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दिल्ली-एनसीआर में मानसून का जोर, 21-22 जुलाई को भारी बारिश और तेज हवाओं का येलो अलर्ट जारी

21-Jul-2026
नई दिल्ली।(शोर संदेश) दिल्ली समेत पूरे राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में मौसम ने आखिरकार करवट ले ली है। बीती देर रात हुई झमाझम बारिश के बाद लोगों को उमस और भीषण गर्मी से बड़ी राहत मिली है। बारिश के चलते तापमान में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई, जिससे सुबह का मौसम सुहावना हो गया। भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) के ताज़ा पूर्वानुमान के अनुसार 21 और 22 जुलाई को दिल्ली-एनसीआर में भारी बारिश, गरज-चमक और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है।
इन दोनों दिनों के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग के अनुसार 21 जुलाई को अधिकतम तापमान 32 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 25 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। पूरे दिन सामान्य रूप से आसमान में घने बादल छाए रहेंगे और भारी बारिश की संभावना बनी रहेगी। पूर्वानुमान के मुताबिक सुबह, पूर्वाह्न और दोपहर के समय मध्यम से भारी बारिश होगी। इस दौरान गरज-चमक, बिजली गिरने और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज झोंकेदार हवाएं चल सकती हैं। वहीं शाम के समय हल्की से मध्यम बारिश के साथ 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना जताई गई है।
22 जुलाई को भी मौसम का मिजाज लगभग ऐसा ही रहेगा। इस दिन अधिकतम तापमान 32 डिग्री और न्यूनतम 23 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। पूरे दिन सामान्य रूप से बादल छाए रहेंगे तथा मध्यम से भारी बारिश, गरज-चमक और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की तेज हवाओं की संभावना बनी रहेगी। इस दिन भी मौसम विभाग ने येलो अलर्ट जारी किया है। हालांकि 23 जुलाई से मौसम में कुछ राहत देखने को मिलेगी। इस दिन अधिकतम तापमान 33 डिग्री और न्यूनतम 22 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। आसमान सामान्य रूप से बादलों से ढका रहेगा और मध्यम बारिश की संभावना है, लेकिन कोई चेतावनी जारी नहीं की गई है।
24 जुलाई को अधिकतम तापमान 33 डिग्री और न्यूनतम 23 डिग्री, जबकि आर्द्रता 80 से 65 प्रतिशत रहने का अनुमान है। इस दिन केवल बादल छाए रहने की संभावना है और कोई मौसम संबंधी चेतावनी नहीं है। इसी तरह 25 जुलाई को अधिकतम तापमान 33 डिग्री और न्यूनतम 23 डिग्री सेल्सियस रहेगा। आर्द्रता 80 से 60 प्रतिशत के बीच रहने का अनुमान है। मौसम सामान्य रूप से बादलों वाला रहेगा।
26 जुलाई को अधिकतम तापमान 33 डिग्री और न्यूनतम 24 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है। आर्द्रता 75 से 55 प्रतिशत के बीच रहेगी। इस दिन भी आसमान में बादल छाए रहेंगे। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि आगामी दो दिनों तक दिल्ली, नोएडा, ग्रेटर नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम, फरीदाबाद और आसपास के क्षेत्रों में तेज बारिश के कारण जलभराव, ट्रैफिक जाम और पेड़ों की शाखाएं टूटने जैसी स्थितियां बन सकती हैं। लोगों को खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने, खुले स्थानों पर बिजली चमकने के समय खड़े न रहने और मौसम विभाग की एडवाइजरी का पालन करने की सलाह दी गई है।
 

तीन देशों की यात्रा के दूसरे चरण में पहुंचीं उत्तरी मैसेडोनिया राष्ट्रपति मुर्मु, सहयोग के नए रास्ते पर होगी चर्चा

