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इन लोगों को नहीं खानी चाहिए फूल गोभी

10-Dec-2024

नई दिल्ली। ( शोर संदेश ) गैस और ब्लोटिंग की समस्या- जिन लोगों को अक्सर खाने-पीने से गैस और एसिडिटी की समस्या रहती है उन्हें फूलगोभी का सेवन न के बराबर करना चाहिए। गोभी में कार्बोहाइट्रेट होते हैं, जिससे पाचन से जुड़ी समस्याएं बढ़ सकती हैं। गोभी की सब्जी या पराठे खाने के बाद आपको गैस और ब्लोटिंग की समस्या हो सकती है। इसलिए गोभी का सेवन न करें।
थायराइड में गोभी नहीं खाएं- अगर आपको थायराइड की समस्या है तो फूलगोभी न खाएं। इससे आपकी मुश्किलें और बढ़ सकती हैं। फूलगोभी खाने से थायराइड ग्लैंग में आयोडीन के इस्तेमाल करने की शक्ति कम हो जाती है। जिससे मुश्किल हो सकती है। फूल गोभी खासतौर से T3 और T4 हार्मोन के लेवल को प्रभावित कर सकती है। इसलिए थायराइड के मरीज कम से कम फूलगोभी खाएं।
पथरी होने पर न खाएं गोभी- फूल गोभी का सेवन पथरी की समस्या होने पर भी नहीं करना चाहिए। इससे नुकसान हो सकता है। खासतौर से गॉलब्लैडर और किडनी में पथरी होने पर फूल गोभी खाने से बचना चाहिए। फूल गोभी में कैल्शियम होता है जिससे पथरी की परेशानी और बढ़ सकती है।
ब्लड क्लॉटिंग होने पर- अगर आपको ब्लड क्लोटिंग की शिकायत रहती है तो फूलगोभी का सेवन बिल्कुल न करें। फूलगोभी में पोटैशियम काफी ज्यादा होता है जिससे शरीर में खून और गाढ़ा हो सकता है। इसलिए गोभी का सेवन सीमित करें या फिर न खाएं।
प्रेगनेंसी में न खाएं गोभी- गर्भावस्था के दौरान भी आपको फूल गोभी का सेवन करने से बचना चाहिए। इससे कई तरह की समस्याएं पैदा हो सकती हैं। खासतौर से प्रेग्नेंसी में गैस, एसिडिटी और अपच की समस्या ट्रिगर कर सकती है। इसलिए गोभी से परहेज करना जरूरी है।


डायबिटीज के रोगियों को सुबह जरूर खाना चाहिए ये फल

10-Dec-2024

नई दिल्ली। ( शोर संदेश ) अमरूद एक ऐसा फल है जो पोषक तत्वों के मामले में सेब से भी ज्यादा बढ़कर है। अमरूद के फायदों की वजह से इसे संस्कृत में 'अमृत' भी कहा जाता है। सर्दियों में ताजा और मीठे अमरूद का सीजन होता है। आपको रोजाना 1 अमरूद जरूर खाना चाहिए। डायबिटीज के मरीज के लिए भी अमरूद फायदेमंद फल है। सिर्फ अमरूद ही नहीं उसके पत्ते भी डायबिटीज में फायदा करते हैं।
न्यूट्रीशियन, वेट लॉस कोच और कीटो डाइटिशियन स्वाति सिंह की मानें तो अमरूद का ग्लाइसेमिक इंडेक्स 12-24 के बीच होता है जो काफी कम है। अमरूद में ऐसे कई विटामिन पाए जाते हैं जो ब्लड शुगर लेवल को कंट्रोल रखते हैं। अमरूद में विटामिन सी, फाइबर, आयरन, पोटैशियम, लाइकोपीन और एंटी-ऑक्सीडेंट पाए जाते हैं जो ब्लड शुगर कंट्रोल करने में मदद करते हैं। इसके अलावा अमरूद खाने से वजन कम होता है और शरीर में इन्सुलिन रेजिस्टेंस बेहतर होता है।
डायबिटीज के मरीज दिनभर में 1 बड़ा अमरूद खा सकते हैं। सुबह नाश्ते में अमरूद खाना ज्यादा फायदेमंद माना जाता है। इससे दिनभर ब्लड शुगर को कंट्रोल करने में मदद मिलती है। सुबह खाली पेट अमरूद खाने से पेट और पाचन से जुड़ी समस्याओं को भी दूर किया जा सकता है। इससे कब्ज में राहत मिलती है। अमरूद खाने से मोटापा भी कम होता है।


