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ईपीएफओ ने दी बड़ी राहत... अब क्लेम सेटलमेंट में नहीं होगी झंझट, आ रहा नया सिस्टम!

23-Aug-2024
नई दिल्ली।   ( शोर संदेश )  कर्मचारी भविष्य निधि संगठन ने अपने सदस्यों के लिए एक बड़ी खुशखबरी दी है. अब लोगों को क्लेम सेटलमेंट में दिक्कत या फिर किसी अन्य समस्या से नहीं गुजरना पड़ेगा, क्योंकि केंद्रीय श्रम और रोजगार मंत्रालय एक नया आईटी स‍िस्टम लेकर आ रहा है. केंद्रीय श्रम मंत्री मनसुख मंडाविया ने बुधवार को कहा कि कर्मचारी भविष्य निधि संगठन अगले तीन महीनों के भीतर नई सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) सिस्टम पर ट्रांसफर हो जाएगा. ऐसा होने के बाद क्लेम करने और बैलेंस चेक जैसी चीजें और सरल हो जाएंगी. इसके लिए नया आईटी सिस्टम 2.01 लॉन्च करने की भी तैयारी कर रहा है.
नया सिस्टम आ जाने के बाद किसी भी मेंबर को नौकरी बदलने पर मेंबर आईडी के के ट्रांसफर की आवश्यकता नहीं होगी. वहीं नया अकाउंट भी खुलवाने की आवश्यकता नहीं होगी. वेबसाइट पहले से ज्यादा और सुविधाजनक हो जाएगी. बता दें ईपीएफओ पोर्टल के जर‍िए आप बैलेंस चेक करने से लेकर क्लेम सेटलमेंट और अन्य पीएफ से जुड़े काम को पूरा कर सकते हैं. 
ईपीएफओ पोर्टल पर क्या आ रही दिक्कत? 
कई यूजर्स ने ईपीएफओ से कम्प्लेंट की थी कि पोर्टल पर कई तरह की समस्याएं आ रही हैं. वहीं पिछले साल जुलाई में रिटायरमेंट फंड बॉडी के कुछ अधिकारियों ने केंद्र सरकार को पत्र लिखकर पुराने और “ढहते” सॉफ्टवेयर सिस्टम की शिकायत की थी. इसकी वजह से सब्सक्राइबर्स को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था. सबसे बड़ी परेशानी ये थी कि कुछ लोगों को ईपीएफओ पोर्टल पर लॉगिन करने की दिक्कत आती थी. ईपीएफओ सदस्यों को क्लेम सेटलमेंट में भी दिक्कत आ रही थी. सर्वर स्लो होने के कारण वे अपने पैसे क्लेम नहीं कर पा रहे थे. 
ईपीएफओ पोर्टल पर क्यों आ रही दिक्कत? 
लोगों का मानना है कि पोर्टल पर ज्यादा बोझ बढ़ रहा है, जिस कारण ट्रैफिक को मैनेज करने में समस्याएं आ रही हैं. अभी जिस आईटी सिस्टम पर ईपीएफओ काम करता है उसकी कैपिसिटी बहुत कम है. अब ईपीएफओ नया आईटी सिस्टम लेकर आ रहा है. तीन महीने के अंदर ये सभी समस्याएं दूर हो जाएंगी. 

एमपी के महू में छत गिरी, 5 की मौत:शव निकालने लगानी पड़ी 3 जेसीबी, 1 पोकलेन

23-Aug-2024
महू।   ( शोर संदेश ) इंदौर के पास महू के चोरल गांव में एक निर्माणाधीन फार्म हाउस की छत गिर गई। हादसे में 5 मजदूरों की मौत हो गई। घटना गुरुवार देर रात की है। शुक्रवार सुबह ग्रामीण मौके पर पहुंचे तो हादसे का पता लगा। उन्होंने सिमरोल पुलिस को सूचना दी।

