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किसान

नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने भाठापारा तरेंगा धान खरीदी केंद्र का किया निरीक्षण।

07-Dec-2024

रायपुर (शोर संदेश )। छत्तीसगढ़ विधानसभा नेता प्रतिपक्ष डॉ.चरणदास महंत ने प्रदेश भाजपा सरकार द्वारा धान खरीदी से हो रही किसानो को समस्या एवं नुकसान का जायजा लेने नवीन धान खरीदी केंद्र मर्राकोना, तरेंगा सोसायटी जिला बलौदाबाजार भाटापारा में निरीक्षण किया।

नेता प्रतिपक्ष डॉ. महंत ने कहा कि, किसानों को केवल समर्थन मूल्य की दर से ही भुगतान किया जा रहा है मोदी के गारंटी के अनुरूप 3100 रू. प्रति क्विंटल की दर से  एकमुश्त भुगतान नहीं किया जा रहा है अंतर की राशि की भुगतान कब तक किया जायेगा यह भी किसानों  को  नहीं बताया जा रहा है।

नेता प्रतिपक्ष डॉ. महंत ने कहा कि, धान खरीदी केन्द्रों पर मात्रा एक इलेक्ट्रॉनिक तौल मशीन होने के कारण किसानों को बहुत दिनो बाद की टोकन दिया जा रहा था जिसे लेकर किसानों में बहुत असंतोष है, यदि धान का उठाव कस्टम मिलर्स या और विपणन संघ द्वारा शीघ्र नहीं किया गया तो खरीदी केंद्र में स्थानाभाव के कारण खरीदी बंद होने की स्थिति आ सकती है।

नेता प्रतिपक्ष डॉ. महंत ने कहा कि, सर्वाधिक गंभीर अनियमितता यह पायी गयी की केंद्र में जो नए बारदाने उपलब्ध थे, उनमें से अनेक बारदाने का वजन करवाने पर पाया गया की कोई भी नया बारदाना 480 ग्राम  से अधिक वजन का नहीं पाया गया। भारत सरकार द्वारा निर्धारित स्पेसिफिकेशन  के अनुसार नए बारदाने का औसत वजन 580 ग्राम प्रति बारदाना होना चाहिए इसमें 8 प्रतिशत अधिक तथा 6 प्रतिशत कम वजन तक का विचलन मान्य है परन्तु 480 ग्राम वजन का आशय है की वजन में  कमी 17 प्रतिशत है वजन 6 प्रतिशत से अधिक कम होने पर बारदाना अमानक के श्रेणी में आता है और अमानक बारदाना का उपयोग धान भरने के लिए नहीं किया जाना चाहिए। बारदानों पर निर्माता कंपनी बतौर  गौरी शंकर जूट मिल का नाम पाया गया यह कंपनी पश्चिम बंगाल की है इस कंपनी के बारदाने अमानक होने के बावजूद छ.ग. राज्य सहकारी विपणन संघ द्वारा धान खरीदी केन्द्रो को आपूर्ति करना भारत सरकार के निर्देशों का स्पष्ट उल्लंघन है बारदानों का वजन कम होने के कारण किसानों से प्रत्येक बारदाना में 100 ग्राम धान अधिक लिया जाना पाया गया, खरीदी केंद्र पर उपस्थित प्रभारी प्रबंधक के द्वारा अमानक बारदाना के उपयोग के सम्बन्ध में कोई भी स्पष्टीकरण नहीं दिया जा सका।

नेता प्रतिपक्ष डॉ. महंत ने कहा कि, समूचे प्रदेश में गौरी शंकर जुट मिल्स के द्वारा आपूर्ति किये गये बारदानों के गुणवत्ता की जाँच कराई जानी चाहिए, और इस जूट मिल के विरुद्ध कार्यवाही करने के लिए सक्षम अधिकारियां को अभ्यावेदन शिकायत तत्काल भेजा जाना चाहिए, साथ ही अमानक बारदानों का धान या चावल के लिए उपयोग करना सख्ती पूर्वक बंद किया जाना चाहिए।