21-Jul-2026
नई दिल्ली।(शोर संदेश) भारत की राष्ट्रपति और देश की प्रथम नागरिक राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मु तीन देशों के दौरे के दूसरे चरण में मोल्दोवा का दौरा सफलतापूर्वक पूरा करने के बाद भारतीय समयानुसार मंगलवार को उत्तरी मैसेडोनिया पहुंचीं। वहां उनका गर्मजोशी से स्वागत किया गया।
राष्ट्रपति सचिवालय ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर लिखा कि स्कोप्जे एयरपोर्ट पर पहुंचने पर, प्रेसिडेंट मुर्मू का स्वागत नॉर्थ मैसेडोनिया के विदेश मामले और विदेशी व्यापार मंत्री टिमचो मुकुंस्की ने किया। भारत के विदेश मंत्रालय ने एक्स पर जानकारी दी, “यह किसी भारतीय राष्ट्रपति का उत्तरी मैसेडोनिया का पहला दौरा है, जो दोनों देशों के संबंधों में बढ़ती गर्मजोशी को दिखाता है। इस दौरे से भारत-उत्तरी मैसेडोनिया के संबंध और गहरे होंगे और अलग-अलग क्षेत्रों में सहयोग के नए रास्ते खुलेंगे।”
प्रेसिडेंट गोरडाना सिलजानोव्स्का-दावकोवा के निमंत्रण पर राष्ट्रपति मुर्मु 22 जुलाई तक उत्तरी मैसेडोनिया में रहेंगी। इस दौरे के दौरान, राष्ट्रपति मुर्मु अपने समकक्ष राष्ट्रपति सिलजानोव्स्का-दावकोवा और प्रधानमंत्री ह्रिस्टिजान मिकोस्की से बातचीत करेंगी। उनका असेंबली के अध्यक्ष से मिलने, असेंबली को संबोधित करने और भारत-नॉर्थ मैसेडोनिया बिजनेस फोरम में भाषण देने का भी शेड्यूल है। दोनों देशों के बीच कृषि, फार्मास्यूटिकल्स, विज्ञान और तकनीक, सूचना तकनीक और आईटी-इनेबल्ड सेवाओं में ज्यादा सहयोग की उम्मीद है।
इससे पहले, मोल्दोवा में राष्ट्रपति मुर्मु ने मोल्दोवन की समकक्ष माइया सैंडू से चिसीनाउ में प्रेसिडेंशियल पैलेस में द्विपक्षीय बातचीत के लिए मुलाकात की। उन्होंने व्यापार और निवेश को बढ़ावा देने के लिए भारत-मोल्दोवा बिजनेस फोरम को भी संबोधित किया। राष्ट्रपति मुर्मु तकनीकी, कृषि और सस्ती दवा में साझा सहयोग को बढ़ाने से जुड़ी चर्चा में भी शामिल हुईं। दौरे के आखिरी हिस्से में प्रेसिडेंट निकुसोर डैन के निमंत्रण पर राष्ट्रपति मुर्मु 23 से 25 जुलाई तक रोमानिया जाएंगी। यह तीन दशक से ज्यादा समय में किसी भारतीय राष्ट्रपति का रोमानिया का पहला दौरा होगा।





 

सिक्किम में सुरंग हादसाः पीएम मोदी ने सीएम से बात की, बचाव अभियान में हर संभव मदद का भरोसा दिलाया

