ब्रेकिंग न्यूज

किसान

*अब तक प्रदेश में 67.39 लाख मीट्रिक टन धान का उठाव*

28-Mar-2021

 रायपुर (शोर सन्देश)। खरीफ विपणन वर्ष 2020-21 में समर्थन मूल्य पर खरीदे गए 92 लाख मीट्रिक टन धान में से अब तक 67 लाख 39 हजार 93 मीट्रिक टन धान का उठाव हो चुका है।
इसमें 48 लाख 15 हजार 524 मीट्रिक टन धान का उठाव मिलरों द्वारा एवं 19 लाख 23 हजार 569 मीट्रिक टन धान का संग्रहण केन्द्रों में भण्डारण शामिल है।
छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी विपणन संघ से प्राप्त जानकारी के अनुसार मिलरों को 26 मार्च तक 49 लाख 646 मीट्रिक टन धान का डी.ओ. जारी किया गया है। राज्य के 2 हजार 333 मिलरों द्वारा धान का उठाव उपार्जन केन्द्रों से किया जा रहा है। कस्टम मिलिंग निरंतर जारी है।


*मुख्यमंत्री बघेल ने किसानों को दी न्याय योजना की चौथी किश्त खाते ट्रांसफर किए 110427 करोड़*

21-Mar-2021

00 कार्यक्रम में लोकसभा सांसद राहुल गांधी व छग प्रभारी पुनिया ने दर्ज कराई वर्चुअल उपस्थिति
रायपुर (शोर सन्देश)। मुख्यमंत्री बघेल ने आज छत्तीसगढ़ सरकार की दो महत्वपूर्ण योजनाओं राजीव गांधी न्याय योजना और गोधन न्याय योजना के हितग्राहियों को राशि का वितरण किया। इस दौरान कांग्रेस नेता राहुल गांधी, छत्तीसगढ़ प्रभारी पीएल पुनिया भी वर्चुअल रूप से कार्यक्रम में जुड़े।
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आज प्रदेश के 18 लाख 43 हजार किसानों के खाते में राजीव गांधी किसान न्याय योजना की चौथी किश्त के रूप में एक हजार 104 करोड़ 27 लाख रूपए की राशि और गोधन न्याय योजना की 15वीं और 16वीं किश्त के रूप में कुल 7 करोड़ 55 लाख रूपए की राशि का अंतरण पशुपालकों के खाते में किया। मुख्यमंत्री बघेल ने गोधन न्याय योजना की 15वीं किश्त के रूप में 3 करोड़ 75 लाख रूपए और 16वीं किश्त के रूप में 3 करोड़ 80 लाख रूपए का अंतरण पशुपालकों के खाते में किया। 
ज्ञातव्य है कि राजीव गांधी किसान न्याय योजना के तहत किसानों को तीन किश्तों में 4500 करोड़ रूपए का भुगतान किया जा चुका है। इसी प्रकार प्रमाणित बीज उत्पादक 4777 किसानों को तीन किश्तों में 23 करोड़ 62 लाख रूपए तथा गन्ना उत्पादक 34 हजार 292 किसानों को अतिरिक्त प्रोत्साहन और आदान सहायता के रूप में 74 करोड़ 24 लाख रूपए का भुगतान किया जा चुका है।
इस योजना में अब तक किसानों को 4597 करोड़ 86 लाख रूपए का भुगतान किया जा चुका है। मुख्यमंत्री बघेल 21 मार्च के इस कार्यक्रम में गोधन न्याय योजना की 15वीं किश्त के रूप में 3 करोड़ 75 लाख रुपए और 16वीं किश्त के रूप में 3 करोड़ 80 लाख रुपए का अंतरण पशुपालकों के खाते में किया। गोधन न्याय योजना में अब तक पशुपालकों को 80 करोड़ 42 लाख रुपए का भुगतान किया जा चुका है। मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में आयोजित इस कार्यक्रम में गृह मंत्री ताम्रध्वज साहू, कृषि मंत्री रविन्द्र चौबे, स्कूल शिक्षा मंत्री डॉ. प्रेमसाय सिंह टेकाम, वन मंत्री मोहम्मद अकबर, उद्योग मंत्री कवासी लखमा, नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री डॉ. शिवकुमार डहरिया, महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती अनिला भेंडि़या, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री गुरू रूद्रकुमार, राजस्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल, और उच्च शिक्षा मंत्री उमेश पटेल, संसदीय सचिव शिशुपाल सोरी और सुश्री शकुन्तला साहू,  राज्य नागरिक आपूर्ति निगम के अध्यक्ष राम गोपाल अग्रवाल और अपेक्स बैंक के अध्यक्ष बैजनाथ चंद्राकर, अपर मुख्य सचिव सुब्रत साहू, कृषि उत्पादन आयुक्त डॉ. एम. गीता, मुख्यमंत्री के सचिव सिद्धार्थ कोमल सिंह परदेशी उपस्थित थे। पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री टी.एस. सिंहदेव तथा खाद्य मंत्री अमरजीत भगत कार्यक्रम से वर्चुअल जुड़े। 