इस दौरान भाटापारा विधायक इंद्र कुमार साव , सुनील महेश्वरी , हितेंद्र ठाकुर, सुशील शर्मा सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्त्ता उपस्थित थे।


धान का उठाव नहीं होने केंद्रों में धान जाम की स्थिति, बंद हो सकती है खरीदी

07-Dec-2024
बालोद।( शोर संदेश ) बालोद जिले की 122 सेवा सहकारी समितियों के 143 केंद्रों में समर्थन मूल्य पर धान की खरीदी की जा रही है। बड़ी बात यह है कि धान परिवहन की स्थिति सुस्त है। जितने धान की आवक हो रही है, परिवहन नहीं हो रहा है। नतीजा जिले के 26 खरीदी केंद्रों में धान जाम हो गया है।
इन दिनों बालोद जिले की 122 सेवा सहकारी समितियों के 143 केंद्रों में समर्थन मूल्य पर धान की खरीदी की जा रही है। बड़ी बात यह है कि धान परिवहन की स्थिति सुस्त है। जितने धान की आवक हो रही है, परिवहन नहीं हो रहा है। नतीजा जिले के 26 खरीदी केंद्रों में धान जाम हो गया है। धान रखने तक की जगह नहीं है। कुछ केंद्र ऐसे भी हैं, जहां से परिवहन नहीं हुआ तो सोमवार या मंगलवार से धान खरीदी बंद भी हो सकती है। परिवहन तेजी से हो इस पर संबंधित विभाग भी कुछ नहीं कह पा रहे है। जब तक मिलर्स धान नहीं उठाएंगे तब तक स्थिति इसी तरह की रहेगी।
जिले में अब तक कुल 23 लाख 6 हजार 888 क्विंटल धान की खरीदी हो चुकी है। अभी तक मात्र एक लाख 48 हजार 229 क्विंटल धान का ही परिवहन हुआ है। अभी भी 21 लाख 58 हजार 658 क्विंटल धान खरीदी केंद्रों में जाम है।

किसानों को धान विक्रय के लिए टोकन जारी करने की प्रक्रिया का पालन करने कलेक्टरों को निर्देश

07-Dec-2024
रायपुर  ( शोर संदेश ) राज्य शासन द्वारा सभी कलेक्टरों को समर्थन मूल्य पर धान खरीदी की व्यवस्था के तहत किसानों को टोकन जारी करने की निर्धारित प्रक्रिया का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। इस संबंध में छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी वितरण संघ के प्रबंध संचालक ने सभी कलेक्टरों को प्रेषित पत्र में टोकन आवेदन समिति मॉड्यूल एवं टोकन तुंहर हाथ एप के माध्यम से किए जाने की सुविधा का उल्लेख करते हुए कहा है कि कुल टोकन आवेदन का 40 प्रतिशत समिति मॉड्यूल एवं 60 प्रतिशत एप के माध्यम से किए जाने का प्रावधान है। टोकन आवेदन हेतु रविवार से शुक्रवार तक प्रातः 9.30 बजे सायं 5 बजे तक का समय निर्धारित है। 
किसानों द्वारा आवेदन के दौरान आवश्यक प्रविष्टि करने के उपरांत आवेदन दिनांक से 15 जनवरी 2025 तक रिक्त स्लॉट में धान विक्रय हेतु दिवस का चयन किया जा सकता है। समितियों में, धान विक्रय किये जाने हेतु पंजीकृत रकबा एवं खरीदी अवधि को ध्यान में रखते हुए प्रतिदिन खरीदी लिमिट भी निर्धारित है, जिसकी जानकारी खाद्य अधिकारी माड्यूल एवं समिति माड्यूल में उपलब्ध है। प्रतिदिन खरीदी लिमिट अंतर्गत टोकन तुहर हाथ एप के माध्यम से आवेदित टोकन लघु, सीमांत कृषक एवं दीर्घ कृषक के मध्य वही अनुपात निर्धारित है, जो उस समिति में पंजीकृत लघु, सीमांत कृषक एवं दीर्घ कृषक के मध्य है। प्रतिदिन खरीदी लिमिट अंतर्गत समिति माड्यल के माध्यम से आवेदित टोकन में लघु, सीमांत कृषक एवं दीर्घ कृषक के मध्य किसी प्रकार कोई अनुपात निर्धारित नहीं किया गया है। 
समर्थन मूल्य पर धान उपार्जन के लिए राज्य में लघु एवं सीमांत कृषकों को 2 टोकन एवं दीर्घ कृषकों को 3 टोकन की सुविधा प्रदाय की गई है। लघु सीमांत कृषक अपने दूसरे टोकन में तथा दीर्घ कृषक अपने तीसरे टोकने में उनके द्वारा अधिकतम 21 क्विंटल प्रति एकड़ की सीमा के अध्याधीन शेष संपूर्ण मात्रा के लिए टोकन ले सकेगा। यदि कृषकों द्वारा अंतिम टोकन में प्रविष्ट की गई धान की मात्रा उपार्जन केन्द्र में निर्धारित खरीदी लिमिट से अधिक होती है, तो उस स्थिति में उक्त उपार्जन केन्द्र में खरीदी लिमिट के 30 प्रतिशत तक का अधिक का उपार्जन किया जा सकेगा।
 

