

रायपुर ( शोर संदेश )। संभागायुक्त महादेव कावरे ने जिले के तरपोंगी धान ख़रीदी केंद्र का निरीक्षण किया। उन्होंने वहां पर धान के रखरखाव और केन्द्र में अन्य व्यवस्थाओं की जानकारी ली। कावरे ने कहा कि धान केन्द्र में आने वाले किसानों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। साथ ही केन्द्र में शासन द्वारा निर्धारित दिशा-निर्देश अनुसार धान की खरीदी की जाए। है। कावरे ने सीसीटीवी फुटेज भी देखा जिसमें विगत तीन सप्ताह का बैकअप था। उन्होंने मॉइस्चर मीटर से धान की नमी का परीक्षण किया साथ ही कहा कि यह सुनिश्चित किया जाए कि इलेक्ट्रॉनिक तौल मशीन से ही धान की तौलाई की जाए। उन्होंने किसानों भुगतान की जानकारी भी ली। सहित सभी व्यवस्था से संतुष्ट बताया। संभागायुक्त कावरे ने डैनेज़ और केप कवर रखने निर्देश दिए। उल्लेखनीय है कि जिले के 139 उपार्जन केन्दों में अब तक 2 लाख 69 हजार 708 टन धान खरीदी की गई है। अब तक 620 करोड़ 61 लाख की धान खरीदी हुई है

रायगढ़ ( शोर संदेश )। शासकीय योजनाओं और आधुनिक तकनीक का सही उपयोग किस तरह किसानों की जिंदगी बदल सकता है, इसका बेहतरीन उदाहरण हैं विकासखंड रायगढ़ के ग्राम जुनवानी पश्चिम निवासी कृषक दरश राम पटेल। अपनी मेहनत और दृढ़ इच्छाशक्ति से पटेल ने धान की पारंपरिक खेती के सीमित मुनाफे से अलग उद्यानिकी कृषि में आधुनिक तकनीक अपनाई और लाखों रुपये की आय अर्जित कर रहे है।
पारंपरिक खेती से शुरुआत करने वाले दरश राम पटेल का 8 सदस्यों का भरापूरा परिवार है, उनके पास लगभग 10 एकड़ कृषि भूमि है। जिसमें वे पारंपरिक तरीके से धान की खेती करते थे। जिससे उन्हें बहुत कम आय प्राप्त होती थी। सीमित आय ने उन्हें नई दिशा में सोचने पर मजबूर किया। इस दौरान उन्होंने उद्यानिकी विभाग के अधिकारियों से संपर्क किया। विभाग ने उन्हें आधुनिक कृषि तकनीक, योजनाओं की जानकारी एवं मार्गदर्शन प्रदान किया। विभागीय मार्गदर्शन के पश्चात् पटेल ने खेती के तरीके में बदलाव किया।
उद्यानिकी विभाग द्वारा पटेल को राष्ट्रीय बागवानी मिशन, सामुदायिक फेंसिंग, ड्रिप सिंचाई, सब्जी क्षेत्र विस्तार, पैक हाउस, प्लास्टिक मल्चिंग जैसे विभागीय योजनाओं का लाभ मिला। सामुदायिक फेंसिंग योजना के तहत फसलों को जानवरों से बचाने के लिए गांव के अन्य किसानों के साथ सामूहिक रूप से लाभ दिया गया। इसके अलावा उनकी फसलों के उचित भंडारण के लिए पैक हाउस की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई। इससे उनकी फसल की गुणवत्ता बरकरार रही और बाजार में बेहतर दाम मिले।
पटेल ने अपनी आय का उपयोग अपने परिवार की जीवन शैली सुधारने में किया। उन्होंने अपने कच्चे मकानों को पक्का बनाया और खेती के लिए एक ट्रैक्टर व अन्य उपकरण भी खरीदे। पटेल ने साबित कर दिया कि शासकीय योजनाओं एवं मेहनत से कृषि को भी लाभकारी व्यवसाय में बदला जा सकता है। आज वे पूरे क्षेत्र के किसानों के लिए प्रेरणा स्रोत बन चुके है और क्षेत्र के किसान भी आधुनिक कृषि की ओर अग्रसर हो रहे है।
कृषि कार्य में सहयोग करने वाले पटेल के पुत्र नरेंद्र पटेल बताते है कि उन्होंने पॉलिटेक्निक की पढ़ाई पश्चात निजी कंपनी में ट्रेनी के तौर पर कार्य कर रहे थे, लेकिन आज अपने जॉब से अधिक कृषि कार्य से संतुष्ट है। उन्होंने बताया कि धान से अधिक मुनाफा उद्यानिकी फसलों में है। गर्मी में उन्होंने केवल 30 डिसमिल में लगाए बैगन से तीन लाख तक मुनाफा कमाए है। उन्होंने कहा कि उद्यानिकी फसलों में मल्चिंग के पश्चात खरपतवार की दिक्कत नहीं होती, जबकि धान के फसल में ऐसा नहीं होता। वही पानी की खपत भी अधिक होती है। उन्होंने बताया कि 2.5 एकड़ भूमि में टमाटर, बैगन, करेला से खेती शुरू की। उन्नत बीज और तकनीकों का उपयोग करते हुए उन्होंने लगभग 10 लाख रुपये की आय अर्जित की। वही इस वर्ष 12 से 13 लाख से अधिक की कमाई का अनुमान है


