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दिल्ली-एनसीआर में बारिश का दौर जारी, मौसम हुआ सुहावना

06-Sep-2026
नई दिल्ली। दिल्ली-एनसीआर में जन्माष्टमी से शुरू हुआ मूसलाधार बारिश का दौर शनिवार सुबह भी जारी है, जिससे मौसम सुहावना हो गया है और लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत मिली है। वहीं, मानसून की सक्रियता के बीच हुई बारिश से दिल्ली-एनसीआर की हवा में कुछ हद तक सुधार देखने को मिला है, जिसके चलते राजधानी दिल्ली के साथ-साथ नोएडा और गाजियाबाद के अधिकांश इलाकों में एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) फिलहाल ग्रीन जोन में बना हुआ है।
स्थानीय मौसम रिपोर्ट के अनुसार, आज दिनभर आमतौर पर बादल छाए रहने के साथ मध्यम बारिश हो सकती है। तापमान अधिकतम 30 डिग्री और न्यूनतम 25 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। वहीं सुबह से लेकर शाम तक अलग-अलग समय पर गरज-चमक और बिजली गिरने के साथ हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई गई है। वातावरण में नमी भी काफी अधिक रहेगी।
मौसम विभाग के पूर्वानुमान में 6 सितंबर को भी आसमान में बादल छाए रहने की संभावना है, लेकिन बारिश की तीव्रता कम रहने का अनुमान है। इस दिन हल्की बारिश या बूंदाबांदी हो सकती है। अधिकतम तापमान 32 डिग्री और न्यूनतम 23 डिग्री सेल्सियस रह सकता है। इस दिन मौसम विभाग की ओर से कोई चेतावनी नहीं दिखाई गई है।
7 सितंबर को मौसम में धीरे-धीरे बदलाव देखने को मिल सकता है। मौसम विभाग ने इस दिन आंशिक रूप से बादल छाए रहने का अनुमान जताया है। अधिकतम तापमान 34 डिग्री और न्यूनतम 24 डिग्री सेल्सियस रह सकता है। 8 सितंबर को भी आसमान आंशिक रूप से बादलों से घिरा रह सकता है। अधिकतम तापमान 34 डिग्री और न्यूनतम 25 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है। आर्द्रता का स्तर 80 और 50 प्रतिशत तक रह सकता है। बारिश के बाद दिल्ली के कई इलाकों की हवा में स्पष्ट सुधार दिखाई दे रहा है।
आने वाले दिनों में भी मौसम विभाग के अनुमान के मुताबिक बादल छाए रह सकते हैं। शनिवार को गरज-चमक के साथ कहीं हल्की तो कहीं मध्यम बारिश लोगों को प्रभावित कर सकती है, जबकि रविवार के बाद बारिश की तीव्रता में कमी आने और 7 से 8 सितंबर को आंशिक बादल छाए रहने की संभावना है।

 


छात्रों को नशे की बुराई के प्रति जागरूक करें शिक्षक : प्रधानमंत्री मोदी

06-Sep-2026
नई दिल्ली। (शोर संदेश) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शिक्षकों से छात्रों को नशे की बुराई के प्रति जागरूक करने और उनके ‘स्क्रीन टाइम’ को कम करने में मदद करने की अपील की है। पीएम मोदी ने शिक्षक दिवस की पूर्व संध्या पर शुक्रवार को राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित शिक्षकों से बातचीत के दौरान कहा कि समाज के सभी लोगों को छात्रों को रचनात्मक गतिविधियों की ओर प्रेरित करना चाहिए।
उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि शिक्षकों को छात्रों के शैक्षणिक प्रदर्शन से आगे बढ़कर उनके व्यवहार और रोजमर्रा के जीवन पर भी ध्यान देना चाहिए। प्रधानमंत्री ने कहा कि संयुक्त परिवारों की संख्या में कमी आने के कारण बच्चों के जीवन में शिक्षकों की भूमिका अब और अधिक महत्वपूर्ण हो गई है।
उन्होंने नशे की समस्या का जिक्र करते हुए कहा कि कुछ बड़े शहरों और विश्वविद्यालयों में यह पता लगाना मुश्किल होता है कि कोई इसकी चपेट में आ गया है या नहीं, क्योंकि यह पता ही नहीं चलता कि कौन किसे क्या दे रहा है। पीएम मोदी ने कहा, ‘‘ऐसी परिस्थितियों में शिक्षकों को जागरूकता फैलाने की पहल करनी चाहिए और यदि किसी बच्चे के व्यवहार में कोई बदलाव दिखाई दे तो उस पर भी बारीकी से नजर रखनी चाहिए।’’
पीएम मोदी ने कहा, ‘‘आपको किसी छात्र के बचपन को खत्म नहीं होने देना चाहिए। छात्रों के जीवन में बचपन को जीवंत बनाए रखने में शिक्षक सबसे बड़ा योगदान दे सकते हैं।’’ इस बातचीत का वीडियो शनिवार को जारी किया गया।

प्रधानमंत्री मोदी ने राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार विजेताओं से की बातचीत, कहा- हमें किताबों और सिलेबस से बाहर निकलकर बच्चों की जिंदगी में झांकना होगा