 


कांकेर में दो लघु सिंचाई योजना के कार्याे के लिए 7.51 करोड़ रूपए स्वीकृत

06-Dec-2024
रायपुर, ( शोर संदेश ) राज्य शासन ने कांकेर जिले की दो लघु सिंचाई योजनाओं के विभिन्न कार्यों के लिए 7 करोड़ 51 लाख 18 हजार रूपए की राशि स्वीकृत की है। स्वीकृत कार्य में विकासखंड कोयलीबेड़ा के बड़ेझारकट्टा एनीकट कम काजवे निर्माण कार्य के लिए तीन करोड़ 70 लाख 5 हजार रूपए तथा विकासखंड नरहरपुर के सिहारी नाला तालाब के शीर्ष एवं नहर के कार्यों के लिए 3 करोड़ 81 लाख 13 हजार रूपए की राशि स्वीकृत की गई है। जल संसाधन विभाग मंत्रालय महानदी भवन से लघु सिंचाई योजनाओं के कार्यों को कराने के लिए मुख्य अभियंता महानदी परियोजना जल संसाधन विभाग रायपुर को प्रशासकीय स्वीकृति जारी की है।
 

 


किसानों को टोकन आवेदन के लिए दी जा रही दोहरी सुविधा, समिति में आपरेटर के माध्यम से कर सकते हैं टोकन आवेदन

06-Dec-2024
रायपुर। ( शोर संदेश )  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के मंशानुरूप राज्य में  समर्थन मूल्य पर धान खरीदी की व्यवस्था को सुचारू रूप से बनाए रखने के लिए किसानों को टोकन जारी करने से लेकर बारदाना की व्यवस्था, धान का उपार्जन एवं भुगतान, केन्द्रों में खरीदे गए धान का उठाव पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है। किसानों को धान विक्रय हेतु टोकन आवेदन करने के लिए समिति माड्यूल एवं टोकन तुंहर हाथ एप की सुविधा दी गई है। टोकन आवेदन करने में दिक्कत होने पर किसान समिति में ऑपरेटर के माध्यम से टोकन आवेदन कर सकते हैं। केन्द्रों में धान उपार्जन के लिए 72,194 गठान बारदाने उपलब्ध है। विशेष परिस्थिति में किसानों के बारदानों का उपयोग और 25 रूपया प्रति नग बारदाना भुगतान के लिए अपेक्स बैंक को 11 करोड़ 23 लाख रूपए भी दे दिए गए हैं।  

