
वाशिंगटन/कीव/नई दिल्ली (शोर संदेश)। यूक्रेन के साथ बातचीत बेनतीजा रहने के बाद रूस ने संभवत: कीव पर बड़ा धावा बोलने की तैयारी कर ली है। रूसी सेना का विशाल काफिला यूक्रेन की राजधानी कीव की ओर बढ़ रहा है।अमेरिकी कंपनी मैक्सर टेक्नालॉजी ने उपग्रह तस्वीरों के जरिए यह खुलासा किया है। यह काफिला 64 किलोमीटर लंबा बताया गया है। कीव पहले ही कई रूसी हमलों को विफल कर चुका है। इसे देखते हुए लग रहा है कि रूस ने अब इस पर कब्जे की निर्णायक तैयारी कर ली है। यह काफिला उत्तरी कीव की ओर जा रहा है।रूसी सेना का काफिला एंटोनोव एयरपोर्ट के पास और राजधानी कीव से चंद किलोमीटर दूर रह गया है। यह लगातार आगे बढ़ रहा है, इसलिए इसके जल्द कीव पहुंचने का अनुमान है। कुछ सैन्य वाहनों में सैनिक तो कुछ में हथियार व गोलाबारूद हैं। उपग्रह की तस्वीरों में इवांकीव के उत्तर और उत्तर-पश्चिम में कई घरों और इमारतों को जलते देखा गया है। इन्हीं इलाकों की सड़कों से यह काफिला गुजर रहा है।काफिले में सेना के ट्रक, बख्तरबंद वाहन, टैंक व सैनिक शामिल हैं। एक दिन पहले रूसी सेना ने आम नागरिकों से कीव छोड़ने को भी कहा था। रूस-यूक्रेन के बीच छह दिनों से जंग जारी है। रायटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की का कहना है कि रूस ने यूक्रेन में 56 रॉकेट और 113 क्रूज मिसाइलें दागी हैं। रूसी मिसाइलों, प्लेन और हेलीकॉप्टर के लिए नो फ्लाई जोन पर विचार करने का वक्त आ गया है।रूस व यूक्रेन के बीच सोमवार को पहली बार सीधी बातचीत भी हुई, लेकिन वह बेनतीजा रही। रूस जहां यूक्रेन को हथियार डालने पर अडिग है वहीं, यूक्रेन रूसी फौज की वापसी पर। रूस के राष्ट्रपति पुतिन द्वारा अपनी परमाणु फौजों को तैयार रहने के निर्देश से भी चिंता बढ़ गई है।

कीव/नई दिल्ली (शोर संदेश) यूक्रेन पर रूसी आक्रमण लगातार तेज हो रहा है। रूस द्वारा कीव के विक्ट्री एवेन्यू पर सैन्य इकाइयों को निशाना बनाने की खबर सामने आई है। हालांकि रूस ने इस हमले को खारिज कर दिया था लेकिन सूत्रों ने इसकी पुख्ता जानकारी दी है और यूक्रेन की सेना ने भी अब अपने सत्यापित फेसबुक पेज पर इसकी पुष्टि कर दी है।
वहीं अब पुतिन की सेना यूक्रेन पर कब्जा करने के करीब पहुंच गई है, दूसरी ओर पुतिन ने भी अन्य देशों को धमकी दे डाली है कि कोई भी बीच में न पड़े नहीं तो उसे भी अंजाम भुगतना पड़ सकता है। उन्होंने अमेरिका समेत सभी देशों को चेताते हुए कहा कि हमारे पास परमाणु हथियार हैं जो हम जरूरत पड़ने पर चला सकते हैं। गौरतलब है कि यूक्रेन की राजधानी कीव में स्थानीय समयानुसार शुक्रवार शाम को एक बार फिर तोपों की गरज सुनाई दी। जंग के तीसरे दिन रूस के सैनिक राजधानी कीव के काफी करीब पहुंच चुके हैं। रात दिन हो रहे धमाकों से देश में दहशत है।
देश छोड़कर नहीं गए राष्ट्रपति जेलेन्सकी
