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दूरस्थ आदिवासी अंचलों को स्वास्थ्य की नई राह: मुख्यमंत्री साय ने 57 मोबाइल मेडिकल यूनिट को दिखाई हरी झंडी

31-Dec-2025
रायपुर। ( शोर संदेश ) दूरस्थ और घने वनांचल वाले आदिवासी क्षेत्रों में अब स्वास्थ्य सेवाएँ लोगों के दरवाज़े तक पहुँचेंगी। प्रधानमंत्री जनजातीय आदिवासी न्याय महाअभियान “पीएम जनमन” के तहत बुधवार को नवा रायपुर में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने 57 मोबाइल मेडिकल यूनिट वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। कार्यक्रम में स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल सहित मंत्रिमंडल के सदस्य, जनप्रतिनिधि और विभागीय अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।
मोबाइल मेडिकल यूनिटों के संचालन से विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूहों (पीवीटीजी) तक नियमित स्वास्थ्य सेवाएँ पहुँचाने की तैयारी पूरी कर ली गई है। सरकार का मानना है कि दुर्गम अंचलों में रहने वाले समुदायों को अस्पताल तक पहुँचने में आने वाली कठिनाइयों को देखते हुए यह व्यवस्था स्वास्थ्य सुविधाओं को सीधे उनके गाँवों व बसाहटों तक पहुँचाएगी।
मोबाइल मेडिकल यूनिटों की तैनाती से प्रदेश के 18 जिलों के 2100 से अधिक गाँवों और बसाहटों तक नियमित स्वास्थ्य सेवाएँ पहुँचाई जाएँगी। इससे दो लाख से अधिक विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूह (PVTG) आबादी को प्रत्यक्ष लाभ मिल सकेगा।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि पहाड़ी और दुर्गम इलाकों में रहने वाले परिवारों के लिए अब इलाज और जाँच की सुविधा गाँव में ही उपलब्ध होगी। उन्होंने इस पहल को आदिवासी समुदायों की “सर्वांगीण भागीदारी और स्वास्थ्य सुरक्षा का ठोस आधार” बताया।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ के लिए यह गौरव का दिन है। समाज में आर्थिक, सामाजिक, शैक्षणिक प्रत्येक दृष्टिकोण से पिछड़े लोग विशेष पिछड़ी जनजाति के लोग हैं। छत्तीसगढ़ में निवासरत 3 करोड़ की आबादी में विशेष पिछड़ी जनजाति के 2 लाख 30 हजार लोग 18 जिलों के 21 सौ बसाहटों में निवासरत हैं। यह मोबाइल मेडिकल यूनिट उनके लिए वरदान साबित होगा। इन सर्वसुविधा-संपन्न 57 मोबाइल मेडिकल यूनिट के माध्यम से यह कार्य आसान होगा। इस यूनिट में डॉक्टर, नर्स, लैब टेक्निशियन और स्थानीय वालंटियर उपस्थित होंगे। इस यूनिट में 25 तरह की जाँच सुविधाएँ तथा 106 तरह की दवाइयाँ निःशुल्क उपलब्ध होंगी। 
मुख्यमंत्री साय ने इस नवीन योजना के लिए स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, सीजीएमएससी के अध्यक्ष दीपक म्हस्के सहित सभी अधिकारियों-कर्मचारियों को बधाई एवं शुभकामनाएँ दीं।
इस अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि विशेष पिछड़ी जाति के उत्थान के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय प्रयासरत हैं। यह मोबाइल मेडिकल यूनिट ऐसे सुदूर वनांचलों के लिए हैं जहाँ स्वास्थ्य सुविधाओं की पहुँच कम है। आज 57 मोबाइल मेडिकल यूनिट पूरे प्रदेश के लिए समर्पित कर रहे हैं, जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सपने को पूर्ण करेगा। मंत्री जायसवाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को धन्यवाद देते हुए कहा कि उन्होंने इस पुनीत कार्य में छत्तीसगढ़ को सहभागी बनकर योगदान देने का अवसर प्रदान किया।
स्वास्थ्य सचिव अमित कटारिया ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 15 नवंबर 2023 को विशेष पिछड़ी जनजातियों के सामाजिक, आर्थिक उत्थान के लिए पीएम जनमन योजना की शुरुआत की। इसका उद्देश्य बुनियादी सुविधाओं को सीधे बसाहटों तक पहुँचाना है। उन्होंने कहा कि आपातकालीन स्थिति में मरीज को इन यूनिट के माध्यम से निकट स्वास्थ्य केंद्रों में पहुँचाना आसान होगा। हमारा उद्देश्य सिर्फ मशीनें ही नहीं, अपितु कुशल एवं संवेदनशील कर्मचारियों की उपलब्धता सुनिश्चित करना भी है। प्रत्येक मोबाइल मेडिकल यूनिट में चिकित्सक, नर्स, लैब तकनीशियन, फार्मासिस्ट और स्थानीय स्वास्थ्य स्वयंसेवक तैनात किए गए हैं। ये यूनिटें हर 15 दिन में स्वास्थ्य शिविर आयोजित करेंगी, जिनमें 25 से अधिक प्रकार की जाँच और रोगों  का उपचार किया जाएगा और आवश्यक दवाइयों का वितरण किया जाएगा। गंभीर मरीजों को आवश्यकता अनुसार निकटतम स्वास्थ्य संस्थानों में भेजा जाएगा।
उल्लेखनीय है कि पूर्व में संसाधनों की कमी के कारण दूरस्थ क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाएँ नियमित रूप से नहीं पहुँच पाती थीं। अब नए वाहन और प्रशिक्षित कर्मियों की उपलब्धता के साथ यह व्यवस्था लगातार संचालित की जा सकेगी। इस पहल से टीबी, मलेरिया, एनीमिया और कुपोषण जैसी समस्याओं की समय पर पहचान व रोकथाम में मदद मिलेगी।






