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यूक्रेन पीस प्लान को लेकर एस जयशंकर ने यूक्रेन के विदेश मंत्री सिबिहा से फोन पर की बात

23-Nov-2025
नई दिल्ली (शोर संदेश)। अमेरिका के पीस प्लान पर चर्चा के बीच भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने यूक्रेन के विदेश मंत्री आंद्रेई सिबिहा से फोन पर बातचीत की। एस जयशंकर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इसकी जानकारी दी और बताया कि उन्होंने यूक्रेन के विदेश मंत्री से रविवार को फोन पर रूस के साथ चल रहे संघर्ष के ताजा घटनाक्रम पर चर्चा की।
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, “कल शाम यूक्रेन के विदेश मंत्री एंड्री सिबिहा के साथ फोन पर बातचीत हुई। यूक्रेन विवाद से जुड़े हालिया विकास पर उनकी ब्रीफिंग के लिए धन्यवाद। इस विवाद को जल्द खत्म करने और पक्की शांति बनाने के लिए भारत ने अपने समर्थन को दोहराया।”
आपको बता दें, दोनों देशों के मंत्रियों ने इससे पहले नवंबर में कनाडा में आयोजित जी7 विदेश मंत्रियों की बैठक में आउटरीच सेशन के दौरान मुलाकात की थी। यहां दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय कोऑपरेशन, यूक्रेन में शांति का रास्ता, और लड़ाई के मैदान के हालात पर बात की थी।
भारत शुरुआत से ही दोनों देशों के बीच बातचीत के माध्यम से विवादों को सुलझाने और कुशल रणनीति के जरिए समझौता करने की वकालत करता रहा है। वहीं, अमेरिकी के पीस प्लान में आए ताजा अपडेट में विदेश सचिव मार्को रुबियो ने इस बात की पुष्टि कर दी है कि भले ही इस ड्राफ्ट को अमेरिका ने तैयार किया है, लेकिन इसमें रूस का योगदान है। यही कारण है कि इस ड्राफ्ट में उन सभी शर्तों को शामिल किया गया है, जिन्हें मानने से यूक्रेन हमेशा से ही इनकार करता रहा है।
दूसरी ओर, यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की ने चेतावनी दी है कि यूक्रेन हमारे इतिहास के सबसे मुश्किल दौर से गुजर रहा है। अमेरिका कीव पर एक ऐसे प्लान पर विचार करने के लिए दबाव डाल रहा है जिसे यूक्रेन में कई लोग मॉस्को के हितों की ओर झुका हुआ मानते हैं।
अमेरिका ने जेलेंस्की को इस समझौते को मानने के लिए 27 नवंबर तक का समय दिया है। यूक्रेन को पीस प्लान के ड्राफ्ट पर अपनी राय देनी होगी। वहीं रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने ड्राफ्ट को दोनों देशों के बीच समझौते के लिए एक संभावित आधार बताया है।

