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‘मुख्यमंत्री रोजगार योजना’ में सीएम नीतीश ने 25 लाख महिलाओं के खाते में भेजे 10 हजार रुपये

16-Feb-2026
नई दिल्ली।  ( शोर संदेश ) बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आज सोमवार को ‘मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना’ की 25 लाख लाभार्थी महिलाओं के खाते में एक क्लिक से 10 हजार रुपये भेजे। मुख्यमंत्री ने 10 हजार रुपये प्रति महिला को 2,500 करोड़ रुपये की राशि का रिमोट का बटन दबाकर हस्तांतरण किया।
इसके पूर्व 1.56 करोड़ लाभार्थी महिलाओं के खाते में 15,600 करोड़ रुपये की राशि दी जा चुकी है। अब कुल मिलाकर 1.81 करोड़ महिलाओं के खाते में 10,000 रुपये की राशि भेजी जा चुकी है। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि आज के कार्यक्रम में वीडियो कॉन्फ्रेंस से बड़ी संख्या में जुड़ीं सभी महिलाओं को संबोधित करते हुए कहा कि इस योजना में दी गई सहायता से काफी संख्या में महिलाओं ने अपनी पसंद का रोजगार शुरू किया है। जो महिलाएं अपना रोजगार अच्छे से करेंगी, उन्हें आगे दो लाख रुपये तक की सहायता दी जाएगी।
उन्होंने कहा कि अब इसके बाद जो परिवार बचे हैं, उन्हें भी जल्द ही सहायता राशि दे दी जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमलोगों ने शुरू से ही महिला सशक्तीकरण पर जोर दिया है। पहले बिहार में स्वयं सहायता समूह की संख्या बहुत कम थी, लेकिन अब संख्या काफी बढ़ गई है।
बता दें कि अगले पांच वर्षों में विकास की गति को और तेज करने के लिए ‘सात निश्चय-3’ का गठन किया गया है। इसके अंतर्गत पहले निश्चय ‘दोगुना रोजगार-दोगुनी आय’ के तहत राज्य की प्रति व्यक्ति औसत आय को दोगुना करने का लक्ष्य रखा गया है और इसके लिए मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत हर परिवार की एक महिला को 10 हजार रुपये तक की सहायता दी जा रही है।
नीतीश कुमार ने इस दौरान कई लाभार्थी महिलाओं से वार्ता भी की। इस कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, उप मुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा, जल संसाधन सह संसदीय कार्य मंत्री विजय कुमार चौधरी, ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार सहित कई अन्य वरीय अधिकारी उपस्थित थे जबकि वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी जिलों के जिलाधिकारी, लाभार्थी भी जुड़े हुए थे। 




 

