
रायपुर (शोर सन्देश)। राजधानी रायपुर में स्थित मेकाहारा अस्पताल में जूनियर डाक्टरों से मारपीट के इस मामले में स्वास्थ्य मंत्री ने जांच के आदेश दिए है। स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव ने ट्वीट कर जांच के आदेश की जानकारी है। मंत्री सिंहदेव ने कहा कि घटना के वीडियो चौंकाने वाले और अस्वीकार्य है, उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य वर्कर के साथ हिंसा असहनीय है। इस घटना का वजह से मेकाहारा के जूनियर डॉक्टर मंगलवार से हड़ताल पर हैं। जूनियर डॉक्टर ने मेडिकल कॉलेज डीन को इस संबंध में जानकारी दी है। बता दें कि सोमवार को जेल प्रहरी से डॉक्टरों का विवाद हुआ था। जूडा ने मेडिकल कॉलेज डीन को इस संबंध में पत्र लिखा है। जूडा ने 24 घंटे के भीतर मामले में कड़ी कार्रवाई की मांग की थी। वहीं अब स्वास्थ्य मंत्री ने जांच के आदेश दिए हैं। बता दें मेकाहारा के रेडियोलॉजी विभाग में 22.02.2021 को विभागाध्यक्ष रेडियोलॉजी डॉ. प्रो. एस. बी. एस. नेताम के समक्ष पुलिस कांस्टेबल शत्रुहन उरांव द्वारा किये गये दुव्र्यवहार एवं जूनियर डॉक्टर डॉ. अमन एवं डॉ. मनोज के साथ पुलिस कांस्टेबल शत्रुहन उरांव के द्वारा की गई मार पीट की घटना को गंभीरता से लेते हुए मेडिकल कॉलेज अस्पताल प्रबंधन द्वारा उक्त पुलिस कांस्टेबल के ऊपर एफ. आई. आर. दर्ज करवाया गया है। उक्त पुलिस कांस्टेबल द्वारा रेडियोलॉजी विभाग में ड्यूटी कर रहे डॉ. उज्जवल एवं डॉ. किशोर के साथ धक्का-मुक्की भी की गई। इस दौरान अम्बेडकर अस्पताल में स्थित पुलिस सहायता केन्द्र के पुलिस आरक्षकों द्वारा उक्त घटनाक्रम के दौरान पीजी डॉक्टरों को कोई त्वरित सुरक्षा नहीं दे सकने की स्थिति को देखते हुए अम्बेडकर अस्पताल में पदस्थ दोनों आरक्षकों को तत्काल प्रभाव से हटा दिया गया है। इन आरक्षकों की जगह दो नये आरक्षकों की तैनाती अस्पताल में की गई है। इस घटनाक्रम के बाद मेडिकल कॉलेज के अधिष्ठाता डॉ. विष्णु दत्त, अम्बेडकर अस्पताल के अधीक्षक डॉ. विनित जैन, विभागाध्यक्ष रेडियोलॉजी विभाग डॉ. एस. बी. एस. नेताम एवं रायपुर पुलिस के एडिशनल एसपी सिटी लखन पटले एवं कोतवाली सीएसपी अंजनेय वाष्णेय के बीच हुई बैठक में सुरक्षा की दृष्टि से अस्पताल में चौबीस घंटे चार अतिरिक्त पुलिसकर्मी तैनात किये गये हैं। साथ ही भविष्य में इस तरह की घटना की पुनरावृत्ति न हो इस संबंध में पुलिस और मेकाहारा प्रबंधन द्वारा आपस में चर्चा कर डॉक्टरों को सुरक्षा देने के सम्बन्ध में कार्ययोजना बनाई गई है जिसके अंतर्गत पुलिस से सशस्त्र सुरक्षाकर्मी की मांग, मेडिकल कॉलेज अस्पताल परिसर एवं ओपीडी तथा वार्डों में समय-समय पर पुलिस पेट्रोलिंग की व्यवस्था करने के सम्बन्ध में रायपुर एसपी को पत्र लिखा गया है। घटना के बाद डीन डॉ. दत्त ने जूनियर डॉक्टरों को आश्वासन दिया है कि उनकी ड्यूटी के दौरान सुरक्षा की चाक-चौबंद व्यवस्था के प्रयास मेकाहारा प्रबंधन एवं पुलिस के सहयोग से की जाएगी जिससे चौबीस घंटे मरीजों के इलाज के दौरान डॉक्टरों के साथ इस प्रकार की अप्रिय घटना न हो।

