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संविधान दिवस 2025 : केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने संविधान निर्माताओं को याद किया

26-Nov-2025
नई दिल्ली (शोर संदेश)। भारत के 76वें संविधान दिवस के मौके पर केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव ने भारतीय संविधान के निर्माताओं को श्रद्धांजलि अर्पित की। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा, “उन सभी महान व्यक्तियों को करोड़ों सलाम जिन्होंने भारतीय लोकतंत्र को मजबूत और जीवंत बनाने में योगदान दिया।” उन्होंने संविधान के मूल सिद्धांत को उजागर करते हुए कहा, “हमारा संविधान तय करता है कि देश में सभी को राजनीतिक, आर्थिक और सामाजिक न्याय मिले और उनके विश्वास, धर्म और पूजा की स्वतंत्रता सुरक्षित हो।“
केंद्रीय पर्यावरण राज्य मंत्री किर्ति वर्धन सिंह ने भी संविधान दिवस पर अपने विचार साझा किए और एक्स पर लिखा, “इस संविधान दिवस पर, हम उन दूरदर्शियों का सम्मान करते हैं जिन्होंने हमारे लोकतंत्र को आकार दिया और इसके आदर्शों को ईमानदारी और एकता के साथ बनाए रखने का हमारा कर्तव्य दोहराते हैं।” इस अवसर पर पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने नई दिल्ली के इंदिरा पर्यावरण भवन में संविधान का प्रस्तावना सामूहिक रूप से पढ़कर समारोह मनाया। इस कार्यक्रम का नेतृत्व केंद्रीय पर्यावरण सचिव तन्मय कुमार ने किया, जिसमें वरिष्ठ अधिकारी और मंत्रालय के कर्मचारी उपस्थित रहे और संविधान निर्माताओं को श्रद्धांजलि दी।
समारोह के दौरान सचिव तन्मय कुमार ने #EkPedMaaKeNaam अभियान के तहत एक पौधा भी लगाया, जिससे प्रत्येक नागरिक के पर्यावरण संरक्षण के मौलिक कर्तव्य को उजागर किया गया। देशभर में मंत्रालय के सभी संगठन, संस्थान और कार्यालयों ने संविधान की प्रस्तावना का सामूहिक पठान किया और वेबिनार, कार्यशालाओं और ऑनलाइन क्विज जैसी गतिविधियों में भाग लेकर भारत के 76वें संविधान दिवस को मनाया।
 

इजरायल ने आतंकवाद के खिलाफ भारत के समर्थन की दोहराई प्रतिबद्धता, कहा- 26/11 इंसानियत पर हमला

