ब्रेकिंग न्यूज

देश-विदेश

बोर्ड परीक्षाओं से पहले छात्रों को मिला पीएम मोदी का मार्गदर्शन, ‘परीक्षा पे चर्चा’ की नेताओं ने की जमकर सराहना

07-Feb-2026
नई दिल्ली।   ( शोर संदेश ) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बोर्ड परीक्षाओं से पहले छात्रों के साथ संवाद को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान समेत कई नेताओं ने सराहना की है। ‘परीक्षा पे चर्चा’ का कार्यक्रम संसद भवन के बाल योगी ऑडिटोरियम में भी रखा गया, जहां छात्रों के साथ मंत्रियों और भाजपा सांसदों ने हिस्सा लिया।
केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने प्रधानमंत्री मोदी के कार्यक्रम को लेकर कहा, “छोटी-छोटी बातों के माध्यम से उन्होंने बहुत बड़ी-बड़ी कल्पना को जन्म दिया है। वे लगातार बच्चों से रूबरू होते हैं। इस बार देश के अनेक भागों में जाकर उन्होंने इस चर्चा को आगे बढ़ाया है।”
केंद्रीय राज्य मंत्री जयंत चौधरी ने कहा, “प्रधानमंत्री मोदी की वाकई में बहुत अनोखी और आकर्षक अभिव्यक्ति करने की शैली है। जिन्होंने कार्यक्रम को देखा है, उन्होंने महसूस किया है। मुझे यह भी खुशी होती है कि हमने प्रधानमंत्री मोदी को सुना और छात्रों के माध्यम से देश की एक तस्वीर देखी। कार्यक्रम में जिन बच्चों ने भाग लिया, उनमें जिज्ञासा, हुनर और सीखने की क्षमता है। यह छात्रों के लिए भी खास पल रहा कि वे प्रधानमंत्री आवास पर खुद पीएम मोदी से रूबरू हुए और उनसे सवाल पूछे।”
परीक्षा पे चर्चा’ के बारे में जयंत चौधरी ने कहा, “पीएम मोदी भी अपने अनुभव को साझा करते हैं। ये सिर्फ छात्रों और शिक्षकों, मंत्रालय के अधिकारियों और सांसदों के लिए नहीं, बल्कि पूरे देशवासियों के लिए अनोखा अवसर होता है। जीवन पद्धति कैसी हो और कैसे अच्छे नागरिक बन सकते हैं, इस बारे में भी पीएम मोदी ने कई बातें कहीं।”
केंद्रीय राज्य मंत्री एसपी सिंह बघेल ने कार्यक्रम के बारे में कहा, “कार्यक्रम में प्रधानमंत्री मोदी ने बच्चों को समझाया कि परीक्षा से जुड़े तनाव और डर से कैसे निपटा जाए, मनोवैज्ञानिक दबाव उन पर कैसे असर डालता है, अभिभावक उनका कैसे साथ दे सकते हैं और सफलता पाने के कई टिप्स भी बताए।”
बीजेपी सांसद राजकुमार चाहर ने ‘परीक्षा पे चर्चा’ पर कहा, “यह कार्यक्रम हर वर्ष होता है और छात्रों को इसका इंतजार तो रहता ही है, हम लोगों को भी इसका इंतजार रहता है। जीवन की कला, जीवन में कैसे निर्णय लें और कैसे आगे पढ़ें, बहुत कुछ सीखने को मिलता है।” उन्होंने कहा कि इस तरह के कार्यक्रमों से छात्रों का आत्मविश्वास बढ़ता है। एक अभिभावक के नाते प्रधानमंत्री मोदी छात्रों को सब कुछ सिखाते हैं। 

