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गाड़ियां-घर सब पानी के अंदर, गुजरात की सड़कें बनीं समंदर

28-Aug-2024
गुजरात  ( शोर संदेश )   में भारी बारिश से हाहाकार मचा है.सूरत,कच्छ समेत करीब दर्जनभर जिलों में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं.राज्य में पिछले 48 घंटों से हो रही मूसलाधार बारिश से नदियां उफान हैं. इसके चलते कई जिलों के निचले इलाकों में पानी भर गया है.
इस बीच मौसम विभाग ने अभी बारिश से राहत नहीं मिलने की संभावना व्यक्त की है. मौसम विभाग ने अभी तीन दिन भारी बारिश की चेतावनी जारी की है. भारी बारिश के कारण राजकोट में शहर की सड़कों पर इतना पानी है कि गाड़ियां पूरी तरह से डूब चुकी हैं.
घरों में इतना पानी भर गया है कि बुजुर्गों को कंधों पर उठाकर रेस्क्यू किया जा रहा है. सड़क के ऊपर बह रहे पानी का बहाव इतना तेज है कि एक बाइक सवार अपना बैलेंस खो बैठा. खुद तो किसी तरह बच गया लेकिन बाइक पानी में बह गई.
उफान पर नदियां, बांध भी ओवरफ्लो
राजकोट का रामनाथ महादेव मंदिर भी अब सैलाब की चपेट में है. आस-पास की गलियों से बरसाती नाले पूरी रफ्तार से बह रहे हैं. राजकोट में दो दिन में बीस इंच से ज्यादा बारिश दर्ज हुई है. पंचमहल में तीन बड़े बांध भारी बारिश की वजह से ओवरफ्लो हो गए हैं. इनसे लाखों क्यूसेक पानी अबतक छोड़ा जा चुका है.
बारिश और बांध से छोड़े जा रहे पानी की वजह से आसपास के इलाकों में बाढ़ आ गई है. गुजरात के खेड़ा में शेढी नदी का जलस्तर इतना बढ़ गया है कि पास के गांव जलमग्न हो गए हैं. नदी के पास एक गौशाला में करीब 12 घंटे तक 15 लोग फंसे रहे जिन्हें एसडीआरएफ की टीम ने रेस्क्यू करके सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया.
गुजरात में जलप्रलय! समंदर बनी सड़कें, डैम हुए लबालब, IMD ने 28 जिलों में जारी किया रेड अलर्ट
जामनगर में टोलनाका के पास एक कार नाले के तेज बहाव में फंस गई. कार में परिवार के चार लोग सवार थे जो कार के ऊपर चढ़कर मदद मांगते नज़र आए. पानी की तेज धार में बहती कार पेड़ों के बीच फंस गई, जिससे इन लोगों की जान बची. वहीं, जामनगर में पुलिस चौकी भी पानी के तेज बहाव में ऐसे बहती नजर आई जैसे कोई नाव हो.
उफान पर नर्मदा नदी
गुजरात में बारिश की वजह से 700 से ज्यादा गांवों की बिजली आपूर्ति पूरी तरह से ठप हो गई. सूरत, नवसारी, वलसाड, तापी डांग और छोटाउदेपुर जिलों में कुल 523 सड़कें बंद हैं. भारी बारिश की वजह से नर्मदा बांध से लगातार छोड़े जा रहे पानी की वजह से नर्मदा नदी उफान पर है. पानी खतरे के निशान के करीब बह रहा है.

वडोदरा में जिन सड़कों पर गाड़ियां फर्राटा भरती थीं.आज वहां कई फीट पानी भरा है.वडोदरा में 48 घंटे से जोरदार बारिश ने शहर की रफ्तार पर भी ब्रेक लगा दिया है. लोगों को अब  सैलाब के सितम से राहत की आस है. हालांकि, मौसम विभाग के मुताबिक, 29 अगस्त को भी सौराष्ट्र में भारी बारिश का अनुमान है. उत्तर गुजरात के जिलों को छोड़कर सभी जिलों में रेड अलर्ट है.

