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दिल्ली-एनसीआर में कम विजिबिलिटी से फ्लाइट ऑपरेशन प्रभावित, इंडिगो ने जारी की एडवाइजरी

15-Jan-2026
नई दिल्ली।  ( शोर संदेश ) दिल्ली-एनसीआर में कड़ाके की ठंड के साथ बुधवार सुबह घना कोहरा छाया रहा, जिससे विजिबिलिटी काफी कम हो गई। इसका सीधा असर फ्लाइट ऑपरेशन पर पड़ा और कई उड़ानों के संचालन में दिक्कतें सामने आईं।
एयरलाइन कंपनी इंडिगो ने यात्रियों के लिए ट्रैवल एडवाइजरी जारी की। इंडिगो ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा कि हिंडन एयरपोर्ट पर विजिबिलिटी घटने-बढ़ने के कारण उड़ानों के शेड्यूल में बदलाव किया गया है। मौसम की बदलती परिस्थितियों के चलते परिचालन सामान्य से धीमा हो सकता है।
इंडिगो ने बताया कि उसकी ग्राउंड टीमें सुरक्षा और दृश्यता से जुड़ी सभी जरूरतों के अनुपालन को प्राथमिकता दे रही हैं। एयरलाइन ने यात्रियों से अनुरोध किया कि एयरपोर्ट के लिए निकलने से पहले वेबसाइट या ऐप पर अपनी उड़ान की मौजूदा स्थिति जरूर जांच लें।
एयरलाइन ने आगे कहा कि जैसे ही मौसम में सुधार होगा, परिचालन धीरे-धीरे सामान्य हो जाएगा और उड़ानें तय योजना के अनुसार प्रस्थान करेंगी। इंडिगो ने यात्रियों के धैर्य और सहयोग के लिए धन्यवाद देते हुए जल्द स्वागत करने की बात कही।
बुधवार सुबह इंडिगो ने चेन्नई और अगरतला में भी कम विजिबिलिटी के कारण उड़ानों में रुकावट की चेतावनी जारी की। एयरलाइन के अनुसार, इन शहरों से आने-जाने वाली फ्लाइट्स में मौसम की वजह से देरी हो सकती है। इंडिगो ने कहा कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और उम्मीद है कि जल्द ही आसमान साफ होगा।
इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर भी रनवे पर कम विजिबिलिटी के कारण फ्लाइट ऑपरेशन प्रभावित हुआ। दिल्ली एयरपोर्ट ने बुधवार सुबह ट्रैवल एडवाइजरी जारी कर बताया कि कम दृश्यता के कारण प्रक्रियाएं लागू हैं, हालांकि फिलहाल सभी फ्लाइट ऑपरेशन सामान्य हैं। यात्रियों से अपील की गई है कि वे अपनी फ्लाइट की जानकारी के लिए संबंधित एयरलाइन से संपर्क करें। 

