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सोमनाथ मंदिर बना नारी सशक्तिकरण का केंद्र, 363 महिलाओं को 9 करोड़ रुपए का सालाना रोजगार

09-Jan-2026
नई दिल्ली।  ( शोर संदेश ) भारत की प्राचीन सांस्कृतिक धरोहर और आध्यात्मिक चेतना के जीवंत प्रतीक सोमनाथ मंदिर को दुनिया श्रद्धा और आस्था के केंद्र के रूप में जानती है। लेकिन, आज यह पवित्र धाम केवल पूजा-अर्चना और दर्शन तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह महिला सशक्तिकरण का सशक्त और प्रेरणादायी केंद्र बनकर उभरा है।  
सोमनाथ मंदिर ट्रस्ट की ओर से अपनाए गए जन केंद्रित और सामाजिक हित के दृष्टिकोण से महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने की एक नई दिशा मिली है। सोमनाथ मंदिर ट्रस्ट में अभी कुल 906 कर्मचारी सेवाएं प्रदान कर रहे हैं, जिनमें से 262 महिलाएं हैं। यह आंकड़े महज एक संख्या नहीं है, बल्कि यह ट्रस्ट की समावेशी विचारधारा और समान अवसर उपलब्ध कराने की प्रतिबद्धता का प्रतिबिंब हैं। मंदिर प्रबंधन, सेवा कार्य और दैनिक व्यवस्था में महिलाओं की सक्रिय भागीदारी से कार्य प्रणाली में संवेदनशीलता, अनुशासन और समर्पण का अनोखा संगम देखने को मिलता है।
विशेष गौरव की बात यह है कि मंदिर परिसर में स्थित पवित्र बिल्व वन पूरी तरह से महिलाओं के द्वारा संभाला जाता है। यहां कार्यरत 16 महिलाएं पर्यावरण संरक्षण, हरित संवर्धन और स्वच्छता के साथ मंदिर की पवित्रता को बनाए रखती हैं। यह व्यवस्था महिलाओं के कुशल संचालन और जिम्मेदारी के भाव का उत्तम उदाहरण बन गई है।
इसके अलावा, मंदिर के भोजनालय में 30 महिलाओं द्वारा निष्ठापूर्वक सेवा दी जा रही है। हजारों श्रद्धालुओं को प्रेम और सेवाभाव से भोजन परोसने वाली ये महिलाएं मंदिर की मानव सेवा परंपरा को जीवंत रखती हैं। प्रसाद वितरण जैसे पवित्र और विश्वास से भरे कार्य में 65 महिलाओं की भागीदारी उनके अनुशासन, समर्पण और विश्वसनीयता को दर्शाता है।
कुल मिलाकर, सोमनाथ मंदिर ट्रस्ट के माध्यम से 363 महिलाओं को सीधे तौर पर रोजगार मिल रहा है। इन सभी महिलाओं द्वारा सालाना लगभग 9 करोड़ रुपए की आय अर्जित की जा रही है, जो उनके आर्थिक स्वावलंबन और जीवन स्तर में होने वाले सकारात्मक परिवर्तन का स्पष्ट संकेत है। यह आय समाज के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
इस प्रकार सोमनाथ मंदिर ट्रस्ट ने आध्यात्मिक विरासत को सामाजिक दायित्व के साथ जोड़कर महिला सशक्तिकरण का एक अनुकरणीय एवं योग्य मॉडल विकसित किया है। श्रद्धा के इस पवित्र धाम से आज आत्मविश्वास, स्वाभिमान और स्वावलंबन की सुगंध फैल रही है।




 