सेहत को दमदार बना सकते हैं पान के पत्ते

09-Dec-2024

नई दिल्ली। ( शोर संदेश ) आयुर्वेद के मुताबिक पान के पत्ते चबाने से आप अपनी सेहत को काफी हद तक इम्प्रूव कर सकते हैं। औषधीय गुणों से भरपूर पान के पत्ते न केवल आपकी सेहत को मजबूत बनाने में कारगर साबित होंगे बल्कि कुछ गंभीर और जानलेवा बीमारियों के खतरे को कम करने में भी असरदार साबित हो सकते हैं। आइए पान के पत्तों को डाइट में शामिल करने के कुछ कमाल के फायदों के बारे में जानते हैं। इन फायदों के बारे में जानकर आप भी पान के पत्तों को अपनी डाइट का हिस्सा बना लेंगे।

अगर आपको भी दिनभर कमजोरी और थकान महसूस होती रहती है तो पान के पत्तों का सेवन करना शुरू कर दीजिए। आचार्य श्री बालकृष्ण के मुताबिक पान के पत्ते आपकी इस समस्या को दूर करने में मददगार साबित हो सकते हैं। सर्दी-जुकाम से छुटकारा पाने के लिए भी पान के पत्तों का इस्तेमाल किया जा सकता है। इतना ही नहीं पान के पत्तों में पाए जाने वाले तमाम तत्व सांसों से जुड़े रोगों को ट्रीट करने में भी फायदेमंद साबित हो सकते हैं।

पान के पत्तों का शरबत पीने से आप अपनी हार्ट हेल्थ को काफी हद तक इम्प्रूव कर सकते हैं। यानी दिल से जुड़ी जानलेवा बीमारियों के खतरे को कम करने के लिए पान के पत्तों का इस्तेमाल किया जा सकता है। इसके अलावा पान के पत्ते गट हेल्थ के लिए भी काफी ज्यादा फायदेमंद साबित हो सकते हैं। कब्ज जैसी पेट से जुड़ी समस्या से राहत पाने के लिए पान के पत्तों को डाइट में शामिल किया जा सकता है।

अगर आप बिना दवाई खाए बुखार ठीक करना चाहते हैं तो लगभग 3 मिली पान के अर्क को गर्म कर पी जाएं। मिर्गी आने पर भी पान के पत्तों का सेवन करने की सलाह दी जाती है। आयुर्वेद के मुताबिक सही मात्रा में और सही तरीके से पान के पत्तों को डाइट में शामिल करने से आप इस तरह के हेल्थ बेनिफिट्स हासिल कर सकते हैं।