दिल्ली-एनसीआर में शीतलहर का कहर, न्यूनतम तापमान 4 डिग्री तक गिरने की आशंका

15-Jan-2026
नई दिल्ली।  ( शोर संदेश ) भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) ने बुधवार को दिल्ली-एनसीआर में शीतलहर का अलर्ट जारी किया गया है और आने वाले दिनों में न्यूनतम तापमान 4 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने की संभावना है। सुबह और देर रात के समय ठंड का असर सबसे ज्यादा महसूस किया जा रहा है।
भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) की रिपोर्ट के मुताबिक आज दिन का अधिकतम तापमान लगभग 20 डिग्री और न्यूनतम तापमान 4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया जा सकता है। सुबह के समय शीतलहर की स्थिति बनी रहने की चेतावनी दी गई है। वहीं 15 और 16 जनवरी को भी मौसम साफ रहने के बावजूद मध्यम से घना कोहरा छाए रहने की संभावना है। इन दिनों न्यूनतम तापमान 5 से 7 डिग्री के बीच रह सकता है।
आईएमडी ने कहा कि अगले 24 घंटों के दौरान न्यूनतम तापमान में कोई बड़ा बदलाव नहीं होगा और उसके बाद धीरे-धीरे 2-4°C की बढ़ोतरी होगी। नतीजतन, अगले 2 दिनों के दौरान न्यूनतम तापमान सामान्य से काफी कम (-3.1°C से -5.0°C) रहने की संभावना है और 15 जनवरी, 2026 को सामान्य से कम (-1.6° C से -3.0°C) और उसके बाद सामान्य (-1.5°C से 1.5°C) रहेगा।
अगले 3 दिनों के दौरान अधिकतम तापमान सामान्य (-1.5°C से 1.5°C) रहने की संभावना है और उसके बाद सामान्य से अधिक (1.6°C से 3.0°C) रहेगा।
मौसम विभाग के अनुसार, तापमान सामान्य रहेगा लेकिन ठंडी हवाओं से कभी-कभी ठंड बढ़ सकती है। ठंड बर्दाश्त करने लायक है, लेकिन कमज़ोर लोगों के लिए हल्की स्वास्थ्य समस्या हो सकती है। कंपकंपी को नज़रअंदाज़ न करें। यह पहला संकेत है कि शरीर गर्मी खो रहा है। घर के अंदर जाएं।
लंबे समय तक ठंड में रहने से बचें। भारी कपड़े की एक परत के बजाय ढीले-ढाले, हल्के, गर्म ऊनी कपड़ों की कई परतें पहनें। अपने सिर, गर्दन, हाथों और पैरों को अच्छी तरह से ढकें क्योंकि शरीर की ज़्यादातर गर्मी इन्हीं हिस्सों से निकलती है।
 

इमैनुएल बोन से मुलाकात में पीएम मोदी ने दोहराया भारत-फ्रांस रणनीतिक सहयोग

15-Jan-2026
नई दिल्ली।  ( शोर संदेश ) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के डिप्लोमैटिक एडवाइजर इमैनुएल बोन से मुलाकात की। इस मुलाकात के बाद पीएम मोदी ने कहा कि इमैनुएल बोन से मिलकर खुशी हुई और भारत-फ्रांस की मजबूत व भरोसेमंद रणनीतिक साझेदारी की पुष्टि हुई।
प्रधानमंत्री मोदी ने इमैनुएल बोन के साथ हुई मुलाकात की तस्वीरें सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर साझा कीं। उन्होंने लिखा कि राष्ट्रपति मैक्रों के डिप्लोमैटिक एडवाइजर से मिलकर खुशी हुई और यह साझेदारी कई क्षेत्रों में करीबी सहयोग पर आधारित है।
पीएम मोदी ने कहा कि यह देखकर अच्छा लगा कि दोनों देशों के बीच सहयोग इनोवेशन, टेक्नोलॉजी और शिक्षा के क्षेत्रों में भी लगातार बढ़ रहा है, खासकर ऐसे समय में जब भारत और फ्रांस ‘भारत-फ्रांस इनोवेशन वर्ष’ मना रहे हैं। इस दौरान प्रमुख क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर भी विचारों का आदान-प्रदान हुआ।
पीएम मोदी से मुलाकात से पहले राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोवाल और फ्रांस के राष्ट्रपति के राजनयिक सलाहकार इमैनुएल बोन की सह-अध्यक्षता में 38वां भारत-फ्रांस रणनीतिक संवाद आयोजित हुआ। विदेश मंत्रालय के अनुसार, वार्ता में सुरक्षा, रक्षा, प्रौद्योगिकी, अंतरिक्ष और नागरिक परमाणु ऊर्जा सहित द्विपक्षीय सहयोग के सभी पहलुओं की समीक्षा की गई।
दोनों पक्षों ने भारत की ‘मेक इन इंडिया’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ पहलों के मार्गदर्शन में संयुक्त विकास और नवाचार के जरिए सहयोग को और मजबूत करने की प्रतिबद्धता दोहराई। चर्चा में बदलते भू-राजनीतिक परिदृश्य और साझा चिंताओं से जुड़े प्रमुख क्षेत्रीय व अंतर्राष्ट्रीय मुद्दों पर भी ध्यान केंद्रित किया गया।
विदेश मंत्रालय की प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, भारत और फ्रांस ने उभरती वैश्विक सुरक्षा चुनौतियों से निपटने और शांति एवं स्थिरता को बढ़ावा देने के लिए घनिष्ठ समन्वय और सहयोग बढ़ाने के महत्व को रेखांकित किया।
रणनीतिक संवाद के दौरान फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों की भारत की आगामी यात्रा की तैयारियों की भी समीक्षा की गई। इस यात्रा से द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूती मिलने तथा रणनीतिक जुड़ाव के विस्तार की उम्मीद जताई गई। 

