
अम्बिकापुर (शोर सन्देश)। मेडिकल काॅलेज के सामुदायिक स्वास्थ्य विभाग के विभागाध्यक्ष ने बताया है कि शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय के सामुदायिक स्वास्थ्य विभाग द्वारा शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र नवापारा में 26 मार्च को डायबिटीज, ब्लड प्रेसर और मोटापा जैसे बिमारियों के लिए निःशुल्क जांच शिविर का आयोजन किया जाएगा।

नई दिल्ली (शोर सन्देश)। कोरोना संक्रमण के साथ-साथ टीकाकरण में भी तेजी आने लगी है। बीते दो दिन में देश में 50 लाख से भी ज्यादा लोगों ने वैक्सीन लेकर अपना बचाव किया है। इसी के साथ ही कोरोना टीकाकरण का आंकड़ा 3.50 करोड़ से भी आगे निकल चुका है। पिछले एक दिन में 21 लाख से भी अधिक लोगों ने वैक्सीन ली है।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, मंगलवार को देश में 45 से 59 वर्ष के पहले से बीमार 13,20,076 ने पहली डोज ली है। वहीं 60 या उससे अधिक आयु वर्ग के बुजुर्गों ने सर्वाधिक वैक्सीन प्राप्त की। 17,82,553 बुजुर्गों को पहली खुराक दी गई। हालांकि इस दौरान 3.34 लाख स्वास्थ्य कर्मचारी और फ्रंटलाइन वर्करों को भी वैक्सीन की दूसरी डोज दी गई है। टीकाकरण के 60वें दिन 16 मार्च को देश में 21,17,104 लोगों को वैक्सीन दिया है। अब तक 96 में से 75 लाख स्वास्थ्य कर्मचारियों को वैक्सीन दी जा चुकी है। वहीं दो करोड़ फ्रंटलाइन वर्करों में से 76 लाख को वैक्सीन मिल चुकी है।

नई दिल्ली (शोर सन्देश)। पिछले एक साल से देश में कोरोना वायरस का कहर जारी है। देश में कोरोना महामारी ने इस साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। इस साल सोमवार सुबह बीते 24 घंटे में पहली बार रिकॉर्ड 26 हजार से अधिक कोरोना के नए मामले दर्ज किए गए। वहीं तीन माह बाद सक्रिय मामले पहली बार सक्रिय मामलों की संख्या दो लाख के पार चली गई है। केंद्रीय मंत्रालय ने सोमवार को यह जानकारी दी।
स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से सोमवार को जारी ताजा आंकड़ों के मुताबिक, बीते 24 घंटों में कोरोना वायरस से संक्रमण के 26,291 नए मामले दर्ज किए गए हैं। इसी के साथ देश में संक्रमण के कुल मामले बढ़कर 1,13,85,339 पहुंच गए हैं। बता दें कि इससे पहले, कोरोना संक्रमण के 26 हजार से अधिक मामले पिछले साल 19 दिसंबर को दर्ज किए गए थे। वहीं पिछले 24 घंटे में इस जानलेवा संक्रमण से 118 लोगों की जान चली गई है, इसी के साथ मरने वालों की संख्या 1,58,725 पहुंच गई है।
00 तीन माह बाद सक्रिय मामले दो लाख के पार
स्वास्थ्य मंत्रालय के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, पिछले 24 घंटों में 17,455 कोरोना मरीज स्वस्थ होकर अपने घर लौट गए हैं। इसी के साथ देश में अब तक 1,10,07,352 मरीज कोरोना वायरस को मात देने में सफल रहे हैं। रोजाना के आधार पर दर्ज होने वाले नए कोरोना केसों की तुलना में ठीक होने वाले मरीजों की संख्या में बेहद कमी दर्ज की गई है। वहीं पिछले तीन महीने बाद कोरोना के सक्रिय मामले दो लाख के पार पहुंच गए हैं, जबकि इससे पहले सक्रिय मामले दो लाख से नीचे बने हुए थे।