सुबह खाली पेट पीएं किशमिश का पानी

09-Dec-2024

 नई दिल्ली। ( शोर संदेश ) आयुर्वेद के मुताबिक ड्राई फ्रूट्स को सही मात्रा में कंज्यूम करने से आप अपने शरीर को फौलादी बना सकते हैं। हेल्थ एक्सपर्ट्स भी अक्सर पौष्टिक तत्वों से भरपूर किशमिश का सेवन करने की सलाह देते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि किशमिश का पानी आपकी सेहत के लिए किशमिश से भी ज्यादा फायदेमंद साबित हो सकता है? अगर नहीं, तो आपको भी किशमिश का पानी पीने के फायदे और किशमिश का पानी बनाने के तरीके के बारे में जानकारी हासिल कर लेनी चाहिए।
किशमिश का पानी बनाना बेहद आसान है। इसके लिए आपको रात में सोने से पहले एक कटोरी या फिर गिलास में पानी भरना है। ध्यान रहे कि कटोरी या फिर गिलास कांच का होना चाहिए। अब इस पानी में किशमिश डाल दीजिए। किशमिश को भिगोकर रात भर के लिए छोड़ दीजिए। अब अगली सुबह आप किशमिश और किशमिश का पानी, दोनों का सेवन कर सकते हैं।
आयुर्वेद के मुताबिक सुबह-सुबह खाली पेट किशमिश का पानी पीना आपकी सेहत के लिए ज्यादा फायदेमंद साबित हो सकता है। आपको जानकर हैरानी होगी कि किशमिश के पानी में पाए जाने वाले तत्व डायबिटीज और ब्लड शुगर लेवल जैसी समस्याओं को कंट्रोल करने में भी कारगर साबित हो सकते हैं। इसके अलावा किशमिश का पानी आपकी थकान और कमजोरी को भी काफी हद तक कम कर सकता है।
किशमिश का पानी पीकर आप अपनी इम्यूनिटी को काफी हद तक इम्प्रूव कर सकते हैं। यानी इस ड्राई फ्रूट के पानी को रेगुलरली पीकर आप खुद को बार-बार बीमार पड़ने से बचा सकते हैं। किशमिश का पानी आपकी गट हेल्थ के लिए फायदेमंद साबित हो सकता है। इसके अलावा अगर आप अपनी हड्डियों को मजबूत बनाना चाहते हैं, तो किशमिश के पानी को अपनी डेली डाइट का हिस्सा बना सकते हैं।


अमृत से कम नहीं है अंजीर का पानी

08-Dec-2024

 नई दिल्ली। ( शोर संदेश ) ड्राई फ्रूट्स में अंजीर एक फायदेमंद सुपरफूड है। आप अंजीर को फल और ड्राई फ्रूट किसी भी रूप में खा सकते हैं। ज्यादातर लोग सूखे अंजीर का सेवन करते हैं। अंजीर को सुखाकर खाने से ये जल्दी खराब नहीं होती। हालांकि सूखी हुई अंजीर को पानी में भिगोकर खाने से इसके फायदे और बढ़ जाते हैं। इससे अंजीर पेट और पाचन के लिए फायदेमंद हो जाती है। अगर आप अंजीर का पानी भी पी लेते हैं तो ये आपके स्वास्थ्य के लिए अमृत समान बन जाता है। कब्ज, गैस, एसिडिटी को दूर कर अंजीर शरीर को ताकत पहुंचाती है। शारीरिक कमजोरी दूर करने के लिए आपको रोजाना भीगी हुए अंजीर खानी चाहिए।
पानी में भीगी अंजीर खाने के फायदे
   पानी में भीगी हुई अंजीर खाने से कब्ज़ से छुटकारा मिलता है। अंजीर में फाइबर ज्यादा होता है जिससे पेट साफ होता है और वजन भी कम होता है। पानी में भीगे अंजीर का ग्लाइसेमिक इंडेक्स भी और कम हो जाता है। जिससे डायबिटीज के मरीज भी अंजीर खा सकते हैं। हार्ट को हेल्दी रखने और ब्लड शुगर को कम करने के लिए अंजीर को भिगोकर ही खाना चाहिए। इस तरह रोजाना 2 अंजीर खाने से हड्डियों को ताकत मिलेगी। प्रेगनेंट महिलाओं के लिए और PMS और PCOD के मरीज भी अंजीर खा सकते हैं।
अंजीर का पानी पीने के फायदे
अगर आप अंजीर को रात में साफ पानी में भिगोते हैं और सुबह अंजीर खाने के बात उसका बचा हुआ पानी पीते हैं तो ये कई और फायदे भी देता है। अंजीर का पानी कई विटामिन और मिनरल से भरपूर होता है। इससे गैस एसिडिटी में आराम मिलता है। अंजीर का पानी पाचन प्रक्रिया को सुचारू बनान में मदद करता है। भीगे अंजीर और उसका पानी आंतों के लिए अच्छा माना जाता है। अंजीर का पानी वेट लॉस में भी मददगार साबित होता है। त्वचा को हेल्दी बनाने और स्ट्रेस दूर करने में भी अंजीर का पानी फायदेमंद है।
एक दिन में कितनी अंजीर खानी चाहिए?
अंजीर खाने में काफी स्वादिष्ट और मीठा ड्राई फ्रूट है। लेकिन फायदों के चक्कर में ज्यादा अंजीर खाने से उल्टा नुकसान हो सकता है। आपको 1 दिन में 2-3 अंजीर से ज्यादा नहीं खानी चाहिए। ज्यादा अंजीर खाने से ब्लड शुगर बढ़ सकता है।


