
मेष : आर्थिक तनाव रहेगा। शाही खर्च से बचना होगा। दूसरे से सहयोग लेने में सफलता मिलेगी। रिश्तों में मधुरता आएगी। रचनात्मक प्रयासों में आशातीत सफलता मिलेगी।
वृषभ : पारिवारिक जीवन सुखमय होगा। उपहार या सम्मान में वृद्धि होगी। रचनात्मक प्रयास फलीभूत होंगे। मौसम के रोग के प्रति सचेत रहें। आर्थिक पक्ष मजबूत होगा।
मिथुन : व्यावसायिक योजना फलीभूत होगी। धन, सम्मान,यश, कीर्ति में वृद्धि होगी। बुद्धि कौशल से किया गया कार्य संपन्न होगा। जीवनसाथी का सहयोग मिलेगा।
कर्क : पारिवारिक प्रतिष्ठा बढ़ेगी। आर्थिक पक्ष मजबूत होगा। शासन सत्ता से सहयोग मिलेगा। मांगलिक या सांस्कृतिक उत्सव में हिस्सेदारी रहेगी, लेकिन सतर्कता बरतना जरूरी है।
सिंह : चल या अचल संपत्ति के मामले में सफलता मिलेगी। राजनैतिक महत्वाकांक्षा की पूर्ति होगी। किसी कार्य के संपन्न होने से आपके प्रभाव तथा वर्चस्व में वृद्धि होगी।
कन्या : रचनात्मक प्रयास फलीभूत होंगे, लेकिन स्वास्थ्य के प्रति सचेत रहने की आवश्यकता है। आर्थिक मामलों में जोखिम न उठाएं। जीवनसाथी का सहयोग रहेगा।
तुला : वाणी पर संयम रखें। किसी रिश्तेदार के कारण तनाव मिल सकता है, जबकि जीवनसाथी का सहयोग मिलेगा। व्यावसायिक योजना फलीभूत होगी। नए संबंध बनेंगे।
वृश्चिक : रचनात्मक प्रयास फलीभूत होंगे। उपहार या सम्मान में वृद्धि होगी। रोग या शत्रु के कारण तनाव मिल सकता है। किसी कार्य के संपन्न होने से आत्मविश्वास बढ़ेगा।
धनु : उपहार या सम्मान में वृद्धि होगी। सामाजिक कार्यों में रुचि लेंगे, लेकिन व्यर्थ की उलझनें भी रहेंगी।रचनात्मक प्रयास फलीभूत होंगे। संयम बरतना जरूरी है।
मकर : व्यावसायिक योजना सफल होगी। कर्मक्षेत्र में बाधा प्रगति में व्यवधान डालेगी। मातृ पक्ष का सहयोग मिलेगा। किसी कार्य के संपन्न होने से आत्मविश्वास बढ़ेगा।
कुंभ : आर्थिक पक्ष मजबूत होगा। उपहार या सम्मान में वृद्धि होगी। किया गया पुरुषार्थ सार्थक होगा। दूसरे से सहयोग लेने में सफलता मिलेगी। नए संबंध बनेंगे।
मीन : रिश्तों में मजबूती आएगी। पारिवारिक दायित्व की पूर्ति होगी। आर्थिक पक्ष मजबूत होगा। गृह उपयोगी वस्तुओं में वृद्धि होगी। रचनात्मक कार्यों में सफलता मिलेगी।

रिषीका सेन (शोर सन्देश)। इस वायरस से संक्रमण का खतरा कमजोर इम्यूनिटी वालों को सबसे ज्यादा है. ऐसे में इम्यूनिटी मजबूत करने के लिए हेल्दी फूड्स और ड्रिंक्स को डाइट में जरूर शामिल करें. आयुर्वेद की मदद से आप इम्यूनिटी को मजबूत बना सकते हैं. ऐसे में हल्दी और तुलसी का काढ़ा न सिर्फ इम्यूनिटी को मजबूत करता है बल्कि सर्दी-जुकाम और गले में खराश की समस्या को भी दूर करने में मदद करता है. आपको बता दें कि तुलसी एक औषधीय पौधा है जिसके गुण कई बड़ी बीमारियों से आपको छुटकारा दिला सकते हैं. ऐसे में आइए जानते हैं तुलसी और हल्दी को एकसाथ मिलकार कैसे इसका काढ़ा बना
