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फिर गरजेंगे भारतीय वायुसेना के फाइटर जेट, ऑपरेशन सिंदूर की तर्ज पर 27 फरवरी को होगा अभ्यास

05-Feb-2026
नई दिल्ली।  ( शोर संदेश ) सीमा के पास एक बार फिर भारतीय वायुसेना के फाइटर जेट गरजते नजर आएंगे। ऑपरेशन सिंदूर की तर्ज पर 27 फरवरी को अभ्यास के लिए वायुसेना अपनी पूरी ताकत मैदान में उतारेगी। ऑपरेशन सिंदूर में अपना पराक्रम दिखा चुकी भारतीय वायुसेना अब जैसलमेर में इस साल का पहला और सबसे बड़ा वायु सैन्य अभ्यास करने जा रही है। इस अभ्यास का नाम वायु शक्ति 2026 है। रक्षा अधिकारियों के मुताबिक, इस अभ्यास में वायुसेना के वेस्टर्न और साउथ वेस्टर्न कमांड के एयरबेस और उनके असेट्स हिस्सा ले रहे हैं। सभी यूनिट्स को पूरी तरह से एक्टिव कर दिया गया है। 100 से ज्यादा एयरक्राफ्ट इस अभ्यास में शिरकत करने वाले हैं।
ऑपरेशन सिंदूर में शामिल वायुसेना के लगभग सभी लड़ाकू विमान और एयर डिफेंस सिस्टम इस अभ्यास में भाग लेंगे। रक्षा अधिकारियों के अनुसार राफेल, सुखोई-30, तेजस, मिग-29, जगुआर, मिराज-2000 और हॉक एयरक्राफ्ट सटीक निशाना साधते नजर आएंगे। चूंकि मिग-21 विमान वायुसेना से रिटायर हो चुके हैं, इसलिए पहली बार वे इस वायु सैन्य अभ्यास में दिखाई नहीं देंगे। इसके अलावा अटैक हेलीकॉप्टर प्रचंड को भी रॉकेट दागते हुए देखा जाएगा।
रक्षा अधिकारियों के मुताबिक, “यह अभ्यास एक काल्पनिक युद्ध का माहौल बनाकर किया जाएगा। पूरे अभ्यास को वायुसेना के इंटीग्रेटेड एयर कमांड एंड कंट्रोल सिस्टम (आईएसीसीएस) के जरिए मॉनिटर और कंट्रोल किया जाएगा।” गौरतलब है कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भी आईएसीसीएस ने हर एक पाकिस्तानी जेट, मिसाइल और ड्रोन पर नजर रखी थी। थलसेना का आकाश तीर सिस्टम भी इसी आईएसीसीएस से जुड़ा हुआ था। वायुसेना के सभी हाई-पावर, लॉन्ग-रेंज, मीडियम-रेंज और शॉर्ट-रेंज रडार से मिलने वाली जानकारियों से एक कंप्लीट एयर पिक्चर तैयार की जाती रही, जिसके आधार पर हर एरियल खतरे को एंगेज किया गया।
भारतीय वायुसेना के फाइटर जेट्स के साथ-साथ फिक्स्ड-विंग ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट यूनिट के सी-130जी और सी-295, हेलीकॉप्टर यूनिट के प्रचंड, चिनूक, एमआई-17 और एएलएच, ड्रोन तथा ऑपरेशन सिंदूर में इस्तेमाल किए गए लॉयटरिंग म्यूनिशन का भी उपयोग किया जाएगा। पहली बार वायु शक्ति अभ्यास में सी-295 नाइट असॉल्ट लैंडिंग ड्रिल को अंजाम देगा। इसके अलावा सी-130J सुपर हरक्यूलिस छोटे रनवे पर लैंड कर गरुड़ कमांडो को वॉर जोन में उतारने के बाद कुछ ही समय में दोबारा टेक-ऑफ करता नजर आएगा। इस दौरान दो अटैक हेलीकॉप्टर पूरे ऑपरेशन एरिया को सुरक्षित रखेंगे। भारतीय वायुसेना के इस अभ्यास की जानकारी पाकिस्तान को भी है, जिसके लिए एनओटीएएम जारी किया गया है। हालांकि पाकिस्तान की फितरत को देखते हुए वायुसेना ने अपने एयर डिफेंस सिस्टम को भी पूरी तरह एक्टिव कर दिया है। रक्षा अधिकारियों के अनुसार आईएसीसीएस अटैक और डिफेंस दोनों के लिए पूरे एयरस्पेस की निगरानी करेगा।
एयर डिफेंस की कई लेयर तैयार की गई हैं, जिनमें एंटी-एयरक्राफ्ट गन, एंटी-ड्रोन सिस्टम और ऑपरेशनल रेडीनेस प्लेटफॉर्म शामिल हैं। इसमें आकाश मिसाइल सिस्टम के साथ-साथ थलसेना की एल-70 गन भी तैनात रहेंगी। रक्षा अधिकारियों के मुताबिक वायु शक्ति अभ्यास के लिए कई वीवीआईपी को भी आमंत्रित किया गया है। दिल्ली स्थित मित्र देशों के दूतावासों से करीब 40 अधिकारी भी इस अभ्यास को देखने के लिए मौजूद रह सकते हैं।