शलजम में पाया जाता है ये सबसे जरूरी विटामिन

08-Dec-2024

 नई दिल्ली। ( शोर संदेश )   शलजम में विटामिन सी अच्छी मात्रा में पाया जाता है। ये सब्जी फोलेट यानि विटामिन बी9, आयरन और कैल्शियम का अच्छा सोर्स मानी जाती है। आपको सलाद के रूप में शलजम का इस्तेमाल जरूर करना चाहिए। शलजम में फाइबर सबसे ज्यादा होता है। इसे खाने से कब्ज की बीमारी को दूर किया जा सकता है।
शलजम कौन सी बीमारियों में फायदा करती है?
खांसी दूर करे- सर्दियों में ज्यादातर लोग खांसी से परेशान रहते हैं। ऐसे में शलजम को डाइट में जरूर शामिल करें। ठंड में खांसी होने पर शलजम को काटकर, भूनकर, नमक डालकर खाएं। इससे खांसी में राहत मिलेगी।
बवासीर में आराम- जिन लोगों को मसालेदार और तीखा खाने की आदत है उन्हें पाइल्स होने का खतरा रहता है। ऐसे लोगों को शलजम का इस्तेमाल जरूर करना चाहिए। फाइबर से भरपूर शलजम खाने से कब्ज की समस्या को दूर किया जा सकता है। आप शलजम के पत्तों का साग बनाकर भी खा सकते हैं।
बीपी के मरीज के लिए फायदेमंद- शलजम को ब्लड प्रेशर के मरीज भी खा सकते हैं। इसमें नाइट्रेट पाया जाता है, जो शरीर में ब्लड प्रेशर को कंट्रोल करने में मदद करता है। शलजम खाने से आंखें भी स्वस्थ रहती है। क्योंकि इसमें ल्यूटिन होता है जो आंखों के लिए फायदेमंद है।


सेब और अमरूद से कहीं ज्यादा मीठा और स्वादिष्ट होता है रामफल

07-Dec-2024
नई दिल्ली।  ( शोर संदेश )  रामफल हल्के नारंगी रंग का होता है और खाने में एकदम मीठा और स्वादिष्ट होता है। रामफल के स्वाद के आगे सेब और अमरूद का टेस्ट भी फीका लगेगा। रामफल नवंबर और दिसंबर महीने में ही मिलता है। आइये जानते हैं रामफल खाने के फायदों के बारे में।
वजन घटाए- जो लोग मोटापा कम करना चाहते हैं वो रामफल जरूर खाएं। स्वाद में भले ही ये फल आपको मीठा लगे, लेकिन वजन घटाने में भी ये असरदार साबित होता है। रामफल शरीर को एनर्जी देता है और इससे फाइबर मिलता है। रामफल खाने के काफी देर तक आपको भूख नहीं लगती। इसलिए नियमित रूप से रामफल खाकर मोटापा कम किया जा सकता है।
डायबिटीज में फायदेमंद- शुगर के मरीज को खाने-पीने में बड़ा सोच समझकर चीजों को शामिल करना पड़ता है। ऐसे कई फल हैं जो शुगर के मरीज को नुकसान पहुंचा सकते हैं। लेकिन रामफल मीठा होने के बावजूद डायबिटीज के रोगियों के लिए फायदेमंद साबित होता है। इस फल को खाने से ब्लड शुगर लेवल को कम किया जा सकता है। रामफल में ऐसे पोषक तत्व पाए जाते हैं जो कैंसर से लड़ने में भी मदद करते हैं।
बाल और त्वचा के लिए फायदेमंद- रामफल बालों और त्वचा के लिए भी फायदेमंद फल है। इसके सेवन से बालों को झड़ने की समस्या को कम किया जा सकता है। रामफल में विटामिन सी काफी होता है जो त्वचा और बालों दोनों के लिए उपयोगी साबित होता है। रामफल खाने से स्किन पर ग्लो आने लगता है।
इम्‍यूनिटी को बनाए मजबूत- रामफल का सेवन करने से इम्यून सिस्टम स्ट्रांग बनता है। जिन लोगों को इम्‍यून सिस्‍टम कमजोर है उन्हें रामफल जरूर खाना चाहिए। इससे आप सीजनल बीमारियों के खतरे से बच सकते हैं। वायरल बुखार और कई तरह के इंफेक्शन को दूर करने में भी ये फल मदद करता है। रामफल खाने से प्रतिरक्षा क्षमता बढ़ती है।