बंगाल बंद के दौरान भाजपा नेता पर ताबड़तोड़ फायरिंग का दावा, दो जख्मी

28-Aug-2024
कोलकाता।  ( शोर संदेश )  भाजपा के बंगाल बंद के दौरान हिंसा की घटना सामने आई है। एक भाजपा नेता ने दावा किया है कि उनकी कार पर सामने से टीएमसी के कार्यकर्ताओं ने फायरिंग की है। इस गोलीबारी में दो लोग जख्मी हुए हैं। यह घटना उत्तर 24 परगना के भाटपारा इलाके की है। एक पार्टी लीडर ने कहा कि हत्या के प्रयास में यह फायरिंग की गई और कुल 7 गोलियां चलाई गई थीं। भाजपा नेता प्रियांगु पांडे ने कहा कि सत्ताधारी दल से जुड़े लोगों ने यह हमला किया है। उनकी कार के शीशे में दिख रहे गोलियों के निशान वाला वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
इस मामले की जानकारी देते हुए बंगाल भाजपा के नेता अर्जुन सिंह ने कहा कि यह टीएमसी के लोगों ने किया है। उन्होंने कहा कि प्रियांगु पांडे हमारी पार्टी के नेता हैं। वह आ रहे थे तो उनकी गाड़ी पर बम चलाया गया। गाड़ी न रुकने पर फिर गोलियां चलाई गईं। एक गोली ड्राइवर के सिर के पास लगी है। इसके अलावा एक अन्य व्यक्ति रवि सिंह को मारा गया। प्रियांगु पांडे की हत्या करने की साजिश थी और भगवान के आशीर्वाद से वह किसी तरह से बच गया। उन पर गोली चलाने वाले लोग जुआ खेलने का रैकेट चलाते हैं और यह सब एसीपी की निगरानी में हुआ।
उन्होंने कहा कि एसीपी ने मंगलवार को ही कह दिया था कि भाटपारा में भाजपा का कोई आदमी बंगाल बंद के वक्त दिखना नहीं चाहिए। अर्जुन सिंह ने कहा कि जिन दो लोगों पर हमला हुआ है, उनमें से एक की हालत गंभीर है। भाजपा लीडर ने कहा कि टीएमसी के पास अब कुछ बचा नहीं है। इनके पास दो ही चीजें हैं- पुलिस और गुंडा। इनके खिलाफ प्रदर्शन करके भी कुछ होने वाला नहीं है। हमें प्रतिक्रिया के बारे में सोचना होगा। अर्जुन सिंह ने इस घटना के विरोध को लेकर कहा कि पहले तो जान ही बचा ली जाए। उसके बाद कुछ किया जाएगा।

नबन्ना प्रोटेस्ट के आयोजक सयान लाहिड़ी कौन हैं, स्टूडेंट्स के प्रोटेस्ट से ममता क्यों खौफ में हैं?

28-Aug-2024
 ( शोर संदेश )  पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता सहित सूबे के कई इलाकों में छात्रों की तरफ से नबन्ना प्रोटेस्ट चल रहा है. बीजेपी ने आज यानी बुधवार को 12 घंटे के लिए बंगाल बंद बुलाया था. इसको लेकर कई जगह से छिटपुट हिंसा की खबरें सामने आई है.इसके साथ ही, नबन्ना अभियान का आयोजन करने वाले स्टूडेंट लीडर सयान लाहिड़ी को कोलकाता पुलिस ने गिरफ्तार किया है. 
बीजेपी ने आज 12 घंटे का बंगाल बंद बुलाया था. नबन्ना अभियान के तहत सचिवालय तक मार्च कर रहे छात्रों पर पुलिस की कार्रवाई के विरोध में बीजेपी ने आज 12 घंटे का बंगाल बंद बुलाया है. यह बंद सुबह छह बजे से शाम छह बजे तक रहेगा.
कौन हैं सयान लाहिड़ी?
बंगाल में होने वाले नबन्ना अभियान के पीछे सयान लाहिड़ी ही कोशिश थी. लाहिड़ी को इस अभियान का आयोजनकर्ता बताया जा रहा है. सयान लाहिड़ी पश्चिम बंग छात्र समाज से जुड़े हैं.
छात्र आंदोलन कर रहे संगठन का कहना है कि उनका अभियान राजनीतिक नहीं है. हालांकि, सत्तारूढ़ पार्टी तृणमूल कांग्रेस ने कहा है कि सायन लाहिड़ी बीजेपी,आरएसएस से सक्रिय रूप से जुड़े हुए हैं. 
'होटल में किसी नेता से हुई मुलाकात'
पुलिस ने सायन की राजनीतिक पहचान के बारे में भी संदेह व्यक्त किया है. पुलिस ने दावा किया कि सायन एक राजनीतिक नेता के साथ सीक्रेट मीटिंग के लिए फाइव स्टार होटल में गया था.
छात्रों के आंदोलन से क्यों डर रही हैं ममता?
मौजूदा वक्त में पश्चिम बंगाल की सत्ता पर ममता बनर्जी काबिज हैं.एक ऐसा भी वक्त था, जब ममता बनर्जी ने सड़कों पर उतरकर सरकार के खिलाफ प्रोटेस्ट किया और आपने राजनीतिक सफर को आगे बढ़ाया. साल 1993 में तत्कालीन मुख्यमंत्री ज्योति बसु के कार्यालय के सामने विरोध प्रदर्शन करने पर ममता बनर्जी को पुलिस द्वारा शारीरिक रूप से पीटा गया और राज्य सचिवालय राइटर्स बिल्डिंग से बाहर निकाल दिया गया. ममता बनर्जी ने वाम मोर्चा सरकार की नीतियों और कथित अत्याचारों के खिलाफ राज्य में तमाम विरोध प्रदर्शनों और मार्चों का आयोजन और नेतृत्व किया.