पीएम मोदी ने नई तकनीक और AI के जरिए लोगों के जीवन सुधारने के लिए किया प्रेरित

09-Jan-2026
नई दिल्ली।  ( शोर संदेश ) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात के बाद एआई स्टार्टअप्स के प्रमुख अधिकारियों ने कहा कि पीएम ने लोगों के जीवन में बदलाव लाने वाला एआई बनाने के लिए सभी को प्रेरित किया है। न्यूरोडक्स के सीईओ डॉ.सिद्धार्थ पंवार ने कहा कि प्रधानमंत्री का अनुभव हमारी सोच में बदलाव लाने के लिए काफी जरूरी था। उन्होंने हमें प्रेरित किया है कि हमें केवल वह नहीं बनाना, जो कि पश्चिमी देश बना रहे हैं। हमें ऐसा एआई बनाना है, जो कि देश के आम लोगों की जिंदगी में बदलाव ला सके।
टेक महिंद्रा के सीआईओ निखिल मल्होत्रा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ बातचीत करके काफी अच्छा लगा। पीएम जानते हैं कि देश में एआई का प्रसार होना काफी जरूरी है और हमें नैतिकता और जिम्मेदारी के साथ ऐसे एआई समाधान विकसित करने होंगे, जो कि अभी तक विकसित नहीं हुए।
इसके अलावा, जेनलूप के सीईओ आयुष गुप्ता ने कहा कि भारत का एआई कैसा होगा, इसे लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से चर्चा हुई। उन्होंने स्पष्ट कहा है कि देश का एआई विश्वसनीय और नैतिकता पर खरा उतरना चाहिए। उन्होंने आगे कहा कि एआई का मतलब भारत के लिए ‘आत्मनिर्भर इंटेलिजेंस’ होने वाला है और यह आने वाले समय में विकसित भारत में एक बड़ी भूमिका निभाएगा।
वहीं, फ्रैक्टल एआई के सह-संस्थापक श्रीकांत वेलमाकन्नी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का विजन है कि भारत दुनिया में एआई में एक लीडर बने। इसके लिए जरूरी है कि हम भारत केंद्रित मॉडल बनाए और हर नागरिक को अपनी भाषा में उपलब्ध कराएं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को अपने आधिकारिक आवास 7 लोक कल्याण मार्ग पर सुबह भारतीय एआई स्टार्टअप के साथ बैठक की थी। यह बैठक इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 से पहले हुई है, जो कि अगले महीने भारत में होने वाला है।
पीएम मोदी की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में वह 12 एआई स्टार्टअप शामिल हुए हैं, जिन्होंने एआई फॉर ऑल: ग्लोबल इम्पैक्ट चैलेंज के लिए क्वालिफाइ किया है और इसमें उन्होंने अपने विचार और कार्य के बारे में बताया। पीएम कार्यालय की ओर से जारी किए गए बयान में कहा गया कि यह स्टार्टअप हेल्थकेयर, बहुभाषी लार्ज लैग्वेज मॉडल, मटेरियल रिसर्च, डेटा एनालिटिक्स, इंजीनियरिंग सिमुलेशन और अन्य क्षेत्रों में कार्य कर रहे हैं।
इस बैठक में अवतार, भारत जेन, फ्रैक्टल, गैन, जेनलूप, ज्ञानी, इंटेली हेल्थ, सर्वम, सॉकेट एआई, टेक महिंद्रा और जेंटिक सहित भारतीय एआई स्टार्टअप्स के सीईओ, प्रमुख और प्रतिनिधि शामिल हुए। इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव और राज्य मंत्री जितिन प्रसाद भी बैठक में उपस्थित थे।
 

