
अंबिकापुर (शोर संदेश)। बरसात के कारण मौसम में अचानक बदलाव के साथ मौसमी बीमारी के साथ-साथ आई फ्लू का प्रभाव देखने को मिल रहा है, इसी कड़ी में स्वास्थ्य विभाग की ओर से जवाहर नवोदय विद्यालय खलीबा के बच्चों का स्वास्थ्य व नेत्र परीक्षण किया गया। नोडल अधिकारी अंधत्व कार्यक्रम ने उक्त जानकारी देते हुए बताया कि जिसके मद्देनजर कलेक्टर कुन्दन कुमार के निर्देश पर बच्चों के स्वास्थ्य व नेत्र परीक्षण के बाद संक्रमित बच्चों को मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आर.एन. गुप्ता के मार्गदर्शन में सभी बच्चों के इलाज के लिए डॉ रजत टोप्पो नेत्र रोग विशेषज्ञ के टीम की ओर से आई ड्राप ओइन्टमेंट और दवाइयां उपलब्ध कराई गई। मुख्य चिकित्सा व स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आर.एन. गुप्ता के द्वारा विकासखण्ड स्तर पर नेत्र सहायक अधिकारियों को निर्देश दिये गये है, कि सभी आवासीय विद्यालय में जाकर संक्रमित बच्चों जांच व सामान्य उपचार तत्परता से करें।
आईफ्लू से बचने के लिए ये हैं सुझाव व सामान्य उपचार :
सामान्य लक्षण : आँख का चुभन, पानी आना हल्का दर्द के साथ लाल होना कभी कभी हल्का बुखार व छींक आना।
बचाव : संक्रमित व्यक्ति अपने आँख में बार-बार हाथ लगाता है। कोशिश करें पीड़ित से हाथ न मिलायें, उनके उपयोग किये किसी भी रूमाल, टावेल चादर व तकिया का इस्तेमाल न करें। पीड़ित व्यक्ति अपने आँखो को बार-बार न छुये व अपने हाथों को साफ रखें। पीड़ित व्यक्ति आँख को साफ कपड़े से हल्के गुनगुने पानी से सकाई करें। संक्रमित व्यक्ति हो सके तो काला चश्मा लगायें। संक्रमित आंख को देखने से इस बीमारी के फैलने की धारणा केवल भ्रम है, यह बीमारी केवल सम्पर्क से ही फैलती है।
सामान्य उपचार : सामान्य उपचार के लिए सिप्रोफ्लोक्सासिन आई ड्रॉप का उपयोग एक-एक बूंद 5 बार कर सकते। इस बार इंफेक्शन वायरल व बैक्टेरियल मिश्रित होने के कारण डॉक्टर की सलाह पर जरूरी दवाई ले इसके लिए राजमाता देवेन्द्र कुमारी सिंहदेव शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय संबद्ध चिकित्सालय अम्बिकापुर में नेत्र रोग विशेषज्ञ का सलाह लेवें।

गर्मी का मौसम आते ही लाइफस्टाइल में भी बड़ा बदलाव हो जाता है। मौसम के हिसाब से खुद को ढालने के लिए ज्यादा पानी का सेवन करना पड़ता है। गर्मी में लोगों को काफी प्यास लगती है, जिसकी वजह से पानी का सेवन बढ़ जाता है। ऐसे में गर्मी के मौसम में डिहाइड्रेशन से बचने के लिए फलों का सेवन भी ज्यादा करना चाहिए। कुछ फलों और सब्जियों के सेवन से भी शरीर में पानी की कमी को पूरा किया जा सकता है
तरबूज
तरबूज में 92 फीसदी पानी होता है जो शरीर के लिए बहुत फायदेमंद होता है। इसमें विटामिन सी और पोटेशियम की भरपूर मात्रा होती है जो शरीर के विभिन्न अंगों को स्वस्थ रखते हैं।
खीरा
खीरे में भी बहुत सारा पानी होता है जो शरीर की तरलता बनाए रखता है। खीरे में विटामिन सी और फोलिक अम्ल होता है जो शरीर के लिए बहुत फायदेमंद होता है।
ताजा नारंगी
नारंगी में विटामिन सी की भरपूर मात्रा होती है, जो शरीर के लिए बहुत फायदेमंद होता है। नारंगी का रस पानी की कमी को दूर करने में बहुत मददगार होता है।
अनार
अनार में पानी के साथ-साथ विटामिन सी, विटामिन ए और फोलेट भी होता है जो शरीर को स्वस्थ रखने में मदद करते हैं। अनार का रस पानी की कमी को दूर करने में मददगार होता है।
सेब
सेब में भी पानी की अच्छी मात्रा होती है जो शरीर के लिए बहुत फायदेमंद होती है। सेब में विटामिन सी, फाइबर और पोटेशियम होता है। इसके अलावा सेब में एंटीऑक्सीडेंट गुण भी होते हैं, जिसके सेवन से दिल हमेशा स्वस्थ रहता है।
स्ट्रॉबेरी
स्ट्रॉबेरी का सेवन गर्मी में काफी फायदेमंद होता है। इसमें 91 प्रतिशत पानी होता है, जो शरीर में पानी की कमी करती है। इसमें एंटीऑक्सीडेंट्स, फाइबर, विटामिन-सी, फोलेट और मैंगनीज जैसे तत्व डायबिटीज, कैंसर और दिल से जुड़ी कई बीमारियों से लड़ने में मददगार होते हैं।