 


सर्दियों में मूंगफली खाने के फायदे

07-Dec-2024
नई दिल्ली।  ( शोर संदेश )  कोलेस्ट्रॉल घटाए- ठंड के दिनों में आपको रोजाना मूंगफली जरूर खानी चाहिए। मूंगफली खाने से शरीर में बैड कोलेस्ट्रॉल को कम किया जा सकता है। मूंगफली कई बीमारियों के खतरे से बचाती हैं। मूंगफली में मोनो-अनसैचुरेटेड फैटी एसिड पाया जाता है जो एचडीएल के लेवल को बढ़ाता है। इससे हार्ट अटैक और स्ट्रोक का खतरा भी कम होता है।
शरीर को गर्म रखे- सर्दियों में बादाम खाने से जितनी गर्मी मिलती है उतनी ही मूंगफली खाने से भी मिलती है। आपको 1-2 मुट्ठी मूंगफली रोजाना जरूर खानी चाहिए। मूंगफली खाने से आप सर्दी के असर को कम कर सकते हैं। इससे शरीर को एनर्जी मिलती है और जरूर विटामिन भी मिलते हैं। मूंगफली का रोस्ट करके खाना फायदेमंद होता है।
वजन घटाए- मूंगफली खाने से वजन भी कम हो सकता है। मूंगफली खाने के बाद काफी देर तक भूख नहीं लगती है। कई रिसर्च में भी ये पाया गया है कि मूंगफली, उससे बना तेल और पीनट बटर खाकर मोटापा कम किया जा सकता है। इससे भूख कम लगती है जिससे आपका वजन कम होता है।
डिप्रेशन भगाए- अवसाद को दूर भगाने में मूंगफली मदद करती है। मूंगफली खाने से दिमाग की बीमारियों के खतरे को कम किया जा सकता है। मूंगफली में पाया जाने वाला ट्रिप्टोफैन सेरोटोनिन रिलीज को बढ़ाता है। जिससे डिप्रेशन का खतरा कम होता है। लो सेरोटोनिन का लेवल डिप्रेशन का कारण बनता है।
अन्य फायदे- मूंगफली में ऐसे पोषक तत्व पाए जाते हैं जो स्ट्रोक के खतरे को कम करते हैं। मूंगफली का सेवन करने से ब्लड शुगर कंट्रोल रहा है और हार्ट से जुड़ी बीमारियों का खतरा भी कम होता है। मूंगफली में पाए जाने वाले एंटीऑक्सीडेंट्स कैंसर के खतरे को भी कम करते हैं।

 