चौथी किश्त के रूप में किसानों के खाते में जाएंगे 1104.27 करोड़

19-Mar-2021
रायपुर (शोर सन्देश)। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल 21 मार्च को प्रदेश के 18 लाख 43 हजार किसानों को राजीव गांधी किसान न्याय योजना की चौथी किश्त के रूप में एक हजार 104 करोड़ 27 लाख रूपए की राशि का भुगतान करेंगे। इस योजना में अब तक किसानों को तीन किश्तों में 4500 करोड़ रूपए का भुगतान किया जा चुका है। इसी प्रकार प्रमाणित बीज उत्पादक 4777 किसानों को तीन किश्तों में 23 करोड़ 62 लाख रूपए तथा गन्ना उत्पादक 34 हजार 292 किसानों को अतिरिक्त प्रोत्साहन और आदान सहायता के रूप में 74 करोड़ 24 लाख रूपए का भुगतान किया जा चुका है। इस प्रकार धान उत्पादक किसानों की चौथी किश्त की राशि मिलाकर, प्रमाणिक बीज उत्पादक किसानों और गन्ना उत्पादक किसानों को 5702 करोड़ 13 लाख रूपए का भुगतान किया जा रहा है। इस राशि में से अब तक किसानों को 4597 करोड़ 86 लाख रूपए का भुगतान किया जा चुका है। उल्लेखनीय है कि पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की पुण्यतिथि 21 मई को प्रदेश के प्रमुख फसलों के उत्पादन एवं उत्पादकता में वृद्धि करने के उद्देश्य से किसानों को कृषि आदान सहायता राशि प्रदाय करने के लिए राजीव गांधी किसान न्याय योजना लागू की गई है। योजना अंतर्गत खरीफ मौसम में धान के साथ-साथ 13 अन्य फसलों मक्का, सोयाबीन, मूंगफली, तिल, अरहर, मूंग, उड़द, कुल्थी, रामतिल, कोदो, कुटकी, रागी तथा रबी में गन्ना फसल को शामिल किया गया है। योजना का आंशिक क्रियान्वयन खरीफ 2019 से किया गया है। राजीव गांधी किसान न्याय योजना के तहत खरीफ 2019 में धान फसल लगाने वाले कृषकों को सहकारी समिति के माध्यम से उपार्जित रकबा के आधार पर अधिकतम राशि 10 हजार रूपए प्रति एकड़ की दर से आदान सहायता राशि सीधे बैंक खाते में किश्तों में भुगतान किया जा रहा है। राजीव गांधी किसान न्याय योजना के तहत प्रदेश के 9.54 लाख सीमांत कृषक, 5.60 लाख लघु कृषक एवं 3.21 लाख दीर्घ कृषक सहित कुल 18.38 लाख किसानों को आदान सहायता राशि तीन किश्तों में 4,500 करोड़ रूपए तथा प्रमाणित बीज उत्पादक 4,777 कृषकों को तीन किश्तों का 23.62 करोड़ रूपए का भुगतान किया जा चुका है। इस प्रकार तीन किश्तों में कुल 18.43 लाख कृषकों को 4523.62 करोड़ का भुगतान किया जा चुका है। चौथी एवं अंतिम किश्त में 1104.27 करोड़ रूपए का भुगतान 21 मार्च 2021 को किया जाएगा। इस योजना में किसानों को प्रथम किश्त 21 मई 2020 को 1500 करोड़ रूपए, द्वितीय किश्त 20 अगस्त 2020 को 1500 करोड़ रूपए, तृतीय किश्त 1 नवम्बर 2020 को 1500 करोड़ रूपए, बीज उत्पादक कृषकों को 23.62 करोड़ रूपए का भुगतान किया जा चुका है। राजीव गांधी किसान न्याय योजना की चतुर्थ किश्त के रूप में 21 मार्च 2021 को किसानों को 1104.27 करोड़ रूपए का भुगतान किया जाएगा। राजीव गांधी किसान न्याय योजना की चतुर्थ किश्त की राशि और प्रमाणित बीज उत्पादक किसानों को दी जाने वाली राशि मिलाकर किसानों को कुल 5 हजार 627 करोड़ 89 लाख रूपए का भुगतान किया जाएगा।
गन्ना फसल उत्पादक किसानों को राजीव गांधी किसान न्याय योजना के तहत गन्ना फसल के लिए पेराई वर्ष 2019-20 मंे सहकारी कारखाना द्वारा क्रय गन्ना की मात्रा के आधार पर एफआरपी राशि 261 प्रति क्विंटल के अतिरिक्त प्रोत्साहन एवं आदान सहायता राशि कुल 93.75 रूपए प्रति क्विंटल कुल 355 रूपए प्रति क्विंटल की दर से 34,292 कृषकों को राशि 74 करोड़ 24 लाख रूपए का भुगतान किया जा चुका है। इस राशि में से भोरदमदेव शक्कर कारखाना कवर्धा के 12,077 किसानों को 23 करोड़ 53 लाख रूपए, मॉ महामाया शक्कर कारखाना अंबिकापुर के 13,441 किसानों को 26 करोड़ रूपए, मॉ दंतेश्वरी मैय्या शक्कर कारखाना बालोद के 1,314 किसानों को 5 करोड़ 38 लाख रूपए, लौह पुरूष सरदार वल्लभ भाई पटेल शक्कर कारखाना पंडरिया के 7,460 किसानों को 19 करोड़ 33 लाख रूपए का भुगतान किया गया है।
 

