
ढाका (शोर संदेश)। बांग्लादेश में भीषण आग में कई दर्जन लोगों की जान चली गई है। एक अधिकारी ने शुक्रवार को कहा कि बांग्लादेश में सुगंधा नदी में एक नाव में तब आग लग गई जब उसपर 1000 के करीब लोग मौजदू थे। बताया गया कि ये आग इतनी भयंकर थी कि इससे बचने के लिए लोगों ने नदी में छलांग लगा दी, जिस कारण भी कई लोग मार गए। जानकारी के मुताबिक, अब तक कम से कम 38 लोगों की मौत हो गई है। दक्षिणी जिले झलकाठी में अग्निशमन सेवा के एक वरिष्ठ अधिकारी कलाम हुसैन भुइयां ने कहा, हमने अब तक 38 शव बरामद किए हैं। भुइयां ने कहा कि आग प्रक्षेपण के इंजन कक्ष से शुरू हुई। बताा गया कि ये लोग राजधानी ढाका से बरगुना जा रहे थे। झलकाठी के जिला प्रशासक जोहोर अली ने कहा कि मरने वालों की संख्या और बढ़ सकती है क्योंकि 50 से अधिक लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है, कुछ यात्री अभी भी लापता हैं और कुछ की हालत गंभीर है। वहीं, आग लगने का कारण तत्काल साफ नहीं हो सका है।

बगदाद/नई दिल्ली (शोर संदेश)। इराक की राजधानी बगदाद में अमेरिकी दूतावास के पास रविवार सुबह लगातार दो रॉकेट दागे गए जिससे आसपास के इलाके में दहशत फैल गई। इराकी न्यूज एजेंसी ने सेना के हवाले से इसकी जानकारी दी। रिपोर्ट के अनुसार एक रॉकेट को सी-रैम रक्षा प्रणाली ने हवा में नष्ट कर दिया था, लेकिन दूसरा ग्रीन जोन में गिरा जिससे दो कारें क्षतिग्रस्त हो गईं। हताहतों की तत्काल कोई सूचना नहीं है।



वाशिंगटन/नई दिल्ली (शोर संदेश)। अमेरिका के केंटकी राज्य में शनिवार की शाम अचानक अंधेरा छाया, और इसके बाद कइयों की मौत की खबरें आने लगीं। भयंकर तूफान ने बहुत से लोगों को लील लिया। 11 दिसंबर की शाम को आए तूफान ने भारी तबाही मचाई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह तूफान अब तक 80 से ज्यादा लोगों की जान ले चुका है। सिर्फ केंटकी में ही 70 से ज्यादा लोगों की जान जा चुकी है। वहीं इलिनोइस में अमेजन के गोदाम की छत गिर जाने से करीब छह लोगों की मौत की खबर है।
केंटकी से शुरू हुआ यह तूफान अब तक पांच राज्यों में भारी तबाही मचा चुका है। कई गाड़ियां इस भंयकर तूफान की चपेट में आकर क्षतिग्रस्त हो चुकी हैं। वहीं जान व माल को भी भारी नुकसान हुआ है। अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने इस तूफान को इतिहास की सबसे बड़ी त्रासदियों में से एक बताया है। उन्होंने अपने बयान में कहा कि यह एक त्रासदी है। हम अभी भी नहीं कह सकते कि इस तूफान में कितने लोगों की जान चली गई है और कितना नुकसान हुआ है।
अचानक छाया अंधेरा और फिर मौतों की खबर
बताया जा रहा है कि शनिवार को अचानक केंटकी में अंधेरा छा गया। भयंकर तूफान ने बहुत से लोगों को लील लिया। इसके बाद से बचाव दल के अधिकारी मलबे में दबे जीवित लोगों की तलाश कर रहे हैं। मरने वालों में कई केंटकी में एक मोमबत्ती कारखाने में काम कर करते थे। वहीं जिन छह लोगों की मौत हुई इलिनोइस में हुई है वे अमेजन के गोदाम में क्रिसमस के ऑर्डर तैयार कर रहे थे। केंटकी के गवर्नर एंडी बेशियर ने कहा कि यह इतिहास की सबसे विनाशकारी मानवीय आपदा है। डर है कि इस आपदा में हम 100 से अधिक लोगों को खो देंगे।
