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संयुक्त राष्ट्र महासभा के सालाना सत्र में हिस्सा लेने न्यूयॉर्क पहुंचे ईरान के विदेश मंत्री अराघची

22-Sep-2026
नई दिल्ली ( शोर संदेश ) । संयुक्त राष्ट्र महासभा की वार्षिक बैठक के 81वें सत्र में भाग लेने के ल‍िए ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची, एक राजनयिक प्रतिनिधिमंडल के साथ सोमवार दोपहर न्यूयॉर्क पहुंचे। ईरान के व‍िदेश मंत्रालय के अनुसार, संयुक्त राष्ट्र महासभा के सालाना शिखर सम्मेलन में अराघची इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान का पक्ष रखेंगे।

ईरान के व‍िदेश मंत्रालय के प्रवक्‍ता इस्‍माइल बाघेई ने सोशल मीड‍िया प्‍लेटफॉर्म ‘एक्‍स’ पोस्‍ट पर यह जानकारी साझा की। बाघेई ने पोस्‍ट में ल‍िखा, ”ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची सोमवार दोपहर एक राजनयिक प्रतिनिधिमंडल के साथ न्यूयॉर्क पहुंचे। वह वहां संयुक्त राष्ट्र महासभा के सालाना सत्र की बैठकों और चर्चाओं में हिस्सा लेंगे। न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र का मुख्यालय भी है। महासभा के अलग-अलग एजेंडे और बैठकों में हिस्सा लेने के साथ-साथ ईरानी विदेश मंत्री इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान का रुख भी सामने रखेंगे।”

उन्‍होंने बताया क‍ि इसके अलावा, वह इस सम्मेलन में आए कई देशों के अधिकारियों और विदेश मंत्रियों के साथ बातचीत और विचार-विमर्श भी करेंगे। बाघेई ने कहा क‍ि संयुक्त राष्ट्र महासभा का 81वां सालाना सत्र मंगलवार से राष्ट्राध्यक्षों के भाषणों के साथ शुरू होगा। इस बार इसका संदेश ‘रीबिल्डिंग ट्रस्ट’ यानी ‘भरोसा फिर से कायम करना’ है।
इससे पहले सोमवार को ही अमेर‍िका ने राष्ट्रपति पेजेश्कियन की टीम को वीजा देने से इनकार कर द‍िया।

अमेरिका ने ईरानी डेलिगेशन को संयुक्त राष्ट्र महासभा के लिए आने की मंजूरी तो दे दी है, लेकिन पिछले साल की तरह ही कुछ पाबंदियां भी लगाई हैं। जैसे उदाहरण के लिए, विदेश विभाग ने गुरुवार को कहा कि ईरानी डेलिगेशन को लग्जरी सामान या अन्य चीजें खरीदने की इजाजत नहीं होगी।

ईरान की मीडिया ने सोमवार को बताया कि संयुक्त राष्ट्र महासभा की वार्षिक बैठक के 81वें सत्र में शामिल हो रहे राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन की कम्युनिकेशन टीम को अमेरिका ने वीजा देने से इनकार कर दिया है। ईरानी राष्ट्रपति कार्यालय के एक प्रवक्ता का हवाला देते हुए यह खबर दी और कहा कि पेजेश्कियन बुधवार को यूएन जनरल असेंबली को संबोधित करेंगे। पेजेश्कियन न्यूयॉर्क के लिए आज मंगलवार को रवाना होंगे।
 

 


