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स्वास्थ्य मंत्री ने किया मेकाहारा का निरीक्षण

28-Oct-2024
रायपुर। ( शोर संदेश ) स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने रविवार को रायपुर के मेकाहारा अस्पताल का निरीक्षण किया। मंत्री जायसवाल ने अस्पताल में भर्ती मरीजों को मिल रही सुविधाओं का जायजा लिया और मरीजों से बात कर उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना की।
इस दौरान मंत्री जायसवाल ने दंतेवाड़ा से आए मोतियाबिंद ऑपरेशन कराने वाले मरीजों से भी मुलाकात कर उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली। स्वास्थ्य मंत्री ने अस्पताल के स्टाफ और चिकित्सकों से भी बात कर उन्हें बेहतर काम करने और मरीजों की उचित देख देख करने के निर्देश दिए।
 

 


स्वर्णप्राशन और बाल रक्षा किट के लिए आयुर्वेद कॉलेज में उमड़ी भीड़

28-Oct-2024
रायपुर।  ( शोर संदेश )  बच्चों के व्याधिक्षमत्व, पाचन शक्ति, स्मरण शक्ति, शारीरिक शक्तिवर्धन एवं रोगों से बचाव के लिए शासकीय आयुर्वेद महाविद्यालय चिकित्सालय में गुरुवार को 2216 बच्चों को स्वर्णप्राशन कराया गया। विभिन्न रोगों से रोकथाम एवं इम्युनिटी बढ़ाने के लिए 300 बच्चों को पांच दवाईयों से बने बाल रक्षा किट भी वितरित किए गए। आयुर्वेद महाविद्यालय चिकित्सालय के कौमारभृत्य विभाग द्वारा हर पुष्य नक्षत्र तिथि में शून्य से 16 वर्ष के बच्चों को स्वर्णप्राशन कराया जाता है। स्वर्णप्राशन के साथ ही डॉ. लवकेश चंद्रवंशी ने बच्चों के स्वास्थ्य का परीक्षण भी किया।  
शासकीय आयुर्वेद महाविद्यालय चिकित्सालय परिसर में आयुष विभाग की संचालक इफ्फत आरा, प्राचार्य प्रो. डॉ. जी.आर. चतुर्वेदी, चिकित्सालय अधीक्षक प्रो. डॉ. प्रवीण कुमार जोशी और कौमारभृत्य विभागाध्यक्ष प्रो. डॉ. नीरज अग्रवाल के निर्देशन में स्वर्णप्राशन कराया गया। स्वर्णप्राशन समन्वयक डॉ. लवकेश चन्द्रवंशी ने बताया कि बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए यह काफी लाभदायक है। महाविद्यालय के कौमारभृत्य विभाग की व्याख्याता डॉ. सत्यवती राठिया तथा स्नातकोत्तर एवं स्नातक छात्र-छात्राएं हर महीने इसमें महत्वपूर्ण योगदान देते हैं। आयुर्वेद महाविद्यालय चिकित्सालय द्वारा इस वर्ष की अन्य पुष्य नक्षत्र तिथियों 25 जनवरी को 1235, 21 फरवरी को 1420, 18 मार्च को 1720, 16 अप्रैल को 1410, 13 मई को 1256, 10 जून को 1802, 8 जुलाई को 1342, 3 अगस्त को 1370, 30 अगस्त को 1660 और 26 सितम्बर को 2046 बच्चों को स्वर्णप्राशन कराया गया था।

छात्रों को राहत : एनआरआई स्पॉन्सर्ड कोटा में प्रवेश लेने वाले 45 एमबीबीएस छात्रों के दाखिले रद्द नहीं होंगे

23-Oct-2024
रायपुर।   ( शोर संदेश )  प्रदेश के निजी मेडिकल कॉलेजों की एनआरआई स्पॉन्सर्ड कोटा सीट पर दाखिला लेने वाले 45 छात्रों को हाई कोर्ट से बड़ी राहत मिल गई है। मंगलवार को छात्रों की याचिका पर चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस बीडी गुरु की डिवीजन बेंच ने सुनवाई की।

