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भारत-थाईलैंड संयुक्त सैन्य अभ्यास ‘मैत्री-XV’ के लिए भारतीय सेना का दल रवाना

17-Aug-2026
नई दिल्ली। (शोर संदेश) भारतीय सेना का दल भारत और थाईलैंड के बीच होने वाले संयुक्त सैन्य अभ्यास ‘मैत्री-XV’ में हिस्सा लेने के लिए सोमवार को थाईलैंड रवाना हुआ। यह अभ्यास 18 से 31 अगस्त 2026 तक थाईलैंड के सूरत थानी स्थित विभावदी रंगसित कैंप में आयोजित किया जाएगा।
यह भारत-थाईलैंड संयुक्त सैन्य अभ्यास का 15वां संस्करण है। इससे पहले इसका आयोजन सितंबर 2025 में मेघालय के उमरोई स्थित विदेशी प्रशिक्षण केंद्र में किया गया था।
अभ्यास में भारतीय सेना और रॉयल थाई सेना के 85-85 जवान हिस्सा लेंगे। भारतीय दल में मुख्य रूप से 9 गोरखा राइफल्स के जवान शामिल हैं, जबकि थाईलैंड की ओर से 5वीं डिवीजन की 25वीं इन्फैंट्री ब्रिगेड की 3वीं बटालियन के सैनिक हिस्सा लेंगे।
इस अभ्यास में कंपनी स्तर पर संयुक्त प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसका मुख्य ध्यान जंगल और अर्ध-शहरी इलाकों में सैन्य अभियान चलाने पर रहेगा।
‘मैत्री’ अभ्यास का उद्देश्य भारत और थाईलैंड के बीच सैन्य सहयोग को मजबूत करना है। इसके तहत दोनों देशों की सेनाएं संयुक्त रूप से उग्रवाद और आतंकवाद विरोधी अभियान चलाने की क्षमता को बेहतर करेंगी।
प्रशिक्षण के दौरान मैदानी अभ्यास, सैन्य चर्चा, व्याख्यान, प्रदर्शन और अंतिम संयुक्त अभ्यास आयोजित किया जाएगा। दोनों देशों के सैनिक संयुक्त अभियानों के दौरान इस्तेमाल होने वाले आधुनिक उपकरणों और तकनीकों की जानकारी भी साझा करेंगे।
‘मैत्री’ सैन्य अभ्यास की शुरुआत वर्ष 2006 में हुई थी। यह भारत और थाईलैंड की सेनाओं के बीच अनुभव और बेहतर सैन्य तरीकों को साझा करने का महत्वपूर्ण मंच है।
अभ्यास से दोनों सेनाओं के बीच आपसी तालमेल, समझ और सहयोग बढ़ाने में मदद मिलेगी। साथ ही, यह भारत और थाईलैंड के बीच लंबे समय से चले आ रहे मैत्रीपूर्ण संबंधों को और मजबूत करेगा।

 

राष्ट्रपति और पीएम मोदी ने लखीसराय मंदिर भगदड़ को लेकर जताया गहरा शोक, पीड़ित परिवारों के प्रति व्यक्त की संवेदनाएं

17-Aug-2026
नई दिल्ली।(शोर संदेश) बिहार के लखीसराय जिले के अशोकधाम मंदिर में सोमवार को हुई भगदड़ की दुर्घटना पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत कई नेताओं ने गहरा दुख व्यक्त किया है। इस हादसे में कम से कम सात लोगों की मौत हो गई है और 12 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं। बिहार सरकार ने मृतकों के परिजनों को चार-चार लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने सोशल मीडिया पर लिखा, “बिहार के लखीसराय जिले में भगदड़ की दुर्घटना में श्रद्धालुओं की मृत्यु का समाचार अत्यंत पीड़ादायक है। मैं शोक-संतप्त परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करती हूं और घायल हुए लोगों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना करती हूं।”
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से पीएमओ ने एक्स प्लेटफॉर्म पर पोस्ट कर कहा, “बिहार के लखीसराय में भगदड़ से हुई मौतों से दुखी हूं। दुख की इस घड़ी में मेरी संवेदनाएं पीड़ित परिवारों के साथ हैं। घायल लोग जल्द स्वस्थ हों। स्थानीय प्रशासन प्रभावित लोगों की मदद कर रहा है।”
भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव विनोद तावड़े ने एक्स पर लिखा, “बिहार के लखीसराय में हुई घटना हृदयविदारक है। इस दुःखद हादसे से मन व्यथित है। अपने प्रियजनों को खोने वाले परिवारों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं हैं। ईश्वर से घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने एवं शोकाकुल परिजनों को कठिन घड़ी में संबल देने की प्रार्थना करता हूं।”
बिहार सरकार में मंत्री श्रेयसी सिंह ने सोशल मीडिया पर कहा, “लखीसराय की हृदयविदारक घटना में सात महिलाओं के निधन से मन अत्यंत व्यथित है। प्रभु दिवंगत आत्माओं को श्रीचरणों में स्थान दें, परिजनों को धैर्य तथा घायलों को शीघ्र स्वास्थ्य प्रदान करें।”
जदयू नेता राजीव रंजन ने कहा, “यह बेहद दुखद घटना है और कई श्रद्धालुओं की मौत की खबर दिल दहला देने वाली है। एसडीपीओ ने कुछ अफवाहों का जिक्र किया है, लेकिन जब तक सरकार पूरे घटनाक्रम पर अपना आधिकारिक पक्ष नहीं रखती, तब तक कुछ भी पक्के तौर पर कहना ठीक नहीं होगा।”













