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शलजम में पाया जाता है ये सबसे जरूरी विटामिन

21-Dec-2024

नई दिल्ली। ( शोर संदेश ) शलजम में विटामिन सी अच्छी मात्रा में पाया जाता है। ये सब्जी फोलेट यानि विटामिन बी9, आयरन और कैल्शियम का अच्छा सोर्स मानी जाती है। आपको सलाद के रूप में शलजम का इस्तेमाल जरूर करना चाहिए। शलजम में फाइबर सबसे ज्यादा होता है। इसे खाने से कब्ज की बीमारी को दूर किया जा सकता है।


 सर्दियों में ज्यादातर लोग खांसी से परेशान रहते हैं। ऐसे में शलजम को डाइट में जरूर शामिल करें। ठंड में खांसी होने पर शलजम को काटकर, भूनकर, नमक डालकर खाएं। इससे खांसी में राहत मिलेगी।

 जिन लोगों को मसालेदार और तीखा खाने की आदत है उन्हें पाइल्स होने का खतरा रहता है। ऐसे लोगों को शलजम का इस्तेमाल जरूर करना चाहिए। फाइबर से भरपूर शलजम खाने से कब्ज की समस्या को दूर किया जा सकता है। आप शलजम के पत्तों का साग बनाकर भी खा सकते हैं।

 शलजम को ब्लड प्रेशर के मरीज भी खा सकते हैं। इसमें नाइट्रेट पाया जाता है, जो शरीर में ब्लड प्रेशर को कंट्रोल करने में मदद करता है। शलजम खाने से आंखें भी स्वस्थ रहती है। क्योंकि इसमें ल्यूटिन होता है जो आंखों के लिए फायदेमंद है।


सर्दियों में वरदान से कम नहीं इस मसाले का पानी

20-Dec-2024

नई दिल्ली। ( शोर संदेश ) क्या आपको भी यही लगता है कि किचन में रखे मसालों का इस्तेमाल महज खाने का स्वाद बढ़ाने के लिए किया जाता है? अगर हां, तो आपको अपनी इस गलतफहमी को जल्द से जल्द दूर कर लेना चाहिए क्योंकि कुछ मसालों में पाए जाने वाले पोषक तत्व आपकी सेहत के लिए वरदान साबित हो सकते हैं। औषधीय गुणों से भरपूर जायफल का पानी सर्दियों में सेहत से जुड़ी कई समस्याओं को दूर करने में कारगर साबित हो सकता है।

रोजाना जायफल का पानी पीने से आपके इम्यून सिस्टम पर पॉजिटिव असर पड़ता है। सर्दी-जुकाम की समस्या से बचने के लिए जायफल का पानी पीना शुरू कर दीजिए। जायफल का पानी आपकी गट हेल्थ को काफी हद तक इम्प्रूव कर सकता है। एसिडिटी, कब्ज और ब्लोटिंग जैसी पेट से जुड़ी समस्याओं से छुटकारा पाने के लिए इस मसाले के पानी को कंज्यूम किया जा सकता है। इसके अलावा अपने दिल की सेहत को मजबूत बनाने के लिए भी जायफल का पानी पिया जा सकता है।

जायफल के पानी में एंटीऑक्सीडेंट, एंटी-इंफ्लेमेटरी और एंटी-बैक्टीरियल गुण पाए जाते हैं। जायफल का पानी आपकी फिजिकल हेल्थ के साथ-साथ आपकी मेंटल हेल्थ के लिए भी फायदेमंद साबित हो सकता है। इस मसाले के पानी को पीकर आप अपने स्ट्रेस को दूर कर सकते हैं। इसके अलावा जायफल का पानी आपकी बॉडी को रिलैक्स कर आपकी नींद की गुणवत्ता को सुधारने में भी कारगर साबित हो सकता है।