किसानों को भुगतान के लिए अब तक 6728 करोड़ रूपए जारी 

गौरतलब है कि राज्य में 14 नवंबर से किसानों से समर्थन मूल्य पर धान का उपार्जन किया जा रहा है। 5 दिसम्बर तक 2739 उपार्जन केन्द्रों में कुल 29.22 लाख मेट्रिक टन धान का उपार्जन किया जा चुका है। प्रदेश में कुल पंजीकृत 27.78 लाख कृषकों में से अब तक  6 लाख 15 हजार किसानों ने समर्थन मूल्य में धान का विक्रय किया है। उपार्जित धान की राशि संबंधित कृषकों के खाते में नियमित रूप से अंतरित की जा रही है। विपणन संघ द्वारा 6727 करोड़ 93 लाख रूपए अपेक्स बैंक को उपार्जित धान के समर्थन मूल्य के रूप में अंतरित की जा चुकी है। किसानों की सुविधा की दृष्टिकोण से उपार्जन केन्द्रों में अपेक्स बैंक द्वारा माइक्रो एटीएम की व्यवस्था भी की गई है। 

समिति में आपरेटर के माध्यम से टोकन आवेदन की भी सुविधा 

उपार्जन केन्द्रों में धान विक्रय हेतु किसानों द्वारा टोकन आवेदन समिति माड्यूल एवं टोकन तुहर हाथ एप्प के माध्यम से किये जाने की सुविधा प्रदाय की गई है। कुल टोकन आवेदन का 40 प्रतिशत समिति माड्यूल एवं 60 प्रतिशत एप्प के माध्यम से आरक्षित किया गया है। जिन कृषकों को एप्प के माध्यम से टोकन आवेदन करने में कठिनाई हो रही हो, वे समिति में आपरेटर के माध्यम से टोकन आवेदन करा सकते हैं। किसानों द्वारा आवेदन के दौरान आवश्यक प्रविष्टि करने के उपरांत आवेदन की तारीख से लेकर 15 जनवरी 2025 तक रिक्त स्लॉट में धान विक्रय हेतु दिवस का चयन किया जा सकता है। लघु एवं सीमांत कृषकों को 02 टोकन एवं दीर्घ कृषकों 03 टोकन की सुविधा प्रदाय की गई है।

किसान बारदाना के लिए प्रति नग 25 रूपए 

भारत सरकार की नवीन बारदाना नीति अनुसार धान का उपार्जन नये एवं पुराने बारदानों में 50 अनुपात 50 में किया जाना है। प्रदेश में अनुमानित धान उपार्जन 160 लाख टन के आधार पर सभी उपार्जन केन्द्रों में पर्याप्त बारदानों की व्यवस्था कर ली गई है। उपार्जन केन्द्रों में पुराने बारदानें के रूप में मिलर बारदाना, पीडीएस बारदाना, समिति द्वारा उपलब्ध कराये गये बारदानों का उपयोग किया जा रहा है। विशेष परिस्थिति में किसान बारदाना का भी उपयोग किया गया है, जिसका 25 रू. नग के मान से किसानों को भुगतान हेतु राशि 11 करोड़ 23 लाख रूपए अपेक्स बैंक को दी जा चुकी है। 

धान खरीदी केन्द्रों में 72,194 गठान बारदाना उपलब्ध 

 समर्थन मूल्य पर धान उपार्जन के लिए कुल 4 लाख गठान नये बारदानों की आवश्यकता है, जिसके विरूद्ध 3.51 लाख नये बारदानें प्रदेश को प्राप्त हो गए है, शेष बारदानें आगामी 15 से 20 दिवसों में प्राप्त हो जायेगें। अभी तक धान उपार्जन में पीडीएस बारदाने 32392 गठान, मिलर बारदानें 23078 गठान, किसान बारदानें 10176 गठान उपयोग किये जा चुके है। उपार्जन केन्द्रों में पीडीएस बारदाने 18985 गठान, मिलर बारदानें 54209 गठान उपयोग हेतु उपलब्ध है। वर्तमान में प्रदेश के किसी भी उपार्जन केन्द्र में बारदानों की कमी नहीं है।

कस्टम मिलिंग पंजीयन के लिए 865 आवेदन 
खरीफ विपणन वर्ष 2024-25 में उपार्जित किए जा रहे धान के उठाव एवं मिलिंग का काम भी समांतर रूप से किया जा रहा है। जिन उपार्जन केन्द्रों में बफर से अधिक धान भण्डारित होने की स्थिति निर्मित हो रही है, वहाँ परिवहन आदेश जारी कर धान का परिवहन निकटतम सग्रहण केन्द्र में किया जा रहा है। अब तक 2.5 लाख टन धान का परिवहन आदेश जारी किया जा चुका है। मिलरों से पंजीयन हेतु 865 आवेदन प्राप्त हुए है। 252 राईस मिलरों द्वारा कस्टम मिलिंग हेतु पंजीयन कराया जा चुका है। मिलरों को 1296 टन का डीओ जारी किया जा चुका है।

