
नई दिल्ली। ( शोर संदेश ) गैस और ब्लोटिंग की समस्या- जिन लोगों को अक्सर खाने-पीने से गैस और एसिडिटी की समस्या रहती है उन्हें फूलगोभी का सेवन न के बराबर करना चाहिए। गोभी में कार्बोहाइट्रेट होते हैं, जिससे पाचन से जुड़ी समस्याएं बढ़ सकती हैं। गोभी की सब्जी या पराठे खाने के बाद आपको गैस और ब्लोटिंग की समस्या हो सकती है। इसलिए गोभी का सेवन न करें।
थायराइड में गोभी नहीं खाएं- अगर आपको थायराइड की समस्या है तो फूलगोभी न खाएं। इससे आपकी मुश्किलें और बढ़ सकती हैं। फूलगोभी खाने से थायराइड ग्लैंग में आयोडीन के इस्तेमाल करने की शक्ति कम हो जाती है। जिससे मुश्किल हो सकती है। फूल गोभी खासतौर से T3 और T4 हार्मोन के लेवल को प्रभावित कर सकती है। इसलिए थायराइड के मरीज कम से कम फूलगोभी खाएं।
पथरी होने पर न खाएं गोभी- फूल गोभी का सेवन पथरी की समस्या होने पर भी नहीं करना चाहिए। इससे नुकसान हो सकता है। खासतौर से गॉलब्लैडर और किडनी में पथरी होने पर फूल गोभी खाने से बचना चाहिए। फूल गोभी में कैल्शियम होता है जिससे पथरी की परेशानी और बढ़ सकती है।
ब्लड क्लॉटिंग होने पर- अगर आपको ब्लड क्लोटिंग की शिकायत रहती है तो फूलगोभी का सेवन बिल्कुल न करें। फूलगोभी में पोटैशियम काफी ज्यादा होता है जिससे शरीर में खून और गाढ़ा हो सकता है। इसलिए गोभी का सेवन सीमित करें या फिर न खाएं।
प्रेगनेंसी में न खाएं गोभी- गर्भावस्था के दौरान भी आपको फूल गोभी का सेवन करने से बचना चाहिए। इससे कई तरह की समस्याएं पैदा हो सकती हैं। खासतौर से प्रेग्नेंसी में गैस, एसिडिटी और अपच की समस्या ट्रिगर कर सकती है। इसलिए गोभी से परहेज करना जरूरी है।

नई दिल्ली। ( शोर संदेश ) अमरूद एक ऐसा फल है जो पोषक तत्वों के मामले में सेब से भी ज्यादा बढ़कर है। अमरूद के फायदों की वजह से इसे संस्कृत में 'अमृत' भी कहा जाता है। सर्दियों में ताजा और मीठे अमरूद का सीजन होता है। आपको रोजाना 1 अमरूद जरूर खाना चाहिए। डायबिटीज के मरीज के लिए भी अमरूद फायदेमंद फल है। सिर्फ अमरूद ही नहीं उसके पत्ते भी डायबिटीज में फायदा करते हैं।
न्यूट्रीशियन, वेट लॉस कोच और कीटो डाइटिशियन स्वाति सिंह की मानें तो अमरूद का ग्लाइसेमिक इंडेक्स 12-24 के बीच होता है जो काफी कम है। अमरूद में ऐसे कई विटामिन पाए जाते हैं जो ब्लड शुगर लेवल को कंट्रोल रखते हैं। अमरूद में विटामिन सी, फाइबर, आयरन, पोटैशियम, लाइकोपीन और एंटी-ऑक्सीडेंट पाए जाते हैं जो ब्लड शुगर कंट्रोल करने में मदद करते हैं। इसके अलावा अमरूद खाने से वजन कम होता है और शरीर में इन्सुलिन रेजिस्टेंस बेहतर होता है।
डायबिटीज के मरीज दिनभर में 1 बड़ा अमरूद खा सकते हैं। सुबह नाश्ते में अमरूद खाना ज्यादा फायदेमंद माना जाता है। इससे दिनभर ब्लड शुगर को कंट्रोल करने में मदद मिलती है। सुबह खाली पेट अमरूद खाने से पेट और पाचन से जुड़ी समस्याओं को भी दूर किया जा सकता है। इससे कब्ज में राहत मिलती है। अमरूद खाने से मोटापा भी कम होता है।