21-Jul-2026
नई दिल्ली।(शोर संदेश) पीएम मोदी ने मंगलवार को सिक्किम के मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग से नामची जिले में एनएचपीसी तीस्ता स्टेज 6 हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट की सुरंग में हुए हादसे के बाद बात की। उन्होंने राज्य को केंद्र की ओर से हर संभव मदद का भरोसा दिलाया। इस हादसे में सात लोगों की जान चली गई और बचाव अभियान जारी है।
सिक्किम सरकार के अनुसार, प्रधानमंत्री ने झोलंगी के समरदुंग में निर्माणाधीन सुरंग की स्थिति का जायजा लिया और चल रहे बचाव कार्यों की समीक्षा की। बातचीत के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने इस त्रासदी पर गहरी चिंता व्यक्त की और प्रभावित श्रमिकों और उनके परिवारों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त की।
उन्होंने राज्य सरकार को बचाव अभियान और राहत उपायों के लिए केंद्र से हर संभव सहायता का आश्वासन दिया। मुख्यमंत्री तमांग ने प्रधानमंत्री के त्वरित हस्तक्षेप और निरंतर समर्थन के लिए धन्यवाद व्यक्त करते हुए कहा कि केंद्र के आश्वासन ने राज्य प्रशासन को शक्ति और भरोसा प्रदान किया है, क्योंकि बचाव कार्य चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में किया जा रहा है।
कई एजेंसियां ​​युद्ध स्तर पर बचाव अभियान चला रही हैं। इनमें नेशनल डिजास्टर रिस्पॉन्स फोर्स (एनडीआरएफ), स्टेट डिजास्टर रिस्पॉन्स फोर्स (एसडीआरएफ), सिक्किम स्टेट डिजास्टर मैनेजमेंट अथॉरिटी, जिला प्रशासन, सिक्किम पुलिस, फायर एंड इमरजेंसी सर्विस, रंगपो प्राइमरी हेल्थ सेंटर की मेडिकल टीमें और स्थानीय स्वयंसेवक शामिल हैं। पाकयोंग और सिलीगुड़ी से विशेष बचाव टीमें भी इस अभियान में शामिल हो गई हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वह बचाव अभियान पर बारीकी से नजर रख रहे हैं। उन्होंने संबंधित सभी विभागों को निर्देश दिया है कि वे अभियान में तेजी लाएं, प्रभावित परिवारों को हर संभव मदद दें और इस दौरान सुरक्षा के कड़े मानकों का पालन सुनिश्चित करें। मुख्यमंत्री तमांग ने मारे गए कर्मचारियों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की और उन्हें भरोसा दिलाया कि इस मुश्किल समय में राज्य सरकार उन्हें पूरा सहयोग देगी। उन्होंने जटिल बचाव अभियान में लगे बचाव कर्मियों के समर्पण, साहस और पेशेवर रवैये की भी सराहना की।
मुख्यमंत्री ने जनता से अपील करते हुए शांत रहने, भ्रामक जानकारी न फैलाने और प्रभावित श्रमिकों और उनके परिवारों के लिए प्रार्थना करने का आग्रह किया। सिक्किम सरकार ने बचाव अभियान को सुरक्षित और प्रभावी ढंग से चलाने तथा त्रासदी से प्रभावित परिवारों को हर संभव सहायता प्रदान करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। इससे पहले अधिकारियों ने पुष्टि की कि सुरंग ढहने से सात श्रमिकों की मृत्यु हो गई है, जबकि फंसे हुए शेष श्रमिकों को निकालने के प्रयास जारी हैं।









 

भारतीय वायु सेना 20 जुलाई से डार्विन में एक्सरसाइज पिच ब्लैक 2026 शुरू करेगी

20-Jul-2026
नई दिल्ली।(शोर संदेश) भारतीय वायु सेना (आईएएफ) रॉयल ऑस्ट्रेलियन एयर फोर्स (आरएएएफ) बेस डार्विन में एक्सरसाइज पिच ब्लैक 2026 शुरू कर रही है। रक्षा मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि 20 जुलाई 2026 से 7 अगस्त 2026 तक चलने वाला यह अभ्यास पिच ब्लैक, आरएएएफ का प्रमुख द्विवार्षिक बहुराष्ट्रीय हवाई युद्ध अभ्यास है।
इस अभ्यास का नाम ‘पिच ब्लैक’ उत्तरी ऑस्ट्रेलिया के विशाल निर्जन क्षेत्रों में रात्रि उड़ान विशेष अभियान के कारण रखा गया है।
अभ्यास के 45 वर्षों के लंबे इतिहास में, इस संस्करण में बड़ी संख्या में प्रतिभागी बल शामिल हैं, जो जटिल बड़े बल प्रयोग और बहुराष्ट्रीय हवाई युद्ध अभियानों के लिए सैन्य कर्मियों को एक साथ ला रहे हैं।
भारतीय वायु सेना की टुकड़ी में पायलट, इंजीनियर, तकनीशियन, नियंत्रक और अन्य विशेषज्ञ सहित उच्च कुशल वायु योद्धा शामिल हैं। यह टुकड़ी राफेल मल्टीरोल लड़ाकू विमान का संचालन करेगी, जिसे सी-17 ग्लोबमास्टर-III और आईएल-78 वायु-से-वायु ईंधन भरने वाले विमानों का समर्थन प्राप्त होगा। यह अभ्यास भाग लेने वाली सेनाओं को अंतरसंचालनीयता बढ़ाने, बल एकीकरण को मजबूत करने और वैश्विक परिदृश्यों में सहयोगात्मक संचालन की दिशा में परिचालन सर्वोत्तम प्रथाओं का आदान-प्रदान करने का एक मूल्यवान अवसर प्रदान करेगा।
गौरतलब हो, अभ्यास पिच ब्लैक 26 लंबी दूरी पर अभियान संबंधी हवाई अभियानों को परखने, बहुराष्ट्रीय अंतर-संचालनीयता को बढ़ाने और हिंद-प्रशांत क्षेत्र में पेशेवर साझेदारियों को मजबूत करने का एक उत्कृष्ट अवसर प्रदान करता है।
यह अभ्यास भाग लेने वाली वायु सेनाओं को एक वास्तविक और चुनौतीपूर्ण बहुराष्ट्रीय वातावरण में संचालन करने में सक्षम बनाएगा, जिससे परिचालन समन्‍वय और आपसी समझ को बढ़ावा मिलेगा। भारतीय वायु सेना ने इससे पहले 2018, 2022 और 2024 में इस अभ्यास में भाग लिया है, जो रक्षा सहयोग और क्षेत्रीय सुरक्षा को सुदृढ़ करने की उसकी प्रतिबद्धता को प्रदर्शित करता है।