आयुर्वेद के मुताबिक सोने से पहले जायफल का पानी पीना आपकी सेहत के लिए ज्यादा फायदेमंद साबित हो सकता है। जायफल का पानी आपकी वेट लॉस जर्नी को भी आसान बना सकता है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि इस मसाले का पानी आपकी सेहत के साथ-साथ आपकी त्वचा पर भी पॉजिटिव असर डाल सकता है।


सर्दियों में रोज पिएं एक गिलास नारियल का दूध

20-Dec-2024

नई दिल्ली। ( शोर संदेश )  नारियल का दूध पीना न केवल आपकी सेहत के लिए बल्कि आपकी त्वचा के लिए भी फायदेमंद साबित हो सकता है। कोकोनट मिल्क एजिंग साइन्स को कम करने में कारगर साबित हो सकता है। इसके अलावा कोकोनट मिल्क में पाए जाने वाले तत्व आपकी स्किन को मॉइश्चराइज्ड और ग्लोइंग बनाए रखने में भी मददगार साबित हो सकते हैं।नारियल के दूध में एंटीऑक्सीडेंट्स समेत कई पोषक तत्वों की अच्छी खासी मात्रा पाई जाती है। यही वजह है कि कोकोनट मिल्क को सेहत के लिए वरदान माना जाता है। अगर आप रेगुलरली नारियल का दूध पीना शुरू कर देंगे, तो आपकी ओवरऑल हेल्थ पर ढेर सारे पॉजिटिव असर पड़ सकते हैं। आइए ऐसे ही कुछ कमाल के फायदों के बारे में जानते हैं।

रोजाना नियम से नरियल का दूध पीने से आप अपने इम्यून सिस्टम को काफी हद तक बूस्ट कर सकते हैं। सर्दियों में खुद को बार-बार बीमार पड़ने से बचाने के लिए आप एंटीबैक्टीरियल, एंटीवायरल और एंटीफंगल गुणों से भरपूर कोकोनट मिल्क पीना शुरू कर सकते हैं। डायबिटीज पेशेंट्स के लिए भी नारियल के दूध को फायदेमंद माना जाता है। आपको बता दें कि कोकोनट मिल्क ब्लड शुगर लेवल को कंट्रोल करने में कारगर साबित हो सकता है।

क्या आप अपनी वेट लॉस जर्नी को आसान बनाना चाहते हैं? अगर हां, तो आपको नारियल के दूध को अपने डेली डाइट प्लान का हिस्सा बना लेना चाहिए। कोकोनट मिल्क आपकी बॉडी के मेटाबॉलिज्म को बूस्ट कर शरीर में जमा एक्स्ट्रा फैट को बर्न करने में असरदार साबित हो सकता है। इतना ही नहीं नारियल के दूध में पाए जाने वाले तमाम तत्व आपकी गट हेल्थ को भी काफी हद तक इम्प्रूव कर सकते हैं।

नारियल का दूध पीना न केवल आपकी सेहत के लिए बल्कि आपकी त्वचा के लिए भी फायदेमंद साबित हो सकता है। कोकोनट मिल्क एजिंग साइन्स को कम करने में कारगर साबित हो सकता है। इसके अलावा कोकोनट मिल्क में पाए जाने वाले तत्व आपकी स्किन को मॉइश्चराइज्ड और ग्लोइंग बनाए रखने में भी मददगार साबित हो सकते हैं।


