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दिल्ली एमसीडी उपचुनाव: 12 वार्डों में भाजपा 7 पर जीती, आप की 3 और कांग्रेस की एक सीट बढ़ी

04-Dec-2025
नई दिल्ली (शोर संदेश)। दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) उपचुनाव के नतीजे बुधवार को घोषित हो गए हैं। सभी 12 सीटों में से भाजपा ने 7 सीट, आम आदमी पार्टी ने 3 और कांग्रेस और ऑल इंडिया फॉरवर्ड ब्लॉक ने 1-1 सीट पर जीत दर्ज की है। इस चुनाव में भाजपा को 2 सीटों का नुकसान हुआ है।
उपचुनाव के अंतिम नतीजों में भाजपा सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी। वार्ड नंबर 128 ढीचाऊं कलां वार्ड से भाजपा की रेखा रानी चुनाव जीती हैं। वार्ड 198 विनोद नगर से भाजपा की सरला चौधरी, वार्ड 65 अशोक विहार से वीणा असीजा, वार्ड 74 चांदनी चौक से सुमन कुमार गुप्ता और वार्ड 56 शालीमार बाग से भाजपा की अनीता जैन ने जीत हासिल की है।
इसके अलावा वार्ड क्षेत्र चांदनी महल से ऑल इंडिया फॉरवर्ड ब्लॉक के उम्मीदवार मोहम्मद इमरान चुनाव जीते। वहीं, वार्ड 35 मुंडका से आम आदमी पार्टी प्रत्याशी अनिल लाकड़ा और वार्ड नंबर 164 दक्षिणपुरी वार्ड से आप उम्मीदवार रामस्वरूप कनौजिया ने चुनाव जीत लिया। इसके अलावा, संगम विहार वार्ड 163 ए से कांग्रेस प्रत्याशी सुरेश चौधरी ने जीत दर्ज कराई है।
इस बार के उपचुनाव को दिल्ली के तीनों दलों (भाजपा, कांग्रेस और आप) ने बेहद अहम माना है, क्योंकि यह नतीजे राजधानी की राजनीति पर बड़ा प्रभाव डाल सकते हैं। चुनाव नतीजों में भाजपा अपनी जीत से उत्साहित है। भाजपा के पास अभी तक 115 पार्षद, जबकि आप के पास 99, इंद्रप्रस्थ विकास पार्टी के 15 और कांग्रेस के पास 8 पार्षद थे।
इस उपचुनाव में 7 सीटें मिलने के बाद भाजपा पार्षदों की संख्या 122 पहुंच हो गई है। वहीं आप के पार्षद बढ़कर 102 हो गए है। इसके अलावा कांग्रेस पार्षदों की संख्या 9 हो गई है।