भारत-इजरायल के बीच एफटीए से द्विपक्षीय व्यापार को मिलेगा बढ़ावा: पीयूष गोयल

23-Nov-2025
नई दिल्ली (शोर संदेश)। भारत और इजरायल के बीच प्रस्तावित फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (एफटीए) दो चरणों में लागू होगा और इससे द्विपक्षीय व्यापार को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही इनोवेशन, रिसर्च और डेवलपमेंट (आरएंडडी) में आपसी संबंध मजबूत होंगे। वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल की ओर से यह बयान दिया गया।
उन्होंने कहा कि वाणिज्य मंत्री के रूप में 20 साल बाद हुई इजरायल की यात्रा काफी सफल रही है।
जेरूसलम में केंद्रीय मंत्री ने कहा, “मुझे उम्मीद है कि इस यात्रा के बाद भारत और इजरायल के बीच द्विपक्षीय व्यापार बढ़ेगा। इनोवेशन, रिसर्च और डेवलपमेंट में हमारे आपसी संबंधों में सुधार होगा और आगे चलकर दोनों देशों के बीच निवेश में भी अच्छी वृद्धि होगी।” उन्होंने आगे कहा कि दोनों देश एफटीए के पहले चरण को जल्द से जल्द अंतिम रूप देने के इच्छुक हैं जिससे व्यापार समुदाय को जल्द से जल्द फायदा मिल सके।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि भारत और इजरायल मिलकर संकट को अवसर में बदलना जानते हैं। साथ ही कहा कि भारत में लागू किए गए चार नए लेबर कोड लगातार होने वाले सुधारों का हिस्सा है। हमारा प्रयास वर्कर्स, इंडस्ट्री और बिजनेस को प्रोत्साहित करना है।गोयल ने येरुशलम में एक विशेष सभा में अपने समकक्ष नीर बरकत के साथ इजरायल में भारतीय समुदाय को भी संबोधित किया।
केंद्रीय मंत्री गोयल ने एक्स पर एक पोस्ट में भारत और इजरायल के बीच मजबूत संबंधों पर प्रकाश डाला गया और बताया कि कैसे इजरायल में भारतीय समुदाय और भारत में यहूदी समुदाय लोगों के बीच संबंधों के विकास को सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने प्रवासी भारतीयों से विकसित भारत की यात्रा में योगदान देने का आह्वान किया।
इससे पहले गोयल ने कहा था कि भारत और इजरायल के बीच फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (एफटीए) पर बातचीत शुरू हो गई है। इसके लिए, केंद्रीय मंत्री ने इजरायल के इकोनॉमी और इंडस्ट्री मंत्री निर बरकत के साथ तेल अवीव में टर्म ऑफ रेफरेंस (टीओआर) भी साइन किया, जो दोनों के बीच चल रही एफटीए की बातचीत को मार्गदर्शन प्रदान करेगा।

जी20 के दो सेशन में शामिल हुए पीएम मोदी, साझा किया अपना अनुभव

23-Nov-2025
नई दिल्ली (शोर संदेश)। भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जी20 शिखर सम्मेलन में भाग लिया। इस दौरान उन्होंने न केवल जी20 की बैठक में हिस्सा लिया, बल्कि जी20 के नेताओं के साथ द्विपक्षीय वार्ता भी की। पीएम मोदी ने इसकी एक वीडियो भी साझा की है। आज रविवार को समिट के दूसरे दिन भी प्रधानमंत्री मोदी कई कार्यक्रमों में शामिल होंगे।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पीएम मोदी ने वीडियो साझा कर लिखा, “जोहान्सबर्ग में कल जी20 समिट की कार्यवाही अच्छी रही। मैंने दो सेशन में हिस्सा लिया और खास मुद्दों पर अपने विचार साझा किए। दुनिया के कई नेताओं के साथ अच्छी बैठक भी हुईं।”
वहीं पीएम मोदी आज जी20 समिट के तीसरे सेशन में शामिल हुए। प्रधानमंत्री ने स्थानीय समयानुसार सुबह साढ़े आठ बजे दक्षिण अफ्रीका के साथ द्विपक्षीय बैठक की। इसके बाद फिर नौ बजे आईबीएसए की बैठक में वह शामिल हुए।
इसके अलावा, दक्षिण अफ्रीका की अध्यक्षता में हो रही इंडिया-ब्राजील-दक्षिण अफ्रीका (आईबीएसए) मीटिंग हुई। बता दें, यह ग्लोबल साउथ में होने वाला लगातार चौथा जी20 समिट है। जी20 के तीसरे सेशन की शुरुआत सुबह 10 बजे हुई।
जी20 के तीनों सेशन का थीम इनक्लूसिव इकोनॉमिक ग्रोथ, क्लाइमेट रेजिलिएंस, और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस रहा। विदेश मंत्रालय की ओर से साझा जानकारी के अनुसार पीएम मोदी ने जी20 एजेंडा पर भारत की सोच दुनिया के सामने रखी।
विदेश मंत्रालय की ओर से साझा बयान में कहा गया कि सेशन के थीम में तीन मुद्दों को शामिल किया गया है। पहला मुद्दा समावेशी और सस्टेनेबल इकोनॉमिक ग्रोथ जिसमें कोई पीछे न छूटेः हमारी अर्थव्यवस्थाओं का निर्माण, व्यापार की भूमिका, विकास के लिए फाइनेंसिंग और कर्ज का बोझ है। दूसरा विषय एक मजबूत दुनिया में जी20 का योगदानः आपदा जोखिम में कमी, क्लाइमेट चेंज, सही एनर्जी बदलाव, और फूड सिस्टम है। तीसरा थीम सभी के लिए एक सही और न्यायपूर्ण भविष्यः जरूरी मिनरल्स, अच्छा काम, और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस है।
पीएम मोदी ने ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज और कनाडा के पीएम मार्क कार्नी के साथ त्रिपक्षीय वार्ता की। इसे लेकर उन्होंने कहा कि एक नई तीन-तरफा टेक्नोलॉजी और इनोवेशन साझेदारी! जोहान्सबर्ग में जी20 समिट के दौरान ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज और कनाडा के पीएम मार्क कार्नी के साथ बहुत अच्छी मीटिंग हुई। हमें आज ऑस्ट्रेलिया-कनाडा-इंडिया टेक्नोलॉजी और इनोवेशन (एसीआईटीआई) साझेदारी की घोषणा करते हुए खुशी हो रही है। 
 