26-Nov-2025
नई दिल्ली (शोर संदेश)। इजराइल ने आतंकवाद के सभी रूपों को हराने के लिए भारत के साथ काम करने की अपनी प्रतिबद्धता को दोहराया है। राजदूत, रियूवेन अजार ने आज बुधवार को 26/11 मुंबई आतंकी हमलों के मृतकों को श्रद्धांजलि दी और इस आतंकी घटना को इंसानियत पर हमला बताया। देश की आर्थिक राजधानी मुंबई पर 26 नवंबर 2008 को हुए आतंकी हमले में 160 से ज्यादा लोगों ने अपनी जान गंवा दी थी।
इजरायल आतंकवाद में मासूम लोगों की जान जाने का दर्द समझता है
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर शेयर किए गए एक वीडियो मैसेज में, अजार ने कहा कि इस हमले में हर कम्युनिटी, देश और हर धर्म के लोगों को टारगेट किया गया। उन्होंने कहा कि इजरायल आतंकवाद में मासूम लोगों की जान जाने का दर्द समझता है और हिम्मत और पक्के इरादे से इसका जवाब दे रहा है।
उन्होंने आगे कहा, “आज, जब भारत 26/11 के भयानक मुंबई आतंकी हमलों की बरसी मना रहा है, मैं और इजरायल के लोग, भारत के लोगों के साथ खड़े हैं, ठीक वैसे ही जैसे हम उस काले दिन और उसके बाद हर साल खड़े थे। 26/11 सिर्फ मुंबई पर हमला नहीं था, यह इंसानियत पर हमला था।”
अजार ने आगे कहा कि इसने हर समुदाय, हर देश, हर धर्म, भारतीयों और इजरायलियों को एक ही तरह से टारगेट किया। बदकिस्मती से, इजरायल इस दर्द को जानता है। हम जानते हैं कि आतंकी घटनाओं में मासूम लोगों की जान जाने का क्या मतलब होता है।”
आज हम 26/11 के पीड़ितों को याद करते हैं
अजार ने आगे कहा कि भारत और इजरायल के मिले-जुले अनुभव ही “गहरी और हमेशा रहने वाली साझेदारी” की नींव हैं। उन्होंने कहा, “आज, हम 26/11 के पीड़ितों को याद करते हैं। हम उन बहादुर अधिकारियों, सुरक्षा बलों और फर्स्ट रेस्पॉन्डर्स का सम्मान करते हैं जिन्होंने बहुत बड़ी कुर्बानी देकर शहर की रक्षा की, और हम उन परिवारों के साथ खड़े हैं जिनकी जिंदगी हमेशा के लिए बदल गई।”
इजरायल हमेशा भारत के साथ खड़ा है
उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि इजरायल आतंकवाद को उसके सभी रूपों में हराने के लिए भारत के साथ काम करने के लिए “हमेशा प्रतिबद्ध है और रहेगा।” इजरायली दूत ने कहा, “जब हम 26/11 को याद करते हैं, तो हम अपने साझा मूल्यों, आजादी, लोकतंत्र और इस पक्के विश्वास को दोहराते हैं कि जिंदगी को हमेशा नफरत पर जीत मिलनी चाहिए। भारत अकेला नहीं है। इजरायल आज, हमेशा भारत के साथ खड़ा है।”
फ्रांस के राजदूत थिएरी मथौ ने भी आतंकी हमलों के पीड़ितों को दी श्रद्धांजलि
इससे पहले, भारत में फ्रांस के राजदूत थिएरी मथौ ने आतंकी हमलों के पीड़ितों को श्रद्धांजलि दी, साथ ही आतंकवाद को लेकर फ्रांस की निंदा को दोहराया और आतंकवाद से लड़ने में भारत को अपना समर्थन दिया। एक एक्स पोस्ट में उन्होंने कहा, “मुंबई हमला 26/11: इन भयानक हमलों के 17 साल पूरे होने पर, फ्रांस पीड़ितों की याद में श्रद्धांजलि देता है। फ्रांस आतंकवाद की पूरी तरह से निंदा करता है, और इस बुराई से लड़ने में भारत के साथ खड़ा है।”
 

पीएम मोदी ने सप्त मंदिर में की पूजा-अर्चना

25-Nov-2025
प्रयागराज (शोर संदेश)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का मंगलवार को अयोध्या पहुंचने पर भव्य स्वागत किया गया। वे यहां रामजन्मभूमि मंदिर में होने वाले बहुप्रतीक्षित ध्वजारोहण समारोह में शामिल होने आए थे। 
पीएम मोदी के आगमन पर किया गया एक शानदार रोड शो 
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने साकेत कॉलेज के हेलीपैड पर उनका स्वागत किया। इसके बाद प्रधानमंत्री मंदिर परिसर की ओर रवाना हुए और उनके आगमन पर एक शानदार रोड शो किया।
रास्ते के दोनों ओर बड़ी संख्या में लोग खड़े थे। तिरंगा, भारतीय जनता पार्टी के झंडे और भगवान राम के प्रतीक वाले झंडे लहरा रहे थे। पूरा शहर “जय श्री राम” और “मोदी- मोदी” के नारों से गूंज रहा था।
ऐतिहासिक कार्यक्रम को लेकर लोगों की दिखाई दी उत्सुकता 
जब प्रधानमंत्री का काफिला साकेत कॉलेज से राम जन्मभूमि मंदिर की ओर बढ़ रहा था, तो लोगों ने फूल बरसाए। इस ऐतिहासिक कार्यक्रम को लेकर लोगों की उत्सुकता साफ दिखाई दे रही थी।
अपने दौरे के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने विशाल राम मंदिर परिसर में स्थित सप्त मंदिर में भी पूजा की। ये सात मंदिर महर्षि वशिष्ठ, महर्षि विश्वामित्र, महर्षि अगस्त्य, महर्षि वाल्मीकि, देवी अहिल्या, निषादराज गुह और माता शबरी को समर्पित हैं।
सप्त मंदिर भगवान राम के जीवन में महत्वपूर्ण रहे इन गुरुओं, भक्तों और सहयोगियों को दर्शाते हैं। इन्हें मंदिर परिसर में स्थान देना उनके स्थायी महत्व और सम्मान को दर्शाता है।