  


*महिला समूह कर रही सब्जी गेंदा पपीता चना मसूर धनिया नेपियर घास अरहर की खेती*

15-Mar-2021

रायपुर (शोर सन्देश)। जिले के धरसीवां विकासखंड के दतरेंगा गांव में 11 एकड़ भुमि पर गौठान का विकास किया गया है। यहां महिला स्व-सहायता समूहों के माध्यम से महिलाएं सब्जी, गेंदा फूल, पपीता, चना, मसूर, धनिया पत्ती, नेपियर घास, अरहर आदि की खेती कर रही है। वे अपने कार्यो और मिल रहे लाभ से संतोष व्यक्त करती हैं।
आरती महिला स्व सहायता समिति की सक्रिय अध्यक्ष पुष्पा पेंडरिया, गौठान में गेंदा के साथ अन्य फूलों का भी उत्पादन कर रही है। वे अपने महिला समूहों के साथ खुद क्यारी बनाने, पौधों को खाद्य-पानी देने का कार्य करती है। उन्होंने कहा कि पिछले मौसम में केवल एक हजार रूपए का व्यय कर गेंदा का पौधा लगाया गया और इससे करीब 6 हजार रूपए की आमदनी हुई। इस लाभ को महिलाओं ने आपस में बांटा। वे अभी खेत में ग्लेडिया पौधे के फूल लगाने में व्यस्त है। इसी तरह जय बगदई स्व-सहायता समूहों की अध्यक्ष भारती साहू ने गौठान से मिल रहें लाभ पर संतुष्टि व्यक्त की। बताया कि गौठान में सिंचाई के लिए ट्यूब वेल खोदे गए है और पशुओं से रक्षा के लिए गौठान के चारों और फेंसिग की गई है। 


*169 दिन बाद किसानों ने समाप्त किया रेल पटरियों पर धरना कहा इंतजार करेंगे और देखेंगे*