दक्षिण अफ्रीका में भारतीय समुदाय के स्वागत से खुश पीएम मोदी बोले-सांस्कृतिक जुड़ाव सचमुच हृदयस्पर्शी

22-Nov-2025
नई दिल्ली (शोर संदेश)। पीएम मोदी अपनी तीन दिवसीय दक्षिण अफ्रीकी यात्रा पर जोहान्सबर्ग पहुंच गए हैं। यहां एक होटल में भारतीय प्रवासियों ने पीएम मोदी का गर्मजोशी से स्वागत किया। इस दौरान पीएम मोदी अप्रवासी भारतीयों से मिले और उनसे बातचीत की। 
पीएम मोदी ने अप्रवासी भारतीयों से बातचीत का एक वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर शेयर किया है। पीएम मोदी ने एक्स पर कहा कि भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच सांस्कृतिक जुड़ाव सचमुच हृदयस्पर्शी और शाश्वत है। जोहान्सबर्ग में मेरे युवा मित्रों ने गणपति प्रार्थना, शांति मंत्र और अन्य दिव्य प्रार्थनाएं बड़ी श्रद्धा से गाईं। ऐसे क्षण हमारे लोगों के बीच के अटूट बंधन की पुष्टि करते हैं।
पीएम मोदी ने कहा कि जोहान्सबर्ग में भारतीय समुदाय द्वारा दिए गए गर्मजोशी भरे स्वागत से मैं बहुत प्रभावित हूं। यह स्नेह भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच के अटूट बंधन को दर्शाता है। ये संबंध, जो इतिहास में निहित हैं और साझा मूल्यों से और भी मजबूत होते जा रहे हैं। पीएम मोदी ने आगे लिखा, “दक्षिण अफ्रीका में भारत की जीवंत सांस्कृतिक विविधता का प्रदर्शन!”
भारतीय समुदाय के सदस्यों ने ‘एकजुट भारत की लय’ शीर्षक से आयोजित एक लघु सांस्कृतिक कार्यक्रम में भारत के 11 राज्यों के लोक नृत्यों का प्रदर्शन करने में अग्रणी भूमिका निभाई। यह सराहनीय है कि भारतीय समुदाय अपनी जड़ों से जुड़ा हुआ है। पीएम जोहान्सबर्ग में दक्षिण अफ्रीका की ओर से आयोजित होने वाले ‘G-20 लीडर्स’ समिट में हिस्सा लेंगे।
इससे पहले पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी साझा करते हुए लिखा कि G-20 शिखर सम्मेलन से संबंधित कार्यक्रमों के लिए जोहान्सबर्ग पहुंच गया हूं। प्रमुख वैश्विक मुद्दों पर विश्व नेताओं के साथ उपयोगी चर्चा की आशा है। हमारा ध्यान सहयोग को मजबूत करने, विकास प्राथमिकताओं को आगे बढ़ाने और सभी के लिए बेहतर भविष्य सुनिश्चित करने पर रहेगा।
‘G-20 लीडर्स’ समिट का आयोजन जोहान्सबर्ग में होगा। यह विकासशील देशों में आयोजित होने वाला लगातार चौथा G20 समिट होगा। समिट में  पीएम मोदी ‘G-20’ एजेंडा पर भारत का दृष्टिकोण पेश करेंगे। उनके समिट के तीनों सत्रों में संबोधित करने की उम्मीद है।