अरुण जेटली स्टेडियम में अफ़गानिस्तान ने UAE को 5 विकेट से हराया

16-Feb-2026
नई दिल्ली।  ( शोर संदेश ) अफ़गानिस्तान ने शुरुआती झटकों से उबरते हुए सोमवार को अरुण जेटली स्टेडियम में यूनाइटेड अरब अमीरात (UAE) को पांच विकेट से हराया और 2026 मेन्स T20 वर्ल्ड कप में अपनी पहली जीत हासिल की। ​​इस नतीजे का मतलब यह भी है कि अफ़गानिस्तान ने सुपर एट्स में पहुंचने की अपनी थोड़ी सी उम्मीदें ज़िंदा रखी हैं।
ओपनर इब्राहिम ज़दरान ने 41 गेंदों पर 53 रन और अज़मतुल्लाह उमरज़ई ने 21 गेंदों पर नाबाद 40 रन बनाए, जिससे यह पक्का हो गया कि चार गेंद बाकी रहते लक्ष्य का पीछा पूरा हो गया, जबकि UAE के गेंदबाजों ने मुकाबला ज़िंदा रखने के लिए कड़ी मेहनत की।
161 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी टीम की शुरुआत खराब रही, रहमानुल्लाह गुरबाज़, गुलबदीन नायब और सेदिकुल्लाह अटल आधे रन से पहले ही आउट हो गए। ज़दरान ने पांच चौकों और एक छक्के की तेज़ पारी खेलकर पारी को संभाला, लेकिन उनके आउट होने से UAE के लिए रास्ता फिर से खुल गया। पहली पारी में 4-15 के साथ पहले से ही स्टार रहे उमरज़ई को काम खत्म करना था। उनकी 21 गेंदों में दो चौकों और तीन छक्कों की मदद से अफ़गानिस्तान ने टूर्नामेंट में पहली बार जीत हासिल की।
UAE के लिए, मुहम्मद अरफ़ान के डिसिप्लिन्ड स्पेल ने दो विकेट लिए और चेज़ को टेंशन में रखा, लेकिन बीच के ओवरों में बैटिंग के खराब होने से वे सही मायने में कॉम्पिटिटिव टोटल से चूक गए। उनका 160 रन ज़्यादा से ज़्यादा था, और अफ़गानिस्तान की बैटिंग डेप्थ डिसाइडिंग साबित हुई। इस रिज़ल्ट ने साउथ अफ़्रीका के सुपर एट्स के लिए क्वालिफ़ाई करने को भी कन्फ़र्म कर दिया, जहाँ पहले इंडिया और वेस्ट इंडीज़ ने अपनी जगह पक्की कर ली थी।
अफ़गानिस्तान के जवाब की शुरुआत एक बड़े झटके के साथ हुई जब रहमानुल्लाह गुरबाज़ ने जुनैद सिद्दीकी की गेंद को कवर के ऊपर से लॉफ़्ट करने की कोशिश की, लेकिन पॉइंट की तरफ़ स्लाइ हो गए और दो गेंदों पर डक पर आउट हो गए। जबकि सिद्दीकी और हैदर अली मूवमेंट और बाउंस से सवाल उठाते रहे, इब्राहिम ज़दरान ने सिद्दीकी की हाफ़-वॉली को बॉलर के सिर के ऊपर से उठाकर अपनी पहली बाउंड्री लगाई।
पारी में चौथे ओवर में तेज़ी आई जब ज़ादरान ने अली की गेंद पर कट, स्वीप ओवर और लॉफ्ट ड्राइव लगाकर तेज़ी से तीन चौके मारे। गुलबदीन नायब ने भी उनका साथ दिया और जवादुल्लाह की गेंद पर लॉन्ग-ऑन के ऊपर से एक लंबा छक्का मारा, फिर कवर ड्राइव पर चौका मारा।
फिर भी, जैसे ही अफ़गानिस्तान संभलता दिख रहा था, मुहम्मद अरफ़ान ने गुलबदीन को पॉइंट पर आसान कैच देते हुए 13 रन पर आउट कर दिया। ज़ादरान सिंगल लेकर और बीच-बीच में चौका लगाकर टीम को संभालते रहे, वहीं सेदिकुल्लाह अटल ने अरफ़ान की गेंद पर चौका मारकर शुरुआत की, और फिर सिमरनजीत सिंह की गेंद पर लॉन्ग-ऑन के ऊपर से छक्का मारा।
लेकिन जवादुल्लाह ने ज़बरदस्त ज़फ़ा किया – यॉर्कर को अटल के बल्ले के पास से अंदर आकर ऑफ़-स्टंप पर गिरा दिया। ज़ादरान ने अपना शानदार खेल जारी रखा – बैकफुट पर जाकर सिमरनजीत की गेंद पर चौका मारा और फिर 37 गेंदों में मिड-विकेट पर दो रन बनाकर अपनी फिफ्टी पूरी की।
UAE का अरफान को वापस लाने का कदम तब कमाल कर गया जब ज़ादरान ने एक धीमी गेंद को पुल करने की कोशिश की, लेकिन डीप एरिया से दौड़ते हुए मिड-विकेट पर टॉप-एज हो गई। 36 गेंदों पर 61 रन चाहिए थे, अफगानिस्तान ने समय पर बाउंड्री लगाकर अपना लक्ष्य बनाए रखा। दरविश रसूली ने जवादुल्लाह को चौका मारकर कुछ दबाव कम किया, इससे पहले उमरज़ई ने सिमरनजीत को लॉन्ग-ऑफ के ऊपर से छक्का मारा।
इसके बाद रसूली ने अरफान की गेंद को सीधे मैदान पर एक ऊंचा छक्का मारा, फिर एक ऑन-ड्राइव के ज़रिए डाइविंग फील्डर को छकाते हुए चौका मारा। उमरज़ई ने वापसी कर रहे सिद्दीकी का स्वागत लॉन्ग-ऑफ के ऊपर से छक्के के लिए क्लीन स्विंग से किया, लेकिन UAE ने एक अहम झटका दिया जब पेसर ने एक फुल और सीधी गेंद पर रसूली के स्टंप्स को बिखेर दिया।
जवादुल्लाह की धीमी गेंदों से बचकर उमरज़ई ने डीप एक्स्ट्रा कवर के ऊपर से छक्का मारा और फिर फाइन लेग की तरफ चौका मारा। उमरज़ई ने कवर के ऊपर से लॉफ्टेड ड्राइव मारकर चेज़ को स्टाइल में खत्म किया और अफ़गानिस्तान को इस कॉम्पिटिशन में पहली जीत दिलाई।
संक्षिप्त स्कोर: UAE 20 ओवर में 160/9 (सोहैब खान 68, अलीशान शराफू 40; अज़मतुल्लाह उमरज़ई 4-15, मुजीब उर रहमान 2-31) अफ़गानिस्तान से 19.2 ओवर में 162/5 (इब्राहिम ज़द्रान 53, अज़मतुल्लाह उमरज़ई 40 नॉट आउट; जुनैद सिद्दीकी 2-23, मुहम्मद अरफ़ान 2-30) से पांच विकेट से हार गया।
 

