
आज ज्येष्ठ शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि और मंगलवार का दिन है। आज दोपहर 12 बजकर 58 मिनट तक आर्द्रा नक्षत्र रहेगा। साथ ही आज अंगारकी वैनायकी श्री गणेश चतुर्थी व्रत किया जाएगा। इसके अलावा आज ज्येष्ठ महीने में पड़ने वाले मंगलवार के दिन हनुमान जी की विशेष रूप से पूजा की जाती है।
मेष राशि- आपके लिए आज का दिन बेतरीन रहेगा। आपका कोई बड़ा कार्य पूरा हो सकता है। कोई नई व्यापारिक योजना बनाने में कामयाब होंगे। घर में कोई मांगलिक कार्य होने की संभावना बन रही है। सामाजिक कार्यों में आपका मन लगेगा, लोगों से मिलने जुलने से आपके कारोबार संबंधी मामलों में लाभ मिलने के योग हैं। विरोधी कार्य-क्षेत्र में कुछ समस्याएं खड़ी करने की कोशिश करेंगे। आपको घर का पूरा सपोर्ट मिलेगा।
वृष राशि- आपका दिन आनंद से भरपूर रहेगा। परिवार में आपके किए गए कार्यों की प्रशंसा होगी। आपके अपनों का पूरा साथ मिलेगा। आप मित्रों के साथ आज कहीं घूमने जा सकते हैं। आज के दिन आप घर-परिवार के लिए कुछ खर्चे भी करेंगे। कारोबार में स्थिति सामान्य रहेगी। इस सिलसिले में कोई यात्रा भी हो सकती है। जिससे आपको आर्थिक लाभ होने की संभावना बढ़ेगी। धन कमाने के नए अवसर मिलेंगे।
मिथुन राशि- आज आप का दिन खुशहाल रहेगा। आप सामाजिक कार्यों में रुचि लेंगे। आपका आत्मविश्वास बढ़ा रहेगा। कार्यक्षेत्र में आपकी बातचीत की कला लोंगो को प्रभावित करेगी। प्रगति के चांसेज बढ़ेंगे। लेकिन आप भाग्य के भरोसे न बैठकर परिश्रम करें। परिवार के साथ समय बिता सकते हैं। पारिवारिक मामलो में आपसी समझदारी से बात बनेगी। आप अपने स्वास्थ्य को लेकर सजग रहें।
कर्क राशि- आज आपके लिए दिन लकी रहेगा। आप आज किसी नए काम की शुरुआत कर सकते हैं। आपकी आर्थिक दशा में सकारात्मक बदलाव आएगा। आप अपने बिजनेस को नया आयाम दे पाएंगे बिजनेस में पैसा लगाना आपके लिए फायदेमंद रहेगा। आय के साधन बनेंगे। आपका आर्थिक पक्ष मजबूत रहेगा। समाज में आपका प्रभाव बढ़ेगा परीक्षार्थियों में प्रतियोगी परीक्षा को लेकर उत्साह बना रहेगा। आपका दांपत्य जीवन ठीक रहेगा। पारिवारिक में सुख मिलेगा।
सिंह राशि- आज आपके दिन का बेहतर शुरुआत होगा। आपको भाग्य का साथ मिलेगा। सरकारी नौकरी से जु़ड़े लोगों पर अचानक कोई महत्वपूर्ण जिम्मेदारी आ सकती है। जिसे पूरा करने में सफल होंगे। आपको उच्च अधिकारियों का सहयोग मिलेगा। जिससे आपको लाभ मिलेगा। थोड़ी भाग-दौड़ रहेगी। किसी से वादविवाद करने से बचें। आपके दांपत्य जीवन में आपसी प्रेम, विश्वास बढ़ेगा। लवमेट्स लिए दिन अच्छा है। कुछ समय साथ बिता सकते हैं।
कन्या राशि- आज का दिन आपके लिए फायदेमंद रहेगा। आप अपने कारोबार में नए मुकाम हासिल करेंगे। आपके आय में वृद्धि होने के योग हैं। आपका आत्मविश्वास बढ़ेगा। आप अपनी चतुर कार्यशैली से अपने हर कार्य को
पूरा कर अपनी अलग पहचान बनाएंगे। आपका दांपत्य जीवन सुखी रहेगा। आप आज घर के कार्यों में हाथ बटाएंगे। परिवार में कोई उत्सव होने के योग हैं।