भारत का फॉरेक्स रिज़र्व 5.54 अरब डॉलर उछला, कुल भंडार 692.58 अरब डॉलर पर पहुंचा

22-Nov-2025
नई दिल्ली (शोर संदेश)। केंद्रीय बैंक आरबीआई की ओर से शुक्रवार को जारी आंकड़ों के अनुसार, भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 14 नवंबर को समाप्त हुए सप्ताह में 5.54 अरब डॉलर बढ़कर 692.58 अरब डॉलर हो गया। यह बढ़ोतरी देश के फॉरेक्स में गोल्ड कंपोनेंट की वैल्यू में उछाल के साथ दर्ज की गई है, जो कि 5.34 बिलियन डॉलर से बढ़कर 106.86 बिलियन डॉलर तक पहुंच गई है।
 
आरबीआई के स्वर्ण भंडार का मूल्य ग्लोबल दामों पर निर्भर होता है, इसलिए यह बढ़त अंतरराष्ट्रीय सोने की कीमतों में वृद्धि को दर्शाती है
 
आरबीआई की गोल्ड की वैल्यू ग्लोबल मार्केट में प्राइस मूवमेंट के हिसाब से तय होती है इसलिए यह वृद्धि ग्लोबल गोल्ड की कीमतों में बढ़त को दर्शाती है। लेटेस्ट डेटा के अनुसार, फॉरेक्स रिजर्व का सबसे बड़ा हिस्सा, फॉरेन करेंसी एसेट्स 152 मिलियन डॉलर की बढ़ोतरी के बाद 562.29 बिलियन डॉलर तक पहुंच गए हैं। वहीं, स्पेशल ड्रॉइंग राइट्स 56 मिलियन डॉलर की बढ़ोतरी के बाद 18.65 बिलियन डॉलर हो गए हैं। आईएमएफ के पास रिजर्व भी 8 मिलियन डॉलर बढ़कर 4.78 बिलियन डॉलर हो चुका है।
 
भारत का फॉरेन रिज़र्व 11 महीने के आयात और 96% बाहरी कर्ज को कवर करने लायक है
 
आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा ने हाल ही में भारत के फॉरेन एक्सचेंज रिज़र्व को लेकर कहा, “फॉरेन एक्सचेंज रिजर्व 11 महीने से अधिक के सामान के आयात और लगभग 96 प्रतिशत एक्सटर्नल डेट को फंड करने के लिए पर्याप्त है।” उन्होंने कहा, “भारत का एक्सटर्नल सेक्टर मजबूत बना हुआ है और हमें भरोसा है कि हम अपनी एक्सटर्नल फाइनेंसिंग जरूरतों को पूरा कर सकते हैं।”
 
मार्केट एनालिस्ट बताते हैं कि भारत के फॉरेन एक्सचेंज रिजर्व में पिछले 10 वर्षों में सोने की हिस्सेदारी लगभग दोगुनी हो गई है
 
मार्केट एनालिस्ट बताते हैं कि भारत के फॉरेन एक्सचेंज रिजर्व में पिछले 10 वर्षों में सोने की हिस्सेदारी लगभग दोगुनी हो गई है। जो कि 7 प्रतिशत से भी कम थी और अब 15 प्रतिशत हो चुकी है, यह केंद्रीय बैंक की लगातार जमा और ग्लोबल बुलियन प्राइस के बढ़ने को दर्शाता है।
 
सोने की कीमतों की बात करें तो 2025 में पीली धातु की कीमत में 65 प्रतिशत तक का उछाल दर्ज किया जा चुका है
 