 

छाती के दुर्लभ कैंसर का सफल ऑपरेशन, अम्बेडकर अस्पताल रायपुर में बची मरीज की जान

31-Dec-2025
रायपुर, । ( शोर संदेश )  पं. जवाहरलाल नेहरू स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय से संबद्ध डॉ. भीमराव अम्बेडकर स्मृति चिकित्सालय, रायपुर के कैंसर सर्जरी विभाग ने चिकित्सा क्षेत्र में एक और उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। कैंसर सर्जरी विभाग की टीम ने छाती के एक दुर्लभ एवं जटिल कैंसर; मेडियास्टाइनल जर्म सेल ट्यूमर का सफल ऑपरेशन कर एक बार फ़िर एक 29 वर्षीय पुरुष मरीज की जान बचाई। मरीज छाती में गांठ, सांस लेने में तकलीफ और लगातार दर्द की शिकायत के साथ अस्पताल पहुंचा था। 
कैंसर सर्जरी विभागाध्यक्ष डॉ. आशुतोष गुप्ता ने केस की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि- पूर्व में मरीज का उपचार एम्स रायपुर के कैंसर विभाग में चल रहा था, जहां बायोप्सी जांच में मेडियास्टाइनल जर्म सेल ट्यूमर की पुष्टि हुई। प्रारंभिक जांच में छाती के बीच स्थित गांठ का आकार लगभग 13x18x16 सेंटीमीटर पाया गया, जो हृदय के समीप बड़ी रक्त नलियों से चिपकी हुई थी। उच्च जोखिम को देखते हुए एम्स रायपुर के चिकित्सकों ने पहले कीमोथेरेपी देने का निर्णय लिया।
जनवरी 2025 से जून 2025 तक मरीज को छह चक्र (cycle) कीमोथेरेपी दी गई, जिससे गांठ का आकार घटकर 4x3x4 सेंटीमीटर रह गया। इसके बाद मरीज को एम्स रायपुर से रेफर कर डॉ. भीमराव अम्बेडकर स्मृति चिकित्सालय के कैंसर सर्जरी विभागाध्यक्ष डॉ. आशुतोष गुप्ता के पास भेजा गया।
डॉ. गुप्ता ने सभी जांच रिपोर्टों का गहन परीक्षण करने के बाद सर्जरी का निर्णय लिया। गांठ की संवेदनशील स्थिति को देखते हुए हृदय सर्जरी विभागाध्यक्ष से परामर्श लिया गया तथा निश्चेतना विभाग से सर्जरी की फिटनेस प्राप्त की गई। लगभग 3 से 4 घंटे तक चली इस जटिल सर्जरी में गांठ को बाएं फेफड़े के एक हिस्से सहित अत्यंत निपुणता से निकाला गया। 
सर्जरी पूरी तरह सफल रही और मरीज को कुछ दिनों के उपचार के बाद स्वस्थ अवस्था में अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। उपचार के बाद मरीज समय- समय पर फॉलोअप के लिए चिकित्सालय आ रहा है। 
