
आज मदर्स डे है, इसकी आपने तमाम कहानियां पढ़ी होंगी। जाना होगा कि इस दिन की शुरुआत कैसे हुई? कैसे यह दिन मांओं को समर्पित किया गया? कैसे इस दिन को उनके त्याग के लिए यादगार बनाया गया? कैसे इस दिन मांओं को सराहा गया और उनके समर्पण को धन्यवाद दिया गया? लेकिन क्या आप जानते हैं कि जिस महिला ने इस दिन की शुरुआत की थी, उसने ही इसे खत्म करने की कोशिश भी की। यकीनन उनकी यह कोशिश सफल नहीं रही, लेकिन उनका परिवार और रिश्तेदार यह दिन नहीं मनाते हैं। क्या थी इसकी वजह? क्यों इस दिन की शुरुआत करने वाली ही इसके विरोध में उतर आई? जानिए सबकुछ यहां...
00 इस वजह से चुना गया मई का दूसरा रविवार
हर कोई जानता है कि हर साल मई महीने के दूसरे रविवार को मदर्स डे यानी मातृ दिवस मनाया जाता है। करीब 110 साल से यह परंपरा चल रही है। इस दिन की शुरुआत एना जार्विस ने की थी। उन्होंने यह दिन अपनी मां को समर्पित किया और इसकी तारीख इस तरह चुनी कि वह उनकी मां की पुण्यतिथि 9 मई के आसपास ही पड़े। गौर करने वाली बात है कि इस बार मदर्स डे 9 मई को ही पड़ रहा है।
00 क्या थी मदर्स डे की असल थीम?
दरअसल, मदर्स डे की शुरुआत एना जार्विस की मां एन रीव्स जार्विस करना चाहती थीं। उनका मकसद मांओं के लिए एक ऐसे दिन की शुरुआत करना था, जिस दिन अतुलनीय सेवा के लिए मांओं को सम्मानित किया जाए। हालांकि, 1905 में एन रीव्स जार्विस की मौत हो गई और उनका सपना पूरा करने की जिम्मेदारी उनकी बेटी एना जार्विस ने उठा ली। हालांकि, एना ने इस दिन की थीम में थोड़ा बदलाव किया। उन्होंने कहा कि इस दिन लोग अपनी मां के त्याग को याद करें और उसकी सराहना करें। लोगों को उनका यह विचार इतना पसंद आया कि इसे हाथोंहाथ ले लिया गया और एन रीव्स के निधन के तीन साल बाद यानी 1908 में पहली बार मदर्स डे मनाया गया।
00 इस वजह से मदर्स डे का विरोध करने लगीं एना
दुनिया में जब पहली बार मदर्स डे मनाया गया तो एना जार्विस एक तरह से इसकी पोस्टर गर्ल थीं। उन्होंने उस दिन अपनी मां के पसंदीदा सफेद कार्नेशन फूल महिलाओं को बांटे, जिन्हें चलन में ही ले लिया गया। इन फूलों का व्यवसायीकरण इस कदर बढ़ा कि आने वाले वर्षों में मदर्स डे पर सफेद कार्नेशन फूलों की एक तरह से कालाबाजारी होने लगी। लोग ऊंचे से ऊंचे दामों पर इन्हें खरीदने की कोशिश करने लगे। यह देखकर एना भड़क गईं और उन्होंने इस दिन को खत्म करने की मुहिम शुरू कर दी।
00 कहां तक पहुंची एना की मुहिम?