संचार साथी ऐप पूरी तरह सुरक्षित : ज्योतिरादित्य सिंधिया

04-Dec-2025
नई दिल्ली (शोर संदेश)। लोकसभा में बुधवार को संचार सुरक्षा और बढ़ते डिजिटल खतरों को लेकर पूछे गए एक प्रश्न के जवाब में केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने कहा कि दूरसंचार आज दुनिया से भारत को जोड़ने का सबसे बड़ा माध्यम बन चुका है और इसके 100 करोड़ से ज्यादा उपयोगकर्ता हैं। ऐसे में सरकार की जिम्मेदारी है कि वह लोगों को डिजिटल अपराधों और दुरुपयोग से सुरक्षित रखे।
सरकार का दायित्व है कि हर नागरिक को इन खतरों से सुरक्षित रखा जाए
सिंधिया ने कहा कि मोबाइल और इंटरनेट के बढ़ते उपयोग के साथ कई ऐसे तत्व भी सक्रिय हो गए हैं जो इसका दुरुपयोग कर लोगों को ठगी, धोखाधड़ी और विभिन्न साइबर अपराधों का शिकार बनाते हैं। सरकार का दायित्व है कि हर नागरिक को इन खतरों से सुरक्षित रखा जाए। उन्होंने बताया कि वर्ष 2023 में ‘संचार साथी’ पोर्टल और 2025 में ‘संचार साथी’ ऐप की शुरुआत की गई। इन दोनों प्लेटफॉर्म का उद्देश्य नागरिकों को डिजिटल सुरक्षा का अधिकार देना है।
इससे अपराध रोकने और मोबाइल नेटवर्क को सुरक्षित रखने में महत्वपूर्ण मदद मिली है
इस ऐप के माध्यम से कोई भी नागरिक स्वयं को सुरक्षित रख सकता है और चोरी हुए मोबाइल फोन की रिपोर्ट भी कर सकता है। इससे अपराध रोकने और मोबाइल नेटवर्क को सुरक्षित रखने में महत्वपूर्ण मदद मिली है। मंत्री ने जानकारी दी कि पोर्टल को अब तक 20 करोड़ हिट मिले हैं, जबकि ऐप 1.5 करोड़ बार डाउनलोड किया जा चुका है। उन्होंने कहा, “सरकार ने सॉफ्टवेयर जरूर बनाया, लेकिन इसकी सफलता का श्रेय जनता को जाता है, क्योंकि अधिक उपयोग और रिपोर्टिंग के कारण ही यह प्लेटफॉर्म प्रभावी साबित हुआ है।”
ऐप किसी पर थोपने का माध्यम नहीं है, बल्कि नागरिकों की सुरक्षा के लिए एक विकल्प है
सिंधिया ने ऐप और पोर्टल से मिली उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए बताया कि अब तक 1.5 करोड़ फर्जी मोबाइल कनेक्शन डिस्कनेक्ट किए गए हैं। 26 लाख चोरी हुए मोबाइल फोन ट्रेस किए गए, जिनमें से 7 लाख फोन उनके वास्तविक मालिकों को वापस किए जा चुके हैं। 41 लाख मोबाइल कनेक्शन संदिग्ध गतिविधियों के कारण बंद किए गए और 6 लाख साइबर फ्रॉड नंबर ब्लॉक किए गए। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह ऐप किसी पर थोपने का माध्यम नहीं है, बल्कि नागरिकों की सुरक्षा के लिए एक विकल्प है। जब तक उपयोगकर्ता स्वयं ऐप में रजिस्टर नहीं करेगा, यह सक्रिय नहीं होगा। नागरिक अपनी इच्छा से ऐप डाउनलोड कर सकते हैं और चाहें तो इसे हटा भी सकते हैं।
इस ऐप के माध्यम से न तो स्नूपिंग संभव है और न ही कभी होगी
ऐप के जरिए निगरानी या जासूसी की आशंका पर प्रतिक्रिया देते हुए सिंधिया ने कहा, “इस ऐप के माध्यम से न तो स्नूपिंग संभव है और न ही कभी होगी। मोदी सरकार नागरिकों को सशक्त बनाना चाहती है, उन पर नजर रखना नहीं।” उन्होंने यह भी कहा कि सरकार जनता से मिले फीडबैक के आधार पर ऐप में और सुधार करने को हमेशा तैयार है।

 


अंतरराष्ट्रीय दिव्यांग दिवस पर पीएम मोदी का संदेश: दिव्यांगजन हमारी प्रगति के अहम सहभागी