तुला राशि- आपके लिए अच्छे परिणाम लाने वाला दिन रहेगा। आप आज अपने बिजनेस की ग्रोथ के लिए योजनाएं बनाएंगे। जिससे आगे चलकर आपको बड़ा लाभ मिलेगा। आपके घर में कोई मांगलिक कार्य हो सकता है। मित्रों से आपके रिश्ते अच्छे रहेंगे। आपको कई साधनों से धन लाभ के योग हैं। सोच-समझकर किसी पर विश्वास करें। दाम्पत्य जीवन मधुर रहेगा। आप दोनों कहीं घूमने का प्लान बनाएंगे। सुख सुविधाएं बढ़ेंगी। स्वास्थ्य का विशेष ध्यान दें।। सुबह सैर करना अच्छा रहेगा।
वृश्चिक राशि- आज आपका दिन आपके अनुकूल रहने वाला है। आपकी फैमिली लाइफ बेहतर रहेगी। घर में खुशी का माहौल बना रहेगा। आप किसी नए प्रोजेक्ट की शुरुआत कर सकते हैं। आपको बड़ा लाभ मिलेगा। आपके बिजनेस में तेजी आएगी। आप धार्मिक कार्यों में काफी खर्च करेंगे। समाज में आपकी लोकप्रियता बढ़ने का योग हैं। आपकी आर्थिक स्थिति काफी अच्छी रहेगी। आपके वैवाहिक जीवन में आपसी समझ और मान सम्मान बढ़ेगा। संतान की ओर से कोई शुभ समाचार मिलेगा।
धनु राशि- आपको भाग्य का भरपूर साथ मिलेगा। आपको किसी बड़े प्रोजेक्ट से जुड़ने का मौका मिलेगा जिसकी बहुत दिनों से आपको प्रतीक्षा थी। नौकरी में आपका ओहदा बढ़ेगा। जिससे आपका कान्फिडेंस बढ़ेगा। आमदनी बढ़ने की अच्छी संभावना है। अधिक एक्साइटमेंट से काम बिगड़ सकता है। पारिवारिक माहौल खुशहाल रहेगा। सामाजिक कार्यों में रुचि बढ़ेगी। आपकी बॉन्डिंग अच्छी रहेगी। स्वास्थ्य संबंधित परेशानियां आज आपसे दूर रहेंगी। लेकिन अपने खानपान का ध्यान रखें।
मकर राशि- आज आपका दिन ठीक-ठाक रहेगा। आपको परिवार का अच्छा सहयोग मिलेगा। व्यावसायिक तौर पर अच्छे परिणाम मिलेंगे। आपकी कार्य योजनाएं सफल होंगी। आपके आय के साधन बढ़ने के योग हैं। इस दौरान आप पारिवारिक समारोहों पर काफी खर्च करेंगे। मित्रों का सहयोग मिलेगा कहीं से धन लाभ के योग हैं। धार्मिक कार्योंमें रुचि बढ़ेगी। किसी धार्मिक यात्रा पर जा सकते हैं। घर का माहौल अच्छा रहेगा। दांपत्य जीवन में आपसी तालमेल बना रहेगा। परीक्षा की तैयारी कर रहे छात्रों को अच्छे परिणाम मिलेंगे।
कुंभ राशि- आज आपका दिन खुशहाल रहेगा। आपके पारिवारिक सदस्यों के बीच आपसी प्रेम बढ़ेगा। आप एक अच्छे वातावरण का लाभ उठा पायेंगे। आपके रोजगार के साधनों में वृद्धि होगी। आपकी आर्थिक स्थिति में सुधार होगा। आपके स्वास्थ्य में पॉजिटिव बदलाव आएगा। आप अच्छा महसूस करेंगे। दांपत्य जीवन ठीक-ठाक रहेगा। उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहे छात्रों को करियर में अच्छे अवसर मिलने के योग है। राजनीतिक क्षेत्र से जुड़े लोगों के लिए दिन अनुकूल है।
मीन राशि- आपके लिए आज का दिन बेहतर रहेगा। आपको नौकरी में अचानक लाभ की स्थिति बनेगी। आपकी मेहनत सफल होगी। आपके बच्चों को परीक्षा का बेहतर परिणाम हासिल होंगे। संतान की ओर से कोई अच्छी खबर मिल सकती है। अचानक कुछ खर्च बढ़ेगा। जिससे आर्थिक स्थिति थोड़ी डाउन होगी। कोई भी लेनदेन सोच समझ कर करें। छात्रों के लिए अनुकूल समय है। करियर काउंसलर से सलाह ले सकते हैं। आपका दांपत्य जीवन खुशहाल रहेगा। परिवार का पूरा सपोर्ट मिलेगा।