गढ़चिरौली में पुलिस और माओवादियों के बीच मुठभेड़, अब तक 3 ढेर

07-Feb-2026
नई दिल्ली।  ( शोर संदेश )महाराष्ट्र के गढ़चिरौली जिले के अबूझमाड़ के जंगलों में चल रहे अभियान के दौरान शुक्रवार सुबह दो अन्य माओवादियों के शव बरामद किए गए हैं। इनमें एक पुरुष और एक महिला माओवादी शामिल हैं। इसके साथ ही पुलिस ने मौके से दो हथियार भी बरामद किए हैं। इससे पहले एक माओवादी की मौत हो चुकी थी, जिसके बाद अब तक कुल तीन माओवादी (दो पुरुष और एक महिला) ढेर हो चुके हैं। मौके से पुलिस ने एक एके-47 और एक एसएलआर राइफल भी जब्त किए हैं। हालांकि, तीनों माओवादियों की पहचान अभी तक नहीं हो सकी है।
गढ़चिरौली पुलिस और नक्सलियों के बीच यह मुठभेड़ महाराष्ट्र-छत्तीसगढ़ बॉर्डर पर पिछले दो दिनों से चल रही थी। जंगल के घने इलाकों में चल रहे इस ऑपरेशन में सुरक्षा बलों ने काफी सतर्कता दिखाई। अभियान के दौरान सी-60 जवान दीपक चिन्ना मडावी (38), जो अहेरी के निवासी थे और मूल रूप से मांडरा, दामरांचा, तालुका अहेरी से थे, गंभीर रूप से घायल हो गए थे। उन्हें एयरलिफ्ट करके अबूझमाड़ से उपजिला अस्पताल भामरागड लाया गया, लेकिन इलाज के दौरान उनकी गंभीर चोटों के कारण उनका निधन हो गया।
इस अभियान में एक अन्य जवान, जोगा मडावी, निवासी किष्टयापल्ली, रात के दौरान गोली लगने से घायल हो गए। उन्हें भी तुरंत हेलीकॉप्टर से अस्पताल लाया गया और फिलहाल उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है। जल्द ही उन्हें गढ़चिरौली स्थानांतरित किया जाएगा।
अभियान के तहत पुलिस ने इलाके में सर्च ऑपरेशन जारी रखा है और जंगल के अलग-अलग हिस्सों में घेराबंदी की गई है। सुरक्षा बलों की सतर्कता और पराक्रम के चलते अब तक तीन माओवादी ढेर हो चुके हैं और उनके पास से हथियार बरामद किए गए हैं। पुलिस ने कहा है कि पूरे क्षेत्र में माओवादी गतिविधियों की निगरानी की जा रही है और किसी भी तरह की नक्सली गतिविधि को रोकने के लिए अभियान जारी रहेगा। 

भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ मलेशिया में होगा पीएम मोदी का स्वागत

07-Feb-2026
नई दिल्ली।   ( शोर संदेश ) मलेशिया में भारतीय समुदाय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वागत की तैयारियों में जुटा हुआ है। 7 से 8 फरवरी तक होने वाले प्रधानमंत्री मोदी के दो दिवसीय आधिकारिक दौरे को लेकर भारतीय प्रवासियों में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है। यह यात्रा मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम के आमंत्रण पर हो रही है और इससे भारत-मलेशिया संबंधों को और मजबूती मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
प्रधानमंत्री मोदी की इस यात्रा के दौरान व्यापार, वित्त, सुरक्षा और सांस्कृतिक सहयोग समेत कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है। आसियान इंडिया इकोनॉमिक काउंसिल (एआईईसी) के चेयरमैन रमेश कोडम्मल ने कहा कि मलेशियाई सरकार और वहां की जनता प्रधानमंत्री मोदी का दिल से स्वागत कर रही है।
रमेश कोडम्मल ने कहा, “यह लंबे समय से प्रतीक्षित यात्रा है और लोग पीएम मोदी को देखने, सुनने और उनसे मिलने को लेकर बेहद उत्साहित हैं। यह भारत-मलेशिया रिश्तों को नई ऊंचाइयों पर ले जाने का सुनहरा अवसर है।” उन्होंने बताया कि वर्ष 2023-24 में भारत और मलेशिया के बीच द्विपक्षीय व्यापार करीब 20 अरब डॉलर रहा है, जिसके आगे और बढ़ने की उम्मीद है।
भारतीय समुदाय के एक सदस्य ने कहा कि वे प्रधानमंत्री मोदी को फिर से मलेशिया में देखने को लेकर बेहद उत्साहित हैं। उन्होंने कहा, “मैं 10 साल पहले उनकी पिछली यात्रा का भी हिस्सा रहा था। एक दशक बाद उनका फिर से मलेशिया आना यह दर्शाता है कि वे भारत और मलेशिया के बीच द्विपक्षीय और सांस्कृतिक रिश्तों को कितना मजबूत करना चाहते हैं।”
प्रधानमंत्री के स्वागत के लिए भारतीय समुदाय की ओर से सांस्कृतिक कार्यक्रमों की भी भव्य तैयारियां की जा रही हैं। मलेशिया भरतनाट्यम डांस एसोसिएशन की ओर से विशेष प्रस्तुति दी जाएगी, जिसमें विभिन्न भारतीय नृत्य शैलियों को एक ही कोरियोग्राफी में पेश किया जाएगा।
स्वागत कार्यक्रम में करीब 800 कलाकार और नर्तक शास्त्रीय और फ्यूजन प्रस्तुतियों का अभ्यास कर रहे हैं। इनमें कथक, भरतनाट्यम और बैले जैसे नृत्य शामिल हैं।
एक कलाकार ने बताया, “हमने कई हफ्तों तक अभ्यास किया है। कथक और बैले का फ्यूजन तैयार किया गया है, जो करीब दो मिनट का होगा। हमें उम्मीद है कि प्रधानमंत्री मोदी को यह प्रस्तुति पसंद आएगी।”
एक कोरियोग्राफर ने कहा कि तैयारियां काफी समय से चल रही हैं। उन्होंने बताया कि उनके चार छात्र इस प्रस्तुति का हिस्सा हैं, जो सीनियर सेकेंडरी के छात्र हैं। व्यस्त शेड्यूल के बावजूद सभी ने पूरी लगन से अभ्यास किया है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस दौरे के दौरान मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे। इन बैठकों में व्यापार, वित्त और समग्र रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने पर विशेष जोर दिए जाने की उम्मीद है।
 