रायगढ़ (शोर संदेश)। धनवंतरी सस्ती दवाई दुकान की बिक्री में रायगढ़ नगर निगम प्रदेश में नंबर वन की स्थिति में है, यहां जिले के अर्बन क्षेत्र में चल रहे धनवंतरी सस्ती दवाई दुकानों में हर रोज सैकड़ों मरीज एवं नियमित दवाई लेने वाले पहुंच रहे हैं। दवाई के जरूरतमंद को धनवंतरी सस्ती मेडिकल स्टोर योजनाओं का लाभ मिल रहा है, यही वजह है कि अभी तक सस्ती मेडिकल स्टोर से दवाई लेने वाले मरीजों एवं नियमित दवाइयों के जरूरामंद को 2 करोड़ 76 लाख रुपए से ज्यादा की बचत हुई है। शासन की महत्वपूर्ण योजना प्रदेश एवं रायगढ़ में धनवंतरी सस्ती दवाई दुकान की शुरुआत 20 अक्टूबर 2021 से संचालित है। वर्तमान में रायगढ़ नगर निगम क्षेत्र अंतर्गत अशर्फी देवी हॉस्पिटल एवं सारंगढ़ बस स्टैंड में धनवंतरी मेडिकल स्टोर संचालित है। इसी तरह लैलूंगा, धर्मजयगढ़, पुसौर, खरसिया, किरोड़ीमल नगर, घरघोड़ा में भी नियमित रूप से धनवंतरी सस्ती दवाई दुकान संचालित हो रही है। निगम कमिश्नर संबित मिश्रा द्वारा नियमित रूप से दवाई दुकानों में दवाइयां एवं सर्जिकल आइटम की स्टॉक की स्थिति एवं बिक्री की समीक्षा की जा रही है और इन दवाई दुकानों से मरीजों को एवं शुगर, बीपी, थायराइड और अन्य नियमित बीमारी के मरीजों को छूट के साथ दवाइयां लेने के लिए प्रेरित करने के निर्देशित किए गए हैं। अभी तक अशर्फी देवी महिला चिकित्सालय स्थित सस्ती दवाई दुकान से 70.10 छूट के साथ 1 करोड़ 91 लाख 33 हजार 804 रुपए की दवाइयां और सर्जिकल आइटम की बिक्री की गई है। इसी तरह 61.59 प्रतिशत छूट के साथ पुराना सारंगढ़ बस स्टैंड स्थित धनवंतरी सस्ती दवाई दुकान से 11 लाख 92 हजार 614 रुपए की दवाइयां एवं सर्जिकल आइटम की बिक्री की गई है। नगर पंचायत धर्मजयगढ़ स्थित सस्ती दवाई दुकान से 71% छूट के साथ जेनेरिक दवाइयां एवं सर्जिकल आइटम 13 लाख 14 हजार 765 रुपए की, 54% प्रतिशत छूट के साथ पुसौर नगर पंचायत स्थित सस्ती दवाई दुकान से 10 लाख 23 हजार 570 रुपए की, 59 प्रतिशत छूट के साथ लैलूंगा नगर पंचायत स्थित दवाई दुकान से 13 लाख 80 हजार 940 रुपए की, 52.50 प्रतिशत छूट के साथ किरोड़ीमल नगर पंचायत स्थित सस्ती दवाई दुकान से 17 लाख 65 हजार 556 रुपए की, 51 प्रतिशत छूट के साथ घरघोड़ा नगर पंचायत स्थित सस्ती दवाई दुकान से 4 लाख 81 हजार 935 रुपए की और 66. 20 प्रतिशत छूट के साथ नगर पालिका परिषद खरसिया स्थित सस्ती दवाई दुकान से 28 लाख 93 हजार 301 रुपए की शासन द्वारा जारी दवाइयां कंपनी के सूची अनुसार दवाइयां एवं सर्जिकल आइटम की बिक्री हुई है। इस तरह जिले के 8 अर्बन क्षेत्रों में चल रहे धनवंतरी सस्ती दवाई दुकानों से मरीजों एवं बीपी, शुगर, थायराइड और नियमित दवाइयां लेने वाले मरीजों को छूट का फायदा मिल रहा है।

