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गरियाबंद में रक्तदान शिविर: युवाओं ने बढ़-चढ़कर लिया हिस्सा

23-Aug-2025
गरियाबंद । ( शोर संदेश ) शासकीय जिला अस्पताल में आज प्रजापति ब्रम्हकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय एवं गरियाबंद ब्लड डोनर ग्रुप द्वारा रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। इस अवसर पर कलेक्टर  बी. एस. उइके ने शिविर का निरीक्षण कर समस्त व्यवस्थाओं का अवलोकन किया और रक्तदाताओं से भेंटकर उनका उत्साहवर्धन किया।
कलेक्टर उइके ने इस अवसर पर कहा कि रक्तदान एक महान मानवीय सेवा है। प्रत्येक व्यक्ति को समय-समय पर रक्तदान कर समाज में अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन करना चाहिए। उन्होंने कहा कि रक्त की उपलब्धता से गंभीर रूप से बीमार मरीजों, प्रसवकालीन जटिलताओं से गुजर रही महिलाओं तथा दुर्घटना पीड़ितों का जीवन बचाया जा सकता है।
उन्होंने प्रजापति ब्रम्हकुमारी फाउंडेशन एवं बल्ड डोनर ग्रुप की पहल की सराहना करते हुए कहा कि समाज में सेवा एवं सहयोग की भावना को प्रोत्साहित करने के लिए इस प्रकार के आयोजन अत्यंत आवश्यक हैं। साथ ही उन्होंने युवाओं से अधिक से अधिक संख्या में रक्तदान करने की अपील की। निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने अस्पताल प्रबंधन को निर्देशित किया कि रक्तदान शिविर में आने वाले सभी दाताओं का स्वास्थ्य परीक्षण कर रक्त दान की प्रक्रिया पूर्ण करे। उन्होंने कहा कि रक्त संग्रहण एवं भंडारण की प्रक्रिया पूर्णत: सुरक्षित और वैज्ञानिक तरीके से करे, ताकि भविष्य में जरूरतमंद मरीजों को इसका लाभ समय पर मिल सके।
जिला अस्पताल में आयोजित रक्तदान शिविर में बड़ी संख्या में रक्तदाताओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कई युवाओं ने पहली बार रक्तदान कर समाज सेवा का संकल्प लिया। शिविर में जिला अस्पताल के चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों की टीम सक्रिय रूप से मौजूद रही। इस अवसर पर प्रजापति ब्रम्हकुमारी फाउंडेशन के पदाधिकारियों ने कलेक्टर उइके को संस्था की गतिविधियों और सामाजिक योगदान के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि संस्था समय-समय पर स्वास्थ्य, शिक्षा और सामाजिक जागरूकता संबंधी कार्यक्रम आयोजित करती है। शिविर के दौरान वातावरण में उत्साह और सेवा भाव का संचार दिखाई दिया। रक्तदाताओं को प्रमाण पत्र भी प्रदान किए गए और उन्हें पौष्टिक आहार उपलब्ध कराया गया। इस कार्यक्रम में सीएमएचओ डॉ. यू एस नवरत्न, सिविल सर्जन डॉ. वाय के ध्रुव, चिकित्सा अधिकारी डॉ. हरीश चौहान सहित जिला अस्पताल के अधिकारी-कर्मचारी, प्रजापति ब्रम्हकुमारी फाउंडेशन के पदाधिकारी, स्वयंसेवक एवं बड़ी संख्या में नागरिक मौजूद रहे।


















 

कवर्धा जिला अस्पताल में सीटी स्कैन सुविधा शुरू, एक माह में 145 मरीजों को मिला लाभ

23-Aug-2025
रायपुर,। शोर संदेश ) प्रदेश में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार को लेकर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की मंशा के अनुरूप, उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा के प्रयास और स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जयसवाल के निर्देश पर कबीरधाम जिले को एक ऐतिहासिक सौगात मिली है। जिला बनने के बाद पहली बार कबीरधाम जिला अस्पताल में सीटी स्कैन की सुविधा प्रारंभ की गई है। 25 जुलाई 2025 को इस सुविधा का शुभारंभ हुआ और महज एक माह से भी कम समय में लगभग 145 मरीजों को इसका लाभ मिल चुका है।
अब तक कबीरधाम जिले के लोगों को सीटी स्कैन जैसी जांच के लिए रायपुर, दुर्ग, भिलाई, बिलासपुर जैसे बड़े शहरों का रुख करना पड़ता था। इसमें समय और धन दोनों की दिक्कत होती थी। लेकिन अब यह सुविधा शासकीय जिला अस्पताल में उपलब्ध होने से जरूरतमंद मरीजों और उनके परिवारों को बड़ी राहत मिली है।
जिला अस्पताल के सिविल सर्जन डॉ केशव ध्रुव ने बताया कि महज एक माह से भी कम समय में लगभग 145 मरीजों को इसका लाभ मिल चुका है। अब तक सीटी स्कैन जांच का लाभ विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे मरीजों ने उठाया है जिसमें पंडरिया ब्लॉक से  22 मरीज,बोडला से 35 मरीज, सहसपुर लोहारा से  25 मरीज, कवर्धा शहरी और ग्रामीण क्षेत्र से 50 मरीज अन्य जिलों से  13 मरीज । इनमें से 14 मरीजों का स्कैन आपातकालीन स्थिति में किया गया, जो मरीजों के उपचार में बेहद सहायक साबित हुआ।