अब तक 33,054 क्विंटल धान जब्त 

प्रदेश में धान के अवैध परिवहन एवं अफरा-तफरी पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है। प्रदेश में अवैध धान के 3305 प्रकरण बनाये गये है एवं 33,054 क्विंटल धान जब्त किया गया है। उपार्जन केन्द्रों में रिसाईकलिंग रोके जाने हेतु नोडल अधिकारी द्वारा भौतिक सत्यापन किया जा रहा है। सीमावर्ती जिलों में 273 चेक पोस्ट की स्थापना धान के अवैध परिहन के मामलों पर कार्यवाही की जा रही है।

धान उपार्जन केन्द्रों में माइक्रो एटीएम से पैसे निकल रहे किसान

05-Dec-2024

एमसीबी ( शोर संदेश  )। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की सरकार ने समर्थन मूल्य पर धान उपार्जन की प्रभावी व्यवस्था कर किसानों के लिए धान बेचना और धन निकालना बेहद आसान बना दिया है। छत्तीसगढ़ सरकार की किसान हितैषी नीतियों के तहत राज्य के किसानों को प्रति क्विंटल धान का सर्वाधिक मूल्य मिल रहा है। छत्तीसगढ़ देश का इकलौता ऐसा राज्य है, जहां किसानों को एक क्विंटल धान का 3100 रुपए मूल्य मिल रहा है। धान बेचने के तुरंत बाद उपार्जन केंद्रों और समितियों में माइक्रो एटीएम के जरिए पैसा निकालने की सुविधा ने किसानों की खुशियां दोगुनी कर दी हैं। जिले में 14 समितियों में माइक्रो एटीएम से पैसा वितरण का कार्य शुरू हो चुका है। धान खरीदी केंद्रों में किसानों की सुविधा के लिए सरकार ने कई प्रबंध किए हैं, जिनमें माइक्रो एटीएम की सुविधा शामिल है।

माइक्रो एटीएम के जरिए किसान खरीदी केंद्र पर ही 10 हजार रुपए तक नगद निकाल सकते हैं। इस सुविधा से किसान बेहद प्रसन्न हैं। उदाहरण के तौर पर ग्राम लालपुर के किसान शिवनारायण सिंह ने चैनपुर धान खरीदी केंद्र में 120 क्विंटल धान बेचा और माइक्रो एटीएम से 4 हजार रुपए नगद निकाला। इसी तरह ग्राम नौगई के शैलेन्द्र सिंह ने कठोतिया केंद्र में 100 क्विंटल धान बेचा और चैनपुर केंद्र से 4 हजार रुपए नगद निकाले। किसानों ने बताया कि माइक्रो एटीएम सुविधा उनकी तत्कालिक जरूरतों को पूरा कर रही है। अब उन्हें बैंक या एटीएम का चक्कर लगाने की आवश्यकता नहीं है। खरीदी केंद्र पर ही वे किराए पर लाए गए मेटाडोर, ट्रैक्टर, छोटा हाथी का भाड़ा और हमालों की मजदूरी तुरंत चुका सकते हैं। इससे न तो उन्हें उधार लेने की जरूरत पड़ रही है और न ही बैंकों के चक्कर लगाने की।

इसी दौरान कुर्रे ने कहा कि माइक्रो एटीएम का उपयोग बेहद आसान है। आधार नंबर और फिंगरप्रिंट के जरिए नगद राशि प्राप्त की जा सकती है। मुख्यमंत्री साय की इस पहल से किसानों को बड़ी राहत मिली है और उनकी समस्याओं का समाधान तुरंत हो रहा है।