एनजीटी सम्मेलन में पर्यावरण संरक्षण, जलवायु न्याय और अंतर्राष्ट्रीय सहयोग पर जोर

21-Sep-2026
नई दिल्ली।  (शोर संदेश) राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने रविवार को नई दिल्ली में राष्ट्रीय हरित न्यायाधिकरण (एनजीटी) के दो दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन ‘पर्यावरण और जलवायु गतिशीलता का भविष्य’ के समापन सत्र को संबोधित किया। सम्मेलन का समापन एक सतत, जुझारू और न्यायसंगत भविष्य के लिए पर्यावरणीय प्रतिबद्धताओं को प्रभावी कार्रवाई में बदलने, मजबूत संस्थानों के निर्माण और निरंतर अंतर्राष्ट्रीय सहयोग पर जोर के साथ हुआ। समापन सत्र में केंद्रीय आवास एवं शहरी मामलों और विद्युत मंत्री मनोहर लाल, सर्वोच्च न्यायालय की न्यायाधीश न्यायमूर्ति बी.वी. नागरत्ना, एनजीटी के अध्यक्ष न्यायमूर्ति प्रकाश श्रीवास्तव और भारत के सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता मौजूद रहे।
राष्ट्रपति ने अपने संबोधन में पर्यावरण प्रशासन को मजबूत करने में राष्ट्रीय हरित न्यायाधिकरण की भूमिका की सराहना की। उन्होंने पारंपरिक ज्ञान पर आधारित जन-केंद्रित और समुदाय-आधारित अनुकूलन दृष्टिकोणों के जरिए जलवायु सुदृढ़ीकरण पर जोर दिया। उन्होंने पर्यावरणीय चुनौतियों से निपटने के लिए स्थानीय समुदायों की भागीदारी और उनके अनुभवों को महत्व देने की आवश्यकता रेखांकित की।
मनोहर लाल ने तीव्र विकास और पर्यावरणीय स्थिरता के बीच संतुलन बनाए रखने के भारत के प्रयासों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि देश की कुल स्थापित ऊर्जा उत्पादन क्षमता का लगभग 55% गैर-जीवाश्म स्रोतों से प्राप्त होता है। उन्होंने कहा कि भारत ने अपनी 50% गैर-जीवाश्म क्षमता का लक्ष्य निर्धारित समय से पांच साल पहले ही हासिल कर लिया है। मंत्री ने सतत शहरी विकास, जल सुरक्षा, सार्वजनिक परिवहन, हरित गतिशीलता और इलेक्ट्रिक वाहनों से जुड़ी पहलों का भी उल्लेख किया। उन्होंने जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए सकारात्मक और सामूहिक कार्रवाई की आवश्यकता पर जोर दिया।
न्यायमूर्ति बी.वी. नागरत्ना ने कहा कि पर्यावरण प्रशासन को विकास और संरक्षण तथा वर्तमान जरूरतों और भविष्य के हितों के बीच संतुलन बनाए रखना चाहिए। इसमें विभिन्न समुदायों और पीढ़ियों पर पड़ने वाले प्रभावों को भी ध्यान में रखना जरूरी है। उन्होंने भारत के सर्वोच्च न्यायालय के पर्यावरण-केंद्रित दृष्टिकोण की ओर बदलाव का उल्लेख करते हुए प्रभावी संस्थानों, प्रवर्तन, पारदर्शिता, जवाबदेही और न्याय तक पहुंच पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि जलवायु परिवर्तन, जैव विविधता का नुकसान, प्रदूषण और जल संकट जैसी परस्पर जुड़ी चुनौतियों से निपटने के लिए विभिन्न न्यायक्षेत्रों के बीच सहयोग, ज्ञान का आदान-प्रदान और देशों के बीच साझा उत्तरदायित्व जरूरी है।
एनजीटी के अध्यक्ष न्यायमूर्ति प्रकाश श्रीवास्तव ने कहा कि दो दिन की चर्चाओं ने पर्यावरणीय चुनौतियों की पहचान करने से आगे बढ़कर उनसे निपटने में सक्षम कानूनों, संस्थानों और साझेदारियों के निर्माण की आवश्यकता को रेखांकित किया है। उन्होंने कहा कि जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए संवेदनशील समुदायों और भावी पीढ़ियों को ध्यान में रखते हुए समावेशी और न्यायसंगत कार्रवाई जरूरी है। उन्होंने कहा कि पर्यावरण कानून को उत्तरदायी और भविष्योन्मुखी बने रहना चाहिए। इसमें प्रौद्योगिकी, नवाचार, सतत वित्त और न्यायसंगत बदलाव जैसे पहलुओं को शामिल किया जाना चाहिए।
सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि पर्यावरणीय चुनौतियों से निपटने के लिए कानून, शासन, विज्ञान, अर्थशास्त्र और समाज के संयुक्त ज्ञान की आवश्यकता है। उन्होंने वैज्ञानिक आकलन, नवाचार और सतत विकास के समर्थन से जैव विविधता संरक्षण को जलवायु परिवर्तन से निपटने और विकास के साथ संतुलित करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण मानव प्रगति में बाधा नहीं, बल्कि सतत प्रगति की एक शर्त है। इसके लिए सशक्त संस्थाओं, प्रभावी कार्यान्वयन और जिम्मेदार शासन की आवश्यकता है।
इस अवसर पर मनोहर लाल ने ‘हरित न्यायम’ शीर्षक से एनजीटी की स्मारिका का विमोचन किया और इसकी पहली प्रति राष्ट्रपति को भेंट की। यह दस्तावेज न्यायाधिकरण की स्थापना, विकास और उपलब्धियों का विस्तृत विवरण प्रस्तुत करता है। इसमें सम्मेलन के दौरान सामने आए विचारों, दृष्टिकोणों और सामूहिक संकल्प को भी दर्ज किया गया है। यह नीति निर्माताओं, विधि समुदाय और नागरिकों के लिए संदर्भ सामग्री के रूप में उपयोगी होगा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 19 सितंबर 2026 को दो दिवसीय सम्मेलन का उद्घाटन किया था। इसमें संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम (यूएनईपी) और एशियाई विकास बैंक (एडीबी) के प्रतिनिधियों के साथ 17 देशों के न्यायविद, शिक्षाविद, नीति निर्माता, वैज्ञानिक, पर्यावरण विशेषज्ञ और अन्य हितधारक शामिल हुए। सम्मेलन में न्यायिक, वैज्ञानिक, नीतिगत और संस्थागत सर्वोत्तम प्रथाओं पर संवाद तथा ज्ञान के आदान-प्रदान के लिए मंच उपलब्ध कराया गया। साथ ही पर्यावरण और जलवायु से जुड़ी गंभीर चुनौतियों से निपटने के लिए सहयोगात्मक कार्रवाई पर चर्चा हुई।
 