06-Sep-2026
नई दिल्ली।(शोर संदेश) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को कहा कि शिक्षक दिवस समाज में शिक्षकों के अहम योगदान की सराहना करने का दिन है। उन्होंने यह भी कहा कि यह डॉ. एस. राधाकृष्णन को श्रद्धांजलि देने का भी दिन है। इसके अलावा प्रधानमंत्री ने नेशनल टीचर्स अवॉर्ड’ (राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार) विजेताओं के साथ मुलाकात की झलकियां भी साझा की।
प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “शिक्षक दिवस हमारे समाज में शिक्षकों के अहम योगदान की सराहना करने का दिन है। यह डॉ. एस. राधाकृष्णन को श्रद्धांजलि देने का दिन भी है। कल जब नेशनल टीचर्स अवॉर्ड्स के विजेताओं को 7, एलकेएम (लोक कल्याण मार्ग) बुलाया गया, तो क्या हुआ, देखिए।”
पीएम मोदी से संवाद करते समय एक महिला अध्यापिका ने बताया कि वह बच्चों को नवाचारी तरीके से साक्षात्कार लेना सिखा रही हैं। इस पर प्रधानमंत्री ने पूछा कि बच्चे घर जाकर मम्मी-पापा का भी इंटरव्यू करते होंगे? पीएम मोदी की इस बात पर महिला टीचर ने ‘हां’ में जवाब दिया। फिर पीएम मोदी ने कहा कि बच्चे अपने माता-पिता से पूछते होंगे कि खाना क्यों पकाया? ऐसा क्यों पकाया? यह निर्णय किसने किया था? बजट कितना खर्च किया था? इस पर महिला अध्यापिका ने कहा कि मेरे स्कूल के सारे बच्चे रिपोर्टर ही बनना चाहते हैं!
एक अन्य महिला शिक्षक ने पीएम मोदी को बताया कि वह बच्चों को केमिस्ट्री पढ़ाने के साथ एनवायरमेंट एजुकेशन भी पढ़ाती हूं। मैं बच्चों को कॉन्फिडेंस के साथ पब्लिक स्पीकिंग के लिए भी मेंटर करती हैं और उन्हें राज्य, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंचों तक पहुंचाया है। इस पर प्रधानमंत्री ने पूछा, “आप बच्चों को पब्लिक स्पीकिंग सिखाती हैं। अगर मैं आपका विद्यार्थी हूं और एक अच्छा वक्ता बनना चाहता हूं, तो मुझे क्या करना चाहिए? कोई टिप्स दीजिए।” जवाब में शिक्षिका ने कहा, “आपको कॉन्फिडेंस में रहना चाहिए।” इस पर प्रधानमंत्री और शिक्षिका दोनों हंस पड़े। शिक्षिका ने कहा, “सर, आपका ऑरा देखकर मुझे थोड़ा डाउट हो गया।”
इस पर पीएम मोदी ने कहा कि यानी मतलब आपको पब्लिक स्पीकर बनना है तो ऑरा नहीं होना चाहिए। महिला टीचर ने कहा कि होना चाहिए। इस पर पीएम मोदी ने कहा कि फिर तो लोग सुनेंगे ही नहीं, औरा (आभा) ही देखते रहेंगे। महिला टीचर ने कहा कि आपको देखते ही रहेंगे।
प्रधानमंत्री मोदी ने संवाद को आगे बढ़ाते हुए कहा कि हो सकता है कि कोई बच्चा शिक्षा में ठीक नहीं होगा। लेकिन परमात्मा ने हर एक को कोई न कोई ताकत दी है। उसके टैलेंट पहचानने के लिए कोई कोशिश करते हैं आप टीचर लोग? इस पर एक महिला टीचर ने कहा, “बहुत सारी कोशिश करते हैं, असल में वही हमारी कोशिश होती है, क्योंकि मेरा मानना है कि हमारे विद्यालय या हमारी कक्षा में जितने बच्चे हैं, उन सभी में अलग-अलग खूबी है। अलग-अलग टैलेंट है, अलग-अलग चैलेंज है और एक शिक्षक के नाते मैं उन सारे टैलेंट्स की पहचान करती हूं।”
एक पुरुष अध्यापक ने कहा, “आपने (पीएम मोदी) एकलव्य खोल कर एक स्कूल नहीं बनाया, बल्कि लगभग मेरे हिसाब से कई परिवारों को जोड़ा हैं। ऐसे लोगों को जोड़ा जो फर्सट जनरेशन लर्नर हैं, जिन्होंने कभी स्कूल नहीं देखे। उनके बच्चे आज हमारे यहां से एनआईटी, आईआईटी का सपना देख रहे हैं। मेडिकल क्वालीफाई कर रहे हैं।”
महिला अध्यापिका ने कहा, “शोध का विषय ब्रेस्ट कैंसर रहा है। ब्रेस्ट कैंसर आज भी एक ऐसा विषय है जिसमें महिलाएं बात करने से बहुत हिचकती हैं। कुछ चीजें हमारी क्षमता में है जो हम कर सकते हैं, जैसे कि प्राइमरी स्क्रीनिंग या कुछ ऐसी बातें उनको बताना कि वह ब्रेस्ट कैंसर को पहचान सकें और डॉक्टर की सलाह की जरूरत है। मैं इन विषयों पर काम करती हूं।”
इस पर पीएम मोदी ने कहा, “आप इसी विषय में काम कर रही हैं तो मैं काशी का सांसद हूं। मैंने वहां ब्रेस्ट कैंसर अवेयरनेस अभियान शुरू किया है। मुझे खुशी है कि महिलाएं सामने से आकर अपना चेकअप कराती हैं, पहले ऐसी स्थिति नहीं थी। दूसरे एक अच्छा अनुभव आया। अभी तो एक दिन में अधिकतम लोगों की जांच करने का गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड उन्होंने रजिस्टर किया।”
प्रधानमंत्री ने आगे कहा, “एक विषय है स्क्रीन टाइम, जो अब एक तरह का एडिक्शन बन गया है। मेरे मन में एक विचार आता है, अगर बच्चा खेलकूद में ज्यादा रुचि लेने लगे, मैदान में खेलने लगे, तो वह धीरे-धीरे इस एडिक्शन से बाहर आ सकता है। हमें बच्चों को ज्यादा से ज्यादा क्रिएटिविटी से जोड़ना चाहिए और ऐसे कार्यक्रमों को आदत बनाना चाहिए।”
प्रधानमंत्री ने कहा, “अब जैसे ड्रग्स का मामला है। कई बार पता ही नहीं चलता कि क्या हो रहा है, कोई आकर कुछ दे जाता है। क्या इस बारे में शिक्षकों में लगातार जागरूकता है? क्या कोई बारीकी से यह ऑब्जर्व कर रहा है कि किसी बच्चे के व्यवहार में बदलाव तो नहीं आ रहा? मैं पूरे शिक्षा जगत से कहना चाहता हूं कि हमें किताबों और सिलेबस से बाहर निकलकर बच्चों की जिंदगी में झांकना होगा। बचपन को मरने नहीं देना है, और बचपन को बनाए रखने का सबसे बड़ा काम शिक्षक ही कर सकता है।”
 