इस जटिल ऑपरेशन में डॉ. आशुतोष गुप्ता, डॉ. के. के. साहू, डॉ. किशन सोनी, डॉ. गुंजन अग्रवाल, डॉ. सुश्रुत अग्रवाल, डॉ. समृद्ध, डॉ. लावण्या, डॉ. सोनम एवं डॉ. अनिल की महत्वपूर्ण भूमिका रही। 
मेडियास्टाइनल जर्म सेल ट्यूमर छाती के मध्य भाग में जर्म कोशिकाओं से उत्पन्न होने वाला दुर्लभ कैंसर है, जो सामान्यतः 20 से 40 वर्ष आयु वर्ग के पुरुषों में पाया जाता है। इसके प्रमुख लक्षणों में खांसी, सांस लेने में तकलीफ और छाती में दर्द शामिल हैं। इस कैंसर का उपचार कीमोथेरेपी एवं सर्जरी के माध्यम से किया जाता है, जिसमें सर्जिकल ऑन्कोलॉजिस्ट और रेडिएशन ऑन्कोलॉजिस्ट मिलकर कार्य करते हैं। यदि इस कैंसर का समय रहते पता चल जाए और उचित उपचार किया जाए तो पांच वर्षीय सर्वाइवल रेट 90 प्रतिशत से अधिक होता है।






 

स्वास्थ्य सेवाओं में विस्तार से परिवार नियोजन को मिला नया आयाम

27-Dec-2025
रायपुर, । ( शोर संदेश )  स्वास्थ्य विभाग के निर्देश पर बलरामपुर जिला अस्पताल के चिकित्सकों के नेतृत्व में परिवार नियोजन कार्यक्रम के अंतर्गत महिला नसबंदी (एलटीटी) का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम में स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ डॉ. रश्मि तिवारी एवं डॉ. अनिमेष सिंह की टीम के समन्वय से कुल 12 महिलाओ का लेप्रोस्कोपिक पद्धति से नसबंदी सफलतापूर्वक की गई। सभी हितग्राही सुरक्षित एवं स्वस्थ हैं। लंबे अंतराल के पश्चात अब जिला चिकित्सालय बलरामपुर में परिवार नियोजन के स्थायी साधनों की सेवाएं नियमित रूप से साप्ताहिक रूप में प्रारंभ की गई हैं। 
इसके अंतर्गत अब सप्ताह के प्रत्येक बुधवार को महिला हितग्राहियों की एलटीटी महिला नसबंदी जिला चिकित्सालय में की जाएगी। अब तक कुल 18 महिलाओं का सफलपूर्वक नसबंदी किया गया है। साथ ही जिला चिकित्सालय में विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा महिला प्रसूति रोग, बच्चादानी एवं अंडकोष से संबंधित जांच एवं उपचार की सुविधा भी लेप्रोस्कोपिक विधि से उपलब्ध कराई जा रही है। गर्भाशय की जांच एवं आवश्यक ऑपरेशन भी अब दूरबीन पद्धति से बिना चीरा लगाए किए जा रहे हैं, जिससे मरीजों को कम दर्द, शीघ्र स्वस्थ होने और सुरक्षित उपचार का लाभ मिल रहा है। शासन की यह पहल जिले में सुरक्षित मातृत्व, परिवार नियोजन और उन्नत स्वास्थ्य सेवाओं की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