रायपुर (शोर सन्देश)। स्वास्थ्य विभाग के दैनिक बुलेटिन से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार प्रदेश में आज 373 नए कोरोना पॉजिटिव मरीज़ों की पहचान हुई। वहीं 387 मरीज़ स्वस्थ होने के उपरांत डिस्चार्ज हुए। राज्य में एक्टिव मरीज़ों की संख्या 4,295 है। राजधानी रायपुर में आज 123 नए मामलों की पुष्टि हुई है। आज दर्ज दोनों मौत को-मोर्बिडिटी श्रेणी की है।

00 ककराना-शकरजा में एक-एक एंबुलेंस मुहैया करने का प्रस्ताव
आलीराजपुर (शोर सन्देश)। मध्य प्रदेश की जीवनरेखा नर्मदा नदी जिले के दक्षिणी छोर को अपने आंचल में समेटे है। पर्वतमाला के बीच घिरा यह इलाका बेहद दुर्गम है और यहां हमेशा से स्वास्थ्य सेवा मुहैया कराना सरकार के लिए चुनौतीपूर्ण रहा है। अब इससे निपटने के लिए स्पीड बोट एंबुलेंस का प्रस्ताव तैयार किया गया है। इसके अनुसार जिले में नर्मदा के पूर्वी और पश्चिमी छोर पर एक-एक एंबुलेंस तैनात की जाएगी। तेजी से चलने वाली ये बोट एंबुलेंस प्रसूता अथवा अन्य गंभीर मरीजों को सड़क संपर्क तक लेकर आएगी। यहां से 108 वाहन की सुविधा मिलेगी। हाल ही में संभागायुक्त पवनकुमार शर्मा जिले के दौरे पर आए थे। सरदार सरोवर बांध के डूब प्रभावित क्षेत्र में निरीक्षण के दौरान यह बात सामने आई थी कि इलाका नर्मदा के बैक वाटर और पहाड़ियों से घिरा है। वर्षाकाल सहित साल में करीब 6-8 माह कुछ मजरे-टोले टापू की शक्ल ले लेते हैं। ऐसे में यहां रहने वाले लोगों को समय पर स्वास्थ्य सुविधा नहीं मिल पाती। मरीजों को किसी तरह निजी बोट अथवा नावों की मदद से सड़क संपर्क और फिर यहां से वाहन में नजदीक के स्वास्थ्य केंद्र तक लाया जाता है। संभागायुक्त ने निर्देश दिए थे कि स्पीड बोट एंबुलेंस चलाई जाए, ताकि लोगों को समय पर उचित उपचार मिल सके।
00 एक एंबुलेंस ककराना और दूसरी शकरजा में खंड चिकित्सा अधिकारी डा. नरेंद्र भयड़िया ने बताया कि जिला पंचायत को भेजे गए प्रस्ताव के अनुसार एक बोट एंबुलेंस नर्मदा के पूर्वी केंद्र ककराना और दूसरी पश्चिमी छोर पर शकरजा में तैनात की जाएगी। स्पीड बोट की गति आम बोट की तुलना में लगभग दोगुनी रहेगी। डूब प्रभावित क्षेत्र में रहने वाले लोग एंबुलेंस पर तैनात स्वास्थ्यकर्मियों को 108 की तर्ज पर काल कर बुला सकेंगे। बोट एंबुलेंस में प्राथमिक उपचार की सुविधा उपलब्ध रहेगी। मरीज को सड़क संपर्क तक बोट की मदद से लाया जाएगा। यहां से 108 वाहन की सुविधा मिलेगी। ककराना और शकरजा से जिले का नजदीकी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सोंडवा में है। यहां मरीजों को उपचार मिल सकेगा। गंभीर स्थिति होने पर जिला अस्पताल भी भेज सकेंगे। डा. भयड़िया के अनुसार क्षेत्र में एक स्वयंसेवी संस्था बोट पर एंबुलेंस की सुविधा उपलब्ध करा रही है। हालांकि त्वरित राहत के लिए स्पीड बोट एंबुलेंस का प्रस्ताव बनाया है।

00 22 जनवरी से 26 फरवरी तक मनाया जाएगा शिशु संरक्षण माह
राजनांदगांव (शोर सन्देश)। कलेक्टर टोपेश्वर वर्मा ने आज बसंतपुर स्थित मातृ शिशु हास्पिटल में बच्चों को विटामिन ए एवं आयरन सिरप पिलाकर शिशु संरक्षण माह का शुभारंभ किया। कलेक्टर ने नागरिकों से अपील करते हुए कहा है कि नियमित टीकाकरण दिवस मंगलवार एवं शुक्रवार के दिन अपने 6 माह से 5 वर्ष तक के बच्चों को नजदीक के प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र या आंगनबाड़ी केन्द्रों में ले जाकर आयरन एवं फोलिक एसिड की सिरप और विटामिन ए की दवा अवश्य पिलाए। अपने नजदीक के स्वास्थ्य केन्द्र