दुर्ग (शोर संदेश)। जिला चिकित्सालय दुर्ग को एक और बड़ी उपलब्धि मिली है। जिला चिकित्सालय में डर्माेइड सिस्ट का सर्जरी की सुविधा उपलब्ध नहीं होने के कारण मरीजों को मेडिकल कालेज रायपुर रेफर किया जाता था। लेकिन अब ये सर्जरी सुविधा आरंभ हो जाने से दूर दराज से आने वाले मरीजों को इसकी सुविधा मिल पाएगी। डर्माेइड सिस्ट में व्यक्ति के आंख में सूजन, दर्द एवं धुंधला दिखाई देने की समस्या होती है। जानकारी के अनुसार डर्माेइड सिस्ट का जिला चिकित्सालय दुर्ग के नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉक्टर एवं उनकी टीम द्वारा सफलतापूर्वक सर्जरी किया गया। विगत दिवस ग्रमा गातापार निवासी चंद्रहास उम्र 9 साल अपनी आंखों की समस्या को लेकर जिला चिकित्सालय दुर्ग में नेत्र रोग विभाग में इलाज के लिए आया। नेत्र रोग विशेषज्ञ द्वारा चंद्रहास के आंखों का चेकअप करने के दौरान पता चला कि उनके आंखों में डर्माेइड सिस्ट की परेशानी है। नेत्र रोग विशेेषज्ञ द्वारा उपचार के लिए उन्हें अस्पताल में एडमिट किया गया और नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. कल्पना जैफ एवं उनकी टीम द्वारा डर्माेइड सिस्ट का सफल सर्जरी किया गया।

रायपुर (शोर संदेश)। छत्तीसगढ़ में बीते 24 घंटे में कोरोना के 369 नए मरीज मिले हैं। जिसके बाद एक्टिव मरीजों की संख्या 2521 पहुंच गई है। तीन मरीजों की मौत भी हुई है। जिनमें दो की मौत को-मॉर्बिडिटी यानी कोरोना के साथ किसी गंभीर बीमारी के चलते हुई है। जबकि 1 मरीज की कोरोना से हुई है। मृतकों में 2 मरीज रायपुर से थे जबकि 1 बलौदा बाजर का रहने वाला था। शुक्रवार को 512 लोग कोरोना से ठीक भी हुए हैं। प्रदेश में फिलहाल पॉजिटिविटी दर 7.43 प्रतिशत है। रायपुर, दुर्ग, राजनांदगांव, बलौदा बाजार, बिलासपुर में सबसे ज्यादा एक्टिव केस हैं। शुक्रवार को 4967 सैंपलों की जांच हुई थी। धमतरी में सबसे ज्यादा 35 मरीज मिले हैं। इसके अलावा रायपुर में 34, गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही में 30, दुर्ग में 29, राजनांदगांव में 25, रायगढ़ में 24, कांकेर में 24, सरगुजा में 21, बलौदा बाजार में 17, बालोद में 16, सूरजपुर में 14, बेमेतरा में 13, जशपुर से 13, महासमुंद 10, कोरिया और जांजगीर-चांपा में 7-7 मरीज मिले हैं। बीजापुर में 6, बस्तर में 5, बलरामपुर में 4, दंतेवाड़ा में 3, कबीरधाम में 2, नारायणपुर और महासमुंद में भी 2-2 मरीज, कोरबा में 1 मरीज की पुष्टि हुई है। छत्तीसगढ़ में कोरोना संक्रमण के आंकड़े बढ़ते क्रम में ही हैं। हालांकि बीते कुछ दिन में संक्रमण के आंकड़े कम जरूर हुए थे, लेकिन कोरोना से होने वाली मौतों की संख्या भी बढ़ी है। 27 अप्रैल को भी 3 मरीजों की मौत हुई थी।स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव ने बीते दिनों स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा बैठक लेकर टेस्टिंग बढ़ाने के निर्देश दिए थे। उनके निर्देश के बाद टेस्टिंग की संख्या जरूर बढ़ी है। लेकिन अब भी जो टारगेट दिया गया था। उससे कम ही टेस्टिंग हो रही है।