असम आगमन पर पीएम मोदी का स्वागत, कनेक्टिविटी और टेक्नोलॉजी को मिलेगा बढ़ावा: हिमंत बिस्वा सरमा

15-Feb-2026
नई दिल्ली।  ( शोर संदेश ) हिमंत बिस्वा सरमा ने नरेंद्र मोदी के असम आगमन पर उनका स्वागत किया और कहा कि राज्य को कई ऐतिहासिक परियोजनाओं की सौगात मिलने जा रही है, जिससे कनेक्टिविटी, टेक्नोलॉजी और विकास को गति मिलेगी।
मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि मां कामाख्या और महापुरुष श्रीमंत शंकरदेव की पवित्र धरती पर प्रधानमंत्री का हार्दिक स्वागत है। उन्होंने कहा कि असम इन महत्वपूर्ण परियोजनाओं के उद्घाटन का बेसब्री से इंतजार कर रहा है।
प्रधानमंत्री सुबह लगभग 10:30 बजे डिब्रूगढ़ के मोरान बाईपास स्थित आपातकालीन लैंडिंग सुविधा (ईएलएफ) पर उतरेंगे और फाइटर, ट्रांसपोर्ट तथा हेलीकॉप्टरों के हवाई प्रदर्शन का अवलोकन करेंगे। यह सुविधा भारतीय वायुसेना के समन्वय से विकसित की गई है और आपात स्थितियों में सैन्य व नागरिक विमानों के संचालन में सहायक होगी।
यह पूर्वोत्तर भारत की पहली ऐसी व्यवस्था है, जो प्राकृतिक आपदाओं या रणनीतिक परिस्थितियों में त्वरित बचाव और राहत कार्यों के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
प्रधानमंत्री इसके बाद गुवाहाटी पहुंचेंगे और ब्रह्मपुत्र नदी पर लगभग 3,030 करोड़ रुपए की लागत से निर्मित कुमार भास्कर वर्मा सेतु का उद्घाटन करेंगे। यह पुल गुवाहाटी और उत्तर गुवाहाटी के बीच कनेक्टिविटी को बेहतर बनाएगा और यात्रा समय में उल्लेखनीय कमी लाएगा।
प्रधानमंत्री गुवाहाटी के लचित घाट पर 5,450 करोड़ रुपए से अधिक की विभिन्न परियोजनाओं का उद्घाटन और शुभारंभ करेंगे। इन परियोजनाओं का उद्देश्य कनेक्टिविटी को गति देना, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करना और राज्य के समग्र विकास को नई दिशा देना है। 

पुलवामा शहीदों को राष्ट्र का नमन, अमित शाह और नेताओं ने दी श्रद्धांजलि

15-Feb-2026
नई दिल्ली।  ( शोर संदेश ) अमित शाह ने पुलवामा आतंकी हमले की बरसी पर शहीद जवानों को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि आतंकवाद मानवता का सबसे बड़ा दुश्मन है और भारत इसके समूल नाश के लिए दृढ़ संकल्पित है।
गृह मंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि पुलवामा में बलिदान देने वाले वीर जवानों के शौर्य और समर्पण को राष्ट्र सदैव स्मरण रखेगा। उन्होंने कहा कि आतंकवाद से लड़ने वाले सुरक्षा बलों और एजेंसियों के साहस के प्रति देश हमेशा ऋणी रहेगा।
मनोज सिन्हा ने पुलवामा हमले में शहीद हुए जवानों को नमन करते हुए कहा कि मातृभूमि के प्रति उनकी निष्ठा, बहादुरी और निस्वार्थ सेवा हर नागरिक को प्रेरित करती रहेगी।
नितिन नबीन ने शहीद जवानों के बलिदान को राष्ट्र की सुरक्षा का अमिट प्रतीक बताया। वहीं रेखा गुप्ता ने कहा कि वीर जवानों का अदम्य साहस और शौर्य देश को सदैव प्रेरित करता रहेगा।
पुलवामा आतंकी हमले की बरसी पर देशभर में श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किए गए और वीर जवानों के बलिदान को याद किया गया। 
 

