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किसान

छत्तीसगढ़ में अब तक 50 लाख मीट्रिक टन धान की खरीद

16-Dec-2024
रायपुर, ( शोर संदेश ) । मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के मार्गदर्शन में राज्य में किसानों से समर्थन मूल्य पर अब तक कुल 50 लाख मीट्रिक टन धान का उपार्जन कियाजा चुका है। रायपुर संभाग में 14.52 लाख मीट्रिक टन, बिलासपुर संभाग में 9.76 लाख मीट्रिक टन, दुर्ग संभाग में 17.79 लाख मीट्रिक टन, बस्तर संभाग में 4.13 लाख मीट्रिक टन और सरगुजा संभाग में 3.80 लाख मीट्रिक टन धान खरीदा गया है।

प्रदेश में कुल 27.78 लाख पंजीकृत किसानों में से अब तक 10.66 लाख किसानों ने समर्थन मूल्य पर धान बेचा है। इनमें 2.92 लाख लघु एवं सीमांत कृषक और 6.26 लाख दीर्घ कृषक शामिल हैं। किसानों को उनकी फसल का भुगतान तेजी से किया जा रहा है। अब तक विपणन संघ द्वारा 10,770 करोड़ रुपये की राशि अपेक्स बैंक को अंतरित की जा चुकी है। इसके तहत, संबंधित किसानों के बैंक खातों में नियमित रूप से राशि स्थानांतरित की जा रही है।किसानों की सुविधा हेतु उपार्जन केंद्रों पर माइक्रो एटीएम की व्यवस्था की गई है। साथ ही, जिला सहकारी केंद्रीय बैंकों को पर्याप्त नकदी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं ताकि किसानों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
धान उपार्जन के लिए बारदानों की व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया गया है। भारत सरकार की नीति के अनुसार, पुराने और नए बारदानों का उपयोग 50ः50 अनुपात में किया जा रहा है। प्रदेश में अनुमानित 160 लाख मीट्रिक टन धान के उपार्जन के लिए 4 लाख गठान नए बारदानों की आवश्यकता है, जिसमें से अब तक 3.65 लाख गठान उपलब्ध कराए जा चुके हैं। शेष बारदान अगले 15-20 दिनों में प्राप्त हो जाएंगे। अब तक पीडीएस बारदानों के रूप में 54,153 गठान, मिलर बारदानों के रूप में 1,40,924 गठान और किसान बारदानों के रूप में 12,747 गठान उपयोग किए जा चुके हैं। सभी उपार्जन केंद्रों में बारदानों की कोई कमी नहीं है।

उपार्जित धान के संग्रहण और भंडारण का कार्य सुचारू रूप से चल रहा है। इस वर्ष भंडारण क्षमता को बढ़ाकर 37.25 लाख मी.टन कर दिया गया है। जिन केंद्रों में भंडारण क्षमता से अधिक धान जमा हो रहा है, वहां परिवहन आदेश जारी कर निकटतम संग्रहण केंद्रों में धान का परिवहन किया जा रहा है। अब तक 9.09 लाख मीट्रिक टन धान के परिवहन आदेश जारी किए जा चुके हैं। कस्टम मिलिंग के लिए 2133 मिलरों के आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनमें से 1672 राइस मिलरों का पंजीकरण हो चुका है। इन मिलरों को 3.37 लाख मीट्रिक टन धान के वितरण आदेश जारी किए गए हैं।
धान उपार्जन में रिसाइक्लिंग रोकने के लिए सख्त कार्रवाई की जा रही है । अब तक 733 प्रकरण दर्ज कर 41,303 क्विंटल अवैध धान जब्त किया गया है। सीमावर्ती जिलों में 273 चेकपोस्ट स्थापित किए गए हैं, जहां नियमित निगरानी की जा रही है। नोडल अधिकारियों द्वारा उपार्जन केंद्रों पर भौतिक सत्यापन और पोर्टल पर डेटा अपलोड करने का कार्य भी जारी है। खाद्य विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार राइस मिलर और घोषित हड़ताल से वापस आ रहे हैं। राइस मिलों के पंजीयन, अनुमति अनुबंध एवं मिलिंग अनुबंध में लगातार वृद्धि हो रही है।

