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भारत-अमेरिका आर्थिक साझेदारी को नई रफ्तार, स्पेस, एआई और व्यापार में बढ़ा सहयोग: सर्जियो गोर

07-Sep-2026
नई दिल्ली। (शोर संदेश) भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने सोमवार को कहा कि भारत और अमेरिका के बीच आर्थिक साझेदारी मजबूत हो रही है और उन्होंने अमेरिकी कंपनियों को भारत में अवसरों के बारे में बताया है। अमेजन के अधिकारियों के साथ कंपनी की भारत में मौजूदगी, अमेरिकी कारोबार के लिए बढ़ते मौकों और अमेरिका-भारत के आर्थिक संबंधों को मजबूत करने पर चर्चा के बाद, गोर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर कहा, “अमेरिकी इनोवेशन पूरी दुनिया में एक बहुत महत्वपूर्ण ताकत है।”
इसके अतिरिक्त, गोर, जो कि रविवार को बेंगलुरु में थे, ने कहा कि दक्षिण भारत में हमारी साझेदारी से इनोवेशन, निवेश और महत्वपूर्ण खनिजों की आपूर्ति श्रृंखला को मजबूती मिल रही है। उन्होंने यह भी कहा कि कर्नाटक में स्पेस टेक्नोलॉजी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और व्यापार के क्षेत्रों में अमेरिका-भारत के संबंधों को बढ़ावा मिल रहा है। कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार से मुलाकात के बाद गोर ने कहा, “पैक्स सिलिका और ट्रस्ट जैसी पहलों के जरिए हम अमेरिकी और भारतीय उद्योगों के लिए समान रूप से अवसर पैदा कर रहे हैं।”
इसके अलावा, अमेरिकी राजदूत ने बेंगलुरु दक्षिण से बीजेपी सांसद तेजस्वी सूर्या से भी मुलाकात की और कहा कि दोनों ने इस बात पर चर्चा की कि कैसे अमेरिका-भारत की साझेदारी विकास, इनोवेशन और अवसरों को बढ़ावा देना जारी रख सकती है। इससे पहले सितंबर में, उन्होंने बताया था कि केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल इस महीने के आखिर में जी20 व्यापार मंत्रियों की बैठक में शामिल होने और चल रही द्विपक्षीय व्यापार समझौते की बातचीत पर चर्चा करने के लिए अमेरिका जाएंगे।
ऑटोमोटिव कंपोनेंट मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (एसीएमए) के 66वें सालाना सत्र में अपने संबोधन में, गोर ने कहा कि भारत और अमेरिका अपने व्यापारिक संबंधों को मजबूत करने के लिए मिलकर काम कर रहे हैं और बातचीत में काफी प्रगति हुई है। साथ ही, अमेरिकी राजदूत ने कहा कि गोयल आने वाले हफ्तों में अमेरिका का दौरा करेंगे क्योंकि वाशिंगटन जी20 वार्ता की मेजबानी कर रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि दोनों सरकारें ऐसे व्यापारिक संबंधों की दिशा में काम कर रही हैं जो निष्पक्ष, पारस्परिक और दोनों पक्षों के लिए फायदेमंद हों।







 

नेपाल में त्रासदी के तेरहवें दिन राष्ट्रीय शोक, आधा झुका रहेगा राष्ट्रीय ध्वज

07-Sep-2026
नई दिल्ली। (शोर संदेश) विनाशकारी बाढ़ में जान गंवाने वालों के सम्मान में नेपाल आज सोमवार को राष्ट्रीय शोक मना रहा है। इस दिन राष्ट्रीय ध्वज आधा झुका रहेगा। 3 सितंबर को हुई कैबिनेट मीटिंग में 13 दिन पहले आई इस खतरनाक बाढ़ में अपनी जान गंवाने वालों के सम्मान में सोमवार को राष्ट्रीय शोक मनाने का फैसला किया गया था।
पूरे नेपाल में सरकारी दफ्तरों के साथ-साथ विदेशों में नेपाली दूतावासों और राजनयिक मिशनों या दूतावासों पर राष्ट्रीय झंडा आधा झुकाया गया है। नेपाल पुलिस के मुताबिक, रविवार शाम तक बाढ़ में मारे गए 1,353 लोगों के शव बरामद किए गए हैं।
जानकारी के मुताबिक, बरामद लाशों में 530 पुरुष और 328 महिलाएं हैं, जबकि 495 मानव अंग बरामद किए गए और उनकी पहचान नहीं हो पाई है। पुलिस ने कहा कि 3,992 लोग अभी भी संपर्क में नहीं हैं, जिनमें 595 विदेशी नागरिक शामिल हैं।
पुलिस के अनुसार बरामद किए गए 1,044 शवों को सुरक्षित रूप से दफना दिया गया है, जबकि बाकी शवों की पहचान और मैनेजमेंट का काम चल रहा है।
सिक्योरिटी एजेंसियों ने उन लोगों के लिए सर्च और रेस्क्यू ऑपरेशन जारी रखा है जो संपर्क में नहीं हैं, खासकर उन हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट्स में जो भोटेकोशी और त्रिशूली नदी कॉरिडोर से लगे हुए हैं।
नेपाल में प्राइवेट सेक्टर के पावर डेवलपर्स का एक प्रतिनिधि निकाय, इंडिपेंडेंट पावर प्रोड्यूसर्स एसोसिएशन, नेपाल (आईपीपीएएन) के अनुसार, रविवार शाम तक 11 हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट्स में काम करने वाले 919 लोग संपर्क में नहीं थे। कुछ हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट्स से कुछ लोगों को जिंदा बचाने में कामयाबी मिली है, जिसमें 4 सितंबर को 60-एमडब्ल्यू अपर त्रिशूली 3ए प्रोजेक्ट से दो नेपाली नागरिक और 5 सितंबर को 216-एमडब्ल्यू अपर त्रिशूली-1 प्रोजेक्ट से एक चीनी नागरिक को बचाया गया।
इस बीच, नेपाल के प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह ने बाढ़ पीड़ित बुज़ुर्गों से कहा है कि वे खुद को अकेला न समझें, और उन्हें भरोसा दिलाया है कि राज्य और सरकार उनके साथ मजबूती से खड़ी है। सोमवार को सोशल मीडिया संदेश में प्रधानमंत्री शाह ने कहा, “आप अकेले नहीं हैं। राज्य आपके साथ है, और सरकार आपके साथ है।”
एक भावुक बयान में, प्रधानमंत्री शाह ने कहा कि बाढ़ के दौरान, कुछ बुज़ुर्ग माता-पिता को अपनी जान की परवाह किए बिना, कांपते हाथों से अपने पोते-पोतियों को पकड़कर ऊंची जगह पर भागना पड़ा। उन्होंने अपने लंबे जीवन में ऐसे मुश्किल हालात कभी पहले नहीं झेले थे। उन्होंने आगे कहा, “यहां तक ​​कि जो पैर बिना छड़ी के मुश्किल से दो कदम चल पाते थे, उन्होंने भी उस पल अपने बच्चों को बचाने के लिए जबरदस्त ताकत झोंक दी थी।