 

स्वास्थ्य मंत्री जायसवाल ने लिया जिला चिकित्सालय बालोद का जायजा

22-Aug-2025
रायपुर।  ( शोर संदेश ) प्रदेश के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने गुरुवार को बालोद जिले के प्रवास के दौरान जिला चिकित्सालय बालोद का निरीक्षण कर अस्पताल के व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने जिला चिकित्सालय बालोद के सभाकक्ष में स्वास्थ्य विभाग के आला अधिकारियों की बैठक लेकर जिले के स्वास्थ्य सुविधाओं का पड़ताल किया।
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि प्रत्येक नागरिकों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराना सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकता में शामिल है। उन्होंने बैठक में उपस्थित अधिकारियों को आम जनता को बेहतर से बेहतर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने हेतु जरूरी उपाय सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए। बैठक में स्वास्थ्य मंत्री जायसवाल ने जिला चिकित्सालय बालोद में निश्चेतना विशेषज्ञ, नाक, कान एवं गला रोग विशेषज्ञ एवं रेडियोलॉजिस्ट सहित 03 विशेषज्ञ चिकित्सकों के अलावा जिले के अनुसूचित क्षेत्रों एवं दूरस्थ क्षेत्रों के लोगों को त्वरित स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने की दृष्टि से बालोद जिले के लिए 04 मोबाईल मेडिकल यूनिट शीघ्र प्रदान करने की भी जानकारी दी। इसके अलावा उन्होंने जिला चिकित्सालय बालोद में भर्ती मरीजों के परिजनों के विश्राम हेतु जिला चिकित्सालय परिसर में अतिरिक्त भवन निर्माण हेतु 25 लाख रुपये प्रदान करने की भी घोषणा की। 
इसके अलावा उन्होंने जिले के जनप्रतिनिधियों से सुझाव लेकर जिले के सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों में आवश्यकतानुसार शव गृहोें के निर्माण के साथ-साथ वहाँ पर फ्रीजर आदि सभी सुविधाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इसके लिए उन्होंने जरूरी मदद उपलब्ध कराने की बात कही। इस मौके पर संजारी बालोद विधानसभा क्षेत्र की विधायक संगीता सिन्हा, डौण्डीलोहारा विधानसभा क्षेत्र की विधायक अनिला भेड़िया, गुण्डरदेही विधानसभा क्षेत्र के विधायक कुंवर सिंह निषाद, जिला पंचायत अध्यक्ष तारणी पुष्पेन्द्र चंद्राकर,  सहित अन्य जनप्रतिनिधियों के अलावा मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. जेएल उइके, मुख्य अस्पताल अधीक्षक डॉ. आरके श्रीमाली सहित स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों तथा अन्य अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।
स्वास्थ्य मंत्री जायसवाल ने जिला चिकित्सालय बालोद के निरीक्षण के दौरान पंजीयन कक्ष में पहुँचकर अस्पताल में प्रतिदिन भर्ती होने वाले मरीजों की औसतन संख्या के संबंध में जानकारी ली। इस दौरान उन्होंने जिला चिकित्सालय के ओपीडी कक्ष, आपात चिकित्सा कक्ष के अलावा अस्पताल के विभिन्न कक्षों का मुआयना किया। इस दौरान उन्होंने अस्पताल के विभिन्न वार्डों में पहुँचकर मरीजों का हाल-चाल जाना। उन्होंने अस्पताल मेें भर्ती मरीजों से बातचीत कर उनके स्वास्थ्य का हालचाल के अलावा उनका इलाज, दवाइयों की समुचित उपलब्धता, समय पर भोजन, नाश्ता आदि सुविधाओं के संबंध में जानकारी ली। इसके अलावा उन्होंने अस्पताल के वार्डों एवं स्नानागार की स्थिति एवं समय पर चिकित्सकों एवं चिकित्सा कर्मियों की उपलब्धता के संबंध में भी जानकारी ली। इस दौरान उन्होंने पुरूष मेडिकल वार्ड में भर्ती दल्लीराजहरा के मरीज रामप्रसाद एवं बालोद निवासी चेतन प्रकाश से बातचीत कर उनके स्वास्थ्य के संबंध में जानकारी ली। उन्होंने मौके पर उपस्थित चिकित्सकों को तलब कर मरीजों के बेहतर इलाज के लिए निर्देशित भी किया। स्वास्थ्य मंत्री ने महिला मेडिकल वार्ड में भर्ती ग्राम संबलपुर निवासी बुजुर्ग महिला से बातचीत कर उनका कुशलक्षेम पुछा। उन्होंने मुख्य अस्पताल अधीक्षक को बुजुर्ग महिला की बेहतर इलाज करने के निर्देश दिए। इस दौरान उन्होंने जिला अस्पताल में नर्सिंग के विद्यार्थियों से बातचीत कर उनका हालचाल जाना।
जिला चिकित्सालय के निरीक्षण के उपरांत स्वास्थ्य मंत्री ने अस्पताल के सभाकक्ष में जिले के वरिष्ठ जनप्रतिनिधियों के साथ चिकित्सा विभाग के आला अधिकारियों की बैठक लेकर जिले के चिकित्सा व्यवस्था का पड़ताल किया। इस दौरान उन्होंने मुख्य अस्पताल अधीक्षक को जिला चिकित्सालय में प्रतिमाह होने वाले प्रसव की संख्या एवं अन्य सुविधाओं के संबंध में विस्तारपूर्वक जानकारी ली। इसके अलावा उन्होंने जिला चिकित्सालय में विशेषज्ञ चिकित्सकों एवं चिकित्सा अधिकारियों के कुल स्वीकृत पद के विरूद्ध वर्तमान में कार्यरत चिकित्सकों की संख्या इसके अलावा उन्होंने अस्पताल में एक्सरे एवं सोनोग्राफी मशीन तथा अन्य चिकित्सीय सुविधा एवं मानवीय संसाधनों की उपलब्धता के संबंध में विस्तारपूर्वक जानकारी ली। उन्होंने कहा कि आम नागरिकों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा प्रदान करने तथा अस्पताल की व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी-कर्मचारियों में अपने कार्यों के प्रति प्रतिबद्धता एवं ईच्छा शक्ति का होना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने चिकित्सीय पेशा को बहुत ही पावन, पुनीत कार्य बताते हुए चिकित्सा विभाग के सभी अधिकारी-कर्मचारियों को पूरी निष्ठा, लगन, मनोयोग तथा प्रतिबद्धता के साथ कार्य करते हुए मरीजों को बेहतर से बेहतर स्वास्थ्य सुविधा प्रदान करने के निर्देश भी दिए। 
मंत्री जायसवाल ने जिला चिकित्सालय बालोद के अलावा जिले के अन्य चिकित्सालयों में भी उपलब्ध संसाधनों के संबंध में जानकारी ली। उन्होंने चिकित्सा विभाग के अधिकारियों को स्थानीय जनप्रतिनिधियों एवं कलेक्टर को सूचित कर आवश्यकतानुसार जिला खनिज न्यास निधि के माध्यम से संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित कराने को कहा। इसके अलावा बड़े स्तर पर संसाधन एवं सुविधा उलपब्ध कराने के लिए उन्हें सूचित करने के निर्देश भी दिए। बैठक में  जायसवाल ने मौके पर उपस्थित जनप्रतिनिधियों एवं स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से जिले में चिकित्सा व्यवस्था को बेहतर बनाने हेतु आवश्यक सुझाव भी दिया। इस दौरान उन्होंने जनप्रतिनिधियों के मांग पर जिले के दुर्घटनाजन्य पुरूर क्षेत्र में 108  एवं मंगचुवा क्षेत्र में 102 एम्बुलेंस सेवा शीघ्र प्रारंभ करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि सभी के सहयोग से आम जनता के हित में बालोद जिले में बेहतर स्वास्थ्य सुविधा सुनिश्चित की जाएंगी।