रायपुर जिले में 14 हजार 218 टन धान की हुई खरीदी

05-Dec-2024

रायपुर ( शोर संदेश  )।  मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देश में जिले के किसानों को समर्थन मूल्य पर धान की खरीदी की जा रही है। जिले में आज 14 हजार 218 टन धान की खरीदी की गई। जिले में आज 3 हजार 275 किसानों से 32 करोड़ 71 लाख रूपये धान की खरीदी हुई। इस प्रकार अब तक 139 उपार्जन केन्द्रों में 39 हजार 617 किसानों से 01 लाख 67 हजार 972 टन धान की खरीदी हुई है। इन किसानो से अब तक 386 करोड़ 57 लाख रूपये की धान की खरीदी की गई है। मुख्यमंत्री के निर्देश पर धान केन्द्रों में किसानों को आवश्यक सुविधाएं भी प्रदान की जा रही है। जिससे किसानों में धान बेचने को लेकर उत्साह है।


छत्तीसगढ़ में अब तक 26.04 लाख मीट्रिक टन धान की हुई खरीदी

05-Dec-2024
रायपुर। (  शोर संदेश ) मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के मार्गदर्शन में प्रदेश के किसानों से सुगमता पूर्वक धान की खरीदी की जा रही है। छत्तीसगढ़ में धान 14 नवम्बर सें शुरू हुए धान खरीदी का सिलसिला अनवरत रूप से जारी है।
राज्य में 14 नवम्बर से अब तक 26.04 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी हो चुकी है। राज्य में अब तक 5.49 लाख किसानों ने अपना धान बेचा है।
धान खरीदी के एवज में इन किसानों को बैंक लिकिंग व्यवस्था के तहत 5994 करोड़ 82 लाख रूपए का भुगतान किया गया है। धान खरीदी का यह अभियान 31 जनवरी 2025 तक चलेगी।
खाद्य विभाग के अधिकारियों ने आज यहां बताया कि इस खरीफ वर्ष के लिए 27.68 लाख किसानों द्वारा पंजीयन कराया गया है। इसमें 1.45 लाख नए किसान शामिल है। इस वर्ष 2739 उपार्जन केन्द्रों के माध्यम से 160 लाख मीट्रिक टन धान खरीदी अनुमानित है।
खाद्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि आज 4 दिसम्बर को 58468 किसानों से 2.67 लाख मीट्रिक टन धान खरीदी की गई है। इसके लिए 66453 टोकन जारी किए गए थे। आगामी दिवस के लिए 44349 टोकन जारी किए गए हैं।
राज्य सरकार धान उपार्जन केन्द्रों में शिकायत एवं निवारण के लिये हेल्प लाइन नंबर जारी किए है, जिसका नं. 0771-2425463 है। धान बेचने वाले कोई भी किसान इस हेल्पलाईन नम्बर पर फोन कर अपनी समस्याओं का समाधान कर सकते है।
 

कलेक्टर ने किया धान खरीदी केन्द्र सांकरा क एवं सोरर का निरीक्षण

05-Dec-2024

बालोद ( शोर संदेश   )। कलेक्टर इन्द्रजीत सिंह चन्द्रवाल ने आज बालोद विकासखण्ड के धान खरीदी केन्द्र सांकरा क एवं गुरूर विकासखण्ड के धान खरीदी केन्द्र सोरर का निरीक्षण कर वहाँ की व्यवस्थाओं का अवलोकन किया। इस दौरान  चन्द्रवाल ने धान खरीदी केन्द्रों में अपने धान की बिक्री करने पहुँचे किसानों से बातचीत कर धान खरीदी केन्द्र के व्यवस्थाओं के संबंध में भी जानकारी ली। उन्होंने मौके पर उपस्थित अधिकारियों एवं समिति प्रबंधक से धान खरीदी केन्द्रों में अब तक खरीदे गए कुल धान की मात्रा एवं पंजीकृत कुल किसानों में से अब तक धान बिक्री करने वाले किसानों की संख्या आदि के संबंध में जानकारी ली। मौके पर उपस्थित अधिकारियों ने बताया कि धान खरीदी केन्द्र सांकरा क में कुल 1616 किसानों में से अब तक कुल 483 किसानों ने अपनी धान की बिक्री कर चूके हैं। उन्होंने बताया कि धान खरीदी केन्द्र सांकरा क में अब तक कुल 17 हजार 500 क्विंटल धान की खरीदी हो चूकी है। इसी तरह धान खरीदी केन्द्र सोरर में कुल 1307 किसानों में से 382 किसान अपनी धान की बिक्री कर चूके हैं। इसके साथ ही धान खरीदी केन्द्र सोरर में अब तक कुल 16 हजार 800 क्विंटल धान की खरीदी की जा चूकी है।

