ब्रेकिंग न्यूज

देश-विदेश

राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर संसद में चर्चा शुरू, चार फरवरी को पीएम मोदी देंगे जवाब

03-Feb-2026
नई दिल्ली।  ( शोर संदेश ) संसद के दोनों सदनों में सोमवार से राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा शुरू हो रही है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी चार फरवरी को लोकसभा में चर्चा का उत्तर देंगे। यह जानकारी संसदीय कार्यमंत्री किरेन रिजिजू ने दी।
संसदीय कार्यमंत्री किरेन रिजिजू ने पत्रकारों से बताया कि राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर तीन दिनों तक चर्चा होगी। इसके लिए कुल 18 घंटे का समय निर्धारित किया गया है। प्रधानमंत्री मोदी 04 फरवरी को लोकसभा में चर्चा का जवाब देंगे।
उन्होंने बताया लोकसभा में आज सोमवार को केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल धन्यवाद प्रस्ताव पेश करेंगे, जिसका समर्थन सांसद तेजस्वी सूर्या करेंगे। इसके बाद विपक्ष के नेता राहुल गांधी चर्चा की शुरुआत करेंगे। उल्लेखनीय है कि लोकसभा में कल वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने केंद्रीय बजट पेश किया था। 
 

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ओडिशा और छत्तीसगढ़ के छह दिवसीय दौरे पर

03-Feb-2026
नई दिल्ली।  ( शोर संदेश ) राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु सोमवार से ओडिशा और छत्तीसगढ़ के छह दिवसीय दौरे पर हैं। वो आज शाम राजधानी भुवनेश्वर पहुंचेंगी। इस दौरान वह राज्य के पांच जिलों में विभिन्न सरकारी और सांस्कृतिक कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगी। राष्ट्रपति इस अवधि में पुरी, खोर्धा, बालासोर, जाजपुर और मयूरभंज जिलों का दौरा करेंगी।
राष्ट्रपति जाजपुर जाएंगी, जहां वह जिले की अधिष्ठात्री देवी मां बिरजा के मंदिर में दर्शन और पूजा-अर्चना करेंगी। 03 फरवरी को वह बिरजा मंदिर में करीब डेढ़ घंटे का समय बिताएंगी, जिसके बाद वह बालासोर के लिए रवाना होंगी। बालासोर में राष्ट्रपति मुर्मु फकीर मोहन विश्वविद्यालय के 12वें दीक्षांत समारोह में शामिल होंगी।
इसके बाद वो शाम को पुरी पहुंचेंगी, जहां वह रात्रि विश्राम करेंगी। चार फरवरी को राष्ट्रपति का श्री जगन्नाथ मंदिर के सिंहद्वार पर गजपति महाराज, सेवायत और वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी औपचारिक स्वागत करेंगे। भगवान जगन्नाथ के दर्शन के बाद वह श्वेतगंगा में पिंडदान की धार्मिक रस्में निभाएंगी। इसके बाद राष्ट्रपति मयूरभंज जिले के रायरंगपुर जाएंगी। अपने गृह क्षेत्र के लोगों से संवाद करेंगी। इस दौरान वह कई विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास भी करेंगी।
अगले दिन राष्ट्रपति रायरंगपुर स्थित जगन्नाथ मंदिर में दर्शन करेंगी। इसके बाद दोपहर में वह जशीपुर होते हुए सिमिलिपाल टाइगर रिजर्व जाएंगी, जो अपनी समृद्ध जैव विविधता और प्राकृतिक सौंदर्य के लिए प्रसिद्ध है। वहां वह रात्रि विश्राम करेंगी। छह फरवरी को दौरे के अंतिम दिन, राष्ट्रपति सिमिलिपाल क्षेत्र की आदिवासी महिलाओं और युवाओं से संवाद करेंगी। 
इसी दिन वह ओडिशा सरकार द्वारा ग्लोबल फाइनेंस एंड टेक्नोलॉजी नेटवर्क के सहयोग से भुवनेश्वर में आयोजित ‘ब्लैक स्वान समिट, इंडिया’ में भी शामिल होंगी। इसके पश्चात 7 फरवरी को राष्ट्रपति छत्तीसगढ़ के जगदलपुर में आयोजित ‘बस्तर पंडुम 2026’ महोत्सव का उद्घाटन करेंगी। 
 

