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भारत-अमेरिका के बीच ट्रेड डील पर बातचीत जारी: अमेरिकी राजदूत

12-Jan-2026
नई दिल्ली।  ( शोर संदेश ) भारत और अमेरिका लगातार ट्रेड डील पर बातचीत कर रहे हैं और अगली बैठक मंगलवार को प्रस्तावित है। यह बयान नई दिल्ली में हाल ही में नियुक्त हुए अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर की ओर से सोमवार को दिया गया। अमेरिकी दूतावास में कार्यभार संभालने के दौरान स्टाफ और पत्रकारों से बातचीत करते हुए गोर ने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए शुभकामनाएं भेजी हैं।
गोर ने कहा, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच दोस्ती असली है और भारत एवं अमेरिका का रिश्ता केवल आपसी हितों पर केंद्रित नहीं है, बल्कि बल्कि उच्चतम स्तर पर बने रिश्तों से भी बंधे हुए हैं।” उन्होंने आगे कहा,”सच्चे मित्र कई मुद्दों पर असहमत हो सकते हैं, लेकिन आखिर में आपसी मतभेद को सुलझा ही लेते हैं।” गोर के मुताबिक, भारत और अमेरिका के बीच व्यापार काफी महत्वपूर्ण है और इसके अलावा दोनों देश सुरक्षा, आतंकवाद के खिलाफ, एनर्जी, टेक्नोलॉजी, शिक्षा एवं स्वास्थ्य जैसे मुद्दों पर साथ मिलकर काम करना जारी रखेंगे। उन्होंने आगे बताया कि टैरिफ और बाजार पहुंच को लेकर मतभेद होने के बावजूद दोनों देश आपस में संपर्क बनाए रखे हुए हैं।
गोर ने यह भी घोषणा की कि अगले महीने भारत को ‘पैक्ससिलिका’ में पूरे सदस्य के तौर पर शामिल होने के लिए निमंत्रण भेजा गया है। उन्होंने बताया कि ‘पैक्ससिलिका’ एक नई पहल है जिसे अमेरिका ने पिछले महीने ही शुरू किया है। इसका मकसद जरूरी मिनरल्स और एनर्जी इनपुट से लेकर एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग, सेमीकंडक्टर, एआई डेवलपमेंट और लॉजिस्टिक्स तक एक सुरक्षित, खुशहाल और इनोवेशन पर आधारित आपूर्ति श्रृंखला विकसित करना है।
उन्होंने आगे कहा, “पिछले महीने इस ग्रुप में शामिल होने वाले देशों में जापान, दक्षिण कोरिया, यूनाइटेड किंगडम और इजराइल शामिल हैं। भारत के शामिल होने से यह ग्रुप और मजबूत होगा।” गोर के बयान से अमेरिकी वाणिज्य सचिव हॉवर्ड लटनिक की टिप्पणियों से पैदा हुआ ज्यादातर कन्फ्यूजन दूर हो गया है, जिसमें उन्होंने कहा था कि भारत-अमेरिका व्यापार बातचीत इसलिए रुक गई है क्योंकि पीएम मोदी ने राष्ट्रपति ट्रंप को फोन नहीं किया।
विदेश मंत्रालय ने लटनिक के बयान को खारिज करते हुए कहा, “रिपोर्ट में बताई गई बातों में इन चर्चाओं का जो जिक्र किया गया है, वह सही नहीं है।” विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा, “भारत दो कॉम्प्लिमेंट्री इकोनॉमी के बीच आपसी फायदे वाले ट्रेड डील में दिलचस्पी रखता है और इसे पूरा करने की उम्मीद करता है।”









 

ग्रीन हाइड्रोजन में भारतीय और जर्मन कंपनियों का नया मेगा प्रोजेक्ट, गेम-चेंजर साबित होगा: पीएम मोदी