8 से 10 तुलसी पत्ता आधा चम्मच हल्दी पाउडर 3 से 4 लौंग 2 से 3 चम्मच शहद1 से 2 दालचीनी स्टीकएं और किस तरह इसे पिएं. पहले एक पैन में पानी लें और उसमें तुलसी पत्ता, हल्दी पाउडर, लौंग और दालचीनी डालें. इसके बाद इसे कम से कम 30 मिनट तक उबलने के लिए छोड़ दें. फिर इस पानी को छान लें और हल्का ठंडा होने पर पिएं. स्वाद के लिए आप इसमें शहद मिला सकते हैं. इम्यूनिटी को मजबूत करने के लिए और सर्दी-जुकाम को ठीक करने के लिए आप इस काढ़ा को रोजाना 2 से 3 बार पिएं.साथ ही साथ मास्क जरूर पहने , दो गज की दुरी रखे और हाथ बार बार धोये

मुंबई (शोर सन्देश)। कोरोना काल में जरूरतमंदों की मदद के लिए लोग आगे आ रहे है। कोई खाना बांट रहा है, तो कोई किसी अन्य तरीके से अपनी मदद दे रहा है। इसी कड़ी में बॉलीवुड एक्टर सलमान खान ने एक बार फिर मदद का हाथ आगे बढ़ाया है। सलमान खान ने रविवार को 5 हजार लोगों के बीच खाना बांटा है। सेलिब्रिटी फोटोग्राफर मानव मंगलानी ने सलमान का एक वीडियो अपने ऑफिशियल इंस्टाग्राम अकाउंट पर पोस्ट किया है। जिसमें खाने के पैकेट्स और पानी की बोतल लाइन से रखे नजर आ रहे हैं। वहीं, सलमान खान मौके पर वहां पहुंचते हैं और खुद खाना चखकर उसकी क्वालिटी का परिक्षण करते नजर आते हैं। एक्टर का ये वीडियो देखते ही देखते सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है और फैंस इसपर दिल खोलकर प्यार लुटाते देखे जा रहे हैं। ज्ञातव्य है कि पिछले लॉकडाउन में सलमान खान की फूड वैन्स ने फ्रंटलाइन वर्कर्स को खाने के पैकेट बांटे थे। इस बार सलमान खान के बींग हैंग्री नाम के फूड ट्रक्स जुहू और वर्ली के आसपास के लोगों तक खाना पहुंचाने का काम कर रहे हैं। एक्टर के इस वीडियो को 33 हजार से ज्यादा व्यूज मिल चुके हैं। साथ ही फैंस कमेंट कर उनका शुक्रियाअदा करते देखे गए हैं। बता दें कि, सलमान खान इस साल की ईद पर अपनी मोस्ट अवेटेड फिल्म `राधे` को रिलीज कर रहे हैं। जिसे देखने के लिए उनके फैंस काफी ज्यादा एक्साइटेड हैं। हाल ही में फिल्म का ट्रेलर आउट हुआ है। जिसे यूट्यूब पर काफी पसंद किया जा रहा है। इस फिल्म में एक्टर के अपोजिट दिशा पटानी नजर आने वाली हैं। फिल्म 13 मई को रिलीज होगी। वहीं, इस फिल्म का पहला गाना `सीटी मार` आज यानी 26 अप्रैल को रिलीज होने जा रहा है।

नई दिल्ली (शोर सन्देश)। आज संकटमोचन बजरंगबली की जयंती है। इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों को बधाई व सुभकामनाएं प्रेषित की है। अपने ट्विटर हैंडल पर पोस्ट करते हुए उन्होंने लिखा -हनुमान जयंती का पावन अवसर भगवान हनुमान की करुणा और समर्पण भाव को याद करने का दिन है। मेरी कामना है कि कोरोना महामारी के खिलाफ जारी लड़ाई में निरंतर उनका आशीर्वाद प्राप्त होता रहे। साथ ही उनके जीवन और आदर्शों से हमेशा प्रेरणा मिलती रहे।