 


स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने जिला चिकित्सालय जांजगीर-चांपा का किया औचक निरीक्षण

24-Dec-2025
रायपुर, । ( शोर संदेश )  स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने जिला चिकित्सालय जांजगीर-चांपा का औचक निरीक्षण किया। इस अवसर पर स्वास्थ्य विभाग के सचिव  अमित कटारिया, संचालक संजीव झा एवं सहायक संचालक डॉ. सुरेंद्र पाम्भोई उपस्थित रहे। निरीक्षण के दौरान स्वास्थ्य मंत्री जायसवाल ने अस्पताल की व्यवस्थाओं, स्वच्छता, दवाओं की उपलब्धता तथा मरीजों को मिल रही सुविधाओं की विस्तार से समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने जिला चिकित्सालय में नवनिर्मित ओपीडी हॉल एवं नवजात शिशुओं के बेहतर उपचार हेतु 10 बेड के अत्याधुनिक एनआईसीयू वार्ड का विधिवत शुभारंभ  किया। उन्होंने कहा 10 बेड के एनआईसीय से अब क्षेत्र के नवजात शिशुओं को क्रिटिकल केयर हेतु बाहर नहीं जाना पड़ेगा।
स्वास्थ्य मंत्री मंत्री ने जीवनदीप समिति के माध्यम से स्वीकृत कार्यों की जानकारी लेते हुए कलेक्टर जन्मेजय मोहबे के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि मरीजों की आवश्यकता के अनुरूप जीवनदीप समिति से समयबद्ध स्वीकृतियाँ देना सराहनीय कदम है, जिससे अस्पताल की सेवाएँ निरंतर सुदृढ़ हुई हैं। इस अवसर पर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. यू.के. मरकाम, सिविल सर्जन डॉ. एस. कुजूर, जिला कार्यक्रम प्रबंधक उत्कर्ष तिवारी, जिला अस्पताल प्रबंधक अंकित ताम्रकार, आरएमओ डॉ. संदीप साहू सहित जिला चिकित्सालय के समस्त अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।