00 टीकाकरण : अमेरिका के बाद दूसरे नंबर पर भारत
देश में दुनिया का सबसे बड़ा टीकाकरण अभियान जारी है। भारत 2,99,08,038 लोगों को कोरोना का टीका लगाकर सबसे तेज टीकाकरण करने वाले देशों की सूची में दूसरे पायदान पर आ गया है, जबकि पहले नंबर पर अमेरिका है।
00 मध्यप्रदेश में सख्ती और बढ़ी
मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि मैंने टीम को नाइट कर्फ्यू समेत कोरोना प्रसार को रोकने वाले अन्य जरूरी कदमों पर चर्चा करने के निर्देश दिए हैं। कोरोना के प्रसार को रोकने के लिए कल एक बैठक आयोजित की जाएगी, अगर आवश्यक हुआ, तो कुछ और जरूर कदम उठाए जाएंगे।

00 राजनांदगांव में वृद्धाश्रम निवासियों ने भी लगवाया टीका
रायपुर (शोर सन्देश)। प्रदेश में कोविड 19 टीकाकरण अभियान संचालित किया जा रहा है। बुजुर्गों में वैक्सीन लगाने की जैसी होड़ मची है। बुजुर्ग माता- पिता, दादा-दादी, नाना -नानी को उनके बच्चे, नाती-पोते बकायदा स्वास्थ्य केन्द्र ले कर आ रहे हैं और वे भी उत्साह से आकर टीका लगवा रहे हैं। कोविड 19 महामारी को फैले हुए 1 साल से अधिक हो गया है और बुजुर्ग साल भर से अपने घर में ही रहकर परेशान हो गए हैं इसलिए जब 1 मार्च से उन्हे वैक्सीन लगने लगी तब वे उत्साह से लगवा रहे हैं। कई तो निःशक्त होने के बाद भी व्हील चेयर में आ रहे हैं। यह एक सुखद संकेत है जब बच्चे अपनी जिम्मेदारी निभा कर बुजुर्गाें को टीका लगाने ला रहे हैं और वे स्वयं भी प्रेरित हो रहे हैं। राजनांदगांव जिले के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डाॅ मिथिलेश चैधरी ने बताया कि डोंगरगढ़ के वृद्धाश्रम के 10 बुजुर्ग निवासियों ने आज वैक्सीन लगवाई । इसके अलावा राजनांदगांव के आशानगर के कुष्ठ मुक्त 12 बुजुर्गाें ने भी टीका लगवाया। राजनांदगांव में महिला स्वसहायता समूहों एवं राष्ट्रीय आजीविका मिशन के सदस्यों द्वारा भी टीकाकरण के लिए लोगों को प्रेरित किया जा रहा है।
सभी को यह समझाया भी जा रहा है कि टीका लगने के बाद भी मास्क लगाना, सुरक्षित दूरी रखना और हाथों की सफाई अनिवार्य है। एक टीके से रोग प्रतिरोधक क्षमता नही बढ़ती है, 28 दिनों बाद दूसरा टीका लगाना जरूरी है। उसके 15 दिन बाद शरीर में रोग प्रतिरोधक क्षमता आती है । दोनों डोज लगने के बाद भी कोविड अनुकूल व्यवहार नही भूलना हैं।

00 अब तक 22 हजार से अधिक को लगाया कोवि-शील्ड का टीका