मदर्स डे पर सफेद कार्नेशन फूलों की बिक्री के बाद टॉफी, चॉकलेट और तमाम तरह के गिफ्ट भी चलन में आने लगे। ऐसे में एना ने लोगों को फटकारा भी। उन्होंने कहा कि लोगों ने अपने लालच के लिए बाजारीकरण करके इस दिन की अहमियत ही घटा दी। साल 1920 में तो उन्होंने लोगों से फूल न खरीदने की अपील भी की। एना अपने आखिरी वक्त तक इस दिन को खत्म करने की मुहिम में लगी रहीं। उन्होंने इसके लिए हस्ताक्षर अभियान भी चलाया, लेकिन सफलता हाथ नहीं लगी और 1948 के आसपास एना इस दुनिया को अलविदा कह गईं।
00 एना के रिश्तेदार नहीं मनाते यह दिन
मदर्स डे के बाजारीकरण के खिलाफ एना की मुहिम का असर भले ही पूरी दुनिया पर न हुआ हो, लेकिन उनके परिवार के लोग व रिश्तेदार यह दिन नहीं मनाते हैं। दरअसल, कुछ साल पहले मीडिया को दिए एक इंटरव्यू में एना की रिश्तेदार एलिजाबेथ बर ने बताया था कि उनकी आंटियों और पिता ने कभी मदर्स डे नहीं मनाया, क्योंकि वे एना का काफी सम्मान करते थे। वे एना की उस भावना से काफी प्रभावित थे, जिसमें कहा गया था कि बाजारीकरण ने इस बेहद खास दिन के मायने ही बदल दिए।

मेष : भावुकता में नियंत्रण रखें। भागदौड़ रहेगी। स्वास्थ्य एवं प्रतिष्ठा के प्रति सचेत रहें। कोई अप्रिय समाचार मिल सकता है। पिता अथवा धर्मगुरु का सहयोग मिलेगा।
वृषभ : पारिवारिक सदस्य से तनाव मिल सकता है। मातृ पक्ष भी तनाव का कारण बन सकता है, जबकि व्यावसायिक मामलों में चल रही समस्या में सुधार होगा।
मिथुन : जीविका के क्षेत्र में प्रगतिहोगी। शासन सत्ता का सहयोग मिलगा। यद्यपि कर्मक्षेत्र में बाधाएं रहेंगी। मन खिन्न हो सकता है। रचनात्मक प्रयास फलीभूत होंगे।
कर्क : मातृ पक्ष का सहयोग मिलेगा। पारिवारिक प्रतिष्ठा बढ़ेगी। शिक्षा प्रतियोगिता के क्षेत्र में सफलता मिलेगी। आर्थिक स्थिति में सुधार होगा। दांपत्य जीवन सुखमय होगा।
सिंह : शासन सत्ता से सहयोग लेने में सफलता मिलेगी। पिता या संबंधित अधिकारी का प्रोत्साहन मिलेगा। दांपत्य जीवन में तनाव आ सकता है। संयम से काम लेना हितकर है।
कन्या : पारिवारिक दायित्व की पूर्ति होगी। मन पर नियंत्रण रखें। डिप्रेशन की स्थिति आ सकती है। रक्तचाप के रोग से विशेष रूप से सतर्क रहें। भावुकता में नियंत्रण रखें।
तुला : दांपत्य जीवन सुखमय होगा। रिश्तों में सुधार होगा, लेकिन स्वास्थ्य के प्रति लापरवाह न रहें। लालच की स्थिति कष्टदायी हो सकती है। रचनात्मक प्रयास फलीभूत होंगे।
वृश्चिक : ससुराल पक्ष का सहयोग मिलेगा। नेत्र या सर्दी जुकाम कष्टकारी हो सकता है। व्यक्ति विशेष के कारण तनाव की संभावना है। पारिवारिक दायित्व की पूर्ति होगी।
धनु : वाणी पर नियंत्रण न रखने से रिश्तों में तनाव औरटकराव की स्थिति आ सकती है। कोई ऐसा कार्य न करें जो आपके लिए हितकर न हो। संयम बरतना जरूरी है।
मकर : भावुकता में नियंत्रण रखें। पारिवारिक समस्या से ग्रसित हो सकते हैं, जबकि संतान के दायित्व की पूर्ति होगी। किसी कार्य के संपन्न होने से आत्मविश्वास बढ़ेगा।
कुंभ : चल या अचल संपत्ति के मामलों में सफलता मिलेगी। संतान के कारण तनाव मिलेगा। व्यर्थ की भागदौड़ रहेगी। संयम से काम लें। रचनात्मक प्रयास फलीभूत होंगे।
मीन : आर्थिक पक्ष मजबूत होगा। दूसरे से सहयोग लेने में सफलता मिलेगी। जीविका के क्षेत्र में प्रगति होगी। पारिवारिक दायित्व की पूर्ति होगी। आत्मविश्वास में वृद्धि होगी।