बुनियादी ढांचे के क्रियान्वयन में भारत का PRAGATI मॉडल बना वैश्विक उदाहरण

09-Jan-2026
नई दिल्ली।  ( शोर संदेश ) ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी के सईद बिजनेस स्कूल की एक केस स्टडी में भारत के PRAGATI (प्रो-एक्टिव गवर्नेंस एंड टाइमली इम्प्लीमेंटेशन) प्लेटफॉर्म को डिजिटल गवर्नेंस के क्षेत्र में एक परिवर्तनकारी पहल बताया गया है। दिसंबर 2024 में प्रकाशित और गेट्स फाउंडेशन के सहयोग से तैयार इस अध्ययन में PRAGATI को देश की बड़ी बुनियादी ढांचा परियोजनाओं को तेजी से आगे बढ़ाने का प्रभावी माध्यम बताया गया है।
“From Gridlock to Growth: How Leadership Enables India’s PRAGATI Ecosystem to Power Progress” शीर्षक वाली इस रिपोर्ट में कहा गया है कि मार्च 2015 में लॉन्च होने के बाद से PRAGATI ने 340 से अधिक महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचा और सामाजिक विकास परियोजनाओं को गति दी है। इन परियोजनाओं की अनुमानित लागत करीब 205 अरब डॉलर बताई गई है।
ऑक्सफोर्ड स्टडी के मुताबिक, PRAGATI ने विभिन्न क्षेत्रों में क्रियान्वयन से जुड़ी बाधाओं को दूर करने और निर्णय प्रक्रिया को तेज करने में केंद्रीय भूमिका निभाई है। यह प्लेटफॉर्म मंत्रालयों और राज्यों के बीच समन्वय बढ़ाकर लंबित परियोजनाओं को आगे बढ़ाने में मदद करता है।
रिपोर्ट में बोगीबील ब्रिज का उदाहरण देते हुए बताया गया है कि शीर्ष स्तर के नेतृत्व और PRAGATI की नियमित समीक्षा से बड़ी बुनियादी ढांचा परियोजनाओं को नई गति मिली। अध्ययन के अनुसार, प्रधानमंत्री की सक्रिय निगरानी ने लंबित परियोजनाओं में जवाबदेही और तात्कालिकता का भाव पैदा किया, जिससे संसाधनों का समुचित उपयोग हुआ और जमीनी स्तर पर कार्यरत टीमों को प्रेरणा मिली।
केस स्टडी में बताया गया है कि PRAGATI का एक अहम पहलू स्पष्ट और लागू की जा सकने वाली समयसीमा तय करना है। सड़क, रेलवे, बिजली संयंत्र और पुल जैसी बड़ी परियोजनाएं जटिल लॉजिस्टिक्स और कई एजेंसियों के समन्वय पर निर्भर होती हैं। समयसीमा के अभाव में ये लंबे समय तक अटकी रह सकती हैं।
ऑक्सफोर्ड रिपोर्ट में झारखंड की पकरी-बरवाडीह कोयला खदान परियोजना का उल्लेख किया गया है। वर्ष 2006 में मंजूरी मिलने के बावजूद इस परियोजना में खास प्रगति नहीं हुई थी। 2016 में PRAGATI के तहत समीक्षा के दौरान प्रधानमंत्री ने राज्य सरकार को दो महीने में मुआवजा और कानून-व्यवस्था से जुड़े मुद्दे सुलझाने के निर्देश दिए। इसके बाद परियोजना को गति मिली और 2019 में यह पूरी हो सकी।
स्टडी में यह भी बताया गया है कि PRAGATI के जरिए केंद्रीय मंत्रालयों की आंतरिक प्रक्रियाओं को सरल बनाया गया। वर्ष 2017 में रेलवे मंत्रालय में जनरल अरेंजमेंट ड्रॉइंग्स की मंजूरी में हो रही देरी को एक बड़ी बाधा के रूप में चिन्हित किया गया। इसके बाद तकनीकी समाधान अपनाने के निर्देश दिए गए, जिसके तहत 2020 में इलेक्ट्रॉनिक ड्रॉइंग अप्रूवल सिस्टम शुरू किया गया। इससे मंजूरी की समयसीमा में उल्लेखनीय कमी आई।
ऑक्सफोर्ड विश्लेषण में PRAGATI की एक और खासियत राज्यों और मंत्रालयों के बीच सहयोग को बढ़ावा देना बताया गया है। एननोर-तिरुवल्लूर-बेंगलुरु-पुदुचेरी-नागपट्टिनम-मदुरै-तूतुकुडी गैस पाइपलाइन परियोजना, जो तीन राज्यों और 400 गांवों से होकर गुजरती है, जनवरी 2024 में पूरी हुई।
रिपोर्ट के अनुसार, 2018 में प्रधानमंत्री ने तमिलनाडु, कर्नाटक और आंध्र प्रदेश की सरकारों को निर्देश दिया कि भूमि स्वामियों से बातचीत के लिए एक ही क्रियान्वयन एजेंसी को अधिकृत किया जाए। इससे राइट ऑफ वे से जुड़े विवादों का समाधान आसान हुआ और परियोजना समय पर पूरी हो सकी।
नीति विशेषज्ञों का मानना है कि ऑक्सफोर्ड की यह स्टडी इस बात की पुष्टि करती है कि PRAGATI जैसे नेतृत्व आधारित समीक्षा तंत्र जटिल बुनियादी ढांचा परियोजनाओं को आगे बढ़ाने में निर्णायक भूमिका निभा सकते हैं। रियल-टाइम मॉनिटरिंग और शीर्ष स्तर की निगरानी के जरिए यह प्लेटफॉर्म नौकरशाही की जड़ता को तोड़ने में सफल रहा है।
रिपोर्ट के निष्कर्ष में कहा गया है कि नेतृत्व की सक्रिय भागीदारी और सहयोगात्मक समस्या समाधान पर आधारित PRAGATI का डिजिटल गवर्नेंस मॉडल उन देशों के लिए उपयोगी सबक प्रदान करता है, जो बुनियादी ढांचा क्रियान्वयन में सुधार और विकास के बेहतर परिणाम हासिल करना चाहते हैं।
 