 

झड़ते बालों का आयुर्वेदिक समाधान: शहनाज़ हुसैन ने बताया मुलेठी का जादुई नुस्खा

20-Aug-2025
लंबे, घने और चमकदार बालों की चाहत हर किसी को होती है, लेकिन बालों का झड़ना आज आम समस्या बन चुकी है। लोग महंगे उत्पादों का इस्तेमाल करते हैं, फिर भी स्थायी समाधान नहीं मिलता। ऐसे में आयुर्वेदिक नुस्खे मददगार साबित हो सकते हैं।
अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त सौंदर्य विशेषज्ञ एवं हर्बल क्वीन शहनाज़ हुसैन के अनुसार मुलेठी पाउडर बालों के झड़ने, डैंड्रफ और गंजेपन जैसी समस्याओं का रामबाण इलाज है।
उनका कहना है कि मुलेठी में मौजूद एंटी-बैक्टीरियल गुण खोपड़ी को स्वस्थ रखते हैं। अगर डैंड्रफ की समस्या है तो नींबू, शहद और मुलेठी पाउडर का स्क्रब सप्ताह में दो बार लगाने से लाभ होगा। वहीं हेयर फॉल और गंजेपन से निजात पाने के लिए मुलेठी पाउडर, केसर और दूध से बना मिश्रण रातभर बालों पर लगाने की सलाह दी जाती है।
इसके अलावा मुलेठी, दही और जैतून तेल से बना पेस्ट बालों को मजबूत करता है। केला, मेहंदी और मुलेठी पाउडर से तैयार हेयर मास्क बालों को पोषण देता है। असमय सफेद हो रहे बालों के लिए दही और मुलेठी का पेस्ट कारगर उपाय माना गया है।
शहनाज़ हुसैन कहती हैं कि मुलेठी को तेल या मास्क के रूप में नियमित रूप से प्रयोग करने से बाल झड़ने की समस्या कम होने के साथ-साथ बाल घने, काले और आकर्षक बनते हैं। 
















 

छत्तीसगढ़ में नशीली दवाओं के अवैध व्यापार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई

19-Aug-2025
रायपुर, शोर संदेश स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल के निर्देशन में खाद्य एवं औषधि प्रशासन, छत्तीसगढ़ के औषधि निरीक्षकों की टीम द्वारा प्रदेश स्तर पर प्रावधानों के उल्लंघन करने वाले व्यापारियों तथा नशीली दवाइयों के अवैध व्यापार में संलिप्त नशे के सौदागरों के विरुद्ध सघन छापा मार कार्यवाही की गयी है।
विभाग द्वारा नशे के व्यापार में संलिप्त व्यक्तियों के विरूद्ध लगातार कार्यवाहियां की जा रही है। इसी कड़ी में  पटना पुलिस जिला कोरिया एवं खाद्य एवं औषधि प्रशासन जिला कोरिया की संयुक्त टीम के द्वारा मुखबिर सूचना के आधार पर मांजा मोड़ कुडेली के पास घेराबंदी कर  एक आरोपी के कब्जे से 15 स्ट्रिप कुल 120 नग स्पासमों प्रोक्सीवोन पल्स कैप्सूल बरामद किया गया। आरोपी पर एन डी पी एस एक्ट 1985 की धारा 22 के तहत अपराधिक प्रकरण दर्ज कर अग्रिम कार्यवाही की जा रही है।
राज्य के आमजनों को उच्च गुणवत्तायुक्त औषधियां उपलब्ध हो सके इस हेतु राज्य के औषधि निरीक्षकों के द्वारा प्रदेश के औषधि प्रतिष्ठानों में लगातार निरीक्षण किया जा रहा है और प्रावधानों के उल्लंघन पाये जाने पर नियमानुसार कार्यवाहियां की जा रही है।
इसी कड़ी में विभाग द्वारा पिछले एक हफ्ते में कुल 163 औषधि प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया गया जिसमे से 06 फर्मों श्री राम मेडिकल स्टोर्स कांकेर, यदु मेडिकल स्टोर्स नरहरपुर, साहू मेडिकल स्टोर्स चारामा, जैस्मिन मेडिकल पलारी, चंद्राकर मेडिकल सोते खैरागढ़, सद्‌गुरु मेडिकल स्टोर्स  खैरागढ़ में अनियमितता पाए जाने पर प्रशासनिक कार्यवाही हेतु अनुज्ञापन प्राधिकारी को प्रेषित किया गया है। उक्त निरीक्षण किये गए फर्मों में से कुल 19 फर्मों में CCTV कैमरा इंस्टॉल नहीं पाया गया, जिन्हे 7 दिवस के भीतर कैमरा इंस्टॉल करवाने हेतु निर्देशित किया गया।
राज्य में औषधियों की गुणवत्ता को सुनिश्चित करने हेतु विभाग के औषधि निरीक्षको के द्वारा जाँच हेतु नियमित नमूना संग्रहण किया जा रहा है। इसी कड़ी में पिछले एक हफ्ते में कुल 35 औषधियों का विधिक नमूना संकलन किया गया एवं जाँच हेतु राज्य औषधि परीक्षण प्रयोगशाला रायपुर भेजा गया। राज्य औषधि परीक्षण प्रयोगशाला रायपुर के द्वारा कुल 19 औषधि नमूनों का जाँच किया गया। उक्त समस्त औषधि को राज्य औषधि परीक्षण प्रयोगशाला कालीबाड़ी रायपुर के द्वारा मानक स्तर का घोषित किया गया है।
इसी तरह विभाग द्वारा कुल 03 ब्लड सेंटर्स और 01 निर्माण इकाई का निरीक्षण किया गया। सृष्टि ब्लड सेण्टर रायपुर एवं बिलासा ब्लड सेण्टर कोरबा का मुंबई से आये सीडीएससीओ के अधिकारियो के साथ नवीनीकरण हेतु निरीक्षण किया गया तथा सराईपाली में नवीन लाइसेंस जारी करने हेतु शुभा ब्लड सेण्टर का निरीक्षण किया गया। इसी कड़ी में चाम्पा स्थित ऑक्सीजन निर्माता फर्म साकेत ऑक्सीजन का निरिक्षण किया गया एवं आगामी कार्यवाही हेतु रिपोर्ट मुख्यालय प्रेषित किया गया।
राज्य के युवा पीढ़ी को तम्बाखू एवं अन्य पान मसाला के नशे से बचाने हेतु कोटपा एक्ट के तहत विभाग द्वारा राज्य में निरंतर सघन अभियान चलाया जा रहा है, इसी कड़ी में इस हफ्ते कुल 132 चालानी कार्यवाही करते हुए कुल 14 हजार 480 रुपए वसूल किये गए।
राज्य में आमजनों को जीवन रक्षक औषधियां सरकार द्वारा तय दाम में उपलब्ध हो सके इस उद्देश्य से विभाग के अंतर्गत संचालित पीएमआरयू यूनिट के द्वारा राज्य के औषधि प्रतिष्ठानों में नियमित निरीक्षण किया जाता है और तय दाम से अधिक में विक्रय हो रहे औषधियों के नमूना संकलन कर नियमानुसार कार्यवाही की जाती है। इसी कड़ी मे पीएमआरयू युनिट के द्वारा कुल 10 फर्मों में निरीक्षण कर कुल 04 औषधियों इटरारेंज टेबलेट बैच नंबर C4017A निर्माता सैमसन लैबोरेटरीज प्राइवेट लिमिटेड सोलन (हिमाचल प्रदेश), इटरारेंज टेबलेट बैच नंबर C40155 निर्माता सैमसन लैबोरेटरीज प्राइवेट लिमिटेड सोलन (हिमाचल प्रदेश), वेरजिम 50 टेबलेट बैच नंबर 1B1-413 टिकोमा फार्मासिया जिला मोहाली (पंजाब), इट्राहील 200 टेबलेट बैच नंबर SPC-1261 शीन फार्मास्यूटिकल जालन्धर (पंजाब) को तय दाम से अधिक मूल्य में विकय होते हुये पाया गया जिसमे प्रकरण तैयार कर नेशनल फार्मास्यूटिकल प्राइसिंग अथॉरिटी नई दिल्ली को अग्रिम कार्यवाही हेतु प्रेषित किया गया है। यह औषधियां फंगस और बैक्टीरिया जनित रोगो के इलाज में उपयोग किया जाता है।