डिजिटल साक्षरता से ही रुकेगी ऑनलाइन ठगी: राष्ट्रपति मुर्मु

07-Feb-2026
नई दिल्ली।  ( शोर संदेश ) राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु शुक्रवार को ओडिशा के भुवनेश्वर में ग्लोबल फाइनेंस एंड टेक्नोलॉजी नेटवर्क के सहयोग से ओडिशा सरकार द्वारा आयोजित ब्लैक स्वान समिट, इंडिया में शामिल हुईं। इस दौरान उन्होंने तेजी से बदलती तकनीक, उससे जुड़ी चुनौतियों और डिजिटल साक्षरता की आवश्यकता पर विस्तार से प्रकाश डाला।
अपने संबोधन में राष्ट्रपति ने कहा कि वर्तमान युग में प्रौद्योगिकी अभूतपूर्व गति से विकसित हो रही है। नए आविष्कार इतनी तेजी से सामने आ रहे हैं कि कई बार हमारी प्रणालियां, कौशल और कारोबारी मॉडल उनके साथ तालमेल नहीं बिठा पा रहे हैं। उन्होंने कहा कि तकनीकी प्रगति जहां नवाचार और विकास के नए अवसर पैदा कर रही है, वहीं साइबर सुरक्षा जोखिम, डीपफेक, भ्रामक सूचना और तकनीक पर बढ़ती निर्भरता जैसी गंभीर चुनौतियां भी सामने आ रही हैं।
द्रौपदी मुर्मु ने कहा कि ब्लैक स्वान समिट जैसे आयोजनों के माध्यम से कौशल विकास को प्रोत्साहित किया जा सकता है। इससे क्षमताओं को मजबूत करने, रोजगार सृजन और डिजिटल एवं वित्तीय परिवर्तन को गति देने के लिए प्रौद्योगिकी के बेहतर उपयोग के नए रास्ते सामने आते हैं।
उन्होंने कहा कि पिछले एक दशक में भारत की वित्तीय प्रणाली में ऐतिहासिक बदलाव देखने को मिले हैं। किसानों, छोटे दुकानदारों और महिलाओं के बीच बैंक खातों में प्रत्यक्ष लाभ अंतरण और डिजिटल भुगतान अब आम हो चुके हैं। राष्ट्रपति ने कहा कि इन वर्गों के लिए फिनटेक केवल एक तकनीकी शब्द नहीं, बल्कि जीवनरेखा बन चुका है।
राष्ट्रपति ने जोर देते हुए कहा कि भारत की फिनटेक यात्रा को महिला-पुरुष समानता और सामाजिक न्याय की कहानी के रूप में भी देखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि महिलाओं को केवल अंतिम उपयोगकर्ता नहीं, बल्कि पेशेवर, उद्यमी और नीति निर्धारण में सहभागी के रूप में शामिल करना आवश्यक है। हर नई नीति और प्लेटफॉर्म का मूल्यांकन इस आधार पर होना चाहिए कि वह महिलाओं को डिजिटल और वित्तीय इको-सिस्टम में कितना सशक्त बनाता है।
द्रौपदी मुर्मु ने कहा कि वित्तीय प्रौद्योगिकी अपने आप में समावेशन की गारंटी नहीं देती। दूरदराज, आदिवासी और ग्रामीण क्षेत्रों में आज भी ऐसे नागरिक हैं जो डिजिटल उपकरणों से परिचित नहीं हैं। उन्हें आवश्यक कौशल प्रदान करना विकास यात्रा में भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए बेहद जरूरी है। तभी फिनटेक समावेशन, रोजगार और उद्यमिता को बढ़ावा देने का माध्यम बन सकता है।
उन्होंने चेतावनी दी कि तकनीक का दुरुपयोग वित्तीय धोखाधड़ी के लिए भी किया जा सकता है। ऐसी ठगी को रोकने के लिए लोगों में जागरूकता और सतर्कता बेहद आवश्यक है। राष्ट्रपति ने बताया कि भारत सरकार ने भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र, नागरिक वित्तीय साइबर धोखाधड़ी रिपोर्टिंग एवं प्रबंधन प्रणाली और साइबर धोखाधड़ी निवारण केंद्र जैसे कई कदम उठाए हैं। उन्होंने कहा कि ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी रोकने के लिए डिजिटल और वित्तीय साक्षरता को स्कूली पाठ्यक्रम का हिस्सा बनाया जाना चाहिए।
राष्ट्रपति ने कहा कि कौशल विकास, वैश्विक क्षमता केंद्रों की स्थापना और नवाचार को बढ़ावा देना मानव पूंजी में निवेश है। उन्होंने ओडिशा सरकार की भारतनेत्र पहल की सराहना करते हुए कहा कि डिजिटल, वित्तीय और बीमा प्रौद्योगिकी क्षेत्रों में भविष्य के लिए तैयार कार्यबल और नवाचार इको-सिस्टम तैयार करने की दिशा में यह अहम कदम है। 