12-Mar-2021

अमृतसर (शोर सन्देश)। अमृतसर के जंडियाला स्टेशन के पास रेल पटरियों पर जारी किसानों का धरना 169 दिनों के बाद समाप्त हो गया है। किसान मजदूर संघर्ष कमिटी (केएमएससी) ने गुरुवार को केंद्र के कृषि कानूनों के खिलाफ अपने धरने को अनिश्चित काल के लिए स्थगित कर दिया। यह धरना अमृतसर और ब्यास के बीच यात्री और मालगाड़ियों को रोक रहा था, जिससे अमृतसर का लगभग 60 प्रतिशत रेल यातायात प्रभावित हुआ था। केएमएससी ने कहा कि उसने गेहूं की कटाई के मौसम के मद्देनजर और दिल्ली की सीमा पर चल रहे विरोध को मजबूत करने के लिए धरना स्थगित करने का फैसला किया। केएमएससी के महासचिव सरवन सिंह पंढेर ने कहा कि हम अभी के लिए धरना स्थगित कर रहे हैं। फसल का मौसम आ रहा है। हम दिल्ली में अपने धरने में और भी ताकत लगाएंगे। हम इंतजार करेंगे और देखेंगे। अगर सरकार हमारी मांगों पर सकारात्मक प्रतिक्रिया नहीं देती है, तो धरना फिर से शुरू हो सकता है। बता दें कि अन्य सभी किसान यूनियनों ने नवंबर में पंजाब में रेलवे पटरियों पर धरना समाप्त कर दिया था। धरने के कारण, रेलवे तरनतारन के रास्ते कुछ ट्रेनों को वैकल्पिक मार्ग पर चला रहा था। अमृतसर स्टेशन से रेलवे का 60 फीसदी कारोबार धरने के कारण प्रभावित हुआ था। 


*धीमी गति से धान उठाव करने वाले राइस मिलरों पर कार्रवाई करने कलेक्टर ने दिए निर्देश*

04-Mar-2021

जशपुरनगर (शोर सन्देश) कलेक्टर कावरे ने आज अपने कलेक्ट्रोरेट कक्ष में खरीफ विपणन वर्ष 2020-21 के धान उठाव और नागरिक आपूर्ति विभाग की कस्टम मिलिंग राईस भण्डारण के संबंध में अधिकारियों की बैठक ली। इस अवसर पर वनमण्डलाधिकारी कृष्णा जाधव, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी के.एस. मण्डावी, अपर कलेक्टर आई.एल.ठाकुर, सहाकरिता विभाग के सहायक पंजीयक बी.एक्का, खाद्य विभाग के अधिकारी जी.एस. कंवर, विपणन अधिकारी चन्द्रप्रताप सिंह, नागरिक आपूर्ति विभाग के जिला प्रबंधक मनोज कुमार मिंज और कृषि विभाग के अधिकारीगण उपस्थित थे।कलेक्टर महादेव कावरे ने कस्टम मिलिंग के तहत् राईस भंडारण के लिए जिले के अलग-अलग स्थानों ओर गोदामों की जानकारी ली। कलेक्टर ने अपर कलेक्टर, खाद्य विभाग और विपणन विभाग को कमेटी बनाकर राईस मीलों का निरीक्षण करने का निर्देश दिये हैं। गडबड़ी करने वालो पर कार्यवाही करने के भी निर्देश दिये है। विपणन अधिकारी ने बताया कि जशपुर जिले के अंतर्गत् कुल 1500 मीट्रिक टन और पत्थलगांव 1800 मीट्रिक टन सहित कुल 3300 मीट्रिक टन चावल का अतिरिक्त भण्डारण की व्यवस्था जिला प्रशासन की ओर से किया गया है। कलेक्टर कावरे ने सभी समिति प्रबंधकों को धान की सुरक्षा के उपाय करने के भी निर्देश दिये हैं। उन्होंने कहा कि अपने जिले में धान की नीलामी नहीं की जा रही है। परंतु अपने जिले के मिर्लस या व्यापारी अन्य जिले से जहॉ धान अधिक खरीदी गया है, वहां के मिर्लस या व्यापारी पंजीयन करा करके भाग ले सकते हैं। -नीलामी में भाग लेने के लिए व्यापारियों को अपना पंजीयन कराना होगा। पंजीयन की प्रक्रिया 18 फरवरी से प्रारंभ हो चुकी है। धान की नीलामी, नियम के शर्ते खाद्य विभाग के वेबसाइड खाद्यडॉटसीजीडॉटएनआईसीडॉटइन और मार्कफेड की वेबसाइड- सीजीमार्कफेडडॉटइन पर भी देखी जा सकती है।नागरिक आपूर्ति विभाग के अधिकारी ने बताया कि जिले में चावल का भण्डारण करने के लिए जशपुर और पत्थलगांव में किराया पर गोदाम लिया गया है और वहा चावल का भण्डारण किया गया है। कलेक्टर ने कौशल विकास विभाग के अधिकारी प्रकाश यादव को गौठानों में महिलाओं को मशीन का प्रशिक्षण देने के भी निर्देश दिये हैं, साथ ही युवाओं को सिक्योरिटी गार्ड और एल..डी. बल्व बनाने के लिए भी प्रशिक्षण देने के लिए कहा गया है। कौशल विकास अधिकारी ने बताया कि सिक्योरिटी गार्ड के लिए 60 बच्चों का चयन किया गया है, साथ ही एल..डी. लाईट का प्रशिक्षण देने के लिए भी तैयारी पूरी कर ली गई है। दिव्यांगजनों को भी प्रशिक्षण देने के लिए कार्ययोजना बनायी जा रही है।