 


केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान आज ‘नशा मुक्त पंजाब यात्रा’ में होंगे शामिल

21-Sep-2026
नई दिल्ली।  (शोर संदेश) केंद्रीय कृषि और ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान आज सोमवार को पंजाब के एक दिन के दौरे पर जाएंगे, जहां वे भाजपा की ‘नशा मुक्त पंजाब यात्रा’ (ड्रग-फ्री पंजाब अभियान) में शामिल होंगे। अपनी यात्रा के दौरान, चौहान नशीली दवाओं के दुरुपयोग के खिलाफ भाजपा के अभियान में शामिल होने से पहले तलवंडी साबो में तख्त श्री दमदमा साहिब में मत्था टेकेंगे। सुबह 10:00 बजे, वह तलवंडी साबो में रविदासिया चौक पर स्थित दाना मंडी में ‘नशा मुक्त पंजाब यात्रा’ का उद्घाटन करेंगे और उसमें हिस्सा लेंगे।
केंद्रीय मंत्री मैसरखाना में एक जनसभा को भी संबोधित करेंगे और बठिंडा में किसानों और स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं के साथ सीधी बातचीत करेंगे। उनकी यह भागीदारी ऐसे समय में हो रही है जब चार दिन का यह अभियान अपने आखिरी चरण में है; यात्रा बठिंडा पहुंचेगी और भाजपा के राज्य-व्यापी जनसंपर्क कार्यक्रम का समापन होगा।
भाजपा ने 18 सितंबर को बड़े पैमाने पर ‘नशा मुक्त पंजाब यात्रा’ शुरू की थी, और यह अभियान पंजाब के अलग-अलग हिस्सों से होकर गुजरा है। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने शुक्रवार को पठानकोट जिले के माधोपुर में एकता स्थल से पहली यात्रा को हरी झंडी दिखाई थी।
दूसरी यात्रा 19 सितंबर को फतेहगढ़ साहिब से शुरू हुई थी और इसे दिल्ली की नेता रेखा गुप्ता ने हरी झंडी दिखाई थी।
तीसरी यात्रा 20 सितंबर को फाजिल्का में सादिकी बॉर्डर से, आसफवाला 1971 युद्ध स्मारक के पास, शुरू हुई थी और इसे कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने हरी झंडी दिखाई थी। चार दिन की यह यात्रा पठानकोट में शुरू हुई थी और बठिंडा में इसका समापन होगा। इस दौरान राज्य के कई अहम जिलों को कवर किया जाएगा।
यह अभियान नशीली दवाओं के दुरुपयोग के मुद्दे पर केंद्रित है, जो पंजाब में एक बड़ी चिंता और राजनीतिक चर्चा का अहम विषय रहा है। इस यात्रा के जरिए, भाजपा नशीली दवाओं के बुरे असर के बारे में जागरूकता फैलाना चाहती है और नशा-मुक्त पंजाब बनाने के लिए अपनी सोच और प्रस्तावित योजना को सामने रखना चाहती है।
चौहान समेत भाजपा के वरिष्ठ नेताओं की भागीदारी से अभियान को राजनीतिक गति मिलने की उम्मीद है, साथ ही इससे राज्य भर में पार्टी के संगठनात्मक नेटवर्क और जनसंपर्क को भी मजबूती मिलेगी।






 

 


जेलेंस्की न्यूयॉर्क में ट्रंप से करेंगे मुलाकात, बोले- शांति की दिशा में ‘गंभीर कदम’ उठाने को तैयार यूक्रेन

