिमर और संबद्ध उद्योगों की आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए वर्तमान में “सिपेट” के 43 केन्द्र काम कर रहे हैं और 9 और खुलने की प्रक्रिया में हैं। संस्थान राष्ट्र के प्रति अपनी समर्पित सेवाओं के 50 वर्ष पूरे कर चुका है। वर्तमान में इसके पॉलिमर साइंस, इंजीनियरिंग और टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में कौशल विकास और तकनीकि सहयोग का प्रशिक्षण देने वाले 31 सीएसटीएस केन्द्र हैं जहां डिप्लोमा, स्नातकोत्तर डिप्लोमा स्तर के कौशल विकास प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। “सिपेट” सरकार की ओर से चलाए जा रहे विभिन्न कार्यक्रमों जैसे स्किल इंडिया, मेक इन इंडिया, स्वच्छ भारत अभियान, स्टैंड अप इंडिया, स्टार्ट अप इंडिया और डिजिटल इंडिया आदि में सक्रिय रूप से योगदान दे रहा है। “सिपेट” से अब तक एक लाख से अधिक छात्र प्रशिक्षण लेकर निकल चुके हैं। इनमें से कई अपने कौशल और उद्मशीलता के बूते दुनिया के विभिन्न हिस्सों में ऊंचे पदों पर कार्यरत हैं जो कि “सिपेट” की एक बड़ी उपलब्धि कही जा सकती है।

नई दिल्ली (शोर सन्देश) । कोरोना की चुनौतियों के चलते लगभग 6 महीनों के बाद `लोकल से ग्लोबल` थीम के साथ 9 अक्टूबर 2020 से पुनः शुरू हो रहे `हुनर हाट` में इस बार स्वदेशी खिलौनों का जलवा रहेगा। केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने बताया कि देश के हर क्षेत्र में देशी खिलौनों के उत्पादन की बहुत पुरानी और पुश्तैनी परंपरा रही है, वह लुप्त हो रही थी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा स्वदेशी खिलौनों को प्रोत्साहित करने के आह्वाहन ने भारत के स्वदेशी खिलौना उद्योग में नई जान डाल दी है। श्री नकवी ने कहा कि देश का हर क्षेत्र, लकड़ी, ब्रास, बांस, शीशे, कपडे, कागज़, मिटटी के खिलौने बनाने वाले `हुनर के उस्तादों` से भरपूर है। इनके इस शानदार स्वदेशी उत्पादन को मौका-मार्किट मुहैया कराने के लिए `हुनर हाट` बड़ा प्लेटफार्म देने जा रहा है। श्री नकवी ने कहा कि स्वदेशी खिलौनों को प्रोत्साहित करने के आह्वाहन से भारतीय खिलौना उद्योग फिर से बाजार में अपना वर्चस्व कायम करेगा। श्री नकवी ने कहा कि अक्टूबर 2020 से शुरू होने वाले `हुनर हाट` में 30 प्रतिशत से ज्यादा स्टाल स्वदेशी खिलौनों के कारीगरों के लिए होंगे। अगला `हुनर हाट` प्रयागराज में 9 से 18 अक्टूबर 2020 तक आयोजित किया जायेगा। स्वदेशी खिलौनों की आकर्षक पैकेजिंग के लिए भी विभिन्न संस्थाओं के माध्यम से दस्तकारों-शिल्पकारों की मदद की जाएगी। श्री नकवी ने कहा कि पिछले पांच वर्षों में 5 लाख से ज्यादा भारतीय दस्तकारों, शिल्पकारों को रोजगारके अवसर प्रदान करने वाले `हुनर हाट` के दुर्लभ हस्तनिर्मित स्वदेशी सामान लोगों में काफी लोकप्रिय हुए हैं। देश के दूरदराज के क्षेत्रों के दस्तकारों, शिल्पकारों, कारीगरों, हुनर के उस्तादों को मौका-मार्किट देने वाला `हुनर हाट` स्वदेशी हस्तनिर्मित उत्पादनों का `प्रामाणिक