हर रोज पिएं एक गिलास तुलसी के पत्तों का पानी

19-Dec-2024

नई दिल्ली। ( शोर संदेश ) क्या आपने कभी तुलसी के पत्तों का पानी पिया है? अगर नहीं, तो तुलसी वॉटर के फायदों के बारे में जानने के बाद आप भी इसे अपने डेली डाइट प्लान का हिस्सा बना लेंगे। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि तुलसी के पत्तों में विटामिन ए, विटामिन सी, विटामिन के, मैंगनीज, कैल्शियम, फॉस्फोरस, आयरन, पोटैशियम और मैग्नीशियम समेत कई पौष्टिक तत्वों की अच्छी खासी मात्रा पाई जाती है।
तुलसी वॉटर को रेगुलरली कंज्यूम करने से आप अपने इम्यून सिस्टम को काफी हद तक बूस्ट कर सकते हैं। सर्दी-खांसी से छुटकारा पाने के लिए भी आप तुलसी के पत्तों का पानी पी सकते हैं। इसके अलावा तुलसी वॉटर आपकी बॉडी को डिटॉक्स करने में भी कारगर साबित हो सकता है। अगर आप अपनी वेट लॉस जर्नी को आसान बनाना चाहते हैं तो आपको अपने दिन की शुरुआत औषधीय गुणों से भरपूर इस नेचुरल ड्रिंक से करनी चाहिए।
अगर आप अपने दिल की सेहत को मजबूत बनाकर हार्ट रिलेटेड समस्याओं के खतरे को कम करना चाहते हैं, तो हर रोज तुलसी के पत्तों का पानी पीना शुरू कर दीजिए। आपको बता दें कि तुलसी वॉटर आपकी गट हेल्थ के लिए भी काफी ज्यादा फायदेमंद साबित हो सकता है। इतना ही नहीं तुलसी के पत्तों का पानी पीकर आप अपने तनाव को भी काफी हद तक कम कर सकते हैं।
एक पैन में 2 कप पानी डालकर बॉइल कर लीजिए। अब तुलसी की पत्तियों को बॉइल्ड वॉटर में डालकर लगभग 10 मिनट तक उबलने दीजिए। अब इस पानी को एक कप में छान लीजिए। बेहतर परिणाम हासिल करने के लिए हर रोज सुबह-सुबह खाली पेट तुलसी के पत्तों का पानी पीना शुरू कर दीजिए।


सुबह खाली पेट अमरूद खाना चाहिए या नहीं?

19-Dec-2024

नई दिल्ली। ( शोर संदेश ) इन दिनों अमरूद का सीजन है आपको दिनभर में 1-2 अमरूद जरूर खाने चाहिए। अमरूद में भरपूर विटामिन सी पाया जाता है। कहते हैं सीजनल अमरूद सेब से भी ज्यादा पौष्टिक होता है। अमरूद पाचन को दुरूस्त करता है और कब्ज जैसी समस्याओं को दूर करता है। अमरूद खाने से वजन कम होता है।अमरूद में विटामिन सी,  विटामिन बी 6, विटामिन ए, मैग्नीशियम, प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट, फॉस्फोरस, कैल्शियम और आयरन पाया जाता है। अमरूद डाइटरी फाइबर से भरपूर है जिसमें पोटैशियम की अच्छी मात्रा होती है। इन पोषक तत्वों से भरपूर अमरूद खाने से शरीर को कई फायदे मिलते हैं।
वैसे अमरूद खाने का सही समय है नाश्ते के बाद और लंच से पहले। अगर आप सुबह फल खाते हैं तो उसमें अमरूद को शामिल कर सकते हैं। हालांकि कुछ लोगों को सुबह खाली पेट अमरूद खाने से पेट में दर्द की समस्या हो सकती है क्योंकि अमरूद के बीजों पचने में काफी समय लगता है। अगर आपको सर्दी जुकाम है तो सुबह खाली पेट अमरूद खाने से बचें। अमरूद का सेवन रात में नहीं करना चाहिए। ठंडे फल रात में खाने से सर्दी जुकाम की समस्या हो सकती है।
अमरूद खाने से वजन कम होता है। आप इसे वेट लॉस डाइट में शामिल कर सकते हैं। अमरूद खाने से पुरानी से पुरानी कब्ज को दूर किया जा सकता है। जिन लोगों को पेट में जलन की समस्या होती है वो अमरूद खा सकते हैं। अमरूद खाने से पाचन क्रिया दुरुस्त होती है। इससे डाइजेशन में सुधार आता है।