कैपेक्स, सेवा क्षेत्र और एआई पर जोर से FY27 की कमाई को मिलेगा सहारा: रिपोर्ट

02-Feb-2026
नई दिल्ली। ( शोर संदेश ) केंद्रीय बजट में पूंजीगत खर्च (कैपेक्स), सेवा क्षेत्र और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) को बढ़ावा मिलने से वित्त वर्ष 2026-27 की कमाई को सपोर्ट मिलेगा। वैश्विक ब्रोकरेज फर्म मॉर्गन स्टेनली ने अपनी एक रिपोर्ट में कहा है कि सरकार का फिस्कल कंसोलिडेशन (राजकोषीय घाटा कम करने की प्रक्रिया) उम्मीद से थोड़ा धीमा रहने के बावजूद ग्रोथ को मदद मिलेगी। इसके अलावा, शेयर बायबैक के जरिए इक्विटी में बढ़ती मांग भी कमाई को सहारा देगी।
रिपोर्ट में कहा गया है कि बजट में कर्ज और जीडीपी के अनुपात को कम करने की कोशिश के साथ-साथ ग्रोथ को सपोर्ट करने का संतुलन बनाया गया है। इसके लिए चक्रीय (साइक्लिकल) और संरचनात्मक (स्ट्रक्चरल) दोनों तरह के कदम उठाए गए हैं। मॉर्गन स्टेनली ने कहा कि वह भारतीय शेयर बाजार को लेकर सकारात्मक है। वैश्विक ब्रोकरेज का मानना है कि फाइनेंशियल्स, कंज्यूमर डिस्क्रेशनरी और इंडस्ट्रियल सेक्टर में निवेश के अच्छे मौके हैं।
बजट में वित्त वर्ष 2026-27 के लिए फिस्कल डेफिसिट जीडीपी का 4.3 प्रतिशत रखने का लक्ष्य रखा गया है। इसके साथ ही वित्त वर्ष 2027 में केंद्र सरकार का कर्ज जीडीपी के मुकाबले 55.6 प्रतिशत रहने का अनुमान है।
रिपोर्ट के अनुसार, बजट तीन मुख्य क्षेत्रों के जरिए ग्रोथ को सपोर्ट करता है। पहला, मैन्युफैक्चरिंग पर लगातार जोर, जिसमें सेमीकंडक्टर (आईएसएम 2.0), रेयर अर्थ मैग्नेट और पुराने औद्योगिक क्लस्टर को मजबूत करने जैसे कदम शामिल हैं।
रिपोर्ट में कहा गया है कि बजट में सेवा क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए कई कदम उठाए गए हैं। इनमें डेटा सेंटर्स के लिए टैक्स में छूट, सेफ हार्बर लिमिट बढ़ाना और 2047 तक वैश्विक निर्यात में 10 प्रतिशत हिस्सेदारी का लक्ष्य शामिल है। इसके साथ ही कैपेक्स पर फिर से जोर दिया गया है, जहां कुल कैपेक्स साल-दर-साल 11.5 प्रतिशत बढ़ा है और रक्षा क्षेत्र का कैपेक्स 18 प्रतिशत बढ़ाया गया है।
इसके अलावा, बजट में राजकोषीय घाटा कम करने की दिशा जारी रखी गई है, हालांकि महामारी के बाद यह सबसे धीमी रफ्तार मानी जा रही है। मॉर्गन स्टेनली का कहना है कि बजट कैपेक्स पर जोर देकर आर्थिक रिकवरी को सपोर्ट करेगा। वित्त वर्ष 2027 में केंद्र सरकार का कैपेक्स जीडीपी का 3.1 प्रतिशत रहने का अनुमान है, जो वित्त वर्ष 2026 के संशोधित अनुमान के बराबर है। साथ ही, मैन्युफैक्चरिंग और सेवा क्षेत्र को मजबूत करने वाले कदम भारत की लंबी अवधि की ग्रोथ को बढ़ाएंगे।रिपोर्ट में कहा गया है कि बजट के आंकड़े वास्तविक लगते हैं। वित्त वर्ष 2027 के लिए नॉमिनल जीडीपी ग्रोथ 10 प्रतिशत और डायरेक्ट टैक्स रेवेन्यू ग्रोथ 11.4 प्रतिशत मानी गई है।








 

तीन दिवसीय अमेरिका दौरे पर विदेश मंत्री एस. जयशंकर, महत्वपूर्ण खनिजों पर मंत्रिस्तरीय बैठक में होंगे शामिल