मुंबई (शोर सन्देश)। कोरोना काल में सभी पर मुसीबतों का पहाड़ टूट पड़ा है। इसी दौरान मशहूर स्टैंडप कोमेडियन सुनील पाल भी मुसीबतों में घिर गए है। कोरोना संक्रमण से तो नहीं, पर इस कोरोना काल में डॉक्टरों पर की गई टिप्पणी के चलते वे मुसीबतों में घिरते नजर आ रहे हैं। पहले तो उनके वीडियो की जमकर आलोचना हुई। इसके बाद उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग होने लगी। और अब एक्टर के खिलाफ कार्रवाई के लिए केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह को पत्र भी लिखा गया है। कॉमेडियन सुनील पाल की डॉक्टरों के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी के बाद दिल्ली स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान के रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन यानी आरडीए ने बेहद नाराजगी जताई है। इसके साथ ही उन्होंने कॉमेडियन के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। इसके लिए गृहमंत्री अमित शाह को जानकारी देते हुए एक पत्र लिखा है। बता दें कि लोकप्रिय स्टैंडअप कॉमेडियन सुनील पाल ने कोरोना के दौर में मरीजों का इलाज कर रहे डॉक्टरों पर एक सार्वजनिक टिप्पणी कर दी थी, जिसपर बवाल मच गया। उनका एक वीडियो सामने आया था, जिसमें वो कोरोना मरीजों का इलाज करनेवाले तमाम डॉक्टरों पर फर्जीवाड़ा का आरोप लगा रहे थे। हालांकि, बाद में उन्होंने इसपर सफाई दे दी। और कहा कि हमें सवाल पूछने का हक है।
सुनील पाल ने तंजिया हंसी में कहा था कि डॉक्टर भगवान का रूप होते हैं। लेकिन कोरोना काल में हम देख रहे हैं कि 90 प्रतिशत डॉक्टर शैतान का रूप धारण कर चुके हैं। उन्होंने कह दिया था कि अधिकांश डॉक्टर चोर हैं। कोरोना के इलाज में बड़े पैमाने पर धांधली हो रही है और इलाज के बहाने बेईमान किस्म के डॉक्टर गरीब कोरोना मरीजों को लूट रहे हैं। ये वीडियो सामने आते ही वायरल हो गया था, जिसपर एम्स के रेजिडेंट डॉक्टरों के एसोसिएशन ने कड़ी आपत्ति जताई थी। साथ ही उन्होंने सुनील पाल की गिरफ्तारी की मांग कर डाली है। डॉक्टरों के संगठन रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन ने सुनील पाल की टिप्पणियों को खुला झूठ करार दिया है। साथ ही कहा है कि यह डॉक्टरों के प्रति मरीजों के विश्वास को तोड़ेगा, जो बेहद खतरनाक साबित होगा। आरडीए ने पत्र में लिखा कि अग्रिम मोर्चे के स्वास्थ्य कर्मी और अन्य देशवासी कोरोना के प्रकोप का सामना कर रहे हैं। सभी डॉक्टर जी जान लगाकर मरीजों का दिन रात इलाज कर रहे हैं।

संजीव सेन (शोर सन्देश) शहनाज़ हुसैन लेखिका अन्र्तराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त सौन्दर्य विशेषज्ञ हैं और हर्बल क्वीन के रूप में लोकप्रिय हैं।