 

दिल्ली की बिजली व्यवस्था होगी स्मार्ट, सब-स्टेशन आधुनिकीकरण और सोलर अभियान की हुई शुरुआत

20-Jul-2026
नई दिल्ली।(शोर संदेश) दिल्ली के बिजली मंत्री आशीष सूद ने रविवार को पूर्वी दिल्ली में बिजली के बुनियादी ढांचे को आधुनिक बनाने और स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने के मकसद से दो पहल शुरू कीं। उन्होंने गांधी नगर में अत्याधुनिक स्मार्ट पैड माउंटेड सब स्टेशन का उद्घाटन किया और ‘सोलेराइज ईस्ट’ अभियान शुरू किया। इस अभियान का मकसद ‘पीएम सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना’ के तहत ज्यादा से ज्यादा नागरिकों को रूफटॉप सोलर सिस्टम से जोड़ना है।

इस कार्यक्रम में सड़क परिवहन और राजमार्ग और कॉर्पोरेट मामलों के केंद्रीय राज्य मंत्री हर्ष मल्होत्रा, विधायक, पार्षद, रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (आरडब्ल्यूए) के प्रतिनिधि, हाउसिंग सोसायटियों के सदस्य, बीवाईपीएल के वरिष्ठ अधिकारी और बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक शामिल हुए। इस मौके पर सूद ने कहा कि दिल्ली सरकार बिजली क्षेत्र के लिए एक लंबी अवधि वाली और भविष्य को ध्यान में रखकर बनाई गई रणनीति लागू कर रही है।
उन्होंने बताया कि सिर्फ एक साल में बिजली क्षेत्र के कैपिटल एक्सपेंडिचर में 1,427 करोड़ रुपए का निवेश किया गया है। इस निवेश का मकसद न सिर्फ मौजूदा जरूरतों को पूरा करना है, बल्कि दिल्ली की भविष्य में बढ़ती ऊर्जा की मांग के लिए एक मजबूत आधार तैयार करना भी है। उन्होंने कहा कि इस निवेश का इस्तेमाल ट्रांसमिशन और डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क को मजबूत करने, नए सब स्टेशन बनाने, पुराने बिजली इंफ्रास्ट्रक्चर को आधुनिक बनाने और स्मार्ट टेक्नोलॉजी को अपनाने की गति बढ़ाने में किया जा रहा है।
बिजली मंत्री ने बताया कि दिल्ली में इस साल अब तक की सबसे ज्यादा पीक पावर डिमांड (अधिकतम बिजली मांग) 8,748 मेगावाट दर्ज की गई। इतनी ज्यादा मांग के बावजूद, शहर में बिजली कटौती की कोई बड़ी समस्या नहीं हुई। उन्होंने कहा कि यह दिल्ली सरकार की प्लानिंग, बिजली वितरण कंपनियों की क्षमता, इंजीनियरों की लगन और राजधानी के बिजली इंफ्रास्ट्रक्चर की मजबूती को दिखाता है।
सूद ने कहा कि एक भरोसेमंद बिजली व्यवस्था किसी भी आधुनिक शहर का सबसे मजबूत आधार होती है। उद्योग, व्यापार, शिक्षण संस्थान, स्वास्थ्य सेवाएं, डिजिटल सेवाएं और नागरिकों का रोजमर्रा का जीवन – ये सभी बिना रुकावट वाली और अच्छी क्वालिटी की बिजली सप्लाई पर निर्भर करते हैं। इसलिए, दिल्ली सरकार बिजली क्षेत्र को और अधिक आधुनिक, स्मार्ट, ग्रीन और भविष्य के लिए तैयार बनाने की दिशा में लगातार काम कर रही है। उन्होंने कहा कि हमारा मकसद सिर्फ बिजली देना नहीं है, बल्कि भरोसेमंद, सस्ती, स्मार्ट और अब ग्रीन बिजली पहुंचाना है।