सोने की कीमतों की बात करें तो 2025 में पीली धातु की कीमत में 65 प्रतिशत तक का उछाल दर्ज किया जा चुका है। मिडिल ईस्ट में बढ़ती भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं और अमेरिकी टैरिफ बढ़ोतरी के बीच सेफ हेवन एसेट को लेकर सोने की मांग बढ़ने से सोने की कीमतों में बढ़ोतरी देखी जा रही है।

दिल्ली ब्लास्ट केस: आरोपी जसीर वानी ने NIA कोर्ट से वकीलों से मुलाकात की मंजूरी मांगी

22-Nov-2025
नई दिल्ली (शोर संदेश)। दिल्ली ब्लास्ट को अंजाम देने वाले आतंकी डॉ. उमर मुहम्मद के साथी जसीर बिलाल वानी ने एनआईए कोर्ट में एक अर्जी देकर एजेंसी हेडक्वार्टर में अपने वकीलों से मिलने की इजाजत मांगी है। सूत्रों ने शनिवार को यह जानकारी दी। पटियाला हाउस एनआईए कोर्ट शनिवार को वानी की अर्जी पर सुनवाई करेगी। एनआईए ने जसीर बिलाल वानी को आतंकवादी डॉ. उमर का एक्टिव को-कॉन्स्पिरेटर बताया है। उसे 17 नवंबर को श्रीनगर से गिरफ्तार किया गया था।
पटियाला हाउस कोर्ट ने 18 नवंबर को जसीर बिलाल वानी को 10 दिन की एनआईए कस्टडी में भेज दिया था
पटियाला हाउस कोर्ट ने 18 नवंबर को जसीर बिलाल वानी को 10 दिन की एनआईए कस्टडी में भेज दिया था। एनआईए ने वानी को दिल्ली ब्लास्ट के सिलसिले में कोर्ट में पेश किया, जिसमें 13 लोगों की जान चली गई थी। एजेंसी के मुताबिक, जांच में पता चला है कि उसने कथित तौर पर आतंकवादी हमले करने के लिए टेक्निकल मदद दी थी। खबर है कि वह जानलेवा कार बम ब्लास्ट से पहले ड्रोन को मॉडिफाई करने और रॉकेट बनाने की कोशिश में शामिल था।
अनंतनाग के काजीगुंड निवासी जसीर वानी ने आतंकी डॉ. उमर मुहम्मद नबी के साथ मिलकर हमले की साजिश रची और उसे अंजाम दिया
आरोपी जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग जिले के काजीगुंड का रहने वाला है और उसने आतंकवादी डॉ. उमर मुहम्मद नबी के साथ मिलकर आतंकवादी हमले की योजना बनाई और उसे अंजाम दिया था। एनआईए बम धमाके के पीछे की पूरी साजिश का पता लगाने के लिए कई एंगल से जांच कर रही है। एंटी-टेरर एजेंसी की कई टीमें अलग-अलग सुरागों का पीछा कर रही हैं और हमले में शामिल हर व्यक्ति की पहचान करने की कोशिश में कई राज्यों में तलाशी ले रही हैं।
पुलिस को पता चला है कि जैश-ए-मोहम्मद के एक ऑपरेटिव ने ही आरोपियों को बम बनाने का तरीका बताया था
इस बीच, पुलिस 10 नवंबर को दिल्ली के मशहूर लाल किले के पास हुए धमाके में जैश-ए-मोहम्मद का लिंक जोड़ने में कामयाब रही है। पुलिस को पता चला है कि जैश-ए-मोहम्मद के एक ऑपरेटिव ने ही आरोपियों को बम बनाने का तरीका बताया था।
आरोपी 200 बम तैयार करने की तैयारी में थे, जिन्हें दिल्ली और उत्तर भारत के दूसरे हिस्सों में एक साथ फोड़ना था
एक और बड़ा खुलासा यह हुआ है कि आरोपी 200 बम तैयार करने की तैयारी में थे, जिन्हें दिल्ली और उत्तर भारत के दूसरे हिस्सों में एक साथ फोड़ना था। प्लान उत्तर भारत के राज्यों में बम धमाके करने का था, और इसके लिए आईएसआई ने फरीदाबाद मॉड्यूल का हिस्सा रहे आरोपियों को ट्रेनिंग देने के लिए जैश-ए-मोहम्मद के एक ऑपरेटिव को चुना था। अधिकारियों ने टेरर मॉड्यूल की जांच तेज कर दी है।