शहरी विकास को नई रफ्तार, 1 लाख करोड़ रुपये के अर्बन चैलेंज फंड को कैबिनेट की स्वीकृति

15-Feb-2026
नई दिल्ली।   ( शोर संदेश ) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने कल शहरी चुनौती कोष (यूसीएफ) को अनुमोदन प्रदान किया। इसके तहत कुल एक लाख करोड़ रुपए की केंद्रीय सहायता (सीए) दी जाएगी। परियोजना लागत का 25 प्रतिशत हिस्सा केंद्रीय सहायता के रूप में दिया जाएगा, बशर्ते परियोजना लागत का न्यूनतम 50 प्रतिशत हिस्सा बाजार से जुटाया जाए।
इससे अगले पांच वर्षों में शहरी क्षेत्र में कुल चार लाख करोड़ रुपए का निवेश होगा, जो अनुदान आधारित वित्तपोषण से हटकर बाजार से जुड़े, सुधार-उन्मुख और परिणाम-उन्मुख अवसंरचना निर्माण की ओर भारत के शहरी विकास दृष्टिकोण में एक महत्वपूर्ण बदलाव का संकेत है।
शहरी चुनौती कोष उच्च गुणवत्ता वाले शहरी बुनियादी ढांचे के निर्माण के लिए बाजार वित्त, निजी भागीदारी और नागरिक-केंद्रित सुधारों का लाभ उठाएगा। इस कोष का उद्देश्य लचीले, उत्पादक, समावेशी और जलवायु-अनुकूल शहरों का निर्माण करना है ताकि ये शहर देश के आर्थिक विकास के अगले चरण के प्रमुख चालक बन सकें।
यह कोष वित्त वर्ष 2025-26 से वित्त वर्ष 2030-31 तक परिचालन में रहेगा, जिसकी कार्यान्वयन अवधि वित्त वर्ष 2033-34 तक बढ़ाई जा सकती है। परियोजना के लिए वित्त व्यवस्था का कम से कम 50 प्रतिशत हिस्सा बाजार स्रोतों से जुटाया जाना चाहिए, जिसमें नगरपालिका बांड, बैंक ऋण और सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) शामिल हैं। शेष हिस्सा राज्यों, केंद्र शासित प्रदेशों, शहरी स्थानीय निकायों या अन्य स्रोतों द्वारा प्रदान किया जा सकता है। परियोजनाओं का चयन एक पारदर्शी और प्रतिस्पर्धी चुनौती प्रणाली के माध्यम से किया जाएगा, जिससे उच्च प्रभाव वाले और सुधार-उन्मुख प्रस्तावों को समर्थन सुनिश्चित होगा।
शहरी शासन, बाजार और वित्तीय प्रणालियों, परिचालन दक्षता और शहरी नियोजन में सुधारों पर विशेष जोर दिया जाएगा। व्यवस्थित जोखिम-साझाकरण रूपरेखा और सेवा वितरण मानकों के मानकीकरण के माध्यम से निजी क्षेत्र की भागीदारी को प्रोत्साहित किया जाएगा। 5,000 करोड़ रुपए का एक समर्पित कोष, विशेष रूप से पहली बार बाजार वित्त तक पहुंच प्राप्त करने वाले शहरों सहित, टियर-II और टियर-III शहरों सहित 4223 शहरों की ऋण योग्यता को बढ़ाएगा।
पूर्वोत्तर और पर्वतीय राज्यों के सभी शहरों/शहरी स्थानीय निकायों (यूएलबी) और अन्य राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के छोटे यूएलबी (<1,00,000 जनसंख्या) के लिए पहली बार बाजार वित्त तक पहुंच को सुगम बनाने के लिए, 5,000 करोड़ रुपए की ऋण चुकौती गारंटी योजना को अनुमोदन प्रदान किया गया है। यह योजना पहली बार लिए गए ऋणों के लिए 7 करोड़ रुपए या ऋण राशि का 70 प्रतिशत (जो भी कम हो) तक की केंद्रीय गारंटी प्रदान करेगी।
पहले ऋण के सफल पुनर्भुगतान पर 7 करोड़ रुपए या ऋण राशि का 50 प्रतिशत (जो भी कम हो) की केंद्रीय गारंटी प्रदान की जाएगी। इससे छोटे शहरों में पहली बार न्यूनतम 20 करोड़ रुपए की परियोजनाओं और बाद की परियोजनाओं के लिए 28 करोड़ रुपए तक की परियोजनाओं को प्रभावी ढंग से समर्थन मिलेगा।
इस कोष के अंतर्गत परियोजनाओं का चयन परिवर्तनकारी प्रभाव, स्थिरता और सुधार-उन्मुखीकरण सहित चुनौतियों पर आधारित रूपरेखा के माध्यम से किया जाएगा। कोष का आवंटन सुधारों, लक्ष्यों और स्पष्ट रूप से परिभाषित परिणामों से जुड़ा होगा। सुधारों की निरंतरता आगे कोष जारी करने के लिए एक पूर्व शर्त होगी। आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय के एकल डिजिटल पोर्टल के माध्यम से परियोजनाओं और सुधारों की कागजरहित निगरानी को सुगम बनाया जाएगा।
विकास केंद्रों के रूप में शहर, शहरी क्षेत्रों की पहचान, महत्वपूर्ण आर्थिक केंद्र, एकीकृत स्थानिक आर्थिक और पारगमन योजना जिसमें हरित और अर्ध-हरित क्षेत्र का विकास, पारगमन और आर्थिक गलियारों के साथ विकास, शहरी गतिशीलता, आर्थिक प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ाने के लिए महत्वपूर्ण अवसंरचना परियोजनाएं शामिल हैं।
शहरों का रचनात्मक पुनर्विकास जिसमें केंद्रीय व्यावसायिक जिलों और विरासत केंद्रों का नवीनीकरण, ब्राउनफील्ड पुनरुद्धार, पारगमन-उन्मुख विकास और विरासत अवसंरचना का जीर्णोद्धार, जलवायु के अनुकूल, आपदा शमन और पूर्वोत्तर व पर्वतीय राज्यों में मौजूदा शहरों को भीड़भाड़ से मुक्त करने के लिए शहरों से दूर शहरों के विकास के उपाय शामिल हैं; और जल एवं स्वच्छता जिसमें जल आपूर्ति, सीवरेज और वर्षा जल प्रणालियों का उन्नयन, ग्रामीण-शहरी अवसंरचना, जल ग्रिड और एकीकृत ठोस अपशिष्ट प्रबंधन शामिल है जिसमें स्वच्छता पर विशेष ध्यान देते हुए पुराने अपशिष्टों का उपचार भी शामिल है।
शहरी चुनौती कोष के तहत दी जाने वाली धनराशि एक व्यापक सुधार एजेंडा पर आधारित है, जिसमें शासन और डिजिटल सुधार, साख बढ़ाने के लिए बाजार और वित्तीय सुधार, बेहतर सेवा वितरण और उपयोगिता दक्षता के लिए परिचालन सुधार, शहरी नियोजन और स्थानिक सुधार जिसमें पारगमन-उन्मुख विकास और हरित अवसंरचना शामिल हैं और सुनिर्धारित प्रमुख प्रदर्शन संकेतकों (केपीआई), तृतीय-पक्ष द्वारा सत्यापन और निरंतर संचालन एवं रखरखाव तंत्रों के साथ परियोजना-विशिष्ट सुधार शामिल हैं।
 