पुलिस-प्रशासन की टीम ने तीन जेसीबी और एक पोकलेन की मदद से राहत-बचाव कार्य शुरू किया। करीब तीन घंटे चले रेस्क्यू के दौरान एक-एक कर पांचों मजदूरों के शव निकाले गए। मृतकों में दो सगे भाई और कॉन्ट्रेक्टर भी शामिल हैं।

एसपी हीतिका वासल ने बताया कि 2 मजदूर इंदौर, 2 शाजापुर और 1 राजस्थान का रहने वाला था। गुरुवार को काम खत्म होने के बाद रात में खाना खाकर निर्माणाधीन इमारत में ही सोए थे। मालिक की लोकेशन पता लगाई जा रही है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मृतकों के परिजन को 2-2 लाख रुपए की आर्थिक सहायता देने का ऐलान किया है।

पांच सितंबर तक जेल में ही रहेंगे केजरीवाल, सीबीआई ने मांगा और वक्त; सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई टली

23-Aug-2024
  ( शोर संदेश )  दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल अब पांच सितंबर तक जेल में ही रहने वाले हैं। सीबीआई ने इस मामले में सुप्रीम कोर्ट से और वक्त मांगा है, ऐसे में अगली सुनवाई 5 सितंबर को होने वाली है। वैसे पहले यही सुनवाई आज शुक्रवार को होनी थी, तब कहा गया था कि अरविंद केजरीवाल को जमानत मिल सकती है। लेकिन इस सुनवाई का टलना ही केजरीवाल के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है।
शराब घोटाला: क्यों नहीं मिली केजरीवाल को जमानत?
वैसे इस कथित शराब घोटाले में मनीष सिसोदिया को जमानत मिल चुकी है। उसके बाद से ही कयास लगाए जा रहे थे कि दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल भी बाहर आ सकते हैं। बड़ी बात यह है कि ईडी मामले में तो केजरीवाल को जमानत पहले ही मिल चुकी है, वे तो जेल में इसलिए हैं क्योंकि सीबीआई ने भी उनके खिलाफ केस दर्ज किया था। इस बार जो सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होनी थी, वो भी इस सीबीआई वाले केस को लेकर ही थी।
मनीष सिसोदिया के पास आ जाएगी ‘आप’ की कमान?
5 सितंबर को किस्मत का फैसला
लेकिन बताया जा रहा है कि सीबीआई को जांच करने के लिए थोड़ा वक्त और चाहिए, उसके बाद ही वो कोर्ट में अपना विस्तृत जवाब रख पाएगी। सुप्रीम कोर्ट ने भी सीबीआई को अतिरिक्त समय दे दिया है, ऐसे में अब 5 सितंबर को केजरीवाल की किस्मत तय होने वाली है। तब पता चलेगा कि सिसोदिया के बाद क्या उन्हें भी राहत मिलती है या नहीं। वैसे अरविंद केजरीवाल खुद के लिए राहत की उम्मीद इसलिए लगा रहे हैं क्योंकि मनीष सिसोदिया को जिन आधार पर जमानत मिली है, वो मायने रखती है।
जेल अपवाद, जमानत अधिकार- सुप्रीम कोर्ट
असल में सुप्रीम कोर्ट ने दो टूक कहा है कि किसी भी मामले में जेल को अपवाद मानना चाहिए और बेल हर किसी का अधिकार है। इसी वजह से अरविंद केजरीवाल भी जमानत को अपना हक मानते हैं, वे तो लगातार यहां तक कहते आ रहे हैं कि जांच एजेंसी को उनके खिलाफ एक सबूत नहीं मिला है। आम आदमी पार्टी भी यही दावा कर रही है कि फर्जी मामले में बीजेपी के दबाव में आकर उनके नेताओं को अंदर किया गया है।
शराब घोटाला सरल शब्दों में समझिए
वैसे जिस केस को लेकर सारा विवाद है, वो समझना भी जरूरी है। असल में तीन साल पहले 17 नवंबर 2021 को राजधानी दिल्ली में आम आदमी पार्टी सरकार ने नई शराब नीति को लागू करने का फैसला किया था। इस नई नीति के मुताबिक दिल्ली को कुल 32 जोन में बांट दिया गया और कहा गया कि हर जोन में 27 शराब की दुकानें खोली जाएंगी। अगर इसी आंकड़े के हिसाब से टोटल किया जाए तो पूरी दिल्ली में 849 शराब की दुकानें खुलनी थीं। एक बड़ा बदलाव यह होने वाला था कि जो भी शराब की दुकाने खुलनी थीं, वो सारी प्राइवेट सेक्टर की थीं, सरकार का कोई हस्तक्षेप नहीं रहने वाला था। दूसरे शब्दों में जिस शराब करोबार में पहले सरकारी की हिस्सेदारी रहती थी, नई नीति के तहत उसे ही खत्म कर दिया गया।
 