सर्दियों में मूंगफली खाने के फायदे

18-Dec-2024

नई दिल्ली। ( शोर संदेश )  ठंड के दिनों में आपको रोजाना मूंगफली जरूर खानी चाहिए। मूंगफली खाने से शरीर में बैड कोलेस्ट्रॉल को कम किया जा सकता है। मूंगफली कई बीमारियों के खतरे से बचाती हैं। मूंगफली में मोनो-अनसैचुरेटेड फैटी एसिड पाया जाता है जो एचडीएल के लेवल को बढ़ाता है। इससे हार्ट अटैक और स्ट्रोक का खतरा भी कम होता है।
सर्दियों में बादाम खाने से जितनी गर्मी मिलती है उतनी ही मूंगफली खाने से भी मिलती है। आपको 1-2 मुट्ठी मूंगफली रोजाना जरूर खानी चाहिए। मूंगफली खाने से आप सर्दी के असर को कम कर सकते हैं। इससे शरीर को एनर्जी मिलती है और जरूर विटामिन भी मिलते हैं। मूंगफली का रोस्ट करके खाना फायदेमंद होता है।
 मूंगफली खाने से वजन भी कम हो सकता है। मूंगफली खाने के बाद काफी देर तक भूख नहीं लगती है। कई रिसर्च में भी ये पाया गया है कि मूंगफली, उससे बना तेल और पीनट बटर खाकर मोटापा कम किया जा सकता है। इससे भूख कम लगती है जिससे आपका वजन कम होता है।
 अवसाद को दूर भगाने में मूंगफली मदद करती है। मूंगफली खाने से दिमाग की बीमारियों के खतरे को कम किया जा सकता है। मूंगफली में पाया जाने वाला ट्रिप्टोफैन सेरोटोनिन रिलीज को बढ़ाता है। जिससे डिप्रेशन का खतरा कम होता है। लो सेरोटोनिन का लेवल डिप्रेशन का कारण बनता है।
अन्य फायदे- मूंगफली में ऐसे पोषक तत्व पाए जाते हैं जो स्ट्रोक के खतरे को कम करते हैं। मूंगफली का सेवन करने से ब्लड शुगर कंट्रोल रहा है और हार्ट से जुड़ी बीमारियों का खतरा भी कम होता है। मूंगफली में पाए जाने वाले एंटीऑक्सीडेंट्स कैंसर के खतरे को भी कम करते हैं।



भिगोकर नहीं इस ड्राई फ्रूट को भूनकर खाने से मिलते हैं फायदे

18-Dec-2024

नई दिल्ली। ( शोर संदेश )  सर्दियों में ड्राई फ्रूट्स खाना सेहत के लिए अच्छा माना जाता है। मेवा की तासीर हल्की गर्म होती है। इसलिए इन्हें पानी में भिगोकर खाने की सलाह दी जाती है। लेकिन एक ऐसा ड्राई फ्रूट है जिसे पानी में भिगोकर नहीं बल्कि भूनकर खाने से ज्यादा फायदा होता है। ये ड्राई फ्रूट है मुनक्का, जिसे भूनकर और काला नमक लगाकर खाने से कई गुना ज्यादा लाभ होता है। मुनक्का पेट और आपकी ओवर ऑल हेल्थ के लिए अच्छा माना जाता है। रोज मुनक्का खाने से शरीर में ताकत आती है और पाचन से जुड़ी समस्याएं दूर हो जाती हैं। जानिए मुनक्का को कैसे भूनते हैं और इसे कैसे खाते हैं। मुनक्का खाने से क्या फायदे मिलते हैं?
एक दिन में आप 6-7 मुनक्का आसानी से खा सकते हैं। इसके लिए सबसे पहले तवा गर्म करें। अब इस पर मुनक्का को गर्म करने के लिए रखें। हल्का दबाकर भूनें बहुत ज्यादा जलाना नहीं है। बस मुनक्का को गर्म सा करना है। अब मुनक्का के अंदर से बीज निकाल दें और यहां थोड़ा से काला नमक लगा लें। इसी तरह 6-7 मुनक्का खा लें। ये मुनक्का पेट के लिए बहुत फायदेमंद हो जाते हैं। काला नमक लगाकर मुनक्का खाने से इसके फायदे कई गुना और बढ़ जाते हैं।
रोज मुनक्का खाने से इम्यून सिस्टम मजबूत बनता है। इससे सीजनल बीमारियों के खतरे को कम किया जा सकता है। खासतौर से ठंड के दिनों में भुना मुनक्का रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है।