सीएम रेखा गुप्ता ने 70 आयुष्मान आरोग्य मंदिर सेंटर का किया उद्घाटन

25-Nov-2025
नई दिल्ली (शोर संदेश)। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने आज मंगलवार को शक्ति नगर से अलग-अलग जिलों में 70 नए आयुष्मान आरोग्य मंदिरों का शुभारंभ किया। इस अवसर पर मॉडल टाउन के विधायक अशोक गोयल भी उपस्थित रहे।
इस दौरान, मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने जानकारी दी कि इन आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में नियमित स्वास्थ्य जांच, डॉक्टर परामर्श, आवश्यक दवाइयां, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाएं, टीकाकरण, प्रिवेंटिव हेल्थकेयर, सर्वाइकल कैंसर की स्क्रीनिंग और टीकाकरण जैसी सुविधाएं मुफ्त उपलब्ध हैं। उन्होंने बताया कि आयुष्मान भारत योजना, जन औषधि केंद्र, वय वंदना योजना और आयुष्मान आरोग्य मंदिर मिलकर दिल्ली में एक ऐसी स्वास्थ्य प्रणाली का निर्माण कर रहे हैं, जहां बेहतर इलाज हर किसी का अधिकार है, दवाइयां किफायती हैं और आधुनिक सुविधाएं हर नागरिक की पहुंच में हैं।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि इन 10 महीनों में, हमने दिल्ली की सूरत बदलने की कोशिश की है। मैं कई बार इस इलाके में आई और सिर्फ टूटी हुई सड़कें देखीं। इतने सालों में इतने लंबे समय तक सरकार में रहने के बावजूद पिछली सरकारों में बहुत कम काम हुआ। सालों तक शहर को इसी हालत में छोड़ दिया गया।
उन्होंने जनता से पूछा, “पिछले 10-11 सालों में, क्या आपके पिछले विधायक कभी आपके बीच ऐसे आए थे? क्या उन्होंने कभी ऐसे कदम उठाए?” ‘मोहल्ला क्लीनिक’ को लेकर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा, “सालों तक पिछली सरकारों ने ‘मोहल्ला क्लीनिक’ के आइडिया को बढ़ावा दिया, लेकिन असल में कितने लोग इन क्लीनिक में गए और उन्हें देखा? उन्होंने बस बड़े हॉल या सड़कों के किनारे प्रोपेगैंडा पोस्टर लगाए, जिन पर उनकी बड़ी तस्वीरें लगी थीं। उन बड़ी तस्वीरों के पीछे बहुत कम काम था। दवा, डॉक्टर और कोई स्टाफ नहीं था। आज, एक आरोग्य मंदिर के अंदर कदम रखें और खुद देखें। हर एक आरोग्य मंदिर आपके प्राइमरी हॉस्पिटल की तरह काम करता है।” 
 