02-Feb-2026
नई दिल्ली। ( शोर संदेश ) भारत के विदेश मंत्रालय की ओर से साझा जानकारी के अनुसार विदेश मंत्री (ईएएम) डॉ. एस. जयशंकर सोमवार को अमेरिका के तीन दिवसीय दौरे पर जाएंगे। ईएएम अमेरिका के विदेश सचिव मार्को रुबियो द्वारा बुलाई गई क्रिटिकल मिनरल्स मिनिस्ट्रियल मीटिंग में हिस्सा लेंगे।
एमईए ने कहा, “विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर 2 से 4 फरवरी तक अमेरिका के दौरे पर रहेंगे। वे अमेरिका में आयोजित हो रही क्रिटिकल मिनरल्स मिनिस्ट्रियल मीटिंग में हिस्सा लेंगे। यह मीटिंग अमेरिका के विदेश सचिव मार्को रुबियो द्वारा बुलाई गई है। यह मीटिंग सप्लाई चेन रेजिलिएंस, क्लीन एनर्जी ट्रांजिशन और क्रिटिकल मिनरल्स में स्ट्रेटेजिक को-ऑपरेशन पर फोकस करेगी। इस दौरे में एस जयशंकर अमेरिकी सरकार के सीनियर सदस्यों के साथ भी मीटिंग करेंगे।”
पिछले हफ्ते ईएएम जयशंकर ने भारत में अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर से राष्ट्रीय राजधानी नई दिल्ली में मुलाकात की थी और दोनों देशों के संबंधों के कई पहलुओं पर चर्चा की। गोर का स्वागत करते हुए डॉ. जयशंकर ने भरोसा जताया कि वह भारत और अमेरिका के बीच संबंधों को मजबूत करने में मदद करेंगे।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर उन्होंने लिखा, “नई दिल्ली में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर से मिलकर खुशी हुई। हमारी बातचीत में हमारी पार्टनरशिप के कई पहलुओं पर बात हुई। उनका स्वागत किया और भरोसा जताया कि वह भारत-अमेरिका संबंधों को मजबूत करने में मदद करेंगे।”
जयशंकर ने 25 जनवरी को नई दिल्ली में सर्जियो गोर के साथ माइक रोजर्स, एडम स्मिथ और जिमी पैट्रोनिस वाले अमेरिकी कांग्रेसनल डेलीगेशन से मुलाकात की थी। इस दौरान दोनों पक्षों ने दोनों देशों के संबंधों को मजबूत करने, इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में हो रहे विकास और यूक्रेन विवाद पर चर्चा की।
इससे पहले उन्होंने अमेरिकी विदेश सचिव मार्को रुबियो से 13 जनवरी को टेलीफोनिक बातचीत भी की थी। दोनों नेताओं ने इंडो-पैसिफिक में सिविल न्यूक्लियर एनर्जी, ट्रेड बातचीत और क्षेत्रीय सुरक्षा सहित सहयोग के मुख्य क्षेत्रों की समीक्षा की। इसके बाद एस जयशंकर ने एक्स पर लिखा, “ट्रेड, जरूरी मिनरल्स, न्यूक्लियर को-ऑपरेशन, डिफेंस और एनर्जी पर चर्चा हुई। इन और दूसरे मुद्दों पर संपर्क में रहने पर सहमत हुए।”
फोन पर रुबियो ने भारत को ट्रांसफॉर्मिंग इंडिया बिल के लिए सस्टेनेबल हार्नेसिंग एंड एडवांसमेंट ऑफ न्यूक्लियर एनर्जी बिल (परमाणु ऊर्जा के सतत दोहन एवं विकास बिल/ शांति) लागू करने पर बधाई दी। अमेरिकी राज्य विभाग के प्रिंसिपल उपप्रवक्ता टॉमी पिगॉट ने बताया कि यह एक हालिया कानून है, जो भारत के न्यूक्लियर एनर्जी फ्रेमवर्क का हिस्सा है।
 