एवं मितानिन से सतत संपर्क में रहे। इस अवसर पर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मिथलेश चौधरी एवं डीपीएम गिरीश कुर्रे, जिला टीकाकरण अधिकारी बीएल कुमरे तथा स्वास्थ्य विभाग के अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे। उल्लेखनीय है कि 22 जनवरी से 26 फरवरी 2021 तक शिशु संरक्षण माह चलेगा। यह अभियान कुल 10 सत्रों में चलाया जाना है। जिसमें नियमित टीकाकरण दिवस मंगलवार एवं शुक्रवार के लिए 9 माह से 5 वर्ष तक के बच्चों को विटामिन ए की दवा की अतिरिक्त खुराक तथा 6 माह से 5 वर्ष तक के बच्चों को आयरन, फोलिक एसिड की सिरप दी जाएगी। अभियान में नियमित टीकाकरण के साथ 9 माह से 5 वर्ष तक के 1 लाख 24 हजार 964 बच्चों को विटामिन ए की दवा पिलाई जाएगी तथा 6 माह 5 वर्ष तक कुल 1 लाख 13 हजार 934 बच्चों को आयरन एवं फोलिक एसिड की प्रदान की जाएगी। ज्ञातव्य है कि विटामिन ए की दवा से बच्चों की रोगप्रतिरोधक क्षमता में वृद्धि होती है और उनका मानसिक विकास होता है तथा नाईट ब्लाईडनेस रोग से रोकथाम होती है। आयरन सिरप बच्चों में होने वाली खून की कमी को दूर करता है।


बेमेतरा (शोर सन्देश)। स्वास्थ्य विभाग ने आम नागरिकों से बेहिचक कोरोना वायरस संक्रमण से निपटने टीकाकरण करने की अपील की है। विभाग ने यह भी कहा कि इसके कोई दुष्प्रभाव की खबरें नही आयी है, अत: अफवाहों पर ध्यान न देें। जैसा कि आप सभी जनते हैं कि कोरोना वायरस का संक्रमण विश्वव्यापी महामारी के रुप मे सामने आया है। आम जनता का जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया है, साथ ही विभिन्न आयामों में असंतुलन की स्थिति निर्मित हो गई है। आमजन अपने घर की ओर लौटने लगे। गाड़ी, घोड़ा, हवाईजहाज, रेलगाड़ी मोटर सभी का मार्ग अवरुद्ध हो गया। आर्थिक, सामाजिक, व्यवहारिक दृष्टिकोण बदल गया है। हम सभी को दो गज दूरी मास्क है जरुरी हाथों को धोना, हैण्ड सेनेटाईज के लिए प्ररित किया गया। कलेक्टर शिव अनंत तायल ने भविष्य मे आम नागरिको से टीकाकरण कार्य मे सहयोग करने की अपील की है। भारत सरकार द्वारा राष्ट्रीय स्तर पर इस बीमारी से बचाव के लिए टीकाकरण कार्यक्रम की शुरुआत की गई है। इस कार्यक्रम का शुभारंभ दिवस 16 जनवरी को मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. एस के शर्मा भी टीका लगवाकर सहभागी बने। उन्होने कहा कि मेरी आयु 65 वर्ष है, मुझे टीका लगने के बाद किसी भी प्रकार का दुष्प्रभाव सामने नही आया है, मैं पूर्णतया सुरक्षित व स्वस्थ्य हूं। 28 दिवस के पश्चात टीके की दूसरे डोज लगाई जाएगी, जिसके पश्चात् शरीर मे कोविड-19 से लडने के लिए रोध प्रतिरोधक क्षमता विकसित होने में समय लगता है। इसलिए कोविड संक्रमण से बचने हेतु उचित व्यवहार का पालन हमें करना ही होगा। मेरे साथ जिला सर्वेलेंस अधिकारी डॉ. ज्योति जसाठी भी यह टीका लगवाया गया है, जो कि पूर्व मे संक्रमित होकर पूर्णतया स्वस्थ हो चुंकी है। टीकाकरण के पश्चात पूर्णत: सुरक्षित और स्वस्थ है। बेमेतरा जिले मे कोविन पोर्टल मे पंजीकृत स्वास्थ्य अधिकारी/कर्मचारी, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, मितानिनें और अन्य विभाग से पंजीकृत अधिकारी-कर्मचारियों से अपील है कि यह टीका अवश्य लगवायें। सुरक्षा ही बीमारी से बचने का मूल मंत्र है। दो गज की दूरी मास्क है जरुरी।