अर्जेंटीना की ऊंची चोटी ‘माउंट एकांकागुआ’ पर चढ़ाई करेंगे भारतीय पर्वतारोही

06-Feb-2026
नई दिल्ली। ( शोर संदेश )  भारतीय पर्वतारोहियों की एक टीम अर्जेंटीना की ऊंची चोटी ‘माउंट एकांकागुआ’ पर चढ़ाई करेगी। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने गुरुवार को साउथ ब्लॉक (रक्षा मंत्रालय) से भारतीय पर्वतारोहण टीम को रवाना किया।
इस टीम में नेहरू पर्वतारोहण संस्थान, उत्तरकाशी और जवाहर पर्वतारोहण एवं शीतकालीन खेल संस्थान पहलगाम के पर्वतारोही शामिल हैं। अर्जेंटीना का माउंट एकांकागुआ करीब 6,961 मीटर ऊंचा है। एक जानकारी के अनुसार यह पर्वत दक्षिण अमेरिका की सबसे ऊंची चोटी है। यही नहीं, बल्कि एशिया के बाहर यह दुनिया की सबसे ऊंची पहाड़ी चोटी मानी जाती है।
भारतीय पर्वतारोहियों की टीम को रवाना करते हुए राजनाथ सिंह ने कहा कि ऐसी चढ़ाइयां सिर्फ शरीर की ताकत नहीं, बल्कि हिम्मत, धैर्य, टीमवर्क और मजबूत सोच की भी परीक्षा होती हैं। उन्होंने कहा कि हमारे पर्वतारोही इन्हीं खूबियों की वजह से देश का नाम रोशन करते हैं। उन्होंने दोनों संस्थानों की तारीफ की और टीम को शुभकामनाएं दीं।
गौरतलब है कि पर्वतारोहियों के इस अभियान में कुल छह अनुभवी पर्वतारोही हैं। इनमें कर्नल हेम चंद्र सिंह, कैप्टन जी. संतोष कुमार, दीप बहादुर साही, विनोद गुसाईं, नायब सूबेदार भूपिंदर सिंह और हवलदार रमेश कुमार शामिल हैं। रक्षा मंत्रालय के अनुसार यह अभियान 6 फरवरी से शुरू होगा और इस महीने के आखिर तक पर्वतारोहण का यह मिशन पूरा होने की उम्मीद है।
रक्षा मंत्री ने बताया कि इस अभियान से मिलने वाला अनुभव आगे चलकर युवाओं, सेना के जवानों और साहसिक खेलों में रुचि रखने वालों को बेहतर और सुरक्षित प्रशिक्षण देने में काम आएगा। यह अभियान यह भी दिखाता है कि भारत अब दुनिया के बड़े पर्वतारोहण अभियानों में मजबूती से अपनी मौजूदगी दर्ज करा रहा है।
गौरतलब है कि भारतीय पर्वतारोहियों की एक टीम ने कुछ महीने पहले विश्व की सर्वोच्च चोटी माउंट एवरेस्ट (8,848.86 मीटर) को सफलतापूर्वक फतह करने का कीर्तिमान स्थापित किया था। विश्व की सबसे ऊंची चोटी माउंट एवरेस्ट पर चढ़ने वाले इस दल में भारतीय सेना के जवान, प्रशिक्षक व वरिष्ठ अधिकारी शामिल रहे। यहां भी जवाहर इंस्टीट्यूट ऑफ माउंटेनियरिंग एंड विंटर स्पोर्ट्स पहलगाम व नेहरू इंस्टीट्यूट ऑफ माउंटेनियरिंग उत्तरकाशी और हिमालयन माउंटेनियरिंग इंस्टीट्यूट दार्जिलिंग के प्रशिक्षकों की संयुक्त पर्वतारोही टीम थी।
इस टीम ने 23 मई 2025 को विश्व की सर्वोच्च चोटी माउंट एवरेस्ट (8,848.86 मीटर) को सफलतापूर्वक फतह कर ऐतिहासिक कीर्तिमान स्थापित किया था। इस दल का नेतृत्व नेहरू इंस्टीट्यूट ऑफ माउंटेनियरिंग के प्राचार्य कर्नल अंशुमान भदौरिया और जवाहर इंस्टीट्यूट ऑफ माउंटेनियरिंग एंड विंटर स्पोर्ट्स के प्राचार्य कर्नल हेम चंद्र सिंह ने किया था।
 

