





नई दिल्ली। ( शोर संदेश ) वैसे को आंवला खाना सेहत के लिए काफी फायदेमंद माना जाता है। यह विटामिन सी और एंटीऑक्सीडेंट से भरा होता है। आमतौर पर बच्चों को आंवला खाना पसंद नहीं होता है। लेकिन आप इस तरह से आंवले की टेस्टी चटनी बनाएंगे, तो आप इसे खाने के साथ खा सकते हैं। आइए आपको इसे बनाने की विधि बताते हैं।
आंवला सेहत के लिए बेहद फायदेमंद माना जाता है, डॉक्टर भी आंवला खाने की सलाह देते हैं। क्योंकि इसमें भरपूर मात्रा में विटामिन सी और एंटीऑक्सीडेंट पाया जाता है। सर्दियों में आंवला खाना काफी फायदेमंद माना जाता है। इसके सेवन से कई समस्याओं से छुटकारा मिल जाता है। आंवले का स्वाद खट्टा होते है, जिस वजह से बच्चों को इसे खाना पसंद नहीं करते हैं। अगर आप घर पर आंवले की चटपटी चटनी बनाएंगे तो इसे सभी लोग खाना पसंद करेंगे। आइए आपको बताते हैं इसे बनाने का तरीका।
आंवले की चटनी बनाने के लिए सामग्री
- 1/2 किलो आंवला
- 1 बड़ा चम्मच तेल
- 1 बड़ा चम्मच पंचफोरन ( मेथी दाना, कलौंजी, जीरा, काली सरसों और सौंफ बीज का मिक्स)
- 1 चम्मच साबुत धनिया के बीज
- आधा चम्मच से भी कम हिंग पाउडर
- 1/2 कप गुड़
- 1 चम्मच मिर्च पाउडर
- 1 चम्मच हल्दी पाउडर
- 1 चम्मच धनिया पाउडर
- 1 चम्मच काला नमक
- 1 चम्मच अदरक कटा हुआ
कैसे बनाएं आंवला की चटनी
- सबसे पहले आंवला को मीडियम आंच पर 10-15 मिनट भाप में पकाएं। जब आंवले नरम हो जाएं तो इसके बीज निकालकर आंवले का गूदा को अलग कर लें। अब एक पैन में 1 बड़ा चम्मच तेल लें, उसमें 1 चम्मच मेथी दाना, कलौंजी, जीरा, काली सरसों और सौंफ बीज डालें। इसके बाद 1 चम्मच साबुत धनिया के बीज और थोड़ा सा हींग पाउडर डालें। फिर आप इसमें उबले हुए आंवले डालें और 5 मिनट तक अच्छे से भून लें। अब आप इसमें आधा कप गुड़ डाल दें। इसको आप मध्यम आंच पर तब तक पकाएं जब तक गुड़ पिघल न जाए और मिक्स थोड़ा गाढ़ा न हो जाए। जब यह गाढ़ा हो जाएगा तो इसे धीमी आंच पर रखें। फिर आप इसमें मिर्च पाउडर, हल्दी पाउडर, धनिया पाउडर और काला नमक डालें। फिर बारीक कटा हुआ अदरक भी इसमें मिला दें। अच्छे से मिक्स के बाद आपकी आंवले की चटनी तैयार है। इसे रोटी, पराठा, चावल के साथ सर्व करें।

नई दिल्ली। ( शोर संदेश ) आयुर्वेद के मुताबिक नीम के पत्ते आपकी ओवरऑल हेल्थ के लिए काफी ज्यादा फायदेमंद साबित हो सकते हैं। औषधीय गुणों से भरपूर ये पत्ते स्वाद में भले ही कड़वे होते हैं, लेकिन इनके कमाल के फायदों के आगे इनके कड़वे स्वाद को झेलना वर्थ इट साबित हो सकता है। नीम की पत्तियों को दादी-नानी के जमाने से सेहत से जुड़ी कई समस्याओं से छुटकारा पाने के लिए इस्तेमाल किया जाता है। आइए इनके कुछ हेल्थ बेनिफिट्स के बारे में जानते हैं।
अगर आपको हर समय थकान और कमजोरी महसूस होती है तो नीम के पत्तों का सेवन करना शुरू कर दीजिए। नीम के पत्ते आपकी गट हेल्थ को काफी हद तक इम्प्रूव कर सकते हैं। पेट से जुड़ी समस्याओं से छुटकारा पाने के लिए नीम के पत्तों का सेवन किया जा सकता है। बेहतर परिणाम हासिल करने के लिए हर रोज सुबह-सुबह नीम के 4-5 पत्तों को चबाएं।
अगर आप अपने इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाना चाहते हैं, तो आप नीम के पत्तों को अपनी डाइट में शामिल कर सकते हैं। नीम के पत्तों को रेगुलरली चबाने से आप खुद को बार-बार बीमार पड़ने से बचा सकते हैं। नीम के पत्ते आपकी बॉडी को डिटॉक्सिफाई करने में कारगर साबित हो सकते हैं। नीम के पत्तों को आंखों की सेहत के लिए भी फायदेमंद माना जाता है।
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि नीम के पत्तों में प्रोटीन, कैल्शियम, विटामिन सी, फाइबर, कार्बोहाइड्रेट, फॉस्फोरस, पोटैशियम जैसे पौष्टिक तत्वों की अच्छी खासी मात्रा पाई जाती है। इसके अलावा नीम की पत्तियां एंटीबैक्टीरियल, एंटीवायरल और एंटीफंगल गुणों से भरपूर होती हैं। इन तत्वों की वजह से ही आयुर्वेद एक्सपर्ट नीम की पत्तियों का सेवन करने की सलाह देते हैं।