NIDMS आतंकवाद के विरुद्ध नेक्स्ट जेनरेशन सुरक्षा कवच बनेगा : अमित शाह

09-Jan-2026
नई दिल्ली।  ( शोर संदेश ) केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने आज शुक्रवार को नई दिल्ली में वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (NSG) के National IED Data Management System (NIDMS) का उद्घाटन किया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में गत 6 वर्षों में अनेक प्रकार का डेटा जनरेट कर उसे व्यवस्थित तरीके से एकत्रित करने का महत्वपूर्ण काम हुआ है। उन्होंने कहा कि NIDMS आगामी दिनों में देश में होने वाली सभी प्रकार की आतंकवादी घटनाओं की जांच और उनके विभिन्न पहलुओं के विश्लेषण में अत्यंत महत्वपूर्ण सिद्ध होगा। साथ ही, NIDMS आतंकवाद के विरुद्ध नेक्स्ट जेनरेशन सुरक्षा कवच बनेगा।
गृह मंत्री शाह ने कहा कि गृह मंत्रालय ने विगत वर्षों में विभिन्न प्रकार के डेटा सृजित किए हैं, लेकिन अब तक वे silos में यानि अलग-अलग थे। अब हम इन सभी डेटा स्रोतों को एक-दूसरे से जोड़ने और उनके विश्लेषण के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित एक उन्नत सॉफ्टवेयर विकसित करने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि NIDMS की आज की यह शुरुआत इस प्रक्रिया को गति प्रदान करेगी और देश को आतंकवाद से सुरक्षित बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पड़ाव साबित होगी।
अमित शाह ने आगे कहा कि आज शुरू हो रहे NIDMS से NIA, देशभर की ATS, राज्यों की पुलिस और सभी CAPF को एक वृहद, एकीकृत और ऑनलाइन डेटा प्लेटफॉर्म उपलब्ध होगा, जो दो-तरफा (two-way) होगा। उन्होंने कहा कि किसी भी स्थान पर हुए विस्फोट या IED संबंधी घटना का डेटा इस सिस्टम में शामिल किया जा सकेगा। इस डेटा का उपयोग करके हर राज्य में जांच के दौरान आवश्यक गाइडेंस प्राप्त हो सकेगी। उन्होंने कहा कि NIDMS आतंकी गतिविधियों की जांच, विस्फोटों के ट्रेंड समझने और उनके खिलाफ प्रभावी रणनीति बनाने में अत्यंत महत्वपूर्ण सिद्ध होगा।
अमित शाह ने कहा कि NIDMS एक सुरक्षित राष्ट्रीय डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जिसके माध्यम से देशभर की बम विस्फोट संबंधी घटनाओं का संगठित रूप से सटीक विश्लेषण किया जा सकेगा।
गृह मंत्री ने कहा कि ‘One Nation, One Data Repository’ के माध्यम से अलग-अलग विभागों में बिखरा डेटा अब एक राष्ट्रीय संपत्ति के रूप में हर पुलिस इकाई को उपलब्ध होगा। इससे अभियोजन की गति और गुणवत्ता दोनों में बहुत अच्छा और सकारात्मक बदलाव आएगा और हम पैटर्न को भी आसानी से समझ पाएंगे। उन्होंने कहा कि पैटर्न को समझने से वैज्ञानिक साक्ष्य आधारित अभियोजन संभव होगा। साथ ही, एजेंसियों के बीच समन्वय भी बेहतर तरीके से स्थापित होगा। शाह ने आगे कहा कि यह सही सूचना को सही समय और सही जगह पर पहुंचाने का एक अत्यंत महत्वपूर्ण प्रयास होगा।
अमित शाह ने कहा कि NSG हमारे देश की आंतरिक सुरक्षा का एक मजबूत स्तंभ है। NSG के जवानों की वीरता, अद्वितीय कौशल और अटूट समर्पण के कारण हमारे नागरिक चैन की नींद सो पाते हैं। उन्होंने कहा कि कहीं भी हमला हो, उसका सटीक और त्वरित जवाब देना हो, एंटी-हाइजैक ऑपरेशन के लिए निरंतर तैयारी बनाए रखनी हो, बम डिस्पोजल के ऑपरेशन हों या कोई अन्य चुनौती—हर क्षेत्र में NSG ने न केवल उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है, बल्कि हर बार सफल परिणाम भी दिए हैं।
केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि NSG भारत की विश्वस्तरीय और Zero-Error फोर्स है। NSG की स्थापना 1984 में हुई थी और तब से अब तक, चाहे कोई भी घटना हो, दुनिया भर की आतंकी घटनाओं का निरंतर विश्लेषण करके NSG ने खुद को हर प्रकार की घटना से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार रखा है। उन्होंने कहा कि आतंकवाद निरोधक गतिविधियाँ, विमान हाइजैक विरोधी अभियान, बम को निष्क्रिय करने की उन्नत प्रणाली और अब इसका डेटा सभी एजेंसियों के साथ साझा करने का प्लेटफॉर्म तैयार करना—ये सभी महत्वपूर्ण कार्य NSG कर रही है।
संबोधन के दौरान अमित शाह ने कहा कि इन चार दशकों में लगातार बदलते परिदृश्य के साथ NSG ने खुद को बदलने की प्रक्रिया जारी रखी है। NSG के क्षेत्रीय हब अब अलग-अलग हिस्सों- मुंबई, चेन्नई, कोलकाता, हैदराबाद, अहमदाबाद में काम करेंगे। साथ ही अब अयोध्या में भी एक नया हब बन रहा है। इससे NSG को किसी भी जगह तक पहुंचने में लगने वाले समय में काफी कमी आएगी। उन्होंने कहा कि ये सभी हब एक्टिव होने के बाद, खासकर अयोध्या का हब एक्टिव होने के बाद, देश के किसी भी कोने में आपात स्थिति में NSG एक-डेढ़ घंटे में पहुंच सकेगी।