नई राजधानी के प्रभावित किसानों के साथ नहीं होगा अन्यायः डहरिया*

27-Feb-2021

रायपुर (शोर सन्देश) नई राजधानी के प्रभावित किसानों ने नगरीय प्रशासन मंत्री तथा आरंग विधानसभा के विधायक डॉ. शिवकुमार डहरिया से उनके कार्यालय में मुलाकात कर अपनी समस्याओं के संबंध में चर्चा की। इस दौरान नया रायपुर विकास प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालन अधिकारी डॉ. अय्याज फकीर भाई तंबोली और महाप्रबंधक श्री विश्वास राव मेश्राम भी उपस्थित थे। बैठक में प्रभावित किसानों ने सशक्त समिति के द्वारा पूर्व की बैठकों में लिए गए निर्णय का पालन नहीं हाने, प्रभावित परिवारों के एक सदस्य को पात्रतानुसार रोजगार प्रदान करने, भू-अर्जन के प्रकरणों पर नई दर से मुआवजा प्रदान करने सहित अन्य बिंदुओं पर अपनी मांग रखी। प्रभावित किसानों ने भूखण्ड देने के प्रकरणों के लंबित होने, बंदोबस्त त्रुटि सुधार करने, भूमिहीन परिवार के व्यस्कों को निर्णय अनुसार पुनर्वास सहित अन्य लाभ देने, ऑडिट आपत्ति का निराकरण करने, प्रभावित ग्राम के सब्जी-बाड़ी वाले अधिग्रहित भू-खण्ड को मुक्त करने, बॉटनिकल गार्डन में किसान की जमीन के भू-अर्जन का मुआवजा, भू-खण्ड क्रय-विक्रय की अनुमति व इसके सरलीकरण पर आवश्यक चर्चा की। किसानों ने नवा रायपुर अटल नगर योजना क्षेत्र के अंतर्गत आपसी एवं भू-अर्जन से प्रभावित के हितों की रक्षा सहित अन्य समस्याओं के समाधान पर मंत्री डॉ. डहरिया से चर्चा की। मंत्री डॉ. डहरिया ने किसानों के सभी मांगों को सुनते हुए कहा कि धैर्य रखे किसानों के जायज मांगों पर उचित निर्णय लेकर आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने इस संबंध में विभागीय मंत्री एवं नवा रायपुर विकास प्राधिकरण के अधिकारियों के साथ आने वाले दिनों में बैठक करने की बात कही है। उन्होंने किसानों के साथ किसी भी प्रकार का अन्याय नहीं होने देगी। मंत्री डॉ. डहरिया ने गुमटी-चबूतरें को स्थानीय प्रभावित किसानों को आबंटित करने, लंबित ऑडिट आपत्ति के निराकरण के लिए संयुक्त बैठक आयोजित करने, पूर्व में पात्र भूमिहीन परिवारों का डाटा संग्रहित करने के संबंध में आवश्यक निर्देश दिए। बैठक में नई राजधानी प्रभावित किसान कल्याण समिति के पदाधिकारी द्वारका साहू, कामता प्रसाद, रूपन चंद्राकर, छन्नू लाल यादव, फूलेश बारले, ललित यादव, लुकेश्वर साहू, कुलेश्वर प्रसाद वर्मा, किशनलाल साहू, नरोत्तम साहू, लक्ष्मीनारायाण चंद्राकर सहित अन्य किसान उपस्थित थे।
 


केंद्रीय खाद्य मंत्री से मिलकर मुख्यमंत्री बघेल ने दोहराई एफसीआई में 40 लाख टन चावल लेने की मांग*