नई दिल्ली। ( शोर संदेश ) आयुर्वेद के मुताबिक पान के पत्ते चबाने से आप अपनी सेहत को काफी हद तक इम्प्रूव कर सकते हैं। औषधीय गुणों से भरपूर पान के पत्ते न केवल आपकी सेहत को मजबूत बनाने में कारगर साबित होंगे बल्कि कुछ गंभीर और जानलेवा बीमारियों के खतरे को कम करने में भी असरदार साबित हो सकते हैं। आइए पान के पत्तों को डाइट में शामिल करने के कुछ कमाल के फायदों के बारे में जानते हैं। इन फायदों के बारे में जानकर आप भी पान के पत्तों को अपनी डाइट का हिस्सा बना लेंगे।
अगर आपको भी दिनभर कमजोरी और थकान महसूस होती रहती है तो पान के पत्तों का सेवन करना शुरू कर दीजिए। आचार्य श्री बालकृष्ण के मुताबिक पान के पत्ते आपकी इस समस्या को दूर करने में मददगार साबित हो सकते हैं। सर्दी-जुकाम से छुटकारा पाने के लिए भी पान के पत्तों का इस्तेमाल किया जा सकता है। इतना ही नहीं पान के पत्तों में पाए जाने वाले तमाम तत्व सांसों से जुड़े रोगों को ट्रीट करने में भी फायदेमंद साबित हो सकते हैं।
पान के पत्तों का शरबत पीने से आप अपनी हार्ट हेल्थ को काफी हद तक इम्प्रूव कर सकते हैं। यानी दिल से जुड़ी जानलेवा बीमारियों के खतरे को कम करने के लिए पान के पत्तों का इस्तेमाल किया जा सकता है। इसके अलावा पान के पत्ते गट हेल्थ के लिए भी काफी ज्यादा फायदेमंद साबित हो सकते हैं। कब्ज जैसी पेट से जुड़ी समस्या से राहत पाने के लिए पान के पत्तों को डाइट में शामिल किया जा सकता है।
अगर आप बिना दवाई खाए बुखार ठीक करना चाहते हैं तो लगभग 3 मिली पान के अर्क को गर्म कर पी जाएं। मिर्गी आने पर भी पान के पत्तों का सेवन करने की सलाह दी जाती है। आयुर्वेद के मुताबिक सही मात्रा में और सही तरीके से पान के पत्तों को डाइट में शामिल करने से आप इस तरह के हेल्थ बेनिफिट्स हासिल कर सकते हैं।

नई दिल्ली। ( शोर संदेश ) आयुर्वेद के मुताबिक ड्राई फ्रूट्स को सही मात्रा में कंज्यूम करने से आप अपने शरीर को फौलादी बना सकते हैं। हेल्थ एक्सपर्ट्स भी अक्सर पौष्टिक तत्वों से भरपूर किशमिश का सेवन करने की सलाह देते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि किशमिश का पानी आपकी सेहत के लिए किशमिश से भी ज्यादा फायदेमंद साबित हो सकता है? अगर नहीं, तो आपको भी किशमिश का पानी पीने के फायदे और किशमिश का पानी बनाने के तरीके के बारे में जानकारी हासिल कर लेनी चाहिए।
किशमिश का पानी बनाना बेहद आसान है। इसके लिए आपको रात में सोने से पहले एक कटोरी या फिर गिलास में पानी भरना है। ध्यान रहे कि कटोरी या फिर गिलास कांच का होना चाहिए। अब इस पानी में किशमिश डाल दीजिए। किशमिश को भिगोकर रात भर के लिए छोड़ दीजिए। अब अगली सुबह आप किशमिश और किशमिश का पानी, दोनों का सेवन कर सकते हैं।
आयुर्वेद के मुताबिक सुबह-सुबह खाली पेट किशमिश का पानी पीना आपकी सेहत के लिए ज्यादा फायदेमंद साबित हो सकता है। आपको जानकर हैरानी होगी कि किशमिश के पानी में पाए जाने वाले तत्व डायबिटीज और ब्लड शुगर लेवल जैसी समस्याओं को कंट्रोल करने में भी कारगर साबित हो सकते हैं। इसके अलावा किशमिश का पानी आपकी थकान और कमजोरी को भी काफी हद तक कम कर सकता है।
किशमिश का पानी पीकर आप अपनी इम्यूनिटी को काफी हद तक इम्प्रूव कर सकते हैं। यानी इस ड्राई फ्रूट के पानी को रेगुलरली पीकर आप खुद को बार-बार बीमार पड़ने से बचा सकते हैं। किशमिश का पानी आपकी गट हेल्थ के लिए फायदेमंद साबित हो सकता है। इसके अलावा अगर आप अपनी हड्डियों को मजबूत बनाना चाहते हैं, तो किशमिश के पानी को अपनी डेली डाइट का हिस्सा बना सकते हैं।