देश भर में 47 डॉप्लर वेदर रडार ऑपरेशनल हैं, जिनमें से 3 हिमाचल प्रदेश के कुफरी, जोत और मुरारी देवी में

06-Feb-2026
नई दिल्ली।( शोर संदेश )   केंद्रीय विज्ञान मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने गुरुवार को संसद को बताया कि वर्तमान में, 47 डीडब्ल्यूआर देश भर में ऑपरेशनल हैं, जिनमें से हिमाचल प्रदेश में 3 (कुफरी, जोत और मुरारी देवी में) शामिल हैं। देश के कुल क्षेत्रफल का 87% रडार कवरेज के अंतर्गत आता है। पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय (एमओईएस) ने भारत को “मौसम के लिए तैयार और जलवायु-स्मार्ट” राष्ट्र बनाने के लक्ष्य के साथ मिशन मौसम का शुभारंभ किया, जिसका उद्देश्य जलवायु परिवर्तन और घटनाओं के प्रभावों को कम करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।
वर्तमान में, मोबाइल-आधारित अलर्ट प्रणाली सक्रिय है, जो एसएसीएचईटी प्लेटफॉर्म के माध्यम से कॉमन अलर्टिंग प्रोटोकॉल (सीएपी) अलर्ट जारी करता है। मौसम के पूर्वानुमान और चेतावनी को राज्य आपातकालीन संचालन केंद्र (एसईओसी) के साथ भी साझा किया जाता है ताकि इन्हें आम जनता तक और अधिक प्रभावी ढंग से प्रसारित किया जा सके।
भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीएमए) और चेतावनी के प्रसार और संचार के लिए टेलीमैटिक्स के विकास केंद्र (सी-डीओटी) के समन्वय में आवश्यक कदम और कार्रवाई करता है। मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) के अनुसार, आईएमडी भारी वर्षा, बिजली, आंधी और धूल के तूफान जैसी गंभीर मौसम की घटनाओं के लिए पाउचेट प्लेटफॉर्म का उपयोग करके कॉमन अलर्टिंग प्रोटोकॉल (सीएपी) अलर्ट तैयार किए जाते हैं।
इन अलर्ट को राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एसडीएमए) द्वारा एसएमएस के माध्यम से भू-लक्षित उपयोगकर्ताओं को प्रसारित किया जाता है। इन अलर्ट को एसएसीएचईटी वेबसाइट और एसएसीएचईटी मोबाइल ऐप के माध्यम से भी प्रसारित किया जाता है। आईएमडी के कैप फीड को ग्लोबल मल्टी-हज़र्ड अलर्ट सिस्टम (जीएमएएस), गूगल, एक्यूवेदर और ऐप्पल को भी प्रसारित किया जाता है। वर्तमान में, मोबाइल-आधारित अलर्ट सिस्टम चालू है, जो एसएसीएचईटी प्लेटफॉर्म के माध्यम से कॉमन अलर्टिंग प्रोटोकॉल (सीएपी) अलर्ट जारी करता है। 
 

भगवान बुद्ध के पवित्र देवनीमोरी अवशेष पहुंचा श्रीलंका, पवित्र अवशेषों की प्रदर्शनी