राष्ट्रपति जेलेन्सकी ने शुक्रवार को एक वीडियो जारी कर इस बात की पुष्टि की वे रूस का सामना करने के लिए कीव में डटे हुए हैं, देश को अकेला छोड़ कहीं नहीं गए हैं। राष्ट्रपति ने ट्वीट कर बताया कि उन्हें पिछले कुछ घंटों में विदेशी नागरिकों ने इमेल भेजे हैं और पूछा हे कि यूक्रेन के लिए जंग में वे कैसे मदद कर सकते हैं। साथ ही कुछ सुझाव भी दिए हैं। जेलेन्सकी ने कहा कि मेल भेजने वालों में अधिकांश रिटायर्ड मिलिट्री हैं।
यूक्रेन के विदेश मंत्री ने भारत से लगाई युद्ध रुकवाने की गुहार
यूक्रेन के विदेश मंत्री दिमित्रो कुलेबा ने शुक्रवार को विदेश मंत्री एस जयशंकर से फोन पर बात की। उन्होंने यूक्रेन के खिलाफ सैन्य अभियानों को समाप्त करने के लिए रूस के साथ भारत के संबंधों के प्रभाव का उपयोग करने का आग्रह किया। कुलेबा ने भारत से एक अस्थायी UNSC सदस्य के रूप में भी ‘यूक्रेन में शांति बहाल करने’ पर मसौदा प्रस्ताव का समर्थन करने का भी आग्रह किया।
भारतीयों को निकालने के लिए 3 टीमों का गठन
यूक्रेन संकट के बीच भारतीय छात्रों को निकालने के लिए सरकार अपनी पूरी कोशिश कर रही है। इधर, पोलैंड में भारत की राजदूत नगमा मलिक ने बताया कि दूतावास ने तीन टीमों का गठन किया है जो फंसे हुए भारत एन छात्रों को स्थानांतरित करने में सहायता करेगी। इन टीमों में से एक लविवि में है। उन्होंने बताया कि सभी फंसे हुए छात्रों के लिए पोलैंड की सरकार यात्रा को आसान बनाने के लिए पुरजोर कोशिश कर रही है।
सीजफायर पर बात करने को तैयार है यूक्रेन
यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेन्सकी के प्रवक्ता ने कहा है कि आज रात रूस राजधानी कीव को दहलाने की कोशिश कर सकता है। अब यूक्रेन सीजफायर व शांति के लिए सहमत है। शुक्रवार को सोशल मीडिया पर प्रवक्ता सर्गी नाइकाइफोरोव (Sergii Nykyforov) ने कहा कि बातचीत के लिए समय और स्थान के चुनाव को लेकर रूस व यूक्रेन के बीच वार्ता जारी है। उन्होंने कहा, ‘यूक्रेन सीजफायर के बारे में बातचीत के लिए तैयार है।’ राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने तो यहां तक कह दिया कि अब उनकी सेनाएं चार दिन तक ही राजधानी कीव को बचा पाएंगी, क्योंकि कब्जे की लड़ाई उसके नजदीक आ गई है।
अमेरिका ने लगाए नए प्रतिबंध
यूक्रेन में रूस द्वारा किए गए सैन्य कार्रवाई को लेकर खफा अमेरिका ने पहले आर्थिक प्रतिबंध लगाए। साथ ही वहां के एलिट वर्ग के लोगों पर रोक लगा दिया था और अब राष्ट्रपति व्लादीमिर पुतिन और विदेश मंंत्री लावरोव पर अमेरिका ने यात्रा प्रतिबंध का ऐलान किया है।

कीव/नई दिल्ली (शोर संदेश)। राष्ट्रपति पुतिन ने यूक्रेन में सैन्य कार्रवाई के आदेश दे दिए हैं। पुतिन ने कहा है कि अगर यूक्रेन पीछे नहीं हटता है तो जंग होकर रहेगी। पुतिन ने यूक्रेनी सेना को धमकी देते हुए कहा कि जल्द से जल्द हथियार डाल दें नहीं तो युद्ध को टाला नहीं जा सकता है। पुतिन ने आगे कहा कि अगर कोई दूसरा देश बीच में आता है तो उसके खिलाफ भी जवाबी कार्रवाई होगी।