ब्रांड` बन गया है। केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय द्वारा अभी तक देश के विभिन्न भागों में दो दर्जन से अधिक `हुनर हाट` का आयोजन किया जा चुका है, जिसमें लाखों दस्तकारों, शिल्पकारों, कारीगरों को रोजगारके अवसर मिले हैं। आने वाले दिनों में `हुनर हाट` का आयोजन जयपुर (23 अक्टूबर से 1 नवम्बर), चंडीगढ़ (7 से 15 नवम्बर), इंदौर (21 से 29 नवम्बर), मुंबई (22 से 31 दिसंबर 2020), हैदराबाद (8 से 17 जनवरी 2021), लखनऊ (23 से 31 जनवरी 2021), दिल्ली (इंडिया गेट- 13 से 21 फरवरी 2021), रांची (20 से 28 फरवरी 2021), कोटा (5 मार्च से 14 मार्च 2021), सूरत/अहमदाबाद (20 से 27 मार्च 2021) में होगा।
श्री नकवी ने बताया कि इस बार के `हुनर हाट` का डिजिटल और ऑनलाइन प्रदर्शन भी होगा। साथ ही लोगों को `हुनर हाट` में प्रदर्शित सामान को ऑनलाइन खरीदने की भी सुविधा दी जा रही है। `हुनर हाट` के दस्तकारों और उनके स्वदेशी हस्तनिर्मित उत्पादों को `जेम` (गवर्नमेंट ई मार्केटप्लेस) में रजिस्टर किया जा रहा है। इसके अलावा विभिन्न निर्यात कौंसिल्स ने दस्तकारों, शिल्पकारों के स्वदेशी उत्पादों को अंतर्राष्ट्रीय मार्किट मुहैया कराने हेतु रूचि दिखाई है, जिससे इन दस्तकारों, शिल्पकारों के स्वदेशी उत्पादों को बड़े पैमाने पर अंतर्राष्ट्रीय मार्किट मिल सकेगा।
श्री नकवी ने कहा कि पुनः शुरू होने जा रहे `हुनर हाट` से देश के लाखों स्वदेशी विरासत के उस्ताद दस्तकारों, शिल्पकारों में उत्साह और ख़ुशी का माहौल बन गया है।

नई दिल्ली (शोर सन्देश ) । केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण, ग्रामीण विकास तथा पंचायती राज मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने 9 राज्यों (मध्य प्रदेश, असम, कर्नाटक, नागालैंड, त्रिपुरा, ओडिशा, गुजरात, उत्तराखंड व महाराष्ट्र) के 22 बांस क्लस्टरों की वर्चुअल शुरूआत की, साथ ही राष्ट्रीय बांस मिशन (एनबीएम) के लोगो का विमोचन किया। कार्यक्रम में श्री तोमर ने कहा कि देश में बांस मिशन सफल हो रहा है, भारत अब बांस के उत्पादों का निर्यात बढ़ाने की दिशा में अग्रसर होगा। श्री तोमर ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी की यह संकल्पना रही है कि स्थानीय उद्यमियों की प्रगति हो, उनका सरंक्षण हो और देशी उत्पाद आगे बढ़ें। इसी क्रम में बांस मिशन के पीछे सरकार के उद्देश्य सभी के सहयोग से सफल हो रहे है। बांस के महत्व को देखते हुए सरकार ने ‘’पेड़’’ की परिभाषा से बांस को हटाने के लिए भारतीय वन अधिनियम-1972 का वर्ष 2017 में संशोधन किया, जिससे किसानों को बांस व बांस आधारित उत्पादों की सुगम आवाजाही में सहायता हुई हैं। आज सभी लोग बांस की खेती और व्यवसाय करने के लिए स्वतंत्र है। आयात नीति में भी परिवर्तन के साथ ही बांस मिशन की उपयोगिता को दृष्टिगत रखते हुए सरकार तेजी से काम कर रही है, जिससे यह व्यवसाय बढ़ रहा है और रोजगार के अवसर भी उपलब्ध हो रहे है। श्री तोमर ने कहा कि देश में एक बड़ा रकबा ऐसा