मेडिकल कॉलेज से लेकर एंबुलेंस नेटवर्क तक: जशपुर में ऐतिहासिक स्वास्थ्य विस्तार

20-Dec-2025
रायपुर ,। ( शोर संदेश ) मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में बीते दो वर्षों में जशपुर जिले की स्वास्थ्य सेवाओं ने ऐतिहासिक परिवर्तन का साक्षी बना है। कभी सीमित संसाधनों और बुनियादी सुविधाओं की कमी से जूझने वाला यह जिला आज आधुनिक चिकित्सा ढांचे, सुदृढ़ आपात सेवाओं और जनकल्याणकारी योजनाओं के कारण प्रदेश के अग्रणी जिलों में अपनी मजबूत पहचान बना चुका है। ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार से जशपुर की तस्वीर पूरी तरह बदल गई है। पहले जहां दूरस्थ अंचलों के लोगों को सामान्य उपचार और सुरक्षित प्रसव के लिए भी लंबी दूरी तय करनी पड़ती थी, वहीं अब जिले में ही उच्च स्तरीय उपचार की सुविधाएं उपलब्ध हो रही हैं। डायलिसिस जैसी जटिल सेवाएं, जो कभी कल्पना से परे थीं, अब जिलेवासियों के लिए सुलभ होती जा रही हैं।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में स्वास्थ्य अधोसंरचना को मजबूत करने के लिए अनेक बड़े निर्णय लिए गए हैं। जशपुर में मेडिकल कॉलेज की स्थापना के लिए वित्त विभाग से 359 करोड़ रुपये की सैद्धांतिक स्वीकृति मिलना जिले के लिए एक मील का पत्थर साबित होगा। इसके साथ ही 220 बिस्तरों वाले अत्याधुनिक अस्पताल के निर्माण के लिए 32 करोड़ रुपये की मंजूरी ने जिले में उच्च स्तरीय चिकित्सा व्यवस्था की नींव रख दी है।अखिल भारतीय कल्याण आश्रम परिसर में 35 करोड़ रुपये की लागत से आधुनिक चिकित्सालय का निर्माण कार्य तीव्र गति से जारी है, जो भविष्य में जशपुर को एक प्रमुख स्वास्थ्य केंद्र के रूप में स्थापित करेगा। वहीं नर्सिंग शिक्षा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से 8.78 करोड़ रुपये की लागत से नर्सिंग कॉलेज भवन निर्माण को स्वीकृति दी गई है, जिससे जिले को प्रशिक्षित नर्सिंग स्टाफ की स्थायी उपलब्धता सुनिश्चित होगी।
मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करते हुए कुनकुरी में 50 बिस्तरों वाले मातृ-शिशु अस्पताल का निर्माण 8.77 करोड़ रुपये की लागत से प्रगति पर है। इसके अतिरिक्त जिले में 14 करोड़ रुपये की लागत से फिजियोथेरेपी महाविद्यालय तथा कुनकुरी में 2 करोड़ 62 लाख रुपये से नेचुरोपैथी भवन निर्माण की स्वीकृति ने स्वास्थ्य सेवाओं को बहुआयामी बनाया है।वहीं मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की पहल पर जिले के फरसाबहार मुख्यालय में बहुत जल्द सत्य साईं मातृत्व शिशु चिकित्सालय की स्थापना होगी जो जिले वासियों के साथ पड़ोसी राज्यों को भी इसकी सुविधाएं मुहैया होगी। यह नागलोग क्षेत्र वासियों के लिए बड़ी सौगात है।अब स्वास्थय के क्षेत्र में लोगों के लिए यह वरदान साबित होगी।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर जिले में आपात चिकित्सा सेवाओं का उल्लेखनीय विस्तार हुआ है। स्वास्थ्य आपात स्थितियों में त्वरित सहायता सुनिश्चित करने के लिए जिले को 10 नई 108 संजीवनी एंबुलेंस उपलब्ध कराई गई हैं। अब जिले में कुल 24 संजीवनी एक्सप्रेस एंबुलेंस जीवनरक्षक सेवा प्रदान कर रही हैं। इसके अलावा 102 महतारी एक्सप्रेस की 18 एंबुलेंस गर्भवती महिलाओं को समय पर अस्पताल पहुंचाकर सुरक्षित प्रसव सुनिश्चित कर रही हैं। प्रत्येक विकासखंड में शव वाहन की उपलब्धता ने कठिन समय में ग्रामीण परिवारों को बड़ी राहत दी है।
जिले के स्वास्थ्य ढांचे को जमीनी स्तर पर मजबूत करते हुए कोतबा में 4 करोड़ 37 लाख रुपये की लागत से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भवन निर्माण की स्वीकृति दी गई है। साथ ही जिले के फरसाबहार तहसील के पेटामारा (अंकिरा) एवं गांझियाडीह, दुलदुला तहसील के करडेगा एवं सीरिमकेला तथा कुनकुरी तहसील के केराडीह में 5 नए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों की स्थापना को मंजूरी मिली है,जो ग्रामीण क्षेत्रों की स्वास्थ्य सुविधाएं बढ़ जाएगी। आज जशपुर स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में एक नए युग में प्रवेश कर चुका है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में बीते दो वर्षों में किए गए ये ऐतिहासिक प्रयास जिले को एक मजबूत, सक्षम और आधुनिक स्वास्थ्य मॉडल के रूप में स्थापित कर रहे हैं। यह परिवर्तन केवल अधोसंरचना का नहीं, बल्कि जनता के विश्वास और सुरक्षित भविष्य की ओर बढ़ते कदमों का प्रतीक है।