राष्ट्रपति ट्रंप ने दोहराया होर्मुज स्ट्रेट पर अमेरिकी नियंत्रण का दावा, ईरान के साथ ‘पूर्ण युद्ध’ को खारिज किया

06-Sep-2026
नई दिल्ली। (शोर संदेश)  राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ अमेरिका के टकराव को पूर्ण युद्ध के बजाय रुक-रुक कर होने वाला “सैन्य संघर्ष” बताया है। उन्होंने दावा किया कि होर्मुज जलडमरूमध्य पर वॉशिंगटन का नियंत्रण है और उसने तेहरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोका है। ट्रंप ने यह बात तब कही, जब उनसे पूछा गया कि ईरान पर दोबारा हमले शुरू होने के बावजूद, उपराष्ट्रपति जे.डी. वेंस ने इस टकराव को ‘युद्ध’ मानने से इनकार क्यों किया।
ट्रंप ने पत्रकारों से कहा, “देखिए, मैं आपको बताता हूं, बहुत से लोग इसे युद्ध नहीं कहते। मैं इसे मिलिट्री कॉन्फ्लिक्ट (सैन्य टकराव) कहता हूं, क्योंकि हमारे लिए यह कोई बड़ी बात नहीं है। यह कोई बहुत बड़ी घटना नहीं है।” राष्ट्रपति ने कहा कि इस टकराव में 18 अमेरिकी सैनिकों की जान गई, लेकिन उन्होंने तर्क दिया कि इसकी तुलना वियतनाम और अफगानिस्तान में हुए लंबे अमेरिकी युद्धों से नहीं की जा सकती।
उन्होंने कहा, “मैं कहूंगा कि यह रुक-रुक कर होने वाली घटना है। आप जानते हैं, हम बीच-बीच में हमले करते रहते हैं। हम अभी लड़ाई नहीं कर रहे हैं। कोई लड़ाई नहीं चल रही है।” वहीं जब अमेरिकी सैनिकों की मौत वाले टकराव को “छोटी-मोटी बात” कहने पर सवाल उठाया गया, तो ट्रंप ने पांच महीने चले इस ऑपरेशन का बचाव किया। उन्होंने कहा, “ईरान के पास परमाणु हथियार नहीं होगा। हमने उन्हें ऐसा करने से रोक दिया है।”
ट्रंप ने चेतावनी दी कि अगर ‘पिकएक्स’ नाम की जगह पर फिर से कोई गतिविधि दिखी, तो अमेरिका वहां एक और हमला कर सकता है। उन्होंने कहा, “हम बहुत जल्द ‘पिकएक्स’ पर हमला कर सकते हैं, अगर वहां कुछ भी हो रहा होगा। अमेरिका ईरान में हो रही गतिविधियों पर नजर रख रहा है। अगर कुछ भी गलत होता है, तो हम उन पर हमला करेंगे। हम उन पर ज़ोरदार हमला करेंगे।”
राष्ट्रपति ट्रंप ने दावा किया कि अमेरिकी सेना ने होर्मुज जलडमरूमध्य की सुरक्षा के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले ईरान के रडार, विमान और अन्य उपकरणों को नष्ट कर दिया है। उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिकी माइनस्वीपर्स ने इस रणनीतिक जलमार्ग से बारूदी सुरंगें हटा दी हैं और वहां से तेल की खेप गुजर रही है। उन्होंने कहा, “होर्मुज जलडमरूमध्य पर हमारा नियंत्रण है और हमारा नियंत्रण बहुत मजबूत है।”
ट्रंप ने मिलिट्री ऑपरेशन के बारे में कहा, “हमने वेनेजुएला पर कब्जा कर लिया और असल में ईरान पर भी कब्जा कर लिया है।” उन्होंने कहा कि हालिया अमेरिकी हमलों के बाद कई दिनों से कोई गोलीबारी नहीं हुई है और दावा किया कि अगर वॉशिंगटन तुरंत ऑपरेशन खत्म कर दे, तो ईरान को फिर से खड़ा होने में 25 साल लगेंगे।
राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा, “मैं चाहता हूं कि मैं यहां से हट जाऊं ताकि अगले राष्ट्रपति को इसकी चिंता न करनी पड़े।” उन्होंने टकराव खत्म करने के लिए कोई समय-सीमा नहीं बताई। चीन और ईरान के रिश्तों के बारे में पूछे जाने पर ट्रंप ने कहा कि उन्होंने व्यक्तिगत रूप से चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग से दखल न देने का आग्रह किया था। ट्रंप ने कहा, “मैंने राष्ट्रपति शी से कहा कि कृपया इसमें शामिल न हों। वे असल में शामिल नहीं हैं, चीन की बहुत कम भागीदारी है।”
ट्रंप ने बताया कि चीन को होर्मुज जलडमरूमध्य (स्ट्रेट ऑफ होर्मुज) से बड़ी मात्रा में तेल की सप्लाई मिलती है। पाइपलाइन और सीरिया से होकर जाने वाला जमीनी रास्ता इस रणनीतिक रास्ते के विकल्प बना रहे हैं। राष्ट्रपति ने कहा, “होर्मुज जलडमरूमध्य अब वैसा नहीं रहा जैसा पहले हुआ करता था। अब पूरे मध्य पूर्व में पाइपलाइन बनाई जा रही हैं, इसलिए उन्हें होर्मुज जलडमरूमध्य से होकर जाने की जरूरत नहीं है।
 