 

ऊर्जा सुरक्षा सबसे बड़ी प्राथमिकता, वेनेजुएला समेत किसी भी नए विकल्पों के मूल्यांकन के लिए तैयार: भारत

05-Feb-2026
नई दिल्ली।  ( शोर संदेश ) भारत ने कहा है कि मौजूदा अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों को देखते हुए उसकी सबसे बड़ी प्राथमिकता अपने 140 करोड़ लोगों की ऊर्जा सुरक्षा है। वह वेनेजुएला समेत किसी भी नए आपूर्ति विकल्प के वाणिज्यिक लाभों का मूल्यांकन करने के लिए तैयार है। भारत ने दोहराया कि वह ऊर्जा आपूर्ति में विविधता लाने का पक्षधर है।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने गुरुवार को यहां साप्ताहिक पत्रकार वार्ता में एक बार फिर ऊर्जा जरूरतों और लाभकारी मूल्यों को निर्णय का आधार बताया। उन्होंने दोहराया कि भारत आपूर्ति में विविधता लाने का पक्षधर है। भारत की इस टिप्पणी को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस बयान से जोड़कर देखा जा रहा है, जिसमें उन्होंने दावा किया था कि भारत रूसी तेल खरीदी बंद करने पर सहमत हो गया है।
जायसवाल ने भारत अमेरिकी समझौते से जुड़े कई प्रश्नों के उत्तर दिए। प्रवक्ता ने राष्ट्रपति ट्रंप के दावे पर कहा, “ऊर्जा आपूर्ति के संबंध में सरकार ने कई मौकों पर सार्वजनिक रूप से बयान दिया है। सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता 140 करोड़ भारतीयों की ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करना है। भारत की रणनीति रही है कि अपने इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए बाजार स्थितियों और बदलते वैश्विक घटनाक्रम के अनुरूप ऊर्जा स्रोतों में विविधता लाए। भारत के सभी कदम इसी बात को ध्यान में रखकर उठाए गए हैं और भविष्य में भी उठाए जाएंगे।”
ट्रम्प के वेनेजुएला से तेल खरीद से संबंधित दावों पर विदेश मंत्रालय ने कहा कि वेनेजुएला भारत का ऊर्जा क्षेत्र, व्यापार और निवेश को लेकर लंबे समय से सहयोगी रहा है। वेनेज़ुएला भारत का 2019-20 तक तेल खरीद का सबसे बड़ा स्रोत रहा है। बाद में प्रतिबंधों के चलते हमने तेल खरीद रोक दी थी। वहीं भारतीय तेल कंपनियों का वेनेजुएला की राष्ट्रीय तेल कंपनियों के साथ सहयोग पहले से रहा है। ऊर्जा सुरक्षा को लेकर भारत वेनेजुएला सहित किसी भी नए कच्चे तेल आपूर्तिकर्ता से जुड़े विकल्पों के वाणिज्यिक फायदों को जानने के लिए तैयार है।

 