विकसित भारत के संकल्प को मजबूत करता है केंद्र बजट: मुख्यमंत्री योगी

02-Feb-2026
नई दिल्ली। ( शोर संदेश ) उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने केंद्र सरकार के वर्ष 2026-27 के बजट को नए भारत और नए उत्तर प्रदेश की दिशा तय करने वाला दस्तावेज करार दिया। उन्होंने कहा कि यह बजट नागरिकों में कर्तव्यबोध, विकास की गति और आत्मगौरव की भावना को मजबूत करता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज देश का नागरिक गरीबी रेखा से ऊपर उठकर आत्मगौरव के साथ भारत की प्रगति में योगदान दे रहा है। दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की ओर बढ़ता भारत हर भारतीय के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने इसे स्पष्ट नीति, साफ नीयत और मजबूत नेतृत्व का परिणाम बताया। राजधानी लखनऊ में सोमवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने केंद्रीय बजट पर आयोजित प्रेस वार्ता में यह बातें कहीं।
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पिछले 11 वर्षों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘नेशन फर्स्ट’ की भावना के साथ शासन किया है। उन्होंने याद दिलाया कि 26 नवंबर 2015 को संविधान दिवस घोषित करते हुए प्रधानमंत्री ने देश को अधिकारों के साथ-साथ कर्तव्यों की याद दिलाई थी। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पहला बजट है, जो कर्तव्य भवन से प्रस्तुत हुआ है और जो नागरिकों में राष्ट्र के प्रति दायित्व और भविष्य की जिम्मेदारी का बोध कराता है।
मुख्यमंत्री ने बजट को युवा-शक्ति संचालित, वंचित-केंद्रित और समावेशी विकास का आधार बताया। उन्होंने कहा कि किसान, युवा, महिला और गरीब—ये चारों वर्ग इस बजट के केंद्र में हैं। वित्तीय अनुशासन, विकास और विश्वास को एक सूत्र में पिरोते हुए यह बजट आने वाली पीढ़ियों के लिए सुदृढ़ भारत की नींव रखता है।
आदित्यनाथ ने कहा कि देश की सबसे बड़ी आबादी वाले राज्य उत्तर प्रदेश की आकांक्षाओं की पूर्ति के लिए बजट में नई संभावनाओं के द्वार खुले हैं। एमएसएमई सेक्टर के लिए ₹10 हजार करोड़ के विशेष फंड को उन्होंने प्रदेश के लिए बेहद महत्वपूर्ण बताया।
योगी ने बताया कि देश की सबसे अधिक, करीब 96 लाख एमएसएमई इकाइयां उत्तर प्रदेश में हैं, जिनसे तीन करोड़ से अधिक लोग जुड़े हैं। एक जिला एक उत्पाद योजना को नई तकनीक, प्रशिक्षण, पैकेजिंग और निर्यात से जोड़ने में यह फंड मील का पत्थर साबित होगा।
मुख्यमंत्री ने इंफ्रास्ट्रक्चर पर ₹20 हजार करोड़ के प्रावधान, नए रेलवे कॉरिडोर, ईस्टर्न और वेस्टर्न फ्रेट कॉरिडोर, हाई-स्पीड रेल, एक्सप्रेसवे, देश का पहला इनलैंड वाटरवे (वाराणसी-हल्दिया) और मल्टी-मॉडल लॉजिस्टिक हब को उत्तर प्रदेश की आर्थिक रफ्तार बढ़ाने वाला बताया। उन्होंने कहा कि वाटरवे से ट्रांसपोर्ट लागत घटेगी और उद्योगों को नई मजबूती मिलेगी।
बायो-फार्मा, मेडिकल डिवाइस पार्क, डेटा सेंटर हब और सेमीकंडक्टर पार्क की घोषणाओं पर मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश पहले से ही इस दिशा में होमवर्क कर चुका है। ललितपुर में बल्क ड्रग पार्क, गौतमबुद्धनगर में मेडिकल डिवाइस पार्क और प्रदेश में 700 मेगावाट क्षमता के डेटा सेंटर इसकी मिसाल हैं। उन्होंने कहा कि भारत को ग्लोबल फार्मा और डेटा हब बनाने की दिशा में यह बजट निर्णायक साबित होगा।
ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर बोलते हुए मुख्यमंत्री ने महात्मा गांधी ग्राम स्वराज योजना को उत्तर प्रदेश के लिए अत्यंत लाभकारी बताया। उन्होंने कहा कि प्रदेश में 1.05 लाख से अधिक राजस्व गांव हैं और ग्रामीण उत्पादों को वैश्विक बाजार से जोड़ने में यह योजना कारीगरों, स्वयं सहायता समूहों और ग्रामीण एमएसएमई को नई ताकत देगी।
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि हर जनपद में कामकाजी महिलाओं के लिए हॉस्टल की घोषणा ऐतिहासिक है। इससे महिला कार्यबल को सुरक्षित आवास मिलेगा और उनकी भागीदारी और बढ़ेगी। उन्होंने बताया कि पिछले वर्षों में उत्तर प्रदेश में महिला कार्यबल की भागीदारी 12-13% से बढ़कर 36% तक पहुंची है।
पर्यटन को लेकर मुख्यमंत्री ने प्रयागराज महाकुंभ, काशी, अयोध्या, मथुरा-वृंदावन और बौद्ध सर्किट का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि बेहतर सुविधा और सुरक्षा के चलते उत्तर प्रदेश करोड़ों श्रद्धालुओं और पर्यटकों का केंद्र बन रहा है। 15 पुरातात्विक स्थलों के विकास की घोषणा से पर्यटन को नई गति मिलेगी, जिनमें सारनाथ और हस्तिनापुर जैसे महत्वपूर्ण स्थल शामिल हैं।
स्वास्थ्य क्षेत्र में जिला अस्पतालों की क्षमता दोगुनी करने, हर जनपद में ट्रॉमा सेंटर और एक जिला-एक मेडिकल कॉलेज के लक्ष्य को मुख्यमंत्री ने आम जनता के लिए बड़ी राहत बताया। उन्होंने कहा कि गोल्डन आवर में इलाज की सुविधा से असमय मौतों में कमी आएगी। खेल और रोजगार पर बोलते हुए मुख्यमंत्री ने ‘समर्थ’ योजना को खेल उद्योग और स्पोर्ट्स मैन्युफैक्चरिंग के लिए महत्वपूर्ण बताया। मेरठ, आगरा और कानपुर जैसे क्लस्टर उत्तर प्रदेश को खेल उत्पादों का बड़ा हब बनाएंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वित्त आयोग की रिपोर्ट के अनुसार केंद्र करों में उत्तर प्रदेश को सबसे बड़ा हिस्सा मिलना प्रदेश की बड़ी आबादी और बढ़ती जिम्मेदारी का प्रमाण है। आयुष, मेडिकल टूरिज्म, कृषि-एआई प्लेटफॉर्म और स्वयं सहायता समूहों के लिए नए बाजार इस बजट की व्यापक सोच को दर्शाते हैं।
अंत में मुख्यमंत्री ने कहा कि यह बजट निवेश और विश्वास, सड़क और रफ्तार, पहचान और आत्मगौरव का प्रतीक है। इससे लाखों युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा होंगे और उत्तर प्रदेश विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने में अग्रणी भूमिका निभाएगा। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय वित्त मंत्री के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इसी आधार पर फरवरी में उत्तर प्रदेश का बजट प्रस्तुत किया जाएगा। 