रायपुर (शोर संदेश)। छत्तीसगढ़ में पिछले 24 घंटे में कोरोना के 397 नए केस मिले हैं। जिसके बाद एक्टिव मरीजों की संख्या 2667 हो गई है। जबकि दो दिन पहले ये संख्या 3025 थी। 3 मरीजों की मौत हुई है। इनमें 2 मरीज बालोद के थे और 1 कोंडागांव जिले से था। इन मरीजों को कोरोना के अलावा अन्य गंभीर बीमारी भी थी। प्रदेश में फिलहाल पॉजिटिविटी दर 7.50 फीसदी हो गई है। गुरुवार को सबसे ज्यादा केस बलौदाबाजार में मिले हैं। जबकि सबसे ज्यादा एक्टिव केस रायपुर, दुर्ग, बिलासपुर, सरगुजा में हैं। स्वास्थ्य विभाग ने टेस्टिंग की संख्या भी बढ़ा दी गई है। सबसे ज्यादा 66 मरीज बलौदा बाजार में मिले हैं। रायपुर में 37, बिलासपुर में 33, सरगुजा में 29, रायगढ़ में 25, राजनांदगांव में 23, दुर्ग में 21, कांकेर में 21, धमतरी में 20, कोरिया में 18, बेमेतरा में 15, बालोद में 15, सूरजपुर में 12, जशपुर में 10, महासमुंद में 8, बीजापुर में 8, दंतेवाड़ा में 8, बलरामपुर में 7, कबीरधाम में 5, गौरेला- पेंड्रा-मरवाही में 5, जांजगीर-चांपा में 4, कोरबा में 3, बस्तर में 2,गरियाबंद और नारायणपुर से 1-1 मरीज मिले हैं।

कोरबा ( शोर संदेश ) विश्व मलेरिया दिवस के अवसर पर जिले के सभी विकासखण्डों में 25 अप्रैल को मलेरिया दिवस कार्यक्रम मनाया गया। जिसमें लोगों को मलेरिया से बचाव व इसके प्रति जागरूक करने की पहल की गई। जिले के सभी स्वास्थ्य केन्द्रो में मलेरिया से बचने के तरीके और उपचार के बारे में लोगो को जानकारी दी गई। मच्छरों के कारण फैलने वाली इस बीमारी से लोग अपनी जान तक गंवा देते हैं। मलेरिया प्रोटोजुवन प्लाज्मोडियम नामक कीटाणु मादा एनाफिलीज मच्छर के माध्यम से फैलते है। यह मच्छर एक संक्रमित व्यक्ति से दूसरे तक संक्रमण फैलाने का काम भी करते हैं। जो खून में पहुंचकर शरीर की लाल रक्त कोशिकाओं को नष्ट करने लगता है। इससे सिर में तेज दर्द, उल्टी, जी मितलाना, ठंड के साथ कंपकंपी, कमजोरी और थकान महसूस होना, शरीर में खून की कमी, मांसपेशियों में दर्द बुखार उतरते समय पसीना आता है। मलेरिया एक वैश्विक जन स्वास्थ्य समस्या है। इससे बचने के लिए घर के आस-पास नालियों में पानी जमा नही होने देना चाहिए जिससे मच्छर ना पनप पाए। मानसून एवं मानसून के बाद मच्छरों की संख्या अचानक बढ़ने लगती है। इससे मलेरिया, डेंगू, चिकनगुनिया आदि मच्छर जनित रोग फैलने का खतरा बढ़ जाता है। मच्छर ठहरे हुए पानी में अंडे देती है, इसलिए पानी के सभी बर्तन, टंकी आदि को पूरी तरह से ढंककर रखने, सप्ताह में एक बार कूलर, फूलदान, पशु-पक्षियों के बर्तन व हांडी को सुखाकर सफाई करनी चाहिए। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. एसएन केसरी ने बताया कि मलेरिया के लक्षणों का अनुभव होने पर तुरंत चिकित्सक से संपर्क करना चाहिए। खून जांच एवं मलेरिया रोधी दवा सभी स्वास्थ्य केन्द्रों में निःशुल्क उपलब्ध है।