पोंगल समारोह में पीएम मोदी बोले, तमिल संस्कृति पूरे भारत की साझा विरासत

14-Jan-2026
नई दिल्ली।  ( शोर संदेश ) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बुधवार को केंद्रीय मंत्री एल. मुरुगन के आवास पर आयोजित पोंगल त्योहार के कार्यक्रम में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि हमारा लक्ष्य होना चाहिए कि हमारी थाली भी भरी रहे, हमारी जेब भी भरी रहे और हमारी धरती भी सुरक्षित रहे।
पोंगल समारोह को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आज पोंगल एक वैश्विक पर्व बन चुका है। दुनिया भर में तमिल समुदाय और तमिल संस्कृति से प्रेम करने वाले लोग इसे उत्साह के साथ मनाते हैं। उन्होंने कहा कि इस विशेष पर्व को आप सभी के साथ मनाना मेरे लिए सौभाग्य की बात है।
नरेंद्र मोदी ने कहा कि तमिल संस्कृति में पोंगल बहुत खुशी का अवसर होता है। यह हमारे अन्नदाता की मेहनत और धरती व सूर्य के प्रति कृतज्ञता का भाव दर्शाता है। साथ ही, यह त्योहार प्रकृति, परिवार और समाज के बीच संतुलन बनाए रखने का संदेश देता है।
पीएम मोदी ने कहा कि पिछले एक वर्ष में तमिल संस्कृति से जुड़े कई कार्यक्रमों में हिस्सा लेना उनके लिए बेहद सुखद अनुभव रहा है। उन्होंने तमिलनाडु में एक हजार साल पुराने गंगई कोंडा चोलपुरम मंदिर में प्रार्थना करने, वाराणसी में ‘काशी तमिल संगमम’ के दौरान सांस्कृतिक ऊर्जा को महसूस करने और रामेश्वरम में पंबन ब्रिज के उद्घाटन के दौरान तमिल विरासत की समृद्धि देखने का उल्लेख किया।
प्रधानमंत्री ने कहा कि तमिल संस्कृति दुनिया की सबसे प्राचीन जीवित सभ्यताओं में से एक है, जो सदियों को जोड़ती है। उन्होंने जोर देकर कहा कि तमिल संस्कृति पूरे भारत की साझा विरासत है और ‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत’ की भावना को पोंगल जैसे पर्व और मजबूत करते हैं।
पीएम मोदी ने कहा कि पोंगल हमें सिखाता है कि प्रकृति के प्रति आभार सिर्फ शब्दों तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि इसे हमारे रोजमर्रा के जीवन का हिस्सा बनाना चाहिए। उन्होंने कहा कि जब धरती हमें इतना कुछ देती है, तो इसकी देखभाल करना हमारी जिम्मेदारी है।
नरेंद्र मोदी ने कहा कि अगली पीढ़ी के लिए मिट्टी की सेहत बनाए रखना, पानी बचाना और प्राकृतिक संसाधनों का समझदारी से उपयोग करना बेहद जरूरी है। यही सतत विकास और समृद्ध भविष्य का आधार है।
 

नौ अमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेनों को जल्द ही हरी झंडी दिखाई जाएगी : केंद्र