रायगढ़ में रोशनी की क्रांति 11 लाख से अधिक लोगों का नेत्र सर्वेक्षण

14-Aug-2025
रायपुर, शोर संदेश )14अगस्त 2025 राष्ट्रीय अंधत्व एवं अल्प दृष्टि नियंत्रण कार्यक्रम के प्रभावी संचालन से कभी धुंधलेपन और अंधेरे में घिरा जीवन, अब चमकती रोशनी और नई उम्मीदों से भरा हुआ है। यह बदलाव कलेक्टर रायगढ़ के मार्गदर्शन में जिले में सफलतापूर्वक क्रियान्वित किया जा रहा है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने बताया कि 29 नेत्र सहायक अधिकारियों, स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं और मितानिनों के सहयोग से राष्ट्रीय अंधत्व एवं अल्प दृष्टि नियंत्रण कार्यक्रम के तहत सत्र 2025-26 में जिले के 11 लाख 56 हजार 970 लोगों का सर्वेक्षण किया गया। इस व्यापक अभियान में 3925 मोतियाबिंद के मरीजों की पहचान हुई, जिनमें 314 दोनों आंखों से, 3604 एक आंख से और 7 बच्चे जन्मजात मोतियाबिंद से पीड़ित पाए गए। जुलाई 2025 तक 1002 मरीजों के सफल ऑपरेशन हुए, जिनमें 183 दोनों आंखों के, 815 एक आंख के और 4 जन्मजात मोतियाबिंद के बच्चे शामिल रहे। प्रत्येक ऑपरेशन ने किसी न किसी के जीवन में फिर से उजाला भर दिया।
दूरस्थ अंचलों के बच्चों की दृष्टि के लिए विशेष प्रयासः-
विशेष आवश्यकता वाले बच्चों के लिए यूनिक आईडी कार्ड और दिव्यांगता प्रमाण पत्र बनाने हेतु विशेष शिविर आयोजित किए गए, इसमें बाकारूमा और घरघोड़ा के बच्चों के माता-पिता को ऑपरेशन के लिए प्रेरित और प्रोत्साहित किया गया, जिसके सफल इलाज के बाद उनकी आंखों की ज्योति लौट आई। स्कूल हेल्थ प्रोग्राम के तहत माह जुलाई तक 136 शासकीय माध्यमिक विद्यालयों के 6586 विद्यार्थियों का नेत्र परीक्षण किया गया, इनमें 318 बच्चे दृष्टिदोष से पीड़ित पाए गए और उन्हें आवश्यकता अनुसार निःशुल्क चश्में प्रदान किए गए। कार्यक्रम के तहत विशेष रूप से दूरस्थ विकासखंडों और जनजातीय एवं पिछड़े क्षेत्र के बच्चों का नेत्र परीक्षण किया गया। इनमें धरमजयगढ़ के ग्राम सूपकोना के 13 वर्षीय अनूप प्रकाश राठिया, रैरूमाखुर्द की 6 वर्षीय पूर्णिमा राठिया, घरघोड़ा के ग्राम बटूराकछार के 11 वर्षीय परदेशी यादव और रायगढ़ के कबीर चौक की 13 वर्षीय कुमारी दृष्टि राय का सफल मोतियाबिंद ऑपरेशन हुआ। अब ये बच्चे पहले की तरह साफ-साफ देख पा रहे हैं और पढ़ाई में अपना भविष्य संवार रहे हैं। 
माता-पिता ने कहा-यह सिर्फ इलाज नहीं, बल्कि हमारे बच्चों को नया जीवन दियाः-
रायगढ़ की यह कहानी इस बात का प्रमाण है कि जब संवेदनशील नेतृत्व, संगठित टीमवर्क और जनहित के प्रति प्रतिबद्धता मिलती है, तो हजारों जीवन में उजाला फैलाया जा सकता है। यह सिर्फ एक स्वास्थ्य कार्यक्रम नहीं, बल्कि दृष्टि, विश्वास और भविष्य लौटाने की कहानी है। इस मुहिम में जिला नोडल अधिकारी डॉ. मीना पटेल, जिला कार्यक्रम प्रबंधक रंजना पैकरा, डॉ. आर. एम. मेश्राम, डॉ. पी. एल. पटेल, डॉ. उषा किरण भगत, निजी नेत्र रोग विशेषज्ञों और स्वास्थ्य कर्मियों की भूमिका महत्वपूर्ण रही। जन्मजात मोतियाबिंद के बच्चों के माता-पिता ने कहा-यह सिर्फ इलाज नहीं, बल्कि हमारे बच्चों को नया जीवन देने जैसा है। उन्होंने शासन-प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया। ज्ञातव्य है कि वर्ष 2024-25 में मोतियाबिंद ऑपरेशन के क्षेत्र में शासकीय जिला चिकित्सालय रायगढ़ ने राज्य ने प्रदेश में दूसरा स्थान प्राप्त किया और रायगढ़ को राज्य के 11 मोतियाबिंद फ्री जिलों में शामिल किया गया।
 