दिल्ली पुलिस ने अवैध गारमेंट यूनिट का भंडाफोड़ किया, नकली ब्रांडेड कपड़े जब्त

08-Jan-2026
नई दिल्ली।  ( शोर संदेश ) दिल्ली पुलिस के वेस्ट डिस्ट्रिक्ट की जिला जांच इकाई (डीआईयू) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक अवैध गारमेंट निर्माण और भंडारण इकाई का पर्दाफाश किया है। इस कार्रवाई में अंतरराष्ट्रीय ब्रांड्स के नाम पर तैयार किए जा रहे 1,919 नकली रेडीमेड परिधानों को जब्त किया गया है। जब्त किए गए कपड़ों में कई प्रतिष्ठित ब्रांड्स के नकली उत्पाद शामिल हैं। पुलिस की ओर से आज गुरुवार को यह जानकारी दी गई।
दिल्ली पुलिस की ओर से जारी प्रेस नोट में बताया गया कि यह कार्रवाई टोडापुर, दिल्ली में स्थित एक अपर-ग्राउंड प्रिमाइस पर की गई, जहां बड़े पैमाने पर नकली ब्रांडेड कपड़ों का निर्माण और भंडारण किया जा रहा था। पुलिस ने मौके से आरोपी को गिरफ्तार कर लिया, जिसकी पहचान राजीव नागपाल (45) के रूप में हुई।
यह पूरा मामला अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिष्ठित ब्रांड्स के अधिकृत प्रतिनिधियों द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के बाद सामने आया। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि पश्चिमी दिल्ली में बड़े पैमाने पर नकली कपड़ों का निर्माण और बिक्री की जा रही है। शिकायत की गहन जांच, ट्रेडमार्क और कॉपीराइट दस्तावेजों के सत्यापन एवं ट्रेड मार्क्स एक्ट, 1999 की धारा 115(4) के तहत रजिस्ट्रार ऑफ ट्रेड मार्क्स से अनिवार्य राय प्राप्त करने के बाद, डीआईयू वेस्ट डिस्ट्रिक्ट ने छापेमारी की योजना बनाई।
7 जनवरी 2026 को की गई इस छापेमारी का नेतृत्व एसआई वंदना ने किया। टीम में एसआई उदयवीर सिंह और हेड कांस्टेबल ऋषिराज शामिल थे। पूरी कार्रवाई इंस्पेक्टर डीआईयू/वेस्ट के नेतृत्व में एसीपी/डीआईयू विजय सिंह की निगरानी में तथा उच्च अधिकारियों के समग्र पर्यवेक्षण में की गई। छापेमारी के दौरान शिकायतकर्ता कंपनियों के अधिकृत प्रतिनिधि भी मौके पर मौजूद रहे और पूरी प्रक्रिया कानूनी नियमों के तहत संपन्न की गई।
छापेमारी के दौरान अधिकारियों ने मौके से बड़ी मात्रा में नकली ब्रांडेड कपड़े बरामद किए। इनमें जारा ब्रांड की 1,050 नकली शर्ट, यूएसपीए ब्रांड की 650 नकली शर्ट और लेवाइस स्ट्रॉस एंड कंपनी की 213 नकली शर्ट शामिल हैं। इसके अलावा सैंपल के रूप में जारा, यूएसपीए और लेवाइस की दो-दो शर्ट यानी कुल छह सैंपल शर्ट भी जब्त की गईं। इस तरह कुल 1,919 नकली कपड़े जब्त किए गए।
इस मामले में थाना इंदरपुरी, दिल्ली में 7 जनवरी 2026 को एफआईआर दर्ज की गई है। आरोपी के खिलाफ ट्रेड मार्क्स एक्ट, 1999 की धारा 103/104 और कॉपीराइट एक्ट, 1957 की धारा 63/65 के तहत मामला दर्ज किया गया है। दिल्ली पुलिस के अनुसार, इस मामले में आगे की जांच जारी है।
 

पीएम मोदी ने भाजपा नेता कबिंद्र पुरकायस्थ के निधन पर जताया दुख, कहा- ‘असम की प्रगति में उनका योगदान याद रखा जाएगा’

08-Jan-2026
नई दिल्ली।  ( शोर संदेश ) पूर्वोत्तर में भाजपा के बड़े नेता कबिंद्र पुरकायस्थ का सिलचर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में निधन हो गया। वह 94 साल के थे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कबिंद्र पुरकायस्थ के निधन पर शोक व्यक्त किया है। इसके साथ ही असम के सीएम हिमंता बिस्वा सरमा ने भी प्रतिक्रिया दी।
प्रधानमंत्री मोदी ने कबिंद्र पुरकायस्थ के निधन पर कहा कि समाजसेवा और असम की प्रगति में उनके योगदान को हमेशा याद रखा जाएगा। उनके निधन से गहरा दुख हुआ है।उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कबिंद्र पुरकायस्थ के साथ एक फोटो शेयर कर लिखा कि पूर्व सांसद और पूर्व केंद्रीय मंत्री कबिंद्र पुरकायस्थ के निधन से गहरा दुख हुआ है। समाजसेवा के प्रति उनकी प्रतिबद्धता और असम की प्रगति में उनके योगदान को हमेशा याद रखा जाएगा। उन्होंने राज्य भर में भाजपा को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इस दुख की घड़ी में मेरी संवेदनाएं उनके परिवार और प्रशंसकों के साथ हैं।
वहीं, असम के सीएम हिमंता बिस्वा सरमा ने कबिंद्र पुरकायस्थ के निधन पर दुख जताते हुए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि वे एक प्रतिभाशाली विचारक और समर्पित कार्यकर्ता थे। वह स्वयं एक संस्था थे, जिन्होंने इस क्षेत्र में भारतीय जनता पार्टी की नींव रखी और इसे असम में लोगों की पसंदीदा पार्टी बनाने में मदद की। सिलचर की गलियों से संसद के गलियारों तक, प्रचारक के दिनों से केंद्रीय मंत्री बनने तक, उन्होंने हमेशा लोगों और उनकी समस्याओं को प्राथमिकता दी। उन्होंने असम और उत्तर-पूर्व के हितों की रक्षा के लिए विभिन्न मंचों पर लगातार काम किया।
असम के सीएम ने आगे लिखा कि हम कार्यकर्ताओं के लिए वह सिर्फ जनता के प्रतिनिधि ही नहीं थे, बल्कि एक मार्गदर्शक, बड़े भाई और भरोसेमंद साथी भी थे। उन्होंने दिखाया कि राजनीति में मूल्य, सरलता, सेवा और एक-दूसरे की परवाह करना सबसे महत्वपूर्ण है। उनके जाने से एक ऐसी जगह खाली हो गई है, जिसे कोई नहीं भर सकता।
केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने कबिंद्र पुरकायस्थ के निधन पर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि वह भाजपा के सच्चे स्तंभ थे और उन्होंने अपना पूरा जीवन संगठन को जमीनी स्तर से मजबूत करने और निस्वार्थ सेवा के लिए समर्पित किया। मेरे जैसे हजारों कार्यकर्ताओं के लिए उनकी यात्रा और मार्गदर्शन हमेशा प्रेरणा का स्रोत रहे। वह साहस, भक्ति और मार्गदर्शन का स्रोत थे और मेरे लिए एक पिता समान थे।उन्होंने आगे लिखा कि उनका निधन एक व्यक्तिगत नुकसान है और असम की राजनीति में एक ऐसा स्थान खाली छोड़ गया है, जिसे भरना मुश्किल होगा। 