12-Jan-2026
नई दिल्ली।  ( शोर संदेश ) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज की मौजूदगी में भारत-जर्मनी के बीच हुए गेम चेंजर मेगा प्रोजेक्ट का उल्लेख किया। सोमवार को गांधीनगर के महात्मा मंदिर कन्वेंशन एंड एग्जिबिशन सेंटर में हुई द्विपक्षीय वार्ता के बाद संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में प्रधानमंत्री मोदी ने दोनों देशों के बीच हुए विभिन्न समझौतों की अहमियत बताई।
प्रधानमंत्री ने स्वामी विवेकानंद की जयंती का उल्लेख करते हुए कहा, “स्वामी विवेकानंद जयंती के दिन चांसलर मर्ज का भारत में स्वागत करना मेरे लिए विशेष प्रसन्नता का विषय है। ये एक सुखद संयोग है कि स्वामी विवेकानंद जी ने ही भारत और जर्मनी के बीच दर्शन, ज्ञान और आत्मा का सेतु बनाया था। आज चांसलर मर्ज की यह यात्रा उसी सेतु को नई ऊर्जा, नया विश्वास और नया विस्तार प्रदान कर रही है। चांसलर के रूप में यह उनकी भारत ही नहीं, बल्कि एशिया की भी पहली यात्रा है। यह इस बात का सशक्त प्रमाण है कि वे भारत के साथ संबंधों को कितना गहरा महत्व देते हैं।”
पीएम मोदी ने भारत-जर्मनी सहयोग को मानवता के लिए अहम बताया, 50 अरब डॉलर व्यापार और बढ़ते निवेश को मील का पत्थर कहा, जो रणनीतिक साझेदारी को नई ऊर्जा देता है
पीएम मोदी ने इस यात्रा को मील का पत्थर बताते हुए कहा कि भारत और जर्मनी जैसे देशों की अर्थव्यवस्थाओं के बीच करीबी सहयोग पूरी मानवता के लिए महत्वपूर्ण है। बढ़ते व्यापार और निवेश संबंधों ने हमारे स्ट्रटीजिक पार्ट्नर्शिप को नई ऊर्जा दी है। हमारा द्विपक्षीय व्यापार अब तक के अपने सर्वोच्च स्तर पर पहुंच चुका है और 50 बिलियन डॉलर के आंकड़े को पार कर गया है। दो हजार से अधिक जर्मन कंपनियां लंबे समय से भारत में मौजूद हैं। ये भारत के प्रति उनके अटूट विश्वास और यहां मौजूद अनंत संभावनाओं को दर्शाता है। आज सुबह भारत-जर्मनी सीईओ फोरम में इसकी जीवंत झलक दिखाई दी।
प्रधानमंत्री ने उन समझौतों और सहयोग की बात की जो दोनों देशों के बीच है। बोले, “भारत और जर्मनी के बीच टेक्नोलॉजी सहयोग प्रति वर्ष मजबूत हुआ है और आज इसका प्रभाव जमीन पर स्पष्ट रूप से दिखाई देता है। रिन्यूएबल एनर्जी के क्षेत्र में भारत और जर्मनी की प्राथमिकताएं समान हैं। इसमें सहयोग को बढ़ाने के लिए हमने इंडिया–जर्मनी सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित करने का निर्णय लिया है। ये नॉलेज, टेक्नोलॉजी एंड इनोवेशन का साझा मंच बनेगा। हम क्लाइमेट, एनर्जी, अर्बन डेवलपमेंट और अर्बन मोबिलिटी जैसे क्षेत्रों में मिलकर नई परियोजनाओं को आगे बढ़ा रहे हैं।”
इसके साथ ही पीएम मोदी ने उस मेगा प्रोजेक्ट की बात की जो दोनों देशों के लिए गेम चेंजर साबित होगा। उन्होंने कहा, “ग्रीन हाइड्रोजन में दोनों देशों की कंपनियों का नया मेगाप्रोजेक्ट भविष्य की ऊर्जा के लिए एक गेम चेंजर साबित होगा। भारत और जर्मनी सिक्योर, ट्रस्टेड, और रेसिलिएंट सप्लाई चेन्स निर्माण के लिए मिलकर काम कर रहे हैं। इन सभी विषयों पर आज किए जा रहे एमओयू से हमारे सहयोग को नई गति और मजबूती मिलेगी।
पीएम मोदी ने रक्षा उद्योग के रोडमैप की बात की। उन्होंने कहा कि रक्षा और सुरक्षा में बढ़ता सहयोग हमारे आपसी भरोसे और साझी सोच का प्रतीक है। रक्षा व्यापार से जुड़ी प्रक्रियाओं को सरल बनाने के लिए मैं चांसलर मर्ज का हृदय से आभार व्यक्त करता हूं। हम रक्षा उद्योगों के बीच सहयोग बढ़ाने के लिए एक रोडमैप पर भी काम करेंगे, जिससे को-डेवलपमेंट और को-प्रोडक्शन के नए अवसर खुलेंगे।
प्रधानमंत्री ने आम लोगों के बीच बने रिश्ते पर प्रकाश डाला। रवीन्द्रनाथ टैगोर और मैडम कामा का जिक्र करते हुए कहा, भारत और जर्मनी के बीच ऐतिहासिक और गहरे पीपल-टू-पिपल-टाइस हैं। रवीन्द्रनाथ टैगोर की रचनाओं ने जर्मनी के बौद्धिक जगत को नई दृष्टि दी। स्वामी विवेकानंद की विचारधारा ने जर्मनी सहित पूरे यूरोप को प्रेरित किया, और मैडम कामा ने जर्मनी में पहली बार भारत की आजादी का ध्वज फहराकर, हमारी स्वतंत्रता की आकांक्षा को वैश्विक पहचान दी। आज हम इस ऐतिहासिक जुड़ाव को आधुनिक साझेदारी का रूप दे रहे हैं।”
भारत के स्किल को अहम बताते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने आगे कहा, “माइग्रेशन, मोबिलिटी और स्कीलिंग बढ़ाने पर विशेष बल दिया गया है। भारत की टैलेंटेड युवाशक्ति जर्मनी की अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण योगदान दे रही है। आज ग्लोबल स्किल्स पार्टनरशिप पर जारी ज्वाइंट डेक्लेरेशन ऑफ इंटेंट इसी भरोसे का प्रतीक है। इससे खास तौर पर हेल्थकेयर प्रोफेशनल्स की आवाजाही आसान होगी। आज हमने खेलों के क्षेत्र में भी सहयोग को आगे बढ़ाने के लिए ठोस कदम उठाए हैं। यह युवाओं को जोड़ने का एक प्रभावी माध्यम बनेगा।”
प्रधानमंत्री ने आगे कहा, ” आज हायर एजुकेशन पर बना कॉम्प्रिहेंसिव रोडमैप शिक्षा के क्षेत्र में हमारी साझेदारी को नई दिशा देगा। मैं जर्मन विश्वविद्यालयों को भारत में अपने कैंपस खोलने का आमंत्रण देता हूं। भारतीय नागरिकों के लिए वीजा-फ्री ट्रांजिट की घोषणा के लिए मैं चांसलर मर्ज का आभार व्यक्त करता हूं। इससे दोनों देशों के लोगों के बीच नज़दीकियां और बढ़ेंगी। मुझे खुशी है कि गुजरात के लोथल में बनाए जा रहे नेशनल मेरीटाइम हेरिटेज कॉम्पलेक्स से जर्मन मेरीटाइम म्युजियम जुड़ रहा है। यह दोनों देशों की मैरिटाइम को जोड़ने वाला ऐतिहासिक कदम है। ट्रेडिशनल मेडिसिन्स के क्षेत्र में गुजरात आयुर्वेद यूनिवर्सिटी का जर्मनी के साथ करीबी सहयोग रहा है। इस महत्वपूर्ण विषय पर आज किए जा रहे एमओयू से हमारे सहयोग को और अधिक बल मिलेगा।