 

बजट: पारंपरिक और आधुनिक सेक्टर्स पर सरकार का फोकस, वैश्विक वैल्यू चेन में उभरेगा भारत

02-Feb-2026
नई दिल्ली। ( शोर संदेश ) भारत वैश्विक स्तर पर एक ब्राइट स्पॉट बना हुआ है और भविष्य के लिए तैयार भारत’ के लिए केंद्रीय बजट 2026-27 में पारंपरिक और आधुनिक दोनों प्रकार के सेक्टर्स को कवर किया गया है। साथ ही, टेक्नोलॉजी में फोकस करने के लिए सर्विसेज क्षेत्र को प्रोत्साहित किया है। यह जानकारी केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने सोमवार को दी।
देश की आर्थिक राजधानी में नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) में बजट के फायदों पर हुई बैठक में केंद्रीय मंत्री ने कहा कि बजट कई विशिष्ट क्षेत्रों को संबोधित करता है, जिससे देश को 2047 तक विकसित भारत का लक्ष्य हासिल करने में मदद मिलेगी। केंद्रीय मंत्री ने बैठक में कहा कि पिछले 12 वर्षों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार ने राजकोषीय अनुशासन और भारत की लंबी अवधि की ग्रोथ स्टोरी पर फोकस किया है।
गोयल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट किया, “यह बजट वैश्विक मूल्य श्रृंखलाओं में भारत की उपस्थिति को मजबूत करने और आधुनिक तकनीकों के साथ अधिक समकालीन बनने के लिए एक ब्लूप्रिंट है, जिससे हमारे उपभोक्ताओं को भी लाभ होगा।” उन्होंने इस बात को भी दोहराया कि प्रधानमंत्री मोदी ने तेज सुधारों के दृष्टिकोण को जारी रखते हुए, बजट का उद्देश्य व्यापार में आने वाली बाधाओं को दूर करना और उनके फलने-फूलने को आसान बनाना, ईमानदार व्यवसायों को प्रोत्साहित करना, उद्योगों को अधिक प्रतिस्पर्धी बनाना, अनुपालन को आसान बनाना और भारत को एक आकर्षक निवेश और मैन्युफैक्चरिंग डेस्टिनेशन बनाना है।
उन्होंने आगे कहा कि केंद्रीय बजट 2026-27 में पूंजीगत व्यय बढ़ाकर और व्यय मिश्रण में सुधार करके “दीर्घकालिक दृष्टिकोण को सर्वोपरि” रखा गया है। अब ध्यान दीर्घकालिक लक्ष्यों पर केंद्रित हो रहा है, जिसमें सुधार, व्यापार करने में सुगमता में सुधार और समावेशी विकास को प्रमुखता दी गई है। सरकार ने विनिर्माण और सेवा क्षेत्रों को और विकसित करने पर ध्यान केंद्रित करके मजबूती लाने का प्रयास किया है, जिससे विकास के अगले चरण के लिए आधार तैयार होगा।








 

पीएम मोदी से मिले हरियाणा के सीएम सैनी, विकास एजेंडे पर हुई चर्चा

02-Feb-2026
नई दिल्ली। ( शोर संदेश ) हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने सोमवार को नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। इस शिष्टाचार भेंट की तस्वीरें प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर साझा की गईं।
प्रधानमंत्री से मुलाकात के बाद मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने बताया कि प्रदेश में चल रहे विकास कार्यों, भविष्य की प्राथमिकताओं और कई समसामयिक विषयों पर विस्तृत चर्चा हुई। उन्होंने केंद्रीय बजट की सराहना करते हुए इसे आत्मनिर्भर, सशक्त और समावेशी विकास की दिशा में देश को आगे बढ़ाने वाला ऐतिहासिक और दूरदर्शी कदम बताया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में प्रस्तुत ‘विकसित भारत बजट’ अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक विकास पहुंचाने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। यह बजट आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को और मजबूत करता है।
इस दौरान मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने आदमपुर एयरपोर्ट का नाम श्री गुरु रविदास महाराज के नाम पर किए जाने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार भी व्यक्त किया। उन्होंने इसे सामाजिक समरसता, सम्मान और समावेशी राष्ट्र निर्माण का सशक्त संदेश बताया। 
मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर मुलाकात की तस्वीर साझा करते हुए लिखा, “आज नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से स्नेहिल शिष्टाचार भेंट की। इस अवसर पर प्रदेश में संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं, विकास कार्यों तथा भविष्य की प्राथमिकताओं के साथ कई समसामयिक विषयों पर विस्तृत चर्चा हुई।”
हरियाणा के मुख्यमंत्री ने इसके बाद भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन से भी मुलाकात की। इस भेंट के बाद उन्होंने एक्स पर लिखा, “नई दिल्ली में भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन से शिष्टाचार भेंट हुई। इस अवसर पर संगठन की मजबूती, आगामी राजनीतिक गतिविधियों तथा केंद्र-राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर विस्तृत एवं सार्थक चर्चा