नारायण सेन रायपुर (शोर संदेश) भक्त शिरोमणि नाई जाति के मुकुट श्री श्री सेन जी महाराज का जन्म विक्रम संवत 1357 की वैशाख मास की कृष्ण पक्ष की 12वीं तिथि दिन रविवार को ब्रह्म योग, तुला लग्न, पूर्वा,आद्रप्रदा नक्षत्र में बांधवगढ़ में हुआ था | श्री सेन जी महाराज बचपन से ही कुशाग्र बुद्धि के थे, वह सत्संग प्रिय थे एवं साधु महात्माओं की सेवा करना उनका परम धर्म था इनका नाम माता-पिता द्वारा नंदा रखा गया प्यार से लोग इन्हें नंदा महाराज कहने लगे इनके पिता श्री चंद जी नाई थे एवं माताजी का नाम जीवनी थी इनकी पत्नी का नाम गजराबाई थी, इनके पिता श्री चंद आज से 700 वर्ष पहले रीवा रियासत की बुंदेलखंड में महाराज वीर सिंह के राजभवन में होने के कारण बचपन से ही महाराज सेन जी का अपने पिता के साथ राज परिवार के पारिवारिक एवं राजनैतिक व मांगलिक कार्यों से जुड़े रहने का सौभाग्य मिला, इनका जीवन सीधा-साधा व उच्च था, वे प्रतिदिन ब्रह्म मुहूर्त में स्नान ध्यान कर भगवान की पूजा व साधु संतों की सेवा व भजन कीर्तन में लग जाते थे कहा जाता है कि नंदा का मुख्य कार्य महाराज की मालिश करना, बाल एवं दाढ़ी करना था एक दिन जब वे संतों की सेवा एवं भजन मंडली में लीन होकर महाराज के पास जाना भूल गए तो भगवान स्वयं सेन महाराज का रूप लेकर वीरसिंह महाराज के भक्त के रूप में उपस्थित होकर महाराज की इतनी सेवा की, कि महाराज आनंद विभोर हो गए और इधर जब सेन महाराज को होश आया तो वह डरते हुए महाराज के पास उस दिन उपस्थित हुए तो पता चला कि कोई पहले ही महाराज की सेवा कर जा चुका हैं, सेन जी महाराज एवं राजा को बोध हुआ कि भगवान स्वयं आकर उन्हें दर्शन दिए तो महाराज वीर सिंह ने सेन जी महाराज के चरण पकड़ लिए और उनकी भक्ति के लिए राजा अपनी भूल का एहसास कर उनसे क्षमा याचना की एवं उन्होंने सेन जी महाराज को भगवान का सच्चा भक्त कहा| सेन जी महाराज परम विष्णु भक्त थे | महाराज वीर सिंह ने श्री सेन जी को गुरु पद से सम्मानित किया | गृहस्थ एवं सन्यास के समायोजक भक्त शिरोमणि श्री सेन जी का जीवन समाज के लिए प्रेरणा स्रोत बना हुआ है| गृहस्थ में रहकर उन्होंने धर्म, अर्थ, काम, मोक्ष चारों पुरुषार्थों की प्राप्ति का जो अनुपम उदाहरण प्रस्तुत किया है वह अन्यंत्र मिलना दुर्लभ है | उनके जीवन से हम सीख सकते हैं कि मानव के दैनिक कर्म और जाति कर्म, मोक्ष और ज्ञान प्राप्ति में कभी बाधक नहीं बनते हैं | श्री सेन जी ने गृहस्थ आश्रम की सन्यास आश्रम पर श्रेष्ठता प्रमाणित की और वैष्णव धर्म की मूल सिद्धांतों को अपने जीवन में उतार कर व्यवहारिक रूप प्रदान किया उनके समकालीन संतो ने जहां दोहों, वा णीयों से धर्म परिवर्तन का चक्र चलाया जिनमें रैदास, नामदेव, पीपा, कबीर इत्यादि प्रमुख हैं किंतु सेन जी का जीवन उन वाणीयों की जीवंत प्रतिमूर्ति है | भक्त शिरोमणि श्री सेन जी की जीवन लीला युगो तक समाज में प्रासंगिक बनी रहेगी और हिंदूवादी विचारधारा में उनका योगदान अमूल्य एवं चि रंतर रहेगा| महाराज सेन जी ने निम्न उपदेश दिए थे : सद्गुणी बनो एवं अपना काम आप करो | विचारवान एवं परिश्रमी बनो | किसी से ईर्ष्या मत करो तथा दूसरों की सेवा को अपना धर्म समझो | प्राणी मात्र पर दया व स्नेह करो | मनुष्य भाग्य से नहीं, जाति से नहीं, धर्म से नहीं, बल्कि कर्म से महान होता है | साधु संतों एवं महापुरुषों की सेवा करना अपना धर्म समझो | सदा सत्य बोलो एवं किसी जीव पर अत्याचार ना करो | भयग्रस्त जीवन ना जिए एवं सुबह शाम भगवान की पूजा करो | धर्म-कर्म दया, दान, साधु, सत्कार एवं संयम की प्रतिमूर्ति ईश्वर के इस अनूठे भक्त को आज 8 मार्च को उनकी 721वी जयंती पर शोर संदेश परिवार की ओर से कोटि कोटि नमन, वंदन एवं साष्टांग प्रणाम |