 

पीएम मोदी ने सोमनाथ में देखा भव्य ड्रोन शो, आस्था और टेक्नोलॉजी के तालमेल को देख हुए मंत्रमुग्ध

11-Jan-2026
नई दिल्ली।  ( शोर संदेश ) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सोमनाथ में आयोजित सोमनाथ स्वाभिमान पर्व में शामिल हुए। मंदिर में पूजा-अर्चना करने के बाद ‘ओम’ जाप में शामिल हुए। प्रधानमंत्री ने एक ड्रोन शो भी देखा। इसको लेकर पीएम मोदी ने कहा कि इस अद्भुत ड्रोन शो में हमारी प्राचीन आस्था के साथ आधुनिक टेक्नोलॉजी का तालमेल हर किसी को मंत्रमुग्ध कर गया।
प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर ड्रोन की तस्वीरें शेयर की हैं, जिसमें वह गुजरात के मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री के साथ ड्रोन शो देखते नजर आ रहे हैं। तस्वीरों को शेयर कर पीएम मोदी ने लिखा है कि सोमनाथ स्वाभिमान पर्व के सुअवसर पर सोमनाथ मंदिर परिसर में भव्यता और दिव्यता से भरा ड्रोन शो देखने का सौभाग्य मिला। इस अद्भुत शो में हमारी प्राचीन आस्था के साथ आधुनिक टेक्नोलॉजी का तालमेल हर किसी को मंत्रमुग्ध कर गया।

उन्होंने आगे लिखा कि सोमनाथ की पावन धरा से निकला यह प्रकाशपुंज पूरे विश्व को भारत की सांस्कृतिक शक्ति का संदेश दे रहा है।
पीएम मोदी ने कल शनिवार की शाम को गुजरात के सोमनाथ मंदिर में सोमनाथ ट्रस्ट की महत्वपूर्ण बैठक की अध्यक्षता की। प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर इस बैठक की जानकारी साझा करते हुए लिखा, “सोमनाथ में मैंने श्री सोमनाथ ट्रस्ट की एक मीटिंग की अध्यक्षता की। हमने मंदिर परिसर में इंफ्रास्ट्रक्चर अपग्रेडेशन से जुड़े अलग-अलग पहलुओं और सोमनाथ की तीर्थयात्रा को और भी यादगार बनाने के तरीकों पर चर्चा की।”
पीएम मोदी ने एक अन्य पोस्ट में लिखा, “सोमनाथ में आकर बहुत अच्छा लग रहा है, जो हमारी सभ्यता की हिम्मत का एक गौरवशाली प्रतीक है। यह यात्रा सोमनाथ स्वाभिमान पर्व के दौरान हुई है, जब पूरा देश सन् 1026 में सोमनाथ मंदिर पर हुए पहले हमले के हजार साल पूरे होने पर एक साथ आया है। गर्मजोशी से स्वागत के लिए लोगों का आभारी हूं।”
पीएम मोदी आज रविवार की सुबह लगभग 9.45 बजे शौर्य यात्रा में भाग लेंगे। यह एक औपचारिक शोभायात्रा है, जो सोमनाथ मंदिर की रक्षा करते हुए प्राणों की आहुति देने वाले अनगिनत योद्धाओं को श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिए आयोजित की जाती है। 














 