मोहन भागवत को मिलेगी पीएम मोदी और शाह जैसी सुरक्षा, अब एएसएल के कवर में रहेंगे आरएसएस चीफ

28-Aug-2024
नई दिल्ली।  ( शोर संदेश )  आरएसएस चीफ मोहन भागवत अब प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह जैसी एडवांस सुरक्षा के बीच रहेंगे। उनके जेड प्लस सुरक्षा कवर को बढ़ाकर एडवांस सिक्योरिटी लाइजन (एएसएल) कर दिया गया है। ऐसे में उनकी सुरक्षा में अब और सुरक्षाकर्मी तैनात किए जाएंगे। उनका सुरक्षा घेरा पहले से भी ज्यादा पुख्ता होगा। हाल ही में गृह मंत्रालय की ओर से की गई समीक्षा बैठक के बाद यह फैसला लिया गया है।
क्यों बढ़ाई गई सुरक्षा
टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के मुताबिक समीक्षा बैठक में पाया गया कि गैर बीजेपी शासित राज्यों में मोहन भागवत की सुरक्षा के दौरान ढिलाई बरती गई है। ऐसे में संभावित खतरे को देखते हुए सुरक्षा में इजाफा करने का फैसला लिया गया है। फिलहाल मोहन भागवत की सुरक्षा में सीआईएसएफ के जवान और अधिकारी शामिल थे। जानकारी के मुताबिक सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को इसकी जानकारी दे दी गई है। मोहन भागवत अब बहुस्तरीय सुरक्षा घेरे में रहेंगे। इतना ही नहीं हेलीकॉप्टर यात्रा की अनुमति केवल विशेष रूप से डिजाइन किए गए हेलीकॉप्टरों में ही दी जाएगी।
कैसी होती है जेड प्लस सिक्योरिटी
भारत में सबसे सुरक्षित दल एसपीजी को माना जाता है। यह केवल प्रधानमंत्री की सुरक्षा करती है। इसके बाद जेल प्लस सुरक्षा सबसे एडवांस होती है। इसमें 55 जवान सिक्योरिटी पाने वाले वीआईपी की 24 घंटे सुरक्षा करते हैं। यह जवान नेशनल सिक्योरिटी गार्ड यानी एनएसजी के कमाांडो होते हैं। जिस व्यक्ति को यह सुरक्षा दी जाती है, उसके घर से लेकर दफ्तर और यात्रा के दौरान यह कमांडो साथ रहते हैं। हर जवान मार्शल आर्ट और निहत्थे लड़ने में प्रशिक्षित होता है। यह भारत के चुनिंदा लोगों को ही दी जाती है।
कैसे काम करती है एएसएल
यह सुरक्षा एक रूल बुल के आधार पर काम करती है। इसे ब्लू बुक कहा जाता है। इसमें एक तरह का प्रोटोकॉल होता है। प्रधानमंत्री की सुरक्षा में इसे खास ध्यान रखा जाता है। एएसएल में संबंधित राज्य में इंटेलिजेंस ब्यूरो के अधिकारी, राज्य के पुलिस अधिकारी और संबंधित जिला मजिस्ट्रेट शामिल होते हैं। एएसएल रिपोर्ट के आधार पर सुरक्षा के इंतजाम किए जाते हैं।