अयोध्या ध्वजारोहण: पीएम मोदी ने रामलला के दरबार में लगाई हाजिरी

25-Nov-2025
प्रयागराज (शोर संदेश)। अयोध्या में मंगलवार को एक और अध्याय दर्ज हो गया, जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में ध्वजारोहण से पहले रामलला के दरबार पहुंचे। इस दौरान उन्होंने वहां पर पूजा अर्चना की और आरती उतारी। उनके साथ संघ प्रमुख मोहन भागवत भी मौजूद रहें। 
पीएम मोदी ने दिन की शुरुआत सप्तऋषियों की पूजा-अर्चना से की
श्रीराम जन्मभूमि मंदिर ध्वजारोहण समारोह से पहले पीएम ने प्राचीन भारतीय परंपरा और सनातन संस्कृति के प्रतीकों में गहन श्रद्धाभाव व्यक्त करते हुए दिन की शुरुआत सप्तऋषियों की पूजा-अर्चना से की। महर्षि वशिष्ठ, महर्षि विश्वामित्र, महर्षि अगस्त्य, महर्षि वाल्मीकि, देवी अहिल्या, निषादराज गुहा और माता शबरी के मंदिरों में पहुंचकर प्रधानमंत्री ने शीश झुकाया और राष्ट्रकल्याण की कामना की। 
इसके बाद पीएम मोदी रामदरबार पहुंचकर विधिवत आरती की
इसके बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रामदरबार पहुंचे, जहां उन्होंने विधिवत आरती उतारी। पूरे परिसर में जय श्रीराम के जयघोषों और मंत्रोच्चार ने ऐसा वातावरण रचा, जिसने भक्तिमय आलोक का विस्तार कर दिया। इस दौरान राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत भी मौजूद रहे। 
इसके उपरांत पीएम माता अन्नपूर्णा मंदिर पहुंचकर अन्नपूर्णा और लोककल्याण की कामना की
प्रधानमंत्री मोदी इसके उपरांत उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ माता अन्नपूर्णा मंदिर पहुंचे। यहां उन्होंने ध्वजारोहण से पहले विशेष पूजा-अर्चना कर समृद्धि, अन्नपूर्णा और लोककल्याण की कामना की। 
इसके बाद पीएम मोदी शेषावतार मंदिर पहुंचे
अन्नपूर्णा मंदिर में सम्पन्न इस अनुष्ठान को ऐतिहासिक ध्वजारोहण से पहले की आध्यात्मिक भूमिका के रूप में देखा जा रहा है। इसके बाद वे शेषावतार मंदिर भी पहुंचे, जहां उन्होंने परंपरागत विधियों के अनुसार पूजा की। शेषावतार मंदिर में उनकी उपस्थिति ने कार्यक्रम को और भी अधिक पवित्रता और आध्यात्मिक ऊर्जा से ओतप्रोत कर दिया। 
अयोध्या नगरी दिखी पूरी तरह उत्सवमय
रीराम जन्मभूमि मंदिर में होने वाले ध्वजारोहण समारोह को लेकर अयोध्या नगरी पूरी तरह उत्सवमय दिखी। सड़कें, मार्ग, घाट और मंदिर—हर ओर भव्य सजावट, फूल मालाएं और झंडों का समंदर दिखाई दे रहा था। ध्वजारोहण से पहले हुए इन अनुष्ठानों ने न सिर्फ प्रधानमंत्री की व्यक्तिगत आस्था को अभिव्यक्त किया, बल्कि रामनगरी को सनातन परंपराओं की अमर ज्योति से और भी तेजस्वी बना दिया।
 