भुना और काला नमक लगा मुनक्का खाने से कब्ज और एसिडिटी की समस्या को दूर किया जा सकता है। पाचन से जुड़ी समस्याओं को मुनक्का दूर भगाता है।
पेट के रोगियों के लिए मुनक्का सबसे अच्छा ड्राई फ्रूट माना जाता है। इससे पाचनतंत्र दुरुस्त होता है। मुनक्का को डाइजेशन के लिए बेहतरीन माना जाता है।
मुनक्का आयरन और मैग्नीशियम से भरपूर होता है। इसे खाने से शरीर में खून की कमी को दूर किया जा सकता है। मुनक्का खाने से हीमोग्लोबिन भी बढ़ता है।
मुनक्का में कैल्शियम के अलावा ऐसे कई दूसरे विटामिन भी पाए जाते हैं जो हड्डी और दातों को मजबूत बनाने में मदद करते हैं।
मुनक्का में एंटीऑक्सीडेंट्स होते हैं जो स्किन को प्रोटेक्ट करते हैं। मुनक्का खाने से ब्लड सर्कुलेशन और ब्लड प्रेशर कंट्रोल रहता है।
इसके अलावा आंखों के लिए मुनक्का खाना फायदेमंद साबित होता है। मुनक्का विटामिन ए और बीटा कैरोटिन का अच्छा सोर्स है।


रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने 18 दिसम्बर को स्वर्णप्राशन

18-Dec-2024
रायपुर । ( शोर संदेश )  रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने 18 दिसम्बर को रायपुर के शासकीय आयुर्वेद महाविद्यालय चिकित्सालय में बच्चों को स्वर्णप्राशन कराया जाएगा। विभिन्न रोगों से रोकथाम एवं इम्युनिटी बढ़ाने के लिए बच्चों को पांच दवाईयों से बने बाल रक्षा किट भी वितरित किए जाएंगे। स्वर्णप्राशन के लिए आने वाले बच्चों के माता-पिता का देश का प्रकृति परीक्षण अभियान के तहत प्रकृति परीक्षा भी की जाएगी।
आयुर्वेद महाविद्यालय चिकित्सालय में हर पुष्य नक्षत्र तिथि में शून्य से 16 वर्ष के बच्चों को स्वर्णप्राशन कराया जाता है। चिकित्सालय के कौमारभृत्य बाल रोग विभाग में सवेरे नौ बजे से दोपहर तीन बजे तक इसका सेवन कराया जाता है। यह औषधि बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने, श्वसन संबंधी एवं अन्य रोगों से रक्षा करने के साथ ही एकाग्रता और स्मरण शक्ति बढ़ाने में अत्यंत लाभकारी है। यह बच्चों के शारीरिक और मानसिक विकास में भी मदद करता है। स्वर्णप्राशन हर महीने की पुष्य नक्षत्र तिथि में शून्य से 16 वर्ष के बच्चों को पिलाई जाने वाली औषधि है।

 


स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने मरीजों के सफल उपचार के लिए एसीआई की टीम की प्रशंसा की