यूपी में 8 रेलवे स्टेशनों के नाम बदले,अखिलेश यादव बोले-नाम’नहीं,हालात भी बदलें

28-Aug-2024
लखनऊ।  ( शोर संदेश )  उत्तर प्रदेश में आठ रेलवे स्टेशनों के नाम बदल दिए गए हैं। उत्तर रेलवे के लखनऊ मंडल के आठ रेलवे स्टेशनों का नाम बदलने का मंगलवार को आधिकारिक तौर पर ऐलान किया गया। इन स्टेशनों के नाम संतों और स्वतंत्रता सेनानियों के नाम पर रखे गए हैं। 
उत्तर रेलवे की ओर से जारी आदेश के अनुसार, जिन रेलवे स्टेशनों के नाम बदले गए हैं, उनमें जायस रेलवे स्टेशन, अकबरगंज रेलवे स्टेशन, फुरसतगंज रेलवे स्टेशन,वारिसगंज हाल्ट रेलवे स्टेशन, निहालगढ़ रेलवे स्टेशन, बनी रेलवे स्टेशन, मिसरौली रेलवे स्टेशन और कासिमपुर हॉल्ट रेलवे स्टेशन शामिल हैं।
आदेश के मुताबिक, कासिमपुर हॉल्ट रेलवे स्टेशन का नाम जायस सिटी रेलवे स्टेशन, जायस रेलवे स्टेशन का नाम गुरु गोरखनाथ धाम, मिसरौली रेलवे स्टेशन का नाम मां कालिकन धाम, बनी रेलवे स्टेशन का नाम स्वामी परमहंस, अकबरगंज रेलवे स्टेशन का नाम मां अहोरवा भवानी धाम, फुरसतगंज रेलवे स्टेशन का नाम तपेश्वर धाम, वारिसगंज हाल्ट स्टेशन का नाम अमर शहीद भाले सुल्तान के नाम पर रखा गया है। इसके अलावा निहालगढ़ स्टेशन का नाम बदलकर महाराजा बिजली पासी रेलवे स्टेशन किया गया है।
कैसे स्टेशनों को मिले नए नाम?
आपको बता दें कि अमेठी की पूर्व सांसद और भाजपा नेता स्मृति ईरानी ने इन जगहों की सांस्कृतिक पहचान और विरासत को संरक्षित करने की मांग की थी। इसके बाद इन स्टेशनों का नाम बदला गया है। रेलवे के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि जायस स्टेशन के पास गुरु गोरखनाथ धाम आश्रम है, इसलिए स्टेशन का नाम आश्रम के नाम पर रखने का प्रस्ताव रखा गया था।
अधिकारी ने बताया कि मिश्रौली, बानी, अकबरगंज और फुरसतगंज रेलवे स्टेशनों के पास भगवान शिव और देवी काली के कई मंदिर हैं और उनके नाम उसी के अनुसार रखे गए हैं। निहालगढ़ स्टेशन ऐसे इलाके में स्थित है, जहां पासी समुदाय की अच्छी खासी आबादी है। यहां ज्यादातर किसान रहते हैं, इसलिए इसका नाम बदलकर महाराजा बिजली पासी के नाम पर रखा गया है। उन्होंने बताया कि वारिसगंज को भाले सुल्तान की बहादुरी के लिए जाना जाता है। उन्होंने 1857 में अंग्रेजों के खिलाफ लड़ाई लड़ी थी और इसलिए स्टेशन का नाम उनके नाम पर रखा गया।
अखिलेश यादव ने भाजपा पर कसा तंज
वहीं, रेलवे स्टेशनों के नाम बदलने के फैसले पर सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सवाल उठाए हैं। अखिलेश ने योगी आदित्यनाथ सरकार पर हमला बोलते हुए कहा,भाजपा सरकार से आग्रह है कि रेलवे स्टेशनों के सिर्फ ‘नाम’ नहीं, हालात भी बदलें। और जब नाम बदलने से फुरसत मिल जाएं तो रिकॉर्ड कायम करते रेल दुर्घटना की रोकथाम के लिए भी कुछ समय निकालकर विचार करें।

यूपी में सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर्स के लिए बड़ी खुशखबरी, 8 लाख रुपये तक देगी योगी सरकार

28-Aug-2024
 ( शोर संदेश )  यूपी की योगी सरकार नई सोशल मीडिया पॉलिसी लेकर आई है। राज्य सरकार की इस पॉलिसी के तहत आपत्तिजनक पोस्ट किए जाने पर तीन साल से लेकर उम्रकैद तक की सजा दी जा सकती है। इसके साथ ही सोशल मीडिया पर डिजिटल एजेंसी और फर्म के लिए विज्ञापन की व्यवस्था भी की गई है। सोशल मीडिया पॉलिसी को कैबिनेट की बैठक में मंजूरी दे दी गई है।
रिपोर्ट के मुताबिक, योगी सरकार अपनी जन कल्याणकारी, लाभकारी योजनाओं और उपलब्धियों की जानकारी जनता तक पहुंचाने के लिए यह पॉलिसी लेकर आई है। पॉलिसी में अलग-अलग सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म जैसे एक्स, फेसबुक, इंस्टाग्राम और यू-ट्यूब पर सरकारी योजनाओं और उपलब्धियों पर आधारित कॉन्टेंट, वीडियो, ट्वीट, पोस्ट और रील को शेयर करने पर उन्हें विज्ञापन देकर प्रोत्साहित किया जाएगा।
इस पॉलिसी के तहत विज्ञापन का लाभ लेने के लिए कॉन्टेंट प्रोवाइडर को चार श्रेणियों बांटा गया है। इसमें एजेंसी या फर्म को अलग-अलग प्लेटफॉर्म पर सब्सक्राइबर और फॉलोअर्स के आधार पर बांटा गया है- 5 लाख, 4 लाख, 3 लाख और 30 हजार रुपये प्रति महीना, जबकि यूट्यूब वीडियो शॉट और पॉडकास्ट भुगतान के लिए 8 लाख रुपये, 7 लाख रुपये, 6 लाख रुपये और 4 लाख रुपये रखा गया है।
देश विरोधी पोस्ट पर उम्रकैद तक की सजा का प्रावधान
योगी सरकार नई सोशल मीडिया पॉलिसी में राष्ट्र विरोधी कॉन्टेंट डालने पर तीन साल से लेकर उम्रकैद तक की सजा का प्रावधान है। अभी तक आईटी एक्ट की धारा 66ई, और 66एफ के तहत कार्रवाई की जाती थी। इसके अलावा अभद्र एवं अश्लील सामग्री पोस्ट करने पर आपराधिक मानहानि के मुकदमे का भी सामना करना पड़ सकता है।
 