रसोई घर में सदियों से व्यंजन बनाने में प्रयोग किए जाने वाला बेसन सौंदर्य प्रसाधनों में परंपरागत रूप में प्रयोग किया जाता है बेसन को बालों तथा त्वचा के सौंदर्य से जुडी अनेक समस्याओं के लिए धड़ल्ले से प्रयोग किया जाता है। बेसन के उबटन को विवाह समारोह सहित अन्य अवसरों पर त्वचा के निखार के लिए सदियों से प्रयोग किया जाता रहा है! एक किंदवंति के अनुसार वर तथा वधू की उबटन से निर्जिव कोशिकाएं हट जाती हैं तथा वह नई जिन्दगी के लिए तैयार हो जाते हैं उबटन को मुख्यतः जई के आटे, काबुली चने के आटे, बादाम, हल्दी, मसूर दाल, नीम पाउडर, सौंफ केसर तथा चंदन पाउडर के मिश्रण से बनाया जाता है। उबटन बनाने के लिए आठ बादाम को रात को भिगोकर पीसकर बादाम का पेस्ट बना लें। अब बादाम पेस्ट को एक कप बेसन, आधा कप जई का आटा, एक चम्मच नीम पाउडर थोड़ी सी हल्दी, आधा चम्मच सौंफ पाउडर तथा गुलाब जल मिलाकर पेस्ट बना लें। इस पेस्ट को शरीर पर लगाकर प्रकृतिक वातावरण में सूखने दें तथा सूखने के बाद इसे हटाकर सामान्य ताजे पानी से धो डालिए। आप बेसन का घरेलू स्क्रब भी तैयार कर सकती हैं। इसके लिए तीन चम्मच बेसन, एक चम्मच पीसी जई, दो चम्मच मक्की का आटा, तथा दूध का मिश्रण बनाकर इसे चेहरे की त्वचा पर लगाकर आधे घण्टे बाद ताजे सामान्य पानी से धो डालिए। आप जई के आटे की जगह चावल पाउडर या बादाम पाउडर का भी उपयोग कर सकती हैं। अगर आपके सिर में रूसी की समस्या से जूझ रही हैं तो बेसन मददगार साबित हो सकता है। 6 चम्मच बेसन तथा उचित मात्रा में पानी मिलाकर इसे बालों पर मालिश करके 20 मिनट बाद ताजे पानी से धो डालिए। अगर आप शुष्क बालों की समस्या से जूझ रही हैं तो दो चम्मच बेसन को पानी में मिलाईए। अब इसमें दो चम्मच शहद तथा एक चम्मच नारियल तेल मिलाकर मिश्रण तैयार कर लीजिए। इस मिश्रण को बालों पर लगाकर कुछ देर बाद नही लीजिए तथा आपको बालों में खुशकी की समस्या से निजात मिल जाएगी। अगर आप तैलीय त्वचा की समस्या से जूझ रही हैं तो बेसन मददगार साबित हो सकता है। बेसन को दही या कच्चे दूध में मिलाकर बने मिश्रण को चेहरे पर लगाने के बाद ताजे पानी से धो डालिए। इससे तैलीय त्वचा की समस्या से मुक्ति मिलेगी। अगर आपकी त्वचा शुष्क हैं तो बेसन में चुटकी भर हल्दी मिलाकर इसमें मिल्क क्रीम मिला लीजिए जिससे पेस्ट बन जाएगा। इस पेस्ट को चेहरे, बाजू तथा खुले अंगों पर लगाने के बाद पानी से धो डालिए। इससे आपको शुष्क त्वचा की समस्या से निजात मिलेगी। कील मुहांसो से छुटकारा पाने के लिए बेसन में थोड़ा सा शहद मिलाकर बने पेस्ट को चेहरे पर लगाकर पानी से धो डालिए। 2 चम्मच बेसन, 2 चम्मच चन्दन पाउडर, एक चम्मच दूध तथा थोड़ी सी हल्दी को मिलाकर पेस्ट बना लीजिए। इस पेस्ट को चेहरे पर लगाने के कुछ मिनटों के बाद गुनगुने पानी से धो डालिए इस प्रक्रिया से कील मुहांसों से मुक्ति मिलेगी।