एनटीपीसी 2047 तक स्थापित करेगा 30 गीगावाट परमाणु ऊर्जा क्षमता: श्रीपद नाइक

05-Feb-2026
नई दिल्ली।  ( शोर संदेश ) सरकारी बिजली उत्पादक कंपनी एनटीपीसी वर्ष 2047 तक 30 गीगावाट की परमाणु ऊर्जा क्षमता स्थापित करने की योजना बना रही है। यह जानकारी केंद्रीय विद्युत राज्य मंत्री श्रीपद नाइक ने गुरुवार को संसद में दी।
केंद्रीय मंत्री ने बताया कि सभी आवश्यक मंजूरियां मिलने के बाद एनटीपीसी ने कंपनी अधिनियम के तहत एनटीपीसी परमाणु ऊर्जा निगम लिमिटेड (एनपीयूएनएल) नाम से एक पूर्ण स्वामित्व वाली परमाणु सहायक कंपनी का गठन किया है।
लोकसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में श्रीपद नाइक ने कहा, “एनटीपीसी का 30 गीगावाट का लक्ष्य सरकार के वर्ष 2047 तक 100 गीगावाट परमाणु ऊर्जा क्षमता हासिल करने के फैसले का हिस्सा है।”
केंद्रीय मंत्री ने बताया कि एनटीपीसी और न्यूक्लियर पावर कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (एनपीसीआईएल) का संयुक्त उद्यम अनु शक्ति विद्युत निगम लिमिटेड राजस्थान के बांसवाड़ा जिले में 4X700 मेगावाट की परमाणु ऊर्जा परियोजना स्थापित करने की प्रक्रिया में है।
इस परियोजना को माही बांसवाड़ा राजस्थान परमाणु ऊर्जा परियोजना (एमबीआरएपीपी) कहा जाता है। मौजूदा अनुमानों के अनुसार, एमबीआरएपीपी की पहली 700 मेगावाट इकाई का प्रारंभिक परीक्षण वित्त वर्ष 2032-33 तक शुरू होने की संभावना है।
केंद्रीय मंत्री ने बताया कि विभिन्न विकल्पों और अंतरराष्ट्रीय साझेदारों के साथ संभावित सहयोग की संभावनाएं तलाशने के लिए एनटीपीसी लिमिटेड ने रुचि पत्र (ईओआई) जारी किया है।
एनटीपीसी ने पिछले महीने गुजरात और राजस्थान में अपनी सहायक कंपनियों की विभिन्न सौर परियोजनाओं के जरिए वाणिज्यिक क्षमता में 359.58 मेगावाट की बढ़ोतरी दर्ज की है। इसके साथ ही समूह की कुल वाणिज्यिक क्षमता 85.5 गीगावाट से अधिक हो गई है।
एनटीपीसी देश की करीब एक चौथाई बिजली जरूरतों की पूर्ति में योगदान दे रही है। कंपनी की स्थापित क्षमता 85 गीगावाट से अधिक है, जबकि 30.90 गीगावाट अतिरिक्त क्षमता निर्माणाधीन है, जिसमें 13.3 गीगावाट नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता शामिल है।
कंपनी ने वर्ष 2032 तक 60 गीगावाट नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता का लक्ष्य रखा है, जिससे भारत के नेट जीरो लक्ष्यों को मजबूती मिलने की उम्मीद है। थर्मल, हाइड्रो, सौर और पवन ऊर्जा के विविध पोर्टफोलियो के साथ एनटीपीसी देश को विश्वसनीय, किफायती और टिकाऊ बिजली उपलब्ध कराने पर फोकस कर रही है। 





 

भारत-अमेरिका रिश्तों को नई गति, वॉशिंगटन पूरी तरह तैयार: सर्जियो गोर

05-Feb-2026
नई दिल्ली।  ( शोर संदेश ) भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर 2 से 4 फरवरी तक अमेरिका के दौरे पर रहे। इस दौरान उन्होंने अमेरिकी विदेश सचिव मार्को रुबियो और अमेरिकी वित्त सचिव स्कॉट बेसेंट से मुलाकात कर द्विपक्षीय, क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर व्यापक चर्चा की।
भारत में अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर ने गुरुवार को दोनों देशों के शीर्ष नेताओं के बीच हाल ही में हुई बातचीत का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि वॉशिंगटन नई दिल्ली के साथ संबंधों को और आगे बढ़ाने के लिए पूरी तरह तैयार है।
अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने वॉशिंगटन में ईएएम एस. जयशंकर की अमेरिकी विदेश सचिव मार्को रुबियो और वित्त सचिव स्कॉट बेसेंट के साथ हुई बैठकों की तस्वीरें साझा कीं। इसके साथ उन्होंने कहा, “इस समय सबसे ऊंचे स्तर पर बातचीत हो रही है। अमेरिका इस संबंध को और भी आगे बढ़ाने के लिए तैयार है। अनलिमिटेड क्षमता।”
ईएएम जयशंकर ने बुधवार को अमेरिकी विदेश सचिव मार्को रुबियो द्वारा बुलाई गई क्रिटिकल मिनरल्स मिनिस्टीरियल मीटिंग में भाग लिया। इस दौरान उन्होंने महत्वपूर्ण खनिजों की सप्लाई चेन में जोखिम कम करने के लिए अंतरराष्ट्रीय सहयोग के प्रति भारत का समर्थन जताया।
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने मार्को रुबियो के साथ अलग से बैठक की। बैठक के बाद एक्स पर पोस्ट में उन्होंने कहा, “आज दोपहर अमेरिकी विदेश सचिव मार्को रुबियो से मिलकर खुशी हुई। हमारी बातचीत व्यापक रही, जिसमें द्विपक्षीय सहयोग एजेंडा के साथ-साथ क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दे शामिल थे।”
ईएएम जयशंकर ने कहा कि बातचीत में भारत-अमेरिका रणनीतिक साझेदारी के कई अहम पहलुओं पर चर्चा हुई। इनमें व्यापार, ऊर्जा, न्यूक्लियर, रक्षा, महत्वपूर्ण खनिज और तकनीक जैसे क्षेत्र शामिल रहे। उन्होंने कहा, “हमारे साझा हितों को आगे बढ़ाने के लिए जल्द अलग-अलग तरीकों से बैठकें करने पर सहमति बनी है।”
एक अलग पोस्ट में विदेश मंत्री ने अमेरिकी वित्त सचिव स्कॉट बेसेंट से मुलाकात की जानकारी देते हुए कहा, “आज वॉशिंगटन डीसी में स्कॉट बेसेंट से मिलकर खुशी हुई। भारत-अमेरिका आर्थिक साझेदारी और रणनीतिक सहयोग को आगे बढ़ाने पर उपयोगी चर्चा हुई।”