रायपुर (शोर संदेश)।शुक्रवार को रिलीज हुई निर्देशक सतीश जैन और निर्माता छोटे लाल साहू की छत्तीसगढ़ी फिल्म ले सुरू हो गे मया के कहानी फिल्म बड़ी मजेदार है, मनोरंजन भी है, अच्छा गीत संगीत भी है, सबसे खास बात इस फिल्म ने एक नया हीरो दिया वह भी साउथ पैटर्न का लेकिन है ठेठ छत्तीसगढ़िया। फिल्म में हीरो अमलेश नागेश का सीधा-साधा पन सभी को आकर्षित करता है, फिल्म की हीरोइन एल्सा घोष ने अपने अभिनय के साथ न्याय किया है। वहीं पहले दिन ही इस फिल्म को दर्शकों के भरपूर प्यार भी मिला। सभी सिनेमाघरों में शो हाउस फुल रहे। और ऐसे सिनेमाघर, जो कोरोना लॉकडाउन के बाद दर्शकों के लिए तरस रहे थे, उनके लिए ये फिल्म किसी चमत्कार से कम नहीं है। वहां भी अच्छीखासी भीड़ नजर आई। अब बात करते हैं इस फिल्म की कहानी की। फिल्म की कहानी कोई नई नहीं है वही पुरानी लव स्टोरी है। ग्यारहवीं क्लास का एक लड़का 12वीं क्लास की एक लड़की को प्यार करता है, दोनों के प्यार के बीच लड़की का बाप और चाचा हमेशा की तरह आड़े आते हैं। लेकिन लड़के का बाप उसे सपोर्ट करता है और वही बताता है कि लड़की का बाप उसे कवर्धा में छिपा कर रखा है और उसकी शादी होने वाली है। जैसा हर फिल्मों में होता है हीरो अपने दोस्तों के साथ शादी के मंडप में पहुंचता है और लड़की को लेकर भाग जाता है। चूंकि लड़की का चाचा पुलिस में है तो वह लड़के और उसके दोस्तों को पकड़कर थाने में बंद कर देता है और उसके खिलाफ कई सारे अपराध दर्ज कर देता है। आनन-फानन में मामला कोर्ट तक जा पहुंचता है लड़की का चाचा उसे डरा धमका कर गलत बयान देने के लिए राजी कर लेता है। लेकिन लड़की कोर्ट में मजिस्ट्रेट के सामने सच कह देती है जिससे कोर्ट लड़के और उसके दोस्तों को बाइज्जत बरी कर देते हैं और लड़की के चाचा पर मुकदमा चलाने का आदेश दे दिया जाता है। दोनों एक हो जाते हैं और फिल्म की कहानी खत्म हो जाती है। इस सिंपल कहानी के पीछे ढेर सारा मनोरंजन है और कुछ कमियां भी हैं। कमियों की बात करें तो फिर में एक भी ग्रुप डांस नहीं है, यहां नृत्य निर्देशक स्वर्गीय निशांत उपाध्याय की कमी जरूर खलती है। फिल्म में हास्य अभिनेता पप्पू चंद्राकर ने पूरी फिल्म में दर्शकों को हंसाया है। फिल्म में अभिनेत्री की मां को इतना डरा सहमा क्यों दिखाया गया यह समझ से परे है। फिल्म में एक एक्शन है लेकिन वह दमदार है। प्रिंसिपल का किरदार निभाने वाली अभिनेत्री के पिताजी को धूम्रपान करता दिखाना थोड़ा खटकता है। बहरहाल बहुत दिनों बाद अच्छा गीत संगीत का एहसास कराती एक फिल्म आई है, जिसे देखना चाहिए और सीखना चाहिए।