 


महाशिवरात्रि पर राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति और प्रधानमंत्री मोदी समेत कई बड़े नेताओं ने दीं शुभकामनाएं

15-Feb-2026
नई दिल्ली।   ( शोर संदेश ) देशभर में भगवान शिव की आराधना और उपासना के पावन पर्व महाशिवरात्रि को श्रद्धा भाव के साथ मनाया जा रहा है। इस अवसर पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु, उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी देशवासियों को महाशिवरात्रि की शुभकामनाएं दी हैं।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, “महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर मैं सभी देशवासियों को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं देती हूं। मेरी प्रार्थना है कि महादेव की कृपा हम सभी पर सदा बनी रहे और हमारा देश प्रगति के पथ पर सदैव अग्रसर रहे।”
उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने ‘एक्स’ पोस्ट में कहा, “सभी देशवासियों को भक्ति, शक्ति और भगवान भोलेनाथ को समर्पित पावन पर्व महाशिवरात्रि की हार्दिक शुभकामनाएं। काशी से रामेश्वरम् तक, महाशिवरात्रि का यह पावन पर्व भारत की अखंड और शाश्वत आध्यात्मिक परंपरा का जीवंत प्रतीक है। महादेव और माता पार्वती की कृपा से हम सभी को सुख, समृद्धि और उत्तम स्वास्थ्य की प्राप्ति हो, यही मंगलकामना है।”
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों को महाशिवरात्रि की शुभकामनाएं देते हुए ‘एक्स’ पोस्ट में लिखा, “मेरी कामना है कि आदिदेव महादेव सदैव सभी पर अपनी कृपा बनाए रखें। उनके आशीर्वाद से सबका कल्याण हो और हमारा भारतवर्ष समृद्धि के शिखर पर विराजमान हो।”
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर सभी श्रद्धालुओं और देशवासियों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा, “देवाधिदेव महादेव से प्रार्थना है कि उनकी कृपा से विश्व में शांति और सद्भाव की भावना मजबूत हो। भगवान शिव का आशीर्वाद हमारे देश को एकता, सुरक्षा और निरंतर प्रगति के पथ पर आगे बढ़ाता रहे। सभी के जीवन में सुख, समृद्धि और शांति का वास हो।” केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने ‘एक्स’ पोस्ट में लिखा, “हर हर महादेव! समस्त देशवासियों को महाशिवरात्रि के पावन पर्व की हार्दिक शुभकामनाएं। देवाधिदेव महादेव सभी के जीवन में सुख-समृद्धि प्रदान करें।”
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने भी देशवासियों को महाशिवरात्रि के पावन पर्व की शुभकामनाएं दीं और भगवान महादेव से देश की खुशहाली व समृद्धि की प्रार्थना की। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लिखा, “महाशिवरात्रि की सभी श्रद्धालुओं और प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई व शुभकामनाएं। बाबा भोलेनाथ की कृपा सभी पर बनी रहे, हर हृदय में शांति, हर जीवन में शक्ति और हर पथ में मंगल का संचार हो, यही प्रार्थना है।
 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हरदीप सिंह पुरी को जन्मदिन की शुभकामनाएं दीं और पेट्रोलियम क्षेत्र में उनके योगदान की सराहना की