इस दौरान बेंच ने आयुक्त चिकित्सा शिक्षा के 18 अक्टूबर के उस आदेश को निरस्त कर दिया, जिसमें यह लिखा गया था कि अगर छात्र खुद को वास्तवित एनआरआई साबित नहीं कर पाते हैं, तो दाखिले निरस्त मान लिए जाएंगे। उधर, एनआरआई स्पॉन्सर्ड कोटा की शेष 10 सीटों पर जल्द काउंसिलिंग होगी। पूर्व में रजिस्टर्ड अभ्यर्थी इसमें शामिल होंगे।

दरअसल, आयुक्त, चिकित्सा शिक्षा विभाग के 18 अक्टूबर के आदेश को चुनौती देते हुए छात्र अंतश तिवारी सहित 40 अन्य ने वकीलों के जरिए अलग-अलग याचिकाएं लगाई थीं। इसमें बताया कि छत्तीसगढ़ मेडिकल एजुकेशन प्रवेश नियम 2008 के तहत एनआरआई स्पॉन्सर्ड कोटे की सीटें तय की गई हैं। नियम 13(स) में एनआरआई छात्रों के लिए पात्रता निर्धारित की गई है।

इस नियम के आधार पर उन्हें प्रक्रिया पूरी करने के बाद दाखिले दिए गए। बताया कि पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने एनआरआई कोटे के नियम में बदलाव किया है, जिसके तहत भाई-पुत्र और पहली पीढ़ी के रिश्तेदार ही दाखिले के लिए पात्र माने गए हैं। हाईकोर्ट ने दूसरी पीढ़ी के छात्रों को प्रवेश नहीं देने का आदेश दिया है।

लेकिन छत्तीसगढ़ चिकित्सा शिक्षा विभाग ने पूर्व में तय नियम को बदले बिना ही उनके दाखिले निरस्त कर दिए। छात्रों ने इस आदेश को असंवैधानिक बताते हुए कहा कि किसी दूसरे हाईकोर्ट का आदेश छत्तीसगढ़ में प्रभावी नहीं होगा। डिवीजन बेंच ने इस दलील को सही माना है। यानी 45 छात्रों के दाखिले बरकरार रहेंगे। उधर,जानकारी के मुताबिक अगले सत्र में विभाग एनआरआई कोटा को परिभाषित करेगा। इसके लिए कमेटी बनाई जाएगी।

एमबीबीएस:एनआरआई नहीं पहुंचे या दस्तावेज गलत तो रद्द होगा एडमिशन

19-Oct-2024
रायपुर।  ( शोर संदेश ) प्रदेश के निजी मे​डिकल कॉलेजों में एनआरआई कोटे से एडमिशन ले चुके छात्रों को इससे संबंधित दस्तावेज दिखाना होगा। उन्हें एनआरआई होने के प्रूफ देना होगा। दस्तावेजों की जांच शनिवार, 19 अक्टूबर से शुरू होगी। यह पहली बार है कि जब उनके सबमिट किए हुए दस्तावेजों की दोबारा जांच होगी। इस संबंध में शुक्रवार को आयुक्त चिकित्सा शिक्षा की ओर से सूचना जारी की गई है।
इसके अनुसार 24 सितंबर के बाद एनआरआई कोटा से प्रवेश लेने वाले अभ्यर्थियों को सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार अपने दस्तावेजों की जांच करवाना अ​निवार्य है। अगर, छात्र इस दौरान उपस्थित नहीं होते हैं, या वह वास्तविक एनआरआई होने के दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराते हैं तो उसका प्रवेश निरस्त हो माना जाएगा। एनआरआई कोटे से प्रवेश को लेकर विवादों के बीच यह सूचना जारी की गई है।
छात्रों को कहां करवानी होगी दस्तावेज की जांच
श्रीबालाजी इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेस और रायपुर इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेस के छात्रों का दस्तावेज सत्यापन पं. जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज में होगा। वहीं श्री शंकराचार्य इंस्टीट्यूट ऑफ ​मेडिकल साइंसेस और अभिषेक मिश्रा मेमोरियल मेडिकल कॉलेज के छात्रों को दस्तावेज सत्यापन के लिए चंदूलाल चंद्राकर मेडिकल कॉलेज दुर्ग में उपस्थित होना होगा। 19 अक्टूबर की सुबह 11 बजे से 21 अक्टूबर की दोपहर 3 बजे तक जांच होगी।
एनआरआई कोटे से प्रवेश के लिए पंजीयन, उन्हें भी करानी होगा जांच
एमबीबीएस में प्रवेश के लिए जिन्होंने एनआरआई कोटे के तहत पंजीयन किया है और उन्हें अभी सीट नहीं मिली है। उन्हें भी दस्तावेजों की जांच करानी होगी। पं. जवाहर लाल नेहरू स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय 19 अक्टूबर से 21 अक्टूबर तक दस्तावेजों की जांच के लिए छात्रों को उपस्थित होना होगा। एनआरआई होने का दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराने और अनुपस्थित रहने वाले छात्रों को एनआरआई कोटे से प्रवेश के लिए अपात्र माना जाएगा।
नर्सिंग में प्रवेश के लिए आवेदन कल तक
बीएससी नर्सिंग, एमएससी नर्सिंग व पोस्ट बेसिक नर्सिंग की खाली सीटों में प्रवेश के लिए रजिस्ट्रेशन रविवार, 20 अक्टूबर तक किए जा सकते हैं। पंजीयन की प्रक्रिया दोबारा शुरू हुई है। मेरिट लिस्ट 21 अक्टूबर को जारी होगी। जबकि संबंधित संस्था में 22 से 25 अक्टूबर तक प्रवेश होंगे।