कोरिया ( शोर संदेश )। कोरिया जिले में 14 नवम्बर से अब-तक 6 हजार 513 किसानों से 2 लाख 72 हजार 509 क्विटंल धान की खरीदी हो चुकी है। जिले में 7 राइस मिल संचालकों ने अनुबंध किया है, जिससे धान खरीदी केंद्रों से उठाव में तेजी आई है। जिला विपणन अधिकारी ने जानकारी दी है कि सग्रहण केन्द्र में 7 हजार 140 क्विटंल धान जारी किया गया है, और मिलर्स को 5 हजार 760 क्विटंल धान का डीओ जारी हुआ है। इस तरह अब-तक कुल 12 हजार 900 क्विटंल धान उठाव के लिए जारी हुआ जिसमें 7 हजार क्विटंल से अधिक धान का उठाव हो चुका है।
जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक के नोडल अधिकारी गिरजाशंकर साहू ने जानकारी दी कि जिले में इस खरीफ वर्ष के लिए 22 हजार 978 किसानों ने धान बेचने के लिए पंजीयन कराया है। इस वर्ष 21 उपार्जन केन्द्रों के माध्यम से अब-तक 6 हजार 513 किसानों ने अपना धान बेचा है। इसके एवज में किसानों को बैंक लिंकिंग व्यवस्था के तहत 67 करोड़ 90 लाख 62 हजार 210 रुपए का भुगतान किया गया है।
जिले के पंजीकृत किसानों को खरीफ फसल के लिए 6 हजार 513 किसानों को 15 करोड़ 95 लाख 23 हजार 837 रुपए का ऋण वितरण किया गया था। ऋण वसूली की प्रक्रिया भी चल रही है। अभी तक लिकिंग के माध्यम से 14 करोड़ 92 लाख 53 हजार 302 रुपए का ऋण वसूला गया है। शेष लक्ष्य की वसूली आने वाले दिनों में लिकिंग के माध्यम से की जाएगी।
धान खरीदी का यह अभियान 31 जनवरी 2025 तक चलेगा। वहीं जिला प्रशासन द्वारा धान उपार्जन केन्द्रों में शिकायत एवं निवारण के लिए हेल्प लाइन नंबर जारी किए है, जिसका नं. 07836-232330 तथा कॉल सेंटर नम्बर 1800-233-3663 है। धान बेचने वाले कोई भी किसान इस हेल्पलाइन नम्बर पर फोन कर अपनी समस्याओं का समाधान कर सकता है।