अयोध्या: राममंदिर में प्रधानमंत्री मोदी ने फहराई धर्मध्वजा

25-Nov-2025
प्रयागराज (शोर संदेश)। अभिजीत मुहूर्त के शुभ समय में श्रीराम मंदिर के शिखर पर धर्म ध्वज की स्थापना की गई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शिखर पर भगवा ध्वज फहराया। इस दौरान उनके साथ संघ प्रमुख मोहन भागवत और ट्रस्ट के गोविंदगिरी भी मौजूद रहे। 
राम मंदिर के शिखर पर फहराया जाने वाला ध्वज 10 फीट ऊंचा और 20 फीट लंबा
ट्रस्ट की तरफ से दी गई जानकारी के अनुसार राम मंदिर के शिखर पर फहराया जाने वाला ध्वज 10 फीट ऊंचा और 20 फीट लंबा, समकोण त्रिभुजाकार है। इसके साथ कोविदारा वृक्ष की छवि के साथ इस पर ‘ओम’ अंकित है। मंदिर के चारों ओर बना 800 मीटर का परकोटा, जो दक्षिण भारतीय आर्किटेक्चरल परंपरा में डिजाइन किया गया है, जो मंदिर की आर्किटेक्चरल विविधता को दिखाता है। 
इसके पहले पीएम मोदी ने रामलला के दरबार में शीश नवाया
इसके पहले प्रधानमंत्री मोदी ने सरसंघचालक मोहन भागवत के साथ वैदिक मंत्रोच्चार के बीच रामलला के दरबार में शीश नवाया। दर्शन के बाद पूजा अर्चना की। सीएम योगी आदित्यनाथ और राज्यपाल आनंदीबेन पटेल भी मौजूद रहीं। 
ध्वजारोहण समारोह का साक्षी बनने के लिए हर उम्र के लोग और भक्त अयोध्या शहर पहुंचे
ध्वजारोहण समारोह का साक्षी बनने के लिए हर उम्र के लोग और भक्त अयोध्या शहर पहुंचे हैं। उन्हें भले ही राम मंदिर में प्रवेश नहीं मिलेगा, लेकिन वह रामनगरी पहुंचे हैं। यह आयोजन अयोध्या में चल रहे सांस्कृतिक पुनर्जागरण का एक और महत्वपूर्ण चरण है। नेताओं ने कहा है कि यह ध्वज केवल धार्मिक आस्था का नहीं, बल्कि भारत की प्राचीन सभ्यता और समृद्ध सांस्कृतिक मूल्यों का भी प्रतीक है।
राम मंदिर करोड़ों की आस्था का प्रतीक
ऐतिहासिक ध्वजारोहण के कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आज पीढ़ियों की प्रतीक्षा आज साकार हुई। उन्होंने कहा कि देश आज नई ऊंचाइयों को छू रहा है। यह राम मंदिर करोड़ों की आस्था का प्रतीक है।
ज्ञात हो कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राम मंदिर के शिखर पर ध्वजारोहण के कार्यक्रम में शामिल होने के लिए अयोध्या में हैं। सुबह एयरपोर्ट पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने उनका स्वागत किया। इसके बाद उन्होंने लंबा शो निकाला, जहां रास्ते में श्रद्धालुओं ने उनका स्वागत किया। रोड शो के बाद प्रधानमंत्री सप्त मंदिर पहुंचे और पूजा-अर्चना की।

धर्मध्वजा भारतीय सभ्यता के पुनर्जागरण का प्रतीक, सदियों का संकल्प आज हुआ सिद्ध : पीएम मोदी

25-Nov-2025
प्रयागराज (शोर संदेश)। अयोध्या के राम मंदिर में ध्वजारोहण संपन्न हो गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने धर्मध्वजा फहराई। इस दौरान उनके साथ राष्ट्रीय स्वयंसेवक सेवक संघ के सरसंचालक मोहन भागवत और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मौजूद रहे। ध्वजारोहण के बाद पीएम मोदी ने रामभक्तों को संबोधित किया।
पीएम मोदी ने कहा- ‘आज संपूर्ण भारत, संपूर्ण विश्व राममय’
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रामभक्तों को संबोधित करते हुए कहा, “आज संपूर्ण भारत, संपूर्ण विश्व राममय है। हर रामभक्त के हृदय में अद्वितीय संतोष, असीम कृतज्ञता, अपार अलौकिक आनंद है। सदियों के घाव भर रहे हैं। सदियों की वेदना आज विराम पा रही है। सदियों का संकल्प आज सिद्धि को प्राप्त हो रहा है। आज उस यज्ञ की पूर्णावती है, जिसकी अग्नि 500 वर्ष तक प्रज्ज्वलित रही। जो यज्ञ एक पल भी आस्था से डिगा नहीं, एक पल भी विश्वास से टूटा नहीं।”‘
यह धर्म ध्वजा भारतीय सभ्यता के पुनर्जागरण का ध्वज’
उन्होंने कहा, “यह धर्म ध्वजा केवल एक ध्वजा नहीं, बल्कि भारतीय सभ्यता के पुनर्जागरण का ध्वज है। इसका भगवा रंग, सूर्यवंश की ख्याति, वर्णित ओम शब्द और अंकित कोविदार वृक्ष, रामराज्य की कृति को दिखाता है। यह ध्वज, संकल्प, सफलता, संघर्ष से सृजन और सदियों से चले आ रहे सपनों का साकार रूप है। यह संतों की साधना और समाज की सहभागिता की सार्थक परिणति है। आने वाली सदियां और कई शताब्दियों तक प्रभु श्रीराम के आदर्शों और सिद्धांतों का उद्घोष करेगा।”
यह धर्म ध्वज ‘प्राण जाय पर वचन नहीं जाए’ के वचन की प्रेरणा बनेगा
पीएम मोदी ने कहा, “यह ध्वज सत्यमेव जयते का आह्वान करेगा। यह धर्म ध्वज उद्घोष करेगा कि सत्य में ही धर्म स्थापित है। यह ‘प्राण जाय पर वचन नहीं जाए’ के वचन की प्रेरणा बनेगा। यह संदेश देगा कि विश्व में कर्म और कर्तव्य की प्रधानता हो। यह प्रार्थना करेगा कि भेदभाव, पीड़ा, परेशानी से मुक्ति और समाज में शांति और सुख हो। हम ऐसा समाज बनाएं, जहां गरीबी न हो और कोई दुखी न हो।”
‘यह ध्वज दूर से ही रामलला के जन्मभूमि के दर्शन कराएगा’
उन्होंने कहा, “जो लोग किसी कारण मंदिर नहीं आ पाते और दूर से ध्वज को प्रणाम करते हैं, उन्हें भी उतना ही पुण्य मिलता है। यह ध्वज दूर से ही रामलला के जन्मभूमि के दर्शन कराएगा। विश्व के करोड़ों राम भक्तों को इस क्षण की हार्दिक शुभकामनाएं देता हूं। उन सभी भक्तों और दानवीरों का भी आभार व्यक्त करता हूं कि जिन्होंने मंदिर निर्माण में अपना सहयोग दिया।”
‘अयोध्या वह भूमि है, जहां आदर्श आचरण में बदलते हैं’
प्रधानमंत्री ने कहा, “अयोध्या वह भूमि है, जहां आदर्श आचरण में बदलते हैं। यही वह नगरी है, जहां से श्रीराम ने अपना जीवन पथ शुरू किया। इसी अयोध्या ने संसार को बताया कि कैसे एक व्यक्ति समाज की शक्ति से उसके संस्कारों से पुरुषोत्तम बनता है। जब राम अयोध्या से गए तो युवराज राम थे, लेकिन जब लौटे तो मर्यादा पुरुषोत्तम बनकर आए। इसमें अगिनत लोगों की भूमिका रही। विकसित भारत बनाने के लिए सामूहिक स्तर की भूमिका है।” 