पोलैंड के पीएम- राष्ट्रपति से बात, बिजनेस लीडर्स-इन्फ्लुएंसर्स से मुलाकात..

22-Aug-2024
 ( शोर संदेश )   प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पोलैंड के दो दिवसीय दौरे पर हैं. यह बीते 45 सालों में भारत के किसी प्रधानमंत्री का पहला पोलैंड दौरा है. उन्होंने यात्रा के पहले दिन नवानगर के जाम साहब स्मारक और कोल्हापुर महाराज के स्मारक पर जाकर श्रद्धांजलि दी और बाद में भारतीय समुदाय को संबोधित किया. वहीं, यात्रा के दूसरे दिन गुरुवार को पीएम मोदी पोलैंड के राष्ट्रपति आंद्रेज डूडा और प्रधानमंत्री डोनाल्ड टस्क से मुलाकात करेंगे.
पीएम मोदी पोलैंड के प्रधानमंत्री के साथ द्विपक्षीय बैठक करेंगे और प्रेस कॉन्फ्रेंस में भी हिस्सा ले सकते हैं. वह राष्ट्रपति डूडा के साथ भी द्विपक्षीय वार्ता करेंगे. पीएम मोदी के पोलैंड के दूसरे दिन के कार्यक्रम में बिजनेस लीडर्स के साथ-साथ सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स के साथ भी बातचीत करेंगे. 
पोलैंड से सीधे यूक्रेन जाएंगे पीएम मोदी
पीएम मोदी पोलैंड के दो दिवसीय दौरे के बाद सीधे यूक्रेन जाएंगे. वह विशेष ट्रेन रेल फोर्स वन (Rail Force One) के जरिए पोलैंड से कीव जाएंगे. रूस और यूक्रेन युद्ध के बीच पीएम मोदी के इस दौरे को काफी अहम माना जा रहा है. उन्होंने इससे पहले रूस जाकर राष्ट्रपति पुतिन से मुलाकात की थी.
पीएम मोदी ने दी थी श्रद्धांजलि
प्रधानमंत्री मोदी ने बुधवार को पोलैंड पहुंचने के बाद नवानगर के जाम साहब स्मारक पर श्रद्धांजलि दी थी. वह कोल्हापुर स्मारक पर भी गए थे. उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट में बताया था कि मानवता और करुणा एक न्यायपूर्ण और शांतिपूर्ण दुनिया की महत्वपूर्ण नींव हैं. वारसॉ में नवानगर के जाम साहब स्मारक में जाम साहब दिग्विजय सिंह जी, रणजीत सिंह जी जडेजा के मानवीय योगदान पर प्रकाश डाला गया है, जिन्होंने द्वितीय विश्व युद्ध के कारण बेघर हुए पोलिश बच्चों को आश्रय के साथ-साथ देखभाल भी सुनिश्चित की. जाम साहब को पोलैंड में डोबरी (अच्छा) महाराजा के नाम से याद किया जाता है. स्मारक पर श्रद्धांजलि अर्पित की.
पोलैंड में भारतीय समुदाय को किया था संबोधित
पोलैंड की राजधानी वारसॉ में पीएम मोदी ने बुधवार को भारतीय समुदाय के लोगों को संबोधित किया. उन्होंने भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए कहा कि आप सभी पोलैंड के अलग-अलग हिस्सों से आए हैं. सबकी अलग-अलग भाषाएं हैं, बोलियां हैं, खानपान हैं. लेकिन सब जुड़े हुए हैं. आपने यहां इतना शानदार स्वागत किया है. मैं आप सभी का, पोलैंड की जनता का इस स्वागत के लिए बहुत आभारी हूं. पिछले एक हफ्ते से भारत की मीडिया में आप ही लोग छाए हुए हैं. पोलैंड के लोगों की खूब चर्चा हो रही है. और पोलैंड के विषय पर भी बहुत कुछ बताया जा रहा है. मीडिया में बताया जा रहा कि 45 साल बाद कोई भारतीय प्रधानमंत्री पोलैंड आया है. बहुत सारे अच्छे काम मेरे नसीब में ही है.
प्रधानमंत्री ने कहा कि हमारे लिए ये विषय पॉलिटिक्स का नहीं बल्कि संस्कार का है. जिनको कहीं जगह नहीं मिली, उनको भारत ने अपने दिल और अपने देश में स्थान दिया है. ये हमारी संस्कृति है, जिस पर हर भारतीय गर्व करता है. पोलैंड तो इसका साथी रहा है. द्वितीय विश्वयुद्ध के दौरान जब पोलैंड मुश्किलों से घिरा हुआ था, जब पोलैंड की हजारों महिलाएं और बच्चे शरण के लिए जगह-जगह भटक रहे थे, तब जाम साहब, दिग्विजय सिंह, रणजीत सिंह जाडेजा जी आगे आए. उन्होंने महिलाओं और बच्चों के लिए एक विशेष कैंप बनवाया था और उन्होंने कैंप की महिलाओं और बच्चों से कहा था कि जैसे जामनगर के लोग मुझे बापू कहते हैं, वैसे मैं आपका भी बापू हूं.
पीएम मोदी से पहले भारत के कितने प्रधानमंत्री पोलैंड गए?
पोलैंड का दौरा सबसे पहले भारत के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने किया था. नेहरू 25 जून 1955 को पोलैंड गए थे. उनके बाद 1967 में इंदिरा गांधी बतौर प्रधानमंत्री पोलैंड गई थीं. इसके बाद 1979 में मोरारजी देसाई पीएम के तौर पर पोलैंड गए थे. मोरारजी देसाई के पोलैंड जाने के 45 साल बाद नरेंद्र मोदी पोलैंड पहुंचे हैं. 