21-Sep-2026
नई दिल्ली।  (शोर संदेश) यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने कहा है कि उन्होंने और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने न्यूयॉर्क में मुलाकात करने पर सहमति जताई है। जेलेंस्की ने कहा कि यूक्रेन, अमेरिकी टीम के साथ मिलकर शांति की दिशा में गंभीर कदम उठाने के लिए तैयार है।
ट्रंप से बातचीत के बाद जेलेंस्की ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्‍स’ पर एक पोस्ट में कहा, “हम न्यूयॉर्क में मिलने पर सहमत हुए हैं और यह बैठक बहुत कुछ बदल सकती है। कूटनीतिक स्तर पर आगेबढ़ने का माहौल बना है।”
हालांकि, जेलेंस्की ने यह नहीं बताया कि यह बैठक किस तारीख को होगी या दोनों नेता इस बैठक में किन मुद्दों पर सहमति बनाने की कोशिश करेंगे। उनकी पोस्ट में उन मुद्दों का जिक्र किया गया, जिन पर बातचीत चल रही है, लेकिन किसी शांति समझौते या किसी कदम को लागू करने की समयसीमा का ऐलान नहीं किया गया।
जेलेंस्की ने ट्रंप के साथ हुई बातचीत को अहम बताया और कहा कि इसमें कई जरूरी मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई। उन्होंने साफ किया कि अमेरिकी टीम के साथ यूक्रेन की बातचीत में शांति हासिल करना सबसे बड़ी प्राथमिकता है। उन्होंने कहा, “शांति की दिशा में आगे बढ़ना हमारी पहली प्राथमिकता है।”
यूक्रेनी राष्ट्रपति ने कहा कि तनाव कम करने के संभावित कदमों के साथ-साथ ऊर्जा सुरक्षा, खाद्य सुरक्षा और लोगों की जान की सुरक्षा जैसे मुद्दों पर भी विचार किया जा रहा है। हालांकि, उन्होंने यह नहीं बताया कि इस संबंध में कौन-कौन से खास प्रस्ताव रखे गए हैं या उन्हें जमीन पर कैसे लागू किया जाएगा।
जेलेंस्की ने कहा क‍ि तनाव कम करने के कदमों और सुरक्षा से जुड़े बुनियादी मुद्दों को हल करने के लिए कुछ सुझाव हैं। इनमें ऊर्जा सुरक्षा, खाद्य सुरक्षा और लोगों की जान की सुरक्षा शामिल हैं। जेलेंस्की ने संकेत दिया कि यूक्रेन इन मुद्दों पर आगे कदम उठाने के लिए तैयार है और अमेरिकी अधिकारियों के साथ काम जारी है। उन्होंने कहा, “हम अमेरिकी टीम के साथ मिलकर काम कर रहे हैं और वास्तव में गंभीर कदम उठाने के लिए तैयार हैं।”
हालांकि, उन्होंने यह साफ नहीं किया कि ये कदम क्या होंगे या इनके बदले दूसरे पक्ष को भी कोई कदम उठाना होगा या नहीं। उनकी पोस्ट में रूस की तरफ से किसी प्रतिबद्धता का भी जिक्र नहीं किया गया। 










 

नशा मुक्त भारत के संकल्प से जुड़े 4 लाख से अधिक युवा, 1,000 से ज्यादा जगहों पर आयोजन

21-Sep-2026
नई दिल्ली।  (शोर संदेश) ‘विकसित भारत के लिए नशा मुक्त युवा–100 सप्ताह नशा मुक्त युवा अभियान’ के तहत राष्ट्रीय संकल्प समारोह का आयोजन देशभर में 1,000 से अधिक स्थानों पर किया गया। इसमें 4 लाख से अधिक युवाओं और नागरिकों ने भाग लिया। देशव्यापी जनभागीदारी के दौरान युवाओं, साझेदार संगठनों और समुदायों ने नशा मुक्त भारत के निर्माण के प्रति सामूहिक प्रतिबद्धता जताई।
कार्यक्रम का आयोजन 460 माई भारत जिलों, माई भारत के साझेदार संगठनों के 240 स्थानों तथा आध्यात्मिक संगठनों, उद्योग संघों और विश्वविद्यालय संघों द्वारा 300 से अधिक स्थानों पर किया गया। इसके जरिए युवाओं और नागरिकों को नशा मुक्त युवा आंदोलन से जुड़ने के लिए व्यापक मंच उपलब्ध कराया गया।
राष्ट्रीय संकल्प समारोह सामूहिक संकल्प और युवाओं के नेतृत्व में भागीदारी पर केंद्रित रहा। प्रतिभागियों ने नशा मुक्त शपथ और हस्ताक्षर अभियान में हिस्सा लिया। कार्यक्रम के दौरान युवाओं के नेतृत्व में चर्चाओं, जागरूकता गतिविधियों और अन्य स्थानीय पहलों सहित विभिन्न रचनात्मक और सहभागिता गतिविधियों को भी प्रोत्साहित किया गया। इन गतिविधियों के जरिए नशा मुक्त जीवनशैली का संदेश समुदायों तक पहुंचाने का प्रयास किया गया।
देशव्यापी जनभागीदारी से ‘विकसित भारत के लिए नशा मुक्त युवा’ अभियान में युवाओं और साझेदार संगठनों की बढ़ती भागीदारी सामने आई। अभियान का उद्देश्य जागरूकता, रोकथाम, स्वस्थ विकल्पों और युवाओं की सकारात्मक भागीदारी को बढ़ावा देना है। संस्थानों, संगठनों और समुदायों को एक मंच पर लाकर संकल्प समारोह ने युवाओं के बीच सूचित विकल्पों और स्वस्थ जीवनशैली के महत्व को मजबूत करने का प्रयास किया।
यह कार्यक्रम ‘100 सप्ताह नशा मुक्त युवा अभियान’ का हिस्सा है, जिसे रोकथाम, जागरूकता, स्वास्थ्य, फिटनेस और जीवन कौशल पर केंद्रित सतत युवा आंदोलन के रूप में परिकल्पित किया गया है। गतिविधियों के प्रारंभिक चरण में तीन विषयों—‘मेरा स्वास्थ्य, मेरा गौरव’, ‘फिट युवा, नशा मुक्त युवा’ और ‘जीवन कौशल माह’—को शामिल किया गया है। इनके माध्यम से समुदाय आधारित और युवा-केंद्रित गतिविधियों के जरिए युवाओं की भागीदारी को लगातार प्रोत्साहित किया जाएगा।
20 सितंबर को हुई देशव्यापी भागीदारी 18 सितंबर को अभियान के तहत विभिन्न संस्थानों और समुदायों में आयोजित गतिविधियों के बाद हुई। इस दो दिवसीय जनभागीदारी के दौरान शपथ, हस्ताक्षर, संवाद और सामुदायिक गतिविधियों के माध्यम से युवाओं और नागरिकों को अभियान से जोड़ा गया।
राष्ट्रीय संकल्प समारोह ने इस बात को रेखांकित किया कि नशा मुक्त भारत का निर्माण सामूहिक प्रयास है। इसके लिए युवाओं, संस्थानों और समुदायों की निरंतर जागरूकता, सकारात्मक विकल्पों और सक्रिय भागीदारी की आवश्यकता है।
युवा मामले और खेल मंत्रालय ‘विकसित भारत के लिए नशा मुक्त युवा–100 सप्ताह नशा मुक्त युवा अभियान’ के तहत युवाओं के नेतृत्व वाली सहभागिता को लगातार सुगम बनाता रहेगा। मंत्रालय युवाओं को निरंतर भागीदारी और सकारात्मक कार्रवाई के जरिए नशा मुक्त जीवनशैली का संदेश आगे बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित करेगा।