दिल्ली-एनसीआर में बारिश का दौर जारी, मौसम हुआ सुहावना

06-Sep-2026
नई दिल्ली। दिल्ली-एनसीआर में जन्माष्टमी से शुरू हुआ मूसलाधार बारिश का दौर शनिवार सुबह भी जारी है, जिससे मौसम सुहावना हो गया है और लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत मिली है। वहीं, मानसून की सक्रियता के बीच हुई बारिश से दिल्ली-एनसीआर की हवा में कुछ हद तक सुधार देखने को मिला है, जिसके चलते राजधानी दिल्ली के साथ-साथ नोएडा और गाजियाबाद के अधिकांश इलाकों में एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) फिलहाल ग्रीन जोन में बना हुआ है।
स्थानीय मौसम रिपोर्ट के अनुसार, आज दिनभर आमतौर पर बादल छाए रहने के साथ मध्यम बारिश हो सकती है। तापमान अधिकतम 30 डिग्री और न्यूनतम 25 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। वहीं सुबह से लेकर शाम तक अलग-अलग समय पर गरज-चमक और बिजली गिरने के साथ हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई गई है। वातावरण में नमी भी काफी अधिक रहेगी।
मौसम विभाग के पूर्वानुमान में 6 सितंबर को भी आसमान में बादल छाए रहने की संभावना है, लेकिन बारिश की तीव्रता कम रहने का अनुमान है। इस दिन हल्की बारिश या बूंदाबांदी हो सकती है। अधिकतम तापमान 32 डिग्री और न्यूनतम 23 डिग्री सेल्सियस रह सकता है। इस दिन मौसम विभाग की ओर से कोई चेतावनी नहीं दिखाई गई है।
7 सितंबर को मौसम में धीरे-धीरे बदलाव देखने को मिल सकता है। मौसम विभाग ने इस दिन आंशिक रूप से बादल छाए रहने का अनुमान जताया है। अधिकतम तापमान 34 डिग्री और न्यूनतम 24 डिग्री सेल्सियस रह सकता है। 8 सितंबर को भी आसमान आंशिक रूप से बादलों से घिरा रह सकता है। अधिकतम तापमान 34 डिग्री और न्यूनतम 25 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है। आर्द्रता का स्तर 80 और 50 प्रतिशत तक रह सकता है। बारिश के बाद दिल्ली के कई इलाकों की हवा में स्पष्ट सुधार दिखाई दे रहा है।
आने वाले दिनों में भी मौसम विभाग के अनुमान के मुताबिक बादल छाए रह सकते हैं। शनिवार को गरज-चमक के साथ कहीं हल्की तो कहीं मध्यम बारिश लोगों को प्रभावित कर सकती है, जबकि रविवार के बाद बारिश की तीव्रता में कमी आने और 7 से 8 सितंबर को आंशिक बादल छाए रहने की संभावना है।

 