 

सोमनाथ स्वाभिमान पर्व की शुरुआत, पीएम मोदी ने देश से जुड़ने की अपील की

08-Jan-2026
नई दिल्ली।  ( शोर संदेश ) सोमनाथ स्वाभिमान पर्व गुरुवार से शुरू हो रहा है। यह ऐतिहासिक सोमनाथ मंदिर में ज्योतिर्लिंग की प्राण प्रतिष्ठा समारोह की 75वीं वर्षगांठ का प्रतीक है। इसके साथ ही पूरे वर्ष चलने वाले कई आध्यात्मिक कार्यक्रमों और आयोजनों की शुरुआत होगी।
मोदी आर्काइव ने साझा कीं 2001 की दुर्लभ तस्वीरें
मोदी आर्काइव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर वर्ष 2001 के एक कार्यक्रम की पुरानी तस्वीरें साझा की हैं। यह वही अवसर था, जब सोमनाथ मंदिर ने अपनी स्वर्ण जयंती मनाई थी और कार्यक्रम में तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी तथा गृह मंत्री एल.के. आडवाणी भी मौजूद थे।
मुख्यमंत्री रहते नरेंद्र मोदी की देखरेख में हुआ आयोजन
यह पूरा कार्यक्रम उस समय गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी की देखरेख में आयोजित किया गया था। मोदी आर्काइव के अनुसार, यह आयोजन 31 अक्टूबर 2001 को हुआ था, जिसे सोमनाथ मंदिर में एक ऐतिहासिक सभा के रूप में याद किया जाता है।
स्वर्ण जयंती समारोह का हुआ था समापन
इस दिन सोमनाथ मंदिर में ज्योतिर्लिंग की प्राण प्रतिष्ठा के एक वर्ष तक चले स्वर्ण जयंती समारोह का समापन हुआ था। यह तारीख सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती के साथ भी जुड़ी थी, जिन्होंने वर्ष 1951 में सोमनाथ मंदिर के पुनर्निर्माण की पहली परिकल्पना की थी।
पुनर्निर्माण के दिग्गजों के योगदान को किया गया याद
इस कार्यक्रम में तत्कालीन मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी ने डॉ. राजेंद्र प्रसाद और कन्हैयालाल माणिकलाल मुंशी जैसे महान व्यक्तित्वों के विजन को याद किया। उन्होंने कहा कि इन्हीं के संकल्प और प्रयासों से सोमनाथ मंदिर का पुनर्निर्माण संभव हो पाया।
सोमनाथ को बताया देश की आत्मा का प्रतीक
भावुक संबोधन में नरेंद्र मोदी ने कहा था कि सोमनाथ मंदिर भारत की आत्मा को दर्शाता है। उन्होंने उन वीरों को भी नमन किया, जिन्होंने 12 ज्योतिर्लिंगों में से पहले ज्योतिर्लिंग की रक्षा के लिए विदेशी आक्रमणकारियों से मुकाबला करते हुए अपने प्राण न्योछावर कर दिए।
पहले हमले के 1000 साल पूरे होने की स्मृति
वर्तमान में शुरू हो रहा सोमनाथ स्वाभिमान पर्व वर्ष 1026 में मंदिर पर हुए पहले हमले के 1000 वर्ष पूरे होने की स्मृति में आयोजित किया जा रहा है। यह पर्व सदियों से चली आ रही सोमनाथ की अटूट विरासत और लचीलेपन का उत्सव है।
पीएम मोदी ने देश को दी शुभकामनाएं
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर देशवासियों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने उस शाश्वत सभ्यता की भावना को याद किया, जिसने एक हजार वर्षों से भी अधिक समय से लाखों लोगों के दिलों में सोमनाथ को जीवित रखा है।
पुरानी यात्राओं की तस्वीरें साझा कर की सहभागिता की अपील
पीएम मोदी ने सोमनाथ मंदिर की अपनी पिछली यात्राओं की कुछ तस्वीरें भी साझा कीं और नागरिकों से इस पर्व से जुड़ी यादें साझा कर जश्न में शामिल होने का आग्रह किया।
8 से 11 जनवरी तक चलेंगे विविध कार्यक्रम
इस अवसर पर गुजरात के सोमनाथ मंदिर में 8 से 11 जनवरी तक कई आध्यात्मिक और सामाजिक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इस पर्व का मुख्य विषय “अटूट आस्था” रखा गया है, जो मंदिर को लचीलेपन, सांस्कृतिक निरंतरता और राष्ट्रीय एकता के प्रतीक के रूप में दर्शाता है।
 