नेपाल में चिलिमे जलविद्युत परियोजना स्थल पर भारतीय सुरंग बचाव टीम को मिली शुरुआती सफलता

05-Sep-2026
नई दिल्ली। (शोर संदेश) नेपाल के बाढ़ प्रभावित रसुवा जिले के चिलिमे सुरंग में फंसे लोगों को बचाने के लिए नेपाल सेना के साथ काम कर रही भारतीय सुरंग बचाव टीम को शुरुआती सफलता मिली है और उसने एक अस्थायी रास्ता बनाया है, ताकि प्रभावित इलाकों तक और भारी उपकरण पहुंचाए जा सकें। अधिकारियों ने शनिवार को यह जानकारी दी।
बचाव टीम ने शुक्रवार को पानी निकालने के लिए और गहराई तक खुदाई की, क्योंकि पानी की वजह से बचाव कार्यों में बाधा आ रही थी।
नेपाल में भारत के राजदूत नवीन श्रीवास्तव ने शनिवार को सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘भारतीय सुरंग बचाव टीम ने नेपाली सेना के साथ मिलकर कल चिलिमे सुरंग में और गहराई तक खुदाई की तथा पानी बाहर निकाला। सुरंग तक और भारी उपकरण पहुंचाने के लिए एक अस्थायी रास्ता भी बनाया जा रहा है, और टीम के साथ आए चिकित्सकों ने स्थानीय लोगों के लिए एक स्वास्थ्य शिविर भी लगाया।’’
नेपाल में 26 अगस्त को अचानक आई भयावह बाढ़ के बाद हिमालीय देश की मदद के लिए भारत ने विशेष टीम भेजी हैं। इस बाढ़ ने देश के उत्तरी और मध्य हिस्सों में भारी तबाही मचाई, जिसमें 1,344 लोगों की मौत हो गई, हजारों लोग लापता हो गए और घर, सड़कें, पुल व पनबिजली परियोजनाएं नष्ट हो गईं।
भारत और चीन की विशेषज्ञ टीम नेपाल की बचाव टीम की मदद कर रही हैं ताकि उन मजदूरों और कर्मचारियों का पता लगाया जा सके जो आपदा के बाद से अलग-अलग जल विद्युत परियोजना स्थालों पर लापता हैं। माना जा रहा है कि उनमें से कई सुरंग के अंदर फंसे हुए हैं।
चिलिमे जलविद्युत परियोजना स्थल रसुवा जिले के स्याब्रूबेसी गांव के पास स्थित है, जो 26 अगस्त को नेपाल में आई भयानक अचानक बाढ़ से बुरी तरह प्रभावित हुआ था।

 

निष्ठावान शिक्षक अग्रणी पंक्ति के राष्ट्र निर्माता: राष्ट्रपति मुर्मु

05-Sep-2026
नई दिल्ली। (शोर संदेश) शिक्षक दिवस के मौके पर शनिवार को नई दिल्ली के विज्ञान भवन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने 48 शिक्षकों को राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित किया। राष्ट्रपति ने अपने संबोधन में पुरस्कार विजेता शिक्षकों को बधाई दी। राष्ट्रपति ने कहा कि निष्ठावान शिक्षक अग्रणी पंक्ति के राष्ट्र निर्माता होते हैं।
राष्ट्रपति ने शिक्षकों को संबोधित करते हुए कहा कि देश के द्वितीय राष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्ण की जयंती को शिक्षक दिवस के रूप में मनाकर हमारे देशवासी उनके और समस्त शिक्षक समुदाय के प्रति सम्मान व्यक्त करते हैं। जो समाज शिक्षकों का सम्मान करता है, वह वास्तव में प्रगतिशील होता है।
राष्ट्रपति ने कहा, “शिक्षकों के बीच आकर मेरे अंदर विद्यमान शिक्षक और विद्यार्थी जीवंत हो जाता है। मुझे अपने शिक्षकों का स्मरण होता है। शिक्षकों के स्नेह और मार्गदर्शन की वजह से अपनी जीवन यात्रा में आगे आ पाई हूं। मुझे अपने विद्यार्थी भी याद आते हैं, जिन्हें ओडिशा के स्कूल में पढ़ाया था। मैंने अपने विद्यार्थियों से भी बहुत कुछ सीखा है। विद्यार्थियों के प्यार को मैं अपने जीवन की बहुत बड़ी उपलब्धि मानती हूं।”
राष्ट्रपति ने कहा, “सावित्री बाई फुले आधुनिक युग में विद्यालयों में पढ़ाने वाली भारत की पहली शिक्षिका के रूप में जानी जाती हैं। बालिकाओं की शिक्षा के क्षेत्र में उन्होंने क्रांतिकारी पहल की थी और 19वीं सदी में बालिका विद्यालयों की स्थापना की थी। आज के दिन मैं सावित्री बाई फुले को नमन करती हूं।”
20वीं सदी के आरंभ में पश्चिम बंगाल के बोलपुर में रविंद्रनाथ टैगोर ने शांति निकेतन और ओडिशा के पुरी जिले में प्रसिद्ध स्वतंत्रता सेनानी पंडित उत्कमण मणि ने एक स्कूल की स्थापना की थी। इन विद्यालयों की स्थापना के पीछे का उद्देश्य था कि प्रकृति के संरक्षण में विद्यार्थियों का सतत विकास होता है। ऐसे विभूतियों को मैं सादर नमन करती हूं।
राष्ट्रपति ने कहा कि यह प्रसन्नता का विषय है कि राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार पाने वालों में ग्रामीण शिक्षकों की संख्या अधिक है। उम्मीद है कि इस वर्ष के पुरस्कार पाने वाले शिक्षकों की पद्धति, शैली और उपलब्धियां अन्य शिक्षकों को भी प्रेरित करेंगी। निष्ठावान शिक्षक अग्रणी पंक्ति के राष्ट्र निर्माता होते हैं।