शपथ ग्रहण में पीएम मोदी का अनोखा अंदाज़: झुककर किया शुक्रिया तो गमछा लहराकर भरा लोगों में जोश

21-Nov-2025
पटना (शोर संदेश)। नीतीश कुमार ने गुरुवार को इतिहास रचते हुए 10वीं बार बिहार के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। पटना के गांधी मैदान में आयोजित समारोह में राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने उन्हें सीएम पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा सहित विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्री भी उपस्थित रहे। 
प्रधानमंत्री मोदी ने समारोह में आए लोगों के सामने कई बार झुक कर आभार और नमन किया
इस दौरान पीएम मोदी का एक बार फिर देसी स्टाइल देखने को मिला। शपथ ग्रहण समारोह खत्म होते ही वह थोड़ी देर तक गमछा लहराते दिखे। उन्हें ऐसा करते देख समारोह में उपस्थित लोग भी जोश और उत्साह से भर उठे और पीएम मोदी को अपना समर्थन देते दिखे। इतना ही नहीं, प्रधानमंत्री मोदी ने समारोह में आए लोगों के सामने कई बार झुक कर आभार और नमन किया। इससे पहले मंच पर बैठे प्रधानमंत्री मोदी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार लगातार बात करते नजर आए और इस प्रचंड जीत से उत्साहित नजर आए।
चुनाव प्रचार के दौरान भी पीएम मोदी के बिहारी अंदाज में गमछा लहराने को लोगों ने काफी पसंद किया था
चुनावी प्रचार के दौरान भी पीएम मोदी ने नीतीश कुमार को भाई बताया था। उन्होंने महिलाओं को संबोधित करते हुए कहा था कि दो भाई (नरेंद्र मोदी और नीतीश कुमार) मिलकर आपकी सेवा, समृद्धि और स्वाभिमान के लिए लगातार काम कर रहे हैं। चुनाव प्रचार के दौरान भी पीएम मोदी के बिहारी अंदाज में गमछा लहराने को लोगों ने काफी पसंद किया था।
चुनाव में बिहार के लोगों ने नीतीश–मोदी की जोड़ी को पसंद किया और एनडीए को प्रचंड बहुमत देकर सत्ता सौंपी
चुनाव में बिहार के लोगों ने इस जोड़ी को काफी पसंद किया और एनडीए को प्रचंड बहुमत देकर सत्ता सौंपी। इससे पहले जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार ने गुरुवार को 10वीं बार बिहार के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। साथ ही सम्राट चौधरी और विजय कुमार सिन्हा ने डिप्टी सीएम पद की शपथ ली। 26 मंत्रियों ने पद और गोपनीयता की शपथ ली। नीतीश मंत्रिमंडल में इस बार तीन महिलाओं को भी स्थान दिया गया है। इस मंत्रिमंडल में कई नए चेहरों को भी शामिल किया गया है।
 

आदिवासी समुदाय लोकतंत्र की जननी: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु

21-Nov-2025
नई दिल्ली (शोर संदेश)। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने गुरुवार को छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर में आयोजित जनजातीय गौरव दिवस समारोह में शिरकत की। इस मौके पर उन्होंने आदिवासी समुदायों के योगदान को याद करते हुए कहा कि भारत का इतिहास उनके बिना अधूरा है और यही समुदाय हमारे लोकतंत्र की सच्ची जननी है।
राष्ट्रपति ने कहा कि प्राचीन काल के गणराज्यों से लेकर आज तक आदिवासी परंपराओं में लोकतांत्रिक मूल्य जीवंत रहे हैं। बस्तर का मुरिया दरबार इसका जीता-जागता उदाहरण है, जो सदियों से आदिवासियों की अपनी संसद के रूप में काम कर रहा है। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़, ओडिशा और झारखंड जैसे राज्यों में आदिवासी विरासत की जड़ें बहुत गहरी हैं।
उन्होंने खुशी जताई कि छत्तीसगढ़ सरकार ने इस साल 1 से 15 नवंबर तक पूरे राज्य में भव्य स्तर पर आदिवासी गौरव पखवाड़ा मनाया। उन्होंने केंद्र सरकार की विभिन्न योजनाओं का भी जिक्र किया। पिछले साल गांधी जयंती पर शुरू हुआ ‘धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान’ देश के 50 मिलियन से ज्यादा आदिवासी भाई-बहनों तक पहुंचेगा। इसी तरह 2023 में शुरू हुआ प्रधानमंत्री जनजातीय आदिवासी न्याय महा अभियान (पीएम-जनमन) खास तौर पर 75 विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूहों के विकास के लिए बनाया गया है।
बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती पर शुरू किए गए ‘आदि कर्मयोगी अभियान’ की चर्चा करते हुए राष्ट्रपति ने बताया कि इसके तहत देशभर में करीब 20 लाख स्वयंसेवकों का नेटवर्क तैयार किया जा रहा है। ये स्वयंसेवक गांव-गांव जाकर आदिवासी समुदायों के विकास में सीधे योगदान देंगे।
उन्होंने यह भी कहा कि छत्तीसगढ़ समेत पूरे देश में लोग अब उग्र वामपंथी हिंसा का रास्ता छोड़कर विकास की मुख्यधारा में शामिल हो रहे हैं। केंद्र और राज्य सरकारों की संयुक्त कोशिशों से जल्द ही वामपंथी उग्रवाद का पूरी तरह खात्मा हो जाएगा। हाल ही में हुए बस्तर ओलंपिक्स में डेढ़ लाख से ज्यादा लोगों की भागीदारी इसका सुखद संकेत है।
राष्ट्रपति मुर्मु ने भरोसा दिलाया कि आदिवासी आइकॉनों के आदर्शों पर चलते हुए छत्तीसगढ़ के लोग एक मजबूत, आत्मनिर्भर और विकसित भारत के निर्माण में अपना अमूल्य योगदान देंगे। समारोह में बड़ी संख्या में आदिवासी समुदाय के लोग मौजूद रहे और राष्ट्रपति के संबोधन का तालियों से स्वागत किया।
 

भारत में 5G सब्सक्रिप्शन का बढ़ रहा आंकड़ा, 2031 के अंत तक 1 अरब के पार होने का अनुमान

21-Nov-2025
नई दिल्ली (शोर संदेश)। भारत के वर्ष 2031 के अंत तक 1 अरब 5जी सब्सक्रिप्शन के आंकड़े को पार कर जाने का अनुमान है। यह जानकारी गुरुवार को आई एक रिपोर्ट में दी गई। एरिक्सन मोबिलिटी रिपोर्ट के नवंबर 2025 एडिशन के अनुसार, इससे देश में 79 परसेंट 5जी सब्सक्रिप्शन पेनिट्रेशन होगा। यह देश भर में सर्विस को अपनाने में तेजी से हो रही बढ़ोतरी को दिखाता है।
रिपोर्ट बताती है कि भारत विश्व भर में तेजी से बढ़ते 5जी मार्केट में से एक बना हुआ है। इस वर्ष के अंत तक देश में 5जी यूजर्स की संख्या 394 मिलियन होने का अनुमान है, जो कि कुल मोबाइल सब्सक्राइबर्स का 32 प्रतिशत हिस्सा होगा। एरिक्सन इंडिया के एमडी नितिन बंसल ने कहा कि भारत में मोबाइल डेटा का इस्तेमाल दुनिया भर में सबसे अधिक है, जिसमें प्रत्येक स्मार्टफोन के लिए एवरेज कंज्प्शन 36 जीबी/मंथ बना हुआ है। इसके 2031 तक 65 जीबी तक बढ़ने का अनुमान है।
उन्होंने कहा कि 5जी एफडब्ल्यूए (फिक्स्ड वायरलेस एक्सेस) इक्विप्मेंट और हेवी डेटा इस्तेमाल इस वृद्धि को बढ़ा रहे हैं। वैश्विक स्तर पर रिपोर्ट का अनुमान है कि 2031 तक 5जी सब्सक्रिप्शन का आंकड़ा 6.4 अरब तक पहुंच जाएगा, जो कि समग्र मोबाइल सब्सक्रिप्शन का 66 प्रतिशत से अधिक हिस्सा होगा। अकेले 2025 में ग्लोबल 5जी सब्सक्रिप्शन के 2.9 अरब तक पहुंचने का अनुमान है, जो कि एक सिंगल ईयर में 600 मिलियन की वृद्धि को दर्शाता है। नेटवर्क कवरेज भी तेजी से बढ़ रहा है, जिसमें 2025 में अतिरिक्त 400 मिलियन लोगों को 5जी एक्सेस मिलेगा।
2024 की तीसरी से 2025 की तीसरी तिमाही के बीच मोबाइल नेटवर्क डेटा ट्रैफिक में 20 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई है, जो कि मुख्य रूप में भारत और चीन की वजह से देखा गया। 2025 तक 5जी नेटवर्क मोबाइल डेटा के 43 प्रतिशत को हैंडल करेंगे, जो कि 2031 तक 83 प्रतिशत तक की वृद्धि दर्ज करवा सकता है। 5जी इस्तेमाल के मामले में फिक्स्ड वायरलेस एक्सेस लगातार बढ़ रहा है। ईएमआर का अनुमान है कि 2031 तक 1.4 अरब लोग एफडब्ल्यूए से कनेक्ट हो जाएंगे, जिसमें 90 प्रतिशत यूजर्स 5जी नेटवर्क पर होंगे। रिपोर्ट में कहा गया है कि वर्तमान में 159 सर्विस प्रोवाइडर्स पहले से ही 5जी बेस्ड एफडब्ल्यूए सर्विस उपलब्ध करवा रहे हैं, जो कि दुनिया भर के एफडब्ल्यूए ऑपरेटर्स के 65 प्रतिशत हिस्से को दर्शाता है।