 

बीजेपी ने जम्मू-कश्मीर में बदला ट्रैक, पहली ही लिस्ट में 50 फीसदी से ज्यादा मुसलमान उम्मीदवार

26-Aug-2024
श्रीनगर।   ( शोर संदेश )  जम्मू और कश्मीर विधानसभा चुनाव के लिए तैयार है। सोमवार को भारतीय जनता पार्टी की ओर से उम्मीदवारों की पहली सूची भी जारी कर दी गई है, जिसमें 44 नामों को शामिल किया गया है। खास बात है कि पार्टी ने पहली सूची में 14 मुस्लिम उम्मीदवारों को भी मौका देने का फैसला किया है। 90 सीटों वाले जम्मू और कश्मीर में लगभग एक दशक के बाद पहली बार चुनाव होने जा रहे हैं।
इन मुस्लिम उम्मीदवारों को दिया मौका
भाजपा की पहली सूची में 14 मुस्लिम उम्मीदवार हैं। इनमें पाम्पोर से सैयद शौकत गयूर अंद्राबी, राजपोरा से अर्शीद भट्ट, शोपियां से जावेद अहमद कादरी, अनंतनाग पश्चिम से मोहम्मद रफीक वानी, अनन्तनाग से सैयद वजाहत, श्रीगुफवाड़ा बिजबेहरा से सोफी यूसुफ, इन्दरवल से तारिक कीन, बनिहाल से सलीम भट्ट को मौका दिया है।
जम्मू और कश्मीर चुनाव
संभावनाएं जताई जा रही हैं कि भाजपा 60-70 सीटों पर चुनाव लड़ सकती है। हालांकि, सीटों की संख्या को लेकर पार्टी की ओर से आधिकारिक तौर पर कुछ नहीं कहा गया है। हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में चुनाव को लेकर एक बैठक हुई थी, जिसमें केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह, स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा समेत कई बड़े नेता शामिल थे।
भारत निर्वाचन आयोग की तरफ से जारी कार्यक्रम के अनुसार, जम्मू और कश्मीर में तीन चरणों में विधानसभा चुनाव होने हैं। इसके तहत 18 सितंबर को पहले, 25 सितंबर को दूसरे और 1 अक्टूबर को तीसरे चरण की वोटिंग होना है। वहीं, चुनाव के नतीजों का ऐलान 4 अक्टूबर को होगा। साल 2019 में अनुच्छेद 370 खत्म होने के बाद यहां पहली बार विधानसभा चुनाव हो रहे हैं।
लोकसभा चुनाव में था भाजपा का सिर्फ एक मुस्लिम कैंडिडेट
4 जून को संपन्न हुए लोकसभा चुनाव में भाजपा ने 240 सीटों पर जीत हासिल की थी। खास बात है कि तब चुनाव में पार्टी ने सिर्फ एक ही मुस्लिम कैंडिडेट को मैदान में उतारा था। केरल की मलप्पुरम सीट से डॉक्टर अब्दुल सलाम ने चुनाव लड़ा था। हालांकि, उन्हें हार का सामना करना पड़ा था। केंद्र में भी भाजपा 272 के बहुमत के आंकड़े से काफी पीछे रह गई थी।
 

पीएम बोले-कोर्ट के सामने चक्कर शब्द मेंडेटरी हो गया था, इसमें फंस गए तो कब निकलेंगे पता नहीं; दशकों बाद सरकार ने प्रभावी कदम उठाए