 

उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने सेशेल्स संसदीय प्रतिनिधिमंडल से की मुलाकात, सहयोग बढ़ाने पर जोर

04-Sep-2026
नई दिल्ली। (शोर संदेश)  उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने बृहस्पतिवार को नई दिल्ली स्थित संसद भवन में सेशेल्स गणराज्य की नेशनल असेंबली की अध्यक्ष अज़ारेल अर्नेस्टा के नेतृत्व में आए संसदीय प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की। इस दौरान दोनों देशों के बीच लंबे समय से चले आ रहे घनिष्ठ संबंधों, संसदीय सहयोग और विकास एवं सुरक्षा साझेदारी को और मजबूत करने के उपायों पर चर्चा हुई।
उपराष्ट्रपति ने अज़ारेल अर्नेस्टा और प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों का स्वागत करते हुए सेशेल्स की स्वतंत्रता की 50वीं वर्षगांठ के अवसर पर वहां की सरकार और जनता को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने अज़ारेल अर्नेस्टा को सेशेल्स नेशनल असेंबली की पहली महिला अध्यक्ष बनने पर भी बधाई दी। उन्होंने जनवरी 2026 में नई दिल्ली में आयोजित राष्ट्रमंडल के 28वें अध्यक्षों और पीठासीन अधिकारियों के सम्मेलन (सीएसपीओसी) में उनकी भागीदारी का भी उल्लेख किया।
सीपी राधाकृष्णन ने भारत और सेशेल्स के बीच घनिष्ठ और दीर्घकालिक संबंधों का जिक्र करते हुए कहा कि सेशेल्स उनके लिए विशेष स्थान रखता है। उन्होंने अक्टूबर 2025 में राष्ट्रपति डॉ. पैट्रिक हर्मिनी के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने के लिए सेशेल्स की अपनी यात्रा को याद किया। यह उपराष्ट्रपति के रूप में उनकी पहली विदेश यात्रा थी।
उपराष्ट्रपति ने राष्ट्रपति डॉ. पैट्रिक हर्मिनी और उपराष्ट्रपति सेबेस्टियन पिल्ले के साथ अपनी मुलाकातों को भी याद किया। उन्होंने सेशेल्स की जनता की ओर से मिले स्नेह और आतिथ्य का उल्लेख करते हुए दोनों देशों के बीच मजबूत लोगों के आपसी संबंधों को महत्वपूर्ण बताया।
सीपी राधाकृष्णन ने कहा कि 2026 भारत और सेशेल्स के द्विपक्षीय संबंधों के लिए महत्वपूर्ण वर्ष है। इस वर्ष दोनों देशों के बीच कई उच्चस्तरीय यात्राएं हुई हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जून 2026 में सेशेल्स में आयोजित 50वें राष्ट्रीय दिवस समारोह में हिस्सा लिया, जबकि राष्ट्रपति डॉ. पैट्रिक हर्मिनी ने फरवरी 2026 में भारत की राजकीय यात्रा की।
उपराष्ट्रपति ने कहा कि सेबेस्टियन पिल्ले ने फरवरी 2026 में एआई इम्पैक्ट समिट में भाग लेने के लिए भारत की यात्रा की थी। उन्होंने कहा कि दोनों देश इस वर्ष राजनयिक संबंधों की स्थापना की 50वीं वर्षगांठ भी मना रहे हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि सेशेल्स के संसदीय प्रतिनिधिमंडल की वर्तमान यात्रा दोनों देशों के बीच बढ़ती साझेदारी को और गति देगी।
सीपी राधाकृष्णन ने फरवरी 2026 में भारत की ओर से सेशेल्स के लिए घोषित 175 मिलियन अमेरिकी डॉलर के विशेष आर्थिक पैकेज का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इससे दोनों देशों के बीच विकास और सुरक्षा साझेदारी को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में मदद मिलेगी।
उपराष्ट्रपति ने राज्यसभा सचिवालय की ओर से किए जा रहे आधुनिकीकरण और डिजिटलीकरण संबंधी प्रयासों की जानकारी भी साझा की। उन्होंने संसदीय कार्यप्रणाली के बढ़ते डिजिटलीकरण, कार्यवाही के अनेक भाषाओं में एक साथ अनुवाद, कागज रहित और अधिक कुशल संसदीय कामकाज तथा साइबर सुरक्षा के क्षेत्र में नियमित क्षमता निर्माण कार्यक्रमों का उल्लेख किया।
उन्होंने संसदीय दस्तावेजों के डिजिटल अभिलेखागार के निर्माण का भी जिक्र किया। उपराष्ट्रपति ने सेशेल्स की नेशनल असेंबली के साथ भारत के अनुभव और ज्ञान को साझा करने की इच्छा जताई। उन्होंने सेशेल्स की जरूरतों और प्राथमिकताओं के अनुरूप अध्ययन यात्राओं और अनुकूलित क्षमता निर्माण कार्यक्रम आयोजित करने की पेशकश भी की।
सीपी राधाकृष्णन ने लोगों के बीच आपसी संबंधों के महत्व पर जोर देते हुए सेशेल्स में भारतीय समुदाय के योगदान को रेखांकित किया। उन्होंने विशेष रूप से गुजराती और तमिल समुदायों का उल्लेख करते हुए कहा कि ये समुदाय भारत और सेशेल्स के बीच मित्रता के स्थायी सेतु के रूप में काम करते हैं।
उपराष्ट्रपति ने कहा कि सेशेल्स की नेशनल असेंबली की अध्यक्ष नियमित रूप से योग करती हैं। उन्होंने योग को भारत और सेशेल्स के लोगों के बीच घनिष्ठ संबंधों का मजबूत प्रतीक बताया। उन्होंने आने वाले वर्षों में दोनों देशों की संसदीय संस्थाओं के बीच निरंतर संपर्क और अधिक घनिष्ठ सहयोग की उम्मीद जताई।
 

