रायपुर (छत्तीसगढ़)। कोरोना संक्रमण के कारण देशभर में नियमित टीकाकरण कार्यक्रम बेहद प्रभावित हुआ है. इसे ध्यान में रखते हुए स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय ने गाइडलाइन्स जारी कर क्षेत्रवार टीकाकरण सेवाओं को बहाल करने के संबंध में विस्तार से जानकारी दी है. जारी गाइडलाइन्स के अनुसार कोरोना संक्रमण के प्रसार के मुताबिक प्रत्येक जिले को रेड, ऑरेंज और ग्रीन जोन में बांटा गया है. वहीं रेड और ऑरेंज जोन में कोरोना संक्रमितों की व्यापकता के हिसाब से कॉन्टेंटमेंट और बफऱ जोन भी बनाया गया है. संक्रमण प्रसार की आशंका के मद्देनजर कॉन्टेंटमेंट जोन में स्वास्थ्य केन्द्रों और आउटरीच क्षेत्रों में नियमित टीकाकरण को फि़लहाल रोका गया है. लेकिन सभी क्षेत्रों (कॉन्टेंटमेंट और बफऱ जोन सहित) के स्वास्थ्य केन्द्रों पर बर्थ डोज टीकाकरण जारी रहेगा.
बफऱ जोन के अलावा और ग्रीन जोन में शर्तों के साथ होगा टीकाकरण: मंत्रालय मुताबिक कॉन्टेंटमेंट और बफऱ जोन में स्वास्थ्य केंद्र आधारित टीकाकरण और आउटरीच टीकाकरण सेशन( ग्रामीण स्वास्थ्य, स्वच्छता और पोषण दिवस) अभी शुरू नहीं होगा. लेकिन बफऱ जोन को छोड़कर ग्रीन जोन में स्वास्थ्य केंद्र आधारित टीकाकरण और आउटरीच टीकाकरण सेशन कुछ शर्तों के साथ शुरू होगा. जिसमें आउटरीच सेशन पर एक समय में 5 से अधिक लोगों को उपस्थित रहने की मंजूरी नहीं मिलेगी. इन सेशन के दौरान कोरोना संक्रमण रोकथाम के सभी प्रोटोकॉल का अनुपालन करना अनिवार्य होगा. जिसमें पंचायत और अर्बन लोकल बॉडी आउटरीच सेशन साईट के प्लान में मदद करेंगे. किसी भी बफऱ और कॉन्टेंटमेंट जोन में 14 दिनों के बाद नियमित टीकाकरण सेवा की शुरुआत करने का फैसला राज्य और जिला प्रशासन ही ले सकेगा हैं।
स्वास्थ्य केन्द्रों पर टीकाकरण के दौरान बरतनी होगी सतर्कता: टीकाकरण के दौरान विशेष सावधानी बरतने की सलाह गाइडलाइन्स में दी गयी है. यह बताया गया है कि स्वास्थ्य केन्द्रों पर टीकाकरण के पूर्व हवादार स्थान का चयन करना होगा और यह भी सुनिश्चित करना होगा कि प्रत्येक लोग एक दूसरे से 1 मीटर की दूरी पर ही बैठें. स्वास्थ्य केंद्र पर टीकाकरण लोड के मुताबिक पूर्व में ही फिक्स्ड टीकाकरण कर्मियों का चयन करना होगा.
वीएचएसएनडी सत्र आयोजन के लिए निर्देश: स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय ने ग्रामीण स्वास्थ्य, स्वच्छता और पोषण दिवस (वीएचएसएनडी) के आयोजन को लेकर कुछ जरुरी दिशानिर्देश दिया है.
०० वीएचएसएनडी सत्र पर लोगों की भीड़ कम करने के लिए सत्र को प्रत्येक घन्टे के हिसाब से बाँटने की सलाह दी गयी है. प्रत्येक घंटे के स्लॉट में 4-5 लाभार्थियों को ही उपस्थित रहने के निर्देश दिए गए हैं.
०० प्रत्येक वीएचएसएनडी सत्र को दो सेशन में बांटने के निर्देश दिए गए हैं, जिसमें अतिरिक्त सेशन के संचालन के लिए रिटायर्ड एएनएम एनएनएम, स्टाफ नर्सेज आदि या प्रशिक्षित पुरुष स्वास्थ्य कर्मी की नियुक्ति की जा सकती है.