छात्रों को नशे की बुराई के प्रति जागरूक करें शिक्षक : प्रधानमंत्री मोदी

06-Sep-2026
नई दिल्ली। (शोर संदेश) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शिक्षकों से छात्रों को नशे की बुराई के प्रति जागरूक करने और उनके ‘स्क्रीन टाइम’ को कम करने में मदद करने की अपील की है। पीएम मोदी ने शिक्षक दिवस की पूर्व संध्या पर शुक्रवार को राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित शिक्षकों से बातचीत के दौरान कहा कि समाज के सभी लोगों को छात्रों को रचनात्मक गतिविधियों की ओर प्रेरित करना चाहिए।
उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि शिक्षकों को छात्रों के शैक्षणिक प्रदर्शन से आगे बढ़कर उनके व्यवहार और रोजमर्रा के जीवन पर भी ध्यान देना चाहिए। प्रधानमंत्री ने कहा कि संयुक्त परिवारों की संख्या में कमी आने के कारण बच्चों के जीवन में शिक्षकों की भूमिका अब और अधिक महत्वपूर्ण हो गई है।
उन्होंने नशे की समस्या का जिक्र करते हुए कहा कि कुछ बड़े शहरों और विश्वविद्यालयों में यह पता लगाना मुश्किल होता है कि कोई इसकी चपेट में आ गया है या नहीं, क्योंकि यह पता ही नहीं चलता कि कौन किसे क्या दे रहा है। पीएम मोदी ने कहा, ‘‘ऐसी परिस्थितियों में शिक्षकों को जागरूकता फैलाने की पहल करनी चाहिए और यदि किसी बच्चे के व्यवहार में कोई बदलाव दिखाई दे तो उस पर भी बारीकी से नजर रखनी चाहिए।’’
पीएम मोदी ने कहा, ‘‘आपको किसी छात्र के बचपन को खत्म नहीं होने देना चाहिए। छात्रों के जीवन में बचपन को जीवंत बनाए रखने में शिक्षक सबसे बड़ा योगदान दे सकते हैं।’’ इस बातचीत का वीडियो शनिवार को जारी किया गया।

प्रधानमंत्री मोदी ने राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार विजेताओं से की बातचीत, कहा- हमें किताबों और सिलेबस से बाहर निकलकर बच्चों की जिंदगी में झांकना होगा