पिता रामविलास से बड़े राजनीति के 'मौसम विज्ञानी' हैं चिराग पासवान?

22-Aug-2024
नई दिल्ली।  ( शोर संदेश )  चिराग पासवान अपने बयानों को लेकर इन दिनों चर्चा में हैं. वो नरेंद्र मोदी मंत्रिमंडल का सदस्य हैं.वो खुद को नरेंद्र मोदी का हनुमान बताते हुए नहीं अघाते हैं.लेकिन मौका पड़ने पर वो सरकार की आलोचना से भी पीछे नहीं हटते हैं. पिछले कुछ दिनों से आए उनके बयानों से बीजेपी असहज.चिराग आरक्षण पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के खिलाफ सार्वजनिक तौर पर बयान दे चुके हैं.उन्होंने वक्फ बोर्ड पर लाए गए बिल और लैटरल एंट्री पर आए यूपीएससी के विज्ञापन पर भी आपत्ति जताई थी. पासवान इन दिनों दलितों के मुद्दों पर काफी मुखर हैं.उनकी राजनीति में आए इस बदलाव के बाद राजनीतिक पंडितों को चिराग पासवान में भी एक राजनीतिक मौसम विज्ञानी नजर आ रहा है. एक ऐसा राजनेता जो राजनीतिक हवाओं का रुख समय रहते भांप लेता है. उनके पिता रामविलास पासवान को भी मौसम वैज्ञानिक ही कहा जाता था. 
चिराग पासवान की रणनीति
पिता रामविलास पासवान के साये में रहकर ही चिराग पासवान ने राजनीति के गुर सीखे हैं.पिता के निधन के बाद चिराग ने पार्टी की कमान अपने हाथ में ले ली थी.साल 2020 के बिहार विधानसभा चुनाव में चिराग की पार्टी लोजपा ने नीतीश कुमार के जेडीयू के खिलाफ अपने उम्मीदवार उतार दिए. लेकिन बीजेपी के खिलाफ कोई उम्मीदवार नहीं खड़ा किया.उस चुनाव के समय से ही उन्होंने खुद को नरेंद्र मोदी का हनुमान कहना शुरू कर दिया था. चिराग की इस रणनीति का असर भी हुआ. नीतीश कुमार की पार्टी पहली बार बीजेपी की जूनियर पार्टी बनकर रह गई.लेकिन इससे चिराग को कोई फायदा नहीं हुआ. लोजपा 5.66 फीसदी वोट के साथ एक सीट ही जीत पाई. लेकिन यह 2015 के चुनाव परिणाम से बेहतर था, जिसमें लोजपा दो सीटों के साथ 4.83 फीसदी वोट ही हासिल कर पाई थी.  