04-Dec-2025
नई दिल्ली (शोर संदेश)। अंतरराष्ट्रीय दिव्यांगजन दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिव्यांगजनों के सम्मान, अधिकार और अवसरों को सुनिश्चित करने के संकल्प को दोहराया। प्रधानमंत्री ने कहा कि दिव्यांगजन अपनी प्रतिभा, रचनात्मकता और दृढ़ निश्चय के बल पर जीवन के हर क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान दे रहे हैं और देश की प्रगति को नई ऊंचाइयों तक ले जा रहे हैं।
“दिव्यांग बहनों और भाइयों की गरिमा, सुगम्यता और अवसरों को सुनिश्चित करने के लिए हमारी प्रतिबद्धता हमेशा बनी रहेगी
प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, “दिव्यांग बहनों और भाइयों की गरिमा, सुगम्यता और अवसरों को सुनिश्चित करने के लिए हमारी प्रतिबद्धता हमेशा बनी रहेगी। उन्होंने विभिन्न क्षेत्रों में अपनी रचनात्मकता और संकल्प के दम पर खास पहचान बनाई है और भारत की राष्ट्रीय प्रगति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।”
सरकार आने वाले समय में इस दिशा में और भी प्रभावी प्रयास करेगी, ताकि दिव्यांगजनों का सशक्तिकरण व्यापक स्तर पर संभव हो सके
उन्होंने आगे कहा कि पिछले वर्षों में केंद्र सरकार ने दिव्यांगजन कल्याण के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं, जिनमें दिव्यांग अधिकारों से जुड़े मजबूत कानून, सुगम एवं बाधारहित अवसंरचना, समावेशी शिक्षा नीतियां और सहायक तकनीक में नवाचार शामिल हैं। प्रधानमंत्री ने आश्वासन दिया कि सरकार आने वाले समय में इस दिशा में और भी प्रभावी प्रयास करेगी, ताकि दिव्यांगजनों का सशक्तिकरण व्यापक स्तर पर संभव हो सके।
इसका मुख्य उद्देश्य दिव्यांगता से जुड़ी चुनौतियों के प्रति जागरूकता बढ़ाना, उनके अधिकारों और सुरक्षा को सुनिश्चित करना है
गौरतलब है कि संयुक्त राष्ट्र महासभा ने वर्ष 1992 में 3 दिसंबर को अंतरराष्ट्रीय विकलांग दिवस (IDPD) के रूप में घोषित किया था। इसका उद्देश्य विश्वभर में दिव्यांगजनों के अधिकार, सम्मान, स्वास्थ्य, शिक्षा और सामाजिक भागीदारी को बढ़ावा देना है। इस दिवस का मुख्य उद्देश्य दिव्यांगता से जुड़ी चुनौतियों के प्रति जागरूकता बढ़ाना, उनके अधिकारों और सुरक्षा को सुनिश्चित करना तथा एक समावेशी, सुगम और समान अवसरों वाला समाज विकसित करना है।
जब समाज दिव्यांगजनों के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करता है, तब सामाजिक और आर्थिक दोनों स्तरों पर व्यापक सकारात्मक परिवर्तन संभव होते हैं
इस वर्ष का विषय समाज में दिव्यांगजनों की भागीदारी को बढ़ावा देने, उनकी क्षमताओं को पहचानने और सामाजिक प्रगति में उन्हें बराबरी का स्थान देने पर केंद्रित है। संयुक्त राष्ट्र का मानना है कि जब समाज दिव्यांगजनों के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करता है, तब सामाजिक और आर्थिक दोनों स्तरों पर व्यापक सकारात्मक परिवर्तन संभव होते हैं।
भारत में करोड़ों दिव्यांगजन खेल, कला, साहित्य, विज्ञान, तकनीक, प्रशासन और उद्यमिता जैसे क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान दे रहे हैं
भारत में करोड़ों दिव्यांगजन खेल, कला, साहित्य, विज्ञान, तकनीक, प्रशासन और उद्यमिता जैसे क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान दे रहे हैं। सरकार द्वारा ‘सुगम भारत अभियान’, दिव्यांगजन सशक्तिकरण योजनाएं, विशेष शिक्षा कार्यक्रम और नई तकनीकों की उपलब्धता जैसे कदम उनके जीवन में निरंतर सकारात्मक बदलाव ला रहे हैं। 

फर्जी खबरें लोकतंत्र के लिए खतरा, डीपफेक पर सख्त कार्रवाई की आवश्यकता : अश्विनी वैष्णव

04-Dec-2025
नई दिल्ली (शोर संदेश)। केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बुधवार को लोकसभा में कहा कि सोशल मीडिया और फर्जी खबरों से जुड़ा मुद्दा अत्यंत गंभीर है। उन्होंने स्पष्ट किया कि फर्जी खबरें लोकतंत्र के लिए खतरा हैं, और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म, गलत सूचनाओं तथा एआई-जनरेटेड डीपफेक पर सख्त कार्रवाई की तुरंत आवश्यकता है।
मंत्री ने कहा कि कुछ लोग या समूह जिस तरह से सोशल मीडिया का उपयोग कर रहे हैं, उससे प्रतीत होता है कि वे भारत के संविधान और संसद द्वारा बनाए गए कानूनों का पालन नहीं करना चाहते। इस स्थिति से निपटने के लिए कठोर कार्रवाई और कड़े नियम बनाए जाने की जरूरत है। अश्विनी वैष्णव ने बताया कि हाल ही में नए नियम लागू किए गए हैं, जिनमें 36 घंटे के भीतर भ्रामक या आपत्तिजनक वीडियो हटाने का प्रावधान शामिल है। एआई-जनित डीपफेक की पहचान और उन पर कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए मसौदा नियम भी प्रकाशित किया गया है, जिस पर विचार-विमर्श जारी है।
केंद्रीय मंत्री ने संसदीय समिति के कार्यों की सराहना करते हुए कानूनी ढांचे को मजबूत करने से संबंधित महत्वपूर्ण सिफारिशों वाली विस्तृत रिपोर्ट पेश करने के लिए भाजपा सांसद निशिकांत दुबे और सभी सदस्यों को धन्यवाद दिया। उन्होंने यह भी कहा कि फर्जी खबरों और सोशल मीडिया से जुड़े मुद्दों में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता तथा लोकतंत्र की सुरक्षा के बीच नाजुक संतुलन बनाए रखना आवश्यक है। सरकार इस संतुलन को संवेदनशीलता के साथ बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है।
उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में ‘डिजिटल इंडिया’ पहल ने बड़ा परिवर्तन लाया है और तकनीक का लोकतांत्रिकरण किया है, जिसके सकारात्मक प्रभावों को स्वीकार किया जाना चाहिए। सोशल मीडिया ने भी प्रत्येक नागरिक को अभिव्यक्ति का मंच उपलब्ध कराया है। सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए सरकार संस्थाओं और समाज की नींव रखने वाले विश्वास को मजबूत करने की दिशा में कार्य कर रही है। 