 

सिख कभी गद्दार नहीं हो सकते, कांग्रेस की मानसिकता में अब भी बदलाव नहीं : मनजिंदर सिंह सिरसा

04-Feb-2026
नई दिल्ली।  ( शोर संदेश )  दिल्ली के कैबिनेट मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने बुधवार को संसद के मकर द्वार पर लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू के बीच हुई नोकझोंक पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उनका कहना है कि कांग्रेस की मानसिकता में अब भी बदलाव नहीं हुआ है और आज हुई घटना उसका जीता जागता प्रमाण है।
मनजिंदर सिंह सिरसा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर लिखा, “राहुल गांधी ने आज संसद में सिख मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू के खिलाफ जिस तरह की शब्दावली का इस्तेमाल किया, उन्हें गद्दार कहा, इसकी मैं कड़े शब्दों में निंदा करता हूं। यह बयान बड़ा शर्मसार करने वाला है।”
उन्होंने कहा कि सिख सरदार है, वह कभी गद्दार नहीं हो सकता। अगर कोई गद्दार है, तो वो गांधी परिवार है, जिन्होंने श्री दरबार साहब के ऊपर तोप-टैंकों से हमला किया, श्री अकाल तख्त साहिब को गिराया और बेकसूर सिखों के गले में टायर डालकर जिंदा जलाया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की मानसिकता आज भी नहीं बदली है।
सिरसा ने कहा कि राहुल गांधी और कांग्रेस नेताओं के इस तरह के अपशब्द और सिखों के प्रति नकारात्मक भाव को बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। उनका मानना है कि यह न केवल सिखों की तौहीन है बल्कि कांग्रेस की मानसिकता में आज भी वही जहर मौजूद है, जो 1980 के दशक में था।
उन्होंने लोकसभा के स्पीकर से तुरंत कार्यवाही करने की मांग की और कहा कि इस तरह की टिप्पणियों और भावनाओं को किसी भी तरह से बर्दाश्त नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि सिखों के प्रति यह अपमान और द्वेष कांग्रेस की मानसिकता का हिस्सा है और इसे रोकना जरूरी है।
सिरसा ने साफ कहा कि कांग्रेस के नेताओं ने जो पाप किए हैं, उन्हें नकारा नहीं जा सकता और उनके खिलाफ कड़ा कदम उठाया जाना चाहिए। उन्होंने अपील की कि लोकसभा स्पीकर को इस मामले में तुरंत हस्तक्षेप करना चाहिए ताकि सिखों के प्रति इस तरह की अपमानजनक और नकारात्मक मानसिकता को आगे बढ़ने से रोका जा सके।
 

सीएम योगी का निर्देश, सीता माता के दिव्य संदेश को नई पीढ़ी तक पहुंचाएगी वैदेही गैलरी