हर तरफ सिर्फ तबाही का मंजर
जिस शहर में सबसे ज्यादा तबाही हुई वहां पर सबकुछ अस्त व्यस्त हो चुका था। मेफील्ड शहर में कई घर, इमरातें मलबे में तब्दील हो गए हैं। पेड़ भी उखड़ चुके हैं और कारें खेतों में उल्टी पड़ी दिखाई दीं। गवर्नर बेशियर ने बताया कि जिस समय तूफान आया एक मोमबत्ती बनाने के कारखाने में करीब 110 लोग काम कर रहे थे और छत उनके ऊपर गिर गई। इस घटना में 40 लोगों को बचा लिया गया है। केंटकी के गवर्नर एंडी बेशियर ने कहा, `यह घटना केंटकी के इतिहास में सबसे खराब, सबसे विनाशकारी और सबसे घातक टॉरनेडो है।` उन्होंने कहा कि उन्हें डर है कि हम 100 से अधिक लोगों को खो देंगे। गवर्नर ने कहा, `मैंने अपने जीवन में जो कुछ भी देखा है, उसके विपरीत यह तबाही है और मुझे इसे शब्दों में बयां करने में परेशानी होती है।`गवर्नर ने कहा कि मेफील्ड शहर में एक मोमबत्ती कारखाने में छत गिरने से `बड़े पैमाने पर लोग हताहत हुए`. गवर्नर ने कहा कि आधी रात से पहले उन्होंने आपातकाल की स्थिति घोषित कर दी थी. अमेरिका के कई राज्यों में कहर के रूप में तूफान ने तबाही मचाई है. मेफील्ड के मेयर ने कहा कि यह पश्चिमी केंटकी शहर `माचिस की तीली` में बदल गया। 10,000 लोगों के छोटे से शहर को अधिकारियों द्वारा ‘ग्राउंड ज़ीरो‘ कहा गया है। शहर में व्यापक विनाश हुआ है। ऐतिहासिक घर और इमारत गिर गई हैं. पेड़ों की टहनियां टूट गई हैं और खेतों में कारें पलटी हुई हैं। बेशियर ने कहा कि तूफान के समय मोमबत्ती फैक्ट्री में करीब 110 लोग काम कर रहे थे, जिससे उसकी छत गिर गई। उन्होंने कहा कि चालीस लोगों को बचा लिया गया है, लेकिन अगर कोई और जीवित पाया जाता है तो यह चमत्कार होगा। फैक्टरी के एक कर्मचारी ने फेसबुक पर एक दिल दहला देने वाली पोस्ट की है, जिसमें एक महिला कहती है, `हम फंस गए हैं, कृपया, आप सब हमारी मदद करें।` उसने कहा, `हम मेफील्ड में मोमबत्ती कारखाने में हैं। कृपया, आप सब हमारे लिए प्रार्थना करें।`

मेक्सिको/नई दिल्ली (शोर संदेश)। दक्षिणी मेक्सिको में गुरुवार की देर रात एक बेकाबू ट्रक ने भीड़ वाली सड़क पर लोगों को रौंद दिया। इस हादसे में अभी तक 53 लोगों की मौत हो गई। वहीं, 50 से ज्यादा लोग घायल हो गए हैं। घायलों को नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया जा रहा है। यह दर्दनाक हादसा चियापास राज्य की राजधानी जाने वाली सड़क पर हुआ। प्राप्त जानकारी के मुताबिक, मालवाहक ट्रक जैसे ही पुल पर चढ़ा कि ड्राइवर ने अपना नियंत्रण खो दिया। जिससे सड़क किनारे चल रहे लोगों को रौंदते हुए डिवाइडर से टकरा गया। बताया जा रहा है कि मृतकों की संख्या बढ़ भी सकती है। चियापास राज्य नागरिक सुरक्षा कार्यालय के प्रमुख लुइस मैनुअल मोरेनो ने बताया कि मरने वालों और घायलों में ज्यादातर मध्य अमेरिका के अप्रवासी हैं, हालांकि उनकी राष्ट्रीयता की अभी पुष्टि नहीं हुई। मोरेनो ने बताया कि बचे हुए लोगों में से कुछ ने कहा कि वे पड़ोसी देश ग्वाटेमाला से हैं। मोरेनो ने कहा कि ऐसा प्रतीत हो रहा है कि ट्रक इंसानों के भारी वजन के कारण पलट गया और जैसे ही वाहन उसके ऊपर से गिरा, वह स्टील के पैदल पुल से टकरा गया। गौरतलब है कि हाल ही में मेक्सिकन अधिकारियों ने प्रवासियों को अमेरिकी सीमा की ओर बड़े समूहों में जाने से रोका था, लेकिन प्रवासी तस्करी का गुप्त और अवैध प्रवाह जारी है।