मुंबई (शोर सन्देश)। इस कोरोना महामारी में जब लोगों को कहीं से मदद की आस नहीं थी, तब सोनू सूद ने उनकी हर मुमकिन मदद की थी। वे पिछले साल लॉकडाउन के समय से ही, लोगों को अपने स्तर पर मदद पहुंचा रहे हैं। देश के तमाम लोगों को उन्होंने बड़ी-बड़ी मसीबतों से बचाया। ऐसे में लोगों का उन्हें मसीहा मानना लाजिमी है, आखिर वे निःस्वार्थ भाव से लोगों की सेवा करने में लगे हुए हैं। हाल में एक्टर ने अपनी इस जर्नी से जुड़ी तमाम बातें शेयर कीं और बताया कि राहत कार्यों के दौरान, उन्हें किस तरह की मुश्किलों का सामना करना पड़ा था। आज ज्यादातर लोग जानना चाहते हैं कि सोनू सूद इतनी बड़ी संख्या में लोगों की मदद कैसे करते हैं। आज तक से बातचीत के दौरान एक्टर ने इसका जवाब दिया। वे कहते हैं, `मैं ये कहूंगा कि प्रशासन भी मदद कर रहा है, लेकिन हर एक इंसान को ऐसा करना पड़ेगा, क्योंकि इस समय हर किसी को हर किसी की जरूरत है। मैं कैसे करता हूं, मुझे खुद नहीं पता। मैं करीब 22 घंटे फोन पर रहता हूं। हमारे पास 40 हजार से 50 हजार के बीच मदद के लिए रिक्वेस्ट आती है। मेरे 10 लोगों की टीम है, जो सिर्फ रेमडिसिविर के लिए घूमती है। मेरी एक टीम बेड्स के लिए घूमती है। शहर के हिसाब से हम घूमते हैं।`वे आगे कहते हैं, `मुझे देशभर के डॉक्टर से बात करनी पड़ती है, उन्हें जिस चीज की जरूरत होती है तो हमें जल्द से जल्द मुहैया करानी पड़ती है। हम जिन लोगों की मदद कर चुके हैं, वे एक तरह से हमारी टीम का हिस्सा बन जाते हैं। मैं आपको बताऊं कि मुझे जितनी रिक्वेस्ट आती हैं, अगर उन सबको देखने चलूं तो कम से कम 11 साल लगेंगे उन तक पहुंचने में, इतनी ज्यादा रिक्वेस्ट है। हमारी कोशिश है कि ज्यादा से ज्यादा लोगों की जान बचा सकें।` एक्टर से जब पूछा गया कि वे इतने मुश्किल समय में कैसे अपना धैर्य साधे रखते हैं तो सोनू ने एक कहानी सुनाई। वे कहते हैं, `हम एक लड़की को अस्पताल में बेड दिलाने की कोशिश कर रहे थे, पर बेड नहीं मिल रहा था। रात के 1 बजे रहे थे और उसकी बहन फोन पर बहुत रो रही थी और कह रही थीं कि प्लीज बचा लीजिए, वरना परिवार खत्म हो जाएगा। मैं बहुत परेशान था। ऐसा करते-करते रात के 2.30 बज गए थे। मैं दुआ कर रहा था कि वह लड़की सुबह तक बच जाए, ताकि हम उसे बेड दिलवा सकें। सुबह 6 बजे मुझे कॉल आया और मैंने उसे बेड दिलवाया और अभी वह ठीक है। खुशी होती है कि मैं मदद कर पाया।` साथ में, एक्टर ने कहा कि उनके पास इस समय निगेटिव सोच और गुस्से का समय नहीं है। इस समय लोगों को गुस्सा और चिढ़ छोड़कर अपना ध्यान दूसरों की मदद में लगाना चाहिए।

संजीव सेन (शोर सन्देश) शहनाज़ हुसैन लेखिका अन्र्तराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त सौन्दर्य विशेषज्ञ हैं और हर्बल क्वीन के रूप में लोकप्रिय हैं। होंठों की कोमलता बनाये रखने के लिए साफ टूथ ब्रश से डेड स्किन हटा कर होंठों पर बादाम तेल या शहद का हल्का लेप लगा लें।
सोने से पहले दूध में हल्दी डाल कर पीने से त्वचा में निखार आता है ,खून साफ होता है और बिषैले पदार्थ बाहर आ जाते हैं।
कील मुहांसों से लड़ने में टी ट्री आयल सवसे कारगर माना जाता है / टी ट्री आयल को कॉटन पैड पर लगा कर चेहरे पर लगाने से कील मुहांसे गायब हो जाते हैं।
तरबूज का जूस एक अच्छा स्किन टोनर है और रूखेपन को कम भी करता है। यह त्वचा को ठंडक, रिफ्रेश और कोमल बनाता है। इसका रस चेहरे पर 20 मिनट तक लगाएं और फिर पानी से धो लें। सभी त्वचा के लिये फ्रूट मास्क केला, सेब, पपीता और संतरा जैसे फलों को मिक्स कर के मास्क बना कर चेहरे पर लगाएं। 30 मिनट के बाद चेहरे को धो लें। इससे चेहरे को ठंडक पहुंचेगी, डेड स्किन साफ होगी और सन टैनिंग मिटेगी।