मेष : धार्मिक प्रवृत्ति में वृद्धि होगी। बहुप्रतिक्षित कार्य के पूर्ण होने से आत्मविश्र्वास में वृद्धि होगी। शासन सत्ता से सहयोग मिल सकता है। आर्थिक मामलों में प्रगति होगी।
वृषभ : पारिवारिक जीवन सुखमय होगा। आर्थिक पक्ष मजबूत होगा। दूसरे से सहयोग लेने में सफलता मिलेगी। रचनात्मक प्रयास फलीभूत होगा। कुछ नए संबंध बनेंगे।
मिथुन : क्रोध पर नियंत्रण रखें। जीवनसाथीपर सहयोग मिलेगा। पारिवारिक प्रतिष्ठा बढ़ेगी। आर्थिक पक्ष मजबूत होगा। भागदौड़ रहेगी। उपहार या सम्मान में वृद्धि होगी।
कर्क : उच्च अधिकारी, घर के मुखिया का सहयोग मिलेगा, लेकिन स्वास्थ्य के प्रति सचेत रहने की आवश्यकता है। व्यावसायिक प्रयास फलीभूत होंगे। मधुर संबंध बनेंगे।
सिंह : राजनैतिक महत्वाकांक्षा की पूर्ति होगी। उपहार या सम्मान में वृद्धि होगी। सामाजिक प्रतिष्ठा बढ़ेगी। धन, यश, कीर्ति में वृद्धि होगी। रचनात्मक प्रयास फलीभूत होंगे।
कन्या : शासन सत्ता का सहयोग रहेगा। व्यावसायिक योजना फलीभूत होगी। पारिवारिक दायित्व की पूर्ति होगी। व्यक्ति विशेष के कारण तनाव मिलेगा। संयम रखें।
तुला : व्यावसायिक योजना फलीभूत होगी। शासन सत्ता का सहयोग रहेगा। जीवनसाथी का सहयोग एवं सानिध्य मिलेगा। शिक्षा प्रतियोगिता के क्षेत्र में आशातीत प्रगति होगी।
वृश्चिक : निजी संबंध प्रगाढ़ होंगे। वाहन चलाते समय सावधानी रखें। व्यक्ति विशेष के कारण तनाव मिल सकता है। आर्थिक मामलों में किसी तरह का जोखिम न उठाए।
धनु : उपहार या सम्मान में वृद्धि होगी। पारिवारिक प्रतिष्ठा बढ़ेगी। शिक्षा प्रतियोगिता के क्षेत्रमें प्रगति होगी, लेकिन दांपत्य जीवन में तनाव आ सकता है। संयम बरतें।
मकर : स्वास्थ्य के प्रति सचेत रहें। दांपत्य जीवन में भी तनाव की स्थिति आ सकती है। आर्थिक मामलों में जोखिम न उठाएं। धैर्य से काम लें। ईश्वर की आराधना में मन लगाएं।
कुंभ : जीविका के क्षेत्र में प्रगति होगी। शासन सत्ता का सहयोग रहेगा। व्यावसायिक प्रतिष्ठा बढ़ेगी। धन, यश, कीर्ति में वृद्धि होगी। रचनात्मक कार्यों में आशातीत सफलता मिलेगी।
मीन : उपहार या सम्मान में वृद्धि होगी। किसी कार्य के संपन्न होने से आपके प्रभाव तथा वर्चस्व में वृद्धि होगी। सामाजिक कार्यों में रुचि लेंगे। आपसी संबंध मधुर होंगे।

नई दिल्ली (शोर सन्देश) । प्रसिद्ध तमिल अभिनेता और पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित विवेक का आज सवेरे चेन्नई में निधन हो गया। वे 60 वर्ष के थे। विवेक को कल दिल का दौरा पड़ने के बाद एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। अपनी अद्भूत हास्यकला से विवेक ने लगभग तीन दशक तक तमिलनाडु के लोगों का मनोरंजन किया। उन्होंने लगभग 200 फिल्मों में काम किया। पूर्व राष्ट्रपति अब्दुल कलाम के शिष्य विवेक वनीकरण और सामाजिक कल्याण की अन्य गतिविधियों में शामिल रहे। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने प्रसिद्ध तमिल अभिनेता विवेक के निधन पर शोक व्यक्त किया है। एक ट्वीट में नरेन्द्र मोदी ने कहा कि अभिनेता विवेक ने अपने डॉयलॉग बोलने के अंदाज से दर्शकों को हमेशा अभिभूत किया। प्रधानमंत्री ने कहा कि वे पर्यावरण और समाज के प्रति हमेशा चिंतित रहते थे।