 

राष्ट्रपति ट्रंप ने प्रधानमंत्री मोदी के मादक पदार्थों से निपटने के प्रयास की सराहना की

17-Sep-2026
नई दिल्ली। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा मादक पदार्थों से निपटने के लिए किए जा रहे प्रयासों का स्वागत किया।
भारत में संयुक्त राज्य अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर ने कहा कि बुधवार सुबह राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने विश्व भर में अवैध मादक पदार्थों से निपटने पर एक वैश्विक रिपोर्ट जारी की। प्रधानमंत्री मोदी ने अवैध मादक पदार्थों से लड़ने में सराहनीय कार्य किया है और संयुक्त राज्य अमेरिका उनके प्रयासों की सराहना करता है। हमारे दोनों देश मिलकर मादक पदार्थों से लड़ना जारी रखेंगे।
वहीं, अमेरिकी विदेश विभाग ने एक बयान में कहा कि मैं प्रधानमंत्री मोदी और भारत सरकार द्वारा अवैध अफीम की खेती को रोकने और आपूर्ति श्रृंखला की अखंडता को मजबूत करने के प्रयासों का स्वागत करता हूं। मैं अमेरिका-भारत मादक पदार्थ नीति ढांचे के माध्यम से निरंतर सहयोग की आशा करता हूं।
अमेरिका ने भारत को अफगानिस्तान, बहामास, बेलीज, बोलीविया, बर्मा, चीन, कोलंबिया, कोस्टा रिका, डोमिनिकन गणराज्य, इक्वाडोर, अल सल्वाडोर, ग्वाटेमाला, हैती, होंडुरास, जमैका, लाओस, मैक्सिको, निकारागुआ, पाकिस्तान, पनामा, पेरू और वेनेजुएला के साथ 2027 के लिए प्रमुख अवैध मादक पदार्थों के उत्पादक या पारगमन देशों की सूची में शामिल किया है।
अमेरिका ने स्पष्ट किया कि सूची में होने का मतलब यह नहीं है कि कोई सरकार मादक पदार्थों से लड़ने में विफल रही है। इसके बजाय, देशों को भौगोलिक, वाणिज्यिक और आर्थिक कारकों के कारण शामिल किया जाता है जो उन्हें प्राकृतिक पारगमन या उत्पादन केंद्र बनाते हैं, भले ही उनकी सरकारों ने सख्त और सक्रिय मादक पदार्थों के खिलाफ प्रवर्तन उपाय लागू किए हों।
इस बीच, ट्रंप ने मादक पदार्थों की तस्करी और नार्कोटेररिस्ट संगठनों से निपटने में अपने प्रशासन द्वारा की गई ‘ऐतिहासिक प्रगति’ का उल्लेख किया। उन्होंने कड़ी सीमा सुरक्षा, मादक पदार्थों की कम जब्ती और मादक पदार्थों के ओवरडोज से होने वाली मौतों में कमी को प्रगति के प्रमाण के रूप में पेश किया।
राष्ट्रपति ट्रंप ने दावा किया कि चार साल की ‘खुली सीमा अराजकता’ के बाद अमेरिकी दक्षिणी सीमा पर मादक पदार्थों की जब्ती आधे से अधिक कम हो गई है। उन्होंने यह भी कहा कि मादक पदार्थों के ओवरडोज से होने वाली मौतों में ‘भारी गिरावट’ आई है और दावा किया कि प्रशासन ने हजारों अमेरिकी नागरिकों की जान बचाई है। 
 