27-Feb-2021
00 खाद्य सब्सिडी की दावा राशि 5214.97 करोड़ की प्रतिपूर्ति करने किया आग्रह
00 केंद्रीय मंत्री गोयल ने बजट राशि जारी होने पर 4832 करोड़ जारी करने दिलाया भरोसा
रायपुर (शोर सन्देश)। मुख्यमंत्री बघेल ने केन्द्रीय उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्री पीयूष गोयल से नई दिल्ली के रेल भवन में मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने छत्तीसगढ़ से केन्द्रीय पूल में 40 लाख मैट्रिक टन चावल उपार्जित किये जाने की मांग की ओर गोयल का ध्यान पुनः आकृष्ट कराया। 
मुख्यमंत्री बघेल ने बैठक के दौरान केन्द्रीय मंत्री गोयल को इस सबंध में एक पत्र भी दिया। पत्र में यह उल्लेखित है कि खरीफ विपणन वर्ष 2020-21 के लिए भारत सरकार की खाद्य सचिवों की बैठक में छत्तीसगढ़ के लिए 60 एलएमटी चावल केन्द्रीय पूल में लिये जाने की सैद्धांतिक सहमति प्रदान की गई है । भारतीय खाद्य निगम में केन्द्रीय पूल अंतर्गत 24 एलएमटी चावल ही लिये जाने की अनुमति प्रदान की गई है। छत्तीसगढ़ प्रदेश में खरीफ विपणन वर्ष 2020-21 में विकेन्द्रीकृत उपार्जन योजनांतर्गत समर्थन मूल्य पर 20.53 लाख किसानों से 92 एलएमटी धान का उपार्जन किया गया है।
उल्लेखनीय है कि एम.ओ. यू. के तहत उपार्जित धान में से राज्य की पीडीएस की आवश्यकता के अतिरिक्त चावल का स्टॉक भारतीय खाद्य निगम को प्रदाय किये जाने के निर्देश हैं, अतः उक्त प्रावधानों के तहत भारत सरकार द्वारा राज्य की आवश्यकता के अतिरिक्त शेष समस्त सरप्लस धान का अनुपातिक चावल 40 एलएमटी को भारतीय खाद्य निगम में केन्द्रीय पूल अंतर्गत लिये जाने का अनुरोध है। खरीफ वर्ष 2019-20 में 1.24 करोड़ किसानों से खरीदी की गई थी जो खरीफ वर्ष 2020-21 में 1.54 करोड़ किसानों (24 प्रतिशत वृद्धि) से खरीदी की गई है । जबकि छत्तीसगढ़ प्रदेश में खरीफ वर्ष 2019-20 में 18.38 लाख किसानों से 83.94 लाख टन धान की खरीदी की गई थी जो खरीफ वर्ष 2020-21 में बढ़कर 20.53 लाख किसानों (11.69 प्रतिशत वृद्धि) से 92 लाख टन (9.60 प्रतिशत वृद्धि) धान की खरीदी की गई है। खरीफ विपणन वर्ष 2020-21 में उपार्जित धान की मात्रा का गतवर्ष खरीफ विपणन वर्ष 2019 20 में उपार्जित धान की मात्रा से तुलनात्मक वृद्धि राष्ट्रीय औसत के अंतर्गत है ।
राजीव गांधी किसान न्याय योजना अंतर्गत बोनस की कोई राशि नहीं दी जा रही है । रकबा आधारित कृषि (इनपुट सपोर्ट) योजना है, जो कि खरीफ की 4 फसलों के लिए है । 2020-21 वर्ष के लिए कोई राशि घोषित नहीं की गई है