06-Feb-2026
नई दिल्ली। ( शोर संदेश )  भगवान बुद्ध के पवित्र देवनीमोरी अवशेष पूरे राजकीय सम्मान के साथ श्रीलंका पहुंचे, जहां इनकी प्रदर्शनी लगाई जाएगी। यह पहल गहन आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और सभ्यतागत महत्व का क्षण है, जो भारत व श्रीलंका के बीच साझा बौद्ध विरासत में निहित स्थायी संबंधों को और मजबूत करता है।
ये पवित्र अवशेष भारतीय वायु सेना के एक विशेष विमान से श्रीलंका पहुंचे और भारत-श्रीलंका के स्थापित प्रोटोकॉल के अनुसार उन्हें पूर्ण राजकीय सम्मान दिया गया। गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत और उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी के नेतृत्व में एक उच्च स्तरीय भारतीय प्रतिनिधिमंडल अवशेषों के साथ आया था। इस प्रतिनिधिमंडल में वरिष्ठ बौद्ध भिक्षु, सरकारी अधिकारी और अन्य विशिष्ट गणमान्य व्यक्ति भी शामिल थे।
यह प्रदर्शनी पीएम मोदी की अप्रैल 2025 में श्रीलंका की राजकीय यात्रा के दौरान की गई घोषणा के अनुरूप आयोजित की जा रही है, जिसमें उन्होंने श्रीलंका के साथ आध्यात्मिक और सांस्कृतिक संबंधों को गहरा करने की प्रतिबद्धता व्यक्त की थी। इस यात्रा के दौरान, पीएम ने बौद्ध संबंधों को बढ़ावा देने के लिए 2020 में घोषित 15 मिलियन अमेरिकी डॉलर के अनुदान के अतिरिक्त, अनुराधापुरा में पवित्र नगर परिसर परियोजना के विकास के लिए अनुदान सहायता की भी घोषणा की थी।
पवित्र देवनीमोरी अवशेषों की प्रदर्शनी का उद्घाटन 4 फरवरी, 2026 को कोलंबो के गंगारामया मंदिर में श्रीलंका के राष्ट्रपति अनुरा कुमार दिसानायके ने और गुजरात के राज्यपाल तथा उपमुख्यमंत्री ने मिलकर किया। इस अवसर पर गंगारामया मंदिर के मुख्य पुजारी डॉ. किरिंदे असाजी थेरो भी उपस्थित थे।
इस अवसर श्रीलंका सरकार के कई वरिष्ठ गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे। इस प्रदर्शनी के अंतर्गत गंगारामया मंदिर में “पवित्र पिपरावा का अनावरण” और “समकालीन भारत के पवित्र अवशेष और सांस्कृतिक जुड़ाव” शीर्षक से दो प्रदर्शनियों का भी उद्घाटन किया गया।
पवित्र अवशेषों का पारंपरिक धार्मिक रीति-रिवाजों के साथ विधिपूर्वक स्वागत किया गया और उन्हें गंगारामया मंदिर में स्थापित किया गया। यह प्रदर्शनी 5 फरवरी 2026 से आम जनता के लिए खुली रहेगी, जिससे श्रीलंका और दुनिया भर के श्रद्धालु श्रद्धांजलि अर्पित कर सकेंगे। श्रीलंका के 78वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर ये पवित्र अवशेष वहां पहुंचे जिससे इस आयोजन का महत्व और भी बढ़ गया। यह प्रदर्शनी भारत के बाहर देवनीमोरी अवशेषों की पहली सार्वजनिक प्रदर्शनी है। इससे पहले, भारत ने श्रीलंका में वर्ष 2012 में कपिलवस्तु अवशेषों की प्रदर्शनी और 2018 में सारनाथ अवशेषों की प्रदर्शनी आयोजित की थी।
देवनीमोरी के पवित्र अवशेषों की प्रदर्शनी भगवान बुद्ध के दिए करुणा, शांति और अहिंसा के संदेश का जीवंत प्रमाण है। यह आयोजन भारत और श्रीलंका के बीच गहरे सभ्यतागत संबंधों को दर्शाता है जिससे दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक, आध्यात्मिक और जन-संबंध और भी मजबूत होते हैं।
 

ट्रंप का बयान: चैटजीपीटी का इस्तेमाल नहीं किया, लेकिन एआई इंटरफेस को बताया अहम

06-Feb-2026
नई दिल्ली। ( शोर संदेश )  अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि उन्होंने चैटजीपीटी जैसे एआई इंटरफेस का इस्तेमाल नहीं किया, फिर भी उन्हें लगता है ये बहुत अहम है। उन्होंने ये भी कहा कि वो एआई के मामले में चीन से काफी आगे हैं और भविष्य में इस क्षेत्र में और अधिक निवेश के लिए भी तैयार हैं।
अमेरिकी मीडिया आउटलेट एनबीसी न्यूज से बातचीत में माना कि एआई टूल का उन्होंने इस्तेमाल नहीं किया है लेकिन इसके बारे में वो सब कुछ जानते हैं। एआई से अमेरिका में लेऑफ और अमेरिका की तैयारी को लेकर पूछे गए एक सवाल के जवाब में ट्रंप ने अपनी तैयारियों पर राय रखी और माना कि वो इस मामले में बीजिंग से काफी आगे हैं।
ट्रंप ने कहा, “हम चीन से काफी आगे हैं। एआई रेस में अमेरिका चीन से ही नहीं, पूरी दुनिया से भी काफी आगे है।” उन्होंने आगे कहा, “एआई और ऑटोमोबाइल कंपनियां अमेरिका में फैक्ट्रियां बना रही हैं। एआई को बहुत ज्यादा बिजली चाहिए, इसलिए उनकी योजना है कि हर नई फैक्ट्री बिजली खुद बनाएगी।”
दावा किया कि अमेरिका में एआई, ऑटो प्लांट और दूसरी इंडस्ट्रीज बड़े पैमाने पर बन रही हैं और देश हर क्षेत्र में आगे बढ़ रहा है।” एआई के कारण ले ऑफ वाले सवाल पर ट्रंप ने कहा, ” कहा गया था कि इंटरनेट नौकरियां खत्म कर देगा, रोबोट नौकरियां खत्म कर देंगे, सब कुछ नौकरियां खत्म कर देगा और अगर आप स्मार्ट हैं, तो आप आखिर में बहुत अच्छा करते हैं।”
इसके साथ ही अमेरिकी राष्ट्रपति ने एआई टूल इस्तेमाल न करने की भी बात कही। माना कि उन्होंने चैट जीपीटी और क्लाउड जैसे बहुचर्चित एआई इंटरफेस का इस्तेमाल नहीं किया है। उन्होंने कहा, “मैंने सच में नहीं किया है, लेकिन मुझे इसके बारे में सब पता है। मुझे लगता है ये बहुत महत्वपूर्ण है।”
बुधवार रात टीवी पर प्रसारित शो में ट्रंप ने माना कि अमेरिका का राष्ट्रपति होना उनके लिए सबसे मुश्किल काम है। उन्होंने कहा, “राष्ट्रपति बनना सबसे खतरनाक काम है। मुझे अपनी सुरक्षा की चिंता रहती है, लेकिन इस डर को मन से निकालना पड़ता है।”