04-Feb-2026
नई दिल्ली।  ( शोर संदेश )  उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने श्रीअयोध्या धाम में माता सीता के जीवन-चरित पर केंद्रित ‘वैदेही आर्ट गैलरी’ की स्थापना के निर्देश दिए हैं। बुधवार को आवास एवं शहरी नियोजन विभाग की बैठक में उन्होंने कहा कि सीता मइया भारतीय संस्कृति, मर्यादा और नैतिक आदर्शों की अनुपम प्रेरणा हैं। नई पीढ़ी को उनके उज्ज्वल और दिव्य चरित्र से गहराई से परिचित कराना समय की आवश्यकता है।
आर्ट गैलरी की परिकल्पना साझा करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि यह अत्याधुनिक गैलरी केवल एक कला-संग्रहालय नहीं होगी, बल्कि सीता माता के जीवन, त्याग, करुणा, मर्यादा, धैर्य और शक्ति का आधुनिक तकनीक के माध्यम से पुनर्पाठ प्रस्तुत करने वाली एक जीवंत सांस्कृतिक अनुभव-स्थली बनेगी।
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि गैलरी की कथा-वस्तु, डिजाइन, विज़ुअल भाषा, कला और तकनीक सहित सभी आयाम इस भावना को प्रकट करें कि हम एक दिव्य विरासत का पुनर्पाठ कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि वैदेही आर्ट गैलरी का उद्देश्य यही होना चाहिए कि आगंतुक सीता माता के जीवन-संदेश को केवल देखें ही नहीं, बल्कि उसे अनुभव करें, समझें और आत्मसात करें।
अयोध्या विकास प्राधिकरण के साथ संवाद करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह परियोजना अयोध्या में श्री राम जन्मभूमि मंदिर के निकट स्थित वशिष्ठ भवन परिसर में विकसित की जा सकती है, जहां प्रतिदिन लाखों श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं।
सीएम योगी ने कहा कि वैदेही आर्ट गैलरी का विकास अयोध्या को वैश्विक सांस्कृतिक नगर के रूप में स्थापित करने के प्रयासों का एक महत्वपूर्ण चरण होगा। उन्होंने विशेष रूप से निर्देश दिया कि मिथिला की संस्कृति, लोकपरंपरा और कला के विविध आयामों को गैलरी में प्रमुखता के साथ प्रदर्शित किया जाए। 








 