साधना करने के दौरान 2 सगे भाईयों की मौत,2 बेहोश

18-Oct-2024
सक्ति।   ( शोर संदेश ) सक्ति से हैरान करने वाला मामला सामने आया है, आरोप है कि यहां साधना करने के दौरान दो सगे भाईयों की मौत हो गई,जबकि दो लोग बेहोश हो गए,वहीं दो लोगों मानसिक संतुलन बिगड़ने की भी खबर है, जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है,इस पूरे घटनाक्रम के बाद इलाके में हड़कंप मचा हुआ है।
जानकारी के मुताबिक पूरा मामला सक्ति के बाराद्वार थाना क्षेत्र के तांदुलडीह गांव का बताया जा रहा है, आरोप है कि यहां एक घर एक कमरे में उज्जैन के बाबा की फोटो सामने रखकर सभी 6 लोग बीते करीब सप्ताह भर से जाप, साधना कर रहे थे, उसी दौरान दो भाईयों की मौत हो गई, जबकि दो घायल और दो लोगों मानसिक हालत बिगड़ने की खबर है।











 

स्वास्थ्य विभाग : 125 डॉक्टर्स की नियुक्ति, सभी जिलों में संविदा पर भेजे गए

16-Oct-2024
रायपुर। ( शोर संदेश )  स्वास्थ्य विभाग ने 125 एमबीबीएस पास डॉक्टरों व छात्रों को दो साल की संविदा नियुक्त पर प्रदेश के अस्पतालों में पदस्थ किया है। डॉ. रिया जायसवाल को बैकुंठपुर, डॉ. विजया खेलवाड़े को अभनपुर, डॉ. आयुष पटेल को बोरिया खुर्द, डॉ. रूप शुक्ला को बस्तर, डॉ. आयुष कुमार सिंघानिया, डॉ. मानसी सिंह, डॉ. प्रीति जाटवार व डॉ. विश्वजा जाउरकर को मेडिकल कालेज रायपुर में पदस्थ किया गया है। 
इनके अलावा डॉ. सुमन सचदेव को गोबरा नवापारा, डॉ. ऐश्वर्या कश्यप को भनपुरी, डॉ. हर्षाली नवलानी चटौद, डॉ. पंकज अग्रवाल दामाखेड़ा, डॉ. साक्षी केशरवानी रोहांसी, डॉ. वैदेही यादव कोसमंदी, डॉ. साइमा चौबे महासमुंद, डॉ. साक्षी नथानी, डॉ. दियांश कश्यप, डॉ. दीक्षा सिंह व डॉ. आकांक्षा तिवारी बिलासपुर, डॉ. आंचल गर्ग व डॉ. श्रुति पांडेय मस्तूरी, डॉ. शिवांगी पांडेय पोड़ीदल्हा, डॉ. मोनिका शर्मा रतनपुर, डॉ. प्रणम्य वैष्णव घौरपुरा, डॉ. कार्तिकेय सापरिया राम्हेपुर, डॉ. रोशन सोनी चेतमा,
डॉ. अरविंद पटेल झलमला, डॉ. भास्कर मिश्रा बस्ती में पदस्थ किए गए हैं। डॉ. मयंक कुमार कौशले बलौदा, डॉ. नुपूर दवे सोंठी, डॉ. प्रवेश अग्रवाल सारंगढ़, डॉ. गौरवकांत ताम्रकर सुपेला, डॉ. सृष्टि गुप्ता भिलाई -3, डॉ. प्रांजलि साहू धमधा, डॉ. खुशबू यादव अंजोरा, डॉ. ऋषभ जैन बटरेल, ईशिता धीर राजनांदगांव, डॉ. पुरुषोत्तम धनेलिया कबीरधाम,
डॉ. अमन विरदी बेमेतरा, डॉ. विशे, साहू मरका, डॉ. वेदप्रकाश सिन्हा गोटाटोला, डॉ. शुभम ठाकुर दल्ली राजहरा, डॉ. सौरभ अग्रवालदरिमा, डॉ. शचिस कुमार मिश्रा कमलपुर, डॉ. आयुष जैन अंबिकापुर और डॉ. आयुशी गुप्ता मेडिकल कालेज अंबिकापुर के नाम शामिल हैं। डॉ. प्रणव कुमार सिंह मरावी वंदना, डॉ. रोज सिंह चिरमिरी, डॉ. उत्कर्ष वर्मा धरसेड़ी व डॉ. उन्नति गुप्ता बलरामपुर में पदस्थ किए गए हैं।