गृह मंत्रालय ने शहजाद भट्टी नेटवर्क को UAPA के तहत आतंकवादी संगठन घोषित किया

17-Sep-2026
नई दिल्ली। गृह मंत्रालय ने शहजाद भट्टी नेटवर्क को गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) के तहत आतंकवादी संगठन घोषित किया है। मंत्रालय ने बुधवार को एक बयान जारी कर इसकी जानकारी दी।
गृह मंत्री अमित शाह ने सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर एक पोस्ट में कहा, “आदरणीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के आतंकवाद के प्रति जीरो टॉलरेंस के संकल्प को आगे बढ़ाते हुए गृह मंत्रालय ने शहजाद भट्टी नेटवर्क को UAPA के तहत आतंकवादी संगठन घोषित किया है। यह संगठन सीमापार हथियारों, विस्फोटकों और मादक पदार्थों की तस्करी में संलिप्त है।”
एक्स पोस्ट में उन्होंने आगे बताया कि यह युवाओं और छोटे-मोटे अपराधियों को आतंकवाद के लिए भड़काने का काम करता है। भारत की लोकतांत्रिक व्यवस्था और सामाजिक सौहार्द के ताने-बाने को निशाना बनाते हुए इस सिंडिकेट ने नफरत भरी डिजिटल सामग्री भी प्रकाशित की है।
गौरतलब हो, भारत सरकार आतंकवाद के प्रति ‘जीरो टॉलरेंस’ (Zero Tolerance) यानी इसे बिल्कुल सहन न करने की सख्त नीति पर काम कर रही है, जिसके तहत देश की सुरक्षा को मजबूत और आतंकवाद के इकोसिस्टम को पूरी तरह ध्वस्त किया जा रहा है।

PM मोदी के जन्मदिन पर शुभकामनाओं की बौछार, चंद्रबाबू नायडू, नीतीश कुमार समेत कई नेताओं ने दी बधाई