 

नेपाल की आधिकारिक यात्रा पर सेना प्रमुख, नेपाली सेना प्रमुख का मानद पद से होंगे सम्मानित

17-Aug-2026
नई दिल्ली। (शोर संदेश) भारतीय थल सेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ नेपाल की आधिकारिक यात्रा पर है। उनकी यह यात्रा 17 अगस्त से प्रारंभ हुई है और 19 अगस्त तक प्रस्तावित है। जनरल सेठ रविवार को नेपाल की राजधानी काठमांडू पहुंचे थे। सोमवार सुबह जनरल सेठ ने नेपाल के सेना मुख्यालय में आयोजित गार्ड ऑफ ऑनर का निरीक्षण किया।
इस दौरान नेपाली सेना के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। इससे पहले जनरल धीरज सेठ ने काठमांडू में शहीद जवानों को श्रद्धांजलि दी। वह यहां सोल्जर प्लेटफार्म स्थित शहीद स्मारक पर गए और शहीदों को पुष्पांजलि अर्पित की। उन्होंने देश के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर सैनिकों को श्रद्धांजलि दी व शहीदों के प्रति सम्मान व्यक्त करते हुए उनके बलिदान को नमन किया।
जनरल धीरज सेठ की नेपाल यात्रा को दोनों देशों की सेनाओं के बीच लंबे समय से चले आ रहे मजबूत सैन्य संबंधों को और प्रगाढ़ करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। यात्रा के दौरान वह नेपाली सेना के शीर्ष सैन्य नेतृत्व के साथ द्विपक्षीय रक्षा सहयोग, आपसी हितों से जुड़े मुद्दों और दोनों सेनाओं के बीच सहयोग को आगे बढ़ाने के तरीकों पर चर्चा करेंगे। जनरल धीरज सेठ के नेपाल दौरे के दौरान सोमवार को राष्ट्रपति रामचंद्र पौडेल द्वारा राष्ट्रपति भवन में उनके सम्मान में विशेष आयोजन किया जाएगा। इस अवसर पर जनरल सेठ को नेपाली सेना प्रमुख की मानद उपाधि प्रदान की जानी है।
गौरतलब है कि भारत और नेपाल के बीच सेना प्रमुखों को एक-दूसरे की सेना के मानद प्रमुख की उपाधि देने की महत्वपूर्ण परंपरा रही है। यह परंपरा दोनों देशों की सेनाओं के बीच विशेष संबंधों और ऐतिहासिक सैन्य सहयोग का प्रतीक मानी जाती है। जनरल सेठ की यात्रा के दौरान दोनों पक्षों के बीच रक्षा और सुरक्षा सहयोग को और मजबूत करने पर विशेष जोर रहने की संभावना है। भारत और नेपाल के बीच संयुक्त सैन्य अभ्यास, प्रशिक्षण, क्षमता निर्माण, मानवीय सहायता एवं आपदा राहत तथा सैन्य स्तर पर नियमित संवाद के माध्यम से व्यापक सहयोग जारी है।
दरअसल नेपाल भारत के लिए एक महत्वपूर्ण पड़ोसी और रणनीतिक साझेदार है। दोनों देशों के बीच भौगोलिक निकटता के साथ-साथ लोगों के बीच गहरे सामाजिक और सांस्कृतिक संबंध भी हैं। ऐसे में भारतीय थल सेना प्रमुख की नेपाल यात्रा को दोनों सेनाओं के बीच आपसी विश्वास, समझ और सहयोग को और मजबूत करने के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। जनरल धीरज सेठ की यह यात्रा ऐसे समय हो रही है जब भारत और नेपाल दोनों ही अपने द्विपक्षीय रक्षा संबंधों को बदलती क्षेत्रीय सुरक्षा परिस्थितियों के अनुरूप और मजबूत करने पर जोर दे रहे हैं।
यात्रा के दौरान होने वाली उच्चस्तरीय बैठकों से दोनों देशों के बीच सैन्य सहयोग के भविष्य की दिशा तय करने में मदद मिलने की उम्मीद है। जनरल धीरज सेठ पांच सदस्यीय भारतीय प्रतिनिधिमंडल के साथ नेपाल पहुंचे हैं। वह नेपाल के सेना प्रमुख जनरल अशोक राज सिग्देल के निमंत्रण पर यह यात्रा कर रहे हैं। जनरल सेठ के साथ भारतीय सेना की आर्मी वाइव्स वेलफेयर एसोसिएशन की अध्यक्ष कोमल सेठ भी नेपाल गई हैं।