इस चुनाव के बाद नीतीश और चिराग के रिश्तों में काफी खटास आ गई.चिराग की पार्टी नरेंद्र मोदी सरकार को बाहर से समर्थन करती रही. बाद में लोजपा सांसदों ने चिराग के चाचा पसुपति पारस के नेतृत्व में बगावत कर दी.नरेंद्र मोदी ने भी चिराग को झटका देते हुए पसुपति पारस को केंद्रीय मंत्रिमंडल में शामिल करवा दिया. उन्हें मंत्रालय भी वही दिया गया, जो रामविलास पासवान संभालते थे.कहा जाता है कि लोजपा में हुई बगावत के पीछे नीतीश कुमार का हाथ था. इस बगावत के बाद चिराग पासवान ने खुद को संभाला. उन्होंने कानूनी लड़ाई लड़कर अपनी नई पार्टी को फिर से खड़ा किया. 

एफआईआर में 14 घंटे की देरी का कारण क्या? कोलकाता रेप-मर्डर केस पर सीजेआई के सवाल

22-Aug-2024
  ( शोर संदेश )  कोलकाता रेप और मर्डर मामले में सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई शुरू हो गई है. चीफ जस्टिस डी.वाई.चंद्रचूड़, जस्टिस जे.बी.पारदीवाला और जस्टिस मनोज मिश्रा की बेंच मामले पर सुनवाई कर रही है. सुप्रीम कोर्ट ने एम्स रेजिडेंट डॉक्टर की अर्जी पर सुनवाई करते हुए कहा है की अगर डॉक्टर काम पर नहीं गए है तो वो अनुपस्थित माने जाएंगे, कानून अपने हिसाब से काम करेगा. सुप्रीम कोर्ट ने हड़ताल कर रहे डॉक्टर से काम पर वापस लौटने का आह्वान किया. सुप्रीम कोर्ट ने डॉक्टर की अलग-अलग संस्थाओं/बॉडी से कहा है कि आप लोग अपने नाम दे दीजिए ताकि नेशनल टास्क फोर्स आपसे बात करें. SC द्वारा नियुक्त उच्च स्तरीय समिति सभी रेजिडेंट डॉक्टर एसोसिएशन के साथ जुड़ेगी.
सुप्रीम कोर्ट में एक वकील ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट में 150 ग्राम सीमन होने की बात उठाई. चीफ जस्टिस ने तुरंत उसको रोका और कहा कि सोशल मीडिया पर चल रही बातों के आधार पर अपनी दलीलें मत रखिए हमारे पास पोस्टमार्टम रिपोर्ट है। सोशल मीडिया पर जो चल रहा है उसको मत पढ़िए. हमारे पास असली पोस्टमार्टम रिपोर्ट है और हमको पता है कि 150 ग्राम का मतलब क्या है. सीजेआई ने कहा कि लंच के बाद जब हम दोबारा मामले की सुनवाई शुरू करेंगे तब पश्चिम बंगाल पुलिस की स्टेट्स रिपोर्ट को देखेंगे. पुलिस ने हॉस्पिटल में हुई तोड़फोड़ और उसके बाद की गई कार्रवाई को लेकर अपनी स्टेट्स रिपोर्ट दाखिल के है.