सफदरजंग अस्पताल में अत्याधुनिक ब्लैडर डायग्नोस्टिक्स और PET-CT, SPECT-CT सुविधाओं का उद्घाटन

04-Sep-2026
नई दिल्ली। केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने बुधवार को वर्धमान महावीर मेडिकल कॉलेज (वीएमएमसी) एवं सफदरजंग अस्पताल में अत्याधुनिक स्वास्थ्य सुविधाओं का उद्घाटन किया। इनमें यूरोलॉजी विभाग में सेंटर फॉर एडवांस्ड ब्लैडर डायग्नोस्टिक्स तथा न्यूक्लियर मेडिसिन विभाग में PET-CT और SPECT-CT सुविधाएं शामिल हैं।
नई सुविधाओं से हर वर्ष करीब 5,600 मरीजों को किफायती दरों पर उन्नत जांच और विशेष चिकित्सा सेवाओं का लाभ मिलने की उम्मीद है।
सेंटर फॉर एडवांस्ड ब्लैडर डायग्नोस्टिक्स में वीडियो यूरोडायनामिक्स (VUDS) को नियर इन्फ्रारेड स्पेक्ट्रोस्कोपी (NIRS) तकनीक के साथ एकीकृत किया गया है। यह सुविधा मूत्राशय की कार्यप्रणाली का विस्तृत आकलन करने और जटिल यूरोलॉजिकल समस्याओं के सटीक निदान में मदद करेगी।
इस केंद्र की खासियत VUDS के साथ NIRS आधारित ब्रेन मैपिंग का एकीकरण है, जो भारत में पहली बार किया जा रहा है। इसके जरिए मूत्राशय के भरने और खाली होने के दौरान मस्तिष्क में रक्त के ऑक्सीजन स्तर में होने वाले बदलावों का अध्ययन किया जा सकेगा। इससे चिकित्सकों को यह समझने में मदद मिलेगी कि मूत्राशय संबंधी समस्या का कारण स्वयं मूत्राशय है, कोई न्यूरोलॉजिकल स्थिति है या दोनों का संयुक्त प्रभाव।
इस केंद्र से सालाना करीब 5,000 मरीजों को विशेष यूरोलॉजिकल डायग्नोस्टिक सेवाएं मिलने की उम्मीद है।
न्यूक्लियर मेडिसिन विभाग में स्थापित नई PET-CT और SPECT-CT सुविधाएं अस्पताल की जांच क्षमता को और मजबूत करेंगी। इनका उपयोग कैंसर, हृदय रोग, न्यूरोलॉजिकल बीमारियों, किडनी रोगों और एंडोक्राइन संबंधी समस्याओं के निदान में किया जाएगा।
PET-CT सुविधा से कैंसर की पहचान, बीमारी की स्टेजिंग, उपचार योजना और इलाज के बाद फॉलो-अप में मदद मिलेगी। इसके साथ ही मेडिकल ऑन्कोलॉजी, रेडिएशन ऑन्कोलॉजी, हेमेटोलॉजी, यूरोलॉजी, नेफ्रोलॉजी और पीडियाट्रिक ऑन्कोलॉजी जैसे विभागों के बीच समन्वित मरीज प्रबंधन को भी मजबूती मिलेगी।
वहीं, SPECT-CT सुविधा हृदय, किडनी, एंडोक्राइन, ऑर्थोपेडिक और गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल रोगों के व्यापक निदान में सहायक होगी। इन उन्नत न्यूक्लियर मेडिसिन सेवाओं से सालाना करीब 600 से 700 मरीजों को लाभ मिलने की उम्मीद है और ये सेवाएं किफायती लागत पर उपलब्ध कराई जाएंगी।
सफदरजंग अस्पताल के दौरे के दौरान केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे.पी. नड्डा ने हार्ट कमांड सेंटर और स्पोर्ट्स इंजरी सेंटर का भी निरीक्षण किया तथा वहां संचालित सेवाओं और गतिविधियों की समीक्षा की।
अस्पताल में चल रही परियोजनाओं और कार्यों की विस्तृत समीक्षा करते हुए उन्होंने परियोजनाओं की नियमित निगरानी और समय-समय पर निरीक्षण की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि परियोजनाओं को समय पर पूरा करने के लिए व्यावहारिक और प्राप्त किए जा सकने वाले लक्ष्य निर्धारित किए जाने चाहिए।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने सफदरजंग अस्पताल की विशिष्ट पहचान और स्वास्थ्य क्षेत्र में वर्षों से स्थापित प्रतिष्ठा की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि संस्थान ने अपनी अलग पहचान और मजबूत साख बनाई है।
इन नई सुविधाओं के जुड़ने से वीएमएमसी एवं सफदरजंग अस्पताल में विशेष चिकित्सा ढांचे को और मजबूती मिलेगी। अत्याधुनिक जांच सुविधाएं रोगों के व्यापक मूल्यांकन, समय पर उपचार योजना और विभिन्न विशेषज्ञताओं के समन्वय से मरीजों की बेहतर देखभाल में सहायक होंगी। साथ ही ये सुविधाएं स्नातकोत्तर शिक्षा और प्रशिक्षण को भी बढ़ावा देंगी तथा आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों सहित अधिक मरीजों तक विशेष जांच और उपचार सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित करेंगी।
 