06-Sep-2026
नई दिल्ली।(शोर संदेश) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को कहा कि शिक्षक दिवस समाज में शिक्षकों के अहम योगदान की सराहना करने का दिन है। उन्होंने यह भी कहा कि यह डॉ. एस. राधाकृष्णन को श्रद्धांजलि देने का भी दिन है। इसके अलावा प्रधानमंत्री ने नेशनल टीचर्स अवॉर्ड’ (राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार) विजेताओं के साथ मुलाकात की झलकियां भी साझा की।
प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “शिक्षक दिवस हमारे समाज में शिक्षकों के अहम योगदान की सराहना करने का दिन है। यह डॉ. एस. राधाकृष्णन को श्रद्धांजलि देने का दिन भी है। कल जब नेशनल टीचर्स अवॉर्ड्स के विजेताओं को 7, एलकेएम (लोक कल्याण मार्ग) बुलाया गया, तो क्या हुआ, देखिए।”
पीएम मोदी से संवाद करते समय एक महिला अध्यापिका ने बताया कि वह बच्चों को नवाचारी तरीके से साक्षात्कार लेना सिखा रही हैं। इस पर प्रधानमंत्री ने पूछा कि बच्चे घर जाकर मम्मी-पापा का भी इंटरव्यू करते होंगे? पीएम मोदी की इस बात पर महिला टीचर ने ‘हां’ में जवाब दिया। फिर पीएम मोदी ने कहा कि बच्चे अपने माता-पिता से पूछते होंगे कि खाना क्यों पकाया? ऐसा क्यों पकाया? यह निर्णय किसने किया था? बजट कितना खर्च किया था? इस पर महिला अध्यापिका ने कहा कि मेरे स्कूल के सारे बच्चे रिपोर्टर ही बनना चाहते हैं!
एक अन्य महिला शिक्षक ने पीएम मोदी को बताया कि वह बच्चों को केमिस्ट्री पढ़ाने के साथ एनवायरमेंट एजुकेशन भी पढ़ाती हूं। मैं बच्चों को कॉन्फिडेंस के साथ पब्लिक स्पीकिंग के लिए भी मेंटर करती हैं और उन्हें राज्य, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंचों तक पहुंचाया है। इस पर प्रधानमंत्री ने पूछा, “आप बच्चों को पब्लिक स्पीकिंग सिखाती हैं। अगर मैं आपका विद्यार्थी हूं और एक अच्छा वक्ता बनना चाहता हूं, तो मुझे क्या करना चाहिए? कोई टिप्स दीजिए।” जवाब में शिक्षिका ने कहा, “आपको कॉन्फिडेंस में रहना चाहिए।” इस पर प्रधानमंत्री और शिक्षिका दोनों हंस पड़े। शिक्षिका ने कहा, “सर, आपका ऑरा देखकर मुझे थोड़ा डाउट हो गया।”
इस पर पीएम मोदी ने कहा कि यानी मतलब आपको पब्लिक स्पीकर बनना है तो ऑरा नहीं होना चाहिए। महिला टीचर ने कहा कि होना चाहिए। इस पर पीएम मोदी ने कहा कि फिर तो लोग सुनेंगे ही नहीं, औरा (आभा) ही देखते रहेंगे। महिला टीचर ने कहा कि आपको देखते ही रहेंगे।
प्रधानमंत्री मोदी ने संवाद को आगे बढ़ाते हुए कहा कि हो सकता है कि कोई बच्चा शिक्षा में ठीक नहीं होगा। लेकिन परमात्मा ने हर एक को कोई न कोई ताकत दी है। उसके टैलेंट पहचानने के लिए कोई कोशिश करते हैं आप टीचर लोग? इस पर एक महिला टीचर ने कहा, “बहुत सारी कोशिश करते हैं, असल में वही हमारी कोशिश होती है, क्योंकि मेरा मानना है कि हमारे विद्यालय या हमारी कक्षा में जितने बच्चे हैं, उन सभी में अलग-अलग खूबी है। अलग-अलग टैलेंट है, अलग-अलग चैलेंज है और एक शिक्षक के नाते मैं उन सारे टैलेंट्स की पहचान करती हूं।”
एक पुरुष अध्यापक ने कहा, “आपने (पीएम मोदी) एकलव्य खोल कर एक स्कूल नहीं बनाया, बल्कि लगभग मेरे हिसाब से कई परिवारों को जोड़ा हैं। ऐसे लोगों को जोड़ा जो फर्सट जनरेशन लर्नर हैं, जिन्होंने कभी स्कूल नहीं देखे। उनके बच्चे आज हमारे यहां से एनआईटी, आईआईटी का सपना देख रहे हैं। मेडिकल क्वालीफाई कर रहे हैं।”
महिला अध्यापिका ने कहा, “शोध का विषय ब्रेस्ट कैंसर रहा है। ब्रेस्ट कैंसर आज भी एक ऐसा विषय है जिसमें महिलाएं बात करने से बहुत हिचकती हैं। कुछ चीजें हमारी क्षमता में है जो हम कर सकते हैं, जैसे कि प्राइमरी स्क्रीनिंग या कुछ ऐसी बातें उनको बताना कि वह ब्रेस्ट कैंसर को पहचान सकें और डॉक्टर की सलाह की जरूरत है। मैं इन विषयों पर काम करती हूं।”
इस पर पीएम मोदी ने कहा, “आप इसी विषय में काम कर रही हैं तो मैं काशी का सांसद हूं। मैंने वहां ब्रेस्ट कैंसर अवेयरनेस अभियान शुरू किया है। मुझे खुशी है कि महिलाएं सामने से आकर अपना चेकअप कराती हैं, पहले ऐसी स्थिति नहीं थी। दूसरे एक अच्छा अनुभव आया। अभी तो एक दिन में अधिकतम लोगों की जांच करने का गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड उन्होंने रजिस्टर किया।”
प्रधानमंत्री ने आगे कहा, “एक विषय है स्क्रीन टाइम, जो अब एक तरह का एडिक्शन बन गया है। मेरे मन में एक विचार आता है, अगर बच्चा खेलकूद में ज्यादा रुचि लेने लगे, मैदान में खेलने लगे, तो वह धीरे-धीरे इस एडिक्शन से बाहर आ सकता है। हमें बच्चों को ज्यादा से ज्यादा क्रिएटिविटी से जोड़ना चाहिए और ऐसे कार्यक्रमों को आदत बनाना चाहिए।”
प्रधानमंत्री ने कहा, “अब जैसे ड्रग्स का मामला है। कई बार पता ही नहीं चलता कि क्या हो रहा है, कोई आकर कुछ दे जाता है। क्या इस बारे में शिक्षकों में लगातार जागरूकता है? क्या कोई बारीकी से यह ऑब्जर्व कर रहा है कि किसी बच्चे के व्यवहार में बदलाव तो नहीं आ रहा? मैं पूरे शिक्षा जगत से कहना चाहता हूं कि हमें किताबों और सिलेबस से बाहर निकलकर बच्चों की जिंदगी में झांकना होगा। बचपन को मरने नहीं देना है, और बचपन को बनाए रखने का सबसे बड़ा काम शिक्षक ही कर सकता है।”
 

नेपाल में चिलिमे जलविद्युत परियोजना स्थल पर भारतीय सुरंग बचाव टीम को मिली शुरुआती सफलता