सरकार ने मोबाइल फोन में संचार साथी ऐप के प्री-इंस्टॉलेशन की अनिवार्यता समाप्त की

04-Dec-2025
नई दिल्ली (शोर संदेश)। सरकार ने मोबाइल फोन में संचार साथी ऐप के प्री-इंस्टॉलेशन की अनिवार्यता समाप्त कर दी है। यह ऐप उपयोगकर्ताओं की सुरक्षा के साथ ही लोगों को साइबर अपराधियों की हरकतों की सूचना देने के जनभागीदारी में भी सहायक है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि ऐप का उपयोगकर्ताओं की सुरक्षा के अलावा कोई अन्य इस्‍तेमाल नहीं है और लोग जब चाहें तब इसे हटा सकते हैं।
यह जानकारी संचार मंत्रालय की ओर से आज बुधवार को दी गई।
संचार मंत्रालय के अनुसार, इस ऐप को अब तक 1.4 करोड़ उपयोगकर्ता डाउनलोड कर चुके हैं और यह हर रोज धोखाधड़ी की दो हजार कोशिशों की सूचना देकर उन्‍हें नाकाम करने में योगदान दे रहा है। इस ऐप के इस्‍तेमाल करने वालों की संख्या तेज़ी से बढ़ रही है और इसे इंस्टॉल करने का आदेश इस प्रक्रिया में तेज़ी लाने और अल्‍प जागरूक लोगों तक ऐप को सुगमता से सुलभ बनाने के लिए दिया गया था।
पिछले एक दिन में ही, छह लाख लोगों ने संचार साथी ऐप डाउनलोड करने के लिए पंजीकरण कराया है, जो इसके उपयोग में 10 गुना वृद्धि दर्शाता है। यह सरकार द्वारा इस ऐप के माध्‍यम से लोगों को प्रदान की गई आत्म-सुरक्षा के प्रति विश्वास की पुष्टि करता है।
बुधवार को एक बयान जारी कर मंत्रालय ने कहा कि संचार साथी की बढ़ती स्वीकार्यता को देखते हुए सरकार ने मोबाइल निर्माताओं के लिए इस ऐप का प्री-इंस्टालेशन अनिवार्य न बनाने का निर्णय लिया है। 

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने अंतरराष्ट्रीय दिव्यांगजन दिवस पर दिव्यांगजनों को राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित किया