जावा/नई दिल्ली (शोर संदेश)। इंडोनेशिया के जावा द्वीप पर सेमरू ज्वालामुखी फटने के कारण यहां मरने वालों की संख्या 13 पहुंच गई है। इसकी पुष्टि रविवार को की गई। वहीं इंडोनेशिया के आपदा प्रबंधन एजेंसी के प्रवक्ता अब्दुल मुहरी ने बताया कि मरने वाले 13 लोगों में से दो की पहचान कर ली गई है। इस प्राकृतिक आपदा में कई लोग घायल भी हुए हैं, जिसमें कई अस्पताल में भर्ती हैं। सरकार का कहना है कि ज्यादातर लोग ज्वालामुखी फटने के कारण जल गए हैं।
सुबह आया था भूकंप
इंडोनेशिया के टोबेलो से 259 किमी की दूरी पर उत्तर दिशा की ओर आज सुबह भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए। अमेरिका के जियोलॉजिकल सर्वे से मिली जानकारी के अनुसार, रिक्टर पैमाने पर इस भूकंप की तीव्रता 6.0 दर्ज की गई है। हालांकि, नुकसान की कोई सूचना नहीं है।

बीजिंग/नई दिल्ली (शोर संदेश)। जंग के दौरान अग्रिम मोर्चों पर तैनाती के लिए चीन जल्द ही तीन लाख और सैनिकों की भर्ती करने जा रहा है। चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने युद्धों में बढ़त बनाने के लिए सेना में नई भर्ती का निर्देश दिया है। एक रिपोर्ट के मुताबिक तीन लाख और सैनिकों की आवश्यकता पड़ेगी।राष्ट्रपति जिनपिंग ने युद्ध में बढ़त बनाने के लिए अग्रिम मोर्चों पर नई तैनातियों का आदेश दियाचीनी सेनाओें के मुख्य कमांडर शी चिनपिंग ने सैन्य प्रतिभाओं के लिए हुए सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि प्रतिभाओं के पास सशस्त्र चीनी सेना में उच्च गुणवत्ता के विकास की कुंजी है। साथ ही सैन्य प्रतिस्पर्धा में विजयी होने के लिए और भावी युद्धों में बढ़त के लिए सैनिकों का प्रतिभावान होना जरूरी है। शी ने कहा कि नई प्रतिभाओं को समर्थन दिए जाने की जरूरत है, ताकि पीपुल्स लिब्रेशन आर्मी (पीएलए) के वर्ष 2027 तक के लक्ष्यों को निर्धारित किया जा सके। 209 अरब डालर के सालाना सैन्य बजट के साथ चीनी सेना को अत्याधुनिक बनाने की कवायद जारी है। संगठनात्मक सुधारों के साथ ही उन्हें हाइपरसोनिक हथियारों समेत नए अस्त्र-शस्त्रों से लैस किया जा रहा है। अमेरिकी सेना के अनुसार, चीन ने हाल ही में लंबी दूरी की मिसाइल लांच की है जो पूरी दुनिया का फेरा लगा सकती है। इसे हाइपरसानिक वाहन से छोड़ा गया था और यह लक्ष्य को भेदते हुए चीन लौट आई थी।चीनी राष्ट्रपति ने कहा कि लड़ने की क्षमता को और मजबूत करने व जीत को शुरुआती बिंदु बनाने की जरूरत है। इसके लिए सैन्य प्रतिभा को उभारना ही परम लक्ष्य है। युद्ध जीतने के लिए सैन्य अफसरों को वैज्ञानिक शिक्षा के साथ ही तकनीकी क्षमताओं को भी बढ़ाना होगा। उन्होंने कहा कि इसके लिए प्रथम श्रेणी के सैन्य स्कूलों को भी स्थापित करने की जरूरत है। ताकि सैन्य अफसरों को प्रथम श्रेणी का सैन्य प्रशिक्षण मिल सके।