ज्वालामुखी विस्फोट का असर, एयर इंडिया ने कई अंतरराष्ट्रीय और घरेलू उड़ानें रद्द कीं

25-Nov-2025
नई दिल्ली (शोर संदेश)। हेली गुब्बी ज्वालामुखी विस्फोट के बाद सावधानी के तौर पर एयर इंडिया ने अपनी कई महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय और घरेलू उड़ानें रद्द कर दी हैं। कंपनी के अनुसार, जिन विमानों ने विस्फोट के बाद प्रभावित भौगोलिक क्षेत्र के ऊपर से उड़ान भरी थी, उनकी सुरक्षा जांच की जा रही है। इसी वजह से उड़ान संचालन अस्थायी तौर पर प्रभावित हुआ है।
एयर इंडिया ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एडवाइजरी जारी करते हुए कहा कि यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसलिए यह निर्णय मजबूरी में लिया गया है। कंपनी ने उड़ान रद्द होने के कारण यात्रियों को हुई परेशानी के लिए खेद भी जताया है।
एयर इंडिया ने कहा, “हमारे नेटवर्क में काम कर रही ग्राउंड टीम लगातार यात्रियों को यात्रा स्थिति की जानकारी दे रही है और तुरंत सहायता प्रदान कर रही है। जरूरत पड़ने पर होटल ठहराव की व्यवस्था भी की जा रही है। हम जल्द से जल्द वैकल्पिक यात्रा की व्यवस्था करने की कोशिश कर रहे हैं। यह एक अप्रत्याशित और हमारे नियंत्रण से बाहर की स्थिति है। यात्रियों और क्रू मेंबर्स की सुरक्षा हमारे लिए सर्वोच्च प्राथमिकता है।”
25 नवंबर को रद्द की गई फ्लाइट में एआई 2822 – चेन्नई से मुंबई, एआई 2466 – हैदराबाद से दिल्ली, एआई 2444 / 2445 – मुंबई–हैदराबाद–मुंबई, और एआई 2471 / 2472 – मुंबई–कोलकाता–मुंबई शामिल हैं।
इससे पहले 24 नवंबर को रद्द की गई फ्लाइटों में एआई 106 – न्यूर्क से दिल्ली, एआई 102 – न्यूयॉर्क से दिल्ली, एआई 2204 – दुबई से हैदराबाद, एआई 2290 – दोहा से मुंबई, एआई 2212 – दुबई से चेन्नई, एआई 2250 – दम्माम से मुंबई और एआई 2284 – दोहा से दिल्ली शामिल थीं।
कई यात्रियों ने सोशल मीडिया पर अचानक फ्लाइट रद्द करने को लेकर चिंता और निराशा व्यक्त की, हालांकि ज्यादातर ने सुरक्षा को प्राथमिकता देने के फैसले का समर्थन किया।
एयर इंडिया ने कहा है कि स्थिति सामान्य होते ही उड़ानें पुनः शुरू की जाएंगी और सभी प्रभावित यात्रियों को जल्द से जल्द नई बुकिंग की जानकारी दी जाएगी।
 