संभागायुक्त पहुंचे धान खरीदी केन्द्र, रखरखाव और व्यवस्थाओं की ली जानकारी

13-Dec-2024

रायपुर ( शोर संदेश )। संभागायुक्त महादेव कावरे ने जिले के तरपोंगी धान ख़रीदी केंद्र का निरीक्षण किया। उन्होंने वहां पर धान के रखरखाव और केन्द्र में अन्य व्यवस्थाओं की जानकारी ली। कावरे ने कहा कि धान केन्द्र में आने वाले किसानों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। साथ ही केन्द्र में शासन द्वारा निर्धारित दिशा-निर्देश अनुसार धान की खरीदी की जाए। है। कावरे ने सीसीटीवी फुटेज भी देखा जिसमें विगत तीन सप्ताह का बैकअप था। उन्होंने मॉइस्चर मीटर से धान की नमी का परीक्षण किया साथ ही कहा कि यह सुनिश्चित किया जाए कि इलेक्ट्रॉनिक तौल मशीन से ही धान की तौलाई की जाए। उन्होंने किसानों भुगतान की जानकारी भी ली। सहित सभी व्यवस्था से संतुष्ट बताया। संभागायुक्त कावरे ने डैनेज़ और केप कवर रखने निर्देश दिए। उल्लेखनीय है कि जिले के 139 उपार्जन केन्दों में अब तक 2 लाख 69 हजार 708 टन धान खरीदी की गई है। अब तक 620 करोड़ 61 लाख की धान खरीदी हुई है


उद्यानिकी फसलों से किसान ने कमाया 10 लाख का मुनाफा

12-Dec-2024

रायगढ़ ( शोर संदेश )।  शासकीय योजनाओं और आधुनिक तकनीक का सही उपयोग किस तरह किसानों की जिंदगी बदल सकता है, इसका बेहतरीन उदाहरण हैं विकासखंड रायगढ़ के ग्राम जुनवानी पश्चिम निवासी कृषक दरश राम पटेल। अपनी मेहनत और दृढ़ इच्छाशक्ति से  पटेल ने धान की पारंपरिक खेती के सीमित मुनाफे से अलग उद्यानिकी कृषि में आधुनिक तकनीक अपनाई और लाखों रुपये की आय अर्जित कर रहे है।
पारंपरिक खेती से शुरुआत करने वाले दरश राम पटेल का 8 सदस्यों का भरापूरा परिवार है, उनके पास लगभग 10 एकड़ कृषि भूमि है। जिसमें वे पारंपरिक तरीके से धान की खेती करते थे। जिससे उन्हें बहुत कम आय प्राप्त होती थी। सीमित आय ने उन्हें नई दिशा में सोचने पर मजबूर किया। इस दौरान उन्होंने उद्यानिकी विभाग के अधिकारियों से संपर्क किया। विभाग ने उन्हें आधुनिक कृषि तकनीक, योजनाओं की जानकारी एवं मार्गदर्शन प्रदान किया। विभागीय मार्गदर्शन के पश्चात्  पटेल ने खेती के तरीके में बदलाव किया।