मुंबई (शोर संदेश)।बॉलीवुड की ढेर सारी फिल्मों और कई धारावाहिकों में अपनी अदाकारी का जादू दिखा चुकी अभिनेत्री एकता जैन हर त्योहार और विशेष दिन भी बड़े उत्साह के साथ मनाती हैं। होली, दीवाली पर उनके फोटोशूट चर्चा का विषय बनते हैं और अब बड़े जोश के साथ महाराष्ट्र दिवस मनाया अभिनेत्री एकता जैन ने।महाराष्ट्र डे के लिए उनका विशेष लुक काफी आकर्षक लग रहा था। बता दें कि 1 मई को वर्ल्ड लेबर डे के साथ साथ भारत मे महाराष्ट्र दिवस और गुजरात दिवस भी मनाया जाता है। गुजरात और महाराष्ट्र दोनों राज्यों की स्थापना पहली मई को हुई थी। 1 मई 1960 को महाराष्ट्र और गुजरात की स्थापना की गई थी। चूंकि गुजरात एकता जैन की जन्मभूमि है और महाराष्ट्र उनकी कर्मभूमि है। इसलिए वह दोनों राज्यों के खास दिन को खास तरह से मनाती हैं। अभिनेत्री एकता जैन ने बताया कि ये दोनों राज्य मेरे दिल के बहुत करीब हैं। मैं कच्छ गुजरात की रहने वाली हूँ और महाराष्ट्र मेरी कर्मभूमि है। मैं लोगों का मनोरंजन करने के लिए हमेशा कुछ नया करने का प्रयास करती रहती हूं। इस बार महाराष्ट्र डे के लिए जो एकता जैन ने नया लुक लिया, वह प्रॉपर पैठनी स्टाइल की साड़ी, शालू पहनावे में मराठी नथ के साथ बेहद खूबसूरत नजर आ रही हैं। पैठनी शैली में टोपी और जूती पहनी है। सोनाली घाटे - बाने ने अपनी हथकरघा उद्योग से बनी नवीनया हेनडलूम से पैठणी शैली के वस्त्र दिए। गुजराती लुक में भी उन्होंने खास गुज़राती पहनावे पर तवज्जो दी है। बांदनी के दुपट्टे को पहना है, गुजराती ज्वेलरी पहनी है, गुजरातियों के फेवरेट रंग मैरून और केसरिया के कॉम्बिनेशन को धारण किया है। एकता जैन कहती हैं कि मुझे छोटी खुशियों से बड़ी खुशी मिलती है। मैं अपने तमाम फैन्स को महाराष्ट्र, गुजरात दिवस और मजदूर दिवस की हार्दिक बधाई देती हूं। आप सब अपने काम और पैशन पर ध्यान दें, सीखने का जज़्बा जारी रखे, मैं अब भी सीख रही हूं। खली बली, ज़िंदगी एक शतरंज और त्राहिमाम जैसी फिल्मों और शगुन, अपुन तो वैसे ही और शाका लाका बूम बूम" जैसे टीवी शोज़ में कार्य कर चुकी ऎक्ट्रेस एकता जैन के कुछ और नए प्रोजेक्ट्स जल्द ही आने वाले हैं।

मुंबई (शोर संदेश)। लेखक व फिल्म निर्देशक डॉ राजेन्द्र संजय द्वारा लिखित पुस्तक 'भोजपुरी फिल्मों का इतिहास' का विमोचन अंधेरी पश्चिम स्थित एक सभागृह में सम्पन्न हुआ। उसी अवसर पर फिल्म जगत के लोगों सहित साहित्य व पत्रकारिता से जुड़े लोगों की उपस्थिति रही। कार्यक्रम में कवि व पत्रकार देवमणि पांडेय, अभिनेत्री लिली पटेल, अभिनेता लिनेश फणसे, कवि गीतकार रासबिहारी पांडेय, फिल्म समीक्षक अजय ब्रह्मात्मज, पत्रकार आलोक गुप्ता, आरजे कीर्ति प्रकाश, निर्देशक संजय सिंह नेगी, पत्रकार व कवि पूनम विश्वकर्मा एवं फिल्म प्रोड्यूसर व फायनेंसर सामी सिद्दीकी विशेष रूप से उपस्थित रहे। पुस्तक के बारे में बता दें कि डॉ. राजेन्द्र संजय लिखित पुस्तक 'भोजपुरी फिल्मों का इतिहास' बहुत ही आकर्षक है। भोजपुरी प्रांतीय बोली होकर भी अन्तर्राष्ट्रीय मंच को छूती है क्योंकि विश्व के अधिकतर देशों में इसके बोलने वाले मौजूद हैं। हालाँकि पहली भोजपुरी फिल्म 'गंगा मइया तोहे पियरी चढ़ाइबो' सन 1962 में बनी थी। लेकिन भोजपुरी बोली ने पहली भारतीय बोलती फिल्म 'आलम आरा' में ही अपना चकमक प्रभाव