15-Feb-2026
नई दिल्ली।   ( शोर संदेश ) केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी के जन्मदिन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत कई बड़े नेताओं ने उन्हें शुभकामनाएं दी हैं। पीएम मोदी ने पेट्रोलियम और नेचुरल गैस सेक्टर में भारत को आत्मनिर्भर बनाने की उनकी कोशिशों के लिए हरदीप सिंह पुरी की सराहना भी की।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, “केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी को उनके जन्मदिन पर शुभकामनाएं। पेट्रोलियम और नेचुरल गैस सेक्टर में भारत को आत्मनिर्भर बनाने की उनकी कोशिशें तारीफ के काबिल हैं। उनकी लंबी उम्र और अच्छी सेहत के लिए प्रार्थना करता हूं।”
केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने भी हरदीप पुरी को जन्मदिन की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने लिखा, “केंद्रीय कैबिनेट में मेरे साथी हरदीप सिंह पुरी को जन्मदिन की शुभकामनाएं। ईश्वर से आपके उत्तम स्वास्थ्य, दीर्घायु और मंगलमय जीवन की प्रार्थना करता हूं।”
केंद्रीय कानून और न्याय, और संसदीय मामलों के राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) अर्जुन राम मेघवाल ने ‘एक्स’ पोस्ट में लिखा, “हरदीप सिंह पुरी को जन्मदिवस की हार्दिक शुभकामनाएं। ईश्वर से आपके उत्तम स्वास्थ्य, सुदीर्घ और सुखमय जीवन की कामना करता हूं।”
केंद्रीय संचार और उत्तर पूर्वी क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने लिखा, “मेरे सम्मानित कैबिनेट साथी केंद्रीय मंत्री  हरदीप सिंह पुरी जी को जन्मदिन की हार्दिक बधाई। देश की सेवा में आपके अच्छे स्वास्थ्य और लंबी उम्र की प्रार्थना करता हूं।”
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी को जन्मदिन की बधाई देते हुए कहा, “प्रभु श्री राम की कृपा से आपको उत्तम स्वास्थ्य, दीर्घायु और यशस्वी जीवन की प्राप्ति हो। लोक-कल्याण के लिए आपकी समर्पित साधना सफलता के नए कीर्तिमान स्थापित करे, यही प्रार्थना है।”
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ‘एक्स’ पोस्ट में लिखा, “केंद्रीय मंत्री हरदीप पुरी को जन्मदिवस की हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं। बाबा केदार से आपके सुदीर्घ, सुयशपूर्ण एवं मंगलमय जीवन की कामना करता हूं।











 

असम के मोरन में पूर्वोत्तर की पहली इमरजेंसी लैंडिंग सुविधा शुरू, पीएम मोदी ने किया उद्घाटन