 


पीएम मोदी और बेल्जियम के प्रधानमंत्री के बीच बैठक, द्विपक्षीय व्यापार 5 साल में दोगुना करने पर बनी सहमति

04-Sep-2026
नई दिल्ली। भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निमंत्रण पर, बेल्जियम के प्रधानमंत्री बार्ट डी वेवर 2 से लेकर 4 सितंबर तक भारत के आधिकारिक दौरे पर हैं। बेल्जियम के प्रधानमंत्री के साथ वहां के रक्षा और विदेश व्यापार मंत्री थियो फ्रैंकेन और अधिकारियों और बिजनेस लीडर्स का एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल भी मौजूद है। फरवरी 2025 में पद संभालने के बाद यह प्रधानमंत्री डी वेवर का पहला भारत दौरा है।
पीएम मोदी और बेल्जियम के प्रधानमंत्री के बीच द्विपक्षीय बैठक हुई। दोनों नेताओं ने पहले विश्व युद्ध के दौरान फ्लैंडर्स फील्ड्स में 9,000 से ज्यादा भारतीय सैनिकों के सबसे बड़े बलिदान को याद किया।
दोनों नेताओं ने यह भी याद किया कि बेल्जियम 1947 में भारत के साथ राजनयिक संबंध बनाने वाले पहले यूरोपीय देशों में से एक था। उन्होंने कहा कि तब से यह पार्टनरशिप साझा लोकतांत्रिक मूल्यों, आपसी भरोसे, आर्थिक पूरकता और लोगों के बीच मजबूत संबंधों की नींव पर फली-फूली है।
नेताओं ने इस कई तरह के संबंधों को बढ़ाने और गहरा करने की इच्छा जताई। 2027 में बेल्जियम-भारत राजनयिक संबंधों की 80वीं वर्षगांठ दोनों देशों को आपसी संबंधों को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने का जश्न मनाने का एक और ऐतिहासिक मौका देगी। डायलॉग ने व्यापार और निवेश, ग्रीन ट्रांजिशन, तकनीक, संपर्क, रक्षा, सुरक्षा और लोगों के बीच संबंधों में सहयोग को आगे बढ़ाने के लिए नियमित और व्यापक सिस्टम बनाया है।
दोनों नेताओं ने संयुक्त राष्ट्र चार्टर को सेंटर में रखकर सुधार वाले और प्रभावी बहुपक्षवाद की अपनी बात दोहराई। इसके साथ ही उन्होंने खास तौर पर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में सुधार की तुरंत जरूरत पर जोर दिया। बेल्जियम ने सुधार वाली और बड़ी यूएनएससी की स्थायी सदस्यता के लिए भारत की उम्मीदवारी को फिर से अपना समर्थन दिया।
दोनों प्रधानमंत्रियों ने भारत-बेल्जियम संबंधों के लिए भारत-ईयू रणनीतिक साझेदारी की अहमियत की फिर से पुष्टि की। भारत और यूरोपीय संघ के बीच आर्थिक संबंधों को और मजबूत करने के मकसद से ईयू-भारत निवेश संरक्षण समझौता और भौगोलिक संकेत पर समझौते को लेकर बातचीत को जल्द से जल्द पूरा करने की मांग की गई। इसके साथ ही दोनों नेताओं ने इसे समय पर लागू करने की मांग भी की।
दोनों प्रधानमंत्रियों ने भारत-ईयू व्यापार और तकनीकी काउंसिल के तहत हुई अहम तरक्की का स्वागत किया। इसमें जुलाई 2026 में ब्रसेल्स में हुई इसकी मिनिस्टीरियल मीटिंग भी शामिल है, जिसका मकसद ज्यादा एकीकृत, मजबूत और टिकाऊ आर्थिक और तकनीकी साझेदारी बनाना है। दोनों पक्षों ने 2030 के लिए संयुक्त भारत-ईयू व्यापक रणनीतिक एजेंडा का भी समर्थन किया। इसका मकसद भारत-ईयू सहयोग को बड़ा और गहरा करके रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करना है।
दुनिया की 24वीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था के रूप में बेल्जियम और आने वाले वर्षों में 10 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने की भारत की महत्वाकांक्षा के साथ, दोनों नेताओं ने पारस्परिक रूप से लाभकारी साझेदारी के प्रचुर अवसरों को स्वीकार किया। अपनी अर्थव्यवस्थाओं के बीच मजबूत पूरकताओं को पहचानते हुए, दोनों प्रधानमंत्रियों ने व्यापार, निवेश और आर्थिक सहयोग को गहरा करने की अपनी प्रतिबद्धता की पुष्टि की। इस संदर्भ में, उन्होंने द्विपक्षीय आर्थिक संबंधों के निरंतर विस्तार और द्विपक्षीय व्यापार में क्षेत्रों के बढ़ते विविधीकरण का स्वागत किया और अगले 5 वर्षों में द्विपक्षीय व्यापार को दोगुना करने में सक्षम बनाने के उद्देश्य से साझा हित के प्रमुख क्षेत्रों में सहयोग को और मजबूत करने के अपने दृढ़ संकल्प को व्यक्त किया।