उद्यानिकी विभाग द्वारा  पटेल को राष्ट्रीय बागवानी मिशन, सामुदायिक फेंसिंग, ड्रिप सिंचाई, सब्जी क्षेत्र विस्तार, पैक हाउस, प्लास्टिक मल्चिंग जैसे विभागीय योजनाओं का लाभ मिला। सामुदायिक फेंसिंग योजना के तहत फसलों को जानवरों से बचाने के लिए गांव के अन्य किसानों के साथ सामूहिक रूप से लाभ दिया गया। इसके अलावा उनकी फसलों के उचित भंडारण के लिए पैक हाउस की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई। इससे उनकी फसल की गुणवत्ता बरकरार रही और बाजार में बेहतर दाम मिले।
 पटेल ने अपनी आय का उपयोग अपने परिवार की जीवन शैली सुधारने में किया। उन्होंने अपने कच्चे मकानों को पक्का बनाया और खेती के लिए एक ट्रैक्टर व अन्य उपकरण भी खरीदे।  पटेल ने साबित कर दिया कि शासकीय योजनाओं एवं मेहनत से कृषि को भी लाभकारी व्यवसाय में बदला जा सकता है। आज वे पूरे क्षेत्र के किसानों के लिए प्रेरणा स्रोत बन चुके है और क्षेत्र के किसान भी आधुनिक कृषि की ओर अग्रसर हो रहे है।
कृषि कार्य में सहयोग करने वाले पटेल के पुत्र नरेंद्र पटेल बताते है कि उन्होंने पॉलिटेक्निक की पढ़ाई पश्चात निजी कंपनी में ट्रेनी के तौर पर कार्य कर रहे थे, लेकिन आज अपने जॉब से अधिक कृषि कार्य से संतुष्ट है। उन्होंने बताया कि धान से अधिक मुनाफा उद्यानिकी फसलों में है। गर्मी में उन्होंने केवल 30 डिसमिल में लगाए बैगन से तीन लाख तक मुनाफा कमाए है। उन्होंने कहा कि उद्यानिकी फसलों में मल्चिंग के पश्चात खरपतवार की दिक्कत नहीं होती, जबकि धान के फसल में ऐसा नहीं होता। वही पानी की खपत भी अधिक होती है। उन्होंने बताया कि 2.5 एकड़ भूमि में टमाटर, बैगन, करेला से खेती शुरू की। उन्नत बीज और तकनीकों का उपयोग करते हुए उन्होंने लगभग 10 लाख रुपये की आय अर्जित की। वही इस वर्ष 12 से 13 लाख से अधिक की कमाई का अनुमान है


अवैध भण्डारण के मामले में 62 क्विंटल से धान जब्त

12-Dec-2024
रायपुर।  ( शोर संदेश ) मुंगेली जिले में धान के अवैध परिवहन, विक्रय एवं कोचियों पर कड़ाई से रोक लगाने के लिए जिला प्रशासन द्वारा गठित जांच टीम ने आज ग्राम किरना में दो किराना व्यवसायियों के यहां से कुल 157 कट्टा धान जब्त किया, जिसकी मात्रा 62 क्विंटल है।
कलेक्टर राहुल देव के निर्देशन में धान की अवैध खरीदी तथा कोचियागिरी करने वालों पर जिला प्रशासन की टीम द्वारा लगातार कार्रवाई की जा रही है। राजस्व अधिकारियों की टीम जांच-पड़ताल के दौरान ग्राम किरना के किराना दुकान प्रकाश खांडे एवं बंशी सोनी के यहां पहुंचे। टीम ने प्रकाश खांडे के यहां से 100 कट्टा धान जब्त किया। किराना व्यवसायी खांडे द्वारा अवैध रूप से धान का भण्डारण कर अपने आंगन में रखा गया था। इसी तरह ग्राम किरना में ही किराना व्यवसायी बंशी सोनी के यहां दबिश देकर उसके मकान में 57 कट्टा धान जब्त किया। दो व्यापारियों द्वारा धान के भंडारण के संबंध में कोई वैध दस्तावेज नहीं प्रस्तुत किए जाने पर टीम ने इसे अवैध भण्डारण का मामला मानते हुए जब्ती की कार्रवाई की। इस कार्रवाई में तहसीलदार सरगांव अतुल वैष्णव और हल्का पटवारी रमेश कौशिक तथा रामकुमार श्याम एवं ग्राम कोटवार शामिल थे।

 