 

भारतीय बैंकिंग क्षेत्र में NPA अब तक के सबसे निचले स्तर पर: निर्मला सीतारमण

17-Aug-2026
नई दिल्ली। (शोर संदेश) केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सोमवार को कहा कि भारतीय बैंकिंग क्षेत्र में गैर-निष्पादित परिसंपत्तियां (एनपीए) अब तक के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गई हैं। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक अब सुधारों को आगे बढ़ाने के लिए पहले से कहीं अधिक मजबूत स्थिति में हैं।
वित्त मंत्री ने पीएसबी कॉन्फ्लुएंस 2026 के उद्घाटन सत्र में सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के शीर्ष अधिकारियों को संबोधित करते हुए यह बात कही। दो दिवसीय सम्मेलन में बैंकिंग क्षेत्र से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की जा रही है।
सीतारमण ने बताया कि वित्तीय सेवा विभाग ने उनके कार्यकाल में पहली बार सम्मेलन में चर्चा के लिए चुने गए सात विषयों पर विस्तृत शोध दस्तावेज तैयार किए हैं।
उन्होंने विशेष रूप से युवाओं से जुड़े दस्तावेज का उल्लेख करते हुए कहा कि इसमें भारत की युवा आबादी को उम्र और जीवन के अलग-अलग चरणों के आधार पर समझाया गया है। उन्होंने बताया कि भारत की करीब 29 प्रतिशत आबादी 15 से 29 वर्ष के बीच है और बैंकों को अपनी योजनाएं बनाते समय इस बड़ी युवा आबादी को ध्यान में रखना चाहिए।
वित्त मंत्री ने कहा कि सम्मेलन के लिए तैयार किए गए सातों दस्तावेजों में दुनिया के अलग-अलग देशों में अपनाई गई अच्छी व्यवस्थाओं को शामिल किया गया है। इन्हें सम्मेलन में शामिल अधिकारियों को पहले ही उपलब्ध कराया गया है, ताकि चर्चा केवल विचारों तक सीमित न रहे, बल्कि ऐसे सुझाव सामने आएं जिन्हें वास्तव में लागू किया जा सके।
सीतारमण ने कहा कि यह सम्मेलन ऐसे समय हो रहा है जब ‘विकसित भारत’ के लिए बैंकिंग क्षेत्र पर एक उच्चस्तरीय समिति के गठन की घोषणा होने की उम्मीद है। सम्मेलन से निकलने वाले सुझाव इस समिति के लिए बैंकिंग क्षेत्र के भविष्य की भूमिका तय करने में उपयोगी हो सकते हैं।
एनपीए में आई तेज गिरावट का उल्लेख करते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि बैंकों ने कठिन दौर में अपने खातों की सफाई की प्रक्रिया के जरिए विश्वसनीयता हासिल की है। अब बैंक संकट से निपटने के बजाय मजबूत स्थिति से सुधारों को आगे बढ़ाने की स्थिति में हैं।
पीएसबी कॉन्फ्लुएंस में चर्चा के लिए सात प्रमुख विषय चुने गए हैं। इनमें जमा बढ़ाना, युवाओं के लिए बैंकिंग सेवाएं, निवेश को बढ़ावा देना, वैश्विक क्षमता केंद्र, कृषि और बागवानी क्षेत्र की मूल्य श्रृंखला के लिए ढांचा, प्राथमिकता क्षेत्र को ऋण और क्रेडिट कार्ड कारोबार में बदलाव शामिल हैं।

 

अनुराग जैन ने संभाला नीति आयोग के नए सीईओ का कार्यभार, लंबा प्रशासनिक अनुभव आएगा काम