कोरबा ( शोर संदेश )। किसान फूल सिंह,रामायण सिंह और श्याम सिंह तीनो भाई है। इन्होंने विगत वर्ष भी अपने 4.80 एकड़ खेत में धान का फसल लिया था। पिछले साल लगभग 80 क्विंटल धान बेचने के बाद जो राशि मिली उससे अपने घर के अधूरे निर्माण को पूरा कराया। इस साल भी बारिश की मेहरबानी से फसल ठीक ठाक होने की बात कहते हुए इन्होंने बताया कि बहुत ही खुशी की बात है कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की सरकार धान का सर्वाधिक मूल्य दे रही है। पिछले साल धान का बकाया बोनस भी मिला था और अंतर राशि भी खाते में आई थी।
धान उपार्जन केंद्र पौलमी में अपना धान बेचने आए तीनो भाई फूलसिंह, रामायण सिंह और श्याम सिंह ने बताया कि धान खरीदी केंद्रों में किसानों के लिए इतनी अच्छी व्यवस्था है कि हमे कोई परेशानी नहीं हो रही है। टोकन कटाने के बाद हम लोग अपना धान लेकर आए। यहां पर्याप्त व्यवस्था है। बैठने के लिये कुर्सी की व्यवस्था की गई है और पीने का पानी का इंतजाम है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री साय किसानों की भावनाओं को समझते हैं, इसलिये उन्होंने किसानों के हित में फैसला लेते हुए धान को प्रति क्विंटल 3100 रूपये के दर पर खरीद रहे हैं। वहीं 21 क्विंटल प्रति एकड़ धान की खरीदी भी कर रहे हैं। फूलसिंह ने बताया कि उन्हें प्रधानमंत्री सम्मान निधि का लाभ भी मिलता है। अभी वे 50 क्विंटल धान बेचने आये हैं। पिछले वर्ष 80 क्विंटल धान बेचे थे। इस वर्ष धान बेचने के बाद प्राप्त राशि में से खाद-बीज के लिये जो कर्ज लिया गया था उसे चुकायेंगे। उन्होंने यह भी बताया कि गत वर्ष धान बेचने के पश्चात अंतर राशि खाते में आ गई थी। इस राशि का उपयोग घर के जरूरी खर्चों के लिये किया गया। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री द्वारा किसानों के हित में किये जा रहे कार्यों से किसानों की आर्थिक स्थिति पहले से काफी सुदृढ़ हुई है।

महासमुंद ( शोर संदेश )। खरीफ विपणन वर्ष 2024-25 अंतर्गत कृषक उन्नति योजना के तहत जिले में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी का अभियान तेजी से चल रहा है। यह अभियान किसानों को उचित मूल्य पर धान बेचने की सुविधा प्रदान करने के साथ-साथ समर्थन मूल्य पर उपार्जन केंद्रों के माध्यम से धान खरीदने की प्रक्रिया को सुव्यवस्थित और पारदर्शी बनाने का कार्य कर रहा है।
नोडल अधिकारी आशीष शर्मा ने बताया कि 10 दिसम्बर तक 182 उपार्जन केंद्रों के माध्यम से 54426 किसानों से 274341.76 टन धान खरीदा गया, जिसकी राशि 631 करोड़ 52 लाख रुपए किसानों को वितरित की गई। उन्होंने बताया कि अब तक जिले के उपार्जन केन्द्रों में एक करोड़ 31 लाख 8 हजार से अधिक बारदाना प्राप्त हुआ है। जिसमें 71 लाख 72 हजार 258 नया बारदाना है। 41 लाख 6 हजार 907 बारदाना मिलर से प्राप्त, 15 लाख 22 हजार 402 पीडीएस से प्राप्त तथा किसानों से 3 लाख 7 हजार 109 बारदाना प्राप्त हुआ है। 73 लाख 48 हजार 692 बारदाने का उपयोग उपार्जन केन्द्रों में किया जा रहा है। अभी 57 लाख 59 हजार 984 बारदाना शेष है।