04-Dec-2025
नई दिल्ली (शोर संदेश)। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने बुधवार को अंतरराष्ट्रीय दिव्यांगजन दिवस के अवसर पर नई दिल्ली में वर्ष 2025 के लिए दिव्यांगजन सशक्तिकरण हेतु राष्ट्रीय पुरस्कार प्रदान किए। इस समारोह में देशभर से बड़ी संख्या में विशिष्ट अतिथि और सम्मानित व्यक्तित्व शामिल हुए।
पैरा-एथलीट पूजा गर्ग ने पुरस्कार प्राप्त करने के बाद उन्होंने कहा, “मैं वर्ल्ड रिकॉर्ड होल्डर हूं और गर्व के साथ कह सकती हूं कि इस वर्ष मुझे बेस्ट दिव्यांगजन अवॉर्ड मिला है। यह पुरस्कार मेरी जिंदगी की हर मेहनत का सम्मान है।” पूजा गर्ग ने बताया कि 15 साल पहले हुई चोट ने उन्हें गहरा आघात पहुंचाया था, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। उन्होंने कहा, “मैं उन सभी लोगों को प्रेरित करना चाहती हूं जो किसी हादसे के बाद हिम्मत खो देते हैं। जिंदगी से हार न मानें, एक कोशिश तो जरूर करें। मैंने कोशिश की और आज मैं अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी हूं। इंदौर से नाथुला तक बाइक से गई, जो मेरे नाम दर्ज वर्ल्ड रिकॉर्ड है।”
रोल मॉडल’ का राष्ट्रीय सम्मान मिलने से मेरी जिम्मेदारी और बढ़ गई है
उन्होंने बताया कि 2010 के एक दुर्घटना में उन्हें स्पाइनल इंजरी हुई थी, जिसके बाद उन्हें व्हीलचेयर का सहारा लेना पड़ा। पूजा ने कहा, “आज मुझे ‘रोल मॉडल’ का राष्ट्रीय सम्मान मिला है। इससे मेरी जिम्मेदारी और बढ़ गई है कि मैं महिलाओं, युवाओं और दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भर और आत्मविश्वासी बनने के लिए प्रेरित करूं।”
डॉक्टरों ने कहा था कि मैं जीवनभर एक लकड़ी की गुड़िया की तरह रहूंगा
उत्कृष्टता श्रेणी में दिव्यांगजन सशक्तिकरण के लिए राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित सामाजिक कार्यकर्ता निपुण कुमार मल्होत्रा ने कहा कि वे जन्म से ही ‘आर्थ्रोग्राइपोसिस’ नामक दुर्लभ बीमारी से पीड़ित हैं, जिसमें हाथों और पैरों की मांसपेशियां विकसित नहीं होतीं और व्यक्ति को व्हीलचेयर का सहारा लेना पड़ता है। उन्होंने बताया, “डॉक्टरों ने कहा था कि मैं जीवनभर एक लकड़ी की गुड़िया की तरह रहूंगा, लेकिन मैंने एमबीए तक की पढ़ाई की और आज एक संस्था चलाता हूं जो दिव्यांगजनों के लिए काम करती है। अब मेरी जिम्मेदारी है कि मैं और अधिक लोगों को प्रेरित करूं और उनकी मदद करूं।”
मुझे थोड़ा तनाव और दबाव था, लेकिन अब बेहद सम्मानित महसूस कर रहा हूं
गायक मोहम्मद यासीन ने कहा, “मैं तीन केरल राज्य पुरस्कार, तीन राष्ट्रीय पुरस्कार और तीन टेलीविजन पुरस्कार जीत चुका हूं। आज यह सम्मान पाकर मुझे अत्यंत खुशी और गर्व महसूस हो रहा है। मैं कीबोर्ड प्लेयर हूं। यहां आने से पहले मुझे थोड़ा तनाव और दबाव था, लेकिन अब बेहद सम्मानित महसूस कर रहा हूं।”
 

 


श्रीलंका में आपदा प्रभावित लोगों की मदद के लिए भारत ने उठाया बड़ा कदम, हेल्थकेयर फील्ड हॉस्पिटल बनाया