14-Feb-2026
नई दिल्ली।   ( शोर संदेश ) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को असम के डिब्रूगढ़ जिले के मोरन में नेशनल हाईवे पर आपातकालीन लैंडिंग सुविधा (ईएलएफ) का उद्घाटन किया। यह पूर्वोत्तर भारत में अपनी तरह की पहली आपातकालीन लैंडिंग सुविधा है।
प्रधानमंत्री मोदी वायुसेना के विमान से ही कार्यक्रम स्थल पर पहुंचे, जो आपातकालीन लैंडिंग सुविधा (ईएलएफ) पर उतरा। असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा और केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने पीएम मोदी का मंच पर स्वागत किया।
उद्घाटन के बाद प्रधानमंत्री ने भारतीय वायुसेना का एयर शो भी देखा। एयर शो में राफेल, सुखोई और मिग फाइटर एयरक्राफ्ट शामिल रहे। फाइटर एयरक्राफ्ट ने हाईवे स्ट्रिप पर सफलतापूर्वक उड़ान भरी और लैंड किया। इस ऐतिहासिक क्षण को देखने के लिए कम से कम एक लाख लोग इकट्ठा हुए।
प्रधानमंत्री को मोरन आपातकालीन लैंडिंग सुविधा के महत्व पर एक प्रेजेंटेशन दिखाया गया। एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने पीएम मोदी को इसकी तकनीकी और सामरिक विशेषताओं की जानकारी दी।
सरकारी बयान के मुताबिक, भारतीय वायुसेना के साथ मिलकर विकसित ईएलएफ को 40 टन तक वजन वाले फाइटर एयरक्राफ्ट और 74 टन तक के मैक्सिमम टेक-ऑफ वजन वाले ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट के संचालन के अनुरूप डिजाइन किया गया है। 4.2 किमी लंबे मजबूत कंक्रीट वाले हिस्से को मिलिट्री और सिविलियन दोनों तरह के एयरक्राफ्ट को हैंडल करने में सक्षम इमरजेंसी रनवे के तौर पर तैयार किया गया है।
मोरन ईएलएफ की एक खास विशेषता यह है कि इसमें बीच में रोड डिवाइडर नहीं है, जिससे लैंडिंग और टेक-ऑफ ऑपरेशन के दौरान एयरक्राफ्ट का आवागमन सुगम रहेगा। भारत-चीन सीमा के नजदीक स्थित होने से इसकी स्ट्रेटेजिक अहमियत और बढ़ जाती है।
ऊपरी असम में स्थापित मोरन ईएलएफ को पूर्वोत्तर में भारत के सैन्य बुनियादी ढांचे में महत्वपूर्ण रणनीतिक वृद्धि के रूप में देखा जा रहा है। इससे भारतीय वायुसेना को उस इलाके में अधिक ऑपरेशनल फ्लेक्सिबिलिटी मिलेगी, जहां हाल के वर्षों में तनाव बढ़ा है। 
 

प्रधानमंत्री मोदी ने गुवाहाटी में ब्रह्मपुत्र पर बने “कुमार भास्कर वर्मा सेतु” का किया उद्घाटन

14-Feb-2026
नई दिल्ली।   ( शोर संदेश ) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को ब्रह्मपुत्र नदी पर बने आधुनिक कुमार भास्कर वर्मा सेतु का उद्घाटन किया। यह पुल गुवाहाटी को नॉर्थ गुवाहाटी से जोड़ता है और क्षेत्र की कनेक्टिविटी को नई गति देगा।
करीब 2.86 किलोमीटर लंबा यह 6-लेन एक्स्ट्राडोज्ड प्री-स्ट्रेस्ड कंक्रीट (पीएससी) पुल लगभग 3,030 करोड़ रुपए की लागत से तैयार हुआ है। यह पूर्वोत्तर भारत का पहला एक्स्ट्राडोज्ड पुल है। इसके चालू होने से गुवाहाटी और उत्तर-गुवाहाटी के बीच यात्रा समय घटकर मात्र 7 मिनट रह जाएगा।
भूकंपीय दृष्टि से संवेदनशील क्षेत्र को ध्यान में रखते हुए पुल में बेस आइसोलेशन तकनीक का उपयोग किया गया है, जिसमें फ्रिक्शन पेंडुलम बेयरिंग्स लगाए गए हैं। हाई-परफॉर्मेंस स्टे केबल्स और ब्रिज हेल्थ मॉनिटरिंग सिस्टम (बीएचएमएस) पुल की मजबूती और दीर्घकालिक सुरक्षा सुनिश्चित करते हैं। बीएचएमएस रियल-टाइम निगरानी और शुरुआती क्षति पहचान में मदद करता है।
इससे पहले प्रधानमंत्री ने डिब्रूगढ़ जिले के मोरान में राष्ट्रीय राजमार्ग पर आपातकालीन लैंडिंग सुविधा (ईएलएफ) का उद्घाटन किया। यह पूरी तरह से पूर्वोत्तर क्षेत्र में अपनी तरह की पहली सुविधा है। उद्घाटन के बाद भारतीय वायुसेना ने भव्य एयर शो प्रस्तुत किया, जिसमें राफेल, सुखोई और मिग लड़ाकू विमान शामिल थे।
अधिकारियों के अनुसार इस ऐतिहासिक अवसर को देखने के लिए करीब 1 लाख लोग मौजूद रहे। 4.2 किलोमीटर लंबा ईएलएफ स्ट्रेच सैन्य और नागरिक दोनों प्रकार के विमानों के लिए आपातकालीन रनवे के रूप में काम कर सकता है। यह डिब्रूगढ़ एयरपोर्ट या छाबुआ एयर फोर्स स्टेशन के अनुपलब्ध होने पर वैकल्पिक लैंडिंग विकल्प देगा और सीमावर्ती क्षेत्रों में त्वरित प्रतिक्रिया क्षमता को मजबूत करेगा। 
 