05-Sep-2026
नई दिल्ली। (शोर संदेश) नेपाल के बाढ़ प्रभावित रसुवा जिले के चिलिमे सुरंग में फंसे लोगों को बचाने के लिए नेपाल सेना के साथ काम कर रही भारतीय सुरंग बचाव टीम को शुरुआती सफलता मिली है और उसने एक अस्थायी रास्ता बनाया है, ताकि प्रभावित इलाकों तक और भारी उपकरण पहुंचाए जा सकें। अधिकारियों ने शनिवार को यह जानकारी दी।
बचाव टीम ने शुक्रवार को पानी निकालने के लिए और गहराई तक खुदाई की, क्योंकि पानी की वजह से बचाव कार्यों में बाधा आ रही थी।
नेपाल में भारत के राजदूत नवीन श्रीवास्तव ने शनिवार को सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘भारतीय सुरंग बचाव टीम ने नेपाली सेना के साथ मिलकर कल चिलिमे सुरंग में और गहराई तक खुदाई की तथा पानी बाहर निकाला। सुरंग तक और भारी उपकरण पहुंचाने के लिए एक अस्थायी रास्ता भी बनाया जा रहा है, और टीम के साथ आए चिकित्सकों ने स्थानीय लोगों के लिए एक स्वास्थ्य शिविर भी लगाया।’’
नेपाल में 26 अगस्त को अचानक आई भयावह बाढ़ के बाद हिमालीय देश की मदद के लिए भारत ने विशेष टीम भेजी हैं। इस बाढ़ ने देश के उत्तरी और मध्य हिस्सों में भारी तबाही मचाई, जिसमें 1,344 लोगों की मौत हो गई, हजारों लोग लापता हो गए और घर, सड़कें, पुल व पनबिजली परियोजनाएं नष्ट हो गईं।
भारत और चीन की विशेषज्ञ टीम नेपाल की बचाव टीम की मदद कर रही हैं ताकि उन मजदूरों और कर्मचारियों का पता लगाया जा सके जो आपदा के बाद से अलग-अलग जल विद्युत परियोजना स्थालों पर लापता हैं। माना जा रहा है कि उनमें से कई सुरंग के अंदर फंसे हुए हैं।
चिलिमे जलविद्युत परियोजना स्थल रसुवा जिले के स्याब्रूबेसी गांव के पास स्थित है, जो 26 अगस्त को नेपाल में आई भयानक अचानक बाढ़ से बुरी तरह प्रभावित हुआ था।

 

निष्ठावान शिक्षक अग्रणी पंक्ति के राष्ट्र निर्माता: राष्ट्रपति मुर्मु

05-Sep-2026
नई दिल्ली। (शोर संदेश) शिक्षक दिवस के मौके पर शनिवार को नई दिल्ली के विज्ञान भवन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने 48 शिक्षकों को राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित किया। राष्ट्रपति ने अपने संबोधन में पुरस्कार विजेता शिक्षकों को बधाई दी। राष्ट्रपति ने कहा कि निष्ठावान शिक्षक अग्रणी पंक्ति के राष्ट्र निर्माता होते हैं।
राष्ट्रपति ने शिक्षकों को संबोधित करते हुए कहा कि देश के द्वितीय राष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्ण की जयंती को शिक्षक दिवस के रूप में मनाकर हमारे देशवासी उनके और समस्त शिक्षक समुदाय के प्रति सम्मान व्यक्त करते हैं। जो समाज शिक्षकों का सम्मान करता है, वह वास्तव में प्रगतिशील होता है।
राष्ट्रपति ने कहा, “शिक्षकों के बीच आकर मेरे अंदर विद्यमान शिक्षक और विद्यार्थी जीवंत हो जाता है। मुझे अपने शिक्षकों का स्मरण होता है। शिक्षकों के स्नेह और मार्गदर्शन की वजह से अपनी जीवन यात्रा में आगे आ पाई हूं। मुझे अपने विद्यार्थी भी याद आते हैं, जिन्हें ओडिशा के स्कूल में पढ़ाया था। मैंने अपने विद्यार्थियों से भी बहुत कुछ सीखा है। विद्यार्थियों के प्यार को मैं अपने जीवन की बहुत बड़ी उपलब्धि मानती हूं।”
राष्ट्रपति ने कहा, “सावित्री बाई फुले आधुनिक युग में विद्यालयों में पढ़ाने वाली भारत की पहली शिक्षिका के रूप में जानी जाती हैं। बालिकाओं की शिक्षा के क्षेत्र में उन्होंने क्रांतिकारी पहल की थी और 19वीं सदी में बालिका विद्यालयों की स्थापना की थी। आज के दिन मैं सावित्री बाई फुले को नमन करती हूं।”
20वीं सदी के आरंभ में पश्चिम बंगाल के बोलपुर में रविंद्रनाथ टैगोर ने शांति निकेतन और ओडिशा के पुरी जिले में प्रसिद्ध स्वतंत्रता सेनानी पंडित उत्कमण मणि ने एक स्कूल की स्थापना की थी। इन विद्यालयों की स्थापना के पीछे का उद्देश्य था कि प्रकृति के संरक्षण में विद्यार्थियों का सतत विकास होता है। ऐसे विभूतियों को मैं सादर नमन करती हूं।
राष्ट्रपति ने कहा कि यह प्रसन्नता का विषय है कि राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार पाने वालों में ग्रामीण शिक्षकों की संख्या अधिक है। उम्मीद है कि इस वर्ष के पुरस्कार पाने वाले शिक्षकों की पद्धति, शैली और उपलब्धियां अन्य शिक्षकों को भी प्रेरित करेंगी। निष्ठावान शिक्षक अग्रणी पंक्ति के राष्ट्र निर्माता होते हैं।





 

उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने सेशेल्स संसदीय प्रतिनिधिमंडल से की मुलाकात, सहयोग बढ़ाने पर जोर