26-Aug-2024
जोधपुर।   ( शोर संदेश )  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जोधपुर में कहा- दशकों से कोर्ट के सामने चक्कर शब्द मेंडेटरी (अनिवार्य) हो गया था। कोई बुरा मत मानना। कोर्ट का चक्कर, मुकदमे का चक्कर यानी एक ऐसा चक्कर हो गया था कि इसमें फंस गए तो कब निकलेंगे पता नहीं। मोदी ने रविवार को राजस्थान हाईकोर्ट की स्थापना के प्लेटिनम जुबली समापन समारोह में ये बात कही। मोदी ने हाईकोर्ट म्यूजियम का भी उद्घाटन किया।
मोदी ने कहा- आज दशकों बाद आम लोगों की पीड़ा और उस चक्कर को खत्म करने के लिए सरकार ने प्रभावी कदम उठाए हैं। मेरा मानना है कि न्याय हमेशा सरल और स्पष्ट होता है, लेकिन कई बार प्रक्रियाएं उसे मुश्किल बना देती है। हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है कि हम न्याय को सरल और स्पष्ट बनाएं।
पीएम ने कहा- राजस्थान हाईकोर्ट के अस्तित्व से हमारे राष्ट्र की एकता का इतिहास जुड़ा है। आप सब जानते हैं कि सरदार पटेल ने जब 500 से ज्यादा रियासतों को जोड़कर देश को एक सूत्र में पिरोया था, तो उसमें राजस्थान की भी कई रियासतें थीं। जयपुर, उदयपुर और कोटा जैसी कई रियासतों के अपने हाईकोर्ट भी थे। इनके इंटिग्रेशन (एकीकरण) से राजस्थान हाईकोर्ट अस्तित्व में आया यानी राष्ट्रीय एकता ये हमारे ज्यूडिशियल सिस्टम का भी फाउंडिंग स्टोन है। ये फाउंडिंग स्टोन जितना मजबूत होगा, हमारा देश और व्यवस्थाएं भी उतनी ही मजबूत होंगी।
मोदी ने कहा- मेरा मानना है कि न्याय हमेशा सरल और स्पष्ट होता है, लेकिन कई बार प्रक्रियाएं उसे मुश्किल बना देती हैं। ये हम सबकी सामूहिक जिम्मेदारी है कि हम न्याय को ज्यादा से ज्यादा सरल और स्पष्ट बनाएं। मुझे संतोष है कि देश ने इस दिशा में कई ऐतिहासिक और निर्णायक कदम उठाए हैं। हमने पूरी तरह से अप्रासंगिक हो चुके सैकड़ों औपनिवेशिक कानूनों को रद्द किया है। आजादी के इतने दशक बाद गुलामी की मानसिकता से उबरते हुए देश ने भारतीय दंड संहिता की जगह 'भारतीय न्याय संहिता' को अपनाया है। दंड की जगह न्याय ये भारतीय चिंतन का आधार है। संहिता इस मानवीय चिंतन को आगे बढ़ाती है।
पीएम ने कहा- आज देश के सपने भी बड़े हैं। देशवासियों की आकांक्षाएं भी बड़ी हैं, इसलिए जरूरी है कि हम नए भारत के हिसाब से नए इनोवेशन करें और अपनी व्यवस्थाओं को आधुनिक बनाएं। ये ‘जस्टिस फॉर ऑल’ के लिए भी उतना ही जरूरी है। आज देश में 18 हजार से ज्यादा अदालतें कम्प्यूटराइज्ड हो चुकी हैं। मुझे बताया गया है कि नेशनल ज्यूडिशियल डाटा ग्रिड से 26 करोड़ से ज्यादा मुकदमों की जानकारी एक सेंट्रलाइज्ड ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर जुड़ चुकी है।
मोदी ने कहा- आज पूरे देश की 3 हजार से ज्यादा कोर्ट परिसर और 1200 से ज्यादा जेल वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से जुड़ गई हैं। मुझे खुशी है कि राजस्थान भी इस दिशा में काफी तेज गति से काम कर रहा है। हमारी न्यायपालिका ने निरंतर राष्ट्रीय विषयों पर सजगता और सक्रियता की नैतिक जिम्मेदारी निभाई है। कश्मीर से आर्टिकल-370 हटाने का, देश के संवैधानिक एकीकरण का उदाहरण हमारे सामने है। सीएए जैसे मानवीय कानून का उदाहरण भी हमारे सामने हैं।
प्रधानमंत्री ने कहा- अभी 15 अगस्त को मैंने लाल किले से सेक्यूलर सिविल कोड (धर्मनिरपेक्ष नागरिक संहिता) की बात की है। इस मुद्दे पर भले ही कोई सरकार पहली बार इतनी मुखर हुई हो, लेकिन हमारी ज्यूडिशियरी दशकों से इसकी वकालत करती आई है। राष्ट्रीय एकता के मुद्दे पर न्यायपालिका का ये स्पष्ट रुख न्यायपालिका पर देशवासियों में भरोसा और बढ़ाएगा। मुझे विश्वास है हमारी अदालतें ईज ऑफ जस्टिस (न्याय में आसानी) को इसी तरह सर्वोच्च प्राथमिकता देती रहेंगी। हम जिस विकसित भारत का सपना लेकर आगे बढ़ रहे हैं, उसमें हर किसी के लिए सरल, सुलभ और सहज न्याय की गारंटी हो, ये बहुत जरूरी है।

दोषी कोई भी हो, बचना नहीं चाहिए, सबका हिसाब होगा; महिलाओं के खिलाफ अत्याचार पर पीएम मोदी