रूसी राष्ट्रपति पुतिन द्वारा सैन्य कार्रवाई के आदेश के बाद से रूस यूक्रेन के खिलाफ और ज्यादा हमलावर हो गया है। ताजा जानकारी के अनुसार रूस की सेना ने जानकारी दी है कि उसने यूक्रेन के सैन्य और हवाई अड्डों को निशाना बनाकर तबाह कर दिया है। वहीं जवाबी कार्रवाई करते हुए यूक्रेनियन सेना ने ने दावा किया है कि उसने लुहान्स्क क्षेत्र में पांच रूसी विमानों और एक रूसी हेलीकॉप्टर को मार गिराया गया है।

वॉशिंगटन/नई दिल्ली (शोर संदेश)। रूस ने यूक्रेन के साथ जंग का एलान कर दिया है। इसके बाद अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने कहा है कि पूरे मामले पर उनकी नजर बनी हुई है और अगले दिन वे जी-7 और नाटो समूह के देशों के साथ बैठक करेंगे। उन्होंने कहा कि दुनिया रूस को इस युद्ध से होने वाली मौत और तबाही का जिम्मेदार मानेगी। बाइडन फिलहाल व्हाइट हाउस से पूरे मामले पर नजर बनाए हुए हैं और अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा टीम से लगातार अपडेट ले रहे हैं। अमेरिका पहले ही रूस पर कई तरह के प्रतिबंध लगा चुका है।
पुतिन ने यूक्रेनी सेना से कहा है कि वे हथियार डाल दें और अपने घर लौट जाएं। अन्यथा यह युद्ध नहीं टाला जा सकता है। इसके साथ ही रूस ने बाकी देशों को चेतावनी देते हुए कहा है कि अगर कोई दूसरा देश बीच में आता है तो उसके खिलाफ भी जवाबी कार्रवाई की जाएगी।रूस ने यूक्रेन की संप्रभुता का उल्लंघन किया
सुरक्षा परिषद में अमेरिकी प्रतिनिधि ने कहा कि हम रूस की कार्रवाई का एकता के साथ जवाब देना जारी रखेंगे। हम यहां रूस को रुकने, अपनी सीमा पर लौटने, सैनिकों को वापस बैरक में भेजने के लिए अपील करने आए हैं। अपने राजनयिकों को वार्ता की मेज पर लाएं। रूस ने सचमुच यूक्रेन की संप्रभुता का उल्लंघन किया है।
यूक्रेन में अपातकाल की घोषणा
यूक्रेन में अपातकाल की घोषणा कर दी गई है। इसके साथ ही यूक्रेन के 30 लाख लोगों को रूस छोड़ने के लिए कहा गया है। यूक्रेन की संसद ने आम लोगों के पास हथियार रखने का प्रस्ताव भी पास कर दिया है। रूस पहले ही यूक्रेन के आंतरिक सुरक्षा, विदेश और बैंक से जुड़ी अहम वेबसाइटों पर साइबर अटैक कर चुका है। इससे पहले यूक्रेन के राष्ट्रपति रूस के लोगों से शांति की भावुक अपील भी कर चुके हैं।

कीव/मास्को/नई दिल्ली (शोर संदेश)। आखिरकार रूस ने गुरुवार को पड़ोसी देश यूक्रेन पर हमला बोल दिया। राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने अमेरिका समेत कई देशों की लगाई पाबंदियों की परवाह किए बगैर यूक्रेन पर सैन्य कार्रवाई का एलान कर दिया। इसके बाद यूक्रेन की राजधानी कीव समेत कई शहरों में बमबारी की खबर है। बैलेस्टिक मिसाइलों से हमला किया जा रहा है।व एयरपोर्ट पर कब्जे का प्रयास किए जाने की भी रिपोर्ट है। समूचे यूक्रेन में आपातकाल लागू है और नागरिक उड़ानों पर पाबंदी लगाई जा चुकी है। जानिए अब तक क्या-क्या हुआ:भारतीय समयानुसार गुरुवार सुबह करीब आठ बजे राष्ट्रपति पुतिन ने यूक्रेन पर सैन्य कार्रवाई का एलान किया।