17-Sep-2026
नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नीत एनडीए के घटक दलों के प्रमुख नेताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन पर उन्हें शुभकामनाएं दी हैं। सभी ने पीएम मोदी के स्वस्थ और सुदीर्घ जीवन की कामना की। केंद्रीय भारी उद्योग और इस्पात मंत्री व जेडीएस नेता एचडी कुमारस्वामी ने पीएम मोदी को जन्मदिन की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने लिखा, “उनकी 25 वर्षों की अटूट जनसेवा और राष्ट्र-निर्माण की असाधारण यात्रा स्वतंत्र भारत के इतिहास में एक अहम अध्याय है।”
एचडी कुमारस्वामी ने ‘एक्स’ पोस्ट में कहा, “गुजरात के मुख्यमंत्री के तौर पर अपने कार्यकाल में उन्होंने गवर्नेंस के नए मानक स्थापित किए और 2014 से प्रधानमंत्री के रूप में दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र का नेतृत्व किया। उनका यह सफर दूरदर्शी सोच, दृढ़ संकल्प और बदलाव लाने वाले नेतृत्व का उदाहरण रहा है। उनके नेतृत्व में भारत ने कई क्षेत्रों में उल्लेखनीय प्रगति की है और दुनिया की प्रमुख आर्थिक ताकतों में से एक बनकर उभरा है। उनकी दूरदर्शी सोच ने आगे बढ़ रहे देश में नया आत्मविश्वास जगाया है और भारत को वैश्विक मंच पर मजबूती से स्थापित किया है।”
एचडी कुमारस्वामी ने कहा कि इस खास मौके पर मैं ईश्वर से प्रार्थना करता हूं कि वे पीएम नरेंद्र मोदी को उत्तम स्वास्थ्य, अपार शक्ति व असीम ऊर्जा प्रदान करें और उन्हें देश की सेवा में और भी कई वर्षों तक समर्पित रहने का सौभाग्य दें। उन्होंने लिखा, “हम ‘विकसित भारत 2047’ के उनके विजन को साकार करने की दिशा में योगदान देने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं।”
केंद्रीय राज्य मंत्री और राष्ट्रीय लोक दल के अध्यक्ष जयंत चौधरी ने पोस्ट किया, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएं। मैंने व्यक्तिगत रूप से उनके काम करने के तरीके को करीब से देखकर बहुत कुछ सीखा है। मोदी जी के अटूट संकल्प और लीक से हटकर नए और रचनात्मक काम करने के तरीके की वजह से उन्हें इतने सालों की जन-सेवा के दौरान लोगों का जबरदस्त समर्थन मिला है।”
जयंत चौधरी ने आगे लिखा, “मुझे पूरा भरोसा है कि इस खुशी के मौके पर हमारे नागरिकों की ओर से लिया गया ‘सेवा संकल्प’ हमें सामाजिक जिम्मेदारियों को पूरा करने और भविष्य में मजबूत, समावेशी और टिकाऊ विकास के तरीकों को और मजबूत बनाने की दिशा में और अधिक मेहनत करने के लिए प्रेरित करेगा।”जदयू के अध्यक्ष नीतीश कुमार ने लिखा, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को जन्मदिन की हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं। उनके स्वस्थ और सुदीर्घ जीवन की कामना है।”
आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री और टीडीपी प्रमुख चंद्रबाबू नायडू ने पीएम मोदी को शुभकामनाएं देते हुए लिखा, “भारत के सबसे लंबे समय तक लोकतांत्रिक रूप से चुने गए प्रधानमंत्री के तौर पर, आपका नेतृत्व सचमुच ऐतिहासिक रहा है। जन-सेवा के 25 शानदार वर्षों में, गुजरात के एक परिवर्तनकारी मुख्यमंत्री से लेकर देश के एक क्रांतिकारी प्रधानमंत्री के रूप में मार्गदर्शन करने तक, आपने भारत की विकास यात्रा को नई गति दी है।”
नायडू ने आगे लिखा, “‘सेवा, संकल्प और सुशासन’ का आपका विजन देश भर के 140 करोड़ नागरिकों को प्रेरित करता है। भगवान वेंकटेश्वर आपको भारत की सेवा में एक लंबा, स्वस्थ और समृद्ध जीवन प्रदान करें।” केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री और लोक जनशक्ति पार्टी के अध्यक्ष चिराग पासवान ने लिखा, “मेरे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी, आपको जन्मदिन की हृदय से हार्दिक बधाई व अनंत शुभकामनाएं।” उन्होंने लिखा, “पापा के जाने के बाद मैंने आपको सिर्फ देश के प्रधानमंत्री के रूप में नहीं, बल्कि अपने अभिभावक के रूप में भी देखा है। मेरे प्रधानमंत्री जी, आपसे मैंने बहुत कुछ सीखा है और आज भी हर दिन कुछ नया सीख रहा हूं। मेरी यही कामना है कि आपके दिखाए मार्ग और आपके संकल्पों से प्रेरणा लेकर मैं आगे बढ़ूं और आपके सपनों के भारत के साथ-साथ मेरे पिता, श्रद्धेय रामविलास पासवान जी के सपनों के भारत के निर्माण में अपना योगदान दे सकूं।”
चिराग पासवान ने लिखा, “आपका स्नेह और आशीर्वाद मुझपर हमेशा बना रहे, यही ईश्वर से प्रार्थना है। मैं ईश्वर से प्रार्थना करता हूं कि आप सदैव स्वस्थ रहें, दीर्घायु हो और मुझ जैसे करोड़ो युवाओं को अपनी प्रेरणा देते रहें। जन्मदिन की पुनः हार्दिक शुभकामनाएं, आदरणीय प्रधानमंत्री जी।”
इस अवसर पर शिवसेना प्रमुख एकनाथ शिंदे ने एक कविता के जरिए पीएम मोदी को जन्मदिन की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने लिखा, “भारत की तरक्की की कहानी हैं मोदी, हर नागरिक के दिल की ज़ुबानी हैं मोदी। गरीब कल्याण की निशानी हैं मोदी, इस युवा देश की जवानी हैं मोदी। हर मुश्किल में हिम्मत की रवानी हैं मोदी, दुश्मनों के लिए बिजली-तूफानी हैं मोदी। 140 करोड़ सपनों की रूहानी हैं मोदी, नए भारत की निशानी हैं मोदी।” उन्होंने आगे लिखा, “देश के लोकप्रिय, यशस्वी और तेजस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी को जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएं। ईश्वर उन्हें स्वस्थ रखें, दीर्घायु बनाएं और विकसित भारत के महान संकल्प को पूरा करने की शक्ति प्रदान करें।”
केंद्रीय मंत्री और अपना दल-एस की प्रमुख अनुप्रिया पटेल ने पीएम मोदी के जन्मदिन पर शुभकामनाएं देते हुए लिखा, “आपके नेतृत्व में भारत ने आत्मविश्वास, आत्मनिर्भरता और नवाचार की नई ऊर्जा के साथ विकास की दिशा में निरंतर प्रगति की है। अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक विकास और जनकल्याण का लाभ पहुंचाने का आपका संकल्प तथा राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखते हुए निरंतर कर्मशील रहने की आपकी भावना हम सभी के लिए प्रेरणादायी है।”
उन्होंने लिखा, “स्वास्थ्य, शिक्षा, महिला सशक्तिकरण, गरीब कल्याण, डिजिटल एवं तकनीकी नवाचार से लेकर भारत की वैश्विक भूमिका को सशक्त करने तक, आपके नेतृत्व में देश ने अनेक क्षेत्रों में नए आयाम स्थापित किए हैं। आपके नेतृत्व और मार्गदर्शन में कार्य करना मेरे लिए सौभाग्य का विषय है। आपके जन्मदिवस के अवसर पर ईश्वर से प्रार्थना है कि आपको उत्तम स्वास्थ्य, दीर्घायु एवं राष्ट्रसेवा के लिए निरंतर ऊर्जा प्रदान करें।”
 

 


वैश्विक संकटों का समाधान बहुपक्षवाद से किया जा सकता है : UN प्रमुख एंटोनियो गुटेरेस