25-Aug-2024
नई दिल्ली।    ( शोर संदेश )  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महाराष्ट्र के जलगांव में रविवार को जनसभा को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने महिला सुरक्षा का मुद्दा उठाया। पीएम मोदी ने कहा, 'आज मैं एक बार फिर देश के हर राजनीतिक दल से कहूंगा और राज्य सरकार से कहूंगा कि महिलाओं के खिलाफ अपराध अक्षम्य पाप है। दोषी कोई भी हो, वो बचना नहीं चाहिए। उसको किसी भी रूप में मदद करने वाले बचने नहीं चाहिए।' उन्होंने कहा कि अस्पताल हो, स्कूल हो, दफ्तर हो या फिर पुलिस व्यवस्था... जिस भी स्तर पर लापरवाही होती है सबका हिसाब होना चाहिए। महिलाओं पर अत्याचार करने वालों को कड़ी से कड़ी सजा देने के लिए हमारी सरकार कानूनों को भी लगातार सख्त कर रही है।
पीएम मोदी ने कहा, 'हमारी सरकार, बेटियों के लिए हर सेक्टर खोल रही है, जहां कभी उन पर पाबंदियां थीं। आज तीनों सेनाओं में महिला अफसर तैनात हो रही हैं, फाइटर पायलट तैनात हो रही हैं। गांव में कृषि और डेयरी सेक्टर से लेकर... स्टार्ट अप्स क्रांति तक, आज बड़ी संख्या में बेटियां बिजनेस मैनेज कर रही हैं।' उन्होंने कहा कि ये हमारी सरकार ने तय किया कि जो गरीबों के घर सरकार बनाती है तो वो महिलाओं के नाम पर रजिस्टर्ड हों। अभी तक जो 4 करोड़ घर बने हैं, वो अधिकतर महिलाओं के नाम पर हैं। अभी हम 3 करोड़ और घर बनाने वाले हैं, इनमें से भी अधिकतर घर हमारे माताओं-बहनों के नाम पर ही होंगे। उन्होंने कहा, 'मैं आज चुनौती देता हूं- पहले की सरकारों के 7 दशक एक तरफ रख लीजिए और दूसरे तराजू में मोदी सरकार के 10 साल रख लीजिए। जितना काम मोदी सरकार ने देश के बहन-बेटियों के लिया किया है, वो आजादी के बाद किसी सरकार ने नहीं किया है।'
'10 साल में 1 करोड़ लखपति दीदी बनीं'

लखपति दीदी महासम्मेलन में पीएम मोदी ने कहा, 'लोकसभा चुनाव के दौरान जब मैं आपके पास आया था, तो मैंने वादा किया कि हमें 3 करोड़ बहनों को लखपति दीदी बनाना है। इसका मतलब है कि जो महिलाएं स्वयं सहायता समूहों में काम करती हैं और उनकी सालाना आय 1 लाख रुपये से अधिक है। पिछले 10 साल में 1 करोड़ लखपति दीदी बनीं और सिर्फ दो महीने में 11 लाख और लखपति दीदी एक करोड़ बन गईं।' उन्होंने कहा कि आज यहां लखपति दीदी का महासम्मेलन हो रहा है। मेरी बहनें यहां बड़ी संख्या में उपस्थित हैं। आज यहां से देशभर के लाखों सखी मंडलों के लिए 6 हजार करोड़ से अधिक की राशि जारी की गई है। मेरी सभी माताओं-बहनों को बहुत-बहुत शुभेच्छा।
पोलैंड की राजधानी में कोल्हापुर मेमोरियल

नरेंद्र मोदी ने कहा, 'लखपति दीदी बनाने का ये अभियान, सिर्फ बहनों-बेटियों की कमाई बढ़ाने का ही अभियान नहीं है। ये पूरे परिवार को, आने वाली पीढ़ियों को सशक्त कर रही है। ये गांव के पूरे अर्थतंत्र को बदल रही हैं।' पोलैंड दौरे को याद करते हुए पीएम मोदी ने कहा, 'पोलैंड के लोग महाराष्ट्र के लोगों का बहुत सम्मान करते हैं। वहां की राजधानी में एक कोल्हापुर मेमोरियल है। पोलैंड के लोगों ने ये मेमोरियल कोल्हापुर के लोगों की सेवा और सत्कार की भावना को सम्मान देने के लिए बनाया है। दूसरे विश्व युद्ध के दौरान पोलैंड की हजारों माताओं और बच्चों को कोल्हापुर के राज परिवार ने शरण दी थी।'
नेपाल में बस हादसे पर जताया खेद