18-Dec-2024
रायपुर। ( शोर संदेश )   पंडित जवाहर लाल नेहरू स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय रायपुर से संबद्ध डॉ. भीमराव अम्बेडकर स्मृति चिकित्सालय स्थित एडवांस कार्डियक इंस्टीट्यूट में दो हृदय रोगियों के धमनियों में जमे कैल्शियम को ऑर्बिटल एथेरेक्टोमी प्रक्रिया के जरिये हटाते हुए हृदय में रक्त प्रवाह को सुगम बनाया गया। एथेरेक्टोमी एक ऐसी प्रक्रिया है जिसका उपयोग एंजियोप्लास्टी से पहले कैल्सीफाइड ब्लॉक (प्लाक) को खोलने के लिए किया जाता है। इसमें 1.25 मिमी का डायमंड-कोटेड ड्रिल डिवाइस होता है जो कैल्शियम को लगभग दो माइक्रोन आकार के महीन कणों में बदल देता है। सरल शब्दों में कहें तो यह कैल्शियम को चूर-चूर करके महीन आकार के कण बना देता है। इस पद्धति के जरिये धमनियों को अच्छी तरह से साफ करके रक्त प्रवाह को सुगम बनाया जाता है। आर्बिटल एथेरेक्टोमी का उपयोग भारी (हैवी) कैल्सीफाइड कोरोनरी धमनियों वाले रोगियों के इलाज के लिए किया जाता है।
 इस प्रक्रिया में एक पतले कैथेटर के जरिये धमनी के अंदर अपने अक्ष पर घूमने वाला हीरे का लेप किये हुए बर को प्रविष्ट कराया जाता है जो कैल्सिफाइड सतह को धीरे-धीरे पीस कर बाहर निकालता है और धमनी की सतह को चिकना कर देता है। इस चिकनी सतह में रक्त का प्रवाह सुगमता से होता है जिससे दिल के दौरे पड़ने की संभावना कम हो जाती है।
 स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने मरीजों के सफल उपचार के लिए टीम को बधाई देते हुए कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य में स्वास्थ्य सुविधाओं का तेजी से विस्तार हो रहा है। एसीआई में हृदय रोग विशेषज्ञों की अनुभवी एवं समर्पित टीम ने कोरोनरी ऑर्बिटल एथेरेक्टोमी पद्धति से हृदय रोगियों के लिए नयी उपचार सुविधा की शुरुआत की है। शासकीय चिकित्सालय में इस तकनीक का उपयोग कर एसीआई ने उपलब्धि हासिल की है। हृदय रोग के उपचार की दिशा में एसीआई की टीम द्वारा किये जा रहे नवाचार मरीजों में अच्छे जीवन की नई उम्मीद जगा रहे हैं।

केस के संबंध में विस्तृत जानकारी देते हुए कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. स्मित श्रीवास्तव ने बताया कि रायपुर निवासी 77 वर्षीय को-मॉर्बिड बुजुर्ग मरीज को बी. पी., शुगर की समस्या के साथ-साथ उनके हृदय की पम्पिंग क्षमता काफी कम थी। एंजियोग्राफी रिपोर्ट में हृदय की बायीं मुख्य एवं तीनों नसों में कैल्शियम का जमाव था। इस वजह से सामान्य एंजियोप्लास्टी पद्धति से एंजियोप्लास्टी करना संभव नहीं था। ऐसी स्थिति में ऑर्बिटल एथरेक्टोमी प्रक्रिया के जरिए कैल्शियम को हटाते हुए एंजियोप्लास्टी की गई। वहीं भिलाई निवासी 68 वर्षीय मरीज की नसों में कैल्शियम का जमाव था। बाहर के अस्पताल में एंजियोग्राफी करवाया था। वहां पर बाईपास सर्जरी का सुझाव दिया गया। मरीज वहां से सुझाव लेकर एसीआई आया और एसीआई में उसके लेफ्ट साइड की मुख्य नस में बहुत ज्यादा कैल्शियम जमा होने की वजह से ऑर्बिटल एथेरेक्टोमी पद्धति का उपयोग करते हुए सफलतापूर्वक एंजियोप्लास्टी कर दी गई। एक दिन में ही मरीज स्वस्थ होकर अपने घर चला गया।
 