-कूलिंग मास्क : खीरे के रस में 2 चम्मच पावडर वाला दूध और एक अंडे का सफेद भाग मिला कर पेस्ट बनाएं। इसे चेहरे और गरदन पर लगाएं और जब सूख जाए तब पानी से धो लें।
-ऑइली स्किन के लिये मास्क : चम्मच मुल्तानी मिट्टी में गुलाब जल मिला कर पेस्ट बना कर चेहरे पर लगाएं। सूखने के बाद इसे पानी से धोलें।
-टी बैग का प्रयोग :
टी बैग भी अच्छा काम कर सकते हैं। इन्हें गरम पानी में कुछ देर के लिये डालें और निचोड़ कर आंखों पर आई पैड बना कर रखें।
-रूखे, सूखे और बेजान बाल : पानी के साथ थोड़ा सा क्रीमी हेयर कंडीशनर मिला कर स्प्रे बॉटल में भर कर रखें। बालों पर इससे स्प्रे करें और फिर कंघी से बाल झाड़ कर पूरे बालों पर इसे फैला लें।
-आई मेकअप :
दिन में हमेशा आई पेंसिल का प्रयोग करें या फिर पलको को ब्राउन या ग्रेड आई शैडो से लाइन करें। इससे आंखों को सॉफ्ट इफेक्ट मिलेगा। उसके बाद आंखों पर केवल एक या दो कोट्स मस्कारा के लगाएं। इससे आंखे गहरी और चमकदार दिखेंगी।
-लिपस्टिक :
लिपस्टिक के लिये बहुत गहरा रंग ना चुनें जैसे, महरून आदि। आपको लाइट पेस्टल कलर जैसे पिंक, लाइट ब्राउन, कॉपर या पीच रंगों का चुनाव करना चाहिये। या फिर केवल लिप ग्लॉस ही चुनें।
-खरबूज, पानी और ककड़ी गर्मी के सबसे अच्छे खाद्य पदार्थ हैं :
वास्तव में प्रकृति ने हमें ऐसे फल दिए हैं जिनका सेवन कर हम गर्मी को दूर कर सकते हैं। खरबूजे, तरबूजे, ककड़ी गर्मियों के दौरान उपलब्ध होते हैं। इन फलों में काफी पानी भरा रहता है। इनके सेवन से शरीर में मौजूद गंदा पानी पसीने के रास्ते बाहर निकल जाता है। अगर आपको गर्मियों के मौसम में आपको काफी पसीना आता है तो आप खरबूजे, तरबूजे और ककड़ी जैसे फलों का सेवन कर सकती हैं। इससे शरीर में पानी की कमी पूरी होती है।
-पुदीने के पत्ते, नींबू के साथ पानी और बर्फ :
पुदीने के पत्ते में ठंडक होती है, जिससे पाचन क्रिया में सहायता मिलती है। पुदीने को गर्म पानी में उबाल कर कुछ देर के लिए छोड़ दें। ठंडा होने पर एक चम्मच नींबू का रस ग्लास में डाल दें। इसके बाद ठंडक के लिए बर्फ इसमें डाल लें। इसे और उपयोगी बनाने के लिए इसमें शहद, नमक और काली मिर्च की कुछ मात्रा जोड़ लें। नमक और काली मिर्च ना हो तो ऐसे में आप सेंधा नमक और चाट मसाला का इस्तेमाल भी कर सकती हैं।
-हल्दी को सुन्दरता निखारने में सदियों से उपयोग किया जा रहा है। हल्दी रंगत को निखारने के इलाबा चेहरे की आभा को बढाती है। हल्दी में विद्यमान एंटी इन्फ्लेमेंटरी और एन्टी ऑक्सीडेंट तत्व त्वचा को रक्षा कवच प्रदान करते हैं तथा त्वचा को फायदेमन्द साबित होते हैं।
-गुलाब और शहद का मिश्रण त्वचा की गहराई तक सफाई करता है तथा एक बेहतरीन टॉनिक का काम करता है। शहद को रोजाना त्वचा पर लगाने से त्वचा चमकदार और कोमल हो जाती है। यह त्वचा में पानी की कमी नहीं होने देता तथा त्वचा को सूर्य की तेज किरणों से बचाता है। शहद और दूध का मिश्रण नियमित रूप से तैलीय त्वचा को राहत प्रदान करता है /चेहरे पर शहद के नियमित उपयोग से कील मुहांसों को रोकने में मदद मिलती है। सुबह उठते ही एक गिलास पानी में निम्बू और शहद का मिश्रण पीने से पुरानी से पुरानी कब्ज भी ख़तम हो जाती है। रात को सोने से पहले पूरे शरीर पर मॉइस्चरीज़र लगाने से त्वचा की नमी बनी रहेगी और सुबह त्वचा खिंची खिंची सी नहीं लगेगी।