ईरान के हालात को देखते हुए अमेरिका मदद के लिए तैयार : ट्रंप

11-Jan-2026
नई दिल्ली।  ( शोर संदेश ) अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि ईरान में जो हालात बने हुए हैं, उनमें अमेरिका मदद के लिए तैयार है। उन्होंने दावा किया कि ईरान अब आजादी यानी स्वतंत्रता की ओर देख रहा है और यह स्थिति पहले कभी ऐसी नहीं रही। ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म ट्रुथ सोशल पर लिखा कि ईरान स्वतंत्रता की ओर बढ़ रहा है और अमेरिका हर तरह की मदद के लिए तैयार है।
समाचार एजेंसी सिन्हुआ की रिपोर्ट के अनुसार, ट्रंप और अमेरिका के कई बड़े अधिकारियों ने पहले भी चेतावनी दी है कि अगर ईरान में शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वालों की हत्या होती है, तो अमेरिका कार्रवाई करेगा। ट्रंप ने पत्रकारों से कहा कि अगर लोग मारे गए तो अमेरिका दखल देगा। उन्होंने यह भी साफ किया कि इसका मतलब ज़मीन पर सेना भेजना नहीं है, बल्कि ऐसी जगहों पर कड़ा वार करना है, जहां उन्हें सबसे ज्यादा दर्द होगा।
वहीं, ईरान के विदेश मंत्रालय ने ट्रंप प्रशासन के इन बयानों की निंदा की है। मंत्रालय ने कहा कि ये बातें दखल देने वाली और लोगों को गुमराह करने वाली हैं और इससे साफ होता है कि अमेरिका अब भी ईरानी जनता के प्रति दुश्मनी रखता है।
गौरतलब हो, ईरान के कई शहरों में दिसंबर के अंत से प्रदर्शन हो रहे हैं। इसकी वजह देश की मुद्रा रियाल का तेज़ी से गिरना और लंबे समय से चली आ रही आर्थिक परेशानियां हैं। ईरानी सरकार ने माना है कि प्रदर्शन हुए हैं और कहा है कि वह लोगों की आर्थिक समस्याओं को सुलझाने के लिए तैयार है, लेकिन साथ ही हिंसा और तोड़फोड़ के खिलाफ चेतावनी भी दी है।
इस बीच, ईरान की सेना ने कहा है कि वह देश के हितों की रक्षा करेगी और अहम ढांचे तथा सार्वजनिक संपत्ति की सुरक्षा करेगी। सरकारी प्रसारक के मुताबिक, सेना ने लोगों से एकजुट रहने और दुश्मन की साज़िशों को नाकाम करने की अपील की है।
सेना के बयान में आरोप लगाया गया है कि इजरायल और कुछ दुश्मन आतंकी संगठन शहरों में शांति भंग करने और जनता को भड़काने की कोशिश कर रहे हैं। सेना ने कहा कि ये ताकतें ईरानी लोगों के समर्थन के नाम पर एक और विद्रोह भड़काना चाहती हैं। सेना ने जनता से सतर्क रहने और एकजुट होकर दुश्मन का मुकाबला करने की अपील की है। 


















 

पीएम मोदी ने सोमनाथ स्वाभिमान पर्व के तहत ‘शौर्य यात्रा’ में हिस्सा लिया, सोमनाथ मंदिर में की पूजा-अर्चना

11-Jan-2026
नई दिल्ली।  ( शोर संदेश ) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज रविवार को गिर सोमनाथ में सोमनाथ स्वाभिमान पर्व के हिस्से के तौर पर आयोजित एक प्रतीकात्मक यात्रा ‘शौर्य यात्रा’ में हिस्सा लिया। इस मौक़े पर मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल और उपमुख्यमंत्री हर्ष सांघवी भी मौजूद थे। पीएम मोदी ने सोमनाथ मंदिर में पूजा-अर्चना की। शौर्य यात्रा साहस, बलिदान और उस अदम्य भावना का प्रतीक है, जिसने सदियों की विपरीत परिस्थितियों के बावजूद सोमनाथ की आस्था और गौरव को संरक्षित रखा। यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
पीएम मोदी ने सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर कहा, “सोमनाथ स्वाभिमान पर्व पर रोड शो के दौरान जगह-जगह शिवभक्तों का जोश और उल्लास आनंद से भर देने वाला था। इसमें नारीशक्ति ने जिस तरह से बढ़-चढ़कर भागादारी की, उसने पूरे वातावरण को और अधिक गरिमामयी बना दिया। भारतीय संस्कृति और स्वाभिमान के लिए उनका समर्पण भाव देखकर अभिभूत हूं।”
प्रधानमंत्री मोदी के सोमनाथ मंदिर के द्वार पर पहुंचते ही 10,000 महिलाओं ने पारंपरिक नृत्य से उनका स्वागत किया। पीएम मोदी ने सोमनाथ मंदिर में पूजा की और उसके बाद वहां मौजूद कलाकारों से बातचीत की। उन्होंने एक्स पर कहा कि पावन और दिव्य सोमनाथ धाम में दर्शन-पूजन का सौभाग्य मिला। यह अनुभव मन को शांति और सकारात्मक ऊर्जा से भर देने वाला रहा। भगवान सोमनाथ की कृपा सभी देशवासियों पर सदा बनी रहे, यही कामना है।
पवित्र मंदिर में प्रार्थना करने के बाद सद्भावना मैदान में एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि इस बार का वातावरण और उत्सव अद्भुत है। एक ओर देवों के देव महादेव, दूसरी ओर समुद्र की विशाल लहरें, सूर्य की किरणें, मंत्रों की गूंज, आस्था का प्रवाह और इस दिव्य वातावरण में भगवान सोमनाथ के भक्तों की उपस्थिति इस अवसर को दिव्य और भव्य बना रही है। 