14-Jan-2026
नई दिल्ली।  ( शोर संदेश ) पश्चिम बंगाल और असम से जल्द ही नौ अमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेनें पूरे भारत में शुरू की जाएंगी, जिससे आधुनिक और किफायती ट्रेनों का दायरा बढ़ेगा। ये ट्रेनें इन दोनों राज्यों से किफायती और लंबी दूरी की कनेक्टिविटी प्रदान करेंगी, जिसमें बिहार और उत्तर प्रदेश जैसे आबादी वाले राज्य शामिल होंगे। ये तमिलनाडु, महाराष्ट्र और कर्नाटक जैसे दूर-दराज के राज्यों को भी कवर करेंगी, जिससे देश के कई हिस्सों को जोड़ा जा सकेगा। ये सेवाएं रेल यात्रा की बढ़ती मांग को कम करेंगी और यात्रियों को आरामदायक यात्रा का अनुभव भी प्रदान करेंगी।
रेल मंत्रालय ने मंगलवार को बयान जारी इसकी जानकारी दी है। ये नई अमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेनें असम, बिहार और पश्चिम बंगाल से गुज़रने वाले रूटों पर शुरू की जा रही हैं, ये ऐसे क्षेत्र है जहां भारत के प्रवासी मज़दूरों और लंबी दूरी के रेल यात्रियों की एक बड़ी संख्या रहती हैं। अधिक यात्रियों को सुविधा देने के लिए डिज़ाइन की गई ये ट्रेनें, खासकर त्योहारों के मौसम और ज्यादा भीड़भाड़ वाले समय, देश के अलग-अलग हिस्सों में रोज़गार, शिक्षा और पारिवारिक ज़रूरतों के लिए यात्रा करने वाले यात्रियों को भरोसेमंद, किफायती और आरामदायक कनेक्टिविटी प्रदान करेंगी।
किफायती, लंबी दूरी की कनेक्टिविटी को बढ़ाने के लिए भारतीय रेलवे के निरंतर प्रयास के तहत, नौ अमृत भारत एक्सप्रेस सेवाएं प्रमुख कॉरिडोर में शुरू की जा रही हैं। रूट इस प्रकार हैं:
1. गुवाहाटी (कामाख्या)– रोहतक अमृत भारत एक्सप्रेस
2. डिब्रूगढ़-लखनऊ (गोमती नगर) अमृत भारत एक्सप्रेस
3. न्यू जलपाईगुड़ी-नागरकोइल अमृत भारत एक्सप्रेस
4. न्यू जलपाईगुड़ी-तिरुचिरापल्ली अमृत भारत एक्सप्रेस
5. अलीपुरद्वार-एसएमवीटी बेंगलुरु अमृत भारत एक्सप्रेस
6. अलीपुरद्वार-मुंबई (पनवेल) अमृत भारत एक्सप्रेस
7. कोलकाता (संतरागाछी) – तांबरम अमृत भारत एक्सप्रेस
8. कोलकाता (हावड़ा) – आनंद विहार टर्मिनल अमृत भारत एक्सप्रेस
9. कोलकाता (सियालदह) – बनारस अमृत भारत एक्सप्रेस
दरअसल, देश में पहली ट्रेन यात्रा के लगभग दो सदियों बाद, भारतीय रेलवे ने उन लाखों लोगों के लिए आवागमन को फिर से परिभाषित किया है, जो दैनिक आवश्यकताओं के लिए ट्रेनों पर निर्भर हैं। लक्जरी यात्रा से जुड़ी सुविधा और आराम को आम यात्रियों तक पहुंचाकर, इसने धीरे-धीरे आधुनिक, यात्री-अनुकूल सेवाओं का विस्तार किया है, यह सुनिश्चित करते हुए कि विश्वसनीयता, सुरक्षा और आराम अब केवल प्रीमियम यात्रियों तक ही सीमित नहीं हैं।
इसी विज़न के तहत, अमृत भारत एक्सप्रेस रोज़मर्रा के यात्रियों के लिए एक वरदान बनकर उभरी है। अमृत काल की एक विशेष पेशकश के रूप में शुरू की गई ये ट्रेनें बिना किसी रुकावट के, नॉन-एसी लंबी दूरी की स्लीपर श्रेणी की यात्रा की सुविधा देती है, जिसका किराया लगभग 500 रुपये प्रति 1000 किलोमीटर है, तथा छोटी और मध्यम दूरी की यात्राओं का किराया उसी हिसाब से कम होता है, जो अक्सर भूगोल और अवसरों की कमी के कारण अलग-थलग पड़े इलाकों को जोड़ती है। किराये की संरचना सरल और पारदर्शी है, जिसमें कोई डायनामिक प्राइसिंग नहीं है, जो इसे आम आदमी के लिए सुलभ बनाता है।
आपको बता दें, दिसंबर 2023 में इसकी शुरुआत के बाद से, 30 अमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेनें चल रही हैं, और सिर्फ़ एक हफ़्ते में जो नौ नई सेवाएं जोड़ी जाएंगी, इसके बाद अब अमृत भारत एक्सप्रेस सेवाओं का एक नया सेट पूर्वी और उप-हिमालयी क्षेत्रों से दक्षिणी, पश्चिमी और मध्य भारत के प्रमुख गंतव्य-स्थलों तक रेल कनेक्टिविटी को बढ़ाएगा। 