17-Aug-2026
नई दिल्ली। (शोर संदेश) नीति आयोग ने सोमवार को अनुराग जैन का नए मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) के रूप में स्वागत किया। उनकी नियुक्ति देश के प्रमुख नीति-निर्माण थिंक टैंक नीति आयोग में एक महत्वपूर्ण जिम्मेदारी के रूप में देखी जा रही है। मध्य प्रदेश कैडर के 1989 बैच के आईएएस अधिकारी अनुराग जैन को प्रशासन, सुशासन और नीति-निर्माण के क्षेत्र में करीब चार दशक का व्यापक अनुभव है। अपने लंबे और उल्लेखनीय प्रशासनिक करियर के दौरान उन्होंने केंद्र एवं राज्य सरकारों में कई महत्वपूर्ण पदों पर जिम्मेदारियां निभाई हैं।
नीति आयोग ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में कहा, “नीति आयोग नए मुख्य कार्यकारी अधिकारी अनुराग जैन का स्वागत करता है।” अनुराग जैन इससे पहले मध्य प्रदेश के मुख्य सचिव के पद पर कार्य कर चुके हैं। केंद्र सरकार में भी उन्होंने कई महत्वपूर्ण मंत्रालयों और विभागों में जिम्मेदारियां संभाली हैं। वे सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय में सचिव रह चुके हैं और उद्योग एवं आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (डीपीआईआईटी) के सचिव के रूप में भी कार्य कर चुके हैं।
बुनियादी ढांचा विकास, औद्योगिक नीति, प्रशासनिक सुधार और आर्थिक विकास जैसे क्षेत्रों में उनके व्यापक अनुभव को नीति आयोग के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। उनकी नियुक्ति से नीति निर्माण, परियोजना क्रियान्वयन और राज्यों के साथ समन्वय को और मजबूती मिलने की उम्मीद है। सीईओ के रूप में अनुराग जैन केंद्र सरकार की विकास संबंधी प्राथमिकताओं को आगे बढ़ाने, विभिन्न मंत्रालयों और राज्यों के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करने और प्रमुख नीतिगत पहलों के कार्यान्वयन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
इस वर्ष की शुरुआत में मंत्रिमंडल की नियुक्ति समिति (एसीसी) ने उनकी नियुक्ति को मंजूरी दी थी। कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (डीओपीटी) द्वारा जारी आदेश के अनुसार, उनका कार्यकाल दो वर्ष या अगले आदेश तक, जो भी पहले हो, रहेगा। गौरतलब है कि इसी वर्ष अप्रैल में केंद्र सरकार ने प्रसिद्ध अर्थशास्त्री अशोक कुमार लाहिड़ी को नीति आयोग का उपाध्यक्ष (वाइस चेयरमैन) नियुक्त किया था। उन्होंने सुमन के. बेरी का स्थान लिया था।
नीति आयोग देश की दीर्घकालिक विकास रणनीतियों, आर्थिक सुधारों, राज्यों के साथ सहयोग और विभिन्न राष्ट्रीय कार्यक्रमों की निगरानी में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। ऐसे में अनुराग जैन की नियुक्ति को नीति आयोग के लिए एक अहम प्रशासनिक और रणनीतिक कदम माना जा रहा है।





 

मंदिर भगदड़ में मारे गए लोगों के परिजनों को 4-4 लाख की मदद का बिहार सरकार ने किया ऐलान