17-Sep-2026
नई दिल्ली।  (शोर संदेश) ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में सर्वसम्मति से नयी दिल्ली घोषणापत्र जारी किये जाने के कुछ दिन बाद संयुक्त राष्ट्र प्रमुख एंटोनियो गुटेरेस ने कहा कि यह “आश्वस्त करने वाली बात” है कि दुनिया की “महत्वपूर्ण शक्तियां” मानती हैं कि वैश्विक संकटों का समाधान बहुपक्षवाद से किया जा सकता है।
महासचिव गुटेरेस ने बुधवार को एक संवाददाता सम्मेलन में यह टिप्पणी की। उन्होंने कहा, “महत्वपूर्ण बात यह है कि जो साझा घोषणापत्र जारी किया गया है, वह बहुपक्षवाद और संयुक्त राष्ट्र के प्रति सभी देशों की मजबूत प्रतिबद्धता को दर्शाता है।” गुटरेस ने कहा, “इस लिहाज से यह आश्वस्त करने वाली बात है कि दुनिया की बड़ी और महत्वपूर्ण शक्तियां यह मानती है कि संकटों से निपटने का रास्ता बहुपक्षवाद है और इन प्रयासों के केंद्र में संयुक्त राष्ट्र को होना चाहिए।”
UN महासचिव गुटेरेस, भारत की अध्यक्षता में हुए ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में नयी दिल्ली घोषणापत्र जारी किये जाने के बारे में पूछे गये मीडिया के सवाल का जवाब दे रहे थे। ब्रिक्स समूह ने 12 सितंबर को सर्वसम्मति से संयुक्त घोषणापत्र जारी किया। उन्होंने यह भी कहा कि सुरक्षा परिषद के सभी सदस्य ब्रिक्स बैठक में मौजूद नहीं थे।
ज्ञात हो, गुटेरेस ने 12-13 सितंबर को नयी दिल्ली में आयोजित ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में हिस्सा लिया था और शिखर सम्मेलन के एक सत्र को संबोधित किया था। इस दौरान, उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से भी मुलाकात की थी।
संयुक्त राष्ट्र प्रमुख के रूप में गुतारेस का दूसरा पांच वर्षीय कार्यकाल दिसंबर 2026 में समाप्त होगा। वह इस साल फरवरी में नयी दिल्ली में आयोजित ‘भारत–एआई इम्पैक्ट समिट’ 2026 में शामिल होने के लिए भारत आए थे।

 


औपचारिकीकरण, वित्तीय समावेशन और डिजिटलाइजेशन पीएम मोदी के कार्यकाल के तीन प्रमुख स्तंभ: CII अध्यक्ष

17-Sep-2026
नई दिल्ली।  (शोर संदेश) सीआईआई के अध्यक्ष आर. मुकुंदन ने गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को उनके 76वें जन्मदिन पर बधाई देते हुए कहा कि उनके नेतृत्व ने भारतीय अर्थव्यवस्था में औपचारिकीकरण, वित्तीय समावेशन और डिजिटलाइजेशन को बढ़ावा दिया है।
समाचार एजेंसी आईएएनएस के साथ एक इंटरव्यू में मुकुंदन ने कहा कि पीएम ने गुजरात के साथ-साथ राष्ट्रीय स्तर पर भी कई महत्वपूर्ण काम किए गए हैं। “औपचारिकीकरण, समावेशन और डिजिटलाइजेशन” पीएम मोदी के कार्यकाल की उपलब्धियों के तीन प्रमुख स्तंभ हैं।
प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व के लिए उनका आभार व्यक्त करते हुए उन्होंने प्रधानमंत्री को सार्वजनिक जीवन में 25 वर्ष पूरे करने पर भी बधाई दी।
उन्होंने वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) के क्रियान्वयन को अर्थव्यवस्था के औपचारिकीकरण की दिशा में एक बड़ा कदम बताया। वहीं, जन धन-आधार-मोबाइल (जेएएम) ढांचे को वित्तीय समावेशन का प्रमुख माध्यम और यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (यूपीआई) को भारत के डिजिटलाइजेशन अभियान का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बताया।
मुकुंदन ने आगे कहा कि अब फोकस कारोबार करने में आसानी से आगे बढ़कर आम नागरिक के लिए जीवन जीने में आसानी, जीवन-यापन की लागत और जीवन की गति को बेहतर बनाने पर होना चाहिए।
उन्होंने आईएएनएस से ​​कहा, “अब ध्यान ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ से हटकर आम नागरिक के लिए ‘ईज ऑफ लिविंग’, ‘कॉस्ट ऑफ लिविंग’ और ‘स्पीड ऑफ लिविंग’ पर केंद्रित होना चाहिए।”
मुकुंदन ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी को देश और उसके लोगों के लिए ऊंची आकांक्षाएं तय करना जारी रखना चाहिए।
उन्होंने कहा, “हमारे नेता के तौर पर उन्हें हम सभी से और व्यापक रूप से पूरे देश से बहुत ऊंची आकांक्षाएं रखना जारी रखना चाहिए।”
मुकुंदन के मुताबिक, इससे भारत को अपनी आकांक्षाओं को पूरा करने में मदद मिलेगी, खासकर ऐसे समय में जब विकास के लिए सकारात्मक माहौल तैयार हो रहा है।


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