 

अमेरिका की नजर ईरान पर, उधर चीन ने पनडुब्बी से परमाणु-सक्षम मिसाइल लांच कर बढ़ाया तनाव

20-Jul-2026
नई दिल्ली।(शोर संदेश) हाल ही में चीनी पनडुब्बी से परमाणु हथियार ले जाने में सक्षम मिसाइल के प्रक्षेपण का समय जितना ध्यान आकर्षित करना चाहिए था, उतना नहीं कर पाया। एक रिपोर्ट में कहा गया है कि अमेरिका पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष में उलझा हुआ है, जिससे इस घटनाक्रम पर अपेक्षित स्तर की निगरानी और चर्चा नहीं हो सकी।
एशिया मीडिया सेंटर की एक रिपोर्ट में कहा गया, “इस परीक्षण के समय पर जितनी गहन जांच और ध्यान दिया जाना चाहिए था, उतना नहीं दिया गया। फरवरी के अंत से अमेरिका ईरान के साथ युद्ध में व्यस्त है। चीन के इस प्रक्षेपण वाले सप्ताह में यह संघर्ष और भी तेज हो गया, जब वाशिंगटन ने होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों पर हुए हमलों के बाद ईरान के दर्जनों ठिकानों पर हमले किए। पिछले कई महीनों से अमेरिका का ध्यान, उसकी सैन्य क्षमता और कूटनीतिक संसाधन खाड़ी क्षेत्र में जारी इस संघर्ष में केंद्रित रहे हैं।”
रिपोर्ट एशिया मीडिया सेंटर की है, जो न्यूजीलैंड के पत्रकारों को एशिया से जुड़े विषयों पर विशेषज्ञों की राय और संदर्भ सामग्री उपलब्ध कराने वाला एक संसाधन केंद्र है। लेखिका दिव्या मल्होत्रा का कहना है कि सिर्फ इसलिए यह नहीं कहा जा सकता कि चीन ने मौका देखकर यह परीक्षण किया। बीजिंग का कहना है कि यह उसके सालाना सैन्य प्रशिक्षण कार्यक्रम का हिस्सा था।
मल्होत्रा ​​ने लिखा, “यह परीक्षण ऐसे समय हुआ जब चीन के परमाणु संकेतों का गंभीर जवाब देने की क्षमता रखने वाला सबसे बड़ा देश यानी अमेरिका पूरी तरह दूसरे मोर्चे पर व्यस्त था। टोक्यो, कैनबरा और नई दिल्ली में रणनीतिक मामलों पर नजर रखने वाले लोगों ने इस बात पर जरूर ध्यान दिया होगा।” मल्होत्रा ने कहा कि इससे प्रशांत क्षेत्र की चिंता कम नहीं होती। उन्होंने लिखा, “दक्षिण प्रशांत परमाणु-मुक्त क्षेत्र के भीतर किसी मिसाइल का गिरना सबसे पहले न्यूजीलैंड के अपने रणनीतिक पड़ोस का मामला है। इस परीक्षण से पहले भी इस पूरे क्षेत्र में बढ़ती परमाणु अस्थिरता चिंता का विषय बनी हुई थी।”
रिपोर्ट में कहा गया कि यह कोई अकेली घटना नहीं है। इसमें सितंबर 2024 में चीन द्वारा प्रशांत महासागर में किया गया अंतरमहाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइल (आईसीबीएम) परीक्षण भी याद दिलाया गया। यह 44 साल में पहली बार था जब चीन ने अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में ऐसा परीक्षण किया। इसके बाद दिसंबर 2024 में जमीन में बने साइलो-बेस्ड आईसीबीएम परीक्षण भी किए गए।
रिपोर्ट के मुताबिक, “इन सभी घटनाओं से साफ पता चलता है कि चीन अब सिर्फ सीमित और गुप्त परमाणु क्षमता रखने वाले देश की तरह नहीं रह गया है। वह अपना परमाणु भंडार बढ़ा रहा है, उसे और मजबूत बना रहा है और अब उसे खुले तौर पर दुनिया के सामने दिखाने में भी ज्‍यादा सहज हो गया है।” मल्होत्रा के अनुसार, यह परीक्षण इस बात का संकेत है कि चीन अब अपने परमाणु हथियारों को पहले की तरह सिर्फ गुप्त रूप से विकसित नहीं कर रहा, बल्कि खुले तौर पर उनकी क्षमता भी दिखा रहा है।
रिपोर्ट में कहा गया, “अगर चीन के तेजी से बढ़ते पनडुब्बी बेड़े को भी साथ में देखा जाए, तो यह परीक्षण सिर्फ एक बार की ताकत दिखाने वाली कार्रवाई नहीं लगता। बल्कि यह लगातार समुद्र में परमाणु हथियारों से लैस पनडुब्बियों की तैनाती की दिशा में उठाया गया एक सोचा-समझा कदम दिखाई देता है। अमेरिका, फ्रांस और ब्रिटेन कई वर्षों से ऐसी लगातार समुद्री परमाणु गश्त करते रहे हैं।”