उल्लेखनीय है कि पूर्व खरीफ विपणन वर्षों 2016-17, 2017 -18, 2018-19 में भी राज्य शासन द्वारा धान पर प्रोत्साहन राशि (बोनस) प्रदाय किये जाने पर भी खाद्य विभाग भारत सरकार द्वारा भारतीय खाद्य निगम में चावल जमा किये जाने की अनुमति दी जाती रही है । अतः वर्तमान खरीफ विपणन वर्ष 2020-21 में समस्त सरप्लस धान का चावल भारतीय खाद्य निगम में उपार्जन करने के लिए 24 लाख टन अनुमति मात्रा को बढ़ाकर 40 लाख टन किये जाने का अनुरोध है ।
खरीफ विपणन वर्ष 2020-21 में छत्तीसगढ़ में 92 लाख मे टन धान का उपार्जन 4.60 लाख गठान बारदानों में किया गया है जूट कमिश्नर द्वारा मात्र 1.09 लाख गठान नये जूट बारदाने की ही आपूर्ति की गई है। अतः प्रदेश में नये जूट बारदाने की उपलब्धता काफी कम है। राज्य शासन द्वारा पीडीएस की आवश्यकतानुसार लगभग 24 लाख टन चावल नागरिक आपूर्ति निगम (सेंट्रल एवंस्टेट पूल हेतु) में भी जमा किये जाने की कार्यवाही प्रचलित है ।
उल्लेखनीय है कि भारतीय खाद्य निगम में चावल जमा करने हेतु अधिकतम 49 हजार गठान नवीन जूट बारदाना ही उपलब्ध कराये जा सकेंगे, जबकि 24 लाख मे० टन चावल जमा करने के लक्ष्य हेतु 96 हजार नवीन बारदानों की आवश्यकता है। अतः चावल जमा करने हेतु नवीन जुट बारदानो की लगभग 47 हजार गठान की कमी है। नये बारदानों की कमी के कारण भारतीय खाद्य निगम में दी गई अनुमति 24 लाख टन के विरूद्ध मात्र 4.57 लाख टन चावल ही उपार्जन हो पाया है । नये जूट बारदाने की आपूर्ति धान खरीदी हेतु कुल बारदाने की आवश्यकता का मात्र 25 प्रतिशत ही की गई है अतः नये जूट बारदाने की कमी के कारण used gunny bags का उपयोग भारतीय खाद्य निगम में सीएमआर उपार्जन कार्य में किया जाना आवश्यक हो गया है। उपरोक्त के संबंध में भारत सरकार से अनुरोध किया गया है। विषय की गंभीरता को दृष्टिगत रखते हुए प्रदेश में खरीफ विपणन वर्ष 2020-21 में नये जूट बारदाने की कम आपूर्ति को ध्यान में रखते हुए भारतीय खाद्य निगम में used gunny bags में भी चावल उपार्जन किये जाने हेतु भारतीय खाद्य निगम को निर्देशित किये जाने का अनुरोध है।
श्री बघेल ने इसके साथ ही केन्द्रीय मंत्री से खाद्य सब्सिडी की दावा राशि 5214.97 करोड़ की प्रतिपूर्ति जल्द किए जाने का आग्रह किया, जिस पर गोयल ने बजट की राशि जारी होने पर 4832 करोड़ रूपए जारी करने का भरोसा दिलाया है। मुलाकात के दौरान छत्तीसगढ़ के खाद्य मंत्री अमरजीत भगत और कृषि मंत्री रविन्द्र चौबे, मुख्यमंत्री के सचिव सिद्धार्थ कोमल सिंह परदेशी और खाद्य विभाग के सचिव डॉ कमलप्रीत सिंह उपस्थित रहे।
 