नई दिल्ली (शोर सन्देश)। खगोल वैज्ञानिकों ने एक नई सक्रिय आकाशगंगा का पता लगाया है। इसकी पहचान सुदूर गामा रे उत्सर्जक आकाशगंगा के रूप में की गई है। इस सक्रिय आकाशगंगा को नेरो लाइन सीफर्ट-1 (एनएलएस-1) गैलेक्सी कहा जाता है। यह लगभग 31 बिलियन प्रकाश वर्ग पीछे है। इस खोज से आगे की खोज का मार्ग प्रशस्त होता है। 1929 में एडमिन हब्बल ने खोज की थी कि ब्रह्मांड का विस्तार हो रहा है। तब से यह ज्ञात है कि अधिकतर आकाशगंगा हमसे दूर हो रही हैं। इन आकाशगंगाओं से प्रकाश लम्बे रेडियो तरंग की ओर मुड़ जाते हैं। इसे रेड शिफ्ट कहा जाता है। वैज्ञानिक आकाशगंगाओं के इस मोड़ की खोज कर रहे हैं ताकि ब्रह्मांड को समझा जा सके। विज्ञान और टेक्नोलॉजी विभाग के स्वायत्त संस्थान एआरआईईएस के वैज्ञानिकों ने अन्य संस्थानों के शोधकर्ताओं के सहयोग से लगभग 25,000 चमकीला सक्रिय ग्लैक्टिकन्यूकली (एजीएन) का अध्ययन स्लोन डिजिटल स्काई सर्वे (एसडीएसएस) से किया और पाया कि एक विचित्र पींड ऊंचे रेड शिफ्ट पर (एक से अधिक) उच्च ऊर्जा गामा किरण उत्सर्जन कर रहा है। एसडीएसस एक प्रमुख ऑप्टिकल तथा स्पेक्ट्रोस्कोपिक सर्वे है जिसका इस्तेमाल पिछले 20 वर्षों में खगोलीय पींड को देखने के लिए किया जाता है। वैज्ञानिकों ने इसकी पहचान गामा किरण उत्सर्जक एनएलएस-1 ग्लैक्सी के रूप में की है। यह अंतरिक्ष में दुर्लभ है। ब्रह्मांड में कणों के स्रोत प्रकाश की गति से यात्रा करते हैं। ये स्रोत बड़े ब्लैकहोल की ऊर्जा से प्रेरित एजीएन द्वारा संचालित किए जाते हैं और इसे विशाल अंडाकार आकाशगंगा में होस्ट किया जाता है। लेकिन एनएलएस-1 से गामा किरण का उत्सर्जन इस बात को चुनौती देता है कि कैसे सापेक्षवादी कणों के स्रोत बनते हैं क्योंकि एनएलएस-1 एजीएन का अनूठा वर्ग है जिसे कम द्रव्यमान ब्लैकहोल से ऊर्जा मिलती है और इसे घुमावदार आकाशगंगा में होस्ट किया जाता है। अभी तक गामा किरण उत्सर्जन का पता लगभग एक दर्ज एनएलएस-1 आकाशगंगा में लगा है। ये 4 दशक पहले चिन्हित एजीएन के अलग वर्ग हैं। सभी लम्बे रेडियो तरंगों की ओर मुड़े हैं। सब एक दूसरे से छोटे हैं और अभी तक रेड शिफ्ट पर एक दूसरे से बड़े एनएलएस-1 का पता लगाने का तरीका नहीं निकला है। इस खोज से ब्रह्मांड में गामा रे उत्सर्जक एनएलएस-1 आकाशगंगाओं के पता लगाने का मार्ग प्रशस्त होगा।