तेल पर कब्जे के बाद ट्रंप का नया फरमान, अब अमेरिका में बने प्रोडक्ट्स खरीदेगा वेनेजुएला

08-Jan-2026
नई दिल्ली।  ( शोर संदेश )  वेनेजुएला पर हमला और राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को गिरफ्तार करने के बाद से अमेरिका ने वैश्विक राजनीति में हलचल तेज कर दी है। इन सबके बीच अब ट्रंप ने घोषणा की है कि वेनेजुएला अमेरिका की मध्यस्थता वाली नई तेल डील से होने वाली कमाई से सिर्फ अमेरिकी प्रोडक्ट खरीदेगा। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि वेनेजुएला ने इस पर सहमति जताई है। उन्होंने इस व्यवस्था को काराकास की आर्थिक दिशा में एक बड़ा बदलाव और अमेरिकी मैन्युफैक्चरर्स, किसानों और एक्सपोर्टर्स के लिए एक बूस्ट बताया है।
अमेरिकी राष्ट्रपति ने ट्रूथ सोशल पर एक पोस्ट के जरिए यह जानकारी दी है। ट्रंप ने कहा कि वेनेजुएला तेल समझौते से मिलने वाले रेवेन्यू का इस्तेमाल कई क्षेत्रों में अमेरिका का सामान खरीदने के लिए करेगा।
ट्रंप ने लिखा, “मुझे अभी पता चला है कि वेनेजुएला हमारी नई ऑयल डील से मिले पैसे से सिर्फ अमेरिका में बने प्रोडक्ट्स ही खरीदेगा।” वेनेजुएला, अमेरिकन एग्रीकल्चरल प्रोडक्ट्स और अमेरिका में बनी दवाइयां, मेडिकल डिवाइस और इक्विपमेंट के साथ-साथ वेनेजुएला के बिजली ग्रिड और एनर्जी सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए तकनीक और हार्डवेयर खरीदेगा।
ट्रंप ने इसे एक रणनीतिक बदलाव बताया और कहा कि अमेरिका के प्रतिद्वंदियों के साथ सालों के आर्थिक संबंध के बाद वेनेजुएला अपने मुख्य साझेदार के तौर पर अमेरिका के साथ बिजनेस करने के लिए प्रतिबद्ध है।
राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा, “दूसरे शब्दों में, वेनेजुएला अपने मुख्य साझेदार के तौर पर अमेरिका के साथ व्यापार करने के लिए प्रतिबद्ध है। यह एक समझदारी भरा फैसला है और यह वेनेजुएला और यूएस के लोगों के लिए बहुत अच्छी बात है।”
अमेरिकी राष्ट्रपति ने वेनेजुएला पर शिकंजा कसने के बाद उसके तेल की बिक्री पर अपने नियंत्रण का ऐलान किया। अमेरिकी राष्ट्रपति ने बताया है कि एक नए फ्रेमवर्क के तहत वेनेजुएला के एक्सपोर्ट और रेवेन्यू अमेरिका की निगरानी में होंगे।
वहीं, अमेरिकी सरकार के अधिकारियों ने कहा है कि तेल बाजार की कीमत पर बेचा जाएगा और कमाई अमेरिकी-कंट्रोल्ड सिस्टम के जरिए होगी। ट्रंप ने इसे अमेरिकी अर्थव्यवस्था, खासकर अमेरिकी किसानों, मैन्युफैक्चरर्स और मेडिकल सप्लायर्स के लिए सीधे फायदे के तौर पर पेश किया।
वेनेजुएला का इलेक्ट्रिक ग्रिड हाल के सालों में बार-बार फेल हुआ है, जबकि दवाओं और मेडिकल इक्विपमेंट की कमी के बारे में बड़े पैमाने पर जानकारी सामने आई है। ट्रंप ने कहा कि अमेरिका में बने इक्विपमेंट का इस्तेमाल वेनेजुएला के इलेक्ट्रिक ग्रिड और एनर्जी फैसिलिटीज को बेहतर बनाने के लिए किया जाएगा।
मादुरो के शासन में वेनेजुएला चीन, रूस और ईरान से आयात पर बहुत ज्यादा निर्भर था और अक्सर पेमेंट के तौर पर डिस्काउंट वाले तेल शिपमेंट का इस्तेमाल करता था, हालांकि ट्रंप के इस नए अरेंजमेंट के बाद इस ट्रेंड पर बड़ा असर पड़ेगा। तेल रेवेन्यू को अमेरिका की खरीद से जोड़कर ट्रंप सरकार ने ग्लोबल एनर्जी मार्केट तक वेनेजुएला की पहुंच को अमेरिकी सामानों की डिमांड से जोड़ दिया है। 