 

बजट 2026: देश में बनेंगी 5 यूनिवर्सिटी टाउनशिप, शिक्षा-रिसर्च और स्किल का होगा एकीकृत मॉडल

01-Feb-2026
नई दिल्ली। ( शोर संदेश ) केंद्रीय बजट 2026-27 में शिक्षा को लेकर एक बड़ी और दूरगामी घोषणा की गई है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को संसद में बताया कि देश के अलग-अलग हिस्सों में पांच यूनिवर्सिटी टाउनशिप बनाई जाएंगी। खास बात यह है कि ये सभी यूनिवर्सिटी टाउनशिप प्रमुख औद्योगिक और लॉजिस्टिक कॉरिडोर के आसपास विकसित की जाएंगी। ऐसे में इसका सीधा लाभ यहां पढ़ने वाले छात्रों को मिलेगा। यह पहल इसलिए की जा रही है ताकि इंडस्ट्री और रोजगार सीधे उच्च शिक्षा के साथ जुड़ सकें।
सरकार ने साफ किया है कि इन यूनिवर्सिटी टाउनशिप को बनाने में केंद्र सरकार विभिन्न राज्य सरकारों के साथ मिलकर काम करेगी। यानी यूनिवर्सिटी बनाने, ढांचा खड़ा करने और सुविधाएं विकसित करने में राज्यों को केंद्र की मदद मिलेगी। इस पूरी योजना का मकसद यह है कि हर क्षेत्र की जरूरत के हिसाब से आधुनिक और मजबूत शिक्षा संस्थान तैयार किए जाएं। इन यूनिवर्सिटी टाउनशिप में छात्रों के लिए हर तरह की आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। यहां रहने के लिए बड़े रेजिडेंशियल कॉम्प्लेक्स होंगे, ताकि बाहर से आने वाले छात्रों को किसी तरह की परेशानी न हो।
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बताया कि इसके साथ-साथ इन विश्वविद्यालयों में स्किल सेंटर बनाए जाएंगे, जहां पढ़ाई के साथ-साथ व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके अलावा टाउनशिप यूनिवर्सिटी में हाईटेक लेबोरेटरी, आधुनिक कॉलेज, रिसर्च सेंटर और इनोवेशन हब भी होंगे। छात्रों और शोधार्थियों को अत्याधुनिक तकनीक और सुविधाएं मिलेंगी, जिससे रिसर्च, स्टार्ट-अप और नए आइडियाज को बढ़ावा मिलेगा। यहां सरकार का फोकस सिर्फ डिग्री देने पर नहीं होगा, बल्कि छात्रों को इंडस्ट्री-रेडी बनाने पर ध्यान केंद्रित करना है।
सरकार का मानना है कि ये पांच यूनिवर्सिटी टाउनशिप न सिर्फ शिक्षा की गुणवत्ता सुधारेंगी, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए मौके भी पैदा करेंगी। आसपास के इलाकों में आर्थिक गतिविधियां बढ़ेंगी और युवाओं को अपने ही क्षेत्र में आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा। कुल मिलाकर, बजट में की गई यह घोषणा शिक्षा के क्षेत्र में एक बड़ा कदम मानी जा रही है, जो आने वाले वर्षों में देश की युवा शक्ति को मजबूत करने और विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने में अहम भूमिका निभाएगी। वित्त मंत्री ने अपने बजट भाषण में यह भी बताया कि पूर्वी भारत में नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ डिजाइन (एनआईडी) खोला जाएगा।
इसका सीधा मकसद है कि इस क्षेत्र में डिजाइन की पढ़ाई, क्रिएटिव सोच और इनोवेशन को मजबूती मिले। अभी तक डिजाइन से जुड़े अधिकांश बड़े और नामी संस्थान देश के कुछ चुनिंदा हिस्सों तक ही सीमित रहे हैं। ऐसे में पूर्वी भारत के छात्रों को या तो बाहर जाना पड़ता है या अच्छे मौके नहीं मिल पाते। नया एनआईडी खुलने से स्थानीय छात्रों को अपने ही इलाके में विश्वस्तरीय डिजाइनिंग की शिक्षा मिल सकेगी। इस संस्थान में प्रोडक्ट डिजाइन, फैशन, ग्राफिक डिजाइनिंग, इंडस्ट्रियल डिजाइनिंग और डिजिटल डिजाइनिंग जैसे कोर्स कराए जाने की उम्मीद है। यहां से निकलने वाले युवा न सिर्फ नौकरी के लिए तैयार होंगे, बल्कि स्टार्ट-अप शुरू करने और नए प्रोडक्ट विकसित करने में भी सक्षम होंगे।
सरकार का मानना है कि डिजाइन आज सिर्फ कला तक सीमित नहीं है, बल्कि मेक इन इंडिया, स्टार्ट-अप इंडिया और आत्मनिर्भर भारत जैसी पहलों का अहम हिस्सा बन चुका है। अच्छा डिजाइन होने से भारतीय प्रोडक्ट अंतरराष्ट्रीय बाजार में ज्यादा पसंद किए जाते हैं। नया एनआईडी इस दिशा में बड़ा सहारा बनेगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि इसके साथ ही, इस संस्थान से पूर्वी भारत के औद्योगिक और आर्थिक विकास को भी रफ्तार मिलेगी। स्थानीय उद्योगों को बेहतर डिजाइन सपोर्ट मिलेगा, रोजगार के नए मौके बनेंगे और क्षेत्रीय असंतुलन को कम करने में मदद मिलेगी। शिक्षाविदों के मुताबिक पूर्वी भारत में एनआईडी की स्थापना को क्रिएटिव इंडस्ट्री को बढ़ावा देने, युवाओं को नए अवसर देने और देश के संतुलित विकास की दिशा में एक अहम कदम माना जा सकता है।