है जहां फसलों की खेती नहीं हो सकती लेकिन बांस का उत्पादन किया जा सकता है। मेढ़ पर भी बांस उगाकर किसान अतिरिक्त आय प्राप्त कर सकता है। पुरातन काल में भी लोग बांस का उपयोग अपने घरों के लिए करते थे, वे घर सुरिक्षत रहते थे। सरकार के माध्यम से अब पुरानी पद्धतियों को ही नई तकनीक से विकसित किया जा रहा है। राज्य भी बांस मिशन को गंभीरता से ले रहे है। हमारे यहां के कारीगर भी कुशल हैं, जिनके इस दिशा में आगे बढ़ने पर निर्यात बढ़ाने के लिए भारत अग्रसर होगा।

नई दिल्ली (शोर सन्देश )। भारतीय रेलवे ने मिशन के तौर पर काम करते हुए सितंबर 2020 महीने में 6 सितंबर तक पिछले वर्ष की समान अवधि में हुई माल ढुलाई और कमाई के आंकड़ें को पार कर लिया है। सितंबर 2020 के महीने में 6 सितंबर तक भारतीय रेलवे द्वारा माल ढुलाई 19.19 मिलियन टन हुई जो पिछले वर्ष की इसी अवधि में हुई माल ढुलाई (17.38 मिलियन टन) की तुलना में 10.41 प्रतिशत (1.81 मिलियन टन) अधिक है। इस अवधि में भारतीय रेलवे ने माल ढुलाई से 1836.15 करोड़ रुपये कमाए जो पिछले वर्ष की समान अवधि की कमाई (1706.47 करोड़ रुपये)की तुलना में 129.68 करोड़ अधिक है। सितंबर 2020 के महीने में 6 सितंबर तक भारतीय रेलवे में 19.19 मिलियन टन की माल ढुलाई हुई जिसमें 8.11 मिलियन टन कोयला, 2.59 मिलियन टन लौह अयस्क,1.2 मिलियन टन खाद्यान्न,1.03 मिलियन टन उर्वरक और 1.05 मिलियन टन (क्लिंकर को छोड़कर) सीमेंट शामिल है। उल्लेखनीय है कि रेलवे द्वारा माल ढुलाई को बहुत ही आकर्षक बनाने के लिए भारतीय रेलवे में कई रियायतें / छूट दी जा रही हैं। यह ध्यान देने की बात है कि माल ढुलाई में सुधार को संस्थागत रूप दिया जाएगा और इसे आगामी शून्य आधारित समय सारिणी में शामिल किया जाएगा। भारतीय रेलवे ने कोविड-19 महामारी का उपयोग अपनी समग्र दक्षता और प्रदर्शन को बेहतर बनाने के लिए कियाहै।

नई दिल्ली (शोर सन्देश ) । केंद्रीय गृह मंत्री, अमित शाह ने तृतीय राष्ट्रीय पोषण माह के अवसर पर सभी नागरिकों से एक कुपोषण मुक्त भारत बनाने का संकल्प लेने और उस दिशा में काम करने की अपील की। अपने ट्वीट में अमित शाह ने कहा कि “बच्चों, गर्भवती महिलाओं और स्तनपान कराने वाली माताओं के लिए पर्याप्त पोषण हमेशा से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उच्च प्राथमिकता रही है। 2018 में पीएम मोदी द्वारा शुरू किया गया पोषण अभियान देश से कुपोषण को मजबूती से खत्म करने में एक अभूतपूर्व भूमिका निभा रहा है”। केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि “पोषण माह 2020 के दौरान मोदी सरकार देशभर में कुपोषित बच्चों के संपूर्ण पोषण के लिए एक सघन अभियान चलाएगी। आइये हम सब मिलकर इस योजना को और सुदृढ़ बनाने में सहयोग कर भारत को कुपोषण मुक्त बनाने की शपथ लें”।
इस महीने तीसरा पोषण माह मनाया जा रहा है। इसका उद्देश्य युवा बच्चों और महिलाओं में कुपोषण दूर करने के लिए जन भागीदारी को बढ़ावा देने के साथ ही सभी के लिए अच्छा स्वास्थ्य और पोषण आहार सुनिश्चित करना है।