विकसित भारत 2047 की राह पर भारत, राज्यसभा में बोले जेपी नड्डा

04-Feb-2026
नई दिल्ली।  ( शोर संदेश ) राज्यसभा में नेता सदन और भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा ने कहा कि भारत का आर्थिक परिदृश्य लगातार बदलाव और क्रांति के दौर से गुजर रहा है। उन्होंने कहा कि विकसित भारत 2047 तक पहुंचने के लक्ष्य को हासिल करने के लिए वर्ष 2026 में क्या करना है और अगले पांच वर्षों में कौन-सी ठोस कार्रवाइयां की जाएंगी, इसका स्पष्ट रोडमैप राष्ट्रपति के अभिभाषण में प्रस्तुत किया गया है।
जेपी नड्डा बुधवार को राज्यसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि बीते कुछ दिनों में एक के बाद एक ऐसे कदम उठाए गए हैं, जो भारतीय आर्थिक जगत में क्रांति का संकेत देते हैं। उन्होंने यूरोपीय यूनियन के साथ हुए समझौते, आर्थिक सर्वे, क्रांतिकारी बजट और इंडो-यूएस डील का जिक्र करते हुए कहा कि इन सभी घटनाओं ने एक मजबूत श्रृंखला बनाई है।
उन्होंने कहा कि आर्थिक सर्वे में साफ शब्दों में बताया गया है कि भारत आज दुनिया की सबसे तेजी से आगे बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था है। जेपी नड्डा ने कहा कि वर्ल्ड इकनॉमिक फोरम के चीफ ने भी यह माना है कि वैश्विक विकास में भारत का योगदान 20% होगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि यह दावा सरकार का नहीं, बल्कि एक अंतरराष्ट्रीय मंच से आया आकलन है।
नड्डा ने कहा कि यूरोपीय यूनियन के साथ हुआ ट्रेड एग्रीमेंट भारतीय व्यवसायियों, कारीगरों, उद्यमियों और आईटी सेक्टर से जुड़े लोगों के लिए नए अवसर लेकर आया है। यह समझौता भारतीयों के लिए 27 देशों के बाजार के दरवाजे खोलता है और इसे ‘मदर ऑफ ऑल डील’ कहा गया है। उन्होंने इसे रोजगार सृजन की दिशा में बड़ा कदम बताया।
जेपी नड्डा ने भारत और ओमान के बीच हुए समझौते का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि यह समझौता मध्यपूर्व में ऊर्जा और व्यापार के रणनीतिक कॉरिडोर के रूप में महत्वपूर्ण है और इससे लिंक वेस्ट नीति और मजबूत हुई है। नड्डा ने इंडिया-न्यूजीलैंड फ्री ट्रेड एग्रीमेंट का जिक्र करते हुए कहा कि यह किसानों के लिए लाभकारी होगा, उद्यमियों को नई दिशा देगा, छात्रों के लिए नए गंतव्य खोलेगा और महिलाओं के विकास में सहायक साबित होगा। इसके साथ ही उन्होंने इंग्लैंड के साथ हुए फ्री ट्रेड एग्रीमेंट को आईटी सेक्टर और उद्यमियों के लिए बेहद अहम बताया।
उन्होंने विपक्ष पर तंज कसते हुए कहा कि उन्होंने गरीबी हटाओ का नारा दिया, लेकिन इसके नाम पर मिडिल मैन पैदा हुए और भ्रष्टाचार बढ़ा। नड्डा ने कहा कि विपक्ष ने गरीबों को केवल वोट बैंक के रूप में इस्तेमाल किया। उन्होंने कहा कि नरेंद्र मोदी सरकार ने गरीबों के लिए घर, बैंक खाते, गैस कनेक्शन और बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराईं। नड्डा के मुताबिक, देश में 25 करोड़ लोग गरीबी रेखा से ऊपर आ चुके हैं। सरकार ने गरीबों के सुदृढ़ीकरण के लिए पक्के मकान बनाए और आने वाले समय में तीन करोड़ और घर बनाए जाएंगे।
जेपी नड्डा ने कहा कि साढ़े 12 करोड़ लोगों को पेयजल कनेक्शन और 10 करोड़ लोगों को गैस कनेक्शन दिया गया है। उन्होंने बताया कि आज 95 करोड़ लोग सामाजिक सुरक्षा के दायरे में हैं और 6 लाख 75 हजार करोड़ रुपए डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर के जरिए सीधे लोगों के खातों में भेजे गए हैं। उन्होंने कहा कि भारत दुनिया का सबसे बड़ा हेल्थ कवरेज देने वाला देश बन चुका है। आयुष्मान भारत योजना के तहत 62 करोड़ लोगों को 5 लाख रुपए तक का स्वास्थ्य बीमा दिया जा रहा है। गरीब अब आयुष्मान कार्ड के जरिए अस्पतालों में नि:शुल्क इलाज करवा रहे हैं।
नड्डा ने कहा कि पहले बुजुर्ग आर्थिक तंगी के कारण इलाज नहीं करवा पाते थे, लेकिन अब वे निश्चिंत होकर उपचार करवा रहे हैं। उन्होंने एक रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि आज कैंसर का पता लगने के बाद 90% मामलों में 30 दिन के भीतर इलाज शुरू हो जाता है।

 

एग्जाम वॉरियर्स के साथ पीएम मोदी की प्रेरक बातचीत, 6 फरवरी को देखें ‘परीक्षा पे चर्चा’