धमतरी (शोर सन्देश)। जिले में कोविड 19 से सुरक्षा और बचाव के लिए कोवि-शील्ड का टीका लगाया जा रहा है। अब तक जिले के 22 हजार 128 लोगों को कोवि-शील्ड का टीका लगाया जा चुका है। इनमें हेल्थ केयर वर्कर्स, फ्रंट लाईन वर्कर्स, 45 से 60 साल तक की आयु वर्ग के गंभीर बीमारी वाले और 60 साल से अधिक आयु वर्ग के वरिष्ठ नागरिक शामिल हैं। स्वास्थ्य विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक 6 हजार 43 हेल्थ केयर वर्कर्स को प्रथम डोज और तीन हजार 714 को दूसरे डोज का टीका लगाया जा चुका है। इसी तरह पहले डोज के तौर पर तीन हजार 257 फ्रंट लाईन वर्कर्स ने टीका लगवाया। शनिवार से दूसरे डोज का टीका लगाया जा रहा है। जिसके तहत अब तक 158 फ्रंट लाईन वर्कर्स का टीकाकरण किया जा चुका है। इसके अलावा एक मार्च से अब तक वरिष्ठ नागरिकों (60 साल से अधिक आयु वर्ग के और 45 से 60 साल तक की आयु वर्ग के गंभीर बीमारी वाले आठ हजार 956 लोगों को प्रथम डोज का कोवि-शील्ड का टीका लगाया गया है। इसमें 45 से 60 साल तक की आयु के एक हजार 998 और 60 साल से अधिक आयु वर्ग के 6 हजार 958 वरिष्ठ नागरिक शमिल हैं।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डाॅ.डी.के.तुर्रे ने बताया कि जिला स्तर पर शासकीय प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र आमदी, अकलाडोंगरी, भटगांव, कंडेल, खरेंगा, चटौद, परखंदा, सिर्री, नारी, भखारा, जामगांव, कोर्रा, मेघा, हसदा, करेली बड़ी, सिंगपुर, बेलरगांव, बोरई, दुगली, कुकरेल, केरेगांव, सांकरा, सिहावा, गट्टासिल्ली में टीकाकरण किया जा रहा है। इसी तरह सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र गुजरा, कुरूद, मगरलोड और नगरी, धमतरी स्थित निजी अस्पताल बठेना, खालसा नर्सिंग होम, ओजस्वी नर्सिंग होम, उपाध्याय नर्सिंग होम, चटर्जी अस्पताल, लुंकड़ अस्पताल और कुरूद स्थित प्रदीप अस्पताल में सोमवार से शनिवार तक टीकाकरण किया जा रहा है। शासकीय अस्पतालों में यह टीका निःशुल्क लगाया जा रहा है। जबकि निजी अस्पतालों में टीका लगाने के लिए ढाई सौ रूपए का शुल्क तय किया गया है। उन्होंने लोगों से अपील करते हुए बताया कि कोवि-शील्ड का टीका अत्यंत सुरक्षित है। कोरोना से बचाव के लिए टीकाकरण कराना जरूरी है। अतः टीकाकरण जरूर कराएं। ज्ञात हो कि स्वास्थ्य संबंधी जानकारी के लिए टोल-फ्री नंबर 104 पर सम्पर्क किया जा सकता है। इसके अलावा कोरोना संबंधी किसी भी संशय को दूर करने के लिए जिला नोडल अधिकारी डाॅ.बी.के.साहू के मोबाईल नंबर 94252-08617 पर काॅल किया जा सकता है।

संपादकीय कोई भी समृद्ध समाज सरकार से ज्यादा सशक्त होता है। सरकार जो नहीं कर सकती,वह समृद्ध समाज कर सकता है। सरकार कितना भी बड़ा अस्पताल खोल ले, वहां किसी न रूप में लोगों के पैसा वहां के लोग वसूल ही लेते हैं। कहा जाता है कि सरकारी अस्पताल में मुप्त इलाज होता है लेकिन वहां पैसा खर्च करना ही पड़ता है। इससे समाज के गरीब लोगों को वह सुविधा नहीं मिल पाती है जिसकी उन्हें जरूरत रहती है। अस्पताल कैसे होने चाहिए यह दिल्ली सिख गुरुद्वारा मैनेजमेंट कमेटी से सरकारों की सीखना चाहिए। कमेटी ने सराय काले खां स्थित गुरुद्वारा श्री बंगला साहिब में विश्वस्तरीय सुविधा वाली किडनी डायलिसिस अस्पताल शुरू किया है।