कोरिया जिले के 6 हजार से ज्यादा किसानों ने बेचा 3 लाख क्विंटल धान

11-Dec-2024

कोरिया ( शोर संदेश )। कोरिया जिले में 14 नवम्बर से अब-तक 6 हजार 513 किसानों से 2 लाख 72 हजार 509 क्विटंल धान की खरीदी हो चुकी है। जिले में 7 राइस मिल संचालकों ने अनुबंध किया है, जिससे धान खरीदी केंद्रों से उठाव में तेजी आई है। जिला विपणन अधिकारी ने जानकारी दी है कि सग्रहण केन्द्र में 7 हजार 140 क्विटंल धान जारी किया गया है, और मिलर्स को 5 हजार 760 क्विटंल धान का डीओ जारी हुआ है। इस तरह अब-तक कुल 12 हजार 900 क्विटंल धान उठाव के लिए जारी हुआ जिसमें 7 हजार क्विटंल से अधिक धान का उठाव हो चुका है।

जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक के नोडल अधिकारी गिरजाशंकर साहू ने जानकारी दी कि जिले में इस खरीफ वर्ष के लिए 22 हजार 978 किसानों ने धान बेचने के लिए पंजीयन कराया है। इस वर्ष 21 उपार्जन केन्द्रों के माध्यम से अब-तक 6 हजार 513 किसानों ने अपना धान बेचा है। इसके एवज में किसानों को बैंक लिंकिंग व्यवस्था के तहत 67 करोड़ 90 लाख 62 हजार 210 रुपए का भुगतान किया गया है।
जिले के पंजीकृत किसानों को खरीफ फसल के लिए 6 हजार 513 किसानों को 15 करोड़ 95 लाख 23 हजार 837 रुपए का ऋण वितरण किया गया था। ऋण वसूली की प्रक्रिया भी चल रही है। अभी तक लिकिंग के माध्यम से 14 करोड़ 92 लाख 53 हजार 302 रुपए का ऋण वसूला गया है। शेष लक्ष्य की वसूली आने वाले दिनों में लिकिंग के माध्यम से की जाएगी।

धान खरीदी का यह अभियान 31 जनवरी 2025 तक चलेगा। वहीं जिला प्रशासन द्वारा धान उपार्जन केन्द्रों में शिकायत एवं निवारण के लिए हेल्प लाइन नंबर जारी किए है, जिसका नं. 07836-232330 तथा कॉल सेंटर नम्बर 1800-233-3663 है। धान बेचने वाले कोई भी किसान इस हेल्पलाइन नम्बर पर फोन कर अपनी समस्याओं का समाधान कर सकता है।