  


छगविस : सदन में धान खरीदी पर जमकर हंगामा बृजमोहन ने किसानों की संख्या और गिरदावरी पर पूछा पूरक प्रश्न...

24-Feb-2021

रायपुर (शोर सन्देश) विधानसभा में विपक्ष ने अनुपूरक बजट पर चर्चा के दौरान जमकर हंगामा किया। सदन में विपक्ष ने 16 करोड़ को 1600 करोड़ प्रिंट हो जाने का मामला उठाया। विपक्ष के मुताबिक 505 करोड़ के बजट में 1600 करोड़ की राशि प्रिंट कर दी गई है। इस पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के सदस्यों के बीच तीखी नोकझोंक हुई। वहीं बृजमोहन अग्रवाल ने समर्थन मूल्य पर धान खरीदी में अनियमितता का मामला उठाया। बृजमोहन अग्रवाल के मुताबिक किसान परेशान हुए हैं, किसानों ने गिरदावरी मामले में परेशान होकर खुदकुशी भी की है। बहुत किसान धान बेच नहीं पाए। इसके जवाब में खाद्य मंत्री अमरजीत भगत ने कहा- कि शनिवार और रविवार होने की वजह से 2 दिन पहले ही धान खरीदी की समय सीमा खत्म हुई। पहले भी शनिवार, रविवार और शासकीय अवकाश के दिन धान खरीदी नहीं होती थी।
21 लाख 52 हजार पंजीकृत किसानों में से 20 लाख 53 हजार किसानों से धान खरीदी हुई। ये सही नहीं है कि गिरदावरी की वजह से परेशान होकर किसान ने खुदकुशी की। बृजमोहन अग्रवाल ने फिर सवाल दागा कि, प्रदेश में कुल कितने किसानों ने धान बोया था। इस पर खाद्य मंत्री अमरजीत ने कहा कि 35 लाख हेक्टेयर में खेती होती है। हमारे पास धान के रकबे और खरीदी की जानकारी है। बीजेपी विधायक बृजमोहन अग्रवाल ने गिरदावरी संबंधित जानकारी मांगी। इस पर खाद्य मंत्री अमरजीत भगत ने कहा- इसकी जानकारी राजस्व विभाग से मिलेगी। मंत्री के जवाब से असंतुष्ट बीजेपी विधायकों ने किया सदन से वॉकआउट कर दिया। वहीं बैलगाड़ी परियोजना का मामला भी सदन में उठाया गया। चैनपुर इलाके में 4 हेक्टेयर जमीन का आबंटन हुआ था। उद्योग मंत्री ने पूर्व जीएम शैलेन्द्र रंगा को निलंबित करने की घोषणा की।
मनेन्द्रगढ़ विधायक विनय जायसवाल ने विधानसभा में यह मसला उठाया। तृतीय अनुपूरक पर चर्चा शुरू होते ही विपक्ष नाराज हो गया। कांग्रेस विधायक बृहस्पति सिंह के टोकने से नाराज अजय चंद्राकर नाराज हो गए। इसे लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीचत काफी नोकझोंक हुई। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा- जिस तेवर में अजय चंद्राकर भड़के हैं उन्हें खेद व्यक्त करना चाहिए।
बजट सत्र की कार्रवाई के दौरान आयुर्वेदिक अस्पताल के संचालन का मुद्दा भी सदन में गरमाया। धमतरी विधानसभा के आयुर्वेदिक अस्पताल के मुद्दे की गूंज सुनाई दी। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि कई बार शव पड़ा रहता है लेकिन पोस्टमार्टम नहीं हो पाता। इससे परिवार के लोग द्रवित हो जाते हैं। शासकीय अस्पताल में पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट मिलने में देरी का मामला भी उठाया गया।
जेसीसीजे विधायक धर्मजीत सिंह ने क्वारंटीन सेंटरों में 14वें वित्त की राशि खर्च करने का मामला उठाया। उन्होंने सवाल किया कि राशि जो खर्च की गई है क्या उसे लौटाया जाएगा। इस पर पंचायत मंत्री टीएस सिंहदेव ने कि शासन स्तर पर जानकारी लेकर कार्रवाई की जाएगी। नेता प्रतिपक्ष की मानें तो पंचायतों की राशि का उपयोग हो रहा है। सिंहदेव ने कहा कि हम पंचायतों को सशक्त करने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। सदन में प्रदेश में महिलाओं के साथ हो रहे अत्याचार का मुद्दा भी उठाया गया। शून्यकाल के दौरान विपक्ष ने ये मुद्दा उठाकर कहा कि प्रदेश में महिलाएं असुरक्षित महसूस कर रही हैं, लगातार अनाचार की घटनाएं हो रही हैं।


उपार्जन केन्द्रों से अब तक 55 लाख मीट्रिक टन धान का उठाव*

18-Feb-2021

रायपुर (शोर सन्देश)। खरीफ विपणन वर्ष 2020-21 में समर्थन मूल्य पर खरीदे गए 92 लाख मीट्रिक टन धान में से अब तक 55 लाख मीट्रिक टन धान का उठाव हो चुका है । इसमें 37 लाख 28 हजार 393 मीट्रिक टन धान का उठाव मिलरों द्वारा एवं 16 लाख 72 हजार मीट्रिक टन धान का संग्रहण केन्द्रों में भण्डरण शामिल है। मिलरों को 17 फरवरी तक 38 लाख 32 हजार 533 मीट्रिक टन धान का डी.ओ. जारी किया गया है । राज्य के 2 हजार 184 मिलरों द्वारा धान का उठाव उपार्जन केन्द्रों से किया जा रहा है । कस्टम मिलिंग निरंतर जारी है । खाद्य मंत्री अमरजीत भगत ने धान के उठाव में और तेजी लाने के निर्देश अधिकारियों को दिए है। 



Feedback/Enquiry



Log In Your Account