 

जम्मू-कश्मीर में बारिश का कहर: पुंछ में बाढ़-भूस्खलन से 11 की मौत, कई लापता

19-Jul-2026
पुंछ। (शोर संदेश) जम्मू-कश्मीर के पुंछ जिले में मूसलाधार बारिश ने भारी तबाही मचा दी है। शनिवार देर रात से रविवार सुबह तक हुई तेज बारिश के चलते कई इलाकों में अचानक बाढ़ और भूस्खलन की घटनाएं हुईं। अब तक 11 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि कई लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं। हादसों में चार लोग घायल हुए हैं, जिनमें तीन बच्चे शामिल हैं।
भारी बारिश का सबसे अधिक असर सुरनकोट तहसील में देखने को मिला। यहां कई मकान भूस्खलन की चपेट में आ गए। प्रशासन, पुलिस और सेना की संयुक्त टीमें राहत एवं बचाव अभियान में जुटी हुई हैं।
लोअर मड़ा गांव में भूस्खलन के कारण एक मकान पूरी तरह मलबे में दब गया। इस हादसे में मकान मालिक मोहम्मद लतीफ और उनके परिवार के पांच सदस्य लापता हो गए। रेस्क्यू अभियान के दौरान मलबे से आठ शव बरामद किए गए हैं।
संगलेयानी गांव में मकान गिरने से 18 वर्षीय युवक की मौत हो गई। मरहोट गांव में इरम नाम की नाबालिग लड़की तेज बहाव वाले नाले में बह गई, जिससे उसकी जान चली गई। वहीं धुंधक लठूंग पुल के पास एक नाले से एक अज्ञात महिला का शव भी बरामद किया गया।
नूनाबांडी गांव में मकान ढहने से 28 वर्षीय नाजिया कौसर की मौत हो गई। उनके पति मोहम्मद हफीज और दो से छह वर्ष की उम्र के तीन बच्चों को घायल अवस्था में सुरक्षित निकालकर राजा सुखदेव सिंह जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
मड़ा गांव में मलबा हटाने और लापता लोगों की तलाश का अभियान तेज कर दिया गया है। अधिकारियों के अनुसार, मलबे से अब तक आठ शव निकाले जा चुके हैं, जबकि गांव में अभी भी छह लोगों के लापता होने की सूचना है।
पुंछ के उपायुक्त अशोक कुमार शर्मा और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शफकत हुसैन ने प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर राहत एवं बचाव कार्यों की समीक्षा की। प्रशासन, पुलिस और सेना की टीमें प्रभावित परिवारों तक राहत पहुंचाने और फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने में जुटी हैं।
प्रशासन ने लोगों से नदी-नालों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूर रहने तथा मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करने की अपील की है। जिले में लगातार बारिश के चलते हालात पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है।


 