पूर्व सैनिक दिवस: राष्ट्र के वीरों के साहस और बलिदान को राष्ट्रपति और रक्षा मंत्री ने किया नमन

14-Jan-2026
नई दिल्ली।  ( शोर संदेश ) राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु और रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने सशस्त्र सेना पूर्व सैनिक दिवस के अवसर पर हार्दिक शुभकामनाएं दीं। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, “पूर्व सैनिक दिवस पर, मैं हमारे पूर्व सैनिकों की बहादुरी, समर्पण और बलिदान को सलाम करती हूं। उनका अटूट साहस हर भारतीय को प्रेरित करता रहता है। पूर्व सैनिक दिवस और सशस्त्र सेना झंडा दिवस जैसे मौके न सिर्फ हमारे बहादुर सैनिकों को श्रद्धांजलि देने के अवसर हैं, बल्कि उन्हें सार्थक समर्थन देने के भी मौके हैं। मुझे विश्वास है कि हमारे पूर्व सैनिक राष्ट्र के प्रति पूरी तरह समर्पित रहेंगे।”
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बुधवार को सशस्त्र सेना वेटरन्स डे पर पूर्व सैनिकों, सेवारत कर्मियों और उनके परिवारों को शुभकामनाएं दीं, और सीमाओं की रक्षा करने और भारत की भावना को बनाए रखने के लिए उनके बलिदानों की सराहना की। रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने सशस्त्र सेना पूर्व सैनिक दिवस के अवसर पर सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर संदेश साझा करते हुए कहा कि वह देश के पूर्व सैनिकों और वर्तमान में सेवा दे रहे सभी सैन्यकर्मियों के प्रति गहरी कृतज्ञता व्यक्त करते हैं। उन्होंने कहा कि इन वीरों का जीवन साहस, सम्मान और स्वयं से पहले राष्ट्र सेवा के संकल्प को समर्पित है।
राजनाथ सिंह ने आगे कहा कि संकल्प और अटूट विश्वास के साथ दिए गए उनके बलिदान हमारी सीमाओं की मजबूत ढाल हैं। ये बलिदान न केवल हमारे गणतंत्र की आत्मा की रक्षा करते हैं, बल्कि भारत की अटूट और शाश्वत भावना के सजीव प्रतीक भी हैं। रक्षा मंत्री ने आगे कहा, “राष्ट्र की अपने सैनिकों के प्रति कृतज्ञता शाश्वत है, और पूर्व सैनिकों, सेवारत कर्मियों और उनके परिवारों की गरिमा, कल्याण और भलाई के प्रति हमारी प्रतिबद्धता पूर्ण, अटूट और दृढ़ रहेगी।”
सशस्त्र सेना पूर्व सैनिक दिवस स्वर्गीय फील्ड मार्शल के.एम. करिअप्पा की जयंती के अवसर पर मनाया जाता है। फील्ड मार्शल करिअप्पा 1953 में इसी दिन सेवानिवृत्त हुए थे। यह दिवस भारतीय सशस्त्र बलों में सेवा देने वाले बहादुर सैनिकों के सम्मान और उनके योगदान को पहचानने के लिए समर्पित है। पूरे देश में इस अवसर पर विभिन्न कार्यक्रम और आउटरीच गतिविधियां आयोजित की जाती हैं, जिनके माध्यम से पूर्व सैनिकों को सम्मानित किया जाता है और उनके साहस, समर्पण और देशभक्ति को श्रद्धांजलि दी जाती है।