अयोध्या में धर्म ध्वज आरोहण: सदियों की तपस्या पूर्ण, संत समाज भावुक

25-Nov-2025
प्रयागराज (शोर संदेश)। सनातन परंपरा और आस्था के प्रतीक धर्म ध्वज का आज राम मंदिर के शिखर पर प्रतिष्ठापन अयोध्या के संत समाज के लिए भावपूर्ण और ऐतिहासिक क्षण बन गया। 500 वर्षों की प्रतीक्षा, संघर्ष और तपस्या के उपरांत प्रभु श्रीराम के दिव्य मंदिर पर धर्म ध्वजा का आरोहण केवल एक धार्मिक क्षण ही नहीं बल्कि सनातन आस्था की वैश्विक प्रतिष्ठा का साक्ष्य बन रहा है।
 
अवधपुरी के संत समाज ने श्रद्धा और भावनाओं से अभिभूत होकर इसे सनातन गौरव का क्षण बताया
 
अवधपुरी के संत समाज ने श्रद्धा और भावनाओं से अभिभूत होकर इसे सनातन गौरव का क्षण बताया। वे इसे उस संघर्षपूर्ण यात्रा का फल मानते हैं जिसमें संतों, भक्तों और समाज ने सैकड़ों वर्षों में अदम्य धैर्य और आस्था का परिचय दिया।
 
साधु-संतों का कहना है कि आज वह क्षण साकार हुआ है, जिसकी कल्पना उनके पूर्वजों ने सदियों पूर्व की थी
 
साधु-संतों का कहना है कि आज वह क्षण साकार हुआ है जिसकी कल्पना उनके पूर्वजों ने सदियों पूर्व की थी। धर्म ध्वजा का आरोहण भारतवर्ष की आध्यात्मिक विरासत को और भी मजबूत करता है तथा संपूर्ण विश्व में सनातन आस्था की महिमा को प्रखरता से स्थापित करता है।
 
संत समाज पीएम मोदी और उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ की भूमिका को इस उपलब्धि का महत्वपूर्ण आधार मानता है
 
संत समाज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की भूमिका को इस उपलब्धि का महत्वपूर्ण आधार मानता है। उनका कहना है कि डबल इंजन सरकार ने सनातन परंपराओं के संरक्षण और मंदिर संस्कृति के पुनरुद्धार का जो कार्य किया है वह देश की आध्यात्मिक चेतना को सुदृढ़ कर रहा है। मठ मंदिरों का संवर्धन, धार्मिक स्थलों पर सुविधाओं के विस्तार और संतों के प्रति सम्मानजनक दृष्टिकोण को नई दिशा प्रदान की गई है।
 
राम वैदेही मंदिर के प्रतिष्ठित संत दिलीप दास ने कहा कि अयोध्या मिशन के अंतर्गत सनातन संस्कृति का जिस प्रकार पुनरुद्धार हुआ है वह प्रशंसनीय है
 
राम वैदेही मंदिर के प्रतिष्ठित संत दिलीप दास ने कहा कि अयोध्या मिशन के अंतर्गत सनातन संस्कृति का जिस प्रकार पुनरुद्धार हुआ है वह प्रशंसनीय है। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को धर्म की रक्षा और स्थापना के उद्देश्य से सतत संलग्न बताते हुए कहा कि वह केवल एक मुख्यमंत्री नहीं, बल्कि धर्म परंपरा की रक्षा के प्रहरी हैं।
 