आत्मा योजना : उन्नत कृषि तकनीक को अपनाकर चैतू नेताम बना सफल कृषक

11-Dec-2024
कोण्डागांव,( शोर संदेश )  प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केन्द्र सरकार द्वारा किसानों के हित में कई जनकल्याणकारी योजनाएं शुरू कई है। राज्य के अन्नदाताओं के प्रति संवेदनशील मुख्यमंत्री विष्णु देव साय द्वारा भी दृढ़संकल्पित होकर किसानों के कल्याण और उनके उत्तरोत्तर प्रगति के लिए लगातार प्रयास किया जा रहा है। शासन की योजनाओं का जमीनी स्तर पर सकारात्मक परिणाम भी देखने को मिल रहा है। जिले के कई किसान भी विभिन्न योजनाओं का लाभ उठाकर आज समृद्ध एवं खुशहाल किसान के रूप में अपनी पहचान बना रहे हैं।
जिले के विकासखण्ड कोण्डागांव में स्थित ग्राम चिपावण्ड के 67 वर्षीय प्रगतिशील किसान चैतू नेताम ने अपनी मेहनत और नवीनतम कृषि तकनीकों के माध्यम से कृषि के क्षेत्र में सफलता की एक नई मिसाल पेश की है। उनके 03 एकड़ 54 डिसमिल की भूमि पर उन्नत खेती से उन्होंने न केवल अपनी आय में वृद्धि की है, बल्कि दूसरे किसानों के लिए भी प्रेरणास्रोत बन गए हैं। पहले चैतू नेताम पारंपरिक तरीके से रागी की खेती करते थे और पुराने ढंग से बीज बोते थे। खरीफ मौसम में पारम्परिक खेती में छिड़कवा विधि से बीज बोने से उत्पादन में ज्यादा लाभ नहीं मिल पा रहा था। इसके बाद कृषि विभाग ने उन्हें आत्मा योजना के तहत नई तकनीकों का प्रशिक्षण दिया, तो उन्होंने रागी की खेती में बदलाव करने का निर्णय लिया। रबी मौसम में चैतू नेताम ने रागी की फसल की कतार बोनी विधि को अपनाया, जिससे न केवल उनकी फसल का उत्पादन बढ़ा, बल्कि उनकी आय में भी वृद्धि हुई।
चैतू राम ने बताया कि कतार बोनी विधि से बीज का वितरण और सिंचाई ज्यादा व्यवस्थित और नियंत्रित हुआ है, जिसके कारण रागी की फसल का उत्पादन दोगुना हो गया। पहले जहां रागी की खेती 0.405 हेक्टेयर रकबा में उत्पादन केवल 4 क्विंटल होता था और केवल 12 हजार रूपये की आय प्राप्त होती थी। लेकिन अब कृषि में कतार बोनी विधि से बीजोत्पादन कार्यक्रम के माध्यम से नई तकनीक को अपनाने के बाद उत्पादन 9 क्विंटल हो गया, जिससे 45 हजार रुपये प्राप्त हुआ। इस प्रकार उत्पादन में वृद्धि के साथ उनके आय में भी वृद्धि हुई।

शासन की योजना से चैतू नेताम के लिए यह बदलाव केवल कृषि के तकनीक में बदलाव नहीं था, बल्कि उनके जीवन में भी सकारात्मक बदलाव आया। कृषि विभाग से प्राप्त तकनीकी मार्गदर्शन और प्रशिक्षण उनके लिए काफी लाभदायक साबित हुआ। कतार बोनी विधि से बीजोत्पादन के कार्यक्रम ने उन्हें न केवल अधिक उत्पादन दिया, बल्कि शासकीय योजनाओं का लाभ लेकर अपनी आय वृद्धि की और खेती के क्षेत्र में तरक्की के राह पर अग्रसर हुए हैं। चैतू राम ने जिले के अन्य किसानों को भी योजना का लाभ लेते हुए प्रशिक्षणक प्राप्त कर कृषि में उन्नत तकनीक अपनाने की अपील की।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के सुशासन में राज्य के किसानों को आगे बढ़ने के अवसर मिल रहे हैं, बल्कि उनके मेहनत और उत्पादन को उचित दाम भी मिल रहा है। किसानों की मेहनत को शासन की योजनाओं के माध्यम से उचित मार्गदर्शन, प्रशिक्षण और सहायता मिल रहा है, जिससे वे समृद्ध और खुशहाल होने के साथ कृषि के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को छू रहे हैं। चौतूराम जैसे कई ऐसे किसान हैं, जिन्होंने अपनी मेहनत के साथ शासन की योजनाओं का लाभ उठाकर कृषि के क्षेत्र में नई तकनीकों को अपनाते हुए अच्छी आय प्राप्त कर रहे हैं।

अच्छी फसल और अच्छा कीमत पाकर खुश है तीन भाई

11-Dec-2024

कोरबा ( शोर संदेश )। किसान फूल सिंह,रामायण सिंह और श्याम सिंह तीनो भाई है। इन्होंने विगत वर्ष भी अपने 4.80 एकड़ खेत में धान का फसल लिया था। पिछले साल लगभग 80 क्विंटल धान बेचने के बाद जो राशि मिली उससे अपने घर के अधूरे निर्माण को पूरा कराया। इस साल भी बारिश की मेहरबानी से फसल ठीक ठाक होने की बात कहते हुए इन्होंने बताया कि बहुत ही खुशी की बात है कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की सरकार धान का सर्वाधिक मूल्य दे रही है। पिछले साल धान का बकाया बोनस भी मिला था और अंतर राशि भी खाते में आई थी।