जनता तक पहुंचे केवल सुरक्षित दवाएं इसलिए बाजार से हटाई जा रही संदिग्ध दवाएं

21-Nov-2025
नई दिल्ली (शोर संदेश)। देश में दवाओं की गुणवत्ता पर निगरानी को मजबूत करने के लिए केंद्रीय और राज्य औषधि नियामक संस्थान लगातार सक्रिय हैं। इन्हीं प्रयासों के तहत केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (CDSCO) हर माह मानक के अनुरूप न होने वाली (NSQ) और संदिग्ध (Spurious) दवाओं की सूची जारी करता है।
अक्टूबर 2025 की रिपोर्ट के अनुसार, केंद्रीय औषधि प्रयोगशालाओं ने 63 दवा नमूनों को गुणवत्ता मानकों पर खरा न उतरने वाला पाया है। वहीं, राज्य औषधि परीक्षण प्रयोगशालाओं ने 148 दवा नमूनों को NSQ की श्रेणी में रखा है। यह ध्यान देने योग्य है कि किसी दवा नमूने का NSQ पाया जाना केवल उसके विशेष बैच तक सीमित होता है और इससे बाजार में उपलब्धy अन्य बैचों या ब्रांडों की गुणवत्ता पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता।
रिपोर्ट में चिंता का विषय यह भी सामने आया कि बिहार से तीन और दिल्ली से दो दवा नमूने संदिग्ध (Spurious) पाए गए हैं। जांच में पता चला कि ये दवाएं अनधिकृत निर्माताओं द्वारा तैयार की गई थीं, जिन्होंने अन्य कंपनियों के ब्रांड नामों का गलत इस्तेमाल किया। वर्तमान में यह मामला जांच के अधीन है और दोषियों के खिलाफ नियमों के अनुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।
CDSCO और राज्य औषधि नियामकों की संयुक्त पहल का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि मानक के अनुरूप न होने वाली और संदिग्ध दवाएं बाजार से हटाई जाएं, ताकि जनता तक केवल सुरक्षित और प्रभावी दवाएं ही पहुंच सकें। विभिन्न स्तरों पर नियामकों की सक्रिय भागीदारी यह दर्शाती है कि देश की नियामक प्रणाली सार्वजनिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के लिए निरंतर सुदृढ़ हो रही है।


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