विवाह पंचमी पर आयोजित इस प्रतिष्ठा समारोह में साधु संतों द्वारा प्रभु श्रीराम और माता जानकी के विवाह पर्व का पूजन किया गया
 
विवाह पंचमी के अवसर पर आयोजित इस प्रतिष्ठा समारोह में साधु संतों द्वारा प्रभु श्रीराम और माता जानकी के विवाह पर्व का पूजन- अर्चन भी किया गया। संत समाज का विश्वास है कि यह क्षण भारत के उज्ज्वल भविष्य की आस्था को और अधिक मजबूत करेगा तथा सनातन समाज के आत्मगौरव का शंखनाद साबित होगा।
 

जी20 नेताओं ने घोषणा में प्रमुख वैश्विक चुनौतियों पर आम सहमति बनाई

23-Nov-2025
नई दिल्ली (शोर संदेश)। जी20 शिखर सम्मेलन में दुनिया के दिग्गज नेताओं का जमावड़ा देखा गया। इन नेताओं ने शनिवार को जी20 सम्मेलन में डिजास्टर रेजिलिएंस, डेब्ट सस्टेनेबिलिटी, एनर्जी ट्रांजिशन, और जरूरी मिनरल्स पर सहमति बनाई। इसके साथ ही सभी नेताओं ने जी20 साउथ अफ्रीका समिट के घोषणापत्र पर सहमति जताई।
डिक्लेरेशन को समिट के शुरू होने पर अपनाया गया। बता दें, इस बैठक का आयोजन दो दिवसीय है। आज रविवार को इस समिट का दूसरा दिन है। जी20 का आयोजन जोहान्सबर्ग में एकजुटता, समानता और सस्टेनेबिलिटी थीम पर हो रहा है।
जी20 में शामिल नेताओं ने कहा कि आपदाएं सस्टेनेबल डेवलपमेंट की तरफ तरक्की में रुकावट डालती हैं और देश की क्षमताओं और इंटरनेशनल सिस्टम की रिस्पॉन्स करने की क्षमता, दोनों पर दबाव डालती हैं। इन नेताओं ने लोगों पर केंद्रित दृष्टिकोण अपनाने का आह्वान किया। खासतौर से कमजोर छोटे द्वीपीय विकासशील देशों और सबसे कम विकसित देशों के लिए मजबूत आपदा प्रतिरोधक क्षमता और प्रतिक्रिया की आवश्यकता पर जोर दिया।
बैठक के दौरान एनर्जी एक्सेस और ट्रांजिशन पर भी खास बातचीत हुई। घोषणापत्र में उन असमानताओं पर जोर दिया गया है, जिसमें कहा गया है कि 600 मिलियन से ज्यादा अफ्रीकियों के पास बिजली नहीं है।
सभी नेताओं ने 2030 तक ग्लोबल रिन्यूएबल कैपेसिटी को तीन गुना और एनर्जी-एफिशिएंसी में सुधार को दोगुना करने की कोशिशों का समर्थन किया और देश के हालात के हिसाब से डेवलपिंग देशों के लिए बड़े पैमाने पर इन्वेस्टमेंट जुटाने और कम लागत वाली फाइनेंसिंग की सुविधा देने की जरूरत पर जोर दिया। उन्होंने “आपसी सहमति वाली शर्तों पर” वॉलंटरी टेक्नोलॉजी ट्रांसफर के महत्व पर भी जोर दिया।
जी20 ने महत्वपूर्ण खनिजों के लिए एक “क्रिटिकल मिनरल्स फ्रेमवर्क” का समर्थन किया। इसका लक्ष्य इन खनिजों की सप्लाई चेन को टिकाऊ और मजबूत बनाना है, जो उद्योगों और विकास के लिए जरूरी हैं।
नेताओं का कहना है कि खनिजों को सिर्फ कच्चा माल नहीं रहना चाहिए। इनका इस्तेमाल देश के विकास के लिए किया जाना चाहिए। यह घोषणा बताती है कि दुनिया की समस्याओं से निपटने के लिए सभी देशों को मिलकर और बराबर तरीके से काम करने की जरूरत है।


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