पीएम मोदी ने देशवासियों को जीवन के चार अहम मूल्यों का महत्व बताया

07-Jan-2026
नई दिल्ली।  ( शोर संदेश ) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देशवासियों को जीवन के चार अहम मूल्यों का महत्व बताया है। उन्होंने कहा कि इंसान का असली सौंदर्य कपड़ों या शक्ल से नहीं, बल्कि गुणों से चमकता है। परिवार की इज्जत नाम या खानदान से नहीं, बल्कि अच्छे स्वभाव और सही आचरण से बनती है। पढ़ाई-लिखाई तभी काम की है, जब वह सफलता तक पहुंचाए और पैसा तभी सार्थक है, जब उसका इस्तेमाल समझदारी और जिम्मेदारी से किया जाए।
सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर संस्कृत का एक सुभाषित किया साझा
प्रधानमंत्री ने बुधवार सुबह सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर संस्कृत का एक सुभाषित साझा किया:
गुणो भूषयते रूपं शीलं भूषयते कुलम्।
सिद्धिर्भूषयते विद्यां भोगो भूषयते धनम्॥
सुभाषित का अर्थ
इस सुभाषित का अर्थ है कि ये बातें सदियों पुरानी जरूर हैं, लेकिन आज भी उतनी ही सच और जरूरी हैं। उन्होंने कहा कि देश आगे तभी बढ़ेगा, जब लोग सिर्फ कमाने और दिखाने में नहीं, बल्कि अच्छा इंसान बनने, सही काम करने और संसाधनों का संतुलित उपयोग करने में भरोसा रखें।
ज्ञान का मतलब सिर्फ किताबों तक सीमित रहना नहीं है, बल्कि उसे जमीन पर उतारना और नतीजे में बदलना है। साथ ही पैसा जोड़ना बुरी बात नहीं, लेकिन उससे भी बड़ी बात यह है कि उसे कैसे खर्च किया जा रहा है। क्या वह खुद, समाज और प्रकृति के लिए सही दिशा में जा रहा है या नहीं। 

घने कोहरे और कड़ाके की ठंड के चलते गौतमबुद्धनगर में नर्सरी से कक्षा 8 तक के स्कूल 10 जनवरी तक बंद

07-Jan-2026
नई दिल्ली।  ( शोर संदेश ) गौतमबुद्धनगर जिले में लगातार बढ़ती ठंड और घने कोहरे को देखते हुए जिला प्रशासन ने बड़ा फैसला लिया है। बच्चों की सुरक्षा और स्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुए जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, गौतमबुद्धनगर की ओर से आधिकारिक आदेश जारी किया गया है।
इस आदेश के अनुसार जनपद गौतमबुद्धनगर में संचालित सभी बोर्डों के स्कूलों में नर्सरी से कक्षा 8 तक की कक्षाएं आगामी 10 जनवरी 2026 तक बंद रहेंगी। जारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि यह निर्णय जिलाधिकारी, गौतमबुद्धनगर द्वारा दिए गए निर्देशों के अनुपालन में लिया गया है।
आदेश में कहा गया है कि जिले में घना कोहरा, अत्यधिक ठंड और मौसम की प्रतिकूल परिस्थितियों को देखते हुए यह अवकाश घोषित किया गया है। यह आदेश सीबीएसई, आईसीएसई, यूपी बोर्ड सहित सभी अन्य बोर्डों से मान्यता प्राप्त विद्यालयों पर समान रूप से लागू होगा। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी द्वारा जारी कार्यालय आदेश के अनुसार नर्सरी से कक्षा 8 तक के सभी विद्यालय 10 जनवरी 2026 तक बंद रहेंगे।
आदेश में यह भी कहा गया है कि इस निर्देश का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित किया जाए। किसी भी स्तर पर लापरवाही पाए जाने पर संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है। जिला प्रशासन का कहना है कि सुबह के समय घना कोहरा और अत्यधिक ठंड बच्चों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकती है।
इसी को ध्यान में रखते हुए यह एहतियाती कदम उठाया गया है। प्रशासन ने अभिभावकों से भी अपील की है कि वे बच्चों को ठंड से बचाने के लिए आवश्यक सावधानियां बरतें। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी राहुल पंवार ने स्पष्ट किया है कि सभी स्कूल प्रबंधन इस आदेश का पूरी तरह पालन करें। किसी भी प्रकार की मनमानी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। 10 जनवरी के बाद मौसम की स्थिति की समीक्षा कर आगे का निर्णय लिया जाएगा।


 



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