17-Aug-2026
नई दिल्ली।(शोर संदेश) बिहार सरकार ने सोमवार को लखीसराय के अशोक धाम मंदिर में भगदड़ में मारे गए लोगों के परिजनों को 4-4 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है। वहीं, इस घटना पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह समेत एनडीए के कई नेताओं ने दुख जताया है। भगदड़ में कम से कम सात लोगों की मौत हो गई और 12 से ज्यादा लोग घायल हो गए। इस घटना से मंदिर परिसर में अफरा-तफरी मच गई, क्योंकि सावन के पवित्र महीने के तीसरे सोमवार को पूजा-अर्चना और अनुष्ठान करने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु वहां जमा हुए थे।
खबर है कि एक बिजली का तार गिरने से भीड़ में अफरातफरी मच गई। इसके बाद श्रद्धालुओं के बीच अफवाहें फैल गईं, जिससे घबराहट पैदा हो गई। कई श्रद्धालु बचने की कोशिश में अलग-अलग दिशाओं में भागने लगे। भगदड़ मच गई, जिसमें कई श्रद्धालु फंस गए और एक-दूसरे के नीचे दब गए। इस घटना से मंदिर में अफरातफरी मच गई जबकि स्थानीय लोगों और अन्य श्रद्धालुओं ने तुरंत भीड़ में फंसे लोगों को बचाने की कोशिशें शुरू कर दीं।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने एक्स पर पोस्ट में लिखा, “अशोक धाम मंदिर, लखीसराय में हुई भगदड़ के कारण हुई जनहानि से मैं अत्यंत दुखी हूं। इस हृदयविदारक घटना में जान गंवाने वाले सभी लोगों के शोक-संतप्त परिवारों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं। मैं घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना करता हूं। ईश्वर से यही प्रार्थना है कि इस घटना से प्रभावित सभी लोगों को इस कठिन समय में धैर्य और संबल प्रदान करें।”
केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने एक्स पर पोस्ट किया, “अशोक धाम मंदिर, लखीसराय में हुई हृदयविदारक भगदड़ की घटना अत्यंत दुःखद एवं पीड़ादायक है। श्रद्धालुओं की असमय मृत्यु की खबर से मन गहरा आहत है। इस कठिन घड़ी में मेरी संवेदनाएं दिवंगत श्रद्धालुओं के परिजनों के साथ हैं। ईश्वर पुण्यात्माओं को अपने श्रीचरणों में स्थान दें और शोक संतप्त परिवारों को दुःख सहने की शक्ति प्रदान करें। घायल श्रद्धालुओं के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ एवं कुशलता की ईश्वर से प्रार्थना है।”
बिहार सरकार में विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने एक्स पर पोस्ट में कहा, “सावन के तीसरे सोमवार पर बिहार के लखीसराय जिले के अशोक धाम (इंद्र दमनेश्वर महादेव मंदिर) में जलाभिषेक के दौरान बिजली का तार गिरने से फैले करंट, मची अफरा तफरी और भगदड़ से हुए दुखद हादसे में अनेक श्रद्धालुओं के घायल होने व 7 की असामयिक मृत्यु के समाचार से मर्माहत हूं। मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की उचित सुरक्षा एवं भीड़ प्रबंधन नहीं होना एनडीए सरकार की प्रशासनिक कुव्यवस्था का परिचायक है। शोक संतप्त परिवारों के प्रति गहरी संवेदनाएं तथा मृतकों को श्रद्धांजलि! सरकार मृतकों के परिजनों को मुआवजा राशि एवं घायलों के त्वरित इलाज की व्यवस्था करें। ईश्वर से दिवंगत आत्माओं की शांति तथा घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की प्रार्थना करता हूं।”
बिहार के स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार ने एक्स पर पोस्ट किया, “अशोकधाम मंदिर, लखीसराय में हुई दुखद भगदड़ की घटना से मन व्यथित है। इस हादसे में श्रद्धालुओं के निधन का समाचार बेहद पीड़ादायक है। ईश्वर दिवंगत आत्माओं को अपने श्रीचरणों में स्थान दें और शोकाकुल परिवारों को यह अपार दुःख सहने की शक्ति प्रदान करें। हादसे में घायल सभी श्रद्धालुओं के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना है।”
केंद्रीय पशुपालन एवं डेयरी और पंचायती राज मंत्री राजीव रंजन सिंह (ललन) ने एक्स पर लिखा, “लखीसराय के पावन अशोकधाम मंदिर में तीसरी सोमवारी के अवसर पर अचानक भीड़ काफी बढ़ गई। इसी दौरान बिजली का तार गिरने, बिजली का पोल गिरने और करंट आने की अफवाह फैल गई, जिसके कारण श्रद्धालुओं के बीच भगदड़ मच गई। इस हृदयविदारक हादसे में कई श्रद्धालुओं की मृत्यु का समाचार अत्यंत पीड़ादायक है। इस दुःखद घटना में अपने प्रियजनों को खोने वाले सभी शोकाकुल परिवारों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं हैं। बाबा भोलेनाथ से प्रार्थना है कि दिवंगत आत्माओं को अपने श्रीचरणों में स्थान एवं शांति प्रदान करें तथा उनके परिजनों को इस अपार दुःख को सहने की शक्ति दें। घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूं। इस कठिन घड़ी में मेरी पूरी संवेदनाएँ पीड़ित परिवारों के साथ हैं।”
 

विझिंजम पोर्ट से खुलेगा केरल के वैश्विक व्यापार का नया द्वार, मंगलवार से शुरू होगा पूर्ण संचालन

