ब्रेकिंग न्यूज

जनता तक पहुंचे केवल सुरक्षित दवाएं इसलिए बाजार से हटाई जा रही संदिग्ध दवाएं

21-Nov-2025
नई दिल्ली (शोर संदेश)। देश में दवाओं की गुणवत्ता पर निगरानी को मजबूत करने के लिए केंद्रीय और राज्य औषधि नियामक संस्थान लगातार सक्रिय हैं। इन्हीं प्रयासों के तहत केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (CDSCO) हर माह मानक के अनुरूप न होने वाली (NSQ) और संदिग्ध (Spurious) दवाओं की सूची जारी करता है।
अक्टूबर 2025 की रिपोर्ट के अनुसार, केंद्रीय औषधि प्रयोगशालाओं ने 63 दवा नमूनों को गुणवत्ता मानकों पर खरा न उतरने वाला पाया है। वहीं, राज्य औषधि परीक्षण प्रयोगशालाओं ने 148 दवा नमूनों को NSQ की श्रेणी में रखा है। यह ध्यान देने योग्य है कि किसी दवा नमूने का NSQ पाया जाना केवल उसके विशेष बैच तक सीमित होता है और इससे बाजार में उपलब्धy अन्य बैचों या ब्रांडों की गुणवत्ता पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता।
रिपोर्ट में चिंता का विषय यह भी सामने आया कि बिहार से तीन और दिल्ली से दो दवा नमूने संदिग्ध (Spurious) पाए गए हैं। जांच में पता चला कि ये दवाएं अनधिकृत निर्माताओं द्वारा तैयार की गई थीं, जिन्होंने अन्य कंपनियों के ब्रांड नामों का गलत इस्तेमाल किया। वर्तमान में यह मामला जांच के अधीन है और दोषियों के खिलाफ नियमों के अनुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।
CDSCO और राज्य औषधि नियामकों की संयुक्त पहल का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि मानक के अनुरूप न होने वाली और संदिग्ध दवाएं बाजार से हटाई जाएं, ताकि जनता तक केवल सुरक्षित और प्रभावी दवाएं ही पहुंच सकें। विभिन्न स्तरों पर नियामकों की सक्रिय भागीदारी यह दर्शाती है कि देश की नियामक प्रणाली सार्वजनिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के लिए निरंतर सुदृढ़ हो रही है।


leave a comment

Advertisement 04

kalyan chart

Feedback/Enquiry



Log In Your Account