छत्तीसगढ़ में एमबीबीएस-बीडीएस काउंसिलिंग का मॉपअप-राउंड स्थगित

16-Oct-2024
रायपुर। ( शोर संदेश ) छत्तीसगढ़ चिकित्सा शिक्षा संचालनालय ने नीट 2024 एमबीबीएस-बीडीएस में प्रवेश के लिए काउंसिलिंग मॉपअप राउंड को स्थगित कर दिया है। कांग्रेस मेडिकल सेल ने मेडिकल कॉलेजों में एनआरआई छात्रों के प्रवेश को लेकर सवाल उठाए थे, जिसके बाद मॉपअप राउंड को स्थगित किया गया है।
दरअसल, मॉकअप राउंड के तहत मंगलवार को सीट का आवंटन होना था, लेकिन चिकित्सा शिक्षा के कमिश्नर कार्यालय से जारी आदेश में मॉकअप राउंड को कैंसिल करने का स्पष्ट कारण नहीं बताया गया है। वहीं इस मामले पर कांग्रेस मेडिकल सेल के अध्यक्ष डॉ राकेश गुप्ता ने इसे सत्य की जीत बताई है।
 

मां दुर्गा की प्रतिमा का विसर्जन के दौरान बिजली का तार भीड़ पर गिरा,सात से ज्यादा लोग झुलसे ,एक गंभीर

13-Oct-2024
बालोद/रायपुर। ( शोर संदेश )  बालोद जिले के गुरुर ब्लॉक में शनिवार मां दुर्गा की प्रतिमा के विसर्जन के दौरान बिजली का तार भीड़ पर गिर पड़ा। इस हादसे में सात से ज्यादा लोग झुलस गए, जिसमें एक की हालत गंभीर बताई जा रही है। घायलों में महिलाएं और बच्चे शामिल हैं। सभी को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। मौके पर पहुंची पुलिस घटना की जांच कर रही है ।
संजारी चौकी प्रभारी सहायक उप निरीक्षक लता तिवारी ने बताया कि कंवर गांव में धूमधाम से दुर्गा विसर्जन का कार्यक्रम था।कुछ लोगों में देगी सवार था और जो पारंपरिक डांग होते हैं वो बिजली के तार से टकरा गए । जिसके बाद से तार टूटकर गिर गया। जहां डांग पकड़ने वाला परमेश्वर पटेल बुरी तरह घायल हो गया ।साथ ही उसके आसपास खड़े लोग भी करंट के चपेट में आ गए। बिजली के तार की चपेट में सबसे पहले डांग पकड़ा शख्स परमेश्वर पटेल आया, इसके बाद दूसरे लोग भी बिजली तार के संपर्क में आए । बिजली की चपेट में आए लोगों को आनन फानन में 108 की मदद से जिला अस्पताल लाया गया । सभी का इलाज फिलहाल जारी है।घायलों में तीन महिलाएं और 14 साल का बच्चा भी शामिल है । घटना में एक की हालत गंभीर है ।
स्थानीय निवासी और जनपद सदस्य डिकेश्वरी बंधु ने बताया कि गांव में विसर्जन का कार्यक्रम चल रहा था । इसी दौरान लोगों की भीड़ पर बिजली का तार टूटकर गिर पड़ा ।मौके पर चीख पुकार मच गई. सभी को अस्पताल में भर्ती कराया गया गया है ।मरीजों का इलाज करने वाले डॉक्टरों का कहना है कि एक मरीज की हालत गंभीर है। बाकी लोगों की हालत स्थिर है। कुल सात लोगों का इलाज जिला अस्पताल में किया जा रहा है।  