कैबिनेट ने तीन मल्टी-ट्रैकिंग रेलवे प्रोजेक्ट्स को दी हरी झंडी, नेटवर्क 389 किमी बढ़ेगा

14-Feb-2026
नई दिल्ली।   ( शोर संदेश ) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई आर्थिक मामलों पर कैबिनेट कमेटी (सीसीईए) की बैठक में 18,509 करोड़ रुपए (अनुमानित) लागत वाले तीन रेलवे प्रोजेक्ट्स को मंजूरी दी गई है।
सीसीईए के अनुसार, इन प्रोजेक्ट्स में कसारा–मनमाड (तीसरी और चौथी लाइन), दिल्ली–अंबाला (तीसरी और चौथी लाइन) और बल्लारी–होसपेटे (तीसरी और चौथी लाइन) शामिल हैं।
बढ़ी हुई लाइन क्षमता से आवागमन में सुधार होगा, जिससे भारतीय रेलवे की परिचालन दक्षता और सेवा विश्वसनीयता में वृद्धि होगी। ये मल्टी-ट्रैकिंग प्रोजेक्ट्स परिचालन को सुव्यवस्थित करने और भीड़भाड़ को कम करने के लिए तैयार किए गए हैं।
सीसीईए ने बताया कि ये प्रोजेक्ट्स दिल्ली, हरियाणा, महाराष्ट्र और कर्नाटक के 12 जिलों से होकर गुजरेंगे। इससे भारतीय रेलवे का नेटवर्क करीब 389 किलोमीटर बढ़ेगा। इन प्रोजेक्ट्स से 3,902 गांवों तक कनेक्टिविटी मजबूत होगी और लगभग 97 लाख लोगों को फायदा होगा।
ये परियोजनाएं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नए भारत के विजन के अनुरूप हैं, जिसका उद्देश्य क्षेत्र के लोगों को व्यापक विकास के माध्यम से आत्मनिर्भर बनाना और रोजगार/स्वरोजगार के अवसर बढ़ाना है।
सीसीईए ने बताया कि ये प्रोजेक्ट्स प्रधानमंत्री गति शक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान के तहत बनाए गए हैं, जिसमें एकीकृत योजना और हितधारकों के परामर्श के माध्यम से बहु-मार्गीय संपर्क और लॉजिस्टिक दक्षता बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया गया है। इन प्रोजेक्ट्स से लोगों, वस्तुओं और सेवाओं की निर्बाध आवाजाही सुनिश्चित होगी।
प्रस्तावित क्षमता वृद्धि से देशभर के प्रमुख पर्यटन स्थलों जैसे भावली बांध, श्री घाटंदेवी, त्र्यंबकेश्वर ज्योतिर्लिंग, श्री माता वैष्णो देवी कटरा/श्रीनगर, हम्पी, बल्लारी किला, दारोजी स्लॉथ बियर अभयारण्य, तुंगभद्रा बांध, केंचनागुड्डा और विजया विट्टला मंदिर के लिए रेल संपर्क में सुधार होगा।
सीसीईए ने बताया कि ये प्रोजेक्ट्स कोयला, इस्पात, लौह अयस्क, सीमेंट, चूना पत्थर/बॉक्साइट, कंटेनर, खाद्यान्न, चीनी, उर्वरक, तेल आदि के परिवहन के लिए महत्वपूर्ण हैं।
क्षमता वृद्धि कार्यों से प्रति वर्ष 96 मिलियन टन की अतिरिक्त माल ढुलाई क्षमता प्राप्त होगी। रेलवे पर्यावरण के अनुकूल और ऊर्जा कुशल होने के कारण जलवायु लक्ष्यों को प्राप्त करने और देश की रसद लागत कम करने में सहायक होगा। इसके अलावा, ये प्रोजेक्ट्स तेल आयात (22 करोड़ लीटर) कम करेंगे और कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन (111 करोड़ किलोग्राम) घटाएंगे, जो लगभग 4 करोड़ वृक्षारोपण के बराबर है। 



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