17-Aug-2026
नई दिल्ली।(शोर संदेश) केरल का विझिंजम अंतरराष्ट्रीय बंदरगाह, जो कि भारत का पहला गहरे पानी का कंटेनर ट्रांसशिपमेंट पोर्ट है, मंगलवार से एक नए दौर में प्रवेश करने जा रहा है। बंदरगाह पर पूर्ण स्तर के निर्यात-आयात (इग्जिम) संचालन औपचारिक रूप से शुरू होंगे, जिसे केरल की अर्थव्यवस्था और राज्य को एक प्रमुख लॉजिस्टिक्स तथा विनिर्माण केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री वीडी. सतीशन सुबह 10:45 बजे पहले निर्यात कंटेनर को रवाना करेंगे। कार्यक्रम में केंद्रीय पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। अब तक मुख्य रूप से ट्रांसशिपमेंट हब के रूप में विकसित किए गए विझिंजम पोर्ट का यह बदलाव उसे एक पूर्ण वाणिज्यिक व्यापार द्वार में बदल देगा, जहां से केरल के निर्यातक सीधे वैश्विक बाजारों तक अपनी पहुंच बना सकेंगे।
यह विकास विशेष रूप से अदाणी पोर्ट्स के लिए भी महत्वपूर्ण है, जो इस बंदरगाह का संचालन करती है। विझिंजम की भौगोलिक स्थिति और इसकी प्राकृतिक गहराई इसे भारतीय समुद्री क्षेत्र में विशेष प्रतिस्पर्धात्मक बढ़त प्रदान करती है। 20 से 24 मीटर की प्राकृतिक गहराई वाला यह बंदरगाह दुनिया के सबसे बड़े कंटेनर जहाजों को संभालने की क्षमता रखता है। इसके अलावा यह अंतरराष्ट्रीय ईस्ट-वेस्ट शिपिंग कॉरिडोर से केवल लगभग 10 समुद्री मील की दूरी पर स्थित है, जिससे यह वैश्विक समुद्री व्यापार के लिए अत्यंत रणनीतिक बन जाता है।
परीक्षण संचालन के दौरान स्पेन के वालेंसिया भेजा गया पहला निर्यात कंटेनर पहले ही इस नई क्षमता की संभावनाओं को प्रदर्शित कर चुका है। अब तक जिन भारतीय निर्यातकों को कोलंबो, सिंगापुर या दुबई जैसे ट्रांसशिपमेंट हब के माध्यम से अपना माल भेजना पड़ता था, उन्हें अब विझिंजम से सीधे वैश्विक बाजारों तक पहुंचने का विकल्प मिलेगा। इससे परिवहन समय और लॉजिस्टिक्स लागत दोनों में कमी आने की संभावना है।
विशेष रूप से केरल के लघु एवं मध्यम उद्यमों (एसएमई) को इससे बड़ा लाभ मिलने की उम्मीद है। कृषि उत्पाद, मसाले, काजू, समुद्री उत्पाद, हथकरघा और वस्त्र उद्योग से जुड़े निर्यातकों के लिए अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक सीधी पहुंच आसान होगी। इस अवसर पर राज्य सरकार ‘मिशन समुद्र’ नामक एक महत्वाकांक्षी परियोजना भी शुरू कर रही है, जो कि बंदरगाह आधारित औद्योगिक और लॉजिस्टिक्स विकास कार्यक्रम है, जिसे ‘पोर्ट सिटी’ अवधारणा के तहत विकसित किया जा रहा है।
इस योजना के तहत व्यापक विझिंजम मैरीटाइम इकोनॉमिक रीजन विकसित किया जाएगा, जिसमें 8 औद्योगिक क्लस्टर, 3 नए शहर और केरल की 600 किलोमीटर लंबी तटीय रेखा को आर्थिक गतिविधियों के केंद्र के रूप में जोड़ा जाएगा। सरकार ने इस परियोजना के लिए 400 करोड़ रुपए का कैटेलिटिक फंड निर्धारित किया है। यह राशि बंदरगाह एवं कनेक्टिविटी, लॉजिस्टिक्स विकास, औद्योगिक क्लस्टर, नए शहरों के विकास, कार्यक्रम प्रबंधन और क्षमता निर्माण से जुड़ी 14 उप-योजनाओं पर खर्च की जाएगी।
अधिकारियों को उम्मीद है कि वर्ष 2031 तक यह पहल निजी निवेश के माध्यम से सार्वजनिक निवेश के मुकाबले 10 गुना से अधिक आर्थिक गतिविधि उत्पन्न कर सकती है। विनिर्माण, लॉजिस्टिक्स, सेवा क्षेत्र और बुनियादी ढांचे में बड़े पैमाने पर निजी भागीदारी की उम्मीद की जा रही है। पूर्ण निर्यात-आयात संचालन शुरू होने से वेयर हाउस, कोल्ड स्टोरेज, कंटेनर फ्रेट स्टेशन और लॉजिस्टिक्स पार्कों की मांग भी बढ़ने की संभावना है। इससे तिरुवनंतपुरम और आसपास के जिलों में व्यापक रोजगार सृजन होगा।
मजबूत सड़क और रेल संपर्क के साथ विझिंजम आने वाले वर्षों में भारत के बड़े निर्यात केंद्रों में शामिल हो सकता है। केरल के लिए यह केवल एक बंदरगाह परियोजना नहीं है, बल्कि आर्थिक दिशा बदलने का अवसर माना जा रहा है। विझिंजम अब केवल वह स्थान नहीं रहेगा जहां वैश्विक कार्गो जहाज बदलते हैं, बल्कि यह वह केंद्र बनने की ओर बढ़ रहा है जहां से केरल अपनी आर्थिक विकास यात्रा को नई गति देगा।