केप टाउन/नई दिल्ली (शोर सन्देश)। कोरोना के नए वेरिएंट की पहचान करने और दुनिया को आगाह करेने वाले देश पर अब प्रतिबंध का खतरा मंडराना लगा है। दरअसल ओमिक्रॉन वैरिएंट मिलने के बाद दुनिया के तमाम देशों ने दक्षिण अफ्रीका पर कई तरह के प्रतिबंध लगाने शुरू कर दिए हैं। पहले चरण में कई यूरोपियन देशों ने दक्षिणी अफ्रीकी देशों की हवाई उड़ानों को निलंबित कर दिया है। इस बीच दक्षिण अफ्रीका का बयान सामने आया है। देश के स्वास्थ्य मंत्री जो फाहला ने कहा है कि दक्षिण अफ्रीका के साथ जिस तरह का व्यवहार किया जा रहा है, वह गलत है। हमें एडवांस जीनोम सीक्वेंसिंग के जरिए नए वैरिएंट को खोजने की सजा दी जा रही है।
दक्षिण अफ्रीका के विदेश मंत्रालय की ओर से एक बयान में कहा गया कि हमने कोरोना के नए वैरिएंट को जल्दी खोजकर दुनिया को आगाह करने का काम किया है। यह वैरिएंट डेल्टा से भी ज्यादा खतरनाक है। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने इसे चिंताजनक श्रेणी में रखा है। हमारी अच्छी वैज्ञानिक तकनीकों की तारीफ होनी चाहिए, लेकिन दुनिया हमारे प्रति सौतेला व्यवहार कर रही है। विदेश मंत्रालय ने कहा कि कोरोना की रोकथाम के लिए हम भी उतने ही प्रयास कर रहे हैं, जितने कि कोई दूसरा देश। हमारे पास विश्वस्तरीय संसाधन मौजूद हैं।
प्रतिबंधों से अर्थव्यवस्था को पहुंचेगी चोट
कोरोना की पहली व दूसरी लहर के दौरान लगभग सभी देशों ने अपनी-अपनी सीमाओं को पूरी तरह से बंद कर दिया था। यहां तक कि आयात-निर्यात पर भी कई तरह के प्रतिबंध लागू कर दिए गए थे। इससे दुनिया की अर्थव्यवस्था को धक्का लगा है। उत्पादन, कच्चे माल की भारी कमी हो रही है। इससे अभी तक देश उभर नहीं पाए हैं, इस बीच दक्षिण अफ्रीका पर एक बार फिर से प्रतिबंधों का खतरा मंडरा रहा है।
तेजी से फैल रहा कोरोना का नया वैरिएंट
ओमिक्रॉन का सबसे पहले पता दक्षिण अफ्रीका में लगा था। कोरोना वायरस का यह नया वैरिएंट, अब तक के सभी वैरिएंट से ज्यादा संक्रामक बताया जा रहा है। आलम यह है ओमिक्रॉन अब तक दक्षिण अफ्रीका के साथ ही साथ इजराइल, बोत्सवाना, हांगकांग, बेल्जियम व अन्य देशों तक पहुंच चुका है।

लंदन/नई दिल्ली (शोर संदेश)। अफ्रीकी देशों में कोरोना वायरस के मिल रहे नए वैरिएंट ने फिर से चिंता बढ़ा दी है। इसी कड़ी में यूनाइटेड किंगडम ने गुरुवार को छह देशों से उड़ानों के अस्थायी निलंबन की घोषणा की है। यूके के स्वास्थ्य सचिव साजिद जाविद ने यह जानकारी दी है। यूके के स्वास्थ्य सुरक्षा एजेंसी (यूकेएचएसए) की ओर से वैरिएंट बी.1.1.529 को जांच के तहत एक संस्करण (वीयूआई) घोषित करने के बाद विमान रद्द करने का फैसला लिया गया है। दक्षिण अफ्रीका में 30 से अधिक नए मामले मिले हैं, जो नए वेरिएंट के हैं।
डेल्टा से भी खतरनाक है यह वैरिएंट