देशभर में कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए कई जगहों पर लॉकडाउन लगा दिया गया है. ऐसे में क्या आपको मिठाई की दुकान के समोसे याद आ रहे हैं लेकिन घर में बंद होने के कारण आप उसका स्वाद नहीं चख पा रहे हैं. अब परेशान होने की जरूरत नहीं है. आप घर पर बड़ी ही आसानी से 10 मिनट के अंदर आलू समोसे तैयार कर सकते हैं और इनका टेस्ट भी बिल्कुल बाजार जैसा होगा. अगर इस बार आपका मन घर पर समोसे बनाकर खाने का हो तो हिचकिचाए नहीं बल्कि इसे बनाएं और इसका मजा उठाएं. आइए आपको बताते हैं कैसे आप 10 मिनट में बाजार जैसे आलू के समोसे घर पर ही तैयार कर सकते हैं. ये हैं इसकी आसान रेसिपी. समोसे बनाने की सामग्री मैदा- 2 कटोरी घी या तेल- 1/3 कटोरी अजवाइन- 1/2 छोटा स्पून नमक- स्वादानुसार या 1/2 छोटा स्पून तेल (समोसे तलने के लिए)- आवश्यकतानुसार आवश्यक सामग्री भरने के लिए 2 उबले हुए आलू मीडियम (आप चाहे तो इस में प्याज और मटर भी दाल सकते हैं) जीरा- 1 छोटा स्पून अदरक- 1 छोटा स्पून लहसुन (अगर आप चाहे तो)- 1/2 छोटा स्पून धनिया पाउडर- 1 छोटा स्पून जीरा पाउडर- 1/2 छोटा स्पून लाल मिर्च पाउडर- 1 छोटा स्पून नमक- स्वादानुसार गरम मसाला- 1/2 छोटा स्पून चाट मसाला- 1/2 छोटा स्पून हरी मिर्च बारीक कटी हुई- 1 हरा धनिया बारीक कटा हुआ- 1 बड़ा स्पून काजू कटे हुए- 8-10 किशमिश- 14-15 समोसा बनाने की विधि सबसे पहले समोसे के लिए आटा गूंथना होगा. एक बड़े बर्तन में आटा लें और उसमें पिघला हुआ घी, अजवाइन और थोड़ा सा नमक डाले. अब इसे अच्छे से मिलाएं और हाथ में लेकर दबा कर देखे. अगर आटा हाथ से दबाने पर लड्डू जैसा बनने लगे तो इसका मतलब है कि घी की मात्रा ठीक है. अगर ऐसा न हो तो थोड़ा सा घी और डाल दें. अब धीरे-धीरे पानी डाल कर आटा गूंथ ले, आटा न ज्यादा सख्त हो और न ज्यादा मुलायम. अब आटे को ढक कर अलग रख दें. जब तक आटा सही होता है तब तक उसमें भरने के लिए आलू तैयार कर लें. उसके लिए सारे मसाले अलग निकाल लें. अब उबले हुए आलू को छोटा-छोटा काट लें. अब एक कटोरी में सारे मसाले (लाल मिर्च पाउडर, धनिया पाउडर, जीरा पाउडर, गरम मसाला) लेकर उस में थोड़ा सा पानी डाले और अच्छी तरह से मिला लें. अब कड़ाई में 1 छोटा स्पून तेल डाले. जब तेल गरम हो जाए तब इस में जीरा, अदरक-लहसुन का पेस्ट और कटी हुई हरी मिर्च डालें. जब सब भुन जाए तब इस में गीला वाला मसाला डाल दें. इसे धीमी गैस पर भूनें जब तक की तेल अलग न होने लगे. जब मसाला भुन जाए तब इस में कटा हुआ हरा धनिया डाल दें. हल्का सा चलाएं और फिर कटे हुए आलू इसमें डाल दें. साथ में चाट मसाला, नमक और काजू, किशमिश भी इसमें डाल दें. अब 3 से 4 मिनट तक धीमी गैस पर इसे भून लें. आलू भरने के लिए तैयार है. अब आटे को लें और उसे एक बार फिर अच्छे से गूंथ लें. अब एक पराठे के बराबर आटा लें, गोल करें और हल्का सा मैदा लगाएं. अब इसे धीरे-धीरे करके गोल बेल लें. पराठे जितना बड़ा बेले और फिर इसे बीच से काट दें. अब दोनों को अलग करें और एक भाग को लेकर उसके किनारों पर पानी लगाएं. अब दोनों किनारे उठाएं और आपस में चिपका दें. चिपकाने के बाद ये एक तिकोना बन जाएगा. इसी तरह सारे समोसे बना लें और फिर गर्म तेल में इन्हें धीमी गैस पर भून लें. तेल इतना होना चाहिए की आपके समोसे उस में पूरी तरह डूब जाएं. अब इन्हें धीर धीरे फ्राई होने दें. एक बार समोसे को होने में 10 मिनट ही लगते हैं. जब समोसे हलके भूरे हो जाएं तब निकाल लें. गरमा गरम समोसे तैयार है. इसे मीठी और तीखी चटनी के साथ सर्व करें.