03-Feb-2026
नई दिल्ली।  ( शोर संदेश ) पीएम मोदी ने मंगलवार को सभी नागरिकों को आमंत्रित किया कि वे 6 फरवरी को विशेष ‘परीक्षा पे चर्चा’ एपिसोड देखें। इस प्रोग्राम में वे छात्रों के साथ सीधे संवाद करते हैं और उनकी ऊर्जा और उत्साह का अनुभव साझा करते हैं। जैसे-जैसे परीक्षा का मौसम नजदीक आ रहा है, पीएम फिर से देश के युवाओं के साथ संवाद किया। इस साल की चर्चा देवमोगरा, कोयंबटूर, रायपुर, गुवाहाटी और दिल्ली के 7, लोक कल्याण मार्ग में आयोजित हुई।
पीएम ने इस अनुभव को बेहद ताजगी भरा और प्रेरक बताया। उन्होंने छात्रों के उत्साह और खुलेपन की सराहना की और परीक्षा के दौरान तनाव-मुक्त रहने की अहमियत पर जोर दिया। साथ ही उन्होंने छात्रों को चुनौतियों का सामना कैसे करें, संतुलन कैसे बनाए रखें और आत्मविश्वास कैसे बढ़ाएं, इस बारे में सरल और प्रैक्टिकल टिप्स दिए।
पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “जैसे-जैसे एग्जाम पास आ रहे हैं, ‘परीक्षा पे चर्चा’ भी वापस आ गया है। इस बार, चर्चा देवमोगरा, कोयंबटूर, रायपुर, गुवाहाटी और दिल्ली में 7 एलकेएम में एग्जाम वॉरियर्स के साथ हुई। हमेशा की तरह, अपने युवा दोस्तों के साथ बातचीत करना और स्ट्रेस-फ्री एग्जाम और कई दूसरी चीजों पर बात करना बहुत अच्छा लगा। 6 फरवरी को पीपीसी एपिसोड जरूर देखें।”
इसके साथ ही एक वीडियो भी पोस्ट किया गया है, जिसमें पीएम मोदी बच्चों से बातचीत करते नजर आ रहे हैं और उनके कंफ्यूजन को दूर कर परीक्षा का स्ट्रेस कम कर रहे हैं। एक छात्र ने अपना अनुभव शेयर करते हुए कहा, “हमने ऐसा अपने सपने में भी नहीं सोचा था कि पीएम मोदी खुद हमसे मिलेंगे।” वहीं, पीएम मोदी ने सभी बच्चों से पूछा कि उन्होंने कुछ खाया या नहीं, जिसका जवाब सभी ने हां में दिया।
इस दौरान कुछ छात्रों ने पीएम से सवाल पूछे, “रोजाना कौन सी एक छोटी सी हैबिट अपनानी चाहिए, जिससे हम अपने सपने के नजदीक पहुंचते जाएं? हमें मोटिवेशन की जरूरत है या अनुशासन की? आत्मविश्वास बढ़ाने के लिए आप हमें क्या सलाह देना चाहेंगे? आपने अपने तनाव को कैसे हैंडल किया?”
पीएम ने बच्चों से कहा, “परीक्षा के लिए सबसे अच्छी चीज होती है, लिखने की आदत डालना। आप मान के चलिए, आपने जो पढ़ा है, वो कहीं ना कहीं तो स्टोरेज है। आप अपने पैटर्न पर पूरा भरोसा करो। हर एक को हर चीज नहीं आती है, लेकिन हर एक को कुछ न कुछ तो आता ही है।” एक छात्र ने अपना अनुभव शेयर करते हुए कहा, “हमने पीएम मोदी का वेलकम किया और फिर उनके साथ बातचीत की तो पता ही नहीं चला कि टाइम कहां चला गया।” एक छात्र ने कहा कि पीएम बहुत अटेंटिव थे। इन दौरान एक छात्र ने पीएम को चाय पत्ती दी, तो पीएम ने हंसते हुए कहा कि अब तो मुझे चाय बनानी होगी। पीएम ने एक बच्चे की पेंटिंग की भी तारीफ की। वहीं, एक छात्रा ने पीएम के लिए “सारी दुनिया तेरे पीछे, मुश्किलों से लड़ता चल, बढ़ता चल, तू बढ़ता चल…” गाना भी गाया।
गौरतलब है कि इस बार ‘परीक्षा पे चर्चा’ का एक नया रूप होगा। कुछ नई जगहें और एक नया सफर, बच्चों तक पहुंचने का, उनकी कहानियों से जुड़ने का। हर बार की तरह यंग ब्राइट माइंड्स ऑफ इंडिया से ढेरों सवाल होंगे, जिनके सारे जवाब मिलेंगे। ‘परीक्षा पे चर्चा’ में बच्चे सिर्फ जवाब नहीं, भविष्य का भरोसा साथ ले जाते हैं।
 

विकसित भारत के लिए आत्मविश्वास जरूरी: पीएम मोदी

03-Feb-2026
नई दिल्ली।  ( शोर संदेश ) प्रधानमंत्री ने विकसित भारत के निर्माण में आत्मविश्वास की शक्ति पर बल देने वाला संस्कृत सुभाषितम साझा किया।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने विकसित भारत के सपने को साकार करने में आत्मविश्वास की अहम भूमिका को रेखांकित करते हुए आज एक प्रेरक संस्कृत सुभाषितम साझा किया। उन्होंने कहा कि आत्मविश्वास ही वह शक्ति है, जिसके सहारे असंभव को भी संभव बनाया जा सकता है।
प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट के माध्यम से देशवासियों को आत्मविश्वास का संदेश दिया। उन्होंने लिखा कि विकसित भारत के निर्माण में नागरिकों का आत्मविश्वास सबसे बड़ी ताकत साबित होगा।
नरेन्द्र मोदी ने अपने संदेश में कहा कि आत्मविश्वास वह शक्ति है, जिसके बल पर हर लक्ष्य को प्राप्त किया जा सकता है। विकसित भारत के सपने को साकार करने में देशवासियों का यही आत्मविश्वास निर्णायक भूमिका निभाएगा।
प्रधानमंत्री द्वारा साझा किए गए संस्कृत सुभाषितम- “श्रीर्मङ्गलात् प्रभवति प्रागल्भ्यात् सम्प्रवर्धते। दाक्ष्यात् तु कुरुते मूलं संयमात् प्रतितिष्ठति॥”– में आत्मविश्वास, दक्षता और संयम को सफलता की मूल आधारशिला बताया गया है।
 