वर्तमान में इस अस्पताल मेंं 100 बेड हैं।सबसे अच्छी बात यह है कि यहां कोई बिलिंग काउंटर नहीं होगा। यानी यहां कहीं भी किसी को कोई पैसा नहीं देना पड़ेगा।सब जानते हैं कि डायलिसिस कितना महंगा होता है, इसे कराने में कितनी परेशानी होती है।सरकारी अस्पताल में भी इसका बहत पैसा लगता है। इस अस्पताल में मरीजों को डायलिसिस के साथ दवाई मुफ्त मिलेगी। मरीज के परिजनों को खाना गुरुद्वारा के लंगर में मुफ्त मिलेगा। देश में ऐसे अस्पतालों की जरूरत ज्यादा है जहां अमीर व गरीब का भेद नहीं किया जाता है।जहां पीड़ित लोगों की पीड़ा दूर करना ही सबसे बड़ा काम माना जाता है।देश व राज्यों के ज्यादातर सरकारी व निजी अस्पताल लोगों की परेशानी दूर करने की जगह परेशानी बढ़ाने वाले होते हैं। हर काम के पैसे लिए जाते हैं। ज्यादा से ज्यादा पैसे वसूलने की कोशिश होती है। इससे ऐसे अस्पताल लोककल्याण का केंद्र नहीं बन पाते हैं। वैसे तो कई समाज सिख समाज से भी संपन्न होंगे लेकिन समाज के संपन्न होने भर से कुछ नहीं होता है जब तक समाज में लोककल्याण की भावना न हो, लोककल्याण के लिए कोई तंत्र विकिसत न हो ।सिख समाज संपन्न समाज होने के साथ लोककल्याण के लिए सबसे आगे रहने वाला समाज है। इससे वह समाज देश व दुनिया के लिए ज्यादा कल्याणकारी है। इसके लिए उसकी सराहना तो की ही जानी चाहिए।

रायपुर (शोर सन्देश)। राष्ट्रीय बधिरता रोकथाम एवं नियंत्रण कार्यक्रम (एनपीपीसीडी) के अंतर्गत 3 से 10 मार्च तक विश्व श्रवण दिवस मनाया जा रहा है। इस वर्ष विश्व श्रवण दिवस की थीम “ हिअरिंग केयर फॉर ऑल– जाँच, पुनर्वासऔर संवाद” पर आधारित है। इस सप्ताह के दौरानसभी सीएचसी, पीएचसी और जिला अस्पताल में लोगों को कर्ण रोग के बारे में बताया जाएगा। साथ ही प्रदेश के सभी जिलों में स्वास्थ्य विभाग ने इस दौरान कान की देखभाल के प्रति जागरूकता लाने शिविर भी लगाए जाएंगे। कर्ण रोग से बचाव एवं इसके उपचार की जानकारी को जनसामान्य तक विभिन्न माध्यमों से पहुंचाने के लिए व्यापक रूप से प्रचार-प्रसार किया जाएगा। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी के मार्गदर्शन में जिला अस्पतालों में निःशुल्क कर्ण जांच शिविर का आयोजन किया जाएगा। एनपीपीसीडी के राज्य नोडल अधिकारी डॉ. कमलेश जैन ने बताया,“लोगों को कानों से संबंधित बीमारियों के बारे में अधिक जानकारी नहीं होती। ऐसे में 3 मार्च को स्वास्थ्य विभाग की ओर से अभियान शुरू कर दिया जाएगा। इसके लिए जिले की सभी मितानिन और ग्रामीण स्वास्थ्य संयोजकों को भी ट्रेनिंग दी गई है। ये अपने क्षेत्र के कानों की समस्या से पीड़ित लोगों को नजदीकी सरकारी अस्पताल में लेकर जाएंगी और उपचार कराएंगी। ताकि लोग अधिक से अधिक संख्या में इस शिविर का लाभ ले सकें। शिविर में नाक, कान, गला रोग चिकित्सक अधिकारी, ऑडियोलाजिस्ट के मरीजों की जांच की जाएगी। विश्व स्वास्थ्य संगठन के सर्वे अनुसार भारत में लगभग 6.3 करोड़ लोग बधिरता रोग से पीड़ित है। देश की कुल जनसंख्या के अनुरुप प्रभावित दर 6.3 प्रतिशत है। राष्ट्रीय नमूना सर्वेक्षण संख्या के सर्वे 2001 के अनुसार प्रति लाख आबादी पर 291 व्यक्ति ऐसे है जो कि बधिरता रोग से पीड़ित है जिसमें शून्य से 14 बच्चे अधिक प्रभावित हैं। इन आंकड़ों पर यदि ध्यान नहीं दिया गया तो मानवीय विकास के साथ साथ प्रदेश के विकास में भी बाधा उत्पन्न कर सकती है।