दिखा दिया था जो सन 1931 में बनी थी, जिसमें भोजपुरी गीत 'दरस बिन मोरे हैं तरसे नैन, प्यारे मुखड़ा दिखा जा मोहे' ने दर्शकों का मन मोह लिया था। इस फिल्म 'आलम आरा' में गवई पात्रों के मुख से वार्तालाप घरेलू रूप में भोजपुरी बोली में ही प्रतिबिम्बित हुआ जो एक अन्यतम उपलब्धि थी। भोजपुरिया लोगों ने हिंदी फ़िल्मों के लिए इतने हिट गाने भोजपुरी में लिखे जिनके कारण ये हिंदी फिल्में सुपर हिट होने लगीं। सन 1982 में बनी हिंदी फिल्म 'नदिया के पार' के कुल आठ गीतों में सात गीत भोजपुरी में थे और सबके सब हिट। दरअसल हिंदी फिल्म में भोजपुरी गीत रखना उन दिनों एक फार्मूला बन गया था। सन 1931 से लेकर सन 1962 तक के तीस सालों में मराठी, गुजराती, असमिया, कन्नड़, पंजाबी, उड़िया, मलयालम में फिल्में बनी लेकिन भोजपुरी फ़िल्म का कहीं नामो-निशान नहीं था। इस बात का अफसोस भारत के प्रथम राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद को भी था। उनके सुझाव पर बिहार के अभरक खदान के मालिक विश्वनाथ प्रसाद शाहाबादी ने भोजपुरी में फिल्म बनाने की प्रेरणा ली। उन्होंने हिंदी फिल्मों के अभिनेता नज़ीर हुसैन की मदद से भोजपुरी फिल्म 'गंगा मइया तोहे पियरी चढ़ाइबो' बना डाली। इस पहली ही फिल्म ने कई नए कीर्तिमान क़ायम कर दिए। डॉ. राजेंद्र संजय ने पाठकों को कई नए विषयों की जानकारी दी है। जैसे विश्व में फिल्मों का जन्म कब, कहाँ, और कैसे हुआ? उस समय फिल्मों का रूप क्या था? वे कैसे बनाई जाती थी? कैमरे का इज़ाद कहाँ, कैसे हुआ? फिल्मों से उसका नाता कैसे जुड़ा? स्थिर फिल्मों के स्थान पर चलती फिरती फिल्मों की शुरुआत कैसे हुई? सिनेमा का जन्म वास्तव में एक चमत्कार से कम नहीं था। इस पुस्तक में सन 1931 से 1961 तक बनी कुल 173 हिंदी फिल्मों में भोजपुरी फिल्मी गीतों की सूची भी दी गयी है। यादगार फिल्मों सहित भोजपुरी के शेक्सपियर भिखारी ठाकुर की जीवनी भी संक्षेप में फोटो के साथ पुस्तक में वर्णित है। यह भी वर्णन किया है कि कैसे तीन चार फिल्मों के सफल निर्माण के बाद ही दुर्भाग्य ने भोजपुरी फिल्मों के दरवाजे पर दस्तक देना शुरू कर दिया और फिल्में फ्लॉप होने लगी। फिल्म उद्योग में अधकचरे लोगों का प्रवेश होने लगा। अनुभवहीन निर्माता, अधकचरे निर्देशक, तकनीशियन तथा लेखकों ने भोजपुरी फिल्मों का बंटाधार करना शुरू कर दिया, पैसे की खातिर। भोजपुरी फिल्मों का दूसरा दौर सन 1977 में रंगीन भोजपुरी फ़िल्म 'दंगल' से शुरू हुआ और सन 1989 तक रहा जिसमें कई हिट फिल्में बनी।
जबकि तीसरे दौर (2000-2008) में कुछेक नई उपलब्धियां देखने को मिली। अमिताभ बच्चन, मिथुन चक्रवर्ती, शत्रुघ्न सिन्हा भोजपुरी फिल्मों में अभिनय किये फिर रवि किशन, गायक मनोज तिवारी सुपरस्टार बन गए अब तो हर साल भोजपुरी फिल्म्स अवार्ड की भी शुरुआत हो गई है।