04-Dec-2025
नई दिल्ली (शोर संदेश)। श्रीलंका में तूफान दितवाह की वजह से भारी तबाही मची है। ऐसे में भारत अपने पड़ोसी मुल्क की मदद के लिए लगातार साथ खड़ा है। भारत लोगों को हेल्थकेयर सपोर्ट देने के लिए भारत एक फील्ड हॉस्पिटल बना रहा है।
श्रीलंका में भारतीय दूतावास ने बुधवार को जानकारी दी है। श्रीलंका में भारतीय दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “भारत श्रीलंका में जरूरी और तेजी से तैनात होने वाला एक फील्ड हॉस्पिटल ला रहा है, जिसमें 70 लोग होंगे। यह आपदा से प्रभावित इलाकों में हेल्थकेयर सपोर्ट देगा। तैनात होने पर ये हॉस्पिटल कैसे दिखेंगे, इसकी स्टॉक तस्वीरें देखें।
न्यूज एजेंसी सिन्हुआ ने डिजास्टर मैनेजमेंट सेंटर (डीएमसी) के हवाले से बताया कि बुधवार को श्रीलंका में दितवाह की वजह से मरने वालों की संख्या बढ़कर 474 हो गई है। डीएमसी ने बताया कि 356 लोग अभी लापता हैं, जबकि देशभर में 448,817 परिवारों के 1.58 मिलियन से ज्यादा लोग प्रभावित हुए हैं। 971 घर तबाह हो गए हैं और 40,000 से ज्यादा घरों को थोड़ा नुकसान हुआ है।
श्रीलंका के नेशनल बिल्डिंग रिसर्च ऑर्गेनाइजेशन (राष्ट्रीय भवन संगठन) ने सात जिलों में 215 गंभीर लैंडस्लाइड की रिपोर्ट दी है। भूविज्ञानी (जियोलॉजिस्ट) लक्सिरी इंद्रतिसा ने कहा कि बार-बार चेतावनी के बावजूद कुछ लोगों के घर खाली न करने की वजह से ज्यादा मौतें हुईं।
सिन्हुआ के अनुसार, श्रीलंका कैबिनेट ने दित्वाह से हुए भारी नुकसान के बाद देश में रिकवरी की कोशिशों में मदद के लिए एक फंड बनाने को मंजूरी दी है। फैसले के मुताबिक, “रीबिल्डिंग श्रीलंका” फंड को राष्ट्रपति भवन सचिवालय के तहत एक कानूनी संस्था के तौर पर बनाया जाएगा। इसकी मैनेजमेंट कमेटी में सीनियर सरकारी अधिकारी और प्राइवेट सेक्टर के प्रतिनिधि शामिल होंगे।
इसके अलावा श्रमिक मंत्री और वित्त और प्लानिंग के उपमंत्री अनिल जयंता फर्नांडो को कमेटी का चेयरमैन बनाया गया है। कमेटी को फंड के ऑपरेशन्स को मैनेज करने, रिकवरी की जरूरतों का अंदाजा लगाने, प्रायोरिटी तय करने, रिसोर्स देने और अप्रूव की गई योजनाओं के लिए फंड बांटने का अधिकार होगा। यह मैनेजमेंट और ऑडिटिंग समेत सभी वित्तीय प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करेगी। 

रूसी राष्ट्रपति पुतिन भारत यात्रा पर, सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम

04-Dec-2025
नई दिल्ली (शोर संदेश)। रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन आज गुरुवार को अपनी दो दिन की ऐतिहासिक यात्रा के लिए भारत आ रहे हैं। इस अवसर पर नई दिल्ली रूसी नेता का स्वागत करने के लिए बैनरों से सजा चुकी है। यह एक ऐसे जुड़ाव की शुरुआत है जिसका कूटनीतिक तौर पर काफी महत्व है।
पुतिन गुरुवार को भारत की अपनी दो दिन की यात्रा शुरू करेंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उनके नई दिल्ली पहुंचने के तुरंत बाद उनके लिए एक प्राइवेट डिनर होस्ट करेंगे। शुक्रवार को होने वाला 23वां भारत-रूस सालाना शिखर सम्मेलन ऐसे समय में हो रहा है जब अमेरिका ने भारत पर कड़े प्रतिबंध लगाए हैं, और इसमें व्यापार और ऊर्जा पार्टनरशिप पर चर्चा के साथ-साथ रक्षा सहयोग को मजबूत करने पर ध्यान दिया जाएगा।
यह यूक्रेन पर हमले के बाद पुतिन की भारत की पहली यात्रा है। शुक्रवार को औपचारिक बातचीत शुरू होने से पहले उनका औपचारिक स्वागत किया जाएगा।
इस हाई-प्रोफाइल यात्रा के लिए तैयारियां तेज कर दी गई हैं, क्योंकि अधिकारियों ने रूसी राष्ट्रपति के लिए एक सहज और सुरक्षित प्रवास सुनिश्चित करने के लिए सुरक्षा और लॉजिस्टिक्स व्यवस्था बढ़ा दी है।
शिखर सम्मेलन से पहले, एक व्यापक पांच-स्तरीय सुरक्षा ढांचा लागू किया गया है।
इस व्यवस्था में एलीट नेशनल सिक्योरिटी गार्ड (एनएसजी) कमांडो, संभावित यात्रा मार्गों पर तैनात स्नाइपर्स, ड्रोन सर्विलांस, अनधिकृत संकेतों को बाधित करने के लिए जैमर, और लगातार निगरानी बनाए रखने के लिए एआई-संचालित निगरानी प्रणाली शामिल हैं। मुख्य क्षेत्रों की निर्बाध निगरानी सुनिश्चित करने के लिए हाई-टेक फेशियल रिकग्निशन कैमरे भी लगाए गए हैं।
वरिष्ठ रूसी सुरक्षाकर्मी कर्मी पहले ही राष्ट्रीय राजधानी पहुंच चुके हैं और राष्ट्रपति के काफिले की हर गतिविधि को रियल टाइम में ट्रैक करने और किसी भी संभावित खतरे को बेअसर करने के लिए एनएसजी और दिल्ली पुलिस के साथ मिलकर काम कर रहे हैं।
मल्टीलेयर सुरक्षा दल को रणनीतिक रूप से विभाजित किया गया है, जिसमें एनएसजी टीम, दिल्ली पुलिस और रूस की राष्ट्रपति सुरक्षा सेवा सुरक्षा की जिम्मेदारी को संभालेंगी। प्रधानमंत्री मोदी से बातचीत के दौरान, स्पेशल प्रोटेक्शन ग्रुप (एसपीजी) के कमांडो कोर सुरक्षा घेरे में शामिल होंगे।
यात्रा से जुड़े हर स्थान की पूरी तरह से जांच और सुरक्षा की जा रही है। अधिकारी सुरक्षा में कोई चूक न हो, यह सुनिश्चित करने के लिए व्यापक सावधानी बरत रहे हैं। 