9 फरवरी से बेंगलुरु मेट्रो का किराया 5 प्रतिशत होगा महंगा

06-Feb-2026
नई दिल्ली। ( शोर संदेश )  बेंगलुरु मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (बीएमआरसीएल) ने गुरुवार को आधिकारिक तौर पर किराए में पांच प्रतिशत की बढ़ोतरी की घोषणा की। नई दरें 9 फरवरी से लागू होंगी। बीएमआरसीएल के जनसंपर्क अधिकारी बीएल यशवंत चौहान ने बताया, “किराया निर्धारण समिति के अनुसार, हर साल एक फॉर्मूले के तहत प्रतिशत के आधार पर गणना की जाती है। इसमें अधिकतम 5 प्रतिशत और न्यूनतम 4 प्रतिशत की बढ़ोतरी की जाती है। जब गणना की गई, तो 10 प्रतिशत बढ़ोतरी की जरूरत थी। चूंकि इसे लागू नहीं किया जा सकता था, इसलिए एफएफसी के अनुसार, सिर्फ 5 प्रतिशत की बढ़ोतरी की गई है।”
उन्होंने बताया कि नई दरों के लागू होने के बाद न्यूनतम किराया 10 रुपए से बढ़ाकर 11 रुपए और अधिकतम किराया 90 रुपए से बढ़ाकर 95 रुपए होगा।
बयान में कहा गया है, “एफएफसी ने बीएमआरसीएल के लिए संशोधित किराया संरचना की सिफारिश करते हुए पाया कि 7.5 साल बाद किराए में बदलाव और किराया जोन को 29 से घटाकर 10 करने से किराए में औसतन 51.55 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। भविष्य में बार-बार और अचानक किराए में बढ़ोतरी जैसी स्थिति से बचने के लिए समिति ने अपनी रिपोर्ट में सिफारिश की है कि किराए को सालाना आधार पर रिवाइज किया जाए, जिसके लिए एक पारदर्शी वार्षिक ऑटोमैटिक किराया संशोधन फॉर्मूला हो, जो ऑपरेशन और मैनेजमेंट लागत या 5 प्रतिशत प्रति साल, जो भी कम हो, से जुड़ा हो और इसे निकटतम रुपए में राउंड ऑफ किया जाए।”
अधिकारियों ने बताया कि एफएफसी की सिफारिशों बीएमआरसीएल पर बाध्यकारी हैं। सिफारिशों के अनुसार, यह सूचित किया जाता है कि वार्षिक ऑटोमैटिक किराया संशोधन 9 फरवरी से लागू होगा, जो बीएमआरसीएल की ओर से एफएफसी के सुझाए गए किराए को लागू करने की तारीख से 1 साल पूरा होने पर होगा।
बीएमआरसीएल ने बताया कि 96.10 किलोमीटर के अपने पूरे नेटवर्क पर 10 किराया जोन में मामूली बढ़ोतरी न्यूनतम 1 रुपए और अधिकतम 5 रुपए है। बयान में कहा गया।” वित्तीय वर्ष 2024-25 के ऑडिट किए गए वित्तीय डेटा के आधार पर फॉर्मूला-आधारित इंडेक्स 10.20 प्रतिशत की लागत वृद्धि दिखाता है। हालांकि, एफएफसी की शर्त के अनुसार, किराए में बढ़ोतरी सिर्फ 5 प्रतिशत तक सीमित रखी गई है।
नई दरों के बाद जीरो से दो किलोमीटर मेट्रो यात्रा का किराया 10 रुपए की जगह 11.2 रुपए होगा, 4 किलोमीटर के लिए 21.4 रुपए और इसी तरह आगे भी। बीएमआरसीएल ने कहा कि वह स्मार्ट-कार्ड, एनसीएमसी यूजर्स के लिए सभी मौजूदा यात्री-अनुकूल छूट जारी रखेगा, जैसे पीक आवर्स के दौरान 5 प्रतिशत छूट, रविवार को और तीन नेशनल हाईवे पर नॉन-पीक आवर्स के दौरान 10 प्रतिशत छूट। हालांकि, टूरिस्ट कार्ड और ग्रुप टिकट पर 5 प्रतिशत की सालाना बढ़ोतरी लागू होगी।
बयान में कहा गया है, “बीएमआरसीएल का फोकस यह है कि यह छोटा सालाना बदलाव फाइनेंशियल स्थिरता और सर्विस की विश्वसनीयता सुनिश्चित करने के लिए है, ताकि भविष्य में बड़े और अचानक किराए में बढ़ोतरी की जरूरत न पड़े। यह तरीका किराए को महंगाई और ऑपरेटिंग लागत के हिसाब से धीरे-धीरे बढ़ने देता है, जिससे यात्रियों को अचानक, बार-बार होने वाली बढ़ोतरी से बचाया जा सके।”