00 जिला आयुर्वेदिक अस्पताल में कृष्णकांत द्विवेदी ने लगवाया पहला टीका
जगदलपुर (शोर सन्देश)। कोरोना वायरस से बचाव के लिए दूसरे चरण का टीकाकरण अभियान एक मार्च से प्रारंभ हो गया। बस्तर जिले में 60 वर्ष से अधिक उम्र के नागरिकों के लिए चिहांकित जगदलपुर शहर के कुम्हारपारा स्थित जिला आयुर्वेदिक अस्पताल में सुबह 9 बजे से टीकाकरण प्रारंभ किया गया पहला टीका पं. सुन्दरलाल शर्मा वार्ड निवासी कृष्णकांत द्विवेदी को लगाया गया। श्री कृष्णकांत को टीकाकरण से पूर्व पंजीयन की प्रक्रिया पूरी की गई और टीकाकरण उपरांत उन्हें आब्जर्वेशन में भी रखा गया। अस्पताल में उपस्थित 60 वर्ष से अधिक उम्र के श्रीमती गायत्री दुबे, रामकुमार सिंहा, खेमलाल बाघमार, सेहलता बाघमार, श्रीमती प्रेमचन्द्र जैन, गौतम आचार्य ने भी टीका लगवाया। इस अवसर पर नोडल अधिकारी (स्वास्थ्य) एवं डिप्टी कलेक्टर सुश्री गीता रायस्त, सीएमएचओ डाॅ. चतुर्वेदी भी उपस्थित थे। टीकाकरण अन्तर्गत 45 से 59 आयु वर्ग के कोमार्बीड (पहले से किसी बीमारी से ग्रसित) एवं 60 वर्ष से अधिक आयु वर्ग वाले नागरिकों का टीकाकरण कार्य किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त टीकाकरण कार्य को संपादित करने हेतु स्व. बलिराम स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय डिमरापाल, शासकीय नर्सिंग कालेज और एमपीएम हॉस्पिटल जगदलपुर में भी टीकाकरण हेतु चिहांकित किया गया है। शासकीय संस्थानों में कोविड-19 का टीकाकरण आम नागरिकों के लिए निशुल्क रहेगा एवं निजी चिकित्सा संस्थान एमपीएम अस्पताल में कोविड-19 का टीकाकरण शुल्क 250 रुपए प्रति डोस की दर से लेने का प्रावधान किया गया है। टीकाकरण हेतु टीकाकरण केन्द्र में ही पंजीयन की सुविधा उपलब्ध है। पंजीयन हेतु आवश्यक दस्तावेजों के अन्तर्गत कोई भी फोटो आई कार्ड जिसमें आधार कार्ड, एपिक कार्ड, पासबुक, ड्राईविंग लायसेंस एवं शासकीय अभिलेख एवं अन्य दस्तावेज प्रस्तुत कर सकते है। इसके अलावा 45 से 59 आयु वर्ग के पहले से किसी बीमारी से ग्रसित व्यक्ति को सक्षम चिकित्सा अधिकारी से कोमार्बीड प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना है। इसके अलावा पंजीयन हेतु हितग्राहियों को अपना मोबाईल नम्बर भी दर्ज करना है। ।