रायपुर (शोर संदेश)। बॉलीवुड के मशहूर एक्टर आशीष विद्यार्थी रायपुर पहुंचे है। यहां बॉलीवुड एक्टर एनएच गोयल वर्ल्ड स्कूल में बच्चों को मोटिवेशनल लेक्चर देंगे। आशीष विद्यार्थी एक्टर होने के साथ साथ मोटिवेशनल स्पीकर भी है। उन्होंने बड़े बड़े नेशनल और इंटरनेशनल मंचो में मोटिवेशनल लेक्चर दिए है, जो आए दिन सोशल मीडिया में वायरल होते रहते है। आशीष विद्यार्थी साउथ और हिंदी फिल्मों के जबरदस्त विलेन है। उन्होंने अपने करियर में 100 से ज्यादा फिल्मों में खलनायकी की है। आशीष विद्यार्थी ने बिच्छू, जिद्दी, अर्जुन पंडित, एक और एक ग्यारह, जानवर और वास्तव जैसी फिल्मों में विलेन की यादगार भूमिका निभाई है।

सतीश कौशिक का निधन 9 मार्च, 2023 को दिल्ली में दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया था। इस खबर ने सभी को हिलाकर रख दिया था। एक्टर के फैंस इस बात पर यकीन नहीं कर पा रहे थे। सतीश के निधन के बाद पूरी इंडस्ट्री सदमे में है। एक्टर के निधन ने उनके सबसे करीब दोस्त अनुपम खेर को बुरी तरह से तोड़कर रख दिया है। सतीश कौशिक अगर हमारे बीच होते तो आज यानी 13 अप्रैल को वह अपना 67वां जन्मदिन मना रहे होते। ऐसे में अब उनके जन्मदिन पर उनके दोस्त अनुपम खेर एक बार फिर उन्हें याद किया है। इंस्टाग्राम पर एक्टर ने अपनी पुरानी यादों को साझा करते हुए एक दिल को छू लेने वाला वीडियो शेयर किया है। वीडियो शेयर कर अनुपम ने कैप्शन में लिखा, 'मेरे प्यारे दोस्त सतीश कौशिक। आपको जन्मदिन की बहुत-बहुत शुभकामनाएं। आज बैसाखी के दिन आप 67 साल के हो गए होंगे, लेकिन आपके जीवन के 48 साल तक मुझे आपका जन्मदिन मनाने का सौभाग्य मिला। इसलिए मैंने फैसला किया है कि आज शाम को हम आपके जन्मदिन को शानदार तरीके से मनाने की कोशिश करेंगे। शशि और वंशिका के साथ सीट खाली होगी। मेरे दोस्त आओ और हमें जश्न मनाते देखो।' उनके इस पोस्ट किए गए वीडियो में अलग-अलग मौकों की उनकी तस्वीरें हैं। इसमें अनिल कपूर की तस्वीरें भी हैं। इस वीडियो में सतीश के साथ अनुपम खेर, उनका पूरा परिवार, गुलशन कुमार, अनिल कपूर और विवेक अग्निहोत्री नजर आ रहे हैं। ये वीडियो कई सारी तस्वीरों और शॉर्ट वीडियो को मिलाकर बनाया गया है। वीडियो को देख लोग भावुक हो गए हैं और तरह तरह के कमेंट कर रहे हैं।

अंबिकापुर (शोर संदेश)।शुक्रवार शाम लगभग 7 बजे के करीब आकाश में उदय हुए चांद को देखकर लोग तरह-तरह की चर्चा करते रहे। दरअसल चांद की आकृति के नीचे में एक बिंदु की आकृति दिखाई दे रही थी जिसे लोग समझ नहीं पा रहे थे और इसे असामान्य घटना मान लोग चांद को देख रहे थे। जैसा कि आज सुबह के समय भूकंप का झटका सरगुजा में लगा था जिससे लोग सहमे हुए थे। फिर शाम को चांद की आकृति असामान्य लग रही थी, जिसे देखकर लोगों जिज्ञासा बनी रही कि आखिर चांद आज ऐसा क्यों दिखाई दे रहा है। किसी ने कहा कि कोई संकेत है और किसी ने कहा कि यह सामान्य घटना है।