गैर-संचारी रोगों की रोकथाम के लिए प्रदेश में विशेष आयुष अभियान

14-Aug-2025
रायपुर,  शोर संदेश  14अगस्त 2025 प्रदेश के 28 जिला अस्पतालों में एलोपैथिक चिकित्सकों के साथ-साथ आयुर्वेद चिकित्सकों द्वारा भी राष्ट्रीय गैर-संचारी रोग नियंत्रण कार्यक्रम का हो रहा है संचालन राष्ट्रीय आयुष मिशन (एनएएम) के अंतर्गत राष्ट्रीय गैर-संचारी रोग नियंत्रण कार्यक्रम (NPCDCS) के प्रभावी संचालन के लिए प्रदेश में विशेष पहल की जा रही है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य हृदय रोग, मधुमेह, कैंसर, स्ट्रोक जैसे गंभीर गैर-संचारी रोगों की शीघ्र पहचान, रोकथाम और नियंत्रण सुनिश्चित करना है।
प्रदेश के 28 जिला अस्पतालों में एलोपैथिक चिकित्सकों के साथ-साथ आयुर्वेद चिकित्सकों द्वारा भी राष्ट्रीय गैर-संचारी रोग नियंत्रण कार्यक्रम का संचालन किया जा रहा है। इसके तहत 13 आयुष पॉलीक्लिनिक और 5 जिला अस्पतालों में आयुर्वेद-आधारित लाइफस्टाइल क्लिनिक स्थापित किए गए हैं।
राज्य के 400 आयुष्मान आरोग्य मंदिर, 32 योगा और वेलनेस सेंटर्स में योग, ध्यान, आहार एवं औषधियों के माध्यम से रोगों की रोकथाम के लिए जन-जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं। वहीं, स्क्रीनिंग शिविरों के माध्यम से मधुमेह, उच्च रक्तचाप और कैंसर की समय पर जांच की जा रही है।
स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षण देकर उन्हें समुदाय में स्वास्थ्य शिक्षा और रोग-निरोधी सेवाएं प्रदान करने के लिए सक्षम बनाया गया है। इस पहल से जनस्वास्थ्य में सुधार, रोगों का बोझ कम करने और आयुर्वेद पद्धति के प्रति जन-विश्वास में वृद्धि हो रही है।
 

चावल और टमाटर से पाएं स्किन पर नेचुरल ग्लो

13-Aug-2025
नई दिल्ली।   ( शोर संदेश ) आज हम आपको चावले के दो ऐसे घरेलू उपाय बताएंगे, जिसे आपकी स्किन पर प्राकृतिक रूप से निखार आएगा।
चावल का फैसपैक
एक बोल में दो टी-स्पून चावल का आटा लें और इसमें चार चम्मच गुलाब जल मिलाएं। अब इसमें एक टी-स्पून पिघला हुआ घी मिलाएं। इसे अच्छे से मिक्स करें और पैक को डाउन स्ट्रोक के साथ चेहरे पर लगाएं। 15 मिनट पर इसे हल्के गरम पानी से धो लें। इस पैक से स्किन की ड्राईनेस की समस्या दूर हो जाएगी और स्किन का निखार बढ़ जाएगा।
टेनिंग दूर करेगा टमाटर
एक टमाटर को कद्दूकस कर लें और उसके जूस को छान लें। इस रस में एक चम्मच चावल का आटा मिलाएं। यह मिक्स थोड़ा गाढ़ा बनेगा। इसे चेहरे पर 15-20 मिनट लगा रहने दें और फिर चेहरा साफ कर लें। इससे चेहरा साफ दिखने लगेगा। फेस धोने के बाद चाहे, तो चावल का पानी बतौर टोनर लगा सकते हैं, जो रंगत को और निखारेगा।
 