04-Sep-2026
नई दिल्ली। (शोर संदेश)  उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने बृहस्पतिवार को नई दिल्ली स्थित संसद भवन में सेशेल्स गणराज्य की नेशनल असेंबली की अध्यक्ष अज़ारेल अर्नेस्टा के नेतृत्व में आए संसदीय प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की। इस दौरान दोनों देशों के बीच लंबे समय से चले आ रहे घनिष्ठ संबंधों, संसदीय सहयोग और विकास एवं सुरक्षा साझेदारी को और मजबूत करने के उपायों पर चर्चा हुई।
उपराष्ट्रपति ने अज़ारेल अर्नेस्टा और प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों का स्वागत करते हुए सेशेल्स की स्वतंत्रता की 50वीं वर्षगांठ के अवसर पर वहां की सरकार और जनता को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने अज़ारेल अर्नेस्टा को सेशेल्स नेशनल असेंबली की पहली महिला अध्यक्ष बनने पर भी बधाई दी। उन्होंने जनवरी 2026 में नई दिल्ली में आयोजित राष्ट्रमंडल के 28वें अध्यक्षों और पीठासीन अधिकारियों के सम्मेलन (सीएसपीओसी) में उनकी भागीदारी का भी उल्लेख किया।
सीपी राधाकृष्णन ने भारत और सेशेल्स के बीच घनिष्ठ और दीर्घकालिक संबंधों का जिक्र करते हुए कहा कि सेशेल्स उनके लिए विशेष स्थान रखता है। उन्होंने अक्टूबर 2025 में राष्ट्रपति डॉ. पैट्रिक हर्मिनी के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने के लिए सेशेल्स की अपनी यात्रा को याद किया। यह उपराष्ट्रपति के रूप में उनकी पहली विदेश यात्रा थी।
उपराष्ट्रपति ने राष्ट्रपति डॉ. पैट्रिक हर्मिनी और उपराष्ट्रपति सेबेस्टियन पिल्ले के साथ अपनी मुलाकातों को भी याद किया। उन्होंने सेशेल्स की जनता की ओर से मिले स्नेह और आतिथ्य का उल्लेख करते हुए दोनों देशों के बीच मजबूत लोगों के आपसी संबंधों को महत्वपूर्ण बताया।
सीपी राधाकृष्णन ने कहा कि 2026 भारत और सेशेल्स के द्विपक्षीय संबंधों के लिए महत्वपूर्ण वर्ष है। इस वर्ष दोनों देशों के बीच कई उच्चस्तरीय यात्राएं हुई हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जून 2026 में सेशेल्स में आयोजित 50वें राष्ट्रीय दिवस समारोह में हिस्सा लिया, जबकि राष्ट्रपति डॉ. पैट्रिक हर्मिनी ने फरवरी 2026 में भारत की राजकीय यात्रा की।
उपराष्ट्रपति ने कहा कि सेबेस्टियन पिल्ले ने फरवरी 2026 में एआई इम्पैक्ट समिट में भाग लेने के लिए भारत की यात्रा की थी। उन्होंने कहा कि दोनों देश इस वर्ष राजनयिक संबंधों की स्थापना की 50वीं वर्षगांठ भी मना रहे हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि सेशेल्स के संसदीय प्रतिनिधिमंडल की वर्तमान यात्रा दोनों देशों के बीच बढ़ती साझेदारी को और गति देगी।
सीपी राधाकृष्णन ने फरवरी 2026 में भारत की ओर से सेशेल्स के लिए घोषित 175 मिलियन अमेरिकी डॉलर के विशेष आर्थिक पैकेज का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इससे दोनों देशों के बीच विकास और सुरक्षा साझेदारी को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में मदद मिलेगी।
उपराष्ट्रपति ने राज्यसभा सचिवालय की ओर से किए जा रहे आधुनिकीकरण और डिजिटलीकरण संबंधी प्रयासों की जानकारी भी साझा की। उन्होंने संसदीय कार्यप्रणाली के बढ़ते डिजिटलीकरण, कार्यवाही के अनेक भाषाओं में एक साथ अनुवाद, कागज रहित और अधिक कुशल संसदीय कामकाज तथा साइबर सुरक्षा के क्षेत्र में नियमित क्षमता निर्माण कार्यक्रमों का उल्लेख किया।
उन्होंने संसदीय दस्तावेजों के डिजिटल अभिलेखागार के निर्माण का भी जिक्र किया। उपराष्ट्रपति ने सेशेल्स की नेशनल असेंबली के साथ भारत के अनुभव और ज्ञान को साझा करने की इच्छा जताई। उन्होंने सेशेल्स की जरूरतों और प्राथमिकताओं के अनुरूप अध्ययन यात्राओं और अनुकूलित क्षमता निर्माण कार्यक्रम आयोजित करने की पेशकश भी की।
सीपी राधाकृष्णन ने लोगों के बीच आपसी संबंधों के महत्व पर जोर देते हुए सेशेल्स में भारतीय समुदाय के योगदान को रेखांकित किया। उन्होंने विशेष रूप से गुजराती और तमिल समुदायों का उल्लेख करते हुए कहा कि ये समुदाय भारत और सेशेल्स के बीच मित्रता के स्थायी सेतु के रूप में काम करते हैं।
उपराष्ट्रपति ने कहा कि सेशेल्स की नेशनल असेंबली की अध्यक्ष नियमित रूप से योग करती हैं। उन्होंने योग को भारत और सेशेल्स के लोगों के बीच घनिष्ठ संबंधों का मजबूत प्रतीक बताया। उन्होंने आने वाले वर्षों में दोनों देशों की संसदीय संस्थाओं के बीच निरंतर संपर्क और अधिक घनिष्ठ सहयोग की उम्मीद जताई।
 