बलौदाबाजार (शोर सन्देश)। मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं को समझना और उनका निराकरण करना वर्तमान समय में बहुत जरूरी है। इसी को ध्यान में रखते हुए बलौदाबाजार के सभी स्वास्थ्य केन्द्रों में मानसिक स्वास्थ्य सेवाएं लोगों तक पहुंचाई जा रही हैं I दिसंबर 2020 तक जिले के 172 लोगों की काउंसिलिंग कर मानसिक विकारों को दूर करने का प्रयास किया गया। साथ ही आत्महत्या रोकथाम (सुसाइड प्रीवेंशन) के लिए गेटकीपर ट्रेनिंग के लिए जिला कार्यक्रम सलाहकार को नेशनल इंस्टीच्यूट ऑफ मेंटल हेल्थ एंड न्यूरो साइंसेज (निम्हांस) की ओर से विशेष प्रशिक्षण दिया गया।सभी विकासखंडों में परामर्श- बलौदाबाजार के सभी विकासखंडों में आत्महत्या के लिए परामर्श दिया जा रहा है। आत्महत्या परामर्श के तहत (अप्रैल से दिसंबर 2020 तक) कुल 172 लोगों को परामर्श दिया गया। इनमें बलौदाबाजार, बिलाईगढ़,सिमगा, पलारी, भाटापारा शामिल हैं जिनकी काउंसलिंग हुई। हालांकि जिले में मानसिक अवसाद, तनाव की वजह से आत्महत्या की कोशिश करने वालों की संख्या भी काफी रही जिनको चिकित्सकों दवारा काउंसिलिंग प्रदान की गई। डॉ. राकेश कुमार प्रेमी मनो चिकित्सक (एनएमएचपी) ने बताया जिले में मानसिक रोग को लेकर लोगों में जागरूकता आई है और मानसिक बीमार व्यक्तियों को इसका लाभ भी मिल रहा है। मानसिक रोगों की पहचान करने और ऐसे लोगों को चिकित्सकीय सुविधा और मदद करने के लिए गेट कीपर ट्रेनर विशेष रूप से मदद पहुंचा रहे हैं। उल्लेखनीय है राज्य सरकार भी अब प्राथमिक और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में तैनात डॉक्टरों को मानसिक बीमारियों और मानसिक रोगियों की पहचान करने तथा ऐसे रोगियों को इलाज सुविधा मुहैय्या कराए जाने का प्रयास कर रही है। सरकारी प्रयास की बदौलत ही जिले के सभी ब्लॉक स्तर पर स्वास्थ्य केन्द्रों में मानसिक रोगियों को परामर्श प्रदान किया जा रहा है।
जिला सलाहकार मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम डॉ सुजाता पाण्डेय ने बताया “समाज का हर तीसरा व्यक्ति मानसिक व्याधियों से पीड़ित है। परंतु लोग इसे न स्वीकार करते हैं ना ही इलाज करना चाहते हैं। मानसिक अवसाद, तनाव की वजह से लोग आत्महत्या तक कर बैठते हैं। जिला मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत बलौदाबाजार भाटापारा में आत्महत्या रोकथाम (सुसाइड प्रिवेंशन) के लिए व्यापक कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। नेशनल इंस्टीच्यूट ऑफ मेंटल हेल्थ एंड न्यूरो साइंसेज (निमहांस) द्वारा गेटकीपर ट्रेनिंग दी गई। जिले में गेटकीपर ट्रेनिंग में सफलतापूर्वक सर्टिफिकेट कोर्स भी निम्हांस की ओर से किया गया और अभी हाल में चाइल्ड एंड मेंटल हेल्थ और सुसाइड प्रीवेंशन के लिए भी प्रशिक्षण हुआ जिसमें जिसमें हिस्सा लेने का अवसर मिला।