भारत का बजट एनआरआई की भूमिका और टेक पुश को देगा बढ़ावा

03-Feb-2026
नई दिल्ली।  ( शोर संदेश ) एक अमेरिकी नीति विशेषज्ञ के अनुसार, भारत के केंद्रीय बजट से साफ संकेत मिलता है कि नई दिल्ली ग्लोबल कैपिटल, टैलेंट और स्ट्रेटेजिक ऑटोनॉमी को आकर्षित करने के लिए सक्रिय रूप से काम कर रही है। इस पूरी रणनीति के केंद्र में प्रवासी भारतीय यानी एनआरआई को रखा गया है।
फाउंडेशन फॉर इंडिया एंड इंडियन डायस्पोरा स्टडीज में नीति और पॉलिसी और स्ट्रेटेजी चीफ खंडेराव कांड ने आईएएनएस से बातचीत में कहा कि यह बजट ऐसे समय में पेश किया गया है, जब दुनिया भर में आर्थिक और भू-राजनीतिक अनिश्चितता बनी हुई है। इसके बावजूद बजट भारत के आत्मविश्वास को दिखाता है।
उन्होंने बताया कि बजट में एनआरआई के लिए भारतीय इक्विटी में निवेश करना पहले से ज्यादा आसान बना दिया गया है। व्यक्तिगत और कुल निवेश की सीमा बढ़ाने से एनआरआई अब सीधे बाजार में अधिक आसानी और भरोसे के साथ निवेश कर सकेंगे।
इसके साथ ही, एनआरआई से जुड़े संपत्ति लेन-देन की पुरानी समस्याओं को भी काफी हद तक दूर किया गया है। नए बदलावों से कंप्लायंस का बोझ कम होगा और विदेश में रहने वाले भारतीय अपनी संपत्ति को आसानी से बेच या खरीद सकेंगे, जिससे रियल एस्टेट बाजार में तरलता बढ़ेगी। खंडेराव कांड ने कहा कि ये सभी कदम मिलकर एनआरआई के लिए निवेश का माहौल साफ, सरल और ज्यादा भरोसेमंद बनाते हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि भारत भविष्य की आर्थिक जरूरतों को ध्यान में रखते हुए बड़े फैसले ले रहा है। उदाहरण के तौर पर इंडिया एआई पहल के तहत आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर, डेटा सेंटर और क्लाउड क्षमता के लिए 10 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इससे भारत को वैश्विक स्तर पर एआई तकनीक अपनाने और फैलाने वाला देश बनने में मदद मिलेगी।
खंडेराव ने बताया कि सेमीकंडक्टर मिशन 2.0 के विस्तार पर 40 हजार करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि रेयर अर्थ और क्रिटिकल मिनरल कॉरिडोर के निर्माण से सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रिक वाहनों, इलेक्ट्रॉनिक्स और रक्षा विनिर्माण में सप्लाई-चेन लचीलापन मजबूत होगा।
रक्षा बजट बढ़ाकर 7.8 लाख करोड़ रुपये करना भी तकनीकी रूप से मजबूत और आत्मनिर्भर रक्षा क्षेत्र की दिशा में बड़ा कदम है। इससे भारत को वैश्विक रक्षा निर्माण और निर्यात का प्रमुख केंद्र बनने में मदद मिल सकती है।
उन्होंने कहा कि बजट 2026 एक आत्मविश्वासी और दूरदर्शी सोच को दर्शाता है, जो एनआरआई के लिए बेहतर निवेश के रास्ते खोलता है और एक आधुनिक, तकनीकी रूप से सक्षम और आत्मनिर्भर भारत की नींव रखता है।
खंडेराव ने कहा कि एक मजबूत भारत अमेरिकी रणनीतिक हितों के साथ भी मेल खाता है। उन्होंने कहा, “अमेरिका के एक महत्वपूर्ण रणनीतिक ग्लोबल पार्टनर के रूप में, एक मजबूत भारत अमेरिका के लिए बेहतर है, खासकर इंडो-पैसिफिक में चीन का मुकाबला करने के लिए।”
 



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