  धान उपार्जन केंद्र पौलमी में अपना धान बेचने आए तीनो भाई फूलसिंह, रामायण सिंह और श्याम सिंह ने बताया कि धान खरीदी केंद्रों में किसानों के लिए इतनी अच्छी व्यवस्था है कि हमे कोई परेशानी नहीं हो रही है। टोकन कटाने के बाद हम लोग अपना धान लेकर आए। यहां पर्याप्त व्यवस्था है। बैठने के लिये कुर्सी की व्यवस्था की गई है और पीने का पानी का इंतजाम है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री साय किसानों की भावनाओं को समझते हैं, इसलिये उन्होंने किसानों के हित में फैसला लेते हुए धान को प्रति क्विंटल 3100 रूपये के दर पर खरीद रहे हैं। वहीं 21 क्विंटल प्रति एकड़ धान की खरीदी भी कर रहे हैं। फूलसिंह ने बताया कि उन्हें प्रधानमंत्री सम्मान निधि का लाभ भी मिलता है। अभी वे 50 क्विंटल धान बेचने आये हैं। पिछले वर्ष 80 क्विंटल धान बेचे थे। इस वर्ष धान बेचने के बाद प्राप्त राशि में से खाद-बीज के लिये जो कर्ज लिया गया था उसे चुकायेंगे। उन्होंने यह भी बताया कि गत वर्ष धान बेचने के पश्चात अंतर राशि खाते में आ गई थी। इस राशि का उपयोग घर के जरूरी खर्चों के लिये किया गया। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री द्वारा किसानों के हित में किये जा रहे कार्यों से किसानों की आर्थिक स्थिति पहले से काफी सुदृढ़ हुई है।


महासमुंद में अब तक 274341.76 टन धान खरीदी

10-Dec-2024

महासमुंद ( शोर संदेश  )। खरीफ विपणन वर्ष 2024-25 अंतर्गत कृषक उन्नति योजना के तहत जिले में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी का अभियान तेजी से चल रहा है। यह अभियान किसानों को उचित मूल्य पर धान बेचने की सुविधा प्रदान करने के साथ-साथ समर्थन मूल्य पर उपार्जन केंद्रों के माध्यम से धान खरीदने की प्रक्रिया को सुव्यवस्थित और पारदर्शी बनाने का कार्य कर रहा है।

नोडल अधिकारी आशीष शर्मा ने बताया कि 10 दिसम्बर तक 182 उपार्जन केंद्रों के माध्यम से 54426 किसानों से 274341.76 टन धान खरीदा गया, जिसकी राशि 631 करोड़ 52 लाख रुपए किसानों को वितरित की गई। उन्होंने बताया कि अब तक जिले के उपार्जन केन्द्रों में एक करोड़ 31 लाख 8 हजार से अधिक बारदाना प्राप्त हुआ है। जिसमें 71 लाख 72 हजार 258 नया बारदाना है। 41 लाख 6 हजार 907 बारदाना मिलर से प्राप्त, 15 लाख 22 हजार 402 पीडीएस से प्राप्त तथा किसानों से 3 लाख 7 हजार 109 बारदाना प्राप्त हुआ है। 73 लाख 48 हजार 692 बारदाने का उपयोग उपार्जन केन्द्रों में किया जा रहा है। अभी 57 लाख 59 हजार 984 बारदाना शेष है।