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु तीन यूरोपीय देशों के दौरे पर रवाना, भारत के साथ संबंधों को मिलेगी नई रफ्तार

19-Jul-2026

नई दिल्ली।  (शोर संदेश) राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु रविवार सुबह नई दिल्ली से मोल्दोवा, उत्तर मैसेडोनिया और रोमानिया की राजकीय यात्रा पर रवाना हो गईं। विदेश मंत्रालय के अनुसार, इस यात्रा से इन देशों के साथ भारत के द्विपक्षीय संबंधों को नई गति मिलने की उम्मीद है।

विदेश मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी देते हुए लिखा, “राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु मोल्दोवा गणराज्य, उत्तर मैसेडोनिया गणराज्य और रोमानिया के राजकीय दौरे पर गई हैं। यह भारत के किसी राष्ट्रपति का मोल्दोवा और नॉर्थ मैसेडोनिया का पहला दौरा है और तीन दशकों में रोमानिया का पहला राष्ट्रपति दौरा है। इस दौरे से इन देशों के साथ भारत के संबंधों को नई रफ्तार मिलेगी।”
आपको बता दें, राष्ट्रपति मुर्मु 19 से 25 जुलाई 2026 तक मोल्दोवा, उत्तर मैसिडोनिया और रोमानिया की राजकीय यात्रा पर रहेंगी। इस दौरे का उद्देश्य यूरोप के इन देशों के साथ भारत के राजनीतिक, आर्थिक, व्यापारिक और तकनीकी संबंधों को मजबूत करना है।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने विशेष प्रेस ब्रीफिंग में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु की यूरोपीय देशों की यात्रा के दौरान होने वाले कार्यक्रमों पर बात की। इस दौरान, उन्होंने बताया कि यह दौरा ऐतिहासिक रूप से बहुत महत्वपूर्ण है, क्योंकि पहली बार भारत के किसी राष्ट्रपति की मोल्दोवा और उत्तर मैसिडोनिया की द्विपक्षीय यात्रा हो रही है। रोमानिया की बात करें तो किसी भारतीय राष्ट्रपति की यह 30 साल से भी ज्यादा समय बाद पहली राजकीय यात्रा होगी। इससे पहले ऐसी यात्रा 1994 में हुई थी।
सचिव (पश्चिम) सिबी जॉर्ज ने बताया कि भारत और मोल्दोवा के बीच राजनयिक संबंध स्थापित होने के बाद यह किसी भारतीय राष्ट्रपति की मोल्दोवा की पहली यात्रा होगी। मोल्दोवा ने 2023 में नई दिल्ली में अपना दूतावास खोला था। इसलिए यह यात्रा ऐतिहासिक और राजनीतिक रूप से काफी महत्वपूर्ण है और यह दिखाती है कि भारत पूर्वी यूरोप के साथ अपने संबंधों को लगातार मजबूत कर रहा है।






 