तलवारों की जगह दूसरे तरीकों से भारत के खिलाफ हो रहे षड्यंत्र’, पीएम मोदी बोले- हमें एकजुट रहना है

11-Jan-2026
नई दिल्ली।  ( शोर संदेश ) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘सोमनाथ स्वाभिमान पर्व’ के अवसर पर विपक्ष पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि देश में वह ताकतें मौजूद और पूरी तरह सक्रिय हैं, जिन्होंने सोमनाथ पुनर्निर्माण का विरोध किया। आज तलवारों की जगह दूसरे तरीके से भारत के खिलाफ षड्यंत्र हो रहे हैं।
गुजरात के सोमनाथ में रविवार को कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत के पास सोमनाथ जैसे हजारों साल पुराने पुण्य स्थल हैं। ये स्थल हमारे सामर्थ्य, प्रतिरोध और परंपरा के पर्याय रहे हैं, लेकिन दुर्भाग्य से आजादी के बाद गुलामी की मानसिकता वाले लोगों ने इनसे पल्ला झाड़ने की कोशिश की। उस इतिहास को भुलाने के कुत्सित प्रयास किए गए।
पीएम मोदी ने कहा, “हम जानते हैं कि सोमनाथ की रक्षा के लिए कैसे-कैसे बलिदान दिए गए। अनेकों नायकों का इतिहास सोमनाथ मंदिर से जुड़ा है, लेकिन दुर्भाग्य से उतना महत्व नहीं दिया गया है। बाकी आक्रमण के इतिहास को भी कुछ इतिहासकारों और राजनेताओं की तरफ से ‘व्हाइट वॉश’ करने की कोशिश की गई। मजहबी उन्माद की मानसिकता को सिर्फ साधारण लूट बताकर उसे ढकने के लिए किताबें लिखी गईं। सोमनाथ मंदिर एक बार नहीं, बल्कि बार-बार तोड़ा गया।”
प्रधानमंत्री ने आगे कहा, “अगर सोमनाथ मंदिर पर आक्रमण सिर्फ आर्थिक लूट के लिए हुए होते तो हजार साल पहले पहली बड़ी लूट के बाद रुक गए होते, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। सोमनाथ के पवित्र विग्रह को तोड़ा गया था। बार-बार मंदिर का स्वरूप बदलने की कोशिश हुई। फिर भी हमें पढ़ाया गया कि सोमनाथ मंदिर को लूट के लिए तोड़ा गया था। नफरत, अत्याचार और आतंक का असली क्रूर इतिहास हमसे छिपाया गया।”
उन्होंने अपने संबोधन में कहा, “हममें से धर्म के प्रति ईमानदार कोई भी व्यक्ति ऐसी सोच का कभी समर्थन नहीं करेगा। लेकिन तुष्टिकरण के ठेकेदारों ने इस कट्टरपंथी सोच के आगे घुटने टेके। जब भारत गुलामी की बेड़ियों से मुक्त हुआ, जब सरदार वल्लभभाई पटेल ने सोमनाथ के पुनर्निर्माण की शपथ ली, तो उन्हें भी रोकने की कोशिश की गई। 1951 में भारत के तत्कालीन राष्ट्रपति राजेंद्र प्रसाद के यहां आने पर भी आपत्ति जताई गई।”
देशवासियों से आह्वान करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि ऐसे लोगों से हमें ज्यादा सावधान रहना है, हमें खुद को शक्तिशाली बनाना है, हमें एकजुट रहना है।


 

पीएम मोदी ने स्वामी सुंदर सूरीश्वरजी महाराज को श्रद्धांजलि दी, कहा-उनका व्यक्तित्व शांति, सादगी और स्पष्टता का एक अद्भुत मिश्रण