इन समस्याओं में फायदेमंद है काली किशमिश

05-Dec-2024
नई दिल्ली।  ( शोर संदेश ) काली किशमिश में ऐसे कई पोषक तत्व पाए जाते हैं जो कई गंभीर बीमारियों से बचाव करते हैं। आयरन से भरपूर यह सूखा मेवा ऑक्सीजन के ब्लड सर्कुलेश को बढ़ाने में मदद करता है। काली किशमिश एंटीऑक्सिडेंट और विटामिन सी का एक बेहतरीन स्रोत है, जो सेहत के लिए लिए फायदेमंद है। इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट ऑक्सीडेटिव तनाव को कम करते हैं और नींद की समस्याओं से जुड़े सूजन संबंधी लक्षणों को कम करते हैं। चलिए जानते हैं काली किशमिश का सेवन करने से आपकी सेहत को और क्या फायदे होंगे और इसे कब और कैसे खाना चाहिए?
हाई बीपी में है फायदेमंद:  काली किशमिश पोटेशियम का समृद्ध स्रोत है जो ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करने में मदद करता है। इसमें रक्तचाप को नियंत्रित करने के गुण होते हैं जो हाई ट्राइग्लिसराइड्स, हाई कोलेस्ट्रॉल या हृदय रोग से जूझ रहे व्यक्तियों के लिए विशेष रूप से सहायक होते हैं।
 

सुबह 10 मिनट दौड़ने के फायदे

05-Dec-2024
नई दिल्ली।  ( शोर संदेश ) वजन घटाने में आपकी डाइट सबसे बड़ा रोल प्ले करती है। इसके अलावा आप दिनभर में क्या फिजिकल एक्टिविटी करते हैं वो मायने रखती है। हेल्दी रहने और मोटापा कम करने के लिए रोजाना 45 मिनट की वॉक करने की सलाह दी जाती है, लेकिन जिन लोगों के पास समय की कमी है वो 10 मिनट की दौड़ से भी भरपूर फायदा उठा सकते हैं। रोजाना 10 मिनट रनिंग करने से हार्ट अटैक का खतरा कम होता है और वजन भी तेजी से कम होता है। जानिए रोजाना दौड़ने के फायदे।
10 मिनट दौड़ने के फायदे
हार्ट रहेगा हेल्दी- रोजाना सिर्फ 10 मिनट दौड़ने से दिल की सेहत अच्छी रहती है। इससे ब्लड प्रेशर कंट्रोल रहता है और हार्ट की फंक्शनिंग बेहतर बनती है। मांसपेशियां तेजी से ब्लड को पंप करती है जिससे हार्ट हेल्दी रहता है। इसलिए आपको रोज कुछ मिनट रनिंग जरूर करनी चाहिए।
वजन कम- मोटापा कम करने के लिए वॉक से कहीं ज्यादा असरदार है रनिंग। रोज कुछ मिनट की रनिंग करने से तेजी से फैट बर्न होता है और वजन कम होता है। पेट की चर्बी को रनिंग करके कम किया जा सकता है। रनिंग करते वक्त ज्यादा कैलोरी बर्न करते हैं। जो वजन घटाने के लिए जरूरी है।
हैप्पी हार्मोन बढ़ता है- जब आप दौड़ लगाते हैं तो शरीर में हैप्पी हार्मोंस बढ़ते हैं। रनिंग करने से HGH हार्मोन का उत्पादन होता है। जिससे शरीर हैप्पी और हेल्दी बनता है। रोजाना दौड़ने से एजिंग को भी कम किया जा सकता है।
नींद में सुधार- जिन लोगों को नींद न आने की समस्या रहती है उन्हें रोजाना दौड़ने से फायदा होगा। दौड़ने से आपकी नींद, स्लीप पैर्टन और क्वालिटी ऑफ स्लीप में भी सुधार आएगा। सिर्फ 10 मिनट की रनिंग या कार्डियो एक्सरसाइज से रात में गहरी और अच्छी नींद आती है।
हड्डी और मांसपेशियां होंगी मजबूत- दौड़ना केवल हार्ट संबंधी फायदे ही नहीं पहुंचाता बल्कि इससे मांसपेशियों और जोड़ों को भी मजबूती मिलती है। नियमित रूप से दौड़ने से पैरों और कोर की मांसपेशियों की ताकत बढ़ती है। दौड़ने से ग्रोथ हार्मोन का उत्पादन बढ़ता है जो मांसपेशियों के ऊतकों को हील और रिपेयर करता है। दौड़ने से हड्डियां मजबूत बनती हैं।

 




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