चाचा-भतीजे को एक साथ ले आया आरक्षण, बीजेपी जेडीयू ने किया विरोध, खुलकर सामने आए चिराग-पारस

22-Aug-2024
पटना।  ( शोर संदेश ) अनुसूूचित जातियों के आरक्षण में उप वर्गीकरण के विरोध में बुधवार को आयोजित भारत बंद में भी राजग के घटक दलों का सुर अलग-अलग रहा।
दिलचस्प बात यह है कि परस्पर विरोधी की भूमिका निभा रहे लोजपा (रा) राष्ट्रीय अध्यक्ष चिराग पासवान और रालोजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष पशुपति कुमार पारस ने एकसाथ इस बंद का समर्थन किया।
चिराग पासवान ने अपने एक्स पर पोस्ट में लिखा, "एससी-एसटी आरक्षण पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के विरोध में शांतिपूर्ण तरीके से भारत बंद के फैसले का मैं और मेरी पार्टी लोक जनशक्ति पार्टी (रा.) नैतिक रूप से समर्थन करते हैं। समाज के शोषितों और वंचितों के हक की आवाज बनना हमारा कर्तव्य है। मैं हूं तबतक आरक्षण में किसी भी प्रकार का बदलाव संभव नहीं है।"
पशुपति पारस ने भी भारत बंद का खुलकर किया समर्थन
रालोजपा अध्यक्ष पशुपति कुमार पारस ने कहा कि अजा-अजजा के आरक्षण में उप वर्गीकरण उचित नहीं है। यह संविधान में भी नहीं है। ऐसे में सर्वोच्च न्यायालय की ओर से दी गई व्यवस्था के विरोध में विभिन्न संगठनों का भारत बंद एक जनतांत्रिक आंदोलन बन गया है।
उन्होंने दावा किया कि रालोसपा का जन संगठन दलित सेना के कार्यकर्ता भी बंद के समर्थन में सड़क पर उतरे।
इस मुद्दे पर आंदोलन का कोई औचित्य नही: सम्राट चौधरी
उप मुख्यमंत्री एवं भाजपा के वरिष्ठ नेता सम्राट चौधरी ने कहा कि क्रीमीलेयर के संबंध में सुप्रीम कोर्ट की राय (ऑब्जर्वेशन) को मानने से जब प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने स्वयं इनकार कर दिया। इस पर कैबिनेट की मुहर लग गई, तब इस मुद्दे पर कोई आंदोलन-प्रदर्शन करने का कोई औचित्य नहीं था।
उन्होंने कहा कि मुद्दा छिन जाने से बौखलाए विपक्ष ने आंदोलन के बहाने उत्पात किया। इस बंद को आम जनता का समर्थन नहीं मिला।
 

क्या जाकिर नाइक को भारत को सौंपेगा मलेशिया? सवाल पर दिल्ली दौरे पर आए पीएम अनवर इब्राहिम बोले- अगर सबूत दें तो...