रायपुर (शोर सन्देश)। छत्तीसगढ़ में कोरोना वैैैक्सीनेशन के तीसरे दिन आज डाॅ भीमराव अंबेडकर स्मृति चिकित्सालय के आई सी यू के प्रमुख डाॅ ओ पी सुंदरानी और पल्मोनरी मेडिसिन के प्रमुख चिकित्सक डा्ॅ आर के पांडा ने आज कोरोना का वैक्सीन लगवाया । दोनो चिकित्सक स्वस्थ हैं और टीका लगाने के बाद वापस अस्पताल कार्य पर आ गए। दोनो ने चिकित्सा कर्मियों से आग्रह किया कि वे अवश्य टीका लगवाएं क्योंकि यह पूरी तरह सुरक्षित है और आम जनता के सामने मिसाल रखें। छत्तीसगढ़ मे कोरोना की दस्तक के साथ ही दोनों डाॅक्टर लगातार बिना रूके कोरोना मरीजों के इलाज में मेकाहारा के अन्य चिकित्सकों और स्टाफ के साथ जुटे रहे। इसके अलावा रिफरल केन्द्र होने के कारण प्रदेश के अन्य अस्पतालों के चिकित्सकों को भी मार्गदर्शन देते रहे। चिकित्सकों को आन लाइन प्रशिक्षण भी दिया । मरीजों की सेवा करने और उनके ठीक होकर घर जाने पर उन्हे, मरीजों के परिजनों के बराबर ही खुशी होती थी। डाॅ सुंदरानी ने कहा कि कोरोना काल के दौरान उन्होने कोई अवकाश नही लिया। डाॅ पांडा ने कहा कि त्योहारों में भी वे ड्यूटी करते रहे ताकि मरीज स्वस्थ हो सकें । इसी से उन्हे अत्यंत खुशी मिलती है। विशेषज्ञों का कहना है कि वैक्सीन लगाने के बाद भी सभी को कोविड अनुकूल व्यवहार का पालन करना मास्क लगाना ,सुरक्षित दूरी रखना और हाइजिन का ध्यान रखना होगा और वे रख भी रहे हैं। चिकित्सकों के अनुसार वैक्सीन की दूसरी डोज के 14 दिन के बाद ही शरीर में प्रतिरक्षात्मक तंत्र विकसित होता है। विशेषज्ञ अभी भी इसीलिए कह रहे हैं कि संक्रमण कम होने का अर्थ यह नही है कि यह और नही फैल सकता। सबको सचेत रहने की जरूरत है अभी भी ,तभी कोरोना के संक्रमण से बच सकते हैं। प्रदेश में कोरोना वैैक्सीनेशन मंगलवार,शुक्रवार और रविवार को छोड़कर बाकी सभी दिन प्रातः 9 बजे से शाम 5 बजे तक पूर्व निर्धारित सेशन साइट में होगा।

रायपुर (शोर सन्देश)। सुप्रसिद्ध बाल रोग विशेषज्ञ व पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित डॉ. ए.टी. दाबके ने आज पंडित जवाहर लाल नेहरू स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय पहुंचकर स्वेच्छा से कोरोना वैक्सीन लगवाई। वैक्सीन लगाने के बाद 78 वर्षीय डॉ. दाबके ने कहा कि उन्हें टीका लगाने के बाद कोई परेशानी नहीं हुई। उन्हें आधे घंटे निगरानी कक्ष में रखा गया। उन्होंने कहा कि यह टीका पूरी तरह सुरक्षित है और पूरे प्रोटोकॉल का पालन करके लगाया जा रहा है। यहां की वैक्सीनेशन टीम पूरी तरह अलर्ट है। आम जनता को इसे लगाने में कोई शंका, डर नहीं होना चाहिए, क्योंकि इसमें इनएक्टिव वायरस का उपयोग किया गया है। टीका लगावाने के बाद भी कोरोना एप्रोप्रीएट बिहेवीयर जैसे मास्क लगाना, सुरक्षित दूरी बनाए रखना और हाथों की सफाई आवश्यक है। उन्होंने कहा कि पहला डोज लगने के 28 दिन बाद दूसरा डोज लगाना भी उतना ही आवश्यक है। तभी वैक्सीन के सही परिणाम सामने आएंगे और संबंधित व्यक्ति में दूसरा डोज लगने के दो हफ्ते बाद इम्युनिटी विकसित होगी।

बलरामपुर (शोर सन्देश)। राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम अंतर्गत टीबी की उच्च जोखिम समूहों में सघन खोज अभियान Óटीबी हारेगा देश जीतेगाÓ का आयोजन किया जाना है। जिसके तहत् स्वास्थ्य विभाग की ओर से जिले के सभी विकासखंडों में 11 जनवरी से 29 जनवरी तक टीबी के संभावित मरीज के लिए सघन खोज अभियान कार्यक्रम संचालित किया जाएगा। इस संबंध में जिला क्षय नियंत्रण अधिकारी बलरामपुर ने जानकारी दी है, कि किसी आम नागरिक को टीबी से संबंधित शिकायत हो तो मुफ्त जांच, मुफ्त इलाज के तहत् जिले में संचालित किसी भी निकटतम स्वास्थ्य केन्द्र में संपर्क कर सकते हैं।