 

राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री समेत कई नेताओं ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की पुण्यतिथि पर एक प्रार्थना सभा में हिस्सा लिया

16-Aug-2026
नई दिल्ली।  (शोर संदेश) राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु, उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत कई नेताओं ने आज रविवार को नई दिल्ली में ‘सदैव अटल’ पर ‘भारत रत्न’ पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को उनकी पुण्यतिथि पर पुष्पांजलि अर्पित की। नेताओं ने वाजपेयी की याद में आयोजित एक प्रार्थना सभा में हिस्सा लिया।
पूर्व राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद, राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन समेत तमाम नेताओं ने अटल बिहारी वाजपेयी को श्रद्धांजलि दी।
भारत के सबसे प्रमुख राजनीतिक नेताओं में से एक, वाजपेयी ने तीन बार प्रधानमंत्री के तौर पर काम किया। उन्होंने पहली बार 1996 में कुछ समय के लिए प्रधानमंत्री पद की शपथ ली थी और बाद में 1998 से 1999 तक और 1999 से 2004 तक इस पद पर रहे।
अपनी वाक-कला, संसदीय योगदान और राजनेता के तौर पर अपनी सूझ-बूझ के लिए पहचाने जाने वाले वाजपेयी भारतीय जनता पार्टी के संस्थापक नेताओं में से एक थे। उन्होंने पार्टी के राजनीतिक सफर को आकार देने में अहम भूमिका निभाई। प्रधानमंत्री के तौर पर उनके कार्यकाल के दौरान, भारत ने बुनियादी ढांचे, कूटनीति, आर्थिक नीति और राष्ट्रीय सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में कई महत्वपूर्ण विकास देखे।
वाजपेयी एक जाने-माने हिंदी कवि भी थे और अपने संसदीय करियर और सार्वजनिक जीवन के कारण सभी राजनीतिक दलों के बीच उनका बहुत सम्मान था।
देश के लिए उनके योगदान को देखते हुए, उन्हें 2015 में भारत के सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘भारत रत्न’ से सम्मानित किया गया था।
वाजपेयी का निधन 16 अगस्त 2018 को 93 साल की उम्र में हुआ था। उनकी पुण्यतिथि हर साल उनके जीवन, राजनीतिक योगदान और विरासत को याद करने के मौके के तौर पर मनाई जाती है।




 

पीएम मोदी ने इंस्टाग्राम पर एक नए वीडियो में अपने दोस्तों के साथ बिताए पलों को साझा किया, बोले- ‘ये मेरी दैनिक दिनचर्या’