नई दिल्ली। ( शोर संदेश ) आजकल हेल्थ एक्सपर्ट भीगे हुए ड्राई फ्रूट्स खाने की सलाह देते हैं। सर्दियों में भी आप बादाम, किशमिश और अखरोट को पानी में भिगोकर खा सकते हैं। भिगोकर खाने से अखरोट के फायदे कई गुना बढ़ जाते हैं। अखरोट हमारे हार्ट और दिमाग के लिए एक सुपरहेल्दी ड्राई फ्रूट है। अखरोट की शेप दिमाग के जैसी होती है। इसलिए इसे दिमाग को ताकत देने वाला ड्राई फ्रूट माना जाता है। अखरोट में कई पोषक तत्व पाए जाते हैं इसलिए रोजाना अखरोट खाने से आप अपनी सेहत को ठीक रख सकते हैं। जानिए अखरोट को भिगोकर खाने से क्या फायदा मिलता है।
कोई भी मेवा हो वो तसीर में गर्म होता है। अखरोट भी गर्म तासीर का ड्राई फ्रूट है इसलिए इसे भिगोकर खाना चाहिए। आप रात में 2 अखरोट की गिरी को पानी में भिगो दें। सुबह इसे दूसरे भीगे हुए नट्स के साथ या ऐसे ही सिर्फ 2 अखरोट खा लें। इससे अखरोट गर्मी नहीं करेगा और इसे पचाना भी आसान हो जाएगा। आप रात में दूध में भिगोकर भी अखरोट का सेवन कर सकते हैं। अखरोट के साथ आप दूसरे ड्राई फ्रूट्स भी खा रहे हैं। दिमाग और हार्ट के लिए अखरोट को सबसे अच्छा माना जाता है।
अखरोट में ओमेगा 3 फैटी एसिड की मात्रा काफी होती है.
अखरोट में विटामिन ई, विटामिन सी और विटामिन ए होता है.
अखरोट खाने से मैग्नीशियम की कमी पूरी की जा सकती है.
आयरन, कैल्शियम की कमी दूर करने के लिए भी अखरोट खा सकते हैं.
अखरोट खाने से विटामिन K की कमी को भी पूरा किया जा सकता है.
अखरोट में प्रोटीन, कार्ब, फाइबर, सैचुरेटेड फैट और अनसैचुरेटेड फैट होता है.
फोलेट, जिंक, कॉपर और सेलेनियम जैसे मिनरल भी अखरोट में होते हैं.
अखरोट में फास्फोरस और कोलीन जैसे पोषक तत्व भी पाए जाते हैं.
हार्ट को हेल्दी और दिमाग को स्वस्थ बनाने में अखरोट मदद करता है.