21-Aug-2024
 ( शोर संदेश )  मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम भारत दौरे पर हैं. उन्होंने मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की. पीएम मोदी से मुलाकात के बाद जब एक कार्यक्रम में मलेशियाई प्रधानमंत्री से विवादित इस्लामिक उपदेशक जाकिर नाइक के प्रत्यर्पण बारे में पूछा गया तो उन्होंने इस पर जवाब दिया.
इंडियन काउंसिल ऑफ वर्ल्ड अफेयर्स में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान जब मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम से मलेशिया में रह रहे जाकिर नाइक के प्रत्यर्पण के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि अगर नाइक के खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य मुहैया कराए जाएंगे तो इस पर कार्रवाई की जाएगी. हालांकि, उन्होंने कहा कि इस मुद्दे से दोनों देशों के संबंध प्रभावित नहीं होने चाहिए.
पीएम इब्राहिम ने बताया कि इस मामले को भारत की ओर से नहीं उठाया गया है. प्रधानमंत्री मोदी ने इस मामले को पहले उठाया था. लेकिन मैं यहां एक शख्स की बात नहीं कर रहा हूं. मैं चरमपंथ की बात कर रहा हूं. हमारी सरकार जाकिर नाइक के मामले में सौंपे जाने वाले सभी साक्ष्यों का स्वागत करेगी. हम आतंकवाद से निपटने को लेकर भारत सरकार के साथ मिलकर काम कर रहे हैं. 
बता दें कि जाकिर नाइक 2017 में भारत से भागकर मलेशिया चला गया था. उस समय मलेशिया की प्रधानमंत्री महातिर मोहम्मद सरकार ने उसे सरकारी संरक्षण दिया था. 
जाकिर नाइक पर क्या-क्या आरोप?
जाकिर नाइक पर भारत में भड़काऊ भाषण देने, मनी लॉन्ड्रिंग करने और आतंकवाद को बढ़ावा देने का आरोप है. मई 2019 में ईडी ने जाकिर नाइक के खिलाफ टेरर फंडिंग मामले में चार्जशीट दायर की थी. इस चार्जशीट में बताया था कि एजेंसी ने अब तक 193 करोड़ रुपये की संपत्ति की पहचान कर ली है, जिसमें से 50 करोड़ से ज्यादा की संपत्ति जब्त की जा चुकी है.
ईडी ने दावा किया था 2003-04 और 2016-17 के बीच जाकिर नाइक को अज्ञात और संदिग्ध सोर्सेस से 64 करोड़ रुपये की फंडिंग मिली थी. इनमें से ज्यादातर फंड का इस्तेमाल 'पीस कॉन्फ्रेंस' आयोजित करने के लिए हुआ था. एजेंसी ने ये भी बताया था 2012 से 2016 के दौरान जाकिर नाइक को 49.20 करोड़ रुपये भी मिले थे. ये रकम नाइक के यूएई के बैंक अकाउंट में आई थी.
इससे पहले अक्टूबर 2017 में एनआईए ने भी चार्जशीट दायर की थी. इस चार्जशीट में एनआईए ने जाकिर नाइक को भड़काऊ भाषण देने और युवाओं को उकसाने का आरोप लगाया था. चार्जशीट में कहा गया था कि जाकिर नाइक के वीडियो देखकर युवा प्रभावित हो रहे हैं और उनमें से कुछ आतंकी संगठनों में भी जुड़ रहे हैं. कुल मिलाकर जाकिर नाइक पर कट्टरपंथ को बढ़ावा देने का आरोप है.

यूक्रेन जाएंगे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, पोलैंड में स्वागत के लिए उत्साहित भारतीय

21-Aug-2024
 ( शोर संदेश )  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज से पोलैंड और यूक्रेन की यात्रा के लिए रवाना हो रहे हैं. इसे लेकर वहां रह रहे भारतीय समाज में खासा उत्साह है. वे बेसब्री से वहां पीएम मोदी के स्वागत का इंतजार कर रहे हैं. बता दें, पीएम मोदी 21 से 23 अगस्त तक पोलैंड और यूक्रेन की यात्रा पर रहेंगे. 45 वर्षों में पहली बार कोई भारतीय प्रधानमंत्री पोलैंड की यात्रा करेगा. 