16-Aug-2026
नई दिल्ली।  (शोर संदेश)  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार दोपहर को इंस्टाग्राम पर एक वीडियो शेयर किया। इस वीडियो में वे अपने सरकारी आवास पर मोरों और पुंगनूर गायों के साथ नज़र आए। उन्हें 7 लोक कल्याण मार्ग स्थित अपने सरकारी आवास पर रखी देसी और छोटे आकार की गायों को खाना खिलाते और प्यार से सहलाते हुए देखा गया। वीडियो में वह अपने हाथों से मोरों को दाने खिलाते नजर आ रहे हैं।
दरअसल, प्रधानमंत्री मोदी ने स्वतंत्रता दिवस की सुबह के उन खास पलों को शेयर किया है, जब वह अपने आवास पर गायों को चारा और मोर को दाना खिलाने के बाद लालकिले के लिए निकले थे। उन्होंने बताया कि गायों और मोरों को शायद यह एहसास हो गया था कि वे लाल किले पर होने वाले समारोह में शामिल होने के लिए जल्दी निकलेंगे। इसलिए, राष्ट्रीय कार्यक्रम के लिए रवाना होने से पहले ही वे उनसे मिलने आ गए।
पीएम ने इंस्टाग्राम पोस्ट में लिखा, “हर सुबह अपने ‘दोस्तों’ को खाना खिलाना मेरी दैनिक दिनचर्या है। कल सुबह (15 अगस्त को), उन्हें किसी तरह एहसास हो गया कि मैं जल्दी निकल रहा हूं, इसलिए जब मैं लाल किले के लिए निकल रहा था, तो वे मुझसे मिलने आ गए। हमेशा की तरह यह खास रहा।”
गौरतलब है कि प्रधानमंत्री को उनके आवास के लॉन में सुबह की सैर और व्यायाम के दौरान अक्सर मोरों के साथ देखा जाता रहा है। प्रधानमंत्री आवास में दुर्लभ, देसी और छोटे आकार की ‘पुंगनूर’ नस्ल की गायें हैं। सोशल मीडिया पर सामने आई इन मुलाकातों ने पहले भी लोगों का काफी ध्यान खींचा है।
पीएम मोदी के साथ इन मुलाकातों में जिस नस्ल का जिक्र हुआ है, उनमें आंध्र प्रदेश के चित्तूर जिले की छोटे आकार की गायें शामिल हैं। इस नस्ल को दुनिया की सबसे छोटी गायों की नस्लों में से एक माना जाता है। इन गायों की ऊंचाई सिर्फ 70 से 90 सेंटीमीटर के आसपास होती है।








 

इंडोनेशिया में 7.7 तीव्रता के भूकंप से 51 की मौत, 14 दिन का आपातकाल लगाया गया

16-Aug-2026
नई दिल्ली।  (शोर संदेश) इंडोनेशिया के पूर्वी नुसा तेंगारा प्रांत की सरकार ने फ्लोरेस द्वीप में आए 7.7 तीव्रता के शक्तिशाली भूकंप के बाद 14 दिनों के लिए आपातकालीन प्रतिक्रिया की स्थिति घोषित कर दी है। यह अवधि 15 से 28 अगस्त तक लागू रहेगी।
पूर्वी इंडोनेशिया में शनिवार को आए भूकंप में मृतकों की संख्या रविवार को चार और शव बरामद होने के बाद बढ़कर 51 हो गई। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। भूकंप के कारण हजारों लोग विस्थापित हुए हैं।
अमेरिका भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (यूएसजीएस) के अनुसार, शक्तिशाली भूकंप स्थानीय समयानुसार सुबह 5:58 बजे पूर्वी इंडोनेशिया के फ्लोरेस क्षेत्र में आया। भूकंप का केंद्र 10 किलोमीटर की गहराई में स्थित था। अमेरिका भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण ने बताया कि सुनामी की चेतावनी जारी होने के बाद लोग घबराकर घरों से बाहर निकल आए हालांकि बाद में यह चेतावनी वापस ले ली गई।
इंडोनेशिया की मौसम विज्ञान एजेंसी के अनुसार, भूकंप के बाद कम से कम 235 झटके महसूस किए गए।
वहीं, रविवार को बचावकर्मी भूकंप के कारण हुए भूस्खलन के मलबे में दबे लोगों की तलाश में जुटे रहे। यह अभियान फ्लोरेस के छह क्षेत्रों में चलाया गया। फ्लोरेस मुख्य रूप से कैथोलिक आबादी वाला द्वीप है और मुस्लिम बहुल इंडोनेशिया का हिस्सा है।
बचावकर्मियों ने उन तीन क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दिया, जहां भूकंप के बाद अब भी पहुंचना संभव नहीं हो पाया था। इनमें सबसे अधिक प्रभावित मंगराई, पूर्वी मंगराई और नागेकेओ जिले शामिल हैं।
सिक्का की राजधानी मौमेरे में खोज एवं बचाव कार्यालय के प्रमुख फतहुर रहमान ने बताया, “हमने भूस्खलनों के कारण फैले ज्यादातर मलबे को हटा दिया है और पहले से अलग-थलग पड़े गांवों के लिए सड़कें फिर से खोल दी हैं। हालांकि, संचार व्यवस्था बाधित होने और बिजली कटौती के कारण तलाश अभियान में अब भी दिक्कतें आ रही हैं।”
राष्ट्रीय खोज एवं बचाव एजेंसी के अनुसार, 101 लोग घायल हुए हैं, 900 से अधिक मकान पूरी तरह नष्ट हो गए, जबकि 450 अन्य मकानों को नुकसान पहुंचा है। एजेंसी ने बताया कि भूकंप के कारण करीब 5,000 लोगों को अस्थायी आश्रय स्थलों में रहने के लिए मजबूर होना पड़ा है। 












 


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