केंद्रीय बजट 2026 में लघु तथा मध्यम उद्यम के विकास के लिए 10,000 करोड़ रुपए का एक समर्पित निधि का प्रस्ताव

01-Feb-2026
नई दिल्ली। ( शोर संदेश ) केंद्रीय वित्त एवं कॉरपोरेट कार्य मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अगुवाई वाली सरकार ने हमेशा निर्णायक रूप से अस्पष्टता की जगह काम को, बातों की जगह सुधार को और लोक-लुभावन नीतियों की जगह लोगों को प्राथमिकता दी है। आज रविवार को संसद में केंद्रीय बजट 2026-27 पेश करते हुए उन्होंने कहा कि सरकार तीन कर्तव्यों से प्रेरित है। इनमें से पहला कर्तव्य- आर्थिक विकास को गति देते हुए इसे निरंतर कायम रखना है तथा उत्पादकता व प्रतिस्पर्धा बढ़ाते हुए अस्थिर वैश्विक स्थिति के इस दौर में मजबूती कायम रखना है।
सूक्ष्म, लघु तथा मध्यम उद्यम (एमएसएमई) को विकास का मत्वपूर्ण इंजन करार देते हुए वित्त मंत्री ने इसके विकास के लिए तीन सूत्रीय दृष्टिकोण का प्रस्ताव रखा। इनमें पहला इक्विटि समर्थन है जिसमें उन्होंने लघु तथा मध्यम उद्यम के विकास के लिए 10,000 करोड़ रुपए का एक समर्पित निधि का प्रस्ताव रखा है। इसके अंतर्गत चुनिंदा मानकों पर भविष्य में उत्कृष्ट उद्यमों का सृजन करना है।
वित्त मंत्री ने वर्ष 2021 में स्थापित आत्मनिर्भर भारत कोष में बढ़ोतरी के लिए 2,000 करोड़ रुपए का प्रस्ताव रखा है, जिसका उद्देश्य सूक्ष्म उद्यमों को मदद पहुंचाना और जोखिम पूंजी तक उनकी पहुंच बनाए रखना है।
वित्तीय उपलब्धता सुनिश्चित किए जाने के दूसरे दृष्टिकोण पर वित्त मंत्री ने कहा कि सूक्ष्म, लघु तथा मध्यम उद्यम (एमएसएमई) के लिए 7 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा रकम की व्यवस्था की गई है। इसकी क्षमता का पूरा फायदा उठाने के लिए उन्होंने चार उपायों का प्रस्ताव रखा है- (i) एमएसएमई से सावर्जनिक क्षेत्र के उद्यमों द्वारा समस्त खरीदों के लिए ट्रेड्स को लेन-देन निपटान प्लेटफॉर्म के रूप में उपयोग करने का अधिदेश करना, (ii) ट्रेड्स प्लेटफॉर्म पर बीजक छूट के लिए सीजीटीएमएसई के जरिये ऋण गारंटी सहायता तंत्र की शुरुआत करना, (iii) एमएसएमई से सरकारी खरीदों के बारे में फाइनेंसर्स तक जानकारी साझा करने के लिए जीईएम को टीआरईडीएस को जोड़ना, (iv) ट्रेड्स प्राप्तियों को आस्ति-समर्थित प्रतिभूतियों के रूप में प्रस्तुत करना। इसका उद्देश्य नगदी एवं लेनदेनों के निपटान करते हुए एक दूसरा बाजार विकसित करना है।
साथ ही, व्यवसायगत सहायता पर बोलते हुए, सीतारमण ने कहा कि खासकर टियर-2 और टियर-3 नगरों में ‘कॉर्पोरेट मित्रों’ के समूह का विकास के लिए के लिए अल्पावधि की मॉड्यूलर पाठ्यक्रमों और व्यवहारिक टूल्स की डिजाइन के लिए सरकार आईसीएआई, आईसीएसआई, आईसीएमएआई जैसे संस्थानों की मदद करेगी। ये यह प्रणाणित अर्ध-पेशेवर एमएसएमई को कम लागत पर अनुपालन आवश्यकताओं को पूरा करने में मदद करेंगे।