बताया जा रहा है कि यह वैरिएंट डेल्टा और डेल्टा प्लस से भी ज्यादा खतरनाक है। यूके की स्वास्थ्य सुरक्षा एजेंसी ने एक बयान में कहा, `वैरिएंट में बड़ी संख्या में स्पाइक प्रोटीन म्यूटेशन के साथ-साथ वायरल जीनोम के अन्य हिस्सों में म्यूटेशन शामिल हैं। ये संभावित रूप से जैविक रूप से महत्वपूर्ण म्यूटेशन हैं जो टीके, उपचार और ट्रांसमिशन के संबंध में वायरस के व्यवहार को बदल सकते हैं। इसके लिए अधिक जांच और सावधानी बरतने की आवश्यकता है।स्वास्थ्य सचिव जावेद ने कहा, `हम सार्वजनिक स्वास्थ्य की रक्षा के लिए एहतियाती कार्रवाई कर रहे हैं। हम लगातार टीकाकरण अभियान को भी मजबूत कर रहे हैं। सर्दियों का मौसम आ रहा है, इसलिए हम स्थिति की बारीकी से निगरानी कर रहे हैं।`मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) दक्षिण अफ्रीका और बोत्सवाना में संभावित रूप से तेजी से फैल रहे सीओवीआईडी स्ट्रेन पर चर्चा करने के लिए शुक्रवार को एक आपातकालीन बैठक बुला रहा है। इससे पहले, यूके की मीडिया रिपोर्टों में कहा गया था कि यूके के वैज्ञानिकों ने बोत्सवाना में एक कोरोना वायरस स्ट्रेन की उपस्थिति की चेतावनी दी थी, जिसमें 32 उत्परिवर्तन होते हैं।

इस्लामाबाद/नई दिल्ली (शोर संदेश)। पाकिस्तान की संसद ने `अंतरराष्ट्रीय न्याय अदालत (समीक्षा और पुनर्विचार) विधेयक, 2020` को मंजूरी दे दी है। यह कुलभूषण जाधव को देश के उच्च न्यायालयों में अपनी सजा की अपील करने की अनुमति देगा।कानून बनने के बाद अब कुलभूषण जाधव को आईसीजे जैसी उच्च अदालतों में मौत की सजा के खिलाफ अपील करन की आजादी मिल जाएगी। जाधव को पाकिस्तान की मिलिट्री कोर्ट की तरफ से मौत की सजा मिली थी। इस विधेयक को पाकिस्तान के कानून और न्याय मंत्री फरोघ नसीम की तरफ से पेश किया गया था।भारतीय नौसेना के रिटायर्ड अधिकारी कुलभूषण जाधव की मौत की सजा मामले की सुनवाई कर रहे इस्लामाबाद उच्च न्यायालय ने भारत से कानूनी कार्यवाही में सहयोग करने के लिए कहा है। कोर्ट ने इसी साल पांच मई को पाकिस्तान के कानून एवं न्याय मंत्रालय की याचिका पर सुनवाई शुरू की थी, जिसमें जाधव के लिए वकील नियुक्त करने की मांग की थी।
क्या है मामला?
सेवानिवृत्त भारतीय नौसेना अधिकारी कुलभूषण जाधव (50) को पाकिस्तानी सैन्य अदालत ने अप्रैल, 2017 में जासूसी करने और आतंकवाद फैलाने के आरोप में फांसी की सजा सुनाई थी। भारत ने इसके खिलाफ इंटरनेशनल कोर्ट ऑफ जस्टिस (आईसीजे) में अपील की थी।भारत का कहना है कि जाधव नौसेना से सेवानिवृत्ति के बाद व्यापार कर रहे हैं और उनके इसी सिलसिले में ईरान जाने पर पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ने उन्हें झूठे इल्जाम में फंसाने के लिए वहां से अगवा किया था। भारत ने पाकिस्तान पर जाधव तक राजनयिक पहुंच उपलब्ध नहीं कराने का भी आरोप लगाया था।आईसीजे ने जुलाई, 2019 में पाकिस्तान को जाधव मामले की दोबारा समीक्षा करने, उसे सैन्य अदालत के खिलाफ अपील का मौका देने और भारत को उस तक राजनयिक पहुंच उपलब्ध कराने का आदेश दिया था।

फिर महामारी का केंद्र बना यूरोप, पश्चिमी देश ज्यादा प्रभावित