निजी हॉस्पिटल पर 31 लाख का जुर्माना

09-Oct-2024
रायपुर।   ( शोर संदेश )  राज्य नोडल एजेंसी छत्तीसगढ़ द्वारा आयुष्मान भारत जन आरोग्य योजना शहीद वीर नारायण सिंह आयुष्मान स्वास्थ्य योजनांतर्गत नियम विरूद्ध कार्य करने वाले अस्पतालों पर नियमित रूप से कार्यवाही की जा रही है। राज्य नोडल एजेंसी को अस्पतालों के विरूद्ध अनावश्यक पैकेज ब्लॉक करने, अनावश्यक आई.पी.डी. एवं आई.सी.यू. के पैकेज ब्लॉक करने, योजनांतर्गत लाभ देने से मना करने, अतिरिक्त नगद राशि लिए जाने इत्यादि की शिकायतें प्राप्त हुई थीं, जिसके कारण अस्पतालों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था। 
अस्पतालों द्वारा दिए गए स्पष्टीकरण संतोषजनक नही होने अथवा स्पष्टीकरण प्राप्त नहीं होने वाले अस्पतालों पर कार्यवाही की गई है। इसके अंतर्गत बाबूजी केयर हॉस्पिटल रायपुर एवं समता हॉस्पिटल डोण्डी लोहारा बालोद द्वारा अनावश्यक रूप से पैकेज ब्लॉक करने व उच्चाधिकारियों के आदेश पर कोई प्रतिक्रिया नहीं देने के कारण इनका योजनांतर्गत पंजीयन निरस्त कर दिया गया है।
जय अम्बे मल्टी स्पेशिलिटी हॉस्पिटल रायपुर द्वारा गलत तरीके से आई.सी.यू. के पैकेज ब्लॉक करने के कारण जारी स्पष्टीकरण का जवाब संतोषजनक नहीं होने पर राशि 31 लाख 32 हजार रूपए का जुर्माना लगाया गया एवं तीन माह के लिए अस्पताल को योजना से निलंबित किया गया है। 

पीलिया के अब तक 15 मरीजों की पुष्टि

22-Sep-2024
रायपुर।   ( शोर संदेश )  छत्तीसगढ़ के रायपुर में पीलिया के मामले लगातार सामने आ रहे है। सुरजनगर के बीएसयूपी कॉलोनी में अब तक 15 पीलिया से पीड़ित मरीजों की पुष्टि हुई हैं। पीलिया के मामले सामने आने के बाद से स्वास्थ्य विभाग अलर्ट हो गया है। स्वास्थ्य टीम डोर टू डोर जाकर सर्वे का काम कर रही है।
इससे पहले शहर के बोरियाखुर्द के आरडीए कॉलोनी से भी पीलिया के मरीज मिले है। दरअसल पिछले दिनों से पीलिया के मरीजों में लगातार वृद्धि हो रही हैं। जिसको देखते हुए स्वास्थ्य विभाग भी अलर्ट हो गया है। बीएसयूपी कॉलोनी के रहने वाले सूरज यादव ने बताया की निगम ने वाटर एटीएम लगाया है।
जिसमें कीड़े मिलें है और अब इसके बाद टाइफाइड और पीलिया से लोग प्रभावित हो रहे हैं। लाभांडी के संकल्प सोसाइटी में भी टाइफाइड का क़हर जारी है। हाल ही में बीएसयूपी और पीएम आवास के लोगों ने पानी और अन्य समस्याओं को लेकर निगम का घेराव किया था। लेकिन इसके बाद भी स्थिति नहीं बदली है। राजधानी जैसे शहर में लोग साफ़ पीने के पानी के लिए तरस रहे हैं। गंदे पानी पीने के कारण लोग बीमारियों का शिकार हो रहे हैं। 



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