पुतिन ने अमेरिका व नाटो को भी दूर रहने की परोक्ष धमकी दी और दखल देने पर इतिहास का सबसे बुरा अंजाम भोगने की चेतावनी दी।
पुतिन के एलान के कुछ ही देर बाद यूक्रेन के कई शहरों में धमाकों की खबरें आईं। राजधानी कीव एयरपोर्ट पर कब्जे की कोशिश की गई।
हमलों में रूस बैलेस्टिक मिसाइलों का इस्तेमाल कर रहा है।
यूक्रेन या नाटो द्वारा अब तक किसी जवाबी सैन्य कार्रवाई की खबर नहीं है।
यूक्रेन को नरसंहार से मुक्त करना है: रूस
संयुक्त राष्ट्र में रूस के प्रतिनिधि ने कहा कि राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन द्वारा घोषित विशेष अभियान यूक्रेन के लोगों की रक्षा के लिए हैं, जो वर्षों से पीड़ित हैं। हमारा लक्ष्य यूक्रेन को नरसंहार से मुक्त करना है। उन्होंने कहा कि संयुक्त राष्ट्र चार्टर के अनुच्छेद 51 के अनुरूप निर्णय लिया गया है हम यूक्रेन में स्थिति का विश्लेषण करेंगे।
यूक्रेन के पूर्वी बंदरगाह शहर मारियुपोल में शक्तिशाली विस्फोट
रूस द्वारा जंग के एलान के बाद यूक्रेन के पूर्वी बंदरगाह शहर मारियुपोल में शक्तिशाली विस्फोटों की आवाज सुनी गई।
यूक्रेन अपना बचाव करेगा और जीतेगा: विदेश मंत्री दिमित्रो कुलेबा
यूक्रेन के विदेश मंत्री दिमित्रो कुलेबा ने कहा है कि यूक्रेन अपना बचाव करेगा और जीतेगा। पुतिन ने अभी-अभी यूक्रेन पर पूर्ण पैमाने पर आक्रमण शुरू किया है। यूक्रेन के शांतिपूर्ण शहरों पर हमले हो रहे हैं। यह आक्रामकता का युद्ध है। दुनिया पुतिन को रोक सकती है और उसे भी करना चाहिए। अब कार्रवाई करने का समय है।
कोई देश बीच में न आए, नहीं तो अंजाम बुरा होगा : पुतिन
रूसी राष्ट्रपति पुतिन ने कहा है कि जो कोई भी हमारे देश और हमारे लोगों के लिए खतरे पैदा करने की कोशिश करता है, उसे पता होना चाहिए कि रूस की प्रतिक्रिया तत्काल होगी और आपको ऐसे परिणामों की ओर ले जाएगी जैसा आपने अपने इतिहास में पहले कभी अनुभव नहीं किया है।

नई दिल्ली (शोर संदेश) रूस द्वारा पूर्वी यूक्रेन के दो क्षेत्रों डोनेत्स्क एवं लुहांस्क को स्वतंत्र देश की मान्यता दिए जाने के बीच संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद(UNSC) की आपात बैठक जारी है। इस बैठक में भारत की तरफ से भी प्रतिक्रिया आई है। UNSC में भारत के स्थाई सदस्य टीएस तिरुमूर्ति ने यूक्रेन मसले पर भारत की तरफ से बयान दिया है। तिरुमूर्ति ने सभी देशों से संयम बरतने की अपील की है और भारतीय नागरिकों की सलामती के लिए हर संभव कदम उठाने की बात कही है।
रूस-यूक्रेन संकट के बीच संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की आपात बैठक में भारत ने कहा कि रूस के साथ यूक्रेन की सीमा पर बढ़ता तनाव गहरी चिंता का विषय है। इन घटनाक्रमों में क्षेत्र की शांति और सुरक्षा को कमजोर करने की क्षमता है। हम सभी पक्षों से संयम बरतने का आह्वान करते हैं। हमें विश्वास है कि इस मुद्दे को केवल राजनयिक बातचीत के माध्यम से हल किया जा सकता है। नागरिकों की सुरक्षा आवश्यक है। 