 

मकर संक्रांति पर प्रयागराज में आस्था का महासंगम, दो करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं के संगम में स्नान करने का अनुमान

14-Jan-2026
नई दिल्ली।  ( शोर संदेश ) प्रयागराज में माघ मेला इस बार भी अपने रंग में रंगा हुआ है। मकर संक्रांति और षटतिला एकादशी के शुभ संयोग की वजह से संगम पर श्रद्धालुओं का तांता लगा हुआ है। बुधवार सुबह 8 बजे तक ही करीब 15 लाख श्रद्धालुओं ने संगम में स्नान कर आस्था का अनुभव लिया। इस दौरान युवाओं से लेकर बुजुर्गों तक हर कोई संगम में डुबकी लगाता हुआ नजर आया। 
इस कड़ाके की ठंड में संगम तट पर श्रद्धालुओं की संख्या देखकर साफ अंदाजा लगाया जा सकता है कि ये सिर्फ स्नान का अवसर नहीं, बल्कि हमारी सांस्कृतिक विरासत और सनातन परंपरा का जश्न भी है। वहीं, इस बार मकर संक्रांति स्नान पर्व पर अनुमान है कि 2 करोड़ से ज्यादा लोग संगम में डुबकी लगाएंगे।
ऐसे में सुरक्षा-व्यवस्था भी बहुत सख्त है। पुलिस और सुरक्षा बल हर जगह तैनात हैं। मेला प्रशासन ने 13 जनवरी से ही चार पहिया वाहनों की एंट्री बैन कर दी है, ताकि जगह-जगह भीड़ नियंत्रण में रहे। पुलिस कमिश्नर जोगेंद्र कुमार ने बताया कि संगम तट पर घुड़सवार पुलिस, फुट पेट्रोलिंग, जल पुलिस और आरएएफ जवान पूरे एहतियात के साथ काम कर रहे हैं। साथ ही बाडराज कंपनी भी लगी हुई है, ताकि कोई अप्रिय घटना न हो। उन्होंने बताया कि भीड़ को सुगमता से संगम तक लाने और वहां से वापस उनके गंतव्य तक पहुंचाने के लिए विशेष डायवर्जन प्लान बनाया गया है।
कमिश्नर ने कहा कि अभी भीड़ अच्छी है और सभी लोग सुरक्षित हैं। हालांकि यदि भविष्य में भीड़ और बढ़ती है, तो आपातकालीन योजनाएं तैयार हैं। एआई कैमरों के जरिए भीड़ की लगातार मॉनिटर की जा रही है और उसी के आधार पर प्रशासन आवश्यक कदम उठा रहा है। गौरतलब है कि 23 साल बाद मकर संक्रांति पर एकादशी का दुर्लभ संयोग बना है, जिस वजह से इस दिन स्नान का महत्व कई गुना बढ़ गया है। इस मौके पर लोग सिर्फ प्रयागराज ही नहीं, बल्कि वाराणसी, अयोध्या और मथुरा जैसे धार्मिक शहरों से भी अपने-अपने घाटों पर पहुंच रहे हैं। हर जगह श्रद्धालुओं का हुजूम आस्था की गूंज और भक्ति भाव का प्रतीक बनता दिख रहा है।












 