एस. जयशंकर का अमेरिका दौरा संपन्न, भारत-यूएस व्यापार समझौते की डिटेलिंग पर दी अहम जानकारी

05-Feb-2026
नई दिल्ली।  ( शोर संदेश ) भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर तीन दिवसीय दौरे पर 2 से 4 फरवरी तक अमेरिका में थे। इस दौरान उन्होंने अमेरिका के विदेश सचिव मार्को रुबियो से भी मुलाकात की। ईएएम जयशंकर ने अमेरिकी दौरे को प्रोडक्टिव और सकारात्मक बताया। उन्होंने ऐतिहासिक व्यापार समझौते का जिक्र करते हुए कहा कि भारत और अमेरिका के बीच बढ़ते संबंध में मजबूत रफ्तार साफ दिख रही है।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर मुलाकात की तस्वीरें साझा कर ईएएम एस. जयशंकर ने लिखा, “अमेरिका का एक प्रोडक्टिव और सकारात्मक दौरा खत्म हुआ। सेक्रेटरी रुबियो को उनकी अच्छी मेहमान नवाजी के लिए धन्यवाद। ऐतिहासिक भारत-अमेरिका व्यापार समझौता डिटेलिंग के आखिरी स्टेज में है जो बहुत जल्द पूरी हो जाएगी। यह हमारे द्विपक्षीय संबंधों में एक नया दौर शुरू करता है, जिसमें संबंधों के लिए बहुत सारी संभावनाएं हैं।”
उन्होंने कहा कि हमारा जरूरी खनिज सहयोग भी तेजी से आगे बढ़ रहा है। आने वाले दिनों में रणनीतिक मुद्दों, रक्षा और ऊर्जा पर बातचीत की उम्मीद है। कुल मिलाकर एक मजबूत मोमेंटम दिख रहा है।
इस अहम दौरे में विदेश मंत्री ने अमेरिकी सरकार के सीनियर सदस्यों के साथ मीटिंग भी की। इसमें अमेरिकी विदेश सचिव मार्को रुबियो और वित्त सचिव स्कॉट बेसेंट के साथ अलग-अलग मीटिंग शामिल थीं। इस दौरान उन्होंने भारत-अमेरिका रणनीतिक और आर्थिक साझेदारी पर बड़े पैमाने पर चर्चा की।
उन्होंने कहा कि रुबियो के साथ बातचीत में भारत-अमेरिका संबंध के कई अहम पहलुओं पर बात हुई। ईएएम जयशंकर ने कहा, “भारत-यूएस रणनीतिक साझेदारी के जिन पहलुओं पर बात हुई, उनमें व्यापार, ऊर्जा, न्यूक्लियर, रक्षा, जरूरी खनिज और तकनीक शामिल थे।”

विदेश मंत्री ने कहा कि दोनों पक्ष फॉलो-अप कामों पर तेजी से आगे बढ़ने पर सहमत हुए। हमारे साझा हितों को आगे बढ़ाने के लिए अलग-अलग तरीकों की जल्द मीटिंग पर सहमति हुई। अमेरिकी विभाग की ओर से साझा जानकारी के अनुसार विदेश मंत्री जयशंकर और रुबियो ने जरूरी मिनरल्स की खोज, माइनिंग और प्रोसेसिंग पर द्विपक्षीय सहयोग को औपचारिक बनाने पर चर्चा की। यह एक ऐसा क्षेत्र है, जो भारत-अमेरिका आर्थिक और रणनीतिक संबंध का एक अहम हिस्सा बनकर उभरा है।
बुधवार को हुई यह मीटिंग अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप और प्रधानमंत्री मोदी के व्यापार समझौते की घोषणा के एक दिन बाद हुई, जिसका मकसद दुनिया के दो सबसे बड़े लोकतंत्रों के बीच रुकावटों को कम करना और मार्केट एक्सेस को बढ़ाना है।
 



kalyan chart

Feedback/Enquiry



Log In Your Account