 

स्वास्थ्य मंत्री आरती राव का दावा- हरियाणा में मजबूत हुआ स्वास्थ्य ढांचा, मरीजों को मिल रहा बेहतर इलाज

19-Dec-2025
नई दिल्ली। ( शोर संदेश ) हरियाणा की स्वास्थ्य मंत्री आरती राव ने कहा कि सरकार का मानना है कि ‘स्वास्थ्य सबका अधिकार है’, और इसी सोच के अनुरूप नीतियां बनाई गई हैं।
स्वास्थ्य मंत्री ने विधानसभा में कांग्रेस विधायक पूजा चौधरी के प्रश्न के उत्तर में राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार ने बीते वर्षों में स्वास्थ्य क्षेत्र को सुदृढ़ करने के लिए कई ठोस कदम उठाए हैं, जिनके चलते आम जनता को बेहतर, सुलभ और गुणवत्तापूर्ण उपचार उपलब्ध हो रहा है।
उन्होंने बताया कि वर्तमान में हरियाणा में एलोपैथी चिकित्सकों की उपलब्धता में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। राज्य में औसतन 1,225 लोगों पर एक एलोपैथी डॉक्टर उपलब्ध है। यदि आयुर्वेदिक, होम्योपैथिक और यूनानी पद्धति के चिकित्सकों को भी शामिल किया जाए, तो यह अनुपात और बेहतर होकर 819 लोगों पर एक डॉक्टर का हो जाता है। यह स्थिति दर्शाती है कि प्रदेश में चिकित्सा सेवाओं की पहुंच पहले की तुलना में कहीं अधिक मजबूत हुई है।
आरती राव ने अस्पतालों और बिस्तरों की संख्या में हुई वृद्धि का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि 11 वर्ष पहले हरियाणा में केवल 700 अस्पताल बेड उपलब्ध थे, जबकि वर्तमान में यह संख्या बढ़कर 2,710 हो चुकी है। उन्होंने कहा कि इसी तरह जिला अस्पतालों और उप-मंडलीय (सब-डिविजनल) अस्पतालों की संख्या पहले 56 थी, जो अब बढ़कर 74 हो गई है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (सीएचसी) की संख्या भी 109 से बढ़कर 122 हो चुकी है।
स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि मौजूदा सरकार के गठन के बाद राज्य में मुफ्त डायलिसिस सेवा शुरू की गई, जिससे किडनी रोग से पीड़ित मरीजों को बड़ी राहत मिली है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यदि कोई डॉक्टर डेप्यूटेशन पर तैनात है, तब भी वह अपनी सेवाएं दे रहा है और मरीजों के इलाज में किसी प्रकार की लापरवाही नहीं बरती जा रही है।
मंत्री आरती राव ने कहा कि सरकार स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है, ताकि ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों के लोगों को समान, सुलभ और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें।








 