इस दौरान   चन्द्रवाल ने धान खरीदी केन्द्र सांकरा क में अपने धान की बिक्री करने पहुँचे किसान   रामकीर्ति एवं  मोतीलाल से बातचीत कर धान खरीदी केन्द्र के व्यवस्थाओं के संबंध में जानकारी ली। किसान रामकीर्ति ने बताया कि 07 क्विंटल 60 किलो धान की बिक्री की है। इसी तरह उन्होंने धान खरीदी केन्द्र सोरर में अपने धान की बिक्री करने पहुँचे ग्राम सोंहपुर के किसान टीकम, लालाराम, टीजू आदि से बातचीत कर धान खरीदी केन्द्र के व्यवस्थाओं का हालचाल जाना। किसानों ने कहा कि धान खरीदी केन्द्र में हम किसानों के सुविधा को ध्यान में रखते हुए सभी व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई है। धान खरीदी केन्द्र में किसानों के लिए बैठक व्यवस्था के अलावा शुद्ध पेयजल, शौचालय आदि सभी सुविधाएं उपलब्ध है। जिसके कारण धान बिक्री करने में हम किसानों को किसी भी प्रकार की परेशानी नही हो रही है। इस दौरान उप पंजीयक सहकारी संस्थाएं आरपी राठिया, जिला खाद्य अधिकारी तुलसी ठाकुर सहित अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे।


कांग्रेस बोली- किसान परेशान, टोकन कटाने के लिए हो रहे परेशान

04-Dec-2024
रायपुर। (  शोर संदेश ) छत्तीसगढ़ कांग्रेस ने मंगलवार को प्रदेशभर में धान खरीदी केंद्र चलो अभियान चलाया। पीसीसी चीफ दीपक बैज ने बस्तर के छापरभानपुरी, तरन्जी, बरान्जी, टोकापाल धान खरीदी केन्द्र जाकर व्यवस्था का निरीक्षण किया तथा किसानों से बातचीत की।
वहीं पूर्व सीएम भूपेश बघेल ने खरोरा के माठ खरीदी केंद्र में पहुंचकर किसानों से बातचीत की। किसानों ने बताया कि बारदाने की कमी है, जिसके कारण वे धान नहीं बेच पा रहे हैं। टोकन की अव्यवहारिक व्यवस्था से किसानों को परेशान होना पड़ रहा।
किसानों को 23 सौ रुपए प्रति क्विंटल की दर से भुगतान किया जा रहा है। इलेक्ट्रॉनिक कांटा में जो तौलाई हो रहा है उसमें 1.5 से 2.5 किलोग्राम अधिक तौला जा रहा है। पूर्व उपमुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव महासमुंद के पिथौरा, राजाडेरा एवं बिलाईगढ़ के सरसींवा सोसायटी गये। जहां पर किसानों ने बारदाने, टोकन, कम तौल एवं उठाव की समस्या से परेशान हो रहे हैं।
पूर्व प्रदेश अध्यक्ष धनेन्द्र साहू, सत्यनारायण शर्मा, विकास उपाध्याय धरसींवा और सांकरा धान खरीदी केंद्र पहुंचे। वहां के किसानों ने उन्हें बताया कि तौल में 1 से 1.5 किलो ज्यादा ले रहे हैं। लक्ष्य के बराबर धान की खरीदी नहीं हो रही क्योंकि जिनके टोकन कटे हैं उनका पूरा धान नहीं आ पा रहा है। धान का उठाव नहीं होने से सोसायटी में धान जाम हो गया है।
 



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