बलौदाबाजार (शोर संदेश)। कलेक्टर बंसल की अध्यक्षता में आज जिला पंचायत के सभागार में गिरौदपुरी में संत शिरोमणि गुरू घासीदास जन्म स्थली निर्माण कार्य व गुरू घासीदास बाबा जी के जीवन संबंध में फिल्म निर्माण संबंधी सामाजिक परिचर्चा के लिए सामाजिक जनप्रतिनिधियों की बैठक हुई। बैठक में बंसल ने गिरौदपुरी में संत गुरु घासीदास जी की जन्म स्थली निर्माण सर्वोच्च प्राथमिकता है बहुत जल्द ही निर्माण कार्य पूर्ण करनें व राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार विजेता, भूलन द मेज के डायरेक्टर मनोज वर्मा के निर्देशन में संत शिरोमणि गुरुबाबा घासीदास के जीवनी पर फिल्म बनाने का निर्णय लिया गया है। इसके साथ ही सतनामी समाज से जुड़े कलाकार, कथाकार की पहचान कर प्रोत्साहित करनें की योजना बनाई जा रही है। गौरतलब है कि वर्तमान में गिरौदपुरी में बाबा गुरू घासीदास के जन्म स्थली निर्माण प्रक्रियाधीन है। जिसकी गति बेहद धीमी है।
भूलन द मेज नेशनल फिल्म अवार्ड विजेता मनोज वर्मा करेंगे गुरु घासीदास जी की जीवनी पर फिल्म निर्माण :
बाबा गुरू घासीदास की जन्म स्थली गिरौदपुरी की पहचान पूरे विश्व में है और यह स्थान आस्था का प्रतीक भी है। वर्तमान में गिरौदपुरी धाम पर्यटन स्थल के रूप में उभर रहा है। कलेक्टर बसंल ने गिरौदपुरी धाम को प्रमुखता से रखते हुए बड़े स्तर पर गुरु घासीदास जी की जीवन चरितार्थ पर फिल्म निर्माण कराने की बात कही। इसके लिए छत्तीसगढ़ राज्य के आदिवासी समुदाय (भुजिया समुदाय) के जीवन पर केंद्रित छत्तीसगढ़ की बहुचर्चित फिल्म भूलन द मेज बनी फिल्म की राष्ट्रीय फि़ल्म पुरस्कार विजेता स्वपनिल फिल्म प्रोड्यूसर का चयन किया गया है, इसके प्रोड्यूसर छत्तीसगढ़ के जाने माने फिल्मकार मनोज वर्मा है। कलेक्टर बसंल की ओर से गिरौदपुरी धाम का अवलोकन कर बारिकता से पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने व विकास निर्माण की प्रकिया कि इस सराहनीय प्रयास के लिए सतनामी समाज के जन प्रतिनिधियों ने आभार जताया। उक्त बैठक में संयुक्त कलेक्टर मिथलेश डोंडे,फि़ल्म निर्देशक मनोज वर्मा, प्रगतिशील सतनामी सतनामी समाज के प्रदेश अध्यक्ष मोहन बंजारे,एसटी एससी संघर्ष समिति प्रदेश अध्यक्ष मोहन राय,सरजू प्रसाद घृतलाहरे,दुर्गा महेश्वर सहित बड़ी संख्या में सामाजिक प्रतिनिधि गण उपस्थित रहे।

नवयुवकों की बेहतरीन कोशिश वाली छत्तीसगढी फिल्म ले चलहुं अपन दुवारी 13 जनवरी को होगी रिलीज
भिलाई (शोर संदेश)। पॉपकार्न फिल्म्स प्रोडक्शन के बैनर तले एवं मृत्युंजय सिंह के निर्देशन में बनी तथा देवनारायण साहू और उत्तरा कुमार साहू द्वारा निर्मित छत्तीसगढ़ी फिल्म ले चलहुं अपन दुवारी आगामी 13 जनवरी से रायपुर सहित पूरे छत्तीसगढ के सिनेमा घरों में रिलीज होने जा रही है। इस फिल्म की खासियत है कि पहली बार किसी महिला ने डीओपी का कार्य करते हुए इस फिल्म के सभी दृश्यों को अपने कैमरे में कैद करने का काम आरूषि बागेश्वर ने किया है। वहीं इस फिल्म की नायिका एलबम सॉन्ग मोहिनी से करोड़ों लोंगों के दिलों में अपनी जगह बनाने वाली पूजा शर्मा है। इसके अलावा इस फिल्म में जहां मुंबई के कलाकारों के साथ स्थानीय कलाकारों ने भी अपने अभिनय का जलवा दिखाया है।