मुंबई (शोर सन्देश)। कोरोना की दूसरी लहर लगातार कहर बनकर टूट रही है। सिनेमा जगत से एक और बुरी खबर सामने आई है। अभिनेता बिक्रमजीत कंवरपाल का कोरोना संक्रमण से निधन हो गया है। वो 52 वर्ष के थे। फिल्म निर्माता अशोक पंडित ने अभिनेता के निधन पर शोक व्यक्त किया है। उन्होंने ट्वीट करते हुए लिखा, `आज सुबह कोरोना संक्रमण के कारण अभिनेता मेजर बिक्रमजीत कंवरपाल के निधन के बारे में सुनकर दुख हुआ। वे एक सेवानिवृत्त सेना अधिकारी थे जिन्होंने कई फिल्मों और टेलीविजन धारावाहिकों में सहायक भूमिकाएं निभाई थीं। उनके परिवार और दोस्तों के प्रति हार्दिक संवेदना। भारतीय सेना से सेवानिवृत्त होने के बाद बिक्रमजीत कंवरपाल ने साल 2003 में अपने अभिनय की शुरुआत की। उन्होंने पेज 3, रॉकेट सिंह: सेल्समैन ऑफ द ईयर, आरक्षण, मर्डर 2, 2 स्टेट्स और द गाजी अटैक जैसी फिल्मों में अभिनय किया। आपको बता दें, फिल्मों के अलावा उन्होंने टेलीविजन धारावाहिकों जैसे दीया और बाती हम, ये हैं चाहतें, दिल ही तो है और 24 में प्रमुख भूमिकाएं निभाईं।

मेष : बहुप्रतिक्षित कार्य के संपन्न होने से आत्मविश्र्वास में वृद्धि होगी। सामाजिक प्रतिष्ठा बढ़ेगी। आर्थिक मामलों में जोखिम न उठाएं। जीवनसाथी का सहयोग मिलेगा।
वृषभ : उच्च अधिकारी या घर के मुखिया का सहयोग मिलेगा। पारिवारिक प्रतिष्ठा बढ़ेगी। आर्थिक पक्ष मजबूत होगा। पारिवारिक दायित्व की पूर्ति होगी। नए संबंध बनेंगे।
मिथुन : दांपत्य जीवन सुखमय होगा।रुका हुआ धन मिल सकता है। व्यावसायिक योजना फलीभूत होगी, लेकिन क्रोध और भावुकता में नियंत्रण रखें। आपसी संबंध मधुर होंगे।
कर्क : स्वास्थ्य के प्रति सचेत रहने की आवश्यकता है। मौसम के रोग के प्रति सचेत रहें। आर्थिक मामलों में जोखिम न उठाएं। शिक्षा प्रतियोगिता के क्षेत्र में प्रगति होगी।
सिंह : पारिवारिक प्रतिष्ठा बढ़ेगी। जीविका के क्षेत्र में प्रगति होगी। स्वास्थ्य के प्रति उदासीन न रहें। यात्रा देशाटन से बचें। रचनात्मक कार्यों में आशातीत सफलता मिलेगी।
कन्या : स्वास्थ्य के प्रति सचेत रहने की आवश्यकता है। उच्च अधिकारी या घर के मुखिया के कारण तनाव मिल सकता है। संयम बरतना होगा। दायित्व की पूर्ति होगी।
तुला : दांपत्य जीवन सुखमय होगा। संतान के दायित्व की पूर्ति होगी। आर्थिक पक्ष मजबूत होगा। रिश्तों में मजबूती आएगी। बुद्धि कौशल से किए कार्य में प्रगति होगी।
वृश्चिक : व्यावसायिक योजना फलीभूत होगी। स्वास्थ्य के प्रति सचेत रहने की आवश्यकता है। उपहार या सम्मान में वृद्धि होगी। रचनात्मक कार्यों में आशातीत सफलता मिलेगी।