दोनों प्रधानमंत्रियों ने मार्च 2025 में भारत में सफल बेल्जियम आर्थिक मिशन पर संतोष व्यक्त किया, जिसका नेतृत्व राजकुमारी एस्ट्रिड ने किया था। उन्होंने इस मिशन को द्विपक्षीय आर्थिक जुड़ाव को आगे बढ़ाने, व्यवसायों और संस्थानों के बीच नई साझेदारी को बढ़ावा देने, जिसमें महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण पर आदान-प्रदान शामिल है, और जीवन विज्ञान, फार्मास्यूटिकल्स और स्वास्थ्य सेवा, ऊर्जा और नवीकरणीय ऊर्जा, रक्षा, वैमानिकी और अंतरिक्ष, रसद, परिवहन और बंदरगाह, क्लीनटेक और ग्रीन इंजीनियरिंग, रसायन विज्ञान, उन्नत सामग्री और विनिर्माण, डिजिटल प्रौद्योगिकियों और नवाचार जैसे प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में सहयोग का विस्तार करने में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर माना।
इस संबंध में, उन्होंने फार्मास्यूटिकल्स, जैव प्रौद्योगिकी, नैदानिक अनुसंधान, नवाचार और उन्नत स्वास्थ्य समाधानों में दोनों देशों की पूरक शक्तियों के आधार पर जीवन विज्ञान क्षेत्र में भारत-बेल्जियम साझेदारी की मजबूत क्षमता पर ध्यान दिया, और उद्योग, शिक्षा और अनुसंधान संस्थानों के बीच घनिष्ठ सहयोग को प्रोत्साहित किया। दोनों नेता बेल्जियम की क्षेत्रीय व्यापार और निवेश एजेंसियों सहित नियमित उच्च-स्तरीय आदान-प्रदान के माध्यम से इस गति को बनाए रखने पर सहमत हुए। दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय आर्थिक संबंधों के विकास और विविधीकरण पर संतोष व्यक्त किया और सेमीकंडक्टर, रसायन, फार्मास्यूटिकल्स, रक्षा औद्योगिक सहयोग, महत्वपूर्ण खनिजों के शोधन और पुनर्चक्रण, सतत उद्योगों और परमाणु ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में सहयोग के विस्तार का स्वागत किया, जिसमें निजी क्षेत्र के हितधारकों को शामिल करते हुए सहयोग के उभरते अवसरों की खोज भी शामिल है।
दोनों नेताओं ने एंटवर्प को मुंबई और सूरत से जोड़ने वाले हीरा व्यापार के स्थायी महत्व को भी स्वीकार किया और आर्थिक जुड़ाव और साझा विकास के नए रास्ते तलाशते हुए इस ऐतिहासिक साझेदारी को और मजबूत करने पर सहमति व्यक्त की। उन्होंने दोनों देशों के बीच समुद्री और बंदरगाह सहयोग के रणनीतिक महत्व को रेखांकित किया और बंदरगाह विकास, रसद, कनेक्टिविटी, ड्रेजिंग और अपतटीय पवन बुनियादी ढांचे में सहयोग को गहरा करने के अवसरों का स्वागत किया।
उन्होंने भारत के बंदरगाह बुनियादी ढांचे के विकास में बेल्जियम की ड्रेजिंग विशेषज्ञता के निरंतर योगदान और अपतटीय नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं को समर्थन देने में इसकी संभावित भूमिका को भी स्वीकार किया। दोनों प्रधानमंत्रियों ने बेल्गो-इंडियन नेटवर्क फॉर एस्ट्रोनॉमी एंड एस्ट्रोफिजिक्स (बीआईएनए) के माध्यम से खगोल विज्ञान, खगोल भौतिकी और अंतरिक्ष प्रौद्योगिकियों सहित अनुसंधान और उच्च शिक्षा में भारत और बेल्जियम के बीच सहयोग को गहरा करने का स्वागत किया।
दोनों प्रधानमंत्रियों ने यूक्रेन और पश्चिम एशिया में हाल के घटनाक्रमों सहित बड़े अंतर्राष्ट्रीय घटनाक्रमों पर भी अपने विचार साझा किए। यूक्रेन में युद्ध के बारे में, दोनों पक्षों ने संयुक्त राष्ट्र चार्टर और अंतर्राष्ट्रीय कानून के सिद्धांतों के अनुसार बातचीत और डिप्लोमेसी के जरिए एक व्यापक, न्यायपूर्ण और स्थायी शांति पाने की कोशिशों के लिए अपने समर्थन की पुष्टि की। पश्चिम एशिया पर, उन्होंने इस क्षेत्र में हाल के चिंताजनक घटनाक्रमों पर चर्चा की।
 

सेशेस्ल राष्ट्रीय सभा की अध्यक्ष अर्नेस्टा की उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन से मुलाकात, साझेदारी मजबूत करने पर दिया जोर