नई दिल्ली (शोर सन्देश) । भारत उन कुछ देशों में से एक है जहां बड़ी संख्या में दैनिक स्तर पर कोविड जांच की जा रही है, देश में दैनिक जांच क्षमता 11.70 लाख को पार कर गई है। देश में अबतक कुल मिलाकर लगभग 5 करोड़ (4,95,51,507) कोविड जांच हो चुकी है। पिछले 24 घंटों में 7,20,362 जांच की गई । जांच के व्यापक देशव्यापी नेटवर्ककेपरिणामस्वरूप, पिछले दो सप्ताह में 1,33,33,904 कोविड जांच की गई। केन्द्र सरकार अपनी नीतियों को वैश्विक संदर्भ में लगातार विकसित कर रही है। लोगों को व्यापक स्तर पर जांच की सुविधा देने के विभिन्न उपायों के बीच हाल ही में केन्द्र सरकार ने इच्छानुसार जांच की सुविधा भी शुरु करने के बारे में परामर्श जारी किया है। राज्यों और केन्द्र शासित प्रदेशों को भी अपने यहां जांच सुविधाएं बढ़ाने के लिए नियम सरल बनाने की छूट दे दी गई है। अगस्त महीने के तीसरे सप्ताह में दैनिक जांच का औसत लगभ 7 लाख था जो सितंबर के पहले सप्ताह तक बढ़ते हुए 10 लाख पर पहुंच गया। व्यापक स्तर पर जांच होने से कोविड के पुष्ट मामलों की शीघ्र पहचान संभव हो जाती है, जिससे ऐसे रोगियों को घर में या स्वास्थ्य देखभाल केन्द्रों में अलग रखने या अस्पताल में भर्ती करके समय पर उपचार की व्यवस्था करने में मदद मिलती है। परिणामस्वरुप लोग बीमारी से जल्दी ठीक हो पाते हैं उन्हें अस्पतालों से छुट्टी मिल जाती है जिससे ज्यादा से ज्यादा लोगों को मौत के मुंह में जाने से बचाने में मदद मिलती है।

नई दिल्ली (शोर सन्देश)। भारत उन कुछ देशों में से एक है जहां बड़ी संख्या में दैनिक स्तर पर कोविड जांच की जा रही है, देश में दैनिक जांच क्षमता 11.70 लाख को पार कर गई है। देश में अबतक कुल मिलाकर लगभग 5 करोड़ (4,95,51,507) कोविड जांच हो चुकी है। पिछले 24 घंटों में 7,20,362 जांच की गई।
जांच के व्यापक देशव्यापी नेटवर्क के परिणामस्वरूप, पिछले दो सप्ताह में 1,33,33,904 कोविड जांच की गई।
केन्द्र सरकार अपनी नीतियों को वैश्विक संदर्भ में लगातार विकसित कर रही है। लोगों को व्यापक स्तर पर जांच की सुविधा देने के विभिन्न उपायों के बीच हाल ही में केन्द्र सरकार ने इच्छानुसार जांच की सुविधा भी शुरु करने के बारे में परामर्श जारी किया है। राज्यों और केन्द्र शासित प्रदेशों को भी अपने यहां जांच सुविधाएं बढ़ाने के लिए नियम सरल बनाने की छूट दे दी गई है।
अगस्त महीने के तीसरे सप्ताह में दैनिक जांच का औसत लगभ 7 लाख था जो सितंबर के पहले सप्ताह तक बढ़ते हुए 10 लाख पर पहुंच गया। व्यापक स्तर पर जांच होने से कोविड के पुष्ट मामलों की शीघ्र पहचान संभव हो जाती है, जिससे ऐसे रोगियों को घर में या स्वास्थ्य देखभाल केन्द्रों में अलग रखने या अस्पताल में भर्ती करके समय पर उपचार की व्यवस्था करने में मदद मिलती है। परिणामस्वरुप लोग बीमारी से जल्दी ठीक हो पाते हैं उन्हें अस्पतालों से छुट्टी मिल जाती है जिससे ज्यादा से ज्यादा लोगों को मौत के मुंह में जाने से बचाने में मदद मिलती है।