नई दिल्ली। ( शोर संदेश ) नाशपाती एक ऐसा फल है जो पौष्टिक गुणों से भरपूर है। इसमें विटामिन, मिनरल और एंटीऑक्सीडेंट्स की अच्छी मात्रा होती है। नाशपाती में भरपूर मात्रा में फाइबर, विटामिन सी, फ़िटेनियोटेंट्स, फ्लेवोनोइड्स, प्रोटीन, आयरन के साथ कैल्शियम पाया जाता है जो सेहत के लिए लाभकारी है। ऐसे में चलिए जानते हैं रोज नाशपाती खाने से आपकी सेहत पर अच्छा या बुरा कैसा प्रभाव पड़ता है?
अगर आप तेजी से वजन कम करना चाहते हैं तो अपनी डाइट में नाशपाती को शामिल करें। एक रिसर्च के अनुसार 12 सप्ताह तक दिन में 3 बार अगर नाशपाती का सेवन करे तो तेजी से मोटापा कम हो जाता है।
नाशपाती आपके शरीर में नमी वापस लाकर आपके फेफड़ों के स्वास्थ्य का समर्थन कर सकते हैं। नाशपाती खाने से फेफड़ों को मदद मिलेगी जो शुष्क, धुएं से भरी हवा के कारण विषाक्त पदार्थों से अधिक प्रभावित होते हैं। नाशपाती में गर्मी को दूर करने और फेफड़ों को नम करने की क्षमता होती है।
नाशपातीमें मौजूद आर्बुटिन लीवर विकारों में लाभकारी हो सकता है। इसमें मौजूद आर्बुटिन में एंटीऑक्सीडेंट, एंटी-इंफ्लेमेटरी और लीवर की सुरक्षा करने वाले गुण होते हैं। यह बिलीरुबिन के स्तर को कम करता है। आर्बुटिन लिपिड पेरोक्सीडेशन को भी रोकता है और लीवर कोशिकाओं की रक्षा करता है। नाशपाती के छिलके का अर्क रक्त में लीवर एंजाइम की वृद्धि को रोकता है।
नाशपाती का सेवन करने से आपका कोलेस्ट्राल लेवल कंट्रोल करता है। जिससे आपका हार्ट भी हेल्दी रहता है। नाशपाती फाइबर का एक बेहतरीन स्रोत है, जो हृदय रोग के खिलाफ़ कारगर साबित हुआ है। फलों, सब्जियों, अनाज और अनाज से मिलने वाला फाइबर रक्तचाप और कोलेस्ट्रॉल को कम करके हृदय रोग के जोखिम को कम कर सकता है।
नाशपाती कब्ज में लाभकारी हो सकती है। यह पाचन प्रक्रिया को बेहतर कर मल को नरम बनाता है और पास करना आसान बनाता है। नाशपाती फाइबर का भी एक समृद्ध स्रोत है। यह फाइबर सामग्री मल को भारी बनाती है। इस प्रकार, नाशपाती मल आवृत्ति को बढ़ाने में भी मदद करती है।

नई दिल्ली। ( शोर संदेश ) इन दिनों लोग मोटापे की चपेट में तेजी से आ रहे हैं। ऐसे में इसे कम करने के लिए न जाने कितने जतन करते हैं। लेकिन एक बात जान लें अगर डाइट सही नहीं है तो आप कितनी भी कोशिश कर लें मोटापा कम नहीं होगा। अपनी डाइट में आप इस सूखे मेवे को शामिल कर मोटापे से छुटकारा पा सकते हैं। छोटे छोटे गोल आकार के मखाने में एंटीऑक्सीडेंट्स कैल्शियम फाइबर प्रोटीन और कार्बोहाइड्रेट जैसे कई पोषक तत्व पाए जाते हैं, जो पाचन क्षमता को बेहतर बनाते हैं। इसमें एंटी एजिंग गुण मौजूद होते हैं जो आपकी स्किन की बेहतर देखभाल करते हैं। अगर आप इसका सेवन सुबह के समय करते हैं तो इसके फायदे कई गुना बढ़ जाते हैं। चलिए हम आपको बताते हैं सुबह के समय इसका सेवन करने से आप सेहत को क्या फायदे होंगे।
अगर आप अपना वजन कम करना चाहते हैं तो सुबह के समय एक मुट्ठी मखाना रोज़ाना खाएं। सुबह इसका सेवन करने से यह आसानी से पच जाता है। ऐसे खाने से पेट लंबे समय तक भरा हुआ रहता है और फूड की क्रेविंग भी कम होती है, जिससे वजन कम करने में मदद मिलती है। मखाना देसी घी में भूनकर नमक और काली मिर्च मिलाकर नमकीन की तरह खा सकते हैं और अगर आपको दूध पसंद है तो आप इसे दूध में उबालकर भी पी सकते हैं।
मखाना ड्राई फ्रूट होने के साथ साथ शारीरिक कमजोरी दूर करने का सबसे अच्छा उपाय है। ये केवल सेहत को नहीं सुधारता, इसे डाइट में शामिल किया जाए तो ये गर्भधारण की समस्या से जूझ रहे लोगों की मदद करता है।
कई पौष्टिक तत्वों से भरपूर होने के कारण ये डायबिटीज के मरीजों के लिए भी फायदेमंद है, इसके लगातार सेवन से शुगर कंट्रोल होता है।
मखाना चूंकि एंटी ऑक्सिडेंट से भरपूर होता है इसलिए अगर आप रोज सुबह खाली पेट चार पांच मखा खा लेंगे तो आपके चेहरे पर उम्र के निशान कम होते जाएंगे और स्किन जवां होगी।
मखाना किडनी के लिए बहुत ही अच्छा होता है। इसमें कैलोरी नाममात्र की होती है और कैल्शियम भरपूर होता है। इसलिए इस हड्डियों की मजबूती के लिए भी अच्छा डाइट माना जाता है।