‘ऑपरेशन पवन’ के शांति सैनिकों को मिल रही सम्मानजनक पहचान : राजनाथ सिंह

14-Jan-2026
नई दिल्ली।  ( शोर संदेश ) ‘ऑपरेशन पवन’ में भारतीय सेनाओं ने अद्भुत साहस, शौर्य और पराक्रम का परिचय दिया। कई सैनिकों ने कर्तव्य पथ पर चलते हुए वीरगति प्राप्त की। उनका साहस और बलिदान हमारी आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा है। बुधवार को सशस्त्र बल पूर्व सैनिक दिवस के अवसर पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने यह बात कही।
रक्षा मंत्री ने कहा कि वर्ष 1987 से 1990 के बीच श्रीलंका में शांति, स्थिरता और क्षेत्रीय सद्भाव बनाए रखने के लिए चलाए गए ‘ऑपरेशन पवन’ में भारतीय सेना के कई वीर जवानों ने सर्वोच्च बलिदान दिया।
राजनाथ सिंह ने कहा, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में हमारी सरकार ‘ऑपरेशन पवन’ में भाग लेने वाले शांति सैनिकों के योगदान को खुले मन से स्वीकार कर रही है और हर स्तर पर उसे मान्यता देने की प्रक्रिया चल रही है। वर्ष 2015 में श्रीलंका यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने इंडियन पीस कीपिंग फोर्स मेमोरियल पर श्रद्धांजलि अर्पित की थी। अब नई दिल्ली स्थित नेशनल वॉर मेमोरियल में भी इंडियन पीस कीपिंग फोर्स के योगदान को पहचान और सम्मान दिया जा रहा है।”
रक्षा मंत्री ने कहा कि लगभग 40 वर्ष पहले इंडियन पीस कीपिंग फोर्स के रूप में श्रीलंका में तैनात रहे सभी पूर्व सैनिकों का स्मरण किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि उस समय भारतीय सेनाओं को भेजने के निर्णय पर बहस हो सकती है, लेकिन ‘ऑपरेशन पवन’ में शामिल सैनिकों की उपेक्षा किसी भी दृष्टि से उचित नहीं ठहराई जा सकती। भारतीय सेना के संघर्ष और बलिदान का सम्मान किया जाना चाहिए था।
राजनाथ सिंह ने कहा कि किसी भी सैनिक के लिए रिटायरमेंट केवल एक शब्द है। सैनिक कभी रिटायर नहीं होता। वर्दी का रंग, कार्यस्थल या आसपास के लोग बदल सकते हैं, लेकिन दिल में देशभक्ति और सेवा की भावना हमेशा जीवित रहती है।
उन्होंने कहा कि पूरा देश हर क्षेत्र में सैनिकों और पूर्व सैनिकों के योगदान को महसूस कर रहा है। सरकार का मानना है कि सैनिक और पूर्व सैनिक देश के मजबूत स्तंभ हैं। उनकी देखभाल करना हमारा नैतिक और भावनात्मक कर्तव्य है। बीते वर्षों में पूर्व सैनिकों के लिए कई ठोस फैसले लिए गए हैं और यह सिलसिला आगे भी जारी रहेगा।
रक्षा मंत्री ने कहा कि लंबे समय से चली आ रही ‘वन रैंक, वन पेंशन’ की मांग को सरकार ने ईमानदारी से लागू किया। इससे पूर्व सैनिकों के जीवन में वित्तीय स्थिरता आई और यह विश्वास मजबूत हुआ कि देश उनके साथ न्याय करता है।
राजनाथ सिंह ने कहा कि पूर्व सैनिक दिवस के अवसर पर वे सभी पूर्व सैनिकों को बधाई देते हैं और वीरगति प्राप्त सैनिकों, देश सेवा में समर्पित पूर्व सैनिकों तथा वर्तमान सैनिकों के प्रति कृतज्ञ राष्ट्र की ओर से आभार व्यक्त करते हैं। उन्होंने कहा कि पूर्व सैनिक केवल सेवा से रिटायर हुए जवान नहीं, बल्कि राष्ट्रीय चेतना के जीवंत स्तंभ और भावी पीढ़ियों के लिए प्रेरणा हैं। 
 