केंद्रीय बजट 2026: चीन की पकड़ तोड़ने के लिए भारत बनाएगा रेयर अर्थ मिनरल कॉरिडोर

01-Feb-2026
नई दिल्ली। ( शोर संदेश ) वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को भारत में अहम खनिजों से जुड़ी एक बड़ी और खास पहल का ऐलान किया। इसका मकसद देश में रेयर अर्थ मिनरल्स के क्षेत्र को मजबूत करना है।
लोकसभा में बजट पेश करते हुए वित्त मंत्री ने बताया कि सरकार ओडिशा, केरल, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु जैसे खनिजों से भरपूर राज्यों को रेयर अर्थ कॉरिडोर बनाने में मदद करेगी। ये कॉरिडोर ऐसे खास केंद्र होंगे, जहां रेयर अर्थ मिनरल्स से जुड़ा पूरा काम एक ही जगह होगा।
इन रेयर अर्थ कॉरिडोर में खनन, प्रोसेसिंग, रिसर्च और एडवांस मैन्युफैक्चरिंग तक सभी काम शामिल होंगे। यानी जमीन से खनिज निकालने से लेकर उनसे आधुनिक चीजें बनाने तक का पूरा सफर भारत में ही होगा।
यह घोषणा नवंबर 2025 में शुरू की गई रेयर अर्थ परमानेंट मैग्नेट योजना को आगे बढ़ाने का कदम है। इसका उद्देश्य है कि भारत इस क्षेत्र में अपनी घरेलू ताकत बढ़ाए और आयात पर निर्भरता कम करे।
फिलहाल भारत रेयर अर्थ मिनरल्स के लिए काफी हद तक चीन से आयात पर निर्भर है। यह चिंता का विषय है, क्योंकि रेयर अर्थ मिनरल्स का इस्तेमाल इलेक्ट्रॉनिक्स, रिन्यूएबल एनर्जी, इलेक्ट्रिक वाहन, रक्षा तकनीक और आधुनिक उद्योगों में होता है।
वित्त मंत्रालय ने कहा कि हमारे पास पर्याप्त कच्चे माल हैं और तटीय क्षेत्र इन खनिजों से भरपूर हैं। सरकार चाहती है कि भारत खुद इन जरूरी खनिजों का उत्पादन करे, ताकि देश की सप्लाई चेन सुरक्षित रहे और राष्ट्रीय सुरक्षा व आर्थिक विकास को मजबूती मिले।
ओडिशा, केरल, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु को ऐसे ही नहीं चुना गया है। इन राज्यों के समुद्री तटों पर मोनाजाइट और अन्य बीच सैंड मिनरल्स बड़ी मात्रा में पाए जाते हैं, जिनमें रेयर अर्थ तत्व भरपूर होते हैं।
ये कॉरिडोर केवल खनिज निकालने तक सीमित नहीं रहेंगे। यहां हाई-वैल्यू प्रोसेसिंग और रेयर अर्थ मैग्नेट बनाने का काम भी होगा, जिससे भारत को अपने ही खनिजों से ज्यादा फायदा मिलेगा।
उद्योग विशेषज्ञों ने इस कदम को चीन के लगभग एकाधिकार के खिलाफ भारत की मजबूत रणनीति बताया है। उनका कहना है कि इससे वैश्विक स्तर पर भारत की स्थिति बेहतर होगी।
यह योजना नेशनल क्रिटिकल मिनरल्स मिशन के उद्देश्यों से मेल खाती है और खनन क्षेत्र में हाल के सुधारों को भी आगे बढ़ाती है, जिनका मकसद काम को ज्यादा पारदर्शी और आसान बनाना है।
यह ऐलान दिखाता है कि भारत जरूरी खनिजों के मामले में आत्मनिर्भर बनना चाहता है, जो देश की औद्योगिक और ऊर्जा बदलाव की योजना का अहम हिस्सा है।
वित्त मंत्री के इस फैसले से निवेश बढ़ने, नए रोजगार पैदा होने और खनिज तकनीक में नवाचार आने की उम्मीद है। इससे भारत ग्रीन एनर्जी और एडवांस टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में भी मजबूत होगा। हालांकि अभी फंडिंग, समयसीमा और प्रोत्साहनों की पूरी जानकारी नहीं दी गई है, लेकिन ये रेयर अर्थ कॉरिडोर सरकार की रणनीतिक मैन्युफैक्चरिंग योजना में एक बड़ा और साहसिक कदम माने जा रहे हैं।



kalyan chart

Feedback/Enquiry



Log In Your Account