पीएम मोदी ने नेपाल में हुए बस हादसे पर दुख जताया। उन्होंने कहा, 'मैं नेपाल बस हादसे को लेकर अपनी पीड़ा व्यक्त करना चाहता हूं। इस हादसे में हमने महाराष्ट्र के अनेक साथियों को खोया है। मैं सभी पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करता हूं। जैसे ही ये हादसा हुआ भारत सरकार ने तुरंत नेपाल सरकार से संपर्क किया। हमने हमारी मंत्री रक्षा खडसे को तुरंत नेपाल जाने के लिए कहा।' उन्होंने कहा कि हमारे जो परिजन नहीं रहे उनके पार्थिव शरीर को हम वायु सेना के विमान से वापस लाए हैं। जो घायल हैं, उनका अच्छे से इलाज चल रहा है। मैं उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना करता हूं।
 

यूक्रेन से लौटते वक्त 46 मिनट तक पाकिस्तान में रहा पीएम मोदी का विमान, इस्लामाबाद में हड़कंप

25-Aug-2024
इस्लामाबाद:   ( शोर संदेश )  पाकिस्तानी मीडिया डॉन की एक रिपोर्ट के अनुसार पोलैंड और यूक्रेन की यात्रा से लौटते वक्त भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का विमान 46 मिनट तक पाकिस्तान के एयरस्पेस में रहा। इससे पाकिस्तानी अधिकारियों के बीच हड़कंप मच गया। पाकिस्तानी मीडिया ने दावा किया की सद्भावना के बिना ही पीएम मोदी ने पोलैंड और यूक्रेन से लौटते वक्त पाकिस्तान के एयरस्पेस का इस्तेमाल किया। पोलैंड की एक हाई-प्रोफाइल यात्रा से लौटते समय पाकिस्तानी हवाई क्षेत्र के माध्यम से पीएम मोदी ने 46 मिनट की अप्रत्याशित यात्रा की।
पाकिस्तानी मीडिया रिपोर्टों के अनुसार पाकिस्तान के ऊपर से उड़ान भरते समय प्रधानमंत्री मोदी ने सद्भावना संदेश देने की परंपरा को भी दरकिनार कर दिया। उनके इस फैसले ने दोनों पड़ोसी देशों के बीच तनावपूर्ण संबंधों के बारे में फिर से चर्चा शुरू कर दी। हालांकि, विमानन उद्योग के एक सूत्र ने डॉन से बात करते हुए कहा कि सद्भावना का संदेश एक परंपरा है, मजबूरी नहीं। सूत्र ने कहा, "इसके अलावा पीएम मोदी जैसे ही भारत पहुंचेंगे। इससे उनको अपने आलोचकों से परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। 
इस्लामाबाद और लाहौर के ऊपर से पीएम मोदी ने भरी उड़ान
पाकिस्तान की कुछ मीडिया रिपोर्टों ने नागरिक उड्डयन प्राधिकरण के सूत्रों के हवाले से कहा है कि यह भारतीय विमान चित्राल से पाकिस्तान में दाखिल हुआ और अमृतसर में प्रवेश करने से पहले इस्लामाबाद और लाहौर के ऊपर से उड़ान भरी। विमानन क्षेत्र के सूत्र के अनुसार पाकिस्तानी हवाई क्षेत्र भारत के वाणिज्यिक हवाई यातायात के लिए खुला था। “प्रधानमंत्री के विमान को किसी देश के ऊपर से उड़ान भरने के लिए विशेष सहमति की आवश्यकता नहीं होती है और उसे पूरी अनुमति मिलती है। कुछ मामलों में, पीएम के विमान को कॉल साइन आवंटित किया जाता है, उसी तरह जैसे पाकिस्तान से राष्ट्राध्यक्षों को ले जाने वाले विमान को 'पाकिस्तान 1' जैसे कॉल साइन आवंटित किए जाते हैं। 
पाकिस्तान ने 2019 से भारत के लिए बंद किया था हवाई क्षेत्र
भारत की ओर से बालाकोट में एयर स्ट्राइक किए जाने के बाद से पाकिस्तान ने अंतरराष्ट्रीय सीमा और हवाई क्षेत्र के उल्लंघन का आरोप लगाकर 26 फरवरी, 2019 के बाद से अपना हवाई क्षेत्र पूरी तरह से बंद कर दिया था। बाद में मार्च में इसने अपना हवाई क्षेत्र आंशिक रूप से खोल दिया, लेकिन इसे भारतीय उड़ानों के लिए प्रतिबंधित रखा। पाकिस्तान ने उसी वर्ष कश्मीर विवाद पर बढ़ते तनाव के बीच जर्मनी की उड़ान के लिए अपने हवाई क्षेत्र का उपयोग करने के पीएम मोदी के अनुरोध को अस्वीकार कर दिया था। इसके दो साल बाद पाकिस्तान ने भारतीय प्रधानमंत्री की नॉन-स्टॉप उड़ान को अपने हवाई क्षेत्र से होकर अमेरिका जाने की अनुमति दे दी थी।
 



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