भारतीय नौसेना दिवस : पीएम मोदी ने दी बधाई, कहा- हमारी नौसेना असाधारण साहस और दृढ़ संकल्प का दूसरा नाम है

04-Dec-2025
नई दिल्ली (शोर संदेश)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज गुरुवार को नौसेना दिवस के मौके पर सभी भारतीय नौसेना कर्मियों को बधाई दी और देश की समुद्री सीमाओं की रक्षा करने में नौसेना की बढ़ती आत्मनिर्भरता, पक्के इरादे और बहादुरी की तारीफ की।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, “भारतीय नौसेना के सभी कर्मियों को नौसेना दिवस की बधाई। हमारी नौसेना असाधारण साहस और दृढ़ संकल्प का दूसरा नाम है। वे हमारे तटों की रक्षा करते हैं और हमारे समुद्री हितों को बनाए रखते हैं। हाल के वर्षों में, हमारी नौसेना ने आत्मनिर्भरता और आधुनिकीकरण पर ध्यान केंद्रित किया है। इससे हमारी सुरक्षा व्यवस्था मजबूत हुई है।”
पीएम मोदी ने कहा कि वह इस साल की दीपावली की यादों को हमेशा संजोकर रखेंगे, जो उन्होंने स्वदेशी विमानवाहक पोत आईएनएस विक्रांत पर नौसेना कर्मियों के साथ मनाई थी। भारतीय नौसेना को उनके आने वाले प्रयासों के लिए शुभकामनाएं।
वीडियो संदेश में पीएम मोदी ने कहा- भारतीय नौसेना की ताकत तेजी से बढ़ रही है
एक वीडियो संदेश में, प्रधानमंत्री मोदी ने देश की समुद्री सीमाओं और आर्थिक जीवनरेखाओं को सुरक्षित करने में नौसेना की महत्वपूर्ण भूमिका पर जोर दिया। उन्होंने कहा, “समुद्र में, हमारी नौसेना देश की समुद्री सीमाओं और व्यावसायिक हितों की रक्षा करने के लिए दृढ़ संकल्पित है, चाहे वे ऑफशोर पेट्रोल वेसल हों, पनडुब्बियां हों या विमानवाहक पोत। आज, भारतीय नौसेना की ताकत तेजी से बढ़ रही है।”
उन्होंने आगे कहा कि भारत की परंपरा हमेशा से वैश्विक भलाई के लिए ताकत का इस्तेमाल करने की रही है, भारत की परंपरा शक्ति और ताकत की रही है। हमारा ज्ञान, हमारी ताकत और हमारी शक्ति मानवता की सेवा और मानवता की सुरक्षा के लिए है। आज, जब देश की आर्थिक व्यवस्था आपस में जुड़ी हुई दुनिया और प्रगतिशील समुद्री सीमाओं पर निर्भर है, तो भारत की नौसेना वैश्विक स्थिरता में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
इस बीच, भारतीय नौसेना ने बुधवार को केरल के तिरुवनंतपुरम तट पर एक ऑपरेशनल शोकेस में अपनी बढ़ती समुद्री क्षमताओं का प्रदर्शन किया।
स्वदेशी विमानवाहक पोत आईएनएस विक्रांत से लेकर फ्रंटलाइन फ्रिगेट उदयगिरि तक, इस कार्यक्रम में बल की मल्टी-डोमेन युद्ध की तैयारी को उजागर किया गया। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु, जो सशस्त्र बलों की सुप्रीम कमांडर हैं, ने नौसेना दिवस समारोह के हिस्से के तौर पर शंगुमुघम बीच से इस डिस्प्ले को देखा।
इस प्रदर्शन में आईएएनएस विक्रांत समेत कुल 19 बड़े युद्धपोत, एक सबमरीन, चार फास्ट इंटरवेंशन वेसल और 32 एयरक्राफ्ट शामिल थे, जिनमें फाइटर जेट, सर्विलांस प्लेन और हेलीकॉप्टर शामिल थे। यह नेवी की बढ़ती ऑपरेशनल पहुंच और तैयारी को दिखाता है।
भारतीय नौसेना दिवस हर साल 4 दिसंबर को भारतीय नौसेना की उपलब्धियों और राष्ट्रीय सुरक्षा में उसके योगदान को याद करने के लिए मनाया जाता है। यह तारीख 1971 के युद्ध में नौसेना की सफलता की याद दिलाती है, जब ऑपरेशन ट्राइडेंट के तहत, भारतीय सेना ने पीएनएस खैबर सहित चार पाकिस्तानी जहाजों को डुबो दिया था। 