(शोर सन्देश)।भारत आज अपने संविधान निर्माता बाबासाहेब बीआर अंबेडकर की जयंती मना रहा है। बाबासाहेब की आज 130वीं जयंती है। डॉ. बीआर अंबेडकर का जन्म आज ही के दिन यानी 14 अप्रैल, 1891 को हुआ था। उन्हें महान विद्वान, समाज सुधारक और दलितों के मसीहा के तौर पर देखा जाता है। बाबासाहेब को 31 मार्च 1990 को मरणोपरांत भारत के सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारत रत्न से सम्मानित किया गया। उन्होंने न केवल भारत की आजादी की लड़ाई में बड़ी भूमिका निभाई बल्कि भारत जैसे विविधता से भरे देश के लिए संविधान निर्माण की जिम्मेदारी उठाई यही नहीं वे भारत में सबसे पिछड़े लोगों के लिए भी मुखर आवाज बने। उन्होंने देश से जाति प्रथा और समाज में कुव्यवस्था को खत्म करने के लिए कई अहम कदम उठाए। आईए उनकी जयंती पर हम आपको उनसे जुड़े कुछ दिलचस्प तथ्य बताते हैं- बाबासाहेब अंबेडकर का जन्म एक बेहद ही गरीब दलित परिवार में हुआ। उन्होंने दलितों के साथ होने वाल भेदभाव को बचपन से देखा और उस कष्ट का अनुभव किया था। स्कूल में भी उन्हें और दूसरे दलित बच्चों को भेदभाव की नजर से देखा जाता था और अलग बैठाया जाता था। साथ ही शिक्षकों की ओर से भी उन पर ध्यान नहीं दिया जाता था। यहां तक कि पानी पीने के लिए भी उन्हें इस बात का इंतजार करना पड़ता था कि कोई ऊंची जाति वाली ऊपर से पानी किसी बर्तन से गिराए और वे उसे अपने हाथ की मदद से पी सकें। अंबेडकर और दूसरे बच्चों को पानी का बर्तन स्कूल में छूने की इजाजत नहीं थी। अक्सर प्यास लगने पर स्कूल के चपरासी उन्हें ऊपर से पानी देते थे। अंबेडकर ने अपनी किताब इसका जिक्र भी किया है- No Peon, No Water. इसके मायने हुए कि अगर चपरासी नहीं तो पानी भी नहीं अंबेडकर और दूसरे दलित बच्चों को तब कक्षाओं में अन्य बच्चों के साथ बैठने की इजाजत नहीं थी। उन्हें अलग बैठना होता था। बीआर अंबेडकर की शादी 15 साल की उम्र में 9 साल की रमाबाई से हो गई थी। अपनी पहली पत्नी के निधन के बाद 1935 में उन्होंने डॉ शारदा कबीर से दूसरी शादी की, जिन्होंने बाद में सविता अंबेडकर के तौर पर अपना नाम बदल लिया। बीआर अंबेडकर ने यूनिवर्सिटी ऑफ मुंबई, कोलंबिया यूनिवर्सिटी और लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स जैसे संस्थानों से अपनी उच्च शिक्षा प्राप्त की थी। वे अर्थशास्त्र में विदेश में पीएचडी हासिल करने वाले पहले भारतीय थे। बाबसाहेब न केवल भारत के संविधान को बनाने में बल्कि रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया की स्थापना में भी अहम भूमिका निभाई। बाबासाहेब को भारत में दलित बौद्ध मूवमेंट शुरू करने का भी श्रेय जाता है। करीब 5 लाख दलित इस आंदोलन में उनके साथ आए और बौद्ध धर्म को अपनाया। बीआर अंबेडकर का निधन 6 दिसंबर 1956 को हो गया। उस समय उनकी उम्र 65 साल थी और वे उस समय डायबिटिज और कुछ अन्य बीमारियों से पीड़ित हो गए थे। बाबासाहेब को मरणोपरांत 31 मार्च 1990 भारत के सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारत रत्न से सम्मानित किया गया। अंबेडकर 9 भाषाओं के जानकार भी थे।