32.29 लाख मीट्रिक टन हो चुकी धान की खरीदी, अब उठाव में आएगी तेजी

09-Dec-2024
रायपुर। ( शोर संदेश ) राज्य में 14 नवम्बर से अब तक 32.29 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी हो चुकी है। राज्य में अब तक 6.80 लाख किसानों ने अपना धान बेचा है। वहीं अब तक धान का उठाव नहीं होने से खरीदी केंद्रों में परेशानी आ रही थी।
इस खरीफ वर्ष के लिए 27.68 लाख किसानों ने धान बेचने के लिए पंजीयन कराया था। इसमें 1.45 लाख नए किसान शामिल हैं। इस वर्ष 2739 उपार्जन केन्द्रों के माध्यम से 160 लाख मीट्रिक टन धान खरीदी अनुमानित है। राज्य में अब तक 6.80 लाख किसानों ने अपना धान बेचा है।
इसके एवज में किसानों को बैंक लिंकिंग व्यवस्था के तहत 6807 करोड़ 82 लाख रुपए का भुगतान किया गया है। धान खरीदी का यह अभियान 31 जनवरी 2025 तक चलेगा। वहीं राज्य सरकार धान उपार्जन केन्द्रों में शिकायत एवं निवारण के लिए हेल्प लाइन नंबर जारी किए है, जिसका नं. 0771-2425463 है। धान बेचने वाले कोई भी किसान इस हेल्पलाइन नम्बर पर फोन कर अपनी समस्याओं का समाधान कर सकता है।
धान खरीदी केन्द्रों में 72,194 गठान बारदाना उपलब्ध
समर्थन मूल्य पर धान उपार्जन के लिए कुल 4 लाख गठान नए बारदानों की आवश्यकता है, जिसके विरूद्ध 3.51 लाख नए बारदानें प्रदेश को प्राप्त हो गए हैं। शेष बारदानें आगामी 15 से 20 दिवसों में प्राप्त हो जाएंगे। अभी तक धान उपार्जन में पीडीएस बारदाने 32392 गठान, मिलर बारदानें 23078 गठान, किसान बारदानें 10176 गठान उपयोग किए जा चुके हैं।
उपार्जन केन्द्रों में पीडीएस बारदाने 18985 गठान, मिलर बारदानें 54209 गठान उपयोग के लिए उपलब्ध है। इसके अलावा यदि किसान अपने बारदाने में धान ला रहा है, तो इसके एवज में किसान को 25 रुपए प्रति नग के हिसाब से भुगतान किया जा रहा है। किसानों को भुगतान के लिए सरकार ने अपेक्स बैंक को 11 करोड़ 23 लाख रुपए जारी कर दिए हैं।
 

धान खरीदी केंद्र में एक ओर हाथियाें का भय तो दूसरी तरफ बेमौसम बारिश का खतरा

09-Dec-2024
कोरबा। ( शोर संदेश ) छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में वनमंडल के करतला रेंज में हाथियों की मौजूदगी से लोगों में दशहत बनी हुई है। रेंज के बोतली, पिडिया, सूईआरा समेत जंगल के सटे गांवों में हाथियों का झुंड पिछले दस-12 दिनों से विचरण कर रहा है और रात होते ही इन इलाकों में पहुंचकर फसलाें और मकानों को नुकसान पहुंचा रहा है। इससे एक ओर ग्रामीण जहां अपनी जान-माल को लेकर चिंतित है तो दूसरी ओर इस क्षेत्र के धान उपार्जन केंद्रों के प्रभारियों की भी नींद उड़ी हुई है। बोतली से करीब 4-5 किमी दूर नवापारा धान उपार्जन केंद्र हैं जहां वर्तमान में 9 हजार क्विंटल धान की खरीदी हो चुकी है और धान का उठाव नहीं होने से पूरा धान फड़ में जाम है। ऐसे में समितियों के लोगों को हर रात चिंता सता रही है कि हाथियों का झुंड अगर इस ओर पहुंच गया तो क्या करेंगे।
इसके कारण रात होते ही समितियों के लोग सुरक्षा पहरा के साथ चारों ओर लाइट जलाकर और आग जलाकर रख रहे हैं। एक ओर हाथियाें का भय बना हुआ है तो दूसरी ओर बेमौसम बारिश का खतरा भी मंडरा रहा है।



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