नई दिल्ली। ( शोर संदेश ) ड्राई फ्रूट्स में अंजीर एक फायदेमंद सुपरफूड है। आप अंजीर को फल और ड्राई फ्रूट किसी भी रूप में खा सकते हैं। ज्यादातर लोग सूखे अंजीर का सेवन करते हैं। अंजीर को सुखाकर खाने से ये जल्दी खराब नहीं होती। हालांकि सूखी हुई अंजीर को पानी में भिगोकर खाने से इसके फायदे और बढ़ जाते हैं। इससे अंजीर पेट और पाचन के लिए फायदेमंद हो जाती है। अगर आप अंजीर का पानी भी पी लेते हैं तो ये आपके स्वास्थ्य के लिए अमृत समान बन जाता है। कब्ज, गैस, एसिडिटी को दूर कर अंजीर शरीर को ताकत पहुंचाती है। शारीरिक कमजोरी दूर करने के लिए आपको रोजाना भीगी हुए अंजीर खानी चाहिए।
पानी में भीगी अंजीर खाने के फायदे
पानी में भीगी हुई अंजीर खाने से कब्ज़ से छुटकारा मिलता है। अंजीर में फाइबर ज्यादा होता है जिससे पेट साफ होता है और वजन भी कम होता है। पानी में भीगे अंजीर का ग्लाइसेमिक इंडेक्स भी और कम हो जाता है। जिससे डायबिटीज के मरीज भी अंजीर खा सकते हैं। हार्ट को हेल्दी रखने और ब्लड शुगर को कम करने के लिए अंजीर को भिगोकर ही खाना चाहिए। इस तरह रोजाना 2 अंजीर खाने से हड्डियों को ताकत मिलेगी। प्रेगनेंट महिलाओं के लिए और PMS और PCOD के मरीज भी अंजीर खा सकते हैं।
अंजीर का पानी पीने के फायदे
अगर आप अंजीर को रात में साफ पानी में भिगोते हैं और सुबह अंजीर खाने के बात उसका बचा हुआ पानी पीते हैं तो ये कई और फायदे भी देता है। अंजीर का पानी कई विटामिन और मिनरल से भरपूर होता है। इससे गैस एसिडिटी में आराम मिलता है। अंजीर का पानी पाचन प्रक्रिया को सुचारू बनान में मदद करता है। भीगे अंजीर और उसका पानी आंतों के लिए अच्छा माना जाता है। अंजीर का पानी वेट लॉस में भी मददगार साबित होता है। त्वचा को हेल्दी बनाने और स्ट्रेस दूर करने में भी अंजीर का पानी फायदेमंद है।
एक दिन में कितनी अंजीर खानी चाहिए?
अंजीर खाने में काफी स्वादिष्ट और मीठा ड्राई फ्रूट है। लेकिन फायदों के चक्कर में ज्यादा अंजीर खाने से उल्टा नुकसान हो सकता है। आपको 1 दिन में 2-3 अंजीर से ज्यादा नहीं खानी चाहिए। ज्यादा अंजीर खाने से ब्लड शुगर बढ़ सकता है।

नई दिल्ली। ( शोर संदेश ) शलजम में विटामिन सी अच्छी मात्रा में पाया जाता है। ये सब्जी फोलेट यानि विटामिन बी9, आयरन और कैल्शियम का अच्छा सोर्स मानी जाती है। आपको सलाद के रूप में शलजम का इस्तेमाल जरूर करना चाहिए। शलजम में फाइबर सबसे ज्यादा होता है। इसे खाने से कब्ज की बीमारी को दूर किया जा सकता है।
शलजम कौन सी बीमारियों में फायदा करती है?
खांसी दूर करे- सर्दियों में ज्यादातर लोग खांसी से परेशान रहते हैं। ऐसे में शलजम को डाइट में जरूर शामिल करें। ठंड में खांसी होने पर शलजम को काटकर, भूनकर, नमक डालकर खाएं। इससे खांसी में राहत मिलेगी।
बवासीर में आराम- जिन लोगों को मसालेदार और तीखा खाने की आदत है उन्हें पाइल्स होने का खतरा रहता है। ऐसे लोगों को शलजम का इस्तेमाल जरूर करना चाहिए। फाइबर से भरपूर शलजम खाने से कब्ज की समस्या को दूर किया जा सकता है। आप शलजम के पत्तों का साग बनाकर भी खा सकते हैं।
बीपी के मरीज के लिए फायदेमंद- शलजम को ब्लड प्रेशर के मरीज भी खा सकते हैं। इसमें नाइट्रेट पाया जाता है, जो शरीर में ब्लड प्रेशर को कंट्रोल करने में मदद करता है। शलजम खाने से आंखें भी स्वस्थ रहती है। क्योंकि इसमें ल्यूटिन होता है जो आंखों के लिए फायदेमंद है।