विएना/नई दिल्ली (शोर संदेश)। कोरोना का बढ़ते कहर के बीच ऑस्ट्रिया ने टीका न लगवाने वालों के खिलाफ सख्त कदम उठाने का फैसला किया है और उन्हें लॉकडाउन में घरों में रखने से जुड़ा ऐलान कर दिया। दरअसल यूरोप में कोरोना का कहर बढ़ता जा रहा है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने तो यहां तक कह दिया है कि यूरोप अब एक बार फिर महामारी का केंद्र बन गया है। कोरोना से फिलहाल सबसे ज्यादा प्रभावित पश्चिमी यूरोप है, जहां संक्रमितों की बढ़ती संख्या के चलते लॉकडाउन जैसे कदम उठाने पड़ रहे हैं।
ऑस्ट्रिया के चांसलर एलेक्जेंडर शालेनबर्ग ने शुक्रवार को एलान किया कि अपर ऑस्ट्रिया और साल्जबर्ग में टीके की खुराक न लेने वाले लोग सोमवार से खास वजहों, जैसे जरूरत का सामान खरीदने, डॉक्टर से मिलने या नौकरी के लिए ही घरों से बाहर निकल पाएंगे। शालेनबर्ग ने कहा कि वे देशभर में ऐसे ही कदमों को लागू करने पर विचार कर रहे हैं। बताया गया है कि ऑस्ट्रिया के साथ पड़ोसी जर्मनी में भी संक्रमण की रफ्तार तेज हो गई है।
कोरोना महामारी के तकरीबन दो साल बाद भी यूरोप के पश्चिमी क्षेत्र में संक्रमण के मामले बढ़ रहे हैं। यह काफी चौंकाने वाली बात है, क्योंकि इस क्षेत्र में टीकाकरण की दरें अधिक हैं और स्वास्थ्य देखभाल प्रणालियां अच्छी हैं। इसके बावजूद अब कोरोना के लौटने की वजह से लॉकडाउन लगाने की नौबत आन पड़ी है।
विश्व स्वास्थ्य संगठन ने बताया कि यूरोप में पिछले हफ्ते कोरोना वायरस से जान गंवाने वाले लोगों की संख्या 10 फीसदी तक बढ़ गई। एजेंसी ने पिछले हफ्ते आधिकारिक घोषणा में कहा कि यूरोप फिर से महामारी का केंद्र बनने जा रहा है।
वैक्सिनेशन की दर ज्यादा होने के बावजूद बढ़ रहे संक्रमित
पश्चिमी यूरोप के कुछ देशों जैसे कि जर्मनी और ब्रिटेन में दुनिया में संक्रमण के सबसे अधिक नए मामले आ रहे हैं जबकि वहां कोरोना टीके लगाने की दर ज्यादा है। पश्चिम यूरोप में सभी देशों में टीकाकरण की दर 60 प्रतिशत से अधिक है और पुर्तगाल-स्पेन जैसे देशों में टीकाकरण की दर और अधिक है।
एक्सेटर यूनिवर्सिटी कॉलेज ऑफ मेडिसिन एंड हेल्थ में वरिष्ठ क्लिनिकल व्याख्याता डॉ. भारत पनखानिया ने कहा कि लॉकडाउन के बाद से व्यापक पैमाने पर सामाजिक गतिविधियां शुरू होने के साथ टीके की खुराक न लेने वाले लोग और महीनों पहले टीके की खुराक ले चुके लोगों की रोग प्रतिरोधक क्षमता में कमी आना संक्रमण के बढ़ते मामलों के लिए जिम्मेदार है।
नीदरलैंड्स में महामारी फैलने के बाद से संक्रमण के रिकॉर्ड मामले दर्ज किए गए। अस्पतालों की ओर से चेतावनी दी गई है कि आगे हालात और बिगड़ सकते हैं। हालांकि, अधिकारी बहुत ज्यादा सख्ती बरतने से इनकार कर रहे हैं।
80% टीकाकरण करा चुके स्पेन में भी फैला कोरोना
एक समय यूरोप में कोरोना वायरस से सबसे अधिक प्रभावित रहे स्पेन ने संभवत: यह उदाहरण दिया है कि कैसे खतरे से निपटा जा सकता है। उसने अपनी 80 प्रतिशत आबादी को टीके की खुराक दे दी है और बाहर मास्क लगाना भी अनिवार्य नहीं किया। इसके बावजूद लोगों ने मास्क लगाना जारी रखा है। हालांकि, इसके बावजूद वहां संक्रमण के मामले थोड़े बढ़े हैं।