सड़क दुर्घटना में कुचल गया था चेहरा, सिम्स में हुआ ईलाज

18-Dec-2025
रायपुर, ( शोर संदेश )।  सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल 19 वर्षीय नंदकुमार पटेल निवासी ग्राम मुरली तहसील पाली जिला कोरबा को ईलाज के लिए पिछले दिनों सिम्स अस्पताल लाया गया। जांच में यह बात सामने आई कि युवक के दाएं तरफ के चेहरे की सारी हड्डियां चकना-चूर हो गई थी। चेहरा पूरी तरह से छत-विछत हो गया था । अतः मरीज के ईलाज के लिए चेहरे का सीटी स्केन कराया गया । आवश्यक सभी खून जांच व सीटी स्केन करने के बाद मरीज का आपरेशन करने का निर्णय लिया गया ,क्योंकि दुर्घटना के दौरान अत्याधिक रक्त स्राव हो जाने के कारण आपरेशन के दौरान भी खून चढ़ाया गया। 
यह आपरेशन अत्याधिक जटिल होने के कारण 6 से 7 घंटे चला, इस आपरेशन की खास बात यह है कि मरीज के चेहरे का ध्यान रखते हुए सिर में एक चीरा लगाया गया जिसे हेमीकोरोनल इनसीजन कहते है , दूसरा चीरा आंख के अन्दर से लगाया गया। इस सर्जरी की खास बात यह है कि चेहरे पर एक भी चीरा नहीं लगाया गया जिससे युवक की चेहरा खराब नहीं हुआ सामान्य जीवन जीने में मदद मिलेगी। हड्डियों को जोड़ने के लिए यह एक नई पद्धति है जिसमें चेहरे के ऊपर एक भी चीरा का निशान नहीं पड़ता है। इन टूटी हुए हड्डियों को जोड़ने के लिए 10 प्लेट्स और 35 स्क्रू का इस्तेमाल करना पड़ा जिससे मरीज के हड्डियों को अपने सही जगह में स्थापित किया जा सका। 
इस आपरेशन को सफल बनाने में दंत रोग विभाग, एनेस्थीसिया विभाग एवं रेडियोलाजी विभाग के चिकित्सकों की टीम बनाई गई थी। स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने इस आपरेशन की सराहना करते हुए छत्तीसगढ़ आयुर्विज्ञान संस्थान सिम्स के डीन,  अधीक्षक तथा सभी चिकित्सकों के कार्य की सराहना करते हुए उनका उत्साहवर्धन किया है।

स्वच्छता दीदियों की पहल से ग्रामीण क्षेत्रों में डोर टू डोर कचरा संग्रहण

18-Dec-2025
रायपुर, ( शोर संदेश )।  ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता अभियान के अंतर्गत स्वच्छता दीदी के द्वारा डोर टू डोर कचरा संग्रहण का कार्य निरंतर किया जा रहा है। कचरा का उचित जगह निष्पादन भी किया जा रहा है ।         
कलेक्टर सूरजपुर के निर्देशन एवं जिला पंचायत सीईओ के मार्गदर्शन में जिले के जनपद सूरजपुर की ग्राम पंचायत तिलसीवा, जनपद प्रतापपुर की ग्राम पंचायत मरहट्टा एवं चंदौरा, तथा जनपद रामानुजनगर की ग्राम पंचायत पोंडी और उमेशपुर में स्वच्छता दीदियों द्वारा घर-घर जाकर कचरा संग्रहण किया जा रहा है।
इस पहल का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों को स्वच्छ, स्वस्थ एवं पर्यावरण के अनुकूल बनाना है। डोर टू डोर कचरा संग्रहण से गांवों में साफ-सफाई की स्थिति में सुधार हो रहा है, वहीं ग्रामीणों में स्वच्छता के प्रति जागरूकता भी बढ़ रही है।
उल्लेखनीय है कि जिला प्रशासन द्वारा स्वच्छ भारत मिशन के तहत ग्रामीण स्वच्छता को प्राथमिकता देते हुए इस अभियान को निरंतर आगे बढ़ाया जा रहा है।
 

आकांक्षा महिला स्वयं सहायता समूह की पोषण आहार यूनिट से महिलाओं को मिला रोजगार का नया अवसर