04-Sep-2026
नई दिल्ली।(शोर संदेश)   सेशेल्स की नेशनल असेंबली की अध्यक्ष एचई अजरेल अर्नेस्टा ने भारत दौरे के तीसरे दिन गुरुवार को उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन से मुलाकात की। इस दौरान दोनों देशों के प्रतिनिधिमंडल ने कई क्षेत्रों में भारत-सेशेल्स साझेदारी को मजबूत करने पर जोर दिया। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन के अकाउंट से दी गई जानकारी में कहा गया, “उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने आज पार्लियामेंट हाउस में सेशेल्स के संसदीय प्रतिनिधिमंडल का गर्मजोशी से स्वागत किया। इस प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व सेशेल्स की नेशनल असेंबली की अध्यक्ष एचई अजरेल अर्नेस्टा कर रही थीं।”
दोंनों पक्षों के बीच हुई इस बैठक में समुद्री सुरक्षा, नवीकरणीय ऊर्जा, समुद्री भोजन के सहयोग और कैपेसिटी बिल्डिंग में भारत-सेशेल्स साझेदारी को मजबूत करने पर ध्यान दिया गया। एक्स पर साझा जानकारी में कहा गया, “उपराष्ट्रपति (सीपी राधाकृष्णन) ने कहा कि भारत, सेशेल्स के साथ पार्लियामेंट्री कामकाज के लिए अपनी एआई विशेषज्ञता साझा करने के लिए तैयार है। इसमें ट्रांसलेशन और डिजिटल आर्काइव शामिल हैं। साथ ही, उन्होंने साझा लोकतांत्रिक मूल्यों पर आधारित भारत-सेशेल्स की गहरी दोस्ती को फिर से सुनिश्चित किया और करीबी संसदीय जुड़ाव का स्वागत किया।”
बता दें, इससे पहले अर्नेस्टा ने बुधवार को लोकसभा स्पीकर ओम बिरला से भी मुलाकात की। उन्होंने संसदीय आदान-प्रदान को बढ़ाने तथा क्षमता निर्माण, डिजिटल संसद, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), प्रौद्योगिकी, बुनियादी ढांचे, नवीकरणीय ऊर्जा और स्वास्थ्य सेवा में सहयोग पर चर्चा की। ओम बिरला ने विश्वास व्यक्त किया कि भारत और सेशेल्स के बीच निरंतर संसदीय संवाद द्विपक्षीय साझेदारी को नई गति प्रदान करेगा और घनिष्ठ संबंधों को मजबूत करेगा।
बैठक के बाद ओम बिरला ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर जिक्र किया, “सेशेल्स की राष्ट्रीय सभा की अध्यक्ष अजारेल अर्नेस्टा और भारत की संसद में आए विशिष्ट संसदीय प्रतिनिधिमंडल का स्वागत करना मेरे लिए अत्यंत प्रसन्नता का विषय रहा। हमारी चर्चाओं ने साझा लोकतांत्रिक मूल्यों पर आधारित भारत-सेशेल्स की अटूट मित्रता को और मजबूत किया। साथ ही, संसदीय आदान-प्रदान और क्षमता निर्माण, डिजिटल संसद, कृत्रिम बुद्धिमत्ता और प्रौद्योगिकी, स्वास्थ्य सेवा, बुनियादी ढांचे और नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में सहयोग को और बढ़ावा दिया।”
उन्होंने आगे कहा, “सेशेल्स की स्वतंत्रता की 50वीं वर्षगांठ और राजनयिक संबंधों की 50वीं वर्षगांठ मनाते हुए हमने वैश्विक दक्षिण की आवाज को मजबूत करने की अपनी साझा प्रतिबद्धता की पुष्टि की। हिंद महासागर क्षेत्र में भारत के विजन ‘महासागर’ को आगे बढ़ाने में सेशेल्स एक महत्वपूर्ण भागीदार बना हुआ है। मुझे विश्वास है कि निरंतर संसदीय सहभागिता हमारी साझेदारी को नई गति प्रदान करेगी और हमारे घनिष्ठ एवं स्थायी संबंधों को और मजबूत करेगी।”
 

11 सितंबर को दिल्ली में केंद्र सरकार के कार्यालय बंद, ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के मद्देनजर लिया गया फैसला

04-Sep-2026
नई दिल्ली  (शोर संदेश)  । ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के मद्देनजर राष्ट्रीय राजधानी में केंद्र सरकार के सभी कार्यालय 11 सितंबर को बंद रहेंगे। बृहस्पतिवार को जारी एक सरकारी आदेश में यह कहा गया। आदेश के अनुसार, ब्रिक्स व्यापार मंच और 18वां ब्रिक्स नेताओं का शिखर सम्मेलन 11 से 13 सितंबर तक यहां भारत मंडपम में आयोजित किया जाएगा।
कार्मिक मंत्रालय के आदेश के अनुसार, इस शिखर सम्मेलन में ब्रिक्स के लगभग तीस सदस्य और सहयोगी देशों के नेता, अंतरराष्ट्रीय संगठनों के प्रमुख और भारत सहित ब्रिक्स देशों के कारोबारी प्रतिनिधि शामिल होंगे।
इसमें कहा गया है, “इस कार्यक्रम की व्यापकता और इसके लिए जरूरी बड़े रसद इंतजामों को देखते हुए और आम जनता को होने वाली असुविधा को कम करने के लिए यह फैसला किया गया है कि दिल्ली/नयी दिल्ली में स्थित केंद्र सरकार के कार्यालय शुक्रवार, 11 सितंबर 2026 को बंद रहेंगे (12 और 13 सितंबर 2026 को क्रमशः शनिवार और रविवार है)।”
 

 



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