मध्य प्रदेश कैबिनेट ने यूसीसी विधेयक को दी मंजूरी

19-Jul-2026
नई दिल्ली।(शोर संदेश)  मध्य प्रदेश मंत्रिमंडल ने रविवार को राजधानी भोपाल से बाहर जगदीशपुर में हुई बैठक में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) विधेयक को मंजूरी दे दी। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने मंत्रिमंडल की बैठक के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में फैसले की जानकारी दी।
सीएम मोहन यादव ने बताया कि समान नागरिक संहिता (यूसीसी) 2026 के विधेयक का अनुमोदन कैबिनेट के माध्यम से हुआ है। राज्य में हमारे लिए ‘क्या राम, क्या रहीम’ सभी को बराबरी का अवसर मिलेगा। यह कानून उस दिशा में एक बड़ा कदम है।
उन्होंने बताया कि बिल का मसौदा तैयार करने से पहले सुप्रीम कोर्ट की पूर्व जज जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई की अध्यक्षता में एक समिति बनाई गई थी, जिसने राज्य के सभी जिलों और डिवीजनों में लोगों से बातचीत की। राज्य-स्तरीय चर्चाओं में अलग-अलग धर्मों के राजनीतिक दलों और सामाजिक संगठनों को भी शामिल किया गया था।
यादव ने बताया कि आम आदमी पार्टी और कम्युनिस्ट पार्टी जैसे दलों ने बातचीत में हिस्सा लिया, लेकिन कांग्रेस पार्टी दूर रही। मुख्यमंत्री ने कांग्रेस की इस अनिच्छा की आलोचना करते हुए कहा कि यह पार्टी हमेशा से ‘एक राष्ट्र, एक कानून, एक नेता’ के विचार को लेकर उलझन में रही है।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में मुख्यमंत्री ने आगे बताया कि ड्राफ्ट विधेयक पर चर्चाओं के दौरान मुस्लिम समुदाय में यूसीसी को लेकर जबरदस्त समर्थन है। उन्होंने बताया कि लगभग 80 प्रतिशत महिलाएं और 40 प्रतिशत पुरुष एक समान कानून लागू करने के पक्ष में थे। उन्होंने कहा, “कई लोगों ने खुलकर कहा कि ऐसा कानून हमारी माताओं और बहनों की जिंदगी की रक्षा करेगा।”
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह फैसला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 2047 तक ‘विकसित भारत’ के विजन के अनुरूप है, जो ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास, सबका प्रयास’ के सिद्धांत पर आधारित है। उन्होंने कहा कि यूसीसी भारतीय संस्कृति के मूल भाव को दर्शाता है, जिसने हमेशा समानता, एकता और सद्भाव को बनाए रखा है।
बहरहाल, कैबिनेट की मंजूरी के बाद यूसीसी विधेयक को मध्य प्रदेश विधानसभा में पेश किया जाएगा, जो मध्य प्रदेश में कानूनी एकरूपता और सामाजिक न्याय की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम होगा।

पीएम मोदी ने अहमदाबाद में हुए हादसे के कारण हुई जनहानि पर शोक व्यक्त किया, अनुग्रह राशि की घोषणा

19-Jul-2026
नई दिल्ली।  प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गुजरात के अहमदाबाद स्थित एक पटाखा फैक्ट्री में हुए हादसे के कारण हुई जनहानि पर गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि स्थानीय प्रशासन प्रभावित लोगों को हरसंभव सहायता प्रदान कर रहा है।
पीएम मोदी ने प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष (पीएमएनआरएफ) से प्रत्येक मृतक के परिजनों को 2 लाख रुपये तथा प्रत्येक घायल को 50 हजार रुपये की अनुग्रह राशि प्रदान करने की घोषणा की।
प्रधानमंत्री ने शनिवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “गुजरात के अहमदाबाद में एक पटाखा फैक्ट्री में हुए हादसे में लोगों की मृत्यु का समाचार अत्यंत दुखद है। दुख की इस घड़ी में मेरी संवेदनाएं शोक संतप्त परिवारों के साथ हैं। मैं घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूं। स्थानीय प्रशासन प्रभावित लोगों को हरसंभव सहायता उपलब्ध करा रहा है। प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष (पीएमएनआरएफ) से प्रत्येक मृतक के परिजनों को 2 लाख रुपये तथा प्रत्येक घायल को 50 हजार रुपये की अनुग्रह राशि दी जाएगी।”
वहीं, राज्य के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने हादसे पर दुख व्यक्त करते हुए एक्स पर कहा कि अहमदाबाद की एक पटाखा फैक्ट्री में हुए हादसे की खबर बेहद दुखद है। मैं ईश्वर से प्रार्थना करता हूँ कि इस त्रासदी में जान गंवाने वालों की आत्मा को शांति मिले। मैं उनके परिवार वालों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करता हूँ। स्थानीय प्रशासन की ओर से प्रभावित लोगों को हर ज़रूरी मदद और इलाज मुहैया कराया जा रहा है। ईश्वर से प्रार्थना है कि हादसे में घायल हुए नागरिक जल्द स्वस्थ हों।
मुख्यमंत्री ने राज्य सरकार की ओर से मृतकों के परिवारों को 4 लाख रुपये और घायलों को 50,000 रुपये की सहायता देने की घोषणा की है।
शनिवार को अहमदाबाद के वस्त्राल इलाके में रामोल-गतराड मार्ग पर स्थित एक पटाखा फैक्ट्री में भीषण विस्फोट के बाद आग लग गई थी। हादसे में कुछ लोगों मौत की हुई है, जबकि कई लोग घायल हुए हैं। सभी घायलों का विभिन्न अस्पतालों में इलाज चल रहा है।


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