सफदरजंग अस्पताल में अत्याधुनिक ब्लैडर डायग्नोस्टिक्स और PET-CT, SPECT-CT सुविधाओं का उद्घाटन

04-Sep-2026
नई दिल्ली। केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने बुधवार को वर्धमान महावीर मेडिकल कॉलेज (वीएमएमसी) एवं सफदरजंग अस्पताल में अत्याधुनिक स्वास्थ्य सुविधाओं का उद्घाटन किया। इनमें यूरोलॉजी विभाग में सेंटर फॉर एडवांस्ड ब्लैडर डायग्नोस्टिक्स तथा न्यूक्लियर मेडिसिन विभाग में PET-CT और SPECT-CT सुविधाएं शामिल हैं।
नई सुविधाओं से हर वर्ष करीब 5,600 मरीजों को किफायती दरों पर उन्नत जांच और विशेष चिकित्सा सेवाओं का लाभ मिलने की उम्मीद है।
सेंटर फॉर एडवांस्ड ब्लैडर डायग्नोस्टिक्स में वीडियो यूरोडायनामिक्स (VUDS) को नियर इन्फ्रारेड स्पेक्ट्रोस्कोपी (NIRS) तकनीक के साथ एकीकृत किया गया है। यह सुविधा मूत्राशय की कार्यप्रणाली का विस्तृत आकलन करने और जटिल यूरोलॉजिकल समस्याओं के सटीक निदान में मदद करेगी।
इस केंद्र की खासियत VUDS के साथ NIRS आधारित ब्रेन मैपिंग का एकीकरण है, जो भारत में पहली बार किया जा रहा है। इसके जरिए मूत्राशय के भरने और खाली होने के दौरान मस्तिष्क में रक्त के ऑक्सीजन स्तर में होने वाले बदलावों का अध्ययन किया जा सकेगा। इससे चिकित्सकों को यह समझने में मदद मिलेगी कि मूत्राशय संबंधी समस्या का कारण स्वयं मूत्राशय है, कोई न्यूरोलॉजिकल स्थिति है या दोनों का संयुक्त प्रभाव।
इस केंद्र से सालाना करीब 5,000 मरीजों को विशेष यूरोलॉजिकल डायग्नोस्टिक सेवाएं मिलने की उम्मीद है।
न्यूक्लियर मेडिसिन विभाग में स्थापित नई PET-CT और SPECT-CT सुविधाएं अस्पताल की जांच क्षमता को और मजबूत करेंगी। इनका उपयोग कैंसर, हृदय रोग, न्यूरोलॉजिकल बीमारियों, किडनी रोगों और एंडोक्राइन संबंधी समस्याओं के निदान में किया जाएगा।
PET-CT सुविधा से कैंसर की पहचान, बीमारी की स्टेजिंग, उपचार योजना और इलाज के बाद फॉलो-अप में मदद मिलेगी। इसके साथ ही मेडिकल ऑन्कोलॉजी, रेडिएशन ऑन्कोलॉजी, हेमेटोलॉजी, यूरोलॉजी, नेफ्रोलॉजी और पीडियाट्रिक ऑन्कोलॉजी जैसे विभागों के बीच समन्वित मरीज प्रबंधन को भी मजबूती मिलेगी।
वहीं, SPECT-CT सुविधा हृदय, किडनी, एंडोक्राइन, ऑर्थोपेडिक और गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल रोगों के व्यापक निदान में सहायक होगी। इन उन्नत न्यूक्लियर मेडिसिन सेवाओं से सालाना करीब 600 से 700 मरीजों को लाभ मिलने की उम्मीद है और ये सेवाएं किफायती लागत पर उपलब्ध कराई जाएंगी।
सफदरजंग अस्पताल के दौरे के दौरान केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे.पी. नड्डा ने हार्ट कमांड सेंटर और स्पोर्ट्स इंजरी सेंटर का भी निरीक्षण किया तथा वहां संचालित सेवाओं और गतिविधियों की समीक्षा की।
अस्पताल में चल रही परियोजनाओं और कार्यों की विस्तृत समीक्षा करते हुए उन्होंने परियोजनाओं की नियमित निगरानी और समय-समय पर निरीक्षण की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि परियोजनाओं को समय पर पूरा करने के लिए व्यावहारिक और प्राप्त किए जा सकने वाले लक्ष्य निर्धारित किए जाने चाहिए।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने सफदरजंग अस्पताल की विशिष्ट पहचान और स्वास्थ्य क्षेत्र में वर्षों से स्थापित प्रतिष्ठा की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि संस्थान ने अपनी अलग पहचान और मजबूत साख बनाई है।
इन नई सुविधाओं के जुड़ने से वीएमएमसी एवं सफदरजंग अस्पताल में विशेष चिकित्सा ढांचे को और मजबूती मिलेगी। अत्याधुनिक जांच सुविधाएं रोगों के व्यापक मूल्यांकन, समय पर उपचार योजना और विभिन्न विशेषज्ञताओं के समन्वय से मरीजों की बेहतर देखभाल में सहायक होंगी। साथ ही ये सुविधाएं स्नातकोत्तर शिक्षा और प्रशिक्षण को भी बढ़ावा देंगी तथा आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों सहित अधिक मरीजों तक विशेष जांच और उपचार सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित करेंगी।
 

 



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