तीन देशों के राजदूतों ने राष्ट्रपति मुर्मु को सौंपे अपने परिचय पत्र

14-Jan-2026
नई दिल्ली।  ( शोर संदेश ) राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने बुधवार को राष्ट्रपति भवन में आयोजित एक समारोह में तीन देशों के राजदूतों की तरफ से दिए गए उनके परिचय पत्र स्वीकार किए।
परिचय पत्र सौंपने वालों में त्रिनिदाद और टोबैगो के उच्चायुक्त एवं ऑस्ट्रिया और अमेरिका के राजदूत 
राष्ट्रपति भवन के अनुसार, परिचय पत्र सौंपने वालों में त्रिनिदाद और टोबैगो के उच्चायुक्त चंद्रदथ सिंह, ऑस्ट्रिया के राजदूत डॉ. रॉबर्ट ज़िशग और अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर शामिल थे। https://x.com/rashtrapatibhvn/status/2011340185196491227?s=20 इस अवसर पर राष्ट्रपति ने सभी राजदूतों का स्वागत किया और उनके कार्यकाल के लिए शुभकामनाएं दीं। 






 

गोरखपुर महोत्सव में पहुंचे बादशाह, सीएम योगी से मुलाकात को बताया खास

14-Jan-2026
नई दिल्ली।  ( शोर संदेश ) रैपर और गीतकार बादशाह ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की। इस मुलाकात को उन्होंने बेहद खास बताया और सोशल मीडिया पर तस्वीरें साझा कर अपने अनुभव जाहिर किए।
बादशाह ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर पोस्ट करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के व्यक्तित्व की सराहना की। उन्होंने लिखा कि सीएम योगी से मिलकर उन्हें एक अजीब-सी गहरी शांति महसूस हुई। बादशाह ने लिखा, “योगी आदित्यनाथ जी से मिलकर आज एक शांति महसूस हुई। उनके चेहरे पर एक अलग ही रोशनी है, वो तेज जो शब्दों से नहीं, बल्कि भीतर की स्थिरता से आता है।”
बादशाह ने मुख्यमंत्री योगी को बेहद शांत और सहज स्वभाव का बताया। उन्होंने कहा कि योगी आदित्यनाथ में जानवरों के प्रति गहरा प्रेम, इंसानों के लिए करुणा और जीवन का एकमात्र उद्देश्य देश की सेवा, धर्म की रक्षा और लोगों के लिए पूर्ण समर्पण साफ झलकता है।
अपने पोस्ट में बादशाह ने आगे लिखा, “जो लोग उन्हें दूर से देखते हैं, वो बहुत कुछ नहीं समझ पाते। लेकिन पास से मिलने पर पता चलता है कि उनकी सबसे बड़ी ताकत सत्ता नहीं, बल्कि उनकी संवेदना है।”
गौरतलब है कि बादशाह इस साल गोरखपुर महोत्सव में शिरकत करने पहुंचे थे। 13 जनवरी को उनका लाइव कॉन्सर्ट आयोजित हुआ था, जिसमें बड़ी संख्या में दर्शक शामिल हुए।
बादशाह के अलावा गोरखपुर महोत्सव में वरुण जैन, भोजपुरी स्टार पवन सिंह, मैथिली ठाकुर समेत कई अन्य कलाकार भी आकर्षण का केंद्र रहे। इस महोत्सव का उद्घाटन पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह ने किया था।
गोरखपुर महोत्सव उत्तर प्रदेश के गोरखपुर शहर का सबसे बड़ा वार्षिक सांस्कृतिक उत्सव माना जाता है। यह गोरखपुर की विरासत, आधुनिकता और पर्यटन को बढ़ावा देता है।
यह महोत्सव हर साल जनवरी में आयोजित होता है और इस बार 2026 में 11 जनवरी से 17 जनवरी तक चंपा देवी पार्क (रामगढ़ ताल के किनारे) में आयोजित किया जा रहा है।
यह महोत्सव कला, संस्कृति, संगीत, नृत्य, व्यापार मेले और स्थानीय उत्पादों का शानदार संगम है। इसमें मेगा ट्रेड फेयर, वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट प्रदर्शनी, फूड स्टॉल, बच्चों की शैक्षणिक व सांस्कृतिक प्रतियोगिताएं, महिला सशक्तीकरण कार्यक्रम और स्थानीय कलाकारों को मंच प्रदान किया जाता है। 










 



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