फिल्म के निर्माताओं ने हमारे संवाददाता को बताया कि फिल्म की सूटिंग छत्तीसगढ़ के विभिन्न रोमांटिक एवं दर्शनीय स्थानों पर की गई है! यह फिल्म जहां छत्तीसगढ़ की ग्रामीण पृष्ठभूमि पर केंद्रित है वहीं इस इसमें देशप्रेम, इमोशन के साथ कॉमेडी का भी तड़का है, जिसके कारण यह फिल्म दर्शकों को बहुत पसंद आयेगी। इसके अलावा एक बेहतरीन फिल्म के लिए जो जो आवश्यक है, वही सभी चीजें इस फिल्म में दर्शकों को देखने को मिलेगी। फिल्म निर्माण में कहीं से कोई कमी न रह जाय इसके लिए सभी आधुनिक तकनीक का प्रयोग किया गया है।इसके लिए पूरी टेक्निकल टीम मुम्बई से छत्तीसगढ़ आयी थी। फिल्म मेकिंग की पूरी टीम नव युवाओं से प्रेरित है और इन लोगों ने भरपूर जज्बे ,उमंग ,उत्साह के साथ अपने काम को बखूबी अंजाम दिया है! फिल्म के लेखक, डायरेक्टर एवं डीओपी सभी पच्चीस से तीस साल के बीच के युवा हैं! सभी युवा टीम का इरादा दर्शकों के बीच ऐसी फिल्म परोसने का है जिसे देखकर दर्शक बार- बार फिल्म को आतुर रहे और यह फिल्म छालीवुड फिल्म इंडस्ट्री में अपना अलग मुकाम बना सके।
फिल्म के डायरेक्टर मृत्युंजय सिंह ने बताया कि इस फिल्म के प्रमुख कलाकार हिरो शील वर्मा एवं हिराईन पूजा शर्मा ( मोहनी एल्बम फेम) हैं इसके साथ साहेबदास मानिकपुरी, अक्षय वर्मा, विजय मिश्र, नरेंद्र दावड़ा, सुमित्रा साहू,मनीषा खोब्रागडे है। संगीत मोनिका वर्मा,तुषान्त कुमार एवं तुषान्त सोलंकी व सिद्धान्त निराला ने गानों को कर्णप्रिय बनाया है। फि़ल्म को एडिट किया है संतु ने तो एक्सिक्यूटिव प्रोडक्शन की जिम्मेदारी संभाला है अब्दुल वाहिद ने फिल्म की पूरी टीम को आशा है कि ले चलहुं अपन दुवारी फिल्म दर्शकों के बीच अपनी अलग पहचान बनाने में जरूर सफल होगी।

रायपुर (शोर संदेश) हिंदू धर्म के अनुसार कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी को भगवान विष्णु चार महीने बाद कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को देवउठनी एकादशी पड़ती है। जिसके बाद द्वादाशी तिथि को भगवान विष्णु के शालीग्राम रूप के साथ माता तुलसी का विवाह भी किया जाता है। जिसे तुलसी विवाह भी कहा जाता है। इस साल एकादशी तिथि दो दिन पहुंचने के कारण देवउठनी एकादशी और तुलसी विवाह की तारीख को लेकर लोग असमंजस में हैं।
देवउठनी एकादशी इस साल 4 नवंबर 2022 को है।
देवउठनी एकादशी शुभ मुहूर्त-
एकादशी तिथि 03 नवंबर को शाम 07 बजकर 30 मिनट से शुरू होगी, जो कि 04 नवंबर को शाम 06 बजकर 08 मिनट पर समाप्त होगी।
देवउठनी एकादशी व्रत तोड़ने का समय-
देवउठनी एकादशी व्रत तोड़ने का शुभ समय 05 नवंबर को सुबह 06 बजकर 36 मिनट से सुबह 08 बजकर 47 मिनट तक है। पारण तिथि के दिन द्वादशी समाप्त होने का समय - 05:06 पी एम तक है।
तुलसी विवाह कब है?
इस साल तुलसी विवाह 05 नवंबर 2022 है।
लसी विवाह शुभ मुहूर्त 2022-
कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की द्वादशी तिथि 05 नवंबर को शाम 06 बजकर 08 मिनट से आरंभ होगी जो कि 06 नवंबर को शाम 05 बजकर 06 मिनट पर समाप्त हो जाएगी।