स्वच्छता संगम में सीएम साय ने स्वच्छता दीदियों के पैर पखारकर किया सम्मान

13-Aug-2025
रायपुर  ( शोर संदेश )।  13 अगस्त 2025/ मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने मंगलवार को ‘स्वच्छता संगम’ में शहरों को स्वच्छ और सुंदर बनाने में अहम योगदान देने वाली स्वच्छता दीदियों के पैर पखारकर उनका सम्मान किया। बिलासपुर के बहतराई इंडोर स्टेडियम में आयोजित इस कार्यक्रम में स्वच्छ सर्वेक्षण-2024-25 में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले नगरीय निकायों को भी सम्मानित किया गया। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग द्वारा आयोजित कार्यक्रम की अध्यक्षता की।
मुख्यमंत्री साय ने कार्यक्रम में 260 करोड़ रुपए से अधिक की लागत के विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन भी किया। उन्होंने घोषणा की कि स्वच्छता में राष्ट्रीय स्तर पर प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले नगरीय निकाय को एक करोड़ रुपए, दूसरा स्थान प्राप्त करने वाले को 50 लाख रुपए तथा तीसरा स्थान पाने वाले को 25 लाख रुपए की पुरस्कार राशि प्रदान की जाएगी। इस अवसर पर विधायकगण धरमलाल कौशिक, अमर अग्रवाल, धर्मजीत सिंह, दिलीप लहरिया और सुशांत शुक्ला, बिलासपुर की महापौर पूजा विधानी, छत्तीसगढ़ पाठ्य पुस्तक निगम के अध्यक्ष  राजा पाण्डेय, क्रेडा के अध्यक्ष भूपेन्द्र सवन्नी तथा जिला पंचायत अध्यक्ष राजेश सूर्यवंशी सहित अनेक जनप्रतिनिधि ‘स्वच्छता संगम-2025’ में उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने ‘स्वच्छता संगम’ के सफल आयोजन के लिए नगरीय प्रशासन विभाग को बधाई देते हुए कहा कि स्वच्छता के क्षेत्र में हमारी सफाई दीदियों का योगदान अतुलनीय है, और आज उनके पैर पखारकर हमने उन्हें सम्मानित किया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने वर्ष 2014 में स्वच्छ भारत मिशन की शुरुआत की थी। तब से हम निरंतर स्वच्छता के क्षेत्र में आगे बढ़ते हुए नई उपलब्धियां अर्जित कर रहे हैं और छत्तीसगढ़ ने इस दिशा में उल्लेखनीय सफलता पाई है। यह उपलब्धियां हमें और आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करती हैं।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि नगरीय प्रशासन विभाग द्वारा नागरिकों की सुविधा के लिए विभिन्न नवाचार लागू किए जा रहे हैं। उन्होंने स्वतंत्रता दिवस पर ‘हर घर तिरंगा’ लहराने और प्रदेश को स्वच्छ एवं सुंदर बनाने के लिए जनसहभागिता का आह्वान किया।
उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि आज छत्तीसगढ़ के इतिहास का गौरवशाली दिन है। प्रधानमंत्री ने 2014 में स्वच्छता का बीड़ा उठाया और आज यह जन आंदोलन का रूप ले चुका है। स्वच्छता में प्रगति करते हुए हमने राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान बनाई है और राष्ट्रपति एवं प्रधानमंत्री से पुरस्कार प्राप्त किए हैं। हमारे नगरीय निकायों को राष्ट्रीय स्तर पर छह पुरस्कार प्राप्त होना गर्व की बात है। रायपुर नगर निगम को गार्बेज-फ्री सिटी में सेवन-स्टार रेटिंग मिली है। 20 हजार से कम जनसंख्या वाले शहरों में अकेले छत्तीसगढ़ के 58 शहरों को थ्री-स्टार रेटिंग प्राप्त हुई है। सोर्स सेग्रीगेशन और अपशिष्ट प्रबंधन में भी हमारे शहरों ने महत्वपूर्ण उपलब्धियां अर्जित की हैं। स्वच्छता के सभी मापदंडों पर छत्तीसगढ़ में तेजी से कार्य हो रहा है। हमारा उद्देश्य है कि हमारे शहर स्वच्छ, सुंदर और सुविधापूर्ण बनें तथा स्वच्छता छत्तीसगढ़ की पहचान बने।
नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के सचिव डॉ. बसवराजु एस. ने बताया कि स्वच्छ सर्वेक्षण-2024-25 में राज्य के 115 शहरों ने अपनी रैंकिंग में उल्लेखनीय सुधार किया है। स्वच्छ सर्वेक्षण में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले सात नगरीय निकायों को नई दिल्ली में राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु के हाथों पुरस्कृत होने का गौरव प्राप्त हुआ है। कार्यक्रम में इन नगरीय निकायों के साथ ही संभाग स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले 30 से अधिक नगरीय निकायों को भी सम्मानित किया गया।
मुख्यमंत्री ने संपत्ति कर जमा करने का ऑनलाइन पोर्टल किया लॉन्च
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कार्यक्रम में तीन नगर निगम—बिरगांव, भिलाई-चरोदा और धमतरी—तथा 43 नगर पालिकाओं में ऑनलाइन संपत्ति कर जमा करने की सुविधा के लिए जीआईएस आधारित प्रॉपर्टी टैक्स लाइव पोर्टल का शुभारंभ किया। एक साथ 46 शहरों में ऑनलाइन संपत्ति कर भुगतान की यह सुविधा स्थानीय स्वशासन को आधुनिक बनाने और नागरिकों को घर बैठे सेवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इससे कर संग्रहण में भी तेजी आएगी।
‘स्वच्छता संगम’ में नगरीय निकायों में स्वच्छता और शहरी सौंदर्यीकरण के मानकों को ऊंचा उठाने के लिए राज्य स्तरीय प्रतियोगिता का शुभारंभ भी किया गया। मुख्यमंत्री ने रिमोट का बटन दबाकर स्वच्छ सर्वेक्षण-2024-25 पर आधारित वीडियो का विमोचन किया।
मुख्यमंत्री ने 63.57 करोड़ के 24 कार्यों का किया लोकार्पण, 197 करोड़ से अधिक के 25 कार्यों का किया भूमिपूजन
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने ‘स्वच्छता संगम’ में 260 करोड़ रुपए से अधिक की लागत के विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन किया। उन्होंने बिलासपुर जिले में विभिन्न विभागों के 63 करोड़ 57 लाख रुपए की लागत के 24 निर्माण एवं विकास कार्यों का लोकार्पण किया तथा 197 करोड़ रुपए से अधिक की लागत के 25 कार्यों का भूमिपूजन भी किया।
इस अवसर पर संभागायुक्त सुनील जैन, पुलिस महानिरीक्षक संजीव शुक्ला, कलेक्टर संजय अग्रवाल, पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह, सभी नगरीय निकायों के महापौर, सभापति, नगर पालिका एवं नगर पंचायत अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, निगम आयुक्त, मुख्य नगर पालिका अधिकारी, नगरीय निकायों के वरिष्ठ अभियंता, स्वच्छता दीदियां एवं स्वच्छता कमांडोज़ बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