11-Jan-2026
नई दिल्ली।  ( शोर संदेश ) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी श्रीमद विजय रत्न सुंदर सूरीश्वरजी महाराज की 500वीं किताब के विमोचन के अवसर पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। रविवार को एक वीडियो संदेश में पीएम मोदी ने स्वामी जी के व्यक्तित्व की प्रशंसा करते हुए उन्हें शांत, सरल और स्पष्ट स्वभाव का संगम बताया। प्रधानमंत्री ने कहा कि महाराज ने ज्ञान को केवल किताबों तक सीमित न रखकर, व्यावहारिक रूप से जीवन में उतारा।
एक वीडियो संदेश में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “आज हम सभी श्रीमद् विजयरत्न सुन्दर सुरिश्वरजी महाराज साहब की 500वीं पुस्तक के विमोचन के पुण्य भागी बन रहे हैं। महाराज साहब ने ज्ञान को सिर्फ ग्रंथों तक सीमित नहीं रखा है बल्कि उसे जीवन में उतार कर दिखाया है और दूसरों को भी जीवन में उतारने के लिए प्रेरित किया है। उनका व्यक्तित्व संयम, सरलता और स्पष्टता का अद्भुत संगम है।”
उन्होंने कहा कि महाराज साहब की 500 रचनाएं एक ऐसा विशाल सागर है, जिसमें भांति-भांति के विचार रत्न समाहित हैं। इन पुस्तकों में मानवता की तमाम समस्याओं के सहज और आध्यात्मिक समाधान उपलब्ध हैं। समय और परिस्थितियों के अनुसार, जब किसी को जैसा मार्गदर्शन चाहिए, ये अलग-अलग ग्रंथ उसके लिए प्रकाश पुंज का काम करेंगे।
पीएम मोदी ने कहा कि “प्रेम नु विश्व, विश्व नो प्रेम” नाम की किताब सिर्फ एक किताब नहीं है, बल्कि एक “मंत्र” है जो हमें प्यार की ताकत के बारे में बताता है और शांति और सद्भाव का रास्ता दिखाता है।” उन्होंने कहा कि आज जब दुनिया बंटवारे और झगड़ों का सामना कर रही है, तो ‘प्रेम नु विश्व, विश्व नो प्रेम’ सिर्फ़ एक किताब नहीं, बल्कि एक मंत्र बन जाता है। यह मंत्र हमें प्यार की ताकत के बारे में बताता है। यह मंत्र हमें शांति और सद्भाव का रास्ता भी दिखाता है, जिसकी दुनिया आज तलाश कर रही है।
पीएम मोदी ने कहा कि आप सबको याद होगा कि मैं नवकार महामंत्र दिवस पर भी आया था। उस ऐतिहासिक अवसर पर मैंने 9 आग्रह किए थे और 9 संकल्पों की बात की थी। आज का यह अवसर उन्हें फिर से दोहराने का है। पानी बचाने का संकल्प, एक पेड़ मां के नाम, स्वच्छता का मिशन, वोकल फॉर लोकल, देश दर्शन, नैचुरल फार्मिंग को अपनाना, हेल्थी लाइफ स्टाइल को अपनाना, योग और खेल को जीवन में लाना और गरीबों की सहायता का संकल्प । 
 

विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग से पहले पीएम मोदी ने युवाओं से संवाद को लेकर उत्सुकता जताई

10-Jan-2026
नई दिल्ली।  ( शोर संदेश ) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सोमवार को ‘विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग’ में देश के युवाओं से संवाद करेंगे। शनिवार को उन्होंने कहा कि वे ‘विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग’ में देशभर के अपने युवा साथियों से संवाद को लेकर बेहद उत्सुक हैं। 
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर केंद्रीय मंत्री मनसुख मांडविया के पोस्ट पर जवाब में लिखा, “अद्भुत जोश और बेमिसाल जज्बे से भरी हमारी युवा शक्ति सशक्त और समृद्ध राष्ट्र के लिए संकल्पबद्ध है। विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग में देशभर के अपने युवा साथियों से संवाद को लेकर बेहद उत्सुक हूं। इस कार्यक्रम में 12 जनवरी को आप सभी से मिलने वाला हूं।”
इससे पहले, केंद्रीय मंत्री मनसुख मांडविया ने ‘एक्स’ पर पोस्ट के जरिए जानकारी दी कि ‘विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग’ के लिए देशभर से 3,000 ऊर्जावान युवा दिल्ली पहुंचे हैं। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि भारत की समृद्ध संस्कृति से प्रेरित यह युवा शक्ति ‘विकसित भारत’ के अपने विचार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सामने पेश करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।
बता दें कि भारत की विकास यात्रा में युवाओं की भागीदारी को बढ़ाने की बड़ी पहल के तहत दिल्ली स्थित ‘भारत मंडपम’ में ‘विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग’ (वीबीवाईएलडी 2026) का दूसरा एडिशन चल रहा है। केंद्रीय मंत्री मनसुख मांडविया के नेतृत्व में युवा कार्यक्रम विभाग आयोजित कर रहा है।
राष्ट्रीय युवा महोत्सव से प्रेरित होकर इस डायलॉग का लक्ष्य युवा नेताओं को ‘विकसित भारत@2047’ का लक्ष्य हासिल करने के लिए नए विचार और समाधान पेश करने के लिए एक गतिशील राष्ट्रीय मंच प्रदान करना है। यह कार्यक्रम युवाओं, नीति निर्माताओं और राष्ट्रीय व वैश्विक हस्तियों के बीच सार्थक जुड़ाव को बढ़ावा देगा, जिससे युवा नेता देश के भविष्य को आकार देने में सक्रिय रूप से योगदान दे सकेंगे।
12 जनवरी को अंतिम दिन इस डायलॉग का निर्णायक समापन होगा, जिसे स्वामी विवेकानंद की जयंती मनाने के लिए राष्ट्रीय युवा दिवस के रूप में मनाया जाता है। इस दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी शामिल होंगे, जो इस प्लेटफॉर्म के राष्ट्रीय महत्व और सरकार की युवा-नेतृत्व वाली राष्ट्र निर्माण के लिए प्रतिबद्धता पर बल देगा। प्रधानमंत्री युवा प्रतिभागियों के साथ बातचीत करेंगे, जिससे उन्हें राष्ट्र निर्माण के लिए अपने विचार सीधे देश के शीर्ष नेतृत्व के सामने रखने का अवसर मिलेगा।
इस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भव्य पूर्ण सत्र होगा, जिसमें युवा नेताओं के साथ टाउन हॉल-शैली में बातचीत शामिल होगी। कार्यक्रम के दौरान युवा नेता, प्रधानमंत्री और केंद्रीय मंत्रियों के सामने उच्च-प्रभाव वाली 10 प्रस्तुतियां देंगे, जिनमें से प्रत्येक राष्ट्रीय प्राथमिकता वाले विषयों में से एक का प्रतिनिधित्व करेगी।