रायपुर (शोर सन्देश)। विधानसभा में आयुर्वेदिक अस्पताल धमतरी के संचालन का मुद्दा गरमाया। नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक ने सदन में कहा कि कई बार शव पड़े रहता है, लेकिन पोस्टमार्टम नहीं हो पाता। इससे परिवार के लोग द्रवित हो जाते हैं। इस बीच सदन में विधायक कृष्णमूर्ति बांधी ने शासन को मोबाइल पोस्टमार्टम की यूनिट तैयार करने के सुझाव दिए। विधायक बांधी ने कहा कि कई बार डेढ़ सौ किमी तक शव को लेकर जाना पड़ता है। इससे बड़ी तकलीफ होती है। इस पर मंत्री टीएस सिंहदेव ने कहा कि यह सुझाव नया है। आगे कहा कि कितना व्यावहारिक है इस पर विचार किया जाएगा।

00 जिला कलेक्टरों को जारी किए जाएं निर्देश
00 मुख्यमंत्री ने उच्च स्तरीय बैठक में की प्रदेश में कोरोना संक्रमण की वर्तमान स्थिति की समीक्षा
00 अंतर्राज्यीय सीमाओं विशेष कर महाराष्ट्र बार्डर पर टेस्टिंग की व्यवस्था की जाए
00 लोगों को गाइड लाइन के पालन के लिए जागरूक किया जाए
रायपुर (शोर सन्देश)। मुख्यमंत्री ने प्रदेश में कोरोना संक्रमण की रोकथाम और बचाव के सभी सतर्कतामूलक उपायों का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए हैं। भूपेश बघेल ने आज यहां विधानसभा परिसर स्थित अपने कार्यालय कक्ष में आयोजित एक उच्च स्तरीय बैठक में कहा कि कोरोना संक्रमण से बचाव की गाइड लाइन का कड़ाई से पालन किया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली, मुम्बई सहित महाराष्ट्र के विभिन्न शहरों में कोरोना संक्रमण बढ़ रहा है, इसलिए सभी जिलों के कलेक्टरों को सतर्क किया जाए। एयरपोर्ट और राज्य की अंतर्राज्यीय सीमाओं पर विशेष रूप से महाराष्ट्र से लगी राज्य की सीमा पर टेस्टिंग की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। अस्पतालों में भी कोरोना संक्रमण टेस्टिंग की सुचारू व्यवस्थाएं की जाए। साथ ही जो लोग मास्क नहीं लगाते हैं उनसे जुर्माने की राशि की वसूली कड़ाई से की जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि चौक-चौराहों में एनाउंसमेंट करा कर लोगों को मास्क पहनने, फिजिकल डिस्टेंस का पालन करने और समय-समय पर हाथों को धोने के लिए जागरूक किया जाए। सार्वजनिक स्थानों पर टेम्प्रेचर जांच की व्यवस्था भी जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन उपायों के पालन से हम अब तक कोरोना को रोकने में काफी हद तक सफल हुए हैं और आगे भी इन उपायों का पालन कर कोरोना संक्रमण की रोकथाम करने में सफल होंगे।
बैठक में स्वास्थ्य मंत्री टी.एस. सिंहदेव, गृह मंत्री ताम्रध्वज साहू, कृषि मंत्री रविन्द्र चौबे, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुब्रत साहू, स्वास्थ्य विभाग की प्रमुख सचिव रेणु जी. पिल्ले, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की संचालक डॉ. प्रियंका शुक्ला, संचालक स्वास्थ्य नीरज बंसोड और मुख्यमंत्री सचिवालय में उप सचिव सौम्या चौरसिया भी उपस्थित थीं। बैठक में स्वास्थ्य मंत्री टी.एस. सिंहदेव ने बताया कि एयरपोर्ट पर आने वाले यात्रियों की टेस्टिंग शुरू कर दी गई है। उन्होंने बताया कि दुर्ग, राजनांदगांव और रायपुर में कोरोना संक्रमण के ज्यादा केस सामने आ रहे हैं।