आयुर्वेदिक चमत्कार: तुलसी के पत्तों से मिलते हैं इन बीमारियों में जबरदस्त फायदे

07-Aug-2025
हिन्दू धर्म में तुलसी के पौधे की एक देवी के रूप में पूजा की जाती है। ज्यादातर घरों में आपको तुलसी मिल ही जाएगी। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार सुबह उठकर तुलसी को जल चढ़ाने से भगवान विष्णु की कृपा बरसती है। तुलसी अपने आप में एक ऐसा पौधा है जो  अनगिनत फायदे पहुंचाता है। आयुर्वेद में कई बीमारियों के इलाज में तुलसी का उपयोग किया जाता है। आज हम आपको बताएंगे कि घर में लगी तुलसी का इस्तेमाल कर आप किन बीमारियों से बच सकते हैं।
आचार्य बालकृष्ण की मानें तो तुलसी के पत्तों से कई बीमारियों का इलाज होता है। इसके पत्तों में रोग प्रतिरोधक क्षमता होती है जो आपको बुखार, दिल से जुड़ी बीमारियां, पेट दर्द, मलेरिया और बैक्टीरियल संक्रमण से बचाते हैं।
दिमाग के लिए फायदेमंद- तुलसी में ऐसे गुण पाए जाते हैं जो दिमाग को शांत करने, कार्य क्षमता बढ़ाने, सिर दर्द, सिर के जूं और लीख से छुटकारा, नाइट ब्लाइंडनेस से आराम दिलाने का काम करते हैं। इसके लिए रोजाना 4- 5 तुलसी के पत्ते पानी के साथ खा लें। सिर में तुलसी के पत्तों का रस भी लगा सकते हैं।
कान और दांत के दर्द में आराम- बच्चों और बड़ों किसी को कान में दर्द हो तो तुलसी के पत्तों का रस डालने से आराम मिलता है। कान के दर्द में तुरंत राहत पाने के लिए तुलसी के 8-10 पत्तों को पीस लें और इससे निकलने वाले रस में से 2 से तीन बूंद कान में डालनी हैं दांत में दर्द हो तुलसी और काली मिर्च चबा लें। इससे फायदा मिलेगा।
पेट की बीमारियों में असरदार तुलसी- अगर आपको डायरिया, पेट की मरोड़, कब्ज, पीलिया, पथरी, डिलीवरी के बाद होने वाले दर्द से झुटकारा पाना है तो तुलसी के पत्तों का सेवन करें। डायरिया और पथरी से बचने के लिए 10 तुलसी की पत्तियां और 1 ग्राम जीरा दोनों को पीसकर शहद में मिलाकर उसका सेवन करें। अपच दूर करने के लिए तुलसी को नमक के साथ पीसकर दिन में 3 से 4 बार लें।
त्वचा के लिए फायदेमंद- आपके फेस को ग्लोइंग बनाने, सफेद दाग, मुंह के छालों, कालापन, कील मुंहासों, फोड़े सभी में तुलसी लाभदायक है। इसके लिए आपको तुलसी के पत्तों को 1 नींबू के साथ मिलाकर लेप बनाना है। इसे चेहरे पर लगा लें और सूखने पर धो लें।
रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाए- तुलसी मलेरिया, टाइफाइड, बुखार, दाद और खुजली, मासिक धर्म की अनियमितता से बचाती हैं। तुलसी के पत्तों को काली मिर्च के साथ मिक्स करें और काढ़ा बनाकर पीने से मलेरिया, टाइफाइड, बुखार आराम मिलता है। दाद और खुजली के लिए आप इसका लेप बनाकर लगा सकते हैं। मासिक धर्म में आप तुलसी के बीजों का इस्तेमाल कर सकते हैं। रोज तुलसी के पत्तों को खाने से डायबिटीज, कोलेस्ट्रॉल, अस्थमा, जुकाम को कंट्रोल किया जा सकता है।
घाव भरने में मददगार- तुलसी चोट पर भी फायदा करती है। यहां तक की सांप काटने पर भी तुलसी के पत्तों का इस्तेमाल किया जाता है। सांप काटने पर तुलसी की जड़ों को पीसकर सांप के काटने वाली जगह पर लेप लगाते हैं। इससे दर्द से आराम मिलता है। अगर रोगी बेहोश हो गया हो तो तुलसी का रस नाक में लगाया जाता है।



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