पोलैंड में रहने वाले सौरभ गिलितवाला ने बताया कि मैं सात वर्ष पहले मुंबई से यहां आया था. कई वर्षों से यहां कोई भारतीय पीएम नहीं आया. प्रवासी इसे लेकर काफी उत्साहित हैं. पीएम मोदी का दौरा दोनों देशों के संबंधों को और मजबूत करेगा. 
ट्रेन से कीव जाएंगे पीएम मोदी

बता दें, पीएम मोदी 21 और 22 अगस्त को पोलैंड में रहेंगे. इसके बाद वे 23 अगस्त को यूक्रेन का दौरा करेंगे. पीएम मोदी पोलैंड से कीव ट्रेन से जाएंगे. इसमें करीब 10 घंटे लगेंगे. वापसी की यात्रा में भी इतना ही समय लगने वाला है. 
प्रधानमंत्री मोदी की यूक्रेन यात्रा इस बार खास है, क्योंकि, पीएम मोदी हाल में रूस के दौरे पर गए थे, जिस पर अमेरिका सहित पूरे यूरोप ने नाराजगी जाहिर की थी. 
 

यूपी-बंगाल से लेकर 15 राज्यों में झमाझम बारिश का अलर्ट

21-Aug-2024
नई दिल्ली।  ( शोर संदेश )  उत्तर भारत समेत देश के कई राज्यों में भारी बारिश का दौर जारी है। दिल्ली में लगभग हर दिन ही अलग-अलग इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश हो रही है। इस बीच, भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने 21 अगस्त को मिजोरम, नागालैंड, त्रिपुरा, मणिपुर, केरल, असम और मेघालय में भारी वर्षा की संभावना जताते हुए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।
वहीं, आईएमडी ने दिल्ली-एनसीआर को लेकर भविष्यवाणी की है कि बुधवार को भी राष्ट्रीय राजधानी में सामान्यतया बादल छाए रहेंगे। आसमान में गर्जन वाले बादल बनने और हल्की वर्षा होने के आसार हैं। दिल्ली के अलावा, पूर्वी मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड और उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई है। 
दिल्ली-एनसीआर में बुधवार को सामान्यतया बादल छाए रहेंगे। राष्ट्रीय राजधानी के लिए मौसम पूर्वानुमान में बादल छाए रहने और हल्की बारिश और गरज के साथ छींटे पड़ने की संभावना जताई गई है। आज अधिकतम तापमान 33 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की संभावना है, जबकि न्यूनतम तापमान 25 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहेगा। दिल्ली में क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र ने अगले तीन दिनों के लिए भारी बारिश के लिए येलो अलर्ट जारी किया है, जबकि आने वाले पांच दिनों में बारिश की संभावना है।
बिहार में आज 4 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। इसके अलावा बाकी जिलों के कुछ स्थानों पर भी हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है। लोगों को खुले में जाने से बचने की सलाह दी गई है। वहीं बीते 24 घंटों में पटना समसतीपुर समेत कई जगह भारी बारिश दर्ज की गई। बिहार के चार जिलों के कैमूर, रोहतास, औरंगाबाद, गया में भारी वर्षा को लेकर येलो अलर्ट जारी किया गया है। लोगों को सावधान रहने की अपील की गई है। खासकर किसानों को चेतावनी जारी की गई है।
इन राज्यों में हो सकती है झमाझम बारिश
अगले 24 घंटों के दौरान, लक्षद्वीप, मध्य महाराष्ट्र, कर्नाटक के कुछ हिस्सों, पूर्वी मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों और असम और मेघालय में एक-दो स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश के साथ कुछ स्थानों पर भारी बारिश संभव है। इन राज्यों के अलावा, विदर्भ, गंगीय पश्चिम बंगाल, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में हल्की से मध्यम बारिश के साथ एक-दो स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है। लद्दाख, पश्चिमी राजस्थान, सौराष्ट्र और कच्छ में हल्की बारिश हो सकती है।



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