धनु : शिक्षा प्रतियोगिता के क्षेत्र में और अधिक श्रम करने कीआवश्यकता है। स्वास्थ्य के प्रति सचेत रहने की आवश्यकता है। जीवनसाथी का सहयोग और सानिध्य मिलेगा।
मकर : कर्मक्षेत्र में बाधाएं आएंगी। जल्दबाजी न करें और न ही धैर्य खोएं, कुछ समय बाद आपको सफलता मिलेगी। किसी कार्य के संपन्न होने से आत्मविश्वास बढ़ेगा।
मीन : धन, सम्मान, यश, कीर्ति में वृद्धि होगी। सामाजिक कायोर्ं में रुचि लें। उपहार या सम्मान में वृद्धि होगी। किसी कार्य के संपन्न होने से आपके प्रभाव और वर्चस्व में वृद्धि होगी।

आज का पंचांग
तिथितृतीया - 22:12:09 तक
नक्षत्रअनुराधा - 14:30:21 तक
करणवणिज - 11:51:47 तक, विष्टि - 22:12:09 तक
पक्षकृष्ण
योगवरियान - 11:48:00 तक
वारगुरूवार
00 सूर्य व चन्द्र से संबंधित गणनाएँ
सूर्योदय05:42:35
सूर्यास्त18:54:52
चन्द्र राशिवृश्चिक
चन्द्रोदय21:38:59
चन्द्रास्त07:20:59
ऋतुग्रीष्म
00 हिन्दू मास एवं वर्ष
शक सम्वत1943 प्लव
विक्रम सम्वत2078
काली सम्वत5123
दिन काल13:12:15
मास अमांतचैत्र
मास पूर्णिमांतवैशाख
00 अशुभ समय (अशुभ मुहूर्त)
दुष्टमुहूर्त10:06:41 से 10:59:30 तक, 15:23:35 से 16:16:24 तक
कुलिक10:06:41 से 10:59:30 तक
कंटक15:23:35 से 16:16:24 तक
राहु काल13:57:46 से 15:36:48 तक
कालवेला / अर्द्धयाम17:09:13 से 18:02:02 तक
यमघण्ट06:35:25 से 07:28:14 तक
यमगण्ड05:42:35 से 07:21:37 तक
गुलिक काल09:00:39 से 10:39:42 तक
00 शुभ समय (शुभ मुहूर्त)
अभिजीत11:52:19 से 12:45:08 तक
दिशा शूलदक्षिण
00 चन्द्रबल और ताराबल
ताराबल अश्विनी, कृत्तिका, मृगशिरा, पुनर्वसु, पुष्य, आश्लेषा, मघा, उत्तरा फाल्गुनी, चित्रा, विशाखा, अनुराधा, ज्येष्ठा, मूल, उत्तराषाढ़ा, धनिष्ठा, पूर्वाभाद्रपद, उत्तराभाद्रपद, रेवती
चन्द्रबल वृषभ, मिथुन, कन्या, वृश्चिक, मकर, कुम्भ

नई दिल्ली (शोर सन्देश)। बॉलीवूड स्टार अक्षय कुमार अपनी वाइफ एक्ट्रेस ट्विंकल खन्ना के संग मिलकर कोरोना मरीजों के लिए 100 ऑक्सीजन कंसंट्रेटर्स डोनेट किए हैं। इस बात की जानकारी खुद ट्विंकल ने अपने ऑफिशियल सोशल अकाउंट से एक पोस्ट शेयर करते हुए दी है। उन्होंने अपने पोस्ट में बताया है कि हमने ये यह काम लंदन की एक फाउंडेशन के संग मिलकर किया है। इसके साथ ही उन्होंने ये भी बताया है कि 100 के अलावा यह संस्था 120 ऑक्सीजन कंसंट्रेटर्स उपलब्ध कराएगी। एक्ट्रेस का पोस्ट सामने आते हैं लोग दोनों के नेक काम की तारीफ कर रहे है। फैंस लगातार ट्विंकल के पोस्ट को लाइक्स करते हुए शेयर कर रहे हैं।