जशपुरनगर (शोर सन्देश ) |कलेक्टर मित्तल ने आज कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में स्वास्थ्य सुविधाओं व शासन की योजनाओं के संबंध में चर्चा की और योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन के लिए सराहना करते हुए निरंतर बेहतर कार्य करने के लिए अधिकारियों को प्रोत्साहित किया। इस दौरान स्वास्थ्य विभाग में उत्कृष्ट कार्य करने वाले अधिकारी कर्मचारी को सम्मानित किया गया। दुलदुला सीएचसी को बेस्ट परफॉर्मिंग ब्लॉक अंडर स्क्रीनिंग कैटेगरी 2022-23 का अवार्ड मिलने पर कलेक्टर ने प्रशंसा जताई और दुलदुला सीएचसी की टीम को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। गणेश राम लहरे, जे. एस.ए. (एन.सी.डी.) सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र दुलदुला के द्वारा सर्वाधिक आयुष्मान कार्ड बनाये जाने का कार्य किया गया है। वहीं जेम्स मिंज बी.एम.ओ., घर्मेन्द्र धुर्वे बी.पी.एम, डॉ. संदीप भगत, निश्चेतना विशेषज्ञ और डॉ. संपोषी गुप्ता स्त्री रोग विशेषज्ञ, सीएचसी विकासखंड-पत्थलगांव की ओर से सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र पत्थलगांव में सी. सेक्शन प्रारंभ करने का कार्य किया गया है। इसी प्रकार डॉ. आर. एस. पैंकरा, जिला टीकाकरण अधिकारी की ओर से जिले में 95 प्रतिशत टीकाकरण कवरेज किया गया है। वहीं डॉ. अभिषेक श्रीवास्तव, डेंटल सर्जन, सीएचसी दुलदुला की ओर से राष्ट्रीय मुख स्वास्थ्य कार्यक्रम अंतर्गत डेंटल प्रोसिजर में उत्कृष्ट कार्य किया गया है। इसी प्रकार सुशील कुमार टोप्पो विकासखंड कार्यक्रम प्रबंधक, फरसाबहार, डॉ. विनय कुमार भगत, फरसाबहार की ओर से गर्भवती महिलाओं का चिन्हांकन का कार्य किया गया है। जिसके लिए इन सभी को कलेक्टर डॉ. रवि मित्तल ने प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया ।

रायपुर (शोर संदेश)। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा चिकित्सा शिक्षा मंत्री टीएस सिंहदेव 18 अप्रैल को राज्य में कोविड-19 की स्थिति की समीक्षा करेंगे। वे 18 अप्रैल को सवेरे 11 बजे सिविल लाइन स्थित अपने निवास कार्यालय में आयोजित बैठक में प्रदेश में कोरोना जांच की व्यवस्था, अस्पतालों में उपकरणों, दवाईयों व बिस्तरों की उपलब्धता के साथ ही कोविड अनुकूल व्यवहारों के अनुपालन की समीक्षा करेंगे। चिकित्सा शिक्षा मंत्री सिंहदेव 18 अप्रैल को दोपहर पौने एक बजे शासकीय आयुर्वेदिक कॉलेज रायपुर में पीजी ब्लॉक के नवनिर्मित भवन का लोकार्पण करेंगे।

रायपुर (शोर संदेश)।छत्तीसगढ़ में बीते 24 घंटे में कोराेना के 476 नए कोरोना संक्रमित मरीजों की पहचान हुई है जबकि 95 मरीजों को स्वस्थ होने के बाद डिस्चार्ज कर दिया गया।प्रदेश में अब एक्टिव मरीजों की संख्या 22 सौ से ऊपर हो गई है। लगातर सामने आ रहे मरीजों ने स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ा दी है।
स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी रिपोर्ट के अनुसार बीते 24 घंटे में 5620 सैंपलों की जांच की गई, जिसमें 476 नए कोविड मरीज मिले। इसमें सबसे ज्यादा 53 मरीजों की पहचान राजधानी रायपुर में की कई है। वहीं बिलासपुर में 50 संक्रमित मिले हैं। इसके बाद राजनांदगांव में 50 मरीज मिले हैं। प्रदेश के 25 जिलों में कोरोना संक्रमित पाए गए हैं। अन्य जिलों में कोरोना का कोई नया मामला नहीं आया। प्रदेश में 17 अप्रैल को हुई कोरोना जांच में सबसे ज्यादा मरीज रायपुर में मिले हैं। इसके अलावा दुर्ग से 20, सूरजपुर से 4, महासमुंद से 19, रायगढ़ से 12 राजनांदगांव से 50, बलौदबाज़ार से 20, रायगढ़ से 14, धमतरी से 21, कोरबा से 28, गरियाबंद से 7, कांकेर से 24 , कोरिया से 17, सूरजपुर से 25 मरीज मिले हैं।