20,000 से अधिक भारतीय छात्र और नागरिक यूक्रेन के विभिन्न हिस्सों और सीमावर्ती क्षेत्रों में रहते और पढ़ते हैं। भारतीयों की सलामती हमारी प्राथमिकता है।रूस-यूक्रेन संकट के बीच यूक्रेन में फंसे भारतीयों को निकालने के लिए प्रयास शुरू हो गया है। मंगलवार सुबह एयर इंडिया का विशेष विमान यूक्रेन रवाना हो गया है। भारत की ओर से 200 से अधिक सीटों वाले ड्रीमलाइनर बी-787 विमान को विशेष अभियान के लिए तैनात किया गया है। वहीं यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने रूस पर शांति वार्ता को बर्बाद करने का आरोप लगाया और मंगलवार की सुबह के शुरुआती घंटों में राष्ट्र के नाम एक संबोधन में किसी भी क्षेत्रीय रियायत को खारिज कर दिया है। इसके अलावा यूएनएससी की बैठक में संयुक्त राष्ट्र में यूक्रेन के राजदूत सर्गेई किस्लिट्स्या ने कहा कि हम शांति चाहते हैं, हम एक राजनीतिक और राजनयिक समझौते के लिए प्रतिबद्ध हैं। हम उकसावे के आगे नहीं झुकते हैं।

नई दिल्ली (शोर संदेश)। चीन और पाकिस्तान अब दूसरे तरीके से भारत को घेरने की कोशिश में जुटे हैं। अब ये दोनों दुश्मन देश भारत के पड़ोसी राज्यों को अपने पक्ष में करने की योजना बना रहे हैं। इसीलिए म्यांमार को अपने पाले में लाने के लिए दोनों हर संभव प्रयास कर रहे हैं। दरअसल, म्यांमार ने पाकिस्तान के साथ सैन्य हथियारों की खरीद के लिए एक डील की है। इस डील के तहत यह देश पाकिस्तान से 60-81 एमएम मोर्टार, M-79 ग्रेनेड लॉन्चर और मशीन गन खरीदेगा। इसको लेकर जल्द ही म्यांमार का प्रतिनिधि मंडल पाकिस्तान का दौरा करने वाला है। जानकारों का कहना है कि चीन के हस्तक्षेप से पाकिस्तान को यह डील मिली है। रिपोर्ट के मुताबिक, म्यांमार और पाकिस्तान के बीच व्यापारिक रिश्ते कुछ ज्यादा ही परवान चढ़ रहे हैं। पता चला है कि म्यांमार पाकिस्तान से हवा से सतह पर मार करने वाली मिसाइल खरीदने की भी योजना बना रहा है। वह इन मिसाइलों की खरीदारी JF-17 फाइटर एयरक्राफ्ट्स के लिए करना चाहता है। म्यांमार ऐसा पहला देश था, जिसने JF-17 फाइटर एयरक्राफ्ट्स का आयात किया था। इन लाइट वेट मल्टी रोल कॉम्बेट एयरक्राफ्ट्स को पाकिस्तान और चीन ने मिलकर तैयार किया है।
चीन ने इस तरह बनाई रणनीति
चीन ने म्यांमार पर प्रतिबंध लगा रखा है। इसलिए म्यांमार सीधे तौर पर चीन से ड्रोन नहीं खरीद सकता है। ऐसे में चीन ने हस्तक्षेप करके पाकिस्तान को बड़ी डील दिलवाने में मदद की है। इधर, म्यांमार में तख्तापलट के बाद पाकिस्तान लगातार अपनी करीबी बढ़ाने की कोशिश कर रहा है। इसके पीछे चीन भी एक वजह बनकर समाने आया है है, जो अपने ज्यादातर हथियारों की सप्लाई पाकिस्तान को कर रहा है। इतना ही नहीं चीन पाकिस्तान में सैन्य हथियारों का निर्माण भी कर रहा है। अब वह अपने हथियारों को बेचने और भारत को घेरने के लिए दूसरी सैन्य रणनीति तैयार करने में जुटा हुआ है।