 

राजनाथ सिंह ने किया अशोक लेलैंड इलेक्ट्रिक व्हीकल प्लांट का उद्घाटन, बोले ईवी वाहनों का है भविष्य

09-Jan-2026
नई दिल्ली।  ( शोर संदेश ) रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज शुक्रवार को राजधानी के सरोजनी नगर क्षेत्र में अशोक लेलैंड के अत्याधुनिक इलेक्ट्रिक व्हीकल (ईवी) प्लांट का उद्घाटन किया। इस दौरान रक्षा मंत्री ने कहा कि भविष्य इलेक्ट्रिक वाहनों का है, इसी दिशा में भारत आगे बढ़ रहा है।
इस अवसर पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि आने वाले वर्षों में पारंपरिक ईंधन से चलने वाले वाहनों की जगह इलेक्ट्रिक वाहन प्रमुख होंगे। पर्यावरण संरक्षण की दृष्टि से ईवी को बढ़ावा देना आवश्यक है और सरकार भविष्य की तकनीकों पर विशेष ध्यान दे रही है। इसके लिए नियमों को सरल किया गया है और उद्योगों को ऑनलाइन प्रक्रियाओं के माध्यम से सहूलियत दी जा रही है।
उन्होंने कहा कि अशोक लेलैंड का यह संयंत्र केवल एक कंपनी की सफलता नहीं, बल्कि उद्योग जगत के सरकार की नीतियों पर बढ़ते विश्वास का प्रतीक है। डबल इंजन की सरकार के तहत उत्तर प्रदेश में कानून-व्यवस्था, सड़कों और मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर के कारण निवेश का माहौल सुदृढ़ हुआ है।
राजनाथ सिंह ने बताया कि संयंत्र का निर्माण 24 महीनों में प्रस्तावित था, लेकिन रिकॉर्ड 18 महीनों में इसे पूरा किया गया। यहां परिचालन शुरू होने के बाद हर महीने लगभग 2,500 इलेक्ट्रिक वाहन तैयार किए जाएंगे। इससे स्थानीय लोगों को प्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिलेगा और अगले पांच वर्षों में हजारों करोड़ रुपये के निवेश तथा लाखों युवाओं को रोजगार के अवसर मिलने की उम्मीद है।
उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार निवेश को बढ़ावा देने के लिए ‘फॉर्च्यून ग्लोबल 500 एवं फॉर्च्यून इंडिया 500 कंपनी निवेश प्रोत्साहन नीति-2023’ लेकर आई है। साथ ही ‘उत्तर प्रदेश एयरोस्पेस एवं डिफेंस यूनिट और रोजगार प्रोत्साहन नीति’ के माध्यम से राज्य को रक्षा उत्पादन का प्रमुख केंद्र बनाया जा रहा है।
राजनाथ ने कहा कि उन्हें पूरा विश्वास है कि आजादी के 100 वर्ष पूरे होने तक, यानी 2047 में, उत्तर प्रदेश रोजगार, उद्योग, सुरक्षा और आत्मनिर्भरता के क्षेत्र में देश का नेतृत्व करेगा। उन्होंने कहा कि यही विकसित भारत का सपना और संकल्प है। राजनाथ सिंह ने रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की उपलब्धियों को रेखांकित करते हुए बताया कि वर्ष 2014 में भारत का घरेलू रक्षा उत्पादन मात्र 46 हजार करोड़ रुपये था, जो आज रिकॉर्ड बढ़कर 1.5 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो चुका है। इसी तरह, रक्षा निर्यात जो पहले 1,000 करोड़ रुपये से भी कम था, अब रिकॉर्ड 24,000 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि ‘मेक इन इंडिया’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ के प्रयासों के चलते भारत का रक्षा क्षेत्र तेजी से आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ रहा है। कौशल विकास पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि युवाओं को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार किया जा रहा है, ताकि वे देश और प्रदेश के विकास में निर्णायक भूमिका निभा सकें।
रक्षा मंत्री ने आगे कहा कि प्रदेश में डिफेंस कॉरिडोर स्थापित किया गया है और लखनऊ में ब्रह्मोस एयरोस्पेस की फैक्ट्री में अब ब्रह्मोस मिसाइल का निर्माण हो रहा है। इससे स्पष्ट है कि भारत अब अपने हथियार खुद बना रहा है और उत्तर प्रदेश इसमें नेतृत्व कर रहा है। उन्होंने कहा कि जो उत्तर प्रदेश कभी ‘बीमारू राज्य’ के रूप में जाना जाता था, आज वही राज्य औद्योगिक विकास और रोजगार सृजन का मजबूत केंद्र बन रहा है। वर्ल्ड-क्लास ग्रीनफील्ड इंटीग्रेटेड कमर्शियल व्हीकल मैन्युफैक्चरिंग यूनिट की शुरुआत प्रदेश की औद्योगिक यात्रा में ऐतिहासिक उपलब्धि है।