14-Dec-2025
रायपुर, ।( शोर संदेश )  एकीकृत बाल विकास सेवाएँ (आई.सी.डी.एस) अंतर्गत आँगनवाडी केन्द्रों द्वारा दी जाने वाली छः सेवाओं में से पूरक पोषण आहार एक महत्वपूर्ण सेवा हैं । आँगनवाडी केन्द्रों के माध्यम से 6 माह से 3 वर्ष आयु के बच्चों] 3 वर्ष से 6 वर्ष आयु के बच्चों तथा गर्भवती व शिशुवती महिलाओं को पूरक पोषण आहार का प्रदाय किया जाता हैं ।  योजना के अंतर्गत 11 से 14 वर्ष आयु की शाला त्यागी किशोरी बालिकाओ तथा 14 से 18 आयु वर्ग की सभी किशोरी बालिकाओं को प्रतिदिन 5/- रू. के मान से पूरक पोषण आहार का प्रदाय किया जा रहा हैं।
ज्ञातव्य है कि छत्तीसगढ़ शासन की महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण विभाग के मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े द्वारा विकासखंड भैयाथान के दर्रीपारा में आकांक्षा महिला स्वयं सहायता समूह द्वारा पूरक पोषण आहार कार्यक्रम अंतर्गत स्थापित इस संयंत्र का गत लोकार्पण किया गया था।
जिला सूरजपुर की एकीकृत बाल विकास परियोजना भैयाथान अंतर्गत आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों एवं महिलाओं को गुणवत्तापूर्ण पूरक पोषण आहार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से आकांक्षा महिला स्वयं सहायता समूह, दर्रीपारा का चयन किया गया था।  इस आकांक्षा महिला स्वयं सहायता समूह, दर्रीपारा द्वारा लगभग 90 लाख रुपये की लागत से मीठा शक्ति आहार एवं पौष्टिक नमकीन दलिया निर्माण हेतु आधुनिक यूनिट की स्थापना की गई थी। महिला बाल विकास विभाग द्वारा मिली जानकारी में बताया गया कि इस यूनिट के माध्यम से परियोजना भैयाथान के अंतर्गत संचालित 366 आंगनबाड़ी केंद्रों के लिए लगभग 35 मीट्रिक टन मीठा शक्ति आहार एवं पौष्टिक नमकीन दलिया का निर्माण कर नियमित आपूर्ति की जाएगी।
इस संयंत्र के माध्यम से एकीकृत बाल विकास परियोजना भैयाथान के आंगनबाड़ी केंद्रों में पूरक पोषण आहार का वितरण सुनिश्चित किया जाएगा। यह पहल बच्चों एवं गर्भवती  महिलाओं के पोषण स्तर में सुधार के साथ-साथ महिला स्वयं सहायता समूहों को रोजगार एवं आत्मनिर्भरता प्रदान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल ने अस्पताल में विधायक भैयालाल राजवाड़े से मुलाकात, जल्द स्वस्थ होने की कामना

11-Dec-2025
रायपुर,   । ( शोर संदेश )  पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने रायपुर के एक निजी अस्पताल में स्वास्थ्य लाभ कर रहे बैकुंठपुर विधानसभा के विधायक एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री भैयालाल राजवाड़े से आज मुलाकात की। इस दौरान मंत्री अग्रवाल ने विधायक राजवाड़े से  उनका कुशलक्षेम जाना और स्वास्थ्य की जानकारी प्राप्त की।
मंत्री अग्रवाल ने भैयालाल राजवाड़े के जल्द स्वस्थ होकर जनता की सेवा में पुनः लौटने की कामना करते हुए ईश्वर से उनकी पूर्ण और त्वरित स्वास्थ्य लाभ की प्रार्थना की। इस अवसर पर दोनों नेताओं के बीच सौहार्दपूर्ण वार्ता हुई और स्वास्थ्य से जुड़ी आवश्यक व्यवस्थाओं को लेकर चर्चा भी हुई। राजवाड़े के इलाज में लगे चिकित्सकों से भी मंत्री ने विस्तृत जानकारी ली और आवश्यक निर्देश दिए।







 

 



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