नई दिल्ली (शोर संदेश)। कोरोना महामारी को लेकर विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने फिर चेताया है। उसने साफ शब्दों में कहा है कि महामारी अभी खत्म नहीं हुई है। कोविड-19 के कई और चिंताजनक वैरिएंट आ सकते हैं।
संगठन की मुख्य वैज्ञानिक सौम्या स्वामीनाथन ने भविष्य में आने वाले कोरोना वायरस के वैरिएंट्स आफ कंसर्न को लेकर आगाह किया है। उन्होंने कहा कि हम देख चुके हैं कि वायरस अपने रूप बदलते रहा है। यह नए नए रूपों व स्वरूपों में सामने आता रहा है, इसलिए कोरोना के नए वैरिएंट की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। स्वामीनाथन इन दिनों महामारी का हाल जानने के लिए दक्षिण अफ्रीका दौरे पर है।
तकनीकी प्रमुख करखोव ने भी चेताया था
इससे पूर्व डब्ल्यूएचओ की तकनीकी प्रमुख मारिया वैन करखोव ने कहा था कि ओमिक्रॉन कोरोना का अंतिम स्वरूप नहीं है। कोरोना के नए स्वरूप आ सकते हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन ओमिक्रॉन के चार अन्य स्वरूपों का पीछा कर रहा है। ओमिक्रॉन के बारे में हम बहुत कुछ जानते हैं, लेकिन सब कुछ नहीं जानते हैं। वैरिएंट्स के बारे में कुछ भी कहना मुश्किल है। इसमें बदलाव की बहुत गुंजाइश है। चूंकि यह बहुत तेजी से फैलता है, इसलिए इसके नए रूप आने की संभावना भी कायम है। इसलिए हमें टीकाकरण तेज करना होगा। नवंबर 2021 में बी.1.1529 ओमिक्रॉन वैरिएंट सामने आया था। इसके बाद से बीए.1, बीए.1.1, बीए.2 और बीए.3 आ चुके हैं। ये सब ओमिक्रॉन के दायरे में हैं।
वैन करखोव ने कहा कि बीए.2 वैरिएंट बीए.1 की तुलना में ज्यादा संक्रामक है। ऐसे में आशंका है कि विश्व के अन्य हिस्सों में भी यह मिले। मंगलवार को जारी डब्ल्यूएचओ की साप्ताहिक महामारी रिपोर्ट के अनुसार ओमिक्रॉन तेजी से फैल रहा है। यह कोरोना के 97 फीसदी नए मामलों में पाया गया है।

नई दिल्ली (शोर संदेश)। इटली की राजधानी रोम में भारतीय दूतावास ने कहा कि भारत सरकार ने संयुक्त राष्ट्र विश्व खाद्य कार्यक्रम के साथ एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं। इस समझौते के आधार पर अफगानिस्तान के अंदर खाद्यान्न वितरित करेंगे। यह समझौता अफगानिस्तान को चिकित्सा सहायता के अपने चौथे बैच के हिस्से के रूप में भारत द्वारा तीन टन दवाओं की आपूर्ति करने के कुछ दिनों बाद हुआ है।
विदेश मंत्रालय ने 11 फरवरी को दिये बयान में कहा है कि हमारी मानवीय सहायता के हिस्से के रूप में, भारत ने अफगानिस्तान को 3 टन आवश्यक जीवन रक्षक दवाओं से युक्त चिकित्सा सहायता के चौथे बैच की आपूर्ति की है। सहायता में मिली जीवन रक्षक दवाओं को काबुल के इंदिरा गांधी अस्पताल को सौंप दिया गया। मंत्रालय ने आगे कहा कि भारत सरकार मानवीय सहायता प्रदान करके अफगानिस्तान के कमजोर लोगों की मदद करने के लिए प्रतिबद्ध है। इसमें यह भी कहा गया है कि भारत अफगान लोगों को दवाओं और खाद्यान्नों सहित मानवीय सहायता के और बैच प्रदान करेगा। कोविड-19 टीकों की 500,000 खुराक और 50,000 टन गेहूं भारत द्वारा अफगानिस्तान को आवंटित सबसे महत्वपूर्ण आपूर्ति है।