 

11 जनवरी को राजकोट जाएंगे पीएम मोदी, कई कार्यक्रमों में लेंगे हिस्सा

09-Jan-2026
नई दिल्ली।  ( शोर संदेश ) वाइब्रेंट गुजरात रीजनल कॉन्फ्रेंस 11 से 12 जनवरी 2026 तक आयोजित किया जा रहा है, जो कच्छ और सौराष्ट्र क्षेत्रों के 12 जिलों की आवश्यकताओं को पूरा करेगा। विशेष रूप से इन क्षेत्रों को समर्पित, इस सम्मेलन का उद्देश्य पश्चिमी गुजरात में निवेश और औद्योगिक विकास के लिए नई गति प्रदान करना है। सम्मेलन के मुख्य क्षेत्रों में सिरेमिक, इंजीनियरिंग, पोर्ट्स और लॉजिस्टिक्स, मत्स्य पालन, पेट्रोकेमिकल्स, कृषि और खाद्य प्रसंस्करण, खनिज, ग्रीन एनर्जी इकोसिस्टम, कौशल विकास, स्टार्टअप, एमएसएमई, पर्यटन और संस्कृति शामिल हैं। जापान, दक्षिण कोरिया, रवांडा और यूक्रेन इस सम्मेलन के लिए भागीदार देश होंगे।
इसी के तहत पीएम मोदी 11 जनवरी को राजकोट का दौरा करेंगे और कच्छ एवं सौराष्ट्र क्षेत्रों के लिए वाइब्रेंट गुजरात रीजनल कॉन्फ्रेंस में भाग लेंगे। दोपहर लगभग 1:30 बजे, वह सम्मेलन में ट्रेड शो का उद्घाटन करेंगे। इसके बाद, दोपहर लगभग 2:00 बजे, पीएम राजकोट की मारवाड़ी यूनिवर्सिटी में कच्छ और सौराष्ट्र क्षेत्रों के लिए वाइब्रेंट गुजरात रीजनल कॉन्फ्रेंस का उद्घाटन करेंगे। वह इस अवसर पर जनसभा को भी संबोधित करेंगे। कार्यक्रम के दौरान, प्रधानमंत्री 14 ग्रीनफील्ड स्मार्ट गुजरात इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन लिमिटेड (जीआईडीसी) एस्टेट के विकास की घोषणा करेंगे और राजकोट में जीआईडीसी के मेडिकल डिवाइस पार्क का उद्घाटन करेंगे।
वाइब्रेंट गुजरात के सफल मॉडल की पहुंच और प्रभाव को और अधिक बढ़ाने के लिए, पूरे राज्य में चार वाइब्रेंट गुजरात रीजनल कॉन्फ्रेंस आयोजित किए जा रहे हैं। उत्तर गुजरात क्षेत्र के लिए रीजनल कॉन्फ्रेंस का पहला संस्करण 9-10 अक्टूबर 2025 को मेहसाणा में आयोजित किया गया था। वर्तमान संस्करण कच्छ और सौराष्ट्र क्षेत्र के लिए आयोजित किया जा रहा है। इसके बाद दक्षिण गुजरात (9-10 अप्रैल 2026) और मध्य गुजरात (10-11 जून 2026) क्षेत्रों के लिए रीजनल कॉन्फ्रेंस क्रमशः सूरत और वडोदरा में आयोजित किए जाएंगे।
पीएम के विकसित भारत @2047 के विजन के अनुरूप और वाइब्रेंट गुजरात ग्लोबल समिट की सफलता और विरासत को आगे बढ़ाते हुए, इन रीजनल कॉन्फ्रेंस का उद्देश्य क्षेत्र-विशिष्ट औद्योगिक विकास को बढ़ावा देना, विभिन्न क्षेत्रों में निवेश आकर्षित करना और वैश्विक जुड़ाव को बढ़ाना है। वाइब्रेंट गुजरात मंच को सीधे क्षेत्रों (रीजन) तक ले जाकर, यह पहल विकेंद्रीकृत विकास, व्यापार करने में सुगमता, इनोवेशन-आधारित विकास और स्थायी रोजगार के अवसर पैदा करने पर प्रधानमंत्री के जोर को भी दर्शाती है।
ये रीजनल कॉन्फ्रेंस न केवल क्षेत्रीय उपलब्धियों को प्रदर्शित करने और नई पहलों की घोषणा करने के लिए एक प्लेटफ़ॉर्म के रूप में कार्य करेंगे, बल्कि क्षेत्रीय अर्थव्यवस्थाओं को सशक्त बनाकर, नवाचार को बढ़ावा देकर और राज्य के हर हिस्से में रणनीतिक निवेश को सुगम बनाकर गुजरात की विकास गाथा को मिलकर लिखने के साधन के रूप में भी काम करेंगे। इन रीजनल कॉन्फ्रेंस की उपलब्धियों को जनवरी 2027 में आयोजित होने वाले वाइब्रेंट गुजरात ग्लोबल समिट के अगले संस्करण के दौरान प्रदर्शित किया जाएगा।
 



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