क्या है ऑर्बिटल एथेरेक्टोमी प्रक्रिया
कार्डियोलॉजी के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. कुणाल ओस्तवाल ने जानकारी देते हुए बताया कि ऑर्बिटल एथेरेक्टोमी प्रक्रिया में धमनी में एक पतली कैथेटर डाली जाती है। इस कैथेटर में एक घूमता हुआ हीरा-लेपित बर (डायमंड कोटेड बर (किसी उपकरण या धातु की खुरदरी सतह)) होता है जो विशेष वृत्ताकार धुरी पर 360 डिग्री घूमते हुए नसों के अंदर जमे हुए कैल्शियम को खुरचकर निकालता है। कैल्शियम के जमाव को तोड़कर या पीसकर, यह प्रक्रिया रक्त प्रवाह के लिए एक चिकनी सतह बनाती है, जिससे एंजियोप्लास्टी करने एवं स्टंट लगाने में सहूलियत प्राप्त होती है और रुकावटों की संभावना कम हो जाती है। ऐसी नसें जिनमें सामान्य तरीके से एंजियोप्लास्टी एवं स्टंटिंग नहीं की जा सकती। उनमें यह तरीका अपनाया जाता है। यह कैल्शियम को इतने छोटे टुकड़ों में तोड़ता है कि वह आर्टरिज के कैपिलरी के द्वारा ही निकल जाता है।

सेहत के लिए बेहद फायदेमंद होती है कमल ककड़ी

17-Dec-2024

नई दिल्ली। ( शोर संदेश ) आपने भी कभी न कभी कमल ककड़ी की सब्जी जरूर खाई होगी। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि कमल ककड़ी को अंग्रेजी में लोटस कुकुंबर कहते हैं। कमल ककड़ी सेहत से जुड़ी कई समस्याओं का इलाज करने में कारगर साबित हो सकती है। इसके अलावा कमल ककड़ी खाकर आप अपनी सेहत को दमदार बना सकते हैं।
अगर आप अपनी हड्डियों को मजबूत बनाना चाहते हैं तो इस सब्जी को अपनी डाइट का हिस्सा बना लीजिए। कमल ककड़ी में पाए जाने वाले तमाम तत्व आपकी गट हेल्थ को काफी हद तक इम्प्रूव कर सकते हैं। इस सब्जी का सेवन कर न केवल आप अपना डाइजेशन सुधार सकते हैं बल्कि पेट से जुड़ी तमाम समस्याओं से भी खुद का बचाव कर सकते हैं।
अगर आप अपने बढ़ते हुए वेट पर काबू पाना चाहते हैं तो कमल ककड़ी का सेवन करना शुरू कर दीजिए। फाइबर रिच इस सब्जी को खाकर आप अपने वेट को लूज कर सकते हैं। इसके अलावा डायबिटीज को मैनेज करने के लिए भी कमल ककड़ी का सेवन किया जा सकता है। इस तरह के हेल्थ बेनिफिट्स उठाने के लिए सही मात्रा में कमल ककड़ी को कंज्यूम करना बेहद जरूरी है।
कमल ककड़ी में विटामिन के, फाइबर और एंटीऑक्सीडेंट्स की अच्छी खासी मात्रा पाई जाती है। कमल ककड़ी में पाए जाने वाले पौष्टिक तत्व आपकी ओवरऑल हेल्थ को काफी हद तक इम्प्रूव कर सकते हैं। कमल ककड़ी आपकी स्किन और हेयर हेल्थ के लिए भी फायदेमंद साबित हो सकती है।




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