मोदी आज मिलेंगे बंगाल BJP सांसदों से, विधानसभा चुनाव 2026 पर रणनीति तेज

03-Dec-2025
नई दिल्ली । ( शोर संदेश ) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बुधवार को संसद में पश्चिम बंगाल के सभी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सांसदों से मुलाकात करेंगे। सूत्रों ने इस बात की जानकारी दी है। यह बैठक 9 दिसंबर को पश्चिम बंगाल सहित 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) पर संसदीय चर्चा से पहले हो रही है। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने इससे पहले बताया था कि लोकसभा अध्यक्ष की अध्यक्षता में हुई सर्वदलीय बैठक के दौरान, 8 दिसंबर को राष्ट्रीय गीत 'वंदे मातरम' की 150वीं वर्षगांठ पर लोकसभा में चर्चा और 9 दिसंबर को चुनाव सुधारों पर चर्चा करने का निर्णय लिया गया था।
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) पश्चिम बंगाल में एसआईआर प्रक्रिया की कट्टर विरोधी रही है। सांसदों के साथ प्रधानमंत्री मोदी की यह बैठक इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि राज्य में 2026 में विधानसभा चुनाव होने हैं। पश्चिम बंगाल संसद में भी चर्चा में आया जब लोकसभा में प्रश्नकाल के दौरान राज्य में प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना (पीएमएमएसवाई) और पशुपालन विकास कोष (एएचआईडीएफ) के तहत आवंटित धनराशि से संबंधित एक प्रश्न उठाया गया।
प्रश्न का उत्तर देते हुए, केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह (उर्फ ललन सिंह) ने धनराशि का अवलोकन प्रस्तुत किया। केंद्रीय मंत्री ने सदन को बताया, "अगर हमें विकसित भारत बनाना है, तो हर राज्य का विकास ज़रूरी है। जब तक हम हर राज्य का विकास नहीं करेंगे, यह संभव नहीं है। इसी को ध्यान में रखते हुए, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश भर में मत्स्य उद्योग में क्रांति लाने के लिए पीएमएमएसवाई शुरू की है। लेकिन दुख की बात है कि पश्चिम बंगाल ने इसका समर्थन नहीं किया।"
इस बीच, संसद सत्र के तीसरे दिन में प्रवेश करते ही, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा कार्यसूची के अनुसार, लोकसभा में केंद्रीय उत्पाद शुल्क (संशोधन) विधेयक, 2025 को विचार और पारित कराने के लिए पेश करने की संभावना है। इस विधेयक का उद्देश्य केन्द्रीय उत्पाद शुल्क अधिनियम, 1944 में संशोधन करके तम्बाकू उत्पादों पर उत्पाद शुल्क और उपकर बढ़ाना है।












 


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